तेज गर्मी के बीच विदिशा में स्कूल टाइम बदला:सुबह 7:30 से लगेंगी नर्सरी से 12वीं तक की कक्षाएं, दोपहर 12 बजे छुट्टी होगी

विदिशा जिले में बढ़ती भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी एस.पी. सिंह जाटव ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत, नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त और सीबीएसई स्कूलों का संचालन अब सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा। शिक्षकीय और अन्य स्टाफ के लिए दोपहर 1:30 बजे तक विद्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाएं पूर्व निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही संचालित होंगी और मूल्यांकन कार्य भी अपने तय समय पर ही किए जाएंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से सहयोग की अपील की है, साथ ही विद्यार्थियों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया है।
छिंदवाड़ा में लेनदेन विवाद में कार समेत युवक का अपहरण:घंटों में पुलिस ने छुड़ाया; रस्सियों से कुर्सी पर बंधा मिला पीड़ित, चार आरोपी गिरफ्तार

छिंदवाड़ा जिले के चांदामेटा थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़कुही चौकी इलाके में हुए अपहरण के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ घंटों में पीड़ित को सकुशल बरामद कर लिया। इस दौरान पुलिस ने आज (सोमवार) चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। घटना 4 अप्रैल 2026 की शाम करीब 7:30 बजे की है। पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम इकलहरा टोल के पास इंडेन गैस एजेंसी के सामने कुछ लोगों के बीच विवाद हुआ है। इसी दौरान अज्ञात आरोपी संजू यदुवंशी (38), निवासी सुकरी बस्ती, जुन्नारदेव का उसकी कार (MH02-BT-9104) सहित अपहरण कर ले गए। कमरे में बंधा मिला युवक मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी और अन्य माध्यमों से लोकेशन ट्रेस कर पुलिस टीम गुरैया स्थित महावीर कॉलोनी पहुंची, जहां एक मकान के ऊपर कमरे में संजू यदुवंशी को रस्सियों से कुर्सी पर बांधकर रखा गया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को मुक्त कराया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि पुराने पैसों के लेन-देन को लेकर अनुराग गढ़ेवाल और उसके साथियों ने उसका अपहरण किया और बंधक बना लिया था। 4 आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी दो कार समेत अन्य सामान जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बलेनो कार (MP-50-CA-1801), पीड़ित की कार, एक प्लास्टिक कुर्सी और दो नायलॉन रस्सियां जब्त की हैं। कार्रवाई में थाना प्रभारी खेलचंद पटले, चौकी प्रभारी अक्रजय धुर्वे सहित चांदामेटा थाना स्टाफ और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
"जल सरंचना के फोटो वास्तविक हो, एआई फोटो ना लगाएं":खंडवा कलेक्टर के पंचायत सचिवों को निर्देश, पहले फर्जीवाड़ा आया था सामने

खंडवा जिले में जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे जल संचय, जन भागीदारी अभियान-2.0 के तहत अब जिला प्रशासन ने मॉनिटरिंग और पारदर्शिता पर खास जोर देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सोमवार को जनपद पंचायत खंडवा के सभाकक्ष में जलग्रहण संरचनाओं के फोटो पोर्टल पर अपलोड करने को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी संरचनाओं के निर्माण से पहले और बाद के फोटो अनिवार्य रूप से अपलोड किए जाएं। उन्होंने कहा कि एक ही फोटो का बार-बार उपयोग न किया जाए और सभी तस्वीरें पूरी तरह वास्तविक हों। कलेक्टर ने चेतावनी देते हुए कहा कि एआई या फर्जी फोटो अपलोड करने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सचिवों से मौके पर कराया लाइव अभ्यास प्रशिक्षण को केवल औपचारिक न रखते हुए कलेक्टर गुप्ता ने पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों से मीटिंग हॉल के बाहर बनी 10 जलग्रहण संरचनाओं के फोटो मौके पर ही अपलोड करवाए। इससे फील्ड स्तर पर आने वाली तकनीकी दिक्कतों को समझने और तुरंत समाधान देने में मदद मिली। एआई फोटो के इस्तेमाल से हो चुका फर्जीवाड़े का खुलासा जल संचय, जन भागीदारी अभियान 1.0 के तहत खंडवा जिले को सबसे ज्यादा जल संरचनाओं के निर्माण में देश में पहला पुरस्कार मिल चुका है। इसके लिए कलेक्टर ऋषव गुप्ता और सीईओ जिला पंचायत डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा राष्ट्रपति से सम्मानित हो चुके हैं। इस अभियान में फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब जमीनी स्तर पर कई काम अधूरे पाए गए और अधिकांश जगह काम शुरू ही नहीं किए गए थे। एआई आधारित फोटो तक का इस्तेमाल किया गया। मामले में दैनिक भास्कर के खुलासे के बाद जांच दल गठित हुआ और इसके बाद जमीन पर कार्य किए गए। यह खबर भी पढ़ें… 2-2 फीट गड्ढे को कुआं बताया; कलेक्टर-सीईओ का सरकारी झूठ एमपी के खंडवा जिले को सबसे ज्यादा जल संरचनाओं के निर्माण और संरक्षण के उत्कृष्ट कामों के लिए जो पहला पुरस्कार मिला है, दरअसल वो इस साल का सबसे बड़ा सरकारी झूठ है। प्रशासन ने जिन तालाबों, डक वैल और स्टॉप डैम के निर्माण का दावा किया वो हकीकत में जमीन पर मौजूद ही नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…
एसएटीआई कॉलेज में 7 माह वेतन न मिलने पर हड़ताल:120 कर्मचारी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर, फंड होने के बावजूद भुगतान न होने के आरोप

विदिशा के एसएटीआई कॉलेज में गंभीर आर्थिक संकट के कारण लगभग 120 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों को पिछले सात महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे कॉलेज की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों की फीस, बैंक ऋण की किश्तें और दैनिक खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आवेदन और ज्ञापन दिए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि कॉलेज के पास पर्याप्त फंड होने के बावजूद वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि संस्था को करोड़ों रुपए का अनुदान और विद्यार्थियों से फीस के रूप में अच्छी-खासी राशि प्राप्त होती है, लेकिन प्रबंधन भवन निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिल रहा। जब तक वेतन नहीं, तब तक आंदोलन का ऐलान एसएटीआई कॉलेज 1956 में स्थापित एक प्रतिष्ठित संस्था है, जिसे सिंधिया रियासत ने शुरू किया था और वर्तमान में यह शासन द्वारा वित्तपोषित है। कर्मचारियों के अनुसार, पिछले एक वर्ष से अनुदान की राशि नहीं मिलने से स्थिति बिगड़ती चली गई, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें सात महीने से वेतन नहीं मिल पाया है। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें पूरा बकाया वेतन नहीं मिल जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की और पत्राचार भी किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। कर्मचारियों ने बताया कि वे कल (मंगलवार) जनसुनवाई में पहुंचकर अपनी समस्या प्रशासन के सामने रखेंगे।
सीधी के सम्राट चौक पर कांग्रेस का प्रदर्शन:पूर्व मंत्री पटेल के नेतृत्व में महंगाई-बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों को लेकर दिया धरना

सीधी जिला मुख्यालय के सम्राट चौक पर सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने जनहित के मुद्दों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य कमलेश्वर पटेल और जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कलेक्टर को ज्ञापन देकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई। रसोई गैस की किल्लत और बिजली बिल पर विरोध इस दौरान पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि बाजार में खाद्यान्न होने के बावजूद रसोई गैस की कमी से आम जनता और छोटे व्यापारी परेशान हैं। कांग्रेस नेताओं ने बिजली बिलों में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी और बढ़ती महंगाई को सरकार की विफलता बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन समस्याओं के कारण आमजन का बजट बिगड़ गया है। गेहूं खरीदी में देरी से बिचौलियों को लाभ धरने के दौरान किसानों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। नेताओं ने कहा कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया समय पर शुरू नहीं होने से किसान अपनी उपज बिचौलियों को कम दामों पर बेचने को मजबूर हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित दाम दिलाने के लिए तत्काल सरकारी खरीदी केंद्र सक्रिय किए जाएं। भारी पुलिस बल तैनात रहा सम्राट चौक पर दोपहर 12 बजे शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। कोतवाली थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आगामी दिनों में आंदोलन उग्र किया जाएगा।
Mandla Road Work Danger | Poles, Trees Left Mid-Street

मंडला शहर में नगर पालिका की ओर से करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इसी काम के तहत नेहरू स्मारक से बिंझिया तिराहा तक 94 लाख रुपए की लागत से 800 मीटर लंबी सड़क का डामरीकरण और चौड़ीकरण किया जा रहा है। लेकिन इस निर्माण कार्य . सड़क बनाते समय रास्ते में आने वाले बिजली के खंभों और पेड़ों को हटाया ही नहीं गया और उनके आसपास ही डामर बिछा दिया गया। अब ये पेड़ और खंभे सड़क के बिल्कुल बीच में आ गए हैं, जो आने-जाने वाले वाहनों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे में या तेज रफ्तार गाड़ियों के इनसे टकराने से कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने जताई भारी नाराजगी शहर के लोगों ने इस काम को लेकर काफी गुस्सा जाहिर किया है। उनका कहना है कि अगर करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी सड़क सुरक्षित नहीं है, तो ऐसी सड़क का क्या फायदा? लोगों ने इसे जनता की जान के साथ खिलवाड़ बताया है। पेड़ के आसपास डामरीकरण कर दिया गया है। नगर पालिका का क्या है तर्क? नगर पालिका के सीएमओ गजानन नाफड़े का कहना है कि बिजली कंपनी को खंभे हटाने के लिए पहले ही कह दिया गया है और इसके लिए पैसे भी जमा करा दिए गए हैं। उन्होंने सफाई दी कि बारिश शुरू होने से पहले डामर का काम निपटाना जरूरी था, इसलिए काम को बीच में नहीं रोका गया। बिजली के पोल भी नहीं हटाए गए और डामर डाल दिया गया। सवाल अब भी बरकरार अब सवाल यह उठता है कि जब तक सड़क से ये रुकावटें दूर नहीं की गईं, तब तक डामर बिछाने की इतनी जल्दी क्या थी? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? फिलहाल यह सड़क लोगों के लिए सुविधा से ज्यादा मुसीबत का सबब बनी हुई है।
बुरहानपुर में भाजपा कार्यालय का भूमिपूजन:एक साल में होगा तैयार; स्थापना दिवस पर वरिष्ठ नेताओं का सम्मान

बुरहानपुर में भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस 6 अप्रैल को मोहन नगर स्थित पार्टी कार्यालय के पास मनाया गया। इस अवसर पर नए भाजपा कार्यालय का भूमिपूजन किया गया और 1980 में पार्टी की स्थापना के समय मुंबई अधिवेशन में शामिल हुए वरिष्ठ नेताओं को सम्मानित किया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने ने बताया कि यह पार्टी का 47वां स्थापना दिवस है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों से पार्टी इस मुकाम पर पहुंची है। कार्यालय निर्माण में आ रही बाधाएं अब दूर हो गई हैं। बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने कार्यालय के लिए 20 लाख रुपये की राशि दी है और इस वित्तीय वर्ष में 15 लाख रुपये और देने की बात कही है। डॉ. माने ने बताया कि कार्यालय का निर्माण कार्य आज से ही शुरू हो गया है। इसे एक साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा और अगले साल 6 अप्रैल 2027 को इसका लोकार्पण किया जाएगा। कार्यक्रम में 1980 में जनसंघ से भाजपा की स्थापना के समय मुंबई अधिवेशन में शामिल हुए वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में रामदास शिवहरे, ज्ञानेश्वर मोरे, प्रकाश कानूनगो, गोकुल प्रजापति, हीरालाल बड़गुर्जर, जगदीश कपूर, अरुण शेंडे, अतुल पटेल और दीपक अग्रवाल शामिल थे। इस अवसर पर सांसद ज्ञानेश्वर पाटील, विधायक अर्चना चिटनिस, जिला संगठन प्रभारी क्षितिज भट्ट, संभाग प्रभारी सुरेंद्र शर्मा और नेपानगर विधायक मंजू दादू सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। मंच का संचालन जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने ने किया।
छिंदवाड़ा में मर्सी हॉस्पिटल में लगा ताला:मरीज शिफ्ट, सुधार के बाद ही खुलेगा अस्पताल, CMHO ने जारी किया है पत्र

छिंदवाड़ा: शहर में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खजरी रोड स्थित मर्सी हॉस्पिटल (अम्मा अस्पताल) का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। यह सख्त कदम मरीज स्वर्गीय श्रीमती साक्षी शर्मा के उपचार में लापरवाही की शिकायत की विस्तृत जांच के बाद उठाया गया है। आज सोमवार को अस्पताल को पूरी तरह बंद कर दिया गया और वहां भर्ती सभी मरीजों को अन्य अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया। शिकायत के बाद बनी जांच टीम मामले में विशाल शर्मा द्वारा सीएम हेल्पलाइन पोर्टल और ई-मेल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने दो सदस्यीय जांच दल गठित किया। इस दल में जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. धीरज दवंडे और जिला चिकित्सालय की स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. श्वेता पाठक को शामिल किया गया। जांच में सामने आई गंभीर स्थिति जांच के दौरान सामने आया कि 25 वर्षीय साक्षी शर्मा गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित थीं और 8 दिसंबर 2025 से उनका उपचार चल रहा था। अल्ट्रासाउंड में पॉलीहाइड्रामिनियोस की स्थिति पाई गई थी, जिससे गर्भावस्था पहले से ही हाई रिस्क मानी जा रही थी। 15 दिसंबर को मरीज का ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ गया, भ्रूण की हलचल कम हो गई और लीकिंग की समस्या सामने आई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। इसके बाद 17 दिसंबर की रात को मरीज की हालत बिगड़ने पर इमरजेंसी सीजेरियन ऑपरेशन किया गया, जिसमें बच्चे का जन्म हुआ। ऑपरेशन के बाद मरीज को ब्लड चढ़ाने की सलाह दी गई थी। इलाज में भारी लापरवाही उजागर जांच रिपोर्ट में अस्पताल प्रबंधन की कई गंभीर खामियां सामने आईं। सबसे अहम बात यह रही कि अस्पताल में मरीज की निगरानी के लिए कोई भी RMO (रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर) या इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर मौजूद नहीं था। पूरी जिम्मेदारी नर्सिंग स्टाफ के भरोसे थी। तड़के करीब 5 बजे जब मरीज की हालत ज्यादा बिगड़ी, तब एनेस्थीसिया विशेषज्ञ को बुलाया गया और इसके बाद मरीज को हायर सेंटर रेफर किया गया। इसके अलावा अस्पताल में ICU सुविधा का अभाव और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी पाई गई, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया। नियमों का उल्लंघन, तत्काल बंद करने के आदेश जांच में पाई गई कमियों को मध्यप्रदेश उपचर्यागृह एवं रुजोपचार संबंधी स्थापना अधिनियम 1973 एवं संशोधित नियम 2021 का उल्लंघन माना गया। इसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी कर दिए। मरीजों को शिफ्ट, नई भर्ती पर रोक विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अस्पताल में नए मरीजों की भर्ती पूरी तरह बंद रहेगी। साथ ही पहले से भर्ती मरीजों को 3 दिनों के भीतर अन्य अस्पतालों या जिला चिकित्सालय में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए थे। अपडेट के अनुसार, सोमवार को सभी मरीजों को सुरक्षित अन्य अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया है। सुधार कार्य में जुटा अस्पताल प्रबंधन सीएमएचओ द्वारा जारी नोटिस में जिन कमियों का उल्लेख किया गया है, उन्हें दूर करने के लिए अस्पताल प्रबंधन अब सुधार कार्य में जुट गया है। स्वास्थ्य विभाग ने साफ कर दिया है कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद ही अस्पताल को दोबारा संचालन की अनुमति दी जाएगी। चेतावनी: नियम तोड़े तो होगी सख्त कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल संचालित पाया गया, तो प्रबंधन के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
दतिया के पंडोखर धाम में संदिग्ध मौत:परिसर में मिला 33 वर्षीय महिला का शव; 8 महीने से रह रही थी, पुलिस कर रही पूछताछ

दतिया जिले के पंडोखर धाम परिसर में रविवार शाम 33 वर्षीय एक महिला का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला है। मृतका की शिनाख्त छतरपुर निवासी जनका अहिरवार के रूप में हुई है, जो पिछले 7-8 महीनों से धाम में रह रही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। पंडोखर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और भांडेर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस धाम में रहने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है। देर शाम हुई छतरपुर निवासी के रूप में शिनाख्त शुरुआत में महिला की पहचान नहीं हो सकी थी, लेकिन देर शाम उसकी शिनाख्त जनका (33) पत्नी मनीराम अहिरवार (निवासी छतरपुर) के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि महिला पिछले 7-8 महीनों से पंडोखर धाम में रह रही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। रविवार शाम को धाम में महिला का शव मिलने से हड़कंप मच गया था। भांडेर अस्पताल में हुआ PM, रिपोर्ट का इंतजार सूचना मिलते ही पंडोखर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भांडेर अस्पताल भेजा, जहां पीएम कराया गया है। फिलहाल महिला की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं और पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। हर एंगल से जांच कर रही पुलिस पंडोखर थाना पुलिस के मुताबिक, मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। धाम परिसर में रहने वाले लोगों और आसपास के व्यक्तियों से पुलिस द्वारा लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई है।
भाजपा नेता से मारपीट का कांग्रेस ने किया विरोध:एसपी कार्यालय के सामने धरना, आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग

नरसिंहपुर जिले में भाजपा नेता पवन पटेल से मारपीट के मामले में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता पटेल सोमवार दोपहर 12 बजे एसपी कार्यालय पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। जानकारी के अनुसार, सुनीता पटेल ने शनिवार को एसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस से संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। धरने के दौरान सुनीता पटेल ने आरोप लगाया कि पवन पटेल को बुरी तरह पीटा गया, लेकिन अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने प्रेस नोट जारी किया, पर उनके पत्र का कोई जवाब नहीं दिया। पटेल ने क्षेत्र में अवैध उत्खनन और डंपरों की आवाजाही को भी गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि गाडरवारा में लगातार हादसे हो रहे हैं, जैसे हाल ही में गांधी गांव में एक ट्रक घर में घुस गया, जिससे एक युवक की मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह दिसंबर में भी पत्र लिखकर डंपरों के संचालन का समय निर्धारित करने की मांग कर चुकी हैं। सुनीता पटेल ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, वे धरना समाप्त नहीं करेंगी। दूसरी ओर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया ने मामले पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना 1 तारीख की दरमियानी रात पलोहा थाना क्षेत्र में हुई थी। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और दो-तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। शेष आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। भूरिया ने बताया कि कुछ आरोपी स्थानीय हैं, जबकि कुछ बाहर के हैं। मामले की विस्तृत जानकारी एसडीओपी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि त्वरित कार्रवाई की जा रही है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।







