Rajgarh Collector: No Eligible Voter Left Out

राजगढ़ जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 को लेकर जिले में प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने साफ कहा कि इस बार एक भी पात्र मतदाता सूची से बाहर नहीं रहना चाहिए, इसके लिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी से काम करें। . कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित प्रशिक्षण में पंजीकरण अधिकारी, सहायक अधिकारी, मास्टर ट्रेनर्स और डाटा एंट्री ऑपरेटर्स को बुलाकर पूरी प्रक्रिया समझाई गई। उन्हें बताया गया कि 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर नगरीय निकाय और पंचायतों की मतदाता सूची तैयार की जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। साथ ही ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सिस्टम पर काम करने के तरीके भी बताए गए, ताकि जमीनी स्तर पर कोई गलती न हो। कलेक्टर बोले- यह सिर्फ औपचारिकता नहीं कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि यह सिर्फ औपचारिक काम नहीं है, बल्कि हर नागरिक के वोट के अधिकार से जुड़ा मामला है। इसलिए समय-सीमा का पालन करते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ काम किया जाए। उप जिला निर्वाचन अधिकारी वीरेन्द्र सिंह दांगी और मास्टर ट्रेनर्स ने व्यावहारिक तरीके से प्रशिक्षण दिया। अधिकारियों को बताया गया कि पात्रता के नियमों का पालन करते हुए हर योग्य व्यक्ति का नाम सूची में शामिल करना प्राथमिकता है। प्रशासन के इस सख्त संदेश से साफ है कि इस बार मतदाता सूची को लेकर कोई लापरवाही नहीं चलेगी और पूरी प्रक्रिया को त्रुटिरहित बनाने पर जोर रहेगा।
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. पंजाब की आज की सबसे बड़ी खबर भाजपा के अकेले विधानसभा चुनाव लड़ने की रही। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि पार्टी चुनाव मैदान में उतरने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने अकाली दल से गठबंधन की अटकलों पर विराम लगा दिया है। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. पंजाब चुनाव में BJP किसी से गठजोड़ नहीं करेगी पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में शिरोमणि अकाली दल (SAD) व भारतीय जनता पार्टी (BJP) में गठबंधन की अटकलों पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने विराम लगा दिया। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि पंजाब में भाजपा अकेले चुनाव लड़ेगी। नितिन नबीन ने साफ कहा कि भाजपा पंजाब में इस चुनाव में नए स्वरूप में दिखेगी। संगठन चुनाव को ध्यान में रखकर ही काम कर रहा है। पार्टी चुनाव मैदान में उतरने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसमें किसी का सहयोग नहीं होगा। उन्होंने कहा- पंजाब का मिजाज हमेशा भाजपा के साथ रहा है और भाजपा पंजाब के मिजाज को समझती है। हमने कभी भी पंजाब के मूल्यों के साथ समझौता नहीं किया। हमें पंजाब में सीटें कम मिलीं, इसके बावजूद पंजाब से भाजपा का जुड़ाव हमेशा बना रहा। पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) अपने कृत्यों के कारण हारने वाली है। इसमें कोई दो राय नहीं है। (पढ़ें पूरी खबर) 2. सांसद अमृतपाल सिंह 2 दिन के पुलिस रिमांड पर पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अजनाला अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। यह जानकारी अमृतपाल सिंह के केस की कानूनी पैरवी कर रहे एडवोकेट करमवीर सिंह ने दी। बता दें कि पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम 21 अप्रैल को असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल पहुंची थी, जहां अमृतपाल सिंह राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी एनएसए के तहत बंद थे। हालांकि उनकी एनएसए के तहत नजरबंदी कल 22 अप्रैल को समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद अब पुलिस इस पुराने मामले में आगे की कार्रवाई तेज कर रही है। अमृतपाल सिंह के वकील एडवोकेट ऋतुराज सिंह ने बताया कि NSA समाप्त हो चुका है, लेकिन FIR नंबर 39 के तहत कानूनी कार्रवाई जारी है। इस मामले में धारा 307 समेत कई गंभीर आरोप दर्ज हैं। इस केस में शामिल अन्य सहयोगियों की पहले ही अदालत में पेशी हो चुकी है। अमृतपाल को अप्रैल 2023 में मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था। फरवरी 2023 में अमृतपाल अपने साथी को छुड़ाने के लिए समर्थकों के साथ बैरिकेड तोड़कर अजनाला थाने में घुस गए थे। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच झड़प भी हुई थी। (पढ़ें पूरी खबर) 3. स्कूलों-रेलवे ट्रैक को उड़ाने की धमकी, स्टूडेंट्स घर भेजे लुधियाना में गुरुवार को 3 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इन स्कूलों में स्प्रिंग डेल सीनियर सेकेंडरी स्कूल शेरपुर, डीएवी स्कूल बीआरएस नगर और मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल शामिल है। पार्षद ने बताया कि स्कूलों के साथ रेलवे ट्रैक को भी उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी मिलने के बाद तीनों स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। पेरेंट्स बच्चों को लेने स्कूलों में पहुंचे। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस और बम स्क्वायड की टीमों ने सर्च शुरू की। स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल अनिल शर्मा ने बताया कि सुबह करीब 9:15 बजे स्कूल को एक ईमेल के जरिए धमकी मिली। ईमेल में स्कूल को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। धमकी मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने बिना देरी किए सभी स्टूडेंट्स के अभिभावकों को सूचित किया। प्रिंसिपल अनिल शर्मा ने बताया कि स्कूल में इस तरह की धमकी पहली बार मिली है, जिससे स्टाफ और अभिभावकों में डर का माहौल है। स्कूल प्रबंधन ने धमकी भरे ईमेल की आईडी पुलिस को सौंप दी है। (पढ़ें पूरी खबर) 4. एक घंटे स्टैच्यू बन बैठा रहा युवक, हाथ में बीड़ी, पी नहीं पाया चंडीगढ़ में युवक एक घंटे तक रोड के किनारे एक ही तरह से बैठा रहा। युवक का सिर झुका हुआ था और शरीर में कोई हलचल नहीं थी। उसके हाथ में बीड़ी थी लेकिन वह उसे पी नहीं पा रहा था। लोगों ने उससे बात करने की भी कोशिश की लेकिन वह हिल तक नहीं पाया। इसे जॉम्बी ड्रग के असर से जोड़कर देखा जा रहा है। इस बारे में चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि युवक की पहचान कर एड्रेस निकलवाया जा रहा है। उसके बाद उससे पूछताछ करेंगे कि उसने ऐसा कौन सा नशा किया था। चंडीगढ़ में यह पहला मामला नहीं है बल्कि इससे पहले ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय और एक अन्य युवक की वीडियो भी सामने आ चुकी हैं, जिनमें वह एक घंटे तक बिना हिले-डुले खड़े रहे। इससे पहले लुधियाना और जालंधर में भी ऐसे 3 मामले सामने आ चुके हैं। बता दें कि जॉम्बी ड्रग में शामिल जाइलेजीन इंसान के दिमाग और नसों में मौजूद अल्फा-2 नाम के रिसेप्टर को एक्टिव कर देता है। ये रिसेप्टर हमारे शरीर के सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर काम करके नॉरपिनेफ्रीन नाम के एक न्यूरोट्रांसमिटर का रिलीज होना कम कर देता है। नॉरपिनेफ्रीन का काम हमें जागरूक, सचेत या चौकस रखना होता है। जब जाइलेजीन की वजह से अल्फा-2 रिसेप्टर एक्टिव होता है, तो नॉरपिनेफ्रीन इनएक्टिव हो जाता है। (पढ़ें पूरी खबर) 5, गर्मी में ही बिजली मेंटेनेंस क्यों, अफसर बोले- लोग पैनिक हो रहे पावरकॉम (PSPCL) ने अचानक पंजाब के लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, पटियाला, मोहाली और बठिंडा जिलों में बिजली कट लगाने का शेड्यूल जारी कर दिया। वह भी 3 घंटे से लेकर 10 घंटे तक के लंबे कट। 26 अप्रैल तक लोगों को यह स्थिति झेलनी होगी। इस बारे में पंजाब की AAP सरकार के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने भी सोशल मीडिया (X) पर कह दिया कि लोगों को हो रही असुविधा के लिए हमें खेद है। एक तरफ मौसम विभाग का हीटवेव अलर्ट, दूसरी तरफ बिजली के घंटों लंबे कट, लोग इन्हें
बंगाल चुनाव 2026: वोटिंग के बीच अग्निमित्रा पॉल का बड़ा बयान- ‘जनता को नहीं चाहिए विचारधारा की सरकार, जिताएं तो…’

बंगाल चुनाव 2026: आसनसोल दक्षिण से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने पश्चिम बंगाल चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि हम चुनाव जीत रहे हैं. पश्चिम बंगाल की जनता ने तय कर लिया है कि इस बार वैश्विक सरकार नहीं बननी चाहिए। आसनसोल दक्षिण से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने गुरुवार को अपने क्षेत्र में एक मतदान केंद्र पर मतदान किया। कड़ी सुरक्षा के बीच वे वोटिंग सेंटर सेप्टें और अपने मैट का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि हमें जीत को लेकर पूरा विश्वास है। पुरासोल साउथ मेरा एक परिवार है। हम मूल्यांकन कर रहे हैं कि चुनाव में जीत होगी. इसे पूरे बंगाल में देखने को मिलेगा। राज्य में कोई भी ममता बनर्जी की सरकार नहीं चाहती-अग्निमित्रा एस दरभंगा के बाद पहली बार वोटिंग को लेकर अग्निमित्रा पॉल ने कहा, ‘असाधारण आर में गलत तरीके से नाम उजागर किया गया। आसनसोल दक्षिण विधानसभा में भी काफी नाम काटे गए हैं। हालाँकि, राज्य में कोई भी ममता बनर्जी की सरकार नहीं चाहती।’ यह भी पढ़ें: एक्सक्लूसिव: बंगाल चुनाव में हार से पहले शाह का बड़ा दावा- बीजेपी में आ गए सत्ता में चुनाव में अग्निमित्रा पॉल ने कहा, ‘बदमाशी हो सकती है। बिजली भी कट सकती है. ये बंगाल में हुआ है. इंदौर की एक मशहूर हस्ती की पार्टी है। बाहर से भी बड़ी संख्या में अपराधी आसनसोल में आये हैं। खड़गपुर का एक बड़ा अपराधी नदीम भी यहाँ आया है। चुनाव आयोग को यह सब देखना होगा। हमें स्वतंत्र और राजनेताओं का चुनाव करना चाहिए।’ आईएएनएस से बात करते हुए बीजेपी उम्मीदवार ने आगे कहा, ‘दो दिन पहले सर्वे के नाम पर मेरे खिलाफ एक पेपर में गलत आंकड़े छपवाए गए। इस पेपर में रेलवे स्टेशन पर भी लाइट की तैयारी की जा रही थी। हमने उन लोगों को पकड़ा. फ़्लोरिडा के बीच एक भ्रम की स्थिति पैदा होने की एक कोशिश की गई थी। इस तरह की राजनीति सिर्फ वैश्विक कर सकती है।’ महिला नासिक को लेकर अग्निमित्रा पॉल ने कहा, ‘इसका चुनाव में एक बड़ा असर महिलाओं की तरफ से देखा जाएगा।’ इस क्लिनिक के पास न होने से महिलाओं को बड़ा नुकसान हुआ है। इसका कारण महिलाओं की जुबानी अपना जवाब मॅगर है।’ यह भी पढ़ें- पश्चिम बंगाल चुनाव में ईडी की छापेमारी: बंगाल में नुसरत जहां ईडी की राय पर कौन-कौन, 24 घंटे में आंध्र प्रदेश, कोलकाता के डीसीपी लापता (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाल चुनाव 2026(टी)अग्निमित्रा पॉल(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)बीजेपी(टी)टीएमसी(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)चुनाव 2026(टी)चुनाव(टी)बंगाल चुनाव 2026(टी)अग्निमित्रा पॉल(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)भाजपा(टी)टीएमसी(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)चुनाव 2026(टी)चुनाव
West Bengal & Tamil Nadu Elections Voting Today

Hindi News National West Bengal & Tamil Nadu Elections Voting Today | 152 Seats Bengal First Phase कोलकाता/चेन्नई13 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आज वोटिंग है। बंगाल में फर्स्ट फेज के 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर चुनाव होंगे। वोटिंग सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। बंगाल में TMC और BJP के बीच मुख्य मुकाबला है। यहां के सभी बूथों पर वेबकास्टिंग (लाइव मॉनीटरिंग) होगी। राज्य की बाकी 142 सीटों पर दूसरे फेज में 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। रिजल्ट 4 मई को आएंगे। तमिलनाडु में DMK+ कांग्रेस और AIADMK+ BJP के बीच मुकाबला है। तमिल एक्टर थलापति विजय की नई पार्टी TVK इस लड़ाई को त्रिकोणीय बना रही है। महाराष्ट्र की बारामती सीट पर भी उपचुनाव है। यह सीट महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद से खाली है। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के खिलाफ विपक्षी ‘महा विकास अघाड़ी’ (MVA) की ओर से कोई भी उम्मीदवार मैदान में नहीं है। चुनाव तैयारी से जुड़ी 2 तस्वीरें… पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में महिला कर्मचारी ईवीएम लेकिन पोलिंग बूथ पहुंची है। पश्चिम बंगाल के बालुरघाट में चुनाव कर्मचारी ने धूप से बचने के लिए अपना सिर ढंक लिया। पश्चिम बंगाल: कुल 6.80 करोड़ वोटर्स, 5.23 लाख पहली बार मतदान करेंगे पश्चिम बंगाल में कुल 294 सीटे हैं। जिसमें 210 जनरल सीटें हैं। वहीं 68 सीटें एससी और 10 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं। राज्य में कुल 6.8 करोड़ वोटर्स हैं। पांच लाख से ज्यादा लोग पहली बार वोट डालेंगे। वहीं 3.79 लाख वोटर्स 85 से ज्यादा उम्र के हैं। फर्स्ट फेज में 16 जिलों की 152 सीटों पर वोटिंग होगी। 44,376 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। पश्चिम बंगाल: 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री बंगाल में 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। ममता ने 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म किया, 15 साल से सत्ता में आजादी के बाद शुरुआती दौर (1947–1967) में कांग्रेस का वर्चस्व रहा और राज्य में स्थिर सरकारें रहीं। 1967 के बाद कांग्रेस कमजोर हुई और राजनीतिक अस्थिरता का दौर शुरू हुआ, कई गठबंधन सरकारें बनीं। 1977 में वाम मोर्चा (लेफ्ट फ्रंट) सत्ता में आया और ज्योति बसु मुख्यमंत्री बने। 1977 से 2011 तक करीब 34 साल तक लेफ्ट फ्रंट का लगातार शासन रहा। 2000 के दशक में औद्योगीकरण (सिंगूर, नंदीग्राम) को लेकर विवाद हुआ, जिससे लेफ्ट की पकड़ कमजोर हुई। ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने किसान आंदोलनों के जरिए बड़ा जनसमर्थन हासिल किया। 2011 में TMC ने लेफ्ट को हराकर सत्ता हासिल की, 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म हुआ। 2016 और 2021 में TMC ने दोबारा जीत दर्ज की और ममता बनर्जी का दबदबा कायम रहा। वर्तमान में राजनीति TMC vs BJP के बीच मुख्य मुकाबले में बदल गई है, जबकि कांग्रेस-लेफ्ट सीमित भूमिका में हैं। तमिलनाडु- 12.51 लाख वोटर्स पहली बार वोटिंग करेंगे तमिलनाडु- कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आ सकी आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है। फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही। 1967 में पहली बार DMK ने कांग्रेस को हराया, द्रविड़ विचारधारा पर राजनीति आजादी के बाद (1947–1967) तक राज्य में कांग्रेस का वर्चस्व रहा, के. कामराज प्रमुख नेता थे। इसी दौर में पेरियार के नेतृत्व में द्रविड़ आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें सामाजिक न्याय और हिंदी विरोध मुख्य मुद्दे थे। 1967 में DMK ने कांग्रेस को हराकर पहली बार क्षेत्रीय राजनीति को सत्ता में स्थापित किया। सी.एन. अन्नादुरई पहले द्रविड़ मुख्यमंत्री बने, यहीं से द्रविड़ राजनीति का दौर शुरू हुआ। उनके बाद एम. करुणानिधि ने DMK को मजबूत किया और संस्कृति-भाषा आधारित राजनीति को आगे बढ़ाया। 1972 में एम.जी. रामचंद्रन (MGR) ने AIADMK बनाई, जिससे दो-दलीय राजनीति (DMK vs AIADMK) स्थापित हुई। 1970 के दशक से 2010 तक DMK और AIADMK बारी-बारी से सत्ता में आती रहीं। जयललिता के दौर में AIADMK ने ‘अम्मा स्कीम्स’ के जरिए वेलफेयर पॉलिटिक्स को मजबूत किया। 2016 के बाद जयललिता और करुणानिधि के निधन से नेतृत्व परिवर्तन का दौर शुरू हुआ। 2021 के बाद एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में DMK सत्ता में है, और आज भी राज्य की राजनीति द्रविड़ विचारधारा पर आधारित है। ————————– राज्यों में चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… इलेक्शन एक्सप्लेनर: मुस्लिम बहुल 6 जिले ममता को बनाते हैं अजेय, TMC की आधी सीटें यहीं से; क्या ममता के ‘चिकन नेक’ पर शिकंजा कसेगी बीजेपी हवा का रुख: तमिलनाडु में BJP का खाता खुलना मुश्किल, 120-140 सीटों के साथ स्टालिन की वापसी के आसार, थलापति विजय को 5 से 15 सीटें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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Hindi News National West Bengal & Tamil Nadu Elections Voting Today | 152 Seats Bengal First Phase कोलकाता/चेन्नईकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आज वोटिंग है। बंगाल में फर्स्ट फेज के 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर चुनाव होंगे। वोटिंग सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। बंगाल में TMC और BJP के बीच मुख्य मुकाबला है। यहां के सभी बूथों पर वेबकास्टिंग (लाइव मॉनीटरिंग) होगी। राज्य की बाकी 142 सीटों पर दूसरे फेज में 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। रिजल्ट 4 मई को आएंगे। तमिलनाडु में DMK+ कांग्रेस और AIADMK+ BJP के बीच मुकाबला है। तमिल एक्टर थलापति विजय की नई पार्टी TVK इस लड़ाई को त्रिकोणीय बना रही है। महाराष्ट्र की बारामती सीट पर भी उपचुनाव है। यह सीट महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद से खाली है। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के खिलाफ विपक्षी ‘महा विकास अघाड़ी’ (MVA) की ओर से कोई भी उम्मीदवार मैदान में नहीं है। चुनाव तैयारी से जुड़ी 2 तस्वीरें… पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में महिला कर्मचारी ईवीएम लेकिन पोलिंग बूथ पहुंची है। पश्चिम बंगाल के बालुरघाट में चुनाव कर्मचारी ने धूप से बचने के लिए अपना सिर ढंक लिया। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की वोटिंग से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं… अपडेट्स 5 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल: कुल 6.80 करोड़ वोटर्स, 5.23 लाख पहली बार मतदान करेंगे पश्चिम बंगाल में कुल 294 सीटे हैं। जिसमें 210 जनरल सीटें हैं। वहीं 68 सीटें एससी और 10 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं। राज्य में कुल 6.8 करोड़ वोटर्स हैं। पांच लाख से ज्यादा लोग पहली बार वोट डालेंगे। वहीं 3.79 लाख वोटर्स 85 से ज्यादा उम्र के हैं। फर्स्ट फेज में 16 जिलों की 152 सीटों पर वोटिंग होगी। 44,376 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। 5 मिनट पहले कॉपी लिंक 29 अप्रैल को दूसरे फेज में 142 सीटों पर मतदान होगा 6 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल: पिछले 2 चुनाव से 80% से ज्यादा वोटिंग 7 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल: 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री बंगाल में 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। 8 मिनट पहले कॉपी लिंक पहले फेज में पश्चिम बंगाल की 4 हॉट सीटें 9 मिनट पहले कॉपी लिंक ममता ने 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म किया, 15 साल से सत्ता में आजादी के बाद शुरुआती दौर (1947–1967) में कांग्रेस का वर्चस्व रहा और राज्य में स्थिर सरकारें रहीं। 1967 के बाद कांग्रेस कमजोर हुई और राजनीतिक अस्थिरता का दौर शुरू हुआ, कई गठबंधन सरकारें बनीं। 1977 में वाम मोर्चा (लेफ्ट फ्रंट) सत्ता में आया और ज्योति बसु मुख्यमंत्री बने। 1977 से 2011 तक करीब 34 साल तक लेफ्ट फ्रंट का लगातार शासन रहा। 2000 के दशक में औद्योगीकरण (सिंगूर, नंदीग्राम) को लेकर विवाद हुआ, जिससे लेफ्ट की पकड़ कमजोर हुई। ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने किसान आंदोलनों के जरिए बड़ा जनसमर्थन हासिल किया। 2011 में TMC ने लेफ्ट को हराकर सत्ता हासिल की, 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म हुआ। 2016 और 2021 में TMC ने दोबारा जीत दर्ज की और ममता बनर्जी का दबदबा कायम रहा। वर्तमान में राजनीति TMC vs BJP के बीच मुख्य मुकाबले में बदल गई है, जबकि कांग्रेस-लेफ्ट सीमित भूमिका में हैं। 10 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु- 12.51 लाख वोटर्स पहली बार वोटिंग करेंगे 10 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु में पिछले 2 चुनाव से 75% से कम वोटिंग 12 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु- कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है। फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही। 12 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु की 4 हॉट सीटें: सीएम स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि भी मैदान में 14 मिनट पहले कॉपी लिंक 1967 में पहली बार DMK ने कांग्रेस को हराया, द्रविड़ विचारधारा पर राजनीति आजादी के बाद (1947–1967) तक राज्य में कांग्रेस का वर्चस्व रहा, के. कामराज प्रमुख नेता थे। इसी दौर में पेरियार के नेतृत्व में द्रविड़ आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें सामाजिक न्याय और हिंदी विरोध मुख्य मुद्दे थे। 1967 में DMK ने कांग्रेस को हराकर पहली बार क्षेत्रीय राजनीति को सत्ता में स्थापित किया। सी.एन. अन्नादुरई पहले द्रविड़ मुख्यमंत्री बने, यहीं से द्रविड़ राजनीति का दौर शुरू हुआ। उनके बाद एम. करुणानिधि ने DMK को मजबूत किया और संस्कृति-भाषा आधारित राजनीति को आगे बढ़ाया। 1972 में एम.जी. रामचंद्रन (MGR) ने AIADMK बनाई, जिससे दो-दलीय राजनीति (DMK vs AIADMK) स्थापित हुई। 1970 के दशक से 2010 तक DMK और AIADMK बारी-बारी से सत्ता में आती रहीं। जयललिता के दौर में AIADMK ने ‘अम्मा स्कीम्स’ के जरिए वेलफेयर पॉलिटिक्स को मजबूत किया। 2016 के बाद जयललिता और करुणानिधि के निधन से नेतृत्व परिवर्तन का दौर शुरू हुआ। 2021 के बाद एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में DMK सत्ता में है, और आज भी राज्य की राजनीति द्रविड़ विचारधारा पर आधारित है। दैनिक भास्कर को Google पर 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BJP Manifesto Bengal | narendra Modi, rahul gandhi, Assam, Kerala, Puducherry Voting

Hindi News National BJP Manifesto Bengal | Narendra Modi, Rahul Gandhi, Assam, Kerala, Puducherry Voting कोलकाता/चेन्नई11 मिनट पहले कॉपी लिंक भाजपा, कांग्रेस और टीएमसी समेत अन्य दल अब बंगाल और तमिलनाडु में अपने प्रचार अभियान को और तेज करने जा रहे हैं। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के तहत गुरुवार को असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में वोटिंग हुई। बंगाल में वोटिंग दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा जबकि तमिलनाडु में सभी सीटों पर 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। भाजपा आज पश्चिम बंगाल के लिए अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी करेगी। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा शाह पश्चिमी मेदिनीपुर में जनसभा और खड़गपुर में रोड शो करेंगे। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में तीन बड़ी चुनावी रैलियां कीं। उन्होंने हल्दिया, आसनसोल और बीरभूम में जनसभा की। पीएम मोदी ने भाजपा की 6 गारंटी दीं। साथ ही कहा- मैं आपको एक और गारंटी भी देता हूं कि अब तक जिन्होंने प. बंगाल को लूटा है, उन सबका हिसाब होगा। पीएम मोदी की बंगाल में 6 गारंटियां भय के माहौल में आज लोगों को बार-बार कानून से मदद मांगनी पड़ती है। लेकिन हमारी सरकार में आपको न्याय मिलेगा। सरकारी सिस्टम जनता के लिए जवाबदेह होगा। घोटाले, दुष्कर्म हर क्राइम की फाइल खुलेगी। जिसने भी करप्शन किया है, उसकी जगह जेल में होगी। मंत्री हो या संत्री, जनता का पैसा नहीं खाने देंगे। जो शरणार्थी हैं, उन्हें सम्मान मिलेगा, जो घुसपैठी हैं, उन्हें खदेड़ा जाएगा। सभी सरकारी कर्मचारियों को इस निर्मम सरकार ने भयभीत करके रखा है। मोदी सरकार आपके साथ खड़ी है। सरकार बनते ही यहां 7वां पे कमीशन लागू करवाएंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
हुमायूं कबीर को तगादा झटका, ओसामी ने गठबंधन बनाया, बंगाल में अकेले चुनावी मैदान में उतरेगी AIMIM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हुमायूं कबीर की पार्टी का गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी. पार्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए अपनी जानकारी दी है। हुमायूँ कबीर का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मचे बवाल के बाद सोली ने लिया ये फैसला. ‘एक्स’ पर किया गया पोस्ट एआईएमआईएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘हुमायूँ कबीर के ओपनसन ने बंगाल की बाला की सुरक्षा को उजागर किया है। एआईएमआईएम जैसे किसी भी बयान का समर्थन नहीं किया जा सकता है, जिससे व्यक्तित्व की गरिमा पर सवाल उठाया जा सके। आज से इमाम ने कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन वापस ले लिया है। बंगाल के मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और शोषित कोलकाता से एक हैं। दशकों के शासन के बावजूद उनके लिए कुछ नहीं किया गया। किसी भी राज्य में चुनाव लड़ने के संबंध में पार्टी की नीति यही है कि हाशिये पर पड़े कोलकाता को एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज मिली। हम बंगाल चुनाव में स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे और आगे किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे।’ हुमायूं कबीर के खुलासों से पता चला है कि बंगाल के मुसलमान कितने असुरक्षित हैं. एआईएमआईएम ऐसे किसी भी बयान से संबद्ध नहीं हो सकती जहां मुसलमानों की अखंडता पर सवाल उठाया जाता है। आज तक AIMIM ने कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन वापस ले लिया है. बंगाल के मुसलमान उनमें से एक हैं… – एआईएमआईएम (@aimim_national) 10 अप्रैल 2026 हुमायूँ कबीर के वायरल वीडियो पर हंगामा हुमायूँ कबीर का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर गुरुवार (9 अप्रैल) को सामने आया और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विवाद पैदा हो गया। वीडियो में वह भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से संबंध रखते हुए और चुनाव क्षेत्र में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पद पर बिठाने का आरोप लगाते हुए कथित तौर पर दावा करते नजर आ रहे हैं। आर्टिस्टिक कांग्रेस (टीएमसी) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे साझा किया और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नामांकन के नेता शुभेंदु अधिकारी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कबीर के साथ कथित तौर पर अख्तर के सहयोगियों की जांच की मांग की। वीडियो में कबीर ने कथित तौर पर कहा है कि कहा जा रहा है कि वह बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए ‘किसी भी हद तक’ जाने के लिए संपर्क तैयार कर रहे हैं और वह शुभेंदु अधिकारी सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं में शामिल हैं। पिछले वर्ष के अंत में ‘आम जनता पार्टी’ की स्थापना करने वाले कबीर के बारे में कुछ दिनों बाद यह भी कहा जा रहा है कि उन्होंने उनसे संपर्क किया था और भाजपा अन्य राज्यों के नेताओं के साथ मिलकर उन्हें सलाह दी थी। वीडियो में कथित तौर पर कहा गया है कि कबीर ने यह भी कहा है कि उनकी रणनीति स्टूडियो कांग्रेस से अल्पसंख्यक दलों को अपने पक्ष में करने के लिए एकजुट-गिरफ्तार है, जिससे संकेत मिलता है कि इस तरह के बदलाव से बीजेपी को वोट के रूप में बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस रणनीति में सभी इलेक्ट्रोरेक्टरों को लागू करने के लिए करोड़ों रुपये की आवश्यकता का उल्लेख किया गया है। (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)असदुद्दीन ओवेसी(टी)बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)एआईएमआईएम(टी)हुमाऊंगी कबीर को तगा झटका(टी)ओवैसी नेक्स्टैक्ट अलायंस(टी)बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने वाली एआईएमआईएम(टी)असद मुस्लिम सोमा(टी)हुमायूं कबीर(टी)आम जनता दल यूनाइटेड पार्टी(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026
Bengal Election LIVE | TMC Stronghold Birbhum Visit; Congress Leader Joins BJP Ahead of Assam Polls

Hindi News National Bengal Election LIVE | TMC Stronghold Birbhum Visit; Congress Leader Joins BJP Ahead Of Assam Polls कोलकाता5 घंटे पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी गुरुवार को पश्चिम बंगाल में तीन रैलियां करेंगे। भाजपा उन इलाकों में अपना समर्थन मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जहां उसे बड़ी सफलता मिली है। इसके अलावा वहां भी पैठ बनाने की कोशिश है जिसे सत्ताधारी TMC का गढ़ माना जाता है। मोदी अपनी पहली रैली सुबह 9.30 बजे पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया टाउनशिप में करेंगे। इसके बाद, दोपहर में आसनसोल के पोलो ग्राउंड स्थित आउटडोर स्टेडियम जाएंगे। तीसरी जनसभा दोपहर 2 बजे बीरभूम जिले के सिउड़ी में होगी। हल्दिया को नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी का गृह क्षेत्र माना जाता है और यह राज्य में BJP के सबसे मजबूत गढ़ों में से एक है। पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनावों में पूर्वी मेदिनीपुर जिले की 16 में से 8 विधानसभा सीटें जीती थीं और 2024 के आम चुनावों में इस जिले की दोनों लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। बीरभूम जिले को TMC का गढ़ माना जाता है। बीरभूम में सत्ताधारी पार्टी का प्रभाव रहा है हालांकि जिले के कुछ हिस्सों में लंबे समय से आरएसएस का संगठनात्मक नेटवर्क मौजूद है। भाजपा यहां एंटी इनकम्बेंसी का फायदा उठाना चाहती है। असम चुनाव से एक दिन पहले कांग्रेस उम्मीदवार ने पार्टी छोड़ी असम में वोटिंग से एक दिन पहले उदलगुरी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार सुरेन दैमारी ने पार्टी छोड़ दी। हालांकि कांग्रेस ने कहा कि उन्होंने अभी तक पार्टी को अपना इस्तीफा नहीं सौंपा है। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि दैमारी का नाम EVM में बना रहेगा और लोग अभी भी उन्हें वोट दे सकते हैं क्योंकि नामांकन वापस लेने की समय सीमा काफी पहले ही खत्म हो चुकी है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव के पल-पल अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Analysis of Criminal Background, Financial, Education, Gender and othe Association for Democratic Reforms report

Hindi News National Kerala Assembly Elections 2026: Analysis Of Criminal Background, Financial, Education, Gender And Othe Association For Democratic Reforms Report तिरुवनंतपुरम42 मिनट पहले कॉपी लिंक केरलम विधानसभा चुनाव में 38% उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा 72 उम्मीदवार कांग्रेस से हैं। BJP के 59 और CPI(M) के 51 उम्मीदवार हैं। वहीं, 23% पर हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर केस दर्ज हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने विधानसभा चुनाव लड़ रहे कुल 883 में से 863 उम्मीदवारों के एफिडेविट का एनालिसिस कर शनिवार को यह रिपोर्ट जारी की। 339 करोड़पति प्रत्याशी हैं। यानी हर 5 में से 2 उम्मीदवार करोड़पति हैं। 2021 में राज्य के पिछले विधानसभा चुनाव में 27% उम्मीदवार ही करोड़पति थे लेकिन 2026 में ये नंबर बढ़कर 39% हो गया। यानी 5 साल में करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या 48% बढ़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 54% उम्मीदवार ग्रेजुएट नहीं हैं। वहीं, 48% उम्मीदवारों की शिक्षा 5वीं से 12वीं के बीच है। राज्य में सिंगल फेज में 9 अप्रैल को मतदान होगा। रिजल्ट 4 मई को आएगा। कांग्रेस, BJP और CPI के 182 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले कांग्रेस भाजपा और CPI के 255 में से 182 उम्मीदवारों पर आपराधिक केस चल रहे हैं। 17 उम्मीदवारों पर हत्या से जुड़े आरोप हैं। वहीं, 15 पर महिला अपराध से जुड़े केस हैं। चुनाव लड़ रहे सभी दलों ने कम से कम 42% टिकट ऐसे कैंडिडेट्स को दिए हैं जिनपर आपराधिक मामले चल रहे हैं। 201 कैंडिडेट्स पर गंभीर आपराधिक मामले हैं। केरल कांग्रेस के रेजी सबसे अमीर उम्मीदवार, 8 के पास संपत्ति ही नहीं अलप्पुझा जिले की कुट्टनाड सीट से केरल कांग्रेस के रेजी चेरियन 2026 केरलम विधानसभा चुनाव के सबसे अमीर उम्मीदवार हैं। उनकी कुल संपत्ति 218 करोड़ रुपए है। वहीं, कोट्टायम जिले की एट्टुमानूर सीट से SUCI(C) के आश्ना थम्बी की संपत्ति सिर्फ 84 रुपए है। 8 ऐसे उम्मीदवार भी हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति जीरो बताई है। 2021 के विधानसभा चुनाव में जहां 27% उम्मीदवार करोड़पति थे, वहीं 2026 में ये संख्या 39% हो गई। हर उम्मीदवार की औसत संपत्ति 2.78 करोड़ है। BJP के एक उम्मीदवार की एवरेज संपत्ति 5.7 करोड़, कांग्रेस की 3.93 करोड़ और CPI(M) की 2.3 करोड़ रुपए है। सिर्फ 11% महिलाओं को टिकट 2011 जनगणना के मुताबिक, केरलम देश के उन राज्यों में से है जहां पुरुषों से ज्यादा महिलाएं हैं। इसके बावजूद पार्टियों ने सिर्फ 11% (92) टिकट महिलाओं को दिए हैं। शिक्षा के मामले में भी केरलम देश के सबसे बेहतर राज्यों में से एक है। चुनाव लड़ रहे 54% उम्मीदवार ग्रेजुएट नहीं हैं। वहीं, 48% उम्मीदवारों की शिक्षा 5वीं से 12वीं के बीच है। चुनाव लड़ रहे 16% (140) उम्मीदवार 25 से 40 साल के हैं। 41 से 60 साल के 58% (497) उम्मीदवारों हैं। इसके अलावा, 26% (224) उम्मीदवार 61 से 80 साल के हैं। 2 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनकी उम्र 80 साल से भी ज्यादा है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- केरलम में LDF जाएगी, NDA आएगी:पहले भी; राज्य में घर से वोटिंग की सुविधा केरलम के थिरुवल्ला पहुंचे पीएम मोदी ने कहा कि इस बार के चुनाव में केरलम में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की सरकार जाएगी और नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की सरकार आएगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
उदयोदय, स्टालिन, ओपीएस, सेंथिल बालाजी… तमिलनाडु में डीएमके ने जारी की पहली सूची

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए साक्षात आश्रम शिक्षकों ने 164 बेरोजगारी की पहली सूची जारी कर दी है। की सूची में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और उनके बेटे और डिप्टी सीएम बिजनोदी का नाम शामिल है। ज्यादातर विपक्षी, नामांकित और वरिष्ठ नेता फिर से पार्टी के उम्मीदवार बन गए हैं। स्टालिन-उदयनिधि कहाँ से लड़ेंगे चुनाव? सुपरस्टार्स के प्रमुख स्टालिन ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्टॉकहोम की पहली लिस्ट जारी की। उन्होंने कहा कि वह एक बार फिर कोलाथुर सीट से चुनाव लड़ेंगे। इसके अलावा उदयनिधि के चेपॉक-ट्रिप्लिकेन सीट से फिर से प्रतियोगी होंगे। मंत्री दुरई मुरुगन (द्रमुक ईसा मसीह), केएन नेहरू अनबिल महेश फिर पोयामोझी, थंगम थेनारासु, मा सुब्रमण्यम और ईवी वेलु को पार्टी ने मौका दिया है। फ़िनर्सेलवम को बोदिनायक्कनूर से टिकट एआईएडीएमके से हटने के बाद शिक्षकों में शामिल होने वाले ओ फाइलरसेल्व को उसी बोदिनायक्कनूर सीट से दावेदार बनाया गया है, जिसमें वे वर्तमान विधानसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे थे। द्रमुक में शामिल होने के बाद उन्हें विधायक के रूप में पदमुक्त कर दिया गया। फाइलरसेल्वम के दो सहयोगियों पॉल मनोज पांडियन और आर वैथिलिंगम के भी टिकट दिए गए हैं। पूर्व मंत्री वी सेंथिल बालाजी कोयम्बटूर दक्षिण से उम्मीदवार बनाये गये हैं। 28 फ़्रॉस्ट पर फाइटगी कांग्रेस इससे पहले होने वाले शिक्षकों और उनके सहयोगी आश्रमों के बीच सीटिंग फॉर्मूला तय के बाद कांग्रेस और आश्रमों, वीसीके और शिक्षकों के साथ अन्य आश्रमों द्वारा चुनाव लड़ने वाली मंडली की भागीदारी भी फाइनल की गई। एक्टैक्ट के उपदेशकों के सहयोगी कांग्रेस 28 प्राइमरीज़ में चुनावी लड़ाके शामिल हैं, इसमें पोन्नेरी, इरोड ईस्ट, विलावंकोड, शिवकाशी और कियाकुडी शामिल हैं। प्रेमलता विजयकांत के नेतृत्व वाली टीचर्स को पहले ही 10 सीटें मिली थीं, उनमें विरुधाचलम और पल्लावरम शामिल हैं। थोल थिरुमावलवन के नेतृत्व वाली वीसीके को आठ सीटें मिली हैं, जिनमें कट्टुमन्नारकोइल, पनरुत्ती और टिंडीवनम शामिल हैं। प्लाज़ा को पद्मनाभपुरम और पलानी सीट मिली है, जबकि ड्यूक थल्ली और भवानीसागर (आरक्षित) सहित अन्य चुनावी मैदान में हैं। दोनों ओर से पाँच-पाँच स्थान दिए गए हैं। ड्रमुक ने अन्य सहयोगी संगठनों के लिए भी सीटें निर्धारित की हैं, जिनमें वाइको के नेतृत्व वाली एम-डीएम भी शामिल हैं, जो चार सीटों पर चुनावी मैदान में हैं। द्रमुक 164 सीट पर चुनावी मुकाबला। (टैग्सटूट्रांसलेट)डीएमके(टी)चुनाव 2026(टी)एमके स्टालिन(टी)ओपीएस(टी)सेंथिल बालाजी(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026(टी)उदयनिधि(टी) डीएमके(टी)चुनाव 2026(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026(टी)उदयनिधि(टी)एमके स्टालिन(टी)ओ पाट्स(टी)सेंथिल बालाजी







