Wednesday, 24 Jun 2026 | 03:33 PM

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Jiah Khan Death Case, Boyfriend Sooraj Pancholi Accused of murder, Know Full Story and Case Details

Jiah Khan Death Case, Boyfriend Sooraj Pancholi Accused of murder, Know Full Story and Case Details

34 मिनट पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-9 में जानिए कहानी, जिया खान डेथ केस की। जिया का शव उनके अपार्टमेंट में मिला, पुलिस जांच में इसे आत्महत्या माना गया लेकिन उनकी मां राबिया ने इसे मर्डर कहा, वजह थी जिया के गले में मिला एक गहरा निशान। तारीख- 3 जून 2013 जगह- फ्लैट नंबर 102, सागर संगीत सोसाइटी, जुहू, मुंबई एक्ट्रेस जिया खान की मां राबिया खान उनसे मिलने के लिए लंदन से आई थीं। जिया का पूरा परिवार लंदन में ही रहता था, वो खुद भी वहीं जन्मी थीं, लेकिन काम के सिलसिले में उन्होंने मुंबई में घर ले रखा था। जिया खान की बहन कविता का बर्थडे था, वो उसी दिन आधी रात 3 बजे हीथ्रो की फ्लाइट से बर्थडे सेलिब्रेट करने मुंबई पहुंचने वाली थीं। जिया बेहद एक्साइटेड थीं और बहन के लिए तोहफा लेना चाहती थीं। उस रोज वो मां के साथ कविता के लिए गोल्ड जूलरी लेने बांद्रा गईं। लौटते हुए शाम हो गई, हल्की बारिश भी हो रही थी। जिया ने खुशी-खुशी मां से कहा कि वो खुद ड्राइव करना चाहती थीं। जिया बार-बार कविता को मैसेस कर रही थीं। मां राबिया के साथ जिया खान की तस्वीरें। घर आकर जिया रेस्ट करने लगीं। रात के करीब साढ़े 8 बजे थे, जब उनकी मां राबिया ने कहा कि उन्हें अपनी दोस्त के घर जाना है। जवाब में जिया ने कहा, मैं भी फैजान (भाई जैसा दोस्त) से मिलने जा रही हूं, शो (गेम ऑफ थ्रोन) देखूंगी और फिर एक घंटे में आ जाऊंगी। आकर आपसे घर में ही मिलूंगी। बिल्डिंग के सीसीटीवी फुटेज में मां के साथ जाती हुईं जिया खान। जिया और राबिया साथ घर से निकले। राबिया ने रिक्शा किया और जिया पैदल ही दूसरी दिशा में चली गईं। फैजान चंद कदमों की दूरी पर ही रहते थे। मां राबिया उस दिन करीबी दोस्त एक्ट्रेस अंजू महेंद्रू के घर गईं। वहीं खाना खाया। रात 9 बजकर 37 मिनट पर राबिया ने जिया को कॉल कर कहा कि वो याद से खाना खा लें। दरअसल, जिया को एक नई फिल्म मिली थी, उस फिल्म में उन्हें वजनी दिखना था, जिसके लिए उन्हें ज्यादा-से-ज्यादा खाना खाने की सलाह मिलती रहती थी। कुछ मिनट बात कर राबिया ने कॉल कट कर दिया। कुछ देर बाद उस पार्टी में एक्टर आदित्य पंचोली अपनी गर्लफ्रेंड के साथ पहुंचे। जिया खान उस समय आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली के साथ रिलेशनशिप में थीं। जिया खान को किस करते हुए सूरज पंचोली। कुछ दिनों से उनके रिश्ते में अनबन चल रही थी। जिया अक्सर मां से बताती थीं कि सूरज उनके साथ बुरा सलूक करते हैं। जैसे ही राबिया ने देखा कि आदित्य पंचोली भी वहां आए हुए हैं, तो वो असहज होकर करीब पौने 11 बजे निकल गईं। राबिया घर लौटीं तो गौर किया कि सारी लाइट्स ऑन हैं, जबकि वो जिया के साथ सारी लाइट्स बंद कर निकली थीं। बेडरूम में पहुंचीं, तो देखा वहां कि भी सारी लाइट्स जल रही हैं, जिया का हैंड बैग फर्श पर पड़ा था। राबिया को कुछ अटपटा लगा। वो फ्रेश होने बाथरूम गईं, लाइट्स वहां की भी ऑन थीं। तभी उन्होंने दूसरे कमरे का दरवाजा स्लाइड किया। मंजर देख उनकी चीख निकल गई। बेटी जिया उस कमरे के पंखे से फांसी लगा चुकी थीं। राबिया दौड़ते हुए पहुंचीं और पैर पकड़ लिए। बेटी का शरीर अब भी गर्म था। उन्होंने मदद के लिए चिल्लाया, जिससे पड़ोस के कुछ लोग पहुंच गए। जिया के शरीर को फंदे से उतारा गया। उस समय डॉक्टर अग्रवाल वहां पहुंचे और उन्होंने कहा कि जिया की मौत हो चुकी है। रात 3 बजे जिया की बहन कविता ने मुंबई में लैंड किया। जैसे ही उन्होंने फोन एयरप्लेन मोड से हटाया तो उनके पास कई मैसेजेस आए हुए थे। जैसे ही उन्होंने मैसेज खोले, तो उसमें लोग उन्हें सांत्वना दे रहे थे। शुरुआत में कविता कुछ समझ नहीं पाईं, लेकिन जब दूसरे मैसेज देखे तो उन्हें बहन जिया की मौत की खबर मिली। वो घर पहुंचीं तो देखा फिल्म इंडस्ट्री और मीडिया की भीड़ उनके घर में थी। उस रोज अंजू महेंद्रु भी पहुंची, जिनके घर में कुछ घंटों पहले ही राबिया ने डिनर किया था। दैनिक भास्कर ने अंजू महेंद्रू से संपर्क किया, लेकिन वो इस केस के बारे में कोई बात नहीं करना चाहतीं। जिया की मौत की खबर मिलने के 3 घंटे बाद आदित्य पंचोली भी राबिया से मिलने उनके घर पहुंचे, लेकिन इस समय उनके साथ सूरज पंचोली नहीं आए। जबकि जिया की मौत के समय सूरज उन्हें डेट कर रहे थे। मुंबई के जेजे हॉस्पिटल में जिया का पोस्टमार्टम किया गया और 3 जून की सुबह 7 बजे उनका शव परिवार को सौंप दिया गया। 4 जून को ही उनके अपार्टमेंट से जनाजा उठाया गया। जुहू के सोनापुर कब्र वाला में उनके जनाजे की नमाज हुई जिसके बाद उन्हें जुहू के कब्रिस्तान में दफ्नाया गया। फिल्म इंडस्ट्री की तमाम बड़ी हस्तियां उनके जनाजे में शामिल हुईं, जिनमें आमिर खान, प्रेम चोपड़ा, किरण राव, रितेश देशमुख जैसे कई स्टार्स शामिल हैं। जनाजे में बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली बुरी तरह रोते हुए दिखे, परिवार के लोग उन्हें सहारा देते नजर आए। जनाजे में आदित्य पंचोली का हुआ मीडिया से झगड़ा जिया खान के जनाजे में सूरज पंचोली के पिता आदित्य पंचोली भी पहुंचे। कार से उतरते हुए उन्होंने मीडिया से बदसलूकी की और उनका ट्रायपोड तोड़ दिया। मीडिया ने उन्हें घेर लिया और हर्जाना भरने को कहा। इस समय आदित्य ने धमकी देते हुए कहा कि वो उन पर कार चढ़ा देंगे। जमकर बहस हुई, जिसके बाद आदित्य को कैमरापर्सन को 25 हजार रुपए का हर्जाना देना पड़ा। साथ ही वहां मौजूद भीड़ के दबाव में उन्हें माफी भी मांगनी पड़ी। जिया खान के जनाजे में सूरज पंचोली के साथ पिता आदित्य पंचोली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, जिया की मौत 3 जून की रात 11 बजे से 11 बजकर 30 मिनट के दरमियान हुई थी। इसके महज चंद मिनटों बाद ही मां राबिया घर पहुंची थीं। अगर मां कुछ देर पहले पहुंचतीं तो जिया को बचाया जा सकता था। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत

मोबाइल विवाद में दोस्त की पीट-पीटकर हत्या की थी:जंगल में छिपा आरोपी गिरफ्तार; काम की तलाश में मुरैना से ग्वालियर आए थे

मोबाइल विवाद में दोस्त की पीट-पीटकर हत्या की थी:जंगल में छिपा आरोपी गिरफ्तार; काम की तलाश में मुरैना से ग्वालियर आए थे

ग्वालियर के मोहना में हाईवे पर एक दोस्त ने दूसरे दोस्त की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को सोमवार को जंगल में मंदिर के पास से पकड़ लिया है। हत्या करने के बाद आरोपी जंगल के रास्ते कूदकर भाग गया था। पकड़े जाने के बाद आरोपी ने बताया कि मोबाइल को लेकर उसका झगड़ा हुआ था। पास ही पड़ी बबूल की लकड़ी उठाकर उसने ऋषिकेश पर वार कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई तो वह पकड़े जाने के डर से वहां से भाग आया था। पुलिस आरोपी से डिटेल में पूछताछ कर रही है। सोमवार को मृतक का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। बबूल की लकड़ी से सिर पर किए ताबड़तोड़ वार, मौत मुरैना के आमपुरा स्थित एसएएफ लाइन के पास रहने वाला 35 वर्षीय ऋषिकेश सिंह पुत्र दिनेश सिंह सिकरवार काफी समय से काम की तलाश कर रहा था। शनिवार को उसका दोस्त दीपक शाक्य उसे काम की तलाश में ग्वालियर के मोहना लेकर आया था। रविवार को दोनों ने दिनभर काम की तलाश की। शाम को वे बायपास स्थित अजीत नायक भोजनालय पहुंच गए, जहां दोनों ने शराब पी। नशा होने के बाद दीपक और ऋषिकेश के बीच मोबाइल को लेकर विवाद हो गया। दीपक ने ऋषिकेश का मोबाइल छीन लिया था, जिसका उसने विरोध किया। इसी बात पर दोनों के बीच बहस बढ़ गई। ढाबा मालिक ने उन्हें समझाने की कोशिश भी की, लेकिन नशे में धुत दीपक ने पास पड़ी बबूल की लकड़ी उठाकर ऋषिकेश के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में ऋषिकेश के सिर में गंभीर चोट लगी। वह सड़क पर ही गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वैष्णो देवी मंदिर के पास छिपा मिला आरोपी हत्या के बाद दीपक मोहना बायपास से होते हुए जंगल में दाखिल हो गया। उसका इरादा डकैतों के मूवमेंट वाले इलाके से गुजरकर किसी तरह मुरैना पहुंचने और कुछ दिन जंगल में छिपे रहने का था। इधर वारदात के तुरंत बाद पुलिस ने जंगल में उसकी तलाश शुरू कर दी थी। आरोपी जंगल में गुम होता, उससे पहले ही वैष्णो देवी मंदिर के पास छिपे हत्या आरोपी दीपक शाक्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि नशे की हालत में मोबाइल को लेकर उसका अपने दोस्त से विवाद हो गया था, जिसके बाद गुस्से में आकर उसने हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस उससे पूरे मामले में पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपा सोमवार को ग्वालियर के जेएएच स्थित पोस्टमार्टम हाउस में ऋषिकेश सिंह के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में गंभीर चोट बताया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया, जिसके बाद मुरैना में मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। परिजन का आरोप है कि दीपक हत्या के इरादे से ही ऋषिकेश को ग्वालियर लेकर आया था। पुलिस इन आरोपों के आधार पर भी आरोपी से पूछताछ कर रही है।

Actor kamal sadana Family murder case, father killed mother and sister in shootout befor killing himself

Actor kamal sadana Family murder case, father killed mother and sister in shootout befor killing himself

24 मिनट पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के कमल सदाना फैमिली मर्डर केस-1 में अब तक आपने पढ़ा कि कैसे एक्टर कमल सदाना के 20वें जन्मदिन के रोज पिता प्रोड्यूसर बृज सदाना ने मां और बहन पर गोलियां चलाईं। जब कमल गोली की आवाज सुनकर पहुंचे तो पिता ने उन पर भी फायरिंग की, जिससे गोली उनके गले के आर-पार हो गई। दोस्त की कलाई में भी गोली लगी। एक्टर मां और बहन को खून से लथपथ हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे। गले में गोली लगने पर उनकी भी इमरजेंसी सर्जरी हुई। अगले दिन जब उन्हें होश आया और वो घर पहुंचे, तो मां और बहन की लाशें अर्थी पर थीं। पास में उनके पिता की भी लाश थी। सबके हॉस्पिटल निकलने के बाद पिता ने खुद भी आत्महत्या कर ली थी। अब पार्ट-2 में जानिए आगे की कहानी- पत्नी पर शक करते थे बृज सदाना कमल सदाना के पिता बृज सदाना एक दौर के बड़े प्रोड्यूसर थे। जब उनकी कुछ फिल्में नहीं चलीं तो वो शराब के आदी हो गए। रोज नशे में वो पत्नी पर शक करते और झगड़ा करते। उनकी पत्नी यानी कमल सदाना की मां सईदा खान (सुधा सदाना) एक जमाने की जानी-मानी एक्ट्रेस थीं, जो किशोर कुमार, मनोज कुमार जैसे कई बड़े स्टार्स के साथ काम कर चुकी थीं। बेटी को दुनिया के सामने बहन बनाकर रखती थीं सईदा खान फिल्मों में आने के बाद सईदा पर उनकी मां अनवरी और छोटी बहन शगुफ्ता की जिम्मेदारी थी। दोनों कार्टर रोड स्थित घर में रहते थे। एक समय में सईदा खान को फिल्मों में काम मिलना लगभग बंद हो गया। तब बृज सदाना ने उनकी मदद करते हुए उन्हें अपनी फिल्मों में काम दिया था। समय के साथ दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और शादी कर ली। शादी के बाद सईदा, सुधा सदाना बन गईं और फिल्मों में काम करना बंद कर दिया। ऐसे में बृज सदाना ने उनके परिवार की भी जिम्मेदारी उठाई। सईदा और उनकी छोटी बहन शगुफ्ता में उम्र का फासला था। सईदा की शादी के बाद खबरें आने लगीं कि अनवरी ने छोटी बेटी शगुफ्ता को गोद लिया था, जबकि उनकी शक्ल बड़ी बहन सईदा से काफी मिलती थी। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में शगुफ्ता रफीक ने कहा था, ‘मुझे बचपन का कुछ ज्यादा याद नहीं। मुझे बताया गया था कि मेरी मां ने मुझे गोद लिया था। वहीं फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कुछ लोगों का मानना है कि मेरी बड़ी बहन सईदा खान ही मेरी मां हैं। मुझे आज तक सच्चाई का पता नहीं चला कि कौन मेरी मां थी। फैमिली में दो-तीन लोगों को छोड़कर बाकी सबका रवैया बहुत बुरा था। लोग गुस्सा करते थे, ताने मारते थे, साथ ही मुझे जलील भी किया जाता था।’ ‘मेरी बहन के पति और बच्चे भी ताने देते थे। कभी पीठ पीछे, तो कभी सामने बोलते थे। बड़ी बहन सईदा के मैं काफी नजदीक थी। वो अक्सर कहती थीं कि वो ही मेरी मां हैं। ये बात ज्यादातर फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी कहते हैं। मुझे इस बात के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसी वजह से फिल्म के कुछ सीनियर लोग थे, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनसे जब मेरी मुलाकात होती थी, तब उनका रवैया मेरे लिए बहुत अच्छा होता था। वे लोग मानते थे कि मैं फेमस एक्ट्रेस सईदा खान की बेटी हूं, जो मेरी बहन थीं।’ दैनिक भास्कर ने शगुफ्ता शफीक से कमल सदाना फैमिली मर्डर केस पर सवाल किया, तो उन्होंने साफ कहा कि कमल नहीं चाहते कि इस केस पर कोई भी बयान दिया जाए। शगुफ्ता रफीक आज जानी-मानी फिल्म राइटर हैं। उन्होंने वो लम्हे, राज 2, जन्नत 2, आवारापन, हमारी अधूरी कहानी जैसी कई हिट फिल्में लिखी हैं। फिल्मी मैगजीन में छपने वालीं इन खबरों से बृज सदाना को शक होने लगा कि कहीं शगुफ्ता, सईदा की ही बेटी तो नहीं, जिन्हें वो दुनिया के सामने अपनी गोद ली हुई छोटी बहन कहती हैं। घर में इस बात पर झगड़े बढ़ने लगे थे। शराब की लत ने इन झगड़ों को मारपीट तक पहुंचा दिया। पहले भी पत्नी को डराने के लिए गोली चला चुके थे बृज सदाना कमल सदाना महज 8 साल के थे, जब पिता ने पहली बार परिवार के सामने रिवॉल्वर चलाई थी। कमल सदाना ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए पुराने इंटरव्यू में कहा था, ‘मुझे यह घटना बहुत साफ याद है, जब मैं करीब आठ या दस साल का था। मम्मी और पापा के बीच हर साल एक बड़ा झगड़ा होता था, जिसे मैं और मेरी बहन नम्रता “उनकी सालाना लड़ाई” कहते थे। एक बार मम्मी घर छोड़कर चली गईं और मुझे अपने साथ कार्टर रोड वाले हमारे ओशियाना अपार्टमेंट के फ्लैट में ले गईं। पापा हमारे पीछे-पीछे वहां आ पहुंचे और फ्लैट में घुसने की जिद करने लगे।’ ‘मम्मी ने उन्हें अंदर आने से मना कर दिया। पापा नशे में थे। उन्होंने चौकीदार से सीढ़ी मांगी ताकि वह बालकनी के रास्ते अंदर चढ़ सकें। जब चौकीदार ने मना कर दिया, तो उन्होंने अपनी जेब से बंदूक निकाली और हवा में एक गोली चला दी।’ नरगिस दत्त ने की थी सईदा की मदद, जब्त करवाई थी रिवॉल्वर कमल सदाना ने जिस घटना का जिक्र किया, उसके बाद सईदा समझ चुकी थीं कि बृज सदाना का गुस्सा किसी दिन परिवार के लिए घातक साबित हो सकता है। उन्हें पति के खिलाफ खार पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज करवाई थी। उस समय मशहूर एक्ट्रेस नरगिस, सईदा की करीबी दोस्त थीं। नरगिस ने राजनैतिक प्रभाव से बृज सदाना की रिवॉल्वर जब्द करवा दी थी। कई सालों तक बृज पुलिस स्टेशन के चक्कर काटते रहे। फिर 80 के दशक के मिड में पंजाब में बढ़ती हिंसा के बाद बृज सदाना ने कहा कि उन्हें खालिस्तानियों की तरफ से रंगदारी और धमकियों के कॉल आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी जान को खतरा है और उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए रिवॉल्वर चाहिए। लंबी जद्दोजहद के बाद उन्हें अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर दोबारा मिल गई। ये वही रिवॉल्वर थी, जिसने कमल सदाना के परिवार को खत्म कर दिया। बेटी के अफेयर से नाखुश थे बृज

Actor kamal sadana Family murder case, father killed mother and sister in shootout befor killing himself

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2 घंटे पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के कमल सदाना फैमिली मर्डर केस-1 में अब तक आपने पढ़ा कि कैसे एक्टर कमल सदाना के 20वें जन्मदिन के रोज पिता प्रोड्यूसर बृज सदाना ने मां और बहन पर गोलियां चलाईं। जब कमल गोली की आवाज सुनकर पहुंचे तो पिता ने उन पर भी फायरिंग की, जिससे गोली उनके गले के आर-पार हो गई। दोस्त की कलाई में भी गोली लगी। एक्टर मां और बहन को खून से लथपथ हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे। गले में गोली लगने पर उनकी भी इमरजेंसी सर्जरी हुई। अगले दिन जब उन्हें होश आया और वो घर पहुंचे, तो मां और बहन की लाशें अर्थी पर थीं। पास में उनके पिता की भी लाश थी। सबके हॉस्पिटल निकलने के बाद पिता ने खुद भी आत्महत्या कर ली थी। अब पार्ट-2 में जानिए आगे की कहानी- पत्नी पर शक करते थे बृज सदाना कमल सदाना के पिता बृज सदाना एक दौर के बड़े प्रोड्यूसर थे। जब उनकी कुछ फिल्में नहीं चलीं तो वो शराब के आदी हो गए। रोज नशे में वो पत्नी पर शक करते और झगड़ा करते। उनकी पत्नी यानी कमल सदाना की मां सईदा खान (सुधा सदाना) एक जमाने की जानी-मानी एक्ट्रेस थीं, जो किशोर कुमार, मनोज कुमार जैसे कई बड़े स्टार्स के साथ काम कर चुकी थीं। बेटी को दुनिया के सामने बहन बनाकर रखती थीं सईदा खान फिल्मों में आने के बाद सईदा पर उनकी मां अनवरी और छोटी बहन शगुफ्ता की जिम्मेदारी थी। दोनों कार्टर रोड स्थित घर में रहते थे। एक समय में सईदा खान को फिल्मों में काम मिलना लगभग बंद हो गया। तब बृज सदाना ने उनकी मदद करते हुए उन्हें अपनी फिल्मों में काम दिया था। समय के साथ दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और शादी कर ली। शादी के बाद सईदा, सुधा सदाना बन गईं और फिल्मों में काम करना बंद कर दिया। ऐसे में बृज सदाना ने उनके परिवार की भी जिम्मेदारी उठाई। सईदा और उनकी छोटी बहन शगुफ्ता में उम्र का फासला था। सईदा की शादी के बाद खबरें आने लगीं कि अनवरी ने छोटी बेटी शगुफ्ता को गोद लिया था, जबकि उनकी शक्ल बड़ी बहन सईदा से काफी मिलती थी। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में शगुफ्ता रफीक ने कहा था, ‘मुझे बचपन का कुछ ज्यादा याद नहीं। मुझे बताया गया था कि मेरी मां ने मुझे गोद लिया था। वहीं फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कुछ लोगों का मानना है कि मेरी बड़ी बहन सईदा खान ही मेरी मां हैं। मुझे आज तक सच्चाई का पता नहीं चला कि कौन मेरी मां थी। फैमिली में दो-तीन लोगों को छोड़कर बाकी सबका रवैया बहुत बुरा था। लोग गुस्सा करते थे, ताने मारते थे, साथ ही मुझे जलील भी किया जाता था।’ ‘मेरी बहन के पति और बच्चे भी ताने देते थे। कभी पीठ पीछे, तो कभी सामने बोलते थे। बड़ी बहन सईदा के मैं काफी नजदीक थी। वो अक्सर कहती थीं कि वो ही मेरी मां हैं। ये बात ज्यादातर फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी कहते हैं। मुझे इस बात के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसी वजह से फिल्म के कुछ सीनियर लोग थे, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनसे जब मेरी मुलाकात होती थी, तब उनका रवैया मेरे लिए बहुत अच्छा होता था। वे लोग मानते थे कि मैं फेमस एक्ट्रेस सईदा खान की बेटी हूं, जो मेरी बहन थीं।’ दैनिक भास्कर ने शगुफ्ता शफीक से कमल सदाना फैमिली मर्डर केस पर सवाल किया, तो उन्होंने साफ कहा कि कमल नहीं चाहते कि इस केस पर कोई भी बयान दिया जाए। शगुफ्ता रफीक आज जानी-मानी फिल्म राइटर हैं। उन्होंने वो लम्हे, राज 2, जन्नत 2, आवारापन, हमारी अधूरी कहानी जैसी कई हिट फिल्में लिखी हैं। फिल्मी मैगजीन में छपने वालीं इन खबरों से बृज सदाना को शक होने लगा कि कहीं शगुफ्ता, सईदा की ही बेटी तो नहीं, जिन्हें वो दुनिया के सामने अपनी गोद ली हुई छोटी बहन कहती हैं। घर में इस बात पर झगड़े बढ़ने लगे थे। शराब की लत ने इन झगड़ों को मारपीट तक पहुंचा दिया। पहले भी पत्नी को डराने के लिए गोली चला चुके थे बृज सदाना कमल सदाना महज 8 साल के थे, जब पिता ने पहली बार परिवार के सामने रिवॉल्वर चलाई थी। कमल सदाना ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए पुराने इंटरव्यू में कहा था, ‘मुझे यह घटना बहुत साफ याद है, जब मैं करीब आठ या दस साल का था। मम्मी और पापा के बीच हर साल एक बड़ा झगड़ा होता था, जिसे मैं और मेरी बहन नम्रता “उनकी सालाना लड़ाई” कहते थे। एक बार मम्मी घर छोड़कर चली गईं और मुझे अपने साथ कार्टर रोड वाले हमारे ओशियाना अपार्टमेंट के फ्लैट में ले गईं। पापा हमारे पीछे-पीछे वहां आ पहुंचे और फ्लैट में घुसने की जिद करने लगे।’ ‘मम्मी ने उन्हें अंदर आने से मना कर दिया। पापा नशे में थे। उन्होंने चौकीदार से सीढ़ी मांगी ताकि वह बालकनी के रास्ते अंदर चढ़ सकें। जब चौकीदार ने मना कर दिया, तो उन्होंने अपनी जेब से बंदूक निकाली और हवा में एक गोली चला दी।’ नरगिस दत्त ने की थी सईदा की मदद, जब्त करवाई थी रिवॉल्वर कमल सदाना ने जिस घटना का जिक्र किया, उसके बाद सईदा समझ चुकी थीं कि बृज सदाना का गुस्सा किसी दिन परिवार के लिए घातक साबित हो सकता है। उन्हें पति के खिलाफ खार पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज करवाई थी। उस समय मशहूर एक्ट्रेस नरगिस, सईदा की करीबी दोस्त थीं। नरगिस ने राजनैतिक प्रभाव से बृज सदाना की रिवॉल्वर जब्द करवा दी थी। कई सालों तक बृज पुलिस स्टेशन के चक्कर काटते रहे। फिर 80 के दशक के मिड में पंजाब में बढ़ती हिंसा के बाद बृज सदाना ने कहा कि उन्हें खालिस्तानियों की तरफ से रंगदारी और धमकियों के कॉल आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी जान को खतरा है और उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए रिवॉल्वर चाहिए। लंबी जद्दोजहद के बाद उन्हें अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर दोबारा मिल गई। ये वही रिवॉल्वर थी, जिसने कमल सदाना के परिवार को खत्म कर दिया। बेटी के अफेयर से नाखुश थे बृज

Canada YouTuber Nancy Grewal Murder

Canada YouTuber Nancy Grewal Murder

हरियाणा में जन्मी पंजाबी यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल के कत्ल को एक हफ्ता बीत चुका है लेकिन कनाडा पुलिस अभी तक किसी को अरेस्ट नहीं कर पाई है। हालांकि कनाडा पुलिस खालिस्तानी, गैंगस्टर, निजी रंजिश और क्लाइंट मैटर समेत कई एंगल से इसकी जांच कर रही है। . इसी बीच नैन्सी ग्रेवाल की मां ने दावा किया कि उसे बेटी के कातिलों के बारे में पता है, लेकिन नाम नहीं बताना चाहती। उन्होंने कहा- मुझे कनाडा में बेटी के घर में रहना है। नाम बताऊंगी तो वे मुझे भी मार देंगे। मां ने ये जरूर बताया कि नैन्सी की हत्या गोल्ड के झगड़े में हुई है। इसी बीच नैन्सी ग्रेवाल के सपोर्ट में आए निहंग हरजीत सिंह रसूलपुर को खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से धमकी मिली है। धमकी देने वाले ने कहा कि अगर इस मैटर में चुप न हुए तो घर में IED के डिब्बे लगेंगे। उसके बाद ऊपर जाकर कमल कौर भाभी और नैन्सी ग्रेवाल से खूब बातें करते रहना। कनाडा का लासाल पुलिस स्टेशन। पुलिस नैन्सी मामले में किसी की गिफ्तारी नहीं कर पाई है। नैन्सी ग्रेवाल की मां ने क्या कहा नैन्सी की मां ने दावा किया कि लोकल गुरुद्वारे का एक सेवादार कनाडा में रेस्क्यू करने के नाम पर मरने वालों का सोना उतार लेता है। इस मसले में नैन्सी के पास एक क्लाइंट आई थी। बुजुर्ग मां नैन्सी के आगे गिड़गिड़ाने लगी कि उसके बेटे की मौत के बाद गुरुद्वारे वाले एक आदमी ने सोना उतार लिया है। इसके साथ उसके क्रेडिट कार्ड और डेढ़ लाख रुपए भी रख लिए। इस मामले में नैन्सी ने 6 महीने पहले पैरवी शुरू की। उसने सोना-पैसा और क्रेडिट कार्ड मांगे, लेकिन गुरुद्वारा वालों ने देने से मना कर दिए। नैंसी के समर्थन में बोलने पर निहंग रसूलपुर को BKI की धमकी नैन्सी ग्रेवाल के कत्ल के बाद उसके सपोर्ट में बोलने वालों को भी धमकी मिलने लगी है। रोपड़ के रहने वाले निहंग सिंह हरजीत सिंह रसूलपुर ने दावा किया कि उनको बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) की तरफ से जान से मारने की धमकी दी गई है। निहंग सिंह ने एक आडियो सुनाते हुए दावा किया कि उसे जान से मारने की धमकी दी गई है। धमकी देने वाले ने खुद को मनिंदर बिल्ला बताया। धमकी देते हुए बिल्ला ने कहा- हां जी, रसूलपुर जी वाहेगुरु जी का खालसा श्री वाहेगुरु जी की फतेह। मैं मनिंदर बिल्ला बोल रहा हूं। BKI से। मैं तुम्हें मैसेज लगा रहा हूं और इसे अपने दिमाग में बिठा लो और कान खोलकर सुन लो। तुम जो करना है, करो। जिसको जो बोलना है बोलो, जो बयानबाजी करनी है करो। मैं नहीं कहता कि बयानबाजी ना करो। एक हो गया तू और एक वह तेरे साथ वाला जो नया भर्ती किया है सतनाम। अगर मैंने तुम्हारे मुंह से शहीद सिखों के बारे में बयानबाजी सुन ली तो मेरा पता करवा लेना कि मैं कौन हूं। यह मैं कोई पब्लिसिटी के लिए नहीं कर रहा। मैं तुझे मैसेज लगा रहा हूं। मैं प्यार से समझा रहा हूं। मैंने सरकार के थाने नहीं छोड़े। वहां ग्रेनेड फेंके और लॉन्चर मारे। मैंने कोई ठेका नहीं छोड़ा। मेरे लिए तुम किसी खेत की मूली हो। जिस दिन दिल किया मैं उखाड़कर फेंकूंगा। यह एक बार मैं प्यार से कहता हूं कि कुछ मुझे करना ना पड़े इसलिए मजबूर ना करो। मैं गोलियां नहीं मारूंगा सीधे तुम्हारे घरों में IED वाले डिब्बे ही लगेंगे। फिर ऊपर जाकर भाभी कमल कौर और नैन्सी ग्रेवाल से खूब बातें करना। ************* नैन्सी मर्डर केस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… इंफ्लुएंसर नैंसी ग्रेवाल की मां ने रोते हुए वीडियो डाला: बोलीं- बेटी की मौत से पागल हो रही हूं, होश में नहीं थी कि किसका नाम ले लिया खालिस्तानी आतंकी बोला- नैन्सी ग्रेवाल का कत्ल नहीं कराया:हम बैलेट से लड़ रहे, बुलेट से नहीं; बहन ने घर में आग का VIDEO जारी किया नैन्सी ग्रेवाल हत्याकांड, कनाडाई सिख-हिंदू गुस्से में:3 मार्च एंटी खालिस्तान डे मनाने का ऐलान; 18 बार चाकू मारा, जीभ भी काटी थी नैन्सी ग्रेवाल हत्याकांड, 15 दिन पहले प्लान हुआ मर्डर:दोस्त को कहा था- मौत मंजूर, चुप नहीं रहूंगी; पढ़िए बहन के 5 अहम खुलासे खालिस्तान के खिलाफ बोलने पर हुई नैन्सी ग्रेवाल की हत्या:मां बोली- 20 बार चाकू मारे, जीभ भी काट दी; सुक्खा-हरिके ने जिम्मा लिया नैन्सी ग्रेवाल के टारगेट पर रहते थे निहंग-खालिस्तानी:जट्‌ट की जगह ब्राह्मण-बंगाली कहा जाता, पति से तलाक हुआ, कनाडा में कत्ल यूट्यूबर की कहानी कनाडा में पंजाबी यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की चाकू मारकर हत्या:मां बोली- खालिस्तानियों ने मारा; हरियाणा में जन्मी, विवादित टिप्पणियां करती थी

Actor kamal sadana Family murder case, father killed mother and sister in shootout

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38 मिनट पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-8 में जानिए कहानी एक्टर कमल सदाना के फैमिली मर्डर केस की। कमल सदाना का 20वां बर्थडे था, जब उनके पिता ने मां-बहन की गोली मारकर हत्या की और फिर उन पर भी गोली चलाई। इस हत्याकांड में एक्टर का पूरा परिवार खत्म हो गया। तारीख- 21 अक्टूबर 1990 जगह- जल कमल बंगला, 28th रोड, बांद्रा ईस्ट, मुंबई कमल सदाना उस समय तक फिल्मों में नहीं आए थे। उनके पिता बृज सदाना एक मशहूर फिल्ममेकर थे, जिन्होंने धर्मेंद्र स्टारर फिल्म प्रोफेसर प्यारेलाल, चोरी मेरा काम, यकीन और विक्टोरिया नंबर 204 जैसी बेहतरीन फिल्में बनाई थीं। वहीं उनकी मां सईदा खान 60 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस थीं। बृज सदाना से शादी के बाद सईदा ने फिल्मों में काम करना बंद कर दिया और हिंदू धर्म अपनाकर सुधा सदाना बन गईं। इस शादी से उन्हें दो बच्चे हुए। बड़ी बेटी का नाम नम्रता था और छोटे बेटे का नाम कमल। 21 अक्टूबर को कमल सदाना का 20वां जन्मदिन था। पिता बृज सदाना को शराब की लत थी, जिससे घर में आए दिन झगड़े होते थे। उस रोज भी कमल की नींद मां-बाप के झगड़े के शोर से खुली। आमतौर पर पिता बृज सदाना शाम होते ही पीना शुरू कर देते थे, लेकिन उस रोज उन्होंने सुबह से ही पीना शुरू कर दिया था। बृज सदाना बेहद गुस्सैल थे। शाम होते-होते मां ने कमल सदाना की बर्थडे पार्टी के लिए घर में ही इंतजाम कर लिए। कमल के कुछ दोस्त भी घर आने वाले थे। शाम को कमल के दो दोस्त हरि और रिज्वी आए। कमल उनके पार्टी करने निकल गए। दोस्तों के साथ लंबी सैर की, खाना खाया और फिर घर लौट आए। तब भी दोस्त साथ ही थे। एक्टर कमल सदाना ने काजोल के साथ 1991 की फिल्म बेखुदी से बॉलीवुड डेब्यू किया था। घर का माहौल अब भी थोड़ा खामोश था। बहन नम्रता और मां सईदा (सुधा) पहली मंजिल के लिविंग रूम में बैठे थे और पिता पहली मंजिल के अपने कमरे में थे। कमल भी अपने दो दोस्तों हरि और रिज्वी के साथ पहली मंजिल में स्थित अपने कमरे में चले गए। उन्होंने रूम लॉक किया और सीडी प्लेयर में तेज आवाज में गाने बजाकर डांस करने लगे। तीनों उस कमरे में मस्ती कर रहे थे कि तभी एक तेज आवाज सुनाई दी, जो गानों की आवाज में दब गई। कुछ सेकेंड बाद एक और तेज आवाज आई, इस बार ये साफ था कि आवाज गोली चलने की है। तीनों घबराकर भागते हुए सीढ़ियों से नीचे उतरे। मंजर भयावह था। कमल की मां खून से लथपथ फर्श पर पड़ी कराह रही थीं। नजरें घुमाईं तो पास में बहन नम्रता भी बेसुध पड़ी थीं। ये देख कमल की चीख निकल गई। वो मां के पास दौड़ गए, नजर उठाई तो पास में पिता बृज सदाना अब भी अपनी लाइसेंस वाली 32 बोर स्मिथ एंड वेसन रिवॉल्वर लिए नशे में धुत्त खड़े थे। अब उनकी रिवॉल्वर के निशाने पर कमल भी थे। कमल को देखते ही उन्होंने गोली चला दी। वो घबराकर झुक गए। गले में एक झटका सा महसूस हुआ, वो भी फर्श पर गिरे। तभी पिता ने एक और बार फायरिंग की, जो पास खड़े दोस्त हरि की कलाई में जा लगी। सब जमीन से सटे थे कि पिता उठे और धीमें कदमों से सीढ़ियां चढ़ते हुए अपने कमरे की ओर चले गए। चीख-पुकार अचानक खामोशी में बदल गई। पिता के जाते ही कमल उठे और होश खो रहीं मां-बहन को उठाने की कोशिश करने लगे। वो रोते-बिलखते पड़ोस में रहनेवाले मुर्तुजा अंकल के पास गए और मदद मांगी। एंबुलेंस बुलाई गई, जिसमें कमल और उनके दोस्तों ने सईदा और नम्रता को भाभा हॉस्पिटल पहुंचाया। दोनों का खून काफी बह चुका था। उन्हें इमरजेंसी में रखा गया। तभी डॉक्टर की नजर कमल की शर्ट पर पड़ी। डॉक्टर ने तुरंत पूछा- तुम्हारी शर्ट पर इतना खून क्यों है? कमल ने जवाब दिया- ये मेरी मां और बहन का खून होगा। डॉक्टर ने फिर झट से कहा- नहीं, तुम्हें भी गोली लगी है। कमल सदाना खामोश रहे, इतने में डॉक्टर ने फिर कहा- इस हॉस्पिटल में हमारे पास जगह नहीं है, तुम्हें दूसरे हॉस्पिटल जाना होगा। खून से लथपथ कमल ने कहा- नहीं, आप मेरी मां और बहन को जिंदा रखिए, मैं अपने पिता को देखने घर जा रहा हूं। कमल ये भयावह मंजर देखने के बाद भी पिता के लिए फिक्रमंद थे। जहन में बस यही ख्याल था कि न जाने अकेलेपन में पिता के मन में क्या ख्याल आ रहे होंगे। तभी साथ मौजूद दोस्त आबिस ने जबरदस्ती कर उन्हें इलाज के लिए मनाया। आबिस ही उन्हें हिंदुजा हॉस्पिटल ले गए। तब तक रात के 3 बज चुके थे। डॉक्टर्स ने देखा कि कमल के गले में गोली लगी थी। गोली बाहिनी तरफ से लगी और गला चीरते हुए दाहिनी ओर से निकली। उन्हें तुरंत सर्जरी की जरुरत थी। उन्हें एनेस्थेसिया दिया गया, जिसके बाद उनकी सर्जरी हुई। कुछ घंटों तक कमल होश में नहीं आए। जब कई घंटों बाद कमल को होश आया तो 22 अक्टूबर की तारीख लग चुकी थी। दोस्त उन्हें लेकर घर पहुंचे तो घर के बाहर भीड़ लगी थी। सभी शोक में थे। उन्होंने कदम बढ़ाया तो देखा मां और बहन नम्रता की लाशें सफेद कपड़े में लिपटी रखी हुई थीं। नजरें घुमाई तो वहां तीसरी लाश भी थी, जो कमल के पिता बृज सदाना की थी। वही बृज, जिन्होंने गोलियां चलाई थीं। दरअसल, पत्नी सईदा, बेटी नम्रता, कमल और उनके दोस्त पर गोली चलाने के बाद बृज सदाना अपने कमरे में चले गए। जब सभी हॉस्पिटल के लिए रवाना हुए तो कुछ देर बाद कमल ने मुंह में रिवॉल्वर रखी और गोली चला दी, जिससे उनकी भी मौत हो गई। बृज सदाना के कमरे की तस्वीर, जहां उनकी लाश मिली थी। बड़े प्रोड्यूसर थे कमल सदाना के पिता बृज, मां थीं स्टार एक्ट्रेस कमल सदाना की मां सईदा बेगम की मां अनवरी एक डांसर हुआ करती थीं। एक पार्टी में 50 के दशक के मशहूर प्रोड्यूसर एच.एस.रवैल की 11 साल की सईदा पर नजर पड़ी, जिन्होंने उन्हें

Actor kamal sadana Family murder case, father killed mother and sister in shootout

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1 घंटे पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-8 में जानिए कहानी एक्टर कमल सदाना के फैमिली मर्डर केस की। कमल सदाना का 20वां बर्थडे था, जब उनके पिता ने मां-बहन की गोली मारकर हत्या की और फिर उन पर भी गोली चलाई। इस हत्याकांड में एक्टर का पूरा परिवार खत्म हो गया। तारीख- 21 अक्टूबर 1990 जगह- जल कमल बंगला, 28th रोड, बांद्रा ईस्ट, मुंबई कमल सदाना उस समय तक फिल्मों में नहीं आए थे। उनके पिता बृज सदाना एक मशहूर फिल्ममेकर थे, जिन्होंने धर्मेंद्र स्टारर फिल्म प्रोफेसर प्यारेलाल, चोरी मेरा काम, यकीन और विक्टोरिया नंबर 204 जैसी बेहतरीन फिल्में बनाई थीं। वहीं उनकी मां सईदा खान 60 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस थीं। बृज सदाना से शादी के बाद सईदा ने फिल्मों में काम करना बंद कर दिया और हिंदू धर्म अपनाकर सुधा सदाना बन गईं। इस शादी से उन्हें दो बच्चे हुए। बड़ी बेटी का नाम नम्रता था और छोटे बेटे का नाम कमल। 21 अक्टूबर को कमल सदाना का 20वां जन्मदिन था। पिता बृज सदाना को शराब की लत थी, जिससे घर में आए दिन झगड़े होते थे। उस रोज भी कमल की नींद मां-बाप के झगड़े के शोर से खुली। आमतौर पर पिता बृज सदाना शाम होते ही पीना शुरू कर देते थे, लेकिन उस रोज उन्होंने सुबह से ही पीना शुरू कर दिया था। बृज सदाना बेहद गुस्सैल थे। शाम होते-होते मां ने कमल सदाना की बर्थडे पार्टी के लिए घर में ही इंतजाम कर लिए। कमल के कुछ दोस्त भी घर आने वाले थे। शाम को कमल के दो दोस्त हरि और रिज्वी आए। कमल उनके पार्टी करने निकल गए। दोस्तों के साथ लंबी सैर की, खाना खाया और फिर घर लौट आए। तब भी दोस्त साथ ही थे। एक्टर कमल सदाना ने काजोल के साथ 1991 की फिल्म बेखुदी से बॉलीवुड डेब्यू किया था। घर का माहौल अब भी थोड़ा खामोश था। बहन नम्रता और मां सईदा (सुधा) पहली मंजिल के लिविंग रूम में बैठे थे और पिता पहली मंजिल के अपने कमरे में थे। कमल भी अपने दो दोस्तों हरि और रिज्वी के साथ पहली मंजिल में स्थित अपने कमरे में चले गए। उन्होंने रूम लॉक किया और सीडी प्लेयर में तेज आवाज में गाने बजाकर डांस करने लगे। तीनों उस कमरे में मस्ती कर रहे थे कि तभी एक तेज आवाज सुनाई दी, जो गानों की आवाज में दब गई। कुछ सेकेंड बाद एक और तेज आवाज आई, इस बार ये साफ था कि आवाज गोली चलने की है। तीनों घबराकर भागते हुए सीढ़ियों से नीचे उतरे। मंजर भयावह था। कमल की मां खून से लथपथ फर्श पर पड़ी कराह रही थीं। नजरें घुमाईं तो पास में बहन नम्रता भी बेसुध पड़ी थीं। ये देख कमल की चीख निकल गई। वो मां के पास दौड़ गए, नजर उठाई तो पास में पिता बृज सदाना अब भी अपनी लाइसेंस वाली 32 बोर स्मिथ एंड वेसन रिवॉल्वर लिए नशे में धुत्त खड़े थे। अब उनकी रिवॉल्वर के निशाने पर कमल भी थे। कमल को देखते ही उन्होंने गोली चला दी। वो घबराकर झुक गए। गले में एक झटका सा महसूस हुआ, वो भी फर्श पर गिरे। तभी पिता ने एक और बार फायरिंग की, जो पास खड़े दोस्त हरि की कलाई में जा लगी। सब जमीन से सटे थे कि पिता उठे और धीमें कदमों से सीढ़ियां चढ़ते हुए अपने कमरे की ओर चले गए। चीख-पुकार अचानक खामोशी में बदल गई। पिता के जाते ही कमल उठे और होश खो रहीं मां-बहन को उठाने की कोशिश करने लगे। वो रोते-बिलखते पड़ोस में रहनेवाले मुर्तुजा अंकल के पास गए और मदद मांगी। एंबुलेंस बुलाई गई, जिसमें कमल और उनके दोस्तों ने सईदा और नम्रता को भाभा हॉस्पिटल पहुंचाया। दोनों का खून काफी बह चुका था। उन्हें इमरजेंसी में रखा गया। तभी डॉक्टर की नजर कमल की शर्ट पर पड़ी। डॉक्टर ने तुरंत पूछा- तुम्हारी शर्ट पर इतना खून क्यों है? कमल ने जवाब दिया- ये मेरी मां और बहन का खून होगा। डॉक्टर ने फिर झट से कहा- नहीं, तुम्हें भी गोली लगी है। कमल सदाना खामोश रहे, इतने में डॉक्टर ने फिर कहा- इस हॉस्पिटल में हमारे पास जगह नहीं है, तुम्हें दूसरे हॉस्पिटल जाना होगा। खून से लथपथ कमल ने कहा- नहीं, आप मेरी मां और बहन को जिंदा रखिए, मैं अपने पिता को देखने घर जा रहा हूं। कमल ये भयावह मंजर देखने के बाद भी पिता के लिए फिक्रमंद थे। जहन में बस यही ख्याल था कि न जाने अकेलेपन में पिता के मन में क्या ख्याल आ रहे होंगे। तभी साथ मौजूद दोस्त आबिस ने जबरदस्ती कर उन्हें इलाज के लिए मनाया। आबिस ही उन्हें हिंदुजा हॉस्पिटल ले गए। तब तक रात के 3 बज चुके थे। डॉक्टर्स ने देखा कि कमल के गले में गोली लगी थी। गोली बाहिनी तरफ से लगी और गला चीरते हुए दाहिनी ओर से निकली। उन्हें तुरंत सर्जरी की जरुरत थी। उन्हें एनेस्थेसिया दिया गया, जिसके बाद उनकी सर्जरी हुई। कुछ घंटों तक कमल होश में नहीं आए। जब कई घंटों बाद कमल को होश आया तो 22 अक्टूबर की तारीख लग चुकी थी। दोस्त उन्हें लेकर घर पहुंचे तो घर के बाहर भीड़ लगी थी। सभी शोक में थे। उन्होंने कदम बढ़ाया तो देखा मां और बहन नम्रता की लाशें सफेद कपड़े में लिपटी रखी हुई थीं। नजरें घुमाई तो वहां तीसरी लाश भी थी, जो कमल के पिता बृज सदाना की थी। वही बृज, जिन्होंने गोलियां चलाई थीं। दरअसल, पत्नी सईदा, बेटी नम्रता, कमल और उनके दोस्त पर गोली चलाने के बाद बृज सदाना अपने कमरे में चले गए। जब सभी हॉस्पिटल के लिए रवाना हुए तो कुछ देर बाद कमल ने मुंह में रिवॉल्वर रखी और गोली चला दी, जिससे उनकी भी मौत हो गई। बृज सदाना के कमरे की तस्वीर, जहां उनकी लाश मिली थी। बड़े प्रोड्यूसर थे कमल सदाना के पिता बृज, मां थीं स्टार एक्ट्रेस कमल सदाना की मां सईदा बेगम की मां अनवरी एक डांसर हुआ करती थीं। एक पार्टी में 50 के दशक के मशहूर प्रोड्यूसर एच.एस.रवैल की 11 साल की सईदा पर नजर पड़ी, जिन्होंने उन्हें

Nancy Grewal Murder Canada | Anti-Khalistan Day March 3

Nancy Grewal Murder Canada | Anti-Khalistan Day March 3

इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। – फाइल फोटो पंजाबी यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की हत्या के बाद कनाडा में खालिस्तान समर्थकों का विरोध बढ़ गया है। कनाडाई डेमोक्रेट्स, स्थानीय हिंदू और सिख ऑर्गेनाइजेशन के साथ राजनेताओं ने खालिस्तानियों को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रोष जताया। . उन्होंने लिखा- नैन्सी अच्छी इंसान थी। अब 3 मार्च को एंटी खालिस्तान डे के तौर पर मनाया करेंगे। इसी दिन नैन्सी की चाकू से 18 बार वार और जीभ काटकर हत्या की गई थी। विंडसर वेस्ट के सांसद हर्ब गिल ने भी कहा है- लासाल और पूरे विंडसर-एसेक्स के कई लोगों की तरह मुझे भी नैन्सी ग्रेवाल की मौत का दुख है। नैन्सी सोशल मीडिया की दुनिया में एक जानी-मानी आवाज थीं और सोशल मीडिया की पोस्टों ने यह साफ कर दिया कि दुनिया भर में बहुत से लोग उनके विचारों को फॉलो करते थे। इधर, नैन्सी ग्रेवाल की मां आज कनाडा पहुंच जाएंगी और डेडबॉडी लेने के लिए फार्मेलिटीज पूरी करेंगी। इसके साथ ही लासाल पुलिस आज कातिलों को लेकर खुलासा कर सकती है। बता दें कि कनाडा के विंडसर में रहने वाली नैन्सी ग्रेवाल की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। नैन्सी खालिस्तानी मूवमेंट के खिलाफ सोशल मीडिया पर बोलती थीं। उनकी मौत ने कनाडा की राजनीति और पुलिस सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने सोशल मीडिया पर यह वीडियो जारी कर दावा किया कि विरोध करने पर खालिस्तान समर्थकों ने रेडियो होस्ट को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था। इसी तरह के वीडियो-फोटो शेयर कर लोग खालिस्तानियों के प्रति अपना रोष जता रहे हैं। 3 पॉइंट्स में जानें नैन्सी की हत्या पर लोगों का विरोध… कनाडा पुलिस की सुरक्षा में बड़ी चूक: नैन्सी ने अपनी मौत से कुछ दिन पहले ही बताया था कि उन्हें 40 से ज्यादा बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। नवंबर 2025 में उनके घर पर पर हमला भी हुआ था। फिर भी पुलिस ने उन्हें कोई सुरक्षा नहीं दी। लासाल पुलिस चीफ माइकल पियर्स ने कहा है कि नैन्सी की हत्या इत्तेफाक या रैंडम हमला नहीं है। यह एक सोची-समझी साजिश थी। CBC की रिपोर्ट के मुताबिक, एक खालिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट ने इस हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि नैन्सी को उनके बयानों और खालिस्तान के खिलाफ बोलने की सजा दी गई है। खालिस्तानियों के पॉलिटिकल रिलेशन, फोटो खिंचवा रहे: कनाडा के लोगों ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें पोस्ट करते हुए दावा किया कि खालिस्तानियों के पॉलिटिकल रिलेशन हैं। राजनीति इशारे पर कनाडा का माहौल खराब हो रहा है। लोगों ने एक फोटो पोस्ट कर लिखा- विंडसर के मेयर ड्रू डिलकेंस की एक फोटो चर्चा में है, जिसमें वह अवतार कूनर के पास बैठे हैं। अवतार कूनर को खालिस्तानी समर्थक बताया जा रहा है। उसी कमरे की दीवार पर जगतार सिंह हवारा की एक बड़ी फोटो लगी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर क्यों पुलिस और नेता ऐसे लोगों के साथ खड़े हैं जो खुलेआम धमकियां देते हैं। खालिस्तानियों पर हमास और हिजबुल्ला जैसी सख्ती हो: नैन्सी की हत्या के बाद कनाडा का यहूदी समुदाय भी गुस्से में है। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि यह कत्ल सिस्टम की नाकामी है। नैन्सी को पुलिस सुरक्षा न मिलना राष्ट्रीय शर्म है। यहूदी संगठनों ने मांग की है कि कनाडा सरकार खालिस्तानी उग्रवादियों के साथ भी वैसी ही सख्ती बरते जैसी हमास और हिजबुल्ला जैसे आतंकी संगठनों के साथ बरती जाती है। उन्होंने हिंदू और सिख समुदायों के साथ खड़े होकर कहा, ओम शांति। उनकी यादें हमेशा बनी रहें। सांसद हर्ब गिल ने अपनी बात रखने के अलावा लोगों से अपील की कि अगर किसी के पास इस केस से संबंधित कोई जानकारी है, जो केस को सॉल्व करने में मदद कर सकती है तो डिटेक्टिव सार्जेंट जेमी नेस्टर को सूचित करें। विंडसर वेस्ट के सांसद हर्ब गिल ने की सजा की मांग विंडसर वेस्ट के सांसद हर्ब गिल ने कहा कि वह खुद 30 साल तक पुलिस ऑफिसर रह चुके हैं। उन्होंने नैन्सी की मौत को दुखद बताया। उन्होंने मांग की है कि नैन्सी के हत्यारों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। उनके पुलिस बैकग्राउंड की वजह से अब लासाल पुलिस पर दबाव और बढ़ गया है। यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की फाइल फोटो। एंटी-खालिस्तान डे की घोषणा हिंदू कैनेडियन फेडरेशन ने नैन्सी ग्रेवाल की याद में हर साल 3 मार्च को एंटी खालिस्तान डे मनाने की घोषणा की है। उनका कहना है कि यह मूवमेंट उन लोगों के खिलाफ है जो कनाडा की धरती पर होमग्रोन टेररिज्म फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि नैंसी ग्रेवाल ने आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू और खालिस्तानी नेटवर्क को बेनकाब किया था। कनाडा में जो खालिस्तान के खिलाफ बोलता है उसी को पीटा या मारा जाता है। इससे पहले रेडियो होस्ट दीपक पुंज पर हमला, फिर ज्योति सिंह मान पर हमला और अब नैन्सी की हत्या। हिंदू कैनेडियन फाउंडेशन की ओर से सोशल मीडिया पर घोषणा की गई। हर साल 3 मार्च को एंटी खालिस्तानी-डे मनाने के लिए जारी किया गया पोस्टर। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… नैन्सी ग्रेवाल हत्याकांड, 15 दिन पहले प्लान हुआ मर्डर:दोस्त को कहा था- मौत मंजूर, चुप नहीं रहूंगी; पढ़िए बहन के 5 अहम खुलासे पंजाबी इन्फ्लुएंसर, सिंगर और नर्स नैन्सी ग्रेवाल के मर्डर को लेकर बहन अलीशा ने कई खुलासे किए हैं। बहन ने बताया कि नैन्सी को जान का खतरा था। उसने बकायादा कनाडा पुलिस को कुछ लोगों के नाम दे रखे थे। नैन्सी ने पुलिस को कहा था कि अगर उसे कुछ हो जाए तो इन लोगों से पूछताछ की जाए। पूरी खबर पढ़ें…

Nancy Grewal Murder Plan Khulasa

Nancy Grewal Murder Plan Khulasa

नैंसी ग्रेवाल, जिसकी चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पंजाबी इन्फ्लुएंसर, सिंगर और नर्स नैंसी ग्रेवाल के मर्डर को लेकर बहन अलीशा ने कई खुलासे किए हैं। बहन ने बताया कि नैंसी को जान का खतरा था। उसने बकायादा कनाडा पुलिस को कुछ लोगों के नाम दे रखे थे। नैंसी ने पुलिस को कहा था कि अगर उसे कुछ हो जाए तो इन लोग . बहन ने बताया कि करीब 15-20 दिन पहले नैंसी के एक करीबी दोस्त ने उसे अलर्ट किया था। नैंसी को बताया कि तुम्हारी कत्ल की प्लानिंग हो रही है। तुम कुछ दिनों के लिए कहीं चली जाओ। इस पर नैंसी ने कहा था कि मौत मंजूर है, लेकिन चुप नहीं बैठूंगी। नैंसी ने दोस्त को कहा था कि वे अपने क्लाइंट को नहीं छोड़ सकती। नैंसी ने पैरालाइज क्लाइंट को बचाने के लिए दरवाजा बंद कर दिया था, ताकि हमलावर क्लाइंट को नुकसान न पहुंचा पाएं। जिस घर में नैंसी पैरालाइज मरीज की देखभाल कर रही थी, उसी घर के बाहर उस पर हमला किया गया। बहन ने बताया कि नैंसी ने दोनों हमलावरों का मुकाबला किया, भागने की कोशिश भी की। लेकिन उन्होंने उसे घर के पीछे सुनसान जगह घेर लिया। हमलावरों ने उसके पेट में 20 बार चाकू से वार कर दिए। वो चिल्ला न पाए, इसलिए उसकी जीभ भी काट दी। बता दें कि मंगलवार रात (3 मार्च) करीब साढ़े 9 बजे नैंसी ग्रेवाल हत्या कर दी गई थी। नैंसी ग्रेवाल की बहन अलीशा की फाइल फोटो। नैंसी की बहन की अहम बातें… दरवाजा ऑटो लॉक न होता तो बच जाती: बहन ने बताया कि जब हमलावरों ने नैंसी पर चाकू से पहले 2 वार किए, तो वह जान बचाने के लिए वापस घर के अंदर भागने लगी। लेकिन घर का दरवाजा ऑटो लॉक हो चुका था। अगर दरवाजा बंद न होता तो शायद वो बच जाती। घर के अंदर मौजूद बुजुर्ग मरीज पैरालाइज होने के कारण दरवाजा नहीं खोल सकी, हालांकि उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन कर दिया था। दरवाजा न खुलने पर नैंसी घर के पीछे जंगल की तरफ अपनी जान बचाने के लिए भागी। हमलावरों ने उसे वहां पकड़ लिया और उस पर तब तक वार किए जब तक वे पूरी तरह लहूलुहान नहीं हो गईं। पुलिस पहुंची, अस्पताल ले जाते हुए दम तोड़ा: अलीशा ने बताया कि जब तक लासाल पुलिस मौके पर पहुंची, नैंसी का काफी खून बह चुका था। हालांकि उस वक्त उसकी सांसें चल रही थी। लेकिन एंबुलेंस में अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार गहरे जख्म और ज्यादा खून बहना मौत का कारण बना। प्री प्लांड मर्डर किया गया, पुलिस कुछ नहीं कर पाई: अलीशा ने कहा कि नैंसी का मर्डर प्री प्लांड था। पहले से पता था कि खतरा था। नैंसी ने मर्डर के बारे में पहले से पुलिस को बता दिया था। पुलिस ने कुछ लोगों को उठाया भी। लेकिन फिर भी पुलिस कुछ नहीं कर पाई। बहुत बार खालिस्तान के मुद्दे पर बोलने से रोका: अलीशा ने कहा कि सोशल मीडिया पर सच बोलना ही बहन की मौत का कारण बना। वह खालिस्तान और अन्य मुद्दों पर बहुत खुला बोलती थी। परिवार उसे रोकता था। लेकिन वे कहती थी कि अगर मौत आनी है तो आएगी वह चुप नहीं रहेगी। नॉमिनी के बारे में बार-बार पूछा जा रहा था: अलीशा ने खुलासा किया कि मर्डर के पीछे जरूरी नहीं है कि खालिस्तानी ही हों। कोई और भी हो सकता है। कुछ लोग नैंसी से बार-बार पूछ रहे थे कि उसका नॉमिनी कौन है और उसने अपना सोना और संपत्ति कहां रखी है। वे लोग नैंसी के मरने के बाद उसकी चीजों पर कब्जा करना चाहते थे। नैंसी की 3 मार्च को चाकू से हत्या कर दी गई थी।- फाइल फोटो संस्कार के लिए मां आज कनाडा पहुंचेंगी नैंसी की मां ने बताया कि उसकी आज कनाडा के लिए फ्लाइट है। वह कनाडा पहुंचकर संस्कार करेगी। कनाडा पुलिस की बहुत सी फॉर्मेलिटी पूरी होने के बाद ही बॉडी मिलेगी। नैंसी का संस्कार कनाडा में ही किया जाएगा। मां ने बताया कि कनाडा सरकार से यही मांग है कि बेटी के कातिलों को जल्द से जल्द जेल में डाला जाए। नैंसी के इंस्टग्राम पर 14 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स थे। लासाल पुलिस बोली- जांच चल रही लासाल पुलिस के हेड माइकल पियर्स ने कहा कि अब तक की जांच में ये बात निकलकर सामने आई है कि मर्डर अचानक या बिना सोचे-समझे नहीं हुआ। नैंसी का मर्डर प्री प्लांड है। इसके पीछे जो कोई भी है, पुलिस उनको वेरिफाई कर रही है। हर तरह की सूचना पर उस एंगल से जांच चल रही है। माइकल ने कहा कि अभी ऐसी कोई भी जानकारी साझा नहीं करना चाहते, जिससे जांच प्रभावित हो। पुलिस को कई सुराग, टिप्स मिले हैं। लासाल में इस समय लोग डरे हुए हैं। बार-बार लोगों के कॉल आ रहे हैं। वे पूछ रहे हैं कि क्या दरवाजे बंद रखने चाहिए। हेड ने कहा कि वह हत्या को हलके से नहीं ले रहे। जल्दी आरोपी आइडेंटिफाई हो जाएंगे। बाबा सतनाम सिंह की 2 अहम बातें… मेरे समर्थन में वीडियो बनाए: बाबा सतनाम सिंह कहा कि नैंसी ग्रेवाल लोगों को बचाने का काम करती थी। मुझे उसकी मौत के बाद पता चला। मेरे समर्थन में भी उसने कई वीडियो बनाए थे। इसलिए मैंने भी सोचा उसके लिए कुछ कहना चाहिए। मुझे भी खालिस्तानी मरवाना चाहते हैं। नैंसी गलत कंटेंट नहीं बनाती थी: सतनाम सिंह ने कहा कि कमल कौर को तो इसलिए मार दिया था कि वो अश्लील कंटेंट बनाती थी, नैंसी तो गलत वीडियो भी नहीं बनाती थी। वो खलिस्तानियों के खिलाफ आवाज उठाती थी, जो सही थी। सिखों को कभी भी खालिस्तान नहीं चाहिए। गुरुबाणी कभी राज नहीं मांगती। सिखों को तो अखंड भारत चाहिए। ——– ये खबरें भी पढ़ें… नैन्सी ग्रेवाल के टारगेट पर रहते थे निहंग-खालिस्तानी:जट्‌ट की जगह ब्राह्मण-बंगाली कहा जाता, पति से तलाक हुआ, कनाडा में कत्ल यूट्यूबर की कहानी कनाडा में कत्ल की गई पंजाबी यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल हमेशा निहंगों और खालिस्तानियों को टारगेट करती थी। खालिस्तानियों को वह गुंडा कहती थी तो निहंगों को क्रिमिनल, हालांकि

Punjabi YouTuber Nancy Grewal Murder

Punjabi YouTuber Nancy Grewal Murder

नैन्सी ग्रेवाल सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव रहती थी। जहां वह हिंदी और पंजाबी गानों पर रील बनाकर पोस्ट करती रहती थी। कनाडा में कत्ल की गई पंजाबी यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल हमेशा निहंगों और खालिस्तानियों को टारगेट करती थी। खालिस्तानियों को वह गुंडा कहती थी तो निहंगों को क्रिमिनल, हालांकि वह ये भी साफ करती थी कि अच्छे निहंगों का वह दिल से सम्मान करती है। खालिस्तानी होना . नैन्सी के जट्‌ट सिख होने पर भी सवाल खड़े होते रहे। कोई उन्हें ब्राह्मण तो कोई बंगाली बताता रहा। मगर, एक इंटरव्यू में उसने बताया था कि वह सिख परिवार से ही है। उसकी शादी भी हुई थी, पति इंजीनियर था लेकिन पति के साथ धार्मिक वजहों से विवाद हो गया। जिसके बाद झगड़े बढ़े तो उसने तलाक ले लिया। नैन्सी का मंगलवार रात को कनाडा के विंडसर में चाकू मारकर कत्ल कर दिया गया। हालांकि अभी तक कातिलों का पता नहीं चला है लेकिन मां छिंदरपाल कौर ने खालिस्तानियों पर शक जताया है। वहीं कनाडा की पुलिस ने भी लोगों से इस कत्ल के बारे में किसी तरह की सूचना होने पर उसे शेयर करने के लिए कहा है। नैन्सी ग्रेवाल अक्सर हिंदी गानों पर रील बनाकर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करती थी। मोनीप्रीत कैसे बनी नैन्सी ग्रेवाल, स्टेज पर सिंगिंग करने वाली कैसे कनाडा पहुंची, जट्‌ट सिख न होने पर क्या दिया था जवाब, तलाक को लेकर क्या कहा और निहंगों-खालिस्तानियों से कैसे हुई दुश्मनी, पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले नैन्सी के बारे में जानिए… हरियाणा में जन्मी, परिवार जालंधर में रहता: नैंसी ग्रेवाल हरियाणा के सिरसा में पैदा हुईं। उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई भी वहीं पर हुई। हालांकि उसका परिवार मूल रूप से लुधियाना का था। सिरसा से पढ़ाई पूरी होने के बाद कुछ समय उसका परिवार लुधियाना में रहा। इसके बाद जालंधर में शिफ्ट हो गए। अब उसकी मां छिंदरपाल कौर जालंधर में ही रहती है। मोनीप्रीत से बनी नैन्सी: एक इंटरव्यू में नैन्सी ग्रेवाल ने बताया कि उसके पिता ने उसका नाम मोनीप्रीत रखा था। स्कूल में दाखिला लेते वक्त भी यही नाम लिखवाया था। स्कूल में पंजाबी की टीचर मोनीप्रीत को मोनी कोनी कहकर बुलाती थी तो उसने परिवार को बताए बिना अपना नाम बदलकर नैन्सी रख दिया। यही नहीं उसने स्कूल भी बदल दिया। सहेली घर आई तो पिता को नाम बदलने का पता चला: नैन्सी ग्रेवाल ने बताया था कि उसके पिता को पता ही नहीं था कि उसने स्कूल के साथ नाम भी बदल दिया। जब उसकी सहेली घर पर आई और नैन्सी के बारे में पूछा तो पिता ने कह दिया था कि यहां कोई नैंसी नहीं रहती। फिर उसने बाहर आकर बताया कि वो नैन्सी है और उसने अपना नाम व स्कूल बदल दिया। 7 साल की उम्र में शुरू किया स्टेज प्रोग्राम: नैन्सी ग्रेवाल पढ़ने में कमजोर थी लेकिन सिंगिंग में बेहतर थी। स्कूल स्तर पर गाना शुरू किया। वहीं प्रोफेशनल मंचों पर 7 साल की उम्र में गाना शुरू किया। तब वह जगरातों में गाती थी। धार्मिक प्रोग्राम के बाद नैंसी ने पंजाबी गीत गाने शुरू किए। गीतों के एल्वम के कवर पर उसका नाम एम नैंसी लिखा जाता था। नैंसी ने हिसार से ग्रेजुएशन की और फिर पंजाब में स्टेज शो करने शुरू किए। 2012 में आम आदमी पार्टी से जुड़ी: नैन्सी ग्रेवाल 2012 विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ी। हालांकि वह किसी पद पर नहीं रहीं। मगर, पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय रही। 2015 में उसने राजनीति से पूरी तरह से किनारा कर दिया। इसके बाद नर्सिंग की स्टडी के लिए फिर नैंसी ग्रेवाल कनाडा गई। कनाडा में नर्सिंग के साथ काम करना शुरू किया। नर्सिंग पूरी होने के बाद वहीं पर फुल टाइम काम किया और उसे कनाडा की नागरिकता मिल गई। स्टेज पर गातीं नैन्सी ग्रेवाल।- फाइल फोटो जट्‌ट होने पर सवाल उठे तो कहा- मां गिल थी, दादी बराड़ सोशल मीडिया पर नैन्सी ग्रेवाल के जट्‌ट सिख होने पर सवाल खड़े होते थे। कोई उसे ब्राह्मण तो कोई उसे बंगाल का बताता था। इस पर भी एक इंटरव्यू में उसने अपने पूरे खानदान के बारे में बताया था। इंटरव्यू में नैन्सी ग्रेवाल ने बताया था कि मैं ग्रेवाल परिवार में जन्मी हूं। मेरी मां गिल परिवार से है। मेरी नानी मांगट है। दादी मेरी बराड़ है। नैन्सी ग्रेवाल की सोशल मीडिया पर शेयर की गई रील। तलाक पर कहा था- पति मेंटली सिक था नैन्सी ग्रेवाल की शादी को लेकर भी सोशल मीडिया में सवाल खड़े होते रहे हैं। उस पर भी उसने स्पष्ट किया कि मैं डायवोर्सी हूं। जिससे मेरी शादी हुई थी, वह मैकेनिकल इंजीनियर था। वो सभी धर्मों को गालियां देता है। वो मेंटली सिक था। रोज झगड़े हो रहे थे। वो चाहता था कि मेरा सारा पैसा उसके पास जाए। हालांकि उसे मेरी सिंगिंग पसंद थी। वो चाहता था मैं गाऊं। शादी से पहले मैंने शर्त रखी थी कि मुझे अपने परिवार को पालना है क्योंकि मैंने अपने पापा को अस्पताल के बेड पर वादा किया था कि आपका परिवार का पालन पोषण मैं करूंगी। मेरे पति ने मुझे पैसे देने से मना किया तो हमारा डिवोर्स हो गया। नैन्सी ग्रेवाल का सोशल मीडिया पर शेयर की गई रील से ली गई फोटो। जानिए, निहंगों-खालिस्तानियों से क्यों नाराज थी नैन्सी निहंगों ने मदद के बदले रुपए लिए: अपने एक इंटरव्यू में नैन्सी ने निहंगों से दुश्मनी होने की बात बताई थी। नैन्सी ग्रेवाल ने बताया था कि उसके घर की दीवार तोड़कर एक धार्मिक स्थल ने कब्जा कर लिया था। उस कब्जे को हटाने के लिए उसने निहंगों से मदद मांगी थी। निहंगों ने कब्जा हटवाया और उसके बाद 10 हजार रुपए की डिमांड की। फिर उनका सौदा 5100 रुपए और सभी को ढाबे में अच्छा खाना खिलाने पर निपट गया। नैन्सी ने इंटरव्यू में कहा था कि उसे लगता था कि निहंग सिंह फ्री में लोगों की मदद करते हैं। सोशल मीडिया पर टारगेट किया: इसके बाद एक निहंग ने सोशल मीडिया पर नैन्सी ग्रेवाल के संबंध में कुछ लिख दिया। नैन्सी ने बताया था कि उसके बाद उसने भी सोशल मीडिया से ही जवाब दिया। फिर दूसरे निहंग ने उसके और उसके