Monday, 08 Jun 2026 | 09:32 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Kuldeep Yadavs Fiancee, Australia Educated, Not Seeking Limelight

Kuldeep Yadavs Fiancee, Australia Educated, Not Seeking Limelight

कुलदीप को बचपन से ही जानती थीं वंशिका। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव उर्फ ‘चाइनामैन’ 14 मार्च को मसूरी में वंशिका सिंह चड्ढा के साथ सात फेरे लेने वाले हैं। मसूरी के ऐतिहासिक ITC Savoy होटल में चल रहे तीन दिन के शादी समारोहों की शुरुआत 12 मार्च को मेहंदी की रस्म के साथ हो . इन शादी समारोहों के बीच जिस नाम को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है- वंशिका सिंह चड्ढा। क्रिकेटर की पत्नी बनने जा रहीं वंशिका किसी फिल्मी या ग्लैमरस सोशल मीडिया दुनिया से नहीं आतीं, बल्कि एक शिक्षित और पेशेवर पृष्ठभूमि से जुड़ी युवा महिला हैं। आधुनिक क्रिकेट में जहां खिलाड़ियों की लाइफ पार्टनर अक्सर सोशल मीडिया और ब्रांड एंडोर्समेंट के जरिए अपनी सार्वजनिक पहचान बनाती हैं, वहीं वंशिका इस ट्रेंड से बिल्कुल अलग हैं। वे लाइमलाइट से दूर रहने वाली और अपने करियर पर फोकस रखने वाली महिला के रूप में जानी जाती हैं। ये तस्वीर तब की है जब कुलदीप ने सगाई के बाद फोटो शूट करवाया था। अब पढ़िए कौन हैं वंशिका और कैसे मुश्किल वक्त में दिया कुलदीप का साथ… कानपुर की गलियों से शुरू हुई दोस्ती कुलदीप यादव और वंशिका सिंह का रिश्ता किसी अचानक बनी प्रेम कहानी का नहीं, बल्कि बचपन की दोस्ती का है। दोनों का परिवार उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में रहता है और यहीं से उनकी पहचान की शुरुआत हुई। कुलदीप यादव का पैतृक घर कानपुर के लाल बंगला इलाके में है, जबकि वंशिका सिंह का परिवार वहां से लगभग तीन किलोमीटर दूर श्याम नगर इलाके में रहता है। सेंट मैरी स्कूल से शुरू हुई पढ़ाई वंशिका की शुरुआती पढ़ाई कानपुर के प्रतिष्ठित सेंट मैरी स्कूल से हुई। उन्होंने यहीं से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और 2017 में 12वीं की परीक्षा पास की। दिलचस्प बात यह है कि 2017 वही साल था जब कुलदीप यादव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना रहे थे। उसी समय वंशिका अपने जीवन के अगले पड़ाव की तैयारी कर रही थीं। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने का फैसला किया और अपनी मां के पास ऑस्ट्रेलिया चली गईं। वंशिका ऑस्ट्रेलिया जरूर चलीं गई लेकिन कुलदीप से उनकी दूरियां बढ़ीं नहीं। कानपुर से ऑस्ट्रेलिया तक की पढ़ाई ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद वंशिका ने वहां के मॉर्डन एजुकेशन सिस्टम और इंटरनेशनल माहौल में अपनी पढ़ाई जारी रखी। विदेश में पढ़ाई और वहां का माहौल उनके व्यक्तित्व को नई दिशा देने वाला साबित हुआ। ऑस्ट्रेलिया में बिताए समय ने उनमें आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्हें दुनिया को समझने का नया नजरिया दिया। यही अनुभव आगे चलकर उनके पेशेवर जीवन की मजबूत नींव बना। वंशिका की मां वंदना सिंह भी ऑस्ट्रेलिया में एक अंतरराष्ट्रीय कॉर्पोरेट प्रोफाइल से जुड़ी हैं। मां के साथ रहते हुए वंशिका को भी इंटरनेशनल माहौल में काम करने और सीखने का मौका मिला। माता-पिता से मिला अलग-अलग जीवन दर्शन वंशिका के व्यक्तित्व में उनके माता-पिता के पेशेवर अनुभवों का गहरा प्रभाव दिखाई देता है। उनकी मां वंदना सिंह ऑस्ट्रेलिया में कॉर्पोरेट सेक्टर से जुड़ी हैं। मां से उन्हें सीमाओं से बाहर सोचने और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिली। वहीं उनके पिता अवनिंद्र सिंह भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में कानपुर के जोनल कार्यालय में कार्यरत हैं। पिता से उन्हें अनुशासन, स्थिरता और वित्तीय समझदारी जैसे संस्कार मिले। दोनों के पेशेवर अनुभवों का यह मिश्रण वंशिका के व्यक्तित्व को संतुलित बनाता है। कुलदीप यादव ने यह तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की थी। लाइमलाइट से दूर रहती हैं वंशिका आज के डिजिटल दौर में जहां अधिकांश सेलिब्रिटी परिवार सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं, वहीं वंशिका इस दुनिया से दूरी बनाए रखना पसंद करती हैं। उनका कोई सार्वजनिक सोशल मीडिया अकाउंट नहीं है और वे निजी जिंदगी को सार्वजनिक मंचों पर लाने से बचती हैं। यही वजह है कि कुलदीप यादव के साथ रिश्ते में आने के बाद भी वे मीडिया और सोशल मीडिया की चकाचौंध से दूर रही हैं। मुश्किल दौर में बनीं मजबूत सहारा कुलदीप यादव के करियर में 2019 से 2021 के बीच का दौर काफी चुनौतीपूर्ण रहा था। इस दौरान उनका प्रदर्शन गिरा और टीम में जगह भी प्रभावित हुई। ऐसे समय में वंशिका उनके लिए एक मजबूत भावनात्मक सहारा बनीं। बचपन की दोस्त होने के कारण वे कुलदीप के संघर्ष और मानसिक दबाव को समझती थीं। परिवार और करीबी लोगों के मुताबिक वंशिका ने इस कठिन दौर में कुलदीप का आत्मविश्वास बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। कुलदीव यादव की फाइल फोटो। वर्ल्ड कप के लिए टाल दी थी शादी कुलदीप और वंशिका की सगाई 4 जून 2025 को लखनऊ में हुई थी। शुरुआत में उनकी शादी नवंबर 2025 या जनवरी 2026 में होने की योजना थी। लेकिन इसी दौरान टी20 विश्व कप 2026 का शेड्यूल सामने आया। कुलदीप चाहते थे कि उनका पूरा ध्यान टूर्नामेंट पर रहे और वे देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। ऐसे में वंशिका और कुलदीप ने आपसी सहमति से अपनी शादी को आगे बढ़ाने का फैसला किया। इस फैसले को दोनों ने ‘राष्ट्र-प्रथम’ सोच के साथ लिया। बाद में यह फैसला सही साबित हुआ जब भारत ने न्यूजीलैंड को फाइनल में 96 रन से हराकर टी20 विश्व कप का खिताब जीता। वर्ल्ड कप की ट्रॉफी पकड़े कुलदीप यादव। मसूरी में चल रहे हैं शादी के समारोह मसूरी के ITC Savoy होटल में कुलदीप और वंशिका की शादी के तीन दिन के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 12 मार्च को मेहंदी की रस्म के साथ समारोह की शुरुआत हो चुकी है। आज 13 मार्च को हल्दी और संगीत का कार्यक्रम रखा गया है। कल 14 मार्च को शाम 5 बजे बारात निकलेगी, शाम 6 बजे वरमाला होगी और रात 8 बजे दोनों सात फेरे लेंगे। क्रिकेट जगत की बड़ी हस्तियां भी आ सकती हैं शादी समारोह में परिवार और करीबी मेहमानों को ही आमंत्रित किया गया है। हालांकि क्रिकेट जगत की कुछ बड़ी हस्तियों के भी इसमें शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक भारतीय टीम के खिलाड़ी सूर्यकुमार यादव, कप्तान रोहित शर्मा और टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर भी 14 मार्च को समारोह में पहुंच सकते

भारतीय फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी क्रिकेटर को खरीदा:अबरार अहमद पर काव्या मारन ने ₹2.34 करोड़ की बोली लगाई; द हंड्रेड लीग में खेलेंगे

भारतीय फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी क्रिकेटर को खरीदा:अबरार अहमद पर काव्या मारन ने ₹2.34 करोड़ की बोली लगाई; द हंड्रेड लीग में खेलेंगे

भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने गुरुवार को पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद पर बोली लगाई। सनराइजर्स की CEO काव्या मारन ने खुद उन्हें 1.90 लाख पाउंड (करीब 2.34 करोड़ रुपए) में खरीदा। इसी के साथ अबरार 21 जुलाई से शुरू हो रही द हंड्रेड लीग में किसी भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी से जुड़ने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए। भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के कारण आईपीएल फ्रेंचाइजियों ने 2009 के बाद से किसी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन नहीं किया है। चेन्नई की मीडिया कंपनी सन ग्रुप ने पिछले साल नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स में पहले 49% हिस्सेदारी ECB से और बाकी 51% यॉर्कशायर काउंटी क्लब से करीब 10 करोड़ पाउंड में खरीदी थी। इसके बाद टीम का नाम बदलकर सनराइजर्स लीड्स रखा गया। सन ग्रुप IPL में सनराइजर्स हैदराबाद और SA20 में सनराइजर्स ईस्टर्न केप की भी मालिक है, लेकिन इन टीमों में अभी कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं है। सनराइजर्स लीड्स की पोस्ट देखिए… उस्तान तारिक 1.72 करोड़ रुपए में बिके इस नीलामी में बिकने वाले दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक रहे, जिन्हें बर्मिंघम फीनिक्स ने 1.40 लाख पाउंड (लगभग 1.72 करोड़ रुपए) में खरीदा। हालांकि, पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ और ऑफ स्पिन ऑलराउंडर सैम अयूब अनसोल्ड रहे। बांग्लादेश के मुस्तफिजुर रहमान पर विवाद हुआ था IPL की फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (IPL) ने 16 दिसंबर 2025 को अबू धाबी में IPL 2026 के मिनी ऑक्शन में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसके बाद बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं के कारण भारत में इसका विरोध होने लगा। इस पर BCCI के कहने पर KKR ने रहमान को रिलीज कर दिया है। इससे नाराज बांग्लादेशी सरकार ने अपने देश में IPL के प्रसारण पर रोक लगा दी थी। इतना ही नहीं, बांग्लादेश ने भारत में टी-20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार कर दिया था। ऐसे में ICC ने बांग्लादेश को टी-20 वर्ल्ड कप से ही बाहर कर दिया गया था। बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टी-20 वर्ल्ड कप में शामिल किया गया था। पाकिस्तान ने भारत से मैच का बॉयकॉट किया था पाकिस्तानी सरकार ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत से मैच का बॉयकॉट कर दिया था। हालांकि, श्रीलंकाई राष्ट्रपति के हस्तक्षेप के बाद पाकिस्तानी सरकार ने भारत से मैच के लिए मंजूरी दी थी। कोलंबो में 15 फरवरी को खेले गए इस मैच में भारतीय टीम ने 61 रनों के अंतर से जीता था। पाकिस्तान के खिलाफ ईशान किशन ने फिफ्टी लगाई थी। ——————————————————– क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अब नेट्स शेयर नहीं कर सकेंगी IPL टीमें, BCCI ने प्रैक्टिस सेशन की गाइडलाइन जारी की BCCI ने IPL टीमों के प्रैक्टिस सेशन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की हैं। इसके अनुसार कोई भी टीम उस नेट या पिच पर प्रैक्टिस नहीं कर सकेगी, जिस पर दूसरी टीम पहले अभ्यास कर चुकी हो। हर टीम को अभ्यास के लिए अलग और नए नेट उपलब्ध कराए जाएंगे। पढ़ें पूरी खबर

VIDEO: युवी से पावर हिटिंग सीख रहे पंत:IPL से पहले स्टांस बदला, पिछले सीजन में 269 रन ही बना सके थे

VIDEO: युवी से पावर हिटिंग सीख रहे पंत:IPL से पहले स्टांस बदला, पिछले सीजन में 269 रन ही बना सके थे

IPL के पिछले सीजन में खराब प्रदर्शन के बाद ऋषभ पंत अब युवराज सिंह से पावर हिटिंग की ट्रेनिंग कर रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को अपने इंस्टाग्राम में एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें पंत मुंबई के क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में युवराज की निगरानी में बड़े-बड़े शॉर्ट खेलने की प्रैक्टिस कर रहे हैं। इस वीडियो में युवराज सिंह उनकी तकनीक को ध्यान से देख रहे हैं। इतना ही नहीं, वे उन्हें बल्लेबाजी से जुड़े सुझाव भी देते नजर आ रहे हैं। पंत के लिए IPL का पिछला सीजन काफी खराब रहा था। वे एक शतकीय पारी के बावजूद महज 269 रन ही बना सके थे। पंत की ट्रेनिंग का वीडियो देखिए… GIF में पंत की प्रैक्टिस लेफ्टी बॉलर्स के खिलाफ स्टांस बदला इस ट्रेनिंग सेशन में पंत ने ओपन स्टांस लिया यानी कि वे बाएं हाथ के गेंदबाजों के खिलाफ थोड़े खुले पैरों के साथ बैटिंग करते दिखे। क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बदलाव से उन्हें ऑफ-साइड में बड़े शॉट खेलने और बेहतर एंगल कवर करने में मदद मिलेगी। पंत चोट से वापसी कर रहे हैं। वे 11 जनवरी को भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से ठीक पहले चोटिल हो गए थे। ट्रेनिंग सेशन के दौरान थ्रोडाउनर की बॉल पंत की दाहिनी पसलियों पर लगी थी। वे इस सीरीज से बाहर हो गए थे। उन्होंने पिछला इंटरनेशनल मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी में 22 से 26 नवंबर 2025 को खेला था। उस टेस्ट मैच को साउथ अफ्रीका ने 408 रन से जीता था। युवाओं के मेंटर बन चुके हैं युवराज युवराज सिंह पिछले कुछ वर्षों में युवा खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन मेंटर साबित हुए हैं। उन्होंने शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा और प्रभसिमरन सिंह जैसे खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दी है। इन खिलाड़ियों ने युवराज के साथ अभ्यास के बाद टी-20 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। पंत से पहले खराब फॉर्म से गुजर रहे संजू सैमसन ने टी-20 वर्ल्ड कप से पहले दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से मदद ली थी। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 96 रनों से फाइनल मैच जीतने के बाद कहा था कि सचिन ने उनकी फॉर्म वापसी में काफी मदद की थी। ———————————————— IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… IPL के शुरुआती 20 मैच का शेड्यूल जारी; 28 मार्च को बेंगलुरु में RCB-SRH का ओपनिंग मैच IPL 2026 के शुरुआती 20 मैचों का शेड्यूल बुधवार को जारी कर दिया गया है। ओपनिंग मैच 28 मार्च को डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर

ऑफ कटर से गच्चा खा रहे मॉडर्न बैटर:वर्ल्ड कप के 357 विकेट पेसर्स को, इसमें 68 ऑफ कटर पर गिरे, बुमराह इसके उस्ताद

ऑफ कटर से गच्चा खा रहे मॉडर्न बैटर:वर्ल्ड कप के 357 विकेट पेसर्स को, इसमें 68 ऑफ कटर पर गिरे, बुमराह इसके उस्ताद

टी-20 क्रिकेट को हमेशा से बल्लेबाजों का गेम माना जाता है, लेकिन टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में तेज गेंदबाजों ने ‘स्लोअर गेंदों’ (पेस-ऑफ) के जरिए जोरदार वापसी की। इस पूरे टूर्नामेंट में तेज गेंदबाजों द्वारा फेंकी गई कुल गेंदों में स्लोअर का प्रतिशत 15.88% रहा, यानी लगभग हर छठी गेंद गति कम करके फेंकी गई। यह पिछले चार संस्करणों में सबसे ज्यादा है। आधुनिक क्रिकेट में तेज गेंदबाजों के पास लेग-कटर, नकल-बॉल और स्प्लिट-फिंगर जैसी कई नई और जटिल स्लोअर गेंदें मौजूद हैं। लेकिन, इन तमाम वेरिएशंस के बीच गेंदबाजों का सबसे मारक हथियार बनी एक पुरानी और बेसिक गेंद-‘ऑफ-कटर’। विकेट निकालने के लिए गेंदबाजों ने स्लोअर गेंदों की वैरायटी में से इसी साधारण गेंद पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया। फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ जसप्रीत बुमराह ने इसी स्विंग होती ऑफ-कटर का इस्तेमाल करके 4 कीवी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा और भारत को शानदार जीत दिलाई। बुमराह ने फाइनल में अपने 4 ओवर के स्पैल में 18 गेंदें ऑफ कटर फेंकी बुमराह ने इस वैरिएशन का सबसे ज्यादा फायदा उठाया। फाइनल में फेंकी गई अपनी 24 गेंदों में से 18 गेंदें उन्होंने ऑफ-कटर ही रखीं। फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने के बाद बुमराह ने कहा था, ‘अपने अनुभव और यहां के पाटा विकेटों पर खेलने की वजह से मैंने सीखा है कि ज्यादा तेज गेंद फेंकने से बल्लेबाजों को शॉट खेलने में आसानी होती है। इसलिए मैंने स्मार्ट तरीके से खेला और यह सोचने की कोशिश की कि बल्लेबाज क्या करने की कोशिश कर रहे हैं।’ गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी स्टेडियम बुमराह का होमग्राउंड है। अहमदाबाद में सबसे खतरनाक रहा यह वैरिएशन क्योंकि मैदान बड़ा क्या होती है ऑफ कटर? क्रिकेट में ‘ऑफ-कटर’ तेज गेंदबाजों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले स्लोअर वेरिएशन का एक प्रकार है। यह एक तेज गेंदबाज द्वारा फेंकी गई ऑफ-स्पिन गेंद होती है। जब कोई तेज गेंदबाज इसे फेंकता है, तो वह अपने सामान्य रन-अप और एक्शन के साथ ही आता है, लेकिन गेंद को रिलीज करते समय अपनी उंगलियों को सीम पर दाईं ओर (घड़ी की सुई की दिशा में) तेजी से फेरता है। इसे ही तकनीकी भाषा में गेंद को ‘कट’ करना कहते हैं। अंगुलियों के इस खास एक्शन की वजह से गेंद की गति अपने आप काफी कम हो जाती है। पिच पर टप्पा खाने के बाद यह गेंद दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए बाहर (ऑफ स्टंप) से अंदर (लेग स्टंप या शरीर) की तरफ आती है। चूंकि बल्लेबाज रन-अप को देखकर एक तेज गेंद की उम्मीद कर रहा होता है, इसलिए गति में अचानक आए इस बदलाव से उसकी टाइमिंग पूरी तरह बिगड़ जाती है। गेंद पिच पर थोड़ी रुक कर आती है, जिससे बल्लेबाज अक्सर अपना शॉट जल्दी खेल बैठता है। इसका नतीजा यह होता है कि गेंद हवा में खड़ी हो जाती है या बल्लेबाज सीधे बोल्ड और एलबीडब्ल्यू हो जाता है। टी-20 क्रिकेट में यह गेंद सबसे बड़े हथियारों में से एक है। विशेष रूप से जब पिच सूखी या ग्रिपी हो, तो यह गेंद टप्पा खाकर पिच को ज्यादा पकड़ती है और बल्लेबाजों के लिए इसे पढ़ना बेहद मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में तेज गेंदबाज रन रोकने और अहम मौकों पर विकेट निकालने के लिए इसी ‘ऑफ-कटर’ पर सबसे ज्यादा भरोसा जताते हैं। जसप्रीत बुमराह, ड्वेन ब्रावो, मुस्तफिजुर रहमान और हर्षल पटेल जैसे गेंदबाज इस कला में दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाज माने जाते हैं।

ऑफ कटर से गच्चा खा रहे मॉडर्न बैटर:वर्ल्ड कप के 357 विकेट पेसर्स को, इसमें 68 ऑफ कटर पर गिरे, बुमराह इसके उस्ताद

ऑफ कटर से गच्चा खा रहे मॉडर्न बैटर:वर्ल्ड कप के 357 विकेट पेसर्स को, इसमें 68 ऑफ कटर पर गिरे, बुमराह इसके उस्ताद

टी-20 क्रिकेट को हमेशा से बल्लेबाजों का गेम माना जाता है, लेकिन टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में तेज गेंदबाजों ने ‘स्लोअर गेंदों’ (पेस-ऑफ) के जरिए जोरदार वापसी की। इस पूरे टूर्नामेंट में तेज गेंदबाजों द्वारा फेंकी गई कुल गेंदों में स्लोअर का प्रतिशत 15.88% रहा, यानी लगभग हर छठी गेंद गति कम करके फेंकी गई। यह पिछले चार संस्करणों में सबसे ज्यादा है। आधुनिक क्रिकेट में तेज गेंदबाजों के पास लेग-कटर, नकल-बॉल और स्प्लिट-फिंगर जैसी कई नई और जटिल स्लोअर गेंदें मौजूद हैं। लेकिन, इन तमाम वेरिएशंस के बीच गेंदबाजों का सबसे मारक हथियार बनी एक पुरानी और बेसिक गेंद-‘ऑफ-कटर’। विकेट निकालने के लिए गेंदबाजों ने स्लोअर गेंदों की वैरायटी में से इसी साधारण गेंद पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया। फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ जसप्रीत बुमराह ने इसी स्विंग होती ऑफ-कटर का इस्तेमाल करके 4 कीवी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा और भारत को शानदार जीत दिलाई। बुमराह ने फाइनल में अपने 4 ओवर के स्पैल में 18 गेंदें ऑफ कटर फेंकी बुमराह ने इस वैरिएशन का सबसे ज्यादा फायदा उठाया। फाइनल में फेंकी गई अपनी 24 गेंदों में से 18 गेंदें उन्होंने ऑफ-कटर ही रखीं। फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने के बाद बुमराह ने कहा था, ‘अपने अनुभव और यहां के पाटा विकेटों पर खेलने की वजह से मैंने सीखा है कि ज्यादा तेज गेंद फेंकने से बल्लेबाजों को शॉट खेलने में आसानी होती है। इसलिए मैंने स्मार्ट तरीके से खेला और यह सोचने की कोशिश की कि बल्लेबाज क्या करने की कोशिश कर रहे हैं।’ गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी स्टेडियम बुमराह का होमग्राउंड है। अहमदाबाद में सबसे खतरनाक रहा यह वैरिएशन क्योंकि मैदान बड़ा क्या होती है ऑफ कटर? क्रिकेट में ‘ऑफ-कटर’ तेज गेंदबाजों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले स्लोअर वेरिएशन का एक प्रकार है। यह एक तेज गेंदबाज द्वारा फेंकी गई ऑफ-स्पिन गेंद होती है। जब कोई तेज गेंदबाज इसे फेंकता है, तो वह अपने सामान्य रन-अप और एक्शन के साथ ही आता है, लेकिन गेंद को रिलीज करते समय अपनी उंगलियों को सीम पर दाईं ओर (घड़ी की सुई की दिशा में) तेजी से फेरता है। इसे ही तकनीकी भाषा में गेंद को ‘कट’ करना कहते हैं। अंगुलियों के इस खास एक्शन की वजह से गेंद की गति अपने आप काफी कम हो जाती है। पिच पर टप्पा खाने के बाद यह गेंद दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए बाहर (ऑफ स्टंप) से अंदर (लेग स्टंप या शरीर) की तरफ आती है। चूंकि बल्लेबाज रन-अप को देखकर एक तेज गेंद की उम्मीद कर रहा होता है, इसलिए गति में अचानक आए इस बदलाव से उसकी टाइमिंग पूरी तरह बिगड़ जाती है। गेंद पिच पर थोड़ी रुक कर आती है, जिससे बल्लेबाज अक्सर अपना शॉट जल्दी खेल बैठता है। इसका नतीजा यह होता है कि गेंद हवा में खड़ी हो जाती है या बल्लेबाज सीधे बोल्ड और एलबीडब्ल्यू हो जाता है। टी-20 क्रिकेट में यह गेंद सबसे बड़े हथियारों में से एक है। विशेष रूप से जब पिच सूखी या ग्रिपी हो, तो यह गेंद टप्पा खाकर पिच को ज्यादा पकड़ती है और बल्लेबाजों के लिए इसे पढ़ना बेहद मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में तेज गेंदबाज रन रोकने और अहम मौकों पर विकेट निकालने के लिए इसी ‘ऑफ-कटर’ पर सबसे ज्यादा भरोसा जताते हैं। जसप्रीत बुमराह, ड्वेन ब्रावो, मुस्तफिजुर रहमान और हर्षल पटेल जैसे गेंदबाज इस कला में दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाज माने जाते हैं।

पिता के निधन के बाद जितेश की बदली सोच:बोले- वर्ल्डकप टीम से बाहर होने का दुख छोटा लगा, मैं फिनिशर बनने को तैयार

पिता के निधन के बाद जितेश की बदली सोच:बोले- वर्ल्डकप टीम से बाहर होने का दुख छोटा लगा, मैं फिनिशर बनने को तैयार

भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा ने कहा कि टी-20 वर्ल्ड कप की भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने से उन्हें निराशा जरूर हुई थी, लेकिन कुछ ही समय बाद उनके जीवन में ऐसा व्यक्तिगत दुख आया जिसने उनकी सोच पूरी तरह बदल दी। जितेश के पिता मोहन शर्मा का 1 फरवरी को छोटी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने बताया कि उस समय वह सात दिन तक अपने पिता के साथ रहे और उसी दौरान उन्हें एहसास हुआ कि परिवार उनके लिए वर्ल्ड से भी ज्यादा महत्वपूर्ण था। समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) को दिए एक इंटरव्यू में जितेश ने अपने करियर के उतार-चढ़ाव और निजी जिंदगी पर खुलकर बात की। जितेश बोले- वर्ल्ड कप से ज्यादा मेरे पिता को मेरी जरूरत थी वर्ल्ड कप टीम से बाहर होने के अनुभव पर जितेश ने कहा,’जब मुझे पता चला कि मेरा सिलेक्शन नहीं हुआ है, तो मैं थोड़ा निराश था। आखिर मैं भी एक इंसान हूं और बुरा महसूस करना स्वाभाविक है। लेकिन कुछ ही समय बाद मेरे पिता बीमार हो गए और 1 फरवरी को उनका निधन हो गया। मैं उनके आखिरी सात दिनों में उनके साथ था। तब मुझे अहसास हुआ कि मेरे पिता को वर्ल्ड कप से ज्यादा मेरी जरूरत थी। उसके बाद मेरे मन में टीम से बाहर होने का कोई दुख नहीं रहा।’ घर के बड़े बेटे की जिम्मेदारी, परिवार के सामने कमजोर नहीं हो सकता पिता के जाने के बाद जितेश अब अपने परिवार में सबसे बड़े बेटे की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा,’जब आप अपने पिता को खो देते हैं, तब आपको समझ आता है कि अब परिवार के फैसले लेने की जिम्मेदारी आपकी है। मुझे अपनी मां और भाई का ख्याल रखना है। मैं उनके सामने अपनी भावनाओं को जाहिर नहीं कर सकता और न ही कमजोर दिख सकता हूं, क्योंकि जब मैं क्रिकेट खेलता हूं तो वे मुझे ही देख रहे होते हैं।’ क्रिकेट ने सिखाई मजबूती जितेश का कहना है कि क्रिकेट ने उन्हें इस दुख के साथ आगे बढ़ना सिखाया है। उन्होंने कहा,’अगर मेरे पिता आज जिंदा होते तो वह मुझे यही कहते कि जाओ और अभ्यास करो, मेरे बारे में चिंता मत करो। इसलिए जब भी मैं दुखी होता हूं, यही सोचता हूं कि वह मुझे खेलने और आगे बढ़ने की सलाह देते।’ रिंकू सिंह से ली प्रेरणा जितेश ने अपने साथी खिलाड़ी रिंकू सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि निजी मुश्किलों के बाद मैदान पर लौटना बहुत बड़ी बात होती है। विराट कोहली से मिलती है प्रेरणा जितेश ने बताया कि IPL में रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरु के साथ रहते हुए उन्हें विराट कोहली को करीब से देखने का मौका मिलता है, जिससे उन्हें काफी प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि कोहली की तैयारी,अनुशासन और ऊर्जा से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। सिर्फ छोटी-छोटी चीजें देखकर भी बहुत कुछ सीखा जा सकता है। जिस तरह विराट अपना दिन शुरू करते हैं और तैयारी करते हैं, वह बहुत प्रेरणादायक है। हालांकि 32 साल की उम्र में भी मैं उनकी ऊर्जा की बराबरी नहीं कर सकता। तीन विकेटकीपर भी खेल सकते हैं साथ टीम कॉम्बिनेशन पर बात करते हुए जितेश ने कहा कि वह किसी भी भूमिका में खेलने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अगर टीम के हित में हो तो एक साथ तीन विकेटकीपर भी खेल सकते हैं। दो विकेटकीपर अपनी भूमिका निभाएं और तीसरा फिनिशर की भूमिका में खेले। टीम में संजू सैमसन और ईशान किशन भी विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में विकल्प हैं।

Shivam Dubes Secret Train Journey to Mumbai Post T20 World Cup Win

Shivam Dubes Secret Train Journey to Mumbai Post T20 World Cup Win

स्पोर्ट्स डेस्क24 मिनट पहले कॉपी लिंक शिवम दुबे ने टी-20 वर्ल्डकप में 169 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे। टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय ऑलराउंडर शिवम दुबे ट्रेन से मुंबई पहुंचे। उन्होंने अहमदाबाद-मुंबई सायाजी एक्सप्रेस की एसी-3 टियर कोच में अपर बर्थ पर छिपकर सफर किया, ताकि कोई उन्हें पहचान न सके। सफर के दौरान जब टिकट चेकर ने नाम को लेकर सवाल किया तो उनकी पत्नी अंजुम ने तुरंत बात संभालते हुए उनकी पहचान भी छिपा ली। ट्रेन के अपर बर्थ पर छिपकर किया सफर अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल जीतने के बाद दुबे सोमवार सुबह करीब 5:10 बजे की ट्रेन से मुंबई रवाना हुए। उन्होंने पहचान छिपाने के लिए कैप, मास्क और फुल स्लीव टी-शर्ट पहनी। ट्रेन में बैठते ही वह एसी-3 टियर कोच की ऊपर वाली बर्थ पर जाकर लेट गए और रेलवे कंबल ओढ़ लिया ताकि कोई पहचान न सके। पत्नी ने TTE से छिपाई पहचान सफर के दौरान टिकट चेकर को दुबे के नाम पर शक हुआ। जब TTE ने पूछा कि शिवम दुबे कौन है, क्या वह क्रिकेटर है?, तब उनकी पत्नी अंजुम ने तुरंत जवाब दिया कि ऐसा कोई यहां नहीं है। इसके बाद टिकट चेकर आगे बढ़ गया और दुबे की पहचान छिपी रही। शिवम दुबे पत्नी अंजुम के साथ। बच्चों से मिलने की जल्दी में लिया फैसला दुबे ने बताया कि फाइनल के बाद मुंबई जाने वाली सभी फ्लाइट्स फुल थीं। सड़क मार्ग से जाना भी संभव था, लेकिन ट्रेन ज्यादा तेज विकल्प था। वह जल्द से जल्द अपने चार साल के बेटे अयान और दो साल की बेटी मेहविश से मिलना चाहते थे, जो मुंबई में घर पर थे। बोरीवली स्टेशन पर पुलिस ने मदद की करीब आठ घंटे के सफर के बाद जब ट्रेन मुंबई के बोरीवली स्टेशन पहुंचने वाली थी तो दुबे को भीड़ की चिंता होने लगी। उन्होंने पुलिस से मदद मांगी। पुलिस एस्कॉर्ट मिलने के बाद वह सुरक्षित तरीके से स्टेशन से बाहर निकल सके। टूर्नामेंट में निभाई फिनिशर की भूमिका टी-20 वर्ल्ड कप में दुबे ने फिनिशर की भूमिका निभाई। उन्होंने टूर्नामेंट में 235 रन बनाए, उनका औसत 39 और स्ट्राइक रेट 169 रहा। फाइनल में भी उन्होंने आखिरी ओवर में 3 चौके और 2 छक्के लगाकर भारत का स्कोर 250 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। शिवम दुबे ने टी-20 वर्ल्ड कप में 235 रन बनाए। ————————– IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पूरा सीजन खेलेंगे धोनी:CSK CEO बोले- उनकी भूमिका पर फैसला कोचिंग स्टाफ करेगा, ट्रेनिंग शुरू की भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी IPL 2026 में पूरा सीजन खेलेंगे। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के CEO काशी विश्वनाथन ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। हालांकि उन्होंने कहा कि टीम में धोनी की भूमिका क्या होगी, इसका फैसला कोचिंग स्टाफ करेगा। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

CSK CEO: Dhoni Full IPL 2026 Season

CSK CEO: Dhoni Full IPL 2026 Season

स्पोर्ट्स डेस्क38 मिनट पहले कॉपी लिंक धोनी IPL में सबसे ज्यादा 278 मैच खेलने वाले प्लेयर हैं। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी IPL 2026 में पूरा सीजन खेलेंगे। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के CEO काशी विश्वनाथन ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। हालांकि उन्होंने कहा कि टीम में धोनी की भूमिका क्या होगी, इसका फैसला कोचिंग स्टाफ करेगा। मार्च की शुरुआत से कर रहे ट्रेनिंग 44 साल के धोनी मार्च की शुरुआत में ही चेन्नई पहुंच गए थे और टीम के साथ प्रैक्टिस कर रहे हैं। कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ की अगुवाई में टीम ने नए सीजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। धोनी ने पिछले महीने रांची में हल्के नेट सेशन के साथ अपनी तैयारी शुरू की थी। भूमिका पर फैसला क्रिकेटिंग स्टाफ करेगा CSK CEO काशी विश्वनाथन ने कहा कि धोनी इस सीजन के सभी मैच खेलेंगे। हालांकि उन्हें बल्लेबाज, विकेटकीपर-बल्लेबाज या इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा या नहीं, इसका फैसला टीम का क्रिकेटिंग स्टाफ करेगा। संजू सैमसन के आने से उठी थीं अटकलें राजस्थान रॉयल्स से संजू सैमसन के CSK में आने के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि धोनी इस बार कम मैच खेल सकते हैं या सीमित भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि टीम प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि धोनी पूरे सीजन के लिए उपलब्ध रहेंगे। पिछले सीजन में बीच में संभाली थी कप्तानी IPL 2025 में ऋतुराज गायकवाड़ के चोटिल होने के बाद धोनी ने टूर्नामेंट के बीच में टीम की कप्तानी संभाली थी। इसके बावजूद CSK पहली बार IPL इतिहास में अंक तालिका में आखिरी स्थान पर रही थी। चेन्नई में ही होंगे CSK के सभी मैच विश्वनाथन ने कहा कि टीम अपने सभी घरेलू मैच चेन्नई में ही खेलेगी। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने के बावजूद उन्हें आयोजन को लेकर कोई बड़ी परेशानी नहीं दिख रही है। वर्ल्ड कप जीत से CSK को मिला आत्मविश्वास विश्वनाथन ने भारत के लगातार दूसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप जीतने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि CSK के खिलाड़ी संजू सैमसन और शिवम दुबे ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया, जिससे टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। IPL में सबसे ज्यादा मैच धोनी के नाम IPL में सबसे ज्यादा मैच खेलने वालों में महेंद्र सिंह धोनी पहली पायदान पर हैं। वे अब तक 278 मैच खेल चुके हैं। चेन्नई सुपर किंग्स को पांच बार खिताब जिताया है। 38.30 की औसत से 5439 रन बनाए हैं। इस दौरान धोनी ने 24 अर्धशतक भी लगाए हैं। उन्होंने विकेटकीपिंग में 47 स्टंपिंग और 154 कैच भी लपके हैं। —————————— स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ईरानी टीम फुटबॉल वर्ल्डकप खेलने अमेरिका जा सकेगी ईरान फुटबॉल टीम ने फरवरी में अमेरिका के एरिजोना में वर्ल्ड कप की तैयारियां करनी शुरू कर दी थी। टीम ने 7वीं बार फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है। टीम अब तक 3 मैच ही जीत सकी है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बांग्लादेश ने पाकिस्तान को सिर्फ 15.1 ओवर में हराया:पहले वनडे में 8 विकेट से जीत हासिल की; नाहिद राणा ने 5 विकेट लिए

बांग्लादेश ने पाकिस्तान को सिर्फ 15.1 ओवर में हराया:पहले वनडे में 8 विकेट से जीत हासिल की; नाहिद राणा ने 5 विकेट लिए

बांग्लादेश ने पाकिस्तान को पहले वनडे में 8 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली। ढाका के शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में पाकिस्तान की टीम 114 रन पर ऑलआउट हो गई थी। बांग्लादेशी पेसर नाहिद राणा ने 5 विकेट लिए थे। जवाब में बांग्लादेश ने 115 रन का लक्ष्य सिर्फ 15.1 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। तंजिद हसन तमीम ने नाबाद 67 रन की तेज पारी खेली। तंजिद हसन की फिफ्टी 115 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश की शुरुआत ज्यादा अच्छी नहीं रही और सैफ हसन 4 रन बनाकर शाहीन अफरीदी का शिकार बने। इसके बाद तंजिद हसन तमीम और नजमुल हुसैन शांतो ने दूसरे विकेट के लिए 82 रन की साझेदारी कर मैच लगभग एकतरफा कर दिया। तंजिद हसन ने 42 गेंद में 7 चौके और 5 छक्के की मदद से नाबाद 67 रन बनाए। वहीं नजमुल हुसैन शांतो ने 33 गेंद में 27 रन बनाए। अंत में लिटन दास 3 रन बनाकर नाबाद लौटे और टीम ने 15.1 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। नाहिद राणा के 5 विकेट इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम 30.4 ओवर में 114 रन पर सिमट गई। बांग्लादेश के तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 7 ओवर में 24 रन देकर 5 विकेट झटके। कप्तान मेहदी हसन मिराज ने भी 10 ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट लिए। इसके अलावा तस्कीन अहमद और मुस्तफिजुर रहमान को एक-एक विकेट मिला। अच्छी शुरुआत के बाद बिखरी पाकिस्तान की पारी पाकिस्तान की शुरुआत ठीक रही और पहले विकेट के लिए साहिबजादा फरहान और माज सादाकत ने 41 रन जोड़े। फरहान ने 27 और सादाकत ने 18 रन बनाए, लेकिन इसके बाद टीम लगातार विकेट गंवाती रही। नाहिद राणा ने फरहान को आउट कर पाकिस्तान को पहला झटका दिया। इसके बाद उन्होंने शामिल हुसैन, मोहम्मद रिजवान और सलमान आगा को भी पवेलियन भेज दिया। उनकी गेंदबाजी के सामने पाकिस्तान का टॉप और मिडिल ऑर्डर पूरी तरह बिखर गया। फहीम अशरफ के 37 रन पाकिस्तान के मध्यक्रम के बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके। हुसैन तलत 4, अब्दुल समद 0 और कप्तान शाहीन अफरीदी 4 रन बनाकर आउट हो गए। आखिर में ऑलराउंडर फहीम अशरफ ने 47 गेंद में 6 चौके और एक छक्के की मदद से 37 रन बनाए, जो टीम की ओर से सबसे बड़ी पारी रही। आखिरी विकेट के लिए 32 रन की साझेदारी पाकिस्तान की टीम एक समय 82 रन पर 9 विकेट गंवा चुकी थी। इसके बाद फहीम अशरफ और अबरार अहमद ने आखिरी विकेट के लिए 32 रन की साझेदारी कर टीम का स्कोर 114 तक पहुंचाया। अबरार अहमद 10 गेंद में खाता खोले बिना नाबाद रहे। पाकिस्तान के चार खिलाड़ियों का वनडे डेब्यू इस मैच में पाकिस्तान की ओर से चार खिलाड़ियों ने वनडे डेब्यू किया। टीम के लिए अब्दुल समद, माज सादाकत, साहिबजादा फरहान और शामिल हुसैन ने पहली बार वनडे मैच खेला। हालांकि डेब्यू मैच में ये खिलाड़ी बड़ी पारी नहीं खेल सके। फरहान ने 27 रन बनाकर टीम की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाए, जबकि माज सादाकत ने 18 रन बनाए। वहीं शामिल हुसैन 4 रन और अब्दुल समद बिना खाता खोले आउट हो गए। बॉयकॉट के बाद पहला मैच खेल रही बांग्लादेश टीम बांग्लादेश की टीम टी-20 वर्ल्ड कप के बॉयकॉट के बाद पहली बार किसी इंटरनेशनल मैच में उतरी है। टूर्नामेंट से पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ियों ने सुरक्षा चिंताओं के कारण भारत यात्रा से इनकार कर दिया था। टीम का कहना था कि मौजूदा परिस्थितियों में खिलाड़ियों की सुरक्षा और यात्रा को लेकर चिंताएं हैं, इसलिए टूर्नामेंट में हिस्सा लेना संभव नहीं है। इसके बाद बांग्लादेश को वर्ल्ड कप से हटा दिया गया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया। पाकिस्तान के खिलाफ ढाका में खेला गया यह वनडे उसी फैसले के बाद बांग्लादेश का पहला इंटरनेशनल मुकाबला रहा। ———————– स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ईरानी टीम फुटबॉल वर्ल्डकप खेलने अमेरिका जा सकेगी ईरान फुटबॉल टीम ने फरवरी में अमेरिका के एरिजोना में वर्ल्ड कप की तैयारियां करनी शुरू कर दी थी। टीम ने 7वीं बार फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है। टीम अब तक 3 मैच ही जीत सकी है। पढ़ें पूरी खबर…

गंभीर बोले-भारत सिर्फ घरेलू पिचों पर 200+ रन नहीं बनाता:लग गया था कि संजू बेहतर करेगा; आंकड़े नहीं, अंतरात्मा की आवाज पर चलता हूं

गंभीर बोले-भारत सिर्फ घरेलू पिचों पर 200+ रन नहीं बनाता:लग गया था कि संजू बेहतर करेगा; आंकड़े नहीं, अंतरात्मा की आवाज पर चलता हूं

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की जीत के बाद हेड कोच गौतम गंभीर ने कई मुद्दों पर बात की। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में उन्होंने भारतीय पिचों पर उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि टी-20 बैटर्स का खेल है और भारत ने विदेशों में भी 200 से ज्यादा स्कोर बनाया है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका में भी ऐसा स्कोर बनाया है। गंभीर ने अपनी कार्यशैली पर बात करते हुए कहा कि वह फैसले लेते समय डेटा से ज्यादा अपनी समझ और अंतरात्मा की आवाज पर भरोसा करते हैं। उन्होंने संजू सैमसन को लगातार मौका देने की वजह, अपनी नियुक्ति और टीम के भविष्य पर भी चर्चा की। साथ ही पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद के ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर दिए बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। ‘भारत में विकेट तैयार करने का आरोप गलत’ टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान भारतीय पिचों को लेकर उठे सवालों पर टीम इंडिया के हेड कोच ने कहा कि भारत अपने फायदे के लिए पिच तैयार करता है, यह आरोप गलत है और अक्सर ऐसे बयान विवाद और टीआरपी के लिए दिए जाते हैं। गंभीर के मुताबिक टी-20 क्रिकेट अब बैटर्स का खेल बन चुका है और दुनियाभर में बड़े स्कोर बन रहे हैं। भारत ने ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका जैसे देशों में भी 200 से ज्यादा रन बनाए हैं, इसलिए इसे सिर्फ घरेलू पिचों से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ICC टूर्नामेंट में पिचों की जिम्मेदारी इंटरनेशन क्रिकेट काउंसिल की होती है, BCCI की नहीं। इसलिए भारत के लिए विकेट तैयार करने का सवाल ही नहीं उठता। गंभीर ने कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ मैच का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने वहां करीब 180 रन बनाए थे, जबकि बाकी टीमें उसी पिच पर करीब 140 रन तक ही पहुंच सकीं, लेकिन तब किसी ने पिच पर सवाल नहीं उठाए। टी-20 मैच में दर्शक बड़े स्कोर देखना चाहते हैं। यही वजह है कि ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका में भी हाई स्कोरिंग मैच आम हो गए हैं। ‘डेटा नहीं, अपनी समझ पर भरोसा करता हूं’ गंभीर का कहना है, ‘कोच के तौर पर फैसले लेते समय मैं डेटा से ज्यादा अपनी समझ पर भरोसा करता हूं। हर कोच की टीम को लेकर अपनी अलग सोच और नजरिया होता है।’ गंभीर ने कहा कि अगर मुझे लगता है कि कोई फैसला टीम के लिए सही है तो उस पर कायम रहता हूं और गलत साबित होने पर जिम्मेदारी भी स्वीकारता हूं। टीम का खेल, व्यवहार और माहौल मेरी अपनी सोच और विजन का हिस्सा है, जबकि भविष्य में आने वाला कोच अपनी सोच के साथ टीम को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर मैं वीवीएस लक्ष्मण और अजीत अगरकर जैसे अनुभवी लोगों से क्रिकेट पर चर्चा करता हूं। संजू सैमसन पर बोले- फॉर्म अस्थायी है न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में खराब प्रदर्शन के बावजूद संजू सैमसन को वर्ल्ड कप टीम में बनाए रखने पर गंभीर ने कहा, ‘मैंने उन्हें इसलिए रखा, क्योंकि मुझे पता था कि संजू टीम के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं। न्यूजीलैंड सीरीज में उनका दौर खराब था, लेकिन फॉर्म हमेशा एक जैसी नहीं रहता। उन्हें एक ब्रेक की जरूरत थी, जो हमने दिया। जिस खिलाड़ी ने टी-20 में 3 शतक लगाए हों, उसके टैलेंट पर शक नहीं किया जा सकता।’ संजू ने टूर्नामेंट में 321 रन बनाकर विराट कोहली (2014) का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वह प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ करो या मरो मैच में नाबाद 97 रन और उसके बाद सेमीफाइनल में 89 और फाइनल में 89 की पारी खेली थी। गंभीर ने कीर्ति आजाद के बयान की आलोचना की गंभीर ने कहा कि टी-20 वर्ल्ड कप जीत खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत का नतीजा है। खिलाड़ियों ने काफी दबाव झेला और फिर यह सफलता हासिल की। ऐसे में इस तरह के बयान देना अपने ही खिलाड़ियों और टीम का अपमान करने जैसा है। दरअसल, भारत ने नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता। इसके बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव, कोच गौतम गंभीर और ICC प्रमुख जय शाह अहमदाबाद के हनुमान मंदिर में आशीर्वाद लेने पहुंचे और ट्रॉफी भी साथ ले गए। इस पर 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य और टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि खेल किसी धर्म या जाति से जुड़ा नहीं होता और यह जीत पूरे देश की है, इसलिए ट्रॉफी को मंदिर ले जाना सही नहीं है। आजाद के इस बयान की पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के मंदिर जाने को राजनीति से जोड़ना गलत है और एक पूर्व क्रिकेटर से ऐसी टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी। आजाद ने गौतम गंभीर बयान पर बुधवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि खिलाड़ियों का अपमान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को भी अपने स्तर और स्थिति का ध्यान रखना चाहिए। भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां सभी धर्मों के लोग रहते हैं और सभी का सम्मान किया जाना चाहिए। अगला लक्ष्य: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का खिताब जीतना टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने अब अपना अगला लक्ष्य तय कर लिया है। उन्होंने कहा कि अगला टारगेट भारत को ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के फाइनल तक पहुंचाना और खिताब जीतना है। भारत ने पिछले दो साल में 4 ICC व्हाइट बॉल ट्रॉफी जीती हैं। 2024 टी-20 वर्ल्ड कप, 2025 एशिया कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 वर्ल्ड कप। लेकिन टीम अभी तक वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब नहीं जीत पाई है। गंभीर ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट मेरे दिल के बहुत करीब है और अब पूरा ध्यान वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने पर होगा। अभी भारत को करीब 9 टेस्ट मैच खेलने हैं और टीम रेड-बॉल क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों को मौका देती रहेगी। उन्होंने माना कि टेस्ट क्रिकेट आसान नहीं होता, खासकर तब जब टीम बदलाव के दौर से गुजर रही हो, लेकिन खिलाड़ियों को लगातार समर्थन दिया जाएगा, ताकि टीम बेहतर प्रदर्शन कर सके। गंभीर ने यह भी कहा कि