India A ODI Tri-Series in Sri Lanka

स्पोर्ट्स डेस्क7 मिनट पहले कॉपी लिंक सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में 80 गेंद पर 175 रन बनाए थे। श्रीलंका में होने वाली भारत ए की वनडे ट्राई सीरीज को लाइव टेलीकास्ट होगा। इसकी सबसे बड़ी वजह वैभव सूर्यवंशी को माना जा रहा है। आमतौर पर इस तरह की ट्राई सीरीज को टेलीकास्ट नहीं किया जाता है, लेकिन सूर्यवंशी की फैन फॉलोइंग को देखते हुए लाइव करने का फैसला लिया गया है। ट्राई-सीरीज 9 जून से 21 जून तक श्रीलंका में खेली जाएगी। इसमें भारत ए, अफगानिस्तान ए और मेजबान श्रीलंका ए की टीम शामिल होंगी। टूर्नामेंट में फाइनल सहित 7 मैच खेले जाएंगे। सोनी स्पोर्ट्स और सोनी लिव पर इसे लाइव दिखाया जाएगा। ट्राई सीरीज में तिलक वर्मा को भारत ए टीम का कप्तान बनाया गया है। सूर्यवंशी की पॉपुलेरिटी को देखकर ब्रॉडकास्टर का फैसला सोनी नेटवर्क हाल ही में क्रिकेट एक्शन से दूर रहा था, क्योंकि वर्ल्ड कप और IPL जियो हॉटस्टार पर थे। अब सूर्यवंशी फीवर का फायदा उठाते हुए उन्होंने यह कवरेज अपने पास रखा है। सोनी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते हुए कहा, ‘सूर्यवंशी एक्सप्रेस हाई-ऑक्टेन ट्राई-सीरीज में मंच रोशन करने आ रही है।’ सोनी के पास अगस्त के दूसरे हफ्ते में भारत-श्रीलंका बाइलेटरल सीरीज के अधिकार भी हैं। वहीं लंका प्रीमियर लीग (LPL) जियो हॉटस्टार पर होगी। सूर्यवंशी ने IPL 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाए इस सीजन IPL में वैभव सूर्यवंशी ने सबसे ज्यादा 776 रन बनाए। इसके लिए उन्हें ऑरेंज कैप दिया गया। इसके अलावा उन्होंने मॉस्ट वैल्यूएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर, सुपर स्ट्राइकर, सिक्सर का खिताब भी जीता। भारतीय टीम दौरे पर दो टेस्ट मैच भी खेलेगी 25 जून से भारत ए की टीम श्रीलंका से 2 टेस्ट मैच की सीरीज भी खेलेगी। इसके साथ ही 3 टी20 इंटरनेशनल मैच भी जोड़ने पर बात चल रही है। BCCI और SLC से जुड़े सूत्रों के मुताबिक टी20 सीरीज को मंजूरी मिलने की अच्छी संभावना है। ट्राई सीरीज के लिए इंजरी से उबर रहे रियान पराग की जगह रुतुराज गायकवाड़ उप-कप्तान बनाए गए हैं। ———————————— स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… इंग्लैंड महिला टीम ने टी-20 में भारत को हराया:सीरीज 2-1 से जीती, कैपसे-नाइट के बीच 137 रन की पार्टनरशिप इंग्लैंड की महिला टीम ने तीसरे और आखिरी टी-20 इंटरनेशनल में भारत को 6 विकेट से हराया। इसके साथ ही इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली। 181 रन के लक्ष्य को इंग्लैंड ने एलिस कैपसे (82 रन) और कप्तान हीथर नाइट (नाबाद 70 रन) की पारियों की बदौलत 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। टी-20 इंटरनेशनल में यह इंग्लैंड का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन-चेज है। पूरी खबर पढें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Kangana Ranaut Recalls 2611 Attack Night

10 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस कंगना रनोट ने अपनी अपकमिंग फिल्म भारत भाग्य विधाता के ट्रेलर लॉन्च के दौरान 26/11 मुंबई आतंकी हमले की रात का अनुभव शेयर किया। उन्होंने बताया कि उस रात वह मुंबई में एक हाउस पार्टी में थीं और वहीं उन्हें हमले की जानकारी मिली। शहाना गोस्वामी के घर मौजूद थीं कंगना फिल्म के ट्रेलर लॉन्च पर कंगना ने बताया था कि 26/11 हमले के समय वह एक्ट्रेस शहाना गोस्वामी के घर एक पार्टी में मौजूद थीं। उस दौरान उनके साथ कई अन्य लोग भी थे। कंगना ने कहा कि वह महेश भट्ट के साथ काम कर रही थीं और विशेष फिल्म्स में स्ट्रगलर थीं। शहाना गोस्वामी ने यारी रोड स्थित अपने घर पर पार्टी रखी थी। कंगना की पहली फिल्म ‘गैंगस्टर’ का निर्माण महेश भट्ट की कंपनी ‘विशेष फिल्म्स’ ने किया था। महेश भट्ट ने बाहर जाने से रोका कंगना के मुताबिक, पार्टी के दौरान महेश भट्ट अंदर आए और टीवी चलाने को कहा। उस दौरान कंगना और अन्य लोग डांस कर रहे थे। फिर भट्ट ने बताया कि आतंकी हमला हुआ है। उसी दौरान वहां मौजूद लोगों को हमले की जानकारी मिली। कंगना ने बताया कि बाद में उन्होंने चर्चा की कि सभी को घर जाना चाहिए या नहीं। महेश भट्ट ने सभी को वहीं रुकने और बाहर न निकलने की सलाह दी। इसके बाद करीब 20-25 लोग शहाना गोस्वामी के घर पर ही रुके रहे। 26/11 मुंबई आतंकी हमला मुंबई में 26 नवंबर 2008 को आतंकी हमला हुआ था, जिसे 26/11 के नाम से जाना जाता है। पाकिस्तान से आए लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों ने मुंबई के कई स्थानों को निशाना बनाया था, जिनमें रेलवे स्टेशन और होटल शामिल थे। करीब 60 घंटे तक चले इस हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी। यह हमला भारत के इतिहास की सबसे बड़ी आतंकी घटनाओं में गिना जाता है। गौरतलब है कि कंगना की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दौरान बहादुरी दिखाने वाले कामा अस्पताल के नर्सों और वॉर्ड बॉयज की कहानी पर आधारित है। फिल्म में कंगना ने एक नर्स का किरदार निभाया है। फिल्म भारत भाग्य विधाता का डायरेक्शन मनोज तापड़िया ने किया है। इस फिल्म में कंगना रनोट के अलावा गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे और आशा शेलार भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। कंगना से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कंगना रनोट की पहली फिल्म देख पैरेंट्स हुए नाराज:गैंगस्टर को लेकर कहा था- समाज क्या सोचेगा, उनकी बेटी कैसी फिल्में कर रही है बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनोट ने अपनी डेब्यू फिल्म गैंगस्टर को लेकर बताया कि यह फिल्म देखने के बाद उनके माता-पिता खुश नहीं थे और फिल्म के कुछ सीन्स को लेकर चिंतित थे। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India First Country Ebola Medicine | Kaziranga Handloom Amazon

Hindi News Career India First Country Ebola Medicine | Kaziranga Handloom Amazon | June 3 Current Affairs 10 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. भारत सरकार ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (संशोधन) नियम, 2026 लागू किया 2 जून को गृह मंत्रालय ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (संशोधन) नियम, 2026 का नोटिफिकेशन जारी किया। नए नियमों के मुताबिक, अब 180 दिन के वीजा पर भारत आए विदेशी कभी भी वीजा की अवधि बढ़ाने के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इससे पहले तक 180 दिन पूरे होने के बाद ही, 14 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन कराना होता था। सभी विदेशी नागरिकों को आदेश मिलने के 30 दिन के भीतर अपील करनी होगी। बच्चों की नागरिकता से जुड़े नियम भी बदले इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (संशोधन) नियम, 2026 के मुताबिक, अगर बच्चे के माता-पिता में से कोई एक यदि भारतीय नागरिक है और बच्चे की भारतीय नागरिकता बनाए रखना चाहता है, तो बच्चे पर विदेशी नागरिकों के रजिस्ट्रेशन वाले नियम लागू नहीं होंगे। वहीं, भारत में रह रहा कोई बच्चा किसी दूसरे देश की नागरिकता हासिल करता है, तो उसके माता-पिता को 30 दिन के भीतर इसकी जानकारी रजिस्ट्रेशन अधिकारी को देनी होगी। इसके अलावा कुछ मामलों में सूचना देने की समय-सीमा 24 घंटे तय की गई है। गृह मंत्रालय ने ये बदलाव इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 30 के तहत किए हैं। संसद ने मार्च 2025 में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 पास किया था। इस कानून में पासपोर्ट एक्ट 1920, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एक्ट 1939, फॉरेनर्स एक्ट 1946 और इमिग्रेशन एक्ट 2000 समेत कई पुराने कानूनों के प्रावधान शामिल हैं। कानून के तहत यदि कोई गैर कानूनी तरीके से किसी विदेशी को देश में लाता, ठहराता या बसाता है, तो उसे 3 साल जेल या 2 से 5 लाख रुपए का जुर्माना या फिर दोनों की सजा हो सकती है। 2. भारत ने अफ्रीका में इबोला प्रभावितों के लिए मेडिकल हेल्प भेजी 2 जून को भारत ने अफ्रीका में इबोला प्रभावितों के लिए मेडिकल हेल्प भेजी। इबोला प्रभावितों के लिए 43 टन की मेडिकल हेल्प भेजी गई है। भारत ने ये सहायता अफ्रीकी संघ की स्वास्थ्य एजेंसी ‘अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल’ (Africa CDC) को भेजी है। इस मेडिकल खेप में जीवन रक्षक दवाएं और हेल्थ इक्विपमेंट जैसे डायगनोस्टिक किट, इंफेक्शन प्रिवेंशन मटेरियल, प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट और केस मैनेजमेंट सप्लाई शामिल हैं। ये भारत सरकार की भेजी हुई दूसरी मेडिकल खेप भी। इससे पहले 24 मई को भी आपातकालीन चिकित्सा आपूर्ति खेप भेजी गई थीं। 17 मई को विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने कांगो और युगांडा में इबोला वायरस को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। इबोला वायरस की अभी तक कोई वैक्सीन नहीं है। हालांकि WHO ने कहा है कि ये वायरस कोविड-19 जितना खतरनाक नहीं है। भारत में 2014 के बाद इबोला का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। दुनिया में इबोला वायरस का पहला मामला और प्रकोप वर्ष 1976 में सामने आया था। भारत ने अपनी ‘वैक्सीन मैत्री’ और चिकित्सा सहायता नीति के तहत ये मेडिकल हेल्प भेजी है। 3.इलेक्ट्रॉनिक और आईटी मिनिस्ट्री ने DPIIT के साथ MoU साइन किया 2 जून को डिजिटल इंडिया भाषिनी (BHASINI) प्लेटफॉर्म ने डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) के साथ एक MoU साइन किया। इस MoU के तहत, भाषिनी के ‘उद्यत’, ‘मित्रा’, ‘ऐपमित्रा’ और ‘वक्ता’ जैसे मंचों के जरिए उद्यमियों, निवेशकों और स्टार्टअप्स के लिए वॉयस-बेस्ड बहुभाषी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इलेक्ट्रॉनिक और IT मिनिस्ट्री के मुताबिक इस MoU का उद्देश्य बहुभाषी डिजिटल कैपेबिलिटी को मजबूत करना है। इस MoU का उद्देश्य DPIIT के डिजिटल प्लेटफार्मों पर बहुभाषी पहुंच यानी एक से ज्यादा भाषाओ में जानकारी देने है। इसमें एक से ज्यादा भाषाओं में काम-काज शुरू करना और उससे जुड़ी सर्विस देना शामिल है। इससे सरकारी सूचना, स्टार्टअप और इंडस्ट्रियल सर्विस, कम्युनिकेशन को बढ़ावा मिलेगा। एक से ज्यादा भाषाओं में जानकारी होने से लोगों के बीच भाषाई मुश्किल कम होगी और इस MoU का उद्देशय संविधान के आठवें शेड्यूल में शामिल सभी 22 भाषाओं में एडमिनिस्ट्रेशन और सर्विस को शुरू करना है। DPIIT देश में इंडस्ट्री और इंटरनल ट्रेड इको-सिस्टम को मजबूत करने का काम करता है। भाषिनी के अनुवाद (ट्रांसलेशन) और टेक्नोलॉजी को DPIIT प्लेटफार्मों में मिलाया जाएगा। इस MoU में डोमेन-स्पेसिफिक बहुभाषी AI मॉडल डेवलप किए जाएंगे। साथ ही बहुभाषी वॉइस बेस्ड डेटा सेट बनाए जाएंगे। BHASINI (भाषिनी) भाषिनी (भारत के लिए भाषा इंटरफेस) भारत की राष्ट्रीय भाषा को बढ़ावा देने का काम करता है और ये सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आता है। ये अनुवाद, भाषण और बहुभाषी डिजिटल सेवाएं देने के लिए AI-बेस्ड लैंग्वेज टेक्नोलॉजी का उपयोग करता है। जिससे नागरिकों को उनकी पसंदीदा भाषा में डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में मदद मिलती है। BHASINI का उद्देशय AI बेस्ड डिजिटल एडमिनिस्ट्रेशन को मजबूती से पेश कर सकेगा। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप अहमदाबाद में शुरू होगी 4 जून से पहली ‘विश्व योगासन चैंपियनशिप’ गुजरात के अहमदाबाद में शुरू होगी। इस चैंपियनशिप में 40 से ज्यादा देशों के एथलीट हिस्सा लेंगे। अमेरिकी योगासन टीम भी इस चैंपियनशिप में हिस्सा लेने भारत आएगी। भारत का लक्ष्य 2036 के ओलिंपिक में योगासन को स्पोर्ट्स के तौर पर शामिल करवाना है। ये चैंपियनशिप युवा मामले और खेल मंत्रालय, आयुष मंत्रालय और योगासन बॉडी मिलकर करवा रहे हैं। चैंपियनशिप का उद्देश्य दुनिया भर में योगासन के लिए प्रतिस्पर्धा नियमों और स्कोरिंग स्टैंडर्ड को शुरू करना है। ये एक खेल के तौर में योगासन को व्यापक अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने के भारत के अभियान में एक प्रमुख कदम का प्रतिनिधित्व करता है। 27 मई को केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में ‘योगासन’ को शामिल करने का ऐलान भी किया था। भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा। मिसलीनियस (MISCELLENEOUS) 5. काजीरंगा नेशनल पार्क ने ‘ई-शॉप लॉन्च किया 2 जून को अमेजन और GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) ने एक MoU ‘ई-शॉप’ लॉन्च किया। इस MoU के तहत काजीरंगा नेशनल पार्क अमेजन के जरिए अपने हैंडलूम प्रोडक्ट्स बेचेगा। काजीरंगा में ‘ई-शॉप लॉन्च करने का उद्देश्य वन संरक्षण को बढ़ाना और आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देना है। काजीरंगा के
Petrol Diesel Price Hike India

Hindi News Business Petrol Diesel Price Hike India | Fuel Costs Rise Rs 7.5; Food Prices To Increase नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारत में तेल कंपनियां पेट्रोल डीजल की कीमत में 2.5 रुपए तक का इजाफा कर सकती हैं। अभी देश में 15 मई से अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब ₹7.5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने मंगलवार (2 जून) को अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि, अगर ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो तेल कंपनियां अपना घाटा कम करने के लिए आने वाले दिनों में कुल बढ़ोतरी को ₹10 प्रति लीटर तक ले जा सकती हैं। फ्यूल महंगा होने से खुदरा महंगाई भी बढ़ेगी रिपोर्ट के अनुसार, फ्यूल की कीमतों में ₹7.5 प्रति लीटर की यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर खुदरा महंगाई में करीब 36 बेसिस पॉइंट्स (0.36%) जोड़ सकती है। वहीं, अगर यह बढ़ोतरी ₹10 प्रति लीटर तक पहुंचती है, तो महंगाई पर इसका असर बढ़कर लगभग 48 बेसिस पॉइंट्स (0.48%) हो जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ेगी, जिसका सीधा असर आने वाले महीनों में खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा के कंज्यूमर गुड्स पर दिखाई देगा। मालभाड़ा बढ़ने से बिगड़ेगा रसोई का बजट भारत में माल ढुलाई का करीब 71% हिस्सा सड़क परिवहन के जरिए होता है और ट्रांसपोर्टर्स के कुल ऑपरेटिंग खर्च में ईंधन (डीजल) की हिस्सेदारी लगभग 42% होती है। रिटेल फ्यूल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ेगी जो पूरी सप्लाई चेन को प्रभावित करेगी। क्रिसिल के मुताबिक, परिवहन पर निर्भर रहने वाली खाद्य श्रेणियां सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी। इन चीजों के दाम बढ़ने की सबसे ज्यादा आशंका डेयरी प्रोडक्ट्स (दूध, दही, पनीर) चाय और कॉफी ताजे फल और दालें मसाले, अंडे, मीट और मछली सीमेंट, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स भी महंगे हो सकते हैं फ्यूल के दाम बढ़ने से सिर्फ खाना ही नहीं, बल्कि कोर इन्फ्लेशन (गैर-खाद्य और गैर-ऊर्जा महंगाई) भी बढ़ेगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पहले से ही कच्चे तेल, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और नेचुरल गैस की ऊंची कीमतों से जूझ रहा है। क्रिसिल ने बताया कि कपड़ा, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, लकड़ी के उत्पाद और सीमेंट और सिरेमिक जैसी कंस्ट्रक्शन सामग्रियां सबसे ज्यादा ट्रांसपोर्ट-इंटेन्सिव (परिवहन पर निर्भर) उद्योग हैं। मांग स्थिर होने से कंपनियां बढ़ती लागत का बोझ सीधे ग्राहकों पर डाल सकती हैं या फिर कीमत वही रखकर पैकेट का साइज छोटा करने का रास्ता अपना सकती हैं। इसके अलावा केमिकल्स, कोयला और मेटल से जुड़े प्रोडक्ट्स की इनपुट कॉस्ट भी बढ़ेगी। GST कटौती से थोड़ी राहत, लेकिन क्रूड $112 के पार रिपोर्ट में नोट किया गया है कि सितंबर 2025 में सरकार की ओर से इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, कपड़े और FMCG जैसे मास-कंजम्पशन आइटम्स पर की गई GST कटौती से ग्राहकों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन यह राहत महंगे तेल के झटके को पूरी तरह से बेअसर नहीं कर पाएगी। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (FY27) के शुरुआती दो महीनों में कच्चे तेल की औसत कीमत $112 प्रति बैरल रही है, जो क्रिसिल के पूरे साल के अनुमान ($95 प्रति बैरल) से काफी ज्यादा है। हालांकि, मौजूदा हेडलाइन इन्फ्लेशन RBI के 4% के लक्ष्य से नीचे है, लेकिन क्रिसिल का अनुमान है कि यह ऊपर की ओर ट्रेंड करेगी। फिर भी, यह RBI के 2-6% के टॉलरेंस बैंड (संतोषजनक दायरे) के भीतर ही रहेगी। केंद्रीय बैंक इस सप्लाई-साइड प्रेशर के साथ-साथ खराब मानसून और अल नीनो के खतरों पर भी कड़ी नजर रखेगा। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। बेस प्राइस से तीन-चार गुना तक बढ़ जाती है कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर देश में ईंधन के दाम तय किए जाते हैं। सरकारी तेल कंपनियां ‘डेली प्राइस रिवीजन’ के तहत हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं। उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले तेल की कीमतों में कई तरह के टैक्स और खर्च जुड़ते हैं: 1. कच्चे तेल की कीमत (बेस प्राइस): भारत अपनी जरूरत का करीब 90% क्रूड आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदे गए बैरल के हिसाब से प्रति लीटर तेल की कीमत तय होती है। 2. रिफाइनिंग और कंपनियों का चार्ज: कच्चे तेल को देश की रिफाइनरियों में साफ करके पेट्रोल-डीजल बनाया जाता है। इसमें रिफाइनिंग लागत और कंपनियों का मार्जिन शामिल होता है। 3. केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी: रिफाइनरी से निकलने के बाद केंद्र सरकार इस पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) और रोड सेस लगाती है। यह देशभर में सभी राज्यों के लिए समान होती है। 4. डीलर कमीशन: तेल कंपनियां जिस रेट पर डीलर्स को ईंधन बेचती हैं, उसमें डीलर्स का अपना निश्चित कमीशन जोड़ा जाता है, जो पेट्रोल और डीजल के लिए अलग-अलग होता है। 5. राज्य सरकार का वैट (VAT): सबसे आखिर में राज्य सरकारें अपने हिसाब से वैट या लोकल सेल्स टैक्स लगाती हैं। चूंकि हर राज्य की वैट दरें अलग होती हैं, इसलिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें भी अलग-अलग हो जाती है। पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटाई थी सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 की कटौती की थी। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 प्रति लीटर से घटाकर ₹3, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से एक लीटर पेट्रोल पर कुल ₹21.90 एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी। स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्टूटी घटने के बाद यह ₹11.90 रह गई थी। इसी तरह, एक लीटर डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी
Petrol Diesel Price Hike India

Hindi News Business Petrol Diesel Price Hike India | Fuel Costs Rise Rs 7.5; Food Prices To Increase नई दिल्ली57 मिनट पहले कॉपी लिंक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारत में तेल कंपनियां पेट्रोल डीजल की कीमत में 2.5 रुपए तक का इजाफा कर सकती हैं। अभी देश में 15 मई से अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब ₹7.5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने मंगलवार (2 जून) को अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि, अगर ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो तेल कंपनियां अपना घाटा कम करने के लिए आने वाले दिनों में कुल बढ़ोतरी को ₹10 प्रति लीटर तक ले जा सकती हैं। फ्यूल महंगा होने से खुदरा महंगाई भी बढ़ेगी रिपोर्ट के अनुसार, फ्यूल की कीमतों में ₹7.5 प्रति लीटर की यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर खुदरा महंगाई में करीब 36 बेसिस पॉइंट्स (0.36%) जोड़ सकती है। वहीं, अगर यह बढ़ोतरी ₹10 प्रति लीटर तक पहुंचती है, तो महंगाई पर इसका असर बढ़कर लगभग 48 बेसिस पॉइंट्स (0.48%) हो जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ेगी, जिसका सीधा असर आने वाले महीनों में खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा के कंज्यूमर गुड्स पर दिखाई देगा। मालभाड़ा बढ़ने से बिगड़ेगा रसोई का बजट भारत में माल ढुलाई का करीब 71% हिस्सा सड़क परिवहन के जरिए होता है और ट्रांसपोर्टर्स के कुल ऑपरेटिंग खर्च में ईंधन (डीजल) की हिस्सेदारी लगभग 42% होती है। रिटेल फ्यूल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ेगी जो पूरी सप्लाई चेन को प्रभावित करेगी। क्रिसिल के मुताबिक, परिवहन पर निर्भर रहने वाली खाद्य श्रेणियां सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी। इन चीजों के दाम बढ़ने की सबसे ज्यादा आशंका डेयरी प्रोडक्ट्स (दूध, दही, पनीर) चाय और कॉफी ताजे फल और दालें मसाले, अंडे, मीट और मछली सीमेंट, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स भी महंगे हो सकते हैं फ्यूल के दाम बढ़ने से सिर्फ खाना ही नहीं, बल्कि कोर इन्फ्लेशन (गैर-खाद्य और गैर-ऊर्जा महंगाई) भी बढ़ेगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पहले से ही कच्चे तेल, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और नेचुरल गैस की ऊंची कीमतों से जूझ रहा है। क्रिसिल ने बताया कि कपड़ा, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, लकड़ी के उत्पाद और सीमेंट और सिरेमिक जैसी कंस्ट्रक्शन सामग्रियां सबसे ज्यादा ट्रांसपोर्ट-इंटेन्सिव (परिवहन पर निर्भर) उद्योग हैं। मांग स्थिर होने से कंपनियां बढ़ती लागत का बोझ सीधे ग्राहकों पर डाल सकती हैं या फिर कीमत वही रखकर पैकेट का साइज छोटा करने का रास्ता अपना सकती हैं। इसके अलावा केमिकल्स, कोयला और मेटल से जुड़े प्रोडक्ट्स की इनपुट कॉस्ट भी बढ़ेगी। GST कटौती से थोड़ी राहत, लेकिन क्रूड $112 के पार रिपोर्ट में नोट किया गया है कि सितंबर 2025 में सरकार की ओर से इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, कपड़े और FMCG जैसे मास-कंजम्पशन आइटम्स पर की गई GST कटौती से ग्राहकों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन यह राहत महंगे तेल के झटके को पूरी तरह से बेअसर नहीं कर पाएगी। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (FY27) के शुरुआती दो महीनों में कच्चे तेल की औसत कीमत $112 प्रति बैरल रही है, जो क्रिसिल के पूरे साल के अनुमान ($95 प्रति बैरल) से काफी ज्यादा है। हालांकि, मौजूदा हेडलाइन इन्फ्लेशन RBI के 4% के लक्ष्य से नीचे है, लेकिन क्रिसिल का अनुमान है कि यह ऊपर की ओर ट्रेंड करेगी। फिर भी, यह RBI के 2-6% के टॉलरेंस बैंड (संतोषजनक दायरे) के भीतर ही रहेगी। केंद्रीय बैंक इस सप्लाई-साइड प्रेशर के साथ-साथ खराब मानसून और अल नीनो के खतरों पर भी कड़ी नजर रखेगा। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। बेस प्राइस से तीन-चार गुना तक बढ़ जाती है कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर देश में ईंधन के दाम तय किए जाते हैं। सरकारी तेल कंपनियां ‘डेली प्राइस रिवीजन’ के तहत हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं। उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले तेल की कीमतों में कई तरह के टैक्स और खर्च जुड़ते हैं: 1. कच्चे तेल की कीमत (बेस प्राइस): भारत अपनी जरूरत का करीब 90% क्रूड आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदे गए बैरल के हिसाब से प्रति लीटर तेल की कीमत तय होती है। 2. रिफाइनिंग और कंपनियों का चार्ज: कच्चे तेल को देश की रिफाइनरियों में साफ करके पेट्रोल-डीजल बनाया जाता है। इसमें रिफाइनिंग लागत और कंपनियों का मार्जिन शामिल होता है। 3. केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी: रिफाइनरी से निकलने के बाद केंद्र सरकार इस पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) और रोड सेस लगाती है। यह देशभर में सभी राज्यों के लिए समान होती है। 4. डीलर कमीशन: तेल कंपनियां जिस रेट पर डीलर्स को ईंधन बेचती हैं, उसमें डीलर्स का अपना निश्चित कमीशन जोड़ा जाता है, जो पेट्रोल और डीजल के लिए अलग-अलग होता है। 5. राज्य सरकार का वैट (VAT): सबसे आखिर में राज्य सरकारें अपने हिसाब से वैट या लोकल सेल्स टैक्स लगाती हैं। चूंकि हर राज्य की वैट दरें अलग होती हैं, इसलिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें भी अलग-अलग हो जाती है। पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटाई थी सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 की कटौती की थी। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 प्रति लीटर से घटाकर ₹3, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से एक लीटर पेट्रोल पर कुल ₹21.90 एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी। स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्टूटी घटने के बाद यह ₹11.90 रह गई थी। इसी तरह, एक लीटर डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी
JEE Advanced 2026: Record Girls Qualify

6 मिनट पहले कॉपी लिंक पुणे की आरोही देशपांडे JEE Advanced 2026 की गर्ल्स टॉपर हैं। सोमवार को जारी JEE एडवांस्ड 2026 रिजल्ट में पहली बार 10,000 से ज्यादा लड़कियों ने क्वालिफाई किया है। ये पहली बार है जब इतनी संख्या में लड़कियों ने IITs में दाखिले के लिए क्वालिफाई किया है। इस साल परीक्षा में शामिल होने वाली हर चार लड़कियों में से लगभग एक ने सफलता हासिल की। लड़कियों का सक्सेस रेट 89% बढ़ा 2019 में IITs में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सुपरन्यूमरेरी सीटें लागू होने के बाद से हर साल लड़कियों की भागीदारी STEM एजुकेशन में बढ़ी है। 2019 में IITs के लिए क्वालिफाई करने वाली लड़कियों की संख्या 5,356 थी, जो 2026 में बढ़कर 10,107 हो गई है। यानी करीब 89% की बढ़ोतरी। वहीं, JEE Advanced में शामिल होने वाली लड़कियों की संख्या 33,249 से बढ़कर 40,562 हो गई है, जो लगभग 22% की वृद्धि है। ये दिखाता है कि IITs में लड़कियों की भागीदारी और सफलता दोनों लगातार बढ़ रही हैं। 1,79 लाख कैंडिडेट्स शामिल हुए थे कुल 1,87,389 कैंडिडेट्स ने JEE Advanced 2026 के लिए रजिस्टर किया था जिसमें से 1,79,694 कैंडिडेट्स एग्जाम में शामिल हुए। इनमें से कुल 56,880 कैंडिडेट्स ने परीक्षा पास की है। कैंडिडेट्स रोल नंबर/मोबाइल नंबर और DOB का यूज करके अपना JEE Advanced स्कोर 2026 देख सकते हैं। हालांकि, अभी तक JEE फाइनल आंसर की को लेकर को अपडेट नहीं दिया गया है। पुणे की आरोही देशपांडे बनीं गर्ल्स टॉपर पुणे की आरोही देशपांडे ने JEE Advanced 2026 में लड़कियों के बीच टॉप किया है। आरोही की ऑल इंडिया रैंक 77 है। कक्षा 9 के बाद आरोही की IIT की तैयारी के लिए उनका परिवार कोटा शिफ्ट हो गया था। यहां आरोही ने एलन करियर इंस्टिट्यूट से तैयारी की। आरोही देशपांडे ने JEE Mains में AIR 99 हासिल की थी। उनके पिता प्रसाद देशपांडे IT प्रोफेशनल हैं, जबकि मां अमिता देशपांडे पर्यावरण इंजीनियर हैं। दोनों ने वर्क फ्रॉम होम लेकर बेटी की तैयारी में पूरा सहयोग दिया। अरोही ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उनका फोकस सिर्फ अच्छे नंबर लाना था, न कि रैंक हासिल करना। —————– ये खबर भी पढ़ें.. NEET, CBSE के बाद CUET एग्जाम में भी गड़बड़ी: 2 घंटे देरी से शुरू हुआ एग्जाम, सेंटर पर छात्रों की नारेबाजी 30 मई को तकनीकी गड़बड़ी की वजह से कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट यानी CUET-UG की पहली शिफ्ट की परीक्षा दो घंटे देर से शुरू हुई। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
'मैं सुष्मिता सेन का केप्ट बॉयफ्रेंड था':एक्ट्रेस पर लगे 'गोल्ड डिगर' टैग पर ललित मोदी बोले- हर जगह वही पेमेंट करती थीं

बिजनेसमैन और पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी ने हाल ही में अपनी पूर्व पार्टनर सुष्मिता सेन को स्पेशल बताया। साथ ही उन्होंने एक्ट्रेस पर लगे ‘गोल्ड डिगर’ के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक्ट्रेस हर चीज का पेमेंट करती थीं। ललित मोदी ने कहा कि सुष्मिता उनकी जिंदगी का बेहद खास हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘सुष्मिता ने मुझे बहुत कुछ सिखाया और मेरी पर्सनैलिटी को निखारने में अहम भूमिका निभाई। हमारे बीच बहुत खूबसूरत रिश्ता था, लेकिन दूरियों और करियर की वजह से हम साथ नहीं रह पाए।’ उन्होंने सुष्मिता की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि वह आज भी उनकी बहुत अच्छी दोस्त हैं। ललित ने कहा, ‘वह एक शानदार महिला हैं। उन्होंने सिंगल मदर के तौर पर अपनी दोनों बेटियों रेनी और अलीशा की बेहतरीन परवरिश की है। मैं हमेशा उनकी उपलब्धियों को देखकर हैरान रह जाता हूं।’ खुद को बताया सुष्मिता का केप्ट बॉयफ्रेंड सुष्मिता को ‘सेल्फ-मेड वुमन’ बताते हुए ललित मोदी ने कहा, ‘वह एक बहुत अमीर महिला हैं। उन्होंने यह सब अपने दम पर हासिल किया है। ऐसा कभी नहीं हुआ कि मैं सुष्मिता के साथ कहीं बाहर गया हूं और मुझे किसी चीज की पेमेंट करनी पड़ी हो। वह हर चीज का पेमेंट करती थीं। मैं तो मानो एक केप्ट बॉयफ्रेंड था।’ वहीं, सुष्मिता और ललित के रिश्ते की खबरों के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने एक्ट्रेस को ‘गोल्ड डिगर’ कहा था। इस पर ललित मोदी ने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा, ‘”वह एक सेल्फ-मेड महिला हैं और वह कभी भी किसी से कुछ स्वीकार नहीं करेंगी। इसलिए जब कोई कहता है कि वह ‘गोल्ड डिगर’ हैं, तो नहीं। ललित ही ‘डायमंड डिगर’ था, जितनी वह गोल्ड डिगर नहीं थीं, उससे कहीं ज्यादा मैं डायमंड डिगर था। जहां तक उनका सवाल है, मैं उम्मीद करता था कि मैं उनका डायमंड डिगर बनूं, क्योंकि वह वास्तव में एक हीरा थीं।।’ ललित मोदी ने यह भी बताया था कि सुष्मिता के साथ अपने रिश्ते की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले उन्होंने एक्ट्रेस को बताया था। हालांकि सुष्मिता को नहीं लगा था कि वह सच में पोस्ट कर देंगे। पोस्ट वायरल होने के बाद दोनों उस साल दुनिया में सबसे ज्यादा गूगल किए जाने वाले लोगों में शामिल हो गए थे। 2022 में रिश्ते का किया था ऐलान जुलाई 2022 में ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर सुष्मिता सेन के साथ अपनी तस्वीरें शेयर कर रिश्ते का पब्लिक ऐलान किया था। फरवरी 2025 में ललित मोदी ने एक वीडियो पोस्ट के जरिए सुष्मिता सेन से अपने ब्रेकअप की पुष्टि की थी और अपनी नई पार्टनर रीमा बोरी के बारे में बताया था।
'मैं सुष्मिता सेन का केप्ट बॉयफ्रेंड था':एक्ट्रेस पर लगे 'गोल्ड डिगर' टैग पर ललित मोदी बोले- हर जगह वही पेमेंट करती थीं

बिजनेसमैन और पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी ने हाल ही में अपनी पूर्व पार्टनर सुष्मिता सेन को स्पेशल बताया। साथ ही उन्होंने एक्ट्रेस पर लगे ‘गोल्ड डिगर’ के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक्ट्रेस हर चीज का पेमेंट करती थीं। ललित मोदी ने कहा कि सुष्मिता उनकी जिंदगी का बेहद खास हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘सुष्मिता ने मुझे बहुत कुछ सिखाया और मेरी पर्सनैलिटी को निखारने में अहम भूमिका निभाई। हमारे बीच बहुत खूबसूरत रिश्ता था, लेकिन दूरियों और करियर की वजह से हम साथ नहीं रह पाए।’ उन्होंने सुष्मिता की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि वह आज भी उनकी बहुत अच्छी दोस्त हैं। ललित ने कहा, ‘वह एक शानदार महिला हैं। उन्होंने सिंगल मदर के तौर पर अपनी दोनों बेटियों रेनी और अलीशा की बेहतरीन परवरिश की है। मैं हमेशा उनकी उपलब्धियों को देखकर हैरान रह जाता हूं।’ खुद को बताया सुष्मिता का केप्ट बॉयफ्रेंड सुष्मिता को ‘सेल्फ-मेड वुमन’ बताते हुए ललित मोदी ने कहा, ‘वह एक बहुत अमीर महिला हैं। उन्होंने यह सब अपने दम पर हासिल किया है। ऐसा कभी नहीं हुआ कि मैं सुष्मिता के साथ कहीं बाहर गया हूं और मुझे किसी चीज की पेमेंट करनी पड़ी हो। वह हर चीज का पेमेंट करती थीं। मैं तो मानो एक केप्ट बॉयफ्रेंड था।’ वहीं, सुष्मिता और ललित के रिश्ते की खबरों के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने एक्ट्रेस को ‘गोल्ड डिगर’ कहा था। इस पर ललित मोदी ने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा, ‘”वह एक सेल्फ-मेड महिला हैं और वह कभी भी किसी से कुछ स्वीकार नहीं करेंगी। इसलिए जब कोई कहता है कि वह ‘गोल्ड डिगर’ हैं, तो नहीं। ललित ही ‘डायमंड डिगर’ था, जितनी वह गोल्ड डिगर नहीं थीं, उससे कहीं ज्यादा मैं डायमंड डिगर था। जहां तक उनका सवाल है, मैं उम्मीद करता था कि मैं उनका डायमंड डिगर बनूं, क्योंकि वह वास्तव में एक हीरा थीं।।’ ललित मोदी ने यह भी बताया था कि सुष्मिता के साथ अपने रिश्ते की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले उन्होंने एक्ट्रेस को बताया था। हालांकि सुष्मिता को नहीं लगा था कि वह सच में पोस्ट कर देंगे। पोस्ट वायरल होने के बाद दोनों उस साल दुनिया में सबसे ज्यादा गूगल किए जाने वाले लोगों में शामिल हो गए थे। 2022 में रिश्ते का किया था ऐलान जुलाई 2022 में ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर सुष्मिता सेन के साथ अपनी तस्वीरें शेयर कर रिश्ते का पब्लिक ऐलान किया था। फरवरी 2025 में ललित मोदी ने एक वीडियो पोस्ट के जरिए सुष्मिता सेन से अपने ब्रेकअप की पुष्टि की थी और अपनी नई पार्टनर रीमा बोरी के बारे में बताया था।
FIFA World Cup India Broadcast on Zee

Hindi News Business FIFA World Cup India Broadcast On Zee | June Bank Holidays & LPG Price Hike नई दिल्ली16 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर LPG से जुड़ी रही। कॉमर्शियल सिलेंडर 1 जून से 53.50 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3113.50 रुपए में मिल रहा है। 5 किलो वाले LPG सिलेंडर की कीमतों में 11 रुपए का इजाफा किया गया है। वहीं, भारत में फीफा वर्ल्ड कप 2026 टीवी पर ‘युनाइट 8 स्पोर्ट्स’ और जी5 (Zee5) एप पर देख सकेंगे। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेस लिमिटेड (ZEEL) ने वर्ल्ड कप 2026 और इसके आगामी एडिशन को भी ऑफिशियल ब्रॉडकास्ट करेगा। युनाइट 8 स्पोर्ट्स कंपनी का नया स्पोर्ट्स चैनल है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज बदलाव नहीं हुआ। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… 1. कॉमर्शियल LPG सिलेंडर 53.50 रुपए तक महंगा: 5 किलो के फ्री ट्रेड वाले LPG सिलेंडर के दाम ₹11 बढ़े; जून में 4 बड़े बदलाव कॉमर्शियल सिलेंडर 1 जून से 53.50 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3113.50 रुपए में मिल रहा है। 5 किलो वाले LPG सिलेंडर की कीमतों में 11 रुपए का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद अब इस सिलेंडर की कीमत 821.50 रुपए हो गई है। इसके अलावा पेट्रोल, डीजल और ATF, यानी हवाई जहाज के ईंधन पर नई एक्सपोर्ट ड्यूटी आज से लागू हो गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. भारत में जी एंटरटेनमेंट पर दिखेगा फीफा वर्ल्ड कप: टीवी पर ‘युनाइट8 स्पोर्ट्स’ और जी5 एप पर लाइव स्ट्रीमिंग होगी; 11 जून से टूर्नामेंट शुरू होगा भारत में फीफा वर्ल्ड कप 2026 टीवी पर ‘युनाइट 8 स्पोर्ट्स’ और जी5 (Zee5) एप पर देख सकेंगे। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेस लिमिटेड (ZEEL) ने वर्ल्ड कप 2026 और इसके आगामी एडिशन को भी ऑफिशियल ब्रॉडकास्ट करेगा। युनाइट 8 स्पोर्ट्स कंपनी का नया स्पोर्ट्स चैनल है। फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। इस टूर्नामेंट में 48 टीमें हिस्सा लेंगी और 104 मैच खेले जाएंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. सोना ₹864 गिरकर ₹1.56 लाख का 10 ग्राम हुआ: ऑलटाइम हाई से ₹20 हजार नीचे आया, चांदी आज ₹450 सस्ती होकर ₹2.63 लाख किलो हुई सोने-चांदी के दाम में 1 जून को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम आज 864 रुपए गिरकर 1.56 लाख रुपए हो गया है। 1 किलो चांदी की कीमत 450 रुपए कम होकर 2.63 लाख रुपए पर आ गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. मई में ₹1.94 लाख करोड़ GST कलेक्शन: पिछले महीने से 20% कम, अप्रैल में रिकॉर्ड 2.42 लाख करोड़ रुपए का कलेक्शन रहा था मई 2026 में 1.94 लाख करोड़ रुपए का GST कलेक्शन हुआ है। यह अप्रैल के रिकॉर्ड 2.42 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले 20% कम है। हालांकि पिछले साल की समान अवधि यानी मई 2025 से 3.2% ज्यादा है। मई 2025 में ₹1.88 लाख करोड़ का जीएसटी कलेक्शन हुआ था। सरकार ने आज यानी 1 जून को GST कलेक्शन के आंकड़े जारी किए। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. मई में मारुति ने रिकॉर्ड 2.42 लाख गाड़ियां बेचीं: पिछले साल से 34% ज्यादा; किआ, महिंद्रा और टोयोटा की बिक्री भी 11% तक बढ़ी ऑटो मोबाइल कंपनियों ने 1 जून मंथली सेल्स रिपोर्ट्स जारी कर दी हैं। मई में मारुति सुजुकी ने कुल 2,42,688 लाख गाड़ियां बेचीं, जो मई-2025 में बेची गई 1,80,077 यूनिट्स के मुकाबले 34% ज्यादा है। ये भारत में किसी भी कंपनी की ओर से एक महीने में सबसे ज्यादा गाड़ियां बेचने का नया रिकॉर्ड है। कंपनी की ग्रोथ में भारतीय बाजार (घरेलू बिक्री) के साथ-साथ विदेशों में होने वाले एक्सपोर्ट का भी बड़ा हाथ रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 6. जून में 11 दिन बैंकों में काम नहीं होगा: 4 रविवार और 2 शनिवार के अलावा अलग-अलग जगहों पर 5 दिन बैंक बंद रहेंगे इस महीने यानी जून में देश के अलग-अलग राज्यों में कुल 11 दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा। RBI की ओर से जारी कैलेंडर के अनुसार, अगले महीने 4 रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार के अलावा 5 दिन अलग-अलग जगहों पर बैंक बंद रहेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… सोमवार के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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Hindi News Business FIFA World Cup India Broadcast On Zee | June Bank Holidays & LPG Price Hike नई दिल्ली34 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर LPG से जुड़ी रही। कॉमर्शियल सिलेंडर 1 जून से 53.50 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3113.50 रुपए में मिल रहा है। 5 किलो वाले LPG सिलेंडर की कीमतों में 11 रुपए का इजाफा किया गया है। वहीं, भारत में फीफा वर्ल्ड कप 2026 टीवी पर ‘युनाइट 8 स्पोर्ट्स’ और जी5 (Zee5) एप पर देख सकेंगे। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेस लिमिटेड (ZEEL) ने वर्ल्ड कप 2026 और इसके आगामी एडिशन को भी ऑफिशियल ब्रॉडकास्ट करेगा। युनाइट 8 स्पोर्ट्स कंपनी का नया स्पोर्ट्स चैनल है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज बदलाव नहीं हुआ। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… 1. कॉमर्शियल LPG सिलेंडर 53.50 रुपए तक महंगा: 5 किलो के फ्री ट्रेड वाले LPG सिलेंडर के दाम ₹11 बढ़े; जून में 4 बड़े बदलाव कॉमर्शियल सिलेंडर 1 जून से 53.50 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3113.50 रुपए में मिल रहा है। 5 किलो वाले LPG सिलेंडर की कीमतों में 11 रुपए का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद अब इस सिलेंडर की कीमत 821.50 रुपए हो गई है। इसके अलावा पेट्रोल, डीजल और ATF, यानी हवाई जहाज के ईंधन पर नई एक्सपोर्ट ड्यूटी आज से लागू हो गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. भारत में जी एंटरटेनमेंट पर दिखेगा फीफा वर्ल्ड कप: टीवी पर ‘युनाइट8 स्पोर्ट्स’ और जी5 एप पर लाइव स्ट्रीमिंग होगी; 11 जून से टूर्नामेंट शुरू होगा भारत में फीफा वर्ल्ड कप 2026 टीवी पर ‘युनाइट 8 स्पोर्ट्स’ और जी5 (Zee5) एप पर देख सकेंगे। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेस लिमिटेड (ZEEL) ने वर्ल्ड कप 2026 और इसके आगामी एडिशन को भी ऑफिशियल ब्रॉडकास्ट करेगा। युनाइट 8 स्पोर्ट्स कंपनी का नया स्पोर्ट्स चैनल है। फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। इस टूर्नामेंट में 48 टीमें हिस्सा लेंगी और 104 मैच खेले जाएंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. सोना ₹864 गिरकर ₹1.56 लाख का 10 ग्राम हुआ: ऑलटाइम हाई से ₹20 हजार नीचे आया, चांदी आज ₹450 सस्ती होकर ₹2.63 लाख किलो हुई सोने-चांदी के दाम में 1 जून को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम आज 864 रुपए गिरकर 1.56 लाख रुपए हो गया है। 1 किलो चांदी की कीमत 450 रुपए कम होकर 2.63 लाख रुपए पर आ गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. मई में ₹1.94 लाख करोड़ GST कलेक्शन: पिछले महीने से 20% कम, अप्रैल में रिकॉर्ड 2.42 लाख करोड़ रुपए का कलेक्शन रहा था मई 2026 में 1.94 लाख करोड़ रुपए का GST कलेक्शन हुआ है। यह अप्रैल के रिकॉर्ड 2.42 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले 20% कम है। हालांकि पिछले साल की समान अवधि यानी मई 2025 से 3.2% ज्यादा है। मई 2025 में ₹1.88 लाख करोड़ का जीएसटी कलेक्शन हुआ था। सरकार ने आज यानी 1 जून को GST कलेक्शन के आंकड़े जारी किए। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. मई में मारुति ने रिकॉर्ड 2.42 लाख गाड़ियां बेचीं: पिछले साल से 34% ज्यादा; किआ, महिंद्रा और टोयोटा की बिक्री भी 11% तक बढ़ी ऑटो मोबाइल कंपनियों ने 1 जून मंथली सेल्स रिपोर्ट्स जारी कर दी हैं। मई में मारुति सुजुकी ने कुल 2,42,688 लाख गाड़ियां बेचीं, जो मई-2025 में बेची गई 1,80,077 यूनिट्स के मुकाबले 34% ज्यादा है। ये भारत में किसी भी कंपनी की ओर से एक महीने में सबसे ज्यादा गाड़ियां बेचने का नया रिकॉर्ड है। कंपनी की ग्रोथ में भारतीय बाजार (घरेलू बिक्री) के साथ-साथ विदेशों में होने वाले एक्सपोर्ट का भी बड़ा हाथ रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 6. जून में 11 दिन बैंकों में काम नहीं होगा: 4 रविवार और 2 शनिवार के अलावा अलग-अलग जगहों पर 5 दिन बैंक बंद रहेंगे इस महीने यानी जून में देश के अलग-अलग राज्यों में कुल 11 दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा। RBI की ओर से जारी कैलेंडर के अनुसार, अगले महीने 4 रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार के अलावा 5 दिन अलग-अलग जगहों पर बैंक बंद रहेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… सोमवार के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔







