Monday, 10 Aug 2026 | 05:05 PM

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Russia War Scam | Soldiers Marriage Compensation Fraud & Black Widow Case

Russia War Scam | Soldiers Marriage Compensation Fraud & Black Widow Case

मॉस्को4 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस में मुआवजे के लिए शादी करने के मामलों की कोई आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है। हालांकि रूसी अदालतों में ऐसे कई मामले पहुंच चुके हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस में एक नया घोटाला सामने आया है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ महिलाओं पर आरोप है कि वे युद्ध पर जाने वाले सैनिकों से जल्दबाजी में शादी करती हैं और उनकी मौत के बाद मिलने वाले सरकारी मुआवजे पर कब्जा कर लेती हैं। रूसी मीडिया और अधिकारी ऐसी महिलाओं को ‘ब्लैक विडो’ कह रहे हैं। रूस में हाल के महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें सैनिकों ने मोर्चे पर जाने से ठीक पहले या अस्पताल में मौत से पहले शादी की। इस पूरे स्कैम में अस्पताल से लेकर सेना तक पर मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। सबसे चर्चित मामले में एक सैन्य अस्पताल की नर्स पर आरोप लगा कि उसने इलाज करा रहे पांच घायल सैनिकों से अलग-अलग समय पर शादी की। आरोप था कि सैनिकों की मौत के बाद वह उनका मुआवजा लेना चाहती थी। मामला सामने आने के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया। यूक्रेन युद्ध में मारे गए रूसी सैनिकों की याद में कोस्त्रोमा के सैनिक कब्रिस्तान में बना स्मारक। रूस में सैनिकों की बढ़ती मौतों के बीच सरकारी मुआवजे के लिए फर्जी शादियों के मामलों पर बहस तेज हो गई है। पिता की मौत के बाद बेटी को पता चला- दो दिन पहले हुई थी शादी सेंट पीटर्सबर्ग की रहने वाली मारिया को सेना ने बताया कि उनके 59 साल पिता यूरी की यूक्रेन युद्ध में गोली लगने से मौत हो गई। लेकिन उन्हें सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब पता चला कि युद्ध पर भेजे जाने से सिर्फ दो दिन पहले उनके पिता ने शादी कर ली थी। मारिया का कहना है कि उन्होंने उस महिला का नाम पहले कभी नहीं सुना था। वह उनके पिता से 22 साल छोटी थी। शादी के बाद वही कानूनी रूप से यूरी की सबसे करीबी रिश्तेदार बन गई और सरकारी मुआवजे की हकदार भी। मारिया का आरोप है कि उनके पिता के साथ धोखा हुआ। उनका यह भी दावा है कि पिता का फ्लैट भी बेच दिया गया और अब उनके पास पिता की याद में सिर्फ उस घर की चाबियां बची हैं, जो अब किसी काम की नहीं हैं। सैनिक की मौत पर मिलता है भारी मुआवजा रूस में युद्ध में मारे गए सैनिक के परिवार को सरकार की ओर से कम से कम 50 लाख रूबल (करीब 62 लाख भारतीय रुपए) की एकमुश्त मदद मिलती है। कई अन्य भुगतान और बीमा जोड़ दिए जाएं तो यह रकम और भी ज्यादा हो सकती है। आरोप है कि कुछ महिलाएं इसी पैसे के लालच में अकेले, बुजुर्ग या कमजोर सैनिकों को शादी के लिए फंसाती हैं। सैनिक की मौत के बाद पूरा मुआवजा पत्नी को मिल जाता है। परिवार के बाकी लोगों को कुछ भी नहीं मिल पाता। रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में डिजिटल स्क्रीन पर रूसी सेना की ड्रोन यूनिट में कॉन्ट्रैक्ट भर्ती का विज्ञापन दिखाया जा रहा है। इसमें वेतन की जानकारी भी दी गई है। सरकार ने जल्दी शादी को बढ़ावा दिया, इसके बाद स्कैम बढ़ा फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस ने सेना में भर्ती होने वाले लोगों के लिए शादी के नियम आसान कर दिए। आमतौर पर रूस में शादी के लिए आवेदन देने के बाद कुछ समय इंतजार करना पड़ता है, लेकिन युद्ध के दौरान इस प्रक्रिया में छूट दे दी गई। नए सैनिक चाहें तो भर्ती के तुरंत बाद शादी कर सकते थे। सरकार का मानना था कि इससे सैनिकों को परिवार का सहारा मिलेगा और अगर युद्ध में उनकी मौत हो जाती है, तो पत्नी और परिवार को सरकारी आर्थिक मदद आसानी से मिल सकेगी। लेकिन बाद में आरोप लगे कि कुछ लोगों ने इसी व्यवस्था का गलत फायदा उठाकर मुआवजा हासिल करने का रास्ता बना लिया। मॉस्को की एक सड़क पर लगे होर्डिंग में रूसी सेना के एक जवान की तस्वीर। इस पर रूसी भाषा में ‘रूस का गौरव’ लिखा हुआ है। ‘सैनिक से शादी करो, फ्लैट खरीद लो’ पिछले साल साइबेरिया के टॉम्स्क शहर के एक पॉडकास्ट में रियल एस्टेट एजेंट मरीना ओरलोवा का बयान बहुत वायरल हुआ था। उन्होंने कहा था, “अगर फ्लैट खरीदना है तो किसी ऐसे सैनिक से शादी कर लो जो युद्ध पर जा रहा हो। उसकी मौत के बाद मिलने वाले पैसे से घर खरीद लेना। आजकल कई महिलाएं इसी तरह सस्ते फ्लैट खरीद रही हैं। यह भी एक बिजनेस है।” इसके बाद एजेंट और पॉडकास्ट की होस्ट के खिलाफ मुकदमा चला। दोनों को सामुदायिक सेवा की सजा दी गई और सैनिकों व उनके परिवारों से सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी। तलाक से पहले सैनिक की मौत, पत्नी को मुआवजा नहीं मिला रूसी सैनिक जॉर्जी कोस्तिरको छुट्टी पर जब घर आए तो उसी दौरान उनकी मुलाकात एंजेलिना वार्यूखिना से हुई थी। दोनों ने मुलाकात के महज 10 दिन बाद शादी कर ली। शादी के कुछ ही समय बाद जॉर्जी फिर से यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर लौट गए। जॉर्जी की मां ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद एंजेलिना सोशल मीडिया पर दूसरे पुरुषों के साथ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करने लगी थीं। इससे दोनों के रिश्ते बिगड़ गए और जॉर्जी ने तलाक की प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि, एंजेलिना ने इन आरोपों से इनकार किया। उनका कहना था कि दोनों के बीच बाद में सुलह हो गई थी और सोशल मीडिया पर डाली गई तस्वीरें सिर्फ जॉर्जी को जलाने के लिए थीं। तलाक की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही यूक्रेनी हमले में जॉर्जी की मौत हो गई। रूसी कानून के मुताबिक, उस समय एंजेलिना उनकी कानूनी पत्नी थीं, इसलिए सरकारी मुआवजा पाने का अधिकार उन्हें मिल गया। इस पर जॉर्जी के परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने एंजेलिना को सबसे करीबी कानूनी रिश्तेदार का दर्जा रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद उन्हें मुआवजे का अधिकार नहीं मिला। यह मामला पूरे रूस में चर्चा का विषय बना और इसके बाद सैनिकों की मौत

Russia War Scam | Soldiers Marriage Compensation Fraud & Black Widow Case

Russia War Scam | Soldiers Marriage Compensation Fraud & Black Widow Case

मॉस्को8 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस में मुआवजे के लिए शादी करने के मामलों की कोई आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है। हालांकि रूसी अदालतों में ऐसे कई मामले पहुंच चुके हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस में एक नया घोटाला सामने आया है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ महिलाओं पर आरोप है कि वे युद्ध पर जाने वाले सैनिकों से जल्दबाजी में शादी करती हैं और उनकी मौत के बाद मिलने वाले सरकारी मुआवजे पर कब्जा कर लेती हैं। रूसी मीडिया और अधिकारी ऐसी महिलाओं को ‘ब्लैक विडो’ कह रहे हैं। रूस में हाल के महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें सैनिकों ने मोर्चे पर जाने से ठीक पहले या अस्पताल में मौत से पहले शादी की। इस पूरे स्कैम में अस्पताल से लेकर सेना तक पर मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। सबसे चर्चित मामले में एक सैन्य अस्पताल की नर्स पर आरोप लगा कि उसने इलाज करा रहे पांच घायल सैनिकों से अलग-अलग समय पर शादी की। आरोप था कि सैनिकों की मौत के बाद वह उनका मुआवजा लेना चाहती थी। मामला सामने आने के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया। यूक्रेन युद्ध में मारे गए रूसी सैनिकों की याद में कोस्त्रोमा के सैनिक कब्रिस्तान में बना स्मारक। रूस में सैनिकों की बढ़ती मौतों के बीच सरकारी मुआवजे के लिए फर्जी शादियों के मामलों पर बहस तेज हो गई है। पिता की मौत के बाद बेटी को पता चला- दो दिन पहले हुई थी शादी सेंट पीटर्सबर्ग की रहने वाली मारिया को सेना ने बताया कि उनके 59 साल पिता यूरी की यूक्रेन युद्ध में गोली लगने से मौत हो गई। लेकिन उन्हें सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब पता चला कि युद्ध पर भेजे जाने से सिर्फ दो दिन पहले उनके पिता ने शादी कर ली थी। मारिया का कहना है कि उन्होंने उस महिला का नाम पहले कभी नहीं सुना था। वह उनके पिता से 22 साल छोटी थी। शादी के बाद वही कानूनी रूप से यूरी की सबसे करीबी रिश्तेदार बन गई और सरकारी मुआवजे की हकदार भी। मारिया का आरोप है कि उनके पिता के साथ धोखा हुआ। उनका यह भी दावा है कि पिता का फ्लैट भी बेच दिया गया और अब उनके पास पिता की याद में सिर्फ उस घर की चाबियां बची हैं, जो अब किसी काम की नहीं हैं। सैनिक की मौत पर मिलता है भारी मुआवजा रूस में युद्ध में मारे गए सैनिक के परिवार को सरकार की ओर से कम से कम 50 लाख रूबल (करीब 62 लाख भारतीय रुपए) की एकमुश्त मदद मिलती है। कई अन्य भुगतान और बीमा जोड़ दिए जाएं तो यह रकम और भी ज्यादा हो सकती है। आरोप है कि कुछ महिलाएं इसी पैसे के लालच में अकेले, बुजुर्ग या कमजोर सैनिकों को शादी के लिए फंसाती हैं। सैनिक की मौत के बाद पूरा मुआवजा पत्नी को मिल जाता है। परिवार के बाकी लोगों को कुछ भी नहीं मिल पाता। रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में डिजिटल स्क्रीन पर रूसी सेना की ड्रोन यूनिट में कॉन्ट्रैक्ट भर्ती का विज्ञापन दिखाया जा रहा है। इसमें वेतन की जानकारी भी दी गई है। सरकार ने जल्दी शादी को बढ़ावा दिया, इसके बाद स्कैम बढ़ा फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस ने सेना में भर्ती होने वाले लोगों के लिए शादी के नियम आसान कर दिए। आमतौर पर रूस में शादी के लिए आवेदन देने के बाद कुछ समय इंतजार करना पड़ता है, लेकिन युद्ध के दौरान इस प्रक्रिया में छूट दे दी गई। नए सैनिक चाहें तो भर्ती के तुरंत बाद शादी कर सकते थे। सरकार का मानना था कि इससे सैनिकों को परिवार का सहारा मिलेगा और अगर युद्ध में उनकी मौत हो जाती है, तो पत्नी और परिवार को सरकारी आर्थिक मदद आसानी से मिल सकेगी। मॉस्को की एक सड़क पर लगे होर्डिंग में रूसी सेना के एक जवान की तस्वीर। इस पर रूसी भाषा में ‘रूस का गौरव’ लिखा हुआ है। ‘सैनिक से शादी करो, फ्लैट खरीद लो’ पिछले साल साइबेरिया के टॉम्स्क शहर के एक पॉडकास्ट में रूसी वकील और रियल स्टेट एजेंट मरीना ओरलोवा का बयान बहुत वायरल हुआ था। उन्होंने कहा था, अगर फ्लैट खरीदना है तो किसी ऐसे सैनिक से शादी कर लो जो युद्ध पर जा रहा हो। उसकी मौत के बाद मिलने वाले पैसे से घर खरीद लेना। आजकल कई महिलाएं इसी तरह सस्ते फ्लैट खरीद रही हैं। यह एक बहुत अच्छा बिजनेस है। इसके बाद एजेंट और पॉडकास्ट की होस्ट के खिलाफ मुकदमा चला। दोनों को सामुदायिक सेवा की सजा दी गई और सैनिकों व उनके परिवारों से सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी। मरीना ओरलोवा ने पॉडकास्ट में यहां तक कहा कि जिन महिलाओं के सैनिक पति युद्ध में मारे गए हैं, उन्हें दोबारा किसी सैनिक से शादी कर लेनी चाहिए, ताकि दोबारा मुआवजा मिलने के चांसेस बने रहें। तलाक से पहले सैनिक की मौत, पत्नी को मुआवजा नहीं मिला रूसी सैनिक जॉर्जी कोस्तिरको छुट्टी पर जब घर आए तो उसी दौरान उनकी मुलाकात एंजेलिना वार्यूखिना से हुई थी। दोनों ने मुलाकात के महज 10 दिन बाद शादी कर ली। शादी के कुछ ही समय बाद जॉर्जी फिर से यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर लौट गए। जॉर्जी की मां ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद एंजेलिना सोशल मीडिया पर दूसरे पुरुषों के साथ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करने लगी थीं। इससे दोनों के रिश्ते बिगड़ गए और जॉर्जी ने तलाक की प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि, एंजेलिना ने इन आरोपों से इनकार किया। उनका कहना था कि दोनों के बीच बाद में सुलह हो गई थी और सोशल मीडिया पर डाली गई तस्वीरें सिर्फ जॉर्जी को जलाने के लिए थीं। तलाक की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही यूक्रेनी हमले में जॉर्जी की मौत हो गई। रूसी कानून के मुताबिक, उस समय एंजेलिना उनकी कानूनी पत्नी थीं, इसलिए सरकारी मुआवजा पाने का अधिकार उन्हें मिल गया। इस पर जॉर्जी के परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने एंजेलिना को सबसे करीबी कानूनी रिश्तेदार का दर्जा रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद उन्हें मुआवजे का

Salman Khan Court Summons | Chandigarh Being Human Jewellery Fraud Case

Salman Khan Court Summons | Chandigarh Being Human Jewellery Fraud Case

चंडीगढ़ में बीइंग ह्यूमन ज्वेलरी शोरूम से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में चंडीगढ़ की जिला अदालत ने बॉलीवुड एक्टर सलमान खान, उनकी बहन अलवीरा खान और संबधित कंपनी स्टाइल एंड क्यूंटेंट ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक समेत अन्य को नोटिस जारी किया है। . इस नोटिस के मुताबिक, सभी को 5 अक्टूबर को अदालत में पेश होना होगा। कोर्ट ने सभी आरोपियों को समन जारी करते हुए उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर जवाब दाखिल करने के लिए भी कहा है। यह मामला चंडीगढ़ के मनीमाजरा में रहने वाले व्यापारी अरुण गोयल की ओर से दायर शिकायत पर दर्ज हुआ है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीइंग ह्यूमन ब्रांड के नाम पर ज्वेलरी शोरूम खुलवाने के दौरान उनके साथ धोखाधड़ी की गई, जिससे उन्हें करोड़ों रुपयों का नुकसान हुआ। चंडीगढ़ जिला अदालत ने नोटिस जारी किया है। – फाइल फोटो 3 करोड़ लागत से खोला शोरूम शिकायतकर्ता अरुण गोयल के अनुसार, उन्होंने मनीमाजरा के एनएसी क्षेत्र में करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से बीइंग ह्यूमन ज्वेलरी का शोरूम खोला था। इसके लिए उन्होंने स्टाइल एंड क्यूंटेंट ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड के साथ एग्रीमेंट किया था। उनका कहना है कि कंपनी की सभी शर्तों का पालन किया गया और शोरूम तैयार करने पर ही करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा बीइंग ह्यूमन ब्रांड की ज्वेलरी भी स्टोर में रखी गई। गलत भरोसा देकर शोरूम खुलवाया शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी से जुड़े 6 लोगों ने उन्हें गलत भरोसा देकर शोरूम खुलवाया। शोरूम शुरू होने के बाद कंपनी की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जिस स्टोर से उन्हें बीइंग ह्यूमन ब्रांड की ज्वेलरी की सप्लाई होनी थी, वह फरवरी 2020 से बंद पड़ा है। इसके कारण उन्हें नया सामान नहीं मिल सका और कारोबार प्रभावित हो गया। कंपनी पहले दे चुकी सफाई इस मामले में आरोप सामने आने के बाद स्टाइल एंड क्यूंटेंट ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड ने पहले सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा था कि इस मामले में सलमान खान की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। कंपनी का कहना था कि वर्ष 2018 में मनीमाजरा के व्यापारी के साथ हुए समझौते से सलमान खान का कोई संबंध नहीं था। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया था कि वर्ष 2015 में सलमान खान फाउंडेशन ने उसे बीइंग ह्यूमन ब्रांड के तहत ज्वेलरी उत्पाद बेचने का लाइसेंस दिया था। ब्रांड के संचालन, बिक्री और कारोबार की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की थी। 5 अक्टूबर को अदालत अगली सुनवाई इस मामले में अदालत ने सलमान खान, अलवीरा खान और अन्य आरोपियों को 5 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। अदालत ने सभी से शिकायत में लगाए गए आरोपों पर जवाब भी मांगा है। अगर कोई आरोपी बिना अनुमति के अदालत में पेश नहीं होता, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। मामले में कब-क्या हुआ, जानिए वर्ष 2018 में शुरुआत: पीड़ित कारोबारी अरुण गोयल ने चंडीगढ़ के मनीमाजरा इलाके में ‘बीइंग ह्यूमन ज्वेलरी’ की पहली एक्सक्लूसिव फ्रेंचाइजी (शोरूम) खोली। इसके लिए उन्होंने करीब ₹2 से ₹3 करोड़ का निवेश किया था। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि सलमान खान खुद इसका प्रमोशन करेंगे। वर्ष 2018-2020 में विवाद और नुकसान हुआ: कारोबारी के मुताबिक, वादे के बावजूद कंपनी ने न तो शोरूम के लिए सामान (स्टॉक) भेजा और न ही सलमान खान प्रमोशन के लिए आए। सलमान खान की जगह उनके जीजा आयुष शर्मा शोरूम के उद्घाटन पर आए थे। स्टॉक न मिलने के कारण शोरूम पूरी तरह बंद हो गया और कारोबारी को भारी नुकसान हुआ। 8-9 जुलाई 2021 को पुलिस में शिकायत: कंपनी से कोई राहत न मिलने पर अरुण गोयल ने चंडीगढ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए सलमान खान, उनकी बहन अलवीरा खान अग्निहोत्री और बीइंग ह्यूमन फाउंडेशन के सीईओ सहित 8-9 लोगों को समन भेजकर 10 दिनों के भीतर जवाब मांगा था। वर्ष 2021 से 2025 तक जांच चली: पुलिस शिकायत के बाद मामला लंबा खिंचा। कारोबारी ने पैसे वापस न मिलने और धोखाधड़ी का ठोस समाधान न होने पर चंडीगढ़ की जिला अदालत का दरवाजा खटखटाया। अगस्त 2026 में अदालत ने नोटिस जारी: चंडीगढ़ की जिला अदालत (ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट डॉ. अंबिका शर्मा की कोर्ट) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सलमान खान, अलवीरा खान और बीइंग ह्यूमन के प्रतिनिधियों को अपना पक्ष रखने के लिए औपचारिक नोटिस जारी किया। 5 अक्टूबर 2026 को अगली सुनवाई: अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर की तारीख तय की है, जिसमें आरोपियों को अपना पक्ष या जवाब कोर्ट के सामने पेश करना होगा। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… सलमान खान@60; बड़ी अम्मी ने कुएं में धक्का दिया था:रेखा का पीछा करते थे, ₹10 लाख कमाना था सपना, आज ₹2900 करोड़ के मालिक उसकी डायलॉग डिलीवरी में ठहराव, स्टाइल में दबंग अंदाज और स्क्रीन पर रौबदार मौजूदगी, जो दिल तक उतर जाती है। हाथों में उसका सिल्वर ब्रेसलेट अक्सर चमकता दिखता है और उसकी चाल में अलग स्वैग होता है। पढ़ें पूरी खबर…

CBI Files FIR Against Reliance Capital & Anil Ambani Over EPFO Fraud

CBI Files FIR Against Reliance Capital & Anil Ambani Over EPFO Fraud

7 मिनट पहले कॉपी लिंक CBI ने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड और इसके पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ FIR दर्ज की है। कंपनी पर EPFO यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को 1816.22 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने के आरोप है। अधिकारियों ने शनिवार, 1 अगस्त को इसकी जानकारी दी। यह कार्रवाई केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 21 जुलाई को दी गई एक शिकायत के आधार पर की। शिकायत में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और EPFO को अनुचित नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने बयान जारी कर किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Brampton Rental Scam | Punjabi Savreet Kaur Arrested for 41 Lakh Fraud

Brampton Rental Scam | Punjabi Savreet Kaur Arrested for 41 Lakh Fraud

पंजाबी मूल की सवरीत कौर, जिसे रेंटल फ्रॉड के लिए ब्रैम्पटन में अरेस्ट किया गया है। पंजाबी मूल की 27 साल की युवती ने कनाडा में रेंट के नाम पर 17 लोगों से 41 लाख रुपए (60 हजार डॉलर) ठग लिए। युवती ने सोशल मीडया प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग लोकेशन पर मकान दिखाए थे। हर मकान का 1700 डॉलर के करीब रेंट बताया गया। . लोगों ने सोशल मीडिया पर ही मकान देख युवती से बात की। उसने लोगों को झांसे में लेकर पेमेंट ले ली। जब लोग दिए गए पतों पर अपना-अपना सामान लेकर पहुंचे तो उन्हें झटका लगा। ठगी का पता चलने पर पील रीजनल पुलिस से संपर्क किया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर युवती को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार युवती की पहचान सवरीत कौर के रूप में हुई है। वह कनाडाई नागरिक है और ब्रैम्पटन में ही रह रही है। पुलिस ने युवती की फोटो जारी कर लिखा है कि लोग इसे देख लें और इस ठग से अलर्ट रहें। कैसे उसने लोगों को ठगा, पढ़िए पूरी रिपोर्ट… ठगी के बारे में जानकारी देती पील रीजनल पुलिस अधिकारी। ​युवती ने कैसे 17 लोगों को ठगा… फर्जी विज्ञापन बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किए: ​पुलिस के मुताबिक यह पूरा फर्जीवाड़ा मई 2025 से फरवरी 2026 के बीच किया गया है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म्स पर ब्रैम्पटन में बेसमेंट और अपार्टमेंट किराए पर उपलब्ध होने के फर्जी विज्ञापन डाले थे। ​रेंटल एग्रीमेंट कर एडवांस पेमेंट ले ली: इन विज्ञापनों को असली समझकर कई लोग सवरीत कौर के संपर्क में आ गए। उन्होंने आरोपी के साथ रेंटल एग्रीमेंट साइन कर लिए और पहले व आखिरी महीने के किराए के रूप में एडवांस पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। लोग सामान लेकर पहुंचे तो हुआ खुलासा: पील पुलिस के अनुसार एडवांस किराया देने के बाद पीड़ित लोग अपना सामान लेकर नए घर में शिफ्ट होने पहुंचे। इनमें से कई लोग अपना पुराना मकान पहले ही खाली कर चुके थे। लेकिन जब वे बताए गए पते पर पहुंचे तो पता चला कि वहां पहले से दूसरे लोग रह रहे हैं। जिस मकान का किराया उन्होंने दिया था, वह किराए के लिए उपलब्ध ही नहीं था। ​जांच की तो 17 लोगों से ठगी सामने आई: ​पील पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान ऐसे 17 अलग-अलग मामलों का खुलासा हुआ। इन सभी मामलों में पीड़ितों को कुल 60 हजार डॉलर से अधिक का चूना लगाया गया। हैरानी की बात यह रही कि किसी भी पीड़ित को न तो वादा किया गया घर मिला और न ही उनकी रकम लौटाई गई। 13 जुलाई को पुलिस ने गिरफ्तार किया जांच पूरी होने और ठगी कंफर्म होने पर 13 जुलाई को सवरीत कौर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसे बेल हियरिंग के लिए ओंटारियो कोर्ट ऑफ जस्टिस की हिरासत में रखा गया है। पील रीजनल पुलिस ने आम जनता, अप्रवासी और नए किराएदारों को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर रेंटल प्रॉपर्टी खोजते समय ज्यादा सावधानी बरतें। पुलिस ने सलाह दी है कि ​पैसे ट्रांसफर करने से पहले प्रॉपर्टी को खुद जाकर देखें। बिना पूरी जांच के किसी भी प्रकार की एडवांस पेमेंट न भेजें। युवती की गिरफ्तारी की जानकारी पुलिस ने 22 जुलाई को मीडिया से साझा की। ———– ये खबर भी पढ़ें… कनाडा सरकार का पंजाबियों को झटका, PR होने पर भी पेरेंट्स, दादा-दादी को साथ नहीं बसा पाएंगे कनाडा में रह रहे लाखों भारतीयों, खासकर पंजाबी समुदाय को बड़ा झटका लगा है। कनाडा सरकार ने 15 जुलाई 2026 से पेरेंट्स एंड ग्रैंडपेरेंट्स प्रोग्राम (PGP) के तहत नई स्पॉन्सरशिप अर्जियाें पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इससे अब कनाडा में PR हासिल कर चुके नए आवेदक अपने माता-पिता और दादा-दादी को स्थायी निवास (PR) दिलाने के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। (पढ़ें पूरी खबर)

Indresh Malik Heeramandi Star | Pyramid Scheme Fraud

Indresh Malik Heeramandi Star | Pyramid Scheme Fraud

3 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक ऐश्वर्या राय की फिल्म ‘फन्ने खां’ में इंद्रेश मलिक ने अनिल कपूर के साथ एक सीन शूट किया था, जिसे बाद में हटा दिया गया था। ‘हीरामंडी’ में उस्ताद जी और ‘द पिरामिड स्कीम’ में अभिनय से चर्चा में आए इंद्रेश मलिक ने दैनिक भास्कर से बातचीत में करियर, संघर्ष और निजी जिंदगी से जुड़े किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि करीब 20 साल पहले वह मल्टी लेवल मार्केटिंग फ्रॉड का शिकार हुए थे। उन्होंने संजय लीला भंसाली के साथ काम, थिएटर, इंडस्ट्री के अनुभव, ऑडिशन और परिवार से जुड़ी बातें साझा कीं। साथ ही आने वाले प्रोजेक्ट्स और लेखन के शौक पर भी बात की। सवाल: ‘द पिरामिड स्कीम’ में आपका किरदार प्रभावशाली है। क्या असल जिंदगी में भी ऐसी स्कीम या मल्टी-लेवल मार्केटिंग का सामना किया है? जवाब: बिल्कुल। ऑडिशन के बाद क्रिएटिव टीम और डायरेक्टर्स से मुलाकात में मैंने बताया था कि करीब 15-20 साल पहले मैं भी ऐसी स्कीम का शिकार हो चुका हूं। उस समय मल्टी-लेवल मार्केटिंग का कॉन्सेप्ट नया था और जागरूकता कम थी। आधी-अधूरी जानकारी देकर लोगों को जोड़ा जाता था। मैं भी इसका नुकसान झेल चुका हूं। ‘द पिरामिड स्कीम’ में इंद्रेश मलिक ने दिव्या ज्योति की भूमिका निभाई है। सवाल: इस सीरीज का ऑफर मिलने पर पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मैं अपने पिछले किरदारों की इमेज से बाहर निकलकर कुछ अलग करना चाहता था। यह किरदार मुझे दिलचस्प लगा। पूरी यूनिट शानदार थी और पहली बार Amazon Prime के साथ काम करने का मौका मिला। डायरेक्टर्स और क्रिएटिव टीम के साथ अच्छी ट्यूनिंग बनी। शूटिंग का माहौल सकारात्मक था। सवाल: क्या पिछली इमेज से आपका मतलब ‘हीरामंडी’ के उस्ताद जी के किरदार से है? जवाब: जी हां। ‘हीरामंडी’ में उस्ताद जी का किरदार निभाना शानदार अनुभव था। ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के बाद फिर से संजय लीला भंसाली के साथ काम करने का मौका मिला। सवाल: उस्ताद जी के किरदार से जुड़ाव कैसे बना था? जवाब: जब पहली बार इस किरदार के बारे में बताया गया, तभी लगा कि यह रोल मैं कर सकता हूं। मेरे परिवार की जड़ें विभाजन से पहले के पंजाब और आज के पाकिस्तान के शहरों से जुड़ी हैं। मैंने बुजुर्गों से उस दौर की भाषा, लहजा और संस्कृति सीखी थी। वही अनुभव किरदार में काम आया। इंद्रेश मलिक ने ‘हीरामंडी’ में उस्ताद का किरदार निभाया था, जो मल्लिकाजान की तवायफों के साथ रहता है। सवाल: आपने बताया कि ‘हीरामंडी’ के लिए विभाजन से पहले के पंजाब की संस्कृति पर काम किया था। आपके परिवार का संबंध कहां से है? जवाब: मेरे ननिहाल का संबंध झंग से है। दादा-दादी का परिवार सरगोधा, रावलपिंडी और लाहौर क्षेत्र से था। विभाजन के बाद परिवार भारत आया और दिल्ली में बस गया। मेरी पैदाइश लुधियाना में हुई, क्योंकि उस समय पहला बच्चा ननिहाल में होने की परंपरा थी। इसके बाद मेरी पढ़ाई और परवरिश दिल्ली में हुई। सवाल: कहा जाता है कि ‘हीरामंडी’ की शूटिंग लंबी चली और कलाकार दूसरे प्रोजेक्ट नहीं कर पा रहे थे। क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ? जवाब: नहीं, मेरे साथ ऐसी बड़ी समस्या नहीं हुई। किसी भी पेशे में एक काम उम्मीद से ज्यादा लंबा चल सकता है। लेकिन जब अंतिम परिणाम खूबसूरत हो, तो बाकी परेशानियां छोटी लगती हैं। सवाल: संजय लीला भंसाली के साथ दोबारा काम करने का अनुभव कैसा था? जवाब: मैं उनका बड़ा प्रशंसक हूं। वह परफेक्शनिस्ट से भी आगे हैं। उनके साथ काम करना हमेशा सपना रहा है। सेट पर उनसे और टीम से प्यार और सम्मान मिला। इंद्रेश मलिक संजय लीला भंसाली के साथ फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ और सीरीज ‘हीरामंडी’ में काम कर चुके हैं। सवाल: ‘हीरामंडी 2’ को लेकर कोई अपडेट है? जवाब: फिलहाल मुझे जानकारी नहीं है। जब भी कुछ होगा, सबको पता चल जाएगा। सवाल: ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ से जुड़ी कोई खास याद? जवाब: उस समय कोविड का दौर था और ज्यादातर शूटिंग रात में फिल्म सिटी में होती थी। मेरा किरदार लंबा नहीं था, लेकिन छोटे रोल में भी लोगों ने मुझे नोटिस किया। यह शानदार अनुभव था। सवाल: आलिया भट्ट के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: आलिया विनम्र और जमीन से जुड़ी इंसान हैं। उनमें स्टार वाला अहंकार नहीं दिखा। वह सहयोगी हैं। मैंने उनके साथ कम समय काम किया, लेकिन अनुभव अच्छा रहा। उन्होंने ‘गंगूबाई’ के किरदार के लिए जबरदस्त मेहनत की थी और वह बेहतरीन अभिनेत्री हैं। सवाल: ‘फन्ने खां’ में आपका किरदार फिल्म में नजर क्यों नहीं आया? जवाब: मैंने फिल्म की शूटिंग की थी, लेकिन रिलीज के समय मेरा हिस्सा नहीं था। एडिटिंग के दौरान क्या फैसला लिया गया, मुझे नहीं पता। लेकिन इसका अफसोस नहीं है। फिल्म निर्माता का अपना विजन होता है। मेरा काम किरदार ईमानदारी से निभाना है। सवाल: आपको कब महसूस हुआ कि अभिनेता ही बनना है? जवाब: मुझे बचपन से अभिनेता बनना था। मैं प्रसिद्ध होना चाहता था और अभिनय मेरा जुनून था। मैं अपने शौक और पैशन के लिए पैदा हुआ हूं और उसी के लिए जीना चाहता हूं। सवाल: क्या आपके बच्चे भी इसी फील्ड में हैं? जवाब: मेरा बड़ा बेटा डायरेक्शन, कास्टिंग और एडिटिंग में काम कर रहा है। उसे इन क्षेत्रों की अच्छी समझ है। छोटा बेटा अभी तय कर रहा है कि उसे किस दिशा में जाना है। मुझे भरोसा है कि वह अपना रास्ता खुद बना लेगा। इंद्रेश मलिक ‘मधुबाला: एक इश्क एक जुनून’, ‘यम हैं हम’, ‘नागिन’, ‘गुमराह’ और ‘रात्रि के यात्री’ जैसे शोज में काम कर चुके हैं। सवाल: आपके करियर का सबसे बड़ा संघर्ष क्या रहा? जवाब: इस इंडस्ट्री को समझना सबसे बड़ी चुनौती थी। कई बार लोगों की बातों पर भरोसा कर लेता था। वादे किए जाते थे, लेकिन पूरे नहीं होते थे। धीरे-धीरे समझ आया कि इस प्रोफेशन में समझदारी से काम करना और फैसले लेना जरूरी है। काम नहीं होता, तब मुश्किलें ज्यादा महसूस होती हैं। लेकिन जुनून हो तो हर परेशानी पार कर सकते हैं। सवाल: आपकी नजर में सबसे बड़ी सफलता क्या है? जवाब: लोगों का भरोसा और प्यार सबसे बड़ी सफलता है। अगर दर्शक पसंद करते हैं, तो काम भी मिलता है। किसी किरदार की तारीफ सबसे ज्यादा खुशी देती

Indresh Malik Heeramandi Star | Pyramid Scheme Fraud

Indresh Malik Heeramandi Star | Pyramid Scheme Fraud

2 घंटे पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक ऐश्वर्या राय की फिल्म ‘फन्ने खां’ में इंद्रेश मलिक ने अनिल कपूर के साथ एक सीन शूट किया था, जिसे बाद में हटा दिया गया था। ‘हीरामंडी’ में उस्ताद जी और ‘द पिरामिड स्कीम’ में अभिनय से चर्चा में आए इंद्रेश मलिक ने दैनिक भास्कर से बातचीत में करियर, संघर्ष और निजी जिंदगी से जुड़े किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि करीब 20 साल पहले वह मल्टी लेवल मार्केटिंग फ्रॉड का शिकार हुए थे। उन्होंने संजय लीला भंसाली के साथ काम, थिएटर, इंडस्ट्री के अनुभव, ऑडिशन और परिवार से जुड़ी बातें साझा कीं। साथ ही आने वाले प्रोजेक्ट्स और लेखन के शौक पर भी बात की। सवाल: ‘द पिरामिड स्कीम’ में आपका किरदार प्रभावशाली है। क्या असल जिंदगी में भी ऐसी स्कीम या मल्टी-लेवल मार्केटिंग का सामना किया है? जवाब: बिल्कुल। ऑडिशन के बाद क्रिएटिव टीम और डायरेक्टर्स से मुलाकात में मैंने बताया था कि करीब 15-20 साल पहले मैं भी ऐसी स्कीम का शिकार हो चुका हूं। उस समय मल्टी-लेवल मार्केटिंग का कॉन्सेप्ट नया था और जागरूकता कम थी। आधी-अधूरी जानकारी देकर लोगों को जोड़ा जाता था। मैं भी इसका नुकसान झेल चुका हूं। ‘द पिरामिड स्कीम’ में इंद्रेश मलिक ने दिव्या ज्योति की भूमिका निभाई है। सवाल: इस सीरीज का ऑफर मिलने पर पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मैं अपने पिछले किरदारों की इमेज से बाहर निकलकर कुछ अलग करना चाहता था। यह किरदार मुझे दिलचस्प लगा। पूरी यूनिट शानदार थी और पहली बार Amazon Prime के साथ काम करने का मौका मिला। डायरेक्टर्स और क्रिएटिव टीम के साथ अच्छी ट्यूनिंग बनी। शूटिंग का माहौल सकारात्मक था। सवाल: क्या पिछली इमेज से आपका मतलब ‘हीरामंडी’ के उस्ताद जी के किरदार से है? जवाब: जी हां। ‘हीरामंडी’ में उस्ताद जी का किरदार निभाना शानदार अनुभव था। ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के बाद फिर से संजय लीला भंसाली के साथ काम करने का मौका मिला। सवाल: उस्ताद जी के किरदार से जुड़ाव कैसे बना था? जवाब: जब पहली बार इस किरदार के बारे में बताया गया, तभी लगा कि यह रोल मैं कर सकता हूं। मेरे परिवार की जड़ें विभाजन से पहले के पंजाब और आज के पाकिस्तान के शहरों से जुड़ी हैं। मैंने बुजुर्गों से उस दौर की भाषा, लहजा और संस्कृति सीखी थी। वही अनुभव किरदार में काम आया। इंद्रेश मलिक ने ‘हीरामंडी’ में उस्ताद का किरदार निभाया था, जो मल्लिकाजान की तवायफों के साथ रहता है। सवाल: आपने बताया कि ‘हीरामंडी’ के लिए विभाजन से पहले के पंजाब की संस्कृति पर काम किया था। आपके परिवार का संबंध कहां से है? जवाब: मेरे ननिहाल का संबंध झंग से है। दादा-दादी का परिवार सरगोधा, रावलपिंडी और लाहौर क्षेत्र से था। विभाजन के बाद परिवार भारत आया और दिल्ली में बस गया। मेरी पैदाइश लुधियाना में हुई, क्योंकि उस समय पहला बच्चा ननिहाल में होने की परंपरा थी। इसके बाद मेरी पढ़ाई और परवरिश दिल्ली में हुई। सवाल: कहा जाता है कि ‘हीरामंडी’ की शूटिंग लंबी चली और कलाकार दूसरे प्रोजेक्ट नहीं कर पा रहे थे। क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ? जवाब: नहीं, मेरे साथ ऐसी बड़ी समस्या नहीं हुई। किसी भी पेशे में एक काम उम्मीद से ज्यादा लंबा चल सकता है। लेकिन जब अंतिम परिणाम खूबसूरत हो, तो बाकी परेशानियां छोटी लगती हैं। सवाल: संजय लीला भंसाली के साथ दोबारा काम करने का अनुभव कैसा था? जवाब: मैं उनका बड़ा प्रशंसक हूं। वह परफेक्शनिस्ट से भी आगे हैं। उनके साथ काम करना हमेशा सपना रहा है। सेट पर उनसे और टीम से प्यार और सम्मान मिला। इंद्रेश मलिक संजय लीला भंसाली के साथ फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ और सीरीज ‘हीरामंडी’ में काम कर चुके हैं। सवाल: ‘हीरामंडी 2’ को लेकर कोई अपडेट है? जवाब: फिलहाल मुझे जानकारी नहीं है। जब भी कुछ होगा, सबको पता चल जाएगा। सवाल: ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ से जुड़ी कोई खास याद? जवाब: उस समय कोविड का दौर था और ज्यादातर शूटिंग रात में फिल्म सिटी में होती थी। मेरा किरदार लंबा नहीं था, लेकिन छोटे रोल में भी लोगों ने मुझे नोटिस किया। यह शानदार अनुभव था। सवाल: आलिया भट्ट के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: आलिया विनम्र और जमीन से जुड़ी इंसान हैं। उनमें स्टार वाला अहंकार नहीं दिखा। वह सहयोगी हैं। मैंने उनके साथ कम समय काम किया, लेकिन अनुभव अच्छा रहा। उन्होंने ‘गंगूबाई’ के किरदार के लिए जबरदस्त मेहनत की थी और वह बेहतरीन अभिनेत्री हैं। सवाल: ‘फन्ने खां’ में आपका किरदार फिल्म में नजर क्यों नहीं आया? जवाब: मैंने फिल्म की शूटिंग की थी, लेकिन रिलीज के समय मेरा हिस्सा नहीं था। एडिटिंग के दौरान क्या फैसला लिया गया, मुझे नहीं पता। लेकिन इसका अफसोस नहीं है। फिल्म निर्माता का अपना विजन होता है। मेरा काम किरदार ईमानदारी से निभाना है। सवाल: आपको कब महसूस हुआ कि अभिनेता ही बनना है? जवाब: मुझे बचपन से अभिनेता बनना था। मैं प्रसिद्ध होना चाहता था और अभिनय मेरा जुनून था। मैं अपने शौक और पैशन के लिए पैदा हुआ हूं और उसी के लिए जीना चाहता हूं। सवाल: क्या आपके बच्चे भी इसी फील्ड में हैं? जवाब: मेरा बड़ा बेटा डायरेक्शन, कास्टिंग और एडिटिंग में काम कर रहा है। उसे इन क्षेत्रों की अच्छी समझ है। छोटा बेटा अभी तय कर रहा है कि उसे किस दिशा में जाना है। मुझे भरोसा है कि वह अपना रास्ता खुद बना लेगा। इंद्रेश मलिक ‘मधुबाला: एक इश्क एक जुनून’, ‘यम हैं हम’, ‘नागिन’, ‘गुमराह’ और ‘रात्रि के यात्री’ जैसे शोज में काम कर चुके हैं। सवाल: आपके करियर का सबसे बड़ा संघर्ष क्या रहा? जवाब: इस इंडस्ट्री को समझना सबसे बड़ी चुनौती थी। कई बार लोगों की बातों पर भरोसा कर लेता था। वादे किए जाते थे, लेकिन पूरे नहीं होते थे। धीरे-धीरे समझ आया कि इस प्रोफेशन में समझदारी से काम करना और फैसले लेना जरूरी है। काम नहीं होता, तब मुश्किलें ज्यादा महसूस होती हैं। लेकिन जुनून हो तो हर परेशानी पार कर सकते हैं। सवाल: आपकी नजर में सबसे बड़ी सफलता क्या है? जवाब: लोगों का भरोसा और प्यार सबसे बड़ी सफलता है। अगर दर्शक पसंद करते हैं, तो काम भी मिलता है। किसी किरदार की तारीफ सबसे ज्यादा खुशी देती

Delhi Sports Company Fraud | Panchkula JE Brother Arrested, Main Accused Absconding

Delhi Sports Company Fraud | Panchkula JE Brother Arrested, Main Accused Absconding

ठगी के मास्टरमाइंड मोहित सैनी की ओलिंपियन नीरज चोपड़ा के साथ फोटो।-फाइल दिल्ली की एक स्पोर्ट्स कंपनी के डायरेक्टर शिव प्रकाश सिंह से खुद को सरकारी अधिकारी बताकर 3.50 करोड़ रुपए की ठगी करने के मामले में पंचकूला नगर निगम के जेई रोहित सैनी को गिरफ्तार किया गया है। करनाल निवासी रोहित, इस मामले के मुख्य आरोपी और कृषि विभाग मे . क्राइम ब्रांच ने रोहित को आठ दिन के रिमांड पर लिया है। शुरुआती पूछताछ में उसने खुलासा किया कि पूरे ठगी कांड का मास्टरमाइंड उसका भाई मोहित सैनी ही है। रोहित के मुताबिक, उसके खाते में केवल 4 लाख रुपए आए थे, जबकि बाकी रकम मोहित के पास है। उसने यह भी बताया कि मोहित ने खुद को हरियाणा खेल विभाग का ऑब्जर्वर बताकर शिव प्रकाश सिंह से संपर्क किया था। भरोसा जीतने के लिए उसने ओलिंपियन नीरज चोपड़ा के साथ अपनी तस्वीरें भी दिखाई थीं। पुलिस के अनुसार, मोहित की पत्नी नेहा हरियाणा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर है, जबकि उनका तीसरा भाई पार्षद रह चुका है। उनकी मां भी पुलिस विभाग में हैं। फिलहाल, पुलिस उन सभी लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिनके खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई है। वहीं, मामले के मास्टरमाइंड मोहित सैनी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पहले वो पेमेंट, जिसके नाम पर स्पोर्टस कंपनी से हुआ फ्रॉड….. गोवा नेशनल गेम्स के लिए दिया था सामान: दिल्ली निवासी शिव प्रकाश सिंह ने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी शिव नरेश स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड पिछले 30 वर्षों से खेल सामग्री और स्पोर्ट्स यूनिफॉर्म का कारोबार कर रही है। वर्ष 2023 में गोवा नेशनल गेम्स के लिए हरियाणा ओलिंपिक एसोसिएशन को करीब 2.50 करोड़ रुपए का खेल सामान तत्काल सप्लाई किया गया था। सामान की सप्लाई के बावजूद भुगतान अटका रहा। फाइनेंस अफसर बनकर की बातचीत: शिव प्रकाश सिंह के मुताबिक, सितंबर 2025 में मोहित सैनी ने उससे जसवंत बनकर संपर्क किया और बताया कि आपके भुगतान की फाइल फाइनेंस डिपार्टमेंट में पहुंच गई है। यह पूछने पर कि उसे कैसे पता? इसके जवाब में बताया कि वह हरियाणा खेल विभाग में ऑब्जर्वर है और फाइनेंस मामले भी देखता है। ओलिंपियन नीरज चोपड़ा के साथ फोटो दिखाकर फोन और वॉट्सएप के जरिए बातचीत शुरू की। फाइल आगे बढ़ाने और भुगतान जारी कराने के नाम पर पहले 50 लाख रुपए मांगे। 4 खातों में ट्रांसफर करवाई 50 लाख की रकम: शिव प्रकाश का आरोप है कि उन्होंने अलग-अलग तारीखों में बैंक ट्रांसफर, IMPS और नकद के जरिए 50 लाख की रकम दी। इसके बाद महेश, रविंद्र, नरेश और अनिरुद्ध नाम के लोगों को भी फाइल देखने वाले अधिकारी बताकर बातचीत में शामिल किया गया। मगर, कई दिन बीतने के बाद भी उसकी भुगतान संबंध समस्या का हल नहीं हुआ। ACB और विजिलेंस कार्रवाई का डर दिखाया: शिकायतकर्ता के मुताबिक, काम नहीं होने पर उसने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो आरोपियों ने नया डर पैदा किया। कहा गया कि एंटी करप्शन ब्यूरो और विजिलेंस विभाग मामले की जांच कर रहे हैं, वह भी घूसखोरी के मामले में गिरफ्त में आ सकता है। इसी डर का फायदा उठाकर आरोपियों ने कुल 3.50 करोड़ रुपए वसूल लिए। ठगी का पता चलने पर केस दर्ज कराया: शिव प्रकाश के मुताबिक, जब उसने आरोपियों के बारें में फाइनेंस डिपार्टमेंट में पता किया तो वहां इस तरह को कोई आदमी नहीं मिला। ठगी का अहसास होने पर फोन नंबर्स और बैंक डिटेल के माध्यम से आरोपियों का पता किया तो उसे ठगी का पता चला। इसके बाद उसने पंचकूला के सेक्टर-20 थाने में BNS की धारा 318(4), 319(2) और 61(2) सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कराया। पंचकूला पुलिस कमिश्नरेट के आदेश के बाद यह FIR एक महीने पहले दर्ज की गई। मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 कर रही है। शिव नरेश स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर शिव प्रकाश सिंह ने एक महीने पहले इस मामले की रिपोर्ट पंचकूला के सेक्टर-20 थाने में दर्ज कराई थी। कैसे पुलिस के चंगुल में फंसे ठग, दो पॉइंट में जानिए… केस दर्ज होते ही फरार हुआ मास्टरमाइंड: रिपोर्ट दर्ज होते ही फाइनेंस अफसर बनकर बात करने वाले युवक जसवंत के बारे में पता किया। मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल आदि की जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि आरोपी का नाम जसवंत नहीं, मोहित सैनी है और वह पंचकूला में एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में बेलदार है। इसके बाद पुलिस ने दबिश दी तो मोहित सैनी फरार हो गया। परिजनों के नाम पर ट्रांसफर कराई रकम: इसके बाद पुलिस ने मोहित सैनी के बैंक रिकॉर्ड और शिव प्रकाश से जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई, उनकी कुंडली खंगाली। पता चला कि मोहित सैनी ने कााफी रकम अपनी पत्नी, भाई, भाभी और दोस्तों के खातों में ट्रांसफर कराई। इसमें उसका भाई रोहित भी शामिल है, जो नगर निगम पंचकूला में जेई है। इसका पता चलते ही पुलिस ने रोहित को धर दबोचा। ठगी के इस केस के मास्टरमाइंड मोहित सैनी की पत्नी नेहा सैनी हरियाणा पुलिस में एसआई हैं। अब जानिए फ्रॉड के सूत्रधार और उनके परिवार के बारे में… सट्‌टे की लत में फंसा तो किया फ्रॉड : पुलिस को रोहित सैनी से पूछताछ में पता चला कि मोहित फिलहाल सट्‌टे की लत में फंसा हुआ है। इसके कारण उसने काफी कर्जा करवा लिया था। इसके चलते उसने फ्रॉड को अंजाम दिया है। जब एक महीने पहले फ्रॉड की शिकायत हुई तो ऑफिस जाना छोड़ कर फरार हो गया। भाई, पत्नी और दोस्तों के खाते में ली रकम : बेलदार मोहित सैनी ने कंपनी डायरेक्टर से रकम अपने भाई-पत्नी और दोस्तों के खाते में ली है। मोहित ने भाई रोहित सैनी के खाते में 4 लाख रुपए लिए हैं। इसकी रिकवरी के लिए पुलिस रिमांड के दौरान प्रयास कर रही है। सब इंस्पेक्टर है पत्नी: मुख्य आरोपी की पत्नी नेहा सैनी पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पत्नी के खाते में भी आरोपी ने बड़ी रकम ली है। मोहित के एक भाई युद्धवीर सैनी की पत्नी पार्षद है। पहले खुद युद्धवीर सैनी भी पार्षद रहा है। उसके खाते में भी कुछ रकम ली गई है। आरोपी

Fraud in auto check clearing; names erased with chemicals

Fraud in auto check clearing; names erased with chemicals

वॉशिंगटन14 मिनट पहले कॉपी लिंक विशेषज्ञों के मुताबिक, नए दौर की बैंकिंग में बैंकों के ऑटोमेटेड प्रोसेसिंग सिस्टम बहुत तेजी से चेक क्लियर करती है। यही सुविधा कमजोरी साबित हो रही है।- प्रतीकात्मक फोटो अमेरिका में पुराने जमाने का एक स्कैम नए और खतरनाक रूप में लौट आया है। जालसाज केमिकल से चेक पर लिखा नाम और रकम मिटाकर उसे अपने नाम कर ले रहे हैं। इससे चेक फ्रॉड के मामले रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। एफबीआई और यूएस पोस्टल सर्विस ने चेतावनी जारी कर लोगों से कागजी चेक की जगह डिजिटल पेमेंट अपनाने की अपील की है। जालसाज एसीटोन या ब्लीच जैसे आम घरेलू केमिकल से चेक पर लिखी जानकारी मिटाकर उसे दोबारा अपने नाम पर जारी कर देते हैं। यह तरीका अब सिर्फ निजी चेकबुक तक सीमित नहीं रहा, बिजनेस पेमेंट, टैक्स रिफंड और सोशल सिक्योरिटी जैसी सरकारी सुविधाओं से जुड़े चेक भी जालसाजों के निशाने पर हैं। कैलिफोर्निया के एक दंपती के साथ हुई घटना इस स्कैम की गंभीरता बताती है। दंपती को आईआरएस से नोटिस मिला कि उन्होंने 12,000 डॉलर (11.3 लाख रुपए) का तिमाही टैक्स पेमेंट नहीं किया, जबकि उनके चेस बैंक स्टेटमेंट में यह चेक क्लियर दिखा रहा था। बाद में स्कैन कॉपी देखने पर पता चला कि ‘पे टू द ऑर्डर’ लाइन से आईआरएस का नाम मिटाकर किसी और व्यक्ति का नाम लिख दिया गया था। दंपती ने चेस बैंक से शिकायत की, लेकिन बैंक ने शुरू में यह कहकर मदद करने से मना कर दिया कि फ्रॉड रिपोर्ट करने की तय समय-सीमा खत्म हो चुकी है, क्योंकि चेक एक साल पहले ही चोरी होकर जमा हो गया था। बैंक की डिपॉजिट पॉलिसी और कानूनी नियमों के तहत तय समय सीमा बीतने पर नुकसान की जिम्मेदारी आम तौर पर ग्राहक पर ही आती है। लेकिन दंपती के दबाव और मामला सामने आने के बाद चेस बैंक ने दोबारा जांच शुरू की और उस फर्जी खाते का पता लगाया, जिसमें चोरी की रकम भेजी गई थी। उस खाते में तब भी करीब 11,000 डॉलर (10.4 लाख रुपए) बचे हुए थे। इससे दंपती को लगभग पूरी रकम वापस मिल गई। बैंक प्रवक्ता जैरी डुब्रोव्स्की ने कहा कि वे इस मामले को सुलझाने पर संतुष्ट हैं और ग्राहकों को सलाह दी कि वे डाक से चेक भेजने से बचें। हर महीने अपना बैंक स्टेटमेंट जरूर जांचें। विशेषज्ञों के मुताबिक, नए दौर की बैंकिंग में बैंकों के ऑटोमेटेड प्रोसेसिंग सिस्टम बहुत तेजी से चेक क्लियर करती है। यही सुविधा कमजोरी साबित हो रही है। ऑटो क्यिरिंग सिस्टम में चेक से छेड़छाड़, रंग में बदलाव या लिखावट में मिसमैच जैसी गड़बड़ियां पकड़ में नहीं आतीं। इसका सीधा फायदा जालसाजों को मिल रहा है। आसान जालसाजी के चलते अमेरिका में चेक फ्रॉड के मामले 13 साल में 2,000% बढ़े अमेरिका में चेक फ्रॉड की शिकायतें 2021 के 3.5 लाख से बढ़कर 2022 में 6.8 लाख हो गईं। हाई-वॉल्यूम मेल चोरी के मामले 2010 में सिर्फ 2,200 थे, जो 2023 में 49,000 से ज्यादा हो गए, यानी करीब 2,000% की बढ़ोतरी। पोस्टल पुलिस अधिकारी संघ के प्रेसिडेट फ्रैंक अल्बर्गो के मुताबिक, यह अब संगठित डाक अपराध का दौर है। एफबीआई और पोस्टल सर्विस की सलाह है कि चेक की जगह ई-चेक और डिजिटल पेमेंट करें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Vikram Bhatt Jail Statement | Fraud Case Bollywood Producer

Vikram Bhatt Jail Statement | Fraud Case Bollywood Producer

कुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को 7 दिसंबर 2025 को राजस्थान पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया था। फिल्ममेकर विक्रम भट्ट ने हाल ही में कथित धोखाधड़ी के आरोप में उदयपुर जेल में बिताए 70 दिनों का अनुभव शेयर किया। विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी पर 30 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगा था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में भट्ट ने कहा कि जेल में उनका समय बहुत मुश्किल था, लेकिन वहां उन्हें अपने साथी कैदियों से उम्मीद से ज्यादा सपोर्ट मिला। उन्होंने बताया कि वह 60 से 80 कैदियों के साथ एक बैरक में रहते थे। उनके अनुसार, साथी कैदी उनका खास ध्यान रखते थे, उनके लिए खाना लाते थे और कपड़ों की देखभाल करते थे। भट्ट ने कहा कि कैदी उन्हें ‘भीष्म पितामह’ कहकर बुलाते थे और रात में उनसे डरावनी कहानियां सुनाने की मांग करते थे। विक्रम भट्ट ने राज, 1920, हॉन्टेड 3डी, राज 3 जैसी कई फिल्में बनाई हैं। जेल में भट्ट को पीलिया हो गया था भट्ट ने बताया कि जेल के दौरान उनकी तबीयत और बिगड़ गई तथा उन्हें पीलिया हो गया। उन्होंने कहा, “मैं वहां लगभग मर ही गया था। अब मुझे नहीं पता कि वहां की राजनीति क्या थी, क्योंकि मेरे साथ तो लोग अच्छे थे, लेकिन मैं एक ऑटोइम्यून बीमारी, एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस से पीड़ित हूं। इसकी वजह से मेरे जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द रहता है।” फिल्ममेकर ने आगे कहा कि दिसंबर-जनवरी का महीना था और बहुत ठंड पड़ रही थी। मैं जिस करवट सोता, उसी तरफ की हिप बोन में दर्द होने लगता। दूसरी करवट लेता तो वहां दर्द शुरू हो जाता। इसी दौरान मुझे पीलिया भी हो गया। विक्रम ने अस्पताल ले जाने में देरी का दावा किया भट्ट ने दावा किया कि तेज बुखार और कमजोरी के बावजूद उन्हें अस्पताल ले जाने में देरी हुई। उन्होंने कहा कि बैरक के साथी कैदी उन्हें अपने कंबल ओढ़ाकर मदद करते थे, जबकि वे लगातार अस्पताल भेजे जाने की मांग कर रहे थे। रिहाई के बाद उन्हें फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों के फोन आए। भट्ट ने बताया कि मिथुन चक्रवर्ती और संजय दत्त ने उनका हालचाल पूछा। उन्होंने कहा कि संजय दत्त का फोन उनके लिए खास था क्योंकि उन्होंने कभी साथ काम नहीं किया था। जब उनसे पूछा गया कि क्या अक्षय कुमार ने भी संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि अक्षय उनके दोस्त नहीं हैं, इसलिए ऐसी उम्मीद नहीं थी। भट्ट ने अपने बचपन के दोस्त अजय देवगन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अजय का फोन आना नैचुरल था क्योंकि दोनों का रिश्ता सालों का पुराना है। भट्ट के अनुसार, हर रिश्ते का नेचर अलग होता है और सभी से समान अपेक्षा रखना उचित नहीं है। विक्रम भट्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जेल से बाहर आए विक्रम भट्ट, बोले-सत्य पराजित नहीं होगा:अंदर एक दोस्त बना, मुझे मेवाड़ की मिट्टी की तासीर के बारे में बताया बॉलीवुड फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्‌ट 19 फरवरी 2026 को 2 महीने 11 दिन बाद उदयपुर सेंट्रल जेल से बाहर आए गए थे। जेल से निकलते ही उन्होंने सबसे पहले कैंपस में स्थित भगवान शिव के दर्शन किए। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…