Friday, 31 Jul 2026 | 04:55 AM

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Unite8Sports, Zee5 Stream; India Rights Secured

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Hindi News Business FIFA World Cup 2026 LIVE: Unite8Sports, Zee5 Stream; India Rights Secured नई दिल्ली18 मिनट पहले कॉपी लिंक फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको संयुक्त मेजबान हैं। भारत में फीफा वर्ल्ड कप 2026 टीवी पर ‘युनाइट 8 स्पोर्ट्स’ और जी5 (Zee5) एप पर देख सकेंगे। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेस लिमिटेड (ZEEL) ने वर्ल्ड कप 2026 और इसके आगामी एडिशन को भी ऑफिशियल ब्रॉडकास्ट करेगा। युनाइट 8 स्पोर्ट्स कंपनी का नया स्पोर्ट्स चैनल है। फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। इस टूर्नामेंट में 48 टीमें हिस्सा लेंगी और 104 मैच खेले जाएंगे। टाइम जोन की वजह से भारतीय ब्रॉडकास्टर्स दिलचस्पी नहीं ले रहे थे जी एंटरटेनमेंट ने घोषणा की है कि उसने 2026 और 2030 के फीफा मेंस वर्ल्ड कप, 2027 के फीफा विमेंस वर्ल्ड कप और 2034 तक होने वाले अन्य प्रमुख फीफा इवेंट्स के मीडिया राइट्स हासिल कर लिए हैं। इसमें भारतीय मार्केट के लिए डॉक्यूमेंट्री-सीरीज कंटेंट भी शामिल है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ब्रॉडकास्ट राइट्स की यह घोषणा टूर्नामेंट शुरू होने से दो हफ्ते से भी कम समय पहले की गई है। टाइम जोन के अंतर की वजह से भारत में अधिकांश मैचों का लाइव टेलीकास्ट आधी रात के बाद शुरू होगा। इस वजह से भारतीय ब्रॉडकास्टर्स दिलचस्पी नहीं ले रहे थे। वर्ल्ड कप का 23वां एडिशन, मुकाबले 16 शहरों में खेले यह वर्ल्ड कप का 23वां एडिशन होगा। इसके मुकाबले 16 शहरों में खेले जाएंगे। इस बार वर्ल्ड कप का ओपनिंग मैच 11 जून 2026 को मेक्सिको सिटी में खेला जाएगा। इसमें मेजबान देश मेक्सिको और साउथ अफ्रीका आमने-सामने होंगे। यह पहला मौका होगा जब तीन देश अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहे हैं। फ्रांस के ग्रुप में सेनेगल और नॉर्वे डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना को ग्रुप जे में रखा गया है। स्पेन ग्रुप एच में है, फ्रांस ग्रुप आई में, जर्मनी ग्रुप ई में, पुर्तगाल ग्रुप के में और इंग्लैंड ग्रुप एल में है। ग्रुप एच, आई, जे, के और एल को ग्रुप ऑफ डेथ माना जा रहा है, क्योंकि इनमें मजबूत टीमें हैं। स्पेन के ग्रुप में उरुग्वे और सऊदी अरब जैसी टीमें हैं, जिन्होंने पिछले वर्ल्ड कप में कई उलटफेर किए थे। फ्रांस के ग्रुप में सेनेगल और नॉर्वे जैसी अच्छी टीमें हैं। इस बार चार देश पहली बार वर्ल्ड कप में दिखेंगे केप वेर्डे (68 रैंक), कुराकाओ (82 रैंक), जॉर्डन (66 रैंक), उज्बेकिस्तान (50 रैंक) पहली बार वर्ल्ड कप में खेलेंगे। इसके अलावा, हैती 1974 के बाद पहली बार आया है। ऑस्ट्रिया, नॉर्वे और स्कॉटलैंड 1998 के बाद लौट रहे हैं। वहीं, कुछ प्लेऑफ टीमों (अल्बानिया, कोसोवो, न्यू कैलिडोनिया, सूरीनाम) के पास भी पहली बार क्वालिफाई करने का मौका है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

India-US Trade Talks | Interim Deal Finalized? India to Buy $500 Billion US Products

India-US Trade Talks | Interim Deal Finalized? India to Buy $500 Billion US Products

Hindi News Business India US Trade Talks | Interim Deal Finalized? India To Buy $500 Billion US Products नई दिल्ली10 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत और अमेरिका के बीच आज यानी सोमवार से 4 दिनों की हाई लेवल व्यापारिक बातचीत शुरू होगी। दोनों देशों के अधिकारी दिल्ली में उस अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देंगे, जिसके फ्रेमवर्क पर इसी साल फरवरी में सहमति बनी थी। बैठक का उद्देश्य अंतरिम समझौते को आखिरी कानूनी रूप देना इस 4 दिवसीय बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वहां के मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं। वहीं, भारतीय टीम की कमान वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और मुख्य वार्ताकार दर्पन जैन के हाथों में है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अंतरिम समझौते के कानूनी रूप से अंतिम रूप देना है। इसके साथ ही दोनों पक्ष व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के तहत मार्केट एक्सेस, नॉन-टैरिफ मेजर्स, कस्टम्स, ट्रेड फैसिलिटेशन, इन्वेस्टमेंट प्रमोशन और इकोनॉमिक सिक्योरिटी एलाइनमेंट जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बातचीत को आगे बढ़ाएंगे। फरवरी में बना था फ्रेमवर्क: अब ट्रंप के नए फैसलों के बाद फिर से करना होगा री-कैलकुलेशन दोनों देशों ने 7 फरवरी को द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के रूप में एक अंतरिम समझौते के ढांचे को अंतिम रूप दिया था। इसके तहत अमेरिका भारत पर टैरिफ को 50% से घटाकर 18% करने पर सहमत हुआ था। साथ ही, रूसी तेल खरीदने के कारण भारतीय सामानों पर लगे 25% टैरिफ को हटा दिया गया था और बचे हुए 25% को घटाकर 18% किया जाना था। 20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए भारी रेसिप्रोकल टैरिफ के खिलाफ फैसला सुना दिया। इसके बाद ट्रंप ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10% का समान टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी। इस बड़े बदलाव के कारण फरवरी में होने वाली वार्ता टल गई थी। बाद में अप्रैल (20 से 23 अप्रैल) में भारतीय टीम ने वाशिंगटन का दौरा किया था, और अब अमेरिकी टीम बातचीत को आगे बढ़ाने भारत आई है। बदले हुए माहौल में दोनों देशों को इस डील का दोबारा री-कैलकुलेशन करना होगा। भारत खरीदेगा $500 बिलियन के अमेरिकी प्रोडक्ट तय किए गए मौजूदा फ्रेमवर्क के तहत भारत ने अमेरिका के सभी इंडस्ट्रियल गुड्स और कृषि उत्पादों पर से टैरिफ हटाने या कम करने का प्रस्ताव दिया है। इसमें मुख्य रूप से ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDGs), पशु चारे के लिए रेड सोरघम (लाल ज्वार), ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं। इसके बदले में भारत ने अगले 5 सालों में अमेरिका से करीब 500 बिलियन डॉलर (लगभग ₹47 लाख करोड़) के एनर्जी प्रोडक्ट्स, एयरक्राफ्ट और एयरक्राफ्ट पार्ट्स, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोल खरीदने की इच्छा जताई है। अंतरिम व्यापार समझौता क्या होता है? दो देशों के बीच पूरा (पूर्ण) व्यापार समझौता (FTA) बनाने में समय लगता है — कई महीने या साल। तब तक दोनों देश तुरंत कुछ फायदे देने के लिए एक छोटा, अस्थायी समझौता कर लेते हैं। इसे अंतरिम व्यापार समझौता कहते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Satwik-Chirag Win Singapore Open | Indias Title Drought Ends

Satwik-Chirag Win Singapore Open | Indias Title Drought Ends

सिंगापुर2 मिनट पहले कॉपी लिंक 2024 थाईलैंड ओपन के बाद पहला बड़ा टाइटल जीता। भारत की पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब जीत लिया है। उन्होंने रविवार 31 मई को खेले गए फाइनल में इंडोनेशिया की तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी फजार अल्फियान और मुहम्मद शोहिबुल फिकरी को 18-21, 21-17 और 21-16 से हराया। सात्विक-चिराग ने आखिरी खिताब थाईलैंड ओपन 2024 जीता था। इसके बाद वे कई बड़े टूर्नामेंटों में फाइनल तक पहुंचे, लेकिन ट्रॉफी नहीं जीत सके। जोड़ी का यह नौवां BWF (बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेनशन) वर्ल्ड खिताब है। सात्विक-चिराग ने इंडोनेशिया की जोड़ी फजार और फिकरी को हराया। जीत के बाद ‘भाग मिल्खा भाग’ का गाना बजा खिताब जीतने के बाद सात्विक और चिराग कोर्ट पर खुशी से झूम उठे। दोनों खिलाड़ियों ने जीत का जश्न डांस करके मनाया। पुरस्कार समारोह में उन्हें ट्रॉफी, गोल्ड मेडल और 70 लाख रुपए की पुरस्कार राशि दी गई। सात्विक को ट्रॉफी, गोल्ड मेडल और नकद राशि दी गई। पोडियम समारोह के दौरान फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ का शीर्षक गीत बजाया गया। चिराग शेट्टी ने पोडियम पर आंखें बंद कर ली थी। सात्विक बोले- ‘शब्दों में बयां करना मुश्किल’ कोर्टसाइड इंटरव्यू में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने कहा, ‘इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। इससे पहले हम हमेशा सिंगापुर में हारते रहे हैं। यह खेलने के लिए सबसे बेहतरीन स्टेडियमों में से एक है।’ उन्होंने सपोर्ट के लिए दर्शकों को धन्यवाद दिया। पहला गेम हारने के बाद वापसी की सात्विक-चिराग अपना पहला गेम 18-21 से हार गए थे। इसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए दूसरे गेम को 21-17 से जीकर मैच में बराबरी की। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने आखिरी और तीसरे गेम में इंडोनेशिया की जोड़ी को 21-16 से हराकर ट्रॉफी जीत ली। ——————————————— स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… नॉर्वे चेस में गुकेश की वापसी, प्रज्ञानानंद को हराया:कार्लसन हारे; दिव्या देशमुख विमेंस कैटेगरी में नंबर-1 पर आईं वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में वापसी की। उन्होंने 5वें राउंड में अपने हमवतन आर. प्रज्ञानानंद को क्लासिकल मुकाबले में हराया। वे टाइटल की रेस में बने हुए हैं। एक दिन पहले 20वां जन्मदिन मनाने वाले गुकेश ने पूरे तीन अंक हासिल किए और 6.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Satwik-Chirag Win Singapore Open | Indias Title Drought Ends

Satwik-Chirag Win Singapore Open | Indias Title Drought Ends

सिंगापुर21 मिनट पहले कॉपी लिंक 2024 थाईलैंड ओपन के बाद पहला बड़ा टाइटल जीता। भारत की पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब जीत लिया है। उन्होंने रविवार 31 मई को खेले गए फाइनल में इंडोनेशिया की तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी फजार अल्फियान और मुहम्मद शोहिबुल फिकरी को 18-21, 21-17 और 21-16 से हराया। सात्विक-चिराग ने आखिरी खिताब थाईलैंड ओपन 2024 जीता था। इसके बाद वे कई बड़े टूर्नामेंटों में फाइनल तक पहुंचे, लेकिन ट्रॉफी नहीं जीत सके। जोड़ी का यह नौवां BWF (बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेनशन) वर्ल्ड खिताब है। सात्विक-चिराग ने इंडोनेशिया की जोड़ी फजार और फिकरी को हराया। जीत के बाद ‘भाग मिल्खा भाग’ का गाना बजा खिताब जीतने के बाद सात्विक और चिराग कोर्ट पर खुशी से झूम उठे। दोनों खिलाड़ियों ने जीत का जश्न डांस करके मनाया। पुरस्कार समारोह में उन्हें ट्रॉफी, गोल्ड मेडल और 70 लाख रुपए की पुरस्कार राशि दी गई। सात्विक को ट्रॉफी, गोल्ड मेडल और नकद राशि दी गई। पोडियम समारोह के दौरान फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ का शीर्षक गीत बजाया गया। चिराग शेट्टी ने पोडियम पर आंखें बंद कर ली थी। सात्विक बोले- ‘शब्दों में बयां करना मुश्किल’ कोर्टसाइड इंटरव्यू में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने कहा, ‘इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। इससे पहले हम हमेशा सिंगापुर में हारते रहे हैं। यह खेलने के लिए सबसे बेहतरीन स्टेडियमों में से एक है।’ उन्होंने सपोर्ट के लिए दर्शकों को धन्यवाद दिया। पहला गेम हारने के बाद वापसी की सात्विक-चिराग अपना पहला गेम 18-21 से हार गए थे। इसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए दूसरे गेम को 21-17 से जीकर मैच में बराबरी की। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने आखिरी और तीसरे गेम में इंडोनेशिया की जोड़ी को 21-16 से हराकर ट्रॉफी जीत ली। ——————————————— स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… नॉर्वे चेस में गुकेश की वापसी, प्रज्ञानानंद को हराया:कार्लसन हारे; दिव्या देशमुख विमेंस कैटेगरी में नंबर-1 पर आईं वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में वापसी की। उन्होंने 5वें राउंड में अपने हमवतन आर. प्रज्ञानानंद को क्लासिकल मुकाबले में हराया। वे टाइटल की रेस में बने हुए हैं। एक दिन पहले 20वां जन्मदिन मनाने वाले गुकेश ने पूरे तीन अंक हासिल किए और 6.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Foreign Investors Exit India Markets 2026

Foreign Investors Exit India Markets 2026

Hindi News Business Foreign Investors Exit India Markets 2026 | Rupee Weakness, Slow Earnings मुंबई11 मिनट पहले कॉपी लिंक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) का भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकालने का सिलसिला मई महीने में भी जारी रहा। विदेशी निवेशकों ने मई में इक्विटी मार्केट से 32,963 करोड़ रुपए की निकासी की है। कंपनियों की सुस्त अर्निंग ग्रोथ, रुपए में आ रही कमजोरी और वैश्विक बाजारों में मिल रहे बेहतर मौकों के चलते निवेशकों ने यह कदम उठाया है। 2026 में अब तक ₹2.25 लाख करोड़ की बिकवाली NSDL के डेटा के मुताबिक, इस ताजा बिकवाली के साथ साल 2026 में अब तक FPIs की कुल बिकवाली का आंकड़ा 2.25 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा साल 2025 में पूरे साल के दौरान हुई 1.66 लाख करोड़ रुपए की कुल बिकवाली से भी काफी ज्यादा है। फरवरी को छोड़कर हर महीने नेट सेलर्स रहे विदेशी निवेशक साल 2026 में केवल फरवरी महीने को छोड़कर FPIs ने हर महीने भारतीय बाजार में लगातार बिकवाली की है। जनवरी: विदेशी निवेशकों ने जनवरी में भारतीय बाजार से 35,962 करोड़ रुपए निकाले थे। फरवरी: FPIs नेट बायर्स बने और उन्होंने 22,615 करोड़ रुपए का निवेश किया। यह पिछले 17 महीनों में किसी भी एक महीने का सबसे बड़ा इनफ्लो था। मार्च: इस महीने ट्रेंड पूरी तरह उलट गया और विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड 1.17 लाख करोड़ रुपए की भारी-भरकम बिकवाली की। अप्रैल: बिकवाली का यह दौर अप्रैल में भी जारी रहा, जब बाजार से 60,847 करोड़ रुपए का आउटफ्लो हुआ। मई: इस महीने भी करीब 33,000 करोड़ (सटीक नंबर 32,963 करोड़) रुपए की निकासी दर्ज की गई। भारतीय बाजार से क्यों शिफ्ट हो रहे विदेशी निवेशकों? जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने बताया कि भारत में कॉरपोरेट अर्निंग की रफ्तार थोड़ी सुस्त रही है। इसके मुकाबले अमेरिका, जापान, साउथ कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में कंपनियों का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है, जिसने FPIs को अपनी पूंजी वहां शिफ्ट करने के लिए प्रेरित किया है। वहीं साउथ कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित रैली की वजह से भी विदेशी फंड भारत के बजाय उन बाजारों की तरफ आकर्षित हुआ है। 2026 में अब तक 6% कमजोर हुआ रुपया सेंट्रिसिटी वेल्थटेक के फाउंडिंग पार्टनर और हेड ऑफ इक्विटीज सचिन जासूजा ने कहा कि रुपए की लगातार गिरती कीमत FPIs के बाहर जाने की दूसरी सबसे बड़ी वजह है। साल 2026 में अब तक रुपया करीब 6% और पिछले पूरे एक साल में करीब 10% तक कमजोर हो चुका है। आरबीआई के प्रयासों के बावजूद रुपया मिड-80 (85 के करीब) के स्तर से गिरकर डॉलर के मुकाबले 95.5 के स्तर तक पहुंच गया है। कमजोर रुपए की वजह से विदेशी निवेशकों का डॉलर-डिनॉमिनेटेड रिटर्न (डॉलर के टर्म में मुनाफा) सीधे तौर पर प्रभावित होता है। तेल की बढ़ती कीमतों और होर्मुज में तनाव से चिंता बढ़ी सचिन जासूजा के मुताबिक, भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है, जिससे मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’ के आसपास जारी तनाव और बाधाओं के कारण ब्रेंट क्रूड के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल की रेंज से उछलकर 95-105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं। इससे भारत का इम्पोर्ट बिल और करंट अकाउंट डेफिसिट दोनों बढ़ गए हैं। मई में बिकवाली की रफ्तार हुई धीमी, ग्लोबल सेंटिमेंट सुधरे हालांकि, पिछले महीनों की तुलना में मई में बिकवाली की रफ्तार थोड़ी थमी है। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल-मैनेजर रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव ने बताया कि आउटफ्लो में आई यह कमी दर्शाती है कि विदेशी निवेशक अब साल की शुरुआत जैसी आक्रामक बिकवाली नहीं कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण वैश्विक जोखिमों और सेंटिमेंट में धीरे-धीरे हुआ सुधार है। वैश्विक व्यापार तनाव, टैरिफ से जुड़े घटनाक्रम और ग्रोथ को लेकर अनिश्चितताएं अभी बनी हुई हैं, लेकिन कुछ महीने पहले के मुकाबले इनका दबाव थोड़ा कम हुआ है। फ्यूचर आउटलुक: जल्द सुधार की उम्मीद कम बाजार के आगे के रुख पर बात करते हुए सचिन जासूजा ने कहा कि जब तक देश की मैक्रो-इकोनॉमिक स्थितियों (कच्चे तेल, रुपए और घाटे की स्थिति) में कोई बड़ा और ठोस सुधार नहीं आता, तब तक शॉर्ट टर्म यानी निकट भविष्य में FPIs के इनफ्लो में किसी बड़े यू-टर्न (वापसी) की उम्मीद कम ही है। क्या होते हैं FPIs और क्यों अहम है इनका आना-जाना? FPI यानी फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स उन विदेशी निवेशकों, कंपनियों या संस्थाओं को कहा जाता है जो किसी दूसरे देश के शेयर बाजार, बॉन्ड्स या अन्य वित्तीय एसेट्स में निवेश करते हैं। भारतीय शेयर बाजार में इन्हें ‘हॉट मनी’ भी माना जाता है, क्योंकि ये बाजार की तेजी-मंदी को बड़े स्तर पर प्रभावित करते हैं। जब देश में अर्निंग ग्रोथ कमजोर हो या करेंसी गिर रही हो, तो ये अपना निवेश डॉलर में सुरक्षित करने के लिए पैसे निकाल लेते हैं। ये खबर भी पढ़ें… टॉप-10-कंपनियों में से 7 की वैल्यू ₹1.54 लाख करोड़ घटी: रिलायंस टॉप लूजर रही, वैल्यू ₹46,078 करोड़ कम हुई; HDFC बैंक-एयरटेल का मार्केट कैप भी घटा मार्केट कैप के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 7 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 1.54 लाख करोड़ रुपए घट गई। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट वैल्यू सबसे ज्यादा कम हुई है। रिलायंस की मार्केट वैल्यू ₹46,078 करोड़ घटकर ₹17.87 लाख करोड़ पर आ गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Asian Games 2026, BCCI, IOA, Suryakumar Yadav, Vaibhav Suryavanshi, Cricket India, Indian Cricket Team, Asian Games Cricket

Asian Games 2026, BCCI, IOA, Suryakumar Yadav, Vaibhav Suryavanshi, Cricket India, Indian Cricket Team, Asian Games Cricket

Hindi News Sports Asian Games 2026, BCCI, IOA, Suryakumar Yadav, Vaibhav Suryavanshi, Cricket India, Indian Cricket Team, Asian Games Cricket स्पोर्ट्स डेस्क31 मिनट पहले कॉपी लिंक BCCI ने 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आईची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) को 30 संभावित मेंस प्लेयर्स की लिस्ट भेज दी है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, इस लिस्ट में भारत के मौजूदा टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव का नाम शामिल नहीं हैं, जबकि युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को जगह मिली है। वेस्टइंडीज सीरीज के कारण दो अलग-अलग टी-20 टीमें बनेंगी भारत को एशियन गेम्स के दौरान ही घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ व्हाइट-बॉल सीरीज खेलनी है। दोनों टूर्नामेंट की तारीखें आपस में टकरा रही हैं। वेस्टइंडीज सीरीज में 27 सितंबर से 17 अक्टूबर के बीच3 वनडे और 5 टी-20 मैच खेले जाने हैं। वहीं, एशियन गेम्स में मेंस टीम के मुकाबले 24 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच होंगे। इस कारण BCCI दो अलग-अलग टी-20 टीमें तैयार करेगा। गिल वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में व्यस्त रहेंगे शुभमन गिल के वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में टीम की कप्तानी करने की उम्मीद है, इसलिए उन्हें एशियन गेम्स के लिए नहीं चुना गया है। वहीं, सूर्यकुमार यादव को लेकर समझा जाता है कि वे 2028 ओलिंपिक गेम्स और अगले टी-20 वर्ल्ड कप के लिए टीम में शामिल नहीं हैं। यही वजह है कि उनका नाम एशियन गेम्स की लिस्ट में भी नहीं है। श्रेयस, संजू और तिलक कप्तानी की रेस में एशियन गेम्स की इस 30 सदस्यीय लिस्ट में कप्तानी के लिए तीन मुख्य दावेदार शामिल हैं। इनमें श्रेयस अय्यर, संजू सैमसन और तिलक वर्मा के नाम शामिल हैं, जिन्हें कप्तान बनाया जा सकता है। हर्षित राणा भी फिट होने की उम्मीद में लिस्ट में गेंदबाजों की सूची में जसप्रीत बुमराह का नाम शामिल किया गया है। तेज गेंदबाज हर्षित राणा के तब तक फिट होने की उम्मीद है, इसलिए उन्हें प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह के साथ लिस्ट में रखा गया है। स्पिनर्स में अक्षर, सुंदर और हर्ष के नाम शामिल स्पिन डिपार्टमेंट में कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और हर्ष दुबे जैसे फ्रंटलाइन गेंदबाजों को लिस्ट में जगह मिली है। हालांकि, इन चारों में से केवल दो को ही एशियन गेम्स के लिए चुना जाएगा, जबकि बाकी दो खिलाड़ी वेस्टइंडीज सीरीज में खेलेंगे। हांगझोऊ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान रहे ऋतुराज गायकवाड का भी नाम शामिल है। IOA को भेजी गई 30 खिलाड़ियों की पूरी लिस्ट यशस्वी जायसवाल, अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, नीतीश कुमार रेड्डी, प्रसिद्ध कृष्णा, वरुण चक्रवर्ती, अनुकूल रॉय, आयुष बडोनी, हर्ष दुबे, ध्रुव जुरेल, खलील अहमद, ऋतुराज गायकवाड, रवि बिश्नोई, शाहबाज अहमद, शिवम दुबे, विप्रज निगम, हर्षित राणा, यश ठाकुर, वॉशिंगटन सुंदर। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Asian Games 2026, BCCI, IOA, Suryakumar Yadav, Vaibhav Suryavanshi, Cricket India, Indian Cricket Team, Asian Games Cricket

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Hindi News Sports Asian Games 2026, BCCI, IOA, Suryakumar Yadav, Vaibhav Suryavanshi, Cricket India, Indian Cricket Team, Asian Games Cricket स्पोर्ट्स डेस्क2 घंटे पहले कॉपी लिंक BCCI ने 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आईची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) को 30 संभावित मेंस प्लेयर्स की लिस्ट भेज दी है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, इस लिस्ट में भारत के मौजूदा टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव का नाम शामिल नहीं हैं, जबकि युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को जगह मिली है। वेस्टइंडीज सीरीज के कारण दो अलग-अलग टी-20 टीमें बनेंगी भारत को एशियन गेम्स के दौरान ही घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ व्हाइट-बॉल सीरीज खेलनी है। दोनों टूर्नामेंट की तारीखें आपस में टकरा रही हैं। वेस्टइंडीज सीरीज में 27 सितंबर से 17 अक्टूबर के बीच3 वनडे और 5 टी-20 मैच खेले जाने हैं। वहीं, एशियन गेम्स में मेंस टीम के मुकाबले 24 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच होंगे। इस कारण BCCI दो अलग-अलग टी-20 टीमें तैयार करेगा। गिल वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में व्यस्त रहेंगे शुभमन गिल के वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में टीम की कप्तानी करने की उम्मीद है, इसलिए उन्हें एशियन गेम्स के लिए नहीं चुना गया है। वहीं, सूर्यकुमार यादव को लेकर समझा जाता है कि वे 2028 ओलिंपिक गेम्स और अगले टी-20 वर्ल्ड कप के लिए टीम में शामिल नहीं हैं। यही वजह है कि उनका नाम एशियन गेम्स की लिस्ट में भी नहीं है। श्रेयस, संजू और तिलक कप्तानी की रेस में एशियन गेम्स की इस 30 सदस्यीय लिस्ट में कप्तानी के लिए तीन मुख्य दावेदार शामिल हैं। इनमें श्रेयस अय्यर, संजू सैमसन और तिलक वर्मा के नाम शामिल हैं, जिन्हें कप्तान बनाया जा सकता है। हर्षित राणा भी फिट होने की उम्मीद में लिस्ट में गेंदबाजों की सूची में जसप्रीत बुमराह का नाम शामिल किया गया है। तेज गेंदबाज हर्षित राणा के तब तक फिट होने की उम्मीद है, इसलिए उन्हें प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह के साथ लिस्ट में रखा गया है। स्पिनर्स में अक्षर, सुंदर और हर्ष के नाम शामिल स्पिन डिपार्टमेंट में कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और हर्ष दुबे जैसे फ्रंटलाइन गेंदबाजों को लिस्ट में जगह मिली है। हालांकि, इन चारों में से केवल दो को ही एशियन गेम्स के लिए चुना जाएगा, जबकि बाकी दो खिलाड़ी वेस्टइंडीज सीरीज में खेलेंगे। हांगझोऊ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान रहे ऋतुराज गायकवाड का भी नाम शामिल है। IOA को भेजी गई 30 खिलाड़ियों की पूरी लिस्ट यशस्वी जायसवाल, अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, नीतीश कुमार रेड्डी, प्रसिद्ध कृष्णा, वरुण चक्रवर्ती, अनुकूल रॉय, आयुष बडोनी, हर्ष दुबे, ध्रुव जुरेल, खलील अहमद, ऋतुराज गायकवाड, रवि बिश्नोई, शाहबाज अहमद, शिवम दुबे, विप्रज निगम, हर्षित राणा, यश ठाकुर, वॉशिंगटन सुंदर। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

NSE Trading Hours Extended: 3 PM to 3:40 PM from Aug 3

NSE Trading Hours Extended: 3 PM to 3:40 PM from Aug 3

Hindi News Business NSE Trading Hours Extended: 3 PM To 3:40 PM From Aug 3 | Closing Auction Rules नई दिल्ली20 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने इक्विटी डेरिवेटिव्स यानी फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट के लिए नॉर्मल मार्केट क्लोजिंग टाइमिंग को 10 मिनट बढ़ाने का फैसला किया है। 3 अगस्त से यह मार्केट दोपहर 3:30 बजे के बजाय 3:40 बजे बंद होगा। यह बदलाव कैश सेगमेंट में शुरू किए जा रहे नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के रोलआउट के तहत किया गया। कैश-डेरिवेटिव्स मार्केट को एक साथ लाने के लिए फैसला NSE के शुक्रवार को जारी सर्कुलर के अनुसार, इक्विटी डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए नॉर्मल मार्केट क्लोजिंग टाइम को अब 3:40 बजे तक बढ़ा दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि डेरिवेटिव्स मार्केट के कामकाज को कैश सेगमेंट में शुरू किए गए नए क्लोजिंग ऑक्शन मैकेनिज्म के साथ अलाइन किया जा सके। एक्सचेंज ने बताया कि इसके अलावा अन्य सेशन टाइमिंग्स, जैसे कि प्री-ओपन सेशन और ट्रेड मॉडिफिकेशन विंडो में कोई बदलाव नहीं होगा। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन क्या है और यह कैसे काम करेगा क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) दिन के आखिरी में एक छोटी और स्पष्ट ट्रेडिंग अवधि (शॉर्ट ट्रेडिंग पीरियड) होती है। इसमें मार्केट पार्टिसिपेंट्स किसी सिक्योरिटी के लिए एक सिंगल और फेयर क्लोजिंग प्राइस तय करने के लिए बाय (खरीद) या सेल (बिक्री) के ऑर्डर सबमिट करते हैं। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन से जुड़े प्राइस बैंड और प्री-ट्रेड रिस्क कंट्रोल्स के प्रावधान इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट पर भी लागू होंगे। इसका मकसद एंड-ऑफ-डे ट्रेडिंग प्रोसेस के दौरान कैश और डेरिवेटिव्स मार्केट के बीच निरंतरता और सुचारू बदलाव सुनिश्चित करना है। स्टॉक फ्यूचर्स के ऑपरेटिंग प्राइस रेंज में बदलाव पर मिलेगा नोटिफिकेशन ऑपरेशनल बदलावों के तहत, कैश मार्केट में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन शुरू होने के बाद जब भी स्टॉक फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए ऑपरेटिंग प्राइस रेंज को रीसेट किया जाएगा, तब NSE इसका नोटिफिकेशन ब्रॉडकास्ट (प्रसारित) करेगा। एक्सचेंज के मौजूदा नियमों के मुताबिक, जो आउटस्टैंडिंग ऑर्डर्स इस रिवाइज्ड प्राइस रेंज से बाहर होंगे, वे अपने आप कैंसिल हो जाएंगे। क्लोजिंग प्राइस कैलकुलेशन का तरीका नहीं बदलेगा, पर समय बदला एक्सचेंज ने कहा कि डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के क्लोजिंग प्राइसेज को कंप्यूट (कैलकुलेट) करने के मौजूदा मेथड (तरीके) में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, क्लोज प्राइस तय करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) विंडो की कैलकुलेशन अब दोपहर 3:10 बजे से 3:40 बजे के बीच एग्जीक्यूट किए गए ट्रेड्स के आधार पर होगी। यह बदलाव मार्केट क्लोज होने की संशोधित टाइमिंग को रिफ्लेक्ट करता है। मॉक ट्रेडिंग सेशन में टेस्टिंग कर सकेंगे ब्रोकर्स NSE ने बताया कि इस इंप्लीमेंटेशन से होने वाले फंक्शनल बदलावों को अपकमिंग मॉक ट्रेडिंग सेशंस के दौरान टेस्टिंग के लिए अवेलेबल कराया जाएगा। ब्रोकर्स को सलाह दी गई है कि वे बिना किसी रुकावट के कामकाज सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तारीख से पहले अपने ट्रेडिंग एप्लिकेशंस में संबंधित कॉन्ट्रैक्ट फाइलों को अपडेट कर लें। बाजार के ढांचे में इस बदलाव से प्राइस डिस्कवरी बेहतर होगी, क्लोजिंग के समय मार्केट इंटीग्रिटी बढ़ेगी और डोमेस्टिक मार्केट प्रैक्टिस इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स के करीब आएगी। SEBI के नियमों के तहत चरणों में लागू होगा नया सिस्टम 16 जनवरी को जारी SEBI के सर्कुलर के मुताबिक, CAS को अलग-अलग फेज में पेश किया जाएगा। शुरुआती फेज में केवल उन स्टॉक्स का क्लोजिंग प्राइस CAS के जरिए तय किया जाएगा, जिनके डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स उपलब्ध हैं। कैश सेगमेंट की अन्य सभी सिक्योरिटीज के लिए क्लोजिंग प्राइस की कैलकुलेशन पहले की तरह ही ट्रेडिंग सेशन के आखिरी 30 मिनट के VWAP के आधार पर की जाती रहेगी। जानिए किस तरह काम करेगा क्लोजिंग ऑक्शन सभी ट्रेडिंग दिनों में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन दोपहर 3:15 बजे से 3:35 बजे तक कुल 20 मिनट के लिए चलेगा, जिसका शेड्यूल इस प्रकार है… दोपहर 3:15 से 3:20 बजे: यह कंटीन्यूअस ट्रेडिंग सेशन (CTS) से CAS में जाने का ट्रांजिशन फेज होगा। इस दौरान रेफरेंस प्राइस की कैलकुलेशन दोपहर 3:00 बजे से 3:15 बजे के बीच हुए ट्रेड्स के VWAP के आधार पर होगी। दोपहर 3:20 से 3:25 बजे: इस समय के दौरान मार्केट और लिमिट दोनों तरह के ऑर्डर दर्ज (एंटर) किए जा सकेंगे। दोपहर 3:25 से 3:30 बजे: इस अवधि में केवल लिमिट ऑर्डर्स की अनुमति होगी। इस दौरान मार्केट ऑर्डर्स में कोई मॉडिफिकेशन (संशोधन) या कैंसिलेशन नहीं किया जा सकेगा। ऑर्डर एंट्री सेशन दोपहर 3:28 बजे से 3:30 बजे के बीच कभी भी रैंडमली बंद हो जाएगा। F&O मार्केट क्या है? डेरिवेटिव्स मार्केट (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) की एक बेसिक परिभाषा, जिसमें कम शब्दों में समझाया जाए कि यह कॉन्ट्रैक्ट आधारित ट्रेडिंग होती है। VWAP क्या होता है? वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) का सरल शब्दों में मतलब, जो यह दर्शाता है कि किसी शेयर का उसकी वॉल्यूम और कीमत के आधार पर औसत दाम क्या है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

इंडिगो को चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का घाटा हुआ:पिछले साल ₹3,068 करोड़ का मुनाफा हुआ था; महंगे फ्यूल से कंपनी का नुकसान बढ़ा

इंडिगो को चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का घाटा हुआ:पिछले साल ₹3,068 करोड़ का मुनाफा हुआ था; महंगे फ्यूल से कंपनी का नुकसान बढ़ा

इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने 29 मई 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी को ₹2,536 करोड़ का नेट लॉस (शुद्ध घाटा) हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹3,068 करोड़ का नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) हुआ था। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इस समय कई तरह की चुनौतियों से जूझ रही है। कंपनी को यह घाटा मुख्य रूप से डोमेस्टिक कैपसिटी पर लगी पाबंदियों, भारतीय रुपए में आई गिरावट और हवाई ईंधन यानी फ्यूल की बढ़ती कीमतों के कारण हुआ है। इसके अलावा इस तिमाही में कंपनी पर ₹250 करोड़ का वन-टाइम चार्ज यानी एकमुश्त शुल्क भी लगा है। सालाना आधार पर घाटे के बावजूद कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में थोड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में इंडिगो का रेवेन्यू मामूली रूप से बढ़कर ₹22,438 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष (Q4FY25) की समान तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹22,152 करोड़ था। 450 मिलियन डॉलर की प्रीपेमेंट को मंजूरी मिली इंडिगो के बोर्ड ने कंपनी के फाइनेंस लीज ऑब्लिगेशंस (लीज देनदारियों) के आंशिक प्रीपेमेंट को मंजूरी दे दी है। यह भुगतान एक या अधिक किश्तों में कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘इंटरग्लोब एविएशन फाइनेंशियल सर्विसेज IFSC प्राइवेट लिमिटेड’ को किया जाएगा। इसकी कुल रकम लगभग 450 मिलियन डॉलर तक होगी। इस फंड का इस्तेमाल सहायक कंपनी विमान, विमान के इंजन और पार्ट्स खरीदने के लिए करेगी, जिससे एयरलाइन को खुद के एविएशन एसेट्स के मालिकाना हक मिलेंगे। कुल इनकम 6% से ज्यादा बढ़ी है: कंपनी के MD कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) राहुल भाटिया ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 बिजनेस के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण माहौल वाला रहा, जिसने हमारे मुनाफे को काफी प्रभावित किया है। इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बिजनेस का बुनियादी प्रदर्शन मजबूत बना रहा। इस साल हमारी क्षमता (कैपसिटी) में 9.5% की बढ़ोतरी हुई और कुल इनकम 6% से ज्यादा बढ़ी है। अगर हम विदेशी मुद्रा (फॉरेन एक्सचेंज) के उतार-चढ़ाव और एकमुश्त मदों के प्रभाव को हटा दें, तो इंडिगो ने ₹7,500 करोड़ का मुनाफा कमाया है। हम लगातार उतार-चढ़ाव के बीच एक मजबूत बैलेंस शीट और पर्याप्त नकदी (लिक्विडिटी) बनाए रखने में सफल रहे हैं। मिडिल ईस्ट संकट और लेबर लॉ का असर पैसेंजर्स और लोड फैक्टर में गिरावट कंपनी की स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, इस तिमाही में इंडिगो के यात्रियों की संख्या में 1.1% की मामूली गिरावट आई है, जो घटकर 31.6 मिलियन रह गई। प्रति किलोमीटर कमाई (यील्ड) भी 2.2% घटकर ₹5.20 हो गई। इसके साथ ही पैसेंजर लोड फैक्टर में 1.7% की कमी आई है और यह घटकर 85.8% पर आ गया है। क्या होता है ASKs और लोड फैक्टर?

इंडिगो को चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का घाटा हुआ:पिछले साल ₹3,068 करोड़ का मुनाफा हुआ था; महंगे फ्यूल का बोझ यात्रियों पर डालेगी एयरलाइन

इंडिगो को चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का घाटा हुआ:पिछले साल ₹3,068 करोड़ का मुनाफा हुआ था; महंगे फ्यूल से कंपनी का नुकसान बढ़ा

इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने 29 मई 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी को ₹2,536 करोड़ का कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस (शुद्ध घाटा) हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹3,068 करोड़ का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) हुआ था। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इस समय कई तरह की चुनौतियों से जूझ रही है। कंपनी को यह घाटा मुख्य रूप से डोमेस्टिक कैपसिटी पर लगी पाबंदियों, भारतीय रुपए में आई गिरावट और हवाई ईंधन यानी फ्यूल की बढ़ती कीमतों के कारण हुआ है। इसके अलावा इस तिमाही में कंपनी पर ₹250 करोड़ का वन-टाइम चार्ज यानी एकमुश्त शुल्क भी लगा है। सालाना आधार पर घाटे के बावजूद कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में थोड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में इंडिगो का रेवेन्यू मामूली रूप से बढ़कर ₹22,438 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष (Q4FY25) की समान तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹22,152 करोड़ था। फ्यूल के बढ़े हुए खर्च का बोझ यात्रियों पर डालेंगे: इंडिगो नतीजों के साथ ही इंडिगो ने घोषणा की है कि वह घरेलू और इंटरनेशनल दोनों रूटों पर फ्यूल के बढ़े हुए खर्च का बोझ यात्रियों पर डालेगी। मिडिल ईस्ट संकट की वजह से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आ रहा है। इसके कारण एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की लागत बढ़ गई है, जिससे निपटने के लिए कंपनी अब किरायों में बढ़ोतरी करने जा रही है। फ्यूल हेजिंग के विकल्प पर विचार कर रही कंपनी कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए इंडिगो अब ‘फ्यूल हेजिंग’ की रणनीति अपनाने पर विचार कर रही है। कंपनी के एक टॉप एग्जीक्यूटिव के मुताबिक, जोखिम कम करने के उपाय पर काम किया जा रहा है। दुनिया की कई ग्लोबल एयरलाइंस तेल की कीमतों में आने वाले तेज उछाल से अपने मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए इस रणनीति का इस्तेमाल करती हैं। एयरलाइन मैनेजमेंट का कहना है कि एविएशन सेक्टर के लिए फ्यूल प्राइस सबसे बड़ा वेरिएबल बना हुआ है, इसलिए बाजार के हालातों को देखते हुए किरायों को एडजस्ट किया जाता रहेगा। 450 मिलियन डॉलर की प्रीपेमेंट को मंजूरी मिली इंडिगो के बोर्ड ने कंपनी के फाइनेंस लीज ऑब्लिगेशंस (लीज देनदारियों) के आंशिक प्रीपेमेंट को मंजूरी दे दी है। यह भुगतान एक या अधिक किश्तों में कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘इंटरग्लोब एविएशन फाइनेंशियल सर्विसेज IFSC प्राइवेट लिमिटेड’ को किया जाएगा। इसकी कुल रकम लगभग 450 मिलियन डॉलर तक होगी। इस फंड का इस्तेमाल सहायक कंपनी विमान, विमान के इंजन और पार्ट्स खरीदने के लिए करेगी, जिससे एयरलाइन को खुद के एविएशन एसेट्स के मालिकाना हक मिलेंगे। कुल इनकम 6% से ज्यादा बढ़ी है: कंपनी के MD कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) राहुल भाटिया ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 बिजनेस के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण माहौल वाला रहा, जिसने हमारे मुनाफे को काफी प्रभावित किया है। इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बिजनेस का बुनियादी प्रदर्शन मजबूत बना रहा। इस साल हमारी क्षमता (कैपसिटी) में 9.5% की बढ़ोतरी हुई और कुल इनकम 6% से ज्यादा बढ़ी है। अगर हम विदेशी मुद्रा (फॉरेन एक्सचेंज) के उतार-चढ़ाव और एकमुश्त मदों के प्रभाव को हटा दें, तो इंडिगो ने ₹7,500 करोड़ का मुनाफा कमाया है। हम लगातार उतार-चढ़ाव के बीच एक मजबूत बैलेंस शीट और पर्याप्त नकदी (लिक्विडिटी) बनाए रखने में सफल रहे हैं। मिडिल ईस्ट संकट और लेबर लॉ का असर पैसेंजर्स और लोड फैक्टर में गिरावट कंपनी की स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, इस तिमाही में इंडिगो के यात्रियों की संख्या में 1.1% की मामूली गिरावट आई है, जो घटकर 31.6 मिलियन रह गई। प्रति किलोमीटर कमाई (यील्ड) भी 2.2% घटकर ₹5.20 हो गई। इसके साथ ही पैसेंजर लोड फैक्टर में 1.7% की कमी आई है और यह घटकर 85.8% पर आ गया है। 6 महीने में 17.13% गिरा इंडिगो का शेयर तिमाही के नतीजों के पहले इंटरग्लोब एविएशन का शेयर आज 3.28% गिरकर 4,420 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। कंपनी का शेयर 5 दिन में 2.3% गिरा और एक महीने में 1.72% चढ़ा है। वहीं शेयर बीते 6 महीने में 24% और एक साल में 17% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.71 लाख करोड़ रुपए है। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है इंडिगो मार्केट शेयर के लिहाज से इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। भारतीय एयरलाइन मार्केट में कंपनी का मार्केट शेयर करीब 60% है। इसकी स्थापना 2006 में राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल ने की थी। एयरलाइन की 400 से ज्यादा एयरक्राफ्ट की फ्लीट है। इसके 50 करोड़ से ज्यादा कस्टमर हैं। क्या होता है ASKs और लोड फैक्टर? अवेलेबल सीट किलोमीटर (ASKs): इसका मतलब होता है कि एयरलाइन के पास कुल कितनी सीटें उपलब्ध थीं और उन्होंने कितने किलोमीटर की दूरी तय की। यह एयरलाइन की कुल पैसेंजर क्षमता को मापने का पैमाना है। लोड फैक्टर: इससे पता चलता है कि उड़ान के दौरान एयरलाइन की कितनी प्रतिशत सीटें भरी हुई थीं। जितना ज्यादा लोड फैक्टर होगा, एयरलाइन की क्षमता का उतना ही बेहतर इस्तेमाल माना जाता है।