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Suvendu Adhikari PA Murder | CBI Probe, 7-Member SIT Formed; Bihar-UP Arrests

Suvendu Adhikari PA Murder | CBI Probe, 7-Member SIT Formed; Bihar-UP Arrests

Hindi News National Suvendu Adhikari PA Murder | CBI Probe, 7 Member SIT Formed; Bihar UP Arrests 19 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले की जांच अब CBI करेगी। CBI ने केस अपने हाथ में लेते ही 7 मेंबर्स की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है। टीम की अगुवाई DIG रैंक के अधिकारी करेंगे। इस केस में अब तक बिहार और यूपी से 3 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने सोमवार को तीनों को नॉर्थ 24 परगना के बारासात कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 13 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। बंगाल चुनाव नतीजों के दो दिन बाद, 6 मई को नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम में 42 साल के चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावर ने उनकी कार रोककर कई राउंड फायरिंग की, जिसमें उन्हें सीने और पेट में तीन गोलियां लगीं। चंद्रनाथ की कार के विंडो से पिस्टल सटा कर फायरिंग हुई। शीशे पर गोलियों के निशान दिखे। बिहार और यूपी से पकड़े गए 3 आरोपी पुलिस ने मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह को गिरफ्तार किया है। मयंक और विक्की को बिहार के बक्सर से गिरफ्तार किय गया। वहीं, उत्तर प्रदेश के बलिया के रहने वाले राज सिंह को अयोध्या से 10 मई को पकड़ा गया था। गिरफ्तारी के बाद राज सिंह का एक पोस्टर सामने आया है। इसमें उसने खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बताया है। उसके फेसबुक अकाउंट में मंत्री दयाशंकर सिंह के साथ की तस्वीर है। पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के साथ उसकी रील भी है। अदालत ने आरोपियों को 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। सरकारी वकील बिवास चटर्जी ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने सबूत मिटाने से जुड़ी धारा जोड़ने की मांग की थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया हत्या में 8 लोगों के शामिल होने का शक जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या की साजिश और वारदात में कम से कम 8 लोग शामिल थे। आरोपियों ने वारदात से पहले कई दिनों तक रेकी की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हमलावरों की कार हत्या से पहले बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी। यहां कार में मौजूद एक व्यक्ति ने UPI के जरिए टोल पेमेंट किया था। इसी डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस ने एक आरोपी की पहचान की और फिर बाकी आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों की पहचान को टोल प्लाजा के CCTV फुटेज और वाहन की तस्वीरों से मैच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक हमलावरों ने पहचान छिपाने और मूवमेंट छुपाने के लिए कई तरीके अपनाए थे। हमलावरों की कार-बाइक जब्त, नंबर फर्जी निकली बंगाल पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद रथ की हत्या में सुपारी किलर के शामिल होने की आशंका जताई थी। पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि रथ की हत्या प्लानिंग के तहत की गई और इसमें प्रोफेशनल शूटर शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने घटनास्थल से एक कार जब्त की, जिससे रथ की स्कॉर्पियो का पीछा किया गया था। कार की नंबर प्लेट फर्जी निकली। कार का चेसिस और इंजन नंबर मिटाया गया था। इसके अलावा, हमले में दो बाइक शामिल थीं। इनमें से एक मोटरसाइकिल भी घटनास्थल से करीब 4 किमी दूर चाय की दुकान के पास मिली। उसपर भी फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। सुवेंदु TMC में थे, तब से चंद्रनाथ उनके साथ थे चंद्रनाथ पहले एयरफोर्स में अफसर थे। VRS लेने के बाद कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। इसके बाद राजनीति में आ गए। सुवेंदु जब तृणमूल कांग्रेस में थे, तब से चंद्रनाथ उनके लिए काम कर रहे थे। उन्हें सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी लोगों में गिना जाता था। चंद्रनाथ 2019 में सुवेंदु की ऑफिशियल टीम का हिस्सा बने, तब सुवेंदु ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे। चंद्रनाथ ने भवानीपुर में सुवेंदु के चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभाली थी। भवानीपुर वही सीट है जहां से सुवेंदु ने ममता बनर्जी को विधानसभा चुनाव में करीब 15 हजार वोटों से हराया है। चंद्रनाथ की मां भी सुवेंदु के साथ भाजपा में गई थीं सुवेंदु की तरह चंद्रनाथ का परिवार भी पहले TMC से जुड़ा था। उनकी मां हाशी रथ ने TMC शासन के दौरान पूर्व मेदिनीपुर में स्थानीय पंचायत निकाय में पद संभाला था, लेकिन 2020 में सुवेंदु अधिकारी के साथ भाजपा में शामिल हो गईं। चंद्रनाथ शांत स्वभाव और लो-प्रोफाइल थे। उन्होंने रहारा रामकृष्ण मिशन से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। कई सालों तक सुवेंदु के करीबी होने के बावजूद वह सुर्खियों से दूर ही रहते थे। चंद्रकात की सुवेंदु के साथ कोई फोटो नहीं है। पूरी वारदात को 90 मिनट की टाइमलाइन से समझिए… चंद्रनाथ करीब 9 बजे कोलकाता से निकले : चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमग्राम में अपने किराए के घर पर जाने के लिए स्कॉर्पियो से लौट रहे थे। ड्राइवर गाड़ी चला रहा था। चंद्रनाथ बगल में बैठे थे। रात 10 बजे CCTV में स्कॉर्पियो दिखी : कोलकाता से करीब 20 किलोमीटर दूर मध्यमग्राम में रात 9:58 बजे एक CCTV कैमरे में चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो सड़क से गुजरती दिखी। स्कॉर्पियो के गुजरने के कुछ देर बाद इलाके से एक कार और दो बाइक पर सवार तीन लोग पीछे जाते दिखे। 10:30 बजे कार ने स्कॉर्पियो का रास्ता रोका : मध्यमग्राम के दोहरिया जंक्शन के पास कार स्कॉर्पियो से आगे निकल गई और सामने जाकर गाड़ी रोक दी। स्कॉर्पियो ड्राइवर को गाड़ी रोकनी पड़ी। बाइक पर सवार हमलावर ने फायरिंग शुरू की: जब तक चंद्रनाथ और उनका ड्राइवर कुछ समझ पाते, बाइक सवार हमलावर बाईं तरफ आए और 6 से 10 राउंड फायरिंग की। कार छोड़कर भागे बदमाश: वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश कार को वहीं छोड़कर मोटरसाइकिलों पर सवार होकर दो अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए। कार की नंबर प्लेट फर्जी : पुलिस ने घटनास्थल से कार जब्त की, लेकिन नंबर की जांच की गई तो वह फर्जी निकला। कार के चेसिस नंबर के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी। हत्या में ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल: हमलावरों ने ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल किया था। इस