Bangladesh Teesta Project Controversy | India China Loan Deal Update

ढाका40 मिनट पहलेलेखक: एसएम अमानुर रहमान कॉपी लिंक बांग्लादेश की रहमान सरकार ने चीन की सरकारी कंपनी पावर चाइना से समझौता किया है। बांग्लादेश और चीन के संबंधों में ‘चीनी’ कुछ ज्यादा ही घुलने लगी है। बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने तीस्ता नदी प्रोजेक्ट में भारत के इन्वेस्टमेंट ऑफर को ना कर इसे चीन को सौंप दिया है। चीन लगभग 9 हजार करोड़ रुपए के तीस्ता रिवर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (TRMP) में ₹7 हजार करोड़ सॉफ्ट लोन के रूप में देगा। बांग्लादेश को इसे 50 साल में चुकाना होगा। जबकि भारत ने चीन को बाहर रखने के लिए 2024 में तत्कालीन शेख हसीना सरकार को 9 हजार करोड़ का प्रस्ताव भेजा था। हालांकि हसीना सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं किया। अब रहमान सरकार ने चीन की सरकारी कंपनी पावर चाइना से समझौता किया है। इस जीटूजी एग्रीमेंट के तहत चीन के इंजीनियरों का दल पिछले हफ्ते ही बांग्लादेश आया था। लगभग 50 इंजीनियरों और टेक्नीकल स्टाफ ने तीस्ता कैचमेंट एरिया का सर्वे किया। इस मानसून में तीस्ता नदी का सर्वे करेगा चीन सूत्रों के अनुसार इस मानसून के दौरान चीन का दल तीस्ता नदी के फ्लो का आकलन कर बांध, जेट्टी और अन्य निर्माण कार्यों का प्लान तैयार करेगा। साथ ही इस सीजन में तीस्ता कैचमेंट एरिया में सिल्ट (तलछट) की सफाई में भी चीन ने सहयोग का वादा किया है। बांग्लादेश की मांग थी कि तीस्ता के रन ऑफ (अतिरिक्त बहाव) को चीन इसी मानसून में रोके। जिससे कि अगले साल से प्रस्तावित प्रोजेक्ट के निर्माण से पहले ही बांग्लादेश तीस्ता नदी के पानी का खरीफ की बुआई के लिए ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर सके। चीन सेना के इंजीनियर भी प्रोजेक्ट कंपनी में 1. पूर्वोत्तर का एंट्री पॉइंट: परियोजना क्षेत्र (नीलफामारी और रंगपुर) भारतीय सीमा से 10-12 किमी जबकि सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) से 22 किमी दूर है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत की मुख्य भूमि को पूर्वोत्तर के 7 राज्यों को जोड़ता है। पूर्वोत्तर के एंट्री पॉइंट के लिए खतरा हो सकता है। 2. पावर चाइना कंपनी सेना से जुड़ी: पावर चाइना स्वतंत्र व्यावसायिक कंपनी नहीं, बल्कि चीन की सैन्य-नागरिक फ्यूजन नीति से गहराई से जुड़ी सरकारी कंपनी है। ये कंपनी एशिया और अफ्रीका में कई मल्टी पर्पज प्रोजेक्ट्स काे चला रही है। कंपनी में चीन सेना की इंजीनियरिंग काेर के भी लाेग होते हैं। 3. दो-मोर्चों पर चुनौती: सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता है कि सैकड़ों चीनी इंजीनियरों और तकनीशियनों की भारत की पूर्वोत्तर की संवेदनशील सीमा पर लंबे समय तक मौजूदगी भारत के लिए बड़ी चुनौती होगी। भारत के पूर्वी मोर्चे पर चीन अपनी पैठ को और बढ़ाने में जुट सकता है। बड़ी डिफेंस डील की तैयारी, चीन फाइटर जेट देगा सूत्रों के अनुसार पीएम तारिक रहमान के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल शमशुल इस्लाम ने हाल में चीन के राजदूत के साथ मुलाकात की थी। इसमें बांग्लादेश को चीन के साथ जे सीरीज फाइटर जेट्स देने पर चर्चा हुई। बताया जाता है कि चीन अक्टूबर में 12 जेट्स की पहली खेप देने वाला है। कॉक्स बाजार के पेकुआ में चीन ने 1.2 अरब डॉलर की लागत से छह स्लॉट वाले पनडुब्बी बेस को तैयार कर लिया है। यहां मेंटेनेंस भी होगा। बांग्लादेश के लालमोनिरहाट में चीन के सहयोग से एयरबेस को भी तैयार किया जा रहा है। सिलीगुड़ी के समीप ये बेस भारत को खतरा हो सकता है। ————————- भारत-बांग्लादेश से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश ने भारत से छीनकर चीन को दिया मोंगला पोर्ट; सिर्फ 80 किमी दूर बैठेगा चीन, ये कितनी बड़ी चिंता 22 से 26 जून 2026 तक बांग्लादेशी पीएम तारिक रहमान चीन में थे। इसी दौरान बांग्लादेश ने अपने मोंगला पोर्ट का प्रोजेक्ट भारत से छीनकर चीन को दे दिया। यानी हमारे तट से महज 80 किमी दूर मोंगला पोर्ट पर चीन बैठेगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Qatar Former Emir Death National Mourning India

Hindi News Career Qatar Former Emir Death National Mourning India | July 14 Current Affairs 15 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. भारत ने कतर के पूर्व ‘अमीर’ के निधन पर राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया 13 जुलाई को भारतीय विदेश मंत्रालय ने कतर के पूर्व अमीर यानी सर्वोच्च राष्ट्राध्यक्ष के निधन पर एक दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया। कतर में ‘अमीर’ देश के सर्वोच्च राष्ट्राध्यक्ष और सम्राट का पद होता है। ये पद कतर में सबसे शक्तिशाली है। 12 जुलाई को कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 साल की उम्र में निधन हो गया। शेख हमद 1995 से 2013 तक कतर के अमीर रहे हैं। शेख हमद के कार्यकाल में कतर ने आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर तेजी से विकास किया। शेख हमद ने 2013 में सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी थी, जो वर्तमान में कतर के अमीर हैं। हमद ने कतर इंवेस्टमेंट अथॉरिटी (QIA) की स्थापना की, जो राष्ट्रीय निवेश कोष है और अब 500 अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति का मैनेजमेंट करता है। हमद के कार्यकाल में कतर के विशाल प्राकृतिक गैस और तेल भंडारों का इस्तेमाल करते हुए देश में भारी निवेश हुआ। शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने 1971 में कतर आर्म्ड फोर्सेज जॉइन की थी। स्पोर्ट्स (SPORTS) 2. जैनिक सिनर ने विंबलडन 2026 सिंगल्स खिताब जीता 12 जुलाई को वर्ल्ड नंबर-1 टेनिस प्लेयर जैनिक सिनर ने विंबलडन 2026 का मेंस सिंगल्स का खिताब जीता। फाइनल मुकाबले में इटालियन प्लेयर सिनर ने जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को हराया। सिनर लगातार दूसरी बार विंबलडन चैंपियन बने हैं। उन्होंने 2025 में भी ये खिताब जीता था। सिनर ने विंबलडन की इस जीत के साथ अपने करियर की 100वीं ग्रैंड स्लैम जीत पूरी की है। सिनर ओपन एरा में विंबलडन मेंस सिंगल्स खिताब जीतने वाले 10वें खिलाड़ी हैं। सिनर ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत 2018 में की थी। विंबलडन 2026 विंबलडन टेनिस का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है और ये विंबलडन का 139वां एडिशन था। लंदन के ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस एंड क्रोकेट क्लब में विंबलडन 2026 12 जुलाई 2026 तक चला। मई 2026 में सिनर ने इटली ओपन 2026 भी जीता था। 3. इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड में भारत ने 5 गोल्ड जीते 12 जुलाई कोलंबिया में आयोजित 56वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड (IPhO) 2026 में 5 भारतीय स्टूडेंट्स ने गोल्ड मेडल जीते हैं। इस ओलंपियाड में 87 देशों के 381 स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था। भारत ने रूस, चीन, कजाकिस्तान, दक्षिण कोरिया और ताइवान के साथ संयुक्त रूप से पहली रैंकिंग हासिल की है। गोल्ड मेडल जीतने वालों में पुणे के कनिष्क, इंदौर के रिद्धेश अनंत, नई दिल्ली के ऋषित, मुंबई के श्रेष्ठ सुरैया और अहमदाबाद के स्वरित जोशी शामिल हैं। इस ओलंपियाड प्रोग्राम की तैयारी टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के नेशनल सेंटर, ‘होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन’ करवाता है। निधन (DEATH) 4. हॉलीवुड एक्टर सैम नील का निधन 13 जुलाई को हॉलीवुड की मशहूर फिल्म ‘जुरासिक पार्क’ एक्टर सैम नील का निधन हो गया। वे 78 साल के थे। सैम नील को उनकी दमदार और एक्टिंग के लिए जाना जाता था, उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता ‘जुरासिक पार्क’ में डॉ. एलन ग्रांट के किरदार से मिली। सैम नील न्यूजीलैंड के सबसे मशहूर अभिनेताओं में से एक थे। उन्होंने 1970 के दशक में अभिनय की शुरुआत की थी। नील को 1970 के दशक के आखिर में ऑस्ट्रेलियाई सिनेमा को दुनिया भर में नई पहचान दिलाई। नील ने जुरासिक पार्क 3 (2001) और जुरासिक वर्ल्ड डोमिनियन (2022) में भी इसी किरदार को निभाया। मिसलीनियस (Miscellaneous) 5. पश्चिम बंगाल ने दो नए कानून लागू किया 13 जुलाई को पश्चिम बंगाल सरकार ने संगठित अपराध, दंगों और असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती के लिए दो नए कानून लागू किए हैं। वेस्ट बंगाल के गवर्नर आरएन रवि ने 29 जून को इस कानून को मंजूरी दी थी। इनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था को मजबूत करना तथा सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करना है। इसमें 2 नए कानून शामिल किए गए हैं। 1. वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज एक्ट 2026 ये कानून संगठित अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए बनाया गया है। इस कानून के तहत संदिग्ध व्यक्तियों को अधिकतम 12 महीने तक प्रेवेंटिव डेटेन्शन में रखने का प्रावधान है। इस कानून के तहत संगठित अपराध से जुड़ी संपत्तियों को सीज और कुर्क करने का अधिकार होगा। कई अपराधों को संज्ञेय (Cognizable) यानी उस श्रेणी में रखा गया है, जिसमें बगैर किसी वारंट के अपराधी को अरेस्ट किया जा सकता है। 2. वेस्ट बंगाल मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (अमेंडमेंट) एक्ट 2026 इस कानून के तहत दंगे, आगजनी, हिंसा या तोड़फोड़ के दौरान सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जाएगी। दोषी व्यक्तियों से नुकसान की राशि वसूलने हेतु उनकी संपत्ति की नीलामी का प्रावधान होगा। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर आर्थिक जवाबदेही तय की जाएगी। 6. लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हुआ 13 जुलाई को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हुआ ये 63 किमी लंबा है। इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इसके साथ ही लखनऊ में लगभग 4,850 करोड़ रुपए की लागत वाली अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भी लोकार्पण किया गया। ये एक्सप्रेसवे लखनऊ के शहीद पथ से शुरू होकर उन्नाव होते हुए कानपुर तक जाता है। ये एक्सप्रेसवे मौजूदा NH-27 के समानांतर विकसित किया गया है, जिससे पुराने रास्ते पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इस एक्सप्रेसवे की कुल निर्माण लागत 4,700 करोड़ रुपए है। ये एक्सप्रेसवे यूपी का पहला बैरियर फ्री टोलिंग एक्सप्रेसवे है। इस एक्सप्रेसवे से लखनऊ और कानपुर के बीच की यात्रा महज 30 से 35 मिनट में पूरी हो सकेगी। आज का इतिहास 1636 में मुगल बादशाह शाहजहां ने औरंगजेब को दक्कन का वायसराय नियुक्त किया। 1789 में फ्रांसीसी क्रांति की शुरुआत हुई थी। 2015 में नासा का न्यू होराइजन प्लूटो के सबसे नजदीक से गुजरने वाला पहला अंतरिक्ष यान बना। ————– ये खबर
India Inflation Hits 4.38% in June

नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक रिटेल महंगाई जून में बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई है, जो मई में 3.93% पर थी। ये रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मीडियम टर्म टारगेट 4% के पार निकल गई है। आज 12 जुलाई को ये आंकड़े जारी किए गए हैं। 2026 की शुरुआत में महंगाई दर काफी कम थी। जनवरी में यह 2.74% के स्तर पर थी, जो जून तक बढ़ते हुए 4.38% पर पहुंच गई है। पिछले महीने यानी अप्रैल के मुकाबले मई में खुदरा महंगाई में 0.45% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महंगाई बढ़ने की बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना है। फूड इन्फ्लेशन जून में बढ़कर 5.32% पर पहुंच गई है। मई में यह आंकड़ा 4.38% पर था। आलू और अदरक महंगे हुए, सोने-चांदी के गहने सस्ते सामान मई में महंगाई दर जून में महंगाई दर आलू -23.71 -20.34 टमाटर 48.43 31.92 अदरक 32.50 50.41 जीरा -4.59 -3.75 सोना/हीरा/प्लैटिनम के गहने 40.91 36.82 चांदी के गहने 155.25 133.21 इस साल रिटेल महंगाई का हाल महीना महंगाई दर जनवरी 2.74% फरवरी 3.21% मार्च 3.40% अप्रैल 3.48% मई 3.93% जून 4.38% महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। 4.38% महंगाई दर का क्या मतलब है? 1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल) जब हम कहते हैं कि जून 2026 में महंगाई 4.38% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना जून 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 4.38% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं: किसी चीज के दाम बहुत ज्यादा बढ़े होंगे। किसी चीज के दाम घटे भी होंगे। जब इन सबको एक साथ मिलाया गया, तो औसतन खर्च 4.38% बढ़ गया। 2. ₹100 की चीज अब ₹104.38 की हो गई इसका गणित बहुत सीधा है। अगर जून 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान मई 2026 में ₹104.38 का हो गया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India Inflation Hits 4.38% in June

नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक रिटेल महंगाई जून में बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई है। जनवरी 2025 के बाद यह पहला मौका है जब महंगाई रिजर्व बैंकके 4% के मिडपॉइंट टारगेट के पार निकल गई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने आज 13 जुलाई को ये आंकड़े जारी किए। महंगाई बढ़ने की बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना है। फूड इन्फ्लेशन जून में बढ़कर 5.32% पर पहुंच गई है। मई में यह आंकड़ा 4.38% पर था। आलू और अदरक महंगे हुए, सोने-चांदी के गहने सस्ते सामान मई में महंगाई दर जून में महंगाई दर आलू -23.71 -20.34 टमाटर 48.43 31.92 अदरक 32.50 50.41 जीरा -4.59 -3.75 सोना/हीरा/प्लैटिनम के गहने 40.91 36.82 चांदी के गहने 155.25 133.21 इस साल रिटेल महंगाई का हाल महीना महंगाई दर जनवरी 2.74% फरवरी 3.21% मार्च 3.40% अप्रैल 3.48% मई 3.93% जून 4.38% महंगाई बढ़ने से ब्याज दरें बढ़ने की आशंका भले ही मौजूदा महंगाई अभी भी RBI के 2% से 6% के टॉलरेंस बैंड के भीतर है, लेकिन कीमतों में आगे और बढ़ोतरी केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो आने वाली तिमाहियों में देश की आर्थिक ग्रोथ पर असर पड़ सकता है। जून में ही RBI ने अल नीनो परिस्थितियों के कारण कम मानसून की आशंका और बढ़ती एनर्जी कीमतों के दोहरे रिस्क को देखते हुए अपने महंगाई के अनुमान को 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया था। नए इंडेक्स की वजह से पिछले साल से तुलना नहीं महंगाई के डेटा की तुलना पिछले साल की समान अवधि से नहीं की जा सकती, क्योंकि इसी साल जनवरी में इस इंडेक्स को रीसेट किया गया था। साल 2024 को बेस ईयर बनाकर नई सीरीज की शुरुआत की गई थी, जिसमें जनवरी में संशोधित रिटेल महंगाई 2.74% दर्ज हुई थी। इसके बाद कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई। फरवरी में यह 3.21%, मार्च में 3.4%, अप्रैल में 3.48% और मई में 3.93% दर्ज की गई थी। पुरानी CPI सीरीज जिसका बेस ईयर 2012 था के तहत महंगाई दर दिसंबर में 1.33% और नवंबर में 0.71% रही थी। नए महंगाई इंडेक्स में खर्च के पैटर्न को बदला गया नया इन्फ्लेशन इंडेक्स साल 2023-24 के हाउसहोल्ड कंजम्पशन एक्सपेंडिचर सर्वे में सामने आए खर्च के तौर-तरीकों पर आधारित है। इंडेक्स के घटकों के नए वेटेज की वजह से महंगाई के आंकड़ों में मामूली बढ़ोतरी दिख रही है। इसमें मुख्य चीजों की हिस्सेदारी करीब 10% बढ़ा दी गई है, जबकि उतार-चढ़ाव वाले खाद्य पदार्थों की भूमिका को कम किया गया है। महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। 4.38% महंगाई दर का क्या मतलब है? 1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल) जब हम कहते हैं कि जून 2026 में महंगाई 4.38% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना जून 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 4.38% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं: किसी चीज के दाम बहुत ज्यादा बढ़े होंगे। किसी चीज के दाम घटे भी होंगे। जब इन सबको एक साथ मिलाया गया, तो औसतन खर्च 4.38% बढ़ गया। 2. ₹100 की चीज अब ₹104.38 की हो गई इसका गणित बहुत सीधा है। अगर जून 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान मई 2026 में ₹104.38 का हो गया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
HDFC Bank Top Gainer; Reliance, Airtel Market Cap Rise

मुंबई8 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते उतार-चढ़ाव के बीच देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से चार के मार्केट कैपिटलाइजेशन यानी मार्केट कैप में कुल 92,995.48 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तेजी में प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज HDFC बैंक और टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल सबसे आगे रहे। दूसरी ओर, बाकी छह कंपनियों को बाजार की सुस्ती के कारण नुकसान उठाना पड़ा और उनकी वैल्यूएशन में सामूहिक रूप से 49,294.13 करोड़ रुपए की गिरावट आई। चार हफ्तों की तेजी पर लगा ब्रेक पिछले कारोबारी हफ्ते में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे पिछले चार हफ्तों से चली आ रही लगातार तेजी का सिलसिला टूट गया। पूरे हफ्ते के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 194.52 अंक या 0.25% गिरकर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 63.95 अंक या 0.26% की कमजोरी के साथ लाल निशान में बंद हुआ। HDFC बैंक और भारती एयरटेल सहित 4 कंपनियों को फायदा टॉप-10 कंपनियों की लिस्ट में जिन चार कंपनियों ने अपने निवेशकों को फायदा पहुंचाया, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, भारती एयरटेल और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) शामिल हैं। वैल्यूएशन के मामले में HDFC बैंक को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। बैंक का मार्केट कैप 35,808.09 करोड़ रुपए बढ़कर 12,69,454.42 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। शुक्रवार को मार्केट में रही थी तेजी शुक्रवार यानी 10 जुलाई को शेयर बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 828 अंक (1.08%) की तेजी के साथ 77,569 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 244 अंकों (1.02%) की तेजी रही, ये 24,206 पर पहुंच गया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
HDFC Bank Top Gainer; Reliance, Airtel Market Cap Rise

मुंबई28 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते उतार-चढ़ाव के बीच देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से चार के मार्केट कैपिटलाइजेशन यानी मार्केट कैप में कुल 92,995.48 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तेजी में प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज HDFC बैंक और टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल सबसे आगे रहे। दूसरी ओर, बाकी छह कंपनियों को बाजार की सुस्ती के कारण नुकसान उठाना पड़ा और उनकी वैल्यूएशन में सामूहिक रूप से 49,294.13 करोड़ रुपए की गिरावट आई। चार हफ्तों की तेजी पर लगा ब्रेक पिछले कारोबारी हफ्ते में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे पिछले चार हफ्तों से चली आ रही लगातार तेजी का सिलसिला टूट गया। पूरे हफ्ते के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 194.52 अंक या 0.25% गिरकर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 63.95 अंक या 0.26% की कमजोरी के साथ लाल निशान में बंद हुआ। HDFC बैंक और भारती एयरटेल सहित 4 कंपनियों को फायदा टॉप-10 कंपनियों की लिस्ट में जिन चार कंपनियों ने अपने निवेशकों को फायदा पहुंचाया, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, भारती एयरटेल और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) शामिल हैं। वैल्यूएशन के मामले में HDFC बैंक को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। बैंक का मार्केट कैप 35,808.09 करोड़ रुपए बढ़कर 12,69,454.42 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। शुक्रवार को मार्केट में रही थी तेजी शुक्रवार यानी 10 जुलाई को शेयर बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 828 अंक (1.08%) की तेजी के साथ 77,569 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 244 अंकों (1.02%) की तेजी रही, ये 24,206 पर पहुंच गया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
BSNL Satellite Phone Launch India

नई दिल्ली20 मिनट पहले कॉपी लिंक सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने भारत में नया सैटेलाइट फोन लॉन्च किया है। इसकी कीमत टैक्स मिलाकर 1,34,166 रुपए रखी गई है। यह रेगुलर स्मार्टफोन से बिल्कुल अलग है, जो बिना सिम और नेटवर्क के बजाय सीधे सैटेलाइट की मदद से काम करता है। फोन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि नेटवर्क विहीन और ऑफ-ग्रिड जगहों पर भी बिना किसी रुकावट के वॉयस कॉल करने की सुविधा देता है, जबकि आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले फोन नजदीकी मोबाइल टावर की मदद से काम करते हैं। इस फोन का फायदा उन सुदूर इलाकों में भी काम करेगा, जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंच पाते हैं। इससे आपदा या आपातकालीन स्थितियों में लोगों से संपर्क बनाए रखना आसान हो जाएगा, लेकिन इसे खरीदने के लिए सरकार की मंजूरी लेना होगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
BSNL Satellite Phone Launch India

नई दिल्ली21 मिनट पहले कॉपी लिंक सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने भारत में नया सैटेलाइट फोन लॉन्च किया है। इसकी कीमत टैक्स मिलाकर 1,34,166 रुपए रखी गई है। यह रेगुलर स्मार्टफोन से बिल्कुल अलग है, जो बिना सिम और नेटवर्क के बजाय सीधे सैटेलाइट की मदद से काम करता है। फोन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि नेटवर्क विहीन और ऑफ-ग्रिड जगहों पर भी बिना किसी रुकावट के वॉयस कॉल करने की सुविधा देता है, जबकि आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले फोन नजदीकी मोबाइल टावर की मदद से काम करते हैं। सेटेलाइट फोन को खरीदने के लिए सरकार की मंजूरी लेना होगी। आपातकालीन स्थिति में कनेक्टिविटी आसान होगा इस फोन का फायदा उन सुदूर इलाकों में भी काम करेगा, जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंच पाते हैं। इससे आपदा या आपातकालीन स्थितियों में लोगों से संपर्क बनाए रखना आसान हो जाएगा। कंपनी ने बताया कि इस हैंडसेट को ग्लोबल सैटेलाइट नेटवर्क प्रोवाइडर ‘इनमारसैट’ के साथ पार्टनरशिप में बनाया गया है। खरीदने के लिए सरकार की अनुमति अनिवार्य यह आम फोन या गैजेट की तरह सीधे दुकान पर नहीं मिलेगा। भारत में सैटेलाइट फोन को लेकर कड़े नियम हैं। इस फोन को खरीदने या इस्तेमाल करने से पहले यूजर को डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) से मंजूरी या ऑथराइजेशन लेना अनिवार्य होगा। सरकार की बिना मंजूरी के सैटेलाइट फोन रखना या इसे ऑपरेट करना भारतीय नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। BSNL का यह सैटेलाइट फोन रोजमर्रा के स्मार्टफोन यूजर्स के लिए नहीं है। इसे उन लोगों और ऑर्गेनाइजेशन्स के लिए डिजाइन किया गया है, जिन्हें नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में भरोसेमंद कम्युनिकेशन की जरूरत होती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
SBI Funds IPO Launch 2026 | Price Band ₹545-574

Hindi News Business SBI Funds IPO Launch 2026 | Price Band ₹545 574 | ₹11,693 Cr Target, India नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय शेयर बाजार में इस साल का सबसे बड़ा IPO आने जा रहा है। स्टेट बैंक की सब्सिडियरी कंपनी SBI फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने इसके लिए बुधवार देर रात अपना RHP यानी, रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस फाइल किया। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए 11,693 करोड़ रुपए तक जुटाएगी। 14 जुलाई को खुलेगा IPO, प्राइस बैंड ₹545 रुपए से ₹574 रुपए इस IPO के लिए शेयर का प्राइस बैंड 545 रुपए से 574 रुपए तय किया गया है। इस प्राइस बैंड के ऐलान से पहले अनलिस्टेड मार्केट में कंपनी के शेयर करीब 830 रुपए प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे थे। यह एसेट मैनेजमेंट कंपनी अपना पब्लिक इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 14 जुलाई को खोलेगी। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1.17 लाख करोड़ रुपए पहुंच जाएगा। प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे, पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसमें SBI अपनी 6.3% हिस्सेदारी के बराबर यानी 12.83 करोड़ शेयर बेचेगा। वहीं, इसकी जॉइंट वेंचर पार्टनर अमुंडी इंडिया होल्डिंग अपनी 3.7% हिस्सेदारी के बराबर यानी 7.56 करोड़ शेयर ओपन मार्केट में ऑफलोड करेगी। वर्तमान में SBI और अमुंडी के पास कंपनी की करीब 98% हिस्सेदारी है। शुरुआत में अमुंडी की यह हिस्सेदारी सोसिते जेनेराल SA के पास थी, जिसे जून 2011 में अमुंडी को ट्रांसफर किया गया था। यह इस साल का पहला एक बिलियन डॉलर से बड़ा IPO होगा। मार्केट सेंटिमेंट: ट्रम्प के बयान से बाजार में गिरावट, लेकिन टाइमलाइन पर असर नहीं पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बाद पिछले महीने कई बड़े IPO फाइल किए गए थे। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को ईरान के साथ सीजफायर खत्म करने की बात की। इससे भारतीय बाजार का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ है। बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी में 2% से ज्यादा की गिरावट आई, जो मार्च के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है। बाजार में अनिश्चितता रहेगी, लेकिन हमारा भरोसा कायम कंपनी के नमैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर देवाशीष मिश्रा ने कहा, “बाजार हमेशा अनिश्चित रहेगा, लेकिन हमारी कंपनी में लोगों का भरोसा हमेशा बना रहेगा। अगर बाजार के हालात मौजूदा स्थिति से भी बदतर होते, तो भी हमारे लॉन्च की टाइमलाइन पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि इस IPO से कंपनी को बाजार में जरूरी विजिबिलिटी मिलेगी। इससे हम ज्यादा जिम्मेदार और पारदर्शी बनेंगे, जिससे म्यूचुअल फंड की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी। फाइनेंशियल परफॉर्मेंस: ₹29 लाख करोड़ के एसेट्स के साथ देश का सबसे बड़ा एसेट मैनेजर कंपनी की 2026 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, SBI फंड्स म्यूचुअल फंड बिजनेस में 1.8 करोड़ यूनिक निवेशकों को अपनी सेवाएं देता है और कुल 128 म्यूचुअल फंड स्कीम्स मैनेज करता है। यह कुल ₹29 लाख करोड़ से अधिक के एसेट के साथ भारत का सबसे बड़ा एसेट मैनेजर है। कंपनी का तीन सालों का वित्तीय लेखा-जोखा वित्त वर्ष 2026 में रेवेन्यू ₹4,390 करोड़ रहा। ये वित्त वर्ष 2025 के ₹3,598 करोड़ से 22% ज्यादा है। मुनाफा 21% बढ़कर ₹3,067 करोड़ पहुंच गया जो पहले ₹2,540 करोड़ था। वहीं वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने ₹2,691 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹2,073 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था। टाइमलाइन: 18 जुलाई को अलॉटमेंट और 21 जुलाई को होगी लिस्टिंग SBI फंड्स के IPO का अलॉटमेंट 18 जुलाई को फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 21 जुलाई को NSE और BSE दोनों पर की जाएगी। नॉलेज पार्ट: क्या होता है ‘रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस’ (RHP) रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस वह आधिकारिक दस्तावेज होता है जिसे कोई भी कंपनी अपना IPO लाने से पहले मार्केट रेगुलेटर के पास जमा करती है। इस दस्तावेज में कंपनी के बिजनेस ऑपरेशन, वित्तीय स्थिति, प्रमोटर्स की जानकारी और IPO की वजहों की पूरी डिटेल होती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
SBI Funds IPO Launch 2026 | Price Band ₹545-574

Hindi News Business SBI Funds IPO Launch 2026 | Price Band ₹545 574 | ₹11,693 Cr Target, India नई दिल्ली9 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय शेयर बाजार में इस साल का सबसे बड़ा IPO आने जा रहा है। स्टेट बैंक की सब्सिडियरी कंपनी SBI फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने इसके लिए बुधवार देर रात अपना RHP यानी, रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस फाइल किया। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए 11,693 करोड़ रुपए तक जुटाएगी। 14 जुलाई को खुलेगा IPO, प्राइस बैंड ₹545 रुपए से ₹574 रुपए इस IPO के लिए शेयर का प्राइस बैंड 545 रुपए से 574 रुपए तय किया गया है। इस प्राइस बैंड के ऐलान से पहले अनलिस्टेड मार्केट में कंपनी के शेयर करीब 830 रुपए प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे थे। यह एसेट मैनेजमेंट कंपनी अपना पब्लिक इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 14 जुलाई को खोलेगी। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1.17 लाख करोड़ रुपए पहुंच जाएगा। प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे, पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसमें SBI अपनी 6.3% हिस्सेदारी के बराबर यानी 12.83 करोड़ शेयर बेचेगा। वहीं, इसकी जॉइंट वेंचर पार्टनर अमुंडी इंडिया होल्डिंग अपनी 3.7% हिस्सेदारी के बराबर यानी 7.56 करोड़ शेयर ओपन मार्केट में ऑफलोड करेगी। वर्तमान में SBI और अमुंडी के पास कंपनी की करीब 98% हिस्सेदारी है। शुरुआत में अमुंडी की यह हिस्सेदारी सोसिते जेनेराल SA के पास थी, जिसे जून 2011 में अमुंडी को ट्रांसफर किया गया था। यह इस साल का पहला एक बिलियन डॉलर से बड़ा IPO होगा। मार्केट सेंटिमेंट: ट्रम्प के बयान से बाजार में गिरावट, लेकिन टाइमलाइन पर असर नहीं पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बाद पिछले महीने कई बड़े IPO फाइल किए गए थे। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को ईरान के साथ सीजफायर खत्म करने की बात की। इससे भारतीय बाजार का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ है। बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी में 2% से ज्यादा की गिरावट आई, जो मार्च के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है। बाजार में अनिश्चितता रहेगी, लेकिन हमारा भरोसा कायम कंपनी के नमैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर देवाशीष मिश्रा ने कहा, “बाजार हमेशा अनिश्चित रहेगा, लेकिन हमारी कंपनी में लोगों का भरोसा हमेशा बना रहेगा। अगर बाजार के हालात मौजूदा स्थिति से भी बदतर होते, तो भी हमारे लॉन्च की टाइमलाइन पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि इस IPO से कंपनी को बाजार में जरूरी विजिबिलिटी मिलेगी। इससे हम ज्यादा जिम्मेदार और पारदर्शी बनेंगे, जिससे म्यूचुअल फंड की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी। फाइनेंशियल परफॉर्मेंस: ₹29 लाख करोड़ के एसेट्स के साथ देश का सबसे बड़ा एसेट मैनेजर कंपनी की 2026 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, SBI फंड्स म्यूचुअल फंड बिजनेस में 1.8 करोड़ यूनिक निवेशकों को अपनी सेवाएं देता है और कुल 128 म्यूचुअल फंड स्कीम्स मैनेज करता है। यह कुल ₹29 लाख करोड़ से अधिक के एसेट के साथ भारत का सबसे बड़ा एसेट मैनेजर है। कंपनी का तीन सालों का वित्तीय लेखा-जोखा वित्त वर्ष 2026 में रेवेन्यू ₹4,390 करोड़ रहा। ये वित्त वर्ष 2025 के ₹3,598 करोड़ से 22% ज्यादा है। मुनाफा 21% बढ़कर ₹3,067 करोड़ पहुंच गया जो पहले ₹2,540 करोड़ था। वहीं वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने ₹2,691 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹2,073 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था। टाइमलाइन: 18 जुलाई को अलॉटमेंट और 21 जुलाई को होगी लिस्टिंग SBI फंड्स के IPO का अलॉटमेंट 18 जुलाई को फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 21 जुलाई को NSE और BSE दोनों पर की जाएगी। नॉलेज पार्ट: क्या होता है ‘रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस’ (RHP) रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस वह आधिकारिक दस्तावेज होता है जिसे कोई भी कंपनी अपना IPO लाने से पहले मार्केट रेगुलेटर के पास जमा करती है। इस दस्तावेज में कंपनी के बिजनेस ऑपरेशन, वित्तीय स्थिति, प्रमोटर्स की जानकारी और IPO की वजहों की पूरी डिटेल होती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







