DRDO Missile Targets Tanks, Drones & Helicopters; Indigenous Tech Ready

4 घंटे पहले कॉपी लिंक भारत की डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने ड्रोन से दागी जाने वाली मिसाइल का ट्रायल पूरा कर लिया है। इस मिसाइल का नाम यूएलपीजीएम-वी3 है। यह हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों तरह के टारगेट पर सटीक हमला कर सकती है। यह हवा में दुश्मन के हेलिकॉप्टर, ड्रोन और दूसरे हवाई टारगेट को मार गिरा सकती है। वहीं जमीन पर टैंक, सैन्य वाहन और बंकर को निशाना बना सकती है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, मिसाइल का परीक्षण आंध्र प्रदेश के कुर्नूल स्थित DRDO टेस्ट रेंज में किया गया। इसमें इंटीग्रेटेड ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल किया गया, जो लॉन्च और कमांड सिस्टम को कंट्रोल करता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा इस मिसाइल का सफल विकास रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम है। DRDO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रायल का ये वीडियो शेयर किया। चलते-फिरते टारगेट को भी लॉक कर सकती है यूएलपीजीएम-वी3 एक स्मार्ट प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल है। इसमें सीकर तकनीक लगी है, जिससे यह टार्गेट को पहचानकर लॉक करती है और फिर सटीक हमला करती है। चलते हुए लक्ष्य को भी ट्रैक कर सकती है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इसे एंटी-टैंक रोल के लिए भी तैयार किया गया है। साथ ही यह ड्रोन, हेलिकॉप्टर और दूसरे हवाई लक्ष्यों के खिलाफ भी इस्तेमाल की जा सकती है। DRDO ने भारतीय कंपनियों के साथ तैयार किया इस मिसाइल को DRDO के हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) की अगुआई में डेवलप किया गया है। इसके साथ डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (DRDL), टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) और हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी (HEMRL) भी इस प्रोजेक्ट में शामिल रहीं। प्रोडक्शन के लिए DRDO ने भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी की है। ट्रायल में इसे बेंगलुरु की न्यूस्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज के बनाए UAV के साथ टेस्ट किया गया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ट्रायल के बाद साफ है कि इसकी घरेलू सप्लाई चेन बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए तैयार है। बड़ी संख्या में भारतीय MSME कंपनियां भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा रही हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें… हेलिकॉप्टर से पहली बार एक साथ 2 मिसाइल लॉन्च:जरूरत पड़ने पर हवा में टारगेट बदला जा सकता है; DRDO-नेवी का सफल परीक्षण DRDO और नौसेना ने बुधवार को बंगाल की खाड़ी में हेलिकॉप्टर से शॉर्ट रेंज नेवल एंटी-शिप मिसाइल को सफल लॉन्च किया। इस दौरान एक हेलिकॉप्टर से कुछ ही सेकेंड के अंतर पर दो मिसाइलें दागी गईं। दोनों ने समुद्री जहाज के निचले हिस्से पर सटीक निशाना लगाया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
DRDO Missile Targets Tanks, Drones & Helicopters; Indigenous Tech Ready

13 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत की डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने ड्रोन से दागी जाने वाली मिसाइल का ट्रायल पूरा कर लिया है। इस मिसाइल का नाम यूएलपीजीएम-वी3 है। यह हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों तरह के टारगेट पर सटीक हमला कर सकती है। यह हवा में दुश्मन के हेलिकॉप्टर, ड्रोन और दूसरे हवाई टारगेट को मार गिरा सकती है। वहीं जमीन पर टैंक, सैन्य वाहन और बंकर को निशाना बना सकती है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, मिसाइल का परीक्षण आंध्र प्रदेश के कुर्नूल स्थित DRDO टेस्ट रेंज में किया गया। इसमें इंटीग्रेटेड ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल किया गया, जो लॉन्च और कमांड सिस्टम को कंट्रोल करता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा इस मिसाइल का सफल विकास रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम है। DRDO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रायल का ये वीडियो शेयर किया। चलते-फिरते टारगेट को भी लॉक कर सकती है यूएलपीजीएम-वी3 एक स्मार्ट प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल है। इसमें सीकर तकनीक लगी है, जिससे यह टार्गेट को पहचानकर लॉक करती है और फिर सटीक हमला करती है। चलते हुए लक्ष्य को भी ट्रैक कर सकती है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इसे एंटी-टैंक रोल के लिए भी तैयार किया गया है। साथ ही यह ड्रोन, हेलिकॉप्टर और दूसरे हवाई लक्ष्यों के खिलाफ भी इस्तेमाल की जा सकती है। DRDO ने भारतीय कंपनियों के साथ तैयार किया इस मिसाइल को DRDO के हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) की अगुआई में डेवलप किया गया है। इसके साथ डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (DRDL), टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) और हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी (HEMRL) भी इस प्रोजेक्ट में शामिल रहीं। प्रोडक्शन के लिए DRDO ने भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी की है। ट्रायल में इसे बेंगलुरु की न्यूस्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज के बनाए UAV के साथ टेस्ट किया गया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ट्रायल के बाद साफ है कि इसकी घरेलू सप्लाई चेन बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए तैयार है। बड़ी संख्या में भारतीय MSME कंपनियां भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा रही हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें… हेलिकॉप्टर से पहली बार एक साथ 2 मिसाइल लॉन्च:जरूरत पड़ने पर हवा में टारगेट बदला जा सकता है; DRDO-नेवी का सफल परीक्षण DRDO और नौसेना ने बुधवार को बंगाल की खाड़ी में हेलिकॉप्टर से शॉर्ट रेंज नेवल एंटी-शिप मिसाइल को सफल लॉन्च किया। इस दौरान एक हेलिकॉप्टर से कुछ ही सेकेंड के अंतर पर दो मिसाइलें दागी गईं। दोनों ने समुद्री जहाज के निचले हिस्से पर सटीक निशाना लगाया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Putin to visit India for BRICS Summit from September 12 to 13

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर 2025 को भारत पहुंचे थे। पीएम मोदी ने उनका आधिकारिक आवास पर स्वागत किया था। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सितंबर में भारत दौरे पर आएंगे। रूसी सरकार ने मंगलवार को कहा कि पुतिन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेंगे। PM मोदी ने पुतिन को दिसंबर 2025 में उनके भारत दौरे के दौरान आधिकारिक तौर पर समिट में शामिल होने का न्योता दिया था। एक साल के भीतर पुतिन का यह दूसरा भारत दौरा होगा। इससे पहले पुतिन दिसंबर 2025 में भारत आए थे। उस दौरान उन्होंने पीएम मोदी के साथ 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। 2025 का दौरा इसलिए भी खास माना गया था क्योंकि यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन का पहला भारत दौरा था। इससे पहले वह आखिरी बार 2021 में नई दिल्ली आए थे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर 2025 को भारत पहुंचे थे। उसी दौरान दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पालम हवाई अड्डे से एक ही टोयोटा एसयूवी में पीएम आवास के लिए रवाना हुए थे। BRICS समिट की अध्यक्षता कर रहा है भारत इस साल भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। BRICS दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसमें भारत, रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका के अलावा अब मिस्र, ईरान, इथियोपिया, UAE और इंडोनेशिया जैसे नए सदस्य भी शामिल हो चुके हैं। भारत की अध्यक्षता के दौरान पूरे साल देश के अलग-अलग शहरों में कई बैठकें, मंत्रीस्तरीय सम्मेलन और कार्यकारी समूहों की चर्चाएं आयोजित की जा रही हैं। भारत ने अपनी अध्यक्षता का फोकस ‘ग्लोबल साउथ’ यानी विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आतंकवाद विरोधी सहयोग और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर रखा है। भारत यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि BRICS सिर्फ राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश, तकनीक और विकास से जुड़ा बड़ा आर्थिक समूह भी बन सकता है। इस महीने की शुरुआत में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी भारत आए थे। उन्होंने ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में पश्चिम एशिया के तनाव, वैश्विक सुरक्षा, बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार, आतंकवाद और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत ने बैठक के दौरान यह भी कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में ग्लोबल साउथ देशों के बीच सहयोग और ज्यादा जरूरी हो गया है। भारत की अध्यक्षता इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इस समय दुनिया कई बड़े संकटों से गुजर रही है। अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा, रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में संघर्ष और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच ब्रिक्स खुद को पश्चिमी देशों के प्रभाव के मुकाबले एक वैकल्पिक मंच के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Putin to visit India for BRICS Summit from September 12 to 13

नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर 2025 को भारत पहुंचे थे। पीएम मोदी ने उनका आधिकारिक आवास पर स्वागत किया था। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सितंबर में भारत दौरे पर आएंगे। रूसी सरकार ने मंगलवार को कहा कि पुतिन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS समिट में हिस्सा लेंगे। PM मोदी ने पुतिन को दिसंबर 2025 में उनके भारत दौरे के दौरान आधिकारिक तौर पर समिट में शामिल होने का न्योता दिया था। एक साल के भीतर पुतिन का यह दूसरा भारत दौरा होगा। इससे पहले पुतिन दिसंबर 2025 में भारत आए थे। उस दौरान उन्होंने पीएम मोदी के साथ 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। 2025 का दौरा इसलिए भी खास माना गया था क्योंकि यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन का पहला भारत दौरा था। इससे पहले वह आखिरी बार 2021 में नई दिल्ली आए थे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर 2025 को भारत पहुंचे थे। उसी दौरान दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पालम हवाई अड्डे से एक ही टोयोटा एसयूवी में पीएम आवास के लिए रवाना हुए थे। BRICS समिट की अध्यक्षता कर रहा है भारत इस साल भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। BRICS दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसमें भारत, रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका के अलावा अब मिस्र, ईरान, इथियोपिया, UAE और इंडोनेशिया जैसे नए सदस्य भी शामिल हो चुके हैं। भारत की अध्यक्षता के दौरान पूरे साल देश के अलग-अलग शहरों में कई बैठकें, मंत्रीस्तरीय सम्मेलन और कार्यकारी समूहों की चर्चाएं आयोजित की जा रही हैं। भारत ने अपनी अध्यक्षता का फोकस ‘ग्लोबल साउथ’ यानी विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आतंकवाद विरोधी सहयोग और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर रखा है। भारत यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि BRICS सिर्फ राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश, तकनीक और विकास से जुड़ा बड़ा आर्थिक समूह भी बन सकता है। इस महीने की शुरुआत में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी भारत आए थे। उन्होंने BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में पश्चिम एशिया के तनाव, वैश्विक सुरक्षा, बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार, आतंकवाद और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत ने बैठक के दौरान यह भी कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में ग्लोबल साउथ देशों के बीच सहयोग और ज्यादा जरूरी हो गया है। भारत की अध्यक्षता इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इस समय दुनिया कई बड़े संकटों से गुजर रही है। अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा, रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में संघर्ष और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच BRICS खुद को पश्चिमी देशों के प्रभाव के मुकाबले एक वैकल्पिक मंच के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। PM मोदी भी इसी साल रूस जाएंगे इससे पहले भारत दौरे पर आए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने 15 मई को कहा था कि वे PM मोदी की रूस यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मोदी ने रूस आने की पुष्टि कर दी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और कई अन्य क्षेत्रों में मजबूत सहयोग जारी है और रूस चाहता है कि यह साझेदारी आगे भी तेजी से मजबूत होती रहे। उनके बयान से माना जा रहा है कि मोदी इस साल भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूस जा सकते हैं। हालांकि अभी तक यात्रा की आधिकारिक तारीख या कार्यक्रम का औपचारिक एलान नहीं हुआ है। भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन ज्यादातर अक्टूबर, नवंबर या दिसंबर में आयोजित होता है। पिछले कई सालों में यह अधिकतर साल के आखिरी महीनों में हुआ है। इसलिए इस बार भी माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा और शिखर सम्मेलन साल के आखिरी महीनों में हो सकता है। भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन आमतौर पर हर साल आयोजित होता है। इसकी शुरुआत साल 2000 में हुई थी। इसके बाद से दोनों देशों के नेता लगभग हर साल बारी-बारी से भारत और रूस में इस समिट में हिस्सा लेते रहे हैं। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन आमने-सामने बातचीत करते हैं। इसमें रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, परमाणु सहयोग, अंतरिक्ष, कनेक्टिविटी और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होती है। पिछले साल दिसंबर में भारत दौरे पर आए रूसी राष्ट्रपति पुतिन को PM मोदी भगवत गीता भेंट की थी। भारत-रूस के बीच दिसंबर 2025 में हुए अहम समझौते ऊर्जा सहयोग:रूस ने भरोसा दिलाया कि वह भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए लगातार और बिना रुकावट ईंधन की सप्लाई करता रहेगा। उद्योगिक साझेदारी:भारतीय कंपनियों ने रूस की URALCHEM के साथ एक यूरिया प्लांट रूस में ही स्थापित करने का समझौता किया। फूड सेफ्टी:भारत की FSSAI और रूस की उपभोक्ता सुरक्षा एजेंसी के बीच खाद्य सुरक्षा नियमों को मजबूत करने के लिए औपचारिक समझौते हुए। हेल्थकेयर सहयोग:मेडिकल रिसर्च और हेल्थ सर्विस में सहयोग बढ़ाने के लिए कई MoU साइन किए गए। समुद्री लॉजिस्टिक्स:बंदरगाह और शिपिंग ऑपरेशन में भारत-रूस के सहयोग को बढ़ाने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर हुए। माइग्रेशन और मोबिलिटी:दोनों देशों ने लोगों की आवाजाही को आसान बनाने और माइग्रेशन प्रक्रियाओं को सरल करने के लिए समझौते किए। ——————————– यह खबर भी पढ़ें… PM मोदी डेनमार्क, आइसलैंड, फिनलैंड के प्रधानमंत्रियों से मिले:कुछ देर में इंडिया-नॉर्डिक समिट, ग्रीन एनर्जी और स्पेस सेक्टर पर बातचीत होगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओस्लो में तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट से पहले डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। यह बैठक भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रिश्ते मजबूत करने की कोशिशों का हिस्सा मानी जा रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक 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Mumbai Airport | Air India Staff Protest Salary Hike

मुंबई9 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई एयरपोर्ट पर सोमवार को एअर इंडिया एयरपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AIASL) कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। वे सैलरी बढ़ाने और दूसरी मांगों को लेकर विरोध कर रहे थे। इसका असर एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट्स पर पड़ा। कई उड़ानें देरी से चलीं। हालांकि कंपनी ने प्रभावित फ्लाइट्स की संख्या नहीं बताई। AIASL एयरपोर्ट पर ग्राउंड हैंडलिंग का काम करती है। कंपनी यात्रियों की मदद, सामान लोडिंग और विमान तैयार करने जैसी सेवाएं देती है। यह सेवाएं एअर इंडिया समेत कई विदेशी एयरलाइंस को भी दी जाती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एयर इंडिया की एक फ्लाइट टेकऑफ से पहले काफी देर तक खड़ी रही। यात्रियों का आरोप है कि उन्हें समय पर सही जानकारी भी नहीं दी गई। एयरक्राफ्ट के अंदर बैठे लोगों ने गर्मी और असुविधा की शिकायत की। सोशल मीडिया पर यात्रियों ने गुस्सा जाहिर किया सोशल मीडिया X पर अभय वलसंगकर नाम के एक यूजर ने नाराजगी जताई सोशल मीडिया X पर प्रवेंदु झा नाम के एक यूजर ने नाराजगी जताई AIASL के CEO ने कहा- कर्मचारी काम पर लौटे एअर इंडिया ने कहा कि मुंबई एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ के विरोध का असर उड़ानों पर पड़ा। एयरलाइन ने बताया कि स्थिति सामान्य करने की कोशिश जारी है। यात्रियों को कम परेशानी हो, इसके लिए एयरपोर्ट टीम काम कर रही है। AIASL के CEO रामबाबू ने कहा कि कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। प्रबंधन ने कर्मचारियों से उनकी मांगें लिखित में मांगीं। इसके बाद कर्मचारी वापस काम पर लौट गए। कर्मचारियों का पत्र कंपनी को मिल गया है। प्रबंधन सभी मांगों पर नियमों के अनुसार विचार करेगा। AIASL देश के 84 एयरपोर्ट्स पर सेवाएं देती है। कंपनी में करीब 20 हजार कर्मचारी काम करते हैं। AIASL रोज लगभग 650 उड़ानों को संभालती है। इनमें 35% अंतरराष्ट्रीय और 65% घरेलू उड़ानें शामिल हैं। कंपनी एअर इंडिया समूह के साथ कई विदेशी एयरलाइंस को भी सेवाएं देती है। इनमें फ्लायदुबई, सऊदिया, ओमान एअर और सलाम एअर शामिल हैं। ——————————- ये खबर भी पढ़े… वडोदरा से दिल्ली जा रही इंडिगो फ्लाइट में लाइट गुल, अंधेरे और गर्मी में बेहाल हुए पैसेंजर्स गुजरात के वडोदरा में रविवार रात इंडिगो की फ्लाइट (6E 657) में बिजली गुल हो गई। विमान का ग्राउंड पावर यूनिट (GPU) अचानक बंद हो जाने से ये हालात बने। इसके चलते पैसेंजर्स को अंधेरे और भारी उमस में परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Mumbai Airport | Air India Staff Protest Salary Hike

मुंबई25 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई एयरपोर्ट पर सोमवार को एअर इंडिया एयरपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AIASL) कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। वे सैलरी बढ़ाने और दूसरी मांगों को लेकर विरोध कर रहे थे। इसका असर एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट्स पर पड़ा। कई उड़ानें देरी से चलीं। हालांकि कंपनी ने प्रभावित फ्लाइट्स की संख्या नहीं बताई। AIASL एयरपोर्ट पर ग्राउंड हैंडलिंग का काम करती है। कंपनी यात्रियों की मदद, सामान लोडिंग और विमान तैयार करने जैसी सेवाएं देती है। यह सेवाएं एअर इंडिया समेत कई विदेशी एयरलाइंस को भी दी जाती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एयर इंडिया की एक फ्लाइट टेकऑफ से पहले काफी देर तक खड़ी रही। यात्रियों का आरोप है कि उन्हें समय पर सही जानकारी भी नहीं दी गई। एयरक्राफ्ट के अंदर बैठे लोगों ने गर्मी और असुविधा की शिकायत की। सोशल मीडिया पर यात्रियों ने गुस्सा जाहिर किया सोशल मीडिया X पर अभय वलसंगकर नाम के एक यूजर ने नाराजगी जताई सोशल मीडिया X पर प्रवेंदु झा नाम के एक यूजर ने नाराजगी जताई AIASL के CEO ने कहा- कर्मचारी काम पर लौटे एअर इंडिया ने कहा कि मुंबई एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ के विरोध का असर उड़ानों पर पड़ा। एयरलाइन ने बताया कि स्थिति सामान्य करने की कोशिश जारी है। यात्रियों को कम परेशानी हो, इसके लिए एयरपोर्ट टीम काम कर रही है। AIASL के CEO रामबाबू ने कहा कि कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। प्रबंधन ने कर्मचारियों से उनकी मांगें लिखित में मांगीं। इसके बाद कर्मचारी वापस काम पर लौट गए। कर्मचारियों का पत्र कंपनी को मिल गया है। प्रबंधन सभी मांगों पर नियमों के अनुसार विचार करेगा। AIASL देश के 84 एयरपोर्ट्स पर सेवाएं देती है। कंपनी में करीब 20 हजार कर्मचारी काम करते हैं। AIASL रोज लगभग 650 उड़ानों को संभालती है। इनमें 35% अंतरराष्ट्रीय और 65% घरेलू उड़ानें शामिल हैं। कंपनी एअर इंडिया समूह के साथ कई विदेशी एयरलाइंस को भी सेवाएं देती है। इनमें फ्लायदुबई, सऊदिया, ओमान एअर और सलाम एअर शामिल हैं। ——————————- ये खबर भी पढ़े… वडोदरा से दिल्ली जा रही इंडिगो फ्लाइट में लाइट गुल, अंधेरे और गर्मी में बेहाल हुए पैसेंजर्स गुजरात के वडोदरा में रविवार रात इंडिगो की फ्लाइट (6E 657) में बिजली गुल हो गई। विमान का ग्राउंड पावर यूनिट (GPU) अचानक बंद हो जाने से ये हालात बने। इसके चलते पैसेंजर्स को अंधेरे और भारी उमस में परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India Continues Russia Oil Buys Despite US Sanctions; May Imports Hit 2.3M BPD

Hindi News Business India Continues Russia Oil Buys Despite US Sanctions; May Imports Hit 2.3M BPD नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक सोमवार को पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने देश में पेट्रोल-डीजल और LPG की सप्लाई की जानकारी दी। अमेरिका की तरफ से मिलने वाली प्रतिबंधों की छूट खत्म होने के बाद भी भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में साफ किया कि रूस से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की खरीद आगे भी जारी रहेगी। अमेरिकी प्रतिबंधों की छूट खत्म होने से भारत के इम्पोर्ट प्लान पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि भारत का यह फैसला किसी देश की रियायत पर नहीं, बल्कि शुद्ध रूप से व्यापारिक सूझबूझ और देश के आर्थिक हित पर आधारित है। कच्चे तेल की पर्याप्त सप्लाई का इंतजाम है उन्होंने कहा कि भारत का रुख इस मामले में हमेशा से साफ रहा है। भारत अमेरिकी छूट मिलने से पहले भी रूस से तेल खरीद रहा था, छूट के दौरान भी खरीदा और आगे भी इसे जारी रखेगा। सरकार ने देश की जरूरत के मुताबिक पहले ही कच्चे तेल की पर्याप्त सप्लाई का इंतजाम कर लिया है, इसलिए देश में क्रूड ऑयल की कोई कमी नहीं है। आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने मई महीने में रूस से रिकॉर्ड 23 लाख बैरल प्रति दिन कच्चे तेल का आयात किया है। 16 मई को खत्म हो चुकी है अमेरिका की दी हुई मोहलत यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत ने अमेरिका से रूसी तेल आयात पर छूट की समयसीमा बढ़ाने की मांग की है। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट में सप्लाई काफी प्रभावित हुई है। वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें काबू में रखने और सप्लाई बनाए रखने के लिए अमेरिका ने मार्च में एक छूट जारी की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 16 मई तक के लिए वैध किया गया था। हालांकि, रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से ही वाशिंगटन लगातार भारत पर इस बात का दबाव बनाता रहा है कि वह रूस से डिस्काउंट पर तेल खरीदना कम करे। घरेलू बाजार में महंगाई रोकने के लिए सप्लाई जरूरी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अधिकारियों ने अमेरिकी प्रशासन को स्पष्ट कर दिया था कि ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच देश की तेल सप्लाई को बनाए रखना सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है। अधिकारियों ने चेतावनी भी दी थी कि अगर तेल की सप्लाई में कोई रुकावट आती है, तो इसका सीधा असर भारतीय उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। इससे देश में डोमेस्टिक कुकिंग गैस (LPG) जैसी जरूरी चीजों की किल्लत और महंगाई बढ़ सकती है। हालांकि, इस पूरे मामले पर भारत के तेल मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी। मई में रूस से तेल आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा अमेरिकी छूट की डेडलाइन खत्म होने से पहले भारतीय रिफाइनरी कंपनियों ने रूस से कच्चे तेल की खरीद काफी तेज कर दी है। डेटा इंटेलिजेंस एजेंसी केपलर के आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने में अब तक भारत का रूसी तेल आयात रिकॉर्ड 23 लाख बैरल प्रति दिन के स्तर पर पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। विश्लेषकों का अनुमान है कि पूरे मई महीने का औसत आयात भी करीब 19 लाख बैरल प्रति दिन के आसपास रहने वाला है। भारत ऊर्जा जरूरतों के लिए रूसी तेल खरीदता रहा है पिछले साल नवंबर में यूक्रेन के साथ जंग के चलते ट्रम्प प्रशासन ने रूसी तेल कंपनियों लुकोइल और रोजनेफ्ट पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे। इसके बाद जनवरी में भारत का रूसी तेल आयात गिरकर 11 लाख बैरल प्रति दिन रह गया था, जो नवंबर 2022 के बाद सबसे कम था। हालांकि, फरवरी में यह हिस्सेदारी फिर से बढ़कर 30% तक पहुंच गई है। भारत लगातार अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रियायती दरों पर रूसी तेल खरीदता रहा है। ——————— ये खबर भी पढ़ें… रूस से 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीदेगा भारत: रिलायंस-IOC ने बुकिंग की, ईरान जंग के बीच सप्लाई बंद होने के बाद फैसला ईरान-इजराइल में जारी जंग के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज रूट बंद हो गया है। ऐसे में कच्चे तेल की सप्लाई बंद होने के बाद भारत करीब 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल रूस से खरीदेगा। यह दावा ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में बताया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों ने रूस से तेल के एग्रीमेंट किए हैं। हाल ही में अमेरिका ने समुद्र में फंसे रूसी तेल के शिपमेंट्स खरीदने के लिए भारत को 30 दिन (3 अप्रैल तक) की छूट देने का दावा किया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India Vs Sri Lanka Test Series 2026 Schedule; BCCI

स्पोर्ट्स डेस्क15 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत और श्रीलंका के बीच अगस्त में 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी। क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के इस सीरीज के लिए 15 से 27 अगस्त के बीच की विंडो तय की है। श्रीलंका क्रिकेट और BCCI के सूत्रों के अनुसार, इस शेड्यूल की जानकारी भारतीय टीम समेत सभी संबंधित पक्षों को दे दी गई है। यह टेस्ट सीरीज लंका प्रीमियर लीग (LPL) के बाद खेली जाएगी, जिसका फाइनल 9 अगस्त को होना है। वहीं, दौरे में प्रस्तावित 3 मैचों की टी-20 सीरीज को लेकर अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। श्रीलंका क्रिकेट में अंतरिम कमेटी का गठन BCCI सचिव देवजीत सैकिया इस समय ICC के प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में श्रीलंका के दौरे पर हैं। वे वहां श्रीलंका क्रिकेट की मौजूदा स्थिति का जायजा लेने गए हैं, जिसे हाल ही में राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की सरकार ने भंग कर दिया गया था। सरकार ने इसके बाद एक अंतरिम संस्था का गठन किया है, जिसे ‘श्रीलंका क्रिकेट ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी’ नाम दिया गया है। भारत-श्रीलंक के बीच आखिरी टेस्ट सीरीज 2022 में खेली गई थी। इसे भारत ने 2-0 से जीता था। टी-20 मैचों के आयोजन में शेड्यूल की चुनौती श्रीलंका दौरे पर सैकिया की मुलाकात के दौरान ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के सदस्य टी-20 सीरीज का मुद्दा उनके सामने उठा सकते हैं। इन 3 टी-20 मैचों को पिछले साल नवंबर में आए चक्रवात ‘दित्वह’ के पीड़ितों के लिए फंड जुटाने के उद्देश्य से प्रस्तावित किया गया था। लेकिन भारतीय टीम के लिए सितंबर का महीना बेहद व्यस्त होने के कारण इस सीरीज के लिए विंडो निकालना एक बड़ी चुनौती होगी। सितंबर में बांग्लादेश दौरे का है प्रस्ताव भारतीय टीम के लिए सितंबर में बांग्लादेश में 6 मैचों की व्हाइट-बॉल सीरीज की योजना बनाई गई है, जिसमें 3 वनडे और 3 टी-20 इंटरनेशनल मैच शामिल हैं। अगर यह बांग्लादेश दौरा होता है, तो शेड्यूल बनाने वालों के लिए चीजें काफी मुश्किल हो सकती हैं। सैकिया ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में बांग्लादेश सीरीज के होने या न होने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि ध्यान वर्तमान में तय कार्यक्रमों पर होना चाहिए। बांग्लादेश का यह दौरा पिछले साल स्थगित हुई सीरीज का हिस्सा है, जिसे दोनों देशों के बीच तनाव के कारण टाल दिया गया था। अब भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक संबंधों में जमी बर्फ पिघलती हुई दिख रही है, लेकिन यह सीरीज आखिरकार होगी या नहीं, यह अभी भी केवल अनुमान का विषय है। भारतीय टीम का आगामी इंटरनेशनल शेड्यूल भारतीय टीम 6 जून से मुल्लांपुर में अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट मैच के साथ अपने इंटरनेशनल सीजन की शुरुआत करेगी, जिसके बाद 3 मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। इसके बाद भारतीय टीम श्रीलंका दौरे से पहले आयरलैंड, इंग्लैंड और जिम्बाब्वे का दौरा करेगी। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ अभी तक एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India Vs Sri Lanka Test Series 2026 Schedule; BCCI

स्पोर्ट्स डेस्क31 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत और श्रीलंका के बीच अगस्त में 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी। क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के इस सीरीज के लिए 15 से 27 अगस्त के बीच की विंडो तय की है। श्रीलंका क्रिकेट और BCCI के सूत्रों के अनुसार, इस शेड्यूल की जानकारी भारतीय टीम समेत सभी संबंधित पक्षों को दे दी गई है। यह टेस्ट सीरीज लंका प्रीमियर लीग (LPL) के बाद खेली जाएगी, जिसका फाइनल 9 अगस्त को होना है। वहीं, दौरे में प्रस्तावित 3 मैचों की टी-20 सीरीज को लेकर अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। श्रीलंका क्रिकेट में अंतरिम कमेटी का गठन BCCI सचिव देवजीत सैकिया इस समय ICC के प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में श्रीलंका के दौरे पर हैं। वे वहां श्रीलंका क्रिकेट की मौजूदा स्थिति का जायजा लेने गए हैं, जिसे हाल ही में राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की सरकार ने भंग कर दिया गया था। सरकार ने इसके बाद एक अंतरिम संस्था का गठन किया है, जिसे ‘श्रीलंका क्रिकेट ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी’ नाम दिया गया है। भारत-श्रीलंक के बीच आखिरी टेस्ट सीरीज 2022 में खेली गई थी। इसे भारत ने 2-0 से जीता था। टी-20 मैचों के आयोजन में शेड्यूल की चुनौती श्रीलंका दौरे पर सैकिया की मुलाकात के दौरान ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के सदस्य टी-20 सीरीज का मुद्दा उनके सामने उठा सकते हैं। इन 3 टी-20 मैचों को पिछले साल नवंबर में आए चक्रवात ‘दित्वह’ के पीड़ितों के लिए फंड जुटाने के उद्देश्य से प्रस्तावित किया गया था। लेकिन भारतीय टीम के लिए सितंबर का महीना बेहद व्यस्त होने के कारण इस सीरीज के लिए विंडो निकालना एक बड़ी चुनौती होगी। सितंबर में बांग्लादेश दौरे का है प्रस्ताव भारतीय टीम के लिए सितंबर में बांग्लादेश में 6 मैचों की व्हाइट-बॉल सीरीज की योजना बनाई गई है, जिसमें 3 वनडे और 3 टी-20 इंटरनेशनल मैच शामिल हैं। अगर यह बांग्लादेश दौरा होता है, तो शेड्यूल बनाने वालों के लिए चीजें काफी मुश्किल हो सकती हैं। सैकिया ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में बांग्लादेश सीरीज के होने या न होने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि ध्यान वर्तमान में तय कार्यक्रमों पर होना चाहिए। बांग्लादेश का यह दौरा पिछले साल स्थगित हुई सीरीज का हिस्सा है, जिसे दोनों देशों के बीच तनाव के कारण टाल दिया गया था। अब भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक संबंधों में जमी बर्फ पिघलती हुई दिख रही है, लेकिन यह सीरीज आखिरकार होगी या नहीं, यह अभी भी केवल अनुमान का विषय है। भारतीय टीम का आगामी इंटरनेशनल शेड्यूल भारतीय टीम 6 जून से मुल्लांपुर में अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट मैच के साथ अपने इंटरनेशनल सीजन की शुरुआत करेगी, जिसके बाद 3 मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। इसके बाद भारतीय टीम श्रीलंका दौरे से पहले आयरलैंड, इंग्लैंड और जिम्बाब्वे का दौरा करेगी। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ अभी तक एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India Test ODI Squad 2026 Vs Afghanistan; Virat Kohli Rohit Sharma

मुंबई11 मिनट पहले कॉपी लिंक अफगानिस्तान अगले महीने भारतीय दौरे पर आ रही है। उसे यहां 6 जून से एक टेस्ट और 3 वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है। इस सीरीज के खिलाफ भारतीय क्रिकेट टीम का ऐलान मंगलवार को होगा। यह दावा PTI ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है। इसके अनुसार गुवाहाटी में होने वाली सिलेक्शन कमेटी की बैठक में जसप्रीत बुमराह को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिया जा सकता है। साथ ही रोहित शर्मा की फिटनेस पर भी चर्चा होगी। देवदत्त पडिक्कल, आकिब नबी और प्रिंस यादव पर भी नजरें रहेंगी। बुमराह को वनडे और टेस्ट से मिल सकता है आराम सिलेक्शन कमेटी के मुताबिक बुमराह को टेस्ट और वनडे में साथ खिलाने की संभावना कम है। उन्हें वनडे सीरीज से आराम दिया जा सकता है। ताकि उन्हें 2027 वनडे वर्ल्डकप के लिए फिट रखा जा सके। उनके मामले में टीम मैनेजमेंट कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। बुमराह की गैरमौजूदगी में मोहम्मद सिराज भारत के पेस अटैक को लीड कर सकते हैं। प्रसिद्ध कृष्णा का चयन भी तय माना जा रहा है। पीठ की समस्या से जूझ रहे हार्दिक पंड्या की उपलब्धता अब भी स्पष्ट नहीं है। रोहित पर फैसला बाकी, विराट खेलेंगे वनडे रोहित शर्मा IPL में मांसपेशियों की चोट से जूझते रहे हैं। वे IPL में मुंबई के कई मैचों से बाहर रहे। ऐसे में सिलेक्टर्स उन्हें वनडे टीम में तभी शामिल करेंगे, जब वे पूरी तरह फिट होंगे। वहीं, शानदार फॉर्म में चल रहे विराट कोहली के सभी वनडे खेलने की संभावना है। रोहित और कोहली ने 18 जनवरी को इंदौर में एक साथ पिछला वनडे मैच खेला था। नंबर-3 के लिए पडिक्कल पर दांव चेतेश्वर पुजारा के बाहर होने के बाद भारत को टेस्ट में नंबर-3 पर स्थायी बल्लेबाज नहीं मिला है। साई सुदर्शन को मौके मिले, लेकिन वे प्रभाव नहीं छोड़ सके। अब देवदत्त पडिक्कल को लंबी अवधि के विकल्प के तौर पर तैयार करने की योजना है। आकिब नबी और प्रिंस यादव पर नजरें रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर के लिए 60 विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज आकिब नबी को टेस्ट टीम में मौका मिल सकता है। वहीं, IPL में तेज गेंदबाजी से प्रभावित करने वाले प्रिंस यादव वनडे टीम की रेस में हैं। ————————————————– दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…






