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Air India 86.85% Flights On Time in June 2026

Air India 86.85% Flights On Time in June 2026

नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक टाटा ग्रुप की एअर इंडिया दुनिया की चौथी सबसे पंक्चुअल (समय की पाबंद) एयरलाइंस बन गई है। एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम की जून 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, एअर इंडिया की लगभग 86.85% फ्लाइट्स यानी 100 में से 87 उड़ानें बिल्कुल तय समय पर पहुंची हैं। टाटा ग्रुप की स्वामित्व वाली एयरलाइन ने जून महीने में अपनी कुल 15,135 उड़ानें ऑपरेट कीं। एअर इंडिया ने सिंगापुर एयरलाइंस और एमिरेट्स को पीछे छोड़ा है। एविएशन के नियमों के मुताबिक, कोई फ्लाइट अपने तय समय से 15 मिनिट में उड़ान भर लेती है, तो उसे राइट टाइम माना जाता है। साउदिया पहले और कोरियन एयर दूसरे नंबर पर रही सिरियम के अनुसार, ग्लोबल रैंकिंग में एअर इंडिया से आगे सिर्फ तीन एयरलाइंस रहीं। इसमें साउदिया 92.38% के साथ पहले, कोरियन एयर 88.56% के साथ दूसरे और एयरोमेक्सिको 86.94% के साथ तीसरे स्थान पर रही। एअर इंडिया (86.85%) के बाद टॉप-10 की लिस्ट में सिंगापुर एयरलाइंस, वेस्टजेट, एमिरेट्स, टर्किश एयरलाइंस, SAS और कतर एयरवेज शामिल हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Air India 86.85% Flights On Time in June 2026

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नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक टाटा ग्रुप की एअर इंडिया दुनिया की चौथी सबसे पंक्चुअल (समय की पाबंद) एयरलाइंस बन गई है। एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम की जून 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, एअर इंडिया की लगभग 86.85% फ्लाइट्स यानी 100 में से 87 उड़ानें बिल्कुल तय समय पर पहुंची हैं। टाटा ग्रुप की स्वामित्व वाली एयरलाइन ने जून महीने में अपनी कुल 15,135 उड़ानें ऑपरेट कीं। एअर इंडिया ने सिंगापुर एयरलाइंस और एमिरेट्स को पीछे छोड़ा है। एविएशन के नियमों के मुताबिक, कोई फ्लाइट अपने तय समय से 15 मिनिट में उड़ान भर लेती है, तो उसे राइट टाइम माना जाता है। साउदिया पहले और कोरियन एयर दूसरे नंबर पर रही सिरियम के अनुसार, ग्लोबल रैंकिंग में एअर इंडिया से आगे सिर्फ तीन एयरलाइंस रहीं। इसमें साउदिया 92.38% के साथ पहले, कोरियन एयर 88.56% के साथ दूसरे और एयरोमेक्सिको 86.94% के साथ तीसरे स्थान पर रही। एअर इंडिया (86.85%) के बाद टॉप-10 की लिस्ट में सिंगापुर एयरलाइंस, वेस्टजेट, एमिरेट्स, टर्किश एयरलाइंस, SAS और कतर एयरवेज शामिल हैं। कंप्लीशन फैक्टर 99.7% रहा, लगभग सभी उड़ानें ऑपरेट हुईं एअर इंडिया ने जून के महीने में 86.23% का ऑन-टाइम डिपार्चर (समय पर प्रस्थान) रेट भी हासिल किया है। इसके साथ ही एयरलाइन का कंप्लीशन फैक्टर 99.7% रहा, जिसका मतलब है कि जून में कंपनी की लगभग सभी तय उड़ानों को बिना रद्द किए ऑपरेट किया। एशिया-पैसिफिक रीजन की रैंकिंग की बात करें तो एयर इंडिया चौथे स्थान पर रही। इस रीजन में वह जेजू एयर, कोरियन एयर और स्कूट से पीछे रही, लेकिन सिंगापुर एयरलाइंस और भारत की ही इंडिगो से आगे निकल गई। नेटवर्क प्लानिंग और ऑपरेशनल रेजिलिएंस में निवेश से मिला फायदा एअर इंडिया ने कहा कि यह रैंकिंग एयरलाइन द्वारा ऑपरेशनल रिलायबिलिटी और शेड्यूल इंटीग्रिटी पर लगातार दिए जा रहे ध्यान को दर्शाती है। कंपनी ने इस सुधार का श्रेय ऑपरेशनल रेजिलिएंस, बेहतर नेटवर्क प्लानिंग और अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय परिचालनों में बेहतर एग्जीक्यूशन के लिए किए गए निवेश को दिया है। एयरलाइन अपने ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम के तहत लगातार इस परफॉर्मेंस को सुधारने में जुटी है। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर कंजेशन से होती है दिक्कत देश के सबसे बड़े हब-एंड-स्पोक नेटवर्क्स में से एक को ऑपरेट करने की चुनौतियों पर एयर इंडिया ने बताया कि दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों पर भारी कंजेशन (भीड़भाड़) और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के प्रतिबंधों के कारण अक्सर परिचालन प्रभावित होता है। इन दो प्रमुख हब्स पर होने वाली देरी का असर बाद में पूरे नेटवर्क पर पड़ता है। DGCA के मई के आंकड़ों में एअर इंडिया तीसरे स्थान पर थी भारत के विमानन नियामक महानिदेशालय (DGCA) भी ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) को ट्रैक करता है, लेकिन उसके पास फिलहाल मई महीने का ही डेटा अवेलेबल है। DGCA देश के 10 प्रमुख एयरपोर्ट्स (बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, अहमदाबाद, कोच्चि, गुवाहाटी और लखनऊ) पर घरेलू एयरलाइंस की समय पाबंदी को मापता है। मई में एयर इंडिया ग्रुप का ओटीपी 74.5% था और वह इंडिगो व अकासा एयर के बाद तीसरे नंबर पर था। मई के दौरान एयर इंडिया का सबसे अच्छा रिकॉर्ड चेन्नई में (89.5% उड़ानें समय पर) और सबसे खराब प्रदर्शन लखनऊ में (केवल 62.4% उड़ानें समय पर) रहा था। बेड़े में शामिल हुए 3 नए बोइंग विमान एअर इंडिया ने बताया कि उसने पिछले 6 महीनों के दौरान अपने बेड़े में तीन बोइंग 787-9 विमान शामिल किए हैं, जबकि कुछ और बोइंग 787-9 और एयरबस A350-1000 विमान इस साल के अंत तक बेड़े में शामिल होने वाले हैं। इसके अलावा, नए और रिफर्बिश्ड (नए जैसे किए गए) इंटीरियर वाले दो पुराने बोइंग 787-8 विमान वापस सेवा में लौट आए हैं, जबकि तीन अन्य विमानों का अमेरिका में अपग्रेडेशन चल रहा है। कंपनी का अनुमान है कि साल 2026 के अंत तक एयर इंडिया के वाइडबॉडी विमानों के 50% से अधिक बेड़े में नया या अपग्रेड किया गया इंटीरियर होगा। ——————– ये खबर भी पढ़ें… एअर इंडिया ने इंटरनेशनल उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज घटाया: नॉर्थ अमेरिका और यूरोप के टिकट ₹7,617 तक सस्ते होंगे; घरेलू उड़ानों में बदलाव नहीं टाटा ग्रुप की विमानन कंपनी एअर इंडिया ने नॉर्थ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और UK जाने वाली अपनी उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज कम करने का एलान किया है। PTI के सूत्रों के मुताबिक, कच्चे तेल के दामों में आई कमी के बाद एयरलाइन ने यह कदम उठाया है, जिससे इन रूटों पर अंतरराष्ट्रीय हवाई सफर करने वाले यात्रियों की जेब का बोझ कम होगा। नई दरें 1 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। हालांकि घरेलू उड़ानों पर कोई बदलाव नहीं किया गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Sanjiv Jain North Korea Ambassador Appointment | India Indonesia Brahmos Deal

Sanjiv Jain North Korea Ambassador Appointment | India Indonesia Brahmos Deal

Hindi News Career Sanjiv Jain North Korea Ambassador Appointment | India Indonesia Brahmos Deal | Girish Bhardwaj Deat 16 मिनट पहले कॉपी लिंक 1. भारत इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस डील हुई 7 जुलाई को भारत-इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस डील हुई। इसके साथ ही 20 और समझौते हुए। ब्रह्मोस को लेकर दोनों देशों के बीच पिछले 4 महीने से बातचीत चल रही थी। भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की एडिशनल यूनिट देगा। इसी के साथ फिलीपींस, वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है। भारत-इंडोनेशिया समझौते के तहत भारत, इंडोनेशिया को ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल होने वाला भारतीय ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल भी बेचेगा। भारत इंडोनेशिया के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में भी मदद करेगा। ये समझौते पीएम मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच द्विपक्षीय बैठक के दौरान हुए। इस मौके पर इंडोनेशिया सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिन्तांग आदिपूर्णा’ से सम्मानित किया। बिन्तांग आदिपूर्णा सम्मान अंतरराष्ट्रीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को दिया जाता है। इंडोनेशिया में ये पुरस्कार भारत रत्न के बराबर माना जाता है। इंडोनेशिया के इस सर्वोच्च सम्मान की स्थापना 1959 में की गई थी। जकार्ता के राष्ट्रपति भवन में पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। निधन (DEATH) 2. पद्मश्री गिरीश भारद्वाज का निधन 7 जुलाई को ब्रिज मैन ऑफ इंडिया कहे जाने वाले डॉ. गिरीश भारद्वाज का निधन हो गया। वे 76 साल के थे। गिरीश एक प्रोफेशनल मैकेनिकल इंजीनियर और सोशल इनोवेशन की शुरुआत करने वाले थे। गिरीश ने 1989 में पयस्विनी नदी, कर्नाटक पर पहला सस्पेंशन फुटब्रिज बनाया था। गिरीश ने लगभग तीन दशकों में भारत के कई राज्यों में 140 से ज्यादा कम लागत वाले सस्पेंशन फुटब्रिज बनाए। गिरीश ने पुलों के जरिए दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों को स्कूल, अस्पताल और बाजारों से जोड़कर हजारों लोगों के जीवन को आसान बनाया। गिरीश को 2017 में ग्रामीण संपर्क और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। गिरीश ने ग्रामीण क्षेत्रों में कम लागत वाले पर्यावरण-अनुकूल पुल बनाए, जो एक सफल मॉडल माने जाते हैं। अपॉइंटमेंट (APPOINTMENT) 3. संजीव जैन नॉर्थ कोरिया के नए राजदूत अपॉइंट हुए 7 जुलाई को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने संजीव जैन को नॉर्थ कोरिया में भारत का अगला राजदूत अपॉइंट किया। संजीव 2008 बैच के IFS ऑफिसर हैं और वे आलियावती लोंगकुमेर की जगह लेंगे। संजीव वर्तमान में अफ्रीकन देश काबो वर्डे में भारत के राजदूत थे। इसके साथ ही उन्होंने पेरिस में भारतीय दूतावास में काम किया और श्रीलंका के कैंडी भारतीय वाणिज्य दूतावास में अपनी सेवाएं दी। संजय दुबई में भारतीय मिशन में राजनयिक पद पर काम कर चुके हैं। नेशनल (NATIONAL) 4. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डूरंड कप 2026 की ट्रॉफियों का अनावरण किया 7 जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में डूरंड कप 2026 की ट्रॉफियों का अनावरण किया। इस मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, सेना प्रमुख धीरज सेठ और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन भी मौजूद रहे। डूरंड कप एशिया की सबसे पुरानी फुटबॉल चैंपियनशिप में से एक है और ये इसका 135वां संस्करण है। डूरंड कप 25 जुलाई से 23 अगस्त तक पांच शहरों कोलकाता, रांची, इम्फाल, शिलांग और गुवाहाटी में खेला जाएगा। इसकी शुरुआत कोलकाता से होगी। इसमें छह ग्रुप विजेता और दो सर्वश्रेष्ठ उपविजेता क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगे, जो 16 अगस्त से शुरू होंगे। सेमीफाइनल 19 और 20 अगस्त को खेले जाएंगे, जबकि फाइनल 23 अगस्त को कोलकाता में निर्धारित है। ट्रॉफियों के अनावरण के साथ ही डूरंड कप 2026 के ट्रॉफी टूर की आधिकारिक शुरुआत की जाएगी। स्पोर्ट्स (SPORTS) 5. फुटबॉलर क्रिस्टियानों रोनाल्डो ने अपने करियर का आखिरी FIFA खेला 7 जुलाई को स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानों रोनाल्डो ने अपना आखिरी FIFA वर्ल्ड कप खेला रोनाल्डो ने 2006 में FIFA वर्ल्ड कप में डेब्यू किया था। 2006 में इसी ही FIFA टूर्नामेंट में रोनाल्डो ने पुर्तगाल को सेमीफाइनल तक पहुंचाया था। रोनाल्डो के वर्ल्ड कप करियर का ये सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। साल 2018 में रोनाल्डो ने वर्ल्ड कप में स्पेन के खिलाफ ग्रुप मुकाबले में यादगार हैट्रिक लगाई थी। 3-3 से खत्म हुए मैच को वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे रोमांचक मुकाबलों में गिना जाता है। साल 2008 में रोनाल्डो ने पहला बैलन डी’ओर पुरस्कार जीता और अब तक 5 बैलन डी’ओर जीते हैं। 2011 से 2018 तक रोनाल्डो रियल मैड्रिड के इतिहास के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने। रोनाल्डो 4 UEFA चैंपियनशिप खिताब जीते। मिसलीनीयस 6. चीन में भ्रष्टाचार करने वाले पूर्व अधिकारी को मौत की सजा 7 जुलाई को चीन की एक अदालत ने भ्रष्टाचार के मामले में एक पूर्व सीनियर अधिकारी यांग योलिन को मौत की सजा सुनाई है। यांग योलिन पर रिश्वत लेने और पद का दुरुपयोग करने का आरोप सिद्ध हुआ। यांग नानजिंग शहर में आर्थिक विकास विभाग में काम करते थे। यांग पर पिछले 30 साल में 325 मिलियन डॉलर यानी करीब 31 अरब रुपए की रिश्वत का आरोप साबित हुआ है। अदालत ने कहा कि भ्रष्टाचार की गंभीरता और समाज पर इसके प्रभाव को देखते हुए कठोर सजा जरूरी है। चीन में भ्रष्टाचार रोधी अभियान के तहत अभी तक जितने भी मामले उजागर हुए हैं, उनमें से यांग योलिन की रिश्वत की रकम सबसे बड़ी है। चीन में भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में आजीवन कारावास से लेकर मृत्युदंड तक का प्रावधान है। चीन में भ्रष्टाचार अभियान का उद्देश्य सरकारी स्ट्रक्चर में पारदर्शिता बढ़ाना और भ्रष्टाचार पर सख्त नियंत्रण रखना है। इससे पहले 2024 में नॉर्थ चाइना में आने वाले इनर मंगोलिया में ली जियानपिंग को गबन और रिश्वतखोरी का दोषी पाए जाने के बाद फांसी दी गई थी। साल 2021 में सरकारी कंपनी के पार्टी सेक्रेटरी लाई जियाओमिन को रिश्वत लेने, गबन करने और एक से ज्यादा शादी करने के अपराध में फांसी दी गई थी। आज का इतिहास 1497 में पुर्तगाली नाविक वास्को डी गामा अपने जहाज से रवाना हुये और भारत की यात्रा समुद्र से करने वाले पहले यूरोपीय बने। 1954 में सतलुज नदी पर निर्मित भाखड़ा नांगल पनबिजली परियोजना का प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उद्घाटन किया था। —————— ये खबर पढ़ें… आंध्र प्रदेश में 13वीं शताब्दी

India Mandates Health Declaration for All International Travelers via Air Suvidha 2.0

India Mandates Health Declaration for All International Travelers via Air Suvidha 2.0

Hindi News Business India Mandates Health Declaration For All International Travelers Via Air Suvidha 2.0 नई दिल्ली20 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एयर सुविधा पोर्टल को नए रूप में ‘एयर सुविधा 2.0’ नाम से दोबारा शुरू किया है। अब यूएई सहित दुनिया के किसी भी शहर से भारत आने वाले हर अंतरराष्ट्रीय यात्री को उड़ान भरने से पहले यह ऑनलाइन हेल्थ डिक्लेरेशन फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। यह नियम सभी यात्रियों पर लागू होता है, चाहे वे किसी भी देश के नागरिक हों या भारतीय नागरिक हों। यहां तक कि जिन यात्रियों का प्रभावित देशों से कोई पुराना इतिहास नहीं रहा है, उन्हें भी यह फॉर्म भरना जरूरी है। WHO की घोषणा के बाद एविएशन मिनिस्ट्री का फैसला वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने 17 मई 2026 को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में इबोला वायरस के प्रकोप को ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न’ घोषित किया था। इसी के बाद भारत के मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज के साथ मिलकर 25 जून को एयर सुविधा 2.0 लॉन्च किया है। यह प्रोसेस बेहद छोटी है और इसे बोर्डिंग या वेब चेक-इन के समय पूरा किया जा सकता है। विदेशी यात्रियों के लिए यह ई-अराइवल कार्ड के अलावा एक एडिशनल स्टेप है, यह उसका रिप्लेसमेंट नहीं है। एयर सुविधा 2.0 फॉर्म भरने की प्रोसेस स्टेप 1: अपनी जरूरी डिटेल्स पास रखें फॉर्म भरना शुरू करने से पहले अपना पासपोर्ट और फ्लाइट या टिकट की डिटेल्स अपने पास संभालकर रखें। आपको अपना पासपोर्ट नंबर, फ्लाइट नंबर और ट्रेवल डेट दर्ज करनी होगी। स्टेप 2: ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं इसके लिए आपको एयर सुविधा की ऑफिशियल वेबसाइट airsuvidha.civilaviation.gov.in पर जाना होगा। आप चाहें तो एयरलाइन या चेक-इन काउंटर पर दिए गए QR कोड को स्कैन करके भी सीधे फॉर्म पर पहुंच सकते हैं। स्टेप 3: ट्रैवल डिटेल्स भरें और वेरिफिकेशन करें पोर्टल पर अपनी पर्सनल और फ्लाइट से जुड़ी सारी जानकारी सही-सही भरें। इसके बाद आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा, जिससे आपको अपना नंबर वेरिफाई करना होगा। स्टेप 4: हेल्थ डिक्लेरेशन से जुड़े सवालों के जवाब दें आपको पिछले 21 दिनों की अपनी ट्रैवल हिस्ट्री की जानकारी देनी होगी। इसमें पूछा जाएगा कि क्या आपने डीआरसी, युगांडा या दक्षिण सूडान की यात्रा की है, या आप इबोला के संपर्क में आए हैं या आपमें इसके लक्षण हैं। यदि ऐसा नहीं है, तो ‘none of the above’ चुनें। यह स्टेप हर यात्री के लिए जरूरी है। स्टेप 5: कंफर्मेशन को संभालकर सेव करें फॉर्म सबमिट करने के बाद आपको एक कंफर्मेशन नंबर और पावती ईमेल पर मिलेगी। इसका स्क्रीनशॉट ले लें या डाउनलोड कर लें। भारत लैंड होने पर इमिग्रेशन काउंटर पर इसे दिखाना होगा, जिससे वहां आपको कोई पेपरवर्क नहीं करना पड़ेगा। यदि भारत पहुंचने के 21 दिनों के भीतर आपमें इबोला से जुड़े कोई भी लक्षण विकसित होते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। स्वास्थ्य अधिकारियों को अपनी हालिया यात्रा के बारे में पूरी जानकारी दें। अधिक जानकारी या मदद के लिए भारत के स्वास्थ्य अधिकारियों के राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1075 पर कॉल कर सकते हैं या idsp-alert@nic.in पर ईमेल भेज सकते हैं। क्या है इबोला वायरस? यह एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जिसका हालिया प्रकोप अफ्रीका के डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में देखा गया है। WHO ने इसे 17 मई 2026 को इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया था। जिसके बाद भारत सरकार ने सुरक्षा के तौर पर एयर सुविधा 2.0 पोर्टल की दोबारा शुरुआत की है, ताकि संक्रमण को देश में फैलने से रोका जा सके। ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल में 25% एथेनॉल मिलाने का प्लान टल सकता है: अभी 20% मिलाया जा रहा; इससे माइलेज घटने का दावा, पार्ट्स खराब होने की शिकायत पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने के विरोध के बीच इसकी मात्रा बढ़ाकर 25% करने की योजना को सरकार फिलहाल आगे बढ़ा सकती है। सरकार इस ट्रांजिशन को जल्दबाजी में करने के बजाय धीरे-धीरे और व्यवस्थित तरीके से लागू करना चाहती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

E10 गाड़ियों में E20 ईंधन से घट सकता है माइलेज:रबर पार्ट भी खराब हो सकते हैं; ARAI की इंजन टेस्टिंग रिपोर्ट में खुलासा

E10 गाड़ियों में E20 ईंधन से घट सकता है माइलेज:रबर पार्ट भी खराब हो सकते हैं; ARAI की इंजन टेस्टिंग रिपोर्ट में खुलासा

ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी ARAI की एक स्टडी में सामने आया है कि पुरानी E10 कंप्लायंट गाड़ियों में E20 ईंधन का इस्तेमाल करने से फ्यूल सिस्टम के रबर पार्ट्स खराब हो सकते हैं। हालांकि इस रिपोर्ट को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। 10 सवालों के जवाब में पूरा मामला समझें… सवाल 1: ARAI की इस रिपोर्ट में सबसे मुख्य बात क्या निकलकर सामने आई है? जवाब: ARAI की इस रिपोर्ट के मुताबिक, E10 गाड़ियों में E20 ईंधन इस्तेमाल करने पर फ्यूल-सिस्टम खराब हो सकता है। इससे गाड़ी के रबर पार्ट्स जैसे पाइप, गैस्केट्स, सील्स और ओ-रिंग्स को नुकसान पहुंचता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन रबर पार्ट्स को बदलने की जरूरत पड़ सकती है। सवाल 2: क्या रिपोर्ट को आम जनता के लिए जारी किया गया है और इसका क्या महत्व है? जवाब: नहीं, इस स्टडी रिपोर्ट को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालांकि, यह रिपोर्ट सरकार और देश के प्रमुख वाहन निर्माताओं (OEMs) के बीच इस पूरे मामले पर नीति बनाने और तकनीकी सुधार करने के लिए एक मुख्य रेफरेंस पॉइंट बनी हुई है। सवाल 3: चार पहिया वाहनों के इंजन पर E20 ईंधन के असर को लेकर क्या टेस्टिंग की गई थी? जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक, दो OEMs ने इंजन ड्यूरेबिलिटी टेस्ट किए थे। इसमें एक निर्माता की गाड़ी के इंजन ने 400 घंटे की टेस्टिंग के बाद कोई समस्या नहीं दिखाई और उसका परफॉर्मेंस E20 ईंधन के साथ सही पाया गया। लेकिन दूसरे निर्माता के मामले में स्थिति अलग रही। सवाल 4: दूसरे चार पहिया वाहन निर्माता की गाड़ी में क्या तकनीकी समस्या देखी गई? जवाब: दूसरे OEM के इंजन की जब 809 घंटे तक टेस्टिंग की गई, तो उसके एग्जॉस्ट वाल्व में ‘थर्मोमैकेनिकल फेलियर’ देखा गया। हालांकि, इस मामले के जानकारों का कहना है कि एग्जॉस्ट वाल्व के फेल होने के पीछे कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं। सवाल 5: यह ‘थर्मोमैकेनिकल फेलियर’ क्या होता है और इससे इंजन को क्या नुकसान है? जवाब: थर्मोमैकेनिकल फेलियर तब होता है जब अत्यधिक गर्मी और तेज व बार-बार होने वाली हलचल (मैकेनिकल स्ट्रेस) एक साथ मिलती हैं। इन दोनों के संयुक्त दबाव के कारण इंजन का एग्जॉस्ट वाल्व मुड़ सकता है, उसमें दरार आ सकती है या वह पूरी तरह से टूट सकता है। सवाल 6: BS-IV और BS-VI इंजन वाली चार पहिया गाड़ियों की टेस्टिंग में क्या अंतर मिला? जवाब: रिपोर्ट में 4-व्हीलर इंजन ड्यूरेबिलिटी टेस्ट के तहत बताया गया है कि टेस्टिंग के दौरान एक BS-IV इंजन का परफॉर्मेंस E20 ईंधन के साथ स्वीकार्य रहा। इसके विपरीत, एक BS-VI टर्बो चार्ज्ड इंजन में 265 घंटे की ड्यूरेबिलिटी टेस्टिंग के बाद ही समस्या देखी गई। सवाल 7: दो पहिया वाहनों पर इस टेस्टिंग का क्या परिणाम रहा? जवाब: रिपोर्ट के अनुसार, तीन दो पहिया वाहन निर्माताओं ने इंजन ड्यूरेबिलिटी टेस्ट किए गए थे। इन टेस्ट्स में इंजनों में कोई समस्या नहीं पाई गई। इन्हें E20 ईंधन के साथ स्वीकार्य पाया गया है। सवाल 8: क्या E20 ईंधन से गाड़ियों के मैटेलिक पार्ट्स या उत्सर्जन पर बुरा असर पड़ता है? जवाब: नहीं, सभी टेस्ट किए गए वाहनों पर इस स्टडी में पाया गया कि E20 ईंधन का मैटेलिक कंपोनेंट्स पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है। इसके अलावा, E10-कंप्लायंट वाहनों में E20 ईंधन डालने पर भी साइलेंसर से होने वाला उत्सर्जन तय कानूनी सीमाओं के भीतर ही पाया गया। सवाल 9: गाड़ियों की माइलेज या ईंधन की खपत पर इससे क्या प्रभाव पड़ा? जवाब: ARAI की स्टडी में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि E10 ईंधन की तुलना में E20 ईंधन का इस्तेमाल करने पर वाहनों की ईंधन खपत 2% से 6% तक बढ़ जाती है। यानी गाड़ियों का माइलेज कम हो जाता है। हालांकि, ईंधन की खपत में होने वाली यह बढ़ोतरी अलग-अलग गाड़ियों के मॉडल और कैटेगरी के हिसाब से बदलती है। सवाल 10: गाड़ी के स्टार्ट होने, चलने और वाष्पीकरण उत्सर्जन पर क्या असर दिखा? जवाब: रिपोर्ट के अनुसार, E20 ईंधन के साथ गाड़ियों का इवैपोरेटिव एमिशन भी पूरी तरह से कानूनी सीमा के भीतर पाया गया। इसके साथ ही, गाड़ियों की स्टार्टेबिलिटी (आसानी से स्टार्ट होना) और ड्राइवैबिलिटी (चलने की परफॉर्मेंस) भी E20 ईंधन के साथ बिल्कुल ठीक पाई गई। सरकार ने कहा था- टेस्टिंग में गाड़ियों को नुकसान का सबूत नहीं मिला बीते दिनों एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की ओर से शामिल एक्सपर्ट्स ने कहा था कि बड़े पैमाने पर हुई टेस्टिंग में गाड़ियों को नुकसान पहुंचने का कोई सबूत नहीं मिला है। सोशल मीडिया पर गाड़ी के परफॉर्मेंस को लेकर चल रहे दावों के बीच एक्सपर्ट्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड की पूर्व CMD वर्तिका शुक्ला के अलावा बजाज ऑटो के सर्कल हेड मनप्रीत सिंह, टीवीएस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत कृष्णन मौजूद रहे थे। उनके साथ टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी, मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती, हुंडई इंडिया के पुनीत आनंद और हीरो मोटो के आशुतोष वर्मा भी शामिल हुए थे। पेट्रोल में 25% एथेनॉल ब्लेंडिंग का फैसला टाल सकती है सरकार E20 फ्यूल के विरोध के बीच सरकार पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाकर 25% करने की योजना को फिलहाल आगे बढ़ा सकती है। सरकार इस ट्रांजिशन को जल्दबाजी में करने के बजाय धीरे-धीरे और व्यवस्थित तरीके से लागू करना चाहती है। सरकार ने शुरुआत में साल 2030 तक पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का प्लान बनाया था। लेकिन इस टारगेट से बहुत पहले ही E20 फ्यूल (80% पेट्रोल और 20% एथेनॉल) को पूरे देश में स्टैंडर्ड पेट्रोल के रूप में लागू कर दिया गया है और अब हर जगह यही पेट्रोल मिल रहा है।

E10 गाड़ियों में E20 ईंधन से घट सकता है माइलेज:रबर पार्ट भी खराब हो सकते हैं; ARAI की इंजन टेस्टिंग रिपोर्ट में खुलासा

E10 गाड़ियों में E20 ईंधन से घट सकता है माइलेज:रबर पार्ट भी खराब हो सकते हैं; ARAI की इंजन टेस्टिंग रिपोर्ट में खुलासा

ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी ARAI की एक स्टडी में सामने आया है कि पुरानी E10 कंप्लायंट गाड़ियों में E20 ईंधन का इस्तेमाल करने से फ्यूल सिस्टम के रबर पार्ट्स खराब हो सकते हैं। हालांकि इस रिपोर्ट को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। 10 सवालों के जवाब में पूरा मामला समझें… सवाल 1: ARAI की इस रिपोर्ट में सबसे मुख्य बात क्या निकलकर सामने आई है? जवाब: ARAI की इस रिपोर्ट के मुताबिक, E10 गाड़ियों में E20 ईंधन इस्तेमाल करने पर फ्यूल-सिस्टम खराब हो सकता है। इससे गाड़ी के रबर पार्ट्स जैसे पाइप, गैस्केट्स, सील्स और ओ-रिंग्स को नुकसान पहुंचता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन रबर पार्ट्स को बदलने की जरूरत पड़ सकती है। सवाल 2: क्या रिपोर्ट को आम जनता के लिए जारी किया गया है और इसका क्या महत्व है? जवाब: नहीं, इस स्टडी रिपोर्ट को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालांकि, यह रिपोर्ट सरकार और देश के प्रमुख वाहन निर्माताओं (OEMs) के बीच इस पूरे मामले पर नीति बनाने और तकनीकी सुधार करने के लिए एक मुख्य रेफरेंस पॉइंट बनी हुई है। सवाल 3: चार पहिया वाहनों के इंजन पर E20 ईंधन के असर को लेकर क्या टेस्टिंग की गई थी? जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक, दो OEMs ने इंजन ड्यूरेबिलिटी टेस्ट किए थे। इसमें एक निर्माता की गाड़ी के इंजन ने 400 घंटे की टेस्टिंग के बाद कोई समस्या नहीं दिखाई और उसका परफॉर्मेंस E20 ईंधन के साथ सही पाया गया। लेकिन दूसरे निर्माता के मामले में स्थिति अलग रही। सवाल 4: दूसरे चार पहिया वाहन निर्माता की गाड़ी में क्या तकनीकी समस्या देखी गई? जवाब: दूसरे OEM के इंजन की जब 809 घंटे तक टेस्टिंग की गई, तो उसके एग्जॉस्ट वाल्व में ‘थर्मोमैकेनिकल फेलियर’ देखा गया। हालांकि, इस मामले के जानकारों का कहना है कि एग्जॉस्ट वाल्व के फेल होने के पीछे कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं। सवाल 5: यह ‘थर्मोमैकेनिकल फेलियर’ क्या होता है और इससे इंजन को क्या नुकसान है? जवाब: थर्मोमैकेनिकल फेलियर तब होता है जब अत्यधिक गर्मी और तेज व बार-बार होने वाली हलचल (मैकेनिकल स्ट्रेस) एक साथ मिलती हैं। इन दोनों के संयुक्त दबाव के कारण इंजन का एग्जॉस्ट वाल्व मुड़ सकता है, उसमें दरार आ सकती है या वह पूरी तरह से टूट सकता है। सवाल 6: BS-IV और BS-VI इंजन वाली चार पहिया गाड़ियों की टेस्टिंग में क्या अंतर मिला? जवाब: रिपोर्ट में 4-व्हीलर इंजन ड्यूरेबिलिटी टेस्ट के तहत बताया गया है कि टेस्टिंग के दौरान एक BS-IV इंजन का परफॉर्मेंस E20 ईंधन के साथ स्वीकार्य रहा। इसके विपरीत, एक BS-VI टर्बो चार्ज्ड इंजन में 265 घंटे की ड्यूरेबिलिटी टेस्टिंग के बाद ही समस्या देखी गई। सवाल 7: दो पहिया वाहनों पर इस टेस्टिंग का क्या परिणाम रहा? जवाब: रिपोर्ट के अनुसार, तीन दो पहिया वाहन निर्माताओं ने इंजन ड्यूरेबिलिटी टेस्ट किए गए थे। इन टेस्ट्स में इंजनों में कोई समस्या नहीं पाई गई। इन्हें E20 ईंधन के साथ स्वीकार्य पाया गया है। सवाल 8: क्या E20 ईंधन से गाड़ियों के मैटेलिक पार्ट्स या उत्सर्जन पर बुरा असर पड़ता है? जवाब: नहीं, सभी टेस्ट किए गए वाहनों पर इस स्टडी में पाया गया कि E20 ईंधन का मैटेलिक कंपोनेंट्स पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है। इसके अलावा, E10-कंप्लायंट वाहनों में E20 ईंधन डालने पर भी साइलेंसर से होने वाला उत्सर्जन तय कानूनी सीमाओं के भीतर ही पाया गया। सवाल 9: गाड़ियों की माइलेज या ईंधन की खपत पर इससे क्या प्रभाव पड़ा? जवाब: ARAI की स्टडी में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि E10 ईंधन की तुलना में E20 ईंधन का इस्तेमाल करने पर वाहनों की ईंधन खपत 2% से 6% तक बढ़ जाती है। यानी गाड़ियों का माइलेज कम हो जाता है। हालांकि, ईंधन की खपत में होने वाली यह बढ़ोतरी अलग-अलग गाड़ियों के मॉडल और कैटेगरी के हिसाब से बदलती है। सवाल 10: गाड़ी के स्टार्ट होने, चलने और वाष्पीकरण उत्सर्जन पर क्या असर दिखा? जवाब: रिपोर्ट के अनुसार, E20 ईंधन के साथ गाड़ियों का इवैपोरेटिव एमिशन भी पूरी तरह से कानूनी सीमा के भीतर पाया गया। इसके साथ ही, गाड़ियों की स्टार्टेबिलिटी (आसानी से स्टार्ट होना) और ड्राइवैबिलिटी (चलने की परफॉर्मेंस) भी E20 ईंधन के साथ बिल्कुल ठीक पाई गई। सरकार ने कहा था- टेस्टिंग में गाड़ियों को नुकसान का सबूत नहीं मिला बीते दिनों एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की ओर से शामिल एक्सपर्ट्स ने कहा था कि बड़े पैमाने पर हुई टेस्टिंग में गाड़ियों को नुकसान पहुंचने का कोई सबूत नहीं मिला है। सोशल मीडिया पर गाड़ी के परफॉर्मेंस को लेकर चल रहे दावों के बीच एक्सपर्ट्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड की पूर्व CMD वर्तिका शुक्ला के अलावा बजाज ऑटो के सर्कल हेड मनप्रीत सिंह, टीवीएस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत कृष्णन मौजूद रहे थे। उनके साथ टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी, मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती, हुंडई इंडिया के पुनीत आनंद और हीरो मोटो के आशुतोष वर्मा भी शामिल हुए थे। पेट्रोल में 25% एथेनॉल ब्लेंडिंग का फैसला टाल सकती है सरकार E20 फ्यूल के विरोध के बीच सरकार पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाकर 25% करने की योजना को फिलहाल आगे बढ़ा सकती है। सरकार इस ट्रांजिशन को जल्दबाजी में करने के बजाय धीरे-धीरे और व्यवस्थित तरीके से लागू करना चाहती है। सरकार ने शुरुआत में साल 2030 तक पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का प्लान बनाया था। लेकिन इस टारगेट से बहुत पहले ही E20 फ्यूल (80% पेट्रोल और 20% एथेनॉल) को पूरे देश में स्टैंडर्ड पेट्रोल के रूप में लागू कर दिया गया है और अब हर जगह यही पेट्रोल मिल रहा है।

Delhi Per Capita Income ₹5.20 Lakh; India States in Upper-Middle Income

Delhi Per Capita Income ₹5.20 Lakh; India States in Upper-Middle Income

Hindi News Business Delhi Per Capita Income ₹5.20 Lakh; India States In Upper Middle Income नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक वर्ल्ड बैंक के प्रति व्यक्ति आय के मानकों के अनुसार भारत के 5 राज्य अब अपर-मिडिल-इनकम कैटेगरी में शामिल हो गए हैं। हालांकि देश अभी भी लोअर-मिडिल इनकम इकोनॉमी बना हुआ है। मनीकंट्रोल के एक एनालिसिस में वर्ल्ड बैंक के क्लासिफिकेशन और राज्यों के इनकम डेटा के आधार पर यह बात सामने आई है। इस हफ्ते वर्ल्ड बैंक ने लगातार सुधार के बाद श्रीलंका, वियतनाम और फिलीपींस को हायर-इनकम कैटेगरी में प्रमोट किया है। भारत की स्थिति और वर्ल्ड बैंक के मानक भारत वर्तमान में एटलस-मेथड के तहत $2,760 यानी करीब ₹2.63 लाख प्रति व्यक्ति आय के साथ लोअर-मिडिल इनकम देशों में शामिल है। यह लोअर-मिडिल इनकम के औसत $2,488 लगभग ₹2.37 लाख से थोड़ा ही ज्यादा है और अपर-मिडिल इनकम के $4,636 (करीब ₹4.42 लाख) के थ्रेशोल्ड यानी लेवल से काफी नीचे है। वर्ल्ड बैंक के क्लासिफिकेशन के नियम इस प्रकार हैं… लो-इनकम देश: $1,175 यानी करीब ₹1.12 लाख से कम प्रति व्यक्ति आय। लोअर-मिडिल इनकम: $1,175 (₹1.12 लाख) से $4,635 (₹4.42 लाख) के बीच प्रति व्यक्ति आय। हाइअर-इनकम: $14,375 यानी 13.71 लाख रुपए से अधिक प्रति व्यक्ति आय। दिल्ली टॉप पर, इन 5 राज्यों ने पार किया बेंचमार्क देश में $6,217 (करीब ₹5.93 लाख) प्रति व्यक्ति आय के साथ दिल्ली सबसे आगे है। इसके बाद कर्नाटक (₹5.32 लाख), तेलंगाना (₹5.15 लाख), तमिलनाडु (₹5.08 लाख) और गुजरात (₹4.51 लाख) का नंबर आता है। ये पांचों राज्य वर्ल्ड बैंक के अपर-मिडिल इनकम कटऑफ को आसानी से पार कर चुके हैं। दूसरी ओर, तीन प्रमुख राज्य बहुत मामूली अंतर से इस लिस्ट में आने से चूक गए। महाराष्ट्र की प्रति व्यक्ति आय ₹4,41 लाख है, जो कटऑफ से सिर्फ $8 यानी 763 रुपए कम रह गई। हरियाणा ₹4,40 लाख के साथ $9 यानी 858 रुपए से चूका, जबकि केरल ₹4,39 लाख के साथ बेंचमार्क से सिर्फ $26 यानी 2,480 रुपए पीछे रह गया। बिहार सबसे गरीब राज्य, नेपाल से भी कम कमाई इसके विपरीत, बिहार $984 (करीब ₹93,895) प्रति व्यक्ति आय के साथ देश का सबसे गरीब बड़ा राज्य बना हुआ है। इसके बाद उत्तर प्रदेश (₹1.33 लाख) और झारखंड (₹1.40 लाख) का स्थान है। बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के लोगों की औसत कमाई नेपाल और उप-सहारा अफ्रीकी देशों से भी कम है। पिछले तीन दशकों में आया बड़ा बदलाव साल 1994 में भारत का कोई भी बड़ा राज्य वर्ल्ड बैंक के मौजूदा मानकों के तहत मिडिल-इनकम इकोनॉमी में आने की स्थिति में नहीं था। आज कई राज्यों की इनकम साउथ अफ्रीका (₹5.98 लाख), फिजी (₹5.94 लाख) और मंगोलिया (₹5.92 लाख) जैसे देशों के बराबर हो चुकी है। कर्नाटक और तेलंगाना तो इंडोनेशिया (₹4.88 लाख) और वियतनाम (₹4.74 लाख) जैसे देशों से भी आगे निकल चुके हैं। राज्यों के बीच बढ़ी आर्थिक असमानता आर्थिक तरक्की के बावजूद राज्यों के बीच आपसी असमानता बढ़ी है। राज्यों के बीच का अंतर साल 1994-95 के 0.230 से बढ़कर 2025-26 में 0.261 हो गया है। वहीं 90वें और 10वें पर्सेंटाइल वाले राज्यों के बीच का अंतर 2.38 गुना से बढ़कर 3.73 गुना हो गया है, जो बढ़ती आर्थिक दूरी को दर्शाता है। डेटा के अनुसार, मिडिल-इनकम वाले राज्यों ने इस अवधि में सबसे तेज ग्रोथ दर्ज की है और वे 1994-95 के मुकाबले 36.7 गुना बढ़े हैं। इसकी तुलना में सबसे अमीर राज्यों का ग्रुप 28.3 गुना और सबसे गरीब राज्यों का ग्रुप 26.6 गुना बढ़ा है। कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु इस ग्रोथ में आगे रहे, जबकि बिहार, यूपी और झारखंड लगातार पीछे बने हुए हैं। किसी को फायदा तो कोई रह गया पीछे तीन दशक पहले उत्तर प्रदेश और ओडिशा की इनकम का स्तर लगभग एक जैसा था, लेकिन आज ओडिशा की प्रति व्यक्ति आय यूपी से 75% ज्यादा है। इसी तरह झारखंड और असम कभी बराबरी पर थे, लेकिन साल 2025-26 में असम की प्रति व्यक्ति आय झारखंड से 48% अधिक दर्ज की गई। वहीं पंजाब के लिए बड़ा उलटफेर हुआ है। साल 1994-95 में सभी बड़े राज्यों के बीच सबसे ज्यादा कमाई करने वाला पंजाब, अब राजस्थान के बराबर आ गया है और देश के सात अन्य राज्यों से पीछे छूट चुका है। क्या होता है एटलस मेथड? वर्ल्ड बैंक देशों की प्रति व्यक्ति आय नापने के लिए एटलस मेथड का इस्तेमाल करता है। इसमें तीन साल के एक्सचेंज रेट का एवरेज निकाला जाता है, ताकि महंगाई और करेंसी के उतार-चढ़ाव का असर कम से कम हो और सही तुलना की जा सके। ये खबर भी पढ़ें… भगोड़े नीरव मोदी को जल्द लाया जा सकता है भारत: यूरोपियन-कोर्ट में आखिरी केस भी हारा; पिछले 7 साल से लंदन की जेल में बंद भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने का रास्ता अब साफ हो गया है। नीरव मोदी यूरोपीय मानवाधिकार अदालत में अपना आखिरी केस भी हार गया है। जिसके बाद उसको भारत लाने यानी प्रत्यर्पण के मामले में बची आखिरी कानूनी बाधा भी दूर हो गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Fugitive Nirav Modi could soon be brought back to India after losing his final case in the European court

Fugitive Nirav Modi could soon be brought back to India after losing his final case in the European court

Hindi News Business Fugitive Nirav Modi Could Soon Be Brought Back To India After Losing His Final Case In The European Court लंदन13 मिनट पहले कॉपी लिंक भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने का रास्ता अब साफ हो गया है। नीरव मोदी यूरोपीय मानवाधिकार अदालत में अपना आखिरी केस भी हार गए हैं। जिसके बाद उसको भारत लाने यानी प्रत्यर्पण के मामले में बची आखिरी कानूनी बाधा भी दूर हो गई है। न्यूज18 द्वारा एक्सेस किए गए दस्तावेजों के मुताबिक, यूके की अदालतों में अपील के सभी रास्ते बंद होने के बाद नीरव मोदी ने अप्रैल 2026 में यूरोपीय मानवाधिकार अदालत का दरवाजा खटखटाया था। यूरोपीय अदालत से भी नीरव मोदी को कोई राहत नहीं मिली है, जिससे अब उसके पास अपने प्रत्यर्पण का विरोध करने के लिए कोई भी कानूनी विकल्प नहीं बचा है। कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त होने के बाद, यूके सरकार ने नीरव मोदी को भारतीय अधिकारियों को सौंपने की प्रोसेस शुरू कर दी है। अब नीरव मोदी को किसी भी समय भारत लाया जा सकता है। नीरव मोदी मार्च 2019 से लंदन की एचएमपी वांड्सवर्थ जेल में बंद है। CBI और ED, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के कई हजार करोड़ रुपए के घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रहे हैं। मानवाधिकार अदालत से भी नहीं मिली राहत नीरव मोदी ने यूके की अदालतों में अपील के सभी कानूनी विकल्प खत्म होने के बाद अप्रैल 2026 में यूरोपीय मानवाधिकार अदालत का रुख किया था। हालांकि, यूरोपीय अदालत ने भी नीरव मोदी को राहत देने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद प्रत्यर्पण को चुनौती देने के उसके सारे कानूनी रास्ते अब आधिकारिक रूप से बंद हो गए हैं। यूके सरकार ने शुरू की भारत भेजने की प्रोसेस कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह खत्म होने के बाद अब यूके सरकार एक्शन में आ गई है। सूत्रों के मुताबिक, ब्रिटिश सरकार ने नीरव मोदी को भारतीय जांच एजेंसियों को सौंपने के लिए जरूरी फॉर्मेलिटीज शुरू कर दी हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रत्यर्पण की औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं और उसे किसी भी समय भारत लाया जा सकता है। मार्च 2019 से लंदन की जेल में बंद है नीरव मोदी भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी पिछले सात सालों से यूके में है और मार्च 2019 से लंदन की एचएमपी वांड्सवर्थ जेल में बंद है। वह जेल में रहते हुए ही भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा था, जिसमें अब उसे पूरी तरह हार का सामना करना पड़ा है। PNB घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग केस में है तलाश भारत की प्रमुख जांच एजेंसियां, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED), नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के लिए लगातार प्रयास कर रही थीं। नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ मिलकर कई हजार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप हैं, जिनकी जांच के लिए उसे भारत लाना जरूरी है। क्या होती है यूरोपीय मानवाधिकार अदालत (ECHR)? ECHR क्या है: यह एक अंतरराष्ट्रीय अदालत है जो फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में स्थित है। यह यूरोपीय मानवाधिकार कन्वेंशन के उल्लंघन के मामलों की सुनवाई करती है। प्रत्यर्पण में भूमिका: अक्सर यूके की अदालतों से केस हारने के बाद अपराधी मानवाधिकारों का हवाला देकर ECHR में अपील करते हैं। नीरव मोदी के पास यह आखिरी अंतरराष्ट्रीय कानूनी कवच था, जो अब खत्म हो चुका है। ये खबर भी पढ़ें… नीरव मोदी को बैंक को ₹108 करोड़ चुकाने होंगे: पर्सनल लोन गारंटी मामले में लंदन हाईकोर्ट का फैसला, 7 साल से जेल में बंद है भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को बैंक ऑफ इंडिया (BOI) को 1.15 करोड़ डॉलर यानी करीब 108 करोड़ रुपए चुकाने होंगे। लंदन के हाई कोर्ट ने दुबई की एक कंपनी ‘फायरस्टार डायमंड एफजेडई’ के लिए दी गई पर्सनल लोन गारंटी और उस पर लगे ब्याज से जुड़े मामले में ये फैसला सुनाया है। नीरव बीते 7 सालों से लंदन की जेल में बंद है और भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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Hindi News Business Instagram Child Abuse Ads Notice | Meta 7 Day Reply; LNG Supply Restored नई दिल्ली30 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर LNG से जुड़ी रही। देश में लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG की सप्लाई अब सामान्य हो गई है। इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेट को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को लेकर सरकार ने पैरेंट कंपनी मेटा को नोटिस भेजा। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. सरकार ने LNG सप्लाई पर लगी रोक हटाई: अमेरिका-ईरान जंग रुकने से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से शिपमेंट शुरू, इससे इंडस्ट्रीज को राहत मिलेगी देश में लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG की सप्लाई अब सामान्य हो गई है। केंद्र सरकार ने अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के दौरान देश में लागू किए गए ‘इमरजेंसी नेचुरल गैस सप्लाई रेगुलेशन ऑर्डर’ के आदेशों को वापस ले लिया है। LNG का उपयोग इंडस्ट्रीज में ज्यादा होता है, ऐसे में इस फैसले से इंडस्ट्रीज को राहत मिलेगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण विज्ञापन मामले में नोटिस जारी: सरकार ने 7 दिन में जवाब मांगा, ऐसे कंटेंट को ब्लॉक करने और हटाने को कहा इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेट को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को लेकर सरकार ने पैरेंट कंपनी Meta को नोटिस भेजा। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार कंपनी को 7 दिन में इस नोटिस का जबाव देना होगा। ये नोटिस 4 जुलाई को जारी किया गया है। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार IT मिनिस्ट्री ने इंस्टाग्राम को अपने प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण को बढ़ावा देने वाले या ऐसे कंटेंट तक पहुंच बनाने वाले सभी विज्ञापनों को तुरंत ब्लॉक करने और हटाने के निर्देश दिए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. वॉट्सएप-यूजरनेम विवाद पर जवाब देने की समयसीमा 9-जुलाई तक बढ़ी: सरकार ने कहा- इससे ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट के मामले बढ़ सकते हैं इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने वॉट्सएप के विवादित यूजरनेम फीचर पर जवाब देने के लिए मेटा की समयसीमा को तीन दिन और बढ़ा दिया है। एक सरकारी अधिकारी ने रविवार को बताया कि अब कंपनी को 9 जुलाई तक अपना जवाब सौंपना होगा। इससे पहले सरकार ने इस मामले में वॉट्सएप से 6 जुलाई तक जवाब मांगा था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. टॉप-10-कंपनियों में से 6 की वैल्यू ₹1 लाख करोड़ बढ़ी: एयरटेल टॉप गेनर रही, वैल्यू ₹36,529 करोड़ बढ़ी; बजाज फाइनेंस-ICICI बैंक का मार्केट कैप भी बढ़ा पिछले कारोबारी हफ्ते में देश की टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 6 का कुल मार्केट वैल्यूएशन 1 लाख करोड़ रुपए बढ़ गया। इस तेजी में भारतीय एयरटेल टॉप गेनर रही। एयरटेल की वैल्युएशन 36,529 करोड़ रुपए बढ़कर 11.63 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, ICICI बैंक, LIC, HDFC बैंक और HUL का मार्केट कैप भी बढ़ा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… शुक्रवार के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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Hindi News Business Instagram Child Abuse Ads Notice | Meta 7 Day Reply; LNG Supply Restored नई दिल्ली8 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर LNG से जुड़ी रही। देश में लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG की सप्लाई अब सामान्य हो गई है। इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेट को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को लेकर सरकार ने पैरेंट कंपनी मेटा को नोटिस भेजा। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. सरकार ने LNG सप्लाई पर लगी रोक हटाई: अमेरिका-ईरान जंग रुकने से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से शिपमेंट शुरू, इससे इंडस्ट्रीज को राहत मिलेगी देश में लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG की सप्लाई अब सामान्य हो गई है। केंद्र सरकार ने अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के दौरान देश में लागू किए गए ‘इमरजेंसी नेचुरल गैस सप्लाई रेगुलेशन ऑर्डर’ के आदेशों को वापस ले लिया है। LNG का उपयोग इंडस्ट्रीज में ज्यादा होता है, ऐसे में इस फैसले से इंडस्ट्रीज को राहत मिलेगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण विज्ञापन मामले में नोटिस जारी: सरकार ने 7 दिन में जवाब मांगा, ऐसे कंटेंट को ब्लॉक करने और हटाने को कहा इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेट को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को लेकर सरकार ने पैरेंट कंपनी Meta को नोटिस भेजा। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार कंपनी को 7 दिन में इस नोटिस का जबाव देना होगा। ये नोटिस 4 जुलाई को जारी किया गया है। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार IT मिनिस्ट्री ने इंस्टाग्राम को अपने प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण को बढ़ावा देने वाले या ऐसे कंटेंट तक पहुंच बनाने वाले सभी विज्ञापनों को तुरंत ब्लॉक करने और हटाने के निर्देश दिए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. वॉट्सएप-यूजरनेम विवाद पर जवाब देने की समयसीमा 9-जुलाई तक बढ़ी: सरकार ने कहा- इससे ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट के मामले बढ़ सकते हैं इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने वॉट्सएप के विवादित यूजरनेम फीचर पर जवाब देने के लिए मेटा की समयसीमा को तीन दिन और बढ़ा दिया है। एक सरकारी अधिकारी ने रविवार को बताया कि अब कंपनी को 9 जुलाई तक अपना जवाब सौंपना होगा। इससे पहले सरकार ने इस मामले में वॉट्सएप से 6 जुलाई तक जवाब मांगा था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. टॉप-10-कंपनियों में से 6 की वैल्यू ₹1 लाख करोड़ बढ़ी: एयरटेल टॉप गेनर रही, वैल्यू ₹36,529 करोड़ बढ़ी; बजाज फाइनेंस-ICICI बैंक का मार्केट कैप भी बढ़ा पिछले कारोबारी हफ्ते में देश की टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 6 का कुल मार्केट वैल्यूएशन 1 लाख करोड़ रुपए बढ़ गया। इस तेजी में भारतीय एयरटेल टॉप गेनर रही। एयरटेल की वैल्युएशन 36,529 करोड़ रुपए बढ़कर 11.63 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, ICICI बैंक, LIC, HDFC बैंक और HUL का मार्केट कैप भी बढ़ा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… शुक्रवार के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔