Thursday, 14 May 2026 | 02:38 AM

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Nashik TCS Case Accused Nida Khan Harbouring: Mateen Patels House Bulldozed

Nashik TCS Case Accused Nida Khan Harbouring: Mateen Patels House Bulldozed

Hindi News National Nashik TCS Case Accused Nida Khan Harbouring: Mateen Patels House Bulldozed संभाजीनगर9 मिनट पहले कॉपी लिंक मतीन पटेल को 9 मई को नगर निगम ने नोटिस भेजा था। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में AIMIM पार्षद मतीन पटेल के घर और ऑफिस पर बुधवार सुबह बुलडोजर से ढहा दिया गया। यह कार्रवाई नगर निगम की ओर से अवैध निर्माण के मामले में की गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी निदा खान को 7 मई को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया गया था। दावा किया गया कि मतीन पटेल ने उसे अपने घर में पनाह दी थी। इसके बाद 9 मई को नगर निगम ने अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया था और 72 घंटे में जवाब मांगा था। वहीं, मामले पर महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि एक तरफ पटेल और उनके लोग घर को अपना नहीं बता रहे थे, वहीं दूसरी तरफ निगम के नोटिस के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कर रहे थे। ये डबल स्टैंडर्ड है। निदा खान केवल पेड वर्कर थी। इस कन्वर्जन रैकेट में किसी राजनीतिक पार्टी की भूमिका हो सकती है। बुधवार सुबह मतीन पटेल के घर-ऑफिस पर बुलडोजर एक्शन किया गया। अब जानिए क्या है पूरा मामला… TCS के नासिक ऑफिस में काम करने वाली महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए। SIT से जुड़े सोर्स कहते हैं, ‘पहली FIR 26 मार्च को देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। इसके बाद 8 और महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। इनके बयानों से यौन शोषण, जोर-जबरदस्ती और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का पैटर्न सामने आया है। नासिक पुलिस की SIT इस मामले में 9 छेड़छाड़ और उत्पीड़न के मामलों की जांच कर रही है। FIR के मुताबिक, निदा खान पर आरोप है कि उसने व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए कर्मचारियों को नमाज पढ़ने और नॉन-वेज खाने के लिए दबाव डाला। महिलाओं को इस्लामिक परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने की सलाह भी दी गई। निदा खान की 2 मई को एंटीसिपेटरी बेल याचिका खारिज हो चुकी है। निदा ने कोर्ट में प्रेग्नेंसी का हवाला दिया था, लेकिन राहत नहीं निदा ने एंटीसिपेटरी बेल के लिए अपनी प्रेग्नेंसी का हवाला दिया, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया था। मामले पर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (TCS) ने पिछले महीने बयान में कहा था कि कंपनी किसी भी तरह के हैरेसमेंट और जबरदस्ती के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी पर काम करती है। 9 में से 3 पीड़ित महिलाओं की FIR मिली… पहली पीड़ित सीनियर पूछते- हनीमून पर कहां गई, क्या-क्या किया पीड़ित महिला ने 2 अप्रैल को नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में FIR कराई है। उसके मुताबिक, जून 2025 से 31 मार्च 2026 तक वो TCS ऑफिस में एसोसिएट थी। पति काम के सिलसिले में पुणे में रहते हैं। FIR में उसने बताया, ‘24 जून 2025 को मुझे 3 महीने के ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल किया गया। रजा मेमन का मेरी ट्रेनिंग से कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी वो मेरे पास आकर पर्सनल लाइफ के बारे में पूछते। कहते थे कि पति के साथ क्यों नहीं रहती, हनीमून पर कहां गई थी। वहां क्या किया, कैसे किया। रजा मेमन के साथ शाहरुख कुरैशी भी था।‘ ट्रेनिंग में आसिफ अंसारी भी अक्सर मेरे पास आ जाता। सटकर बैठता और गलत तरह से छूता। कभी जांघ या कंधे पर हाथ रख देता। एक दिन लंच के वक्त हाथ गोद में रख दिया। फिर बोला- अगर कोई फिजिकल नीड हो, तो बताओ, पूरा कर दूंगा। महिला ने बताया, ‘सीनियर तौसीफ अत्तार ने भी गलत बर्ताव किया। वो भी टीम में नहीं था, फिर भी पास आकर खाने के लिए पूछता। अश्लील तरीके में पूछता, ‘क्या संतरे लाई हो। छोटे वाले लाई हो या बड़े वाले।’ वो चेहरा सटाता और छूता था। जब सवाल किया, तो कहा, ‘क्या तुम्हें आगे नहीं बढ़ना।‘ पीड़ित के मुताबिक, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तार और शफी शेख ने उसे फिजिकली और मेंटली टॉर्चर किया। हिंदू देवी-देवताओं को अपशब्द कहे, जिससे उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। उसने HR सेल में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। तब उसने मुंबई नाका थाने में शिकायत की। पुलिस को मिली 9 पीड़ितों की FIR के मुताबिक, 18 से 25 साल की महिला कर्मचारियों को टारगेट किया गया। दूसरी पीड़ित ‘ईश्वर वही जो अदृश्य है, हिंदू देवी-देवता झूठे’ मुंबई नाका पुलिस स्टेशन पर दर्ज शिकायत के मुताबिक, जनवरी से दिसंबर 2025 तक उसका ऑफिस में यौन उत्पीड़न हुआ। महिला कंपनी में क्रेडिट कार्ड कस्टमर्स की शिकायतें सुनती थी। उसने बताया, ‘तौसीफ अत्तार अपने धर्म को ऊंचा दिखाता और हिंदू धर्म को नीचा। वो कहता कि सच्चा ईश्वर वही है, जो अदृश्य है। हिंदू धर्म में देवता दिखते हैं, इसलिए झूठे हैं।‘ ‘दिसंबर 2025 की बात है। मैं लंच के बाद छाछ पी रही थी, तभी तौसीफ आया और पूछा- ‘क्या पी रही हो?’ मैंने कहा- ‘छाछ पी रही हूं।’ उसने अजीब नजरों से देखा और कहा- मेरे पास भी छाछ है, क्या पीना चाहोगी। ये कहते हुए उसने प्राइवेट पार्ट की ओर इशारा किया।’ ये FIR भी 2 अप्रैल को नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई। तीसरी पीड़ित भगवान कृष्ण और शिव को लेकर गलत बातें कीं तीसरी FIR में पीड़ित ने बताया, ‘मैं दिसंबर 2024 में ऑफिस में थी। तब शफी शेख काम के बहाने पास आकर बैठ गया और जानबूझकर मेरे पैर से अपना पैर रगड़ने की कोशिश की। फिर मेरा कीपैड इस्तेमाल करने के बहाने गलत तरह से छुआ। मैंने कुर्सी दूर कर ली, तो हंसते हुए चला गया।‘ ‘फरवरी 2026 में तौसीफ ने मेरे धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश की। उसने कहा कि कृष्ण ने 16 हजार महिलाओं से शादी की, इससे पता चलता है कि कृष्ण कैसे थे। क्या भगवान शंकर को ये नहीं पता था कि गणेश पार्वती के बेटे हैं। अगर नहीं पता था तो देवी पार्वती को बेटा कैसे हुआ। उन्होंने गणेश का सिर क्यों काट दिया।‘ निजी जानकारी के आधार पर ‘टारगेट’ चुनते आरोपी नई जॉइन करने वाली कर्मचारियों की निजी जानकारी के आधार पर ‘टारगेट’ चुनते थे। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर और पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे कर्मचारियों

Nashik TCS Case Accused Nida Khan Harbouring: Mateen Patels House Bulldozed

Nashik TCS Case Accused Nida Khan Harbouring: Mateen Patels House Bulldozed

Hindi News National Nashik TCS Case Accused Nida Khan Harbouring: Mateen Patels House Bulldozed संभाजीनगर44 मिनट पहले कॉपी लिंक मतीन पटेल को 9 मई को नगर निगम ने नोटिस भेजा था। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में AIMIM पार्षद मतीन पटेल के घर और ऑफिस पर बुधवार सुबह बुलडोजर से ढहा दिया गया। यह कार्रवाई नगर निगम की ओर से अवैध निर्माण के मामले में की गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी निदा खान को 7 मई को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया गया था। दावा किया गया कि मतीन पटेल ने उसे अपने घर में पनाह दी थी। इसके बाद 9 मई को नगर निगम ने अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया था और 72 घंटे में जवाब मांगा था। वहीं, मामले पर महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि एक तरफ पटेल और उनके लोग घर को अपना नहीं बता रहे थे, वहीं दूसरी तरफ निगम के नोटिस के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कर रहे थे। ये डबल स्टैंडर्ड है। निदा खान केवल पेड वर्कर थी। इस कन्वर्जन रैकेट में किसी राजनीतिक पार्टी की भूमिका हो सकती है। बुधवार सुबह मतीन पटेल के घर-ऑफिस पर बुलडोजर एक्शन किया गया। अब जानिए क्या है पूरा मामला… TCS के नासिक ऑफिस में काम करने वाली महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए। SIT से जुड़े सोर्स कहते हैं, ‘पहली FIR 26 मार्च को देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। इसके बाद 8 और महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। इनके बयानों से यौन शोषण, जोर-जबरदस्ती और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का पैटर्न सामने आया है। नासिक पुलिस की SIT इस मामले में 9 छेड़छाड़ और उत्पीड़न के मामलों की जांच कर रही है। FIR के मुताबिक, निदा खान पर आरोप है कि उसने व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए कर्मचारियों को नमाज पढ़ने और नॉन-वेज खाने के लिए दबाव डाला। महिलाओं को इस्लामिक परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने की सलाह भी दी गई। निदा खान की 2 मई को एंटीसिपेटरी बेल याचिका खारिज हो चुकी है। निदा ने कोर्ट में प्रेग्नेंसी का हवाला दिया था, लेकिन राहत नहीं निदा ने एंटीसिपेटरी बेल के लिए अपनी प्रेग्नेंसी का हवाला दिया, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया था। मामले पर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (TCS) ने पिछले महीने बयान में कहा था कि कंपनी किसी भी तरह के हैरेसमेंट और जबरदस्ती के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी पर काम करती है। 9 में से 3 पीड़ित महिलाओं की FIR मिली… पहली पीड़ित सीनियर पूछते- हनीमून पर कहां गई, क्या-क्या किया पीड़ित महिला ने 2 अप्रैल को नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में FIR कराई है। उसके मुताबिक, जून 2025 से 31 मार्च 2026 तक वो TCS ऑफिस में एसोसिएट थी। पति काम के सिलसिले में पुणे में रहते हैं। FIR में उसने बताया, ‘24 जून 2025 को मुझे 3 महीने के ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल किया गया। रजा मेमन का मेरी ट्रेनिंग से कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी वो मेरे पास आकर पर्सनल लाइफ के बारे में पूछते। कहते थे कि पति के साथ क्यों नहीं रहती, हनीमून पर कहां गई थी। वहां क्या किया, कैसे किया। रजा मेमन के साथ शाहरुख कुरैशी भी था।‘ ट्रेनिंग में आसिफ अंसारी भी अक्सर मेरे पास आ जाता। सटकर बैठता और गलत तरह से छूता। कभी जांघ या कंधे पर हाथ रख देता। एक दिन लंच के वक्त हाथ गोद में रख दिया। फिर बोला- अगर कोई फिजिकल नीड हो, तो बताओ, पूरा कर दूंगा। महिला ने बताया, ‘सीनियर तौसीफ अत्तार ने भी गलत बर्ताव किया। वो भी टीम में नहीं था, फिर भी पास आकर खाने के लिए पूछता। अश्लील तरीके में पूछता, ‘क्या संतरे लाई हो। छोटे वाले लाई हो या बड़े वाले।’ वो चेहरा सटाता और छूता था। जब सवाल किया, तो कहा, ‘क्या तुम्हें आगे नहीं बढ़ना।‘ पीड़ित के मुताबिक, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तार और शफी शेख ने उसे फिजिकली और मेंटली टॉर्चर किया। हिंदू देवी-देवताओं को अपशब्द कहे, जिससे उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। उसने HR सेल में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। तब उसने मुंबई नाका थाने में शिकायत की। पुलिस को मिली 9 पीड़ितों की FIR के मुताबिक, 18 से 25 साल की महिला कर्मचारियों को टारगेट किया गया। दूसरी पीड़ित ‘ईश्वर वही जो अदृश्य है, हिंदू देवी-देवता झूठे’ मुंबई नाका पुलिस स्टेशन पर दर्ज शिकायत के मुताबिक, जनवरी से दिसंबर 2025 तक उसका ऑफिस में यौन उत्पीड़न हुआ। महिला कंपनी में क्रेडिट कार्ड कस्टमर्स की शिकायतें सुनती थी। उसने बताया, ‘तौसीफ अत्तार अपने धर्म को ऊंचा दिखाता और हिंदू धर्म को नीचा। वो कहता कि सच्चा ईश्वर वही है, जो अदृश्य है। हिंदू धर्म में देवता दिखते हैं, इसलिए झूठे हैं।‘ ‘दिसंबर 2025 की बात है। मैं लंच के बाद छाछ पी रही थी, तभी तौसीफ आया और पूछा- ‘क्या पी रही हो?’ मैंने कहा- ‘छाछ पी रही हूं।’ उसने अजीब नजरों से देखा और कहा- मेरे पास भी छाछ है, क्या पीना चाहोगी। ये कहते हुए उसने प्राइवेट पार्ट की ओर इशारा किया।’ ये FIR भी 2 अप्रैल को नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई। तीसरी पीड़ित भगवान कृष्ण और शिव को लेकर गलत बातें कीं तीसरी FIR में पीड़ित ने बताया, ‘मैं दिसंबर 2024 में ऑफिस में थी। तब शफी शेख काम के बहाने पास आकर बैठ गया और जानबूझकर मेरे पैर से अपना पैर रगड़ने की कोशिश की। फिर मेरा कीपैड इस्तेमाल करने के बहाने गलत तरह से छुआ। मैंने कुर्सी दूर कर ली, तो हंसते हुए चला गया।‘ ‘फरवरी 2026 में तौसीफ ने मेरे धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश की। उसने कहा कि कृष्ण ने 16 हजार महिलाओं से शादी की, इससे पता चलता है कि कृष्ण कैसे थे। क्या भगवान शंकर को ये नहीं पता था कि गणेश पार्वती के बेटे हैं। अगर नहीं पता था तो देवी पार्वती को बेटा कैसे हुआ। उन्होंने गणेश का सिर क्यों काट दिया।‘ निजी जानकारी के आधार पर ‘टारगेट’ चुनते आरोपी नई जॉइन करने वाली कर्मचारियों की निजी जानकारी के आधार पर ‘टारगेट’ चुनते थे। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर और पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे कर्मचारियों