15 महीने में 635 मोबाइल बरामद:बैतूल पुलिस ने साइबर ट्रैकिंग से कई राज्यों से की तलाश

बैतूल पुलिस ने पिछले एक साल में गुम हुए 635 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए हैं। मंगलवार को एक कार्यक्रम में इन मोबाइलों को उनके असली मालिकों को सौंपा गया। पुलिस के अनुसार, यह सफलता साइबर ट्रैकिंग और विभिन्न थानों की संयुक्त टीम के प्रयासों से मिली है। गुम हुए इन मोबाइलों को अलग-अलग राज्यों और जिलों से ट्रेस कर बैतूल लाया गया। बरामद किए गए फोनों में सैमसंग, वीवो, ओप्पो, रेडमी और रियलमी जैसी विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से मार्च 2024 के बीच 100 मोबाइल बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 9 लाख रुपए है। पिछले एक साल में बरामद किए गए कुल 635 मोबाइलों की कीमत लगभग 80 लाख रुपए आंकी गई है। इनमें से 535 से अधिक मोबाइल पहले ही उनके मालिकों को लौटाए जा चुके थे। मोबाइल प्राप्त करने वालों में छात्र, मजदूर, किसान और गृहणियां शामिल हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में अपने खोए हुए सामान की वापसी को लेकर विश्वास बढ़ा है। पुलिस ने बताया कि CEIR पोर्टल मोबाइल ट्रैकिंग में काफी सहायक सिद्ध हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों में जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाती है, मोबाइल मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होती है। इस पूरे अभियान में साइबर सेल और विभिन्न थानों के पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी लगातार ट्रैकिंग और फॉलोअप के प्रयासों से यह सफलता संभव हो पाई। पुलिस ने जनता से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर शिकायत करें। इससे समय रहते मोबाइल को ट्रैक करने में मदद मिलेगी।
दमोह में कुत्तों ने किया हिरण पर हमला:फुटेरा तालाब पर पानी पीने आया था, बचने के लिए तालाब में लगाई छलांग

दमोह के फुटेरा तालाब पर मंगलवार दोपहर पानी पीने आए एक हिरण पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। इस हमले में हिरण गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने उसे बचाया और वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद हिरण को पशु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, फुटेरा मोहल्ला स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास फुटेरा तालाब पर हिरण पानी पीने पहुंचा था। तभी आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया और कई जगह काट कर घायल कर दिया। अपनी जान बचाने के लिए हिरण तालाब में छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों ने निकाला बाहर स्थानीय निवासी ऐलू रैकवार ने बताया कि बच्चों ने उन्हें हिरण पर कुत्तों के हमले की सूचना दी। वह तुरंत अपने पड़ोसियों के साथ तालाब पर पहुंचे और कुत्तों को भगाकर हिरण को तालाब से बाहर निकाला। उन्होंने वन विभाग और कोतवाली पुलिस को घटना की जानकारी दी। दो घंटे बाद पहुंचे वनकर्मी रैकवार के अनुसार, वनकर्मी करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे। तब तक स्थानीय लोगों ने हिरण को तालाब से बाहर निकाल लिया था और उसके घावों पर प्राथमिक उपचार भी किया था। कुत्तों के काटने से हिरण के शरीर पर कई गहरे घाव हो गए थे। वन विभाग की टीम बाद में घायल हिरण को अपने साथ ले गई। दमोह के डीएफओ ईश्वर जरांडे ने बताया कि घायल हिरण को पशु अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने पुष्टि की कि हिरण की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
दिव्यांग को 14 साल से नहीं मिला मुआवजा:6.34 लाख का भुगतान अटका, कलेक्टर ने दिए निर्देश

सिंगरौली जिले के बलियरी निवासी दिव्यांग मोहम्मद शोएब को पिछले 14 वर्षों से मुआवजे का भुगतान नहीं मिला है। एनटीपीसी द्वारा उनकी जमीन और घर के अधिग्रहण के बाद भी उन्हें 6 लाख 34 हजार रुपये की राशि नहीं मिली है। मोहम्मद शोएब जन्म से दिव्यांग हैं, उनके दोनों हाथ अविकसित हैं। पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उन पर आ गई है। शोएब के अनुसार, वह वर्ष 2011 से लगातार अधिकारियों को आवेदन दे रहे हैं, लेकिन हर बार प्रक्रिया अधूरी बताकर उन्हें टाल दिया जाता है। मंगलवार को जनसुनवाई में मोहम्मद शोएब अपनी समस्या लेकर कलेक्टर गौरव बेनल के समक्ष पहुंचे। उन्होंने मुआवजे में हो रही देरी का पूरा विवरण दिया। कलेक्टर बेनल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भू-अर्जन शाखा के अधिकारियों को तत्काल जांच कर लंबित मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यह मामला केवल मोहम्मद शोएब तक सीमित नहीं है। सिंगरौली जिले में ऐसे कई विस्थापित परिवार हैं जो वर्षों से अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं और मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।
बैतूल में सरकारी खरीदी में देरी पर कांग्रेस का प्रदर्शन:9 अप्रैल को शिवाजी ऑडिटोरियम में किसान देंगे धरना; बोले- खाद की भी कमी

बैतूल में सरकारी गेहूं खरीदी में देरी, ओलावृष्टि से फसल बर्बादी और अन्य समस्याओं से परेशान किसानों के समर्थन में कांग्रेस 9 अप्रैल को जिला मुख्यालय स्थित शिवाजी ऑडिटोरियम में सुबह 11 बजे से धरना-प्रदर्शन करेगी। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर हो रहे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। वर्तमान में खरीदी शुरू न होने से किसान अपनी उपज मंडियों में 2000 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल के कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं और 31 मार्च की समय सीमा बीतने के बाद जिले के लगभग आधे किसान सहकारी ऋण में डिफाल्टर हो गए हैं। 15 अप्रैल तक बढ़ी खरीदी की तारीख, राजस्थान में खरीदी शुरू कांग्रेस का आरोप है कि हाल ही में हुई ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिससे वे पहले से ही आर्थिक संकट में हैं। गेहूं खरीदी की तारीखों में बार-बार बदलाव ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। पहले 23 मार्च, फिर 1 अप्रैल, 10 अप्रैल और अब 15 अप्रैल तक तारीख बढ़ने से किसानों में भारी असंतोष है। कांग्रेस ने इस बात पर भी जोर दिया कि पड़ोसी राज्य राजस्थान में खरीदी पहले ही शुरू हो चुकी है, जबकि मध्य प्रदेश में देरी हो रही है। कुप्रबंधन का आरोप- डिफाल्टर हुए किसान, खाद की भी कमी कांग्रेस ने सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि सहकारी ऋण की अंतिम तिथि 31 मार्च होने से लगभग आधे किसान डिफाल्टर हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, खाद की कमी, मनमाने बिजली बिल, बिजली चोरी के कथित झूठे मामले और नरवाई जलाने पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई जैसे मुद्दों ने भी किसानों की समस्याओं को बढ़ाया है। संगठन महामंत्री ने की ज्यादा से ज्यादा लोगों के शामिल होने की अपील जिला संगठन महामंत्री बृजभूषण पांडे ने बताया कि यह धरना-प्रदर्शन प्रदेश स्तर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक किसानों को इस आंदोलन में शामिल करें, ताकि उनकी समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके।
शाजापुर के किसान रोज जला रहे नरवाई:सरकार का जागरुकता अभियान हुआ फेल, प्रशासन ने नहीं लिया लिया एक्शन

शाजापुर जिले की मोहन बड़ोदिया तहसील में प्रशासनिक सख्ती और जागरूकता अभियानों के बावजूद किसान नरवाई जलाना बंद नहीं कर रहे हैं। खास बात ये है कि जिले में नरवाई जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके बाबजूद भी प्रशासन ने कोई एक्शन नहीं लिया। क्षेत्र के मोहना, भंवरासा, बरनावद, बड़ौदी, माल्याहेडी, कड़ूला, मांगलिया और निपानिया सहित कई गांवों में प्रतिदिन खेतों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। नरवाई जलाने से आसपास के पेड़-पौधों को नुकसान होता है और कई बार आग फैलकर वन क्षेत्रों तक पहुंच जाती है, जिससे बड़े नुकसान का खतरा बना रहता है। पोषक तत्व नष्ट हो रहे कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पराली जलाने से मिट्टी के आवश्यक पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उत्पादकता कम होती है। इससे किसानों को लंबे समय में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाएं और खेतों की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में सहयोग करें। मोहन बड़ोदिया के कृषि विस्तार अधिकारी (एसएडीओ) अमित यादव ने बताया कि किसान खेतों में नरवाई न जलाएं। इससे भूमि में मौजूद सूक्ष्म जीव मर जाते हैं, जिससे उर्वरा शक्ति कम होती है। साथ ही, आगजनी की घटनाएं बढ़ती हैं और पेड़-पौधे भी आग का शिकार होते हैं। सेटेलाइट से रखी जा रही नजर सरकार के जागरूकता के बावजूद लगातार नरवाई जलाने के सवाल पर अधिकारी अमित यादव ने कहा कि प्रशासन सेटेलाइट के माध्यम से कार्रवाई कर रहा है। जिन लोगों ने भी नरवाई जलाई है, उनके खिलाफ सेटेलाइट के माध्यम से जानकारी जुटाकर पटवारी को मौके पर भेजकर पंचनामा बनवाया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
तेज रफ्तार वाहन ने 2 साइकिल सवारों मारी टक्कर:बुजुर्ग की मौत; युवक की हालत गंभीर, ग्रामीणों में आक्रोश

सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक सड़क हादसे में 64 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। इस दुर्घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे जबलपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम बरोदा माल निवासी अक्तू लाल कन्हेरिया (64) मंगलवार सुबह करीब 8 बजे रविंद्र कुलस्ते नामक युवक के साथ साइकिल से अपने घर लौट रहे थे। बरोदा पटरी ग्राम के समीप एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों साइकिल सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में रेफर तत्काल 108 एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर ले जाया गया। वहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने अक्तू लाल कन्हेरिया को मृत घोषित कर दिया। रविंद्र कुलस्ते की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए जबलपुर रेफर किया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। हादसे की वजह रफ्तार बताया जा रहा है कि यह हादसा वाहन चालक की लापरवाही और तेज गति के कारण हुआ। घटना के बाद आरोपी चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार वाहन चालक की तलाश कर रही है। इस घटना से ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहन चलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है। घंसौर थाना प्रभारी लक्ष्मण झारिया ने बताया कि सड़क हादसे में एक वृद्ध की मौत और एक के गंभीर घायल होने की सूचना मिली थी। मर्ग कायम कर जांच की जा रही है और फरार वाहन व चालक की तलाश जारी है।
दुष्कर्म का आरोपी एक साल बाद गिरफ्तार:सूरत से लेकर आए पुलिस, बचने के लिए बदल लेता था ठिकाना

उमरिया जिले की सिविल लाइन पुलिस ने दुष्कर्म के एक फरार आरोपी को सोमवार को सूरत से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर शादी का झांसा देकर एक युवती से दुष्कर्म करने का आरोप है और वह पिछले एक साल से फरार चल रहा था। पीड़िता की शिकायत पर एक वर्ष पूर्व आरोपी जयप्रकाश यादव के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही जयप्रकाश गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अलग-अलग स्थानों पर छिप रहा था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार जुटी हुई थी। तकनीकी निगरानी के दौरान आरोपी की मोबाइल लोकेशन गुजरात में मिली। सूचना के आधार पर एक पुलिस टीम सूरत के लिए रवाना हुई और घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
हाथठेला पर पोहा-जलेबी बेचने पहुंची पूर्व CM उमा भारती:अपने बंगले के सामने लगाई दुकान, प्रशासन से बोलीं- गरीबों की रोजी-रोटी मत छीनों

टीकमगढ़ में मंगलवार सुबह पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सड़क किनारे हाथठेला लगाकर पोहा-जलेबी बेची। उन्होंने एक दिन पहले नगर पालिका द्वारा हटाए गए छोटे दुकानदारों को वापस ठेले लगाने के लिए बुलाया। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि गरीबों की रोजी-रोटी नहीं छीनी जाए। दरअसल, सोमवार को नगर पालिका, एसडीएम और तहसीलदार की टीम ने सिविल लाइन रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। इस दौरान जेसीबी मशीन से कई छोटी दुकानें और हाथठेले हटा दिए गए थे। उमा भारती ने इस कार्रवाई का विरोध किया था और छोटे दुकानदारों को हटाने को गलत बताया था। इसी के मद्देनजर, मंगलवार सुबह वह अपने सिविल लाइन रोड स्थित बंगले से निकलकर हाथठेले पर पहुंचीं और खुद पोहा-जलेबी बेचकर दुकानदारों का समर्थन किया। उन्होंने हाथठेला वालों से दोबारा सड़क किनारे अपने ठेले लगाने कहा। पहले जगह उपलब्ध कराए प्रशासन उमा भारती का कहना था कि पार्षदों ने इसके लिए पहले स्थान चिह्नित करने को कहा था। तीन चार स्थान भी बताए थे। प्रशासन पहले इन्हें दुकानों लगाने के स्थान दे, बाद में हटाया जाए। उमा भारती ने हटाए गए दुकानदारों से अपील की है कि वह वापस आए और यही पर अपनी दुकानें लगाए, मैं उनके साथ हूं। उनके ठेलो को यहां से नहीं हटने दिया जाएगा। उमा भारती से पूछा गया कि क्या उन्होंने इस मामले में प्रशासन से बात की है तो उनका कहना था कि मुझे अभी इसकी जानकारी हुई है। मै अभी प्रशासन से बात करूंगी, सभी के ठेले वापस यहां लगाए जाएंगे।
इंदौर में जिम संचालक पर तलवार से हमला, VIDEO:इंदौर में कार पार्किंग को लेकर हुआ था विवाद, 60 फीट रोड की घटना, थाने में हुआ समझौता

शहर के एरोड्रम इलाके में कार पार्किंग को लेकर हुआ मामूली विवाद अचानक हिंसक हो गया। गुस्साए पड़ोसी ने जिम संचालक पर तलवार से हमला कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में संज्ञान लिया है। मामला 60 फीट रोड का है, जहां आशू व्यास जिम का संचालन करते हैं। उनका पास में रहने वाले व्यक्ति से कार पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था। कहासुनी के बाद मामला इतना बढ़ा कि पड़ोसी तलवार लेकर मौके पर पहुंच गया और अचानक हमला कर दिया। हाथ से रोकी तलवार, लोगों ने बचाया हमले के दौरान आशू व्यास ने हाथ से तलवार रोकने की कोशिश की। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई। वीडियो वायरल, पुलिस ने लिया संज्ञान घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने वीडियो के आधार पर मामले को संज्ञान में लिया है और जांच शुरू कर दी है। देर शाम दोनों पक्षों में समझौता जानकारी के मुताबिक देर शाम दोनों पक्षों के बीच थाने में समझौता हो गया। हालांकि तलवार से हमले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है।
4 वर्षीय नातिन की हत्या के प्रयास में नाना गिरफ्तार:पिटाई कर खेत में फेंका, फिर खुद दर्ज कराई गुमशुदगी की रिपोर्ट

सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र के इचौल गांव में 4 साल की नातिन की बेरहमी से पिटाई कर उसे खेत में फेंकने के आरोप में पुलिस ने सोमवार को 48 वर्षीय नाना आशाराम कुशवाहा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी 4 अप्रैल की शाम बच्ची को खेत में ले गया था और मारपीट कर उसे बेहोशी की हालत में छोड़कर खुद थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। लगभग 12 घंटे बाद खेत में मिली बच्ची ने अस्पताल में इलाज के बाद कोर्ट में दिए बयान में नाना की करतूत का खुलासा किया। वर्तमान में बच्ची का जिला अस्पताल में इलाज जारी है और पुलिस ने दर्ज प्रकरण में हत्या के प्रयास की धाराएं बढ़ा दी हैं। मां की मौत और पिता के जेल जाने के बाद ननिहाल में रह रही थी पुलिस के अनुसार, मासूम नायरा उर्फ पलक की मां ने एक साल पहले ससुराल में प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद बच्ची के सौतेले पिता को दहेज हत्या के आरोप में जेल भेज दिया गया था। माता-पिता के न होने के कारण नायरा अपने नाना-नानी के साथ इचौल गांव स्थित ननिहाल में ही रह रही थी। खेत में ले जाकर पीटा, फिर थाने में दर्ज कराई झूठी रिपोर्ट 4 अप्रैल की शाम को आरोपी नाना आशाराम कुशवाहा किसी बात से नाराज होकर बच्ची को बहाने से खेत पर ले गया। वहां उसने जान लेने के इरादे से नायरा की बेरहमी से पिटाई की और उसे बेहोशी की हालत में खेत में छोड़कर घर लौट आया। जब परिजनों ने बच्ची के बारे में पूछा, तो उसने अनभिज्ञता जताई। इसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ थाने पहुंचा और बच्ची के गायब होने की झूठी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की थी। 12 घंटे बाद खेत में मिली, कोर्ट में नाना की करतूत का खुलासा शिकायत के लगभग 12 घंटे बाद बच्ची खेत में पड़ी मिली। उसे तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। हालत में सुधार होने पर काउंसलिंग के बाद न्यायालय में बच्ची के बयान दर्ज कराए गए, जहां उसने नाना द्वारा पिटाई किए जाने का खुलासा किया। इसके बाद मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अपहरण के प्रकरण में हत्या के प्रयास की धाराएं जोड़ीं और आरोपी नाना को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पीड़ित बच्ची का अस्पताल में इलाज जारी है।









