Monday, 20 Apr 2026 | 03:49 PM

Trending :

अर्चना सिंह बोलीं- मुझे कोई काम नहीं दे रहा:कपिल शर्मा शो की वजह से छोड़ीं फिल्में; अब फिल्म मेकर्स ने अप्रोच करना बंद किया Cabbage Cleaning tips: पत्तागोभी में मिला सांप का बच्चा, FSSAI की चेतावनी- बंदगोभी खा रहे तो न करें ये गलती इंदौर में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म:उज्जैन और खाटू श्याम ले जाकर होटल में किया शोषण; आरोपी पर केस दर्ज किस उम्र से बच्चों की आंखें करवानी चाहिए टेस्ट? सही एज में आई चेकअप क्यों है जरूरी, डॉक्टर से जानिए निहंग सिंहों का अनूठा संकल्प:युद्ध कला में निपुण जत्थेदार बिना कीटनाशक खेती कर रहे, ताकि लंगर पवित्र हो शराब नीति केस में केजरीवाल की याचिका पर आज फैसला:जज बदलने की मांग; पिछली सुनवाई में कहा था- जज के परिवार का केंद्र से जुड़ाव
EXCLUSIVE

बड़वानी में सीवरेज का पानी पेयजल लाइन में मिला:स्नेह नगर के घरों में पहुंचा बदबूदार पानी, रहवासी परेशान

बड़वानी में सीवरेज का पानी पेयजल लाइन में मिला:स्नेह नगर के घरों में पहुंचा बदबूदार पानी, रहवासी परेशान

बड़वानी शहर के स्नेह नगर क्षेत्र में सोमवार रात 9 बजे नल जल योजना के तहत घरों में आने वाले पानी में सीवरेज का गंदा और बदबूदार पानी मिल गया। इससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और कई घरों तक दूषित पानी पहुंचा। रहवासियों ने आरोप लगाया है कि सीवरेज कंपनी की लापरवाही के कारण पानी की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसी वजह से सीवरेज का पानी पेयजल लाइन में मिल गया, जिससे घरों में बदबूदार पानी आने लगा। नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष एवं पार्षद राकेश सिंह जाधव ने सूचना मिलने पर मौके का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि सीवरेज कंपनी पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में काम कर रही थी, और इसी दौरान पानी की मुख्य लाइन टूट गई या उसे सीवरेज लाइन से जोड़ दिया गया। जाधव ने इसे गंभीर लापरवाही बताया और प्रशासन पर ध्यान न देने का आरोप लगाया। जाधव के अनुसार, अधिकारियों से बात करने पर केवल आश्वासन मिल रहा है, जबकि सीवरेज कंपनी के जिम्मेदार फोन तक नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि समय रहते वाटरमैन ने सजगता दिखाते हुए पानी की सप्लाई बंद कर दी, जिससे अधिक घरों तक दूषित पानी नहीं पहुंच पाया। इसके बावजूद, लगभग 8 से 10 घर प्रभावित हुए हैं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्नेह नगर निवासी ममता ने बताया कि खुदाई के कारण पाइपलाइन फूट गई, जिससे गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। उन्होंने कहा, “पानी इतना बदबूदार है कि उपयोग करना तो दूर, पास खड़ा रहना भी मुश्किल है। हम यह पानी पीने के लिए बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करेंगे।” वहीं, स्नेह नगर की कंचन डाबी ने बताया कि तीन दिन बाद पानी आता है, और जब आज पानी की बारी आई तो गंदा पानी मिला। उन्होंने कहा, “पहले तो हमने पानी भर लिया, लेकिन बदबू आने पर पता चला कि यह सीवरेज का पानी है। यह पूरी तरह नगरपालिका की लापरवाही है।” प्रभावित रहवासी अब वैकल्पिक व्यवस्था से पानी लाने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर समस्या का स्थायी समाधान करने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

मित्र प्रशिक्षण संस्थान को मंजूरी देगी मोहन कैबिनेट:आज कातना सिंचाई परियोजना के साथ चना-मसूर खरीदी की एमएसपी पर चर्चा

मित्र प्रशिक्षण संस्थान को मंजूरी देगी मोहन कैबिनेट:आज कातना सिंचाई परियोजना के साथ चना-मसूर खरीदी की एमएसपी पर चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में होने वाली कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। बैठक में राजधानी भोपाल में ‘मित्र प्रशिक्षण शोध संस्थान’ शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके साथ ही किसानों के हित में चना और मसूर की एमएसपी पर खरीदी को भी स्वीकृति दी जा सकती है। बैठक में वित्त विभाग के प्रस्ताव पर भोपाल में ‘मित्र प्रशिक्षण शोध संस्थान’ की स्थापना को लेकर चर्चा होगी। प्रस्ताव के मुताबिक, संस्थान की जिम्मेदारी वित्तीय मामलों के विशेषज्ञों को सौंपी जाएगी, जिससे प्रशिक्षण और रिसर्च को मजबूत किया जा सके। गेहूं खरीदी की रणनीति पर मंथन बैठक में गेहूं खरीदी को लेकर भी मंत्रियों के साथ चर्चा होगी। खासतौर पर इसी सप्ताह शुरू होने वाली संभागवार खरीदी व्यवस्था और उसकी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। किसानों के लिए दाल खरीदी पर निर्णय कैबिनेट में चना और मसूर की फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी का प्रस्ताव रखा जाएगा। इस फैसले को किसानों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे उन्हें फसल का उचित दाम मिल सके। सिंचाई परियोजना भी एजेंडे में मंदसौर जिले की कातना सिंचाई परियोजना का प्रस्ताव भी बैठक में आएगा। इस परियोजना के जरिए क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना है।

भोपाल में आसिफ रजा ने आशीष पांडे बनकर किया रेप:गर्भवती पीड़िता ने थाने पहुंचकर दर्ज कराई FIR, पुलिस ने शुरू की जांच

भोपाल में आसिफ रजा ने आशीष पांडे बनकर किया रेप:गर्भवती पीड़िता ने थाने पहुंचकर दर्ज कराई FIR, पुलिस ने शुरू की जांच

भोपाल के अशोका गार्डन क्षेत्र में एक छात्रा के साथ पहचान छिपाकर यौन शोषण का मामला सामने आया है। पीड़िता प्राइवेट यूनिवर्सिटी की छात्रा बताई जा रही है। उसने आरोप लगाया कि आसिफ रज़ा नामक युवक ने खुद को आशीष पांडे बताकर उससे दोस्ती की और बाद में प्रेम संबंध बनाकर करीब डेढ़ साल तक शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के अनुसार, इस दौरान युवक के दो अन्य दोस्त भी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। जब वह गर्भवती हुई तो आरोपियों ने उस पर गर्भपात का दबाव बनाया। मना करने पर युवक ने अपनी असली पहचान उजागर की और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने लगा। पीड़िता का कहना है कि उसे लगातार धमकाया गया। मामले की शिकायत पीड़िता ने लगभग एक माह पहले महिला थाने में दर्ज कराई थी। सोमवार को पीड़िता सामने आई। लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा है कि शिकायत के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है। मुख्य आरोपी आसिफ रज़ा बिहार का निवासी बताया जा रहा है। वह फिलहाल फरार है।

ग्वालियर में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवारों को रौंदा:2 दिन चले उपचार के बाद एक की मौत; हादसे के वक्त सैलरी लेकर लौट रहा था घर

ग्वालियर में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवारों को रौंदा:2 दिन चले उपचार के बाद एक की मौत; हादसे के वक्त सैलरी लेकर लौट रहा था घर

ग्वालियर में दोस्तों के साथ सैलरी लेकर घर लौट रहे बाइक सवारों को तेज रफ्तार कार ने रौंद दिया। घटना मुरार थाना क्षेत्र के त्यागी नगर पुलिया के पास शुक्रवार रात 9 बजे की है। घटना का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद घायलों को उपचार के लिए पहुंचाया। जहां पर एक युवक ने सोमवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि दो की हालत स्थिर बनी हुई है। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्राइवेट जॉब करता था अंशु काल्पीब्रिज कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय अंशु राजे पिता महावीर राजौरिया प्राइवेट जॉब करता था। शुक्रवार शाम वह अपने दोस्तों पवन व सूरज के साथ जॉब से सैलरी लेने के बाद वापस आ रहा था, अभी वह त्यागी नगर पुलिया के पास पहुंचा ही था कि सामने से आ रही बलेनो कार (एमपी 04 सीयू 9284) के चालक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। कार की टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक पर सवार अंशु, पवन व सूरज हवा में उछले और सड़क पर गिरे। जिससे अंशु को गंभीर चोट लगी और सूूरज व पवन को कुछ कम चोट आई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए पहुंचा दिया। दो दिन लड़ी जिंदगी की जंग अंशु को बचाने के लिए 2 दिन डॉक्टरों की टीम लगी रही और दो दिन जिंदगी से जंग लड़ने के बाद सोमवार सुबह अंशु ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी मौत का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसके शव को पीएम हाउस पहुंचा कर आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अभी पवन और सूरज का उपचार चल रहा है।

ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया की समीक्षा बैठक:नहीं पहुंचे सांसद भरत सिंह कुशवाहा; सड़कों की हालत पर अधिकारियों को लगाई फटकार

ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया की समीक्षा बैठक:नहीं पहुंचे सांसद भरत सिंह कुशवाहा; सड़कों की हालत पर अधिकारियों को लगाई फटकार

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान सांसद भरत सिंह कुशवाहा की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। कलेक्ट्रेट में आयोजित इस बैठक में सिंधिया ने करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई और ग्वालियर को विकासशील नगर बनाने पर जोर दिया। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने विशेष रूप से ग्वालियर की सड़कों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सड़कों के लिए एक बड़ी योजना है, जिसमें कुल 294 सड़कों को लाल, पीली और हरी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया था। इन 294 सड़कों में से 109 सड़कें डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड में आती हैं। इनमें से लगभग 53 सड़कें (31 और 22) डिफेक्ट श्रेणी में थीं। यह आंकड़ा 3 अक्टूबर 2025 का था, जिसे अधिकारियों को जांचने के लिए दिया गया था। सिंधिया ने कहा कि 6 अप्रैल 2026 तक, यानी लगभग छह महीने बाद, 31 बदतर सड़कों में से 30 ठीक हो चुकी हैं, जबकि एक सड़क अभी बाकी है। सीवर लाइन डालने से क्षतिग्रस्त हुई 22 सड़कों में से 14 ठीक हो गई हैं और 8 अभी शेष हैं। कुल मिलाकर, 53 डिफेक्टेड सड़कों में से 44 ठीक हो चुकी हैं और केवल 9 सड़कें बची हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह 294 सड़कों की योजना का पहला चरण है। ग्वालियर में सीवर लाइन बनी बड़ी समस्या आखिरी मुद्दा सीवर लाइन का रहा, जो ग्वालियर के लिए बड़ी समस्या बन गई है। इस पर प्रभारी मंत्री और ऊर्जा मंत्री ने निर्णय लिया है कि ऊर्जा मंत्री की अध्यक्षता में सभी वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर और कमिश्नर के साथ बैठक कर एक स्पष्ट नीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और सभी जनप्रतिनिधि ग्वालियर के विकास और प्रगति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। शहर को आने वाले समय में विकासशील, प्रगतिशील और औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा सांसद भरत सिंह कुशवाहा के बैठक में शामिल न होने को लेकर रही, जिसे लेकर सियासी हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।

भोपाल में रिटायर्ड कर्नल के बंगले में घुसा नकाबपोश:पढ़ाई कर रहे बेटे ने पकड़ा, मारपीट कर भागा आरोपी; पुलिस जांच में जुटी

भोपाल में रिटायर्ड कर्नल के बंगले में घुसा नकाबपोश:पढ़ाई कर रहे बेटे ने पकड़ा, मारपीट कर भागा आरोपी; पुलिस जांच में जुटी

भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र के ई-4 अरेरा कॉलोनी में सोमवार तड़के पांच बजे एक नकाबपोश रिटायर्ड कर्नल के बंगले में दाखिल हो गया। वह चोरी का प्रयास कर रहा था। तभी अपने रूम में पढ़ाई कर रहे कर्नल के बेटे की नजर आरोपी पर पड़ी। बेटे ने आरोपी को पकड़ लिया, हालांकि आरोपी ने मारपीट की और मौके से भाग निकला। हमले में कर्नल के बेटे के सिर पर चोट आई है। पुलिस ने अज्ञात बदमाश के खिलाफ चोरी की नियत से बंगले में घुसने और मारपीट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, ई-4 अरेरा कॉलोनी निवासी कान्हा समर्थ बोधिसत्व पुत्र मुकेश कुमार (29) प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनके पिता मुकेश कुमार सेना से रिटायर्ड कर्नल हैं। भारी चीज से सिर में वार किया मुकेश ने पुलिस को बताया कि सोमवार सुबह वह अपने कमरे में पढ़ाई कर रहा था। सुबह करीब चार बजे आहट हुई। बाहर देखा तो बंगले में एक नकाबपोश दबे पैर चलता हुआ नजर आया। लिहाजा कान्हा समर्थ ने नकाबपोश को पकड़ लिया और शोर मचाने लगा। पकड़ ढीली होते ही भाग निकला बदमाश इसी बीच छूटने के प्रयास में आरोपी ने कान्हा समर्थ के साथ मारपीट की और उसके सिर पर पास ही पड़ा सामान उठाकर मार दिया। मुंह पर चोट लगने के कारण कान्हा की पकड़ ढीली हो गई। लिहाजा आरोपी छूटकर भाग निकला। पुलिस हुलिया के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।

मझगवां में 11 माह की बच्ची की मौत:श्वास नली में दूध फंसना बताया गया कारण, कुपोषण से मौत की जताई गई थी आशंका

मझगवां में 11 माह की बच्ची की मौत:श्वास नली में दूध फंसना बताया गया कारण, कुपोषण से मौत की जताई गई थी आशंका

सतना जिले के आदिवासी बहुल मझगवां क्षेत्र में 11 माह की एक बच्ची की मौत के बाद महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर बच्ची की मौत का कारण कुपोषण बताया जा रहा था, लेकिन प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में श्वास नली में दूध फंसने को मौत की वजह बताया गया है। जानकारी के अनुसार, मझगवां ब्लॉक की महतैन ग्राम पंचायत के कैमहा गांव में राजललन की 11 माह 20 दिन की बेटी भारती मवासी की रविवार-सोमवार की दरमियानी रात मौत हो गई। भारती को तीन दिन से बुखार था, जिसका इलाज परिजन गांव के कथित डॉक्टर लालबहादुर से करा रहे थे। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही सोमवार को प्रशासनिक, स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम कैमहा गांव पहुंची। टीम ने प्रारंभिक जांच में पाया कि इलाज के बाद बच्ची को आराम मिल रहा था। कुपोषण से मौत की आशंका को जांच टीम ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। श्वसन नली में दूध जाने की आशंका जांच के दौरान सामने आया कि रविवार रात बच्ची अपनी मां के साथ सो रही थी। मां ने उसे लेटकर दूध पिलाया। रात करीब 12 बजे मां ने देखा तो भारती के शरीर में कोई हलचल नहीं थी। शिशुरोग विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चों को लेटकर दूध पिलाने के बाद उन्हें उठाकर थपकी देना आवश्यक होता है, अन्यथा दूध श्वसन नली में फंस सकता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि प्रथम दृष्टया श्वसन नली में दूध जाने की वजह से ही मौत की आशंका है। हालांकि, मौत की स्पष्ट वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम जरूरी होता है, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही परिजनों ने भारती को दफना दिया था। टीम में मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला, डीपीओ राजीव सिंह, बीएमओ डॉ रूपेश सोनी, सीडीपीओ अभय द्विवेदी आदि शामिल रहे। इससे पहले डीआईओ डॉ सुचित्रा अग्रवाल ने भी गांव पहुंचकर जांच की। डीआईओ ने बताया आधार कार्ड नहीं होने की वजह से परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। तो क्या कुपोषित थी भारती? भारती की मौत के बाद उसके कुपोषित होने का सवाल दिन भर चर्चा में रहा। विशेषज्ञ बताते हैं कि 11 माह की लड़कियों का वजन 8 से 10 किलोग्राम होना चाहिए, लेकिन 10 मार्च को आखिरी जांच में भारती का वजन 7 किलो 208 ग्राम था जो सामान्य से थोड़ा कम था। जांच टीम के मुताबिक भारती का वजन जरूर कम था, लेकिन इससे किसी की मौत नहीं होती। मौत की वजह जानने के लिए पीएम जरूरी थी, जो नहीं हुआ। जांच में यह भी सामने आया है कि 21 वर्ष की उम्र भूरी मवासी ने भारती को जन्म दिया था। अभी वह पांचवी दफा गर्भवती है, इससे बच्चों की बेहतर केयर नहीं हो पाती। मामले में कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस ने बताया कि बच्ची की मौत की खबर मिलते ही मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय टीम भेजी गई थी जिससे वास्तविक स्थित पता चल सके, टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इंदौर में खुला चेंबर बना खतरा, युवक गिरा:कुशवाह नगर में हादसा, लोगों की सतर्कता से बची जान; VIDEO वायरल

इंदौर में खुला चेंबर बना खतरा, युवक गिरा:कुशवाह नगर में हादसा, लोगों की सतर्कता से बची जान; VIDEO वायरल

इंदौर के कुशवाह नगर इलाके में सोमवार रात एक युवक खुले चेंबर में गिर गया। अचानक हुई घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उसे देख लिया और तुरंत बाहर निकाल लिया। घटना के बाद वहां भीड़ जमा हो गई, जबकि कुछ लोग उसे रिक्शे से अस्पताल भेजने की बात करते नजर आए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह मामला कुशवाह नगर मेन रोड पर लोहार गली के सामने का बताया जा रहा है। यहां पिछले तीन दिनों से चेंबर खुला हुआ था। चेंबर में गिरने वाले व्यक्ति की पहचान भगत सिंह नगर निवासी दिलीप करोसिया के रूप में हुई है। वह यहां से गुजर रहे थे, तभी अचानक खुले चेंबर में गिर गए। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने उनकी मदद कर उन्हें बाहर निकाला। इलाके में लग लगी लोगों की भीड़ चेंबर में गिरने के बाद आसपास के लोगों ने उसे बाहर निकाला, जिसके चलते वहां भीड़ जमा हो गई। सड़क से गुजरने वाले लोग भी रुक-रुककर घटना के बारे में पूछते नजर आए। बताया जा रहा है कि यहां काम चल रहा था, जिसके कारण चेंबर खुला हुआ था। यह भी कहा जा रहा है कि युवक नशे की हालत में था। क्षेत्र में रहने वाले रहवासी अशोक तिवारी ने बताया कि वे पास की मेडिकल दुकान पर खड़े थे, तभी अचानक युवक चेंबर में गिर गया। उन्होंने तुरंत उसे देख लिया और लोगों की मदद से बाहर निकाल लिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें कि कुछ महीने पहले चोइथराम मेन रोड पर चेंबर में उतरे निगमकर्मियों की मौत हो गई थी। तस्वीरों में देखिए –

उमा भारती ने टीकमगढ़ में अतिक्रमण मुहिम का विरोध किया:कहा- गरीबों पर कार्रवाई गलत, पहले अमीरों के कब्जे हटें

उमा भारती ने टीकमगढ़ में अतिक्रमण मुहिम का विरोध किया:कहा- गरीबों पर कार्रवाई गलत, पहले अमीरों के कब्जे हटें

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने टीकमगढ़ में प्रशासन की अतिक्रमण हटाओ मुहिम पर ऐतराज जताया है। सोमवार रात उन्होंने सिविल लाइन रोड पहुंचकर उन हाथ ठेला और फुटपाथ दुकानदारों से मुलाकात की। उन्होंने दुकानदारों को भरोसा दिलाया कि वे दोबारा अपनी दुकानें लगाएं और अब उन्हें कोई नहीं हटाएगा। अचानक हुई कार्रवाई पर उठाए सवाल उमा भारती पिछले कुछ दिनों से टीकमगढ़ में ही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना के गरीब दुकानदारों के ठेले जेसीबी से तोड़ दिए गए और उनका सामान तहस-नहस कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जब तक वह मौके पर पहुंचीं, तब तक काफी नुकसान किया जा चुका था। तय फैसले के खिलाफ काम करने का आरोप पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा के पार्षद दल ने उन्हें जानकारी दी है कि यह कार्रवाई आपसी सहमति के उलट हुई है। योजना यह थी कि पहले शहर में दो-तीन जगह चुनी जाएंगी, वहां जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी और फिर दुकानदारों को चेतावनी देकर शिफ्ट किया जाएगा। लेकिन प्रशासन ने इन सब बातों को दरकिनार कर सीधे गरीबों की रोजी-रोटी पर हमला कर दिया। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को दी जानकारी उमा भारती ने इस पूरी कार्रवाई को शर्मनाक और अमानवीय बताया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पार्षद दल के साथ हुए निर्णय का पालन किया जाए। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया है। चर्चा है कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष सरोज राजपूत को फटकार भी लगाई है।

तेज गर्मी के बीच विदिशा में स्कूल टाइम बदला:सुबह 7:30 से लगेंगी नर्सरी से 12वीं तक की कक्षाएं, दोपहर 12 बजे छुट्टी होगी

तेज गर्मी के बीच विदिशा में स्कूल टाइम बदला:सुबह 7:30 से लगेंगी नर्सरी से 12वीं तक की कक्षाएं, दोपहर 12 बजे छुट्टी होगी

विदिशा जिले में बढ़ती भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी एस.पी. सिंह जाटव ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत, नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त और सीबीएसई स्कूलों का संचालन अब सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा। शिक्षकीय और अन्य स्टाफ के लिए दोपहर 1:30 बजे तक विद्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाएं पूर्व निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही संचालित होंगी और मूल्यांकन कार्य भी अपने तय समय पर ही किए जाएंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से सहयोग की अपील की है, साथ ही विद्यार्थियों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया है।