Swiggy Platform Fee Hike & Railway Ticket Refund Rules Update

नई दिल्ली45 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर रेलवे से जुड़ी रही। भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करता है, तभी उसे रिफंड मिलेगा। वहीं ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के बाद अब स्विगी से भी खाना मंगाना महंगा हो गया है। कंपनी ने हर ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 17% की बढ़ोतरी की है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. रेलवे टिकट 8 घंटे पहले कैंसिल करने पर ही रिफंड: 4 घंटे का नियम खत्म; ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करता है, तभी उसे रिफंड मिलेगा। पहले यह समय 4 घंटे था, जिसे बढ़ाकर अब 8 घंटे कर दिया गया है। हालांकि, 24 से 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर अभी भी 50% पैसा ही वापस मिलेगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. जोमैटो के बाद स्विगी से भी खाना मंगवाना महंगा हुआ: प्लेटफॉर्म फीस 17% बढ़ाई, हर ऑर्डर पर ₹14 की जगह ₹17.58 देने होंगे ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के बाद अब स्विगी से भी खाना मंगाना महंगा हो गया है। कंपनी ने आज 24 मार्च से हर ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 17% की बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर 14 रुपए के बजाय अब 17.58 (GST सहित) यानी ₹3.58 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। यह बढ़ोतरी डिलीवरी ऑपरेशंस की लागत बढ़ने के कारण की गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. रसोई-गैस का विकल्प बनेगा एथेनॉल: सरकार बना रही खास एथेनॉल-चूल्हे; LPG की किल्लत दूर करने के लिए फैसला किया भारत में अब रसोई गैस (LPG) की निर्भरता कम करने के लिए एथेनॉल का इस्तेमाल करने की तैयारी चल रही है। सरकार एथेनॉल बेस्ड कुकिंग स्टोव (चूल्हे) बनाने पर काम रही है। मंगलवार को फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सेक्रेटरी संजीव चोपड़ा ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. गोल्डमैन सैक्स ने भारत का GDP ग्रोथ अनुमान घटाया: 2026 में 7% की जगह 5.9% रह सकती है; तेल सप्लाई रुकने से खतरा बढ़ा ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स ने साल 2026 के लिए भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ (GDP) का अनुमान घटा दिया है। बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की जीडीपी ग्रोथ अब 5.9% रहने की उम्मीद है। ईरान युद्ध से पहले इसके 7% रहने का अनुमान लगाया गया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. सोना ₹851 बढ़कर ₹1.40 लाख पर पहुंचा: चांदी में ₹5,285 की तेजी, दाम 2.25 लाख रुपए प्रति किलो पहुंचे सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 24 मार्च को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 851 रुपए बढ़कर 1.40 लाख रुपए पहुंच गया। वहीं, चांदी में 5,285 रुपए की तेजी रही और ये 2.25 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Swiggy Platform Fee Hike & Railway Ticket Refund Rules Update

नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर रेलवे से जुड़ी रही। भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करता है, तभी उसे रिफंड मिलेगा। वहीं ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के बाद अब स्विगी से भी खाना मंगाना महंगा हो गया है। कंपनी ने हर ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 17% की बढ़ोतरी की है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. रेलवे टिकट 8 घंटे पहले कैंसिल करने पर ही रिफंड: 4 घंटे का नियम खत्म; ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करता है, तभी उसे रिफंड मिलेगा। पहले यह समय 4 घंटे था, जिसे बढ़ाकर अब 8 घंटे कर दिया गया है। हालांकि, 24 से 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर अभी भी 50% पैसा ही वापस मिलेगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. जोमैटो के बाद स्विगी से भी खाना मंगवाना महंगा हुआ: प्लेटफॉर्म फीस 17% बढ़ाई, हर ऑर्डर पर ₹14 की जगह ₹17.58 देने होंगे ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के बाद अब स्विगी से भी खाना मंगाना महंगा हो गया है। कंपनी ने आज 24 मार्च से हर ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 17% की बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर 14 रुपए के बजाय अब 17.58 (GST सहित) यानी ₹3.58 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। यह बढ़ोतरी डिलीवरी ऑपरेशंस की लागत बढ़ने के कारण की गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. रसोई-गैस का विकल्प बनेगा एथेनॉल: सरकार बना रही खास एथेनॉल-चूल्हे; LPG की किल्लत दूर करने के लिए फैसला किया भारत में अब रसोई गैस (LPG) की निर्भरता कम करने के लिए एथेनॉल का इस्तेमाल करने की तैयारी चल रही है। सरकार एथेनॉल बेस्ड कुकिंग स्टोव (चूल्हे) बनाने पर काम रही है। मंगलवार को फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सेक्रेटरी संजीव चोपड़ा ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. गोल्डमैन सैक्स ने भारत का GDP ग्रोथ अनुमान घटाया: 2026 में 7% की जगह 5.9% रह सकती है; तेल सप्लाई रुकने से खतरा बढ़ा ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स ने साल 2026 के लिए भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ (GDP) का अनुमान घटा दिया है। बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की जीडीपी ग्रोथ अब 5.9% रहने की उम्मीद है। ईरान युद्ध से पहले इसके 7% रहने का अनुमान लगाया गया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. सोना ₹851 बढ़कर ₹1.40 लाख पर पहुंचा: चांदी में ₹5,285 की तेजी, दाम 2.25 लाख रुपए प्रति किलो पहुंचे सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 24 मार्च को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 851 रुपए बढ़कर 1.40 लाख रुपए पहुंच गया। वहीं, चांदी में 5,285 रुपए की तेजी रही और ये 2.25 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Swiggy & Zomato Platform Fee Hike

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के बाद अब स्विगी से भी खाना मंगाना महंगा हो गया है। कंपनी ने आज 24 मार्च से हर ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 17% की बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर 14 रुपए के बजाय अब 17.58 (GST सहित) यानी ₹3.58 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। यह बढ़ोतरी डिलीवरी ऑपरेशंस की लागत बढ़ने के कारण की गई है। स्विगी ने 7 महीने में दूसरी बार प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाई अप्रैल 2023 ₹2 (शुरुआत) जनवरी 2024 ₹5 जुलाई 2024 ₹6 अक्टूबर 2024 ₹10 अगस्त 2025 ₹12 अक्टूबर 2025 ₹14 मार्च 2026 ₹17.58 अप्रैल 2023 से प्लेटफॉर्म फीस लेने की शुरुआत हुई थी कंपनी ने 7 महीने में दूसरी बार प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाई है। इससे पहले अगस्त-2025 में 17% यानी 2 रुपए का इजाफा किया गया था। तब प्लेटफॉर्म फीस 12 रुपए से बढ़कर 14 रुपए हो गई थी। स्विगी ने अप्रैल 2023 में सबसे पहले प्लेटफॉर्म फीस शुरू की थी, ताकि कंपनी अपने यूनिट इकोनॉमिक्स को बेहतर कर सके। तब से कंपनी ने धीरे-धीरे इस फीस को कई बार बढ़ाया है। शुरुआत में यह फीस मात्र 2 रुपए थी। स्विगी की प्लेटफॉर्म फीस जोमैटो के बराबर हुई जोमैटो ने 20 मार्च को ही अपनी प्लेटफॉर्म फीस 19% यानी ₹2.40 बढ़ाकर ₹14.90 (बिना GST) कर दी थी। टैक्स (GST) जोड़ने के बाद दोनों कंपनियों की प्रभावी प्लेटफॉर्म फीस अब लगभग ₹17.58 के बराबर हो गई है। यानी अब आपको दोनों प्लेटफॉर्म से खाना मंगवाने पर लगभग बराबर एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा। क्या होती है प्लेटफॉर्म फीस और क्यों वसूली जाती है? प्लेटफॉर्म फीस वह फिक्स्ड चार्ज है जो फूड बिल, रेस्टोरेंट चार्ज और डिलीवरी फीस के अलावा हर ऑर्डर पर वसूला जाता है। कंपनियां इसे अपने ऑपरेटिंग कॉस्ट (संचालन लागत), टेक्नोलॉजी मेंटेनेंस और कस्टमर सपोर्ट जैसी सेवाओं को बेहतर बनाने और उनके खर्च को कवर करने के लिए लेती हैं। चाहे आपके खाने का बिल ₹200 हो या ₹2000, यह फीस हर ऑर्डर पर एक समान ही रहती है। करोड़ों यूजर्स की जेब पर पड़ेगा असर देशभर में करोड़ों लोग रोजाना इन एप्स के जरिए खाना ऑर्डर करते हैं। ₹2 से ₹3 की यह मामूली दिखने वाली बढ़ोतरी कंपनियों के लिए करोड़ों रुपए का अतिरिक्त रेवेन्यू जनरेट करती है। हालांकि, बार-बार बढ़ती फीस की वजह से उन ग्राहकों में नाराजगी देखी जा रही है जो नियमित रूप से बाहर से खाना ऑर्डर करते हैं। जोमैटो और स्विगी दोनों ही कंपनियां अब अपने घाटे को कम करने और मुनाफे की ओर बढ़ने के लिए इस तरह के चार्जेस पर ज्यादा निर्भर हो रही हैं। —————— ये खबर भी पढ़ें… जोमैटो से खाना मंगवाना महंगा हुआ: प्लेटफॉर्म फीस 19% बढ़ाई, हर ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय अब ₹14.90 देने होंगे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो से खाना ऑर्डर करना अब महंगा हो गया है। कंपनी ने आज 20 मार्च से ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 19% बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय अब ₹14.90 यानी ₹2.40 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। प्लेटफॉर्म फीस हर एक फूड ऑर्डर पर लागू होने वाला ऐडिशनल चार्ज हैं। ये GST, रेस्तरां चार्ज और डिलीवरी फीस से अलग है। जोमैटो रोजाना 20 से 25 लाख ऑर्डर डिलीवर करता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Swiggy & Zomato Platform Fee Hike

नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के बाद अब स्विगी से भी खाना मंगाना महंगा हो गया है। कंपनी ने आज 24 मार्च से हर ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 17% की बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर 14 रुपए के बजाय अब 17.58 (GST सहित) यानी ₹3.58 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। यह बढ़ोतरी डिलीवरी ऑपरेशंस की लागत बढ़ने के कारण की गई है। स्विगी की प्लेटफॉर्म फीस जोमैटो के बराबर हुई जोमैटो ने 20 मार्च को ही अपनी प्लेटफॉर्म फीस 19% यानी ₹2.40 बढ़ाकर ₹14.90 (बिना GST) कर दी थी। टैक्स (GST) जोड़ने के बाद दोनों कंपनियों की प्रभावी प्लेटफॉर्म फीस अब लगभग ₹17.58 के बराबर हो गई है। यानी अब आपको दोनों प्लेटफॉर्म से खाना मंगवाने पर लगभग बराबर एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा। प्लेटफॉर्म फीस 7 महीने में दूसरी बार बढ़ाई कंपनी ने 7 महीने में दूसरी बार प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाई है। इससे पहले अगस्त-2025 में 17% यानी 2 रुपए का इजाफा किया गया था। तब प्लेटफॉर्म फीस 12 रुपए से बढ़कर 14 रुपए हो गई थी। स्विगी ने अप्रैल 2023 में सबसे पहले प्लेटफॉर्म फीस शुरू की थी, ताकि कंपनी अपने यूनिट इकोनॉमिक्स को बेहतर कर सके। तब से कंपनी ने धीरे-धीरे इस फीस को कई बार बढ़ाया है। शुरुआत में यह फीस मात्र 2 रुपए थी। क्या होती है प्लेटफॉर्म फीस और क्यों वसूली जाती है? प्लेटफॉर्म फीस वह फिक्स्ड चार्ज है जो फूड बिल, रेस्टोरेंट चार्ज और डिलीवरी फीस के अलावा हर ऑर्डर पर वसूला जाता है। कंपनियां इसे अपने ऑपरेटिंग कॉस्ट (संचालन लागत), टेक्नोलॉजी मेंटेनेंस और कस्टमर सपोर्ट जैसी सेवाओं को बेहतर बनाने और उनके खर्च को कवर करने के लिए लेती हैं। चाहे आपके खाने का बिल ₹200 हो या ₹2000, यह फीस हर ऑर्डर पर एक समान ही रहती है। करोड़ों यूजर्स की जेब पर पड़ेगा असर देशभर में करोड़ों लोग रोजाना इन एप्स के जरिए खाना ऑर्डर करते हैं। ₹2 से ₹3 की यह मामूली दिखने वाली बढ़ोतरी कंपनियों के लिए करोड़ों रुपए का अतिरिक्त रेवेन्यू जनरेट करती है। हालांकि, बार-बार बढ़ती फीस की वजह से उन ग्राहकों में नाराजगी देखी जा रही है जो नियमित रूप से बाहर से खाना ऑर्डर करते हैं। जोमैटो और स्विगी दोनों ही कंपनियां अब अपने घाटे को कम करने और मुनाफे की ओर बढ़ने के लिए इस तरह के चार्जेस पर ज्यादा निर्भर हो रही हैं। —————— ये खबर भी पढ़ें… जोमैटो से खाना मंगवाना महंगा हुआ: प्लेटफॉर्म फीस 19% बढ़ाई, हर ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय अब ₹14.90 देने होंगे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो से खाना ऑर्डर करना अब महंगा हो गया है। कंपनी ने आज 20 मार्च से ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 19% बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय अब ₹14.90 यानी ₹2.40 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। प्लेटफॉर्म फीस हर एक फूड ऑर्डर पर लागू होने वाला ऐडिशनल चार्ज हैं। ये GST, रेस्तरां चार्ज और डिलीवरी फीस से अलग है। जोमैटो रोजाना 20 से 25 लाख ऑर्डर डिलीवर करता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Iqair report most polluted country pakistan india on 6 delhi fourth

नई दिल्ली15 मिनट पहले कॉपी लिंक वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2025 के मुताबिक भारत दुनिया का छठा सबसे प्रदूषित देश है। उत्तर प्रदेश का लोनी दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बना है, जबकि दिल्ली चौथे स्थान पर है। यह रिपोर्ट स्विस कंपनी IQAir ने जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में 5 भारत के हैं। इनमें लोनी, बर्नीहाट, दिल्ली, गाजियाबाद और उला शामिल हैं। लोनी का औसत PM2.5 स्तर 112.5 µg/m³ दर्ज किया गया, जो WHO की गाइडलाइन (5 µg/m³) से 22 गुना ज्यादा है। रिपोर्ट में 143 देशों के 9,446 शहरों के डेटा का एनालिसिस किया गया है। इसके मुताबिक सबसे ज्यादा पॉल्यूटेड देशों में पाकिस्तान पहले नंबर पर है। इसके बाद बांग्लादेश, ताजिकिस्तान, चाड और कांगो हैं। भारत छठे स्थान पर है। 54 देशों में प्रदूषण बढ़ा रिपोर्ट के मुताबिक 54 देशों में PM2.5 बढ़ा है। जबकि 75 देशों में PM2.5 में कमी आई है। 2 देशों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और 12 नए देश शामिल हुए हैं। दुनिया के सिर्फ 14% शहर ही WHO के मानकों पर खरे उतरे हैं। जंगल की आग बना बड़ा कारण 2025 में क्लाइमेट चेंज के चलते जंगल की आग ने वैश्विक प्रदूषण बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। यूरोप और कनाडा से रिकॉर्ड बायोमास उत्सर्जन हुआ, जिससे 1,380 मेगाटन कार्बन उत्सर्जन हुआ। अमेरिका और यूरोप में भी असर अमेरिका में PM2.5 बढ़कर 7.3 µg/m³ हुआ। एल पासो सबसे प्रदूषित शहर रहा। जबकि सिएटल सबसे साफ शहर बना। यूरोप के भी 23 देशों में प्रदूषण बढ़ा, जबकि 18 में कमी आई। मॉनिटरिंग में कमी से बढ़ी चिंता मार्च 2025 में अमेरिकी ग्लोबल एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्रोग्राम बंद होने से कई देशों में डेटा की कमी हो गई। CREA के अनुसार 44 देशों में मॉनिटरिंग कमजोर हुई है। 6 देश बिना किसी मॉनिटरिंग के रह गए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
First euthanasia in India Ghaziabad Harish Rana case Delhi AIIMS

31 साल के हरीश 13 साल से कोमा में थे। सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को इच्छामृत्यु की इजाजत दी थी। हरीश राणा ने मंगलवार को दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली। PTI ने सूत्रों के हवाले से इसकी पुष्टि की है। 31 साल के हरीश 13 साल से कोमा में थे। सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को इच्छामृत्यु की इजाजत दी थी। . ये देश का पहला मामला है, जिसमें किसी को इच्छामृत्यु दी गई है। 14 मार्च को हरीश को दिल्ली एम्स में शिफ्ट किया गया था। एम्स प्रशासन ने 16 मार्च को हरीश राणा की फीडिंग ट्यूब हटा दी थी। एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया दिया गया। इसका मतलब होता है कि किसी गंभीर रूप से बीमार मरीज को जिंदा रखने के लिए जो बाहरी लाइफ सपोर्ट या इलाज दिया जा रहा है, उसे रोक दिया जाए या हटा लिया जाए, ताकि मरीज की प्राकृतिक रूप से मौत हो सके। हरीश राणा की ये तस्वीर उस दौरान की है जब उन्हें एम्स शिफ्ट नहीं किया गया था। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था फैसला सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को इच्छामृत्यु मामले में फैसला सुनाया था। कोर्ट ने 13 साल से कोमा में रह रहे 31 साल के युवक हरीश राणा को इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की मंजूरी दी थी। फैसले के बाद मां निर्मला देवी ने कहा था कि ‘बेटे के इलाज के लिए हर संभव प्रयास किए। बड़े-बड़े अस्पतालों में दिखाया और कई डॉक्टरों से इलाज भी कराया, लेकिन उम्मीदें लगभग खत्म हो गई हैं। अब तो बस भगवान से यही प्रार्थना है कि उसे इस पीड़ा से जल्द मुक्ति मिल जाए।’ हरीश हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरे थे, तब से बिस्तर पर दिल्ली में जन्मे हरीश राणा चंडीगढ़ की पंजाब यू्निवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई कर रहे थे। 2013 में वह हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए। इसकी वजह से उनके पूरे शरीर में लकवा मार गया और वह कोमा में चले गए। वह न कुछ बोल सकते हैं और न ही महसूस कर सकते हैं। डॉक्टर्स ने हरीश को क्वाड्रिप्लेजिया बीमारी से पीड़ित करार दिया। इसमें मरीज पूरी तरह से फीडिंग ट्यूब यानी खाने-पीने की नली और वेंटिलेटर सपोर्ट पर निर्भर रहता है। इसमें रिकवरी की कोई गुंजाइश नहीं होती। 13 साल से बिस्तर पर पड़े होने की वजह से हरीश के शरीर पर बेडसोर्स यानी गहरे घाव बन गए हैं। उनकी हालत लगातार खराब होती जा रही है। यह स्थिति हरीश के लिए बहुत दर्दनाक है। परिवार के लिए उन्हें ऐसे देखना मानसिक रूप से बेहद कठिन हो गया है। वेंटिलेटर, दवाइयों, नर्सिंग और देखभाल पर कई साल से इतना खर्च हो चुका है कि परिवार आर्थिक रूप से टूट चुका है। इच्छामृत्यु के 2 तरीके होते हैं… पैसिव यूथेनेशिया: इसमें मरीज का इलाज या लाइफ सपोर्ट जैसे वेंटिलेटर, फीडिंग ट्यूब या दवाइयां रोक दी जाती हैं, ताकि उसकी मौत प्राकृतिक रूप से हो सके। इसमें डॉक्टर कोई नया काम नहीं करते, सिर्फ इलाज बंद कर देते हैं। मौत का कारण बीमारी ही रहती है। कोर्ट ने हरीश राणा के लिए पैशिव यूथेनेशिया देने के निर्देश दिए थे। एक्टिव यूथेनेशिया: इसमें मरीज को मौत देने के लिए डॉक्टर दवाई या इंजेक्शन का इस्तेमाल करते हैं। भारत में यह गैर-कानूनी है। अगर कोई जान-बूझकर किसी मरीज को दवाई देकर मारता है, तो इसे BNS की धारा के तहत हत्या या के तहत आत्महत्या में मदद माना जाता है। भारत के संविधान में इच्छामृत्यु का क्या कानून है 2005 में कॉमन कॉज नाम की एक NGO ने पैसिव यूथेनेशिया यानी निष्क्रिय इच्छामृत्यु के अधिकार की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर 9 मार्च 2018 को CJI दीपक मिश्रा की अगुआई वाली 5 जजों की बेंच ने इच्छामृत्यु को कानूनी मान्यता दी। तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, अगर किसी मरीज को लाइलाज बीमारी हो या वेजिटेटिव स्टेट में यानी लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर ही जिंदा हो, तो प्राकृतिक तरीके से मृत्यु के लिए उसका इलाज बंद किया जा सकता है। इसे इच्छामृत्यु नहीं, बल्कि सम्मान के साथ मृत्यु का अधिकार माना जाएगा। यह अधिकार संविधान के आर्टिकल 21 का हिस्सा है, जिसमें सम्मान से जीने के साथ सम्मान से मरने का अधिकार है। 13 साल से बिस्तर पर पड़े होने की वजह से हरीश के शरीर पर बेडसोर्स यानी गहरे घाव बन गए हैं। -फाइल फोटो इच्छामृत्यु को लेकर क्या नियम है 2018 में पैसिव यूथेनेशिया को वैधता देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए 2 तरह के नियम बनाए… 1. जब मरीज ने पहले ही ‘लिविंग विल’ लिख रखी हो: जब मरीज ने मेंटली फिट रहते हुए अपनी इच्छा से लिविंग विल लिखी हो। इस लिविंग विल में साफ तौर पर लिखा जाता है कि मरीज की बीमारी अगर लाइलाज हो जाए यानी अगर वह अब कभी ठीक होने लायक न बचे तो उसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम से हटा दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए भी कुछ नियम बनाए हैं… 18 साल से ज्यादा उम्र और स्वस्थ व्यक्ति ही लिविंग विल लिख सकता है। मरीज ने 2 गवाहों के सामने लिविंग विल साइन की हो। डॉक्यूमेंट्स को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने वेरिफाई किया हो। इलाज करने वाले डॉक्टर, हॉस्पिटल के मेडिकल बोर्ड और जिला स्तर के एक बाहरी मेडिकल बोर्ड की मंजूरी ली गई हो। दोनों बोर्डों की मंजूरी मिलने के बाद वेंटिलेटर जैसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम को बंद किया जा सकता हो। इस पूरी प्रक्रिया के बारे में परिवार को जानकारी दी जाती है। किसी भी तरह के विवाद की स्थिति में हाईकोर्ट में अपील की जा सकती है। 2. जब कोई लिविंग विल न हो: जब मरीज अपने होश में रहते हुए लिविंग विल नहीं बनाता तो उसका परिवार या करीबी ये फैसला ले सकते हैं। हालांकि, ये इतना आसान नहीं है। इसके लिए 2018 में सुप्रीम कोर्ट के बनाए गए इन नियमों का पालन करना होता है… अस्पताल के डॉक्टरों का एक बोर्ड मरीज की कंडीशन चेक कर रिपोर्ट बनाता है। कलेक्टर 3-5 एक्सपर्ट्स का दूसरा मेडिकल बोर्ड बनाते हैं, जो ये रिपोर्ट चेक करता है। दोनों बोर्ड के सहमत होने पर इस फैसले को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के पास
India Develops Ethanol Cooking Stoves to Cut LPG Dependence

नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत में अब रसोई गैस (LPG) की निर्भरता कम करने के लिए एथेनॉल का इस्तेमाल करने की तैयारी चल रही है। सरकार एथेनॉल बेस्ड कुकिंग स्टोव (चूल्हे) बनाने पर काम रही है। मंगलवार को फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सेक्रेटरी संजीव चोपड़ा ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एथेनॉल न केवल गाड़ियों के लिए, बल्कि अब घरों की रसोई के लिए भी एक सुरक्षित और सस्ता विकल्प बन सकता है। पश्चिम एशिया में तनाव से LPG की किल्लत बढ़ी संजीव चोपड़ा ने बताया कि हाल के दिनों में पश्चिम एशियाई देशों में चल रहे संघर्ष की वजह से भारत में गैस की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के जरिए होने वाले शिपमेंट्स रुकने से जमीनी स्तर पर एलपीजी की कमी महसूस की जा रही है, जिससे कीमतें भी बढ़ी हैं। इसी संकट को देखते हुए सरकार अब घरेलू स्तर पर तैयार होने वाले एथेनॉल को कुकिंग फ्यूल (खाना पकाने के ईंधन) के रूप में प्रमोट कर रही है। शुरुआती दौर में है एथेनॉल चूल्हे का प्रोजेक्ट सचिव ने बताया कि एथेनॉल आधारित चूल्हों के कुछ शुरुआती मॉडल तैयार कर लिए गए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि यह प्रोजेक्ट अभी बेहद शुरुआती चरण में है। उन्होंने कहा, ‘अगर हम इसे बड़े पैमाने पर लागू करते हैं, तो हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह पूरी तरह सुरक्षित हो और इसकी उपलब्धता भी बनी रहे।’ कैसे काम करेगा एथेनॉल चूल्हा? ईंधन: इसमें तरल एथेनॉल का इस्तेमाल होता है। फायदा: यह LPG के मुकाबले कम प्रदूषण फैलाता है और इसे स्टोर करना आसान होता है। सुरक्षा: एथेनॉल अत्यधिक ज्वलनशील होता है, इसलिए इसके चूल्हों में खास तरह के सेफ्टी वॉल्व और बर्नर डिजाइन किए जा रहे हैं। मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में ही पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा सरकार इसकी सप्लाई चैन को परखने के लिए एक प्रयोग करने जा रही है। इसके तहत देश के एथेनॉल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में ही एथेनॉल कुकिंग का टेस्ट किया जाएगा। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि बिना किसी रूकावट के ईंधन को घरों तक कैसे पहुंचाया जा सकता है। 30% ब्लेंडिंग का लक्ष्य पूरा, अब डिमांड बढ़ाने पर जोर देश में एथेनॉल प्रोग्राम को लेकर चोपड़ा ने बताया कि सप्लाई के मामले में हमने अच्छा काम किया है। अब तक 30% एथेनॉल ब्लेंडिंग (मिश्रण) का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। अब सप्लाई की कोई कमी नहीं है, इसलिए सरकार का फोकस डिमांड बढ़ाने पर है। उन्होंने कहा, ‘हम डीजल के साथ एथेनॉल की ब्लेंडिंग और टेक्सटाइल बाई-प्रोडक्ट्स जैसे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।’ सरकार बेहतर चावल देगी, टूटे हुए चावल से एथेनॉल बनेगा सरकार पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के जरिए दिए जाने वाले चावल की क्वालिटी में भी सुधार कर रही है। 5 राज्यों में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जिसमें मिलों से निकलने वाले चावल में टूटे हुए चावल की मात्रा 25% से घटाकर 10% की गई है। इससे राशन कार्ड धारकों को बेहतर क्वालिटी का चावल मिलेगा। इस प्रक्रिया के दौरान जो अतिरिक्त टूटा हुआ चावल निकलेगा, उसे एथेनॉल बनाने वाली कंपनियों को सप्लाई किया जाएगा। टूटे हुए चावल की सप्लाई बढ़ाने पर विचार कर रही सरकार एथेनॉल बनाने के लिए टूटे हुए चावल की कम मांग पर संजीव चोपड़ा ने कहा कि तेल कंपनियों (OMC) की ओर से आवंटन कम होने के कारण ऐसा हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जैसे ही तेल कंपनियां आवंटन बढ़ाएंगी, डिमांड की समस्या खत्म हो जाएगी। साथ ही FCI के चावल के बजाय सीधे ब्रोकन राइस के इस्तेमाल से एथेनॉल प्रोडक्शन को और मजबूती मिलेगी। यह खबर भी पढ़ें… गोल्डमैन सैक्स ने भारत का GDP ग्रोथ अनुमान घटाया: 2026 में 7% की जगह 5.9% रह सकती है; तेल सप्लाई रुकने से खतरा बढ़ा ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स ने साल 2026 के लिए भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ (GDP) का अनुमान घटा दिया है। बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की जीडीपी ग्रोथ अब 5.9% रहने की उम्मीद है। ईरान युद्ध से पहले इसके 7% रहने का अनुमान लगाया गया था। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि रुपए की कमजोरी और महंगाई को काबू करने के लिए रिजर्व बैंक ब्याज दरों में 0.50% की बढ़ोतरी कर सकता है। इससे पहले 13 मार्च को भी बैंक ने ग्रोथ अनुमान 7% से घटाकर 6.5% किया था, जिसे अब और कम कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India Womens T20 Squad vs South Africa

Hindi News Sports Cricket India Womens T20 Squad Vs South Africa | Harmanpreet Kaur Captain, Smriti Mandhana Vice Captain 5 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की महिला चयन समिति ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाली आगामी टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। इस दौरे के लिए 15 सदस्यीय टीम की कमान अनुभवी ऑलराउंडर हरमनप्रीत कौर के हाथों में सौंपी गई है, जबकि स्मृति मंधाना टीम की उपकप्तान होंगी। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पांच मैचों की यह टी-20 सीरीज 17 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। शेफाली और जेमिमा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा चयनकर्ताओं ने टीम में अनुभव और युवा जोश का तालमेल बिठाने की कोशिश की है। टीम के बल्लेबाजी क्रम में शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स और ऋचा घोष जैसे विस्फोटक बल्लेबाज शामिल हैं। ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा भी टीम का अहम हिस्सा हैं, जो गेंद और बल्ले दोनों से मैच पलटने की क्षमता रखती हैं। ऋचा घोष और उमा छेत्री को विकेटकीपर के विकल्प के तौर पर टीम में जगह मिली है। गेंदबाजी में रेणुका और अरुंधति संभालेंगी कमान तेज गेंदबाजी विभाग की जिम्मेदारी रेणुका सिंह ठाकुर और अरुंधति रेड्डी पर होगी। स्पिन विभाग में श्रेयंका पाटिल और काश्वी गौतम जैसे उभरते हुए चेहरों को शामिल किया गया है। टीम में अन्य प्रमुख नामों में क्रांति गौड़, श्री चरणी, भारती फुलमाली और अनुष्का शर्मा शामिल हैं। चयन समिति ने इन खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट और पिछले दौरों पर किए गए अच्छे प्रदर्शन के आधार पर चुना है। डरबन और जोहान्सबर्ग में होंगे मुकाबले भारतीय टीम इस दौरे पर कुल 5 टी-20 मैच खेलेगी। सीरीज का आगाज 17 अप्रैल को डरबन में होगा। पहले दो मुकाबले इसी शहर में खेले जाएंगे। इसके बाद तीसरा और चौथा टी-20 जोहान्सबर्ग के मैदान पर होगा। सीरीज का पांचवां और आखिरी मैच 27 अप्रैल को बेनोनी में खेला जाएगा। दक्षिण अफ्रीका की उछाल भरी पिचों पर भारतीय बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा होने की उम्मीद है। मैच का समय समय के अनुसार 5.30 बजे शुरू होगी भारतीय दर्शकों के लिए अच्छी खबर यह है कि सीरीज के मैच शाम के समय आयोजित होंगे। शेड्यूल के मुताबिक, मैच भारतीय समय के अनुसार शाम 5:30 बजे और रात 9:30 बजे से शुरू होंगे। BCCI को उम्मीद है कि वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से यह दौरा टीम इंडिया के लिए काफी मददगार साबित होगा। —————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… सिनर ने तोड़ा जोकोविच का रिकॉर्ड:मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट्स में लगातार 26 सेट जीतने वाले पहले खिलाड़ी बनें, मियामी ओपन में मुटे को हराया इटली के टेनिस खिलाड़ी जैनिक सिनर ने एटीपी मास्टर्स 1000 स्तर पर लगातार सबसे अधिक सेट जीतने के मामले में नोवाक जोकोविच का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सिनर ने मियामी ओपन के तीसरे राउंड में कोरेंटिन मूटे को 6-1, 6-4 से हराया। यह मुकाबला 1 घंटा 11 मिनट तक चला। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India Womens T20 Squad vs South Africa

Hindi News Sports Cricket India Womens T20 Squad Vs South Africa | Harmanpreet Kaur Captain, Smriti Mandhana Vice Captain 57 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की महिला चयन समिति ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाली आगामी टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। इस दौरे के लिए 15 सदस्यीय टीम की कमान अनुभवी ऑलराउंडर हरमनप्रीत कौर के हाथों में सौंपी गई है, जबकि स्मृति मंधाना टीम की उपकप्तान होंगी। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पांच मैचों की यह टी-20 सीरीज 17 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। शेफाली और जेमिमा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा चयनकर्ताओं ने टीम में अनुभव और युवा जोश का तालमेल बिठाने की कोशिश की है। टीम के बल्लेबाजी क्रम में शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स और ऋचा घोष जैसे विस्फोटक बल्लेबाज शामिल हैं। ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा भी टीम का अहम हिस्सा हैं, जो गेंद और बल्ले दोनों से मैच पलटने की क्षमता रखती हैं। ऋचा घोष और उमा छेत्री को विकेटकीपर के विकल्प के तौर पर टीम में जगह मिली है। गेंदबाजी में रेणुका और अरुंधति संभालेंगी कमान तेज गेंदबाजी विभाग की जिम्मेदारी रेणुका सिंह ठाकुर और अरुंधति रेड्डी पर होगी। स्पिन विभाग में श्रेयंका पाटिल और काश्वी गौतम जैसे उभरते हुए चेहरों को शामिल किया गया है। टीम में अन्य प्रमुख नामों में क्रांति गौड़, श्री चरणी, भारती फुलमाली और अनुष्का शर्मा शामिल हैं। चयन समिति ने इन खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट और पिछले दौरों पर किए गए अच्छे प्रदर्शन के आधार पर चुना है। डरबन और जोहान्सबर्ग में होंगे मुकाबले भारतीय टीम इस दौरे पर कुल 5 टी-20 मैच खेलेगी। सीरीज का आगाज 17 अप्रैल को डरबन में होगा। पहले दो मुकाबले इसी शहर में खेले जाएंगे। इसके बाद तीसरा और चौथा टी-20 जोहान्सबर्ग के मैदान पर होगा। सीरीज का पांचवां और आखिरी मैच 27 अप्रैल को बेनोनी में खेला जाएगा। दक्षिण अफ्रीका की उछाल भरी पिचों पर भारतीय बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा होने की उम्मीद है। मैच का समय समय के अनुसार 5.30 बजे शुरू होगी भारतीय दर्शकों के लिए अच्छी खबर यह है कि सीरीज के मैच शाम के समय आयोजित होंगे। शेड्यूल के मुताबिक, मैच भारतीय समय के अनुसार शाम 5:30 बजे और रात 9:30 बजे से शुरू होंगे। BCCI को उम्मीद है कि वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से यह दौरा टीम इंडिया के लिए काफी मददगार साबित होगा। —————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… सिनर ने तोड़ा जोकोविच का रिकॉर्ड:मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट्स में लगातार 26 सेट जीतने वाले पहले खिलाड़ी बनें, मियामी ओपन में मुटे को हराया इटली के टेनिस खिलाड़ी जैनिक सिनर ने एटीपी मास्टर्स 1000 स्तर पर लगातार सबसे अधिक सेट जीतने के मामले में नोवाक जोकोविच का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सिनर ने मियामी ओपन के तीसरे राउंड में कोरेंटिन मूटे को 6-1, 6-4 से हराया। यह मुकाबला 1 घंटा 11 मिनट तक चला। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India Gas Ships Arrive; 22 Ships Safe in Persian Gulf

Hindi News National India Gas Ships Arrive; 22 Ships Safe In Persian Gulf | US LPG Reaches Mangalore बेंगलुरु7 घंटे पहले कॉपी लिंक यह तस्वीर अमेरिका से आए जहाज की है, जिसे मेंगलुरु पोर्ट पर डॉक किया गया है। अमेरिका के टेक्सास से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर एक कार्गो शिप रविवार को मेंगलुरु पोर्ट पर पहुंच गया है। वहीं रूस से एक जहाज क्रूड लेकर भारत आया। पिछले 7 दिनों में करीब पांच जहाज गैस-कच्चा तेल लेकर समुद्र के रास्ते भारत पहुंचे। इससे पहले 18 मार्च को क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ गुजरात में अडाणी पोर्ट्स आया था। वहीं, दो अन्य LPG कैरियर MT शिवालिक और MT नंदा देवी करीब 92,712 मीट्रिक टन गैस लेकर 16 और 17 मार्च को भारत आए थे। हालांकि, ये तीनों जहाज होर्मुज के रास्ते से होकर गुजरे थे। फारस की खाड़ी में अभी भी करीब 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। हालांकि, वे सभी सुरक्षित हैं। फारस की खाड़ी में मौजूद होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के अहम शिपिंग रूट्स में शामिल है। यहां से दुनियाभर की करीब 20% ऑयल की सप्लाई होती है। पिछले 3 जहाज कब-कब भारत पहुंचे… 18 मार्च: जग लाडकी टैंकर 81 हजार मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आया यह तस्वीर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर जग लाडकी शिप की है। भारतीय झंडे वाला क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ गुजरात के मुंद्रा पोर्ट (अडानी पोर्ट्स) पर आया था। इस टैंकर में करीब 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल था। यह तेल UAE से आया, जिसे फुजैराह पोर्ट पर लोड किया गया था। 17 मार्च: नंदा देवी जहाज 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर भारत पहुंचा नंदा देवी जहाज भी गुजरात के पोर्ट आया था। शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक नंदा देवी नाम का जहाज भी करीब 46 हजार टन LPG लेकर भारत आया। जहाज गुजरात के वडीनार (जामनगर) बंदरगाह पर पहुंचा था। 16 मार्च: शिवालिक जहाज 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर गुजरात आया था शिवालिक पहला जहाज था जो जंग के हालातों में भारत आया था। जंग के बीच LPG कैरियर जहाज शिवालिक कतर से गैस लेकर भारत पहुंचा। यह जहाज गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर आया था। शिवालिक जहाज पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG है, जो करीब 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर बताई जा रही है। यह जहाज 14 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर रवाना हुआ था। मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच यह भारत पहुंचने वाला पहला LPG जहाज था। LPG संकट- राज्यों को 23 मार्च से 20% ज्यादा गैस मिलेगी केंद्र ने देश में जारी गैस संकट के बीच राज्यों को LPG सप्लाई बढ़ाने का निर्देश दिया है। 23 मार्च से राज्यों को अब पहले के मुकाबले 20% ज्यादा गैस दी जाएगी। इसके बाद राज्यों को मिलने वाली कुल सप्लाई संकट से पहले के स्तर (प्री-क्राइसिस लेवल) के 50% तक पहुंच जाएगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी। इसमें कहा गया कि सामुदायिक रसोई, रेस्टोरेंट, ढाबों, होटलों और इंडस्ट्रियल कैंटीन को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता से 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, गैस की कालाबाजारी या गलत इस्तेमाल रोकने के लिए कदम उठाने को भी कहा गया है। जहाज का भारत आना क्यों है बड़ी बात, जंग से होर्मुज रास्ता बंद अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमला किया, जिसमें कई सैन्य और परमाणु ठिकाने निशाना बने। इस ऑपरेशन में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई मंत्री-अधिकारी मारे गए। अमेरिका ने इसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया। युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट से आपूर्ति बाधित हुई। यहां से भारत का 80-85% LPG आयात होता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है। देश की 60% से ज्यादा LPG बाहर से आती है। इसी के कारण भारत में LPG किल्लत जैसे हालत बने, लेकिन भारत सरकार ने लगातार लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की। सरकार ने कहा कि देश में LPG और तेल की कोई कमी नहीं है। होर्मुज स्ट्रेट करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहे। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। ———————- गैस संकट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दावा- 20% लोग सिलेंडर ब्लैक में खरीद रहे: ₹4,000 तक ज्यादा देना पड़ रहा, 68% घरों में समय पर नहीं पहुंच रही गैस रसोई गैस की कमी के कारण देश में सिलेंडर की कालाबाजारी बढ़ गई है। गैस की कमी और डिलीवरी में देरी की वजह से देश के करीब 20% परिवारों को ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। इसके लिए लोगों को एक घरेलू सिलेंडर के 4000 रुपए तक देने पड़ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







