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DRDO Agni MIRV Test Success

DRDO Agni MIRV Test Success

13 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. पीएम मोदी 3 राज्यों के दौरे में कर्नाटक और तेलंगाना पहुंचे पीएम मोदी 10 और 11 मई को कर्नाटक, तेलंगाना और गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरे में सबसे पहले पीएम बेंगलुरु के करीब तेलंगाना पहुंचेंगे। हैदराबाद में उन्होंने 9,400 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स की नींव रखी। कुछ प्रोजेक्ट का इनॉगरेशन किया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने बेंगलुरु में ‘द आर्ट ऑफ लिविंग’ के 45वें वर्षगांठ समारोह में भी हिस्सा लिया। इसके साथ ही पीएम मोदी राष्ट्रीय राजमार्ग-167 को गुडेबेल्लूर से महबूबनगर तक सड़क को चौड़ा करने से जुड़ी परियोजना का भी शिलान्यास करेंगे। गुडेबेल्लूर हैदराबाद-पणजी इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा है। इसकी कुल परियोजना लागत 3,175 करोड़ रुपए से ज्यादा है। वे आज गुजरात के सोमनाथ पहुंचेंगे। जहां सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण उत्सव में शामिल होंगे। सोमनाथ मंदिर समारोह में हिस्सा लेने के बाद वे वडोदरा जाएंगे, जहां ‘सरदारधाम हॉस्टल’ का उद्घाटन करेंगे। यहां एक जनसभा को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी ने ‘द आर्ट ऑफ लिविंग’ के 45वें वर्षगांठ समारोह में भी हिस्सा लिया। 2. थलापति विजय ने तमिलनाडु के 9वें सीएम की शपथ ली 10 मई को तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर थलापति विजय ने तमिलनाडु के 9वें सीएम की शपथ ली। उन्होंने चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित समारोह में राज्य के नए मुख्यमंत्री की कमान संभाली। विजय के साथ 9 और मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें एन आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोट्टैयन, पी वेंकटरमणन, आर निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टीके प्रभु, सेल्वी एस कीर्तना का नाम शामिल है। ये सभी विजय की पार्टी TVK के ही विधायक हैं। अभी सहयोगी दलों के किसी विधायक को विजय ने पहले मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया है। शनिवार को विजय ने राज्यपाल अर्लेकर को TVK, कांग्रेस, CPI, CPM, VCK और IUML के 121 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया। विजय की दो साल पुरानी पार्टी TVK ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में 234 में 108 सीटें जीतीं और विजय के पास 121 विधायक हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 118 है। तमिलनाडु में 1967 के बाद यानी गैर-द्रविड़ दल का मुख्यमंत्री होगा। इससे पहले 1963-1967 तक कांग्रेस सरकार में एम भक्तवत्सलम मुख्यमंत्री थे। 3. लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि नए CDS होंगे 9 मई को केंद्र ने नए CDS के नाम का ऐलान किया। रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि देश के अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) होंगे। साथ ही सुब्रमणि रक्षा मामलों के डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। इसके साथ ही वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को अगला नौसेना प्रमुख नियुक्त किया गया है। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि और एडमिरल स्वामीनाथन 31 मई को अपना पद संभालेंगे। वर्तमान CDS अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई को खत्म हो रहा है। एनएस राजा सुब्रमणि देश के तीसरे CDS होंगे। एनएस राजा सुब्रमणि ने दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स से सेना में कमीशन लिया था। सुब्रमणि ने नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) से मिलिट्री ट्रेनिंग ली इसके बाद वे ब्रिटेन के ब्रैकनेल स्थित जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज भी गए। सुब्रमणि भारत लौटने के बाद उन्हें माउंटेन ब्रिगेड में ब्रिगेड मेजर बने। उन्होंने दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज से पढ़ाई की। उनके पास लंदन के किंग्स कॉलेज से मास्टर ऑफ आर्ट्स और मद्रास यूनिवर्सिटी से डिफेंस स्टडीज में एमफिल की डिग्री भी है। सुब्रमणि जुलाई 2024 से जुलाई 2025 तक सेना उप-प्रमुख के तौर पर कार्ययत थे। सुब्रमणि 2025 से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के तौर पर कार्यरत हैं। 35 साल से ज्यादा लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल और रणनीतिक पदों पर कार्य किया है। सुब्रमणि को असम में काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन के दौरान (16 गढ़वाल राइफल्स को लीड करते समय) सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। सुब्रमणि को 2020 में अति विशिष्ट सेवा मेडल और 2024 में परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था। जम्मू-कश्मीर के सांबा में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली। वेलिंगटन के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में चीफ इंस्ट्रक्टर रहे। सुब्रमणि वेलिंगटन के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में चीफ इंस्ट्रक्टर रहे। वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन 1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था। स्वामीनाथन कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के एक्सपर्ट हैं। स्वामीनाथन ने ब्रिटेन के जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, कॉलेज ऑफ नेवल वॉरफेयर और अमेरिका के यूएस नेवल वॉर कॉलेज से पढ़ाई की है। स्वामीनाथन अपने नौसैनिक करियर में INS Vidyut, INS Vinash, INS Kulish और INS Mysore जैसे वॉरशीप की कमान संभाली। स्वामीनाथन एयरक्राफ्ट कैरियर INS Vikramaditya के कमांडिंग ऑफिसर भी रह चुके हैं। कृष्णा स्वामीनाथन को परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), 2017 विशिष्ट सेवा मेडल (VSM), और 2021 में अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) से सम्मानित किया जा चुका है। वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने अमेरिका के यूएस नेवल वॉर कॉलेज से पढ़ाई की है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) देश की तीनों सेना यानी आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के बीच तालमेल बनाने वाला सबसे सीनियर मिलिट्री ऑफिसर होता है। ये फॉर-स्टार रैंक का पद है। CDS, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CoSC) का स्थाई चेयरमैन और रक्षा मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स (DMA) का प्रमुख भी होता है। इस पद का मकसद तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाना, संयुक्त सैन्य रणनीति तैयार करना और रक्षा मामलों में फैसले लेने की प्रक्रिया को तेज करना है। दिसंबर 2019 में ये पद बनाया गया था। बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ थे। CDS सरकार और रक्षा मंत्रालय को सैन्य मामलों में सलाह देता है। 4. DRDO ने अग्नि MIRV मिसाइल की सफल टेस्टिंग की 9 मई को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO ने ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल परीक्षण सेंटर से अग्नि मिसाइल की सफल टेस्टिंग की जानकारी दी। इस मिसाइल में मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेड री-एंट्री व्हीकल (MIRV) सिस्टम हैं। अग्नि का MIRV सिस्टम एक साथ कई परमाणु हथियारों को ले जा सकता है। अग्नि

India successfully tests ICBM Agni missile with MIRV system DRDO

India successfully tests ICBM Agni missile with MIRV system DRDO

भुवनेश्वर34 मिनट पहले कॉपी लिंक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने शुक्रवार को ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल परीक्षण सेंटर से अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण किया। DRDO ने शनिवार को यह जानकारी दी। इस मिसाइल में मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेड री-एंट्री व्हीकल (MIRV) सिस्टम लगाया गया है, जिससे एक साथ कई परमाणु हथियारों को ले जाया जा सकता है। साथ ही एक बार में कई टारगेट को निशाना बनाया जा सकता है। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने अलग-अलग जगहों पर मौजूद कई टारगेट्स को सफलतापूर्वक हिट किया। ये सभी टारगेट हिंद महासागर क्षेत्र में फैले हुए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह भारत की दूसरी इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है। इसकी रेंज लगभग 5 हजार से 7 हजार किलोमीटर तक है। इसकी स्पीड इतनी ज्यादा है कि दुश्मन के रडार और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए इसे रोकना लगभग नामुमकिन है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी दी। अग्नि-5 पहली इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि सीरीज में भारत के पास अग्नि-1, 2, 3, 4 और 5 मिसाइलें हैं। अग्नि-5 भारत की पहली इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल थी, जिसे DRDO ने बनाया है। ये भारत के पास मौजूद लंबी दूरी की मिसाइलों में से एक है। ICBM ऐसी मिसाइलें होती हैं, जो एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक हमला कर सकती हैं। इस मिसाइल की रेंज 5 हजार किलोमीटर है। अग्नि- 5 बैलिस्टिक मिसाइल एक साथ कई हथियार ले जाने में सक्षम है। ये मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल रीएंट्री व्हीकल (MIRV) से लैस है। यानी एक साथ कई टारगेट्स के लिए लॉन्च की जा सकती है। यह मिसाइल डेढ़ टन तक न्यूक्लियर हथियार अपने साथ ले जा सकती है। इसकी स्पीड मैक 24 है, यानी आवाज की स्पीड से 24 गुना ज्यादा। अग्नि-5 के लॉन्चिंग सिस्टम में कैनिस्टर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस वजह से इस मिसाइल को कहीं भी आसानी से ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है। अग्नि-5 मिसाइल का इस्तेमाल भी बेहद आसान है, इस वजह से देश में कहीं भी इसकी तैनाती की जा सकती है। दुनिया के सिर्फ 6 देशों के पास ICBM तकनीक दुनिया के पांच देशों- अमेरिका, रूस, चीन, भारत, फ्रांस और ब्रिटेन के पास इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) की तकनीक है। अग्नि-5 एक से ज्यादा वॉरहेड ले जा सकती है अग्नि-5 एक एडवांस्ड MIRV मिसाइल है। MIRV का अर्थ मल्टीपल इंडिपेंडेंटली-टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल है। ट्रेडिशनल मिसाइल में केवल एक वॉरहेड ले जाया जा सकता है, जबकि MIRV में मल्टीपल वॉरहेड एक साथ कैरी कर सकते हैं। वॉरहेड यानी, मिसाइल का अगला भाग जिसमें विस्फोटक होते हैं। इस खासियत के मायने ये हुए कि एक दूसरे से सैकड़ों किलोमीटर दूर मौजूद कई टारगेट्स को एक ही मिसाइल के जरिए तबाह किया जा सकता है। एक ही टारगेट पर मल्टीपल वॉरहेड को एक बार में लॉन्च भी किया जा सकता है। अमेरिका ने 1970 में विकसित की थी MIRV तकनीक MIRV तकनीक सबसे पहले अमेरिका ने 1970 में विकसित की थी। 20वीं सदी के अंत तक अमेरिका और सोवियत संघ दोनों के पास MIRV से लैस कई इंटरकॉन्टिनेंटल और सबमरीन लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइलें थीं। ————————————— ये खबर भी पढ़ें… अग्नि-5 का ओडिशा में सफल परीक्षण, रेंज 5000km, चीन-पाकिस्तान तक मार करने की क्षमता भारत ने अपनी पहली इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण कर लिया है। ओडिशा के चांदीपुर में इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में बुधवार को इसकी टेस्टिंग हुई। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…