Monday, 10 Aug 2026 | 07:47 PM

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खालिस्तान समर्थक ने भारतीय उच्चायुक्त का काफिला रोका:गाड़ी के सामने तिरंगा फाड़ा, पैरों से रौंदने की कोशिश; कनाडा पुलिस ने खदेड़ा

खालिस्तान समर्थक ने भारतीय उच्चायुक्त का काफिला रोका:गाड़ी के सामने तिरंगा फाड़ा, पैरों से रौंदने की कोशिश; कनाडा पुलिस ने खदेड़ा

कनाडा में एक बार फिर खालिस्तान समर्थकों ने भारत विरोधी हरकत की है। प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) से जुड़े खालिस्तानी कार्यकर्ता इंदरजीत सिंह गोसल ने कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक का काफिला रोक दिया। इतना ही नहीं, खालिस्तानी समर्थक ने पुलिस घेरा तोड़कर उनके सामने भारतीय तिरंगे को फाड़ दिया और उसे पैरों तले रौंदने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारत विरोधी नारे लगाए। साथ ही उसने आरोप लगाया कि पटनायक ने उसकी हत्या की सुपारी दी है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें खालिस्तानी समर्थक की पूरी हरकत दिख रही है। इस घटना के बाद कनाडा सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। वैंकूवर में घटना, कार्यक्रम में जा रहे थे उच्चायुक्त यह घटना 26 मई को तब हुई जब वैंकूवर में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक काफिला के साथ एक कार्यक्रम में जा रहे थे। उनके कार्यक्रम की जानकारी खालिस्तानियों को पहले से थी, इसलिए वे प्रदर्शन करने के लिए पहले ही जमा हो गए थे। जैसे ही उन्होंने उच्चायुक्त के काफिले को देखा तो इनमें से एक इंदरजीत सिंह गोसल सुरक्षा घेरा तोड़कर गाड़ियों के सामने आ गया। भारत विरोधी नारेबाजी की गई उच्चायुक्त पटनायक की गाड़ी के सामने खड़े होकर गोसल ने भारतीय ध्वज को फाड़ दिया और उसे पैरों तले रौंदने की कोशिश की। इस दौरान वहां मौजूद भीड़ ने भारतीय आतंकवादी वापस जाओ के भड़काऊ नारे लगाए। प्रदर्शनकारी लगातार हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का मुद्दा उठा रहे थे और चिल्ला रहे थे कि निज्जर को किसने मारा? भारतीय सरकार ने। गोसल ने उच्चायुक्त पर सुपारी देने का आरोप लगाया इंदरजीत सिंह गोसल वही शख्स है जिसे कनाडाई पुलिस ने हाल ही में थ्रेट टू लाइफ के तहत गवाह सुरक्षा की पेशकश की थी। तिरंगा फाड़ने के बाद अपने कृत्य को सही ठहराते हुए गोसल ने एक गंभीर आरोप लगाया। उसने कहा कि उसने भारतीय झंडा इसलिए फाड़ा क्योंकि पटनायक ने उसे जान से मारने के लिए किसी को 50,000 डॉलर की सुपारी दी थी। कनाडाई सरकार का कोई रिएक्शन नहीं इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारतीय समुदाय और राजनयिक हलकों में भारी आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि एक देश के शीर्ष राजनयिक को कनाडाई धरती पर न्यूनतम सुरक्षा भी क्यों नहीं मिल पा रही है? कनाडाई पुलिस की मौजूदगी में एक चरमपंथी सुरक्षा घेरा तोड़कर उच्चायुक्त की गाड़ी तक कैसे पहुंच गया? उच्चायुक्त के इंटरव्यू पर मचा बवाल मंगलवार को ही कनाडा के एक मीडिया प्लेटफॉर्म द ग्लोब एंड मेल ने एक कथित इंटरव्यू पब्लिश किया, जिसमें दावा किया गया कि भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने कनाडा सरकार को चैलेंज किया है। इसमें कहा गया कि पटनायक ने कनाडाई धरती पर अपराधों में भारत सरकार की संलिप्तता के दावों को खारिज किया। साथ ही उन्होंने निज्जर केस से जुड़े आरोपों को कोरी कल्पना करार देते हुए कहा कि कनाडा की खुफिया एजेंसी खालिस्तानी अलगाववादियों के प्रभाव में आ चुकी है। पटनायक ने आरोप लगाया कि कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (CSIS) के कुछ हिस्से कनाडा से काम कर रहे खालिस्तानी अलगाववादी समूहों के प्रभाव में हैं। हालांकि, बाद में उच्चायुक्त ने आर्टिकल के ये दावे खारिज कर दिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- आज ‘ग्लोब एंड मेल’ के लेख में लगाए गए आरोपों से मैं निराश हूं। भारत ने कनाडा की कानून प्रवर्तन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ, खासकर पिछले एक साल में, बहुत अच्छा सहयोग बनाया है। हमें कनाडा की संस्थाओं पर पूरा भरोसा है और हम इन भ्रामक आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हैं। कनाडा सरकार ने पलटवार किया कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री गैरी आनंदसंगारी ने भारतीय दूत के दावों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि CSIS के कॉम्प्रोमाइज्ड होने का दावा झूठा है और यह कनाडाई सुरक्षाकर्मियों के काम को कमतर आंकता है। सिख फॉर जस्टिस और इसके समर्थक गोसल के बारे में जानिए… गुरपतवंत सिंह पन्नू ने बनाया संगठन सिख फॉर जस्टिस अमेरिका आधारित एक चरमपंथी और अलगाववादी संगठन है, जो भारत के पंजाब राज्य को अलग कर खालिस्तान नामक एक स्वतंत्र देश बनाने की वकालत करता है। भारत सरकार ने इसे देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा मानते हुए एक गैरकानूनी और आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। इस संगठन की शुरुआत वर्ष 2009 में अमेरिका में हुई थी। इसका मुख्य संचालक गुरपतवंत सिंह पन्नू है, जो पेशे से वकील है और अमेरिका-कनाडा की दोहरी नागरिकता रखता है। भारत सरकार ने पन्नू को व्यक्तिगत रूप से भी आतंकवादी घोषित किया हुआ है। यह संगठन कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में बसे सिख प्रवासियों के बीच कथित खालिस्तान के समर्थन के लिए गैर-बाध्यकारी जनमत संग्रह कराता रहता है। हालांकि, इन आयोजनों की कोई कानूनी या कूटनीतिक मान्यता नहीं होती। SFJ सोशल मीडिया से पंजाब के युवाओं को भड़काने और कट्टरपंथी बनाने का प्रयास करता है। खालिस्तान समर्थक है इंदरजीत सिंह गोसल इंदरजीत सिंह गोसल कनाडा में सक्रिय एक प्रमुख खालिस्तान समर्थक और चरमपंथी है। वह भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित संगठन SFJ का मुख्य कनाडाई समन्वयक और आयोजक है। उसे घोषित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू का बेहद करीबी और राइट हैंड माना जाता है। जून 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया में खालिस्तानी चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद, गोसल ने कनाडा में SFJ के संचालन और कमान की मुख्य जिम्मेदारी संभाली। वह कनाडा में कथित खालिस्तान जनमत संग्रह आयोजित कराने का मुख्य चेहरा बन गया। वह पन्नू के निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) के रूप में भी काम कर चुका है। नवंबर 2024 में कनाडा के ब्रैम्पटन में एक हिंदू मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं पर हुए हिंसक हमले और विरोध प्रदर्शनों में गोसल मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल था। कनाडाई पुलिस (पील रीजनल पुलिस) ने हिंदू-कनाडाई नागरिकों को डराने-धमकाने और हिंसा फैलाने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में वह शर्तों पर रिहा हो गया। सितंबर 2025 में ओंटारियो पुलिस ने गोसल को उसके साथियों के साथ बिना लाइसेंस के अवैध हथियार रखने के आरोप में दोबारा गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और उनके कनाडाई समकक्ष के बीच हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के ठीक बाद

Punjab Chandigarh Top News; Mohali IT Raid | CM Bhagwant Mann | Canada Visa rules

Punjab Chandigarh Top News; Mohali IT Raid | CM Bhagwant Mann | Canada Visa rules

. पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर मोहाली में IT कारोबारी पर ED रेड की रही। टीम को आत देख 9वीं मंजिल से कैश से भरे बैग नीचे फेंक दिए, जिससे 500-500 के नोट हवा में उड़ गए। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि कि ये रुपए CM मान के OSD के हैं। वहीं, CM ने कहा कि रेड से हमारा कोई संबंध नहीं हैं। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. IT कारोबारी पर ED रेड, 9वीं मंजिल से कैश भरे बैग फेंके मोहाली की सोसाइटी में आज (7 मई) ED की टीम ने आईटी सेक्टर में काम करने वाले एक कारोबारी के घर पर दबिश दी। ED टीम को आता देख पकड़े जाने के डर से रिहायशी टावर की नौवीं मंजिल से कैश से भरे बैग नीचे फेंक दिए गए। नीचे उनका ड्राइवर खड़ा था। ऊपर से 2 बैग फेंके गए, जिनमें 500-500 रुपए के नोटों के बंडल भरे हुए थे। इनमें से एक बैग नीचे गिरते ही फट गया, जिससे कुछ नोट हवा में उड़ते हुए वहीं बिखर गए। एक बैग को वहां खड़ा ड्राइवर गाड़ी में डालकर भाग निकला। ED की टीम ने उसका पीछा किया लेकिन उसे पकड़ नहीं पाई। फटा बैग ED टीम ने जब्त कर लिया। उसमें से 21 लाख रुपए मिले। इस बैग की डबल पैकिंग की गई थी। जिसमें लाल रंग के बैग को सफेद रंग के बैग में पैक किया गया था। ED टीम की रेड होते ही पंजाब की पॉलिटिक्स गर्मा गई। विरोधी दलों ने आरोप लगाया कि जिस कारोबारी नितिन गोहिल के घर रेड हुई, वह CM भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन का करीबी है। यह रुपए भी OSD के ही थे। यही है इनकी कट्‌टर ईमानदारी। हालांकि शुकराना यात्रा पर निकले CM भगवंत मान ने अमृतसर में इन आरोपों को नकार दिया। (पढ़ें पूरी खबर) 2. लोड से ज्यादा बिजली खर्च करने पर जुर्माना- FIR होगी पंजाब में बढ़ती पावर डिमांड के बीच पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने लोड से ज्यादा बिजली खर्च करने वाले कंज्यूमर्स पर सख्ती करने के आदेश जारी किए हैं। कंज्यूमर्स ने अगर तय लोड से 10% ज्यादा बिजली खर्च की तो 7 दिन के भीतर नोटिस मिल जाएगा। कंज्यूमर्स उसके बाद भी लगातार तय लोड से 10 प्रतिशत ज्यादा बिजली का इस्तेमाल करते रहे तो उनसे जुर्माना व अन्य खर्चे वसूले जाएंगे। तीसरी बार में PSPCL कंज्यूमर्स के खिलाफ बिजली चोरी का केस बनाकर FIR दर्ज करवा देगा। PSPCL मैनेजेंट ने अफसरों को सख्त हिदायतें दी हैं कि अगर लगातार लोड से 10 प्रतिशत ज्यादा बिजली खर्च करने वाले कंज्यूमर्स पर कार्रवाई नहीं की तो उनके खिलाफ ही एक्शन लिया जाएगा। पंजाब में बिजली सप्लाई सिस्टम को पटरी पर लाने और रेवेन्यू के नुकसान को बचाने के लिए PSPCL ने सप्लाई कोड-2024 में संशोधन किया है। PSPCL मैनेजमेंट ने सभी चीफ इंजीनियर्स को आदेश जारी किए हैं कि नए संसोधनों को लागू करवाएं।(पढ़ें पूरी खबर) 3. BJP ने CM को मानहानि नोटिस भेजा अमृतसर में आर्मी कैंप और जालंधर में BSF के पंजाब हेडक्वार्टर के बाहर बम ब्लास्ट को लेकर पंजाब की राजनीति गर्माई हुई है। भाजपा ने CM भगवंत मान को मानहानि का नोटिस भेजा है। सीएम भगवंत मान ने कल (6 अप्रैल) कहा था कि यह धमाके BJP ने कराए हैं। इसको लेकर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने यह नोटिस भेजा। उन्होंने सारे प्लेटफॉर्म से बयान हटा 7 दिन में माफी मांगने को कहा है। तरुण चुघ ने कहा- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का कल का बयान बेहद अनुचित, बेतुका और आपराधिक मानसिकता से भरा था। अपराधियों को पकड़ने के बजाय, पंजाब के मुख्यमंत्री ने इस घटना के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। CM मान ने कहा था कि अमृतसर-जालंधर में छोटे-मोटे ब्लास्ट हुए हैं। चुनाव से पहले BJP हर स्टेट में ऐसे ब्लास्ट-दंगे कराती है। जालंधर में गुरूवार को CM मान ने फिर कहा कि जालंधर अमृतसर में जो छोटे-मोटे ब्लास्ट हुए हैं वो बीजेपी की एंट्री के संकेत हैं। ये जहां भी जाते हैं वहां लड़ाई करवाते हैं। ये हिंदू सिख को लड़ाना चाहते हैं लेकिन हम नहीं लड़ते। इसी बीच जालंधर में करीब 6 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। जिसके बाद पहले APJ स्कूल को खाली करा दिया गया। BSF स्कूल के भी प्री प्राइमरी सेक्शन में 1 घंटा पहले छुट्टी कर दी गई। (पढ़ें पूरी खबर) 4. प्रॉपर्टी डीलर का सुसाइड, 20 दिन पहले ही मां का निधन हुआ धियाना में प्रॉपर्टी डीलर ने सुसाइड कर लिया। उन्होंने रात को सल्फास खाई। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें पास के प्राइवेट अस्पताल लेकर गए। यहां पर हालत सही न होने कारण परिवार उन्हें DMC अस्पताल ले गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रॉपर्टी डीलर की पत्नी ने कहा कि पति ने मरने से पहले एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने महिला समेत 11 लोगों के नाम लिए। इन लोगों से करोड़ों रुपए लेने थे। पैसे न देने से पति परेशान थे। वीडियो में प्रॉपर्टी डीलर ने कहा कि लेन-देन और आरोपियों की पूरी डिटेल कार में रखी है। उन्होंने रिश्तेदार को कहा कि बेटे-बेटी और पत्नी का ध्यान रखना। मृतक की पहचान परविंदर उर्फ रिंपी अनेजा के रूप में हुई है। वह 52 साल के थे और शहीद भगत सिंह नगर में उनकी कोठी थी। 20 दिन पहले ही उनकी मां का निधन हुआ था। रिंपी का बेटा कनाडा में रहता है। सिविल अस्पताल में गुरुवार को उनका पोस्टमॉर्टम किया गया। (पढ़ें पूरी खबर) 5. सांसद अमृतपाल की मां CM तक पहुंची, हाथ पकड़ा अमृतसर में खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की मां ने सीएम भगवंत मान की शुकराना यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात की। उन्होंने सीएम का हाथ पकड़कर कहा- आप भी किसी मां के बेटे हो, मेरे बेटे को पंजाब क्यों नहीं लाया जा रहा। इसी बीच उन्होंने भगवंत मान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। हालांकि सीएम अपने निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार आगे

पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ को आतंकी पन्नू की धमकी:कहा- कनाडा के बाद अमेरिका में करेंगे विरोध, तेरा ये घमंड ही तेरा दुश्मन है

पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ को आतंकी पन्नू की धमकी:कहा- कनाडा के बाद अमेरिका में करेंगे विरोध, तेरा ये घमंड ही तेरा दुश्मन है

पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ का वर्ल्ड टूर ऑरा-2026 विवादों में आ गया। कनाडा में लगातार खालिस्तान समर्थक दिलजीत दोसांझ के लाइस कॉन्सर्ट में विरोध कर रहे हैं। दिलजीत भी शो के दौरान ही खालिस्तान समर्थकों को जवाब दे रहे हैं। अब सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख व आंतकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने दिलजीत को धमकी दी है और कहा है कि कनाडा में तेरा विरोध हो रहा है और जब अमेरिका आएगा यहां भी विरोध किया जाएगा। आतंकी पन्नू ने वीडियो मैसेज जारी करके दिलजीत दोसांझ को धमकी दी है। दिलजीत दोसांझ के मेरा भारत महान कहने और अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर आतंकी पन्नू को एतराज है। पन्नू ने दिलजीत को अहंकारी कहा और कहा कि तेरा ये घमंड ही तेरा दुश्मन है। पन्नू ने कहा कि दिलजीत दोसांझ का जमीर मर चुका है। आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने दिलजीत दोसांझ के लिए कही ये दो अहम बातें.. 1.अभी सिर्फ झंडे दिखे हैं डंडा नहीं, तुम्हारा घमंड ही तुम्हें ले डूबेगा दिलजीत ने शो के दौरान उपद्रव मचाने वाले खालिस्तान समर्थकों को बाहर निकालने की बात कही थी जिस पर आतंकी पन्नू तिलमिला गया। उसने दिलजीत दोसांझ को धमकी देते हुए कहा कि “जो खालिस्तान के झंडे खालिस्तान समर्थक आए थे, तुमने अपने अहंकार में उन्हें ‘बाहर मारो’ कहा। याद रखना, उन झंडों में अभी सिर्फ कपड़ा था, डंडा नहीं। अभी तुम्हारे शो कनाडा और अमेरिका में होने हैं। वक्त बताएगा कि तुम्हारा यह घमंड और अहंकार ही तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन बन चुका है। इसी के नीचे तुम दबाए जाओगे।” 2.अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर उठाए सवाल आतंकी पन्नू ने दिलजीत दोसांझ को ‘भारतीय दोसांझ’ कहकर संबोधित किया। पन्नू ने पुरानी बातों को कुरेदते हुए कहा कि दिलजीत का जमीर उसी दिन मर या था, जिस दिन उसने अमिताभ बच्चन के पैर छुए थे। पन्नू का तर्क है कि 1984 के दंगों के दौरान बच्चन ने कथित तौर पर भड़काऊ नारे लगाए थे। पन्नू ने वीडियो में कहा, “दोसांझ का भारत महान! वही भारत जिसने दरबार साहिब पर हमला किया और सिखों की नस्लकुशी की।” आतंकी पन्नू ने दिलजीत को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी तो सिर्फ खालिस्तानी झंडे दिखे हैं, अमेरिका और कनाडा के आगामी शोज में उसका घमंड उसे भारी पड़ेगा। जानें क्या है दिलजीत दोसांझ और खालिस्तान समर्थकों का पूरा विवाद… दिलजीत को लेकर पहले भी कंट्रोवर्सी हुई 1. KBC में अमिताभ बच्चन के पैर छूना: साल 2025 का सबसे बड़ा विवाद तब शुरू हुआ जब दिलजीत दोसांझ ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के सेट पर पहुंचे और उन्होंने अमिताभ बच्चन के पैर छुए व उनका आशीर्वाद लिया। आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) और गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इसकी कड़ी निंदा की। आरोप लगाया कि दिलजीत उन लोगों का सम्मान कर रहे हैं, जिनका नाम 1984 के सिख दंगों के दौरान विवादों में आया था। इसके बाद से ही पन्नू ने दिलजीत को ‘टारगेट’ करना शुरू किया। 2. ‘भारत का पोस्टर बॉय’ होने का आरोप: 2025 के टूर के दौरान कई कट्टरपंथी संगठनों ने सोशल मीडिया पर दिलजीत के खिलाफ मुहिम चलाई। उन्हें “भारत सरकार का एजेंट” और “बीजेपी-आरएसएस का समर्थक” कहा गया। संगठनों का आरोप था कि दिलजीत अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल विदेशों में भारत सरकार की छवि सुधारने व सिख समुदाय के बीच केंद्र सरकार की पैठ बनाने के लिए कर रहे हैं। 3. तिरंगे और राष्ट्रवाद को लेकर विवाद: पिछले टूर के कुछ शो के दौरान दिलजीत ने गर्व के साथ भारतीय तिरंगा लहराया और गर्व जताया। खालिस्तान समर्थकों ने इसे “सिख विरोधी” कृत्य करार देने की कोशिश की। उन्होंने तर्क दिया कि दिलजीत को केवल पंजाबी पहचान को प्रमोट करना चाहिए, न कि भारतीय राष्ट्रवाद को। 4. सिडनी और मेलबर्न शो के दौरान नारेबाजी: 2025 के अंत में जब दिलजीत ऑस्ट्रेलिया में परफॉर्म कर रहे थे, तब स्टेडियम के बाहर कुछ छोटे समूहों ने खालिस्तानी झंडे लेकर प्रदर्शन किया था। 5. सोशल मीडिया वॉर और धमकियां: दुनिया के कई बड़े देशों में हो रहे ‘ऑरा’ टूर के दौरान पन्नू ने कई वीडियो जारी किए। इन वीडियो में दिलजीत को चेतावनी दी गई कि वे “भारत के एजेंडे” को आगे बढ़ाना बंद करें, वरना उनके ग्लोबल शोज में खलल डाला जाएगा।

Moga Girl Jasdeep Kaur Brar Appointed Canada Police Peace Officer

Moga Girl Jasdeep Kaur Brar Appointed Canada Police Peace Officer

जसदीप कौर बराड़ कनाडा पुलिस में ऑफिसर बनी (फाइल फोटो) पंजाबी युवती का कनाडा पुलिस में पीस ऑफिसर के पद पर चयन हुआ है। वह मामा के कहने पर 12वीं के बाद कनाडा पहुंची, यहां पर ग्रेजुएशन किया। पहली बार भाई की शादी में आने के कारण उनका का टेस्ट छूट गया था। . इसके बाद दोबारा तैयारी की, अब पुलिस में नौकरी मिली है। उनके पिता गांव के सरपंच हैं। वह कनाडा में मैनीटोवा के विनिपेग शहर में रहती हैं। 3 मई को उन्होंने पुलिस की नौकरी जॉइन की। उनकी टीम 15 से 20 कर्मी होते हैं, शहर में शांति बनाए रखना मुख्य काम होता है। पिता ने कहा कि बेटी का सपना चीफ हेड बनना है, जिसके लिए 7 साल लगाकर नौकरी करने के बाद आवेदन कर सकते हैं। वहीं उनको बधाई देने के लिए घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है। घर पर परिवार को बधाई देने पहुंचे लोग। 2012 में मामा के कहने पर कनाडा गईं मोगा के गांव मल्लके के सरपंच राजा मल्लके के अनुसार, उनकी बेटी जसदीप कौर बराड़ ने कड़ी मेहनत और लगन से कनाडा पुलिस में ‘पीस ऑफिसर’ के पद तक का सफर तय किया। जसदीप कौर बराड़ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई 12वीं तक मोगा में पूरी की। इसके बाद बेहतर भविष्य और उच्च शिक्षा के लिए साल 2012 में वह कनाडा चली गईं। वहां उनके मामा पहले से रहते थे, जिन्होंने उन्हें कनाडा बुलाया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। भाई की शादी में आईं तो टेस्ट छूटा पिता ने कहा कि कनाडा पहुंचकर जसदीप ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने वहां के सिस्टम के अनुसार खुद को तैयार किया और पुलिस विभाग में भर्ती होने का लक्ष्य तय किया। इस दौरान उन्हें कड़ी प्रतिस्पर्धा और सख्त चयन प्रक्रिया का सामना करना पड़ा, जिसमें शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक स्तर पर खुद को साबित करना होता है। साल 2023 में जब उनके भाई की शादी थी, तब जसदीप पंजाब आई थीं। इस दौरान उनका पुलिस का टेस्ट छूट गया, जिससे उनके सफर में थोड़ी रुकावट आई। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा तैयारी शुरू कर दी। परिवार को गिफ्ट देते हुए लोग। 3 मई को पुलिस की नौकरी ज्वॉइन की आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और 15 मार्च 2026 को उन्होंने पुलिस का टेस्ट सफलतापूर्वक पास कर लिया। इसके बाद 3 मई 2026 को उन्होंने ‘पीस ऑफिसर’ के पद पर अपनी नौकरी ज्वॉइन कर ली। सरपंच राजा मल्लके ने बताया कि जसदीप की यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, लगन और परिवार के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कनाडा जैसे विकसित देश में पुलिस विभाग में नौकरी पाना आसान नहीं होता, लेकिन जसदीप ने अपने दृढ़ इरादों से यह संभव कर दिखाया। उन्होंने बेटी की सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि जसदीप ने न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव का नाम रोशन किया है। उनकी यह सफलता खासकर युवाओं और बेटियों के लिए प्रेरणादायक है, जो यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। पीस ऑफिसर कौन हो सकते हैं? पुलिस अधिकारी: इसमें म्युनिसिपल पुलिस, प्रांतीय पुलिस (जैसे OPP) और RCMP (रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस) के सदस्य शामिल हैं। करेक्शनल ऑफिसर: जेलों और सुधार गृहों में काम करने वाले अधिकारी जो कैदियों की सुरक्षा और अनुशासन देखते हैं। बैलिलिफ और शेरिफ: जो अदालती आदेशों को लागू करते हैं और कोर्ट की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। कस्टम्स और बॉर्डर अधिकारी (CBSA): जो कनाडा की सीमाओं पर सुरक्षा और कानूनों का पालन करवाते हैं। मुख्य जिम्मेदारिया कानून व्यवस्था बनाए रखना: समाज में शांति और व्यवस्था सुनिश्चित करना। गिरफ्तारी की शक्ति: अपराधियों को वारंट के साथ या बिना वारंट के गिरफ्तार करना और आवश्यकता पड़ने पर उचित बल का प्रयोग करना। सार्वजनिक सुरक्षा: आपातकालीन कॉलों का जवाब देना, गश्त करना और यातायात को नियंत्रित करना। समुदाय की सेवा: अपराध रोकने के लिए स्थानीय लोगों के साथ मिलकर काम करना। पीस ऑफिसर कैसे बनें? नागरिकता: कनाडा का नागरिक या स्थायी निवासी (PR) होना अनिवार्य है। आयु: कम से कम 18 या 19 वर्ष (प्रांत के आधार पर)। शिक्षा: कम से कम हाई स्कूल डिप्लोमा; कई पदों के लिए कॉलेज या यूनिवर्सिटी की डिग्री प्राथमिकता दी जाती है। टेस्ट: शारीरिक फिटनेस टेस्ट, लिखित परीक्षा, मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन और बैकग्राउंड चेक पास करना होता है। *********** ये खबर भी पढ़ें: अमृतसर की बेटी कनाडा में बनी ऑफिसर: 3 साल तक सिक्योरिटी का काम किया, 2016 में पढ़ने गई थी बिजनेस मैनेजमेंट अमृतसर के ब्लॉक अजनाला की बेटी ने कनाडा पुलिस में करेक्शनल पीस ऑफिसर बनकर पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। कोमल 2016 में पढ़ने के लिए कनाडा गई थी। उन्होंने तीन साल तक सिक्योरिटी के तौर अपर भी काम किया, लेकिन हार नहीं मानी और अपना और माता पिता का सपना पूरा किया। 25 वर्षीय कोमलजीत कौर ने कनाडा पुलिस में सुधारात्मक शांति अधिकारी बनने का अपना सपना पूरा किया। (पढ़ें पूरी खबर)

Diljit Dosanjh Khalistani Controversy | Canada Show 2026

Diljit Dosanjh Khalistani Controversy | Canada Show 2026

कैलगरी शो में खालिस्तानियों के झंडे दिखाने पर दिलजीत दोसांझ ने थापी देकर गुस्सा दिखाया। – फाइल फोटो पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ का ऑरा वर्ल्ड टूर 2026 विवादों में घिर गया गया है। 30 अप्रैल को कनाडा में कैलगरी शो के दौरान खालिस्तानी झंडे दिखाए गए। इसके जवाब में दिलजीत ने जांघ पर थापी देकर कहा था- मैं बाहर उठाकर फेंकूंगा। . अब दिलजीत की इस थापी को लेकर खालिस्तानी चिढ़ गए हैं। इसे लेकर 3 मई को @बब्बर अकाउंट से दिलजीत को चैलेंज किया गया कि अब सामने खड़े रहना। यह थापी खालिस्तान को नहीं पंथ को मारी गई है। खालिस्तानी ने धमकाते हुए कहा- तुम्हें नत्थ डालेंगे। थापी मारकर तुमने सिख होने का मुखौटा उतार दिया है। बब्बू मान और गुरदास मान का अहंकार भी इसी तरह से तोड़ा था। खालिस्तानियों ने यह भी दावा किया कि कैलगरी में दिलजीत के खिलाफ शिकायत दी गई है। शिकायत में कहा गया है कि दिलजीत ने उठाकर बाहर फेंकने की बात कहकर ऑस्ट्रेलिया के शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने के कानून का उल्लंघन किया है। हालांकि, कैलगरी पुलिस ने इस संबंध में ऑफिशियल नोट जारी नहीं किया है। @बब्बर हैंडल से दिलजीत दोसांझ को खालिस्तानी धमकाता हुआ। खालिस्तानी ने वीडियो में ये धमकी दी… यह थापी पंथ को मारी है: खालिस्तानी हैंडल @बब्बर से शेयर वीडियो में खालिस्तानी ने कहा- दिलजीत ने जो थापी अपने शो में मारी है वह हमें नहीं सिख पंथ को मारी है। इससे पहले ऐसा ही अहंकार गुरदास मान और बब्बू मान को हुआ था। इसके बाद क्या हुआ, सब जानते हैं। अब माफियां मांगते हैं। दिलजीत का भी अहंकार इसी तरह निकालेंगे और इस थापी का जवाब देंगे। अमिताभ बच्चन के पांव क्यों छुए: खालिस्तानी ने कहा कि दिलजीत ने इससे पहले केबीसी (कौन बनेगा करोड़पति) शो में अमिताभ बच्चने के पैर छूकर गलत किया। हालांकि, दिलजीत इस मसले पर कह चुके हैं कि वह अमिताभ के शो में पंजाबियों और बाढ़ पीड़ितों के लिए फंड जुटाने गए थे, न कि अपने प्रमोशन के लिए। चमकीला को जानबूझकर बच्चे-बच्चे तक पहुंचाया: खालिस्तानी ने दिवंगत पंजाबी सिंगर अमरजीत चमकीला को लेकर बनाई गई फिल्म को लेकर भी दिलजीत दोसांझ को धमकाया। खालिस्तानी ने कहा कि जिस चमकीला का पंजाब से नाम मिटा दिया गया था, उसे दिलजीत ने फिर से बच्चे-बच्चे तक पहुंचा दिया। दिलजीत बोले- मैं तो बीच में फंस गया दिलजीत ने खालिस्तानी झंडे दिखाने को लेकर हुए विवाद पर 2 मई को एडमंटन (कनाडा) में शो के दौरान कहा- मैं तो बीच में फंस गया हूं। भारत जाता हूं तो वहां कई लोग कहते हैं कि खालिस्तानी आ गया। जब मैं विदेश में आता हूं तो ये कहते हैं कि भारत का बंदा आ गया। ऐसे में मैं क्या करूं? कभी-कभी मुझे लगता है कि मैं सही रास्ते पर चल रहा हूं। अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर भी खालिस्तानियों ने खड़ी की थी कंट्रोवर्सी। जानें क्या है पूरा विवाद… 30 अप्रैल को खालिस्तानियों ने दिखाए झंडे: पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ को ऑरा वर्ल्ड टूर के दौरान कनाडा के कैलगरी में शो के दौरान खालिस्तानियों ने झंडे दिखाए। इस पर दिलजीत दिलजीत भड़क गए और पोस्टर दिखा रहे खालिस्तानी समर्थकों को स्टेज से ही जवाब दिया। अपने किसी शो में दिलजीत पहली बार इतने गुस्से में दिखे। दिलजीत ने सिद्धू मूसेवाला स्टाइल में अपनी जांघ पर थापी देते हुए कहा कि जिसने आना है, मैदान में आ जाए। मैं उठाकर बाहर फेंकूंगा। इससे खालिस्तानी भड़क गए और दिलजीत के खिलाफ ट्रोलिंग शुरू कर दी। दिलजीत बोले- हर प्लेटफॉर्म पर करता हूं पंजाब की बात: 30 अप्रैल को शो के दौरान दिलजीत ने कहा कि वह जिस भी प्लेटफॉर्म पर जाते हैं, चाहे वह राष्ट्रीय हो या अंतरराष्ट्रीय, वे हमेशा पंजाब की बात करते हैं। टीवी चैनलों पर जाकर अपनी किसी फिल्म या गानों का प्रचार नहीं किया, बल्कि केवल पंजाब के मुद्दों को उठाने के लिए वहां गए। दिलजीत ने बताया कि वह बाढ़ पीड़ितों की मदद करने के लिए 6 महीने तक जमीन पर रहे। इसके लिए उन्होंने अपना ऑस्ट्रेलिया का टूर तक मिस कर दिया। विरोध करना है तो शौक से करें: दिलजीत ने कहा कि जब उन्हें नेशनल मीडिया ने मौका दिया कि वह पंजाब की बात रखेंगे तभी वह वहां गए ताकि पूरे भारत के लोगों तक अपनी बात पहुंचा सकें। दिलजीत ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर पंजाब की बात करने के कारण कोई उनका विरोध करना चाहता है, तो वह शौक से करे। वह इसके लिए तैयार हैं। रोज झंडे दिखाएं, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता: दिलजीत ने कहा कि अगर कोई उनके पंजाब प्रेम के कारण उन्हें झंडे दिखाना चाहता है, तो वे रोज दिखाएं। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके कॉन्सर्ट में बुजुर्ग और बच्चे भी आते हैं। अगर कोई वहां आकर माहौल खराब करेगा या हंगामा करेगा, तो उसे तुरंत बाहर निकाल दिया जाएगा। शो में विरोध बर्दाश्त नहीं करूंगा: सरे में शो के दौरान हुए हंगामे का जिक्र करते हुए दिलजीत ने साफ कर दिया कि वह वेन्यू पर किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या बाधा को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका काम किसी को खुश करना नहीं, बल्कि अपने लोगों की सेवा करना है। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… दिलजीत दोसांझ ने खालिस्तानियों को भगाया:अमेरिका में शो के दौरान मूसेवाला स्टाइल में थापी मारी, बोले- भागो वर्ना उठाकर बाहर मारूंगा पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ ऑरा वर्ल्ड टूर के दौरान अमेरिका के कैलगरी में शो में खालिस्तानियों पर भड़क गए। दिलजीत ने पोस्टर दिखा रहे खालिस्तानी समर्थकों को स्टेज से ही जवाब दिया। अपने किसी शो में दिलजीत पहली बार इतने गुस्से में दिखे। पढ़ें पूरी खबर…

खन्ना के युवक की अमेरिका में मौत:हार्टअटैक आया, दो साल पहले गया था विदेश, स्टोर पर करता था काम

खन्ना के युवक की अमेरिका में मौत:हार्टअटैक आया, दो साल पहले गया था विदेश, स्टोर पर करता था काम

लुधियाना जिले के खन्ना के पास स्थित गांव घणगस के एक युवक की अमेरिका में मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना के बाद परिवार में कोहराम मचा है। पूरे गांव में शोक का माहौल है। गांव घणगस निवासी 29 वर्षीय महक सिंह, बेहतर भविष्य की तलाश में 1 अप्रैल 2024 को कनाडा गया था और बाद में अमेरिका चला गया। अमेरिका के इंडियाना में वह एक स्टोर पर काम कर रहा था। मृतक के पिता उदय सिंह ने बताया कि उनकी बेटे से आखिरी बार 15 अप्रैल को बात हुई थी। उस समय महक सिंह ठीक था और परिवार की चिंता कर रहा था। महक की बुआ सुखविंदर कौर ने बताया कि 21 अप्रैल को भी महक से बातचीत हुई थी। वह सामान्य रूप से बात कर रहा था और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की तैयारी के बारे में चर्चा कर रहा था। जिसके बाद परिजनों को 22 अप्रैल की सुबह परिवार को फोन पर महक सिंह की मौत की सूचना मिली। बताया जाता है कि हार्टअटैक आने से महक सिंह मौत हुई। केंद्र और पंजाब सरकार से मदद की अपील इस घटना के बाद परिवार के सामने महक का शव भारत लाने की चुनौती है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे शव को वापस लाने का खर्च वहन नहीं कर पा रहे हैं। परिवार चाहता है कि महक का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में हो। परिवार ने पंजाब और केंद्र सरकार से मदद की अपील की है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज मनजीत सिंह मदनीपुर ने भी परिवार के साथ दुख सांझा किया और सरकार से मांग की कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए तथा महक के शव को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। पायल विधानसभा क्षेत्र से विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि वे सीएम भगवंत मान के माध्यम से केंद्र सरकार से राबता करके महक का शव भारत लाने में पूरी मदद करेंगे। इस समय गांव घणगस का माहौल बेहद गमगीन है। हर आंख नम है और परिवार अपने लाडले की अंतिम झलक पाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहा है।

कनाडा में निहंग को पीटा, दाढ़ी खींची,VIDEO:ड्राइवर की हिमायत में पैसे मांगने गया था, बहस के बाद ट्रांसपोर्ट कंपनी मालिक ने हमला किया

कनाडा में निहंग को पीटा, दाढ़ी खींची,VIDEO:ड्राइवर की हिमायत में पैसे मांगने गया था, बहस के बाद ट्रांसपोर्ट कंपनी मालिक ने हमला किया

कनाडा में ट्रांसपोर्ट कंपनी के ऑफिस में निहंग के साथ मारपीट की गई। इस दौरान निहंग की दाढ़ी खींची गई। ्इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दो लोगों के बीच झड़प होते हुए दिख रही है। मारपीट का करण एक ट्रक ड्राइवर के पैसों को लेकर बताया जा रहा है। ड्राइवर का आरोप कि हाल ही में हुए एक्सीडेंट में उसकी गलती न होने के बावजूद कंपनी ने पैसे काटने की बात कही। इसके बाद उसने निहंग को मामला बताया। ड्राइवर के मुताबिक, बातचीत के दौरान कंपनी मालिक ने निहंग की दाढ़ी पकड़ ली और उसकी पत्नी के साथ भी मारपीट की। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद ट्रांसपोर्ट कंपनी का मालिक भी सामने आया है। उसने विवाद बढ़ने पर माफी मांग ली है। ट्रांसपोर्ट कंपनी मालिक ने कहा कि मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था कि निहंग के केशों को छुएं या किसी भी तरह की बेअदबी करें। उसने ट्रक ड्राइवर के आरोपों भी गलत बताया है। पहले जानिए विवाद क्यों हुआ… मारपीट की इस घटना का कारण ट्रक ड्राइवर के पैसे न मिलने को बताया जा रहा है। इसी कंपनी में काम करने वाले एक ट्रक ड्राइवर ने कहा कि वह दिसंबर से इस कंपनी में काम कर रहा था, लेकिन कंपनी उसे उसका पैसा नहीं दे रही। ड्राइवर ने बताया कि कुछ दिन पहले ट्रक का एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें उसी कंपनी का दूसरा ड्राइवर ट्रक चला रहा था और वह खुद ट्रक के पीछे सो रहा था। नियमों के अनुसार उसकी कोई गलती नहीं थी, फिर भी कंपनी ने कहा कि उसके पैसे भी काट लिए जाएंगे। इसके बाद मैंनें यह बात निहंग सिंह को बताई। जब वह इस मामले में बात करने गया, तो वहां के मालिक रमन ने उस निहंग की दाढ़ी को पकड़ लिया और साथ ही मेरी पत्नी के साथ भी मारपीट की। ट्रांसपोर्ट कंपनी मालिक ने सफाई में क्या कहा.. वीडियो बनाने के बाद कहासुनी हुई: रैपिडएक्स ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक रमन ने वीडियो जारी कर कहा- 23 अप्रैल को जब मैं अपने ऑफिस से बाहर जा रहा, इस वक्त अपने ड्राइवर के साथ बातचीत कर रहा था। तभी निहंग वहां आया और वीडियो बनाने लगा, जिसके बाद कहासुनी शुरू हो गई। ऑफिस में महिलाओं से अभद्रता की: रमन ने कहा कि इसके बाद मैं वहां से चला गया। इसके बाद वही निहंग उनके ऑफिस आया और वहां गलत व्यवहार करने लगा। उसने ऑफिस के फ्रंट गेट को भी नुकसान पहुंचाया और महिला कर्मचारियों के सामने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। रोकने की कोशिश, पर झड़प हो गई: रमन ने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए मैंने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके दौरान हम दोनों के बीच झड़प हो गई। वे उस व्यक्ति को न तो जानते हैं और न ही पहचानते हैं। अगर कोई इस तरह से ऑफिस में आकर हंगामा करेगा, तो कोई भी व्यक्ति आत्मरक्षा में कदम उठाएगा। ट्रक ड्राइवर के आरोप झूठे: रमन ने ट्रक ड्राइवर के पैसों के विवाद को लेकर कहा कि ये सक झूठ है और कहा कि मैंने कभी भी यह नहीं कहा कि मैं तुम्हारे पैसे काटूगा। मैंने सिर्फ इतना कहा था कि घटना की रिपोर्ट भर दो। क्योंकि जो ट्रक चलाया जा रहा था, उसके अंदर लगा कैमरा टूटकर गिर गया था, जिसकी वजह से हमें कोई वीडियो या फोटो नहीं मिल पाई। ड्राइवर को सिर्फ रिपोर्ट भरने के लिए कहा: रमन ने कहा कि मैंने ड्राइवर भाई से कहा था कि आप रिपोर्ट भर दें और उसमें लिख दें कि मैं पीछे सो रहा था। यह सब बीमा (इंश्योरेंस) के उद्देश्य के लिए जरूरी था, क्योंकि ड्राइवर का बयान होना आवश्यक होता है। मैंने केवल इतना ही कहा था कि आप अपना बयान दे दें और जो आपके बनते पैसे हैं, उनका चेक ले लें। मैंने इसके अलावा कोई भी गलत बात नहीं कही। मुझे समझ नहीं आया कि यह मुद्दा इतना बड़ा कैसे बन गया। और जो ड्राइवर उस समय ट्रक चला रहा था, वह आज भी मेरी कंपनी में काम कर रहा है।

Khalistan Supporters Protest BJP-RSS Agent Poster

Khalistan Supporters Protest BJP-RSS Agent Poster

दिलजीत के कार्यक्रम में खालिस्तानी झंडा। पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ के कनाडा में हुए लाइव कॉन्सर्ट में हंगामा खड़ा हो गया। वैंकूवर में हुए ‘औरा-2026’ लाइव कॉन्सर्ट में खालिस्तान समर्थक पहुंच गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। . खालिस्तानी सपोर्टर झंडे दिखाकर नारेबाजी करने लगे। सिक्योरिटी ने उन्हें रोका तो खालिस्तान समर्थक उनके साथ भी बहस करने लगे। खालिस्तान समर्थकों ने फिर एक पोस्टर जारी कर दिलजीत दोसांझ को BJP-RSS का एजेंट बताया। उनका आरोप है कि दिलजीत विदेश में रहने वाले सिखों को अपनी बातों में फंसाकर भाजपा-आरएसएस से सेटिंग करवा रहे हैं। खालिस्तान समर्थक यहीं नहीं रुके। सपोर्ट्स ने दिलजीत के आगे के कार्यक्रमों में भी हंगामा करने की चेतावनी है। जानकारी के अनुसार वैंकूवर में नारेबाजी करने वालों में पवनदीप सिंह बस्सी व मनदीप सिंह रवि नारेबाजी करने वालों की अगुवाई कर रहे थे, जो कि आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के सिख फॉर जस्टिस से जुड़े हैं। दरअसल, दिलजीत दोसांझ का लाइव कॉन्सर्ट 23 अप्रैल को बैंकूवर में था। यहां खालिस्तान समर्थकों ने खालिस्तान जिंदाबाद के अलावा भारत विरोधी नारेबाजी की और बाद में एक वीडियो बनाकर जारी की। जिसमें दिलजीत दोसांझ पर तीखे हमले किए गए। दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम के दौरान खालिस्तानी झंडा फहराते हुए खालिस्तान समर्थक। जानिए 1 मिनट 24 सेकंड के वीडियो में क्या है… दलजीत मंच पर गा रहे हैं: वीडियो की शुरुआत में दिलजीत दोसांझ अपने वैंकूवर शो में परफॉर्म कर रहे हैं। दिलजीत अपनी टीम के साथ स्टेज पर गाना गाते हैं। गीत के साथ दर्शक भी डांस करते नजर आ रहे हैं। खालिस्तान जिंदाबाद के नारे: दिलजीत दोसांझ के गाना गाने के बीच पब्लिक में कुछ लोगों ने खालिस्तान के झंडे निकाले और खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। वो जोर-जोर से चिल्लाने लगे। लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश भी की लेकिन वो नहीं रुके। सिक्योरिटी से भिड़े: वीडियो में देखा जा सकता है कि खालिस्तान समर्थक भारत विरोधी नारे लगा रहे हैं और उनके हाथ में में खालिस्तान के बैनर थे। सिक्योरिटी वालों की नजर पड़ी तो उन्होंने खालिस्तान समर्थकों को रोका। इस बात को लेकर वो सुरक्षा कर्मियों के साथ भिड़ने लगे। उसके बाद सिक्योरिटी ने उन्हें बाहर निकाल दिया। मोदी समर्थक होने का आरोप: वीडियो में दिलजीत दोसांझ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमिताभ बच्चन के साथ दिखाकर उन्हें “भारत सरकार का समर्थक” बताया गया है। खालिस्तान समर्थक ने कहा कि सिंगर आरएसएस-भाजपा के लिए काम कर रहे हैं, इसलिए वो दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रमों का विरोध कर रहे हैं। कार्यक्रमों में विरोध की चेतावनी: खालिस्तान समर्थकों ने वीडियो में दिलजीत दोसांझ को सीधी धमकी दी है कि अगले कार्यक्रमों में भी उनका विरोध किया जाएगा। उन्होंने बाकायदा दोसांझ के आगामी कार्यक्रमों की तिथियां भी बताई हैं। खालिस्तान समर्थकों द्वारा जारी पोस्टर अगले शो में हंगामा करने की धमकी खालिस्तान समर्थकों ने दिलजीत दोसांझ पर हमला बोलते हुए कहा कि वह पीएम मोदी के लिए देश-विदेश में आरएसएस-बीजेपी का बेस सेटअप कर रहे हैं। खालिस्तान समर्थकों ने धमकी देकर कहा कि वो दिलजीत के बाकी शो में भी जाकर ऐसे ही हंगामा करेंगे। खालिस्तान समर्थकों ने कहा कि वैंकूवर में शुरू विरोध बाकी के कार्यक्रमों में भी जारी रखा जाएगा। खालिस्तान समर्थकों का कहना है कि कैलगरी, एडमोंटन, विनीपेग, टोरंटो, इलिनोइस, फ्लोरिडा, टेक्सास, न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया में भी विरोध किया जाएगा। दिलजीत दोसांझ को लेकर पहले भी कंट्रोवर्सी हुई 1. केबीसी (KBC) में अमिताभ बच्चन के पैर छूना: साल 2025 का सबसे बड़ा विवाद तब शुरू हुआ जब दिलजीत दोसांझ ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के सेट पर पहुंचे और उन्होंने अमिताभ बच्चन के पैर छुए व उनका आशीर्वाद लिया। आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) और गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि दिलजीत उन लोगों का सम्मान कर रहे हैं, जिनका नाम 1984 के सिख दंगों के दौरान विवादों में आया था। इसके बाद से ही पन्नू ने दिलजीत को ‘टारगेट’ करना शुरू किया। 2. ‘भारत का पोस्टर बॉय’ होने का आरोप: 2025 के टूर के दौरान कई कट्टरपंथी संगठनों ने सोशल मीडिया पर दिलजीत के खिलाफ मुहिम चलाई। उन्हें “भारत सरकार का एजेंट” और “बीजेपी-आरएसएस का समर्थक” कहा गया। संगठनों का आरोप था कि दिलजीत अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल विदेशों में भारत सरकार की छवि सुधारने व सिख समुदाय के बीच केंद्र सरकार की पैठ बनाने के लिए कर रहे हैं। 3. तिरंगे और राष्ट्रवाद को लेकर विवाद: पिछले टूर के कुछ शो के दौरान दिलजीत ने गर्व के साथ भारतीय तिरंगा लहराया और गर्व जताया। खालिस्तान समर्थक तत्वों ने इसे “सिख विरोधी” कृत्य करार देने की कोशिश की। उन्होंने तर्क दिया कि दिलजीत को केवल पंजाबी पहचान को प्रमोट करना चाहिए, न कि भारतीय राष्ट्रवाद को। 4. सिडनी और मेलबर्न शो के दौरान नारेबाजी: 2025 के अंत में जब दिलजीत ऑस्ट्रेलिया में परफॉर्म कर रहे थे, तब स्टेडियम के बाहर कुछ छोटे समूहों ने खालिस्तानी झंडे लेकर प्रदर्शन किया था। विरोध की सुगबुगाहट वहीं से शुरू हो गई थी। 5. सोशल मीडिया वॉर और धमकियां: पूरी दुनिया में फैले ‘Aura’ टूर के दौरान पन्नू ने कई वीडियो जारी किए। इन वीडियो में दिलजीत को चेतावनी दी गई कि वे “भारत के एजेंडे” को आगे बढ़ाना बंद करें, वरना उनके ग्लोबल शोज में खलल डाला जाएगा।

Canada Immigration Rules Change: Doctors, Nurses Prioritized

Canada Immigration Rules Change: Doctors, Nurses Prioritized

कनाडा जाने वाले भारतीय छात्रों के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं। कनाडा सरकार ने 2026 में अपनी इमीग्रेशन पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। अब सरकार का फोकस ज्यादा लोगों को बुलाने के बजाय ऐसे लोगों पर है, जो देश की अर्थव्यवस्था में तुरंत योगदान दे सकें। . नई नीति के मुताबिक, कनाडा में पहले से रहकर करीब 70 लाख रुपए सालाना कमाने वाले लोग अगर PR (परमानेंट रेजिडेंसी) के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें सिर्फ 1 हफ्ते के भीतर PR मिल सकती है। जबकि अवैध तरीके से आए लोगों तुरंत डिपोर्ट कर दिया जाएगा। सरकार ने 2025 से 2027 के बीच दिए जाने वाले PR के कुल कोटे में भी कटौती की है। अब प्राथमिकता उन लोगों को दी जा रही है, जो पहले से कनाडा में वर्क परमिट या स्टडी परमिट पर रह रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि ऐसे करीब 40% लोगों को वहीं से PR देकर स्थायी किया जाए। इसका मतलब है कि अगर आप पहले से कनाडा में काम या पढ़ाई कर रहे हैं, तो आपके लिए PR पाना अब पहले से आसान हो सकता है। वहीं, बाहर से नए लोगों को बुलाने की रफ्तार कम की गई है। यह नियम 26 मार्च से लागू हैं। अब प्रशासनिक ढांचे में फेरबदल किया जा रहा है। साथ ही, जिन लोगों के पास हाई-स्किल और अच्छी सैलरी वाली नौकरी का ऑफर है, उन्हें वीजा में प्राथमिकता मिल रही है। खासतौर पर हेल्थकेयर (डॉक्टर, नर्स), इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर (प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन) से जुड़े पेशों को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। कनाड़ा में पहले से काम करने वालों को जल्दी PR मिलेगी (फाइल फोटो) जानिए नए बिल में क्या है खास? कनाडा को बढ़ते हाउसिंग संकट से उबरने का प्रेशर: कनाडा के नए इमीग्रेशन बिल सी-12 और नागरिकता कानून सी-3 में बड़े बदलाव किए गए हैं। कनाडा सरकार अब संख्या के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान दे रही है। नए कानून के तहत अगले 3 सालों के लिए पक्की पीआर (PR) के लक्ष्यों में भारी कटौती की गई है। सरकार का मकसद देश में बढ़ते हाउसिंग संकट और बुनियादी ढांचे पर पड़ रहे दबाव को कम करना है। अब कनाडा में जाते ही 1 साल के अंदर मांगनी होगी शरण: नए बिल सी-12 के अनुसार, अब शरण मांगने के नियम बहुत सख्त हो गए हैं। अगर कोई व्यक्ति कनाडा में घुसने के बाद एक साल के भीतर या सीमा पार करने के 14 दिन के अंदर क्लेम नहीं करता तो उसे डिपोर्ट किया जा सकता है। यह फर्जीवाड़े को रोकने के लिए है। 40 फीसदी अस्थायी लोग किए जाएंगे पक्के: पीआर (PR) के लिए अब उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी जो पहले से कनाडा में रहकर काम कर रहे हैं। सरकार ने साफ किया है कि वह बाहर से नए लोगों को बुलाने के बजाय, वहां पहले से मौजूद 40 फीसदी अस्थायी निवासियों को ही पक्का (स्थायी निवासी) करने पर जोर देगी। वीजा और वर्क परमिट के लिए अब हाई-स्किल की जरूरत: वीजा और वर्क परमिट के लिए अब हाई-स्किल और अच्छी सैलरी वाले कोर्सेज को तवज्जो दी जा रही है। हर कॉलेज या साधारण कोर्स के बाद अब वर्क परमिट मिलना आसान नहीं होगा। केवल वे कोर्सेज प्राथमिकता में रहेंगे, जो स्वास्थ्य या कंस्ट्रक्शन जैसे जरूरी क्षेत्रों से जुड़े हैं। कनाडाई माता-पिता अपने बच्चों को नागरिकता दे सकेंगे: नागरिकता कानून सी-3 में बड़ा बदलाव हुआ है। अब विदेश में पैदा हुए कनाडाई माता-पिता अपने बच्चों को नागरिकता दे सकेंगे, बशर्ते उन्होंने खुद कनाडा में कम से कम 3 साल बिताए हों। यह बदलाव उन खोए हुए कनाडाई परिवारों को राहत देने के लिए लाया गया है। डॉक्टर, नर्स पर सरकार का ज्यादा फोकस। ज्यादा सैलरी वाले वर्कर्स के लिए PR आसान जानकारी के अनुसार, ज्यादा सैलरी वाले वर्कर्स के लिए पीआर पाने का सबसे सीधा रास्ता एक्सप्रेस एंट्री और प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (PNP) है। सरकार अब ऐसे ड्रॉ निकाल रही है, जो केवल उन लोगों के लिए हैं, जिनके पास जॉब ऑफर हैं। जो लोग पहले से कनाडा में हाई-वेज पर काम कर रहे हैं, उन्हें कैनेडियन एक्सपीरियंस क्लास के तहत आवेदन करते समय अतिरिक्त अंक मिलेंगे। आपकी सैलरी जितनी ज्यादा होगी, आपके आर्थिक योगदान को उतना ही बेहतर माना जाएगा और पीआर की संभावना बढ़ जाएगी। इमीग्रेशन विभाग उन प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता देगा, जिनकी सालाना इनकम करीब 70 लाख रुपए या उससे अधिक है। स्टूडेंट वीजा के लिए सख्य किए नियम पंजाब से कनाडा जाने वाले स्टूडेंट्स के लिए कनाडा ने नए इमीग्रेशन बिल में नियम अब पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दिए हैं। अब हर कॉलेज या हर कोर्स करने के बाद वर्क परमिट मिलना पक्का नहीं है। सरकार ने कोर्सेज की लिस्ट तैयार की है। केवल उन्हीं क्षेत्रों में पढ़ाई करने वालों को आगे काम करने की परमिशन मिलेगी, जिनकी मार्केट में डिमांड होगी। अवैध तरीके से आने वालों पर रोक के लिए सी-12 बिल नए कानून बिल C-12 की बात करें, तो यह मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है, जो गलत तरीके से कनाडा में घुसने की कोशिश करते हैं। अब शरण मांगने के नियमों को बहुत सख्त कर दिया गया है। अगर कोई व्यक्ति वैध तरीके के बजाय शॉर्टकट अपनाता है, तो उसे तुरंत डिपोर्ट करने के अधिकार सरकार ने अपने पास ले लिए हैं। पहले ये रिफ्यूजी बोर्ड के पास होते थे। पीआर के लिए भी उन लोगों को राहत दी गई है, जिनके माता-पिता कनाडाई हैं, लेकिन वे खुद बाहर पैदा हुए हैं। अब वे अपने बच्चों को भी कनाडाई नागरिकता दे सकेंगे, बशर्ते उन्होंने खुद कनाडा में कम से कम 3 साल बिताए हों।

India Beats Canada 3-1, Lakshya Sen Loses, Doubles Win

India Beats Canada 3-1, Lakshya Sen Loses, Doubles Win

Hindi News Sports Thomas Cup: India Beats Canada 3 1, Lakshya Sen Loses, Doubles Win स्पोर्ट्स डेस्क20 मिनट पहले कॉपी लिंक सात्विक-चिराग जोड़ी ने जीत हासिल की। भारत ने थॉमस कप बैटमिंटन टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत करते हुए शुक्रवार को कनाडा को 3-1 से हरा दिया। इस मुकाबले में भारतीय डबल्स के सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने जीत दर्ज की। वहीं एकमात्र हार लक्ष्य सेन के नाम रही। पहले मैच में लक्ष्य सेन हारे मैच की शुरुआत भारत के लिए अच्छी नहीं रही। पहले सिंगल्स मुकाबले में लक्ष्य सेन को कनाडा के विक्टर लाई के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। लक्ष्य ने पहला गेम 21-18 से जीता, लेकिन इसके बाद विक्टर लाई ने शानदार वापसी करते हुए 21-19, 21-10 से मैच जीत लिया। लक्ष्य को विक्टर लाई के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। सात्विक और चिराग ने वापसी कराई भारत की स्टार डबल्स जोड़ी सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने टीम को बराबरी दिलाई। उन्होंने कनाडाई जोड़ी को एकतरफा मुकाबले में 21-10, 21-11 से हराया। यह मैच सिर्फ 29 मिनट में खत्म हो गया। तीसरे सिंगल्स मुकाबले में आयुष शेट्टी ने ब्रायन यांग को 21-13, 21-17 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई। दूसरे डबल्स ने भारत की जीत पक्की की दूसरे डबल्स और में हरिहरन और एमआर अर्जुन की जोड़ी ने 21-7, 21-15 से मैच जीतकर 3-1 की निर्णायक बढ़त दिलाई। 5वें मैच में किदांबी श्रीकांत ने 21-17 और 21-12 से जीत हासिल की। भारत ने 4-1 से मैच जीतकर टूर्नामेंट की विजयी शुरुआत की है। भारत का दूसरा मुकाबला 27 अप्रैल को ऑस्ट्रेलिया और तीसरा मैच 29 अप्रैल को चीन से होगा। ——————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… ओलिंपिक-कॉमनवेल्थ के बाद अब 2038 एशियन गेम्स की तैयारी:भारत ने प्रस्ताव भेजा; अहमदाबाद होगा मुख्य सेंटर, OCA की टीम जल्द करेगी दौरा 2036 ओलिंपिक की मजबूत दावेदारी और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की मेजबानी हासिल करने के बाद अब भारत की नजरें 2038 के एशियन गेम्स पर हैं। भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) ने आधिकारिक तौर पर इसके लिए अपनी इच्छा जाहिर की है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…