Sunday, 26 Jul 2026 | 08:29 PM

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विधानसभा चुनाव 2026: घर बैठे वोट डालेंगे 2.3 लाख से अधिक लोग: EC की ‘होम वोट’ सुविधा शुरू, बुजुर्गों और आदिवासियों को बड़ी राहत

विधानसभा चुनाव 2026: घर बैठे वोट डालेंगे 2.3 लाख से अधिक लोग: EC की 'होम वोट' सुविधा शुरू, बुजुर्गों और आदिवासियों को बड़ी राहत

चुनाव आयोग ने इस बार मतदान प्रक्रिया को समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केरल, असम और पुडुचेरी में 2.37 लाख से अधिक विशाल चर्च को ‘होम वोट’ की सुविधा के लिए मंजूरी दे दी गई है। यानी अब हजारों बुजुर्ग और सदस्य घर बैठे ही अपना वोट दल बनाते हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक, 30 मार्च तक यह पात्र सामने आ गया और कई निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। आयोग ने बताया कि यह प्रक्रिया 5 अप्रैल तक पूरी कर ली जाएगी। अगर किसी कलाकार से पहली बार संपर्क नहीं हो पाता है, तो दूसरी बार भी टीम अपने पद पर आसीन हो जाती है, ताकि कोई भी कलाकार अपने अधिकार से संपर्क न कर सके। होम बिटकॉइन कैसे काम करता है?85 वर्ष से अधिक आयु के विकलांग और विकलांग (पीडब्ल्यूडी) श्रेणी के लोगों के लिए होम विहित सुविधा विशिष्टता। यह सुविधा अधिनियम अधिनियम 1951 की धारा 60(सी) के अंतर्गत दी गई है, जिसके माध्यम से ऐसे कलाकार पोस्टल बैलेट के माध्यम से घर से ही मतदान किया जा सकता है। इसके लिए संबंधित नामांकन अधिसूचना जारी होने के पांच दिन के अंदर अपने रिटर्निंग ऑफिसर के पास आवेदन करना होता है। मित्र पर भी जोरचुनाव आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया में प्लाट बनाए रखने के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए हैं। सैद्धांतिक रूप से प्राप्त राजनीतिक हितैषी को उन कट्टरपंथियों की सूची दी गई है,मताधिकार होम वोट का विकल्प चुनें। साथ ही, पोलिंग टीम के दौरे का पूरा शेड्यूल भी सबसे पहले बताया जाता है। यदि वे प्रस्थान करते हैं तो अपने प्रतिनिधि को टीम के साथ भेज सकते हैं। बाकी के लिए भी तैयारीआयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि जो 85+ या मतदाता होम वोट का विकल्प नहीं हैं, उनके लिए मतदान प्रस्ताव विशेष रूप से पेश किए जाएंगे। क्वेश्चन, स्वयंसेवक और अन्य जरूरी सेवाएं शामिल हैं, ताकि उन्हें मतदान में किसी तरह की परेशानी न हो। वॅाचलिस्ट अनुसूची और अहम तारीखेंचुनाव आयोग ने पहले ही असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान करने की घोषणा की है। इसके अलावा तमिल और पश्चिम बंगाल में भी चुनावी कार्यक्रम जारी हो चुका है। 30 मार्च को तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के पहले चरण की अधिसूचना जारी होगी, जबकि बंगाल के दूसरे चरण की अधिसूचना 2 अप्रैल को जारी होगी। यह कदम क्यों अहम है?होम वोटिंग सुविधा को चुनाव आयोग के उस प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिससे मतदान प्रक्रिया को अधिकाधिक समावेशी और आसान बनाया जा सके। भारत की तरह बड़े लोकतंत्र में जहां करोड़ों लोग हैं, वहां के वृद्धजन और विश्ष्ठों की भागीदारी सुनिश्चित करना हमेशा चुनौती बनी हुई है। ऐसे में सबसे पहले सिर्फ सुविधा को बढ़ावा देना है, बल्कि लोकतंत्र को और मजबूत करना भी है। इसे भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में चुनावी ‘हाईजैक’ की साजिश? किरण रिजिजू का बड़ा आरोप, EC से सख्त कार्रवाई की मांग (टैग्सटूट्रांसलेट)ईसी(टी)विधानसभा चुनाव(टी)समाचार(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)मतदाताओं ने घर से मतदान किया(टी)ईसी ने होम वोटिंग सुविधा शुरू की(टी)बुजुर्ग मतदाता(टी)विकलांग व्यक्ति(टी)ताजा समाचार(टी)अपडेट समाचार(टी)चुनाव समाचार(टी)असम(टी)पश्चिम बंगाल(टी)तमिलनाडु(टी)केरल(टी)ईसी(टी)विधान सभा चुनाव(टी)समाचार(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)मतदाता घर से वोट डालेंगे(टी)ईसी ने

महिलाओं के खिलाफ अपराध ‘सिंडिकेट राज’ के लिए: बीजेपी की 14-सूत्रीय चार्जशीट में ममता के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार पर निशाना | राजनीति समाचार

The counting for all these elections will be held on May 4, 2026. (AFP)

आखरी अपडेट:मार्च 27, 2026, 13:37 IST पश्चिम बंगाल चुनाव: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 28 मार्च को पश्चिम बंगाल का दौरा करने की उम्मीद है, जब वह आरोपपत्र पेश कर सकते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (क्रेडिट: अमित शाह/एक्स) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुछ ही हफ्ते बाकी हैं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शनिवार को एक आरोपपत्र जारी करने वाली है, जिसमें वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के तहत 15 साल के “पतन” का वर्णन करेगी। दस्तावेज़ में अपने आरोपों में अभिषेक बनर्जी का भी नाम है। रिपोर्ट में 14 प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डाला गया है, जिनमें भ्रष्टाचार और घोटाले, प्रशासनिक अराजकता और कानून-व्यवस्था का पतन शामिल है। यह पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध, लोकतंत्र पर हमले और उद्योग के विनाश पर भी चिंता जताता है। उल्लिखित अन्य मुद्दों में शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल की स्थिति, किसानों के बीच संकट, बंगाली संस्कृति का क्षरण, उत्तर बंगाल की उपेक्षा, चाय बागान श्रमिकों की दुर्दशा, कोलकाता में खराब स्थिति और जिसे भाजपा “सिंडिकेट राज” कहती है उसका प्रसार शामिल है। टीएमसी पर क्या हैं आरोप? भ्रष्टाचार और घोटाले प्रशासनिक अराजकता एवं कुशासन कानून व्यवस्था का पतन महिलाओं के खिलाफ अपराध और सुरक्षा की कमी लोकतंत्र पर हमला पश्चिम बंगाल में उद्योग का विनाश शिक्षा व्यवस्था का विनाश स्वास्थ्य सेवा संकट कृषि और किसानों में संकट बंगाली संस्कृति का क्षरण उत्तर बंगाल की उपेक्षा चाय बागान श्रमिकों की दुर्दशा कोलकाता का बुरा हाल पूरे राज्य में “सिंडिकेट राज” का प्रसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 28 मार्च को पश्चिम बंगाल का दौरा करने की उम्मीद है, जब वह आरोप पत्र पेश कर सकते हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट को भाजपा की अभियान रणनीति के तहत मतदाताओं के बीच व्यापक रूप से प्रसारित किया जाएगा। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, आरोप पत्र अभियान में केंद्रीय भूमिका निभाएगा। भाजपा अप्रैल की शुरुआत में अपना चुनावी घोषणापत्र जारी करने की भी योजना बना रही है। नेताओं का कहना है कि यह कदम राज्य में शासन की विफलताओं को पार्टी द्वारा देखे जाने को उजागर करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। पार्टी नेताओं ने कहा कि सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में विस्तृत समीक्षा की गई है, जिसमें प्रत्येक सीट की ताकत, कमजोरियों, अवसरों और खतरों का आकलन शामिल है। वरिष्ठ हस्तियों ने विशेष रूप से उत्तरी जिलों में अपने प्रदर्शन में सुधार के बारे में विश्वास व्यक्त किया, एक नेता ने चुनाव को “भय और विश्वास” के बीच एक प्रतियोगिता बताया। बीजेपी की जमीनी स्तर पर तैयारी चल रही है अभियान की शुरुआत जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर आरोप पत्र के वितरण के साथ होगी, जिसके बाद घोषणापत्र जारी किया जाएगा। पार्टी के सदस्यों का मानना ​​है कि मौजूदा सरकार के प्रति जनता का असंतोष चुनाव परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस बीच, संगठनात्मक तैयारियों को मजबूत करने के लिए नितिन नबीन पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने राज्य के नेताओं और संबद्ध समूहों के साथ रणनीति बैठकें कीं, जिसमें बूथ स्तर के संचालन में सुधार और आउटरीच का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। पश्चिम बंगाल के 2026 विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होने हैं, जिसके परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। पहले प्रकाशित: मार्च 27, 2026, 13:37 IST समाचार राजनीति महिलाओं के खिलाफ अपराध ‘सिंडिकेट राज’ के लिए: बीजेपी की 14-सूत्रीय चार्जशीट में ममता के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार पर निशाना साधा गया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी की चार्जशीट(टी)बीजेपी ने टीएमसी पर निशाना साधा(टी)बीजेपी की 14 सूत्रीय चार्जशीट(टी)पोल अपडेट(टी)चुनाव(टी)चुनाव समाचार(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल(टी)ईसी(टी)चुनाव आयोग(टी)बंगाल में अगले महीने चुनाव

असम कांग्रेस ने उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी की:कर्नाटक उपचुनाव- पार्टी की घोषणा के बिना उम्मीदवारों का नामांकन, कोलकाता में बीजेपी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

असम कांग्रेस ने उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी की:कर्नाटक उपचुनाव- पार्टी की घोषणा के बिना उम्मीदवारों का नामांकन, कोलकाता में बीजेपी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को सात उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी की। इससे 126 सीटों वाली विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों की कुल संख्या 94 हो गई है। इस लिस्ट 2024 में BJP छोड़कर कांग्रेस में आए में जयंत बोरा भी शामिल हैं। उन्हें बिस्वनाथ सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कर्नाटक में बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए कांग्रेस के टिकट के दावेदारों ने शुक्रवार को अपने नामांकन दाखिल कर दिए। पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है और दावेदारों के बीच टिकट को लेकर खींचतान जारी है। उधर, कोलकाता में BJP कार्यकर्ताओं के एक गुट ने शुक्रवार को पार्टी के पश्चिम बंगाल मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। बेलेघाटा इलाके के करीब 50 पार्टी कार्यकर्ता इसमें शामिल रहे। उन्होंने उम्मीदवार पार्थ चौधरी को तुरंत बदलने की मांग की। उनका आरोप था कि संगठनात्मक कामों में चौधरी की भागीदारी बहुत कम है। साथ ही चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में पहली सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट 23 मार्च को जारी होने की संभावना है। 19 मार्च को होने वाली लिस्ट की रिलीज आखिरी समय पर टाल दी गई थी, क्योंकि यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी। असम में कांग्रेस ने रइजर दल के लिए 11 सीटें छोड़ीं AICC की प्रेस रिलीज के अनुसार, कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगी राइजर दल के लिए 11 सीटें छोड़ी हैं। कांग्रेस ने अपने गठबंधन का विस्तार किया है और असम विधानसभा चुनावों के लिए राइजर दल के साथ हाथ मिलाया है। असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई और राइजर दल के नेता अखिल गोगोई ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन में असम जातीय परिषद (AJP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (CPI ML), और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (APHLC) भी शामिल हैं। कर्नाटक उपचुनाव- कांग्रेस विधायकों के निधन के बाद खाली हुईं सीटें कर्नाटक की बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर उपचुनाव मौजूदा कांग्रेस विधायकों एच.वाई. मेती और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद हो रहे हैं। कांग्रेस के उम्मीदवारों ने इन सीटों पर ही बिना घोषणा के नामांकन दाखिल कर दिए। ये तब हुआ जब कर्नाटक के प्रभारी AICC महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला बेंगलुरु में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके डिप्टी डी.के. शिवकुमार सीटों के लिए उम्मीदवारों के बारे में चर्चा कर रहे थे। बाद में पत्रकारों से सुरजेवाला ने कांग्रेस के दोनों सीटें जीतने का विश्वास जताया और जोर देकर कहा कि पार्टी एकजुट है। BJP ने अपनी केंद्रीय चुनाव समिति की मंज़ूरी के बाद बागलकोट से वीरभद्रय्या चारंतिमठ और दावणगेरे दक्षिण से श्रीनिवास टी. दासकरियप्पा के नामों की घोषणा पहले ही कर दी है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है और चुनाव 9 अप्रैल को होंगे। पुडुचेरी सीएम रंगासामी ने दो विधानसभा सीटों से नामांकन भरा मुख्यमंत्री और AINRC के संस्थापक एन. रंगासामी ने शुक्रवार को विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन भरा। उन्होंने रंगासामी ने थट्टांचवाडी और मंगलम सीटों से नामांकन भरा। थट्टांचवाडी उनकी पारंपरिक सीट रही है और अब वह इस सीट को अपने पास बनाए रखना चाहते हैं। कृषि मंत्री थेनी सी. जेकुमार (AINRC) 2021 के चुनावों में मंगलम सीट से विजयी रहे थे। वह आगामी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। रंगासामी ने 2021 के चुनाव दो सीटों से लड़े थे – थट्टांचवाडी और यनम, जो आंध्र प्रदेश में स्थित एक क्षेत्र है। वह थट्टांचवाडी से विजयी रहे, वहीं 2021 में यनम में उन्हें एक निर्दलीय उम्मीदवार, गोलापल्ली श्रीनिवास अशोक के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। राज्यवार विधानसभा चुनाव शेड्यूल… 4 राज्यों में SIR, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा नाम कटे जिन पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें SIR के बाद तमिलनाडु से सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम कटे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं। राज्य में अब 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर है जहां करीब 58 लाख लोगों के नाम कटे हैं। फिर केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में सबसे कम 77 हजार लोगों के नाम SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए गए। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) कराया गया था। अब 5 राज्यों में चुनौती और मौजूदा स्थिति पश्चिम बंगाल- 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री: 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। तमिलनाडु- भाजपा-कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आ सकीं: आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है। फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही। केरल- दक्षिण का इकलौता राज्य जहां लेफ्ट सत्ता में: देश का इकलौता राज्य है, जहां आज भी लेफ्ट सत्ता में है। यहां सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस गठबंधन की कोशिश इस बार एंटी इनकम्बेंसी को कैश करानी की रहेगी। वहीं, BJP अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट जीत पाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां उसने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी। इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी BJP ने पहली बार त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) नगर निगम

असम कांग्रेस ने उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी की:कर्नाटक उपचुनाव- पार्टी की घोषणा के बिना उम्मीदवारों का नामांकन, कोलकाता में बीजेपी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

असम कांग्रेस ने उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी की:कर्नाटक उपचुनाव- पार्टी की घोषणा के बिना उम्मीदवारों का नामांकन, कोलकाता में बीजेपी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को सात उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी की। इससे 126 सीटों वाली विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों की कुल संख्या 94 हो गई है। इस लिस्ट 2024 में BJP छोड़कर कांग्रेस में आए में जयंत बोरा भी शामिल हैं। उन्हें बिस्वनाथ सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कर्नाटक में बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए कांग्रेस के टिकट के दावेदारों ने शुक्रवार को अपने नामांकन दाखिल कर दिए। पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है और दावेदारों के बीच टिकट को लेकर खींचतान जारी है। उधर, कोलकाता में BJP कार्यकर्ताओं के एक गुट ने शुक्रवार को पार्टी के पश्चिम बंगाल मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। बेलेघाटा इलाके के करीब 50 पार्टी कार्यकर्ता इसमें शामिल रहे। उन्होंने उम्मीदवार पार्थ चौधरी को तुरंत बदलने की मांग की। उनका आरोप था कि संगठनात्मक कामों में चौधरी की भागीदारी बहुत कम है। साथ ही चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में पहली सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट 23 मार्च को जारी होने की संभावना है। 19 मार्च को होने वाली लिस्ट की रिलीज आखिरी समय पर टाल दी गई थी, क्योंकि यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी। असम में कांग्रेस ने रइजर दल के लिए 11 सीटें छोड़ीं AICC की प्रेस रिलीज के अनुसार, कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगी राइजर दल के लिए 11 सीटें छोड़ी हैं। कांग्रेस ने अपने गठबंधन का विस्तार किया है और असम विधानसभा चुनावों के लिए राइजर दल के साथ हाथ मिलाया है। असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई और राइजर दल के नेता अखिल गोगोई ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन में असम जातीय परिषद (AJP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (CPI ML), और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (APHLC) भी शामिल हैं। कर्नाटक उपचुनाव- कांग्रेस विधायकों के निधन के बाद खाली हुईं सीटें कर्नाटक की बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर उपचुनाव मौजूदा कांग्रेस विधायकों एच.वाई. मेती और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद हो रहे हैं। कांग्रेस के उम्मीदवारों ने इन सीटों पर ही बिना घोषणा के नामांकन दाखिल कर दिए। ये तब हुआ जब कर्नाटक के प्रभारी AICC महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला बेंगलुरु में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके डिप्टी डी.के. शिवकुमार सीटों के लिए उम्मीदवारों के बारे में चर्चा कर रहे थे। बाद में पत्रकारों से सुरजेवाला ने कांग्रेस के दोनों सीटें जीतने का विश्वास जताया और जोर देकर कहा कि पार्टी एकजुट है। BJP ने अपनी केंद्रीय चुनाव समिति की मंज़ूरी के बाद बागलकोट से वीरभद्रय्या चारंतिमठ और दावणगेरे दक्षिण से श्रीनिवास टी. दासकरियप्पा के नामों की घोषणा पहले ही कर दी है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है और चुनाव 9 अप्रैल को होंगे। पुडुचेरी सीएम रंगासामी ने दो विधानसभा सीटों से नामांकन भरा मुख्यमंत्री और AINRC के संस्थापक एन. रंगासामी ने शुक्रवार को विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन भरा। उन्होंने रंगासामी ने थट्टांचवाडी और मंगलम सीटों से नामांकन भरा। थट्टांचवाडी उनकी पारंपरिक सीट रही है और अब वह इस सीट को अपने पास बनाए रखना चाहते हैं। कृषि मंत्री थेनी सी. जेकुमार (AINRC) 2021 के चुनावों में मंगलम सीट से विजयी रहे थे। वह आगामी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। रंगासामी ने 2021 के चुनाव दो सीटों से लड़े थे – थट्टांचवाडी और यनम, जो आंध्र प्रदेश में स्थित एक क्षेत्र है। वह थट्टांचवाडी से विजयी रहे, वहीं 2021 में यनम में उन्हें एक निर्दलीय उम्मीदवार, गोलापल्ली श्रीनिवास अशोक के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। राज्यवार विधानसभा चुनाव शेड्यूल… 4 राज्यों में SIR, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा नाम कटे जिन पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें SIR के बाद तमिलनाडु से सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम कटे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं। राज्य में अब 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर है जहां करीब 58 लाख लोगों के नाम कटे हैं। फिर केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में सबसे कम 77 हजार लोगों के नाम SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए गए। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) कराया गया था। अब 5 राज्यों में चुनौती और मौजूदा स्थिति पश्चिम बंगाल- 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री: 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। तमिलनाडु- भाजपा-कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आ सकीं: आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है। फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही। केरल- दक्षिण का इकलौता राज्य जहां लेफ्ट सत्ता में: देश का इकलौता राज्य है, जहां आज भी लेफ्ट सत्ता में है। यहां सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस गठबंधन की कोशिश इस बार एंटी इनकम्बेंसी को कैश करानी की रहेगी। वहीं, BJP अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट जीत पाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां उसने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी। इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी BJP ने पहली बार त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) नगर निगम