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सावधान! सुबह उठते ही पैरों में होता है झनझनाहट, तो न करें इग्नोर, इस बीमारी का हो सकता है संकेत, जानें डॉक्टर की सलाह

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Last Updated:March 16, 2026, 11:17 IST Health Tips: सुबह उठते ही पैरों में सुन्नपन, झनझनाहट या झुनझुनी को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह कई समस्याओं का संकेत हो सकता है. गाजियाबाद के गणेश हॉस्पिटल की फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. अरुणिमा चौधरी के अनुसार यह गलत तरीके से सोने, नसों पर दबाव, विटामिन-B12 की कमी या कमर की समस्या के कारण हो सकता है. लगातार ऐसी परेशानी स्लिप डिस्क या डायबिटीज का संकेत भी हो सकती है. नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पीने से इससे बचाव किया जा सकता है. सुबह नींद से उठते ही अगर पैरों में सुन्नपन, झनझनाहट या हल्की झुनझुनी महसूस होती है, तो अक्सर लोग इसे मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार यह थोड़ी देर में अपने आप ठीक भी हो जाती है. इसलिए लोग इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते. फिजियोथैरेपिस्ट का कहना है कि अगर यह समस्या बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी रहती है तो इसे हल्के में लेना सही नहीं है. यह नसों की कमजोरी, कमर की समस्या या शरीर में पोषण की कमी का संकेत भी हो सकता है. ये लक्षण हैं बेहद खतरनाकगाजियाबाद के गणेश हॉस्पिटल की फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. अरुणिमा चौधरी के अनुसार सुबह उठते समय पैरों में सुन्नपन महसूस होना कई कारणों से हो सकता है. आमतौर पर यह गलत तरीके से सोने, लंबे समय तक एक ही मुद्रा में रहने या सोते समय नसों पर दबाव पड़ने की वजह से होता है. कई मामलों में शरीर में विटामिन-बी12 की कमी भी नसों को कमजोर कर देती है, जिससे पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन की समस्या सामने आती है. उन्होंने बताया कि कई बार कमर दर्द भी इस समस्या की बड़ी वजह बन जाता है. कमर की नसें पैरों से जुड़ी होती हैं और जब कमर में दर्द या नसों पर दबाव बढ़ता है, तो उसका असर पैरों तक पहुंच सकता है. ऐसी स्थिति में व्यक्ति को पैरों में भारीपन, सुन्नपन या झनझनाहट महसूस होने लगती है. अगर इस तरह की परेशानी लगातार बनी रहती है, तो यह स्लिप डिस्क, नसों की कमजोरी या डायबिटीज जैसी बीमारी का संकेत भी हो सकती है. इसलिए बार-बार होने वाली इस समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. रोजाना एक्सरसाइज है जरूरीडॉ. चौधरी का कहना है कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना व्यायाम करना बेहद जरूरी है. सुबह के समय कम से कम 30 से 40 मिनट तक हल्की एक्सरसाइज या स्ट्रेचिंग करने से शरीर की नसें और मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं. जो लोग ऑफिस या नौकरी पर जाने से पहले थोड़ा समय निकालकर व्यायाम करते हैं, उन्हें शरीर से जुड़ी कई समस्याओं से राहत मिलती है. नियमित व्यायाम से शरीर में रक्त संचार भी बेहतर रहता है और दर्द या अकड़न की शिकायत कम होती है. डाइट का भी इस समस्या से सीधा संबंध है डॉक्टर के अनुसार शरीर को मजबूत रखने के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है. खासतौर पर गर्मियों के मौसम में पानी की पर्याप्त मात्रा पीनी चाहिए. ऐसे फल और खाद्य पदार्थ खाने चाहिए, जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो ताकि शरीर हाइड्रेट रहे. नारियल पानी भी गर्मियों में शरीर को ऊर्जा और जरूरी पोषण देने में मदद करता है. अगर कोई व्यक्ति जिम या ज्यादा शारीरिक मेहनत करता है तो उसे अपनी डाइट पर विशेष ध्यान देना चाहिए. कई बार लोग छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है. अगर पैरों में बार-बार सुन्नपन, झनझनाहट या दर्द की शिकायत हो रही है तो तुरंत डॉक्टर या फिजियोथैरेपिस्ट से सलाह लेनी चाहिए. फिजियोथैरेपी का इलाज केवल मशीनों से ही नहीं होता, बल्कि कई मामलों में मैन्युअल थेरेपी और विशेष एक्सरसाइज के जरिए भी मरीज को राहत दी जाती है. About the Author Lalit Bhatt पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें Location : Ghaziabad,Ghaziabad,Uttar Pradesh First Published : March 16, 2026, 11:17 IST

Skin Care Tips : तेज धूप में निकलने से पहले सावधान! काला पड़ जाएगा चेहरा, फॉलों करें ये फ्री की ट्रिक

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Last Updated:March 16, 2026, 04:07 IST Glowing Skin Care Tips : मार्च का महीना आधा बीत चुका है. धूप की तपिश बढ़ने लगी है. गर्मी बढ़ने के साथ सेहत के लिए कई परेशानियां खड़ी हो जाती हैं. इस मौसम में स्किन की समस्या एक बड़ी दिक्कत है. ऐसे में छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर त्वचा को सुरक्षित रखा जा सकता है. लोकल 18 ने इस बारे में जौनपुर की आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. कुसुम पांडेय से बात की. वे बताती हैं कि तेज धूप में बिना सावधानी के निकलने से स्किन पर झाइयां, दाने और कालापन पड़ सकता है. जौनपुर. गर्मी का मौसम शुरू होते ही तेज धूप और बढ़ते तापमान का असर लोगों के स्वास्थ्य और त्वचा पर साफ दिखाई देने लगता है. खासकर दोपहर के समय धूप में निकलने से चेहरे की त्वचा को काफी नुकसान पहुंच सकता है. ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी चेहरे को झुलसा सकती है और कई प्रकार की त्वचा संबंधी समस्याएं पैदा कर सकती है. जौनपुर की आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. कुसुम पांडेय लोकल 18 से बताती हैं कि तेज धूप में बिना सावधानी के निकलने से त्वचा पर सनबर्न, झाइयां, दाने और कालापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. धूप की तेज किरणें त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे चेहरा बेजान और रूखा दिखाई देने लगता है. डॉ. कुसुम के मुताबिक, यदि किसी को जरूरी काम से धूप में बाहर निकलना पड़े तो कुछ सावधानियां जरूर अपनानी चाहिए. सबसे पहले सिर और चेहरे को सीधे धूप से बचाने के लिए छाता, टोपी या दुपट्टे का इस्तेमाल करें. इसके अलावा, धूप में निकलने से पहले चेहरे पर हल्का मॉइस्चराइजर या सनस्क्रीन लगाना भी काफी फायदेमंद होता है. ये चीजें रामबाण डॉ. कुसुम बताती हैं कि गर्मी के दिनों में शरीर को अंदर से ठंडा और हाइड्रेटेड रखना भी जरूरी है. इसके लिए लोगों को अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए. नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ और ताजे फलों का सेवन करना चाहिए. इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और त्वचा भी स्वस्थ रहती है. त्वचा की देखभाल के लिए घरेलू उपाय भी काफी लाभदायक होते हैं. चेहरे पर एलोवेरा जेल, गुलाब जल या खीरे का रस लगाने से त्वचा को ठंडक मिलती है. धूप के प्रभाव से राहत मिलती है. डॉ. कुसुम पांडेय बताती हैं कि दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे तक धूप सबसे अधिक तेज होती है, इसलिए इस समय बाहर निकलने से बचना चाहिए. यदि बहुत जरूरी हो तो पूरी सावधानी के साथ ही बाहर जाएं. दही और बेसन का लेप भी चेहरे के लिए फायदेमंद है. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें Location : Jaunpur,Uttar Pradesh First Published : March 16, 2026, 04:07 IST

सुबह खाली पेट हल्दी वाला पानी पीना कहीं फायदे की जगह नुकसान तो नहीं कर रहा? जानें सही तरीका

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Last Updated:March 14, 2026, 19:46 IST Turmeric Water Benefits: आजकल खाली पेट हल्दी का पानी पीना एक बड़ा हेल्थ ट्रेंड है, लेकिन क्या यह सबके लिए सुरक्षित है? ऋषिकेश के डॉ. राजकुमार (आयुष) के अनुसार, हल्दी का करक्यूमिन इम्यूनिटी और पाचन के लिए बेहतरीन है. इसे और असरदार बनाने के लिए इसमें चुटकी भर नीम मिलाया जा सकता है, जो खून साफ करने में मदद करता है. हालांकि, एसिडिटी, लो बीपी और गैस्ट्रिक समस्या वाले लोगों को बिना डॉक्टरी सलाह के इसका सेवन भारी पड़ सकता है. Turmeric Water Benefits: आजकल सोशल मीडिया पर ‘हल्दी वाला पानी’ एक बड़ा हेल्थ ट्रेंड बन चुका है. कई लोग अपनी सुबह की शुरुआत खाली पेट हल्दी का पानी पीने करते हैं, उनका ऐसा मानना है कि यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है. क्योंकि, इससे शरीर में इम्यूनिटी बढ़ती है और पाचन बेहतर होता है. साथ ही, शरीर डिटॉक्स होता है. लेकिन क्या हर किसी के लिए खाली पेट हल्दी वाला पानी पीना सुरक्षित है? या बिना सोचे-समझे पीना आपकी सेहत बिगाड़ भी सकता है. आइए जानते हैं ऋषिकेश के डॉ. राजकुमार से. सुबह खाली पेट हल्दी का पानी, क्या यह वाकई चमत्कारिक है?ऋषिकेश के डॉ. राजकुमार (आयुष) ने लोकल-18 के साथ बातचीत में बताया कि हल्दी में करक्यूमिन (Curcumin) नाम का एक शक्तिशाली तत्व पाया जाता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है. यही वजह है कि आयुर्वेद में हल्दी को लंबे समय से औषधि की तरह इस्तेमाल किया जाता रहा है. सुबह खाली पेट हल्दी वाला पानी पीने से शरीर की सूजन कम हो सकती है, पाचन तंत्र मजबूत हो सकता है और स्किन को भी फायदा मिल सकता है. कई लोग इसे वजन घटाने और शरीर को साफ रखने के लिए भी पीते हैं. हर किसी के लिए नहीं होता असरदारहालांकि, सिर्फ हल्दी वाला पानी हर किसी के लिए उतना असरदार नहीं होता. आयुर्वेद के अनुसार, अगर हल्दी के पानी में थोड़ी मात्रा में नीम भी मिलाया जाए तो इसके फायदे और बढ़ सकते हैं. नीम में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और ब्लड प्यूरीफाइंग गुण पाए जाते हैं. जब हल्दी और नीम दोनों को एक साथ लिया जाता है, तो यह शरीर को अंदर से साफ करने, त्वचा को बेहतर बनाने और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद कर सकता है. पेट में जलन-एलर्जी जैसी हो सकती है समस्याहर अच्छी चीज हर किसी के लिए नहीं होती. डॉ. राजकुमार चेतावनी देते हैं कि जिन्हें एसिडिटी या पेट में जलन रहती है, उन्हें इसे संभलकर पीना चाहिए. बीपी की समस्या वाले मरीजों को बिना डॉक्टरी सलाह के इसे नहीं लेना चाहिए. क्योंकि, डॉक्टर के परामर्श या बिना सोचे-समझे रोज खाली पेट हल्दी और नीम का पानी पीने से पेट में जलन, एसिडिटी या एलर्जी की समस्या भी हो सकती है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिन लोगों को पहले से गैस्ट्रिक, लो ब्लड प्रेशर या किसी दवा का नियमित सेवन करना पड़ता है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना इस तरह के हेल्थ ड्रिंक को रोजाना नहीं लेना चाहिए. क्या है सेवन का सही तरीका और मात्राहल्दी और नीम का पानी बहुत ज्यादा मात्रा में लेना नुकसानदायक भी हो सकता है. इसकी सही मात्रा और सही समय बेहद जरूरी है. आम तौर पर हल्के गुनगुने पानी में एक चुटकी हल्दी और बहुत कम मात्रा में नीम पाउडर या नीम की कुछ पत्तियां मिलाकर पीना पर्याप्त माना जाता है. इसे रोजाना की बजाय हफ्ते में कुछ दिन लेना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. About the Author Rahul Goel राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें Location : Rishikesh,Dehradun,Uttarakhand First Published : March 14, 2026, 19:46 IST

हाथ-पैरों में झनझनाहट और सुन्नपन होना, क्या है कारण, किस बीमारी का है संकेत?

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  Why Do Hands and Feet Get Numb: काफी लोगों के हाथ और पैरों में अचानक झनझनाहट होने लगती है. हाथ-पैर सुन्न पड़ जाते हैं. ये सुन्नपन (Numbness) की समस्या से आप भी परेशान हैं तो इसकी कई वजहें हो सकती हैं. कई बार एक ही स्थिति में बैठे रहने से भी हाथ-पैर सुन्न हो जाते हैं, जो कुछ ही मिनट में खुद ब खुद ठीक हो जाती है. लेकिन आपको ये समस्या बार-बार हो, तो ये किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है. कई बार रात में या बैठे-बैठे ही नसों पर दबाव पड़ने से भी ये झनझनाहट, सुन्नपन महसूस होती है. कुछ विटामिंस की कमी खासकर विटामिन बी12 की कमी शरीर में होने से भी ये हो सकता है. आप यूट्यूब चैनल KADAK के इस वीडियो में मैक्स हॉस्पिटल (वैशाली) के न्यूरोसर्जन डॉ. गौरव बत्रा से जानें क्यों हाथ-पैर होते हैं सुन्न, इसके कारण क्या होते हैं, उपचार क्या है, शरीर में किस विटामिन की कमी के कारण ऐसा होता है?

Health Tips: पेट दर्द से पाना है तुरंत राहत, आजमाएं ये आसान घरेलू उपाय, 5 मिनट में मिलेगा आराम

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Last Updated:March 13, 2026, 09:42 IST Home Remedies for Stomach Ailments: आजकल अनियमित खानपान और बदलती जीवनशैली के कारण पेट दर्द, गैस और अपच की समस्या आम होती जा रही है. ऐसे में लोग तुरंत दवाइयों का सहारा लेते है, जबकि घर में मौजूद कुछ साधारण चीजें भी राहत दिला सकती है. सुल्तानपुर में 20 वर्षों से अधिक अनुभव प्राप्त जनरल फिजिशियन डॉक्टर एस. बी. सिंह बताते है कि पेट दर्द में सबसे आसान और असरदार घरेलू नुस्खा हींग है. हींग को गर्म पानी में घोलकर पीने से गैस और अपच से होने वाला दर्द जल्दी कम हो सकता है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते है, जो आंतों की सूजन को कम करने में मदद करते है. डॉक्टर के अनुसार अदरक भी पाचन के लिए फायदेमंद है. अदरक का सेवन करने से गैस, अपच और पेट दर्द जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. आज के समय में लोगों के गलत खान-पान और दिनचर्या के कारण पेट दर्द और अन्य पेट संबंधी समस्याएं आम हो गई है. अक्सर लोग इन समस्याओं के लिए अंग्रेजी दवाओं का सहारा लेते है जो तुरंत राहत तो देती है. लेकिन इनके साइड इफेक्ट्स भी होते है. अगर आपको भी बार-बार पेट दर्द की समस्या होती है तो आज हम आपको कुछ घरेलू उपाय बताएंगे जिनका इस्तेमाल करने से पेट दर्द ठीक हो जाएगा और इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होगा. तो आइए जानते है पेट दर्द से छुटकारा पाने के लिए क्या कहते है चिकित्सक. हींग है सबसे बेहतर उपायसुल्तानपुर में 20 वर्षों से अधिक अनुभव वाले जनरल फिजिशियन डॉक्टर एस बी सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि पेट दर्द के लिए हींग सबसे आसान और असरदार नुस्खा है. हींग को गर्म पानी में घोलकर पीने से गैस और अपच से होने वाला पेट दर्द तुरंत कम होता है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते है जो आंतों की सूजन को घटाते है. इसी तरह अदरक का इस्तेमाल भी फायदेमंद है. अदरक की चाय या शहद के साथ अदरक का रस लेने से पाचन क्रिया सुधरती है और पेट दर्द से राहत मिलती है. पुदीना है रामबाणपुदीना भी पेट दर्द के लिए रामबाण माना जाता है. पुदीने के पत्तों का रस या पुदीना चाय गैस और अपच को दूर करने में सहायक है. इसमें मौजूद मेंथॉल आंतों को ठंडक देता है और मरोड़ कम करता है. वहीं, जीरा पानी भी बेहद फायदेमंद है. एक चम्मच जीरे को उबालकर उसका पानी पीने से अपच और एसिडिटी की समस्या खत्म होती है. यदि पेट दर्द कब्ज की वजह से है तो इसबगोल की भूसी या गुनगुना दूध लेना लाभकारी होता है. इसके अलावा हल्का गर्म पानी लगातार पीते रहना भी पेट दर्द में आराम पहुंचाता है, क्योंकि इससे पाचन तंत्र सक्रिय रहता है. यह है पारंपरिक तरीकापहले गांवों में पेट दर्द होने पर सौंफ और मिश्री का सेवन किया जाता था. यह पाचन को दुरुस्त करता है और गैस बनने से रोकता है. वहीं, हल्दी वाला दूध भी आंतों को संक्रमण से बचाकर पेट दर्द में राहत देता है. हालांकि, ध्यान रहे कि यदि पेट दर्द लगातार बना रहे या बहुत तेज हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. घरेलू नुस्खे केवल सामान्य दर्द, गैस, अपच और हल्के संक्रमण में ही कारगर होते है. About the Author Manish Rai काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें Location : Sultanpur,Uttar Pradesh First Published : March 13, 2026, 09:42 IST

White Spots on Nails Causes | Health Tips | नाखूनों पर सफेद धब्बे का कारण | हेल्थ टिप्स |

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Last Updated:March 11, 2026, 22:13 IST White Spots on Nails Causes: क्या आपके नाखूनों पर भी सफेद दाग या छोटे निशान हैं? ज्यादातर लोग इसे कैल्शियम की कमी मानकर दूध और पनीर खाना शुरू कर देते हैं, लेकिन सच कुछ और ही है. मेडिकल भाषा में इसे ल्यूकोनिखिया कहते हैं और इसके पीछे का असली कारण अक्सर कोई गंभीर बीमारी नहीं बल्कि एक छोटी सी चोट होती है. जानिए डॉ. राजकुमार से कि ये निशान कब सामान्य होते हैं और कब आपको सतर्क रहने की जरूरत है. कई बार हम अपने नाखूनों पर छोटे-छोटे सफेद निशान देखते हैं और तुरंत सोचने लगते हैं कि कहीं शरीर में कोई बड़ी कमी तो नहीं हो गई. कुछ लोग इसे कैल्शियम की कमी मान लेते हैं तो कुछ इसे किसी बीमारी का संकेत समझते हैं. सच यह है कि नाखूनों पर बनने वाले इन सफेद धब्बों के पीछे कई कारण हो सकते हैं. इन्हें नजरअंदाज करने से पहले सही जानकारी होना जरूरी है. डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि नाखूनों पर दिखने वाले इन सफेद धब्बों को मेडिकल भाषा में ल्यूकोनिखिया कहा जाता है. आमतौर पर यह पूरी तरह हानिकारक नहीं होते और कई बार खुद ही धीरे-धीरे गायब भी हो जाते हैं. जैसे-जैसे नाखून बढ़ते हैं, ये निशान भी ऊपर की तरफ खिसकते जाते हैं और अंत में कटकर हट जाते हैं. इसलिए हर बार इन्हें बीमारी का संकेत समझ लेना सही नहीं होता. इन सफेद निशानों का सबसे आम कारण नाखून पर लगी हल्की चोट होती है. कई बार हमें याद भी नहीं रहता कि नाखून कहीं टकरा गया था या दब गया था. यही छोटी सी चोट बाद में सफेद धब्बे के रूप में दिखाई देती है. खासकर जो लोग जल्दी-जल्दी काम करते हैं या नाखूनों का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, उनके नाखूनों पर ऐसे निशान ज्यादा दिख सकते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google कुछ मामलों में शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी इसका कारण बन सकती है. जिंक, प्रोटीन या कुछ विटामिन की कमी होने पर नाखूनों की बनावट पर असर पड़ता है. हालांकि यह हर व्यक्ति में जरूरी नहीं होता, लेकिन अगर बार-बार सफेद निशान दिखाई दें तो अपनी डाइट पर ध्यान देना अच्छा रहता है. कई बार नेल पॉलिश, नेल रिमूवर या केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का ज्यादा इस्तेमाल भी नाखूनों पर असर डाल सकता है. इन प्रोडक्ट्स में मौजूद कुछ तत्व नाखूनों की ऊपरी परत को कमजोर कर देते हैं. इसका परिणाम सफेद धब्बों या हल्की लकीरों के रूप में दिखाई दे सकता है. इसलिए समय-समय पर नाखूनों को बिना किसी केमिकल के भी रहने देना जरूरी है. कुछ दुर्लभ स्थितियों में एलर्जी या फंगल इंफेक्शन भी नाखूनों पर सफेद निशान बना सकते हैं. अगर इन निशानों के साथ नाखून मोटे होने लगें, टूटने लगें या उनका रंग बदलने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है. यह संकेत हो सकता है कि नाखूनों की सेहत पर कोई और समस्या असर डाल रही है जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. नाखूनों पर दिखने वाले सफेद निशान ज्यादातर मामलों में सामान्य होते हैं और घबराने की जरूरत नहीं होती. यह अक्सर छोटी-मोटी चोट या नाखूनों की बढ़त से जुड़ा एक सामान्य बदलाव होता है. फिर भी अगर ये निशान लगातार बढ़ रहे हों या नाखूनों में और बदलाव दिखाई दें, तो विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है. सही देखभाल से नाखून लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत बने रह सकते हैं. First Published : March 11, 2026, 22:13 IST

Health Tips: आपके मसाले के डिब्बे में छिपा है बीमारियों का काल! एक्सपर्ट से जानिए सफेद जीरे के जादुई फायदे

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Last Updated:March 10, 2026, 20:22 IST Safed Jeera Health Benefits: रसोई के मसालदानी में रखा साधारण सा दिखने वाला सफेद जीरा असल में सेहत का वो खजाना है, जिसके गुणों से आज भी कई लोग अनजान हैं. बागपत के मशहूर आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. राघवेंद्र चौधरी ने सफेद जीरे के कुछ ऐसे गुप्त और असरदार फायदे साझा किए हैं, जो न केवल पाचन तंत्र को फौलादी बनाते हैं बल्कि शरीर में खून की कमी को भी तेजी से दूर करते हैं. अगर आप भी आए दिन होने वाली पेट की समस्याओं या कमजोरी से परेशान हैं, तो सफेद जीरे के ये लाभ आपकी जिंदगी बदल सकते हैं. बागपत: भारतीय रसोई में मसालों का अपना एक खास महत्व है और इन्हीं मसालों में शुमार सफेद जीरा स्वास्थ्य के नजरिए से किसी वरदान से कम नहीं माना जाता. अक्सर हम इसका इस्तेमाल सिर्फ खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए करते हैं, लेकिन आयुर्वेद की दृष्टि में यह एक बेहद शक्तिशाली औषधि है. बागपत के जाने-माने आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. राघवेंद्र चौधरी बताते हैं कि सफेद जीरे के भीतर छिपे औषधीय गुण शरीर की इम्यूनिटी को इस कदर मजबूत कर देते हैं कि छोटी-मोटी बीमारियां पास भी नहीं फटकतीं. यह न केवल पाचन को बेहतर करता है, बल्कि बढ़ते वजन को नियंत्रित करने में भी काम करता है. आयरन से भरपूर है सफेद जीरासफेद जीरे की सबसे बड़ी खासियत इसका आयरन से भरपूर होना है. डॉ. चौधरी के अनुसार, आज के समय में महिलाओं और बच्चों में खून की कमी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है. ऐसे में अगर सफेद जीरे को नियमित आहार का हिस्सा बनाया जाए, तो इसके परिणाम चौंकाने वाले होते हैं. यह शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को तेजी से सुधारता है और शरीर की आंतरिक गंदगी को साफ करने में मदद करता है. इसमें मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं. इतना ही नहीं, जो लोग पेट की गर्मी या त्वचा संबंधी रोगों से परेशान हैं, उनके लिए भी सफेद जीरा एक शीतल औषधि के रूप में काम करता है जो बिना किसी साइड इफेक्ट के स्किन को साफ और चमकदार बनाने में मदद करता है. जानें इस्तेमाल करने का तरीकाइस चमत्कारी मसाले को अपनी दिनचर्या में शामिल करना बेहद आसान है. इसे लेने का सबसे सरल और असरदार तरीका यह है कि रात के समय एक गिलास पानी में एक चम्मच जीरा डालकर छोड़ दिया जाए और सुबह उस पानी का सेवन किया जाए. इसके अलावा, दोपहर के भोजन में दही या छाछ के साथ इसका उपयोग पाचन तंत्र को तुरंत राहत पहुंचाता है. डॉ. राघवेंद्र चौधरी का कहना है कि चाहे सब्जी में तड़के के रूप में हो या फिर पानी के साथ, सफेद जीरे का किसी भी रूप में किया गया सेवन शरीर को बीमारियों से मुक्त रखने और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है. About the Author Seema Nath सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें Location : Baghpat,Uttar Pradesh First Published : March 10, 2026, 20:22 IST

संजीवनी बूटी से कम नहीं गुलाब का फूल, इसमें छुपा है कई बीमारियों का इलाज, जानें औषधीय गुण

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X संजीवनी बूटी से कम नहीं गुलाब का फूल, इसमें छुपा है कई बीमारियों का इलाज   Health Tips: प्यार और मोहब्बत का प्रतीक माना जाने वाला गुलाब आयुर्वेद में भी बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखता है. इसकी खुशबू जितनी मन को भाती है, उतने ही इसके औषधीय गुण शरीर को लाभ पहुंचाते हैं. सीधी के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि आयुर्वेद में गुलाब को शीतल, हृदय के लिए हितकारी और मानसिक शांति देने वाला माना गया है. गुलाब की पंखुड़ियों से गुलाब जल और गुलकंद तैयार किया जाता है, जो कई बीमारियों में लाभकारी साबित होता है. आज के समय में दिल से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे में गुलकंद का नियमित सेवन हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण शरीर को ठंडक देते हैं और मानसिक तनाव को कम करते हैं. गुलाब की पंखुड़ियों को सुखाकर उनका पाउडर बनाया जाए, तो यह डिप्रेशन और तनाव जैसी समस्याओं में भी राहत दे सकता है. गुलाब में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है.

Purple Cabbage Health Benefits | purple cabbage for weight loss | पर्पल गोभी के फायदे | वजन घटाने में पर्पल गोभी का इस्तेमाल |

Antioxidant-rich vegetables

Last Updated:March 10, 2026, 17:36 IST Purple Cabbage Health Benefits: सब्जी मंडियों में दिखने वाली चमकदार बैंगनी गोभी सिर्फ सलाद की सजावट नहीं, बल्कि कैंसर से लड़ने वाले ‘एंथोसायनिन’ और दिल को फौलाद बनाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स का सबसे सस्ता और ताकतवर स्रोत है. इसलिए दुनिया भर के डायटीशियन इसे फैट बर्नर और बोन बूस्टर भी कहते है. घुटनों के दर्द से लेकर चेहरे की झुर्रियों तक और खराब कोलेस्ट्रॉल को जड़ से मिटाने से लेकर इम्यून सिस्टम को लोहे जैसा मजबूत बनाने तक जानिए पर्पल गोभी कैसे काम करती हैं. पर्पल गोभी में एंथोसायनिन नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो इसे खास रंग देता है. यह तत्व शरीर में बनने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करता है. फ्री रेडिकल्स कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं, इसलिए एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर भोजन शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है. पर्पल गोभी का सेवन शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करता है. नियमित रूप से इसे खाने से शरीर को प्राकृतिक सुरक्षा मिल सकती है. यही वजह है कि पोषण विशेषज्ञ भी इसे स्वस्थ आहार का हिस्सा बनाने की सलाह देते हैं. पहाड़ी इलाकों में अब किसान भी इस खास गोभी की खेती करने लगे हैं, जिससे लोगों को पौष्टिक सब्जी आसानी से उपलब्ध हो रही है. जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए पर्पल गोभी एक अच्छा विकल्प मानी जाती है. इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है. फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती है. इससे अनावश्यक खाने की आदत कम हो सकती है. इसके अलावा यह सब्जी पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाती है, जिससे शरीर में पोषक तत्वों का सही अवशोषण होता है. अगर इसे सलाद, सब्जी या सूप के रूप में आहार में शामिल किया जाए तो वजन नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. ऐजल पटेल ने लोकल 18 को बताया कि पर्पल गोभी में मौजूद पोषक तत्व हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं. जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल संतुलित रहता है, तो दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है. इसके अलावा यह रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने में भी सहायक मानी जाती है. रोजाना पर्पल गोभी का सेवन करने से हृदय की कार्यप्रणाली बेहतर बनी रह सकती है. हरी सब्जियों के साथ इस रंगीन गोभी को भी भोजन में शामिल करना दिल की सेहत के लिए लाभदायक हो सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google पर्पल गोभी में विटामिन K और कैल्शियम अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो हड्डियों के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व हैं. विटामिन K हड्डियों के निर्माण और मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके नियमित सेवन से हड्डियों की कमजोरी और उम्र के साथ होने वाली समस्याओं से बचाव में मदद मिल सकती है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह सब्जी फायदेमंद मानी जाती है. अगर इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जाए तो शरीर को आवश्यक पोषण मिलता है. यही कारण है कि डॉक्टर भी हड्डियों को मजबूत रखने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियों के सेवन की सलाह देते हैं. पर्पल गोभी में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन तंत्र के लिए काफी लाभकारी माना जाता है. फाइबर भोजन को पचाने में मदद करता है और आंतों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है. इसके सेवन से कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है. साथ ही यह पेट को हल्का और स्वस्थ बनाए रखने में भी मदद करती है. नियमित रूप से फाइबर युक्त भोजन करने से पाचन तंत्र मजबूत रहता है, शरीर में ऊर्जा का स्तर भी बेहतर बना रहता है. इसलिए पोषण विशेषज्ञ संतुलित मात्रा में पर्पल गोभी को आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं. पर्पल गोभी में मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा और बालों की सेहत के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं. यह शरीर में मौजूद हानिकारक तत्वों को कम करने में मदद कर सकते हैं, जिससे त्वचा को प्राकृतिक चमक मिलती है. इसके अलावा इसमें मौजूद पोषक तत्व बालों को मजबूत बनाने में भी सहायक होते हैं. नियमित रूप से पोषक सब्जियों का सेवन करने से त्वचा स्वस्थ और बाल मजबूत बने रह सकते हैं. पर्पल गोभी का सेवन शरीर को अंदर से पोषण देता है, जिसका असर बाहरी रूप पर भी दिखाई देता है. पर्पल गोभी में कई तरह के विटामिन और खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. मजबूत इम्यून सिस्टम शरीर को संक्रमण और बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. मौसम बदलने के समय अक्सर लोगों को सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं हो जाती हैं, ऐसे में पोषक आहार का सेवन करना जरूरी होता है. पर्पल गोभी में मौजूद पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने और उसे स्वस्थ बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं. इसलिए इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है. पर्पल गोभी का उपयोग कई तरह से किया जा सकता है. इसे सलाद, सब्जी, सूप या स्टर-फ्राई के रूप में आसानी से बनाया जा सकता है. कुछ लोग इसे हल्का उबालकर भी खाते हैं, जिससे इसके पोषक तत्व बरकरार रहते हैं. इसके अलावा इसे अन्य सब्जियों के साथ मिलाकर भी पकाया जा सकता है. स्वाद और पोषण दोनों के लिहाज से यह एक बेहतरीन विकल्प मानी जाती है. अगर इसे नियमित और संतुलित मात्रा में आहार में शामिल किया जाए, तो शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं, स्वास्थ्य बेहतर बना रह सकता है. First Published : March 10, 2026, 17:36 IST

बड़ा गुणकारी है ये गूलर का पेड़, पत्ती से लेकर जड़ तक में औषधीय गुण, जानें इसके कमाल के फायदे

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X बड़ा गुणकारी है ये गूलर का पेड़, पत्ती से लेकर जड़ तक में औषधीय गुण, जानें   Health Tips: विंध्य क्षेत्र की वादियों में कई ऐसी औषधीय वनस्पतियां पाई जाती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. इन्हीं में से एक है गूलर का पेड़, जिसे आयुर्वेद में अत्यंत उपयोगी माना गया है. सीधी के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह के अनुसार, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गूलर का विशेष रूप से उपयोग किया गया था. गूलर के पत्तों, फलों और तने का सेवन कई प्रकार की बीमारियों में लाभकारी साबित होता है. आयुर्वेद में इसे अंजीर के समान गुणकारी माना गया है. गूलर की शाखाएं मोटी होती हैं और इसके पत्ते दिल के आकार और खुरदरी सतह वाले होते हैं. इसके फल लगभग 2 से 3 सेंटीमीटर व्यास के होते हैं, जो पकने पर हरे से पीले या लाल रंग में बदल जाते हैं. इस पेड़ पर सालभर फूल और फल लगते हैं, हालांकि जुलाई से दिसंबर के बीच इसकी पैदावार अधिक होती है. इसके पके फलों का सेवन शरीर को ताकत देता है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में सहायक माना जाता है.