Wednesday, 24 Jun 2026 | 07:32 AM

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Tata Electronics Data Breach Controversy; Dark Web Hacking

Tata Electronics Data Breach Controversy; Dark Web Hacking

Hindi News Business Tata Electronics Data Breach Controversy; Dark Web Hacking | Apple Tesla Secret Files नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक इस साइबर हमले के बाद टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को फिरौती के लिए कॉल-मैसेज मिला है। टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का डेटा डार्क वेब पर लीक हो गया है। इस साइबर अटैक में हैकर्स ने डार्क वेब पर कंपनी की 2 लाख से ज्यादा सिक्रेंट फाइलें लीक कर दी हैं। इनमें टाटा के दो सबसे बड़े क्लाइंट्स- एपल और टेस्ला के कंपोनेंट डिजाइन, स्पेसिफिकेशन पेपर्स और सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स शामिल हैं। हालांकि, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने साफ किया है कि इस घटना से उनके बिजनेस ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं पड़ा है और सभी काम सामान्य रूप से चल रहे हैं। एपल की साइबर सिक्योरिटी टीम भी कर रही जांच मनीकंट्रोल के मुताबिक, एपल की ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी टीम भी इस डेटा ब्रीच की जांच और इसका पूरा एनालिसिस कर रही है, ताकि इसके पीछे की मुख्य वजह का पता लगाया जा सके। वहीं एपल ने यह भी कहा है कि फिलहाल इस लीक से बिजनेस-ऑपरेशन्स पर कोई खतरा नहीं है। वर्ल्ड लीक्स गैंग ने ली जिम्मेदारी, 630 GB डेटा चोरी साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स के मुताबिक, ‘वर्ल्ड लीक्स’ नाम के रैनसमवेयर ग्रुप ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सिस्टम से चुराया गया डेटा डार्क वेब पर पोस्ट किया है। इस ग्रुप ने पहले नाइकी के सिस्टम पर साइबर अटैक का दावा किया था। डार्क नेट पर पब्लिश की गई वेबसाइट के अनुसार, इस लीक में कुल 630 गीगाबाइट (GB) का डेटा शामिल है, जिसमें 2 लाख से ज्यादा फाइलें और फोल्डर्स हैं। एपल और टेस्ला के ‘ट्रेड सीक्रेट्स’ लीक हुए लीक हुए डेटाबेस में एपल के कई फोल्डर्स मिले हैं, जिनमें से कुछ का नाम “com.apple.factorydata” है और कुछ में मटेरियल स्पेसिफिकेशन की जानकारी है। इसके अलावा, एक 52 पेज का डॉक्यूमेंट भी मिला है, जिसमें आईफोन के सर्किट बोर्ड कंपोनेंट्स के क्वालिटी इंस्पेक्शन स्टैंडर्ड्स की डिटेल है। वहीं टेस्ला के पुर्जों से जुड़ा एक फोल्डर “NV36 Chargeport Controller – North America” नाम से मिला है, जो टेस्ला की अपग्रेडेड मॉडल Y SUV का माना जा रहा है। टेस्ला का साल 2023 का एक और डॉक्यूमेंट मिला है जिस पर ‘ट्रेड सीक्रेट’ लिखा है, यह उसकी रीवैम्प्ड मॉडल 3 सिडान (प्रोजेक्ट हाइलैंड) का असेंबली डॉक्यूमेंट है। कर्मचारियों के पासपोर्ट और ईमेल भी डार्क वेब पर भारतीय साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर राजशेखर राजहरिया ने इन फाइलों का रिव्यू करने के बाद बताया कि इस डेटा डार्क वेब पर सिर्फ डिजाइन ही नहीं, बल्कि कई सालों के ईमेल, इवेंट लॉग्स और विदेशी नागरिकों सहित टाटा के कर्मचारियों के पासपोर्ट की कॉपियां भी मौजूद हैं। दूसरे रिसर्चर राकेश कृष्णन के अनुसार, यह डेटा डार्क वेब पर कम से कम 10 जून से ही अवेलेबल है। टाटा को फिरौती के लिए कॉल-मैसेज मिला मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि इस साइबर हमले के बाद टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को फिरौती के लिए भी कॉल या मैसेज मिला है। हालांकि, इस फिरौती की मांग पर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। भारत सरकार की साइबर एजेंसी CERT-In ने भी अभी इस पर कोई कमेंट नहीं किया है। टाटा के होसुर प्लांट की 33 फाइलें लीक हुईं डेटा लीक में तमिलनाडु के होसुर में स्थित टाटा के मुख्य आईफोन असेंबली प्लांट से जुड़े सर्च टर्म की 33 फाइलें और फोल्डर्स मिले हैं। टाटा ने पिछले हफ्ते ही अपने आईफोन असेंबली ऑपरेशन्स से जुड़े कुछ कर्मचारियों को इस डेटा ब्रीच की जानकारी दे दी थी। आपको बता दें कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में एपल के कुल आईफोन प्रोडक्शन का करीब एक-तिहाई (33%) हिस्सा बनाती है, जबकि बाकी का हिस्सा फॉक्सकॉन तैयार करती है। एपल की सप्लाई चेन के लिए नया सिरदर्द भारत में एपल की सप्लाई चेन के लिए यह घटना एक और नया झटका मानी जा रही है। इससे पहले होसुर में आईफोन पार्ट्स बनाने वाले एक प्लांट के पास की कृषि भूमि के प्रदूषित होने के आरोपों को लेकर भी टाटा की जांच चल रही है। भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का पावरहाउस बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत, टाटा चीन से बाहर एपल का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण पार्टनर बनकर उभर रहा है। इससे पहले पिछले साल टाटा ग्रुप की ब्रिटिश कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) पर भी साइबर अटैक हुआ था, जिससे 6 हफ्ते तक प्रोडक्शन ठप रहा था। क्या होता है डार्क वेब और रैनसमवेयर अटैक? डार्क वेब: इंटरनेट का वह छिपा हुआ हिस्सा जो सामान्य गूगल या बिंग जैसे सर्च इंजनों पर दिखाई नहीं देता। इसे एक्सेस करने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर (जैसे टॉर ब्राउजर) की जरूरत होती है। अक्सर इसका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों और डेटा बेचने के लिए किया जाता है। रैनसमवेयर: यह एक तरह का खतरनाक डिजिटल वायरस (मालवेयर) होता है, जो किसी कंपनी या व्यक्ति के कंप्यूटर सिस्टम को लॉक या हैक कर लेता है। इसके बाद हैकर्स डेटा को डिलीट या लीक करने की धमकी देकर मोटी फिरौती मांगते हैं। ये खबर भी पढ़ें… टाटा की आईफोन-पार्ट्स फैक्ट्री पर प्रदूषण फैलाने का आरोप: तमिलनाडु पॉल्यूशन बोर्ड ने बिजली काटने और प्लांट बंद करने की चेतावनी दी तमिलनाडु पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने आरोप लगाया है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की आईफोन कंपोनेंट्स फैक्ट्री से निकलने वाले गंदे पानी (वेस्टवाटर) ने पास के खेतों के भूजल यानी ग्राउंडवाटर को दूषित कर दिया है। रेगुलेटर ने कंपनी को चेतावनी दी है कि अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो फैक्ट्री की बिजली काट दी जाएगी और इसे जबरन बंद कर दिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Sreesanth Challenges Bhajji to Boxing Ring Fight Over IPL Slapgate

Sreesanth Challenges Bhajji to Boxing Ring Fight Over IPL Slapgate

मोहाली में खेले गए मैच में हारने के बाद हरभजन सिंह ने श्रीसंत को थप्पड़ मारा था। – फाइल फोटो इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के सबसे चर्चित विवादों में से एक ‘स्लैपगेट’ फिर सुर्खियों में है। पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह उर्फ भज्जी ने उस पुराने विवाद पर अफसोस जताते हुए इसे अपने जीवन के सबसे खराब फैसलों में से एक करार दिया है। . 21 जून को एक यूट्यूब चैनल पर अपलोड हुए पॉडकास्ट में हरभजन सिंह ने इस पूरे विवाद पर गहरा दुख व्यक्त किया। भज्जी का मानना है कि मैदान पर जो कुछ भी हुआ, वह नहीं होना चाहिए था। अगर उन्हें अतीत की किसी एक गलती को सुधारने का मौका मिले, तो वह इसी घटना को चुनेंगे। हरभजन ने कहा- वह केवल 5 सेकेंड का गुस्सा था। उस जरा से गुस्से ने इतनी सारी परेशानी, नेगेटिव एनर्जी और टकराव पैदा कर दिया। उस एक पल की वजह से मेरी इमेज बहुत खराब हुई। जब भी मैं उस बारे में सोचता हूं, मुझे लगता है कि वह एक बहुत ही बुरा फैसला था। इससे पहले पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत ने दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह उर्फ भज्जी को खुलेआम बॉक्सिंग रिंग में मुकाबले की चुनौती दी। श्रीसंत हाल ही में जारी एक विज्ञापन से नाराज बताए जा रहे हैं, जिसे वह 2008 के चर्चित थप्पड़कांड से जोड़कर देख रहे हैं। एक इंटरव्यू के दौरान हरभजन सिंह ने अपनी गलती मानी। – फाइल फोटो श्रीसंत की खुली चुनौती- हिम्मत है तो रिंग में आओ एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में एस श्रीसंत का गुस्सा फूट पड़ा। 18 जून से वायरल हुए इस इंटरव्यू में उन्होंने हरभजन सिंह पर इस विवाद का इस्तेमाल कर लगातार फायदा उठाने और पैसे कमाने का आरोप लगाया। श्रीसंत ने एक पुराने प्रमोशनल पोस्टर का जिक्र किया, जिसमें दोनों बॉक्सिंग ग्लव्स पहने नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्या इनमें हिम्मत है कि यही सीन दोहरा सकें? उन्होंने कहा- क्या भज्जी में मेरे साथ रिंग में आने का दम है? यह एक्टिंग नहीं होगी। मैं अभी बेयर नकल फाइट लीग में हूं। भज्जी, मैं आपको चुनौती दे रहा हूं। अगर आपको उस थप्पड़कांड से इतनी ही दिक्कत है, तो आइए विज्ञापन छोड़ें और सचमुच रिंग में उतरें। मैं इंतजार कर रहा हूं। श्रीसंत ने अपने इंटरव्यू में इस पुराने प्रमोशनल पोस्टर का जिक्र किया, जिसमें दोनों बॉक्सिंग ग्लव्स पहने नजर आ रहे हैं। – फाइल फोटो 2 पॉइंट्स में जानिए, क्या था साल 2008 का थप्पड़कांड…. मैदान पर फूट-फूटकर रोते हुए दिखे श्रीसंत: यह पूरा विवाद साल 2008 में IPL के पहले सीजन के दौरान शुरू हुआ था। मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच मोहाली में खेले गए एक मुकाबले के बाद हरभजन सिंह ने श्रीसंत को थप्पड़ मार दिया था। मैदान पर फूट-फूटकर रोते हुए श्रीसंत की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। हार के बाद श्रीसंत पर भड़के थे हरभजन: 25 अप्रैल, 2008 को मोहाली में पंजाब के हाथों मुंबई इंडियंस की 66 रनों से हार के बाद हरभजन ने श्रीसंत को थप्पड़ जड़ा था। मैच के बाद दोनों टीमें हाथ मिला रही थीं। बाद में पता चला कि मुंबई इंडियंस के कप्तान हरभजन उस करारी हार के बाद श्रीसंत के हंसने और टिप्पणी करने से भड़क गए थे। श्रीसंत ने कहा था, ‘हार्ड लक’। इस घटना के बाद हरभजन सिंह को पूरे सीजन के लिए बैन कर दिया गया था और उनकी भारी आलोचना हुई थी। नीरव मोदी ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर माइकल क्लार्क के पॉडकास्ट में इस मामले का जिक्र किया था। – फाइल फोटो ललित मोदी के बयान से दोबारा मामले ने तूल पकड़ा… सिक्योरिटी कैमरे में घटना कैद हुई: माइकल क्लार्क के पॉडकास्ट में ललित मोदी ने कहा था, ‘मैं तुम्हें बताता हूं कि क्या हुआ था। मैं तुम्हें वीडियो दूंगा। मैंने उसे संभाल कर रखा है। मैच खत्म हो चुका था, कैमरे बंद कर दिए गए थे, लेकिन मेरे एक सिक्योरिटी कैमरे ने घटना को कैद कर लिया था। उसमें साफ दिख रहा है कि भज्जी ने श्रीसंत को बैक-हैंड यानी थप्पड़ मारा।’ हरभजन ने कहा- इधर आओ और उल्टा थप्पड़ जड़ दिया: मोदी ने आगे कहा- भज्जी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। मैं उन्हें बहुत पसंद करता हूं। यह मैदान पर हुआ था और मैं वहां था। जैसे ही टीमों ने खेलना बंद किया, खिलाड़ी एक-दूसरे से हाथ मिला रहे थे और हाई-फाइव कर रहे थे। जब बात श्रीसंत और भज्जी की आई तो हरभजन ने उनसे कहा, ‘इधर आओ’ और उन्हें एक उल्टा थप्पड़ जड़ा। आजीवन प्रतिबंध लगाना चाहते थे अधिकारी: ललित मोदी ने कहा- मैंने हरभजन को आजीवन प्रतिबंध से बचाया। अधिकारियों का एक वर्ग यह भी चाहता था कि अनुभवी ऑफ स्पिनर पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया जाए। मैंने उन दोनों को बैठाया और मीटिंग में ही भज्जी को सजा देनी पड़ी। मैंने उसे 8 मैचों के लिए सजा दी। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… थप्पड़ कांड के वीडियो पर भड़कीं श्रीसंत की पत्नी:बोलीं- ललित मोदी-क्लार्क को शर्म आनी चाहिए, दोनों खिलाड़ी अब आगे बढ़ चुके पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह और एस. श्रीसंत का थप्पड़ कांड 17 साल बाद फिर सुर्खियों में है। IPL के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने हरभजन सिंह का श्रीसंत को थप्पड़ मारते का वीडियो जारी किया। इस पर श्रीसंत की पत्नी भुवनेश्वरी ललित मोदी और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क पर भड़की हैं। पढ़ें पूरी खबर…

Ludhiana Nihang Protest Social Media Video Controversy

Ludhiana Nihang Protest Social Media Video Controversy

रंजीत कौर ने दिलजीत दोसांझ के साथ उनकी फिल्म जट एंड जूलियट 3 में काम किया है। पंजाबी सिंगर एवं एक्टर दिलजीत दोसांझ के साथ फिल्म जट एंड जूलियट-3 में काम कर चुकीं रंजीत कौर भाभी चुम्मेवाली सोशल मीडिया पर अपनी रील्स को लेकर विवाद में हैं। . हर रील के अंत में आंख मारते हुए वह किसी न किसी का नाम लेकर आई लव यू बोलती हैं और फ्लाइंग किस करते हुए कहती हैं, ‘वीरवार है या जुम्मां ले, चक्क भाभी दा चुम्मा’। रंजीत कौर भाभी की यही तुकबंदी अब उनके लिए परेशानी का सबब बन रही है। रंजीत कौर की इस तुकबंदी पर निहंगों ने आपत्ति जताते हुए उनके घर पर धावा बोल दिया। बठिंडा से लुधियाना आए निहंग जत्थे ने उन्हें सख्त चेतावनी दी कि इस तरह की तुकबंदी और अश्लीलता वाली रील सोशल मीडिया पर डाली तो इसके परिणाम खतरनाक होंगे। भाभी चुम्मेवाली निहंगों के सामने गिड़गिड़ाती रही और कहती रही कि इसमें कहां अश्लीलता है, लेकिन निहंग नहीं माने। आखिर में भाभी चुम्मेवाली ने निहंगों को लिखकर दिया और माफी मांगी कि वह भविष्य में ऐसा नहीं बोलेंगी। रंजीत कौर के घर निहंग सिंह पहुंचे। उन्होंने वहां रंजीत कौर को काफी डांट लगाई। निहंग जत्थे और भाभी चुम्मेवाली के बीच हुई बहस… सोशल मीडिया पर गंद परोस रहे: बठिंडा से आए निहंग जत्थे के मुखी मनप्रीत सिंह खालसा का कहना है कि रंजीत कौर भाभी चुम्मेवाली के नाम से सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो डाल रही हैं। उन्हें कई बार समझाया, लेकिन वह नहीं मानीं। मजबूर होकर हमें बठिंडा से लुधियाना आना पड़ा। घर के बाहर चला 15 मिनट ड्रामा: निहंग सिंह मनप्रीत सिंह खालसा और उनका जत्था रंजीत कौर के घर पहुंचा। जत्थे ने घर के बाहर और अंदर जाकर भाभी चुम्मेवाली को उसकी हरकतों का आईना दिखाया। करीब 15 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच तीखी और गंभीर बातचीत हुई। पाखंड पर निहंग सिंह का कड़ा रुख: निहंग सिंह मनप्रीत सिंह खालसा ने घर के अंदर बने मंदिर को देखकर गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि एक तरफ तो घर में धार्मिक आस्था के प्रतीक मौजूद हैं और दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर सरेआम गंदगी और अश्लीलता परोसी जा रही है। उन्होंने रंजीत कौर को फटकार लगाते हुए कहा कि धर्म के नाम पर ऐसा पाखंड और समाज में ऐसी फूहड़ता सिख कौम और समाज बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा। अश्लीलता क्या है, इससे अपना पेट पाल रही: रंजीत कौर ने निहंग सिंहों को कहा कि सोशल मीडिया पर लोग अश्लील कपड़े पहनकर व अश्लील बातें बोलकर रील्स डाल रहे हैं। वो तो सिर्फ तुकबंदी करती है और लोग उसे पसंद करते हैं। तुकबंदी में अश्लीलता नहीं है। उनका कहना है कि इस तरह की रील बनाकर वह अपना पेट पाल रही हैं। अगर यह अश्लील होता तो वह अपनी बेटी के साथ ऐसी वीडियो नहीं बनाती। रंजीत कौर ने निहंगों से हाथ जोड़कर माफी मांगी। रंजीत कौर के तर्क पर भड़के निहंग: निहंगों ने जब रंजीत कौर के तर्क सुने तो वह भड़क गए और उन्होंने उन्हें दो टूक कह दिया कि अगर अब ऐसे तुकबंदी की तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उनका कहना है कि ऐसी गंदी रील्स से सोसाइटी पर गलत असर पड़ रहा है। मनप्रीत सिंह खालसा ने साफ शब्दों में हिदायत दी कि पैसों के लिए समाज की इज्जत और युवा पीढ़ी का भविष्य नीलाम नहीं किया जा सकता। उन्होंने रंजीत कौर को अल्टीमेटम दिया कि वह इंटरनेट से अपने सभी विवादित और अश्लील वीडियो तुरंत प्रभाव से डिलीट कर दे। अगर भविष्य में दोबारा ऐसी कोई हरकत की गई या वैसी कोई रील सामने आई, तो उसे इसके बेहद गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। सिखों को एक लिखित माफीनामा सौंप दिया: निहंगों ने रंजीत कौर से माफीनामा लिखवाया। इस माफीनामे में उसने स्पष्ट रूप से लिखा है कि वह भविष्य में कभी भी सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी फूहड़ या अश्लील गतिविधि नहीं करेगी और न ही कोई ऐसा वीडियो अपलोड करेंगी, जिससे समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचे। लिखित में गारंटी मिलने और इंटरनेट से विवादित सामग्री हटाने के वादे के बाद निहंग सिंह मनप्रीत सिंह खालसा का जत्था वहां से लौटा। रंजीत कौर ने निहंगों को लिखित में दिया कि वह अब अश्लील कंटेंट नहीं बनाएंगी। रंजीत कौर से भाभी चुम्मे वाली तक का सफर, जानिए… सोशल मीडिया पर रील्स बनाने लगी: कोरोना काल में लुधियाना की रंजीत कौर ने सोशल मीडिया पर रील्स बनानी शुरू की। वह कॉमेडी रील्स बना रही थीं, लेकिन उसे कोई पसंद नहीं कर रहा था। वह काफी रील्स बना चुकी थीं, लेकिन रील वायरल नहीं हुई। रील में एक फॉलोअर को फ्लाइंग किश किया: रंजीत कौर का कहना है कि वह रील्स बना रही थीं, तो एक फॉलोअर को रील में उसका नाम लेकर फ्लाइंग किश किया तो कॉमेंट में लोगों ने भाभी चुम्मेवाली लिखना शुरू कर दिया। उसके बाद माइंड में आया कि इसी को अपना टैग बना देती हूं। उसके बाद शुरू की तुकबंदी: रंजीत कौर ने फिर अपने नाम के साथ भाभी चुम्मेवाली का टैग लगा दिया और फिर उसने रील्स बनाते हुए फॉलोअर्स के नाम लेकर तुकबंदी करनी शुरू कर दी। उसके बाद लोगों ने उसे बहुत पसंद किया। शूटिंग के दौरान दिलजीत दोसांझ के साथ खड़ी रंजीत कौर। दिलजीत दोसांझ की फिल्म में मिला काम: रंजीत कौर भाभी चुम्मेवाली का कहना है कि जब लोगों ने उसकी रील्स को पसंद किया तो फिर दिलजीत दोसांझ ने उन्हें अपनी फिल्म जट एंड जूलियट-3 में एक छोटा सा रोल दिया। उसके बाद वह बहुत फेमस हो गईं। दिलजीत पर भी तुकबंदी की थी: रंजीत कौर का कहना है कि जो तुकबंदी वह अपने फॉलोअर्स का नाम लेकर करती हैं, वही तुकबंदी उन्होंने दिलजीत दोसांझ के लिए भी की थी। जब उन्होंने दिलजीत दोसांझ को आई लव यू बोला तो उन्होंने भी रिप्लाई में आई लव यू बोलकर गले लगाया। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… निहंग की हत्या, फिर सुसाइड की कोशिश, गुरदासपुर में 2 पक्षों में 15 राउंड फायरिंग गुरदासपुर के बटाला में गाड़ी क्रॉस करने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। बहसबाजी के दौरान दोनों ओर से

Punjabi Rappers Lyrical Feud Ignites Controversy

Punjabi Rappers Lyrical Feud Ignites Controversy

प्रेम ढिल्लों ने यह नया गीत रिलीज किया है। जालंधर के रैपर सुल्तान और अमृतसर के सिंगर प्रेम ढिल्लों नए गीतों में आपस में भिड़ गए। रैपर सुल्तान ने 19 मई को रिलीज गीत में प्रेम ढिल्ल्लों पर कहा कि तुमसे अच्छे सुर में तो गधा गा लेता है। इसी तरह 19 जून को ही रिलीज अपने रैप में प्रेम ढिल्लों ने कहा . पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री और हिप-हॉप में सिंगर सुल्तान और प्रेम ढिल्लों में चल रही जंग अब सोशल मीडिया पर आ गई है। जालंधर के रैपर सुल्तान ने हाल ही में रैपर सुल्तान ने प्रेम ढिल्लों को लेकर कहा कि उसकी लो लाइफ है। अपने नए रैप में सुल्तान ने इनडायरेक्ट ये भी कहा कि ये कागज का शेर है, जब थप्पड़ पड़ते हैं तो भाग जाता है। रैपर सुलतान ने सिंगर प्रेम ढिल्लों और उनके सर्कल पर तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। सुल्तान ने प्रेम ढिल्लों की गायिकी से लेकर उनकी एल्बम तक को आड़े हाथों लिया। वायरल बयान में सुल्तान बेहद गुस्से में नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा- मेरा इरादा प्रेम पर गाना निकालने का नहीं था, वह बहुत ही लो-लाइफ बंदा है। उसके बारे में बात करना भी अपनी बेइज्जती कराना है। सुल्तान ने आगे दावा किया कि प्रेम ढिल्लों को पंजाब से बाहर कोई नहीं सुनता और उसे लाइव गाना या स्टेज पर परफॉर्म करना भी नहीं आता। उन्होंने शो में जाने वाली ऑडियंस पर भी तीखी टिप्पणी की। विवाद में नया मोड़ तब आया जब सुल्तान ने प्रेम ढिल्लों के करीबी अर्श बल पर फोन पर धमकी देने का आरोप लगाया। सुल्तान ने कहा- अर्श बल ने शराब के नशे में किसी कंपनी का नाम लेकर मुझे फोन किया और खुद को बदमाश दिखाते हुए कहा कि उसने 118 कांड किए हैं। उसने मुझे देख लेने की धमकी दी, जिस पर मैंने उसे दो टूक जवाब देकर फोन काट दिया। इसी उकसावे के बाद मैंने प्रेम ढिल्लों की नई एल्बम के रिलीज वाले दिन ही अपना गाना ड्रॉप किया, जिसने प्रेम की एल्बम का क्रेज पूरी तरह मिट्टी में मिल गया। सुल्तान ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर प्रेम ढिल्लों को बुरा भला कहा। सिद्धू मूसेवाला के नाम पर सिंपैथी कार्ड खेलने का आरोप दिवंगत सिंगर सिद्धू मूसेवाला का जिक्र करते हुए सुल्तान ने इंडस्ट्री के कई कलाकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनके और सिद्धू के बीच अतीत में मतभेद थे, लेकिन उन्होंने सिद्धू की मौत के बाद कभी उनके नाम पर फायदा उठाने की कोशिश नहीं की। सुल्तान ने प्रेम ढिल्लों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा- ये सब लोग ट्रिब्यूट और पोस्ट डालकर लोगों की सिंपैथी (सहानुभूति) बटोर रहे हैं। प्रेम खुद को सिद्धू का ‘चंडिया’ (चेला/तैयार किया हुआ) कहता है, जबकि हकीकत में वह उसका सबसे बड़ा वैरी (दुश्मन) था। ये सब सिर्फ अपने गाने चलाने के लिए झूठी कहानियां बना रहे हैं। जानें अपने वीडियो में रैपर सुल्तान ने क्या कहा… प्रेम ढिल्लों से लाइव तक तो गाया नहीं जाता: रैपर सुल्तान ने कहा कि सबसे पहले तो मेरा कोई इरादा नहीं था कि मैं प्रेम ढिल्लों के बारे में ऐसा कोई गाना निकालूं। प्रेम के बारे में तो बात करनी भी अपनी बेइज्जती करानी है। इसलिए मैं उसे पसंद नहीं करता। पंजाब में ही कुछ लोग इसको सुनते हैं। पंजाब से बाहर तो कोई इसको सुनता नहीं है। पंजाब में तो लोग किसी भी बेसुरे को सुन के खुश हो जाते हैं। न तो इससे कोई लाइव गाया जाता है, न स्टेज पे गाया जाता है। शेर की एक लाइन बोलकर चीखता रहता है। इनको तो लोगों को एंटरटेन नहीं करना आता। हैरान हूं कि लोग कैसे इसको सुन लेते हैं। दारू पीकर मुझे धमकया गया: प्रेम ढिल्लों के करीबी सिंगर अर्श बल ने एक दिन मुझे शरारत के लिए फोन लगाया ब्रो, इनकी दारू वारू पी होगी, नशे में होंगे, सो मुझे फोन आया कि फलाने कंपनी से हैं हम, आपके साथ कुछ काम की बात करनी है। मुझे शक हुआ कि कोई हेरा फेरी है। ऐसे नहीं मुझे कोई मैसेज करता है। सो अर्श बल फोन पे बोल रहा था, बदमाश बन रहा था कि मैंने 118 कांड किए हैं। मैं तेरा ऐसे कर दूंगा या वैसे कर दूंगा। मैंने कहा परे चल यार, तेरे जैसे 50 बदमाश नेरे पास हैं। मैंने सिद्धू की मौत के बाद उसका टापिक नहीं छेड़ा: सो मैंने इनका फोन कटा। इन्होंने बार-बार मौका दिया कि मैं इनकी एल्बम वाले दिन अपना गाना निकालूं। पर स्वाद आ गया ब्रो। इसकी एल्बम मिट्टी कर दी। मैंने सिद्धू मूसेवाला की मौत के 4-5 साल से उसके बारे में कोई बात नहीं की। इन सबने कभी उसके बारे में उसको ट्रिब्यूट डाल के, कभी उसके बारे में पोस्ट डाल के सिंपैथी ली। हमारी सिद्धू के साथ नहीं बनती थो तो कभी उसका टापिक नहीं छेड़ा। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाबी सिंगर G Khan लाइव शो में फैंस पर भड़के:बीच प्रोग्राम लगाई फटकार, बोले- मोबाइल नहीं हूं, खुद आकर गा लो रोपड़ में आयोजित पंजाबी सिंगर जी खान के कार्यक्रम में हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। स्टेज पर परफॉर्मेंस के दौरान जी खान ने अचानक गाना बीच में ही रोक दिया और फैंस पर नाराजगी जाहिर की। पढ़ें पूरी खबर…

दावा- शीर्ष अमेरिकी वैज्ञानिक ने वुहान लैब को फंडिंग दी:अमेरिका की पूर्व खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कहा- डॉ. फॉसी ने कसम खाकर झूठ बोला

दावा- शीर्ष अमेरिकी वैज्ञानिक ने वुहान लैब को फंडिंग दी:अमेरिका की पूर्व खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कहा- डॉ. फॉसी ने कसम खाकर झूठ बोला

अमेरिका की पूर्व खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कार्यालय में अपने अंतिम दिन बड़े वैज्ञानिक डॉ. एंथनी फॉसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कुछ गोपनीय दस्तावेज जारी कर दावा किया है कि डॉ. फॉसी ने चीन की वुहान लैब को लाखों डॉलर की सरकारी फंडिंग दी थी। इस पैसे का इस्तेमाल चमगादड़ के कोरोना वायरस को और खतरनाक बनाने वाली रिसर्च के लिए हुआ। आरोप है कि जब महामारी फैली, तो डॉ. फॉसी ने ये बात दबाई कि वायरस लैब से लीक हुआ था। गबार्ड के मुताबिक, डॉ. फॉसी ने 2024 में अमेरिकी संसद के सामने कसम खाने के बाद भी झूठ बोला था। आरोप- डॉ. फॉसी ने लैब से कोरोना फैलने की बात दबाई 2020 में जब अमेरिका में कोरोना फैला, तो ट्रम्प सरकार ने इससे निपटने की जिम्मेदारी डॉ. फॉसी को सौंपी थी। ट्रम्प सरकार की डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस की हेड थीं तुलसी ट्रम्प की सरकार की टॉप हिंदू अधिकारी तुलसी गबार्ड ने 22 मई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। तुलसी अमेरिका की ‘डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस’ हेड हैं, उनके अंडर 18 सीक्रेट एजेंसियां काम करती हैं। फॉक्स न्यूज के मुताबिक, उनके पति एक बेहद दुर्लभ हड्डी के कैंसर से जूझ रहे हैं और गबार्ड इस मुश्किल समय में उनके साथ रहना चाहती हैं।रिपोर्ट के अनुसार, गबार्ड ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात के दौरान उन्हें अपने इस्तीफे की जानकारी दी थी। गबार्ड ने अपने चिट्ठी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का धन्यवाद भी किया और कहा था कि नेशनल इंटेलिजेंस ऑफिस का नेतृत्व करना उनके लिए सम्मान की बात रही। पूरी खबर पढ़ें… भारतवंशी नहीं हैं तुलसी गबार्ड तुलसी को उनके नाम की वजह से कई बार भारतवंशी कहा जाता है। हालांकि वे भारतवंशी नहीं हैं। वे खुद कई बार ऐसा कह चुकी हैं। तुलसी का जन्म एक समोअन अमेरिकी परिवार में हुआ था। उनके पिता कैथोलिक थे। मां भी ईसाई थी जिन्होंने बाद में हिन्दू धर्म अपना लिया। तुलसी भी पहले ईसाई थीं लेकिन बाद में उन्होंने हिन्दू धर्म अपना लिया। ——————- यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले-मेलोनी मेरे साथ फोटो खिंचाने के लिए बेताब थीं: इटली PM का जवाब- उनकी कहानी झूठी, विदेश मंत्री ने US दौरा रद्द किया इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक बयान पर नाराजगी जाहिर की है। ट्रम्प ने दावा किया था कि G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बेताब थीं। इस पर मेलोनी ने कहा कि ट्रम्प की यह कहानी पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत है। पूरी खबर पढ़ें…

दावा- शीर्ष अमेरिकी वैज्ञानिक ने वुहान लैब को फंडिंग दी:अमेरिका की पूर्व खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कहा- डॉ. फॉसी ने कसम खाकर झूठ बोला

दावा- शीर्ष अमेरिकी वैज्ञानिक ने वुहान लैब को फंडिंग दी:अमेरिका की पूर्व खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कहा- डॉ. फॉसी ने कसम खाकर झूठ बोला

अमेरिका की पूर्व खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कार्यालय में अपने अंतिम दिन बड़े वैज्ञानिक डॉ. एंथनी फॉसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कुछ गोपनीय दस्तावेज जारी कर दावा किया है कि डॉ. फॉसी ने चीन की वुहान लैब को लाखों डॉलर की सरकारी फंडिंग दी थी। इस पैसे का इस्तेमाल चमगादड़ के कोरोना वायरस को और खतरनाक बनाने वाली रिसर्च के लिए हुआ। आरोप है कि जब महामारी फैली, तो डॉ. फॉसी ने ये बात दबाई कि वायरस लैब से लीक हुआ था। गबार्ड के मुताबिक, डॉ. फॉसी ने 2024 में अमेरिकी संसद के सामने कसम खाने के बाद भी झूठ बोला था। आरोप- डॉ. फॉसी ने लैब से कोरोना फैलने की बात दबाई 2020 में जब अमेरिका में कोरोना फैला, तो ट्रम्प सरकार ने इससे निपटने की जिम्मेदारी डॉ. फॉसी को सौंपी थी। ट्रम्प सरकार की डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस की हेड थीं तुलसी ट्रम्प की सरकार की टॉप हिंदू अधिकारी तुलसी गबार्ड ने 22 मई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। तुलसी अमेरिका की ‘डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस’ हेड हैं, उनके अंडर 18 सीक्रेट एजेंसियां काम करती हैं। फॉक्स न्यूज के मुताबिक, उनके पति एक बेहद दुर्लभ हड्डी के कैंसर से जूझ रहे हैं और गबार्ड इस मुश्किल समय में उनके साथ रहना चाहती हैं।रिपोर्ट के अनुसार, गबार्ड ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात के दौरान उन्हें अपने इस्तीफे की जानकारी दी थी। गबार्ड ने अपने चिट्ठी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का धन्यवाद भी किया और कहा था कि नेशनल इंटेलिजेंस ऑफिस का नेतृत्व करना उनके लिए सम्मान की बात रही। पूरी खबर पढ़ें… भारतवंशी नहीं हैं तुलसी गबार्ड तुलसी को उनके नाम की वजह से कई बार भारतवंशी कहा जाता है। हालांकि वे भारतवंशी नहीं हैं। वे खुद कई बार ऐसा कह चुकी हैं। तुलसी का जन्म एक समोअन अमेरिकी परिवार में हुआ था। उनके पिता कैथोलिक थे। मां भी ईसाई थी जिन्होंने बाद में हिन्दू धर्म अपना लिया। तुलसी भी पहले ईसाई थीं लेकिन बाद में उन्होंने हिन्दू धर्म अपना लिया। ——————- यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले-मेलोनी मेरे साथ फोटो खिंचाने के लिए बेताब थीं: इटली PM का जवाब- उनकी कहानी झूठी, विदेश मंत्री ने US दौरा रद्द किया इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक बयान पर नाराजगी जाहिर की है। ट्रम्प ने दावा किया था कि G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बेताब थीं। इस पर मेलोनी ने कहा कि ट्रम्प की यह कहानी पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत है। पूरी खबर पढ़ें…

Salman Khan Court Relief Denied; Amitabh Bachchan Stress; ₹370 Biryani Controversy; Karnataka Guidel

Salman Khan Court Relief Denied; Amitabh Bachchan Stress; ₹370 Biryani Controversy; Karnataka Guidel

Hindi News Entertainment Salman Khan Court Relief Denied; Amitabh Bachchan Stress; ₹370 Biryani Controversy; Karnataka Guidel 8 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड ब्रीफ में जानिए मनोरंजन जगत से जुड़ी वो खबरें जो चर्चा में रहीं.… सलमान खान बनाम ‘काला हिरन’ फिल्म विवाद दिल्ली हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच ने सलमान खान की याचिका पर तुरंत अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस मधु जैन की बेंच ने सलमान की लीगल टीम को निर्देश दिया है कि वे फिल्म मेकर्स को केस से जुड़े सभी दस्तावेज सौंपें, ताकि वे अपना जवाब तैयार कर सकें। अब इस मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी। सलमान खान ने अपनी याचिका में फिल्म ‘काला हिरन: द बैटल फॉर लेगेसी’ की रिलीज रोकने की मांग की है। उनका आरोप है कि यह फिल्म उनकी अनुमति के बिना उनके 1998 के काले हिरण शिकार मामले और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े विवादों पर बनाई जा रही है। काम के तनाव से नहीं सो पा रहे अमिताभ बच्चन बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर अमिताभ बच्चन ने अपने ताजा ब्लॉग में काम के दबाव और नींद न आने की समस्या पर बात की है। 83 साल की उम्र में भी वे लगातार कई प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। शुक्रवार सुबह लिखे ब्लॉग में उन्होंने बताया कि काम पूरा करने के बाद उन्हें लगा कि इसे और बेहतर किया जा सकता था। इजाजत मिलने पर उन्होंने दोबारा काम किया। इसी उधेड़बुन में वे रातभर सो नहीं पाए और सुबह हो गई। अमिताभ ने लिखा कि 24 घंटे का समय बहुत कम लगता है, दिन को बढ़ाकर 36 घंटे का कर देना चाहिए। वे इन दिनों नाग अश्विन के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ के सीक्वल की तैयारी में बिजी हैं, जो दिसंबर 2027 में रिलीज होगी। 370 ब्रियानी विवाद के बाद कर्नाटक सरकार का फैसला कॉमेडियन प्रणीत मोरे के एक स्टैंडअप शो के दौरान दर्शकों के दो चुटकुलों (जोक्स) पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शो में वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा ने ₹370 की बिरयानी और मेडिकल स्टूडेंट सेजल पवार ने पुरुष शवों के अंगों को लेकर जोक बनाया था, जिसकी सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना हुई। टाइम्स ऑफ इंडियाकी रिपोर्ट के मुताबिक, इस विवाद के बाद कर्नाटक के मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर डॉ. शरण प्रकाश पाटिल ने बड़ा एलान किया है। राज्य सरकार अब मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई और रिसर्च के लिए दान किए जाने वाले शवों (कैडेवर) के सम्मान और गरिमा को बनाए रखने के लिए देश की पहली व्यापक गाइडलाइन जारी करेगी। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Salman Khan Court Relief Denied; Amitabh Bachchan Stress; ₹370 Biryani Controversy; Karnataka Guidel

Salman Khan Court Relief Denied; Amitabh Bachchan Stress; ₹370 Biryani Controversy; Karnataka Guidel

Hindi News Entertainment Salman Khan Court Relief Denied; Amitabh Bachchan Stress; ₹370 Biryani Controversy; Karnataka Guidel 2 घंटे पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड ब्रीफ में जानिए मनोरंजन जगत से जुड़ी वो खबरें जो चर्चा में रहीं.… सलमान खान बनाम ‘काला हिरन’ फिल्म विवाद दिल्ली हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच ने सलमान खान की याचिका पर तुरंत अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस मधु जैन की बेंच ने सलमान की लीगल टीम को निर्देश दिया है कि वे फिल्म मेकर्स को केस से जुड़े सभी दस्तावेज सौंपें, ताकि वे अपना जवाब तैयार कर सकें। अब इस मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी। सलमान खान ने अपनी याचिका में फिल्म ‘काला हिरन: द बैटल फॉर लेगेसी’ की रिलीज रोकने की मांग की है। उनका आरोप है कि यह फिल्म उनकी अनुमति के बिना उनके 1998 के काले हिरण शिकार मामले और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े विवादों पर बनाई जा रही है। काम के तनाव से नहीं सो पा रहे अमिताभ बच्चन बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर अमिताभ बच्चन ने अपने ताजा ब्लॉग में काम के दबाव और नींद न आने की समस्या पर बात की है। 83 साल की उम्र में भी वे लगातार कई प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। शुक्रवार सुबह लिखे ब्लॉग में उन्होंने बताया कि काम पूरा करने के बाद उन्हें लगा कि इसे और बेहतर किया जा सकता था। इजाजत मिलने पर उन्होंने दोबारा काम किया। इसी उधेड़बुन में वे रातभर सो नहीं पाए और सुबह हो गई। अमिताभ ने लिखा कि 24 घंटे का समय बहुत कम लगता है, दिन को बढ़ाकर 36 घंटे का कर देना चाहिए। वे इन दिनों नाग अश्विन के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ के सीक्वल की तैयारी में बिजी हैं, जो दिसंबर 2027 में रिलीज होगी। 370 ब्रियानी विवाद के बाद कर्नाटक सरकार का फैसला कॉमेडियन प्रणीत मोरे के एक स्टैंडअप शो के दौरान दर्शकों के दो चुटकुलों (जोक्स) पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शो में वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा ने ₹370 की बिरयानी और मेडिकल स्टूडेंट सेजल पवार ने पुरुष शवों के अंगों को लेकर जोक बनाया था, जिसकी सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना हुई। टाइम्स ऑफ इंडियाकी रिपोर्ट के मुताबिक, इस विवाद के बाद कर्नाटक के मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर डॉ. शरण प्रकाश पाटिल ने बड़ा एलान किया है। राज्य सरकार अब मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई और रिसर्च के लिए दान किए जाने वाले शवों (कैडेवर) के सम्मान और गरिमा को बनाए रखने के लिए देश की पहली व्यापक गाइडलाइन जारी करेगी। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

नेटफ्लिक्स पर आएगा समय रैना का विवादित शो:फ्लॉप शोज के बीच क्या अस्तित्व बचाने के लिए विवादित शोज का सहारा; लॉकअप-2 जैसे शो ला चुका

नेटफ्लिक्स पर आएगा समय रैना का विवादित शो:फ्लॉप शोज के बीच क्या अस्तित्व बचाने के लिए विवादित शोज का सहारा; लॉकअप-2 जैसे शो ला चुका

ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स अपने कंटेंट को लेकर एक बार फिर विवादों में घिर सकता है। नेटफ्लिक्स ने स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना के साथ एक नए कोलैबरेशन की घोषणा की है, जिसके तहत उनके बेहद विवादित माने जाने वाले शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीजन को प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। अनफिल्टर्ड और कई बार संवेदनशील मुद्दों का मजाक उड़ाने के लिए आलोचना झेलने वाले समय रैना का यह शो 20 जून से स्ट्रीम होगा। नेटफ्लिक्स द्वारा इस तरह के विवादित शो को प्रमोट करने के फैसले पर आने वाले दिनों में सवाल उठ सकते हैं। इससे पहले इस प्लेटफॉर्म पर ‘लॉकअप 2’ जैसे विवादित शो प्रीमियर हो चुके हैं विवादों में रह चुका है शो का कंटेंट स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना का विवादित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का सीजन-1 विवादों के चलते बंद किया गया था। तब इस शो में पेरेंट्स पर की गई टिप्पणी कि देशभर में आलोचना हुई थी। अब नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म द्वारा इसे प्रमोट करने से इस तरह के अनफिल्टर्ड कंटेंट को और बढ़ावा मिलने की आशंका जताई जा रही है। बाजार में बने रहने के लिए विवादित कंटेंट का सहारा भारतीय ओटीटी बाजार में लगातार फ्लॉप शो देने के बाद नेटफ्लिक्स अब अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए विवादित कंटेंट का सहारा ले रहा है। अमेजन प्राइम और जियोहॉटस्टार जैसे प्लेटफॉर्म्स से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच इस तरह के वलगर कंटेंट पर दाव लगाया जा रहा है। बड़े बजट और बड़े सितारों के बावजूद भारतीय दर्शकों से सांस्कृतिक जुड़ाव बनाने में नाकाम रहा यह ग्लोबल प्लेटफॉर्म अब मास ऑडियंस को खींचने के लिए अनफिल्टर्ड और विवादित शोज पर दांव लगा रहा है। बड़े सितारों पर दांव फेल, नहीं बना पाए दर्शकों से कनेक्शन नेटफ्लिक्स ने पिछले कुछ समय में सैफ अली खान, माधुरी दीक्षित, करीना कपूर और बॉबी देओल जैसे बड़े स्टार्स के साथ कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए। हाल ही में आए सैफ अली खान के ‘कर्तव्य’ और ‘ज्वेल थीफ’ जैसे शोज की काफी चर्चा हुई, लेकिन रिलीज के बाद ये दर्शकों पर कोई गहरा प्रभाव नहीं छोड़ सके। इसी तरह माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी की ‘मां-बहन’ को लेकर भी सोशल मीडिया पर कुछ दिन बातें हुईं और फिर लोग इसे भूल गए। फिल्म निर्देशक विवेक शर्मा का मानना है कि नेटफ्लिक्स ने सिर्फ बड़े प्रोजेक्ट्स बनाने पर ध्यान दिया, जबकि दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने ऐसे किरदार बनाए जो आम लोगों की बातचीत का हिस्सा बन गए। अमेजन और जियोहॉटस्टार से पिछड़ने के बाद बदली रणनीति भारत के ओटीटी बाजार में अमेजन प्राइम वीडियो अपनी मजबूत फ्रेंचाइजी के कारण काफी आगे निकल चुका है। ओरमैक्स मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शाहिद कपूर की ‘फर्जी’ 3.71 करोड़ दर्शकों के साथ भारत की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली सीरीज बनी थी। इसके अलावा ‘मिर्जापुर’ और ‘पंचायत’ के किरदार भारतीय पॉप कल्चर का हिस्सा बन चुके हैं। ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन के अनुसार, नेटफ्लिक्स ने शुरुआत से खुद को एक प्रीमियम और महंगे प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया, जबकि भारत एक प्राइस-सेंसिटिव मार्केट है। अमेजन प्राइम और दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने कम कीमत में जमीनी कहानियां दीं, जिससे नेटफ्लिक्स का दायरा सिर्फ महानगरों के अंग्रेजी भाषी दर्शकों तक सीमित रह गया। रचनात्मकता की जगह लॉबी और बड़े बैनरों पर भरोसा डायरेक्टर विवेक शर्मा का कहना है कि नेटफ्लिक्स की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ फ्लॉप शो नहीं, बल्कि उसका कंटेंट विजन है। प्लेटफॉर्म पर रचनात्मकता के बजाय रिश्तों, लॉबी और स्थापित प्रोडक्शन हाउस के प्रभाव में फैसले लिए जाते हैं। एक ही ग्रुप को बार-बार बड़े प्रोजेक्ट मिलने से नए विचारों और ताजा कहानियों को जगह नहीं मिल पा रही है। विवेक शर्मा के मुताबिक, कई ऐसे लोग कंटेंट से जुड़े फैसले ले रहे हैं जिन्होंने खुद कोई बड़ी रचनात्मक सफलता हासिल नहीं की है। यही कारण है कि स्टार्स होने के बावजूद नेटफ्लिक्स के शो लगातार फ्लॉप हो रहे हैं और वह दर्शकों से दूर होता जा रहा है। लेखक धीरज मिश्रा का मानना है कि ‘लॉकअप’ का पहला सीजन एमएक्स प्लेयर पर इसलिए सफल हुआ था क्योंकि वह आम दर्शकों का प्लेटफॉर्म था। अब नेटफ्लिक्स का इस तरफ बढ़ना दिखाता है कि वह अपनी प्रीमियम इमेज छोड़कर हर हाल में व्यूअरशिप हासिल करना चाहता है। अगर यह प्रयोग भी फेल हुआ, तो प्लेटफॉर्म के लिए भारत में टिकना मुश्किल हो जाएगा।

नेटफ्लिक्स पर आएगा समय रैना का विवादित शो:फ्लॉप शोज के बीच क्या अस्तित्व बचाने के लिए विवादित शोज का सहारा; लॉकअप-2 जैसे शो ला चुका

नेटफ्लिक्स पर आएगा समय रैना का विवादित शो:फ्लॉप शोज के बीच क्या अस्तित्व बचाने के लिए विवादित शोज का सहारा; लॉकअप-2 जैसे शो ला चुका

ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स अपने कंटेंट को लेकर एक बार फिर विवादों में घिर सकता है। नेटफ्लिक्स ने स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना के साथ एक नए कोलैबरेशन की घोषणा की है, जिसके तहत उनके बेहद विवादित माने जाने वाले शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीजन को प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। अनफिल्टर्ड और कई बार संवेदनशील मुद्दों का मजाक उड़ाने के लिए आलोचना झेलने वाले समय रैना का यह शो 20 जून से स्ट्रीम होगा। नेटफ्लिक्स द्वारा इस तरह के विवादित शो को प्रमोट करने के फैसले पर आने वाले दिनों में सवाल उठ सकते हैं। इससे पहले इस प्लेटफॉर्म पर ‘लॉकअप 2’ जैसे विवादित शो प्रीमियर हो चुके हैं विवादों में रह चुका है शो का कंटेंट स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना का विवादित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का सीजन-1 विवादों के चलते बंद किया गया था। तब इस शो में पेरेंट्स पर की गई टिप्पणी कि देशभर में आलोचना हुई थी। अब नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म द्वारा इसे प्रमोट करने से इस तरह के अनफिल्टर्ड कंटेंट को और बढ़ावा मिलने की आशंका जताई जा रही है। बाजार में बने रहने के लिए विवादित कंटेंट का सहारा भारतीय ओटीटी बाजार में लगातार फ्लॉप शो देने के बाद नेटफ्लिक्स अब अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए विवादित कंटेंट का सहारा ले रहा है। अमेजन प्राइम और जियोहॉटस्टार जैसे प्लेटफॉर्म्स से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच इस तरह के वलगर कंटेंट पर दाव लगाया जा रहा है। बड़े बजट और बड़े सितारों के बावजूद भारतीय दर्शकों से सांस्कृतिक जुड़ाव बनाने में नाकाम रहा यह ग्लोबल प्लेटफॉर्म अब मास ऑडियंस को खींचने के लिए अनफिल्टर्ड और विवादित शोज पर दांव लगा रहा है। बड़े सितारों पर दांव फेल, नहीं बना पाए दर्शकों से कनेक्शन नेटफ्लिक्स ने पिछले कुछ समय में सैफ अली खान, माधुरी दीक्षित, करीना कपूर और बॉबी देओल जैसे बड़े स्टार्स के साथ कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए। हाल ही में आए सैफ अली खान के ‘कर्तव्य’ और ‘ज्वेल थीफ’ जैसे शोज की काफी चर्चा हुई, लेकिन रिलीज के बाद ये दर्शकों पर कोई गहरा प्रभाव नहीं छोड़ सके। इसी तरह माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी की ‘मां-बहन’ को लेकर भी सोशल मीडिया पर कुछ दिन बातें हुईं और फिर लोग इसे भूल गए। फिल्म निर्देशक विवेक शर्मा का मानना है कि नेटफ्लिक्स ने सिर्फ बड़े प्रोजेक्ट्स बनाने पर ध्यान दिया, जबकि दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने ऐसे किरदार बनाए जो आम लोगों की बातचीत का हिस्सा बन गए। अमेजन और जियोहॉटस्टार से पिछड़ने के बाद बदली रणनीति भारत के ओटीटी बाजार में अमेजन प्राइम वीडियो अपनी मजबूत फ्रेंचाइजी के कारण काफी आगे निकल चुका है। ओरमैक्स मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शाहिद कपूर की ‘फर्जी’ 3.71 करोड़ दर्शकों के साथ भारत की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली सीरीज बनी थी। इसके अलावा ‘मिर्जापुर’ और ‘पंचायत’ के किरदार भारतीय पॉप कल्चर का हिस्सा बन चुके हैं। ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन के अनुसार, नेटफ्लिक्स ने शुरुआत से खुद को एक प्रीमियम और महंगे प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया, जबकि भारत एक प्राइस-सेंसिटिव मार्केट है। अमेजन प्राइम और दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने कम कीमत में जमीनी कहानियां दीं, जिससे नेटफ्लिक्स का दायरा सिर्फ महानगरों के अंग्रेजी भाषी दर्शकों तक सीमित रह गया। रचनात्मकता की जगह लॉबी और बड़े बैनरों पर भरोसा डायरेक्टर विवेक शर्मा का कहना है कि नेटफ्लिक्स की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ फ्लॉप शो नहीं, बल्कि उसका कंटेंट विजन है। प्लेटफॉर्म पर रचनात्मकता के बजाय रिश्तों, लॉबी और स्थापित प्रोडक्शन हाउस के प्रभाव में फैसले लिए जाते हैं। एक ही ग्रुप को बार-बार बड़े प्रोजेक्ट मिलने से नए विचारों और ताजा कहानियों को जगह नहीं मिल पा रही है। विवेक शर्मा के मुताबिक, कई ऐसे लोग कंटेंट से जुड़े फैसले ले रहे हैं जिन्होंने खुद कोई बड़ी रचनात्मक सफलता हासिल नहीं की है। यही कारण है कि स्टार्स होने के बावजूद नेटफ्लिक्स के शो लगातार फ्लॉप हो रहे हैं और वह दर्शकों से दूर होता जा रहा है। लेखक धीरज मिश्रा का मानना है कि ‘लॉकअप’ का पहला सीजन एमएक्स प्लेयर पर इसलिए सफल हुआ था क्योंकि वह आम दर्शकों का प्लेटफॉर्म था। अब नेटफ्लिक्स का इस तरफ बढ़ना दिखाता है कि वह अपनी प्रीमियम इमेज छोड़कर हर हाल में व्यूअरशिप हासिल करना चाहता है। अगर यह प्रयोग भी फेल हुआ, तो प्लेटफॉर्म के लिए भारत में टिकना मुश्किल हो जाएगा।