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Arunachal Pradesh Map Update | India Counters China Border Naming Move

Arunachal Pradesh Map Update | India Counters China Border Naming Move

2 मिनट पहले

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भारत सरकार ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे पर दर्ज किया। यह कदम चीन की ओर से सीमावर्ती राज्य की जगहों के नाम बदलने की कोशिशों के बीच उठाया गया है।

गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह काम अरुणाचल प्रदेश सरकार से सलाह लेकर किया गया है। इसका मकसद इन जगहों की सही पहचान सुनिश्चित करना और आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।

मंत्रालय ने बयान में कहा, “भारत सरकार ने अरुणाचल प्रदेश की राज्य सरकार से सलाह लेकर राज्य में स्थित कुल 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे पर उनके मानक नामों के साथ दर्ज किया है।”

बयान में कहा गया कि इन जगहों को आधिकारिक नक्शे पर दर्ज करने का उद्देश्य उनकी सटीक पहचान आसान बनाना और आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।

चीन अरुणाचल की जगहों के नाम जारी करता रहा है

चीन समय-समय पर अरुणाचल प्रदेश की जगहों के लिए नामों की सूची जारी करता रहा है। वह अरुणाचल प्रदेश को जांगनान कहता है।

भारत ने चीन की इन कोशिशों को लगातार खारिज किया है। भारत का कहना है कि इनका भारत की राज्य पर संप्रभुता पर कोई असर नहीं पड़ता।

लॉन्गजू में 1959 में चीनी सेना पहुंची थी

सर्वे ऑफ इंडिया के नक्शे पर औपचारिक रूप से दर्ज जगहों में वास्तविक नियंत्रण रेखा(LAC) के पास स्थित लॉन्गजू भी शामिल है। 1959 में चीनी सेना के इस इलाके में घुसने के बाद लॉन्गजू भारत-चीन सीमा तनाव के शुरुआती केंद्रों में से एक बना था। अपर सुबनसिरी जिले का पास का माजा गांव भी इन जगहों में शामिल है।

जयरामपुर सुरक्षा बलों के लिए लॉजिस्टिक्स हब

चांगलांग जिले का जयरामपुर भी पहचानी गई जगहों में शामिल है। यह एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स हब है, जो पूर्वी अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार सीमा की ओर सुरक्षा बलों की आवाजाही में मदद करता है।

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भारत सरकार ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे पर दर्ज किया। यह कदम चीन की ओर से सीमावर्ती राज्य की जगहों के नाम बदलने की कोशिशों के बीच उठाया गया है।

गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह काम अरुणाचल प्रदेश सरकार से सलाह लेकर किया गया है। इसका मकसद इन जगहों की सही पहचान सुनिश्चित करना और आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।

मंत्रालय ने बयान में कहा, “भारत सरकार ने अरुणाचल प्रदेश की राज्य सरकार से सलाह लेकर राज्य में स्थित कुल 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे पर उनके मानक नामों के साथ दर्ज किया है।”

बयान में कहा गया कि इन जगहों को आधिकारिक नक्शे पर दर्ज करने का उद्देश्य उनकी सटीक पहचान आसान बनाना और आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।

चीन अरुणाचल की जगहों के नाम जारी करता रहा है

चीन समय-समय पर अरुणाचल प्रदेश की जगहों के लिए नामों की सूची जारी करता रहा है। वह अरुणाचल प्रदेश को जांगनान कहता है।

भारत ने चीन की इन कोशिशों को लगातार खारिज किया है। भारत का कहना है कि इनका भारत की राज्य पर संप्रभुता पर कोई असर नहीं पड़ता।

लॉन्गजू में 1959 में चीनी सेना पहुंची थी

सर्वे ऑफ इंडिया के नक्शे पर औपचारिक रूप से दर्ज जगहों में वास्तविक नियंत्रण रेखा(LAC) के पास स्थित लॉन्गजू भी शामिल है। 1959 में चीनी सेना के इस इलाके में घुसने के बाद लॉन्गजू भारत-चीन सीमा तनाव के शुरुआती केंद्रों में से एक बना था। अपर सुबनसिरी जिले का पास का माजा गांव भी इन जगहों में शामिल है।

जयरामपुर सुरक्षा बलों के लिए लॉजिस्टिक्स हब

चांगलांग जिले का जयरामपुर भी पहचानी गई जगहों में शामिल है। यह एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स हब है, जो पूर्वी अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार सीमा की ओर सुरक्षा बलों की आवाजाही में मदद करता है।

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