Monday, 20 Apr 2026 | 12:26 PM

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निजी स्कूल संचालकों-प्रिंसिपलों-बुक सेलर्स को हाईकोर्ट से झटका:कहा- कॉपी-किताबों में कमीशनखोरी के सबूत नजरअंदाज नहीं किए जा सकते, FIR रद्द नहीं होंगे

निजी स्कूल संचालकों-प्रिंसिपलों-बुक सेलर्स को हाईकोर्ट से झटका:कहा- कॉपी-किताबों में कमीशनखोरी के सबूत नजरअंदाज नहीं किए जा सकते, FIR रद्द नहीं होंगे

जबलपुर में मनमानी फीस वसूली और कॉपी किताबों में कमीशनखोरी के मामले में निजी स्कूलों के संचालकों, प्रिंसिपल और बुक सेलर्स को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों, बुक सेलर्स और पब्लिशर्स के गठजोड़ से जुड़ी एफआईआर को रद्द कराने की मांग ठुकरा दी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि मामले में गंभीर आरोप और पर्याप्त सुबूत मौजूद हैं, इसलिए एफआईआर रद्द नहीं की जा सकती। ट्रायल कोर्ट में यह मामला जारी रहेगा। दो साल पहले जिला प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ था कि स्कूल प्रबंधन ने निर्धारित सीमा से ज्यादा फीस बढ़ाई और छात्रों को चुनिंदा दुकानों से किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया। जांच में ये भी पाया गया था कि कुछ किताबों पर डुप्लीकेट या संदिग्ध ISBN नंबर दर्ज थे, और स्कूल प्रबंधन, बुक सेलर्स ,पब्लिशर्स के गठजोड़ से पैरेंट्स को ऊंचे दामों पर किताबें बेचीं गईं। जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर जबलपुर के ओमती, बेलबाग, संजीवनी नगर, ग्वारीघाट और गोराबाजार थानों में कई एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिन्हें स्कूल प्रिंसिपल्स, प्रबंधन और बुक सेलर्स ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मंगलवार को जस्टिस बीपी शर्मा की कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई, जिसमें राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि कई मामलों में फीस में 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की गई और छात्रों को विशेष दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए बाध्य किया गया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद दस्तावेज, जब्त सामग्री और गवाहों के बयान ,आपराधिक साजिश और अवैध आर्थिक लाभ के प्रयास की ओर संकेत करते हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे में तथ्यों की जांच और साक्ष्यों का परीक्षण ट्रायल कोर्ट का विषय है, ना कि हाईकोर्ट से एफआईआर रद्द करने का। कोर्ट ने आरोपी स्कूल प्रिंसिपल, बुक सेलर्स की सभी याचिकाएं खारिज करते हुए एसपी जबलपुर को निर्देश दिया है कि वो मामले की लंबित जांच, जल्द से जल्द पूरा करें और ट्रायल कोर्ट मामले में निष्पक्ष सुनवाई कर अपना फैसला सुनाए। अदालत ने इस मामले में दाखिल कुल 13 याचिकाओं को खारिज किया है। किन-किन पर लगे आरोप मामले में जबलपुर और कटनी के कई मिशनरी स्कूलों के प्रिंसिपल और प्रबंधन से जुड़े लोग शामिल हैं, जैसे अतुल अनुपम इब्राहम, लवी मैथ्यू, एकता पीटर्स, चंद्रशेखर विश्वकर्मा (सेवानिवृत्त प्रिंसिपल) के साथ चिल्ड्रन्स बुक हाउस संचालक सूर्यप्रकाश वर्मा और शशांक श्रीवास्तव के नाम भी सामने आए हैं। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि स्कूलों, बुकसेलर्स और पब्लिशर्स के बीच संगठित मिलीभगत थी। एक मोनोपोलिस्टिक सप्लाई चेन तैयार की गई। अभिभावकों पर दबाव बनाकर महंगी किताबें खरीदवाई गईं। इससे अवैध और अत्यधिक मुनाफा कमाया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल प्रशासनिक गड़बड़ी नहीं बल्कि आपराधिक षड्यंत्र का संकेत देता है। आरोपियों को पहले हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी थी, लेकिन उन्होंने एफआईआर रद्द कराने के लिए याचिकाएं दायर की थीं। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता दिनेश प्रसाद पटेल ने कार्रवाई को पूरी तरह वैध बताया, जिसे अदालत ने स्वीकार किया।

खर्च और मारपीट से परेशान मां जनसुनवाई में पहुंची:इंदौर पुलिस की काउंसलिंग के बाद बेटे ने मानी गलती; मां के पैर छूकर माफी मांगी

खर्च और मारपीट से परेशान मां जनसुनवाई में पहुंची:इंदौर पुलिस की काउंसलिंग के बाद बेटे ने मानी गलती; मां के पैर छूकर माफी मांगी

इंदौर में जनसुनवाई के दौरान एक भावुक मामला सामने आया, जहां रोती हुई मां ने अपने ही बेटे के खिलाफ गुहार लगाई। मां ने शिकायत में बताया कि बेटा खर्च नहीं देता, मारपीट करता है और बहू भी प्रताड़ित करती है। एसीपी रूबिना मिजवानी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मां और बेटे को काउंसलिंग के लिए बुलाया। एसीपी कार्यालय में थाना प्रभारी सुशील पटेल और अनुभवी महिला काउंसलरों की मौजूदगी में पूरे परिवार को बैठाकर दोनों पक्षों की बात सुनी गई। काउंसलिंग के दौरान मां की भावनाओं को समझाते हुए बेटे को उसके कर्तव्यों का एहसास कराया गया। इसके बाद बेटे ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए मां से माफी मांगी। मां ने अपने खर्च के लिए हर महीने 8 हजार रुपए और रहने के लिए दो कमरों के किराए की मांग रखी, जिसे बेटे ने सहर्ष मान लिया। इसके बाद बेटे ने मां के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और मिठाई खिलाकर विवाद खत्म किया। इस पहल के बाद बुजुर्ग महिला ने पुलिस का आभार जताया।

राजगढ़ में 5 माह का भ्रूण मिला:जांच में लड़की होने की पुष्टि; छोड़ने वाले की तलाश में पुलिस ने CCTV खंगाले

राजगढ़ में 5 माह का भ्रूण मिला:जांच में लड़की होने की पुष्टि; छोड़ने वाले की तलाश में पुलिस ने CCTV खंगाले

राजगढ़ जिले के जीरापुर नगर की आवास कॉलोनी में मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे 4 से 5 माह का भ्रूण मिला। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। कॉलोनी के कुछ लोगों ने भ्रूण देखकर तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने भ्रूण को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक चिकित्सकीय परीक्षण में भ्रूण की उम्र लगभग 4 से 5 माह आंकी गई है। बीएमओ डॉ. सुनील चौरसिया ने बताया कि जांच में यह पुष्टि हुई है कि भ्रूण एक लड़की का था। पुलिस ने CCTV खंगाले लेकिन कोई सुराग नहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, कॉलोनी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि भ्रूण को यहां किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा। हालांकि देर रात तक यह पता नहीं लग सका कि इसे कौन यहां छोड़ गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जोमैटो से मंगाई कोल्ड कॉफी में कॉकरोच निकलने का दावा:देवास में ग्राहक बोला- भाई की तबीयत बिगड़ गई, दुकानदार ने कहा-हमने कोई लापरवाही नहीं की

जोमैटो से मंगाई कोल्ड कॉफी में कॉकरोच निकलने का दावा:देवास में ग्राहक बोला- भाई की तबीयत बिगड़ गई, दुकानदार ने कहा-हमने कोई लापरवाही नहीं की

देवास शहर के अलंकार मार्केट क्षेत्र में कस्टमर ने ऑनलाइन फूड ऑर्डर में कॉकरोच निकलने का दावा किया है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम को कस्टमर ने जोमैटो के जरिए साईं पूजा नाम की दुकान से कोल्ड कॉफी और सैंडविच ऑर्डर किया था। आरोप है कि ऑर्डर किए गए खाने में कॉकरोच निकला, जिसके बाद ग्राहक और दुकान संचालक के बीच जमकर बहस हो गई। ग्राहक का कहना है कि खाने के बाद उसके भाई की तबीयत बिगड़ गई और उल्टियां शुरू हो गईं, जिसके चलते उसे एमजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। ग्राहक ने साफ कहा कि उन्हें पैसे नहीं चाहिए, लेकिन लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दुकानदार बोला- कंपनी से शिकायत करें वहीं, कैफे संचालक तुषार तलरेजा ने अपनी सफाई में कहा कि उनकी ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है और इस मामले में शिकायत जोमैटो कंपनी से की जानी चाहिए। विवाद बढ़ने पर ग्राहक ने पुलिस को बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी। ग्राहक ने मामले में औपचारिक शिकायत करने की बात कही है।

इंदौर को अंगदान में देश में अव्वल बनाने की तैयारी:अस्पतालों में ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर नियुक्त होंगे; अंगदान के लिए जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश

इंदौर को अंगदान में देश में अव्वल बनाने की तैयारी:अस्पतालों में ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर नियुक्त होंगे; अंगदान के लिए जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश

अंगदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को कमिश्नर डॉ. सुदाम खाड़े ने शहर के विभिन्न अस्पतालों के संचालकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की। बैठक में अंगदान के क्षेत्र में इंदौर संभाग के प्रयासों की समीक्षा करते हुए इसे जनआंदोलन का रूप देने पर जोर दिया। डॉ. खाड़े ने कहा कि इंदौर संभाग अंगदान के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। शहर के 13 अस्पतालों के संचालक, चिकित्सक और विभिन्न सामाजिक संस्थाएं लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रही हैं। अब आवश्यकता है कि इन प्रयासों को सकारात्मक आंदोलन में बदला जाए, ताकि इंदौर न केवल प्रदेश बल्कि देश में भी अंगदान के क्षेत्र में अग्रणी बन सके। उन्होंने कहा कि अंगदान मानवता को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इस कार्य को संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण से किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक अस्पताल में ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर की नियुक्ति की जाए, ताकि अंगदान से संबंधित जानकारी का समय पर आदान-प्रदान हो सके। साथ ही इन कॉर्डिनेटरों की एक समेकित सूची तैयार कर शासन स्तर पर समन्वय स्थापित किया जाए। बड़े अस्पतालों को छोटे अस्पतालों को भी इस अभियान से जोड़ने के लिए आगे आने की आवश्यकता बताई गई। बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि अंगदान के प्रति इच्छुक लेकिन आर्थिक अभाव से जूझ रहे लोगों को चिन्हित कर शासन स्तर से सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएं। एक जिले से दूसरे जिले में अंग प्रत्यारोपण के लिए एम्बुलेंस व्यवस्था सुनिश्चित करने और चिकित्सकों के प्रशिक्षण के लिए नियमित शिविर, कार्यशाला एवं सेमिनार आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। कमिश्नर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं को भी अंगदान संबंधी प्रशिक्षण दिया जाए। सभी अस्पतालों में पोस्टर, होर्डिंग और बैनर के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने बताया कि इच्छुक व्यक्ति प्रतिज्ञा पत्र भरकर नोटो (नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन) के साथ पंजीकरण कर सकते हैं। अंगदान केवल ब्रेन डेड घोषित होने और अस्पताल में मृत्यु की स्थिति में ही प्रभावी रूप से संभव होता है। बैठक में बताया गया कि अंगदान वह प्रक्रिया है जिसमें जीवित या मृत व्यक्ति के स्वस्थ अंग या ऊतक निकालकर ऐसे मरीज में प्रत्यारोपित किए जाते हैं, जिनके अंग काम करना बंद कर चुके हैं। इसे “जीवन का उपहार” भी कहा जाता है, जो किसी व्यक्ति को नई जिंदगी दे सकता है। बैठक में इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के नोडल अधिकारी डॉ. मनीष पुरोहित, मुस्कान ग्रुप के संदीपन आर्य व जीतू बगानी, किडनी फाउंडेशन के डॉ. अनिल भंडारी, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. पूर्णिमा गडरिया, इंदौर आई बैंक की उमा झंवर सहित चोइथराम, बॉम्बे हॉस्पिटल, अपोलो राजश्री, जूपिटर, सीएचएल, अमलतास, श्री अरबिंदो, मोहक, शैल्बी, मेदांता एवं एमिनेंट अस्पताल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

पहली बार विदिशा पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष:कार्यकर्ताओं से बोले—संगठन मजबूत बनाओ, किसानों का एक एक दाना खरीदेगी सरकार

पहली बार विदिशा पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष:कार्यकर्ताओं से बोले—संगठन मजबूत बनाओ, किसानों का एक एक दाना खरीदेगी सरकार

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विदिशा का दौरा किया। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला विदिशा दौरा था, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। खंडेलवाल ने जिला भाजपा कार्यालय में विभिन्न संगठनात्मक बैठकों में भाग लिया। इन बैठकों में उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का आह्वान किया। पत्रकारों से बातचीत में खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण वर्ग संगठन का एक नियमित कार्यक्रम है और इसका आगामी चुनावों से सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में प्रवास कार्यक्रम चलाकर संगठन को और सशक्त किया जा रहा है। गेहूं खरीदी 9 अप्रैल से चालू होगी अंतरराष्ट्रीय हालातों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण बारदाने की कमी रही है। हालांकि, उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी उपज का एक-एक दाना खरीदेगी। समर्थन मूल्य पर खरीदी 9 अप्रैल से शुरू होगी और गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2700 रुपये प्रति क्विंटल किया जाएगा। खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा एक बड़ा संगठन है, इसलिए मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन पार्टी में विचारधारा सर्वोपरि है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों पर उन्होंने बताया कि अन्य देशों की तुलना में भारत में कीमतों में कोई विशेष वृद्धि नहीं हुई है। एसएटीआई कॉलेज में वेतन समस्या और किसानों की उपज को मिल पर तौलने के मुद्दे पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर जल्द समाधान निकालने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि उनका यह दो दिवसीय प्रवास 7 और 8 अप्रैल को रायसेन, विदिशा, मुरैना और भिंड जिलों में रहेगा, जहां वे संगठनात्मक बैठकों के माध्यम से कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

दमोह में आईपीएल का सट्टा खिलाते आरोपी गिरफ्तार:पुलिस को मोबाइल फोन, सट्टा पर्ची और एक बॉल पेन मिला

दमोह में आईपीएल का सट्टा खिलाते आरोपी गिरफ्तार:पुलिस को मोबाइल फोन, सट्टा पर्ची और एक बॉल पेन मिला

दमोह कोतवाली पुलिस ने शहर की पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के पास से एक व्यक्ति को आईपीएल का सट्टा खिलाते हुए गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन और सट्टा खिलाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की है। इस मामले का खुलासा मंगलवार रात को किया गया। कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी के निर्देश पर पूरे जिले में आईपीएल का सट्टा खिलाने वाले आरोपियों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार दोपहर मुखबिर से सूचना मिली थी कि पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में एक आरोपी आईपीएल का सट्टा खिला रहा है। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर दबिश दी और आरोपी दीपक अहिरवार को आईपीएल मैच में सट्टा खिलाते हुए पकड़ा। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन, सट्टा पर्ची और एक बॉल पेन जब्त किया गया। जब्त किए गए मोबाइल फोन की जांच में क्रोम ऐप पर ‘IPL CRIKET ID KHELO 7.COM’ नाम की एक आईडी बनी हुई मिली। इस आईडी में कॉइन और बैलेंस भी मौजूद था, जो सट्टेबाजी में इस्तेमाल किया जा रहा था। आरोपी दीपक अहिरवार के खिलाफ सट्टा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। टीआई ने बताया कि आरोपी दीपक ने आईडी उपलब्ध कराने वाले कुछ अन्य लोगों के नाम बताए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

नरसिंहपुर मंडी शेडों में व्यापारियों का अनाज भरा:किसानों ने गैलरी में रखा गेहूं, बोली लगाने से इनकार पर हंगामा

नरसिंहपुर मंडी शेडों में व्यापारियों का अनाज भरा:किसानों ने गैलरी में रखा गेहूं, बोली लगाने से इनकार पर हंगामा

नरसिंहपुर की कृषि उपज मंडी में मंगलवार को अव्यवस्थाओं से परेशान होकर किसानों ने जमकर हंगामा किया। उपज रखने की जगह न मिलने और व्यापारियों के रवैये को लेकर किसानों और मंडी प्रबंधन के बीच काफी देर तक खींचतान चलती रही। किसानों का आरोप है कि मंडी के शेडों में पहले से ही व्यापारियों का पुराना अनाज भरा हुआ है। इसकी वजह से जब किसान अपना गेहूं लेकर पहुंचे, तो उन्हें अनाज रखने के लिए कोई खाली जगह नहीं मिली। मजबूरी में किसानों ने अपना गेहूं मंडी की गैलरी में रख दिया, लेकिन व्यापारियों ने यह कहकर बोली लगाने से मना कर दिया कि वहां बोली नहीं लगेगी। किसान बोले- न तौल हुई, न लगी बोली खैरी गांव से आए किसान रमेश कुमार चौधरी ने बताया कि वे करीब 100 क्विंटल गेहूं लेकर मंडी आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि घंटों इंतजार के बाद भी न तो उनके गेहूं की तौल हुई और न ही व्यापारियों ने बोली लगाई। किसानों ने मांग की है कि मंडी में जगह तय की जाए और सूचना बोर्ड लगाए जाएं ताकि उन्हें पता रहे कि अनाज कहां रखना है। मंडी प्रबंधन की सफाई हंगामे के बाद मंडी सचिव देवेंद्र ठाकुर ने दखल दिया और स्थिति को संभाला। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि कुछ किसानों ने गैलरी में अनाज रख दिया था, जिससे दिक्कत हुई थी। हालांकि, बाद में व्यापारियों को समझाकर गैलरी में रखे माल की भी बोली लगवा दी गई और विवाद शांत कराया गया। किसानों ने भविष्य में ऐसी अव्यवस्था न होने देने की अपील की है।

15 महीने में 635 मोबाइल बरामद:बैतूल पुलिस ने साइबर ट्रैकिंग से कई राज्यों से की तलाश

15 महीने में 635 मोबाइल बरामद:बैतूल पुलिस ने साइबर ट्रैकिंग से कई राज्यों से की तलाश

बैतूल पुलिस ने पिछले एक साल में गुम हुए 635 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए हैं। मंगलवार को एक कार्यक्रम में इन मोबाइलों को उनके असली मालिकों को सौंपा गया। पुलिस के अनुसार, यह सफलता साइबर ट्रैकिंग और विभिन्न थानों की संयुक्त टीम के प्रयासों से मिली है। गुम हुए इन मोबाइलों को अलग-अलग राज्यों और जिलों से ट्रेस कर बैतूल लाया गया। बरामद किए गए फोनों में सैमसंग, वीवो, ओप्पो, रेडमी और रियलमी जैसी विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से मार्च 2024 के बीच 100 मोबाइल बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 9 लाख रुपए है। पिछले एक साल में बरामद किए गए कुल 635 मोबाइलों की कीमत लगभग 80 लाख रुपए आंकी गई है। इनमें से 535 से अधिक मोबाइल पहले ही उनके मालिकों को लौटाए जा चुके थे। मोबाइल प्राप्त करने वालों में छात्र, मजदूर, किसान और गृहणियां शामिल हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में अपने खोए हुए सामान की वापसी को लेकर विश्वास बढ़ा है। पुलिस ने बताया कि CEIR पोर्टल मोबाइल ट्रैकिंग में काफी सहायक सिद्ध हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों में जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाती है, मोबाइल मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होती है। इस पूरे अभियान में साइबर सेल और विभिन्न थानों के पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी लगातार ट्रैकिंग और फॉलोअप के प्रयासों से यह सफलता संभव हो पाई। पुलिस ने जनता से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर शिकायत करें। इससे समय रहते मोबाइल को ट्रैक करने में मदद मिलेगी।

दमोह में कुत्तों ने किया हिरण पर हमला:फुटेरा तालाब पर पानी पीने आया था, बचने के लिए तालाब में लगाई छलांग

दमोह में कुत्तों ने किया हिरण पर हमला:फुटेरा तालाब पर पानी पीने आया था, बचने के लिए तालाब में लगाई छलांग

दमोह के फुटेरा तालाब पर मंगलवार दोपहर पानी पीने आए एक हिरण पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। इस हमले में हिरण गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने उसे बचाया और वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद हिरण को पशु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, फुटेरा मोहल्ला स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास फुटेरा तालाब पर हिरण पानी पीने पहुंचा था। तभी आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया और कई जगह काट कर घायल कर दिया। अपनी जान बचाने के लिए हिरण तालाब में छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों ने निकाला बाहर स्थानीय निवासी ऐलू रैकवार ने बताया कि बच्चों ने उन्हें हिरण पर कुत्तों के हमले की सूचना दी। वह तुरंत अपने पड़ोसियों के साथ तालाब पर पहुंचे और कुत्तों को भगाकर हिरण को तालाब से बाहर निकाला। उन्होंने वन विभाग और कोतवाली पुलिस को घटना की जानकारी दी। दो घंटे बाद पहुंचे वनकर्मी रैकवार के अनुसार, वनकर्मी करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे। तब तक स्थानीय लोगों ने हिरण को तालाब से बाहर निकाल लिया था और उसके घावों पर प्राथमिक उपचार भी किया था। कुत्तों के काटने से हिरण के शरीर पर कई गहरे घाव हो गए थे। वन विभाग की टीम बाद में घायल हिरण को अपने साथ ले गई। दमोह के डीएफओ ईश्वर जरांडे ने बताया कि घायल हिरण को पशु अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने पुष्टि की कि हिरण की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।