Squadron Leader Sanya India Air Force First Woman Flying Instructor

Hindi News Career Squadron Leader Sanya India Air Force First Woman Flying Instructor | PM Modi India Nordic Summit 9 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. पीएम मोदी ने तीसरी इंडिया-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लिया 19 मई को पीएम मोदी ने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में तीसरी इंडिया-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लिया। इंडिया-नॉर्डिक समिट भारत और पांच नॉर्डिक देशों- नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के बीच एक महत्वपूर्ण मंच है। समिट में पीएम मोदी ने सभी नॉर्डिक देशों के प्रधानमंत्रियों से मुलाकात की। नॉर्डिक में शामिल देश स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, व्यापार और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए काम करते हैं। पीएम मोदी ने नॉर्वे के राजा हेराल्ड V से मुलाकात की और भारत-नॉर्वे के रिश्तों को ‘ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ के स्तर पर ले जाने का ऐलान किया। इस दौरान भारत-नॉर्वे के बीच जलवायु, तकनीक और व्यापार से जुड़े 12 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। 43 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने नॉर्वे की यात्रा की है। इससे पहले 1983 में इंदिरा गांधी ने नॉर्वे का दौरा किया था। 2. स्क्वाड्रन लीडर सान्या IAF में पहली महिला फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर बनीं 18 मई को स्क्वाड्रन लीडर सान्या Cat-A क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर बनने वाली पहली महिला ऑफिसर बनीं। फ्लाइट इंस्ट्रक्टर्स इंडियन एयरफोर्स के पायलट्स को ट्रेनिंग देते हैं। एयर फोर्स में Cat-A यानी कैटेगरी A फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर मास्टर इंस्ट्रक्टर होता है, जो जूनियर इंस्ट्रक्टर्स को भी ट्रेनिंग देता है। किसी क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (QFI) के लिए Cat-A हाईएस्ट रेटिंग होती है। इंडियन एयरफोर्स के 93 साल के इतिहास में सान्या Cat-A रेटिंग पाने वाली पहली महिला QFI हैं। सान्या 20 जून 2015 को इंडियन एयर फोर्स में शामिल हुई थीं। 2017 में सान्या फ्लाइट लेफ्टिनेंट बनीं और 2021 में स्क्वाड्रन लीडर बनीं। इंडियन एयरफोर्स में स्क्वाड्रन लीडर का पद आर्मी में मेजर के पद के बराबर होता है। सान्या सेफ्टी और ऑपरेशनल फ्लाइंग यूनिट के साथ काम करेंगी। 3. उत्तराखंड के पूर्व CM भुवन चंद्र खंडूरी का निधन 19 मई को उत्तराखंड के पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूरी का 91 साल की उम्र में निधन हो गया। 1954 में भुवन ने इंडियन आर्मी जॉइन की थी और वे आर्मी में मेजर जनरल रहे। 1998 में भुवन केंद्रीय मंत्री बने और 2000 से 2004 तक रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मिनिस्टर रहे। मार्च 2007 में भुवन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने और जून 2009 तक इस पद पर रहे। 2009 लोकसभा चुनाव में भाजपा के खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। भुवन 2011 में दोबारा सीएम बने। वो सितंबर 2011 से मार्च 2012 तक इस पद पर रहे। 1991 में भुवनचंद्र ने बीजेपी जॉइन की और गढ़वाल विधानसभा से जीत दर्ज की। 4. संगीतकार मौली तकलकर का निधन 19 मई को भारतीय शास्त्रीय और भक्ति संगीत के प्रसिद्ध ताल संगीतकार मौली तकलकर का निधन हो गया। तकलकर 99 साल के थे। उनका पूरा नाम ज्ञानेश्वर तकलकर था। मौली चार पीढ़ियों से शास्त्रीय और भक्ति गायक थे और वाद्ययंत्र झांझ, पखावज और मृदंग बजाते थे। झांझ पीतल या तांबे से बनी गोल कटोरियों जैसा एक प्राचीन भारतीय ताल वाद्य यंत्र है। मौली ने पंडित भीमसेन जोशी के साथ 2,500 से ज्यादा संतवाणी कार्यक्रमों में प्रस्तुति दी। मौली विशेष रूप से भीमसेन जोशी के साथ अपने लंबे जुड़ाव के लिए जाने जाते थे। लय में अपनी असाधारण पकड़ के लिए मौली को ‘ताल का मास्टर’ कहा जाता था। मौली को 2025 में वत्सलबाई जोशी अवार्ड से सम्मानित किया गया था। मौली ने झांझ ताल को एक लयबद्ध कला के तौर पर पहचान दिलाई। 5. चेन्नई में 993 करोड़ की लागत की रेल दोहरीकरण परियोजना मंजूर 19 मई को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने चेन्नई में सिंगल लाइन रेल के दोहरीकरण की परियोजना को मंजूरी मिलने की जानकारी दी। 993 करोड़ की लागत का ये प्रोजेक्ट चेन्नई के अराक्कोनम-चेंगलपट्टू के लिए है, जो वालाजाबाद, कांचीपुरम और थाक्कोलम को जोड़ेगा। ये प्रोजेक्ट चेन्नई उपनगरीय रेल नेटवर्क पर भीड़ को भी कम करेगा। ये प्रोजेक्ट यात्री और माल ढुलाई दोनों में मदद करेगा। इससे सीमेंट, ऑटोमोबाइल, खाद्यान्न, लोहा और इस्पात जैसे सामान की आवाजाही आसान होगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा अराक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना समय बचाएगी। 6. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह वियतनाम के दौरे पर पहुंचे 19 मई को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों ने मैरीटाइम सिक्योरिटी यानी समुद्री सुरक्षा और रीजनल पीस बात की। ये यात्रा भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी की 10वीं वर्षगांठ पर हुई है। राजनाथ सिंह ने वियतनाम के रक्षामंत्री जनरल फान वान गियांग से भी मुलाकात की। दोनों प्रमुखों ने भारत-प्रशांत सुरक्षा सहयोग और भारत-वियतनाम रक्षा संबंधों के विस्तार पर बात की। दोनों प्रमुखों ने ब्रह्मोस मिसाइल सौदे पर भी चर्चा की। राजनाथ सिंह ने टो लाम के साथ वियतनाम के एयरफोर्स ऑफिसर्स कॉलेज में स्थापित लैंग्वेज लैब का भी उद्घाटन किया। दोनों देशों ने AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी को लेकर एक समझौता ज्ञापन यानी MoU भी साइन किया। भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी में एक और महत्वपूर्ण कदम है। 7. SC ने खतरनाक कुत्तों को मारने का आदेश दिया 19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने खतरनाक या रेबीज से संक्रमित आवारा कुत्तों को जहर का इंजेक्शन लगाकर मारने का आदेश जारी किया। SC ने कहा कि लोगों की जान की हिफाजत जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के पुनर्वास और नसबंदी पर नवंबर 2025 में दिए गए निर्देश को भी जारी रखा है। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, हाईवे जैसे पब्लिक प्लेस से आवारा कुत्तों को हटाने का निर्देश जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में कहा था- आवारा कुत्तों को जहां से पकड़ें, नसबंदी और टीकाकरण के बाद वहीं न छोड़ें। SC ने हर जिले में पूरी तरह काम करने वाला एक ABC सेंटर (एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर) बनाए जाने का भी आदेश दिया है। SC ने हर जिले में पूरी तरह काम करने वाला एक ABC सेंटर (एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर) बनाए जाने का आदेश दिया। आज
Operation Sindoor Foils Pak-China-Turkiye Drone Plot

नई दिल्ली6 मिनट पहलेलेखक: मुकेश कौशिक कॉपी लिंक भारतीय सेना ने 7 मई को जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें DGMO जनरल राजीव घई और एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने मीडिया को जानकारी दी। ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर भारतीय सैन्य बलों की समीक्षा में कई अहम खुलासे हुए हैं। पाकिस्तान, चीन और तुर्किये की तिकड़ी ने चार मंसूबों से 7 और 8 मई की रात को 900 ड्रोन दागे थे। कश्मीर में LOC से लेकर गुजरात में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कुछ घंटों में स्वॉर्म ड्रोन दागे गए थे। पाक के स्वॉर्म ड्रोन को भारतीय वायुसेना के एयर कमांड और कंट्रोल सिस्टम ने तबाह कर दिया। पाकिस्तान भारत के एक भी अहम सैन्य बेस को नुकसान पहुंचाने में सफल नहीं हो पाया। पाकिस्तान ने यूक्रेन-रूस युद्ध में इस्तेमाल किए गए स्वॉर्म ड्रोन अटैक को कॉपी किया था। बता दें कि यह रणनीति अक्सर नाटो देशों की तरफ से एडवांस वॉर में अपनाई जाती है। पाकिस्तान ने 4 मंसूबों के साथ प्लान बनाया था… भारतीय एयर डिफेंस को सस्ते ड्रोन से परेशान करना: भारत की एयर डिफेंस क्षमता को सस्ते ड्रोन मार गिराने में एग्जॉस्ट करना था। नए आकलन के अनुसार पाक को सस्ते ड्रोन उपलब्ध कराने में तुर्किये का पूरा योगदान था। ड्रोन हमलों से भारत पर महंगे युद्ध का भार थोपना: पाक, चीन व तुर्किये सस्ते एरियल हमलों से भारत पर बेहद महंगा आर्थिक युद्ध थोपने की फिराक में था। 30 से 50 हजार रुपए कीमत के ड्रोन दागकर भारत को आत्मरक्षा में ढाई करोड़ या फिर अधिक कीमत वाली मिसाइलें चलाने का मजबूर करना था। रडार और अन्य टोही नेटवर्क में घुसपैठ करना: भारत के रडार एवं अन्य सर्विलांस नेटवर्क को एक्सपोज करने के लिए मजबूर करना था। पाकिस्तान सिर्फ भारतीय कार्रवाई का जवाब देने के बजाय नेटवर्क वारफेयर की तैयारी कर चुका था। इसके लिए पाक को चीन ने अपना सर्विलांस सिस्टम बायडू भी दिया था। एरियल सर्विलांस में कमियों को उजागर करना: भारतीय एरियल सर्विलांस और डिफेंस में गैप और कर्मियों को उजागर करना था। लेकिन भारतीय वायु सेना के एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (आईएसीसीएस) की सफलता भी सामने आई है। सैन्य समीक्षा के अनुसार आईएसीसीएस से नेटवर्क सेंट्रिक वारफेयर की क्षमता साबित हुई। सेना बोली- ऑपरेशन सिंदूर में 100+ पाकिस्तानी जवान मारे गए ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना ने गुरुवार को कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साफ संदेश दिया कि पाकिस्तान में कोई भी आतंकवादी ठिकाना सुरक्षित नहीं है। यह अभियान अंत नहीं, बल्कि शुरुआत थी। भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ता रहेगा। जयपुर में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना ने बताया, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के 100 से ज्यादा जवानों और टेररिस्ट कैंप में 100 से ज्यादा आतंकियों की मौत हुई है। ऐसे सिलेक्ट हुआ था ऑपरेशन सिंदूर का नाम और लोगो 8 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के बाद जब सेना के अधिकारियों जानकारी देने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी, तब बताया था कि ऑपरेशन के लिए 5 नाम तय हुए थे। सबसे आखिर में 2 नाम ऑपरेशन मंगलसूत्र और सिंदूर चुना गया। पहलगाम आतंकी हमले में कई महिलाओं के सुहाग उजाड़े गए थे, इसलिए पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को मंजूरी दी। पढ़िए 7 से 10 मई 2025 के बीच अजेय हिंदुस्तान के वो 88 घंटे, जब हमारे प्रहार से घुटनों पर आ गया था पाकिस्तान… 6-7 मई: रात 1.05 से 1.27 बजे क्या हुआ: भारतीय वायुसेना ने 23 मिनट में पीओके और पाक के भीतर 9 आतंकी ठिकाने उड़ाए। 100 आतंकी मारे गए। शाम को पाक ने मिसाइलें दागीं। 15 शहर निशाने पर थे, पर हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने करारा जवाब दिया। 8 मई: देर रात 2 से सुबह 4 बजे क्या हुआ: पाक ने लेह से गुजरात तक 1000 ड्रोन से 36 जगह हमला बोला। हमने 98% को मार गिराया। पाक के 4 एयर डिफेंस सिस्टम, एक रडार तबाह। 9 मई: रात 10:30 से 1:55 बजे क्या हुआ: पाक ने 26 जगहों पर लंबी दूरी के हथियार दागे। भारत ने ड्रोन और सुखोई विमानों से ‘ब्रह्मोस’ दागी। इसने पाक के 11 एयरबेस और कई विमान तबाह किए। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… भारत में पहली बार 50 हजार जवानों की अलग ड्रोन फोर्स बनेगी, किसी भी सैन्य हमले में सबसे पहले यही प्रहार करेगी ऑपरेशन सिंदूर और वैश्विक युद्धों (रूस-यूक्रेन व पश्चिम एशिया) से सबक लेते हुए भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान ने एक ‘ड्रोन फोर्स’ बनाने का निर्णय लिया है। यह फोर्स किसी भी सैन्य कार्रवाई में ‘फर्स्ट रेस्पोंडर’ (पहली जवाबी कार्रवाई) के तौर पर तैनात की जाएगी। इसे डेटा और कॉग्निटिव वारफेयर फोर्स का तकनीकी समर्थन होगा। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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नई दिल्ली14 घंटे पहलेलेखक: मुकेश कौशिक कॉपी लिंक भारतीय सेना ने 7 मई को जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें DGMO जनरल राजीव घई और एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने मीडिया को जानकारी दी। ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर भारतीय सैन्य बलों की समीक्षा में कई अहम खुलासे हुए हैं। पाकिस्तान, चीन और तुर्किये की तिकड़ी ने चार मंसूबों से 7 और 8 मई की रात को 900 ड्रोन दागे थे। कश्मीर में LOC से लेकर गुजरात में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कुछ घंटों में स्वॉर्म ड्रोन दागे गए थे। पाक के स्वॉर्म ड्रोन को भारतीय वायुसेना के एयर कमांड और कंट्रोल सिस्टम ने तबाह कर दिया। पाकिस्तान भारत के एक भी अहम सैन्य बेस को नुकसान पहुंचाने में सफल नहीं हो पाया। पाकिस्तान ने यूक्रेन-रूस युद्ध में इस्तेमाल किए गए स्वॉर्म ड्रोन अटैक को कॉपी किया था। बता दें कि यह रणनीति अक्सर नाटो देशों की तरफ से एडवांस वॉर में अपनाई जाती है। पाकिस्तान ने 4 मंसूबों के साथ प्लान बनाया था… भारतीय एयर डिफेंस को सस्ते ड्रोन से परेशान करना: भारत की एयर डिफेंस क्षमता को सस्ते ड्रोन मार गिराने में एग्जॉस्ट करना था। नए आकलन के अनुसार पाक को सस्ते ड्रोन उपलब्ध कराने में तुर्किये का पूरा योगदान था। ड्रोन हमलों से भारत पर महंगे युद्ध का भार थोपना: पाक, चीन व तुर्किये सस्ते एरियल हमलों से भारत पर बेहद महंगा आर्थिक युद्ध थोपने की फिराक में था। 30 से 50 हजार रुपए कीमत के ड्रोन दागकर भारत को आत्मरक्षा में ढाई करोड़ या फिर अधिक कीमत वाली मिसाइलें चलाने का मजबूर करना था। रडार और अन्य टोही नेटवर्क में घुसपैठ करना: भारत के रडार एवं अन्य सर्विलांस नेटवर्क को एक्सपोज करने के लिए मजबूर करना था। पाकिस्तान सिर्फ भारतीय कार्रवाई का जवाब देने के बजाय नेटवर्क वारफेयर की तैयारी कर चुका था। इसके लिए पाक को चीन ने अपना सर्विलांस सिस्टम बायडू भी दिया था। एरियल सर्विलांस में कमियों को उजागर करना: भारतीय एरियल सर्विलांस और डिफेंस में गैप और कर्मियों को उजागर करना था। लेकिन भारतीय वायु सेना के एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (आईएसीसीएस) की सफलता भी सामने आई है। सैन्य समीक्षा के अनुसार आईएसीसीएस से नेटवर्क सेंट्रिक वारफेयर की क्षमता साबित हुई। सेना बोली- ऑपरेशन सिंदूर में 100+ पाकिस्तानी जवान मारे गए ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना ने गुरुवार को कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साफ संदेश दिया कि पाकिस्तान में कोई भी आतंकवादी ठिकाना सुरक्षित नहीं है। यह अभियान अंत नहीं, बल्कि शुरुआत थी। भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ता रहेगा। जयपुर में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना ने बताया, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के 100 से ज्यादा जवानों और टेररिस्ट कैंप में 100 से ज्यादा आतंकियों की मौत हुई है। ऐसे सिलेक्ट हुआ था ऑपरेशन सिंदूर का नाम और लोगो 8 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के बाद जब सेना के अधिकारियों जानकारी देने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी, तब बताया था कि ऑपरेशन के लिए 5 नाम तय हुए थे। सबसे आखिर में 2 नाम ऑपरेशन मंगलसूत्र और सिंदूर चुना गया। पहलगाम आतंकी हमले में कई महिलाओं के सुहाग उजाड़े गए थे, इसलिए पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को मंजूरी दी। पढ़िए 7 से 10 मई 2025 के बीच अजेय हिंदुस्तान के वो 88 घंटे, जब हमारे प्रहार से घुटनों पर आ गया था पाकिस्तान… 6-7 मई: रात 1.05 से 1.27 बजे क्या हुआ: भारतीय वायुसेना ने 23 मिनट में पीओके और पाक के भीतर 9 आतंकी ठिकाने उड़ाए। 100 आतंकी मारे गए। शाम को पाक ने मिसाइलें दागीं। 15 शहर निशाने पर थे, पर हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने करारा जवाब दिया। 8 मई: देर रात 2 से सुबह 4 बजे क्या हुआ: पाक ने लेह से गुजरात तक 1000 ड्रोन से 36 जगह हमला बोला। हमने 98% को मार गिराया। पाक के 4 एयर डिफेंस सिस्टम, एक रडार तबाह। 9 मई: रात 10:30 से 1:55 बजे क्या हुआ: पाक ने 26 जगहों पर लंबी दूरी के हथियार दागे। भारत ने ड्रोन और सुखोई विमानों से ‘ब्रह्मोस’ दागी। इसने पाक के 11 एयरबेस और कई विमान तबाह किए। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… भारत में पहली बार 50 हजार जवानों की अलग ड्रोन फोर्स बनेगी, किसी भी सैन्य हमले में सबसे पहले यही प्रहार करेगी ऑपरेशन सिंदूर और वैश्विक युद्धों (रूस-यूक्रेन व पश्चिम एशिया) से सबक लेते हुए भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान ने एक ‘ड्रोन फोर्स’ बनाने का निर्णय लिया है। यह फोर्स किसी भी सैन्य कार्रवाई में ‘फर्स्ट रेस्पोंडर’ (पहली जवाबी कार्रवाई) के तौर पर तैनात की जाएगी। इसे डेटा और कॉग्निटिव वारफेयर फोर्स का तकनीकी समर्थन होगा। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Purvanchal Expressway Air Show: Indian Air Force Fighter Jets Display

राजेश साहू/असगर नकी/तुषार राय | सुलतानपुर48 मिनट पहले कॉपी लिंक उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एयर शो की तस्वीर। यूपी के सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर आज दोपहर 2 बजे लड़ाकू विमानों का एयर शो शुरू हुआ। करीब 3 घंटे चले एयर शो में सबसे पहले वायु सेना के C295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने एक्सप्रेस-वे पर बने रनवे पर लैंडिंग की। इसके बाद जगुआर ने उड़ान भरी। राफेल, सुखोई और मिराज फाइटर जेट्स ने भी टेकऑफ और लैंडिंग की। सेना के M17 हेलीकॉप्टर से कमांडोज ने सैन्य ऑपरेशन की मॉक ड्रिल की। M32 भीष्म एयर क्राफ्ट ने भी एयर स्ट्रिप पर ‘टच एंड गो’ का अभ्यास किया। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एक्सप्रेस-वे पर 3.2 किमी लंबी इमरजेंसी एयरस्ट्रिप बनाई गई है। इस एयर शो को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी है। 6 घंटे चलने वाले एयर शो के लिए 5 किलोमीटर का एरिया सील कर दिया गया है। अब देर शाम से फिर से युद्धाभ्यास किया जाएगा। हालांकि, इसमें पब्लिक को एंट्री नहीं मिलेगी। इससे पहले जून 2023 में 4 घंटे यह अभ्यास चला था। 16 नवंबर 2021 को PM मोदी ने सुल्तानपुर से ही पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का इनॉगरेशन किया था। PM मोदी एयरफोर्स के हरक्युलिस जहाज से एयर स्ट्रिप पर उतरे थे। लखनऊ से गाजीपुर तक बने 341 किमी लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की लागत 22,494.66 करोड़ रुपए है। अक्टूबर, 2018 से इसका निर्माण शुरू हुआ था, जो सितंबर 2021 में बनकर कंप्लीट हुआ। एयर शो की तस्वीरें- एयर शो के दौरान राफेल फाइटर जेट ने एक्सप्रेस-वे पर लैंडिंग की। राफेल की गड़गड़ाहट से पूरा इलाका गूंज उठा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर जगुआर लड़ाकू विमान ने लैंडिंग की। वायु सेना के C295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने एक्सप्रेस- वे से टेकऑफ किया। एयर शो में सुखोई लड़ाकू विमान ने ‘टच एंड गो’ का अभ्यास किया। एयर शो में 3 मिराज-2000 लड़ाकू विमान आसमान में एक साथ उड़ान भरते दिखाई दिए। तस्वीर V17 v5 हेलीकॉप्टर की है। इसकी मदद से बाढ़ या भूकंप जैसी आपदाओं में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाता है। यह M32 भीष्म एयरक्राफ्ट है। एयर शो के दौरान इसने एक्सप्रेस-वे पर लैंडिंग और टेकऑफ का अभ्यास किया। PM मोदी 16 नवंबर, 2021 को एयरफोर्स के विमान C-130J सुपर हरक्युलिस से सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर लैंड हुए थे। एयर शो के अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए… अपडेट्स 10:46 AM22 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक एक्सप्रेस-वे मिलिट्री ऑपरेशन के लिए अहम इमरजेंसी में वायु सेना इन्हें बैकअप रनवे बना सकती है। फाइटर जेट लैंड और टेकऑफ कर सकते हैं। आपातकालीन स्थितियों के लिए ही सुल्तानपुर में 3.2 किमी लंबी इमरजेंसी एयरस्ट्रिप बनाई गई है। एक्सप्रेस-वे से मिलिट्री और रसद का मूवमेंट काफी तेज गति से किया जा सकता है। एयर शो के जरिए पायलट और ग्राउंड क्रू जंग के हालात के लिए खुद को तैयार रख सकते हैं। 10:21 AM22 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर उतरा एक जगुआर लड़ाकू विमान; VIDEO पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एक जगुआर लड़ाकू विमान उतरा। भारतीय वायु सेना (IAF) के लड़ाकू विमानों ने टेक-ऑफ और लैंडिंग का अभ्यास किया। 10:13 AM22 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक आसमान में एक साथ 3 लड़ाकू विमानों ने दिखाए करतब; VIDEO 10:12 AM22 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक MI-17 हेलीकॉप्टर से कमांडो उतरे, सैन्य ऑपरेशन का अभ्यास किया MI-17 हेलीकॉप्टर से कमांडों एक्सप्रेस-वे पर उतरे। मॉकड्रिल में हिस्सा लिया। 09:58 AM22 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक लोग बोले- सेना पर गर्व; भास्कर रिपोर्टर से उनकी बातचीत देखिए एयर शो देखने पहुंचीं स्नेहा ने कहा- बहुत अच्छा लग रहा है। भारतीय एयरफोर्स पर गर्व महसूस हो रहा है। शिवानी ने कहा- बहुत गुड फिलिंग आ रही है। मुझे अपने देश और सेना पर प्राउड फील हो रहा है। 09:56 AM22 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक M32 भीष्म एयर क्राफ्ट के टेक-ऑफ का VIDEO देखिए- 09:55 AM22 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक M32 भीष्म एयर क्राफ्ट ने एक्सप्रेस-वे पर लैंडिंग की; VIDEO 09:51 AM22 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक एक्सप्रेस-वे पर बने रनवे पर फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस का इंतजाम 09:44 AM22 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक एयर शो में सुखोई लड़ाकू विमान का टच एंड गो अभ्यास; 2 VIDEO देखिए 09:43 AM22 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक गरुण कमांडो ने मॉकड्रिल की; अपडेट दे रहे हैं भास्कर रिपोर्टर 09:40 AM22 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक एक्सप्रेस-वे पर एक तरफ एयर शो जारी, दूसरी तरफ ट्रैफिक सुचारू रूप से चल रहा एक्सप्रेस-वे पर एक तरफ एयर शो चल रहा है। दूसरी तरफ ट्रैफिक सुचारू रूप से चल रहा है। 09:38 AM22 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक विमानों ने ‘टच एंड गो’ अभ्यास किया, कमांडो ने स्लिथरिंग ऑपरेशन दिखाया सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की अरवल कीरी करवत स्थित 3.2 किमी लंबी हवाई पट्टी पर भारतीय वायुसेना का दो दिवसीय अभ्यास शुरू हो गया है। डीएम इंद्रजीत सिंह ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि दिन के साथ रात में भी लैंडिंग-टेकऑफ का परीक्षण किया जाएगा। एयरस्ट्रिप के 4-5 किमी. दायरे में कड़ी सुरक्षा तैनात है। रिहर्सल में सुखोई-30, मिराज-2000, जगुआर और तेजस विमानों ने ‘टच एंड गो’ अभ्यास किया, जबकि कमांडो ने स्लिथरिंग ऑपरेशन दिखाया। प्रशासन ने आम लोगों के प्रवेश को सीमित रखते हुए ट्रैफिक नियमों के पालन की अपील की है। 09:36 AM22 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक सेना के हेलिकॉप्टर ने एक्सप्रेस-वे पर अभ्यास किया, जवानों ने मॉक ड्रिल की सेना के हेलिकॉप्टर ने एक्सप्रेस-वे पर ऑपरेशन का अभ्यास किया। हेलीकॉप्टर से बाढ़, भूकंप के दौरान बचाव अभियान चलाया जाता है। हेलीकॉप्टर आंतकी हमले के दौरान जरूरी सैन्य कार्रवाई में अहम भूमिका निभाता है। 09:30 AM22 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक एक्सप्रेस के आसपास लोगों की भीड़ जमा, वीडियो बना रहे लोग एयर स्ट्रिप पर एयर शो देखने के लिए एक्सप्रेस के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई है। लोग एयर शो के वीडियो बना रहे हैं। जैसे ही कोई विमान रनवे पर आता है, भीड़ में खासकर बच्चों का उत्साह देखने लायक होता है। बच्चे हाथों में मोबाइल लेकर वीडियो बनाने के लिए दौड़ पड़ते हैं। 09:27 AM22 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक आसमान में एक साथ 3 मिराज-2000 लड़ाकू विमान; VIDEO एक्सप्रेस-वे पर एयर शो के दौरान 3 मिराज लड़ाकू विमानों ने आसमान में एक
114 नए राफेल स्वदेशी मिसाइलों से लैस होंगे:18 जेट फ्रांस में, 96 भारत में बनेंगे; कंपनी ने सोर्स कोड देने से इनकार किया

भारत फ्रांस से 114 नए राफेल फाइटर जेट खरीद रहा है। 18 जेट फ्रांस में, 96 भारत में बनेंगे। इन जेट्स को स्वदेशी मिसाइलों और हथियार सिस्टम से लैस किया जाएगा। एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट (ICD) के जरिए राफेल जेट और स्वदेशी हथियार आपस में कैसे जुड़ेंगे यह तय किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय अगले महीने राफेल फाइटर जेट बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी करेगा। इसके बाद कॉन्ट्रैक्ट पर बातचीत शुरू होगी। इस सौदे को फेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने 12 फरवरी को मंजूरी दी थी। 114 में से 18 राफेल जेट्स फ्रांस से फ्लाई-अवे कंडीशन में मिलेंगे। बाकी 96 जेट्स भारत में बनाए जाएंगे, जिसमें 25% कलपुर्जे स्वदेशी होंगे। फ्रांस सोर्स कोड शेयर नहीं करेगा रिपोर्ट्स में कहा गया कि फ्रांस सोर्स कोड देने को तैयार नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, कोई भी देश अपने फाइटर जेट का सोर्स कोड साझा नहीं करता। यही कोड रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, टारगेट ट्रैकिंग और हथियार सिस्टम को कंट्रोल करता है, इसलिए इसे साझा नहीं किया जाता। हालांकि, डील पर इसका असर नहीं है। दावा- रूस और अमेरिका भी नहीं देते सोर्स कोड एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को रूस ने 5th जनरेशन Su-57 फाइटर जेट के दो स्क्वाड्रन देने की पेशकश की है। वह हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ मिलकर Su-30 MKI जेट्स को अपग्रेड भी कर रहा है। हालांकि रूस ने इन दोनों फाइटर जेट्स के सोर्स कोड कभी शेयर नहीं किए। अमेरिका का भी यही रुख है। भारत के पास मौजूद अमेरिकी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और अटैक हेलिकॉप्टर से जुड़े सॉफ्टवेयर कोड भी शेयर नहीं किए जाते। एयरफोर्स ने सितंबर 2025 में मांग की थी एयरफोर्स ने सितंबर 2025 में 114 अतिरिक्त राफेल जेट की मांग रक्षा मंत्रालय को भेजी थी। एयरफोर्स के पास पहले से 36 राफेल विमान है, जबकि नौसेना ने 26 मरीन वेरिएंट राफेल का ऑर्डर दिया है। अधिक संख्या में एक ही प्लेटफॉर्म होने से रखरखाव लागत कम होगी। अंबाला एयरबेस पर राफेल का ट्रेनिंग और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सेंटर पहले से चालू है। एयरफोर्स के पास तुरंत दो स्क्वाड्रन (36–38 विमान) शामिल करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेयर पार्ट्स और प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद है। भारत में 176 राफेल विमान हो जाएंगे 114 राफेल की डील पूरी होने के बाद भारत के बेड़े में राफेल विमानों की संख्या 176 हो जाएगी। हालांकि अभी इसमें थोड़ा वक्त लग सकता है। एयरफोर्स पहले ही 36 राफेल विमानों को शामिल कर चुकी है। भारतीय नौसेना ने 26 राफेल मरीन का ऑर्डर दिया है। राफेल मरीन से पहले भारत फ्रांस से एयरफोर्स के लिए 36 राफेल जेट भी खरीद चुका है। 2016 में हुई इस डील के सभी विमान 2022 में भारत पहुंचे थे। इन्हें एयरफोर्स के अंबाला और हाशिनारा एयरबेस से संचालित किया जाता है। ये डील 58,000 करोड़ रुपए में हुई थी। राफेल मरीन विमान के फीचर्स एयरफोर्स के राफेल विमान से एडवांस हैं। ————– ये कबर भी पढ़ें… 114 नए राफेल खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी:फ्रेंच प्रेसिडेंट मैक्रों के भारत आने पर हो सकता है सौदा भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस डील की कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपए बताई जा रही है। दसॉ एविएशन से 18 विमान उड़ने के लिए तैयार स्थिति में मिलेंगे। बाकी 96 भारत में बनेंगे। इनके 60% कलपुर्जे स्वदेशी होंगे। भारत का यह सबसे बड़ा रक्षा सौदा है। पूरी खबर पढ़ें…
वायुसेना का सुखोई फाइटर जेट असम में लापता:दावा- कार्बी आंगलॉन्ग जिले में लोगों ने धमाका सुना; सर्च ऑपरेशन लॉन्च

भारतीय वायु सेना (IAF) का एक सुखोई Su‑30MKI फाइटर जेट गुरुवार को असम में अचानक रडार से गायब हो गया। अधिकारियों के मुताबिक विमान से रडार संपर्क टूटने के बाद तुरंत स्थिति का पता लगाने के लिए खोज और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक 4.5 जेनरेशन का एयरक्राफ्ट सुखोई-30 जेट गुरुवार शाम करीब 7 बजे कार्बी आंगलॉन्ग जिले में लापता हुआ। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया है और वहां लोगों ने धमाका सुना है। हालांकि आधिकारिक रूप से इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। यह फाइटर जेट नियमित उड़ान या मिशन पर था, तभी अचानक उसका ग्राउंड कंट्रोल से संपर्क टूट गया। रडार से संपर्क समाप्त होने के बाद वायु सेना ने तुरंत अलर्ट जारी करते हुए घटना की जांच के लिए IAF टीम को असम रवाना किया है। भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल विमान की सटीक स्थिति और संपर्क टूटने की वजह का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल वायु सेना की टीमें घटनास्थल का पता लगाने में जुटी हुई हैं। इलाके में खोज अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि विमान और उसमें सवार पायलटों के बारे में जानकारी मिल सके। मल्टीरोल फाइटर जेट है सुखोई सुखोई Su‑30MKI भारतीय वायुसेना के सबसे उन्नत और ताकतवर लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है। यह दो इंजन वाला मल्टीरोल फाइटर जेट है, जिसका इस्तेमाल वायु रक्षा, लंबी दूरी की स्ट्राइक और निगरानी जैसे महत्वपूर्ण मिशनों में किया जाता है। भारत में SU-30MKI 12 सालों में 8 बार क्रैश 1. 4 जून 2024- नासिक, महाराष्ट्र भारतीय वायुसेना का SU-30MKI जेट ट्रेनिंग उड़ान पर था। उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आने पर विमान नासिक के पास खेत में गिर गया। दोनों पायलटों ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गए। 2. 28 जनवरी 2023- मध्य प्रदेश- ग्वालियर से ट्रेनिंग मिशन पर उड़े दो लड़ाकू विमान SU-30MKI और Mirage-2000 हवा में टकरा गए। SU-30 के दोनों पायलट सुरक्षित निकल आए, लेकिन मिराज-2000 के पायलट की मौत हो गई। 3. 8 अगस्त 2019- तेजपुर, असम तेजपुर एयरबेस से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान में तकनीकी समस्या आ गई। पायलटों ने विमान से इजेक्ट कर लिया। दोनों सुरक्षित बच गए। 4. 27 जून 2018- नासिक, महाराष्ट्र हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के टेस्ट पायलट SU-30MKI की टेस्ट उड़ान कर रहे थे। इसी दौरान विमान क्रैश हो गया। दोनों पायलट समय पर बाहर निकल गए और सुरक्षित रहे। 5. 23 मई 2017- अरुणाचल प्रदेश सीमा क्षेत्र तेजपुर एयरबेस से उड़ान भरने के बाद SU-30MKI से संपर्क टूट गया। बाद में अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाके में विमान का मलबा मिला। इस हादसे में दोनों पायलटों की मौत हो गई। 6. 15 मार्च 2017- बाड़मेर, राजस्थान ट्रेनिंग मिशन के दौरान विमान क्रैश हो गया। दोनों पायलट सुरक्षित बाहर निकल आए। हादसे में जमीन पर मौजूद तीन लोग घायल हो गए। 7. 14 अक्टूबर 2014- पुणे, महाराष्ट्र पुणे के पास ट्रेनिंग उड़ान के दौरान SU-30MKI दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दोनों पायलटों ने समय रहते विमान छोड़ दिया और सुरक्षित रहे। 8. 19 मई 2015- तेजपुर, असम विमान ने तेजपुर एयरबेस से उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी आ गई। पायलटों ने इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गए। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… भारत का तेजस फाइटर जेट दुबई एयर शो में क्रैश, पायलट की भी मौत, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले थे दुबई एयर शो में भारतीय वायुसेना का तेजस फाइटर जेट क्रैश हो गया। हादसा अल मकतूम एयरपोर्ट पर जारी एयर शो में एक डेमो फ्लाइट के दौरान हुआ। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक हादसा 3.40 बजे हुआ। विमान के गिरते ही उसमें आग लग गई और हवाई अड्डे के ऊपर काले धुएं का गुबार देखा गया। एयरफोर्स ने बताया कि हादसे में पायलट की भी मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें…
President Murmu Flies LCH Prachand at Vayu Shakti 2026 Jaisalmer

पाकिस्तान बॉर्डर के पास राजस्थान के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज (जैसलमेर) में भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास ‘वायु शक्ति-2026’ कल (27 फरवरी) होगा। . युद्धाभ्यास में सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू भी मौजूद रहेंगी। वे 2 दिवसीय (26 और 27 फरवरी) जैसलमेर दौरे पर हैं। तय शेड्यूल के अनुसार- राष्ट्रपति 27 फरवरी को कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) ‘प्रचंड’ में उड़ान भरेंगी। इस दौरान वे युद्धाभ्यास क्षेत्र का हवाई मुआयना करेंगी। यह पहली बार होगा, जब राष्ट्रपति जैसलमेर की सीमावर्ती एयरस्पेस में किसी लड़ाकू हेलिकॉप्टर की सह-पायलट बनेंगी। इसके बाद वे वायुसेना स्टेशन पर अधिकारियों और जांबाजों के साथ संवाद कर उनका हौसला बढ़ाएंगी। शाम को राष्ट्रपति पोकरण रेंज पहुंचेंगी, जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में ‘वायु शक्ति’ युद्धाभ्यास की शुरुआत होगी। इस दौरान आसमान से बरसती आग और सटीक निशानों के जरिए वायुसेना अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन करेगी। आसमान से बरसेगी स्वदेशी मारक क्षमता ‘वायु शक्ति-2026’ में प्रचंड के अलावा राफेल, सुखोई-30 MKI और अपाचे जैसे विमान भी अपनी ताकत दिखाएंगे। राष्ट्रपति की इस यात्रा को सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जैसलमेर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चांधन से लेकर पोखरण तक पूरे इलाके को ‘नो फ्लाई जोन’ घोषित कर दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भारतीय वायुसेना के विमानों से पुराना और गहरा नाता रहा है। वे न केवल सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर हैं, बल्कि उन्होंने खुद फ्रंटलाइन फाइटर जेट्स में उड़ान भरकर देश के जवानों का हौसला बढ़ाया है। तस्वीर 29 अक्टूबर, 2025 की है। अंबाला एयरबेस पर राफेल में उड़ान के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ स्क्वॉड्रन लीडर शिवांगी सिंह। सुखोई और राफेल में भर चुकी हैं उड़ान राष्ट्रपति मुर्मू ने 29 अक्टूबर, 2025 को अंबाला स्थित ‘गोल्डन एरोज’ स्क्वाड्रन के राफेल विमान में उड़ान भरकर एक नया इतिहास रचा था। वे दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों (सुखोई और राफेल) में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनीं। करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर लगभग 700 किमी/घंटा की रफ्तार से उन्होंने राफेल की ताकत को महसूस किया था। राष्ट्रपति मुर्मू ने असम के तेजपुर बेस से 8 अप्रैल 2023 को सुखोई-30 MKI में करीब 30 मिनट की उड़ान भरी थी। उन्होंने हिमालय की चोटियों और ब्रह्मपुत्र घाटी के ऊपर से गुजरते हुए विमान की मारक क्षमता और वायुसेना की तैयारियों का जायजा लिया था। वे सुखोई में उड़ान भरने वाली देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति बनीं थीं। इससे पहले प्रतिभा पाटिल उड़ान भर चुकी हैं। दुनियाभर में जाएगा भारत के पराक्रम का मैसेज भारत इस वायु शक्ति-2026 युद्धाभ्यास से दुनिया को वायुसेना की ताकत का मैसेज देगा कि वह अंधेरे में भी सटीक प्रहार करने में सक्षम है। इसके साथ ही C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान भी इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे। ये विमान भारतीय वायुसेना के विशेष दस्ते ‘गरुड़ कमांडो’ को सीधे वॉर-जोन में उतारेंगे। भारतीय वायुसेना के पास अभी 12 से अधिक C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान हैं। 24 फरवरी को इस कार्यक्रम की फुल ड्रेस रिहर्सल हुई थी, जिससे आसमान से लेकर जमीन तक कांप उठी थी। अब मुख्य कार्यक्रम 27 फरवरी को होगा। 12 हजार किलो बारूद से गूंजेगा बॉर्डर इलाका एयर मार्शल नागेश कपूर के मुताबिक, इस बड़े सैन्य अभ्यास के दौरान करीब 12 हजार किलो गोला-बारूद इस्तेमाल किया जाएगा। यह आंकड़ा ही बताता है कि अभ्यास कितने बड़े पैमाने पर हो रहा है। गोलाबारी और ऑपरेशन के लिए 77 फाइटर जेट और 43 हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान एक साथ उड़ान भरेंगे, जिससे साफ है कि भारतीय वायुसेना कई मोर्चों पर एक साथ प्रभावी कार्रवाई करने की क्षमता का प्रदर्शन कर रही है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ताकत का प्रदर्शन एयर मार्शल नागेश कपूर के अनुसार, यह अभ्यास स्वदेशी ताकत पर विशेष फोकस करता है। इसमें भारत में विकसित ‘तेजस’ और ‘प्रचंड’ जैसे विमानों के साथ-साथ लोइटरिंग म्यूनिशन (कामिकेज ड्रोन) का भी प्रदर्शन किया जाएगा। आधुनिक हथियार प्रणालियों का यह प्रदर्शन साफ संदेश देता है कि भारतीय वायुसेना अब नई तकनीक और स्वदेशी रक्षा उपकरणों के दम पर तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है। ……………… ये खबर भी पढ़िए… तकनीकी गड़बड़ी के कारण युद्धअभ्यास में शामिल नहीं हुआ तेजस:राजस्थान- सुखोई ने दुश्मनों का सप्लाई डिपो उड़ाया, 44 बम गिराए राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर के पास जैसलमेर के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना के युद्ध अभ्यास ‘वायु शक्ति- 2026’ की फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। पूरी खबर पढ़िए भारत-पाक बॉर्डर पर पहली बार C-295 की होगी नाइट लैंडिंग:राफेल-तेजस का प्रहार, अंधेरे में गरुड़ कमांडो की एंट्री; 24 को फुल ड्रेस रिहर्सल भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर पर राजस्थान में पोकरण का आसमान 24 व 27 फरवरी को भारतीय वायुसेना के शौर्य का गवाह बनेगा। ‘वायुशक्ति-2026’ अभ्यास में C-295 एयरक्राफ्ट की पहली बार नाइट असॉल्ट लैंडिंग होगी। पूरी खबर पढ़िए
तकनीकी गड़बड़ी के कारण युद्धअभ्यास में शामिल नहीं हुआ तेजस:राजस्थान- सुखोई ने दुश्मनों का सप्लाई डिपो उड़ाया, 44 बम गिराए

राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर के पास जैसलमेर के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना के युद्ध अभ्यास ‘वायु शक्ति- 2026’ की फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। सबसे पहले सुखोई MKI 30 ने दुश्मन के रनवे और ठिकानों को तबाह किया। सुखोई ने दुश्मन के ठिकानों को टारगेट करते हुए 44 बम बरसाए। मिग-29 फाइटर जेट ने टैंकों का काफिला ध्वस्त किया। जैसे ही बम दुश्मनों के टारगेट पर गिरे, धूल का गुबार बन गया। वॉर जोन में आकाश मिसाइल ने टारगेट को हवा में ही उड़ा दिया। इसके साथ ही पहली बार सी-130 विमान रात में रनवे पर उतरा। गरुड़ कमांडो को लेकर वापस आया। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C- 295 एयरक्राफ्ट एसॉल्ट लैंडिंग की। वॉर जोन में प्रचंड हेलिकॉप्टर भी उतरे। आसमान में दो जगुआर ने सुदर्शन फॉर्मेशन दिखाकर टारगेट एरिया को अप्रोच किया। इस दौरान पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में ऑपरेशन सिंदूर की सर्जिकल स्ट्राइक को समझाया गया। इसमें बताया कि 73 फाइटर जेट देशभर के 8 एयरबेस से उड़ान भरी। युद्ध अभ्यास में तेजस फाइटर जेट को शामिल होना था, लेकिन शामिल नहीं हुआ। तेजस में तकनीकी गड़बड़ी की सूचना आई थी, इसके बाद से इस विमान को ग्राउंडेड करने की खबरें हैं। मुख्य आयोजन 27 फरवरी को होगा। इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि होंगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी मौजूद रहेंगे। देखिए, वायु शक्ति-2026 युद्धाभ्यास की PHOTOS… युद्ध अभ्यास से जुड़ी पल-पल की अपडेट के लिए ब्लॉग पढ़िए…









