चंडीगढ़ पुलिस के सामने पेश नहीं हुईं मधु किश्वर:मिसलीडिंग VIDEO केस में होनी थी पूछताछ, घर जाकर थमाया गया था नोटिस

फेमस राइटर मधु किश्वर आज चंडीगढ़ पुलिस के सामने पेश नहीं हुई। चंडीगढ़ पुलिस ने मंगलवार को दिल्ली में राइटर घर जाकर जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया था। राइटर मधु किश्वर के मुताबिक, पुलिस टीम ने 20 अप्रैल की रात उनको नोटिस दिया। दो महिला पुलिसकर्मी समेत पांच पुलिसकर्मी उनके आवास स्थित ऑफिस पहुंचे थे। राइटर ने कहा- मैं उस समय एक वीडियो रिकॉर्ड कर रही थी, इसलिए मैंने उन्हें कुछ देर इंतजार करने को कहा। हालांकि, इतनी रात को पुलिस का आना अच्छे संकेत नहीं देता। दरअसल, मधु किश्वर समेत अन्य लोगों पर चंडीगढ़ के सेक्टर-26 थाने में 20 अप्रैल को ही एक शिकायत पर FIR दर्ज की गई। शिकायत में कहा गया कि कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने एक वीडियो को गलत पहचान के साथ वायरल किया और उसमें अश्लील व भ्रामक शब्द जोड़कर पेश किया। इससे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की छवि खराब करने की कोशिश की गई और समाज में भ्रम फैलाया गया। चंडीगढ़ पुलिस रात में दिल्ली पहुंची दिल्ली में मधु किश्वर के दफ्तर में उनके और पुलिस अधिकारियों के बीच बात हुई। इस दौरान मधु किश्वर ने कहा कि न उनकी तरफ से कोई दुर्भावना थी और न दूसरी तरफ से। उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस से पूछा कि क्या वह स्थानीय पुलिस के साथ नहीं आए हैं? इस पर चंडीगढ़ से आई महिला पुलिस अधिकारी ने बताया कि उनकी टीम साथ आई है। मधु किश्वर ने इस टीम को कानून का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं के घर पर सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले पुलिस न तो आ सकती है और न ही उन्हें अरेस्ट कर सकती है। उन्होंने इस मुद्दे पर पुलिस टीम के सीनियर अधिकारी से भी बात की तो उसने बताया कि ये टीम चंडीगढ़ में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में सिर्फ नोटिस देने आई है। इस पर उन्होंने कहा कि कानून का पालन करते हुए दिन में आना चाहिए। मधु किश्वर के मुताबिक, दोनों पक्षों ने शालीनता और शिष्टाचार बनाए रखा। जैसे ही उन्हें एफआईआर की कॉपी मिलेगी, वह चंडीगढ़ में दर्ज इस केस में शामिल होंगी। 3 पॉइंट में जानिए पूरा मामला
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Hindi News National Breaking News Live Updates Headlines 22 April Mp Rajasthan Cg Delhi Uttar Pradesh Maharashtra Mumbai 34 मिनट पहले कॉपी लिंक तेलंगाना के नलगोंडा जिले में सरकारी बैंक की एक शाखा से 2.65 करोड़ रुपए की हेराफेरी केस में दो बैंक मैनेजर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी बैंक में कॉन्ट्रैक्ट पर हाउसकीपिंग स्टाफ के तौर पर काम करता था। उसने दो बैंक मैनेजर और अन्य लोगों के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया। आरोपियों ने बैंक के डॉर्मेंट लेकिन एक्टिव बैलेंस वाले खातों से पैसे ट्रांसफर किए। इसके लिए उन्होंने नॉन-ब्रांच ऑनलाइन KYC अपडेट सिस्टम की खामी का फायदा उठाया। नलगोंडा के एसपी शरत चंद्र पवार के मुताबिक, चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके साथियों के खातों में ट्रांसफर किए गए 2.42 करोड़ रुपए भी बरामद कर लिए गए हैं। आज की अन्य बड़ी खबरें… दिल्ली ब्लास्ट केस में कोर्ट ने NIA को 45 दिन की अतिरिक्त मोहलत दी दिल्ली ब्लास्ट मामले में जांच पूरी करने के लिए कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को 45 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। NIA ने कोर्ट से कहा था कि मामले की जांच अभी जारी है और इसे पूरा करने के लिए और समय की जरूरत है। इसके बाद कोर्ट ने एजेंसी को 45 दिन की और मोहलत दे दी। हालांकि यह साफ नहीं है कि जांच में देरी की मुख्य वजह क्या है और अब तक कितने लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस बारे में आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल, एजेंसी को दिए गए अतिरिक्त समय के दौरान जांच को पूरा करने और केस से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने की जिम्मेदारी होगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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Hindi News National Breaking News Live Updates Headlines 22 April Mp Rajasthan Cg Delhi Uttar Pradesh Maharashtra Mumbai 4 घंटे पहले कॉपी लिंक तेलंगाना के नलगोंडा जिले में सरकारी बैंक की एक शाखा से 2.65 करोड़ रुपए की हेराफेरी केस में दो बैंक मैनेजर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी बैंक में कॉन्ट्रैक्ट पर हाउसकीपिंग स्टाफ के तौर पर काम करता था। उसने दो बैंक मैनेजर और अन्य लोगों के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया। आरोपियों ने बैंक के डॉर्मेंट लेकिन एक्टिव बैलेंस वाले खातों से पैसे ट्रांसफर किए। इसके लिए उन्होंने नॉन-ब्रांच ऑनलाइन KYC अपडेट सिस्टम की खामी का फायदा उठाया। नलगोंडा के एसपी शरत चंद्र पवार के मुताबिक, चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके साथियों के खातों में ट्रांसफर किए गए 2.42 करोड़ रुपए भी बरामद कर लिए गए हैं। आज की अन्य बड़ी खबरें… दिल्ली ब्लास्ट केस में कोर्ट ने NIA को 45 दिन की अतिरिक्त मोहलत दी दिल्ली ब्लास्ट मामले में जांच पूरी करने के लिए कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को 45 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। NIA ने कोर्ट से कहा था कि मामले की जांच अभी जारी है और इसे पूरा करने के लिए और समय की जरूरत है। इसके बाद कोर्ट ने एजेंसी को 45 दिन की और मोहलत दे दी। हालांकि यह साफ नहीं है कि जांच में देरी की मुख्य वजह क्या है और अब तक कितने लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस बारे में आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल, एजेंसी को दिए गए अतिरिक्त समय के दौरान जांच को पूरा करने और केस से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने की जिम्मेदारी होगी। फर्जी वीडियो केस में लेखिका मधु किश्वर को चंडीगढ़ पुलिस ने थमाया नोटिस चंडीगढ़ पुलिस ने मंगलवार को दिल्ली पहुंचकर लेखिका मधु किश्वर को थाने में पेश होने का नोटिस दिया। यह नोटिस सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक वीडियो शेयर करने को लेकर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, उन पर भ्रामक और आपत्तिजनक कंटेंट फैलाने का आरोप है। एक ट्रैवल ब्लॉगर के वीडियो में अश्लील टेक्स्ट जोड़कर उसे गलत पहचान के साथ वायरल किया गया था, जिसे किश्वर ने रिट्वीट किया। किश्वर ने कहा कि पुलिस टीम देर रात आई थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Madhu Kishwar Notice | Chandigarh Police Delhi FIR

मधु किश्वर के घर पहुंची चंडीगढ़ पुलिस उनके ऑफिस में बात करती हुई। चंडीगढ़ पुलिस की टीम आज (21 अप्रैल को) दिल्ली में राइटर मधु किश्वर के घर पहुंची। टीम ने उन्हें नोटिस देकर जांच में शामिल होने के लिए कहा। टीम में इंस्पेक्टर इरम रिजवी और इंस्पेक्टर सरित राय शामिल थीं, जिन्होंने नोटिस सौंपा। . राइटर मधु किश्वर ने कहा कि हमारे सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि पांच पुलिसकर्मी, जिनमें दो महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, मेरे ऑफिस पहुंची हैं। मैं उस समय एक वीडियो रिकॉर्ड कर रही थी, इसलिए मैंने उन्हें कुछ देर इंतजार करने को कहा। लेकिन इतनी देर रात पुलिस का पहुंचना अच्छे संकेत नहीं देता। मधु किश्वर समेत अन्य लोगों पर सेक्टर-26 थाने में कल केस दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने एक वीडियो को गलत पहचान के साथ वायरल किया और उसमें अश्लील व भ्रामक शब्द जोड़कर पेश किया। इससे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की छवि खराब करने की कोशिश की गई और समाज में भ्रम फैलाया गया। राइटर मधु किश्वर के घर पहुंची चंडीगढ़ पुलिस। चंडीगढ़ पुलिस रात में दिल्ली पहुंची चंडीगढ़ पुलिस कल रात दिल्ली पहुंची, इसके बाद हमारे सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि पांच पुलिसकर्मी, जिनमें दो महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, मेरे ऑफिस पहुंची हैं। मैं उस समय एक वीडियो रिकॉर्ड कर रही थी, इसलिए मैंने उन्हें कुछ देर इंतजार करने को कहा। लेकिन इतनी देर रात पुलिस का पहुंचना अच्छे संकेत नहीं देता। दफ्तर में पुलिस अधिकारियों और लेखिका के बीच बातचीत हुई। बातचीत के दौरान मधु किश्वर ने कहा कि न उनकी तरफ से कोई दुर्भावना थी और न ही दूसरी तरफ से। इसी बीच उन्होंने पुलिस टीम से पूछा कि क्या वे स्थानीय पुलिस के साथ नहीं आई हैं। इस पर महिला अधिकारी ने बताया कि उनकी टीम साथ आई है। महिलाओं को सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ्तार नहीं कर सकते मधु किश्वर ने कानून का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं के घर पर सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले पुलिस न तो आ सकती है और न ही गिरफ्तारी कर सकती है। इसी को लेकर उन्होंने प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख अधिकारी से फोन पर बात की। अधिकारी ने बताया कि टीम चंडीगढ़ में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में नोटिस देने आई है। इस पर मधु किश्वर ने कहा कि कानून का पालन करते हुए सुबह के समय आना चाहिए। मधु किश्वर के मुताबिक, दोनों पक्षों ने पूरी शालीनता और शिष्टाचार बनाए रखा। उन्होंने कहा कि जैसे ही एफआईआर की कॉपी मिलेगी, वह चंडीगढ़ में दर्ज इस नए केस का पूरा विवरण साझा करेंगी। 3 पॉइंट में जानिए पूरा मामला भ्रामक पोस्ट-क्लिप शेयर की जा रही, गलत पहचान बता रहे: सेक्टर-26 थाने में कल शिकायत दर्ज हुई थी। जिसमें चंडीगढ़ एक निवासी एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि कुछ फर्जी और भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट एवं वीडियो क्लिप, जिनमें अश्लील शब्द और सामग्री शामिल है, विभिन्न सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा प्रसारित किए जा रहे हैं। इन पोस्ट्स में वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की गलत पहचान बताई जा रही है। अश्लील शब्द यूज किए, नुकसान पहुंचाने का मकसद: शिकायतकर्ता के अनुसार, यह जानबूझकर किया गया कृत्य है, जिसमें अश्लील शब्दों और वाक्यांशों का उपयोग करते हुए झूठे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार किए गए हैं। आरोप है कि संबंधित लोगों को यह जानकारी थी या उन्हें विश्वास करने का पर्याप्त कारण था कि ये पोस्ट भ्रामक और झूठे हैं, और इनका उद्देश्य नुकसान पहुंचाना या किसी को क्षति पहुंचाना है। महिला के पति, वीडियो वाली महिला का बयान दर्ज किया: पुलिस ने जांच के दौरान उसके पति और वीडियो में मौजूद एक अन्य महिला के बयान भी दर्ज किए गए हैं। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 196, 318, 336(1), 336(3), 336(4), 340, 353, 356 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धाराएं 66C, 66D और 67 के तहत मधु किश्वर और अन्य के खिलाफ, शिकायत में उल्लिखित सोशल मीडिया हैंडल्स के आधार पर, थाना सेक्टर-26 में मामला दर्ज किया है। ************ ये खबर भी पढ़ें: चंडीगढ़ में PM के खिलाफ बोलने वाली लेखिका पर FIR: आरोप- मधु किश्वर ने सोशल मीडिया पर मिसलीडिंग VIDEO डाला, अश्लील शब्द जोड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने वाली फेमस राइटर मधु किश्वर पर चंडीगढ़ में केस दर्ज किया गया है। सोमवार (20 अप्रैल) को मधु किश्वर और अन्य लोगों के खिलाफ सेक्टर-26 थाने में FIR दर्ज की गई। यह कार्रवाई 19 अप्रैल को मिली शिकायत के आधार पर की गई। (पढ़ें पूरी खबर)
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Last Updated:April 16, 2026, 18:01 IST Guru Harkrishan Polyclinic Delhi: महंगाई के दौर में जहां एक MRI स्कैन के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं. वहीं दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब ने मानवता की मिसाल पेश की है. यहां स्थित गुरु हरकृष्ण पॉलीक्लिनिक में मात्र 50 रुपये में MRI और CT स्कैन की अत्याधुनिक सुविधा दी जा रही है. ₹10 की OPD और मुफ्त दवाइयों के साथ, यह सेवा बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद के लिए खुली है. जानिए कैसे पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर यहां मरीजों को मिल रहा है विश्वस्तरीय और सस्ता इलाज. दिल्लीः महंगे इलाज और जांचों के बीच राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में स्थित गुरु हरकृष्ण पॉलीक्लिनिक में मरीजों को मात्र 50 में MRI और CT स्कैन जैसी महंगी जांचों की सुविधा मिल रही है. जहां निजी लैब्स में इन जांचों के लिए 5000 से 8000 रुपए तक खर्च करना पड़ता है. वहीं यहां यह सुविधा बेहद कम कीमत पर उपलब्ध है. इस सेवा के बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमिटी के सदस्य श्रीमान भूपेंद्र सिंह भुल्लर जी ने बताया कि यहां किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाता न जाति, न धर्म और न ही अमीर-गरीब यहां सभी के लिए एक ही नियम है पहले आओ, पहले पाओ. सिर्फ ₹50 में हाई-टेक जांचगुरु हरकृष्ण पॉलीक्लिनिक में MRI और CT स्कैन के अलावा महिलाओं के लिए मेमोग्राफी, ब्लड टेस्ट और अन्य कई डायग्नोस्टिक सेवाएं भी बेहद कम लागत में उपलब्ध हैं. यह सुविधा उन लोगों के लिए बड़ी राहत है, जो महंगे टेस्ट नहीं करा पाते. 10 रुपए की OPD और मुफ्त दवाइयांयहां OPD का शुल्क सिर्फ 10 रुपए है. मरीजों को दवाइयां भी मुफ्त दी जाती हैं. साथ ही अनुभवी डॉक्टर अपनी सेवाएं समाज सेवा के भाव से यहां देते हैं. जिससे इलाज की गुणवत्ता भी बनी रहती है. कोविड के समय शुरू हुई सस्ती दवाओं की पहलCOVID-19 के दौरान जब लोगों के पास खाने और दवाइयों के लिए पैसे नहीं थे. तब गुरुद्वारा प्रबंधन ने एक खास मेडिकल स्टोर शुरू किया. यहां दवाइयां उसी कीमत पर मिलती हैं. जिस कीमत पर वे कंपनियों या डिस्ट्रीब्यूटर से आती हैं यानी बिना किसी मुनाफे के.यह अस्पताल 1959 से लोगों की सेवा कर रहा है. पिछले कुछ वर्षों में यहां आधुनिक मशीनें और सुविधाएं जोड़ी गई हैं. जिससे अब यहां एक पूरी तरह सुसज्जित डायग्नोस्टिक सिस्टम मौजूद है. हर किसी के लिए खुली सेवाइस पॉलीक्लिनिक की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यहां इलाज के लिए किसी सिफारिश या पहचान की जरूरत नहीं जो भी मरीज आता है, उसे पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर इलाज मिलता है. रोजाना यहां पर हजारों संख्या में लोग अपनी बीमारी का इलाज कराने आते हैं. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : East Delhi,Delhi First Published : April 16, 2026, 17:29 IST
Delhi Airport Accident Video; Akasa Air SpiceJet Plane Collision Photos

नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली एयरपोर्ट पर गुरुवार को दोपहर 2 बजे हादसा हुआ। दिल्ली एयरपोर्ट पर गुरुवार को दोपहर 2 बजे स्पाइसजेट की फ्लाइट पार्किंग एरिया में खड़े अकासा एयरलाइन के विमान से टकरा गई। हादसे में पैसेंजर और क्रू मेंबर सुरक्षित हैं। स्पाइसजेट विमान के राइट विंग्स को नुकसान पहुंचा है। वहीं, दूसरे अकासा विमान का लेफ्ट विंग टूट गई है। घटना के बाद स्पाइसजेट का यह विमान दिल्ली में ही ग्राउंड कर दिया गया है। इसे उड़ान के लिए उपयोग में नहीं लिया जाएगा। FlightRadar24 के अनुसार, यह घटना तब हुई जब लेह से आया स्पाइसजेट विमान गेट की ओर बढ़ रहा था। अकासा एयर का विमान हैदराबाद के लिए पुशबैक कर रहा था। हादसे से जुड़ी 4 तस्वीरें… अकासा एयरलाइंस बोली- हमारा विमान पार्किंग एरिया में खड़ा था अकासा एयरलाइंस के प्रवक्ता ने बताया कि अकासा एयर की दिल्ली से हैदराबाद जा रही फ्लाइट QP 1406 को 16 अप्रैल 2026 को वापस बे (पार्किंग एरिया) में लौटना पड़ा। ग्राउंड टीम यात्रियों को जल्द से जल्द हैदराबाद भेजने के लिए ऑप्शनल इंतजाम कर रही है। देश में विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग और खराबी की पिछली घटनाएं… मार्च 2026: इंडिगो फ्लाइट का इंजन फेल, दूसरे इंजन से दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग विशाखापट्टनम से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 579 की दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंजन बंद होने की वजह से इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी। फ्लाइट में 160 यात्री सवार थे। विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए एयरपोर्ट के रनवे 28 पर ‘फुल इमरजेंसी’ लागू की गई थी। जिस बोइंग 737 विमान (TC-CON) के इंजन में खराबी आई, वह तुर्की की कोरेनडन एयरलाइन्स से लीज पर लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें… जनवरी 2026: लखनऊ में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, 275 यात्री थे; सऊदी जाते वक्त तकनीकी खराबी आई जनवरी 2026 में उत्तर प्रदेश के लखनऊ एयरपोर्ट से सऊदी अरब जा रहे एक विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी। सूत्रों के मुताबिक, जब विमान मुंबई के पास पहुंचा, तब केबिन प्रेशर में समस्या आ गई। इसके चलते कुछ यात्रियों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। यह विमान सऊदिया अरबिया एयरलाइंस का था। फ्लाइट नंबर SV-891 जेद्दा जा रही थी। विमान में 275 यात्री, 4 पायलट और 6 क्रू मेंबर सवार हैं। पूरी खबर पढ़ें… दिसंबर 2025: एअर इंडिया प्लेन का एक इंजन हवा में बंद, दूसरे इंजन से दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग दिल्ली से मुंबई जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट को 40 मिनट में ही इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। रिपोर्ट्स के मुताबिक बोइंग 777-300ER AI887 फ्लाइट का दाहिना इंजन टेक-ऑफ के बाद बंद हो गया। उसमें ऑइल प्रेशर जीरो हो गया था। इसके चलते उसे दिल्ली एयरपोर्ट लौटना पड़ा। हालांकि 2 इंजन वाले प्लेन एक इंजन के जरिए भी सुरक्षित लैंड कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
aiims new delhi 24 hour opd: एम्स के मरीजों के लिए खुशखबरी, खत्म हो जाएंगी लाइनें, दिन हो या रात हर वक्त मिलेगा इलाज

होमताजा खबरदेश एम्स के मरीजों के लिए खुशखबरी, खत्म हो जाएंगी लाइनें, दिन रात मिलेगा इलाज Last Updated:April 15, 2026, 08:45 IST AIIMS New Delhi Good News: एम्स नई दिल्ली को लेकर बहुत अच्छी खबर सामने आई है. एम्स में दिन रात ओपीडी सेवाएं शुरू हो सकती हैं. स्थाई संसदीय समिति ने देश के सबसे बड़े अस्पताल AIIMS में 24 घंटे ओपीडी सर्विस, स्टाफ रोटेशन, ड्यूटी आवर्स रेगुलेशन और इंटर एम्स ट्रांसफर पॉलिसी की सिफारिश करते हुए रिपोर्ट पेश की है. ऐसा होने से मरीजों को बड़ा फायदा होगा. एम्स नई दिल्ली को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां 24 घंटे ओपीडी शुरू हो सकती है. AIIMS New Delhi Big News: देश के सबसे बड़े और व्यस्त अस्पताल एम्स नई दिल्ली को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. एम्स अस्पताल में जल्द ही पूरे दिन-रात ओपीडी सेवा शुरू की जा सकती है. इमरजेंसी की तरह 24 घंटे ओपीडी सेवा मिलने से यहां इलाज कराने आने वाले मरीजों को इलाज के लिए लंबी कतारों में नहीं लगना होगा और उन्हें बहुत बड़ी राहत मिल जाएगी. रोजाना हजारों मरीजों की भीड़ को इलाज मुहैया कराने वाले एम्स अस्पताल में सुबह से शाम तक लंबी कतारें लगती हैं और मरीज घंटों के लंबे इंतजार के बाद डॉक्टरों को दिखा पाते हैं. लेकिन अब इस पुरानी समस्या का समाधान मिलने जा रहा है. संसद की स्थायी समिति ने अपनी हालिया रिपोर्ट में एम्स नई दिल्ली में राउंड-द-क्लॉक यानी 24 घंटे ओपीडी सेवाएं शुरू करने की सिफारिश की है. समिति की रिपोर्ट ‘ वर्किंग ऑफ ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) नई दिल्ली और मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में आने वाली समस्याएं’ में कहा गया है कि अस्पताल प्रबंधन के अंदर से ही रात में ओपीडी खोलने का प्रस्ताव आया है. समिति ने इसे गंभीरता से विचार करने लायक बताया है. रिपोर्ट में साफ लिखा है, ‘अगर हवाई जहाज दिन-रात उड़ सकते हैं और ट्रेनें 24 घंटे चल सकती हैं, तो ओपीडी क्यों नहीं चल सकती?’ समिति ने स्टाफ के लिए रोटेशन सिस्टम का सुझाव दिया है. डॉक्टरों और सहायक स्वास्थ्यकर्मियों को दिन और रात की शिफ्ट में तैनात किया जाए और उन्हें पर्याप्त कंपेनसेटरी रेस्ट दिया जाए. इससे भीड़ कम होगी और मरीजों को बिना किसी परेशानी के किसी भी समय इलाज मिल सकेगा. एम्स में ये समस्याएं आ रहीं सामने रिपोर्ट में एम्स की एक बड़ी समस्या के बारे में भी लिखा गया है कि यहां डॉक्टरों के इस्तीफे की दर काफी ज्यादा है. कई डॉक्टर अपने गृहनगर लौटना चाहते हैं या प्राइवेट सेक्टर में बेहतर अवसर तलाशते हैं. समिति ने इंटर एम्स ट्रांसफर पॉलिसी बनाने की सिफारिश की है ताकि डॉक्टर अपने परिवार के करीब रह सकें. वर्तमान में एम्स नई दिल्ली में 1,306 स्वीकृत फैकल्टी पदों में से 446 (34%) खाली पड़े हैं. नॉन-फैकल्टी पदों में भी 18% से ज्यादा वैकेंसी हैं, जिसमें नर्सें और तकनीकी स्टाफ शामिल हैं. समिति ने जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की लंबी ड्यूटी घंटों पर भी चिंता जताई है. 36 घंटे तक लगातार ड्यूटी करने से क्लिनिकल एरर और बर्नआउट का खतरा बढ़ता है, जो मरीजों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करता है. इसलिए समिति ने “क्लिनिकल ड्यूटी आवर्स रेगुलेशन” पॉलिसी बनाने और उसे सख्ती से लागू करने की सिफारिश की है. एम्स है उम्मीद का आखिरी केंद्र एम्स दिल्ली न सिर्फ दिल्ली बल्कि पूरे उत्तर भारत के मरीजों के लिए आखिरी उम्मीद का केंद्र है. यहां गरीब से अमीर तक हर वर्ग के लोग आते हैं. अगर 24 घंटे ओपीडी शुरू हो जाती है तो सुबह की भीड़ कम होगी, इमरजेंसी केस आसानी से हैंडल हो सकेंगे और मरीजों को रात में भी तुरंत परामर्श मिल सकेगा. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यह प्रस्ताव लागू होने पर एम्स न सिर्फ मरीजों के लिए बल्कि डॉक्टरों और स्टाफ के लिए भी बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस दे सकेगा. संसदीय समिति की ये सिफारिशें अगर जल्द अमल में आईं तो देश के सबसे बड़े मेडिकल संस्थान में एक नया अध्याय शुरू हो सकता है, जहां इलाज की सुविधा कभी बंद नहीं होगी. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 15, 2026, 08:45 IST
organ donation in RML delhi: दिल्ली आरएमएल में ब्रेन डेड महिला का अंगदान, तीन मरीजों को नई जिंदगी

होमताजा खबरDelhi ब्रेन डेड महिला का दान बना रक्षा कवच, दिल्ली से लखनऊ तक बचीं तीन जिंदगियां Last Updated:April 13, 2026, 13:23 IST Organ donation in Delhi: एक ब्रेन डेड 45 महिला के दान की बदौलत तीन लोगों को नई जिंदगी मिली. दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में परिवार ने महिला के किडनी, लिवर, हार्ट दान किए, जो दिल्ली और लखनऊ के तीन गंभीर मरीजों को लगाए गए. ऑर्गन डोनेशन से ब्रेन डेड महिला ने बचाई 3 लोगों की जान. RML Delhi News: अंगदान कितना महान होता है, ये इस घटना से आपको समझ में आ सकता है. दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में उस वक्त मरीजों, तीमारदारों से लेकर डॉक्टरों के सिर इन ब्रेन डेड महिला के सम्मान में झुक गए, जिनके दान की बदौलत दिल्ली से लखनऊ तक तीन लोगों की जिंदगियां वापस लौट आईं और इनके दर्जनों परिजनों के चेहरों पर खुशी की लहर आ गई. वहीं दर्द की इस कठिन घड़ी में भी मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक परिवार ने तीन अन्य परिवारों को नई जिंदगी का तोहफा दिया है. 12 अप्रैल 2026 को अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (ABVIMS) एंड डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ने अपना छठा मल्टी-ऑर्गन रिट्रीवल सफलतापूर्वक पूरा किया. 45 वर्षीय एक महिला सिर में खून के रिसाव (cerebral hemorrhage) के कारण ब्रेन डेड हो गई थीं. उनके परिवार ने बेहद मुश्किल समय में भी बहुत ही उदार और नेक फैसला लिया. उन्होंने अपनी बेटी/पत्नी/मां के किडनी, लीवर और हार्ट दान करने की सहमति दे दी. मौत से जूझ रहे 3 मरीजों के बचे प्राण . महिला के ऑर्गन डोनेशन में से एक किडनी आरएमएल अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के एंड-स्टेज किडनी डिजीज मरीज को लगाई गई. . महिला का लिवर दिल्ली के आर्मी अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल) RR अस्पताल के एंड-स्टेज लीवर डिजीज मरीज को लगाया गया. . जबकि महिला का हार्ट लखनऊ के SGPGI अस्पताल में भेजा गया जहां कार्डियक फेलियर से जूझ रहे मरीज को ट्रांसप्लांट किया गया. इस दौरान अस्पताल के मेडिसिन और क्रिटिकल केयर विभाग के डॉक्टरों ने परिवार को ब्रेन डेड की स्थिति समझाई. ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर ने अंगदान के बारे में विस्तार से बताया. परिवार की स्वैच्छिक सहमति के बाद नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लंट ऑर्गनाइजेशन (National Organ and Tissue Transplant Organisation) ने अंगों को जरूरत के अनुसार 3 अलग-अलग संस्थानों में देने का फैसला किया. 13 अप्रैल की सुबह 3 बजकर 30 मिनट पर कार्डियक एनेस्थीसिया और एनेस्थीसिया टीम की मदद से CTVS टीम ने हार्ट, लिवर ट्रांसप्लांट टीम ने लिवर और यूरोलॉजी टीम ने महिला की किडनी रिट्रीव की. हार्ट को एयर एंबुलेंस से लखनऊ भेजा गया, जबकि लीवर को दिल्ली पुलिस द्वारा बनाए गए ग्रीन कॉरिडोर से RR अस्पताल पहुंचाया गया. अंगदान के बाद मृतक का शरीर परिवार को पूरे सम्मान के साथ सौंप दिया गया. पूरी प्रक्रिया ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर और नोडल ऑफिसर (ट्रांसप्लांट) अस्पताल के डायरेक्टर, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और एडिशनल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की निगरानी में की गई. इस दौरान इस अंगदान ने फिर साबित कर दिया कि मौत भी जिंदगी बन सकती है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 13, 2026, 13:23 IST
Allahabad HC Delhi Justice Yashwant Verma resign after burnt notes bundle fire news updates

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भेज दिया है। 14 मार्च 2025 को उनके दिल्ली स्थित घर में लगी आग में 500-500 के नोटों के बंडल जले मिले थे। इस विवाद के बाद उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया . 14 मार्च 2025 को दिल्ली HC के जस्टिस वर्मा के सरकारी बंगले में आग लगी। वहां दमकल कर्मियों को जले हुए 500 रुपए के नोटों से भरी बोरियां मिलीं। 7 जनवरी- सुप्रीम कोर्ट ने संसदीय जांच पैनल में खामी बताई 7 जनवरी को कोर्ट ने कहा था कि लोकसभा स्पीकर की ओर से गठित संसदीय जांच पैनल में कुछ खामी दिखाई देती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जजेज इन्क्वायरी एक्ट के तहत लोकसभा स्पीकर के पास यह अधिकार है कि वह जस्टिस वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए समिति गठित कर सकें, भले ही राज्यसभा में ऐसा ही प्रस्ताव खारिज हो चुका हो। 16 दिसंबर 2025- कोर्ट ने लोकसभा स्पीकर को नोटिस दिया इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 16 दिसंबर 2025 को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को नोटिस जारी किया। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजे मसीह की बेंच ने लोकसभा स्पीकर कार्यालय और दोनों सदनों के महासचिवों से जवाब मांगा था। जस्टिस दत्ता ने पूछा था- राज्यसभा में प्रस्ताव नामंजूर हुआ फिर भी लोकसभा में समिति बनाई गई। संसद में इतने सारे सांसद और कानूनी विशेषज्ञ मौजूद थे, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, संसद में मौजूद कानूनी विशेषज्ञों ने इसे होने कैसे दिया? याचिका में दावा- जांच पैनल भारतीय संविधान का उल्लंघन 7 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनल कमेटी की रिपोर्ट और CJI खन्ना की सिफारिश के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद जस्टिस वर्मा ने 1968 के जज जांच कानून के तहत शुरू हुई कार्रवाई को चुनौती देते हुए नई याचिका दायर की है। लोकसभा अध्यक्ष ने जज (जांच) कानून 1968 की धारा 3(2) के तहत के जांच पैनल बनाया, जिसे संविधान के खिलाफ बताया गया है। याचिका में 12 अगस्त 2025 की लोकसभा स्पीकर की कार्रवाई को असंवैधानिक घोषित कर रद्द करने की मांग की गई है। जस्टिस वर्मा के वकील ने कहा कि जज को हटाने से जुड़े प्रस्ताव लाने से पहले लोकसभा और राज्यसभा दोनों मिलकर जांच समिति बनाएं सिर्फ लोकसभा स्पीकर अकेले यह कमेटी न बनाएं। इससे पहले तीन हाईकोर्ट जजों की जांच में जस्टिस वर्मा दोषी पाए गए और उन्हें हटाने की सिफारिश हुई थी। इसके बाद सरकार ने संसद में महाभियोग प्रस्ताव रखा, जिसे 146 सांसदों के समर्थन के साथ अध्यक्ष ने मंजूर कर लिया। संसद में महाभियोग लाने की प्रक्रिया क्या है… जजों की जांच के कानून के बारे में जानें… 1968 के जजों (जांच) अधिनियम के मुताबिक जब किसी जज को हटाने का प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में मंजूर हो जाता है तो स्पीकर या चेयरमैन उस आरोप की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक समिति बनाते हैं। ————————– ये खबर भी पढ़िए- सुप्रीम कोर्ट बोला-मेरठ का मामला देश के लिए चेतावनी:जिंदगी की कीमत पर व्यवसाय नहीं चलेगा, 859 संपत्तियों को तोड़ने के आदेश सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने गुरुवार को 859 संपत्तियों पर बने अवैध सेटबैक को दो महीने के भीतर तोड़ने का आदेश दिया है। अवैध सेटबैक यानी इमारत के चारों ओर छोड़ी जाने वाली अनिवार्य खाली जगह में किया गया निर्माण। लाइव लॉ के मुताबिक, कोर्ट ने कहा- मामला सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के लिए चेतावनी है। अगर प्रशासन ने समय रहते कदम उठाए होते, तो इतनी बड़ी समस्या पैदा नहीं होती।कानून का राज लोगों के शोर-शराबे के आगे झुक नहीं सकता है। व्यवसाय किसी की जिंदगी की कीमत पर नहीं चल सकता है। पढ़ें पूरी खबर…
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Last Updated:April 09, 2026, 19:43 IST Delhi Top Hospitals In India: दिल्ली में देश के कुछ ऐसे हॉस्पिटल हैं जो की अलग-अलग बीमारियों की विशेषज्ञ इलाज के लिए देश भर में नंबर वन माने जाते हैं. इसमें कोई हॉस्पिटल दिल के इलाज तो कोई हॉस्पिटल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में माहिर हैं. इसलिए देश और विदेश से पीड़ित यहां पर आकर अपना इलाज करवाते हैं. वहीं तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों के मामले में भी यह हॉस्पिटल प्रसिद्ध हैं. देश का सबसे टॉप हॉस्पिटल दिल्ली का हॉस्पिटल ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़, एम्स हॉस्पिटल माना जाता है. इसके कई कारण है. मगर सबसे बड़ा कारण जिसकी वजह से यह हॉस्पिटल नंबर वन माना जाता है, वह इसकी रिसर्च क्षमता है. वहीं एम्स को एंकोलॉजी, न्यूरोलॉजी और कार्डियोलॉजी के लिए भी देश में सर्वश्रेष्ठ हॉस्पिटल माना जाता है. वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट देश के उन चुनिंदा चेस्ट डिजीज हॉस्पिटल में से एक है जो कि देश का काफी बड़ा और टॉप हॉस्पिटल माना जाता है. वहीं इस हॉस्पिटल में टीबी, अस्थमा, COPD और रेस्पिरेटरी ICU जैसी गंभीर फेफड़ों की बीमारियों का अत्याधुनिक और विशेष उपचार होता है. देश का टॉप कैंसर हॉस्पिटल भी दिल्ली में ही है. जिसे राजीव गांधी कैंसर इंस्टिट्यूट के नाम से जाना जाता है. इस हॉस्पिटल में हर प्रकार के कैंसर का इलाज होता है. यह देश के टॉप हॉस्पिटल्स में से एक है. Add News18 as Preferred Source on Google लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और इससे जुडा कलावती सरन बाल चिकित्सालय देश में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए संदेश के कई बड़े संस्थानों में से एक माना जाता है. यह हॉस्पिटल खासकर गाइनकोलॉजी और मैटरनिटी जैसी टॉप सुविधाएं देने के लिए भी देश भर में प्रसिद्ध है. लोक नायक हॉस्पिटल भारत के उन टॉप हॉस्पिटल्स में से एक है, जहां बाकी हॉस्पिटल्स की तुलना में संक्रामक रोगों का इलाज बहुत ही बेहतरीन तरीके से किया जाता है. अलग-अलग संक्रमण से संक्रमित होने वाले लोग भी इस अस्पताल में अन्य राज्यों से जाकर इलाज करवाते हैं. दिल्ली का इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज देश का प्रमुख सरकारी लिवर हॉस्पिटल माना जाता है. यह संस्थान लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों जैसे हेपेटाइटिस, सिरोसिस और लिवर ट्रांसप्लांट का जैसे गंभीर इलाजों के लिए देशभर में नंबर वन माना जाता है. दिल्ली में देश के इन टॉप हॉस्पिटल्स के अलावा भी कई और सर्वश्रेष्ठ हॉस्पिटल्स हैं जैसे कि गुरु तेग बहादुर, हॉस्पिटल, सफदरजंग, हॉस्पिटल और अन्य कई जो दिल्ली के टॉप हॉस्पिटल माने जाते हैं. वहीं दिल्ली में प्राइवेट और गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स में ऐसे ओर कई हॉस्पिटल्स हैं जो कई तरह के रोगों के लिए देशभर में नंबर वन हॉस्पिटल के रूप में अपना दर्जा रखते हैं. First Published : April 09, 2026, 19:43 IST








