Wednesday, 24 Jun 2026 | 10:10 AM

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SC: Borrower Notice & Chance to Reply Sufficient for Bank Fraud

SC: Borrower Notice & Chance to Reply Sufficient for Bank Fraud

Hindi News National SC: Borrower Notice & Chance To Reply Sufficient For Bank Fraud | Hearing Not Mandatory नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि अगर बैंक किसी खाते को फ्रॉड घोषित करता है, तो उससे पहले उधार लेने वाले को आमने-सामने (पर्सनल) सुनवाई का मौका देना जरूरी नहीं है। कोर्ट ने कहा कि नोटिस देना और जवाब का मौका देना ही काफी है। जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस के वी विश्वनाथन की बेंच ने यह फैसला देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने बैंक से कहा था कि उधार लेने वाले के खाते को फ्रॉड घोषित करने से पहले मौखिक सुनवाई का मौका दिया जाए। ऑडिट रिपोर्ट की कॉपी देना जरूरी कोर्ट ने कहा कि अगर बैंक ऑडिट रिपोर्ट, खासकर फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर फैसला ले रहा है, तो उसकी कॉपी उधार लेने वाले को देना जरूरी है। साथ ही, उस पर उधार लेने वाले का जवाब भी लिया जाना चाहिए। बेंच के मुताबिक RBI के नियमों में जो प्रक्रिया बताई गई है उसे अपनाना चाहिए। यह इस बात पर निर्भर करता है कि मामला किस तरह का है और कानून क्या कहता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में फैसले ज्यादातर कागजों, लेन-देन और ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर लिए जाते हैं। पर्सनल सुनवाई से प्रक्रिया धीमी होगी कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर हर केस में पर्सनल सुनवाई जरूरी कर दी जाए, तो प्रक्रिया धीमी हो जाएगी। इससे फ्रॉड पकड़ने में देरी हो सकती है और उधारकर्ता अपने पैसे या संपत्ति छिपाने की कोशिश कर सकते हैं। बेंच ने साफ किया कि पहले के फैसलों, खासकर SBI बनाम राजेश अग्रवाल केस में भी पर्सनल सुनवाई को अनिवार्य नहीं बताया गया था। उसमें सिर्फ नोटिस देने और जवाब का मौका देने की बात कही गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने RBI के पक्ष से सहमति जताई और कहा कि तय प्रक्रिया का पालन करने से न्याय भी होगा और गलत फैसले की संभावना भी कम होगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैंकिंग सिस्टम और जनता के पैसे की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि फ्रॉड के मामलों में जल्दी और सही कार्रवाई हो। खाते को फ्रॉड घोषित करने के लिए RBI की प्रक्रिया 1. सबसे पहले जांच और ऑडिट बैंक को शक होने पर अकाउंट की जांच की जाती है। अक्सर फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाता है, इसमें ट्रांजेक्शन, फंड फ्लो और दस्तावेजों की पड़ताल होती है 2. नोटिस दिया जाता है बैंक सीधे फ्रॉड घोषित नहीं कर सकता, उधार लेने वाले को लिखित नोटिस दिया जाता है। इसमें आरोप और आधार स्पष्ट बताना होता है। जिस आधार पर फैसला लिया जा रहा है ,जैसे फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट आदि की कॉपी देना जरूरी है। इसके बाद उधार लेने वाले को अपनी सफाई देने का मौका मिलता है। वह दस्तावेज, स्पष्टीकरण या आपत्ति दे सकता है। 5. बैंक का अंतिम फैसला जवाब और रिकॉर्ड देखने के बाद बैंक निर्णय लेता है। अगर आरोप सही लगे, तो अकाउंट को फ्रॉड घोषित किया जाता है। 6.RBI को रिपोर्ट भेजी जाती है RBI को रिपोर्ट भेजी जाती है। CBI/ED जैसी एजेंसियों को मामला भेजा जा सकता है। उधार लेने वाले का नाम ‘फ्रॉड लिस्ट’ में डाल दिया जाता है। इसके बाद उसे भविष्य में लोन मिलना मुश्किल हो जाता है। —————————— ये खबर भी पढ़ें: केवल हिंदू-बौद्ध-सिख ही अनुसूचित जाति का दावा कर सकते हैं:सुप्रीम कोर्ट का फैसला- धर्म बदला तो अनुसूचित जाति का दर्जा भी खत्म हो जाता है द कॉन्स्टिट्यूशन शेड्यूल कास्ट ऑर्डर 1950 के तहत अनुसूचित जाति का दर्जा केवल हिंदू धर्म तक सीमित था, 1956 में सिख और 1990 में बौद्ध धर्म जोड़ा गया- फोटो AI जनरेटेड सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म से जुड़े लोग ही अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त कर सकते हैं। अगर कोई ईसाई या किसी और धर्म में धर्मांतरण करता है तो वह अनुसूचित जाति का दर्जा खो देगा। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Baking Soda Used To Make Tourists Sick for Rescue Fraud

Baking Soda Used To Make Tourists Sick for Rescue Fraud

काठमांडू48 मिनट पहले कॉपी लिंक नेपाल में माउंट एवरेस्ट से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ शेरपा और ट्रेकिंग से जुड़े लोग मिलकर खाने में बेकिंग सोडा या एक खास दवा मिलाकर पर्यटकों को बीमार बनाकर महंगे हेलिकॉप्टर रेस्क्यू के जरिए करोड़ों का बीमा घोटाला कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल पुलिस ने इस मामले में 32 लोगों पर केस दर्ज किया है। इनमें ट्रेकिंग कंपनी के मालिक, हेलिकॉप्टर ऑपरेटर और अस्पताल से जुड़े लोग शामिल हैं। इन पर संगठित अपराध और धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हेलिकॉप्टर रेस्क्यू बहुत महंगा होता है। इसमें 2.5 लाख से 6 लाख भारतीय रुपए लगते हैं। इंटरनेशनल बीमा कंपनियों से पैसा वसूली नेपाल के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू करना कई बार लोगों की जान बचाने का जरूरी तरीका होता है। वहां ऑक्सीजन कम होती है और मौसम अचानक खराब हो सकता है, इसलिए बीमार या फंसे ट्रेकर को जल्दी काठमांडू पहुंचाना जरूरी होता है। लेकिन इसी सिस्टम का गलत फायदा भी उठाया जा रहा है। जल्दीबाजी, साफ जानकारी की कमी और सही निगरानी न होने के कारण यहां एक बड़ा बीमा घोटाला भी चल रहा है। जांच में सामने आया कि कुछ शेरपा, ट्रेकिंग एजेंसियों के साथ मिलकर पर्यटकों के खाने में बेकिंग सोडा मिला देते हैं। इससे पर्यटकों को तेज पेट दर्द, उल्टी और अन्य दिक्कतें होती थीं, जो ऊंचाई पर होने वाली बीमारी (एल्टीट्यूड सिकनेस) जैसी लगती हैं। कुछ मामलों में लोगों को डायमॉक्स (एक दवा जो ऊंचाई की बीमारी के लिए दी जाती है) के साथ ज्यादा पानी पिलाकर ऐसे लक्षण पैदा किए गए, जिससे लगे कि हालत गंभीर है। जब पर्यटक बीमार पड़ जाते हैं, तो उन्हें महंगे हेलिकॉप्टरसे रेस्क्यू कराने के लिए दबाव बनाया जाता है। इसके बाद फर्जी मेडिकल रिपोर्ट और फ्लाइट दस्तावेज बनाकर इंटरनेशनल बीमा कंपनियों से पैसे वसूले जाते हैं। नेपाल चार्टर सर्विस, एवरेस्ट एक्सपीरियंस एंड असिस्टेंस और माउंटेन रेस्क्यू जैसी कंपनियां इस घोटाले में मुख्य रूप से शामिल बताई जा रही हैं। अगर कोई व्यक्ति ऊंचाई पर बीमार हो जाए या घायल हो जाए, तो हेलीकॉप्टर उसे जल्दी अस्पताल तक पहुंचा सकता है। पहाड़ों में यही सबसे बड़ा सहारा होता है। बीमा कंपनियों के लिए सच का पता लगाना मुश्किल रिपोर्ट के मुताबिक रेस्क्यू के दौरान एक ही हेलिकॉप्टर में कई लोगों को बैठाया जाता है, लेकिन हर व्यक्ति के नाम से अलग-अलग पूरा बिल बीमा कंपनी को भेजा जाता है, जैसे हर किसी के लिए अलग उड़ान हुई हो। जैसे 4000 डॉलर की उड़ान को 12000 डॉलर का क्लेम बना दिया जाता है। इसके लिए फर्जी फ्लाइट रिकॉर्ड बनाए जाते हैं। अस्पताल में भी नकली कागज तैयार होते हैं। सीनियर डॉक्टर के डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल करके रिपोर्ट बनाई जाती है, जबकि वे डॉक्टर उस केस में शामिल ही नहीं होते। कई बार तो डॉक्टरों को खुद पता नहीं होता कि उनके नाम से कागज बनाए गए हैं। कुछ मामलों में फर्जी रिकॉर्ड बनाकर पर्यटकों को अस्पताल में भर्ती दिखाया गया, जबकि सच में वे उसी समय अस्पताल की कैंटीन में बैठकर बीयर पी रहे थे। विदेश में बैठी बीमा कंपनियों के लिए यह जांच करना बहुत मुश्किल होता है कि दूर पहाड़ों में असल में क्या हुआ। 3 बड़ी कंपनियो के 6 अफसर गिरफ्तार इस पूरे खेल में शेरपा, हेलिकॉप्टरकंपनियां, ट्रेकिंग एजेंसियां और अस्पताल मिलकर पैसा बांट लेते थे। जांच जनवरी में शुरू हुई थी, जब तीन बड़ी रेस्क्यू कंपनियों के 6 अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। इस घोटाले के जरिए करीब 19.69 मिलियन डॉलर (लगभग 188 करोड़ रुपए) की धोखाधड़ी की गई। एक कंपनी पर आरोप है कि उसने 1,248 रेस्क्यू में से 171 फर्जी दिखाए और 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा का पैसा लिया। दूसरी कंपनी ने 471 में से 75 फर्जी रेस्क्यू दिखाकर करीब 8 मिलियन डॉलर कमाए। तीसरी कंपनी पर 71 फर्जी दावों के जरिए 1 मिलियन डॉलर से ज्यादा लेने का आरोप है। सरकारी पक्ष ने कुल 11.3 मिलियन डॉलर (करीब 107 करोड़ रुपए) के जुर्माने की मांग की है। कोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए इसे प्राथमिकता दी है। पहली बार 2018 में मामला उजागर यह फर्जी रेस्क्यू घोटाला नया नहीं है। पहली बार 2018 में यह उजागर हुआ था। इसके बाद सरकार ने जांच कराई, 700 पेज की रिपोर्ट बनाई और सुधारों का ऐलान किया। 2019 में इस पर एक लंबी जांच रिपोर्ट भी प्रकाशित हुई। इसके बाद सरकार ने नियम बदलकर बिचौलियों को हटाया था और टूर ऑपरेटर को जिम्मेदार बनाया था, लेकिन पिछले साल जब नेपाल पुलिस की सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (CIB) ने फिर से जांच शुरू की, तो पता चला कि घोटाला रुका नहीं, बल्कि और बढ़ गया है। नेपाल पुलिस के अधिकारी मनोज कुमार केसी ने कहा कि जब अपराध पर कार्रवाई नहीं होती, तो वह बढ़ता जाता है, और यही वजह है कि यह बीमा घोटाला भी फैलता गया। नेपाल में पर्यटन से 10 लाख से ज्यादा लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी है। हाल के समय में बढ़ते घोटालों के कारण कई अंतरराष्ट्रीय बीमा कंपनियों ने नेपाल में ट्रेकिंग करने वाले पर्यटकों का बीमा कवर करना बंद कर दिया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Anil Ambani LIC ₹3,750 Cr Fraud Case

Anil Ambani LIC ₹3,750 Cr Fraud Case

नई दिल्ली22 मिनट पहले कॉपी लिंक RCom और अनिल अंबानी के खिलाफ यह चौथा केस है। CBI ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) और अनिल अंबानी के खिलाफ एक नया केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई LIC की शिकायत पर की गई है। जांच एजेंसी का आरोप है कि अनिल अंबानी और उनकी कंपनी ने मिलीभगत कर LIC से करीब ₹3,750 करोड़ का फ्रॉड किया है। RCom और अनिल अंबानी के खिलाफ यह चौथा मामला है। CBI ने इस केस में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। झूठी जानकारी देकर LIC से निवेश कराया CBI की जांच में सामने आया है कि 2009 से 2012 के बीच रिलायंस कम्युनिकेशंस ने LIC को नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) में ₹4,500 करोड़ निवेश करने के लिए राजी किया था। आरोप है कि कंपनी के मैनेजमेंट ने LIC के सामने अपनी वित्तीय स्थिति को लेकर झूठे दावे किए थे। इसके अलावा निवेश के बदले जो सिक्योरिटी और एसेट कवर का भरोसा दिया गया था, वह भी पूरी तरह गलत था। फॉरेंसिक ऑडिट में हुआ फंड की हेराफेरी का खुलासा इस मामले में LIC की शिकायत के बाद एक फॉरेंसिक ऑडिट कराया गया था। 15 अक्टूबर 2020 को आई BDO इंडिया LLP की ऑडिट रिपोर्ट में कई खुलासे हुए हैं… फंड का गलत इस्तेमाल: बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जुटाए गए पैसों को कंपनी ने अपने मूल उद्देश्य के बजाय दूसरी जगहों पर इस्तेमाल किया। शेल कंपनियों का इस्तेमाल: फंड को इधर-उधर करने के लिए कई सब्सिडियरी और शेल (नकली) कंपनियों का सहारा लिया गया। फर्जी बिलिंग: सेल इनवॉइस फाइनेंसिंग का गलत इस्तेमाल हुआ और फर्जी बिलों के जरिए पैसे निकाले गए। कागजी देनदार: कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को बेहतर दिखाने के लिए फर्जी देनदार और रिसीवेबल्स खड़े किए और बाद में उन्हें राइट-ऑफ कर दिया। RCom ने संपत्तियों की वैल्यू बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, RCom ने अपनी संपत्तियों यानी एसेट्स की वैल्यू को बहुत ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया था। असल में उन संपत्तियों और उन पर लिए गए कर्ज के बीच कोई कनेक्शन नहीं था। CBI का कहना है कि इसी धोखाधड़ी की वजह से LIC को ₹3,750 करोड़ से ज्यादा का घाटा हुआ है। क्या होते हैं नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs)? यह एक तरह का लोन इंस्ट्रूमेंट होता है जिसे कंपनियां जनता या संस्थाओं से पैसा जुटाने के लिए जारी करती हैं। इसमें निवेश करने वालों को एक तय दर से ब्याज मिलता है। इन्हें शेयरों में नहीं बदला जा सकता, इसलिए इन्हें ‘नॉन-कन्वर्टिबल’ कहा जाता है। ये खबर भी पढ़ें… अनिल अंबानी से दूसरे-दिन CBI-हेडक्वार्टर में 6 घंटे पूछताछ: SBI से ₹2,929 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला; पहले दिन 8 घंटे तक सवाल-जवाब हुए थे रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड यानी RCOM से जुड़े 2,929 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी शुक्रवार (20 मार्च) को दूसरे दिन की पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय पहुंचे। जांच अधिकारियों ने उनसे आज करीब 6 घंटे तक सवाल-जवाब किए। वे सुबह 10 बजे CBI मुख्यालय पहुंचे और वहां से शाम को 5.15 बजे निकले। इससे पहले गुरुवार को भी उनसे करीब 8 घंटे तक पूछताछ की थी। यह पूरी कार्रवाई SBI की शिकायत पर दर्ज की गई FIR के आधार पर की जा रही है। CBI ने यह आपराधिक मामला रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, अनिल अंबानी और कुछ अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ दर्ज किया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Congress Leader Son Suicide | Builder Fraud Controversy; Punjab News

Congress Leader Son Suicide | Builder Fraud Controversy; Punjab News

. पंजाब की आज की सबसे बड़ी खबर दिवंगत कांग्रेस नेता के बेटे की सुसाइड से जुड़ी रही। जिसने खुद को गोली मारने से पहले वीडियो बनाया। जिसमें चंडीगढ़ के बिल्डर बाप-बेटों पर 4 करोड़ के फ्रॉड का आरोप लगाकर अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. कांग्रेस नेता के बेटे का सुसाइड, गोली मारने से पहले VIDEO बनाया बठिंडा के मौड़ मंडी से विधानसभा चुनाव लड़ चुके दिवंगत कांग्रेस नेता सुखराज नत्त के बेटे दविंदर नत्त ने आत्महत्या कर ली। दविंदर ने रविवार देर रात को अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारी। उन्होंने आत्महत्या करने से पहले 8.45 मिनट का वीडियो बनाया, जिसमें चंडीगढ़ के बिल्डर पर गंभीर आरोप लगाए। दविंदर ने कहा कि बिल्डर ने 4 करोड़ रुपए का फ्रॉड किया। बिल्डर को मंत्री गुरमीत सिंह खुडि्डयां और जालंधर से कांग्रेस के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी से फोन भी कराया। उन्होंने कहा कि परिवार को इंसाफ दिलाना। इसके बाद उन्होंने अपनी 30 बोर की पिस्टल से खुद को गोली मार ली। दविंदर नत्त एडवोकेट थे। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची है और जांच शुरू कर दी है। उनका शव अस्पताल में रखा है। बठिंडा के SP सिटी नरिंदर सिंह ने कहा कि मृतक ने मरने से पहले सुषमा बिल्डर्स के मालिक बिंदरपाल और उसके बेटों भरत और प्रतीक पर आरोप लगाए हैं। मृतक की मां के बयान के आधार पर केस दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। (पढ़ें पूरी खबर) 2. इंडस्ट्री के लिए राहत, सरकार गैस पाइपलाइन बिछा रही पंजाब में गैस संकट निपटने के लिए AAP सरकार जल्द जालंधर और लुधियाना में गैस पाइपलाइन बिछाएगी। चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने यह बात कही। उन्होंने साफ किया है कि रिहायशी एरिया में गैस की किल्लत नहीं है।मंत्री ने कहा कि कुछ लोगों ने आर्टिफिशियल दिक्कत बना रखी है। जहां-जहां गैस पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां स्थिति बेहतर है। सरकार लगातार काम कर रही है कि जल्द से जल्द हर जगह गैस पाइपलाइन बिछाई जाए। अरोड़ा ने कहा कि लोग घरों में दो या चार सिलेंडर रखते हैं। पहले एक सिलेंडर बुक करते थे। अब लोग चारों बुक करवा रहे हैं, जिससे ऐसी स्थिति बन रही है। घबराने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार के साथ-साथ पीछे से भी सप्लाई फुल है। उन्होंने कहा कि जो इंडस्ट्री एलपीजी का इस्तेमाल करती हैं, उन्हें दिक्कत आ रही है। जबकि, जो नेचुरल गैस का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें कोई समस्या नहीं है। मंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द पीएनजी गैस पहुंचाई जाए। दोराहा में पाइपलाइन से गैस पहुंच गई। जल्दी ही लुधियाना और जालंधर तक गैस लाइन पहुंचाएंगे। अगर PNG गैस घरों में सप्लाई की जाए तो साल के 12 सिलेंडर के हिसाब से लोगों को करीब 1800 रुपए की बचत हो सकती है। (पढ़ें पूरी खबर) 3. थाने में आधी रात धमाके से हड़कंप, DSP बोले- कुछ टूटा नहीं अमृतसर के राजासांसी क्षेत्र के थाना भिंडी सैदां में रविवार रात एक संदिग्ध धमाके की आवाज से इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि, इस घटना को लेकर पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार दो मोटरसाइकिल सवार अज्ञात व्यक्तियों पर शक जताया जा रहा है, जिन्होंने थाने में विस्फोट किया। यह धमाका देर रात करीब डेढ़ से 2 बजे के बीच सुना गया। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घबरा गए। घटना के तुरंत बाद थाने का गेट अंदर से बंद कर दिया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। डीएसपी गुरिंदर पाल सिंह नागरा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सुबह उन्हें एक रिपोर्ट मिली थी, जिसमें देर रात मामूली धमाके जैसी आवाज आने की जानकारी दी गई थी। रिपोर्ट मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं और जांच शुरू कर दी गई। डीएसपी के अनुसार, अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। थाने के अंदर कोई कांच या अन्य सामान टूटने की भी सूचना नहीं है। पुलिस थाने के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, जिसमें करीब 12 घंटे की रिकॉर्डिंग को जांचा जा रहा है। (पढ़ें पूरी खबर) 4. 31 मार्च को छुट्‌टी घोषित, स्कूल-कॉलेज के साथ सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे पंजाब में 31 मार्च को पब्लिक हॉलिडे की घोषणा की गई है। इस दिन सभी सरकारी दफ्तर, स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। यह छुट्‌टी महावीर जयंती के अवसर पर घोषित की गई है। महावीर जयंती जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्म दिवस के रूप में मनाई जाती है। राज्य सरकार ने इस दिन को गैजेटेड हॉलिडे घोषित किया है, जिससे पूरे राज्य में सभी सरकारी संस्थान बंद रहेंगे। इसके अलावा सभी सरकारी दफ्तर, स्कूल और कॉलेज, सरकारी संस्थान और शैक्षणिक केंद्र बंद रहेंगे। इससे छात्रों और कर्मचारियों को एक दिन का आराम मिलेगा। वहीं, जरूरत वाली सभी चीजें खुली रहेंगी। इनमें निजी कंपनियां, अस्पताल और आपातकालीन सेवाएं व बाजार और दुकानें शामिल हैं। (पढ़ें पूरी खबर) 5. युवक की गोली मारकर हत्या, रास्ते में घेर कर फायरिंग की अमृतसर में दिनदहाड़े एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह प्रतिदिन की तरह अपने घर से काम पर जाने के लिए निकला था। इसी दौरान रास्ते में हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी उसकी बाइक और मोबाइल भी ले गए। घटना आज सुबह करीब 10 बजे अटारी क्षेत्र स्थित राजाताल गांव के पास हुई। मृतक की पहचान 35 वर्षीय सोहणा सिंह के नाम से हुई, जो राजाताल गांव का रहने वाला था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है और पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की

UP Pension Fraud | Brazil Snake Island; Delhi Bus Conductor Compensation Khabar Hatke

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एक ऐसा आइलैंड, जहां इंसानों की हड्डी गला देने वाले सांप रहते है। वहीं उत्तर प्रदेश में एक शख्स पैसे कमाने के लिए मरी हुई मां को 7 सालों तक जिंदा बताता रहा। उधर 5 पैसे घूस लेने के आरोप में एक सरकारी बस कंडक्टर की नौकरी चली गई। . आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

Damoh Winbuzz Gaming Fraud | 9 Arrested, Lakhs Seized

Damoh Winbuzz Gaming Fraud | 9 Arrested, Lakhs Seized

दमोह पुलिस की साइबर सेल और देहात थाना टीम ने एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा गिरोह का खुलासा किया है। मुश्की बाबा मंदिर के पास एक किराए के मकान से संचालित हो रहे इस गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। . आरोपी फर्जी सिम और म्यूल बैंक खातों के जरिए ‘WINBUZZ’ नामक प्लेटफॉर्म पर लोगों से सट्टा खिलवाड़ कर करोड़ों रुपए का अवैध लेनदेन कर रहे थे। चार राज्यों के आरोपी गिरफ्तार, 8 लाख कैश बरामद पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आरोपियों को पकड़ा गया है। इनके पास से 8 लाख रुपए नकद, 24 एंड्रॉयड मोबाइल, 25 सिम कार्ड और एक स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया गया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 30.5 लाख रुपए है। म्यूल खातों से किया करोड़ों का लेनदेन एएसपी सुजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि शुरुआती जांच में डिवाइस के जरिए करोड़ों रुपयों के ट्रांजैक्शन का पता चला है। बैंक खुलने पर उन म्यूल खातों का खुलासा होगा जिनमें यह राशि ट्रांसफर की गई थी। गिरोह आईडी-पासवर्ड जनरेट कर लोगों को इस लत में फंसाता था। पुलिस ने मकान दिलाने में मदद करने वाले दो स्थानीय लोगों को भी हिरासत में लिया है। बिना सूचना के बाहरी लोगों को दिया कमरा जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले दो महीने से किराए के मकान में सेटअप लगाकर काम कर रहे थे। मकान मालिक ने एग्रीमेंट तो किया था, लेकिन नियमों के विरुद्ध पुलिस को बाहरी लोगों के रुकने की सूचना नहीं दी थी, जिससे उनकी भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। एएसपी ने बताया कि ऐसे गेमिंग प्लेटफॉर्म कर्ज और मानसिक तनाव का कारण बनते हैं, इसलिए अनजान लिंक और ट्रांजैक्शन से बचें। यह आरोपी हुए गिरफ्तार रोहन भाटिया (हिमाचल), सूरज मौर्या (यूपी), परमिंदर सिंह, अमित कुमार, राजेंद्र कुमार, संदीप मंडल, उदय कुमार (सभी छत्तीसगढ़), मंजीत सिंह कलसी (जबलपुर) और संजय कुमार सिंह (भिलाई)।

Anil Ambani reaches CBI headquarters for second day of questioning in Rs 2929 cr alleged SBI bank fraud case

Anil Ambani reaches CBI headquarters for second day of questioning in Rs 2929 cr alleged SBI bank fraud case

Hindi News Business Anil Ambani Reaches CBI Headquarters For Second Day Of Questioning In Rs 2929 Cr Alleged SBI Bank Fraud Case नई दिल्ली3 घंटे पहले कॉपी लिंक रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड यानी RCOM से जुड़े 2,929 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी शुक्रवार (20 मार्च) को दूसरे दिन की पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय पहुंचे हैं। इससे पहले गुरुवार को भी जांच अधिकारी ने उनसे करीब 8 घंटे तक पूछताछ की थी। यह पूरी कार्रवाई SBI की शिकायत पर दर्ज की गई FIR के आधार पर की जा रही है। CBI ने यह आपराधिक मामला रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, अनिल अंबानी और कुछ अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ दर्ज किया है। इस मामले की शुरुआत 18 अगस्त 2025 को SBI की एक शिकायत से हुई थी। SBI बैंकों के उस समूह यानी कंसोर्टियम का नेतृत्व कर रहा है, जिसने कंपनी को कर्ज दिया था। इस समूह में बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, केनरा बैंक और आईडीबीआई जैसे बड़े नाम शामिल हैं। फॉरेंसिक ऑडिट में हुआ खुलासा, फंड को दूसरी जगह डाइवर्ट किया गया जांच एजेंसी के मुताबिक, इस मामले का आधार एक फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि साल 2013 से 2017 के बीच लोन राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया। ऑडिट में सामने आया कि लोन के पैसों को ग्रुप की ही दूसरी संस्थाओं में घुमाया गया। इस हेरफेर की वजह से अकेले SBI को 2,929.05 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वहीं SBI समेत 17 पब्लिक सेक्टर बैंकों का कुल एक्सपोजर 19,694.33 करोड़ रुपए है। PNB और बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी अलग शिकायतें दर्ज कराई अनिल अंबानी की मुश्किलें केवल एक केस तक सीमित नहीं हैं। CBI को SBI के बाद पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई और बैंक ऑफ महाराष्ट्र जैसे बैंकों से भी अलग-अलग शिकायतें मिली हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा केस: 25 फरवरी को एक और केस दर्ज किया गया, जिसमें ई-देना बैंक और ई-विजया बैंक का बकाया शामिल है। PNB केस: 5 मार्च को दर्ज एक अन्य मामले में अनिल अंबानी के साथ निदेशक मंजरी अशोक काकर का भी नाम है। इसमें ई-यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का पैसा फंसा हुआ है। मुंबई ऑफिस और घर पर छापेमारी में मिले थे अहम दस्तावेज CBI ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अगस्त 2025 में ही एक्शन शुरू कर दिया था। विशेष न्यायाधीश (CBI) से वारंट लेकर मुंबई में रिलायंस कम्युनिकेशंस के दो दफ्तरों और अनिल अंबानी के आवासीय परिसर की तलाशी ली गई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि उस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए थे, जिनके आधार पर अब पूछताछ का दौर चल रहा है। क्या है RCOM का पूरा विवाद? रिलायंस कम्युनिकेशंस कभी टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी थी, लेकिन भारी कर्ज और बिजनेस में घाटे के चलते यह दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गई। बैंकों का आरोप है कि कंपनी ने कर्ज चुकाने के बजाय फंड्स को गलत तरीके से मैनेज किया। फिलहाल CBI यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इस पूरी प्रक्रिया में बैंक अधिकारियों की भी मिलीभगत थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

SBI ₹2929 Cr Fraud | Anil Ambani CBI Inquiry RCom Case

SBI ₹2929 Cr Fraud | Anil Ambani CBI Inquiry RCom Case

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक फाइल फाेटो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े ₹2,929 करोड़ के लोन फ्रॉड मामले में CBI ने आज 19 मार्च को उद्योगपति अनिल अंबानी से पूछताछ की। अनिल अंबानी सुबह दिल्ली स्थित सीबीआई हेडक्वार्टर पहुंचे, जहां एजेंसी के अधिकारियों ने उनसे सवाल-जवाब किए। SBI को ₹2,929 करोड़ का नुकसान CBI ने पिछले साल अगस्त में अनिल अंबानी और आरकॉम के खिलाफ केस दर्ज किया था। एसबीआई की शिकायत के मुताबिककंपनी पर विभिन्न बैंकों का कुल ₹40,000 करोड़ से ज्यादा का बकाया था। इसमें से अकेले SBI को ₹2,929.05 करोड़ का नुकसान हुआ। CBI ने इस मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। 10 साल पुराना मामला, मैनेजमेंट में शामिल होने से इनकार अनिल अंबानी के पक्ष का कहना है कि एसबीआई की यह शिकायत 10 साल से ज्यादा पुराने मामलों से जुड़ी है। जिस समय की यह बात है, उस समय अनिल अंबानी कंपनी के केवल नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे और वे कंपनी के रोजमर्रा के मैनेजमेंट या कामकाज में शामिल नहीं थे। अनिल अंबानी के प्रवक्ता बोले- जांच में पूरा सहयोग करेंगे पूछताछ को लेकर अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने एक बयान जारी किया है। बयान में कहा गया है कि अनिल अंबानी 19 और 20 मार्च को दिल्ली में सीबीआई के सामने पेश हो रहे हैं। यह पेशी एसबीआई की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के सिलसिले में है। प्रवक्ता ने कहा, अंबानी सभी जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और वे अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे। आगे क्या होगा? सीबीआई अब इस मामले में जुटाए गए दस्तावेजों और अनिल अंबानी के बयानों का मिलान करेगी। अनिल अंबानी ने एसबीआई द्वारा खुद को फ्रॉड घोषित किए जाने के फैसले को भी अदालत में चुनौती दी है। सीबीआई की यह पूछताछ कल यानी 20 मार्च को भी जारी रह सकती है, जिसमें फंड ट्रेल (पैसे कहां गए) को लेकर गहराई से सवाल पूछे जा सकते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

PNB Fraud Case FIR Filed Against Anil Ambani

PNB Fraud Case FIR Filed Against Anil Ambani

मुंबई2 दिन पहले कॉपी लिंक केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) के पूर्व डायरेक्टर अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का एक नया मामला दर्ज किया है। ANI के अनुसार ये कार्रवाई पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शिकायत पर की गई है। बैंक का आरोप है कि अनिल अंबानी और उनकी कंपनी ने 2013 से 2017 के बीच बैंक के साथ 1,085 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। CBI ने इस मामले में IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत FIR दर्ज की है। PNB और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया से लिए फंड का गलत इस्तेमा PNB के मैनेजर संतोषकृष्ण अन्नवरपु की शिकायत के अनुसार, अनिल अंबानी और कंपनी के अन्य निदेशकों ने बैंक से लिए गए फंड का गलत इस्तेमाल किया। FIR में कहा गया है कि आरोपियों ने PNB को 621.39 करोड़ रुपए और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (जिसका अब PNB में विलय हो चुका है) को 463.80 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया है। बैंक का दावा है कि कंपनी ने लोन की रकम को उन जगहों पर निवेश किया या भेजा, जिसकी जानकारी बैंक को नहीं दी गई थी। फरवरी में भी दर्ज हुआ था धोखाधड़ी का मामला इससे पहले फरवरी में भी अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) के खिलाफ CBI ने धोखाधड़ी का एक नया मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि अनिल अंबानी और उनकी कंपनी ने साल 2013 से 2017 के बीच बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) के साथ 2,220 करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी की है। 15 हजार करोड़ की प्रॉपर्टीज अटैच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के मुंबई स्थित बंगले ‘एबोड’ को अटैच यानी जब्त कर लिया है। PTI के अनुसार इसकी कीमत करीब 3,716 करोड़ रुपए आंकी गई है। अनिल अंबानी बैंक फ्रॉड मामले में अनिल अंबानी की कई प्रॉपर्टी अटैच हो चुकी हैं। अटैच की गई प्रॉपर्टीज दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मुंबई, पुणे, ठाणे, हैदराबाद, चेन्नई, कांचीपुरम और ईस्ट गोदावरी जैसे शहरों में हैं। इनमें रेसिडेंशियल यूनिट्स, ऑफिस स्पेस और लैंड पार्सल शामिल हैं। अब तक करीब 15 हजार करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच हो चुकी है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के तहत की गई है। मामला उनकी ग्रुप कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) द्वारा किए गए कथित बैंक फ्रॉड से जुड़ा है। अनिल अंबानी पर 40 हजार करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड मामले में जांच चल रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Online Shopping Refund Scam; Chandigarh Screen Sharing App Cyber Fraud

Online Shopping Refund Scam; Chandigarh Screen Sharing App Cyber Fraud

2 दिन पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक ऑनलाइन शॉपिंग ने लोगों की जिंदगी को आसान बना दिया है। लेकिन साइबर ठग यहां भी अपनी सेंध लगा चुके हैं। हाल ही में चंडीगढ़ की एक महिला ने डैमेज प्रोडक्ट के रिफंड के लिए गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। इसके बाद वह स्कैमर्स के जाल में फंस गई। ठगों ने रिफंड प्रोसेस का झांसा देकर महिला के खाते से 80 हजार रुपए उड़ा लिए। रिफंड के नाम पर स्कैम की ऐसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसी खतरे को देखते हुए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने एक अलर्ट जारी किया है इसलिए आज साइबर लिटरेसी कॉलम में हम रिफंड स्कैम के इसी खतरे को समझेंगे। साथ ही जानेंगे- साइबर ठग रिफंड के नाम पर स्कैम को कैसे अंजाम देते हैं? रिफंड स्कैम से बचने के लिए किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए? एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- रिफंड स्कैम क्या है? चंडीगढ़ में एक महिला इस स्कैम का शिकार कैसे हुई? जवाब- रिफंड स्कैम में साइबर ठग किसी कंपनी या सर्विस के नाम पर ‘रिफंड’ का झांसा देकर लोगों के बैंक अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं। यह स्कैम तब शुरू होता है, जब कोई ग्राहक डैमेज्ड प्रोडक्ट रिटर्न करने या ऑर्डर कैंसिल करने के बाद रिफंड चाहता है। चंडीगढ़ में महिला ने क्विक कॉमर्स एप ‘ब्लिंकिट’ से ग्रॉसरी ऑर्डर की थी। प्रोडक्ट डैमेज होने पर महिला ने रिफंड के लिए गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। सर्च रिजल्ट में दिखा नंबर स्कैमर्स का था। कॉल करने पर ठग ने खुद को कस्टमर केयर बताकर रिफंड प्रोसेस शुरू करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद स्कैमर ने महिला से स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड करवाया। जैसे ही महिला ने स्क्रीन शेयर की, फोन का कंट्रोल ठग के हाथ में चला गया। उसने बैंक और वॉलेट एप एक्सेस कर कुल 80 हजार रुपए ठग लिए। इस तरह रिफंड दिलाने के बहाने महिला के अकाउंट से पैसे साफ कर दिए गए। सवाल- साइबर ठग रिफंड के नाम पर स्कैम को कैसे अंजाम देते हैं? जवाब- इस स्कैम में साइबर ठग यूजर के भरोसे और तकनीकी जानकारी कमी का फायदा उठाते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल– चंडीगढ़ की महिला ब्लिंकिट से रिफंड लेना चाहती थी, लेकिन उसने क्या गलती की कि वह इस स्कैम का शिकार हो गई? जवाब- महिला की सबसे बड़ी गलती यह थी कि– उसने रिफंड के लिए सीधे ऑफिशियल एप का इस्तेमाल करने की बजाय गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। दूसरी गलती ये थी कि महिला ने बिना वेरिफाई किए उस नंबर पर कॉल किया और फिर रिफंड के नाम पर स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड कर लिया। सवाल- महिला की गलती ये थी कि उसने कस्टमर केयर का नंबर गूगल पर ढूंढा। तो क्या ऑनलाइन मिलने वाला कस्टमर केयर नंबर फेक भी हो सकता है? जवाब- हां, साइबर ठग SEO और पेड विज्ञापनों के जरिए अपने नंबर को गूगल रिजल्ट में ऊपर दिखा देते हैं, ताकि लोग उसे ही आधिकारिक नंबर समझें। कई बार ये नंबर ‘Ad’ टैग के साथ भी दिखते हैं, लेकिन लोग ध्यान नहीं देते। इसलिए सिर्फ गूगल सर्च पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं है। सवाल- तो फिर सही कस्टमर केयर नंबर कैसे पता करें? जवाब- इसका सबसे सुरक्षित तरीका है कि आप संबंधित कंपनी के ऑफिशियल एप या आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां दिए गए ‘Help‘, ‘Support‘ या ‘Contact Us‘ सेक्शन पर दिए गए ‘कॉन्टैक्ट नंबर’ या ‘ईमेल आईडी’ से संपर्क करें। गूगल सर्च में दिख रहे किसी भी नंबर पर कॉल करने से पहले उसे वेरिफाई जरूर करें। सवाल- कोई कस्टमर केयर नंबर सही है या फर्जी, ये कैसे पता करें? जवाब- किसी भी कस्टमर केयर नंबर का हमेशा कंपनी के आधिकारिक एप या वेबसाइट पर दिए गए कॉन्टैक्ट डिटेल्स से मिलान करें। अगर नंबर अलग दिखे या कॉल पर बातचीत संदिग्ध हो तो तुरंत सतर्क हो जाएं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- ‘फर्जी रिफंड स्कैम’ से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- रिफंड, शिकायत या सपोर्ट के लिए हमेशा कंपनी के आधिकारिक एप या वेबसाइट से संपर्क करें। याद रखें, कस्टमर केयर कभी भी रिफंड देने के लिए आपके फोन का कंट्रोल या OTP नहीं मांगता है। साथ ही कुछ और बातों का भी खास ख्याल रखें। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- अगर ‘रिफंड स्कैम’ का शिकार हो जाएं तो तुरंत क्या करना चाहिए? जवाब- ऐसी स्थिति में कुछ बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि- अपने बैंक या पेमेंट एप के कस्टमर सपोर्ट से संपर्क कर ट्रांजैक्शन ब्लॉक करवाएं। UPI पिन, नेट बैंकिंग पासवर्ड और कार्ड डिटेल तुरंत बदल दें। फोन में इंस्टॉल संदिग्ध एप्स को हटाएं। किसी भी कॉल/मैसेज का जवाब न दें। सवाल- ‘रिफंड स्कैम’ की शिकायत कहां कर सकते हैं? जवाब- नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर इसकी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर नजदीकी साइबर सेल या पुलिस स्टेशन में भी रिपोर्ट कर सकते हैं। …………………… ये खबर भी पढ़ें… साइबर लिटरेसी- तेजी से बढ़ रहा इंस्टाग्राम फिशिंग स्कैम:इंस्टा मैसेज से सावधान, बरतें 8 सावधानियां, जानें अकाउंट कैसे रखें सेफ आज के समय में इंस्टाग्राम सिर्फ फोटो-वीडियो शेयर करने का प्लेटफॉर्म नहीं है। यह पहचान और कमाई का जरिया भी बन चुका है। यही वजह है कि साइबर अपराधियों की नजर इंस्टाग्राम के आम यूजर्स से लेकर क्रिएटर्स और बिजनेस अकाउंट्स, सभी पर है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…