Telegram Pirated Content Channels & Groups Removal

नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक अब आप टेलीग्राम एप पर फ्री में मिलने वाली पायरेटेड फिल्में और वेब सीरीज डाउनलोड नहीं कर पाएंगे। केंद्र सरकार ने मैसेजिंग एप पर फिल्मों और OTT कंटेंट के पायरेसी वर्जन उपलब्ध कराने वाले चैनल्स और ग्रुप्स को हटाने को कहा है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने शनिवार, 4 जुलाई को टेलीग्राम को एक आधिकारिक नोटिस जारी किया है। सरकार ने कंपनी से कहा है कि वह अपने प्लेटफॉर्म से पाइरेटेड फिल्मों और वेब सीरीज के सर्कुलेशन को तुरंत रोके और अगले 15 दिन में इस पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपे। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने साफ कर दिया है कि टेलीग्राम अब सिर्फ शिकायतों का इंतजार नहीं कर सकता। उसे अपने स्तर पर पायरेसी रोकने के लिए एक मजबूत सिस्टम बनाना होगा। एप को 3 दिन में सरकार का दूसरा नोटिस मिला है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Telegram Pirated Content Channels & Groups Removal

नई दिल्ली16 मिनट पहले कॉपी लिंक अब आप टेलीग्राम एप पर फ्री में मिलने वाली पायरेटेड फिल्में और वेब सीरीज डाउनलोड नहीं कर पाएंगे। केंद्र सरकार ने मैसेजिंग एप से फिल्मों और OTT कंटेंट के पायरेसी वर्जन उपलब्ध कराने वाले चैनल्स और ग्रुप्स को हटाने को कहा है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आज नोटिस जारी कर कंपनी से कहा कि वह अपने प्लेटफॉर्म से पाइरेटेड फिल्मों और वेब सीरीज के सर्कुलेशन को तुरंत रोके और अगले 15 दिन में इस पर लिए गए एक्शन की रिपोर्ट सौंपे। एप को 3 दिन में सरकार का दूसरा नोटिस मिला है। प्लेटफॉर्म लेवल पर कार्रवाई करने का आदेश सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने साफ कर दिया है कि टेलीग्राम अब सिर्फ शिकायतों का इंतजार नहीं कर सकता। सिर्फ एक-एक करके पाइरेसी करने वाले चैनलों को हटाने के बजाय प्लेटफॉर्म लेवल पर पुख्ता सिस्टम बनाना होगा। सरकार का मानना है कि यह सुस्त रवैया इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 और IT रूल्स, 2021 के तहत मध्यस्थों (इंटरमीडियरीज) पर लागू होने वाली ‘ड्यू डिलिजेंस’ की शर्तों को पूरा नहीं करता है। सरकार ने कंपनी को बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले चैनलों, ग्रुप्स, बॉट्स, अकाउंट्स, एडमिनिस्ट्रेटर और उनसे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ एक्शन लेने का निर्देश दिया है। 3000 से ज्यादा चैनल पहले भी ब्लॉक हो चुके हैं सरकार इससे पहले भी पाइरेसी कंटेंट फैलाने वाले 3000 से ज्यादा टेलीग्राम चैनलों पर कार्रवाई कर चुकी है। सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर आगे भी ऐसा कंटेंट उपलब्ध रहता है या कंपनी की तरफ से अधूरा जवाब मिलता है, तो कानूनी दायरे के तहत और सख्त कार्रवाई की जाएगी। नोटिस में बताया गया कि कॉपीराइट का उल्लंघन सिर्फ एक सिविल विवाद नहीं है। इसके लिए कॉपीराइट एक्ट 1957 और सिनेमैटोग्राफ एक्ट 1952 के तहत क्रिमिनल लायबिलिटी भी तय हो सकती है, जिससे जेल तक हो सकती है। जून में लीक पेपर्स के कारण लगा था बैन इससे पहले जून के महीने में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की सिफारिश पर सरकार ने पेपर लीक मामले में टेलीग्राम पर 16 जून से 22 जून तक प्रतिबंध लगा दिया था। इसके अलावा, 21 जून को हुई NEET 2026 की दोबारा परीक्षा को देखते हुए सरकार ने टेलीग्राम को 30 जून तक अपना ‘मैसेज-एडिटिंग’ फीचर बंद रखने का भी आदेश दिया था। ——————– ये खबर भी पढ़ें… यूजरनेम फीचर पर वॉट्सएप के बाद टेलीग्राम को नोटिस: सरकार ने पूछा- इससे साइबर अपराधों का खतरा, रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे यूजरनेम फीचर को लेकर केंद्र सरकार ने वॉट्सएप के बाद गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस भेजा है। सरकार ने पूछा है कि यूजरनेम फीचर के जरिए होने वाली ऑनलाइन ठगी, फर्जी पहचान और साइबर अपराध रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, सरकार ने टेलीग्राम से पूछा कि उसे यूजरनेम फीचर जारी रखने की इजाजत क्यों दी जानी चाहिए। सरकार ने बुधवार को मेटा और वॉट्सएप के यूजरनेम फीचर पर नोटिस जारी किया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल लेने से मना किया:गाड़िया खराब होने का खतरा बताया, कहा- जब तक मिल रहा; नॉर्मल पेट्रोल ही दें

भारत सरकार के E20 यानी 20% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल के फैसले पर जहां देश में विवाद और विरोध चल रहा है, वहीं पड़ोसी देश भूटान ने भारतीय ऑयल कंपनियों (OMCs) के E20 पेट्रोल लेने से मना कर दिया है। भूटानी मीडिया ‘द भूटानीज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, भूटान ने भारत से अनुरोध किया है कि जब तक भारतीय बाजार में नॉर्मल पेट्रोल उपलब्ध है, तब तक उन्हें बिना मिलावट वाला पुराना पेट्रोल ही सप्लाई किया जाए। पुरानी स्टोरेज और वाटर लीकेज सबसे बड़ा कारण भूटान के अधिकारियों के मुताबिक, देश का फ्यूल स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर काफी पुराना है। वहां के पेट्रोल पंपों के फ्यूल टैंक जमीन के नीचे (अंडरग्राउंड) बने हैं, जिनमें पानी रिसने यानी सीपेज का खतरा रहता है। नॉर्मल पेट्रोल के मुकाबले एथेनॉल ब्लेंडेड E20 पेट्रोल में हाइड्रोक्सिल ग्रुप होता है, जो हवा या आसपास की नमी को बहुत तेजी से सोखता है (हाइग्रोस्कोपिक नेचर)। अगर E20 पेट्रोल को ऐसे टैंकों में रखा जाए जहां पानी का रिसाव हो, तो पेट्रोल में पानी मिल जाएगा। इस पानी को पेट्रोल से अलग करना बेहद मुश्किल होता है। इसके अलावा, टैंक में पानी होने से स्टील के टैंकों और पाइपलाइनों में जंग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे गाड़ियों के इंजन खराब हो सकते हैं। पहाड़ी रास्तों पर गाड़ियों के परफॉर्मेंस की चिंता भूटान का इलाका पूरी तरह से पहाड़ी और ऊंचा-नीचा है। ऐसी चढ़ाई वाले रास्तों पर गाड़ियों को चलने के लिए मैक्सिमम पावर यानी ज्यादा ताकत की जरूरत होती है। भूटानी अधिकारियों को डर है कि एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल पहाड़ी रास्तों पर गाड़ियों को वो परफॉर्मेंस और पावर नहीं दे पाएगा, जो नॉर्मल पेट्रोल देता है। भारत में क्यों हो रहा है E20 पेट्रोल का विरोध? भारत में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल के इस मिश्रण (E20) का विरोध हो रहा है। खासकर 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिक परेशान हैं। उनका दावा है कि इस फ्यूल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है, मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है और इंजन के पार्ट्स जल्दी खराब हो रहे हैं। हालांकि, भारत सरकार का कहना है कि एथेनॉल से माइलेज में मामूली कमी जरूर आती है, लेकिन इससे गाड़ी का पिकअप और इंजन परफॉर्मेंस बेहतर होता है। भूटान को कैसे पता चलेगा कि पेट्रोल में मिलावट है? भूटान अपनी जरूरत का पूरा ईंधन भारत से ही खरीदता है। फिलहाल भूटान भारत से महंगे और हाई-एक्सपोर्ट क्वालिटी वाले पेट्रोल-डीजल की खरीद करता है, जो भारतीय पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले फ्यूल से ज्यादा शुद्ध और महंगा होता है। अधिकारियों का कहना है कि अगर भारत गलती से E20 पेट्रोल भूटान भेज भी देता है, तो उसे आसानी से पकड़ा जा सकता है। एथेनॉल वाले पेट्रोल में जरा सा भी पानी मिलते ही उसका रंग दूधिया हो जाता है, जिससे टेस्ट के दौरान तुरंत पकड़ में आ जाएगा। एडवांस नोटिस और लीक-प्रूफ टैंक की मांग चुनौतियों को देखते हुए भूटान सरकार ने भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) से कहा है कि अगर वे भविष्य में एथेनॉल का ब्लेंडिंग प्रतिशत बढ़ाते हैं या पूरी तरह एथेनॉल पेट्रोल ही सप्लाई करने का फैसला करते हैं, तो इसकी जानकारी पहले से दी जाए। साथ ही भूटान ने भारत से लीक-प्रूफ टैंक उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है।
भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल लेने से मना किया:गाड़िया खराब होने का खतरा बताया, कहा- जब तक मिल रहा; नॉर्मल पेट्रोल ही दें

भारत सरकार के E20 यानी 20% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल के फैसले पर जहां देश में विवाद और विरोध चल रहा है, वहीं पड़ोसी देश भूटान ने भारतीय ऑयल कंपनियों (OMCs) के E20 पेट्रोल लेने से मना कर दिया है। भूटानी मीडिया ‘द भूटानीज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, भूटान ने भारत से अनुरोध किया है कि जब तक भारतीय बाजार में नॉर्मल पेट्रोल उपलब्ध है, तब तक उन्हें बिना मिलावट वाला पुराना पेट्रोल ही सप्लाई किया जाए। पुरानी स्टोरेज और वाटर लीकेज सबसे बड़ा कारण भूटान के अधिकारियों के मुताबिक, देश का फ्यूल स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर काफी पुराना है। वहां के पेट्रोल पंपों के फ्यूल टैंक जमीन के नीचे (अंडरग्राउंड) बने हैं, जिनमें पानी रिसने यानी सीपेज का खतरा रहता है। नॉर्मल पेट्रोल के मुकाबले एथेनॉल ब्लेंडेड E20 पेट्रोल में हाइड्रोक्सिल ग्रुप होता है, जो हवा या आसपास की नमी को बहुत तेजी से सोखता है (हाइग्रोस्कोपिक नेचर)। अगर E20 पेट्रोल को ऐसे टैंकों में रखा जाए जहां पानी का रिसाव हो, तो पेट्रोल में पानी मिल जाएगा। इस पानी को पेट्रोल से अलग करना बेहद मुश्किल होता है। इसके अलावा, टैंक में पानी होने से स्टील के टैंकों और पाइपलाइनों में जंग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे गाड़ियों के इंजन खराब हो सकते हैं। पहाड़ी रास्तों पर गाड़ियों के परफॉर्मेंस की चिंता भूटान का इलाका पूरी तरह से पहाड़ी और ऊंचा-नीचा है। ऐसी चढ़ाई वाले रास्तों पर गाड़ियों को चलने के लिए मैक्सिमम पावर यानी ज्यादा ताकत की जरूरत होती है। भूटानी अधिकारियों को डर है कि एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल पहाड़ी रास्तों पर गाड़ियों को वो परफॉर्मेंस और पावर नहीं दे पाएगा, जो नॉर्मल पेट्रोल देता है। भारत में क्यों हो रहा है E20 पेट्रोल का विरोध? भारत में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल के इस मिश्रण (E20) का विरोध हो रहा है। खासकर 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिक परेशान हैं। उनका दावा है कि इस फ्यूल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है, मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है और इंजन के पार्ट्स जल्दी खराब हो रहे हैं। हालांकि, भारत सरकार का कहना है कि एथेनॉल से माइलेज में मामूली कमी जरूर आती है, लेकिन इससे गाड़ी का पिकअप और इंजन परफॉर्मेंस बेहतर होता है। भूटान को कैसे पता चलेगा कि पेट्रोल में मिलावट है? भूटान अपनी जरूरत का पूरा ईंधन भारत से ही खरीदता है। फिलहाल भूटान भारत से महंगे और हाई-एक्सपोर्ट क्वालिटी वाले पेट्रोल-डीजल की खरीद करता है, जो भारतीय पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले फ्यूल से ज्यादा शुद्ध और महंगा होता है। अधिकारियों का कहना है कि अगर भारत गलती से E20 पेट्रोल भूटान भेज भी देता है, तो उसे आसानी से पकड़ा जा सकता है। एथेनॉल वाले पेट्रोल में जरा सा भी पानी मिलते ही उसका रंग दूधिया हो जाता है, जिससे टेस्ट के दौरान तुरंत पकड़ में आ जाएगा। एडवांस नोटिस और लीक-प्रूफ टैंक की मांग चुनौतियों को देखते हुए भूटान सरकार ने भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) से कहा है कि अगर वे भविष्य में एथेनॉल का ब्लेंडिंग प्रतिशत बढ़ाते हैं या पूरी तरह एथेनॉल पेट्रोल ही सप्लाई करने का फैसला करते हैं, तो इसकी जानकारी पहले से दी जाए। साथ ही भूटान ने भारत से लीक-प्रूफ टैंक उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है।
India England 2nd T20: Vaibhav Surya Debut Buzz

मैनचेस्टर3 मिनट पहले कॉपी लिंक वैभव सूर्यवंशी ने टीम इंडिया से इंटरनेशनल डेब्यू के संकेत दिए हैं। उन्होंने शुक्रवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक स्टोरी पोस्ट की। इसमें अपने फोटो के साथ ‘New Chapter’ लिखा। इस पोस्ट के बाद वैभव के इंटरनेशनल डेब्यू के कयास लगाए जाने लगे हैं। हालांकि, टीम मैनेजमेंट ने उनके डेब्यू पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। भारत और इंग्लैंड के बीच टी-20 सीरीज का दूसरा मैच शाम 7 बजे मैनचेस्टर में खेला जाएगा। वैभव ने शुक्रवार रात को यह स्टोरी पोस्ट की है। गेंदबाजी कोच बोले- टीम ज्यादा बदलाव नहीं करना चाहती एक दिन पहले भारत के गेंदबाजी कोच मॉर्ने मॉर्कल ने कहा, ‘दूसरे मुकाबले से टीम ज्यादा बदलाव नहीं करना चाहती। अभिषेक शर्मा टी-20 के नंबर-1 बल्लेबाज हैं। संजू सैमसन टी-20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। कोचिंग स्टाफ के तौर पर खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाना जरूरी है।’ इससे पहले सूर्यवंशी को डेब्यू नहीं मिलने पर सुनील गावस्कर, रवि शास्त्री और एबी डिविलियर्स जैसे दिग्गज क्रिकेटरों ने नाराजगी जताई थी। वैभव सबसे कम उम्र में टीम इंडिया में चुने गए वैभव 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर हैं। उन्होंने इस मामले में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया। शेफाली पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में मौका मिला था। वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी मिली BCCI की ओर से वैभव को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी मिली। थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु ने उन्हें जर्सी दी। सूर्यवंशी ने पहले रघु के पैर छूकर प्रणाम किया, फिर जर्सी ली। वैभव को ICC की चाइल्ड सेफगार्डिंग पॉलिसी के तहत इंग्लैंड दौरे पर अलग चेंजिंग रूम दिया गया। उनकी फैमिली को भी टीम होटल में ठहरने की अनुमति मिली। श्रीलंका के खिलाफ 11 गेंद में फिफ्टी लगाई पिछले महीने वैभव ने ट्राई सीरीज के फाइनल में इंडिया-ए की ओर से श्रीलंका-ए के खिलाफ 11 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी, जो लिस्ट-ए क्रिकेट की सबसे तेज फिफ्टी है। IPL 2026 में उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.31 रहा और उन्होंने एक शतक भी लगाया। —————————————————– भारत के इंग्लैंड दौरे की यह खबर भी पढ़िए… भारत-इंग्लैंड दूसरे टी-20 में भी बारिश के आसार, मैनचेस्टर में आज 55% चांस भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार शाम 7 बजे मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में खेला जाएगा। पहले मैच की तरह इस मुकाबले में भी बारिश खेल बिगाड़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 55% तक बारिश की संभावना है। सीरीज का पहला मुकाबला भी बारिश के कारण बेनतीजा रहा था। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India England 2nd T20: Vaibhav Surya Debut Buzz

मैनचेस्टर17 मिनट पहले कॉपी लिंक वैभव सूर्यवंशी ने टीम इंडिया से इंटरनेशनल डेब्यू के संकेत दिए हैं। उन्होंने शुक्रवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक स्टोरी पोस्ट की। इसमें अपने फोटो के साथ ‘New Chapter’ लिखा। वैभव के इस पोस्ट के बाद इंटरनेशनल डेब्यू के कयास लगाए जाने लगे हैं। हालांकि, टीम मैनेजमेंट ने उनके डेब्यू पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। भारत और इंग्लैंड के बीच टी-20 सीरीज का दूसरा मैच आज शाम 7 बजे मैनचेस्टर में खेला जाएगा। वैभव ने शुक्रवार रात यह स्टोरी पोस्ट की है। गेंदबाजी कोच बोले- टीम ज्यादा बदलाव नहीं करना चाहती भारत के गेंदबाजी कोच मॉर्ने मॉर्कल ने एक दिन पहले कहा, ‘दूसरे मुकाबले से टीम ज्यादा बदलाव नहीं करना चाहती। अभिषेक शर्मा टी-20 के नंबर-1 बल्लेबाज हैं। संजू सैमसन टी-20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। हमें कोचिंग स्टाफ के तौर पर खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाना जरूरी है।’ वैभव को डेब्यू नहीं कराने पर पूर्व क्रिकेटर भड़के वैभव इस समय भारतीय टीम के साथ आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर हैं। आयरलैंड के खिलाफ उनके डेब्यू की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आयरलैंड में भारतीय टीम सीरीज हार गई। ओपनर अभिषेक और संजू खास प्रदर्शन नहीं कर सके। इससे इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में वैभव के डेब्यू की उम्मीद फिर बढ़ गई। लेकिन, उन्हें चांस नहीं मिला। इस पर सुनील गावस्कर, रवि शास्त्री और एबी डिविलियर्स जैसे दिग्गज क्रिकेटरों ने नाराजगी जताई थी। वैभव सबसे कम उम्र में टीम इंडिया में चुने गए वैभव 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर हैं। उन्होंने इस मामले में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया। शेफाली पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में मौका मिला था। वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी मिली BCCI की ओर से वैभव को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी मिली। थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु ने उन्हें जर्सी दी। सूर्यवंशी ने पहले रघु के पैर छूकर प्रणाम किया, फिर जर्सी ली। वैभव को ICC की चाइल्ड सेफगार्डिंग पॉलिसी के तहत इंग्लैंड दौरे पर अलग चेंजिंग रूम दिया गया। उनकी फैमिली को भी टीम होटल में ठहरने की अनुमति मिली। श्रीलंका के खिलाफ 11 गेंद में फिफ्टी लगाई पिछले महीने वैभव ने ट्राई सीरीज के फाइनल में इंडिया-ए की ओर से श्रीलंका-ए के खिलाफ 11 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी, जो लिस्ट-ए क्रिकेट की सबसे तेज फिफ्टी है। IPL 2026 में उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.31 रहा और उन्होंने एक शतक भी लगाया। —————————————————– भारत के इंग्लैंड दौरे की यह खबर भी पढ़िए… भारत-इंग्लैंड दूसरे टी-20 में भी बारिश के आसार, मैनचेस्टर में आज 55% चांस भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार शाम 7 बजे मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में खेला जाएगा। पहले मैच की तरह इस मुकाबले में भी बारिश खेल बिगाड़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 55% तक बारिश की संभावना है। सीरीज का पहला मुकाबला भी बारिश के कारण बेनतीजा रहा था। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
यूजरनेम फीचर पर वॉट्सएप के बाद टेलीग्राम को नोटिस:सरकार ने पूछा- इससे साइबर अपराधों का खतरा, रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे

यूजरनेम फीचर को लेकर केंद्र सरकार ने वॉट्सएप के बाद गुरुवार 2 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस भेजा है। सरकार ने पूछा है कि यूजरनेम फीचर के जरिए होने वाली ऑनलाइन ठगी, फर्जी पहचान और साइबर अपराध रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, सरकार ने टेलीग्राम से पूछा कि उसे यूजरनेम फीचर जारी रखने की इजाजत क्यों दी जानी चाहिए। सरकार ने बुधवार को मेटा और वॉट्सएप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर पर नोटिस जारी किया था। सरकार ने आशंका जताई कि इससे ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और ठगी की घटनाएं बढ़ सकती हैं। सरकार ने वॉट्सएप को फिलहाल यह फीचर लागू नहीं करने का निर्देश दिया है। तीन दिन पहले यूजरनेम फीचर लॉन्च किया था कंपनी ने 29 जून से दुनियाभर में यूजरनेम का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। हालांकि, यह सुविधा सभी यूजर्स को एक साथ नहीं मिलेगी। आने वाले कुछ महीनों में इसे धीरे-धीरे सभी देशों में रोल आउट किया जाएगा। जब यह फीचर यूजर के इलाके में उपलब्ध होगा, तब उसके वॉट्सएप के अंदर नोटिफिकेशन मिलेगा। टेलीग्राम से पूछा- सुरक्षा के लिए क्या किया सरकार ने टेलीग्राम और सिग्नल जवाब मांगा कि इस फीचर के दुरुपयोग और साइबर ठगी रोकने के लिए कौन से सुरक्षा उपाय अपना रहे हैं। दोनों प्लेटफॉर्म पर यूजरनेम फीचर पहले से उपलब्ध है। नीट पेपरलीक के बाद भी टेलीग्राम पर लगा था बैन पिछले महीने NEET पेपर लीक, फर्जी प्रश्न पत्रों के सर्कुलेशन और धोखाधड़ी के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करने के आरोप में सरकार ने टेलीग्राम और उससे जुड़ी वेब सेवाओं पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाया था। वॉट्सएप ने सरकार को जवाब दिया- हमारा फीचर सुरक्षित वॉट्सएप ने सरकार के नोटिस पर कहा था कि यूजरनेम फीचर में ऐसे सुरक्षा उपाय शामिल हैं, जो फर्जी पहचान, ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराधों से सुरक्षा करेंगे। भारत वॉट्सएप का सबसे बड़ा बाजार है। देश में इसके 50 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Oppo Reno 16 Series Launch India

Hindi News Business Oppo Reno 16 Series Launch India | 7000mAh Battery, 50MP Telephoto Camera नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक ओप्पो ने आज भारत में नई स्मार्टफोन सीरीज रेनो 16 लॉन्च की है। इसमें कंपनी ने रेनो 16 और रेनो 16C पेश किए हैं। दोनों ही मोबाइल को स्टाइलिश लुक, 50 मेगापिक्सल टेलीफोटो और 50MP अल्ट्रा वाइड सेल्फी कैमरा और स्नैपड्रैगन 7 जेन 4 प्रोसेसर के साथ प्रीमियम मिड रेंज में उतारा गया है। ओप्पो रेनो 16C को तीन वैरिएंट में उतारा गया है। इसकी शुरुआती कीमत 46,999 रुपए है। वहीं, ओप्पो रेनो 16 को दो वैरिएंट में पेश किया गया है। इसकी कीमत 61,999 रुपए से शुरु होती है। इसके अलावा कंपनी ने ओप्पो एनको एयर 5 बड्स भी पेश किए हैं। स्मार्टफोन की सेल 9 जुलाई 2026 से शुरू होगी। लॉन्च ऑफर्स के में बैंक कार्ड्स पर 10% तक इंस्टेंट कैशबैक, एक्सचेंज बोनस, 180 दिन की स्क्रीन डैमेज प्रोटेक्शन और ओप्पो एनको बड्स 3 प्रो+ पर 50% तक की छूट भी दी जा रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Oppo Reno 16 Series Launch India

Hindi News Business Oppo Reno 16 Series Launch India | 7000mAh Battery, 50MP Telephoto Camera नई दिल्ली30 मिनट पहले कॉपी लिंक ओप्पो ने आज भारत में नई स्मार्टफोन सीरीज रेनो 16 लॉन्च की है। इसमें कंपनी ने रेनो 16 और रेनो 16C पेश किए हैं। दोनों ही मोबाइल को स्टाइलिश लुक, 50 मेगापिक्सल टेलीफोटो और 50MP अल्ट्रा वाइड सेल्फी कैमरा और स्नैपड्रैगन 7 जेन 4 प्रोसेसर के साथ प्रीमियम मिड रेंज में उतारा गया है। ओप्पो रेनो 16C को तीन वैरिएंट में उतारा गया है। इसकी शुरुआती कीमत 46,999 रुपए है। वहीं, ओप्पो रेनो 16 को दो वैरिएंट में पेश किया गया है। इसकी कीमत 61,999 रुपए से शुरु होती है। इसके अलावा कंपनी ने ओप्पो एनको एयर 5 बड्स भी पेश किए हैं। स्मार्टफोन की सेल 9 जुलाई 2026 से शुरू होगी। लॉन्च ऑफर्स के में बैंक कार्ड्स पर 10% तक इंस्टेंट कैशबैक, एक्सचेंज बोनस, 180 दिन की स्क्रीन डैमेज प्रोटेक्शन और ओप्पो एनको बड्स 3 प्रो+ पर 50% तक की छूट भी दी जा रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
वॉट्सएप पर 'यूजरनेम की' के बिना मैसेज नहीं होंगे:सरकार के नोटिस के बाद कंपनी ने जारी की गाइडलाइन, जानें कैसे सुरक्षित रहेगा आपका डेटा

वॉट्सएप ने अपने आने वाले ‘यूजरनेम’ फीचर को लेकर एक डिटेल्ड FAQs यानी अक्सर पूछे जाने वाले सवालों की गाइडलाइन जारी की है। केंद्र सरकार ने हाल ही में वॉट्सएप की पेरेंट कंपनी मेटा को नोटिस जारी कर इस फीचर से होने वाले संभावित फ्रॉड के खतरों पर चिंता जताई थी। सरकार ने चेतावनी दी थी कि जब तक इस मुद्दे पर पूरी संतुष्टि नहीं हो जाती, तब तक इसे रोलआउट न किया जाए। इसके बाद वॉट्सएप ने स्पष्ट किया है कि वह सुरक्षा के क्या-क्या कदम उठा रहा है। सवाल 1: क्या वॉट्सएप पर यूजरनेम बनाना सभी के लिए जरूरी होगा? जवाब: नहीं, यह बिल्कुल भी अनिवार्य नहीं है। वॉट्सएप ने साफ किया है कि यूजरनेम बनाना पूरी तरह से ऑप्शनल होगा। अगर आप अपनी पहचान या फोन नंबर छिपाना चाहते हैं, तभी इसे बनाएं। सवाल 2. अगर मुझे अपनी पसंद का यूजरनेम नहीं मिल रहा है, तो इसकी क्या वजह हो सकती है? जवाब: इसके तीन मुख्य कारण हो सकते हैं: सवाल 3. अगर कोई मेरे नाम से मिलता-जुलता यूजरनेम बनाकर फ्रॉड करने की कोशिश करे, तो वॉट्सएप इसे कैसे रोकेगा? जवाब: वॉट्सएप का कहना है कि अभी यूजरनेम से मैसेज भेजने का फीचर लाइव नहीं किया गया है, सिर्फ नाम रिजर्व हो रहे हैं। जब यह लाइव होगा और आपको किसी अनजान यूजरनेम से मैसेज आएगा, तो वॉट्सएप आपको उस अकाउंट के देश की जानकारी देगा। साथ ही पहली बार मैसेज आने पर एक वॉर्निंग भी स्क्रीन पर दिखेगी। इसके अलावा कंपनी ब्लॉक और रिपोर्ट करने वाले अकाउंट्स पर कड़ी नजर रखेगी ताकि स्कैमर्स पर तुरंत एक्शन लिया जा सके। सवाल 4. क्या कोई भी अनजान व्यक्ति मेरा यूजरनेम गेस करके मुझे मैसेज भेज सकता है? जवाब: जैसे आज आप वॉट्सएप पर किसी का भी फोन नंबर सर्च नहीं कर सकते, वैसे ही किसी का यूजरनेम भी सर्च नहीं किया जा सकेगा। अनजान लोगों से बचने के लिए सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप एक बिल्कुल अलग यूजरनेम चुनें और वॉट्सएप के नए सुरक्षा फीचर ‘यूजरनेम की’ को ऑन कर लें। सवाल 5. यह ‘यूजरनेम की’ क्या है और यह कैसे सुरक्षा देगी? जवाब: यह आपकी सुरक्षा की एक एक्स्ट्रा लेयर है। इसे एक्टिवेट करने के बाद अगर कोई नया व्यक्ति आपसे कनेक्ट होना चाहता है, तो उसे आपके ‘यूजरनेम’ के साथ-साथ आपकी ‘यूजरनेम की’ भी पता होनी चाहिए। इसके बिना वह आपको मैसेज नहीं भेज पाएगा। आप इस ‘की’ को कभी भी रिसेट कर सकते हैं, जिससे पुराने लोग आपके यूजरनेम के जरिए दोबारा नया संपर्क नहीं कर पाएंगे। सवाल 6. क्या यूजरनेम बनाने के लिए मुझे अपने फेसबुक या इंस्टाग्राम अकाउंट को लिंक करना पड़ेगा? जवाब: अगर आप वही यूजरनेम चाहते हैं जो आपके इंस्टाग्राम या फेसबुक पर है, तो आपको अकाउंट लिंक करना होगा। यह इसलिए किया गया है ताकि फ्रॉड को कम किया जा सके और पहचान वेरिफाई हो सके। हालांकि, एक बार यूजरनेम मिलने के बाद आप चाहें तो इन अकाउंट्स को अनलिंक कर सकते हैं या फिर वॉट्सएप के लिए बिल्कुल अलग यूजरनेम चुन सकते हैं। सवाल 7. क्या मैं अपना वॉट्सएप यूजरनेम बाद में बदल सकता हूं? जवाब: हां, आप इसे बाद में कभी भी बदल सकते हैं, बशर्ते आपका नया पसंदीदा नाम प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 8. इंटरनेट पर मशहूर नामों को एडवांस में बुक करने के दावे किए जा रहे हैं, क्या यह सच है? जवाब: वॉट्सएप ने इसे पूरी तरह अफवाह बताया है। कंपनी ने कहा कि जो लोग पॉपुलर या मशहूर नामों को रिजर्व करने का दावा कर रहे हैं, वे झूठे हैं। सेलिब्रिटीज और सरकारी संस्थाओं के नाम पूरी तरह से सुरक्षित हैं और उन्हें सिर्फ उनके असली और लीगल मालिक ही क्लेम कर सकते हैं। सवाल 9. वॉट्सएप इस फीचर को इतनी जल्दी में क्यों लेकर आया और यह कब से शुरू होगा? जवाब: वॉट्सएप का कहना है कि उन्होंने यूजरनेम लॉन्च करने से काफी पहले ही नाम रिजर्व करने की प्रक्रिया इसलिए शुरू की क्योंकि लोग अपनी पसंद के नाम को लेकर काफी गंभीर होते हैं। कंपनी अभी सरकार और यूजर्स के फीडबैक को सुन रही है। इस साल के अंत में जब इसे पूरी तरह से रोलआउट किया जाएगा, तब तक इसे पूरी तरह सुरक्षित और परफेक्ट बना दिया जाएगा।







