Tuesday, 21 Apr 2026 | 08:09 PM

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इंदौर में साकेतधाम में होंगे प्रभू राम के दर्शन:पंचामृत से होगा अभिषेक, दोपहर 12 बजे होगी जन्मोत्सव आरती

इंदौर में साकेतधाम में होंगे प्रभू राम के दर्शन:पंचामृत से होगा अभिषेक, दोपहर 12 बजे होगी जन्मोत्सव आरती

प्राचीन रणजीत हनुमान मंदिर में रामनवमी का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इसे लेकर पूरी तैयारी भी की जा चुकी है। रामनवमी पर मंदिर में साकेतधाम सजाया गया है। जहां प्रभू राम के दर्शन होंगे। गुरुवार से ही मंदिर में सजावट शुरू कर दी गई थी। भक्तों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि गर्मी में उन्हें परेशानी का सामना ना करना पड़े। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित दीपेश व्यास ने बताया कि रामनवमी के पर्व पर मंदिर में साकेतधाम सजाया गया है। ये अयोध्या का ही प्राचीन नाम है साकेत। रणजीत हनुमान मंदिर में साकेतधाम का स्वरूप दिया है। मंदिर में फूलों से सजावट भी की गई है। जिक-जैक पैटर्न में भक्त लाइन से भगवान के दर्शन कर सकेंगे। गर्मी को देखते हुए भक्तों को दिक्कत ना हो इसके लिए यहां 24 कूलर भी लगाए है। अखंड रामायण की होगी स्थापना, पंचामृत से होगा अभिषेक उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में रामनवमी पर सुबह 6 बजे सात दिवसीय अखंड रामायणजी की स्थापना की जाएगी। 3 अप्रैल को हनुमान जयंती के अगले दिन काकड़ आरती के बाद अखंड रामायणजी का समापन होगा। शुक्रवार सुबह 8 बजे रामजी का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद रामजी का शृंगार होगा। 12 बजे रामजी की जन्मोत्सव आरती होगी। भक्तों को प्रसाद वितरत किया जाएगा और शाम को भजन संध्या का आयोजन होगा। रणजीत लोक का चल रहा काम रणजीत हनुमान मंदिर में रणजीत लोक का काम भी चल रहा है। जिसके मंदिर का मुख्य गेट बंद है। बड़े पार्किंग से ही भक्तों की एंट्री हो रही है। रामनवमी पर भी यहीं से ही भक्तों की एंट्री होगी और यहीं से बाहर जा सकेंगे। इसके अलावा शहर के अन्य मंदिरों में भी रामनवमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। कई मंदिरों में सुंदर सजावट करने के साथ ही आकर्षक लाइटिंग भी की गई है। मंदिरों को फूलों से भी सजाया जा रहा है।

भोपाल में पराली जलाने पर रोक:एडीएम ने 3 महीने के लिए प्रतिबंध लगाया; उल्लंघन पर होगी FIR

भोपाल में पराली जलाने पर रोक:एडीएम ने 3 महीने के लिए प्रतिबंध लगाया; उल्लंघन पर होगी FIR

भोपाल में पराली जलाने पर रोक लगा दी गई है। गुरुवार देर रात एडीएम सुमित कुमार पांडेय ने आदेश जारी किया। इसके मुताबिक, अगले 3 महीने तक पराली यानी, नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। उल्लंघन करने पर थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेश का पालन करते हुए यह रोक लगाई गई है, जो पूरे भोपाल जिले में लागू रहेगी। एडीएम पांडेय ने सभी एसडीएम को पराली जलाने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। वर्तमान में कई किसान गेहूं की कटाई में लगे हैं। इस कारण खेतों में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। कई किसान फसल काटने के बाद खेतों में आग लगा देते हैं। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति भी खत्म हो रही है। इसलिए एडीएम ने यह आदेश जारी किया है। आदेश में यह कलेक्टर के आदेश में यह… जून तक रहेगा आदेश एडीएम ने यह आदेश अगले 3 महीने यानी, जून तक लगाया है। तब भोपाल में मानसून एक्टिव हो जाता है। इससे पराली जलाने की घटनाएं नहीं होती है। एडीएम ने आदेश में लिखा कि यह एक पक्षीय पारित किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. जीएल सोढ़ी बने रहेंगे सिविल सर्जन:इंदौर हाईकोर्ट का फैसला, अब 65 वर्ष की आयु में होंगे रिटायर

डॉ. जीएल सोढ़ी बने रहेंगे सिविल सर्जन:इंदौर हाईकोर्ट का फैसला, अब 65 वर्ष की आयु में होंगे रिटायर

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में सामने आए प्रशासनिक विवाद के बीच हाईकोर्ट ने सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. जी.एल. सोढ़ी के पक्ष में निर्णय दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद वे अपने पद पर बने रहेंगे और अब 65 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर सेवानिवृत्त होंगे। गौरतलब है कि विभाग द्वारा डॉ. सोढ़ी को 20 वर्ष की अनिवार्य क्लीनिकल सेवा पूर्ण न करने और 62 वर्ष की आयु पूरी होने के आधार पर शासकीय सेवा से पृथक करने के निर्देश जारी किए गए थे। वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. राजू नादरिया द्वारा यह आदेश जारी कर क्षेत्रीय संचालक, इंदौर को अमल के लिए भेजा गया था। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार डॉ. सोढ़ी की कुल क्लीनिकल सेवा लगभग 17 वर्ष 10 माह पाई गई, जबकि सिविल सर्जन पद के लिए 20 वर्ष की अनिवार्यता बताई गई थी। साथ ही उनकी जन्मतिथि 29 जून 1961 के अनुसार वे 30 जून 2023 को 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके थे। इसके बावजूद वे पद पर कार्यरत रहे। बाद में 18 मार्च 2026 को आदेश जारी कर उन्हें उसी तिथि से सेवानिवृत्त माना गया। प्रक्रिया पर उठे सवाल नियुक्ति और पदस्थापना के दौरान सेवा रिकॉर्ड का सत्यापन अनिवार्य होता है। इसके बावजूद सेवा अवधि की कमी और सेवानिवृत्ति आयु को लेकर समय पर कार्रवाई न होना इसे लेकर विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे थे। हाईकोर्ट के ताजा निर्णय के बाद डॉ. जी.एल. सोढ़ी को राहत मिली है और अब वे 65 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक अपने पद पर बने रहेंगे।

मध्यप्रदेश-CM के कार्यक्रम से लौट रही बस पलटी, 10 मौतें:छिंदवाड़ा में 30 से ज्यादा घायल; महिला और बच्चे का हाथ कटकर अलग

मध्यप्रदेश-CM के कार्यक्रम से लौट रही बस पलटी, 10 मौतें:छिंदवाड़ा में 30 से ज्यादा घायल; महिला और बच्चे का हाथ कटकर अलग

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में पिकअप वाहन से आमने-सामने की टक्कर के बाद बस पलट गई। हादसे में दोनों गाड़ियों के ड्राइवर समेत 10 लोगों की मौत हो गई। 30 से ज्यादा घायल हुए हैं। एक महिला और एक बच्चे का हाथ कटकर अलग हो गया। कुछ यात्रियों के सिर फूटे हैं। एक्सीडेंट गुरुवार शाम करीब साढ़े 6 बजे सिमरिया के पास हुआ। MP28 P 0321 नंबर की इस बस में 47 लोग सवार थे। यह छिंदवाड़ा के पुलिस लाइन में आयोजित हितग्राही सम्मेलन से लौट रही थी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए थे। उन्होंने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए जबकि गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। हादसे में 6 पुरुष, 3 महिला और एक बच्चे की मौत छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के डीन अभय सिन्हा ने कहा- मृतकों में 6 पुरुष, 3 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। एक घायल की हालत नाजुक है, जिसे नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। उसके सिर पर गंभीर चोट है। खून के थक्के जम गए हैं। बाकी घायलों को यहीं रखा गया है। इनकी गई जान 1. भागवती (45) 2. दौलत (40) 3. शकुन यादव (45) 4. रामदास (40) 5. रमेश (35) 6. सिया बाई (40) 7. वंश (7) 8. बस ड्राइवर कमल (54) 9. पिकअप ड्राइवर रवि धारे (40) 10. एक अन्य ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायलों को पहुंचाया अस्पताल घायलों को 6 एम्बुलेंसों से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इसके लिए पुलिस ने हादसे की जगह से अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया। कुछ घायलों को एक स्कूल बस से हॉस्पिटल लाया गया। देखिए, तस्वीरें… हादसे के मिनट टु मिनट अपडेट्स के लिए नीचे दिए लाइव ब्लॉग से जरूर गुजर जाइए…

पन्ना में मजदूर को छत से फेंका:भागवत कार्यक्रम से लौटते समय लूटा, जिला अस्पताल रेफर

पन्ना में मजदूर को छत से फेंका:भागवत कार्यक्रम से लौटते समय लूटा, जिला अस्पताल रेफर

पन्ना जिले के गढ़ी करहिया गांव में बुधवार शाम एक मजदूर को लूटपाट के बाद स्कूल की छत से नीचे फेंक दिया गया। यह घटना तब हुई जब मजदूर श्रीमद्भागवत कथा कार्यक्रम से लौट रहा था। गंभीर रूप से घायल जिला अस्पताल पन्ना रेफर किया गया है। घायल की पहचान गढ़ी करहिया निवासी 36 वर्षीय बृजेश पटेल, पिता तुलसी पटेल के रूप में हुई है। गुरुवार को घायल के भाई नरेश पटेल ने बताया कि बृजेश गांव में चल रही भागवत कथा में शामिल होने गया था। आरोप है कि वहीं पर गांव के ही दो युवक, विजय पटेल और बड़ेदा पटेल ने बृजेश को घेर लिया। वे उसे स्कूल की छत पर ले गए और उसकी जेब से 11,700 रुपए जबरन छीन लिए। घर की चादर खरीदने रखे थे रुपए बृजेश पेशे से मजदूर है और उसने यह राशि अपने घर के लिए सीमेंट की चादरें खरीदने के लिए बचाई थी। जब उसने अपनी कमाई छीने जाने का विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद, आरोपियों ने उसे छत से नीचे फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। ऊंचाई से गिरने के कारण बृजेश के सिर, कंधे और आंख में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों की सहायता से उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद, उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे गुरुवार को जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

नयारा ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा किया:भोपाल में एक लीटर पेट्रोल ₹112 और डीजल ₹95 का हुआ, कच्चा तेल महंगा होना वजह

नयारा ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा किया:भोपाल में एक लीटर पेट्रोल ₹112 और डीजल ₹95 का हुआ, कच्चा तेल महंगा होना वजह

ईरान जंग के बीच ‘नायरा एनर्जी’ ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दी हैं। पेट्रोल 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपए महंगा हो गया है। इस बढ़ोतरी के बाद भोपाल में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 111.72 रुपए और डीजल की कीमत 94.88 रुपए पर पहुंच गई है। नायरा एनर्जी की ओर से की गई यह बढ़ोतरी अलग-अलग राज्यों में वहां के लोकल टैक्स और वैट के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। कुछ राज्यों में पेट्रोल की कीमतों में ₹5.30 प्रति लीटर तक का इजाफा देखा गया है। नायरा के देशभर में करीब 7 हजार पेट्रोल पंप है। प्रमुख शहरों में नायरा के पेट्रोल-डीजल की कीमतें नोट: कीमत रुपए प्रति लीटर में। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए हालांकि, सरकारी तेल कंपनियां जैसे IOCL, HP और BP ने दाम नहीं बढ़ाए हैं। केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि हमारे पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। देश में किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं है। इसलिए कीमतों में बढ़ोतरी नहीं होगी। प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल महंगा भले ही सामान्य पेट्रोल-डीजल के दाम सरकारी कंपनियों ने न बढ़ाए हों, लेकिन पिछले हफ्ते प्रीमियम पेट्रोल के दाम 2 रुपए प्रति लीटर बढ़े थे। इसके अलावा, फैक्ट्रियों और बड़े यूजर्स को बेचे जाने वाले ‘बल्क डीजल’ के दाम 22 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए थे। दिल्ली में प्रीमियम पेट्रोल 99.89 रुपए से बढ़कर 101.89 रुपए प्रति लीटर हो गया है। कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें करीब 50% तक बढ़ गई हैं। ब्रैंड क्रूड की कीमतें 70 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं।

जेपी अस्पताल विवाद पर डिप्टी सीएम सख्त:सीएमएचओ से रिपोर्ट तलब; तीन साल से बंद प्रसव सुविधा, अब तक नहीं हुई कार्रवाई

जेपी अस्पताल विवाद पर डिप्टी सीएम सख्त:सीएमएचओ से रिपोर्ट तलब; तीन साल से बंद प्रसव सुविधा, अब तक नहीं हुई कार्रवाई

भोपाल के जेपी अस्पताल में तीन साल से बंद प्रसव सुविधा का मामला अब सरकार के उच्च स्तर तक पहुंच गया है। डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सीएमएचओ से इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह में मांगी है। कर्मचारियों और संगठनों द्वारा लगातार लिखे गए पत्रों और हाल ही में सिविल सर्जन डॉ. संजय जैन द्वारा लोक स्वस्थय एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को भेजे गए पत्र के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जिला अस्पताल में प्रसव (डिलीवरी) बंद होने से मरीजों और मेडिकल शिक्षा दोनों पर असर पड़ रहा है, जिससे यह मुद्दा और गंभीर हो गया है। मामला सामने आने के बाद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने सीएमएचओ से पूरी जानकारी तलब की है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह के भीतर पूरे प्रकरण की समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में है और जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी, जिससे अब इस लंबे समय से लंबित विवाद पर फैसला होने की उम्मीद बढ़ गई है। तीन साल पहले बंद हुई प्रसव सुविधा जेपी अस्पताल, जिसे प्रदेश का मॉडल जिला अस्पताल माना जाता है, वहां वर्ष 2022 में बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग और शिशु रोग विभाग को यहां से हटाकर काटजू सिविल अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद से जेपी अस्पताल में प्रसव सुविधा पूरी तरह बंद हो गई। यही निर्णय विवाद की जड़ बना। खास बात यह है कि जिला अस्पताल होने के बावजूद यहां प्रसव सुविधा का बंद होना आईपीएचएस गाइडलाइन के भी विपरीत माना जा रहा है। कर्मचारियों और संगठनों के पत्र, फिर भी नहीं हुई सुनवाई इस फैसले के बाद जेपी अस्पताल के कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों ने कई बार पत्र लिखकर इस निर्णय को निरस्त करने की मांग की। इन पत्रों में अस्पताल की उपयोगिता, मरीजों की परेशानी और नियमों का हवाला दिया गया, लेकिन विभाग स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। लगातार पत्राचार के बावजूद कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में असंतोष भी बढ़ा है। सिविल सर्जन का पत्र: एमएलसी और मरीजों पर असर हाल ही में सिविल सर्जन डॉ. संजय जैन ने आयुक्त स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर स्थिति की गंभीरता बताई है। उन्होंने उल्लेख किया कि 39 में से 37 थानों के एमएलसी केस जेपी अस्पताल में ही आते हैं, लेकिन यहां केवल एक स्त्री रोग विशेषज्ञ होने के कारण काम प्रभावित हो रहा है। डॉक्टर के अवकाश पर रहने की स्थिति में एमएलसी तक नहीं हो पाती। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं और रेप पीड़िताओं को समय पर इलाज और सोनोग्राफी नहीं मिल पा रही है, जिससे कई मामलों में जोखिम बढ़ रहा है। रोज 50 से ज्यादा मरीज, फिर भी सुविधा नहीं जेपी अस्पताल में आज भी रोजाना 50 से अधिक महिलाएं जांच के लिए पहुंचती हैं। लेकिन इमरजेंसी की स्थिति में उन्हें काटजू अस्पताल रेफर करना पड़ता है। इस दौरान देरी होने से कई मामलों में मरीजों की हालत बिगड़ने का खतरा रहता है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। पहले 30 डिलीवरी रोज, अब संसाधन बेकार पहले जेपी अस्पताल में रोजाना करीब 30 डिलीवरी होती थीं और 150 बिस्तरों का स्त्री एवं प्रसूति विभाग संचालित था। शिशु रोग विभाग में भी 60 बेड की सुविधा थी। वर्तमान में ये संसाधन मौजूद होने के बावजूद उपयोग नहीं हो पा रहे हैं, जिससे अस्पताल की क्षमता प्रभावित हो रही है। काटजू अस्पताल पर बढ़ा दबाव, सीमित क्षमता दूसरी ओर काटजू अस्पताल में मेटरनल एंड चाइल्ड केयर यूनिट विकसित की गई है, लेकिन वहां प्रतिदिन केवल 20 डिलीवरी ही हो पा रही हैं। 300 बेड की योजना पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है और ब्लड बैंक जैसी सुविधाओं की कमी भी सामने आई है। ऐसे में पूरा दबाव वहां शिफ्ट होने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है। डीएनबी सीटों और मेडिकल शिक्षा पर असर जेपी अस्पताल में डीएनबी के कोर्स भी प्रभावित हो रहे हैं। गायनेकोलॉजी विभाग के मास्टर ट्रेनर के ट्रांसफर के बाद छात्रों की ट्रेनिंग बाधित है। एनएचएम ने छात्रों को काटजू अस्पताल भेजने का सुझाव दिया, लेकिन सिविल सर्जन ने इससे इंकार कर दिया। इससे मेडिकल स्टूडेंट्स का भविष्य प्रभावित हो रहा है और उनकी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग अधूरी रह रही है। गाइडलाइन का उल्लंघन और योजनाओं पर असर आईपीएचएस गाइडलाइन के अनुसार जिला अस्पताल में कम से कम 30 बेड का गायनी विभाग होना जरूरी है, लेकिन जेपी अस्पताल में यह सुविधा बंद है। इससे लक्ष्य योजना की प्रोत्साहन राशि भी बंद हो गई है और शिशु रोग विभाग के शिफ्ट होने से मुस्कान कार्यक्रम भी प्रभावित हुआ है। सीएमएचओ बोले- जल्द होगा फैसला सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने भी माना कि जिला अस्पताल में गायनी विंग होना जरूरी है और इसे दोबारा शुरू किया जाना चाहिए। डिप्टी सीएम के हस्तक्षेप के बाद अब इस मुद्दे पर जल्द ठोस निर्णय की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे मरीजों और मेडिकल स्टूडेंट्स दोनों को राहत मिल सकती है।

वाहनों की टंकी फुल कराने की लग रही भीड़:पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की अफवाह, गांवों में पंप पर लगी कतारें

वाहनों की टंकी फुल कराने की लग रही भीड़:पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की अफवाह, गांवों में पंप पर लगी कतारें

धार जिले के ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल को लेकर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। अफवाहों के चलते लोग बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं। हालांकि, धार शहर में स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और ईंधन की कोई कमी नहीं है। जिले के कई ग्रामीण इलाकों में लोग अपने वाहनों की टंकी फुल करवाने की होड़ में लगे हैं। इन क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों पर भीड़भाड़ और लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिसका मुख्य कारण ईंधन की कमी से जुड़ी अफवाहें हैं। इसके विपरीत, धार शहर में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। यहां किसी भी पेट्रोल पंप पर भीड़ या अफरा-तफरी जैसी स्थिति नहीं है। वाहन चालक बिना किसी परेशानी के आसानी से ईंधन भरवा रहे हैं। पेट्रोल पंप संचालक उत्कर्ष अग्रवाल ने बताया कि उनके पंप पर पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की कमी या भीड़ केवल अफवाहों का परिणाम है। अग्रवाल ने लोगों से अपील की कि वे इन अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य रूप से ईंधन भरवाएं। वाहन चालकों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें शहर में बिना किसी परेशानी के आसानी से पेट्रोल-डीजल मिल रहा है। उनका कहना है कि कहीं भी कोई दिक्कत नहीं है और स्थिति सामान्य है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण न करें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है और इसमें कोई बाधा नहीं है।

MP के कॉलेजों पर सवा करोड़ से ज्यादा बकाया:उच्च शिक्षा विभाग ने मार्च तक का दिया समय, बिजली-जलकर का करना होगा पेमेंट

MP के कॉलेजों पर सवा करोड़ से ज्यादा बकाया:उच्च शिक्षा विभाग ने मार्च तक का दिया समय, बिजली-जलकर का करना होगा पेमेंट

मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों पर लंबित बिजली बिल और जलकर वसूली को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। विभाग ने सभी प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। 333 कॉलेजों पर करोड़ों का बकाया प्रदेश के 333 कॉलेजों पर बिजली और जलकर का सवा करोड़ रुपए से अधिक बकाया है। विभाग ने इसे गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कुछ महीने पहले एमपी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने करीब 1.33 करोड़ रुपए की रिकवरी सूची जारी की थी। अब तक इसका पूरा भुगतान नहीं हो सका है। भुगतान के लिए बजट उपलब्ध, फिर भी देरी विभाग के अनुसार इन मदों के भुगतान के लिए ग्लोबल बजट उपलब्ध है, इसके बावजूद संस्थानों द्वारा भुगतान लंबित रखा गया है। स्कूल, पॉलिटेक्निक और विश्वविद्यालय भी शामिल रिकवरी सूची में कॉलेजों के साथ स्कूल, पॉलिटेक्निक और विश्वविद्यालय भी शामिल हैं। विभिन्न विभागों के नाम से दर्ज मीटरों पर बकाया सामने आया है। जलकर भुगतान भी समय पर नहीं नगर निगम और नगर पालिकाओं के जलकर का भुगतान भी समय पर नहीं किया जा रहा है, जिससे हजारों रुपए की देनदारी बढ़ गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि मार्च माह के भीतर बिजली बिल और जलकर सहित सभी बकाया राशि का भुगतान अनिवार्य रूप से किया जाए। बिजली दरों की भी जानकारी जारी विभाग के अनुसार 10 किलोवॉट तक के कनेक्शन पर 162 फिक्स चार्ज और 6.70 रुपए प्रति यूनिट, जबकि 10 किलोवॉट से अधिक पर 281 रुपए फिक्स चार्ज और 6.90 रुपए प्रति यूनिट दर लागू है।

अनूपपुर में हाईवे पर कार ने बाइक को टक्कर मारी:शख्स रोड पर गिरा, सिर में गहरी चोट लगी; बेटी से मिलने जा रहा था

अनूपपुर में हाईवे पर कार ने बाइक को टक्कर मारी:शख्स रोड पर गिरा, सिर में गहरी चोट लगी; बेटी से मिलने जा रहा था

अनूपपुर जिले के नेशनल हाईवे 43 पर मंगलवार रात 8 बजे एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में 52 साल के रघुवीर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना फुनगा चौकी के पास दैखल गांव में हुई। पुष्पराजगढ़ के लमसराई निवासी रघुवीर सिंह अपनी बाइक से करपा से कोतमा जा रहे थे। उनकी बेटी कोतमा में रहकर कॉलेज की पढ़ाई करती है, जिससे मिलने के लिए वे घर से निकले थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रघुवीर सिंह अपनी बाइक समेत सड़क पर काफी दूर जाकर गिरे। लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुंचाया हादसे के बाद आस-पास के लोगों ने तुरंत पुलिस को खबर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल रघुवीर को फुनगा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। उनके सिर में गहरी चोट आई थी और काफी खून बह रहा था। साथ ही, सड़क पर घिसटने की वजह से उनके शरीर का एक हिस्सा बुरी तरह छिल गया था। पुलिस ने दर्ज किया केस फुनगा चौकी प्रभारी सोने सिंह परस्ते ने बताया कि सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और घायल को इलाज दिलवाया। प्राथमिक इलाज के बाद थोड़ा ठीक महसूस होने पर रघुवीर अपने किसी परिचित के घर चले गए। पुलिस ने अब कार ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने का केस दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है।