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‘दादी मां के बटुए’ से सीखी विद्या, घर पर शुरू की आयुर्वेदिक क्लीनिक, अब हाउसवाइफ से वैद्य बनीं मालती

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X ‘दादी मां के बटुए’ से सीखी विद्या, घर पर शुरू की आयुर्वेदिक क्लीनिक   उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की मालती वर्मा जड़ी-बूटियों से आयुर्वेदिक दवाएं बनाकर आत्मनिर्भर बन गई है. ग्रेजुएशन के बाद हाउसवाइफ रही मालती ने दीनदयाल शोध संस्थान के दादी मां के बटुए कार्यक्रम से प्रशिक्षण लिया और घर पर छोटी क्लीनिक शुरू की. वह तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, आंवला, ब्राह्मी और नीम जैसी औषधीय पौधों को जैविक तरीके से उगाकर चूर्ण, काढ़ा और अन्य दवाएं तैयार करती है. बिना रसायन बनी इन दवाओं से मरीजों को लाभ मिल रहा है. बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती और गोंडा से लोग इलाज के लिए पहुंचते है. एक साल में उनकी पहचान बढ़ी है और अच्छी आमदनी भी हो रही है.

एक चम्मच से ज्यादा नमक सेहत पर भारी, डाइटिसिशियन ने दी चेतावनी, जानें कितना और कौन सा नमक करें सेवन

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X एक चम्मच से ज्यादा नमक सेहत पर भारी, जानें कितना और कौन सा नमक करें सेवन   Health Tips: अगर आप रोज एक चम्मच से ज्यादा नमक खा रहे है तो सावधान हो जाएं. मंडलीय अस्पताल की डाइटिसिशियन डॉ. ज्योति सिंह के अनुसार भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की रिपोर्ट बताती है कि प्रतिदिन केवल एक चम्मच नमक का सेवन पर्याप्त है, ज्यादा नमक से हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन का खतरा बढ़ता है. उन्होंने सलाह दी कि सलाद या फलों पर ऊपर से नमक न छिड़कें और मठरी, नमकीन व पैक्ड फूड से परहेज करें, क्योंकि इनमें नमक अधिक होता है. दैनिक उपयोग में केवल आयोडीन युक्त नमक लें. सेंधा या काला नमक नियमित रूप से उपयोग करना फायदेमंद नहीं है और इससे थायराइड व घेंघा जैसी समस्याएं बढ़ सकती है.

बाहर से ज्यादा खतरनाक घर की प्रदूषित हवा, महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित; जानें बचाव के उपाय

बाहर से ज्यादा खतरनाक घर की प्रदूषित हवा, महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित; जानें बचाव के उपाय

X बाहर से ज्यादा खतरनाक घर की प्रदूषित हवा, महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित   indoor air pollution: जब वायु प्रदूषण की बात होती है तो लोग बाहरी धुएं और धूल पर ध्यान देते है. लेकिन घरों और दफ्तरों के भीतर मौजूद इंडोर एयर पॉल्यूशन अधिक खतरनाक हो सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यह बाहरी प्रदूषण से दो से पांच गुना ज्यादा हानिकारक हो सकता है. एएमयू की प्रोफेसर सालेहा जमाल बताती है कि घरों में पेंट, फर्नीचर, केमिकल क्लीनर और लकड़ी-कोयले जैसे ठोस ईंधन इसके मुख्य कारण है. भारत में बड़ी आबादी अब भी सॉलिड फ्यूल पर निर्भर है. जिससे महिलाएं और छोटे बच्चे ज्यादा प्रभावित होते है. धुएं में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड व सूक्ष्म कण गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते है. बचाव के लिए सही वेंटिलेशन, खिड़कियां खुली रखना और स्वच्छ ईंधन का उपयोग जरूरी है.

आजमगढ़ में आयुर्वेदिक उपचार की नई सुविधा, 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष चिकित्सक के साथ मिलेगी बेहतर सुविधा

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Last Updated:February 23, 2026, 22:30 IST आजमगढ़ जिले में मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आयुर्वेदिक उपचार की नई सुविधा मिलेगी. अब सीएचसी और पीएचसी केंद्रों पर एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक इलाज भी उपलब्ध होगा. पहले चरण में 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी, जहां मरीज आयुर्वेदिक दवाइयों जैसे काढ़ा, तेल और जड़ी बूटियों से इलाज करवा सकेंगे. ख़बरें फटाफट आजमगढ़. जिले में अब मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक नई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, मंडलीय अस्पताल के साथ-साथ सीएचसी व पीएचसी सेंटरों पर भी अब एलोपैथ दावों के साथ-साथ आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज की व्यवस्था भी उपलब्ध होगी. मरीज को आयुर्वेदिक उपचार के लिए शहर मुख्यालय की भाग दौड़ नहीं करनी होगी. उन्हें अब अंग्रेजी दावों के साथ-साथ आयुर्वेदिक इलाज के लिए अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज उपलब्ध होगा और साथ ही दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाएगी. पहले चरण में 25 अस्पतालों पर शुरू होगी यह व्यवस्थाग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को सस्ता सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पहले चरण में जिले 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग के द्वारा चिकित्सकों के बैठने के लिए अलग से ओपीडी कक्ष की व्यवस्था होगी, जिसमें अस्पताल में आने वाले मरीजों को एलोपैथ के अलावा आयुर्वेदिक उपचार का विकल्प भी उपलब्ध होगा. समस्याओं को बताते हुए आयुर्वेदिक चिकित्सकीय सलाह प्राप्त करते हुए दवाइयां भी प्राप्त कर सकेंगे. जड़ी बूटियां से संभव होगा इलाजइसके लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा पहले चरण में चयनित सीएचसी और पीएचसी में आयुर्वेदिक चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी, जहां पर आयुर्वेदिक दवाइयां काढ़ा,तेल और आवश्यक जड़ी बूटियां भी उपलब्ध होगी. इस व्यवस्था के शुरू हो जाने से खास तौर पर उन लोगों को राहत मिलेगी जो महंगे निजी अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाते. डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, पेट की बीमारियां एवं त्वचा से संबंधित तमाम समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अब प्राकृतिक तरीके से उपचार मिल सकेगा. जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सुविधा प्रथम चरण में उपलब्ध होगी उनमें मार्टिनगंज ब्लॉक का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, फूलपुर ब्लॉक के अंबारी पीएससी, बिलरियागंज ब्लॉक के परशुरामपुर, बनकट और जमीन फरेंदा पीएचसी, अजमतगढ़ ब्लॉक के अवुमारी नारायणपुर, बिलरियागंज, तरवां, महानगर ब्लॉक के खरिहानी पीएससी आदि पर आयुष डॉक्टर तैनात किए जाएंगे. About the Author Monali Paul Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें Location : Azamgarh,Uttar Pradesh First Published : February 23, 2026, 22:30 IST

दिन में धूप-रात में ठंड, ऐसे रखें अपनी सेहत का ख्याल नहीं पड़ेगी डॉक्टर की जरूरत, बड़ा ही कारगर है उपाय

दिन में धूप-रात में ठंड, ऐसे रखें अपनी सेहत का ख्याल नहीं पड़ेगी डॉक्टर की जरूरत, बड़ा ही कारगर है उपाय

X दिन में धूप-रात में ठंड, ऐसे रखें सेहत का ख्याल तो नहीं पड़ेगी डॉक्टर की जरूरत   सर्दियों का मौसम अंतिम चरण में है और तापमान में उतार-चढ़ाव से बीमारियां बढ़ रही हैं. दिन की धूप और रात की ठंड शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर असर डालती है, जिससे सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण तेजी से फैलते हैं. जमुई जिला के आयुष चिकित्सक डॉ. रास बिहारी तिवारी (बीएएमएस) के अनुसार यह समय कफ और वात असंतुलन का होता है. वे सुबह गुनगुना पानी, शहद-नींबू का सेवन और तुलसी, अदरक, काली मिर्च का काढ़ा लेने की सलाह देते हैं. संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित दिनचर्या से रोगों से बचाव संभव है.

फिरोजाबाद में मौसम बदलने से बीमारियां बढ़ीं, डॉक्टर की सलाह जरूरी

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Last Updated:February 21, 2026, 21:45 IST बदलते मौसम में अचानक सर्दी और गर्मी के असर से लोग बीमार हो रहे हैं. वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार ने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने और मौसम के अनुसार खान-पान व कपड़ों का ध्यान रखने की सलाह दी है. जानें कैसे बचें बीमारियों से. ख़बरें फटाफट फिरोजाबाद. जैसे-जैसे मौसम बदलता जा रहा है, वैसे ही लोग बीमार हो रहे हैं।. सर्दी के बाद गर्मी ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है, जिसकी वजह से लोग बीमार हो रहे हैं. लोगों को सर्दी-जुकाम हो रहा है और इसके साथ ही पेट की भी बीमारियां देखने को मिल रही हैं. इसको लेकर डॉक्टर भी मरीजों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सलाह दे रहे हैं. सर्दी–गर्मी से लोगों को हो रही दिक्कत फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि अचानक मौसम बदल रहा है. रात में लोगों को सर्दी लगती है, तो वहीं दिन में तेज धूप से पसीना आ रहा है, इसलिए यह मौसम स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है. इस मौसम में कपड़े पहनने से लेकर खाने-पीने तक की चीजों का सही प्रयोग करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मौसम में लोग एकदम सारे गर्म कपड़े नहीं छोड़ें. इसके साथ ही खाने-पीने के लिए ठंडी चीजों से परहेज करें. डॉ. कुमार ने बताया कि अभी लोग इसी वजह से अधिक बीमार हो रहे हैं कि वे मौसम के हिसाब से चीजें नहीं खा रहे हैं. इस मौसम में अधिक ऑयली, भुनी और फास्ट फूड का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे पेट की बीमारियां भी हो सकती हैं. धीरे-धीरे करें बदलाव, वरना हो जाएंगे बीमार वरिष्ठ फिजिशियन ने बताया कि मौसम धीरे-धीरे बदल रहा है, लेकिन लोग एकदम से बदलाव कर देते हैं. इसकी वजह से हमारी बॉडी तापमान के अनुसार काम नहीं कर पाती, इसलिए आपको भी मौसम के हिसाब से रहना चाहिए. यदि कोई भी बीमारी हो, या जो डायबिटीज या हार्ट के मरीज हैं, वे इस मौसम में धीरे-धीरे बाहर निकलें. किसी भी तरह की बीमारी होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाकर संपर्क करें. पानी अच्छे से पीएं और ज्यादा से ज्यादा खान पान का ख्याल रखें. About the Author Monali Paul Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें Location : Firozabad,Uttar Pradesh First Published : February 21, 2026, 21:45 IST

बरगद के पत्तों के फायदे: पाचन, त्वचा व जोड़ों के दर्द में असरदार

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Last Updated:February 21, 2026, 21:28 IST वट वृक्ष (बरगद) के पत्ते, छाल और कोपलें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और रोगाणुरोधी गुणों से भरपूर होती हैं. जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता  को मजबूती प्रदान करते हैं. इन पत्तियों का काढ़ा या अर्क संक्रमण से लड़ने, त्वचा रोगों, मधुमेह और श्वसन संबंधी समस्याओं में कारगर माना जाता है. जिससे समग्र स्वास्थ्य में सुधार होता है। वट वृक्ष यानी के बरगद के पत्ते औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. जो पाचन में सुधार, त्वचा रोगों, जोड़ों के दर्द, सूजन और डायबिटीज जैसी समस्याओं में बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इनके कोमल पत्तों का लेप घावों को भरने में सहायक है और इनका रस एंटी-इंफ्लेमेटरी के रूप में कार्य करता है. डॉक्टर रवि आर्य ने बताया कि बरगद के कोमल पत्ते (कूपल) और दूध दस्त, पेचिश और पाचन संबंधी समस्याओं के लिए आयुर्वेद में एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार हैं. कसैले गुणों के कारण, यह आंतों की गति को नियंत्रित करते हैं और मल को बांधते हैं. इसके कूपलों को रात भर भिगोकर सुबह पानी पीने या दही के साथ सेवन करने से दस्त में तुरंत लाभ होता है. बरगद के पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजनरोधी) गुण होते हैं जो जोड़ों के दर्द, मोच और सूजन में कारगर हैं. सबसे असरदार उपाय में पत्तों पर घी/सरसों का तेल लगाकर गर्म करें और सूजन वाले स्थान पर बांधें. इसके ताजे पत्तों का लेप खुजली व लाल चकत्तों में आराम देता है. जो एक प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प है. Add News18 as Preferred Source on Google वट वृक्ष (बरगद) के पत्ते और अन्य भाग हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. इनमें कैल्शियम और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. जो हड्डियों को मजबूत बनाने, जोड़ों के दर्द, गठिया और सूजन को कम करने में सहायक हैं. यह दर्द से राहत और टूटी हड्डियों के उपचार में मदद करता है. बरगद के पत्ते औषधीय खजाना हैं. जिनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं. इनमें ट्राइटरपेन्स, फ्रीडेलिन, सिटोस्टेरॉल, और फ्लेवोनोइड्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. ये पत्ते मधुमेह नियंत्रण, त्वचा रोगों (दाग-धब्बे, खुजली), जोड़ों के दर्द, दस्त, और इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक होते हैं. बरगद के पत्ते जीवाणुरोधी और सूजनरोधी गुणों से भरपूर होते हैं. जो त्वचा की समस्याओं और शरीर के दर्द में राहत देते है. ताजे पत्तों का लेप खुजली, मुंहासे और घावों को जल्दी भरने में मदद करता है. जबकि पत्तों का गर्म काढ़ा जोड़ों के दर्द में उपयोगी है. First Published : February 21, 2026, 21:28 IST

आंवला के अत्यधिक सेवन से एसिडिटी, ब्लड शुगर कम और रक्तस्राव का खतरा.

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Last Updated:February 21, 2026, 21:12 IST आंवला स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन या कुछ विशेष परिस्थितियों में यह नुकसानदायक हो सकता है. खाली पेट लेने, ज्यादा मात्रा में खाने, लो ब्लड शुगर या सर्जरी के आसपास इस्तेमाल करने पर यह एसिडिटी, पेट दर्द, रक्तस्राव और कमजोरी जैसी समस्याएँ पैदा कर सकता है। विशेषज्ञ डॉ. गीतिका शर्मा की सलाह है कि इसे सीमित मात्रा में ही लें. आंवले का अत्यधिक सेवन या कुछ विशेष शारीरिक स्थितियों में यह नुकसानदायक हो सकता है. यह एसिडिटी, पेट में जलन, कब्ज, दस्त, ब्लड शुगर कम होना, और रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकता है. इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. एक्सपर्ट डॉ गीतिका शर्मा ने बताया कि खाली पेट या अत्यधिक सेवन करने पर यह एसिडिटी, जलन और पेट खराब जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है. चूंकि आंवला विटामिन C से भरपूर होता है. इसकी उच्च अम्लीय प्रकृति संवेदनशील पेट या हाइपरएसिडिटी वाले लोगों में एसिड रिफ्लक्स बढ़ा सकती है. लो ब्लड शुगर (हाइपोग्लाइसीमिया) वाले लोगों के लिए आंवले का बहुत अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है. आंवला रक्त शर्करा के स्तर को काफी कम करता है. यदि आपका शुगर लेवल पहले से ही कम है. तो आंवला इसे और कम कर सकता है. जिससे चक्कर आना, कमजोरी या बेहोशी हो सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google सर्जरी से दो सप्ताह पहले और बाद में आंवले का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह खून को पतला कर सकता है. जिससे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है. यह ब्लीडिंग जोखिम को बढ़ाता है और ब्लड शुगर/बीपी में उतार-चढ़ाव कर सकता है.  आंवले का सेवन उन लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है जिन्हें इससे एलर्जी है. यह एक दुर्लभ प्रतिक्रिया है. लेकिन एलर्जी होने पर खुजली, पित्ती, त्वचा पर चकत्ते, सूजन, या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है. इसके अलावा, अत्यधिक सेवन से एसिडिटी, पेट दर्द, लो ब्लड प्रेशर और किडनी स्टोन की समस्या भी बढ़ सकती है. अत्यधिक आंवला खाने या लगाने से बालों और त्वचा में रूखापन और डैंड्रफ की समस्या हो सकती है. आंवला में मौजूद प्राकृतिक टैनिन और एस्ट्रिंजेंट गुण बालों की प्राकृतिक नमी को कम कर सकते हैं. इसके अलावा, इसके मूत्रवर्धक प्रभाव के कारण डिहाइड्रेशन भी हो सकता है. वैसे तो यह सुरक्षित है, लेकिन अत्यधिक मात्रा में सेवन से दस्त, एसिडिटी और पेट में ऐंठन हो सकती है. गर्भावस्था में किसी भी प्राकृतिक उपाय से पहले विशेषज्ञ की सलाह आवश्यक है. First Published : February 21, 2026, 21:12 IST

अलवर में युवक ने लगाई फांसी

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Last Updated:February 19, 2026, 15:11 IST Alwar News: अलवर के स्कीम नंबर 4 में ई-रिक्शा चालक शिवा ने प्रेमिका से विवाद के बाद उसकी ही चुन्नी से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया. विवाद के दौरान शिवा ने युवती का मंगलसूत्र तोड़ दिया और कहा कि वह किसी और की नहीं हो सकती. पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया है और मामले की जांच जारी है. ख़बरें फटाफट अलवर में प्रेमिका के सामने ही प्रेमी ने लगाया फंदा अलवर. राजस्थान के अलवर शहर स्थित स्कीम नंबर 4 क्षेत्र में आज एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है. यहाँ एक युवक ने प्रेम प्रसंग के चलते बीच सड़क पर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. मृतक की पहचान फूटीखेल निवासी शिवा के रूप में हुई है, जो पेशे से ई-रिक्शा चालक था. शिवा ने अपनी प्रेमिका की चुन्नी का इस्तेमाल कर बीच सड़क पर खड़े ई-रिक्शा के फ्रेम से फंदा लगाया और आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद मौके पर मौजूद युवती बदहवास हो गई और प्रेमी के शव को अपनी गोद में लेकर फूट-फूटकर रोती रही. सड़क पर हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और मौत के मंजर को देख राहगीरों के भी होश उड़ गए. जानकारी के अनुसार, शिवा अपनी प्रेमिका के साथ ई-रिक्शा में सवार होकर मोहल्ले के पास पहुंचा था. बताया जा रहा है कि वहां से शराब लेने के बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी कहासुनी शुरू हो गई. विवाद इतना बढ़ा कि शिवा ने आपा खो दिया और युवती के गले में पहना हुआ मंगलसूत्र तोड़ दिया. चश्मदीदों और पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, शिवा ने चिल्लाकर कहा कि “जब तुम मेरी नहीं हो सकती, तो किसी और की भी नहीं हो सकती”. इसी सनक और आवेश में आकर उसने अचानक प्रेमिका की चुन्नी ली और ई-रिक्शा पर ही फंदा बनाकर झूल गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हालघटना की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. सूचना पाकर युवक के परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे, जहाँ का नजारा देख उनकी चीखें निकल गईं. पुलिस की मौजूदगी में शव को ई-रिक्शा से नीचे उतारा गया और तुरंत जिला अस्पताल भिजवाया गया. अस्पताल के चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद शिवा को मृत घोषित कर दिया. फिलहाल मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है. घटना के बाद से ही युवती सदमे में है और पुलिस उससे पूछताछ करने का प्रयास कर रही है. क्षेत्र में फैली दहशतस्कीम नंबर 4 जैसे व्यस्त रिहायशी इलाके में इस तरह की घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत और चर्चा का माहौल है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर विवाद की असली जड़ क्या थी और क्या युवक ने यह कदम शराब के नशे में उठाया या वह पहले से मानसिक तनाव में था. पुलिस ने ई-रिक्शा को जब्त कर लिया है और मौके से साक्ष्य जुटाए हैं. मृतक के परिजनों के बयानों के आधार पर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है. About the Author vicky Rathore Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें Location : Alwar,Alwar,Rajasthan First Published : February 19, 2026, 15:10 IST

हैदराबाद फर्जी नंबर प्लेट केस और गिरफ्तारी | Hyderabad Fake Number Plate Case 23 Challans Fraud

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होमताजा खबरक्राइम आपकी गाड़ी का नंबर भी हो सकता है चोरी; हैदराबाद में सामने आया फर्जी नंबर प्लेट Last Updated:February 11, 2026, 07:03 IST Hyderabad Fake Number Plate Case: हैदराबाद के चदरघाट में एक व्यक्ति ने दूसरे की बाइक की नंबर प्लेट लगाकर 23 बार ट्रैफिक नियम तोड़े. जब असली मालिक के पास चालान पहुंचे तो उसने पुलिस में शिकायत की. सीसीटीवी फुटेज और आईटी सेल की मदद से पुलिस ने जालसाज को गिरफ्तार कर लिया है ख़बरें फटाफट हैदराबाद फर्जी नंबर प्लेट केस Hyderabad Fake Number Plate Case: डिजिटल सर्विलांस और हाई-टेक ट्रैफिक कैमरों के इस दौर में तकनीक जहाँ सुरक्षा का वादा करती है वहीं अपराधी इसका काट भी ढूंढ रहे हैं. हैदराबाद के चदरघाट इलाके से एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसने वाहन मालिकों की नींद उड़ा दी है. यहाँ एक शातिर जालसाज ने अपनी बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर न सिर्फ कानून का मजाक बनाया बल्कि एक बेगुनाह नागरिक के लिए गंभीर मानसिक और आर्थिक मुसीबत खड़ी कर दी. यह मामला पुलिस के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया था क्योंकि अपराधी कैमरों की आंखों में धूल झोंककर अपनी पहचान छुपा रहा था. दरअसल पीड़ित शख्स को पिछले कुछ समय से लगातार ट्रैफिक पुलिस की ओर से चालान के मैसेज मिल रहे थे. जब उसने ऑनलाइन पोर्टल चेक किया तो उसके होश उड़ गए. उसकी बाइक के नाम पर कुल 23 चालान लंबित थे जबकि उसने वे गलतियां कभी की ही नहीं थीं. सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि चालान की तस्वीरों में जो बाइक दिख रही थी उस पर नंबर प्लेट तो पीड़ित की थी लेकिन चालक कोई और था. इस खुलासे के बाद पीड़ित को समझ आया कि वह किसी गहरी साजिश का शिकार हो गया है और उसकी गाड़ी की पहचान का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है. आरोपी की चालाकी और बेखौफ अंदाजआरोपी इतना चालाक था कि वह जानता था कि ट्रैफिक कैमरे केवल नंबर प्लेट को स्कैन करते हैं. उसने अपनी बाइक पर पीड़ित के वाहन की हूबहू डुप्लीकेट नंबर प्लेट लगवा ली थी. वह बेखौफ होकर सिग्नल तोड़ता और बिना हेलमेट गाड़ी चलाता था. उसे लगा था कि वह कभी पकड़ा नहीं जाएगा क्योंकि जुर्माना किसी और के खाते में जा रहा था और पहचान भी किसी और की इस्तेमाल हो रही थी. रॉन्ग साइड ड्राइविंग और तेज रफ्तार जैसी खतरनाक गलतियां करने के बावजूद वह शहर में खुलेआम घूम रहा था क्योंकि कैमरों की निगरानी में वह पीड़ित की पहचान ओढ़े हुए था. सीसीटीवी और आईटी सेल ने दबोचापरेशान होकर असली मालिक ने चदरघाट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आईटी सेल की मदद ली और उन इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जहाँ-जहाँ चालान कटे थे. पुलिस ने आरोपी के आने-जाने के पैटर्न को ट्रैक किया और एक सटीक सूचना के आधार पर जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया. जब उसकी बाइक की गहन जांच हुई तो पता चला कि चेसिस नंबर और इंजन नंबर उस फर्जी प्लेट से मेल नहीं खाते थे. यह घटना पहचान की चोरी का एक खतरनाक रूप है और अब पुलिस आरोपी के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई कर रही है. About the Author vicky Rathore Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें Location : Hyderabad,Hyderabad,Telangana First Published : February 11, 2026, 07:03 IST