Tuesday, 08 Sep 2026 | 02:22 AM

Trending :

Anil Ambani Bank Account Fraud

Anil Ambani Bank Account Fraud

नई दिल्ली42 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अंबानी की उस याचिका पर राहत देने से इनकार कर दिया है, जिसमें उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जो बैंकों को उनके लोन अकाउंट को ‘फ्रॉड’ (धोखाधड़ी) घोषित करने की अनुमति देता है।

चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच का आदेश इस मामले में लंबित सिविल सूट के आड़े नहीं आएगा।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, इंडियन ओवरसीज बैंक सहित दो अन्य बैंकों ने अनिल अंबानी के लोन अकाउंट को ‘फ्रॉड’ के तौर पर क्लासिफाई करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके खिलाफ अंबानी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

दिसंबर 2023 में हाईकोर्ट की सिंगल जज बेंच ने अंबानी को अंतरिम राहत देते हुए बैंकों की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। हालांकि, बाद में हाईकोर्ट की ही डिवीजन बेंच ने इस रोक को हटा दिया और बैंकों को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी। इसी फैसले को अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

रिलायंस कम्युनिकेशंस के फाउंडर हैं अनिल अंबानी। (फाइल फोटो)

रिलायंस कम्युनिकेशंस के फाउंडर हैं अनिल अंबानी। (फाइल फोटो)

सेटलमेंट की इच्छा पर कोर्ट की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी के वकील ने कोर्ट को बताया कि वे बैंकों के साथ इस मामले को सुलझाना चाहते हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने साफ किया कि सेटलमेंट के विषय पर उनकी कोई राय नहीं है, यह बैंकों और कर्जदार के बीच का मामला है।

अंबानी के लिए क्यों बढ़ सकती है मुश्किल?

अगर बैंक किसी अकाउंट को ‘फ्रॉड’ घोषित कर देते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम होते हैं। RBI के नियमों के मुताबिक, फ्रॉड घोषित होने के बाद संबंधित व्यक्ति या कंपनी को भविष्य में बैंकिंग सिस्टम से किसी भी तरह का कर्ज मिलने में भारी मुश्किल आती है। साथ ही, केंद्रीय जांच एजेंसियां जैसे CBI भी इस मामले में अपनी जांच शुरू कर सकती हैं।

अनिल अंबानी पर कर्ज का पिछला बैकग्राउंड

पिछले कुछ सालों में अनिल अंबानी की कई कंपनियां दिवालिया प्रक्रिया से गुजरी हैं। रिलायंस कम्युनिकेशन (RCom), रिलायंस नेवल और रिलायंस कैपिटल जैसी कंपनियों पर भारी कर्ज रहा है। हाल ही में रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रा ने अपने कुछ कर्ज चुकाकर खुद को कर्ज मुक्त करने की कोशिश की है, लेकिन पुराने बैंक लोन के क्लासिफिकेशन के मामले अब भी उनके लिए कानूनी चुनौती बने हुए हैं।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
RBI ने रुपए के ट्रेड पर लगी पाबंदियां हटाईं:अब फॉरेक्स डीलर्स NDF मार्केट में पोजीशन ले सकेंगे; मार्च में लगी थी रोक

April 20, 2026/
5:38 pm

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने 20 अप्रैल को रुपए की अस्थिरता को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा डीलरों...

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार:ऑफर फॉर सेल के जरिए ₹2,455 करोड़ जुटाएगी; फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया

May 22, 2026/
1:45 pm

भारत सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी 8% हिस्सेदारी बेचने का फैसला...

Gold Silver Prices Drop | India Market Update

March 5, 2026/
4:00 am

नई दिल्ली5 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर सोना-चांदी से जुड़ी रही। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 4,923...

हिमाचल में अयोग्य घोषित विधायकों को नहीं मिलेगी पेंशन:विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित, दल-बदल पर सख्ती, चैतन्य-देवेंद्र भुट्टो की पेंशन बंद

April 2, 2026/
11:32 am

हिमाचल प्रदेश में अयोग्य घोषित विधायकों को पेंशन नहीं मिलेगी। कांग्रेस सरकार ने विधानसभा बजट सेशन में आज विपक्ष के...

डॉ. मनोहर सिंह ठाकुर की पुण्यतिथि पर नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर:धार में दीनदयाल रसोई में जरूरतमंदों को भोजन वितरित किया गया

May 1, 2026/
3:20 pm

धार में स्वर्गीय डॉ. मनोहर सिंह ठाकुर की पुण्यतिथि और अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सेवा और...

राजनीति

Anil Ambani Bank Account Fraud

Anil Ambani Bank Account Fraud

नई दिल्ली42 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अंबानी की उस याचिका पर राहत देने से इनकार कर दिया है, जिसमें उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जो बैंकों को उनके लोन अकाउंट को ‘फ्रॉड’ (धोखाधड़ी) घोषित करने की अनुमति देता है।

चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच का आदेश इस मामले में लंबित सिविल सूट के आड़े नहीं आएगा।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, इंडियन ओवरसीज बैंक सहित दो अन्य बैंकों ने अनिल अंबानी के लोन अकाउंट को ‘फ्रॉड’ के तौर पर क्लासिफाई करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके खिलाफ अंबानी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

दिसंबर 2023 में हाईकोर्ट की सिंगल जज बेंच ने अंबानी को अंतरिम राहत देते हुए बैंकों की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। हालांकि, बाद में हाईकोर्ट की ही डिवीजन बेंच ने इस रोक को हटा दिया और बैंकों को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी। इसी फैसले को अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

रिलायंस कम्युनिकेशंस के फाउंडर हैं अनिल अंबानी। (फाइल फोटो)

रिलायंस कम्युनिकेशंस के फाउंडर हैं अनिल अंबानी। (फाइल फोटो)

सेटलमेंट की इच्छा पर कोर्ट की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी के वकील ने कोर्ट को बताया कि वे बैंकों के साथ इस मामले को सुलझाना चाहते हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने साफ किया कि सेटलमेंट के विषय पर उनकी कोई राय नहीं है, यह बैंकों और कर्जदार के बीच का मामला है।

अंबानी के लिए क्यों बढ़ सकती है मुश्किल?

अगर बैंक किसी अकाउंट को ‘फ्रॉड’ घोषित कर देते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम होते हैं। RBI के नियमों के मुताबिक, फ्रॉड घोषित होने के बाद संबंधित व्यक्ति या कंपनी को भविष्य में बैंकिंग सिस्टम से किसी भी तरह का कर्ज मिलने में भारी मुश्किल आती है। साथ ही, केंद्रीय जांच एजेंसियां जैसे CBI भी इस मामले में अपनी जांच शुरू कर सकती हैं।

अनिल अंबानी पर कर्ज का पिछला बैकग्राउंड

पिछले कुछ सालों में अनिल अंबानी की कई कंपनियां दिवालिया प्रक्रिया से गुजरी हैं। रिलायंस कम्युनिकेशन (RCom), रिलायंस नेवल और रिलायंस कैपिटल जैसी कंपनियों पर भारी कर्ज रहा है। हाल ही में रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रा ने अपने कुछ कर्ज चुकाकर खुद को कर्ज मुक्त करने की कोशिश की है, लेकिन पुराने बैंक लोन के क्लासिफिकेशन के मामले अब भी उनके लिए कानूनी चुनौती बने हुए हैं।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.