Lakme Fashion Week 2026 Mumbai Inauguration

24 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में ‘लैक्मे फैशन वीक 2026’ (LFW) की शुरुआत हो चुका है। 19 मार्च से शुरू हुए इस पांच दिन के फैशन इवेंट के पहले दिन कई बड़े डिजाइनर्स ने अपना लेटेस्ट कलेक्शन पेश किया। इवेंट में शाहरुख खान की पत्नी गौरी खान, अनन्या पांडे, डेजी शाह, कुब्रा सेठ और राधिका मदन जैसे सेलेब्स शामिल हुए। वहीं एक्टर सिद्धार्थ और हार्दिक पांड्या की गर्लफ्रेंड मॉडल माहिका शर्मा भी फोकस में रहे। पहले दिन ‘द बॉयज क्लब’ से लेकर अनामिका खन्ना के ‘AK|OK’ लेबल तक, रैंप पर ट्रेडिशनल और मॉडर्न स्टाइल का शानदार फ्यूजन देखने को मिला। देखें इवेंट की तस्वीरें एक्ट्रेस डेजी शाह लेकमे फैशन वीक में शामिल हुईं। एक्ट्रेस कुब्रा सेठ व्हाइट आउट्फिट में नजर आईं। सिंगर पपोन अपनी पत्नी के साथ इवेंट में शामिल हुए। अनन्या पांडे ने फैशन वीक में रैंप वॉक की। इवेंट में राधिका मदान ने रैंप वॉक की। फैशन वीक में शाहरुख खान की पत्नी गौरी खान भी शामिल हुईं। अनामिका खन्ना के आउटफिट में पहुंची माहिका शर्मा पहले दिन का समापन मशहूर डिजाइनर अनामिका खन्ना के शो के साथ हुआ। उन्होंने अपने लेबल ‘AK|OK’ के तहत वर्सटाइल और ग्लैमरस आउटफिट्स पेश किए। मॉडल माहिका शर्मा अनामिका खन्ना के खास आउटफिट में रैंप पर उतरीं। इस कलेक्शन में धोती पैंट, रफल्ड टॉप, को-ऑर्ड सेट्स और फ्लोर लेंथ गाउन्स पर फोकस किया गया। अनामिका का यह कलेक्शन ‘ईज ऑफ शेप’ यानी आरामदायक और स्टाइलिश कपड़ों के लिए डिजाइन किया गया था। सिद्धार्थ का ‘देसी’ लुक और मेन्सवियर का जलवा डिजाइनर विवेक करुणाकरण के लिए साउथ और बॉलीवुड एक्टर सिद्धार्थ शोस्टॉपर बने। उन्होंने ब्राउन सिल्क कोट के साथ ड्रेप्ड धोती पैंट पहनी थी। उनके इस ‘अर्थी टोन’ (मिट्टी जैसे रंग) वाले लुक को दर्शकों ने काफी पसंद किया। सिद्धार्थ के अलावा ‘द बॉयज क्लब’ सेगमेंट में कंट्रीमेड, ध्रुव वैश और साहिल अनेजा जैसे डिजाइनर्स ने पुरुषों के लिए नए जमाने के फैशन ट्रेंड्स दिखाए। साड़ी और मॉडर्न डिजाइन का तालमेल डिजाइनर जोड़ी अब्राहम एंड ठाकुर ने फ्रेंच लाइफस्टाइल ब्रांड ‘L’Atelier 1664’ के साथ मिलकर ‘साड़ी-टोरियल’ कलेक्शन लॉन्च किया। इसमें भारतीय साड़ी को मॉडर्न फ्रेंच टच के साथ पेश किया गया। वहीं, ‘चोला’ ब्रांड ने ‘एकोस इन मोनोक्रोम’ प्रेजेंटेशन के जरिए सिर्फ ब्लैक और व्हाइट रंगों में बोल्ड और स्ट्रक्चर्ड डिजाइन दिखाए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
टैगोर पार्क में कंटूर खोदकर मंत्री-अफसरों ने श्रमदान किया:खंडवा में मंत्री विजय शाह ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का शुभारंभ किया

खंडवा जिले में गुरुवार को तीसरे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का भव्य शुभारंभ हुआ। जिला स्तरीय कार्यक्रम शहर के टैगोर पार्क में आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने जल संरक्षण का संदेश देते हुए जल ग्रहण संरचना निर्माण के लिए श्रमदान किया। कार्यक्रम में महापौर अमृता अमर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी सुदेश वानखेडे, कलेक्टर ऋषव गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा और नगर निगम आयुक्त प्रियंका राजावत सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। साढ़े तीन महीने चलेगा अभियान मंत्री डॉ. विजय शाह ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत प्रदेश के सभी जिलों, नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में जल स्रोतों और नदियों के किनारे की जा रही है। यह अभियान करीब साढ़े तीन महीने तक चलेगा और इसका समापन 30 जून को होगा। 18 विभाग मिलकर करेंगे काम कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने जानकारी दी कि इस अभियान में सरकार के कुल 18 विभाग शामिल रहेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग और नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग को सह-नोडल विभाग बनाया गया है। अभियान के तहत जल संरक्षण, संवर्धन और संरचनाओं के निर्माण पर विशेष जोर रहेगा। विक्रमोत्सव में ‘सम्राट विक्रमादित्य’ नाट्य मंचन गुड़ी पड़वा के अवसर पर विक्रमोत्सव-2026 के तहत स्थानीय किशोर कुमार सभागृह में ‘सूर्य उपासना’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मंत्री डॉ. विजय शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत ब्रह्म ध्वज वंदन से हुई। इसके बाद ‘नट निमाड़’ कला समूह ने श्री विजय सोनी के निर्देशन में ‘सम्राट विक्रमादित्य’ नाट्य का मंचन किया, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा।
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह आज:सीएम और राज्यपाल शामिल होंगे, 600 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों की सौगात भी देंगे

राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार 17 मार्च को उज्जैन में आयोजित विक्रम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह मे शामिल होंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम अनुसार राज्यपाल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को अन्य कार्यक्रमों में भी सम्मिलित होंगे। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के 30 वां दीक्षांत समारोह का आयोजन मंगलवार सुबह 11 बजे होगा। विश्वविद्यालय के माधव भवन प्रशासनिक परिसर स्थित स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित होने वाले समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं राज्यपाल मंगुभाई पटेल करेंगे। सीएम दीक्षांत समारोह के बाद शिप्रा विहार वाणिज्यिक परिसर के सामने त्रिवेणी विहार योजना स्थल पर 77 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले गीता भवन का भूमि पूजन भी करेंगे। इस दौरान वे अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल और सीएम के साथ राज्यसभा सांसद राष्ट्रीय संत बालयोगी उमेशनाथ महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया,सम्मानीय अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। इस अवसर पर सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के 103 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, 74 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि और 01 विद्यार्थी को डी-लिट की उपाधि प्रदान की जाएगी। दीक्षांत समारोह के बाद सीएम मोहन यादव उज्जैन शहर को 700 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों की सौगात देंगे। दोपहर 01 बजे से शिप्रा विहार वाणिज्यिक परिसर के सामने त्रिवेणी विहार योजना स्थल पर 77 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले गीता भवन का भूमि पूजन करेंगे। गीता भवन का निर्माण 1 लाख वर्ग फीट पर त्रिवेणी विहार योजना में सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। इस परियोजना अंतर्गत गीता भवन परिसर में आडिटोरियम 12700 वर्ग फीट, ई-लाईब्रेरी 3600 वर्ग फीट में निर्माण कार्य किया जाएगा। उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा कियान्वित की जा रही नगर विकास योजनाओं एवं सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों के अंतर्गत 662.46 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा।
पहले पहाड़ खत्म कराएं, अब पानी बचाने की मुहिम:खंडवा की देशगांव घाटी पर 8 हजार कंटूर ट्रेंच खुदेंगे, कलेक्टर ने चलाई गेंती

खंडवा-इंदौर नेशनल हाईवे पर स्थित देशगांव घाटी की जमीन पर अब जल संरक्षण के लिए मुहिम शुरू की गई हैं। यहां सैकड़ों एकड़ जमीन पर 8 हजार कंटूर ट्रेंच खोदे जाने का प्लान जनपद पंचायत छैगांवमाखन ने बनाया हैं। सोमवार को कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने पंडित से भूमिपूजन कराया और खुद गेंती चलाकर भूमिपूजन किया हैं। खंडवा जिले में भूजल संरक्षण के लिए गांव का पानी गांव में अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत छैगांवमाखन जनपद के ग्राम देशगांव में सोमवार को प्रशासन और नेताओं की मौजूदगी में कंटूर ट्रेंच खुदाई के कार्य का शुभारंभ किया गया। इस दौरान कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कंटूर ट्रेंच खुदाई कार्य के लिए श्रमदान किया, और मौजूद ग्रामीणों, अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को जल संग्रहण संबंधी शपथ दिलाई। कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, जनपद अध्यक्ष छैगांवमाखन महेंद्र सावनेर, जिला पंचायत सदस्य श्रीराम चौधरी, नानकराम बरवाहे सहित जनपद सदस्य प्रतिनिधि देवेंद्रसिंह गौड़, सीईओ पंकज डाले व पंचायत प्रतिनिधि मौजूद थे। कारोबियों ने खत्म कर दी देशगांव घाटी बता दें कि, हाईवे पर मौजूद देशगांव घाटी को 150 फीट तक खोदकर नेशनल हाईवे का फोरलेन रास्ता निकाला गया हैं। एक तरफ जहां एनएचएआई ने रास्ते को सुगम बनाने के लिए पहाड़ी को खोदकर समतल किया हैं। वहीं दूसरी ओर शहर के कारोबियों ने पहाड़ी वाली जमीन खरीदकर बाद में उसे समतल करा लिया और पेट्रोल पंप खोल लिए। इस प्रकिया में कारोबारी ने खनिज विभाग और शासन को एक रूपए की रायल्टी तक जमा नहीं कराई। जबकि कारोबियों ने पहाड़ को पूरी तरह खत्म कर दिया।
PM Modi Inaugurates Indias First Make in India Semiconductor Project in Gujarat

Hindi News National PM Modi Inaugurates Indias First Make In India Semiconductor Project In Gujarat साणंद (गुजरात)3 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को गुजरात दौरे पर रहेंगे। वे दोपहर 3.45 बजे अहमदाबाद के पास साणंद में माइक्रोन टेक्नोलॉजी (Micron Technology) की सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) फैसिलिटी का उद्घाटन करेंगे। इस प्लांट में पहली बार मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर मेमोरी मॉड्यूल्स का कमर्शियल प्रोडक्शन और शिपमेंट शुरू होगा। यह केंद्र सरकार के मेक इन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का पहला प्रोजेक्ट है। यह प्लांट 22,516 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री यहां मौजूद लोगों को संबोधित भी करेंगे। एटीएमपी टेक्नोलॉजी पर आधारित है प्लांट यह प्लांट एटीएमपी (असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग) टेक्नोलॉजी पर आधारित है। प्लांट में सेमीकंडक्टर चिप्स को जोड़ा जाएगा, उनकी जांच की जाएगी, उन पर जरूरी मार्किंग और फिर पैकेजिंग की जाएगी। इससे देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को मजबूती मिलेगी और देश टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। अब तक भारत माइक्रो चिप्स के मामले में आयात पर निर्भर रहा है। ऐसे में यह प्लांट देश में तकनीकी विकास, निवेश और रोजगार के नए रास्ते खोलेगा। साथ ही, यह ‘मेक इन इंडिया’ और डिजिटल भारत जैसे अभियानों को भी गति देगा। यह प्लांट एटीएमपी (असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग) टेक्नोलॉजी पर आधारित है। अमेरिका की माइक्रोन कंपनी ने लगाया है प्लांट अमेरिकी माइक्रोचिप निर्माता कंपनी माइक्रोन कंपनी ने यह प्लांट लगाया है। इसके लिए अगस्त-2023 में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल की मौजूदगी में MoU पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस MoU से पहले जुलाई-2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका गए थे और वहां माइक्रोन कंपनी ने गुजरात में प्लांट लगाने का ऐलान किया था। गुजरात में सेमीकंड्क्टर के चार प्लांट केंद्र सरकार ने 2023 में साणंद में माइक्रोन के पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की स्थापना को मंजूरी दी थी। इसके बाद, फरवरी 2024 में धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सेमीकंडक्टर संयंत्र साणंद में सीजी पावर के ऐसे ही प्लांट की मंजूरी दी थी। गुजरात का चौथा प्लांट भी साणंद ही जगह लेने वाला है। यह प्लांट कीन्स सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 3300 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश से स्थापित किया जाएगा। यह प्लांट 22,516 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है। सेमीकंडक्टर पॉलिसी बनाने वाला गुजरात पहला राज्य गुजरात सरकार ने 2022 से 2027 तक के लिए सेमीकंडक्टर नीति बनाई है और यह नीति बनाने वाला भारत का पहला राज्य है। ‘गुजरात सेमीकंडक्टर नीति 2022-27’ के तहत सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को सब्सिडी और प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रोजेक्ट के लिए कुल 75 प्रतिशत सब्सिडी और जमीन खरीद पर जीरो स्टांप शुल्क की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही पहले 5 साल तक प्लांट को 12 रुपए प्रति क्यूबिक मीटर की दर से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। ——————- पीएम मोदी के जनवरी में गुजरात दौरे की ये खबर भी पढ़ें… मोदी जर्मन चांसलर से मिले, साथ मिलकर पतंग उड़ाई: कहा- भारत में 2000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच सोमवार को गांधीनगर के महात्मा मंदिर कनवेंशन सेंटर में द्विपक्षीय वार्ता हुई। वार्ता के बाद पीएम ने कहा- भारत-जर्मनी करीबी सहयोगी हैं। इसीलिए आज भारत में 2000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां हैं। यह जर्मनी के भारत के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
सिवनी में स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के दिव्य स्तंभ का लोकार्पण:वर्चुअली शामिल हुए सीएम डॉ. मोहन यादव; देर रात तक हुए धार्मिक आयोजन

सिवनी के शंकराचार्य चौक पर ब्रह्मलीन स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के दिव्य स्तंभ का लोकार्पण कार्यक्रम हुआ। इस गरिमामय समारोह में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए और जनसमूह को संबोधित किया। सीएम ने स्वामी के योगदान को किया याद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का जीवन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के संरक्षण को समर्पित था। उन्होंने सिवनी में इस दिव्य स्तंभ की स्थापना को गौरव का विषय बताते हुए कहा कि यह स्तंभ भविष्य में लोगों को धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देगा। साथ ही मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा सनातन मूल्यों के आधार पर किए जा रहे कार्यों और कृष्ण लीला स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करने की योजना का भी उल्लेख किया। संतों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति कार्यक्रम में स्वामी सदानंद सरस्वती विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने आदि शंकराचार्य और स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के आध्यात्मिक योगदान बताया। इस दौरान आचार्य महामंडलेश्वर रामकृष्णानंद और ब्रह्मचारी सुबुद्धानंद सहित अन्य संत भी मौजूद थे। लोकार्पण अवसर पर विधायक दिनेश राय, डीआईजी राकेश सिंह, कलेक्टर शीतला पटले और पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मेहता सहित अन्य अधिकारी व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। देर रात तक हुए धार्मिक आयोजन दिव्य स्तंभ के लोकार्पण के बाद कार्यक्रम स्थल पर भजन, प्रवचन और आरती जैसे विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने देर रात तक इन कार्यक्रमों में शामिल होकर अपनी श्रद्धा प्रकट की। देखें तस्वीरें…
नीमच में चार दिवसीय फाग महोत्सव शुरू:पहले दिन नीलकंठ महादेव मंदिर से निकली निशान यात्रा; तीन दिन होंगे आयोजन

नीमच शहर में बुधवार से चार दिवसीय फाग महोत्सव की शुरुआत हो गई है। महोत्सव के पहले दिन मनासा रोड स्थित बोरखेड़ी के नीलकंठ महादेव मंदिर से एक विशाल निशान यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्याम भक्त शामिल हुए। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी यात्रा यह निशान यात्रा नीलकंठ महादेव मंदिर से शुरू होकर मनासा नाका और नीमच सिटी होते हुए शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी। यात्रा के दौरान भक्त श्याम भजनों पर नृत्य करते हुए चल रहे थे। मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। देर शाम यह यात्रा खाटू श्याम मंदिर पहुंची, जहां भक्तों ने बाबा के दर्शन किए। यह आयोजन प्राचीन श्री श्याम मंदिर और बावड़ी वाले बालाजी के नेतृत्व में किया गया। पालकी यात्रा और छप्पन भोग होगा महोत्सव के तहत अगले तीन दिनों तक विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे: 26 फरवरी (गुरुवार): नरसिंह मंदिर घंटाघर से बाबा की भव्य पालकी यात्रा निकाली जाएगी। 27 फरवरी (शुक्रवार): फागुन एकादशी पर बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार होगा। इस दिन छप्पन भोग लगाकर महाआरती और प्रसाद वितरण किया जाएगा। 28 फरवरी (शनिवार): अखंड जोत और भव्य कीर्तन के साथ चार दिवसीय महोत्सव का समापन होगा। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से इन कार्यक्रमों में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।
इंपैक्ट फीचर:मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स ने पटना के कंकड़बाग में नए शोरूम का उद्घाटन किया

मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स ने कंकड़बाग, पटना में अपने नए शोरूम का उद्घाटन किया, जिससे बिहार के सबसे प्रतिष्ठित आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति और मजबूत हुई। इस लॉन्च के साथ, ब्रांड अब पटना में बोरिंग रोड और हथवा मार्केट स्थित मौजूदा शोरूमों के अलावा कुल तीन शोरूम संचालित कर रहा है। सन स्क्वायर वार्ड, कंकड़बाग मार्ग, पटना में स्थित यह शोरूम 6,100 वर्ग फुट क्षेत्रफल में फैला हुआ है और इसे ग्राहकों को सुव्यवस्थित एवं आरामदायक खरीदारी अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। इसका लेआउट संगठित उत्पाद प्रदर्शन, आसान चयन और व्यक्तिगत सेवा को समर्थन देता है, जो मलाबार के रिटेल मानकों के अनुरूप है। इस शोरूम का उद्घाटन बिहार विधान सभा के सदस्य संजय कुमार गुप्ता ने किया। इस अवसर पर मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की प्रबंधन टीम, विशिष्ट अतिथि एवं सम्मानित ग्राहक उपस्थित रहे। ग्राहकों की पसंद के अनुरूप कंकड़बाग शोरूम में सोना, हीरा, प्लैटिनम, चांदी और रत्नों से बने आभूषणों की विस्तृत शृंखला उपलब्ध है, जिसमें मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स के विशिष्ट कलेक्शन भी शामिल हैं। इस संग्रह में दुल्हन के आभूषण, पारंपरिक आभूषण, त्योहारों के लिए डिजाइन, दैनिक उपयोग के डिजाइन और आधुनिक शैली के आभूषण शामिल हैं, जो शहर के बहु-पीढ़ी वाले ग्राहकों की पसंद के अनुरूप हैं। लॉन्च पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मलाबार ग्रुप के चेयरमैन एमपी अहमद ने कहा, पटना एक स्थिर और परंपरा-आधारित आभूषण बाजार है, जहां खरीदारी के निर्णय विश्वास और दीर्घकालिक संबंधों पर आधारित होते हैं। शहर में हमारे मौजूदा शोरूमों से ग्राहकों की प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है। कंकड़बाग में नए शोरूम के साथ हम पटना में अपनी पहुंच को और मजबूत कर रहे हैं तथा पारदर्शिता, प्रामाणिकता और निरंतर सेवा मानकों के साथ विश्वस्तरीय आभूषण प्रदान करने के अपने संकल्प पर कायम हैं। मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स अपने सभी शोरूमों में एक समान ग्राहक आश्वासन प्रक्रियाओं का पालन करता है। ग्राहकों को एचयूआईडी-अनुपालक सोना, प्रमाणित हीरे, विस्तृत बिलिंग विवरण के साथ पूर्ण पारदर्शिता तथा “वन इंडिया वन गोल्ड रेट” नीति का लाभ मिलता है, जिससे पूरे देश में सोने की कीमत एक समान रहती है। ब्रांड सोने और माइन डायमंड्स पर 100 प्रतिशत एक्सचेंज मूल्य, निःशुल्क बीमा तथा आजीवन रखरखाव सेवा भी प्रदान करता है। इस लॉन्च के साथ, मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स स्थानीय खरीद व्यवहार के अनुरूप अपने रिटेल प्रारूप को ढालते हुए सभी बाजारों में समान गुणवत्ता मानकों और संरचित प्रक्रियाओं को बनाए रखता है। मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स के बारे में मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की स्थापना वर्ष 1993 में हुई थी और यह मलाबार ग्रुप की प्रमुख कंपनी है, जो एक अग्रणी विविधीकृत भारतीय व्यावसायिक समूह है। 7.36 बिलियन अमेरिकी डॉलर के वार्षिक कारोबार के साथ, कंपनी वर्तमान में वैश्विक स्तर पर 5वीं सबसे बड़ी ज्वेलरी रिटेलर के रूप में स्थान रखती है। यह 14 देशों में 420 से अधिक शोरूम संचालित करती है, जिन्हें भारत, मध्य पूर्व, सुदूर पूर्व, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में स्थित कार्यालयों, डिजाइन सेंटरों, थोक इकाइयों और विनिर्माण सुविधाओं का समर्थन प्राप्त है। 3,500 से अधिक शेयरधारकों के स्वामित्व वाले इस समूह में 26 से अधिक देशों के 30,000 से अधिक पेशेवर कार्यरत हैं। ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक एवं शासन) समूह की मूल प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसमें स्वास्थ्य, आवास, भूख उन्मूलन, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण प्रमुख फोकस क्षेत्र हैं। समूह अपने संचालन वाले प्रत्येक देश में सामाजिक उत्तरदायित्व पहलों के लिए अपने लाभ का पाँच प्रतिशत योगदान करता है।
Betul Collector Launches Four-Day Training for Census 2027 Prep

देशभर में अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली जनगणना-2027 की तैयारियों के तहत बैतूल में शुक्रवार से चार दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित किया जा रहा है। . कार्यक्रम का उद्घाटन कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर व जिला जनगणना अधिकारी वंदना जाट, सीईओ जिला पंचायत अक्षत जैन, जिला योजना अधिकारी नरेंद्र गौतम सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और मास्टर ट्रेनर मौजूद रहे। जनगणना: देश की स्थिति का सटीक दस्तावेज कलेक्टर सूर्यवंशी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का आधारभूत दस्तावेज है। उन्होंने सभी चार्ज अधिकारियों को जनगणना अधिनियम एवं नियमों का गंभीरता से अध्ययन करने और उन्हें व्यवहार में लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एकत्रित की गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है और इसे किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता। दो चरणों में होगा प्रशिक्षण यह प्रशिक्षण 23 से 26 फरवरी तक दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले दो दिन ग्रामीण क्षेत्रों के चार्ज अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि अगले दो दिन नगरीय अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। जनगणना निदेशालय के भरतलाल गौर, ट्रेनर आयुषी भावसार और आयुषी यादव ने मकान सूचीकरण, परिवार विवरण संकलन और डिजिटल डेटा फीडिंग की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। फील्ड स्तर पर सटीक क्रियान्वयन के निर्देश कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण में दी गई जानकारी को फील्ड स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए, ताकि गणनाकर्मी सर्वेक्षण के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि न करें। उन्होंने जनगणना को विकास योजनाओं की आधारशिला बताते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और शहरी-ग्रामीण विकास की दिशा इन्हीं आंकड़ों के आधार पर तय होती है। 1872 से शुरू हुआ इतिहास भारत में जनगणना की शुरुआत 1872 में ब्रिटिश शासनकाल में हुई थी, जबकि पहली व्यवस्थित जनगणना 1881 में संपन्न हुई। तब से यह प्रक्रिया हर दस वर्ष में नियमित रूप से आयोजित की जाती रही है। कोविड-19 महामारी के कारण 2021 की जनगणना स्थगित हो गई थी। अब इसे 2027 में आयोजित किया जाएगा, जिसकी तैयारियां अप्रैल 2026 से प्रारंभ होंगी।
Bangladesh PM Oath Ceremony | Taique Rehman; Lok Sabha Speaker Om Birla Attends

ढाका3 दिन पहले कॉपी लिंक तारिक रहमान ने मंगलवार शाम बांग्लादेश के पीएम पद की शपथ ली। बांग्लादेश में BNP अध्यक्ष तारिक रहमान नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने संसद भवन में तारिक को पीएम पद की शपथ दिलाई। तारिक रहमान पहली बार प्रधानमंत्री बने हैं। इससे पहले आज दोपहर में BNP के सांसदों ने उन्हें संसदीय दल का नेता चुना था। वह पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं। 17 साल तक लंदन में रहने के बाद वह दो महीने पहले ही बांग्लादेश लौटे थे। रहमान के अलावा 25 कैबिनेट मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को भी पद की शपथ दिलाई है। इनमें एक हिंदू मंत्री निताई रॉय चौधरी और एक बौद्ध मंत्री दिपेन देवान चकमा भी शामिल है। 25 कैबिनेट मंत्रियों में से 17 नए चेहरे हैं। सभी 24 राज्य मंत्री नए हैं। उनके शपथ ग्रहण समारोह में भारत के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी मौजूद रहे। वहीं पीएम मोदी ने तारिक रहमान को भारत आने का न्योता दिया। पिछले गुरुवार को हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 299 में से 209 सीटें जीतकर बहुमत के लिए जरूरी 150 के आंकड़े को पार कर लिया था। इसके अलावा 3 सीटों पर उसकी सहयोगी पार्टियों ने जीत हासिल की। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने तारिक रहमान को प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई। बाद में दोनों ने हाथ मिलाया। तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद हस्ताक्षर किए। शपथ ग्रहण में स्पीकर ओम बिरला, बांग्लादेश के पूर्व चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस समेत दुनियाभर के कई नेता मौजूद रहे। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह देखने के लिए हजारों लोग संसद भवन के पास पहुंचे। ओम बिरला ने तारिक रहमान से मुलाकात की भारत के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने तारिक रहमान से मुलाकात की। उन्होंने नई सरकार बनने पर भारत की ओर से शुभकामनाएं दीं। यह मुलाकात ढाका में नई सरकार के शपथ लेने के तुरंत बाद हुई। बैठक के दौरान ओम बिरला ने तारिक रहमान को भारत आने का निमंत्रण दिया। भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह ने बताया कि दोनों नेताओं ने भरोसा जताया कि भारत और बांग्लादेश मिलकर आम लोगों के हित में काम करेंगे। मुलाकात में दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग को बढ़ाने की बात कही, जिससे दोनों देशों के लोगों को सीधा फायदा मिले और रिश्ते और मजबूत हों। ओम बिरला ने तारिक रहमान को शुभकामना पत्र भी दिया। संविधान बदलाव को लेकर सियासी टकराव तेज इस बीच संविधान में बदलाव को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। दरअसल, 12 फरवरी को संसद चुनाव के साथ ‘जुलाई चार्टर’ पर जनमत संग्रह भी हुआ था। इसमें 62% लोगों ने ‘हां’ में वोट दिया। जुलाई चार्टर के मुताबिक नई संसद 180 दिनों के लिए संविधान सभा की तरह काम करेगी। इस अवधि के दौरान संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं में बदलाव किए जाते। जुलाई चार्टर का मकसद देश में ताकत का एकाधिकार खत्म करना और संतुलन बनाना है। इससे प्रधानमंत्री की ताकत घट जाती और राष्ट्रपति को अधिकार दिए जाते। BNP ने जुलाई चार्टर पर हस्ताक्षर तो किए थे, लेकिन उसके नेता कई प्रावधानों पर आपत्ति जता रहे हैं। पार्टी का कहना है कि चार्टर तैयार करते समय उनसे सलाह नहीं ली गई थी। BNP बोली- संविधान में ऐसी किसी परिषद का प्रावधान नहीं BNP के स्टैंडिंग कमिटी सदस्य और सांसद सलाहुद्दीन अहमद ने बताया कि पार्टी के कोई भी सांसद इस परिषद के सदस्य के रूप में शपथ नहीं लेंगे। वर्तमान संविधान में ऐसी किसी परिषद का कोई प्रावधान नहीं है और न ही कोई अलग शपथ का फॉर्मेट मौजूद है। उनका कहना है कि संसद सदस्य केवल संसद के लिए चुने गए हैं, संवैधानिक सुधार परिषद के लिए नहीं। इस परिषद को वैध बनाने के लिए पहले संविधान में संशोधन करके इसे शामिल करना होगा, फिर संसद में इसे अपनाना होगा और उसके बाद ही शपथ का कोई कानूनी आधार बनेगा। यह परिषद जुलाई चार्टर के तहत संवैधानिक सुधारों को लागू करने के लिए बनाई गई है। योजना थी कि नए संसद सदस्य के साथ-साथ इस परिषद के सदस्य भी बनें और दोनों के लिए शपथ लें, लेकिन BNP ने इसे असंवैधानिक बताते हुए केवल संसद सदस्य की शपथ ली है। जुलाई चार्टर से कोई नेता अधिकतम 10 साल ही पीएम रह सकेगा जुलाई चार्टर के तहत PM के लिए जीवनभर कुल 10 साल (या अधिकतम दो टर्म) की सख्त टर्म लिमिट लगाई गई है, ताकि कोई लंबे समय तक सत्ता में न रह सके। PM पार्टी चीफ के पद के साथ नहीं रह सकता, इमरजेंसी घोषणा के लिए कैबिनेट और विपक्षी लीडर की लिखित सहमति जरूरी होगी। प्रेसिडेंट की भूमिका मजबूत होगी, जैसे कई स्वतंत्र संस्थाओं के प्रमुखों की नियुक्ति में प्रेसिडेंट को ज्यादा स्वतंत्र अधिकार मिलेंगे, जो पहले PM के प्रभाव में थे। बाइकैमरल संसद (ऊपरी सदन) बनने से PM-केंद्रित निचले सदन के फैसलों पर कंट्रोल लगेगा और कई संस्थाओं के लिए अलग सेलेक्शन कमिटी बनेंगी, जिससे PM का एकतरफा नियंत्रण कम होगा। नेशनल पार्लियामेंट में नवनिर्वाचित सांसदों ने शपथ ली बांग्लादेश की 13वीं नेशनल पार्लियामेंट के नवनिर्वाचित सदस्यों ने मंगलवार को नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में शपथ ली। सुबह करीब 10:42 बजे (स्थानीय समयानुसार) मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने सांसदों को शपथ दिलाई। बांग्लादेशी मीडिया प्रथोम ओलो के मुताबिक, यह शपथ ग्रहण समारोह कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित हुआ, जिसमें 1,000 से ज्यादा स्थानीय और विदेशी मेहमान शामिल हुए। शपथ ग्रहण समारोह से पहले कुरान पढ़ी गई। मुख्य समारोह शाम 4 बजे शुरू होगा। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन निर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान और उनके शुरुआती मंत्रिमंडल को पद की शपथ दिलाएंगे। शपथ ग्रहण समारोह के लिए 13 देशों को आधिकारिक न्योता भेजा गया है, जिनमें भारत, चीन, पाकिस्तान जैसे बड़े नाम शामिल हैं। भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला बांग्लादेश पहुंचे हैं। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिश्री भी शामिल होंगे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला आज तारिक रहमान के शपथ समारोह में शामिल होने के लिए बांग्लादेश पहुंचे हैं। कई देशों और क्षेत्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए व्यक्ति देश/संगठन ओम बिरला लोकसभा स्पीकर,








