पीथमपुर निवेश क्षेत्र के बड़े प्रोजेक्ट में फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने का मामला सामने आया है। मामले में मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPIDC) के प्रभारी कार्यपालन यंत्री मार्तण्ड सिरालिया को निलंबित कर दिया है।
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आरोप है कि भोपाल में पदस्थ अधिकारी सिरालिया ने निजी लोगों से सांठगांठ कर एक जमीन मालिक को फायदा पहुंचाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इस काम के लिए विभागीय लेटरहेड का गलत इस्तेमाल किया है।
साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों के नाम से जाली हस्ताक्षर का उपयोग करने के लाख नियमों को दरकिनार कर एनओसी जारी कर दी। फिर इसी एनओसी के आधार पर जमीन मालिक ने कलेक्टर कार्यालय से पेट्रोलियम भंडारण की अनुमति तक हासिल कर ली।
गैस भंडारण डिपो के लिए तैयार की थी
दरअसल, पीथमपुर निवेश क्षेत्र योजना एमपीआईडीसी के सबसे बड़े प्रोजेक्ट में शामिल है। इस प्रोजेक्ट में औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक विकास होना है। ऐसे में इस तरह की अनियमितता ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक संबंधित जमीन को अवंतिका गैस लिको गैस भंडारण डिपो के लिए देने की तैयारी थी। यानी फर्जी एनओसी के जरिए सीधे औद्योगिक उपयोग की अनुमति लेने का रास्ता बनाया गया।
मामले की जानकारी मिलते ही एमपीआईडीसी के क्षेत्रीय कार्यालय इंदौर ने आंतरिक जांच शुरू की। कार्यकारी संचालक हिमांशु प्रजापति ने रिपोर्ट भोपाल मुख्यालय भेजी, जिसके बाद मुख्यालय ने यह कार्रवाई की।
कलेक्टर की अनुमति भी रद्द
मामला सामने आने के बाद कलेक्टर कार्यालय से जारी अनुमति भी निरस्त कर दी है। अब पूरे प्रकरण में विस्तृत जांच जारी है और आगे बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है।














































