Charkhi Dadri Gang Rape Murder

24 फरवरी को लड़की चरखी दादरी के रोज गार्डन में बेसुध हालत में मिली थी। रोहतक PGI में उसने दम तोड़ दिया था। हरियाणा के चरखी दादरी में 10वीं की छात्रा से गैंगरेप और हत्या के मामले में पुलिस ने एक को गिरफ्तार किया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि वह कौन है। परिवार सहेली पर ही आरोप लगा रहा है कि वही उसे बहला-फुसलाकर उन युवकों के पास लेकर . दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में लड़की के पिता ने कहा कि बेटी नौवीं क्लास तक जींद में अपने नाना के यहां पढ़ी। पिछले साल उसने 10वीं में चरखी दादरी में एडमिशन लिया था। 24 फरवरी को वह स्कूल में रोल नंबर लेने के लिए गई थी। इसके बाद उसके साथ यह घटना हुई। 26 फरवरी को उसका पहला बोर्ड का एग्जाम होना था। शुक्रवार शाम को जींद में लड़की का अंतिम संस्कार किया गया। 27 फरवरी की शाम को लड़की के परिवार के लोग उसका शव रोहतक PGI से लेकर गए थे। अब जानिए लड़की के पिता ने क्या-क्या बताया…. नौंवी तक जींद में पढ़ी: लड़की के पिता ने बताया कि बेटी बचपन से ही अपने ननिहाल जींद में रही है। नौंवी तक की पढ़ाई अपने नाना के पास ही की। 10वीं करने के लिए वह वह चरखी दादरी आ गई थी। उसने जिले में पड़ने वाले एक सरकारी स्कूल में एडमिशन लिया। वह रोजाना रोडवेज बस से स्कूल में पढ़ने के लिए जाती थी। 24 फरवरी को स्कूल गई थी: व्यक्ति ने बताया कि इस साल उसके हरियाणा बोर्ड के एग्जाम थे। 26 फरवरी को बेटी का पहला पेपर होना था। 24 फरवरी को बेटी स्कूल में रोल नंबर लेने के लिए गई थी। यह स्कूल घर से करीब 2 किलोमीटर दूर है। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। सहेली चरखी दादरी लेकर गई: व्यक्ति ने आगे बताया कि बेटी को सतनाली की रहने वाली उसकी सहेली स्कूल के बाद चरखी दादरी ले गई। वहां बेटी रोज गार्डन में बेसुध हालत में पड़ी मिली। यह एरिया उनके घर से करीब 37 किलोमीटर दूर है। सहेली ही बेटी को बहला-फुसलाकर चरखी दादरी लेकर आई थी। पहले वह उसे एक कॉफी शॉप में ले गई। वहां पहले से कुछ युवक मौजूद थे। उन युवकों ने बेटी को कुछ नशीला पदार्थ दिया। इसके बाद उससे रेप किया। बेटी की दूसरी सहेली का फोन आया: व्यक्ति ने आरोप लगाया कि बेटी को जब होश आया तो उसने अपनी सहेली को फोन किया। इसके बाद बेटी की दूसरी सहेली का मेरे पास फोन आया और उसने बताया कि बेटी को कुछ नशीला पदार्थ दिया गया है। जब उसने बेटी की फोन किया तो उसने कॉल नहीं उठाई। कुछ देर बाद रोज गार्डन से एक व्यक्ति का फोन आया कि आपकी बेटी बेसुध हालत में मिली है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लड़की के बारे में बताते रोज गार्डन के माली राम बाबू। माली बोला- पानी पिलाते ही लड़की ने उल्टी की रोज गार्डन के माली राम बाबू ने बताया कि मैं कुछ लोगों के साथ उस दिन पार्क में बैठा था। पार्क में लड़की पर नजर पड़ी तो वो बेसुध हालत में थी। उसके पास एक स्कूल बैग और मोबाइल भी था। लड़की से कुछ पूछने की कोशिश की कुछ भी बोल नहीं सकी। उसे एक ग्लास में पानी पिलाया। पानी पीते ही कुछ होश आया तो उल्टी करने लगी। इसके बाद हमने उसे बेंच पर सुला दिया और पुलिस को कॉल की। पुलिस आकर उसे ले गई। मुख्य आरोपी रोहतक का रहने वाला सूत्रों के मुताबिक मुख्य आरोपी युवक रोहतक के बनियानी गांव का रहने वाला है। हालांकि, अभी तक इस केस में यह साफ नहीं हो पाया है कि लड़की की सहेली और वह युवक एक दूसरे को कैसे जानते हैं। किसके कहने पर लड़की को चरखी दादरी लाया गया था? ——————————- ये खबर भी पढ़ें :- 10वीं की छात्रा से रेप-हत्या केस में एक गिरफ्तार:पिता बोले- सहेली युवकों के पास लेकर गई; महिला आयोग ने चरखीदादरी SP से रिपोर्ट मांगी हरियाणा के चरखी दादरी में 16 वर्षीय छात्रा से गैंगरेप के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को परिवार के लोगों ने रोहतक PGI में रखा शव लेने से इनकार कर दिया था। हालांकि गिरफ्तारी के बाद वे मान गए। पढ़ें पूरी खबर…
Renwal Jaipur Rural News | Gumanpura Village Murder Case | Father Murder by Sons Rajasthan

होमताजा खबरक्राइम रिश्तों का कत्ल: जमीन विवाद में बेटों ने पिता को उतारा मौत के घाट, आरोपी फरार Last Updated:February 22, 2026, 19:06 IST Renwal Jaipur Rural News: जयपुर ग्रामीण के रेनवाल क्षेत्र के गुमानपुरा गांव में जमीन विवाद के चलते दो बेटों ने अपने पिता की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी. आरोप है कि शंकर सिंह और अमर सिंह जमीन बेचने की बात से नाराज थे और शराब के नशे में वारदात को अंजाम दिया. घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए. मृतक की पत्नी की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया. पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है. Renwal Jaipur Rural News जयपुर ग्रामीण: जयपुर ग्रामीण के रेनवाल क्षेत्र से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की मर्यादा और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया. गुमानपुरा गांव में दो बेटों ने कथित रूप से अपने ही पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी. जिस पिता ने उन्हें उंगली पकड़कर चलना सिखाया, उसी के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. जानकारी के अनुसार, मृतक अपने खेत की जमीन बेचने को लेकर विचार कर रहे थे. इसी बात से उनके दोनों बेटे शंकर सिंह और अमर सिंह नाराज चल रहे थे. परिवार के भीतर कई दिनों से तनाव की स्थिति बनी हुई थी. घटना वाले दिन भी पिता और बेटों के बीच इसी मुद्दे को लेकर कहासुनी हुई. बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी पुत्र शराब के नशे में थे. गुस्से और नशे के मिश्रण ने स्थिति को इतना भयावह बना दिया कि उन्होंने अपने ही पिता पर हमला कर दिया. मारपीट इतनी बेरहमी से की गई कि पिता ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. पत्नी की चीखों से गूंज उठा गांवमृतक की पत्नी ने जब यह भयावह दृश्य देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी. मां की आंखों के सामने बेटों द्वारा पिता की हत्या का यह मंजर पूरे गांव को स्तब्ध कर गया. ग्रामीणों का कहना है कि परिवार में पहले भी विवाद होते रहे थे, लेकिन किसी ने सोचा नहीं था कि बात इतनी दूर तक पहुंच जाएगी. मौके पर पहुंची पुलिस, आरोपियों की तलाश जारीसूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है. घटना के बाद दोनों आरोपी बेटे मौके से फरार हो गए. पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. रिश्तों पर लगा सवालयह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि टूटते पारिवारिक रिश्तों की दर्दनाक कहानी है. जिस घर में कभी हंसी गूंजती थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है. गांव के लोग स्तब्ध हैं और हर कोई यही सवाल पूछ रहा है—क्या जमीन के एक टुकड़े की कीमत पिता की जिंदगी से ज्यादा हो सकती है? About the Author Jagriti Dubey With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें Location : Jaipur,Rajasthan First Published : February 22, 2026, 19:06 IST
21-Month-Old Nephew Hadi in Mukherjee Nagar Park | Ramadan Tragedy Delhi | SFS Flats Murder Case | रमजान मनाने बेटे संग मायके पहुंची महिला, पार्क घूमने के बहाने ले गई मौसी, सूनसान जगह देख कर दिया कांड, फिर

होमताजा खबरक्राइम मायके आई थी महिला, घर में था खुशी का माहौल, तभी मौसी ने भांजे संग कर दिया कांड Last Updated:February 20, 2026, 17:26 IST दिल्ली के मुखर्जी नगर से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है. एक महिला ने अपनी ही बहन के 21 माह के बच्चे की गला घोंटकर हत्या कर दी. रमजान के पवित्र महीने में, जहां हर घर में इबादत और खुशियों का माहौल है, वहीं एक मौसी ने अपने ही मासूम भांजे की जिंदगी का चिराग बुझा दिया. आरोपी महिला का एलएनजेपी में इलाज चल रहा है. पुलिस उसके होश में आने का इंतजार कर रही. (प्रतीकात्मक तस्वीर) नई दिल्ली: मुखर्जी नगर इलाके में शुक्रवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना घटी. दिल्ली की ही सीलमपुर की रहने वाली एक महिला रमजान मनाने अपने मायके पहुंची थी. त्योहार के सीजन में खुशी मनाने आई थी महिला के जीवन में मातम पसर गया. दरअसल, उसकी सगी बहन ने उसके 21 महीने के भांजे की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी. इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. पुलिस को घटना की जानकारी महिला के भाई ने दी. दिल्ली पुलिस ने बताया कि शुक्रवार दोपहर लगभग 1:30 बजे पीएस (PS) मुखर्जी नगर को डीडी नंबर 62 से एक पीसीआर कॉल मिली. कॉल करने वाले शख्स ने बताया कि मेरे भांजे की मौत हो गई है. हत्या करने वाला कोई और नहीं बल्कि उसकी बहन ही है. उसने पुलिस को बताया कि इस वदात को एसएफएस (SFS) फ्लैट्स मुखर्जी नगर के एक पार्क में दिया गया. कौन है आरोपी? पुलिस और स्थानीय लोगों ने बताया कि आरोपी महिला की पहचान अजरा, उम्र 30 साल के रूप में हुई है. अजरा ने कथित तौर पर पार्क में टहलने के बहाने बच्चे को साथ लिया और वहां सन्नाटा पाकर उसका गला घोंट दिया. बचाने की कोशिश, पर मासूम ने तोड़ा दम पुलिस को प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब यह वारदात हो रही थी, तब वहां से गुजर रहे एक स्थानीय निवासी की नजर इस खौफनाक मंजर पर पड़ी. उसने तुरंत हस्तक्षेप किया और बच्चे को महिला के चंगुल से छुड़ाया. आनन-फानन में मासूम को पास के न्यूलाइफ हॉस्पिटल ले जाया गया. हालांकि, उसकी जान बचाई नहीं जा सकी. अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया. मरने वाले बच्चे की पहचान हादी के रूप में हुई है, जिसकी उम्र मात्र 21 महीने थी. रमजान की खुशियां मनाने आई थी मां पुलिस जांच में सामने आया कि मासूम हादी अपने पिता आदिल के साथ ओल्ड सीलमपुर में रहता था. रमजान का महीना होने के कारण उसकी माँ उज़मा अपने मायके (मुखर्जी नगर) आई हुई थी. परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि जिस घर में वे खुशियां बांटने आए हैं, वहीं से उनके कलेजे के टुकड़े की अर्थी उठेगी. आरोपी मौसी बेहोश हैरानी की बात यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अज़रा मौके पर ही बेहोश पाई गई. पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है और मेडिकल जांच के लिए बाबू जगजीवन राम मेमोरियल हॉस्पिटल भेजा गया है. पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या अज़रा किसी मानसिक तनाव में थी या इस हत्या के पीछे कोई पुरानी पारिवारिक रंजिश थी. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है. About the Author Deep Raj Deepak दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें First Published : February 20, 2026, 17:26 IST
Indian Government Stand on Nikhil Gupta: nikhil gupta sikh separatist gurpatwant singh pannun murder plot case | us court order | what stand indian government | कौन हैं निखिल गुप्ता, जिनको अमेरिका में 40 साल तक की हो सकती सजा, भारत सरकार पहल करे तो क्या आ जाएंगे बाहर?

Nikhil Gupta US Court Guilty Plea: क्या अमेरिका में खालिस्तानी समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश से जुड़े मामले में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को राहत मिलेगी? क्या निखिल गुप्ता जेल से छूट जाएंगे? क्या निखिल गुप्ता के मामले पर भारत राजनयिक पहल की शुरुआत कर सकती है? अमेरिकी अदालत में मई महीने में निखिल गुप्ता को 24 साल से लेकर 40 साल तक सजा सुनाने जा रही है. 54 साल के भारतीय नागरिक निखिल उर्फ निक ने अमेरिकी अदालत में पन्नू की सुपारी देकर हत्या की कोशिश, हत्या की साजिश और मनी लांड्रिंग की साजिश जैसे तीन गंभीर आरोपों में दोषी होने की बात मानी. जून 2023 में चेक रिपब्लिक में निखिल को गिरफ्तार किया गया था और बाद में मुकदमा चलाने के लिए न्यूयॉर्क भेज दिया गया. ऐसे में अब बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत सरकार राजनयिक पहल के जरिए निखिल गुप्ता को माफी या सजा कम करवा सकती है? पिछले दिनों खालिस्तानी अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की न्यूयॉर्क में हत्या की कथित साजिश के मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. निखिल गुप्ता ने 13 फरवरी 2026 को न्यूयॉर्क की एक फेडरल कोर्ट में अपना गुनाह कबूल कर लिया है. निखिल पर आरोप है कि उन्होंने भारत सरकार के एक पूर्व अधिकारी के निर्देश पर पन्नू की हत्या के लिए एक ‘हिटमैन’ यानी किराए का हत्यारा हायर करने की कोशिश की थी. अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, निखिल गुप्ता को इन आरोपों के तहत अधिकतम 24 से 40 साल तक की जेल हो सकती है. सजा का औपचारिक ऐलान 29 मई 2026 को होना तय हुआ है. कौन हैं निखिल गुप्ता और क्या हैं उन पर आरोप? निखिल गुप्ता भारत का नागरिक है और गिरफ्तारी से पहले यहीं रहता था. उसने खुद को नशीले पदार्थों और हथियारों का इंटरनेशनल डीलर बताया. उसका एक खास आदमी विकास यादव भी था. वह भी आरोपी है. यादव पर आरोप है कि वह भारत की विदेशी खुफिया सर्विस रिसर्च एंड एनालिसिस विंग में काम करता है. हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है. निखिल ने इसके लिए एक व्यक्ति से संपर्क किया, जो अनजाने में अमेरिकी एजेंसी ‘ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन’ (DEA) का एक गुप्त सूत्र निकला. निखिल ने $1,00,000 लगभग ₹83 लाख में पन्नू की हत्या का सौदा किया और $15,000 एडवांस भी दिए. जून 2023 में जब वे चेक रिपब्लिक की यात्रा पर थे, तब उन्हें स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और जून 2024 में अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया. क्या भारत सरकार की पहल से वे बाहर आ सकते हैं? निखिल गुप्ता के जेल से बाहर आने या भारत लौटने की संभावनाओं को लेकर कानूनी विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है. इसके कुछ मुख्य पहलू इस प्रकार हैं: सरकार का आधिकारिक रुख: भारत सरकार ने शुरू से ही इस साजिश में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने साफ कहा है कि पन्नू की हत्या की साजिश रचना सरकारी नीति के खिलाफ है. हालांकि, भारत ने इस मामले की जांच के लिए एक ‘हाई-लेवल इंक्वायरी कमेटी’ बनाई है. दोष स्वीकार (Guilty Plea) का असर: निखिल द्वारा गुनाह कबूल करने के बाद अब केस ट्रायल पर नहीं जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि उन्होंने ‘स्वीकारोक्ति’ (Acceptance of Responsibility) के बदले सजा में कुछ रियायत पाने के लिए यह समझौता किया होगा. राजनयिक हस्तक्षेप: भारत सरकार उन्हें ‘कॉन्सुलर एक्सेस’ (राजनयिक मदद) प्रदान कर रही है, लेकिन अमेरिकी कानून के तहत सजा पाने के बाद उन्हें सीधे रिहा करवाना लगभग असंभव है. केवल ‘प्रिजनर ट्रांसफर ट्रीटी’ (कैदियों के स्थानांतरण की संधि) के तहत ही यह संभव हो सकता है कि वे अपनी बाकी की सजा भारत की जेल में काटें, लेकिन इसके लिए अमेरिका की सहमति अनिवार्य है. अदालत में क्या हुआ? सुनवाई के दौरान निखिल गुप्ता ने स्वीकार किया कि उन्होंने पन्नू की हत्या के लिए साजिश रची थी. एफबीआई (FBI) ने इस मामले को ‘ट्रांसनेशनल रिप्रेशन’ यानी किसी देश द्वारा दूसरे देश की धरती पर अपने विरोधियों को दबाने की कोशिश बताया है. पन्नू, जो ‘सिख फॉर जस्टिस’ का नेता है और अमेरिका-कनाडा की दोहरी नागरिकता रखता है, भारत में एक घोषित आतंकवादी है. लेकिन अमेरिका ने इसे ‘अभिव्यक्ति की आजादी’ पर हमला मानते हुए बेहद कड़ा रुख अपनाया है.
1000 CCTV फुटेज खंगालने के बाद ड्राइवर की गद्दारी का हुआ पर्दाफाश, वैभव गांधी हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा | delhi police bawana businessman murder case solved five arrested mastermind encounter after scanning 1000 cctv footage

नई दिल्ली. दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र में 9 फरवरी 2026 को दिनदहाड़े एक कारोबारी वैभव गांधी की हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए मास्टरमाइंड सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने एक आरोपी अरुण को मुठभेड़ के बाद दबोचा, जिसने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर गोलियां भी चलाई थीं. इस मामले में पुलिस ने .32 बोर की पिस्तौल, चोरी की बाइक और कारतूस बरामद किए हैं. दिल्ली पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ है, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. इस हत्याकांड की नींव ‘गद्दारी’ पर टिकी थी. पुलिस के अनुसार, आरोपी रविंदर उर्फ रवि, जो पहले एक अन्य व्यवसायी के पास ड्राइवर के रूप में काम करता था, वह पैसों के लेनदेन के सिलसिले में अक्सर वैभव गांधी के कार्यालय जाता था. रवि को जानकारी थी कि वैभव के पास भारी मात्रा में नकदी रहती है. फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है वैभव गांधी हत्याकांड की कहानी रवि ने यह जानकारी अपने साथी और खूंखार अपराधी संजय उर्फ ‘ताऊ’ को दी. 54 वर्षीय संजय उर्फ ताऊ पर दिल्ली और यूपी में हत्या और लूट के 60 से अधिक मामले दर्ज हैं. ताऊ ने वैभव को लूटने की साजिश रची और इसमें गाजियाबाद के रहने वाले अरुण उर्फ ‘पागल’ और संदीप पुजारी को शामिल किया. रेकी के बाद सरेआम बरसाईं गोलियां साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने जनवरी और फरवरी के महीने में तीन बार बवाना स्थित फैक्ट्री के पास रेकी की. 9 फरवरी को सुबह करीब 11:45 बजे जैसे ही वैभव गांधी अपनी कार से सेक्टर-4, DSIIDC पहुंचे, हथियारों से लैस बदमाशों ने उन्हें घेर लिया. बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ दो राउंड फायरिंग की, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. हत्या के बाद बदमाश कार से तीन बैग छीनकर फरार हो गए, जिनमें लैपटॉप, फोन और डायरियां थीं. पुलिस को गुमराह करने के लिए इस दौरान सोशल मीडिया पर अमेरिका स्थित गैंगस्टरों रणदीप मलिक और अनिल पंडित के नाम से पोस्ट भी डाली गई, ताकि जांच की दिशा बदली जा सके. मुठभेड़ और गिरफ्तारी का घटनाक्रम दिल्ली पुलिस के डीसीपी हरेश्वर स्वामी की देखरेख में गठित विशेष टीमों ने दिल्ली-एनसीआर के लगभग 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद से पुलिस सबसे पहले मास्टरमाइंड संजय उर्फ ताऊ और मुखबिर रविंदर तक पहुंची. उनकी निशानदेही पर संदीप पुजारी और हरीश कुमार उर्फ सोनू को भी गिरफ्तार कर लिया गया. मुख्य शूटर अरुण की गिरफ्तारी के लिए 14 फरवरी की रात करीब 11:30 बजे पुलिस ने जाल बिछाया. बिना नंबर की बाइक पर आ रहे अरुण ने खुद को घिरा देख पुलिस पर दो राउंड फायर कर दिए. पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरुण घायल हो गया और उसे दबोच लिया गया. पकड़े गए आरोपियों के नाम और प्रोफाइल 1-संजय उर्फ ताऊ (54 वर्ष): सुल्तानपुरी का निवासी, 60 से अधिक केस दर्ज, साजिश का मास्टरमाइंड. 2-अरुण उर्फ पागल (37 वर्ष): गाजियाबाद निवासी, मुख्य हमलावर, 6 केस दर्ज. 3- संदीप पुजारी (28 वर्ष): सुल्तानपुरी निवासी, हमलावर. 4- रविंदर उर्फ रवि (42 वर्ष): रोहिणी निवासी, मुख्य मुखबिर और पूर्व ड्राइवर. 5- हरीश उर्फ सोनू (45 वर्ष): लूटे गए सामान का रिसीवर.
salma sultana murder case| eyewitness testifies in korba court | song sing after killing | news anchor salma sultana murder case | murder story revealed in court testimony | गाना खत्म तो जिंदगी भी खत्म… सलमा सुल्ताना मर्डर केस में 8 साल बाद चश्मदीद की गवाही से हिल गया छत्तीसगढ़

Korba Journalist Salma Sultana Case: कोरबा की रातें आमतौर पर शांत होती हैं, लेकिन उस रात हवा में कुछ ऐसा था, जैसे अंधेरा किसी राज को छुपाए बैठा हो. सलमा सुल्ताना जो एक तेज-तर्रार पत्रकार, बेबाक आवाज और शहर की धड़कनों को शब्द देने वाली लड़की थी, उसकी आंखों में सपने थे और दिल में एक ऐसा प्यार, जो शायद उसकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई. छत्तीसगढ़ की चर्चित न्यूज एंकर सलमा सुल्ताना मर्डर केस में 8 साल बाद एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसको सुनकर हर कोई सन्न है. 21 अक्टूबर 2018 को सलमा को उसके ब्वॉयफ्रेंड मधुर साहू और उसके दोस्त ने मिलकर गला घोंटकर हत्या कर दी थी. लेकिन 5 साल बाद कोरबा के हाइवे पर सलमा सुल्ताना का बरामद होता है नरकंकाल और फिर इस केस से एक-एक राज से पर्दा उठने लगता है. लेकिन, कोरबा कोर्ट में चश्मदीद ने जो अब गवाही दी, उससे कोर्टरूम ही नहीं पूरा छत्तीगढ़ हिल गया है. मधुर साहू से सलमा सुल्ताना की मुलाकात एक जिम के उद्घाटन पर हुई थी. मधुर की मुस्कान में आत्मविश्वास था और बातों में ऐसा जादू कि सलमा खुद को रोक न सकी. धीरे-धीरे दोनों साथ रहने लगे. बाहर से उनकी दुनिया परफेक्ट दिखती थी. सोशल मीडिया पर तस्वीरें, पार्टियों में साथ और सपनों का घर. मगर बंद दरवाजों के पीछे कुछ और ही कहानी लिखी जा रही थी. सलमा को मधुर के लैपटॉप में कुछ फाइलें मिलीं. कुछ ऐसी तस्वीरें, जो इज्जत को हथियार बनाकर डर पैदा करने के लिए काफी थीं. कई महिलाओं की तस्वीरें, चैट्स और धमकियों के सबूत. उसने सवाल पूछे. मधुर ने पहले प्यार से समझाया, फिर गुस्से में चीखा. ‘तुम मेरे खिलाफ जाओगी?’ सलमा डर गई पर झुकी नहीं. उसने तय कर लिया कि वह सच उजागर करेगी. लेकिन उससे पहले ही उसका कत्ल हो जाता है. सलमा सुल्ताना केस से उठ गया पर्दा कोरबा की कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक चश्मदीद ने जो गवाही दी है, वह किसी रोंगटे खड़े कर देने वाली क्राइम थ्रिलर फिल्म के सीन जैसी है. एडिशनल सेशंस जज गरिमा शर्मा की अदालत में पेश हुई चश्मदीद कोमल सिंह राजपूत ने बताया है कि हत्या के बाद मुख्य आरोपी मधुर साहू के चेहरे पर न तो कोई पछतावा था और न ही कोई डर. उसने अपनी लिव-इन पार्टनर सलमा का गला घोंटने के बाद जो किया, वह उसकी क्रूर मानसिकता को दर्शाता है. वह हत्या के वक्त में मधुर के एक हाथ में एक जलता हुआ सिगरेट था. सिगरेट और गाने के तार चश्मदीद कोमल सिंह, जो मधुर साहू के जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर थी, ने अदालत को बताया कि साल 2018 में जिस दिन यह वारदात हुई, उसे शारदा विहार स्थित सलमा के घर बुलाया गया था. वहां मधुर और सलमा के बीच तीखी बहस हो रही थी. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मधुर ने सलमा का गला दबाने की कोशिश की. कुछ देर के बाद अचानक मधुर ने सलमा को बेड पर पटक दिया और उसका गला घोंटने लगा, जबकि उसके साथी कौशल श्रीवास्तव ने तकिये से सलमा का मुंह दबा दिया ताकि उसकी आवाज बाहर न जा सके. ‘एक सिगरेट जलाई और कश लेते हुए सलमा का पसंदीदा गाना..’ कोमल ने अदालत में चौंकाने वाली बात यह बताई कि सलमा के मरने के बाद मधुर साहू लाश के बगल में खड़ा हो गया. उसने बड़े आराम से एक सिगरेट जलाई और कश लेते हुए सलमा का पसंदीदा गाना ‘तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं…’ गीत गुनगुनाने लगा. कोमल ने कोर्ट में कहा कि जब वह बीच-बचाव की कोशिश की, तो उसे धमकी दी गई कि अगर उसने मुंह खोला तो उसका भी वही हश्र होगा जो सलमा का हुआ है. 5 साल तक सड़क के नीचे दफन राज हत्या करने के बाद इस मामले को पूरी तरह से गायब करने की सोची-समझी साजिश रची गई. कोमल के अनुसार, मधुर ने उससे और घर की नौकरानी सविता से जबरन सलमा के फोन से उसके परिवार को मैसेज करवाया कि ‘मैं घर छोड़कर जा रही हूं, मुझे परेशान न करें.’ इसके बाद फोन बंद कर दिया गया ताकि सबको लगे कि सलमा अपनी मर्जी से कहीं चली गई है. मामले का सबसे वीभत्स पहलू यह था कि आरोपियों ने सलमा की लाश को भवानी डबरी के पास बन रही एक निर्माणाधीन हाईवे के नीचे दफन कर दिया. साल 2023 में इस सड़क की 20 फीट खुदाई के बाद सलमा का नरकंकाल बरामद किया गया, जिसे बाद डीएनए से मिलान कराया गया. ब्लैकमेलिंग और खौफ का साम्राज्य गवाह कोमल सिंह राजपूत ने कोर्ट में यह भी बताया कि मधुर साहू के कंप्यूटर में कई महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें थीं, जिनका इस्तेमाल वह उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए करता था. कोमल ने पहले भी पुलिस और सलमा के रिश्तेदारों को सच बताने की कोशिश की थी, लेकिन मधुर के डर और धमकियों ने उसे खामोश कर दिया. सरकारी वकील सुनील सोनवानी ने पुष्टि की है कि अब तक 41 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और मामला अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है. सलमा सुल्ताना हत्याकांड केवल एक हत्या का मामला नहीं है, बल्कि यह उस व्यवस्था और अपराधियों के दुस्साहस की कहानी है जिसने पांच साल तक कानून को धोखे में रखा. अब जबकि मुख्य गवाह ने कातिल के उस खौफनाक गाने और सिगरेट के धुएं वाली दास्तान अदालत को सुना दी है, उम्मीद की जा रही है कि पत्रकार सलमा को इंसाफ जरूर मिलेगा. छत्तीसगढ़ की जनता अब उस फैसले का इंतजार कर रही है जो अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा करे.
mathura delhi surat gujarat 11 murder mystery 48 hours : delhi police investigation theory | eyewitnesses rooms roads witchcraft | 48 घंटे में 11 मौतें, लेकिन चश्मदीद एक भी नहीं, बंद कमरे, सड़क और तंत्र-मंत्र की थ्योरी में उलझी पुलिस

नई दिल्ली. देश में पिछले 48 घंटों में अलग-अलग राज्यों में कम से कम 11 ऐसी मौतें हुई हैं, जो आपको झकझोर देगा. खास बात यह है कि इन सभी मामलों में एक समानता यह है कि तीनों मामलों में कोई चश्मदीद सामने नहीं आया है. दिल्ली, मथुरा और सूरत से आई इन तीन तस्वीरों ने पूरे भारत को झकझोर कर रख दिया है. मथुरा में एक हंसता-खेलता परिवार खत्म हो गया, दिल्ली की सड़क पर खड़ी कार में तीन लाशें मिलीं और गुजरात में केमिकल व्यापारी, उसकी पत्नी और 12 साल के बेटे की अलग-अलग कमरे में लाश मिली. इन तीनों मामलों में पुलिस की जांच हत्या, आत्महत्या, तंत्र-मंत्र और फुड पॉयजनिंग के एंगल पर चल रही है. हालांकि, दिल्ली में कार में तीन लोगों की मौत पर एक तांत्रिक की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन बड़ा सवाल यह कि क्या ये महज इत्तेफाक है या फिर समाज के भीतर पनप रही किसी गहरी हताशा का खौफनाक नतीजा? एक घर, पांच लाशें और मौत के कारण पर सस्पेंस मथुरा के एक पॉश इलाके में पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों के शव उनके ही घर में मिले. शुरुआती जांच में यह सामूहिक आत्महत्या लग रही है, लेकिन पुलिस की थ्योरी कुछ और ही इशारा कर रही है. पुलिस को मौके से एक नोट मिला है जिसमें आर्थिक तंगी और कर्ज का जिक्र है. लेकिन कमरे का दरवाजा बाहर से बंद होना और बच्चों के शरीर पर संघर्ष के निशान मामले को मर्डर की ओर मोड़ रहे हैं. क्या पिता ने पहले बच्चों और पत्नी को जहर दिया और फिर खुद जान दी? या इसके पीछे कोई ‘तीसरा’ है? पुलिस अभी तक इस गुत्थी को सुलझा नहीं पाई है. लग्जरी कार में 3 खामोश लाशें देश की राजधानी दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में कार के अंदर तीन लोगों के शव मिलने का मामला अब और रहस्यमय होता जा रहा है. शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए खुलासे सामने आने लगे हैं. सबसे चौंकाने वाला पहलू एक रहस्यमयी ‘तांत्रिक’ का सामने आना है, जिसे मौत से पहले तीनों मृतकों के साथ देखा गया था. पुलिस ने इस तांत्रिक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड की जांच से पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. यह घटना रविवार दोपहर सामने आई जब पुलिस को पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास खड़ी एक कार में तीन लोगों के बेहोश होने की सूचना मिली. मौके पर पहुंची पुलिस ने कार के अंदर तीनों को मृत पाया. कार के दरवाजे अंदर से लॉक थे और शवों के पास शराब की बोतलें और डिस्पोजेबल ग्लास मिले. दो शवों के मुंह से उल्टी भी मिली, जिससे जहर या किसी रसायन के सेवन की आशंका जताई जा रही है. सूरत के बंद कमरे में तीन शव सूरत के लालगेट इलाके में एक रूह कंपा देने वाली वारदात ने खुशियों को मातम में बदल दिया है. सूरत के हरिपुरा क्षेत्र में तीन लोगों का शव मिलने से हड़कंप मच गया. मृतकों की पहचान केमिकल व्यापारी, उसकी पत्नी और 12 साल के बेटे के रूप में हुई है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. चार दिन पहले उमराह से लौटने के बाद केमिकल के बड़े कारोबारी फैयाज अहमद का पूरा परिवार एक ही रात में उजड़ गया. यह कोई साधारण मौत नहीं बल्कि एक ऐसा रहस्य है जिसने पुलिस प्रशासन और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के भी पसीने छुड़ा दिए हैं. एक संपन्न परिवार, आपस में अटूट प्रेम और भविष्य की बड़ी योजनाएं सब कुछ एक ही झटके में कैसे खाक हो गया. पुलिस जांच कर रही है कि फैयाज, उनकी पत्नी मुबीना और 13 साल का मासूम बेटा नोमान की मौत क्या गैस रिसाव की वजह से हुई या फिर इसमें कुछ और एंगल है. इन घटनाओं पर क्यों बनी हुई है मिस्ट्री? इन तीनों मामलों में पुलिस के सामने तीन मुख्य चुनौतियां हैं. पहला, कोई चश्मदीद नहीं है. तीनों ही वारदातें बंद कमरों या सुनसान जगहों पर हुईं. डिजिटल फुटप्रिंट्स: पुलिस मृतकों के मोबाइल फोन और अंतिम कॉल डिटेल्स (CDR) की जांच कर रही है, लेकिन कई डेटा डिलीट पाए गए हैं. फॉरेंसिक रिपोर्ट में देरी: बिसरा रिपोर्ट (Viscera Report) आने तक यह साफ नहीं हो पाएगा कि मौत जहर से हुई या दम घुटने से. फिलहाल मथुरा, दिल्ली और गुजरात की पुलिस इन तीनों मामलों को लेकर अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है. दिल्ली में गाड़ी में मिले तीन शव की गुत्थी सुलझा ली गई है. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एक 70 साल के तांत्रिक को गिरफ्तार किया है. 70 साल का ढोंगी तांत्रिक कमरुद्दीन कई बार जेल जा चुका है, लेकिन चतुराई से बाहर आ जाता था. दिल्ली पुलिस के डीसीपी सचिन कुमार ने बताया कि कई टेक्निकल सर्विलांस के जरिए जब जांच की गई तो बाबा पर उनका शक गहरा गया. जब बाबा को गिरफ्तार किया था तो पता चला कि वह धन वर्षा के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाता था और इसीलिए लक्ष्मी और दूसरे लोगों को इसने धन वर्षा के नाम पर 2 लाख रुपए को डबल करने का लालच दिया था. 2 लाख रुपए का 3 करोड़ करने का लालच देता था.








