Wednesday, 12 Aug 2026 | 02:03 PM

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NCERT Judicial Corruption Chapter Controversy; CJI Surya Kant

NCERT Judicial Corruption Chapter Controversy; CJI Surya Kant

Hindi News National NCERT Judicial Corruption Chapter Controversy; CJI Surya Kant | 8th Social Science Book नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने NCERT की क्लास 8 की नई किताब में “न्यायपालिका में भ्रष्टाचार” का चैप्टर शामिल किए जाने पर नाराजगी जताई है। बुधवार को CJI ने कहा- किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कानून अपना काम करेगा। कोर्ट इस मामले पर खुद एक्शन लेने के लिए विचार कर रहा है। दरअसल, नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने 8वीं क्लास की नई सोशल साइंस टेक्स्टबुक में ज्यूडिशियरी में करप्शन पर एक सेक्शन शुरू किया है। इस चैप्टर में सुप्रीम कोर्ट के 81 हजार, हाईकोर्ट्स के 62 लाख 40, डिस्ट्रिक्ट और सबऑर्डिनेट कोर्ट के 4 करोड़ 70 लाख पेंडिंग केस की संख्या भी बताई गई है। सुप्रीम कोर्ट में कैसे पहुंचा मामला बुधवार को सीनियर एडवोकेट कपिल सिबल ने कोर्ट में NCERT के इस कदम के बारे में बताया। उन्होंने कहा- 8वीं के छात्रों को न्यायिक भ्रष्टाचार के बारे में पढ़ाया जा रहा है। यह चिंता का विषय है। हम यहां बार की चिंता लेकर आए हैं। एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सेलेक्टिविटी, यह दूसरे एरिया में भी है लेकिन ज्यूडिशियल करप्शन में नहीं। इस पर जस्टिस बागची ने कहा कि यह किताब बेसिक स्ट्रक्चर के ही खिलाफ लगती है। CJI सूर्यकांत ने कहा- “प्लीज कुछ दिन इंतजार करें। बार और बेंच सभी परेशान हैं। सभी हाई कोर्ट के जज परेशान हैं। मैं इस मामले को खुद से देखूंगा। कानून अपना काम करेगा। किताब के चैप्टर का एक हिस्सा जिसमें पेंडिंग केस का जिक्र है… नए सेक्शन में ज्यूडीशियरी से जुड़े पॉइंट इसमें कोर्ट की हायरार्की और न्याय तक पहुंच को समझाने से ज्यादा ज्यूडिशियल सिस्टम के सामने आने वाली चुनौतियों जैसे करप्शन और केस बैकलॉग को बताया गया है। करप्शन वाले सेक्शन में बताया गया है कि जज एक कोड ऑफ कंडक्ट से बंधे होते हैं जो न केवल कोर्ट में बल्कि कोर्ट के बाहर भी उनके व्यवहार को कंट्रोल करता है। ज्यूडिशियरी के अंदरूनी अकाउंटेबिलिटी सिस्टम को भी समझाया गया है। सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेस एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CPGRAMS) के जरिए शिकायतें लेने के तय तरीके भी बताए गए हैं। किताब के मुताबिक CPGRAMS सिस्टम के जरिए 2017 और 2021 के बीच 1,600 ज्यादा शिकायतें मिली थीं। किताब में गंभीर मामलों में जजों को हटाने के संवैधानिक नियम के बारे में भी बताया गया है कि पार्लियामेंट इंपीचमेंट मोशन पास करके जज को हटा सकती है। बच्चे पढ़ेंगे कि ऐसे मोशन पर सही जांच के बाद ही विचार किया जाता है। इस दौरान जज को मामले में अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाता है। चैप्टर में लिखा है- लोग ज्यूडिशियरी के अलग-अलग लेवल पर करप्शन का सामना करते हैं। गरीबों और जरूरतमंदों की न्याय तक पहुंच की समस्या और बिगड़ सकती है। यह भी बताया है कि राज्य और केंद्र ट्रांसपेरेंसी और पब्लिक ट्रस्ट को मजबूत करने की कोशिशें कर रहे हैं। इसमें टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और करप्शन के मामलों के खिलाफ फास्ट एक्शन लेना शामिल है। किताब में पूर्व CJI बीआर गवई का भी जिक्र किताब में भारत के पूर्व चीफ जस्टिस बीआर गवई का भी जिक्र है, जिन्होंने जुलाई 2025 में कहा था कि ज्यूडिशियरी के अंदर करप्शन और गलत कामों के मामलों का पब्लिक ट्रस्ट पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा था, “हालांकि, इस ट्रस्ट को फिर से बनाने का रास्ता इन मुद्दों को सुलझाने के लिए उठाए गए तेज, निर्णायक और ट्रांसपेरेंट एक्शन में है… ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी डेमोक्रेटिक गुण हैं।” दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Kerala High Court on The Kerala Story 2: State Image at Risk

Kerala High Court on The Kerala Story 2: State Image at Risk

36 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘केरल स्टोरी 2’ का ट्रेलर जारी होते ही फिल्म विवादों में घिर गई है। फिल्म के सर्टिफिकेशन और केरल राज्य को कथित तौर पर गलत तरीके से दिखाए जाने को लेकर केरल हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि फिल्म राज्य की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान केरल हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि केरल एक शांत और सौहार्दपूर्ण राज्य है, लेकिन फिल्म में उसे गलत ढंग से दिखाया गया है, जिससे उसकी छवि प्रभावित हो सकती है। दोपहर बाद जब मामले की दोबारा सुनवाई हुई तो अदालत को बताया गया कि फिल्म के मेकर्स टीजर वापस लेने के लिए तैयार हैं। इसके बाद अदालत ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी। उस दिन यह तय किया जाएगा कि कोर्ट 27 फरवरी रिलीज से पहले फिल्म देखेगी या नहीं। हालांकि, दोपहर की सुनवाई से पहले अदालत ने कहा था कि वह कोई भी आदेश देने से पहले फिल्म देखना चाहती है। साथ ही, अदालत ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से यह भी पूछा कि क्या फिल्म सभी आवश्यक दिशानिर्देशों का पालन करती है। बता दें, याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में फिल्म के कुछ हिस्सों में बदलाव की मांग की है, जिसमें फिल्म का टाइटल बदलने की मांग भी शामिल है। याचिका में कहा गया है कि फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) द्वारा सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए प्रमाणित किया गया है, जबकि कथित रूप से यह सिनेमैटोग्राफी अधिनियम, 1952 के प्रावधानों का पालन नहीं करती। शिकायत के अनुसार, विवाद फिल्म के टीजर और ट्रेलर से शुरू हुआ है। इनमें अलग-अलदग राज्यों की महिलाओं की कहानियां दिखाई गई हैं, लेकिन फिल्म का टाइटल ‘केरल स्टोरी’ होने के कारण कथित आतंकवाद, जबरन धर्मांतरण और जनसांख्यिकीय साजिश जैसे मुद्दों को विशेष रूप से केरल से जोड़कर दिखाए गए हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India T20 World Cup 2026 Playing 11 Controversy; Axar Patel Washington Sundar

India T20 World Cup 2026 Playing 11 Controversy; Axar Patel Washington Sundar

स्पोर्ट्स डेस्क4 मिनट पहले कॉपी लिंक वॉशिंगटन सुंदर को अक्षर पटेल की जगह प्लेइंग-11 में शामिल किया गया था। भारत को टी-20 वर्ल्डकप के अपने पहले सुपर-8 मुकाबले में साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद जो बात सबसे ज्यादा चर्चा में रही वो प्लेइंग इलेवन का सिलेक्शन रहा। इस मैच में उपकप्तान अक्षर पटेल की जगह वॉशिंगटन सुंदर को चुना गया। सुंदर के सिलेक्शन को लेकर मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के असिस्टेंट कोच रयान टेन डेशकाटे ने इस पर खुलकर बात की। पावरप्ले को ध्यान में रखकर सिलेक्शन किया गया डेशकाटे ने कहा, हमारी एनालिसिस में हमने पाया कि क्विंटन डी कॉक, रयान रिकलटन और डेविड मिलर ही सबसे बड़ा खतरा होने वाले हैं। जब आप दो विकल्पों में से केवल एक ही चुन सकते हैं तो हमें उसकी ओर जाना पड़ा जो पावरप्ले में गेंदबाजी करने का आदी है। अक्षर भी कभी-कभार पावरप्ले में गेंदबाजी करते हैं। लेकिन हमें लगा कि सुंदर इस स्टेज में ज्यादा प्रभाव छोड़ सकते हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ वॉशिंगटन सुंदर ने 11 रन बनाए थे। वहीं, बॉलिंग में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला था। रणनीति पहले से तैयार की गई थी भारत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुंदर से पावरप्ले में उनसे गेंदबाजी नहीं कराई। अर्शदीप सिंह (3 ओवर), जसप्रीत बुमराह (2 ओवर) और वरुण चक्रवर्ती (1 ओवर) ने ही पावरप्ले में बॉलिंग किया। डेशकाटे ने आगे कहा, शुरुआती समझ के हिसाब से ही रणनीति तैयार की गई थी। इस तरह के टूर्नामेंट में आप चाहते और उम्मीद करते हैं कि खिलाड़ी इस बात को समझेंगे कि हर फैसला सही उद्देश्य के साथ लिया जाता है। किसी निर्धारित मैच के लिए हम सबसे मजबूत प्लेइंग इलेवन चुनना चाहते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि अक्षर भी इसे उसी तरह देखेंगे। सेमीफाइनल के लिए बड़ी जीत जरूरी भारतीय टीम ग्रुप-1 का पहला ही मैच 76 रन के बड़े अंतर से हार गई है। इससे टीम का नेट रन रेट -3.800 हो गया है। ऐसे में टीम इंडिया को अगले दोनों मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे। ताकि उसका नेट रन रेट अन्य टीम से बेहतर हो। भारत 76 रन से हारा वर्ल्ड चैंपियन टीम इंडिया को रविवार को साउथ अफ्रीका ने तीसरे सुपर-8 मैच में 76 रन से हराया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अफ्रीकी टीम ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी। टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 187 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ पर घमासान:कामाख्या नारायण सिंह ने अनुराग कश्यप को बताया मानसिक रूप से दुर्बल, बीफ सीन पर छिड़ी नई बहस

फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ पर घमासान:कामाख्या नारायण सिंह ने अनुराग कश्यप को बताया मानसिक रूप से दुर्बल, बीफ सीन पर छिड़ी नई बहस

रिलीज से पहले ही विवादों में घिर चुकी ‘द केरल स्टोरी 2’ के निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह ने मशहूर फिल्ममेकर अनुराग कश्यप को अपने तीखे बयान के जवाब में गंभीर आरोप लगाए हैं। यह विवाद खास तौर पर फिल्म के एक सीन को लेकर शुरू हुआ है, जिसमें ट्रेलर में दिखाया गया है कि एक मुस्लिम परिवार एक्ट्रेस को जबरदस्ती गोमांस खिला रहा है। कुछ दिनों पहले अनुराग कश्यप ने इस सीन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि कोई किसी को इस तरह गोमांस नहीं खिलाता, तो क्या खिचड़ी तक कोई जबरदस्ती नहीं खिला सकता। उन्होंने फिल्म को पूरी तरह बकवास और प्रोपगैंडा करार दिया था तथा फिल्म के उद्देश्यों पर भी सवाल उठाए थे। अब इसी टिप्पणी के जवाब में निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने अनुराग कश्यप पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अनुराग मानसिक रूप से दुर्बल” हो गए हैं और उन्हें हर चीज से शिकायत रहती है। चाहे वह फिल्म इंडस्ट्री हो, ब्राह्मण समुदाय हो या नेटफ्लिक्स। कामाख्या ने कहा, “अनुराग कश्यप जी अब मानसिक रूप से दुर्बल हो गए हैं। इनको हर चीज से दिक्कत है।” कामाख्या ने अपने वीडियो में यह भी कहा कि समाज में कुछ निर्दोष लड़कियों को धर्म परिवर्तन कराने के लिए गोमांस खिलाया जाता है, और यह एक गंभीर अपराध है। उन्होंने अनुराग कश्यप की फिल्म ‘ द गर्ल इन येलो बूट्स’ का भी जिक्र किया और उस पर तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अनुराग ने उस फिल्म में एक पिता-बेटी के रिश्ते को अवैध तरीके से दर्शाया था, जो सभ्य समाज में सोचना भी मुश्किल है। सिंह ने कहा कि अनुराग की फिल्में पिछले कुछ समय से फ्लॉप चल रही हैं और वह चाहते हैं कि उन्हें अक्ल आए। उन्होंने यह भी कहा कि ‘द केरल स्टोरी 2’ तथ्यों पर आधारित है और ट्रेलर को दर्शकों द्वारा अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। दूसरी तरफ, अनुराग कश्यप ने मीडिया से बातचीत में फिल्म को बकवास बताते हुए कहा था कि इससे विभाजन और सौहार्द को नुकसान पहुँच सकता है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब कई फिल्म हस्तियों और राजनीतिक हस्तियों ने भी फिल्म पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। फिल्म 27 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, लेकिन इस विवाद ने पहले से ही इसके आसपास बहस का एक बड़ा विषय तैयार कर दिया है।

कनाडा के 3 पंजाबी सांसदों की सीक्रेट विजिट पर विवाद:पूछा जा रहा- यात्रा पर खर्चा किसने किया; हथियारबंद निहंगों से मिलने पर सवाल उठ रहे

कनाडा के 3 पंजाबी सांसदों की सीक्रेट विजिट पर विवाद:पूछा जा रहा- यात्रा पर खर्चा किसने किया; हथियारबंद निहंगों से मिलने पर सवाल उठ रहे

कनाडा में मुख्य विपक्षी पार्टी कंजर्वेटिव पार्टी ऑफ कनाडा के पंजाबी मूल के 3 सांसदों की पंजाब यात्रा पर सवाल उठ रहे हैं। कनाडा में सोशल मीडिया पर तीनों कंजर्वेटिव सांसदों से पूछा जा रहा है कि उनकी इस यात्रा का खर्च किसने उठाया? कनाडा के सांसद जसराज सिंह हल्लां, अमरप्रीत सिंह गिल और दलविंदर सिंह गिल पंजाब यात्रा पर आए थे। यात्रा का कारण और इस यात्रा के बारे में जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई, इस पर भी सवाल पूछे जा रहे हैं। यही नहीं, सांसदों के आसपास हथियारबंद निहंगों के होने पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। यात्रा से जुड़ी बातें और अन्य गतिविधियों से जुड़े फोटो-वीडियो लोगों ने सोशल मीडिया पर अपलोड किए। इसके बाद सांसदों की यात्रा का खुलासा हुआ। 15 से 17 फरवरी तक सोशल मीडिया पर चले फोटो-वीडियो सांसदों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पंजाब दौरे के वीडियो, फोटो और जानकारियां शेयर नहीं की, लेकिन जब वे 15 से 17 फरवरी तक पंजाब में रहे तो उनके बहुत से वीडियो व फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए। यही वीडियो कनाडा मीडिया और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों तक पहुंचे। उसके बाद उन्होंने सांसदों व कंजर्वेटिव पार्टी से इस पर सवाल पूछने शुरू किए। गोल्डन टेंपल, गुरु की रसोई व परगट सिंह से मिले तीनों सांसद 15 फरवरी को अमृतसर में श्री हरमिंदर साहिब (गोल्डन टेंपल) गए और वहां माथा टेका। उसके बार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (SGPC) ने उन्हें सम्मानित किया। SGPC के सदस्यों व अन्य धार्मिंक नेताओं के साथ बैठक की। उसके बाद वह कांग्रेस विधायक परगट सिंह से मिले और उनके साथ इमीग्रेशन के मुद्दे पर बातचीत की। बाद में वे होशियारपुर में गुरु की रसोई में गए। वीडियो में हथियारबंद निहंगों के साथ दिखे सांसद कनाडा सरकार कट्टरपंथी व गनकल्चर को प्रमोट नहीं करती है। कनाडा में सरकार किसी को भी हथियार प्रदर्शन करने नहीं देती। कनाडा में सोशल मीडिया पर सांसदों के जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, उनमें सांसद एक धार्मिक स्थल पर हैं और उनके साथ हथियारबंद निहंग हैं। निहंग सिहों के पास गन हैं। खाने की टेबल पर भी हथियारबंद निहंगों के साथ दिखे सांसद सांसद जब गुरु की रसोई में गए तो वहां खाने की व्यवस्था थी। खाने की टेबल पर जहां तीनों सांसद बैठे थे, वहां बड़ी संख्या में निंहग सिंह व अन्य लोग भी बैठे थे। टेबल पर बैठे निहंग सिंहों के पास भी बंदूकें दिख रही हैं। कनाडा में इन क्षेत्रों से सांसद हैं तीनों जसराज सिंह हल्लां कैलगरी ईस्ट, अमनप्रीत सिंह गिल कैलगरी स्काईव्यू और दलविंदर सिंह गिल कैलगरी मैकनाइट से सांसद हैं। तीनों पंजाबी मूल के हैं और सिख धर्म से संबंध रखते हैं। कनाडा के अलग-अलग शहरों में पंजाबियों की संख्या काफी है। ऐसे में वे पंजाब आकर कनाडा में रहने वाले पंजाबियों में अपनी पकड़ मजबूत बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इमीग्रेशन कानून पर की विधायक से चर्चा जालंधर से कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने बतायाक कनाडा में इमीग्रेशन कानून को सख्त बनाने की बात चल रही है, जिसकी वजह से पंजाब के स्टूडेंट्स और वर्कर्स को कनाडा में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने कनेडियन सांसदों से मिलकर इमीग्रेशन कानून के कारण स्टूडेंट्स व वर्कर्स को आ रही दिक्कतों के बारे में चर्चा की। कनाडा में सांसदों के पंजाब दौरे को लेकर सवाल उठने के कारण…

SFI Beef Fest Controversy; The Kerala Story 2 Movie Protest

SFI Beef Fest Controversy; The Kerala Story 2 Movie Protest

Hindi News National SFI Beef Fest Controversy; The Kerala Story 2 Movie Protest | IUML Reaction कोझिकोडकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक केरल में फिल्म केरल स्टोरी 2 : गोज बियॉन्ड के खिलाफ स्टूडेंट्स फेॉरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के बीफ फेस्ट के आयोजन की इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग(IUML) ने आलोचना की है। लीग ने कहा कि इस तरह का विरोध लोगों की भावनाएं भड़काने वाला है। IUML के स्टेट जनरल सेक्रेटरी पी एम ए सलाम ने कहा कि बीफ फेस्ट मुस्लिम वोटरों को लुभाने के लिए एक सस्ता पॉलिटिकल हथकंडा है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बीफ और मुसलमानों के बीच क्या लिंक है। दरअसल, फिल्म केरल स्टोरी 2 के ट्रेलर के मुताबिक, फिल्म में एक सीन है जिसमें एक किरदार को जबरदस्ती बीफ खिलाया जाता है। इसका विरोध करने के लिए SFI ने बीफ फेस्ट का आयोजन किया था। सलाम ने और क्या कहा… बीफ फेस्ट का आयोजन CPI(M) की मुस्लिम वोटरों को गुमराह करने की कोशिश थी। जो लोग बीफ नहीं खाना चाहते, उन्हें कोई मजबूर नहीं कर रहा है। यह मुसलमानों के समर्थन का दिखावा करने की एक राजनीतिक रणनीति थी। इस तरह के कार्यक्रमों से असल में BJP को अप्रत्यक्ष फायदा होता है। मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन ने भी SFI के प्रोटेस्ट पर सवाल उठाए थे IUML का बीफ फेस्टिवल पर बयान मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन के केरल स्टोरी 2 फिल्म का बॉयकॉट करने की अपील के दो दिन बाद आया। MSF के स्टेट जनरल सेक्रेटरी सी के नजफ ने शुक्रवार को तिरुवनंतपुरम में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के विरोध प्रदर्शन का विरोध करते हुए कहा था कि इससे हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। SFI की डिस्ट्रिक्ट कमिटी ने मानवेयम वेधी में फेस्ट का आयोजन किया था। कामाख्या नारायण सिंह के डायरेक्शन में बनी केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड 27 फरवरी को रिलीज होने वाली है। इसके पहले पार्ट, द केरल स्टोरी ने 71वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट डायरेक्शन और बेस्ट सिनेमैटोग्राफी का अवॉर्ड जीता था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Haryanvi singer Masoom Sharma Jind Show Controversy Brother Vikas Apologized Former Sarpanch Media Statement Masoom Comes And Apologizes Satelment

Haryanvi singer Masoom Sharma Jind Show Controversy Brother Vikas Apologized Former Sarpanch Media Statement Masoom Comes And Apologizes Satelment

जींद के मुआना गांव में मासूम शर्मा के भाई विकास ने पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा से माफी मांगी। हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा और पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा के बीच हुआ विवाद शांत नहीं हुआ। शनिवार शाम जींद में मासूम शर्मा के बड़े भाई विकास ने पूर्व सरपंच से माफी मांगी और कहा कि मासूम शर्मा बाहर है। इसलिए उसकी जगह मैं आया हूं। इस विवाद को आगे नहीं बढ़ा . इस पर पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने कहा कि मैं अकेला समझौता नहीं करूंगा। मासूम शर्मा को यहां आकर माफी मांगनी पड़ेगी। उस दिन वह स्टेज पर बटेऊ बना हुआ था। उसे नखरा कम करके आना पड़ेगा और पूरी पंचायत के सामने माफी मांगनी होगी। इससे पहले कोई पंचायत नहीं होगी। दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने बताया कि विकास ने अपने फोन से मासूम शर्मा से बात कराई। मासूम ने बाहर होने की बात कही। मैंने उसे कहा कि जिस तरह उस दिन स्टेज पर ये बातें बोली थीं, उसी तरह यहां आकर लाइव माफी मांगनी पड़ेगी। 18 फरवरी को जींद में कार्यक्रम के दौरान सरपंच को स्टेज से उतरने की कहते मासूम शर्मा। पहले पढ़िए मासूम शर्मा के भाई विकास ने क्या कहा… प्रोग्राम का स्टेज छोटा था: मासूम शर्मा के बड़े भाई विकास ने बताया कि प्रोग्राम का स्टेज काफी छोटा था। जब मासूम ने सिंगिंग शुरू की तो वहां काफी लोग आ गए। इस दौरान स्टेज पर खड़े पूर्व सरपंच राजेंद्र दिखाई नहीं दिए। इसके बाद मासूम ने सभी से स्टेज खाली करने की अपील की। मासूम की कोई ऐसी मंशा नहीं थी: विकास ने आगे कहा कि स्टेज के नीचे खड़े कुछ लोग जोर-जोर से हूटिंग कर रहे थे, इसी दौरान मासूम ने सरपंच जी को वहां से हटने के लिए कहा। इसी दौरान कुछ देर के लिए वहां विवाद हो गया, लेकिन मासूम की कोई ऐसी मंशा नहीं थी। विवाद को बढ़ाना नहीं चाहिए: उन्होंने कहा कि अगर मासूम की इस बात से किसी कोई ठेस पहुंची हो तो मैं उसका बड़ा भाई होने के नाते पूरे हरियाणा के सरपंचों से, सरपंच प्रतिनिधियों से और यहां बैठे सभी लोगों से माफी मांगता हूं। ये विवाद ज्यादा नहीं बढ़ना चाहिए। 18 फरवरी को कार्यक्रम के दौरान मासूम शर्मा और पूर्व सरपंच के समर्थकों में धक्का-मुक्की भी हुई थी। पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने मामले में क्या कहा… मासूम के शब्द सरपंचों को चुभे: मुआना गांव के पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने कहा कि शादी की एनिवर्सरी प्रोग्राम में विवाद हुआ। मासूम ने उस दौरान जो शब्द कहे, वो प्रदेश और देश के सरपंच प्रतिनिधियों को चुभे। इस मामले में कई भाइयों ने पंचायत कर मेरा साथ दिया। इस मामले में किसी की कोई गलती नहीं है। मैं अकेला समझौता नहीं कर सकता: राजेंद्र शर्मा ने कहा कि इस मामले में हमारा समझौता हो गया है, लेकिन मासूम के साथ समझौता उसके आने के बाद ही होगा। क्योंकि आज मैं अकेला समझौता नहीं कर सकता। आज जो सरपंच, मंत्री मेरे साथ खड़े रहे, आज अगर समझौता कर लिया तो वहीं इसे गलत ठहराएंगे। खुद आकर मासूम को माफी मांगनी पड़ेगी: उन्होंने कहा कि 25-26 फरवरी को मासूम आ जाएगा, इसके बाद साथ में बैठकर सार्वजनिक रूप से सारा मामला हल करेंगे। हम आगे के लिए कोई भी विवाद नहीं रखना चाहते, ये रिश्तेदारी का मामला है। इस मामले में जिसे भी ठेस पहुंची हो, उनके सामने मासूम माफी मांगेगा। जब तक मासूम नहीं आ जाता तो तब तक कोई पंचायत न करें। मैं सभी 36 बिरादरियों के सरपंचों, मंत्रियों के साथ हूं। यहां मैं अकेला समझौता नहीं करूंगा। मासूम के साथ फोन पर बात हुई: पूर्व सरपंच ने कहा कि मासूम शर्मा के साथ फोन पर बात हुई है। अब दिल से समझौता होगा। मासूम को सबके सामने माफी मांगनी पड़ेगी। मासूम के बयान से सब प्रतिनिधियों को ठेस पहुंची है। आमने-सामने हम दानों लाइव आएंगे। मासूम स्टेज पर बटेऊ की तरह नखरे कर रहा था। नखरा कम कर आना पड़ेगा। उसे अब साला बनकर आना पड़ेगा। पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने विवाद के बाद कहा था कि मासूम जब तक माफी नहीं मांगेगा, तब तक समझौता नहीं होगा। 18 फरवरी को जींद में हुआ था विवाद विवाद 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा के बहनोई धर्मवीर आर्य की 25वीं सालगिराह के दौरान हुए कार्यक्रम में हुआ। मासूम शर्मा स्टेज पर आए तो भीड़ देख भड़क गए। उन्होंने वहां खड़े पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को यहां तक कह दिया था कि मेरे गाने के प्रोग्राम के बीच में कोई सरपंच हो, कोई एमएलए हो, कोई मंत्री हो, मैं किसी ने कुछ नहीं मानता। आप चाहे सरपंच हो मेरा परफॉर्मेंस नीचे बैठकर देखो। मासूम शर्मा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। पूर्व सरपंच ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मासूम शर्मा को पंच का चुनाव लड़ने की चुनौती दे डाली और कहा कि मासूम को पैसे देकर कहीं भी नचवा लो। अगर माफी नहीं मांगी तो महापंचायत बुलाई जाएगी। ———————————— ये खबर भी पढ़ें :- हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा की मुश्किलें बढ़ीं:दोस्त मुकेश जाजी ने गलती मानी, सरपंचों ने किया बहिष्कार हरियाणवी सिंगर मासूम का शर्मा जींद शो में पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा के साथ हुआ विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा। अब उनके करीबी दोस्त और हरियाणवी कलाकार मुकेश जाजी ने भी मासूम शर्मा की गलती मानी है। मुकेश जाजी ने इसका एक वीडियो भी जारी किया है। पढ़ें पूरी खबर…

Bangladesh T20 WC 2026 Controversy; Mohammad Salahuddin Vs Asif Nazrul

Bangladesh T20 WC 2026 Controversy; Mohammad Salahuddin Vs Asif Nazrul

स्पोर्ट्स डेस्क6 मिनट पहले कॉपी लिंक मोहम्मद सलाहुद्दीन नवंबर, 2024 से बांग्लादेश मेंस टीम के सीनियर असिस्टेंट कोच हैं। बांग्लादेश क्रिकेट टीम के सीनियर असिस्टेंट कोच मोहम्मद सलाहुद्दीन ने देश के पूर्व खेल सलाहकार असिफ नजरुल को कड़ी चेतावनी दी है और उन्हें झूठा बताया है। यह विवाद उस बयान को लेकर है जिसमें नजरुल ने 2026 टी-20 वर्ल्ड कप से भारत में खेलने का बायकॉट करने के फैसले को लेकर अपनी बात बदल दी। शुरू में नजरुल ने कहा था कि बांग्लादेश सरकार ने सुरक्षा कारणों से टीम को भारत में मैच खेलने से मना किया। लेकिन बाद में यू-टर्न लेते हुए उन्होंने दावा किया कि यह निर्णय खुद खिलाड़ियों और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने लिया था। शिक्षक कम ही झूठ बोलते हैं सलाहुद्दीन ने कहा, इतनी साफ तौर पर झूठ बोला। मैं खुद एक शिक्षक हूं और आम तौर पर शिक्षक कम झूठ बोलते हैं। लेकिन जिस तरह उन्होंने खुलेआम ऐसी बातें कही, मैं इसकी कल्पना भी नहीं कर सकता। अब मैं खिलाड़ियों के सामने अपना चेहरा कैसे दिखाऊं? उन्होंने आगे कहा, नजरुल ने पूरी तरह से यू-टर्न ले लिया। वह ढाका विश्वविद्यालय जैसे देश के सर्वोच्च शिक्षण संस्थान में शिक्षक हैं। मेरे देश के इतने बड़े संस्थान से जुड़े व्यक्ति का इस तरह झूठ बोलना हम स्वीकार नहीं कर सकते। पहले उन्होंने एक बात कही और बाद में पूरी तरह पलट गए।। भारत में खिलाड़ियों के सुरक्षा की चिंता- नजरुल बांग्लादेश सरकार के पूर्व खेल मंत्री आसिफ नजरुल ने नेशनल टीम को भारत भेजने से मना किया था। उन्होंने कहा था, ‘हम वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं, लेकिन भारत में हमारे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता है। नए स्पोर्ट्स मिनिस्टर रिश्ते सुधारना चाहते हैं बांग्लादेश के नए स्पोर्ट्स मिनिस्टर अमीनुल हक BCCI और भारत के साथ रिश्ते सुधारना चाहते हैं। उन्होंने गुरुवार को कहा कि वे इस मुद्दे को जल्दी सुलझाना चाहते हैं। उन्होंने बांग्लादेश के मौजूदा टी-20 वर्ल्ड कप में हिस्सा न लेने का जिक्र किया। हक ने कहा था- शपथ लेने के बाद मैं पार्लियामेंट बिल्डिंग में भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर से मिला। मैंने उनसे टी-20 वर्ल्ड कप पर बात की। यह एक अच्छी बातचीत थी। मैंने उनसे कहा कि हम इस मुद्दे को बातचीत से जल्दी सुलझाना चाहते हैं क्योंकि हम अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ दोस्ताना रिश्ते बनाए रखना चाहते हैं। बांग्लादेश ने भारत में खेलने से इनकार क्यों किया, जानिए 2 वजह 1. बांग्लादेश में हिंदुओं की लगातार हो रही हत्याओं के विरोध में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर करवा दिया। BCB ने इसका विरोध किया। 2. मुस्तफिजुर को बाहर किए जाने को बांग्लादेश की राजनीतिक पार्टियों ने मुद्दा बना दिया। फिर यूनुस सरकार ने अपने देश में IPL प्रसारण पर बैन लगा दिया। इसके बाद क्रिकेट बोर्ड ने भारत में वर्ल्ड कप न खेलने की मांग की, जिसे ICC ने ठुकरा दिया। मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर करने पर विवाद बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के कारण BCCI ने मुस्तफिजुर रहमान को IPL में खेलने की अनुमति नहीं दी। उन्हें KKR ने 3 जनवरी को BCCI के कहने पर टीम से बाहर कर दिया था। इससे बौखलाई बांग्लादेश सरकार ने अपने यहां IPL मैचों के प्रसारण पर रोक लगा दी। इसके बाद खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला देकर 7 फरवरी से होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में वेन्यू बदलने की मांग भी की। KKR ने मुस्तफिजुर को ₹9.2 करोड़ में खरीदा था 16 दिसंबर को IPL मिनी ऑक्शन में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसके बाद बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के कारण भारत में मुस्तफिजुर का विरोध होने लगा। अब तक वहां 7 हिंदुओं की हत्या कर दी गई है। बाद में BCCI ने मुस्तफिजुर को IPL खेलने की अनुमति नहीं दी और 3 जनवरी को KKR ने उन्हें रिलीज कर दिया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बिग-बी ने एमपी के नागदा को गांव कहा, केस दर्ज:कोर्ट ने थाने से रिपोर्ट मांगी; अमिताभ ने केबीसी में पानी की कमी से जूझता गांव बताया था

बिग-बी ने एमपी के नागदा को गांव कहा, केस दर्ज:कोर्ट ने थाने से रिपोर्ट मांगी; अमिताभ ने केबीसी में पानी की कमी से जूझता गांव बताया था

कौन बनेगा करोड़पति के 23 दिसंबर 2025 को प्रसारित एपिसोड में मध्यप्रदेश के नागदा को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है। शो के होस्ट अमिताभ बच्चन द्वारा नागदा को पानी की समस्या से जूझता छोटा सा गांव बताए जाने पर स्थानीय स्तर पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। इस मामले में नागदा के ज्यूडिशयल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) न्यायालय में परिवाद दायर किया गया। न्यायालय ने परिवाद स्वीकार करते हुए प्रकरण को सीआईएस (Case Information System) में दर्ज करने और संबंधित थाने से प्रतिवेदन (रिपोर्ट) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, किसी भी सिविल या आपराधिक प्रकरण को अदालत में प्रस्तुत किए जाने पर उसे CIS में रजिस्टर किया जाता है। इसके बाद पिटीशन को कोर्ट द्वारा स्वीकार (एक्सेप्ट) किया हुआ माना जाता है। मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को निर्धारित की गई है। सोनी पिक्चर्स नेटवर्क के सीईओ भी पक्षकार स्थानीय निवासी एवं अधिवक्ता लक्ष्मण सुंदरा ने अमिताभ बच्चन के साथ-साथ सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया के सीईओ गौरव बैनर्जी के खिलाफ भी अपराध पंजीबद्ध करने की मांग को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया है। अब अगली सुनवाई के बाद न्यायालय आगे की कार्रवाई तय करेगा। शहर की छवि धूमिल करने का आरोप प्रकरण की पैरवी कर रहे अधिवक्ता राजेश मंडवारिया (आलोट) और दीपमाला अवाना (नागदा) का कहना है कि इतने बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम में नागदा शहर के बारे में भ्रामक जानकारी दी गई, जिससे शहर की छवि प्रभावित हुई है। अधिवक्ता जैना श्रीमाल के अनुसार, कार्यक्रम में नागदा को छोटा गांव और पानी संकटग्रस्त बताया गया, जबकि यह तथ्यात्मक रूप से गलत है। नागदा की पहचान और दावे परिवाद में उल्लेख किया गया है कि नागदा मालवा क्षेत्र का प्रमुख रेलवे जंक्शन है और इसकी आबादी डेढ़ लाख से अधिक बताई गई है। यह एक विकसित औद्योगिक नगर के रूप में पहचाना जाता है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तीन बार नागदा को जिला बनाने की घोषणा कर चुके हैं।

West Bengal Voter List Controversy; BJP TMC Mamata Banerjee

West Bengal Voter List Controversy; BJP TMC Mamata Banerjee

Hindi News National West Bengal Voter List Controversy; BJP TMC Mamata Banerjee | Election 2026 कोलकाता17 घंटे पहले कॉपी लिंक 2021 में पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 166 पर जीत का अंतर 25 हजार से कम था। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दो-तीन माह ही बचे हैं। यहां अभी भाषण और रैलियों का शोर नहीं है। लेकिन, सियासत भरपूर गर्म है। कोलकाता के न्यू मार्केट से चांदनी चौक, न्यू टाउन से जेसप बिल्डिंग और मुर्शिदाबाद के बेलडांगा से बर्द्धमान तक करीब 600 किमी के सफर में साफ हो गया कि अभी वोटर लिस्ट ही चुनावी रणभूमि बनी हुई है। कोलकाता के एक वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं कि ममता बनर्जी ने SIR की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट ले जाकर अपनी जुझारू छवि फिर हाईलाइट की है। टीएमसी उनके सुप्रीम कोर्ट के वीडियो वायरल कर रही है। जगह-जगह ममता की काले कोट में होर्डिंग लगे हैं। भाजपा SIR को घुसपैठियों के खिलाफ लड़ाई बता रही थी। पर, ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ यानी विसंगति के आधार पर जारी सवा करोड़ बंगाली लाइन में लग गए हैं। हर सीट पर औसतन 19 हजार से ज्यादा नाम हटे हैं। टीएमसी बोली- ‘भाजपा आयोग’ ने सवा करोड़ बंगालियों को लाइनों में खड़ा कर दिया टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष कहते हैं, भाजपा ने SIR से हमारी लड़ाई आसान कर दी। 15 साल की सत्ता की कुछ एंटी-इंकंबेंसी होगी, तो खत्म हो गई। एसआईआर भाजपा के लिए उल्टा तीर हो गया। वे फील्ड में नहीं जा पा रहे। ‘भाजपा आयोग’ ने सवा करोड़ बंगालियों को लाइनों में लगवा दिया। भाजपा का आरोप- ममता अपने ‘घोस्ट वोटर्स’ के नाम कटने से डर में हैं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष समिक भट्टाचार्य कहते हैं कि ममता ‘घोस्ट’ वोटर्स और घुसपैठियों के नाम कटने से डरी हैं। वह इनकी बदौलत जीतती थीं। मैं ऐसे लोगों को जानता हूं, जो कई साल पहले गुजर चुके, लेकिन उनके वोट पड़ते थे। सिर्फ वोटर लिस्ट की सफाई नहीं हो रही, यह ममता के विसर्जन का रास्ता बन रहा है। एनालिस्ट ने बताया नाम कटने से जीत-हार का गणित एक पार्टी के लिए काम कर रहे डेटा एनालिस्ट बताते हैं कि 2021 में पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 166 पर जीत का अंतर 25 हजार से कम था। इनमें टीएमसी 102 और भाजपा 64 सीट जीती थी। एसआईआर के तहत ड्राफ्ट सूची से प्रति सीट औसतन 19,795 नाम हटे हैं। जहां जीत का अंतर कम था, वहां मतदाता सूची में बदलाव का असर ज्यादा दिख सकता है। वे यह भी कहते हैं कि टीएमसी 68 सीटें 25,001 से 50,000 के अंतर से जीती थी, जबकि भाजपा को ऐसी 12 ही सीटें मिली थीं। 50 हजार से ज्यादा अंतर से टीएमसी 43 और भाजपा सिर्फ एक सीट जीती थी। यानी जहां मुकाबला करीबी था, वहां अंतिम सूची की बारीकी राजनीतिक रूप से ज्यादा मायने रखेगी। ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के तहत ज्यादातर नोटिस SIR के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 58 लाख 20 हजार 898 नाम हटे हैं। ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ तथा ‘अनमैप्ड’ श्रेणियों को मिलाकर करीब 1.26 करोड़ नोटिस जारी हुए हैं। निर्वाचन आयोग के दफ्तरों में दस्तावेज अपलोड करने और जांच की आपाधापी है। कोलकाता नॉर्थ के जिला निर्वाचन ऑफिस जेसप बिल्डिंग में 14 फरवरी को ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ की सुनवाई में मूल रूप से बिहार के रहने वाले एक बुजुर्ग पत्नी और बेटे के साथ आए। वे लंबे समय से कोलकाता में हैं, पहले वोट दे चुके हैं, लेकिन इस बार नोटिस मिला। कोलकाता की बबीता ने बताया कि वोटर लिस्ट में उनके पिता के नाम में ‘कुमार’ है, लेकिन 2002 की लिस्ट में ‘KR’ लिखा है। इसलिए मेरा नाम लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी में आ गया। एक अन्य महिला के पति का नाम ‘Ashok’ लिखा है लेकिन लिस्ट में नाम ‘Asoke’ है। इसलिए सुनवाई में आना पड़ा। देवी की स्पेलिंग ‘Devi’ या ‘Debi’ होना, गांगुली और गंगोपाध्याय, चटर्जी और चट्टोपाध्याय को लेकर बड़ी संख्या में नोटिस मिले हैं। वोटर लिस्ट से नाम हटने पर क्या करें? चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपना नाम जरूर जांच लें। मतदाता eci.gov.in पर जाकर अपना नाम और EPIC नंबर देखकर पुष्टि कर सकते हैं। अगर आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप फॉर्म-6 भरकर दोबारा अपना नाम जुड़वा सकते हैं। पूरी प्रक्रिया 6 आसान सवाल-जवाब में पढ़ें… सवालः फॉर्म-6 कहां से मिलेगा? जवाबः फॉर्म-6 आप अपने नजदीकी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से ले सकते हैं। यह चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन भी उपलब्ध है। इसके अलावा तहसील, SDM कार्यालय या इलेक्शन ऑफिस से भी फॉर्म-6 मिल जाता है। सवालः फॉर्म-6 कैसे भरें? जवाबः फॉर्म-6 भरते समय अपना पूरा नाम, सही पता, उम्र और मोबाइल नंबर ध्यान से लिखें। अगर पहले कहीं आपका नाम वोटर लिस्ट में था और उसकी जानकारी याद हो तो वह भी दर्ज करें। फॉर्म पूरा भरने के बाद अंत में अपना हस्ताक्षर करना न भूलें। सवालः कौन-से दस्तावेज लगेंगे? जवाबः फॉर्म के साथ पहचान के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट की कॉपी लगानी होगी। पते के प्रमाण के रूप में राशन कार्ड, बिजली का बिल या बैंक पासबुक की कॉपी दी जा सकती है। उम्र के प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट की कॉपी लगानी होगी। सवालः फॉर्म जमा कहां करें? जवाबः फॉर्म आप अपने इलाके के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को दे सकते हैं। चाहें तो इसे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी इलेक्शन ऑफिस में जाकर भी फॉर्म जमा किया जा सकता है। सवालः जांच और सुनवाई कैसे होगी? जवाबः फॉर्म जमा होने के बाद बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) आपके बताए पते पर आकर जांच करेगा। अगर किसी जानकारी को लेकर जरूरत पड़ी, तो आपको सुनवाई के लिए बुलाया जा सकता है। सवालः नाम कब तक जुड़ेगा? जवाबः जांच पूरी होने के बाद अगर सब जानकारी सही पाई जाती है, तो आपका नाम अंतिम वोटर लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा। ……………………………….. SIR से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में SIR से 97 लाख वोटर के नाम कटे: गुजरात में 73 लाख नाम हटाए; राजस्थान-बंगाल में 1 करोड़ से ज्यादा नाम कट चुके चुनाव आयोग ने शुक्रवार