मादक पदार्थ बिक्री के आरोप पर पासी समाज का विरोध:धार एसपी को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

धार शहर में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और मारपीट के एक मामले को लेकर पासी समाज के लोगों ने मंगलवार को पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। समाजजनों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल बेलापुरकर को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन विधायक नीना वर्मा और केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर के नाम भी दिया गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि बौरासी मोहल्ला फड़फे मार्ग क्षेत्र में स्थित प्राचीन भगवान शिव मंदिर के आसपास दीपक बौरासी और अन्य लोग खुलेआम गांजा, कोकेन और पाउडर जैसे मादक पदार्थों की बिक्री कर रहे हैं। समाजजनों का दावा है कि इस अवैध कारोबार को भाजपा नेता विपिन राठौर का संरक्षण प्राप्त है, जिससे क्षेत्र का माहौल बिगड़ रहा है। समाज के अनुसार, रंग पंचमी की पूर्व संध्या, 7 मार्च को दिनेश बौरासी के तीन पहिया वाहन में दीपक बौरासी और उसके साथियों ने तोड़फोड़ की थी। अगले दिन, 8 मार्च को जब दिनेश इस संबंध में बात करने पहुंचे, तो दीपक बौरासी, उसके पुत्र शुभम, मुकेश और अन्य लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। लाठी-डंडों से मारपीट का भी आरोप बीच-बचाव करने आए राजू बौरासी, उनके पुत्र तुषार और उनकी पत्नी के साथ भी लाठी-डंडों से मारपीट की गई। इस घटना में उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और उनका उपचार जारी है। स्थानीय निवासी सुमित बौरासी ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध गतिविधियां चल रही हैं, जिससे आसपास के लोग परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। पासी समाज ने यह भी आरोप लगाया कि मामले में एक पक्ष की एफआईआर दर्ज कर ली गई, जबकि दूसरे पक्ष की रिपोर्ट केवल एनसीआर के रूप में दर्ज की गई। समाजजनों ने प्रशासन से अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों और उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई है।
बैतूल के विजयग्राम में पेयजल संकट पर ग्रामीणों का आक्रोश:17 मार्च तक पानी नहीं मिला तो स्टेट हाईवे पर चक्काजाम की चेतावनी

बैतूल के भेसदेही विकासखंड की विजयग्राम पंचायत में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सामने आया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टरों में भरकर झल्लार थाने पहुंचे और थाना प्रभारी को अपनी समस्या बताते हुए एक आवेदन सौंपा। उन्होंने प्रशासन को 17 मार्च तक पेयजल व्यवस्था न होने पर चक्काजाम की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पिछले चार माह से नल-जल योजना से पानी नहीं आ रहा है। इसके कारण करीब 800 की आबादी वाले नीमढाना में पेयजल का गंभीर संकट गहरा गया है। अब तक लोग हैंडपंप और निजी बोर से पानी का इंतजाम कर रहे थे, लेकिन अब वे स्रोत भी सूख गए हैं। महिलाओं को आधा किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार सरपंच और सचिव को अवगत कराया गया। कलेक्टर और विधायक तक भी शिकायतें पहुंचाई गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। मंगलवार को पंचायत में एक बैठक बुलाई गई थी, जिसमें सरपंच और सचिव को भी बुलाया गया था, लेकिन वे बैठक में नहीं पहुंचे, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव की पुरानी सड़क बंद पड़ी है और पुलिया का निर्माण कार्य भी अधूरा है, जिससे लोगों को आवागमन में भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 17 मार्च तक गांव में पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे विजयग्राम बस स्टैंड पर चक्काजाम करेंगे। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
अशोकनगर में विधानसभा अध्यक्ष के काफिले की गाड़ियां टकराईं:निर्माणाधीन सड़क पर गिट्टी से हुआ हादसा, नरेंद्र सिंह तोमर सुरक्षित

अशोकनगर-देहरदा मार्ग पर जंघार गांव के पास मंगलवार शाम को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के काफिले की दो गाड़ियां आपस में टकरा गईं। यह हादसा निर्माणाधीन सड़क के किनारे पड़े गिट्टी के ढेर की वजह से हुआ, जिसमें पीएसओ और फॉलो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। गनीमत रही कि हादसे में विधानसभा अध्यक्ष सहित सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी को भी चोट नहीं आई है। घटना के समय काफिला ईसागढ़ से देहरदा मार्ग पर आगे बढ़ रहा था। रास्ते में निर्माणाधीन सड़क का काम चल रहा था। इसी दौरान काफिले में पीछे चल रही पीएसओ (PSO) की गाड़ी सड़क किनारे पड़े गिट्टी के ढेर से अनियंत्रित होकर टकरा गई। पीएसओ की गाड़ी के अचानक रुकने से उसके ठीक पीछे आ रही फॉलो गाड़ी भी आगे वाली गाड़ी से जा भिड़ी। पूर्व विधायक को श्रद्धांजलि देकर लौट रहे थे तोमर यह घटना उस वक्त हुई जब विधानसभा अध्यक्ष का काफिला महुअन गांव से वापस लौट रहा था। नरेंद्र सिंह तोमर महुअन गांव में पूर्व विधायक स्वर्गीय राव राजकुमार सिंह यादव को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पहुंचे थे। विधानसभा अध्यक्ष की गाड़ी आगे थी, पूरी तरह सुरक्षित हादसे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर जिस मुख्य गाड़ी में सवार थे, वह काफिले में सबसे आगे चल रही थी। हादसे वाली जगह से उनकी गाड़ी पहले ही आगे निकल चुकी थी, इसलिए वे और उनका वाहन पूरी तरह से सुरक्षित रहे। दोनों गाड़ियों को हुआ नुकसान, कोई जनहानि नहीं इस आपस की टक्कर के कारण पीएसओ वाली गाड़ी का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं, पीछे से टकराने के कारण फॉलो गाड़ी का भी अगला हिस्सा डैमेज हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इस हादसे में किसी भी व्यक्ति को कोई गंभीर चोट नहीं आई है और कोई जनहानि नहीं हुई है।
NHAI की कंस्ट्रक्शन कंपनी में महिला मजदूर से रेप:खंडवा में पीड़िता बोली- नहाते वक्त बाथरूम में घुसा आरोपी; सीधी जिले की रहने वाली है

खंडवा जिले के मांधाता (ओंकारेश्वर) थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे का निर्माण कर रही एक कंपनी के कैंप में महिला मजदूर के साथ ज्यादती का मामला सामने आया है। पीड़िता मूल रूप से सीधी जिले की रहने वाली है। मोरटक्का चौकी पुलिस ने महिला की शिकायत पर केस दर्ज कर फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। 22 वर्षीय पीड़िता अपने पति और रिश्तेदारों के साथ इंदौर-एदलाबाद नेशनल हाईवे परियोजना के तहत मोरगढ़ी गांव के पास केदारेश्वर कंस्ट्रक्शन कंपनी में मजदूरी करती है। 4 मार्च (होली) को काम की छुट्टी थी। सुबह करीब 10 बजे पीड़िता के पति सनावद राशन लेने गए हुए थे। महिला नहाने के लिए बाथरूम गई थी, तभी उसी के गांव का रहने वाला मजदूर धरमराज (पिता राजेश साकेत) अंदर घुस आया और उसके साथ ज्यादती की। आरोपी ने घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। गांव भाग गया आरोपी, पुलिस की टीम सीधी रवाना घटना के दो दिन बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने पति को आपबीती बताई। आरोपी धरमराज को जब इसका पता चला, तो उसने पीड़िता के पति और रिश्तेदारों से झगड़ा किया और अपने गांव (सीधी) भाग गया। आरोपी ने वहां से भी फोन पर जान से मारने की धमकियां दीं। मोरटक्का चौकी प्रभारी लखन डावर ने बताया कि सोमवार को महिला ने शिकायत की थी। मंगलवार को केस दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल कराया गया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक टीम सीधी जिले के लिए रवाना कर दी गई है। बाथरूम में दरवाजे नहीं, महिला आरक्षक ने दी साड़ी पुलिस जब मौका मुआयना करने कंस्ट्रक्शन कंपनी के वेयरहाउस पहुंची, तो वहां मजदूरों की स्थिति बेहद खराब मिली। कैंप में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग बाथरूम तो बनाए गए हैं, लेकिन उनमें दरवाजे ही नहीं हैं। इसी लापरवाही का फायदा आरोपी ने उठाया। मजदूरों ने पुलिस को बताया कि कंस्ट्रक्शन कंपनी ने पिछले चार महीने से उन्हें वेतन नहीं दिया है। पैसे न होने के कारण मजदूरों के पास राशन और कपड़ों तक का अभाव है। पीड़िता के पास भी पहनने के लिए केवल एक साड़ी थी, जिसके बाद एक महिला आरक्षक ने उसे नई साड़ी खरीदकर दी।
आयुष्मान कार्ड धारक से सिटी स्कैन के लिए मांगे पैसे:सिवनी जिला अस्पताल का वीडियो सामने आने पर CMHO ने दिए जांच के आदेश

सिवनी जिला अस्पताल में आयुष्मान कार्ड धारक मरीज से सिटी स्कैन के लिए पैसों की मांग करने का मामला मंगलवार को सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें अस्पताल का कर्मचारी निशुल्क उपचार की योजना के बावजूद रुपयों की मांग करता दिख रहा है। कंप्यूटर ऑपरेटर पर अवैध वसूली का आरोप जानकारी के अनुसार, एक हितग्राही आयुष्मान योजना के तहत सिटी स्कैन कराने अस्पताल पहुंचा था। आरोप है कि वहां तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर ने आयुष्मान कार्ड को अमान्य बताते हुए जांच के बदले नकद भुगतान की मांग की। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने कर्मचारी द्वारा पैसे मांगे जाने के घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सार्वजनिक कर दिया। आयुष्मान योजना के नियमों का उल्लंघन केंद्र और राज्य सरकार की आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जिला अस्पतालों में पात्र कार्ड धारकों को नि:शुल्क जांच और उपचार की सुविधा अनिवार्य है। जिला अस्पताल में इस प्रकार शुल्क की मांग करना योजना के नियमों और सरकारी निर्देशों का गंभीर उल्लंघन माना जा रहा है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन वहीं CMHO डॉ. जयपाल सिंह ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारकों से शुल्क लेना प्रतिबंधित है। डॉ. ठाकुर ने वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
वाहन की टक्कर से बाइक सवार को सिर में चोट:मंडला-रायपुर रोड के चारटोला में हादसा, बिछिया अस्पताल में भर्ती

मंडला जिले के नेशनल हाईवे 30 पर वाहन की टक्कर से बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक के सिर में चोट लगी है। यह दुर्घटना मंडला-रायपुर रोड पर स्थित चारटोला (पाण्डुतला) के पास हुई। घायल को हाइवे हेल्पलाइन 1033 की एम्बुलेंस से बिछिया अस्पताल पहुंचाया गया है। घायल युवक की पहचान मोहनिया पटपरा निवासी ओमप्रकाश परते के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ओमप्रकाश अपनी बाइक से घर जा रहे थे, तभी हादसा हो गया। इस टक्कर में ओमप्रकाश गंभीर रूप से चोटिल हो गए। मौके पर दिया गया प्राथमिक इलाज स्थानीय लोगों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस और हाइवे हेल्पलाइन 1033 को दी। सूचना मिलते ही हाइवे हेल्पलाइन की एम्बुलेंस टीम, जिसमें ईएमटी रंजीत यादव और ड्राइवर शरद झारिया शामिल थे, मौके पर पहुंची। टीम ने घायल को प्राथमिक इलाज देकर बिछिया अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पवई में होली मनाने घर आए दो स्थाई वारंटी गिरफ्तार:चोरी-मारपीट के मामलों में 7 साल से फरार थे; स्पेशल आपरेशन में पकड़ाए

पन्ना जिले की पवई थाना पुलिस ने मंगलवार को होली का त्योहार मनाने अपने गांव आए दो स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले सात-आठ वर्षों से पुलिस को चकमा दे रहे थे। दोनों को कोर्ट के आदेश पर पवई उप जेल भेज दिया गया है। लंबे समय से फरार थे पुलिस को सूचना मिली थी कि लंबे समय से फरार चल रहे वारंटी होली का त्योहार मनाने के लिए अपने गांव आए हुए हैं। थाना प्रभारी सुशील कुमार अहिरवार के नेतृत्व में गठित टीम ने तत्काल घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को उनके निवास स्थल से हिरासत में लिया। चोरी और मारपीट के मामलों में थे वांछित गिरफ्तार आरोपियों में पटना खम्परिया निवासी पंकज खम्परिया शामिल है, जिस पर वर्ष 2018 से चोरी और घर में घुसने (धारा 457, 380 भादवि) का मामला लंबित था। दूसरा आरोपी ग्राम महेड़ा निवासी दयाराम चौधरी है, जो वर्ष 2019 से मारपीट और गाली-गलौज (धारा 294, 323, 506 भादवि) के मामले में फरार चल रहा था। न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर हुई जेल रवानगी पुलिस ने दोनों स्थाई वारंटियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पवई के समक्ष पेश किया। न्यायालय ने दोनों की फरारी और अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें जेल भेजने के आदेश जारी किए। इस कार्रवाई में पवई पुलिस टीम के एएसआई विजय गर्ग और अन्य आरक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सतना में सीमेंट प्लांट के लिए जमीन लीज का विरोध:किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर कलेक्ट्रेट घेरा, निर्णय वापस लेने की मांग

सतना जिले के रामपुर बाघेलान क्षेत्र में प्रस्तावित डालमिया सीमेंट कंपनी के लिए भूमि लीज पर लेने के विरोध में किसानों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। दरअसल, रामपुर बघेलान तहसील की करीब 3600 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि को एक डालमिया सीमेंट कंपनी को 40 साल की लीज पर देने की प्रक्रिया चल रही है। इसी निर्णय के विरोध में क्षेत्र के किसान लामबंद हो गए हैं। किसानों का कहना है कि उनकी पुश्तैनी और उपजाऊ जमीन को उद्योग के लिए लीज पर देना उनके भविष्य के साथ अन्याय है। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर, चारपहिया वाहनों और बाइक के साथ रैली के रूप में शहर पहुंचे। किसानों ने नारेबाजी करते हुए भूमि लीज का विरोध जताया और प्रशासन से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की। रैली कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां किसानों ने प्रदर्शन कर अपना ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा। आंदोलन करने की चेतावनी दी प्रदर्शन का नेतृत्व राष्ट्रीय किसान यूनियन के नेता शैलेन्द्र सिंह चौहान ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार यदि जमीन उद्योग को देना ही चाहती है तो लीज की बजाय पूर्ण अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाए और किसानों को बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही प्रभावित प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी भी दी जाए। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों का कहना है कि अपनी जमीन बचाने के लिए वे किसी भी स्तर तक संघर्ष करने को तैयार हैं।
MP में कमर्शियल गैस संकट, कई शहरों में बुकिंग बंद:ईरान-इजराइल युद्ध का असर, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में होटल-रेस्टोरेंट बंद होने का खतरा

ईरान-इजराइल युद्ध के बीच एलपीजी सप्लाई को लेकर मध्यप्रदेश में सतर्कता बढ़ गई है। कई शहरों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रोक दी गई है, जिससे होटल-रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर असर पड़ने की आशंका है। राजधानी भोपाल में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने ऑयल कंपनियों, गैस एजेंसियों और व्यापार संगठनों की बैठक बुलाई। वहीं भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स ने कहा कि कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से शहर के 2000 से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट संकट में आ सकते हैं। ऑयल कंपनियों ने सोमवार से कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी रोक दी है। हालांकि सरकार का कहना है कि घरेलू गैस और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य है और घबराने की जरूरत नहीं है। पांच बड़े शहरों में घरेलू सिलेंडर की भी वेटिंग, विकल्प तलाश रहे भोपाल: 2000 होटल संकट में, कलेक्टर ने बुलाई बैठक भोपाल में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकने से होटल-रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार प्रभावित होने की आशंका है। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गोविंद गोयल और मंत्री अजय देवनानी ने प्रशासन को बताया कि शहर के 2000 से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट कमर्शियल गैस पर निर्भर हैं। शादियों के सीजन में एक बड़े होटल में एक बार में 10-15 सिलेंडर और छोटे होटल में 2-4 सिलेंडर तक इस्तेमाल होते हैं। अभी कुछ जगह स्टॉक बचा है, लेकिन दो दिन में खत्म होने की आशंका है। सराफा एसोसिएशन के मुताबिक गैस संकट का असर सोना-चांदी के करीब 3 हजार कारीगरों पर भी पड़ सकता है, जिन्हें रोज करीब 300 सिलेंडर की जरूरत होती है। कलेक्टर ने बैठक में जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इंदौर: कमर्शियल सप्लाई बंद, होटल में अभी संकट नहीं इंदौर में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी गई है। घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी 4-5 दिन में हो रही है। इंदौर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी के अनुसार अभी शहर में होटल इंडस्ट्री को कोई बड़ा संकट नहीं आया है, लेकिन आने वाले दिनों में परेशानी हो सकती है। होटल संचालकों ने इस मुद्दे पर बैठक बुलाई है और मुख्यमंत्री से मुलाकात की तैयारी भी है। उज्जैन: रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर उज्जैन में भी दो दिन से कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। कलेक्टर रोशन सिंह के अनुसार फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर सिर्फ अस्पताल और स्कूलों को दिए जा रहे हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग अब 25 दिन बाद ही हो सकेगी और डिलीवरी में 5-7 दिन लग सकते हैं। एजेंसियों के अनुसार पैनिक में लोग बड़ी संख्या में बुकिंग करा रहे हैं। ग्वालियर: बुकिंग बंद, सिर्फ इमरजेंसी सेवाओं को छूट ग्वालियर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की बुकिंग पूरी तरह बंद कर दी गई है। ग्वालियर-चंबल एलपीजी फेडरेशन के अनुसार फिलहाल सिर्फ हॉस्पिटल और इमरजेंसी सेवाओं को ही सिलेंडर दिए जा रहे हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी में 5 से 6 दिन का समय लग रहा है। होटल-रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि गैस नहीं मिलने पर कारोबार प्रभावित होगा। कई संचालक इंडक्शन चूल्हे का विकल्प भी तलाश रहे हैं। जबलपुर: होटल इंडस्ट्री पर असर शुरू जबलपुर में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने गैस सप्लाई कम होने की बात कही है। होटल अरिहंत पैलेस के संचालक राजेश जैन का कहना है कि सरकार ने इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सेक्टर में सप्लाई सीमित कर दी है, जिससे होटल व्यवसाय प्रभावित हो सकता है। होटल संचालक शुभम गुप्ता ने बताया कि एजेंसी से सिलेंडर लेने पहुंचे तो उन्हें सिलेंडर नहीं मिला। प्रदेश के बाकी शहरों में यह स्थिति सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम ₹60 बढ़ाए सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिल रही है। पहले यह 853 रुपए की थी। बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं। वहीं 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम 1 फरवरी को 115 रुपए बढ़ाए गए थे। यह अब 1883 रुपए का मिल रहा है। प्रदेश सरकार का दावा सप्लाई सामान्य, घबराने की जरूरत नहीं कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पेट्रोल-डीजल और गैस की उपलब्धता की निगरानी के निर्देश दिए। मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक है और घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य है। सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने और अधिकृत जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है। कालाबाजारी राेकने सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया इधर, केंद्र सरकार ने गैस समेत जरूरी चीजों की जमाखोरी रोक ने लिए देशभर में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ लागू कर दिया है। अब गैस को 4 कैटेगरी में बांटा जाएगा…. संकट से निपटने सरकार ने 5 जरूरी कदम उठाए 1. हाई-लेवल कमेटी बनाई: संकट को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है, जो सप्लाई की समीक्षा करेगी। 2. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू: गैस की सप्लाई को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू कर दिया है। 3. 25 दिन बाद होगी LPG बुकिंग: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। उपभोक्ता एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक होगा। 4. OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य: गैस की जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी एजेंट OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का सख्ती से इस्तेमाल कर रहे हैं। 5. LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश: सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरीज को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है। इस एक्स्ट्रा उत्पादन का इस्तेमाल घरेलू गैस के लिए होगा। सिलेंडर सप्लाई संकट की दो बड़ी वजह 1. ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से
नर्मदापुरम में दिन का पारा 38 डिग्री के करीब:अचानक तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका; दोपहर में सड़कें सूनी

नर्मदापुरम जिले में 4 मार्च के बाद से गर्मी का असर तेज हो गया है। दिन का तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जिसके कारण दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम नजर आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। अचानक बढ़ रही इस गर्मी से गेहूं की फसल के 10 से 12 दिन पहले पकने और किसानों को नुकसान होने की आशंका है। मंगलवार को नर्मदापुरम में तेज धूप खिली रही। दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंगलवार को रात का न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में भी गर्मी का असर दिखाई दे रहा है। पचमढ़ी में दोपहर का तापमान 31 डिग्री के पार पहुंच गया है, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस के ऊपर दर्ज किया जा रहा है। अगले 4 दिन में 2 से 3 डिग्री और बढ़ेगा तापमान मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, जिले के मौसम में अगले चार दिनों तक कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की वृद्धि हो सकती है। ऐसे में मार्च के पहले पखवाड़े में ही पारा 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। गेहूं की फसल को नुकसान का अंदेशा मार्च महीने में अचानक बढ़ रहे तापमान का सीधा असर कृषि पर पड़ने की आशंका है। कृषि उपसंचालक डॉ. रविकांत सिंह ने बताया कि वर्तमान में गेहूं की बालियों में दाना भर चुका है और यह इसके पोषित होने का समय है। यदि गर्मी इसी तरह अधिक रही, तो पौधे की नमी खत्म हो जाएगी और वह सूखने लगेगा। इससे दाना पर्याप्त मात्रा में पोषित नहीं हो पाएगा। जिले में आमतौर पर मार्च के अंत तक गेहूं की कटाई शुरू होती है, लेकिन तापमान ऐसा ही बना रहा तो फसल के 10-12 दिन पहले ही पकने की संभावना है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है। पिछले 5 दिनों का अधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में) तारीख नर्मदापुरम पचमढ़ी 5 मार्च 39.4 29.8 6 मार्च 38.1 30.2 7 मार्च 37.6 31.8 8 मार्च 38.1 31.4 9 मार्च 37.9 31.2









