चिन्मय सुथार की नजरें IPL पर:मुंबई लीग में ऑरेंज कैप जीती थी; बीमारी की वजह से 11 महीने मैदान से दूर रहे थे

मराठा रॉयल्स के स्टार बल्लेबाज और पिछले साल मुंबई क्रिकेट लीग में ऑरेंज कैप अपने नाम करने वाले चिन्मय सुथार ने आगामी सीजन को लेकर अपनी रणनीतियों का खुलासा किया है। सुथार ने कहा कि इस साल मुंबई क्रिकेट लीग में वह अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर IPL फ्रेंचाइजी टीमों को प्रभावित करने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने अपने शुरुआती दिनों, करियर के उतार-चढ़ाव और अपनी सफलता में पिता के योगदान को लेकर खुलकर बात की। 5 साल की उम्र से बल्ला थामने वाले चिन्मय ने बताया कि वे खुद को मुख्य रूप से एक प्योर बल्लेबाज मानते हैं, जो जरूरत पड़ने पर स्पिन गेंदबाजी भी कर सकता है। पिता राजेश ने सचिन तेंदुलकर के साथ की थी ओपनिंग, वहीं से मिली प्रेरणा चिन्मय सुधार ने अपने पारिवारिक बैकग्राउंड और क्रिकेट की तरफ झुकाव को लेकर बताया कि उनके घर में हमेशा से ही खेल का माहौल रहा है। उनके पिता राजेश खुद एक बेहतरीन क्रिकेटर रह चुके हैं और उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के साथ ओपनिंग भी की थी। अपने पिता के प्रभाव पर बात करते हुए चिन्मय ने कहा, “मैं बचपन से ही अपने पापा को क्रिकेट खेलते हुए देखता आया हूं। उन्हें देखकर मुझे हमेशा लगता था कि मुझे भी क्रिकेट खेलना चाहिए। इसी तरह क्रिकेट के लिए मेरा प्यार डेवलप हुआ। जब पापा मैदान पर खेलते थे, तो मुझे बहुत अच्छा लगता था और देखने में बहुत मजा आता था। मेरी इसी दिलचस्पी को देखकर उन्होंने मेरा क्रिकेट करियर स्टार्ट करवाया। 5 साल की उम्र में शुरू किया खेल, अंडर-14 के दिनों में समझा प्रोफेशनल क्रिकेट जब चिन्मय से पूछा गया कि क्या उन्होंने बचपन में ही तय कर लिया था कि आगे चलकर प्रोफेशनल क्रिकेटर बनना है, तो उन्होंने कहा, ‘नहीं, बिल्कुल नहीं। शुरुआत में ऐसा कुछ भी तय नहीं किया था। मुझे बस खेलने में मजा आता था और मैं गेम को पूरी तरह एंजॉय करता था। लेकिन जब मैंने पापा को खेलते देखा और आगे जाकर खुद एज ग्रुप के मैच खेलने लगा, तब समझ आया कि प्रोफेशनल क्रिकेट क्या होता है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘स्कूल गेम्स खेलने के बाद जब मैंने अंडर-14 जैसे एज़ ग्रुप और फिर ए-डिवीजन क्लब क्रिकेट खेलना शुरू किया, तब मुझे असल मायने में इस बात का आईडिया आया कि प्रोफेशनल क्रिकेट की राह कैसी होती है और कौन से मैच खेलकर हम जिंदगी में आगे बढ़ सकते हैं। 15 साल की उम्र में बीमारी का सामना, 11 महीने तक मैदान से रहे दूर करियर के शुरुआती दिनों में ही इस युवा खिलाड़ी को एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। 15 साल की उम्र में वे गंभीर रूप से बीमार हो गए, जिससे उनके खेल पर ब्रेक लग गया। उस मुश्किल दौर को याद करते हुए चिन्मय ने कहा, ‘वह समय मेरे लिए मानसिक रूप से बहुत सेंसिटिव (भावुक) था। उस बीमारी के दौरान मैं लगभग 10 से 11 महीने तक क्रिकेट नहीं खेल पाया था। एक खिलाड़ी के लिए इतने लंबे समय तक मैदान से दूर रहना बेहद कठिन होता है, लेकिन मैंने हार नहीं मानी और खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखा।’ ‘पापा ही मेरे कोच और लाइफ के सबसे बड़े सपोर्ट सिस्टम’ मुश्किल दौर से उबरने और हर परिस्थिति में साथ देने के लिए चिन्मय ने अपने पिता को अपना सबसे बड़ा मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा, “बिल्कुल, मेरे पापा ही मेरे कोच हैं और मैं बचपन से उन्हें फॉलो करते आया हूं। जब भी मैं क्रिकेट या लाइफ में डाउन फील करता था, तो वो हमेशा मेरी मदद करते थे और आज भी करते हैं। वो मेरी लाइफ के सबसे बड़े पार्ट हैं। जब मेरा समय अच्छा नहीं होता है, तो वो मुझे संभालते हैं। मैं बहुत लकी हूं कि मेरे पास ऐसे पापा हैं जो मुझे क्रिकेट की हर बारीकी समझाते हैं।” खुद को मानते हैं टॉप ऑर्डर बैटर, स्पिन बॉलिंग भी कर लेते हैं अपनी खेल शैली और टीम में अपनी भूमिका पर बात करते हुए मराठा रॉयल्स के इस खिलाड़ी ने साफ किया कि वे ऑलराउंडर से ज्यादा अपनी बल्लेबाजी पर भरोसा करते हैं। मुंबई क्रिकेट लीग में शानदार प्रदर्शन कर ऑरेंज कैप जीतने वाले चिन्मय ने अपनी पोजीशन को लेकर कहा,’मैं पूरी तरह से एक बैटर हूं और टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करना पसंद करता हूं। हां, मैं टीम के लिए स्पिन गेंदबाजी भी डाल लेता हूं, लेकिन मेरी मुख्य पहचान बल्लेबाजी ही है। खुद को मानते हैं टॉप ऑर्डर बैटर, स्पिन बॉलिंग भी कर लेते हैं अपनी खेल शैली और टीम में अपनी भूमिका पर बात करते हुए मराठा रॉयल्स के इस खिलाड़ी ने साफ किया कि वे ऑलराउंडर से ज्यादा अपनी बल्लेबाजी पर भरोसा करते हैं। मुंबई क्रिकेट लीग में शानदार प्रदर्शन कर ऑरेंज कैप जीतने वाले चिन्मय ने अपनी पोजीशन को लेकर कहा, “मैं पूरी तरह से एक बैटर हूं और टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करना पसंद करता हूं। हां, मैं टीम के लिए स्पिन गेंदबाजी भी डाल लेता हूं, लेकिन मेरी मुख्य पहचान बल्लेबाजी ही है। ——————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… विमेंस टी-20 वर्ल्डकप प्रैक्टिस मैच में भारतीय जीती:वेस्टइंडीज को 26 रन से हराया; भारती की नाबाद फिफ्टी, श्रेयांका को 4 विकेट भारतीय विमेंस टीम ने बल्लेबाजों और स्पिनरों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत पहले वार्म-अप मैच में वेस्टइंडीज को 26 रन से हरा दिया। सोमवार को कार्डिफ में खेले गए मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 179 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज की 8 विकेट खोकर 153 रन ही बना सकी। पूरी खबर
चिन्मय सुतार की नजरें IPL पर:मुंबई लीग में ऑरेंज कैप जीती थी; बीमारी की वजह से 11 महीने मैदान से दूर रहे थे

मराठा रॉयल्स के स्टार बल्लेबाज और पिछले साल मुंबई क्रिकेट लीग में ऑरेंज कैप अपने नाम करने वाले चिन्मय सुतार ने आगामी सीजन को लेकर अपनी रणनीतियों का खुलासा किया है। सुथार ने कहा कि इस साल मुंबई क्रिकेट लीग में वह अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर IPL फ्रेंचाइजी टीमों को प्रभावित करने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने अपने शुरुआती दिनों, करियर के उतार-चढ़ाव और अपनी सफलता में पिता के योगदान को लेकर खुलकर बात की। 5 साल की उम्र से बल्ला थामने वाले चिन्मय ने बताया कि वे खुद को मुख्य रूप से एक प्योर बल्लेबाज मानते हैं, जो जरूरत पड़ने पर स्पिन गेंदबाजी भी कर सकता है। पिता राजेश ने सचिन तेंदुलकर के साथ की थी ओपनिंग, वहीं से मिली प्रेरणा चिन्मय सुतार ने अपने पारिवारिक बैकग्राउंड और क्रिकेट की तरफ झुकाव को लेकर बताया कि उनके घर में हमेशा से ही खेल का माहौल रहा है। उनके पिता राजेश खुद एक बेहतरीन क्रिकेटर रह चुके हैं और उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के साथ ओपनिंग भी की थी। अपने पिता के प्रभाव पर बात करते हुए चिन्मय ने कहा, “मैं बचपन से ही अपने पापा को क्रिकेट खेलते हुए देखता आया हूं। उन्हें देखकर मुझे हमेशा लगता था कि मुझे भी क्रिकेट खेलना चाहिए। इसी तरह क्रिकेट के लिए मेरा प्यार डेवलप हुआ। जब पापा मैदान पर खेलते थे, तो मुझे बहुत अच्छा लगता था और देखने में बहुत मजा आता था। मेरी इसी दिलचस्पी को देखकर उन्होंने मेरा क्रिकेट करियर स्टार्ट करवाया। 5 साल की उम्र में शुरू किया खेल, अंडर-14 के दिनों में समझा प्रोफेशनल क्रिकेट जब चिन्मय से पूछा गया कि क्या उन्होंने बचपन में ही तय कर लिया था कि आगे चलकर प्रोफेशनल क्रिकेटर बनना है, तो उन्होंने कहा, ‘नहीं, बिल्कुल नहीं। शुरुआत में ऐसा कुछ भी तय नहीं किया था। मुझे बस खेलने में मजा आता था और मैं गेम को पूरी तरह एंजॉय करता था। लेकिन जब मैंने पापा को खेलते देखा और आगे जाकर खुद एज ग्रुप के मैच खेलने लगा, तब समझ आया कि प्रोफेशनल क्रिकेट क्या होता है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘स्कूल गेम्स खेलने के बाद जब मैंने अंडर-14 जैसे एज़ ग्रुप और फिर ए-डिवीजन क्लब क्रिकेट खेलना शुरू किया, तब मुझे असल मायने में इस बात का आईडिया आया कि प्रोफेशनल क्रिकेट की राह कैसी होती है और कौन से मैच खेलकर हम जिंदगी में आगे बढ़ सकते हैं। 15 साल की उम्र में बीमारी का सामना, 11 महीने तक मैदान से रहे दूर करियर के शुरुआती दिनों में ही इस युवा खिलाड़ी को एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। 15 साल की उम्र में वे गंभीर रूप से बीमार हो गए, जिससे उनके खेल पर ब्रेक लग गया। उस मुश्किल दौर को याद करते हुए चिन्मय ने कहा, ‘वह समय मेरे लिए मानसिक रूप से बहुत सेंसिटिव (भावुक) था। उस बीमारी के दौरान मैं लगभग 10 से 11 महीने तक क्रिकेट नहीं खेल पाया था। एक खिलाड़ी के लिए इतने लंबे समय तक मैदान से दूर रहना बेहद कठिन होता है, लेकिन मैंने हार नहीं मानी और खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखा।’ ‘पापा ही मेरे कोच और लाइफ के सबसे बड़े सपोर्ट सिस्टम’ मुश्किल दौर से उबरने और हर परिस्थिति में साथ देने के लिए चिन्मय ने अपने पिता को अपना सबसे बड़ा मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा, “बिल्कुल, मेरे पापा ही मेरे कोच हैं और मैं बचपन से उन्हें फॉलो करते आया हूं। जब भी मैं क्रिकेट या लाइफ में डाउन फील करता था, तो वो हमेशा मेरी मदद करते थे और आज भी करते हैं। वो मेरी लाइफ के सबसे बड़े पार्ट हैं। जब मेरा समय अच्छा नहीं होता है, तो वो मुझे संभालते हैं। मैं बहुत लकी हूं कि मेरे पास ऐसे पापा हैं जो मुझे क्रिकेट की हर बारीकी समझाते हैं।” खुद को मानते हैं टॉप ऑर्डर बैटर, स्पिन बॉलिंग भी कर लेते हैं अपनी खेल शैली और टीम में अपनी भूमिका पर बात करते हुए मराठा रॉयल्स के इस खिलाड़ी ने साफ किया कि वे ऑलराउंडर से ज्यादा अपनी बल्लेबाजी पर भरोसा करते हैं। मुंबई क्रिकेट लीग में शानदार प्रदर्शन कर ऑरेंज कैप जीतने वाले चिन्मय ने अपनी पोजीशन को लेकर कहा,’मैं पूरी तरह से एक बैटर हूं और टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करना पसंद करता हूं। हां, मैं टीम के लिए स्पिन गेंदबाजी भी डाल लेता हूं, लेकिन मेरी मुख्य पहचान बल्लेबाजी ही है। खुद को मानते हैं टॉप ऑर्डर बैटर, स्पिन बॉलिंग भी कर लेते हैं अपनी खेल शैली और टीम में अपनी भूमिका पर बात करते हुए मराठा रॉयल्स के इस खिलाड़ी ने साफ किया कि वे ऑलराउंडर से ज्यादा अपनी बल्लेबाजी पर भरोसा करते हैं। मुंबई क्रिकेट लीग में शानदार प्रदर्शन कर ऑरेंज कैप जीतने वाले चिन्मय ने अपनी पोजीशन को लेकर कहा, “मैं पूरी तरह से एक बैटर हूं और टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करना पसंद करता हूं। हां, मैं टीम के लिए स्पिन गेंदबाजी भी डाल लेता हूं, लेकिन मेरी मुख्य पहचान बल्लेबाजी ही है। ——————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… विमेंस टी-20 वर्ल्डकप प्रैक्टिस मैच में भारतीय जीती:वेस्टइंडीज को 26 रन से हराया; भारती की नाबाद फिफ्टी, श्रेयांका को 4 विकेट भारतीय विमेंस टीम ने बल्लेबाजों और स्पिनरों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत पहले वार्म-अप मैच में वेस्टइंडीज को 26 रन से हरा दिया। सोमवार को कार्डिफ में खेले गए मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 179 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज की 8 विकेट खोकर 153 रन ही बना सकी। पूरी खबर
Stokes-Atkinson Nightclub Controversy | ECB Probe; England Cricket

15 मिनट पहले कॉपी लिंक नाइटक्लब में हुई एक घटना के बाद बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन क्रिकेट रेगुलेटर की जांच के दायरे में आ गए हैं। इंग्लैंड टेस्ट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन नए विवाद में फंस गए हैं। दोनों खिलाड़ियों का रविवार रात एक नाइटक्लब में सरेसेंस रग्बी क्लब के खिलाड़ियों के साथ विवाद हो गया। इस घटना में किसी खिलाड़ी के घायल होने की खबर नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार, लॉर्ड्स टेस्ट में न्यूजीलैंड पर 115 रन की जीत के बाद स्टोक्स और एटकिंसन सोमवार तड़के एक नाइटक्लब पहुंचे थे। उसी दौरान सरेसेंस रग्बी क्लब के खिलाड़ी भी सीजन समाप्ति का जश्न मनाने वहां मौजूद थे। बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत गस एटकिंसन और सरेसेंस रग्बी क्लब के एक एकेडमी खिलाड़ी के बीच हुई बहस से हुई थी, जो बाद में बढ़ गई। सरेसेंस रग्बी क्लब ने पुष्टि की है कि उनका एक एकेडमी खिलाड़ी रविवार रात हुई इस घटना में शामिल था। लॉर्ड्स टेस्ट के चौथे और अंतिम दिन गस एटकिंसन और बेन स्टोक्स जीत का जश्न मनाते हुए। ECB ने जांच शुरू की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने टीम प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोप में स्टोक्स और एटकिंसन के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता के बीच खबरें हैं कि स्टोक्स कप्तानी छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। 17 जून से द ओवल में होने वाले दूसरे टेस्ट के दौरान भी जांच जारी रहने की संभावना है। ऐसे में स्टोक्स और एटकिंसन का उस मुकाबले में खेलना मुश्किल माना जा रहा है। ECB ने सोमवार शाम जारी बयान में कहा कि मामले को आगे की जांच के लिए क्रिकेट रेगुलेटर के पास भेज दिया गया है। बोर्ड के मुताबिक, बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन सोमवार तड़के एक नाइटक्लब में मौजूद थे, जहां घटना हुई। ECB ने कहा कि मामले से जुड़ी और जानकारी जुटाई जा रही है और दूसरे टेस्ट के लिए टीम की घोषणा जल्द की जाएगी। हैरी ब्रूक दूसरे टेस्ट में टीम की कप्तानी संभाल सकते हैं बेन स्टोक्स की गैरमौजूदगी में टेस्ट टीम के उप-कप्तान हैरी ब्रूक दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड की कप्तानी संभाल सकते हैं। ब्रूक खुद भी इस साल विवादों में रह चुके हैं। इस विंटर ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रात में हुए एक बाउंसर्स विवाद के चलते ECB ने ब्रूक पर जुर्माना लगाया था और फटकार लगाई थी। खिलाड़ियों के खराब व्यवहार के बाद ECB को टीम के लिए ‘मिडनाइट कर्फ्यू’ (आधी रात के बाद बाहर न जाने का नियम) लागू करना पड़ा था। द ओवल टेस्ट में हैरी ब्रूक इंग्लैंड की कप्तानी संभाल सकते हैं। ‘शराब छोड़ चुका हूं’ कहने वाले स्टोक्स ने मांगी थी बीयर बेन स्टोक्स ने पिछले साल दावा किया था कि उन्होंने शराब पीना छोड़ दिया है। लेकिन रविवार दोपहर मैच जीतने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा था, ‘मैं ड्रेसिंग रूम में लड़कों के साथ एक अच्छी बीयर पीने का इंतजार कर रहा हूं। जब तक मैं वहां जाकर टीम के साथ बीयर शेयर नहीं कर लेता, तब तक मुझे असली खुशी नहीं मिलेगी।’ स्टोक्स का पुराना रिकॉर्ड भी विवादों से भरा रहा है। 2017 में ब्रिस्टल में एक वनडे मैच के बाद वे सड़क पर मारपीट (स्ट्रीट-फाइट) में शामिल थे, जिसके बाद उन पर जुर्माना और बैन लगा था। कोच ब्रेंडन मैकुलम ने दी थी चेतावनी फरवरी में हुए विवादों के बाद इंग्लैंड के कोच ब्रेंडन मैकुलम ने कहा था कि वे टीम को ढील नहीं देते हैं। खिलाड़ियों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा था, “मैंने लड़कों से पहली बात यही कही थी कि ऐसा कुछ मत करना जिससे आप अखबार के फ्रंट पेज पर आ जाएं। आधी रात के बाद कुछ भी अच्छा नहीं होता है।” इंग्लैंड क्रिकेट के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने भी माना था कि टीम में दो या तीन खिलाड़ी ऐसे हैं जो शराब मिलने पर गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार करते हैं। ———————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… विमेंस टी-20 वर्ल्डकप प्रैक्टिस मैच में भारतीय जीती:वेस्टइंडीज को 26 रन से हराया; भारती की नाबाद फिफ्टी, श्रेयांका को 4 विकेट भारतीय विमेंस टीम ने बल्लेबाजों और स्पिनरों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत पहले वार्म-अप मैच में वेस्टइंडीज को 26 रन से हरा दिया। सोमवार को कार्डिफ में खेले गए मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 179 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज की 8 विकेट खोकर 153 रन ही बना सकी। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
भारतीय दर्शकों के लिए इंग्लैंड क्रिकेट ने बदला समय:3 टी-20 मैच एक घंटा पहले शुरू होंगे, एक जुलाई से 5 मैचों की सीरीज

भारतीय दर्शकों के लिए इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने 3 टी-20 मैचों के लिए समय बदल दिया है। पहले रात 11 बजे शुरू होने वाले मैच अब एक घंटा पहले 10 बजे शुरू होंगे। भारत जुलाई में इंग्लैंड दौरे पर 3 वनडे और 5 टी-20 मैच खेलेगा। टी-20 सीरीज 1 जुलाई से 11 जुलाई तक होगी। वहीं वनडे सीरीज 14 जुलाई से 19 जुलाई के बीच खेली जाएगी। इससे पहले भारतीय टीम 26 और 28 जून को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी-20 सीरीज भी खेलेगी। ECB ने दर्शकों को ध्यान में रखकर फैसला लिया मैचों के समय में बदलाव का फैसला भारत में टीवी दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए लिया गया है। इस बारे में ECB ने ब्रॉडकास्टर्स स्काई स्पोर्ट्स (UK) और सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क (भारत) से चर्चा की। भारत दौरे से ECB को मुनाफे की उम्मीद भारत की व्हाइट-बॉल सीरीज से ECB को इस साल अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद है। मैच डे कमाई और ब्रॉडकास्टिंग राइट्स दोनों से बोर्ड को फायदा मिलने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2027 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज की मेजबानी के बावजूद ECB को नुकसान हुआ है। इससे भारत सीरीज की अहमियत और बढ़ गई है। वनडे के सभी टिकट बिके, टी-20 के अब भी बाकी भारत और इंग्लैंड के बीच टी-20 सीरीज की शुरुआत पहले होगी। लेकिन अभी उसके पूरे टिकट बिकने बाकी हैं। वहीं तीनों वनडे मैचों के टिकट पूरी तरह बिक चुके हैं। इसके सबसे बड़ी वजह विराट कोहली और रोहित शर्मा के फैंस हैं। हालांकि वनडे मैचों के टिकट की घोषणा से पहले ही की गई थी। कोहली और रोहित पहले ही टी-20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। वैभव सूर्यवंशी और विराट कोहली पर रहेगी नजर इंग्लैंड दौरे के लिए टी-20 टीम में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को शामिल किया गया है। वहीं वनडे में विराट कोहली भी फोकस में रहेंगे। हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वह अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज नहीं खेलेंगे। ऐसे में जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उनकी वापसी पर नजर रहेगी। कोहली ने जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद भारत के लिए कोई मैच नहीं खेला है। सूर्यवंशी ने इस IPL सीजन में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए थे। पिछले साल 2-2 से सीरीज बराबर की थी भारत ने 2025 में इंग्लैंड का दौरा कर पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेली थी। वह सीरीज 2-2 से बराबरी पर खत्म हुई थी। आखिरी टेस्ट में द ओवल में मिली भारत की जीत ने सीरीज को बराबरी पर समाप्त कराया था।
भारतीय दर्शकों के लिए इंग्लैंड क्रिकेट ने बदला समय:3 टी-20 मैच एक घंटा पहले शुरू होंगे, एक जुलाई से 5 मैचों की सीरीज

भारतीय दर्शकों के लिए इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने 3 टी-20 मैचों के लिए समय बदल दिया है। पहले रात 11 बजे शुरू होने वाले मैच अब एक घंटा पहले 10 बजे शुरू होंगे। भारत जुलाई में इंग्लैंड दौरे पर 3 वनडे और 5 टी-20 मैच खेलेगा। टी-20 सीरीज 1 जुलाई से 11 जुलाई तक होगी। वहीं वनडे सीरीज 14 जुलाई से 19 जुलाई के बीच खेली जाएगी। इससे पहले भारतीय टीम 26 और 28 जून को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी-20 सीरीज भी खेलेगी। ECB ने दर्शकों को ध्यान में रखकर फैसला लिया मैचों के समय में बदलाव का फैसला भारत में टीवी दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए लिया गया है। इस बारे में ECB ने ब्रॉडकास्टर्स स्काई स्पोर्ट्स (UK) और सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क (भारत) से चर्चा की। भारत दौरे से ECB को मुनाफे की उम्मीद भारत की व्हाइट-बॉल सीरीज से ECB को इस साल अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद है। मैच डे कमाई और ब्रॉडकास्टिंग राइट्स दोनों से बोर्ड को फायदा मिलने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2027 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज की मेजबानी के बावजूद ECB को नुकसान हुआ है। इससे भारत सीरीज की अहमियत और बढ़ गई है। वनडे के सभी टिकट बिके, टी-20 के अब भी बाकी भारत और इंग्लैंड के बीच टी-20 सीरीज की शुरुआत पहले होगी। लेकिन अभी उसके पूरे टिकट बिकने बाकी हैं। वहीं तीनों वनडे मैचों के टिकट पूरी तरह बिक चुके हैं। इसके सबसे बड़ी वजह विराट कोहली और रोहित शर्मा के फैंस हैं। हालांकि वनडे मैचों के टिकट की घोषणा से पहले ही की गई थी। कोहली और रोहित पहले ही टी-20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। वैभव सूर्यवंशी और विराट कोहली पर रहेगी नजर इंग्लैंड दौरे के लिए टी-20 टीम में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को शामिल किया गया है। वहीं वनडे में विराट कोहली भी फोकस में रहेंगे। हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वह अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज नहीं खेलेंगे। ऐसे में जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उनकी वापसी पर नजर रहेगी। कोहली ने जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद भारत के लिए कोई मैच नहीं खेला है। सूर्यवंशी ने इस IPL सीजन में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए थे। पिछले साल 2-2 से सीरीज बराबर की थी भारत ने 2025 में इंग्लैंड का दौरा कर पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेली थी। वह सीरीज 2-2 से बराबरी पर खत्म हुई थी। आखिरी टेस्ट में द ओवल में मिली भारत की जीत ने सीरीज को बराबरी पर समाप्त कराया था।
वैभव सूर्यवंशी पर फिदा कंगना रनौत, बोलीं-'वर्ल्ड कप लेकर आओ’:सौरव गांगुली ने कहा- वैभव को संभलकर खेलना होगा, ब्रिटेन की परिस्थितियां बहुत अलग होंगी

भारतीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट टीम में चयन के बाद दुनिया भर से तारीफ मिल रही है। अब बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी वैभव की जमकर तारीफ की। उन्होंने वैभव से वर्ल्ड कप की डिमांड कर दी है। कंगना ने कहा कि, ‘हमारे पास क्रिकेट देखने का टाइम नहीं होता है, लेकिन मैं क्रिकेट में इस यंग मैन को बेस्ट विशेज देती हूं। वह भी सचिन और विराट की तरह अच्छा करें। उस पर प्रेशर नहीं है, मगर वर्ल्ड कप लेकर आओ यार।’ वैभव सूर्यवंशी को उसके हाल पर छोड़ देना चाहिए दूसरी ओर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भारत के लिए डेब्यू की दहलीज पर खड़े स्टार युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर कहा कि, ‘मेरा मानना है कि हमें उसे उसके हाल पर छोड़ देना चाहिए। वह अभी महज 15 साल का है और मुझे नहीं लगता कि वह दबाव की ज्यादा परवाह करेगा। आईपीएल में भी हमने यही देखा है।’ वैभव को संभलकर खेलना होगा गांगुली आगे कहा कि, ‘निश्चित रूप से भारत के लिए खेलना अलग बात है। वह ऐसे दौरे पर जाएगा, जहां विकेट थोड़े अलग होंगे। वहां गेंद अधिक सीम करेगी, उछाल ज्यादा होगा और नई गेंद से अधिक मूवमेंट मिलेगा। इसलिए खेल थोड़ा अलग होगा, लेकिन मुझे लगता है कि उसमें अपार प्रतिभा है। इसलिए उसे समय दीजिए। वैभव सूर्यवंशी का सिलेक्शन इंडियन टीम में हुआ बिहार के वैभव सूर्यवंशी का सिलेक्शन इंडियन टीम में हो गया है। वह इंडियन क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वैभव ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पुरुष क्रिकेटर्स में सचिन तेंदुलकर 16 साल, 194 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुने गए थे। वहीं, वैभव 15 साल 71 दिन में चुने गए हैं। वैभव को जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के साथ-साथ सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए चुना गया है। IPL में उनके बेहतर प्रदर्शन के बाद यह फैसला लिया गया है। IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने जीते थे 5 अवार्ड IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने 5 अवार्ड अपने नाम किए हैं। वैभव को सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप के साथ इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, मोस्ट वैलुएबल प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और मोस्ट सिक्सेज का भी खिताब मिला है। इन पुरस्कारों के जरिए उन्होंने कुल 45 लाख रुपये की इनामी राशि हासिल की, जबकि सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन बनने पर उन्हें टाटा सियेरा कार भी पुरस्कार में मिली। ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव वैभव को ऑरेंज कैप मिला है। वह ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महज 15 साल और 65 दिन की उम्र में यह उपलब्धि अपने नाम की है। 16 मैचों में उन्होंने 776 रन बनाए हैं, जो इस सीजन किसी भी बल्लेबाज के सबसे ज्यादा रन हैं। इस बीच उन्होंने एक शतक और 5 अर्धशतक भी अपने नाम किए हैं। वैभव ने साई सुदर्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साई सुदर्शन आईपीएल 2025 में ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। उन्होंने ये उपलब्धि 23 साल 237 दिन की उम्र में हासिल की थी। एक सीजन में 72 छक्कों का रिकॉर्ड वैभव ने सीजन में सबसे ज्यादा 237.30 के स्ट्राइक रेट से भी रन बनाए और ‘सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन’ का अवार्ड अपने नाम किया। आईपीएल के इतिहास में इतने स्ट्राइक रेट से किसी भी खिलाड़ी ने 700 या उससे ज्यादा रन नहीं बनाए। वहीं, सूर्यवंशी ने इस सीजन में रिकॉर्ड 72 छक्के लगाए। वह एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बने। इससे पहले ये रिकार्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 59 छक्के लगाए थे। इस सीजन में जोरदार प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी को ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन’ भी चुना गया है। एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होेंने साई सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। IPL में सबसे ज्यादा बार 90s में आउट होने की बराबरी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन
वैभव सूर्यवंशी पर फिदा कंगना, बोलीं-'वर्ल्ड कप लेकर आओ यार’:सौरव गांगुली ने कहा- वैभव को संभलकर खेलना होगा, ब्रिटेन की परिस्थितियां बहुत अलग होगी

भारतीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट टीम में चयन के बाद दुनिया भर से तारीफ मिल रही है। अब बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी वैभव की जमकर तारीफ की। उन्होंने वैभव से वर्ल्ड कप की डिमांड कर दी है। कंगना ने कहा कि, ‘हमारे पास क्रिकेट देखने का टाइम नहीं होता है, लेकिन मैं क्रिकेट में इस यंग मैन को बेस्ट विशेज देती हूं। वह भी सचिन और विराट की तरह अच्छा करें। उस पर प्रेशर नहीं है, मगर वर्ल्ड कप लेकर आओ यार।’ वैभव सूर्यवंशी को उसके हाल पर छोड़ देना चाहिए दूसरी ओर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भारत के लिए डेब्यू की दहलीज पर खड़े स्टार युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर कहा कि, ‘मेरा मानना है कि हमें उसे उसके हाल पर छोड़ देना चाहिए। वह अभी महज 15 साल का है और मुझे नहीं लगता कि वह दबाव की ज्यादा परवाह करेगा। आईपीएल में भी हमने यही देखा है।’ वैभव को संभलकर खेलना होगा गांगुली आगे कहा कि, ‘निश्चित रूप से भारत के लिए खेलना अलग बात है। वह ऐसे दौरे पर जाएगा, जहां विकेट थोड़े अलग होंगे। वहां गेंद अधिक सीम करेगी, उछाल ज्यादा होगा और नई गेंद से अधिक मूवमेंट मिलेगा। इसलिए खेल थोड़ा अलग होगा, लेकिन मुझे लगता है कि उसमें अपार प्रतिभा है। इसलिए उसे समय दीजिए। वैभव सूर्यवंशी का सिलेक्शन इंडियन टीम में हुआ बिहार के वैभव सूर्यवंशी का सिलेक्शन इंडियन टीम में हो गया है। वह इंडियन क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वैभव ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पुरुष क्रिकेटर्स में सचिन तेंदुलकर 16 साल, 194 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुने गए थे। वहीं, वैभव 15 साल 71 दिन में चुने गए हैं। वैभव को जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के साथ-साथ सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए चुना गया है। IPL में उनके बेहतर प्रदर्शन के बाद यह फैसला लिया गया है। IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने जीते थे 5 अवार्ड IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने 5 अवार्ड अपने नाम किए हैं। वैभव को सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप के साथ इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, मोस्ट वैलुएबल प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और मोस्ट सिक्सेज का भी खिताब मिला है। इन पुरस्कारों के जरिए उन्होंने कुल 45 लाख रुपये की इनामी राशि हासिल की, जबकि सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन बनने पर उन्हें टाटा सियेरा कार भी पुरस्कार में मिली। ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव वैभव को ऑरेंज कैप मिला है। वह ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महज 15 साल और 65 दिन की उम्र में यह उपलब्धि अपने नाम की है। 16 मैचों में उन्होंने 776 रन बनाए हैं, जो इस सीजन किसी भी बल्लेबाज के सबसे ज्यादा रन हैं। इस बीच उन्होंने एक शतक और 5 अर्धशतक भी अपने नाम किए हैं। वैभव ने साई सुदर्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साई सुदर्शन आईपीएल 2025 में ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। उन्होंने ये उपलब्धि 23 साल 237 दिन की उम्र में हासिल की थी। एक सीजन में 72 छक्कों का रिकॉर्ड वैभव ने सीजन में सबसे ज्यादा 237.30 के स्ट्राइक रेट से भी रन बनाए और ‘सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन’ का अवार्ड अपने नाम किया। आईपीएल के इतिहास में इतने स्ट्राइक रेट से किसी भी खिलाड़ी ने 700 या उससे ज्यादा रन नहीं बनाए। वहीं, सूर्यवंशी ने इस सीजन में रिकॉर्ड 72 छक्के लगाए। वह एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बने। इससे पहले ये रिकार्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 59 छक्के लगाए थे। इस सीजन में जोरदार प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी को ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन’ भी चुना गया है। एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होेंने साई सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। IPL में सबसे ज्यादा बार 90s में आउट होने की बराबरी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन
ऑस्ट्रेलिया-बांग्लादेश सीरीज से ट्रैविस हेड और मिचेल मार्श बाहर:हेड छुट्टियों पर, मार्श को टखने की चोट; ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी इंग्लिस करेंगे

ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ वनडे और टी-20 सीरीज के लिए टीम की घोषणा कर दी है। स्टार ओपनर ट्रैविस हेड को IPL के लंबे सीजन के बाद पर्सनल लीव दी गई है, जबकि कप्तान मिचेल मार्श टखने की चोट के कारण वनडे सीरीज से बाहर रहेंगे। वह अभी तक पूरी तरह फिट नहीं हो पाए हैं, इसलिए वनडे मुकाबलों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। मार्श की अनुपस्थिति में जोश इंग्लिस टीम की कप्तानी संभालेंगे। वह इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में भी ऑस्ट्रेलियाई टीम का नेतृत्व कर चुके हैं। लेग स्पिनर तनवीर संघा हैमस्ट्रिंग चोट के कारण दौरे से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह ऑफ स्पिनर टॉड मर्फी को पहली बार ऑस्ट्रेलिया की लिमिटेड ओवर (वनडे) टीम में शामिल किया गया है। हेड के वर्कलोड मैनेजमेंट के लिए लिया गया फैसला क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सिलेक्टर्स ट्रैविस हेड के वर्कलोड को लेकर गंभीर हैं। हेड तीनों फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया के मुख्य ओपनर हैं और अगले 12 महीनों में टीम का शेड्यूल व्यस्त है। IPL 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए प्लेऑफ मैच खेलने के कारण वह पाकिस्तान दौरे का हिस्सा नहीं बन पाए थे। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सिलेक्टर्स ट्रैविस हेड के वर्कलोड को लेकर गंभीर हैं। हेड तीनों फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया के मुख्य ओपनर हैं और अगले 12 महीनों में टीम का शेड्यूल व्यस्त है। IPL 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए प्लेऑफ मैच खेलने के कारण वह पाकिस्तान दौरे का हिस्सा नहीं बन पाए थे। उन्हें पहले बांग्लादेश दौरे की वनडे और टी-20 दोनों टीमों में चुना गया था, लेकिन अब आराम दिया गया है। टी-20 टीम में उनके रिप्लेसमेंट का ऐलान अभी बाकी है। नेशनल सेलेक्टर टोनी डोडेमाइड ने कहा,’ट्रैविस को शुरुआत में दोनों सीरीज के लिए चुना गया था, लेकिन बाद में उन्हें पर्सनल लीव दे दी गई है। हम बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली आगामी टेस्ट सीरीज में उनकी वापसी की उम्मीद करते हैं।’ मिचेल मार्श टी-20 सीरीज से कर सकते हैं वापसी मिचेल मार्श को IPL के दौरान टखने में चोट लगी थी, जो पाकिस्तान सीरीज के दौरान फिर उभर आई थी। उम्मीद थी कि वह बांग्लादेश के खिलाफ सभी 6 मैचों (3 वनडे और 3 टी-20) में कप्तानी करेंगे, लेकिन वनडे सीरीज तक फिट नहीं हो सके। अब वह सीधे ढाका में टीम के साथ जुड़ेंगे और 17 जून से शुरू होने वाली टी-20 सीरीज की तैयारी करेंगे। अगर वह तब तक फिट नहीं हो पाते, तो जोश इंग्लिस कप्तानी करेंगे। नियमित वनडे कप्तान पैट कमिंस को पहले ही आराम दिया जा चुका है। ओली पीक और मैट शॉर्ट टीम में बरकरार पाकिस्तान के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने वाले युवा बल्लेबाज ओली पीक और मैट शॉर्ट को बांग्लादेश दौरे के लिए भी टीम में रखा गया है। पीक ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे में डेब्यू करने वाले सबसे युवा स्पेशलिस्ट बल्लेबाज बने थे। सेलेक्टर डोडेमाइड ने कहा,’मिशेल मार्श अभी पूरी फिटनेस हासिल कर रहे हैं। इस बीच टॉड मर्फी का वनडे टीम में स्वागत करते हुए हमें खुशी हो रही है। पाकिस्तान दौरे के बाद ओली पीक और मैट शॉर्ट को टीम के साथ बनाए रखना सही फैसला था।’ IPL प्लेऑफ से बाहर होने का गेंदबाजों को मिला फायदा तेज गेंदबाज जेवियर बार्टलेट और बेन ड्वारशुइस की वनडे टीम में वापसी हुई है। माना जा रहा था कि दोनों पंजाब किंग्स (PBKS) के साथ IPL प्लेऑफ में व्यस्त रहेंगे, लेकिन टीम अपने आखिरी 7 में से 6 मैच हारकर प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई। इससे दोनों गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया लौट आए और आराम के बाद बांग्लादेश में टीम से जुड़ेंगे। दोनों बिली स्टैनलेक और राइली मेरेडिथ की जगह लेंगे, हालांकि मेरेडिथ टी-20 टीम का हिस्सा होने के कारण दौरे पर बने रहेंगे।
ऑस्ट्रेलिया-बांग्लादेश सीरीज से ट्रैविस हेड और मिचेल मार्श बाहर:हेड छुट्टियों पर, मार्श को टखने की चोट; ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी इंग्लिस करेंगे

ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ वनडे और टी-20 सीरीज के लिए टीम की घोषणा कर दी है। स्टार ओपनर ट्रैविस हेड को IPL के लंबे सीजन के बाद पर्सनल लीव दी गई है, जबकि कप्तान मिचेल मार्श टखने की चोट के कारण वनडे सीरीज से बाहर रहेंगे। वह अभी तक पूरी तरह फिट नहीं हो पाए हैं, इसलिए वनडे मुकाबलों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। मार्श की अनुपस्थिति में जोश इंग्लिस टीम की कप्तानी संभालेंगे। वह इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में भी ऑस्ट्रेलियाई टीम का नेतृत्व कर चुके हैं। लेग स्पिनर तनवीर संघा हैमस्ट्रिंग चोट के कारण दौरे से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह ऑफ स्पिनर टॉड मर्फी को पहली बार ऑस्ट्रेलिया की लिमिटेड ओवर (वनडे) टीम में शामिल किया गया है। हेड के वर्कलोड मैनेजमेंट के लिए लिया गया फैसला क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सिलेक्टर्स ट्रैविस हेड के वर्कलोड को लेकर गंभीर हैं। हेड तीनों फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया के मुख्य ओपनर हैं और अगले 12 महीनों में टीम का शेड्यूल व्यस्त है। IPL 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए प्लेऑफ मैच खेलने के कारण वह पाकिस्तान दौरे का हिस्सा नहीं बन पाए थे। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सिलेक्टर्स ट्रैविस हेड के वर्कलोड को लेकर गंभीर हैं। हेड तीनों फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया के मुख्य ओपनर हैं और अगले 12 महीनों में टीम का शेड्यूल व्यस्त है। IPL 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए प्लेऑफ मैच खेलने के कारण वह पाकिस्तान दौरे का हिस्सा नहीं बन पाए थे। उन्हें पहले बांग्लादेश दौरे की वनडे और टी-20 दोनों टीमों में चुना गया था, लेकिन अब आराम दिया गया है। टी-20 टीम में उनके रिप्लेसमेंट का ऐलान अभी बाकी है। नेशनल सेलेक्टर टोनी डोडेमाइड ने कहा,’ट्रैविस को शुरुआत में दोनों सीरीज के लिए चुना गया था, लेकिन बाद में उन्हें पर्सनल लीव दे दी गई है। हम बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली आगामी टेस्ट सीरीज में उनकी वापसी की उम्मीद करते हैं।’ मिचेल मार्श टी-20 सीरीज से कर सकते हैं वापसी मिचेल मार्श को IPL के दौरान टखने में चोट लगी थी, जो पाकिस्तान सीरीज के दौरान फिर उभर आई थी। उम्मीद थी कि वह बांग्लादेश के खिलाफ सभी 6 मैचों (3 वनडे और 3 टी-20) में कप्तानी करेंगे, लेकिन वनडे सीरीज तक फिट नहीं हो सके। अब वह सीधे ढाका में टीम के साथ जुड़ेंगे और 17 जून से शुरू होने वाली टी-20 सीरीज की तैयारी करेंगे। अगर वह तब तक फिट नहीं हो पाते, तो जोश इंग्लिस कप्तानी करेंगे। नियमित वनडे कप्तान पैट कमिंस को पहले ही आराम दिया जा चुका है। ओली पीक और मैट शॉर्ट टीम में बरकरार पाकिस्तान के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने वाले युवा बल्लेबाज ओली पीक और मैट शॉर्ट को बांग्लादेश दौरे के लिए भी टीम में रखा गया है। पीक ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे में डेब्यू करने वाले सबसे युवा स्पेशलिस्ट बल्लेबाज बने थे। सेलेक्टर डोडेमाइड ने कहा,’मिशेल मार्श अभी पूरी फिटनेस हासिल कर रहे हैं। इस बीच टॉड मर्फी का वनडे टीम में स्वागत करते हुए हमें खुशी हो रही है। पाकिस्तान दौरे के बाद ओली पीक और मैट शॉर्ट को टीम के साथ बनाए रखना सही फैसला था।’ IPL प्लेऑफ से बाहर होने का गेंदबाजों को मिला फायदा तेज गेंदबाज जेवियर बार्टलेट और बेन ड्वारशुइस की वनडे टीम में वापसी हुई है। माना जा रहा था कि दोनों पंजाब किंग्स (PBKS) के साथ IPL प्लेऑफ में व्यस्त रहेंगे, लेकिन टीम अपने आखिरी 7 में से 6 मैच हारकर प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई। इससे दोनों गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया लौट आए और आराम के बाद बांग्लादेश में टीम से जुड़ेंगे। दोनों बिली स्टैनलेक और राइली मेरेडिथ की जगह लेंगे, हालांकि मेरेडिथ टी-20 टीम का हिस्सा होने के कारण दौरे पर बने रहेंगे।
न्यू चंडीगढ़ में टेस्ट मैच का आज तीसरा दिन:अफगानिस्तान को फॉलो-ऑन का खतरा; भारत ने 113 रन पर लिए 5 विकेट

मुल्लांपुर स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे टेस्ट मैच का आज तीसरा दिन है। भारत ने पहली पारी में 8 विकेट पर 564 रन बनाकर पारी घोषित की थी। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक अफगानिस्तान ने 5 विकेट खोकर 113 रन बनाए थे। ऐसे में आज भारत के पास उसे फॉलो-ऑन देने का अवसर है। भारतीय टीम अफगानिस्तान को जल्द आउट कर दूसरी पारी खेलने के लिए आमंत्रित कर सकती है। यह है फॉलो-ऑन का नियम टेस्ट क्रिकेट में फॉलो-ऑन का मतलब होता है कि यदि पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम दूसरी टीम पर कम से कम 200 रन की बढ़त हासिल कर लेती है, तो वह उसे तुरंत दूसरी पारी खेलने के लिए बुला सकती है। ऐसे में अफगानिस्तान की टीम को फॉलो-ऑन से बचने के लिए अभी भी 365 रन और बनाने होंगे, ताकि बढ़त 200 रन से कम रह सके। दूसरे दिन मैच में गिरे 10 विकेट दूसरे दिन का खेल काफी रोमांचक रहा। पूरे दिन में कुल 10 विकेट गिरे, जिनमें से पांच भारतीय टीम के और पांच अफगानिस्तान के विकेट थे। वहीं पहले दिन केवल तीन विकेट ही गिरे थे। भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ बनाया सर्वाधिक स्कोर दूसरे दिन के खेल में कई रिकॉर्ड भी बने। भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ किसी एक पारी में अपना सर्वाधिक स्कोर बनाया है। इससे पहले भारत ने 2018 में बेंगलुरु टेस्ट में 474 रन बनाए थे। क्रिकेट फैंस में मैच को लेकर उत्साह टेस्ट मैच होने के बावजूद दर्शकों में मुकाबले को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। मैदान के बाहर दर्शकों की लंबी कतारें नजर आ रही हैं। इनमें से ज्यादातर दर्शक लोकल बॉय शुभमन गिल को समर्थन देने पहुंच रहे हैं। वहीं मोहाली के इस स्टेडियम में पहला टेस्ट मैच होने के कारण भी क्रिकेट प्रेमियों में खास उत्साह बना हुआ है।







