Wednesday, 24 Jun 2026 | 02:03 PM

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Bollywood Actress Kidnapping Murder Story; Meenakshi Thapa

Bollywood Actress Kidnapping Murder Story; Meenakshi Thapa

24 मिनट पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के मीनाक्षी थापा हत्याकांड के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि कैसे एक्ट्रेस मीनाक्षी थापा 14 मार्च 2012 में अचानक लापता हो गईं। परिवार ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन फिर अचानक 15 लाख की फिरौती की मांग हुई। केस में पहला शक मीनाक्षी के दो करीबी दोस्तों और स्ट्रगलिंग एक्टर्स प्रीति सुरीन और अमित जयसवाल पर था। करीब 1 महीने की तलाश के बाद मीनाक्षी का कॉल ट्रेस कर पुलिस अमित और प्रीति तक पहुंची। पुलिस पूछताछ में दोनों ने कहा कि मीनाक्षी की एक हफ्ते पहले ही गला काटकर हत्या की जा चुकी है। लेकिन सवाल ये था कि अगर मीनाक्षी की हत्या हुई, तो उनकी लाश कहां हैं और उनकी हत्या किसने और क्यों की, फिरौती की मांग क्यों की गई। अब पार्ट-2 में जानिए कहानी आगे- एक भयावह कन्फेशन और लाश की तलाश क्राइम ब्रांच की पूछताछ में अमित जयसवाल और प्रीति सुरीन ने कबूल कर लिया कि उन दोनों ने ही मीनाक्षी की हत्या की। दोनों ने उनका सिर धड़ से अलग किया और फिर लाश के कई टुकड़े कर ठिकाने लगाया। मीनाक्षी का सिर जंगलों में फेंका गया। मीनाक्षी की हत्या उनकी गुमशुदगी की शिकायत होने और फिरौती मांगे जाने से पहले ही 14 मार्च को की जा चुकी थी। इसके बावजूद दोनों उन्हें जिंदा दिखाने के लिए परिवार को फिरौती के लिए उन्हीं के नंबर से मैसेज करते रहे। मीनाक्षी थापा फिल्म 404 में काम कर चुकी थीं। जब पुलिस ने उनसे पूछा कि मीनाक्षी की हत्या कहां की गई, तो दोनों ने इलाहाबाद का एक पता बताया। 18 अप्रैल 2012 क्राइम ब्रांच की टीम प्रीति सुरीन और अमित जयसवाल को लेकर इलाहाबाद पहुंची। दोनों टीम को प्रीति सुरीन के दरभंगा कॉलोनी के बंगले ले गए। प्रीति सुरीन के पिता नवीन सुरीन उस बंगले के केयरटेकर थे और उसके पीछे स्थित सर्वेंट क्वार्टर में रहते थे। प्रीति और अमित की निशानदेही पर पुलिस क्वार्टर के पीछे पहुंची। बंगले के पीछे की जांच के दौरान अमित और प्रीति के साथ जांच अधिकारी। दोनों ने वहां बने सैप्टिक टैंक की ओर इशारा किया। घंटों टैंक की तलाशी ली गई, जिसके बाद पुलिस को सफलता मिल गई। हर तरफ सड़न की बू आ रही थी। फिर जब लाश निकाली गई तो हर कोई हैरान था। लाश में सिर नहीं था, वो सिर्फ धड़ था। पूरा टैंक खंगाला गया, लेकिन सिर नहीं मिला। धड़ पूरी तरह सड़ चुका था। उसे तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अगले दिन 19 अप्रैल 2012 को मीनाक्षी के परिवार को उनकी बॉडी की शिनाख्त के लिए बुलाया गया। मीनाक्षी की रूममेट भी इलाहाबाद पहुंचीं। उन्होंने बताया कि जब 13 मार्च को वो घर से निकली थीं, तब उन्होंने ब्राउन टी-शर्ट और ब्लू जींस पहन रखी थी। मीनाक्षी का धड़ भी उन्हीं कपड़ों में मिला था। मीनाक्षी के जीजाजी ने भी उनके दाहिने पैर के बर्थमार्क से उनकी पहचान कन्फर्म की। मीनाक्षी की करीबी दोस्त कामना सिंह दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहती हैं, ‘मैंने यह खबर न्यूजपेपर में पढ़ी थी। उस समय काफी समय से मेरी उनसे मुलाकात नहीं हुई थी। जब मैंने यह खबर पढ़ी, तो कुछ समय तक यकीन ही नहीं हुआ कि ऐसा कैसे हो सकता है। यह बहुत शॉकिंग था। जिस इंसान से आप मिलते हैं, बातें करते हैं, वह अचानक इतनी बेरहमी से मार दी जाए, यह स्वीकार करना बहुत मुश्किल था। इस घटना से करीब डेढ़-दो महीने पहले हमारी बात हुई थी। उस समय वह एक फिल्म पर काम कर रही थीं।’ मीनाक्षी थापा की दोस्त एक्ट्रेस कामना सिंह। आगे कामना कहती हैं, ‘यह बहुत शॉकिंग था। हम सब इस शहर में सपने लेकर आते हैं और लोगों पर भरोसा कर लेते हैं। इस घटना से यह सीख मिली कि हर किसी पर भरोसा नहीं किया जा सकता। सबसे ज्यादा हैरानी इस बात की थी कि यह सब उनके अपने दोस्तों ने किया।’ इलाहाबाद से 108 किलोमीटर दूर फेंका सिर, जंगलों में सर्च टीम को करनी पड़ी मशक्कत धड़ मिलने के बाद प्रीति और अमित ने बताया कि मीनाक्षी का धड़ सैप्टिक टैंक में छिपाने के बाद वो सिर को एक बैग में रखकर बस से वाराणसी गए। फिर ट्रेन से वाराणसी से लखनऊ आते हुए उन्होंने सिर जंगल में फेंक दिया। क्राइम ब्रांच की टीम ने अमित और प्रीति के साथ उन जगंलों में छानबीन की, लेकिन कई हफ्तों की जांच के बाद भी उनका सिर बरामद नहीं किया जा सका। क्यों और कैसे की गई मीनाक्षी की हत्या? प्रीति सुरीन और अमित, मीनाक्षी के करीबी दोस्त थे, ऐसे में पुलिस का सवाल ये था कि आखिर उन्होंने अपनी ही दोस्त की इस कदर बेरहमी से हत्या क्यों की। दोनों ने इकबालनामे के अनुसार, अमित और प्रीति लंबे समय से मुंबई में छोटे-मोटे काम कर रहे थे, जिससे उनका गुजारा भी बामुश्किल होता था। वो शादी कर घर बसाना चाहते थे, लेकिन उनके पास न पैसे थे और न कहीं से पैसे आने का कोई जरिया। अमित जयसवाल पहले से शादीशुदा था और उसके 2 बच्चे भी थे। इसी बीच उनकी मुलाकात फिल्म हीरोइन के सेट में मीनाक्षी थापा से हुई। समय के साथ उनकी दोस्ती हो गई। एक दिन बात करते हुए मीनाक्षी ने उन्हें बताया कि वो नेपाल की एक रॉयल फैमिली से ताल्लुक रखती हैं। उनका परिवार बेहद रईस है। पैसों की कोई कमी नहीं है, लेकिन वो हीरोइन बनने का शौक पूरा करने के लिए मुंबई में अकेले रहकर संघर्ष कर रही हैं। समय के साथ मीनाक्षी ने अपनी रईसी के कई किस्से भी उन्हें सुनाए। यहीं से दोनों ने एक साजिश रची। साजिश थी, मीनाक्षी को किडनैप कर उनके रॉयल परिवार से पैसे ऐंठना। दोनों ने कुछ दिनों तक पुख्ता प्लान बनाया और पिर 12 मार्च को मीनाक्षी से कहा कि वो गोरखपुर में हो रही भोजपुरी फिल्म की शूटिंग में जा रहे हैं। अगर मीनाक्षी चाहें तो साथ आ सकती हैं। मीनाक्षी उस समय काम की तलाश में थीं, तो वो झठ से मान गईं। 13 मार्च को अमित और प्रीति ने गोरखपुर के लिए रेल्वे टिकट्स खरीदीं, लेकिन फिर उन्होंने प्लान बदल लिया।

Bollywood Actress Kidnapping Murder Story; Meenakshi Thapa

Bollywood Actress Kidnapping Murder Story; Meenakshi Thapa

2 घंटे पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के मीनाक्षी थापा हत्याकांड के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि कैसे एक्ट्रेस मीनाक्षी थापा 14 मार्च 2012 में अचानक लापता हो गईं। परिवार ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन फिर अचानक 15 लाख की फिरौती की मांग हुई। केस में पहला शक मीनाक्षी के दो करीबी दोस्तों और स्ट्रगलिंग एक्टर्स प्रीति सुरीन और अमित जयसवाल पर था। करीब 1 महीने की तलाश के बाद मीनाक्षी का कॉल ट्रेस कर पुलिस अमित और प्रीति तक पहुंची। पुलिस पूछताछ में दोनों ने कहा कि मीनाक्षी की एक हफ्ते पहले ही गला काटकर हत्या की जा चुकी है। लेकिन सवाल ये था कि अगर मीनाक्षी की हत्या हुई, तो उनकी लाश कहां हैं और उनकी हत्या किसने और क्यों की, फिरौती की मांग क्यों की गई। अब पार्ट-2 में जानिए कहानी आगे- एक भयावह कन्फेशन और लाश की तलाश क्राइम ब्रांच की पूछताछ में अमित जयसवाल और प्रीति सुरीन ने कबूल कर लिया कि उन दोनों ने ही मीनाक्षी की हत्या की। दोनों ने उनका सिर धड़ से अलग किया और फिर लाश के कई टुकड़े कर ठिकाने लगाया। मीनाक्षी का सिर जंगलों में फेंका गया। मीनाक्षी की हत्या उनकी गुमशुदगी की शिकायत होने और फिरौती मांगे जाने से पहले ही 14 मार्च को की जा चुकी थी। इसके बावजूद दोनों उन्हें जिंदा दिखाने के लिए परिवार को फिरौती के लिए उन्हीं के नंबर से मैसेज करते रहे। मीनाक्षी थापा फिल्म 404 में काम कर चुकी थीं। जब पुलिस ने उनसे पूछा कि मीनाक्षी की हत्या कहां की गई, तो दोनों ने इलाहाबाद का एक पता बताया। 18 अप्रैल 2012 क्राइम ब्रांच की टीम प्रीति सुरीन और अमित जयसवाल को लेकर इलाहाबाद पहुंची। दोनों टीम को प्रीति सुरीन के दरभंगा कॉलोनी के बंगले ले गए। प्रीति सुरीन के पिता नवीन सुरीन उस बंगले के केयरटेकर थे और उसके पीछे स्थित सर्वेंट क्वार्टर में रहते थे। प्रीति और अमित की निशानदेही पर पुलिस क्वार्टर के पीछे पहुंची। बंगले के पीछे की जांच के दौरान अमित और प्रीति के साथ जांच अधिकारी। दोनों ने वहां बने सैप्टिक टैंक की ओर इशारा किया। घंटों टैंक की तलाशी ली गई, जिसके बाद पुलिस को सफलता मिल गई। हर तरफ सड़न की बू आ रही थी। फिर जब लाश निकाली गई तो हर कोई हैरान था। लाश में सिर नहीं था, वो सिर्फ धड़ था। पूरा टैंक खंगाला गया, लेकिन सिर नहीं मिला। धड़ पूरी तरह सड़ चुका था। उसे तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अगले दिन 19 अप्रैल 2012 को मीनाक्षी के परिवार को उनकी बॉडी की शिनाख्त के लिए बुलाया गया। मीनाक्षी की रूममेट भी इलाहाबाद पहुंचीं। उन्होंने बताया कि जब 13 मार्च को वो घर से निकली थीं, तब उन्होंने ब्राउन टी-शर्ट और ब्लू जींस पहन रखी थी। मीनाक्षी का धड़ भी उन्हीं कपड़ों में मिला था। मीनाक्षी के जीजाजी ने भी उनके दाहिने पैर के बर्थमार्क से उनकी पहचान कन्फर्म की। मीनाक्षी की करीबी दोस्त कामना सिंह दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहती हैं, ‘मैंने यह खबर न्यूजपेपर में पढ़ी थी। उस समय काफी समय से मेरी उनसे मुलाकात नहीं हुई थी। जब मैंने यह खबर पढ़ी, तो कुछ समय तक यकीन ही नहीं हुआ कि ऐसा कैसे हो सकता है। यह बहुत शॉकिंग था। जिस इंसान से आप मिलते हैं, बातें करते हैं, वह अचानक इतनी बेरहमी से मार दी जाए, यह स्वीकार करना बहुत मुश्किल था। इस घटना से करीब डेढ़-दो महीने पहले हमारी बात हुई थी। उस समय वह एक फिल्म पर काम कर रही थीं।’ मीनाक्षी थापा की दोस्त एक्ट्रेस कामना सिंह। आगे कामना कहती हैं, ‘यह बहुत शॉकिंग था। हम सब इस शहर में सपने लेकर आते हैं और लोगों पर भरोसा कर लेते हैं। इस घटना से यह सीख मिली कि हर किसी पर भरोसा नहीं किया जा सकता। सबसे ज्यादा हैरानी इस बात की थी कि यह सब उनके अपने दोस्तों ने किया।’ इलाहाबाद से 108 किलोमीटर दूर फेंका सिर, जंगलों में सर्च टीम को करनी पड़ी मशक्कत धड़ मिलने के बाद प्रीति और अमित ने बताया कि मीनाक्षी का धड़ सैप्टिक टैंक में छिपाने के बाद वो सिर को एक बैग में रखकर बस से वाराणसी गए। फिर ट्रेन से वाराणसी से लखनऊ आते हुए उन्होंने सिर जंगल में फेंक दिया। क्राइम ब्रांच की टीम ने अमित और प्रीति के साथ उन जगंलों में छानबीन की, लेकिन कई हफ्तों की जांच के बाद भी उनका सिर बरामद नहीं किया जा सका। क्यों और कैसे की गई मीनाक्षी की हत्या? प्रीति सुरीन और अमित, मीनाक्षी के करीबी दोस्त थे, ऐसे में पुलिस का सवाल ये था कि आखिर उन्होंने अपनी ही दोस्त की इस कदर बेरहमी से हत्या क्यों की। दोनों ने इकबालनामे के अनुसार, अमित और प्रीति लंबे समय से मुंबई में छोटे-मोटे काम कर रहे थे, जिससे उनका गुजारा भी बामुश्किल होता था। वो शादी कर घर बसाना चाहते थे, लेकिन उनके पास न पैसे थे और न कहीं से पैसे आने का कोई जरिया। अमित जयसवाल पहले से शादीशुदा था और उसके 2 बच्चे भी थे। इसी बीच उनकी मुलाकात फिल्म हीरोइन के सेट में मीनाक्षी थापा से हुई। समय के साथ उनकी दोस्ती हो गई। एक दिन बात करते हुए मीनाक्षी ने उन्हें बताया कि वो नेपाल की एक रॉयल फैमिली से ताल्लुक रखती हैं। उनका परिवार बेहद रईस है। पैसों की कोई कमी नहीं है, लेकिन वो हीरोइन बनने का शौक पूरा करने के लिए मुंबई में अकेले रहकर संघर्ष कर रही हैं। समय के साथ मीनाक्षी ने अपनी रईसी के कई किस्से भी उन्हें सुनाए। यहीं से दोनों ने एक साजिश रची। साजिश थी, मीनाक्षी को किडनैप कर उनके रॉयल परिवार से पैसे ऐंठना। दोनों ने कुछ दिनों तक पुख्ता प्लान बनाया और पिर 12 मार्च को मीनाक्षी से कहा कि वो गोरखपुर में हो रही भोजपुरी फिल्म की शूटिंग में जा रहे हैं। अगर मीनाक्षी चाहें तो साथ आ सकती हैं। मीनाक्षी उस समय काम की तलाश में थीं, तो वो झठ से मान गईं। 13 मार्च को अमित और प्रीति ने गोरखपुर के लिए रेल्वे टिकट्स खरीदीं, लेकिन फिर उन्होंने प्लान बदल लिया।

Dehradun Student Murder: UP B.Tech Student Killed, 3 Arrested

Dehradun Student Murder: UP B.Tech Student Killed, 3 Arrested

देहरादून में उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के छात्र दिव्यांशु जटराणा की हत्या कर दी गई। देहरादून में उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के छात्र दिव्यांशु जटराणा की सिर पर फावड़ा मारकर हत्या कर दी गई। दिव्यांशु यूपी के मुजफ्फरनगर से B.Tech करने देहरादून आया था। देहरादून पुलिस के अनुसार, छात्रों के दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प के दौरान यह घटना हुई। . एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि हत्या का मुकदमा दर्ज कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, अन्य की तलाश की जा रही है। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। दिव्यांशु का शव कुछ ही देर में मुजफ्फरनगर उसके घर पहुंचेगा। पहले 3 तस्वीरें देखिए… दिव्यांशु जटराणा को छात्रों ने घेरकर पीटा। बदमाशों ने थार गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया। बीच सड़क पर दिव्यांशु जटराणा जमीन पर गिर गया। वह लोगों से मदद मांगता रहा। सिलसिलेवार पूरी खबर पढ़िए… छात्रों में थी पुरानी रंजिश घटना सोमवार (23 मार्च) रात करीब 8:30 बजे प्रेमनगर के केहरी गांव में हुई। यहां उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों के दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश और वर्चस्व को लेकर झगड़ा हो गया। देखते ही देखते झगड़े ने हिंसक रूप ले लिया। फिर दोनों गुटों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे। इसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। दिव्यांशु जटराणा के सिर में गंभीर चोट आई थी। 15 से ज्यादा युवकों ने हमला किया पुलिस के मुताबिक, केहरी गांव बैंड मेन रोड पर स्थित ‘बावा की रसोई’ में मुजफ्फरनगर निवासी छात्र दिव्यांशु जटराणा (22) खाना खाने गया था। वहां पहले से मौजूद कॉलेज के ही दूसरे गुट के छात्रों के साथ उसका विवाद हुआ। दिव्यांशु जटराणा के दोस्तों ने बताया कि देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि आर्यन शर्मा, शिवम शर्मा, मधुर, अंकुर, प्रह्यलादराज शान्तनू, उज्जवल, आकाश, वैभव मिश्रा, ऋतिक राजपुत, अकुर सिंह, वैभव शर्मा, अंकित भारद्वाज, युवराज चौहान, आदित्य राज समेत अज्ञात छात्रों ने षड्यंत्र करते हुए एक राय होकर लाठी-डंडों और फावड़े से दिव्यांशु पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना के बाद आस-पास मौजूद लोग उसे पहले प्रेमनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से हालत गंभीर होने पर दून अस्पताल रेफर किया गया। एम्बुलेंस खराब होने पर पुलिस ने अपने वाहन से उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। तीनों आरोपी प्रेमनगर में किराए पर रहते हैं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दिव्यांशु के घरवालों को सूचना दी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। दिव्यांशु के चाचा गौरव राणा की शिकायत पर प्रेमनगर पुलिस ने 15 नामजद छात्रों के खिलाफ हत्या, दंगा करने और साजिश रचने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनकी पहचान युवराज कुमार (BBA सेकेंड ईयर), मधुर खंडेलवाल (B.Tech थर्ड ईयर) और शिवम शर्मा (B.Tech थर्ड ईयर) के रूप में हुई है। तीनों छात्र प्रेमनगर क्षेत्र में किराए पर रह रहे थे। पुलिस ने मामले में कुछ बच्चों को हिरासत में भी ले लिया है। मुजफ्फरनगर का रहने वाला था दिव्यांशु मुजफ्फरनगर में रहने वाले अमित उर्फ सोनू जटराणा किसान हैं। उनके पास करीब 50 बीघा जमीन है। परिवार में अमित की पत्नी अलका और दो बेटे दिव्यांशु व लक्षित थे। लक्षित 11वीं का छात्र है। वहीं, दिवांशु ने पिछले साल देहरादून की उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था। ————————— ये खबर भी पढ़ें… देहरादून में 8 लोगों को कार से कुचलने की कोशिश: बीच-बचाव करने आए लोगों पर भी चढ़ाई गाड़ी, बीच हाईवे पर लाठी से पीटा देहरादून में बीच सड़क पर 8 लोगों को कुचलने के मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना सहसपुर थाना क्षेत्र के धर्मावाला चौक की है, जिसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में करीब 43 सेकेंड तक हाईवे पर दो कारों में सवार 15 से ज्यादा युवक आपस में मारपीट करते नजर आ रहे हैं। (पढ़ें पूरी खबर)

Actress Meenakshi Thapa Kidnapping And Murder Full Story, was working in kareena kapoor’s film

Actress Meenakshi Thapa Kidnapping And Murder Full Story, was working in kareena kapoor's film

5 मिनट पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के 10वें और आखिरी केस में जानिए एक्ट्रेस मीनाक्षी थापा हत्याकांड की निर्मम कहानी। साल 2012 में मीनाक्षी मधुर भंडारकर की फिल्म हीरोइन में काम कर रही थीं। फिल्म की लीड एक्ट्रेस करीना कपूर थीं। तभी अचानक उनकी किडनैपिंग हुई। एक्ट्रेस की तलाश पुलिस को इलाहाबाद तक ले पहुंची, जहां एक्ट्रेस नहीं बल्कि उनका सड़ता हुआ कंकाल मिला और सिर कहां गया, ये आज भी सामने नहीं आ सका। मार्च 2012 की बात है, देहरादून की रहनेवालीं मीनाक्षी थापा हीरोइन बनने का सपने लिए सपनों की नगरीं मुंबई पहुंचीं। शुरुआती संघर्ष के बाद उन्हें पहले छोटे-मोटे एड में काम मिला और फिर बॉलीवुड फिल्मों में बतौर साइड एक्ट्रेस या जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर काम मिलने लगा। 2011 में उन्हें टिस्का चोपड़ा, सतीश कौशिक, निशिकांत कामत स्टारर फिल्म 404 में काम मिला। मीनाक्षी इंडस्ट्री में अच्छी पकड़ बनाने लगी थीं। उनका सालों पुराना ख्वाब धीरे-धीरे ही सही लेकिन पूरा हो रहा था। फिल्म पकाई में छोटा सा रोल करने के बाद उन्हें मधुर भंडारकर स्टारर फिल्म हीरोइन में एक छोटा सा रोल मिला। ये फिल्म पहले ही चर्चा में थी। पहले इसमें ऐश्वर्या राय लीड रोल निभाने वाली थीं। कांस फिल्म फेस्विटल में मधुर भंडारकर ने इसकी घोषणा भी कर दी थी, लेकिन प्रेग्नेंट होने के बाद ऐश्वर्या ने फिल्म छोड़ दी। कास्टिंग में बदलाव से फिल्म की शूटिंग टालनी पड़ी और फिर करीना कपूर को साइन किया गया। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार फिल्म की शूटिंग शुरू हुई। मीनाक्षी रोज काम पर निकलने से पहले मां से बात करती थीं। मीनाक्षी की मां कमला थापा, देहरादून के फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट में काम करती थीं। उनका एक भाई नवराज आर्मी में था और उसकी पोस्टिंग श्रीनगर में थी। छोटे भाई का नाम विक्की था। एक बड़ी बहन हेमू भी थी, जिसकी शादी अजय थापा से हो चुकी थी। साल 2012 में मीनाक्षी थापा महज 26 साल की थीं। 14 मार्च 2012 तक सब ठीक था। 15 मार्च को मीनाक्षी ने मां को कॉल नहीं किया। कुछ देर बाद जब मां ने उन्हें कॉल किया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। मां को लगा कि वो व्यस्त होंगी, तो उन्होंने भी ये बात नजरअंदाज कर दी। 16 मार्च की तारीख लग गई, लेकिन मीनाक्षी का कॉल अब भी नहीं आया। कॉल करने पर अब भी कोई जवाब नहीं मिल रहा था। अब मां की घबराहट बढ़ने लगी। उन्होंने तुरंत बेटे नवराज को इसकी जानकारी दी। भाई ने भी मीनाक्षी से संपर्क करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन कोई खबर नहीं मिली। घर वाले परेशान थे कि 17 मार्च की दोपहर को मां के मोबाइल नंबर पर मीनाक्षी के नंबर से एक मैसेज आया। उसमें लिखा था- अपनी बेटी को जिंदा देखना है तो 15 लाख रुपए देने पड़ेंगे। कुछ देर बार एक और मैसेज मिला- अगर इस बात की खबर पुलिस को दी तो तुम्हारी बेटी की अश्लील फिल्में बनाकर इंटरनेट पर डाल दी जाएंगी और पूरे देहरादून में भी सर्कुलेट की जाएंगी। कुछ देर बाद ही उसी मोबाइल नंबर से मीनाक्षी का अकाउंट नंबर भी आया, किडनैपर्स ने उसी अकाउंट में पैसे डालने को कहा था। मीनाक्षी, देहरादून के एक मिडिल क्लास परिवार से ताल्लुक रखती थीं। घर में इतनी कमाई नहीं थी कि वो 15 लाख जितनी बड़ी रकम दे सकें। मीनाक्षी के भाई के पास 60 हजार ही थे, उन्होंने पहले 30 हजार रुपए दिए हुए अकाउंट नंबर पर भेजे और फिर शाम तक 30 हजार और ट्रांसफर कर दिए। पैसे दिए जाने के बाद उस नंबर से लगातार चेतावनी दी जाने लगी कि 15 लाख रुपए मिलने के बाद ही वो मीनाक्षी को छोड़ेंगे। अगर रकम नहीं दी, तो अंजाम बुरा होगा। भाई और मां किसी भी हालत में मीनाक्षी को सुरक्षित देखना चाहते थे। लगातार आ रहीं चेतावनी को देखते हुए उन्होंने फैसला किया कि वो अपना घर बेचकर फिरौती की रकम चुका देंगे। उससे पहले भाई नवराज ने किडनैपर्स को मैसेज किया कि वो रकम दे देंगे, लेकिन उससे पहले वो मीनाक्षी से बात करना चाहते हैं। इस पर किडनैपर्स ने रिस्पॉन्स देना बंद कर दिया। भाई नवराज को शक हुआ, उन्होंने बहन के नंबर पर कई कॉल किए, लेकिन रिस्पॉन्स तब भी नहीं मिला। नवराज की चिंता और बढ़ने लगी। वो छुट्टी लेकर सीधे मुंबई पहुंचे। उन्होंने अंबोली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की। लेकिन पुलिस ने केस को सीरियसली नहीं लिया। मीनाक्षी के परिवार ने बाल ठाकरे से मांगी मदद जांच में तेजी लाने के लिए मीनाक्षी के भाई नवराज, बाल ठाकरे से मदद मांगने उनके दफ्तर पहुंचे। उनकी बाल ठाकरे से तो मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन ऑफिस पर्सन ने उन्हें कमिश्नर के पास भेजा। कमिश्नर अरुप पटनायक को पूरी कहानी सुनाई तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए केस सीबीआई को सौंप दिया। क्राइम ब्रांच की टीम ने मीनाक्षी के करीबी दोस्त आलोक शर्मा से पूछताछ की। आलोक ने उन्हें बताया कि 13 मार्च को ही मीनाक्षी से मिले थे। मीनाक्षी को किसी फिल्म की शूटिंग के लिए शहर से बाहर जाना था। उनके कहने पर आलोक उन्हें मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनल तक ड्रॉप करने गए थे। मीनाक्षी स्टेशन में दो दोस्तों से मिलीं और उनके साथ रवाना हो गईं। वो दो लोग कौन थे और वो सभी कहां जा रहे थे, इसकी आलोक को कोई जानकारी नहीं थी। आलोक के अलावा क्राइम ब्रांच ने मीनाक्षी के सभी दोस्तों और उनके लोखंडवाला के सुरेश नगर स्थित घर के पड़ोसियों से भी पूछताछ की। मीनाक्षी के साथ दो और दोस्त थे लापता जांच के अनुसार, आलोक ने जिन दो दोस्तों के साथ मीनाक्षी को स्टेशन में देखा था, वो अमित कुमार जयसवाल (36 साल) और प्रीति एल्विन सुरीन (26 साल) थीं। मीनाक्षी दो दोस्तों अमित कुमार जयसवाल और प्रीति सुरीन से बेहद करीब थीं। अमित और प्रीति भी स्ट्रगलिंग एक्टर्स थे। वो दोनों भी मधुर भंडारकर की फिल्म हीरोइन में बतौर जूनियर आर्टिस्ट काम कर रहे थे। सेट पर तीनों साथ समय बिताते थे। जांच में ये भी सामने आया कि सिर्फ मीनाक्षी ही नहीं बल्कि प्रीति और अमित भी कुछ दिनों से शूटिंग में नहीं आए

Actress Meenakshi Thapa Kidnapping And Murder Full Story, was working in kareena kapoor’s film

Actress Meenakshi Thapa Kidnapping And Murder Full Story, was working in kareena kapoor's film

1 घंटे पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के 10वें और आखिरी केस में जानिए एक्ट्रेस मीनाक्षी थापा हत्याकांड की निर्मम कहानी। साल 2012 में मीनाक्षी मधुर भंडारकर की फिल्म हीरोइन में काम कर रही थीं। फिल्म की लीड एक्ट्रेस करीना कपूर थीं। तभी अचानक उनकी किडनैपिंग हुई। एक्ट्रेस की तलाश पुलिस को इलाहाबाद तक ले पहुंची, जहां एक्ट्रेस नहीं बल्कि उनका सड़ता हुआ कंकाल मिला और सिर कहां गया, ये आज भी सामने नहीं आ सका। मार्च 2012 की बात है, देहरादून की रहनेवालीं मीनाक्षी थापा हीरोइन बनने का सपने लिए सपनों की नगरीं मुंबई पहुंचीं। शुरुआती संघर्ष के बाद उन्हें पहले छोटे-मोटे एड में काम मिला और फिर बॉलीवुड फिल्मों में बतौर साइड एक्ट्रेस या जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर काम मिलने लगा। 2011 में उन्हें टिस्का चोपड़ा, सतीश कौशिक, निशिकांत कामत स्टारर फिल्म 404 में काम मिला। मीनाक्षी इंडस्ट्री में अच्छी पकड़ बनाने लगी थीं। उनका सालों पुराना ख्वाब धीरे-धीरे ही सही लेकिन पूरा हो रहा था। फिल्म पकाई में छोटा सा रोल करने के बाद उन्हें मधुर भंडारकर स्टारर फिल्म हीरोइन में एक छोटा सा रोल मिला। ये फिल्म पहले ही चर्चा में थी। पहले इसमें ऐश्वर्या राय लीड रोल निभाने वाली थीं। कांस फिल्म फेस्विटल में मधुर भंडारकर ने इसकी घोषणा भी कर दी थी, लेकिन प्रेग्नेंट होने के बाद ऐश्वर्या ने फिल्म छोड़ दी। कास्टिंग में बदलाव से फिल्म की शूटिंग टालनी पड़ी और फिर करीना कपूर को साइन किया गया। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार फिल्म की शूटिंग शुरू हुई। मीनाक्षी रोज काम पर निकलने से पहले मां से बात करती थीं। मीनाक्षी की मां कमला थापा, देहरादून के फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट में काम करती थीं। उनका एक भाई नवराज आर्मी में था और उसकी पोस्टिंग श्रीनगर में थी। छोटे भाई का नाम विक्की था। एक बड़ी बहन हेमू भी थी, जिसकी शादी अजय थापा से हो चुकी थी। साल 2012 में मीनाक्षी थापा महज 26 साल की थीं। 14 मार्च 2012 तक सब ठीक था। 15 मार्च को मीनाक्षी ने मां को कॉल नहीं किया। कुछ देर बाद जब मां ने उन्हें कॉल किया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। मां को लगा कि वो व्यस्त होंगी, तो उन्होंने भी ये बात नजरअंदाज कर दी। 16 मार्च की तारीख लग गई, लेकिन मीनाक्षी का कॉल अब भी नहीं आया। कॉल करने पर अब भी कोई जवाब नहीं मिल रहा था। अब मां की घबराहट बढ़ने लगी। उन्होंने तुरंत बेटे नवराज को इसकी जानकारी दी। भाई ने भी मीनाक्षी से संपर्क करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन कोई खबर नहीं मिली। घर वाले परेशान थे कि 17 मार्च की दोपहर को मां के मोबाइल नंबर पर मीनाक्षी के नंबर से एक मैसेज आया। उसमें लिखा था- अपनी बेटी को जिंदा देखना है तो 15 लाख रुपए देने पड़ेंगे। कुछ देर बार एक और मैसेज मिला- अगर इस बात की खबर पुलिस को दी तो तुम्हारी बेटी की अश्लील फिल्में बनाकर इंटरनेट पर डाल दी जाएंगी और पूरे देहरादून में भी सर्कुलेट की जाएंगी। कुछ देर बाद ही उसी मोबाइल नंबर से मीनाक्षी का अकाउंट नंबर भी आया, किडनैपर्स ने उसी अकाउंट में पैसे डालने को कहा था। मीनाक्षी, देहरादून के एक मिडिल क्लास परिवार से ताल्लुक रखती थीं। घर में इतनी कमाई नहीं थी कि वो 15 लाख जितनी बड़ी रकम दे सकें। मीनाक्षी के भाई के पास 60 हजार ही थे, उन्होंने पहले 30 हजार रुपए दिए हुए अकाउंट नंबर पर भेजे और फिर शाम तक 30 हजार और ट्रांसफर कर दिए। पैसे दिए जाने के बाद उस नंबर से लगातार चेतावनी दी जाने लगी कि 15 लाख रुपए मिलने के बाद ही वो मीनाक्षी को छोड़ेंगे। अगर रकम नहीं दी, तो अंजाम बुरा होगा। भाई और मां किसी भी हालत में मीनाक्षी को सुरक्षित देखना चाहते थे। लगातार आ रहीं चेतावनी को देखते हुए उन्होंने फैसला किया कि वो अपना घर बेचकर फिरौती की रकम चुका देंगे। उससे पहले भाई नवराज ने किडनैपर्स को मैसेज किया कि वो रकम दे देंगे, लेकिन उससे पहले वो मीनाक्षी से बात करना चाहते हैं। इस पर किडनैपर्स ने रिस्पॉन्स देना बंद कर दिया। भाई नवराज को शक हुआ, उन्होंने बहन के नंबर पर कई कॉल किए, लेकिन रिस्पॉन्स तब भी नहीं मिला। नवराज की चिंता और बढ़ने लगी। वो छुट्टी लेकर सीधे मुंबई पहुंचे। उन्होंने अंबोली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की। लेकिन पुलिस ने केस को सीरियसली नहीं लिया। मीनाक्षी के परिवार ने बाल ठाकरे से मांगी मदद जांच में तेजी लाने के लिए मीनाक्षी के भाई नवराज, बाल ठाकरे से मदद मांगने उनके दफ्तर पहुंचे। उनकी बाल ठाकरे से तो मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन ऑफिस पर्सन ने उन्हें कमिश्नर के पास भेजा। कमिश्नर अरुप पटनायक को पूरी कहानी सुनाई तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए केस सीबीआई को सौंप दिया। क्राइम ब्रांच की टीम ने मीनाक्षी के करीबी दोस्त आलोक शर्मा से पूछताछ की। आलोक ने उन्हें बताया कि 13 मार्च को ही मीनाक्षी से मिले थे। मीनाक्षी को किसी फिल्म की शूटिंग के लिए शहर से बाहर जाना था। उनके कहने पर आलोक उन्हें मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनल तक ड्रॉप करने गए थे। मीनाक्षी स्टेशन में दो दोस्तों से मिलीं और उनके साथ रवाना हो गईं। वो दो लोग कौन थे और वो सभी कहां जा रहे थे, इसकी आलोक को कोई जानकारी नहीं थी। आलोक के अलावा क्राइम ब्रांच ने मीनाक्षी के सभी दोस्तों और उनके लोखंडवाला के सुरेश नगर स्थित घर के पड़ोसियों से भी पूछताछ की। मीनाक्षी के साथ दो और दोस्त थे लापता जांच के अनुसार, आलोक ने जिन दो दोस्तों के साथ मीनाक्षी को स्टेशन में देखा था, वो अमित कुमार जयसवाल (36 साल) और प्रीति एल्विन सुरीन (26 साल) थीं। मीनाक्षी दो दोस्तों अमित कुमार जयसवाल और प्रीति सुरीन से बेहद करीब थीं। अमित और प्रीति भी स्ट्रगलिंग एक्टर्स थे। वो दोनों भी मधुर भंडारकर की फिल्म हीरोइन में बतौर जूनियर आर्टिस्ट काम कर रहे थे। सेट पर तीनों साथ समय बिताते थे। जांच में ये भी सामने आया कि सिर्फ मीनाक्षी ही नहीं बल्कि प्रीति और अमित भी कुछ दिनों से शूटिंग में नहीं आए

Mathura Farsa Wale Baba Murder LIVE Updates; Gau Rakshak Death

Mathura Farsa Wale Baba Murder LIVE Updates; Gau Rakshak Death

मथुरा में गौरक्षक चंद्रशेखर बाबा की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। वह फरसा वाले बाबा के नाम से मशहूर थे। बाबा के एक साथी ने दावा किया- शनिवार तड़के बाबा 2 साथियों के साथ ट्रक का पीछा कर रहे थे। ट्रक में गौवंश होने की सूचना थी। ट्रक को ओवरटेक कर बाबा ने साम . घटना की जानकारी इलाके में आग की तरह फैली। देखते ही देखते हजारों की भीड़ दिल्ली-मथुरा हाईवे पर जमा हो गई। आरोपियों के एनकाउंटर की मांग कर हाईवे जाम कर दिया। जाम खुलवाने पहुंची पुलिस को लोगों ने खदेड़ दिया। पथराव भी किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी लहूलुहान हो गए। लोगों ने पुलिस की 5 से 6 गाडियों में तोड़फोड़ की। शीशे तोड़ दिए। इस दौरान फायरिंग भी हुई। हालात बेकाबू होता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। आंसू गैस के गोले छोड़े। इस बीच, CM योगी ने मामले का संज्ञान लिया। अफसरों को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कहा- आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में DIG शैलेश पांडे का कहना है कि शक के आधार पर बाबा एक ट्रक को रोककर चेकिंग कर रहे थे। सुबह कोहरा होने की वजह से पीछे से आ रहे ट्रक ने खड़े ट्रक को टक्कर मार दी। बाबा इसकी चपेट में आ गए। डीआईजी ने साफ किया कि ट्रकों में कोई गोवंश नहीं था। उपद्रव करने वालों पर कार्रवाई करेंगे। जहां बवाल हुआ, वहां से 25 किलोमीटर दूर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मौजूद थीं। गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा कर रही थीं। मामला कोसी और छाता थाना क्षेत्र का है। तस्वीरें देखिए- गौ-रक्षक चंद्रशेखर इलाके में फरसा वाले बाबा नाम से मशहूर थे। गौशाला चलाते थे। गौ तस्करी के खिलाफ खुलकर आवाज उठाते थे। गुस्साए लोगों ने दिल्ली-कोलकाता हाईवे जाम कर दिया। दोनों तरफ करीब 5 किमी. लंबा जाम लग गया। पुलिस लोगों को समझाने पहुंची, लेकिन नाराज लोगों ने पुलिसवालों को खदेड़ दिया। देखते ही देखते भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिस पर पथराव करने लगी। हालात काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान कई लोग जख्मी हुए। पथराव के बाद हाईवे पर ईंट-पत्थर बिछ गईं। पुलिस कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया। अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पथराव में स्थानीय लोग भी घायल हुए हैं। लोगों ने पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। इस दौरान कई पुलिसकर्मी लहूलुहान हो गए। मथुरा में बवाल की पल-पल की अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए-

Actress Jiah Khan Death Case, Boyfriend Sooraj Pancholi Accused of murder, Know Full Story and Case Details

Actress Jiah Khan Death Case, Boyfriend Sooraj Pancholi Accused of murder, Know Full Story and Case Details

1 घंटे पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के जिया खान डेथ केस में अब तक आपने पढ़ा कि कैसे 3 जून 2013 को जिया खान का शव उनके जुहू स्थित अपार्टमेंट में फांसी के फंदे से लटका मिला। जिया की मौत के 4 दिन बाद उनके घर से 6 पन्नों का नोट मिला, जिसमें उन्होंने लिखा था कि सूरज पंचोली ने उनके साथ मारपीट की और उनका जबरदस्ती अबॉर्शन करवाया। उनकी मां की शिकायत के बाद जिया के बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली की गिरफ्तारी हुई। जांच में सामने आया कि मौत से चंद मिनटों पहले तक जिया ने सूरज को कई कॉल किए थे, वो उनके घर भी गई थीं। जिया की मां ने इस समय सूरज पर हत्या के आरोप भी लगाए। उन्होंने जिया की डेडबॉडी की तस्वीरें दिखाईं, जिनमें चोट के कई निशान थे। हालांकि दूसरी तरफ सूरज की मां ने कहा कि जिया एक बार मां से झगड़े के बाद रोती हुईं उनके घर आई थीं, उनके सिर से खून निकल रहा था। जिया की मौत के दिन का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया, जिसमें सूरज के पिता आदित्य पंचोली, जिया की बिल्डिंग में नजर आए। जुलाई 2014 में सीबीआई ने केस की जांच शुरू की, जिससे केस के कई और एंगल भी सामने आए। अब पार्ट-2 में जानिए कहानी आगे- क्यों मौत से पहले सूरज के घर गई थीं जिया खान जिया खान केस में जनवरी 2014 में जुहू पुलिस ने 447 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी। इसके बाद जुलाई 2014 में केस सीबीआई को ट्रांसफर किया गया। दिसंबर 2015 में सभी तथ्यों की जांच के बाद सीबीआई ने चार्जशीट दायर की। चार्जशीट के अनुसार, जिया खान डेथ केस की जांच में कॉल रिकॉर्ड्स निकालने से सामने आया कि जिस समय जिया की मौत हुई, उससे कुछ मिनट पहले तक उनकी बॉयफ्रेंज सूरज पंचोली से कॉल पर बात हुई थी। जिया खान और सूरज सितंबर 2012 से रिलेशनशिप में थे। सीबीआई की जांच के मुताबिक, रात 10 बजकर 4 मिनट पर सूरज ने जिया को कॉल किया था। उन्होंने जिया से कहा था कि वो एक होटल में जूलरी डिजाइनर का इंतजार कर रहे हैं। दरअसल, जिया, अपनी बहन कविता को बर्थडे में तोहफा देने के लिए खास जूलरी बनवा रही थीं। जिस दिन जिया की मौत हुई, उस दिन दोपहर को वो बहन कविता के लिए जूलरी लेने बांद्रा गई थीं। कविता 3 जून को मौत वाले दिन ही रात 3 बजे की फ्लाइट से मुंबई लैंड करने वाली थीं। लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही जिया की मौत हो गई। खुद कुछ जूलरी खरीदने के अलावा जिया ने सूरज को एक अमाउंट दिया था, जिससे वो जूलरी डिजाइनर नीलू से जूलरी पिक कर सकें। रात को 10 बजे के करीब कॉल पर हुई बातचीत में सूरज ने उनसे यही कहा था कि वो जूलरी डिजाइनर से मिलने होटल आए हैं। कॉल रिकॉर्ड्स के अनुसार, सूरज से बात करने के बाद जिया ने तुरंत जूलरी डिजाइनर को कॉल किया। उन्होंने जिया को बताया कि उस दिन नहीं बल्कि अगली सुबह सूरज से मिलने वाली हैं। सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, जूलरी डिजाइनर से बात करने के बाद जिया ने गुस्से में सूरज को दोबारा कॉल किया और उन पर झूठ बोलने के आरोप लगाए। जिया को नाराज होता देख सूरज ने उस जूलरी डिजाइनर को कॉल किया और जिया से अगले दिन की अपॉइंटमेंट की बात कहने पर सवाल किया। इस पर डिजाइनर ने उन्हें यही कहा कि वो अगले दिन ही मिलेंगी। कुछ देर बाद सूरज ने फिर जूलरी डिजाइनर को कॉल किया और कहा कि वो जिया को कॉल कर उनकी गलतफहमी दूर करें। जूलरी डिजाइनर ने जिया को कॉल भी किए, लेकिन उनका नंबर व्यस्त था। इस समय जिया ने सूरज को कई कॉल और मैसेज किए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। रात 10 बजकर 22 मिनट पर सूरज ने जिया को कॉल किया। दोनों के बीच कुछ बातचीत हुई, जो आज तक साफ नहीं है। इसके थोड़ी देर बाद जिया अचानक सूरज के घर पहुंच गईं। उन्होंने पहुंचकर सूरज को कॉल किया, लेकिन उनका नंबर तब बंद था। जिया ने सूरज के हाउसहेल्प को भी कॉल किया। सूरज के कहने पर उसके घरेलू सहायक ने जिया से झूठ कहा कि वह अपने पिता आदित्य पंचोली के साथ मीटिंग में है। लेकिन जब हाउस हेल्प ने जिया को बाहर खड़ा देखा तो उसने सूरज को इसकी जानकारी दी। जब तक सूरज ने किसी को उसे अंदर बुलाने के लिए भेजा, जिया वहां से जा चुकी थी। इसके बाद सूरज ने उन्हें मैसेज कर फोन करने को कहा। जिया ने रात 10:45 बजे उसे कॉल किया। सीबीआई के अनुसार, दोनों के बीच हुई तीखी बातचीत को सूरज के हाउसहेल्प और घर में मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने भी सुना। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि जिया रात 10:48 बजे घर लौटी। सूरज ने 10:54 बजे उसे फिर कॉल किया और यह दोनों के बीच आखिरी बातचीत थी। इसके बाद 10:56 से 11:21 बजे के बीच सूरज द्वारा भेजे गए दस मैसेज का जिया ने कोई जवाब नहीं दिया। रात 11:20 बजे जब जिया की मां पार्टी से घर लौटीं, तब तक जिया की मौत हो चुकी थी। अबॉर्शन में आए कॉम्प्लिकेशन, डॉक्टर की सलाह के बावजूद अस्पताल नहीं गए सूरज सीबीआई जांच के दौरान उस डॉक्टर का भी बयान लिया गया, जिसने जिया के अबॉर्शन के लिए मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन दिया था। डॉक्टर के बयान के अनुसार, जिया की मौत से 5 महीने पहले यानी जनवरी 2013 में वो प्रेग्नेंट हुईं। उन्हें 4 हफ्ते का गर्भ था। सूरज ने डॉक्टर से कॉल पर मदद ली और जिया को खिलाई। दवाई दिए जाने के 2 दिन बाद सूरज ने डॉक्टर को कॉल कर कहा कि आधा फीटस (भ्रूण का आधा हिस्सा) जिया के अंदर फंसा हुआ है। ये अबॉर्शन के कॉम्प्लिकेशन में शामिल होता है। डॉक्टर ने सूरज से कहा कि वो तुरंत जिया को अस्पताल लाएं, लेकिन सूरज ने ऐसा नहीं किया। जांच अधिकारियों के मुताबिक, सूरज उस समय बॉलीवुड डेब्यू करने वाले थे। कोई स्कैंडल न बने इस डर से वो जिया को अस्पताल नहीं ले

Actress Jiah Khan Death Case, Boyfriend Sooraj Pancholi Accused of murder, Know Full Story and Case Details

Actress Jiah Khan Death Case, Boyfriend Sooraj Pancholi Accused of murder, Know Full Story and Case Details

3 घंटे पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के जिया खान डेथ केस में अब तक आपने पढ़ा कि कैसे 3 जून 2013 को जिया खान का शव उनके जुहू स्थित अपार्टमेंट में फांसी के फंदे से लटका मिला। जिया की मौत के 4 दिन बाद उनके घर से 6 पन्नों का नोट मिला, जिसमें उन्होंने लिखा था कि सूरज पंचोली ने उनके साथ मारपीट की और उनका जबरदस्ती अबॉर्शन करवाया। उनकी मां की शिकायत के बाद जिया के बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली की गिरफ्तारी हुई। जांच में सामने आया कि मौत से चंद मिनटों पहले तक जिया ने सूरज को कई कॉल किए थे, वो उनके घर भी गई थीं। जिया की मां ने इस समय सूरज पर हत्या के आरोप भी लगाए। उन्होंने जिया की डेडबॉडी की तस्वीरें दिखाईं, जिनमें चोट के कई निशान थे। हालांकि दूसरी तरफ सूरज की मां ने कहा कि जिया एक बार मां से झगड़े के बाद रोती हुईं उनके घर आई थीं, उनके सिर से खून निकल रहा था। जिया की मौत के दिन का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया, जिसमें सूरज के पिता आदित्य पंचोली, जिया की बिल्डिंग में नजर आए। जुलाई 2014 में सीबीआई ने केस की जांच शुरू की, जिससे केस के कई और एंगल भी सामने आए। अब पार्ट-2 में जानिए कहानी आगे- क्यों मौत से पहले सूरज के घर गई थीं जिया खान जिया खान केस में जनवरी 2014 में जुहू पुलिस ने 447 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी। इसके बाद जुलाई 2014 में केस सीबीआई को ट्रांसफर किया गया। दिसंबर 2015 में सभी तथ्यों की जांच के बाद सीबीआई ने चार्जशीट दायर की। चार्जशीट के अनुसार, जिया खान डेथ केस की जांच में कॉल रिकॉर्ड्स निकालने से सामने आया कि जिस समय जिया की मौत हुई, उससे कुछ मिनट पहले तक उनकी बॉयफ्रेंज सूरज पंचोली से कॉल पर बात हुई थी। जिया खान और सूरज सितंबर 2012 से रिलेशनशिप में थे। सीबीआई की जांच के मुताबिक, रात 10 बजकर 4 मिनट पर सूरज ने जिया को कॉल किया था। उन्होंने जिया से कहा था कि वो एक होटल में जूलरी डिजाइनर का इंतजार कर रहे हैं। दरअसल, जिया, अपनी बहन कविता को बर्थडे में तोहफा देने के लिए खास जूलरी बनवा रही थीं। जिस दिन जिया की मौत हुई, उस दिन दोपहर को वो बहन कविता के लिए जूलरी लेने बांद्रा गई थीं। कविता 3 जून को मौत वाले दिन ही रात 3 बजे की फ्लाइट से मुंबई लैंड करने वाली थीं। लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही जिया की मौत हो गई। खुद कुछ जूलरी खरीदने के अलावा जिया ने सूरज को एक अमाउंट दिया था, जिससे वो जूलरी डिजाइनर नीलू से जूलरी पिक कर सकें। रात को 10 बजे के करीब कॉल पर हुई बातचीत में सूरज ने उनसे यही कहा था कि वो जूलरी डिजाइनर से मिलने होटल आए हैं। कॉल रिकॉर्ड्स के अनुसार, सूरज से बात करने के बाद जिया ने तुरंत जूलरी डिजाइनर को कॉल किया। उन्होंने जिया को बताया कि उस दिन नहीं बल्कि अगली सुबह सूरज से मिलने वाली हैं। सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, जूलरी डिजाइनर से बात करने के बाद जिया ने गुस्से में सूरज को दोबारा कॉल किया और उन पर झूठ बोलने के आरोप लगाए। जिया को नाराज होता देख सूरज ने उस जूलरी डिजाइनर को कॉल किया और जिया से अगले दिन की अपॉइंटमेंट की बात कहने पर सवाल किया। इस पर डिजाइनर ने उन्हें यही कहा कि वो अगले दिन ही मिलेंगी। कुछ देर बाद सूरज ने फिर जूलरी डिजाइनर को कॉल किया और कहा कि वो जिया को कॉल कर उनकी गलतफहमी दूर करें। जूलरी डिजाइनर ने जिया को कॉल भी किए, लेकिन उनका नंबर व्यस्त था। इस समय जिया ने सूरज को कई कॉल और मैसेज किए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। रात 10 बजकर 22 मिनट पर सूरज ने जिया को कॉल किया। दोनों के बीच कुछ बातचीत हुई, जो आज तक साफ नहीं है। इसके थोड़ी देर बाद जिया अचानक सूरज के घर पहुंच गईं। उन्होंने पहुंचकर सूरज को कॉल किया, लेकिन उनका नंबर तब बंद था। जिया ने सूरज के हाउसहेल्प को भी कॉल किया। सूरज के कहने पर उसके घरेलू सहायक ने जिया से झूठ कहा कि वह अपने पिता आदित्य पंचोली के साथ मीटिंग में है। लेकिन जब हाउस हेल्प ने जिया को बाहर खड़ा देखा तो उसने सूरज को इसकी जानकारी दी। जब तक सूरज ने किसी को उसे अंदर बुलाने के लिए भेजा, जिया वहां से जा चुकी थी। इसके बाद सूरज ने उन्हें मैसेज कर फोन करने को कहा। जिया ने रात 10:45 बजे उसे कॉल किया। सीबीआई के अनुसार, दोनों के बीच हुई तीखी बातचीत को सूरज के हाउसहेल्प और घर में मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने भी सुना। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि जिया रात 10:48 बजे घर लौटी। सूरज ने 10:54 बजे उसे फिर कॉल किया और यह दोनों के बीच आखिरी बातचीत थी। इसके बाद 10:56 से 11:21 बजे के बीच सूरज द्वारा भेजे गए दस मैसेज का जिया ने कोई जवाब नहीं दिया। रात 11:20 बजे जब जिया की मां पार्टी से घर लौटीं, तब तक जिया की मौत हो चुकी थी। अबॉर्शन में आए कॉम्प्लिकेशन, डॉक्टर की सलाह के बावजूद अस्पताल नहीं गए सूरज सीबीआई जांच के दौरान उस डॉक्टर का भी बयान लिया गया, जिसने जिया के अबॉर्शन के लिए मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन दिया था। डॉक्टर के बयान के अनुसार, जिया की मौत से 5 महीने पहले यानी जनवरी 2013 में वो प्रेग्नेंट हुईं। उन्हें 4 हफ्ते का गर्भ था। सूरज ने डॉक्टर से कॉल पर मदद ली और जिया को खिलाई। दवाई दिए जाने के 2 दिन बाद सूरज ने डॉक्टर को कॉल कर कहा कि आधा फीटस (भ्रूण का आधा हिस्सा) जिया के अंदर फंसा हुआ है। ये अबॉर्शन के कॉम्प्लिकेशन में शामिल होता है। डॉक्टर ने सूरज से कहा कि वो तुरंत जिया को अस्पताल लाएं, लेकिन सूरज ने ऐसा नहीं किया। जांच अधिकारियों के मुताबिक, सूरज उस समय बॉलीवुड डेब्यू करने वाले थे। कोई स्कैंडल न बने इस डर से वो जिया को अस्पताल नहीं ले

Jiah Khan Death Case, Boyfriend Sooraj Pancholi Accused of murder, Know Full Story and Case Details

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22 मिनट पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-9 में जानिए कहानी, जिया खान डेथ केस की। जिया का शव उनके अपार्टमेंट में मिला, पुलिस जांच में इसे आत्महत्या माना गया लेकिन उनकी मां राबिया ने इसे मर्डर कहा, वजह थी जिया के गले में मिला एक गहरा निशान। तारीख- 3 जून 2013 जगह- फ्लैट नंबर 102, सागर संगीत सोसाइटी, जुहू, मुंबई एक्ट्रेस जिया खान की मां राबिया खान उनसे मिलने के लिए लंदन से आई थीं। जिया का पूरा परिवार लंदन में ही रहता था, वो खुद भी वहीं जन्मी थीं, लेकिन काम के सिलसिले में उन्होंने मुंबई में घर ले रखा था। जिया खान की बहन कविता का बर्थडे था, वो उसी दिन आधी रात 3 बजे हीथ्रो की फ्लाइट से बर्थडे सेलिब्रेट करने मुंबई पहुंचने वाली थीं। जिया बेहद एक्साइटेड थीं और बहन के लिए तोहफा लेना चाहती थीं। उस रोज वो मां के साथ कविता के लिए गोल्ड जूलरी लेने बांद्रा गईं। लौटते हुए शाम हो गई, हल्की बारिश भी हो रही थी। जिया ने खुशी-खुशी मां से कहा कि वो खुद ड्राइव करना चाहती थीं। जिया बार-बार कविता को मैसेस कर रही थीं। मां राबिया के साथ जिया खान की तस्वीरें। घर आकर जिया रेस्ट करने लगीं। रात के करीब साढ़े 8 बजे थे, जब उनकी मां राबिया ने कहा कि उन्हें अपनी दोस्त के घर जाना है। जवाब में जिया ने कहा, मैं भी फैजान (भाई जैसा दोस्त) से मिलने जा रही हूं, शो (गेम ऑफ थ्रोन) देखूंगी और फिर एक घंटे में आ जाऊंगी। आकर आपसे घर में ही मिलूंगी। बिल्डिंग के सीसीटीवी फुटेज में मां के साथ जाती हुईं जिया खान। जिया और राबिया साथ घर से निकले। राबिया ने रिक्शा किया और जिया पैदल ही दूसरी दिशा में चली गईं। फैजान चंद कदमों की दूरी पर ही रहते थे। मां राबिया उस दिन करीबी दोस्त एक्ट्रेस अंजू महेंद्रू के घर गईं। वहीं खाना खाया। रात 9 बजकर 37 मिनट पर राबिया ने जिया को कॉल कर कहा कि वो याद से खाना खा लें। दरअसल, जिया को एक नई फिल्म मिली थी, उस फिल्म में उन्हें वजनी दिखना था, जिसके लिए उन्हें ज्यादा-से-ज्यादा खाना खाने की सलाह मिलती रहती थी। कुछ मिनट बात कर राबिया ने कॉल कट कर दिया। कुछ देर बाद उस पार्टी में एक्टर आदित्य पंचोली अपनी गर्लफ्रेंड के साथ पहुंचे। जिया खान उस समय आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली के साथ रिलेशनशिप में थीं। जिया खान को किस करते हुए सूरज पंचोली। कुछ दिनों से उनके रिश्ते में अनबन चल रही थी। जिया अक्सर मां से बताती थीं कि सूरज उनके साथ बुरा सलूक करते हैं। जैसे ही राबिया ने देखा कि आदित्य पंचोली भी वहां आए हुए हैं, तो वो असहज होकर करीब पौने 11 बजे निकल गईं। राबिया घर लौटीं तो गौर किया कि सारी लाइट्स ऑन हैं, जबकि वो जिया के साथ सारी लाइट्स बंद कर निकली थीं। बेडरूम में पहुंचीं, तो देखा वहां कि भी सारी लाइट्स जल रही हैं, जिया का हैंड बैग फर्श पर पड़ा था। राबिया को कुछ अटपटा लगा। वो फ्रेश होने बाथरूम गईं, लाइट्स वहां की भी ऑन थीं। तभी उन्होंने दूसरे कमरे का दरवाजा स्लाइड किया। मंजर देख उनकी चीख निकल गई। बेटी जिया उस कमरे के पंखे से फांसी लगा चुकी थीं। राबिया दौड़ते हुए पहुंचीं और पैर पकड़ लिए। बेटी का शरीर अब भी गर्म था। उन्होंने मदद के लिए चिल्लाया, जिससे पड़ोस के कुछ लोग पहुंच गए। जिया के शरीर को फंदे से उतारा गया। उस समय डॉक्टर अग्रवाल वहां पहुंचे और उन्होंने कहा कि जिया की मौत हो चुकी है। रात 3 बजे जिया की बहन कविता ने मुंबई में लैंड किया। जैसे ही उन्होंने फोन एयरप्लेन मोड से हटाया तो उनके पास कई मैसेजेस आए हुए थे। जैसे ही उन्होंने मैसेज खोले, तो उसमें लोग उन्हें सांत्वना दे रहे थे। शुरुआत में कविता कुछ समझ नहीं पाईं, लेकिन जब दूसरे मैसेज देखे तो उन्हें बहन जिया की मौत की खबर मिली। वो घर पहुंचीं तो देखा फिल्म इंडस्ट्री और मीडिया की भीड़ उनके घर में थी। उस रोज अंजू महेंद्रु भी पहुंची, जिनके घर में कुछ घंटों पहले ही राबिया ने डिनर किया था। दैनिक भास्कर ने अंजू महेंद्रू से संपर्क किया, लेकिन वो इस केस के बारे में कोई बात नहीं करना चाहतीं। जिया की मौत की खबर मिलने के 3 घंटे बाद आदित्य पंचोली भी राबिया से मिलने उनके घर पहुंचे, लेकिन इस समय उनके साथ सूरज पंचोली नहीं आए। जबकि जिया की मौत के समय सूरज उन्हें डेट कर रहे थे। मुंबई के जेजे हॉस्पिटल में जिया का पोस्टमार्टम किया गया और 3 जून की सुबह 7 बजे उनका शव परिवार को सौंप दिया गया। 4 जून को ही उनके अपार्टमेंट से जनाजा उठाया गया। जुहू के सोनापुर कब्र वाला में उनके जनाजे की नमाज हुई जिसके बाद उन्हें जुहू के कब्रिस्तान में दफ्नाया गया। फिल्म इंडस्ट्री की तमाम बड़ी हस्तियां उनके जनाजे में शामिल हुईं, जिनमें आमिर खान, प्रेम चोपड़ा, किरण राव, रितेश देशमुख जैसे कई स्टार्स शामिल हैं। जनाजे में बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली बुरी तरह रोते हुए दिखे, परिवार के लोग उन्हें सहारा देते नजर आए। जनाजे में आदित्य पंचोली का हुआ मीडिया से झगड़ा जिया खान के जनाजे में सूरज पंचोली के पिता आदित्य पंचोली भी पहुंचे। कार से उतरते हुए उन्होंने मीडिया से बदसलूकी की और उनका ट्रायपोड तोड़ दिया। मीडिया ने उन्हें घेर लिया और हर्जाना भरने को कहा। इस समय आदित्य ने धमकी देते हुए कहा कि वो उन पर कार चढ़ा देंगे। जमकर बहस हुई, जिसके बाद आदित्य को कैमरापर्सन को 25 हजार रुपए का हर्जाना देना पड़ा। साथ ही वहां मौजूद भीड़ के दबाव में उन्हें माफी भी मांगनी पड़ी। जिया खान के जनाजे में सूरज पंचोली के साथ पिता आदित्य पंचोली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, जिया की मौत 3 जून की रात 11 बजे से 11 बजकर 30 मिनट के दरमियान हुई थी। इसके महज चंद मिनटों बाद ही मां राबिया घर पहुंची थीं। अगर मां कुछ देर पहले पहुंचतीं तो जिया को बचाया जा सकता था। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत

Jiah Khan Death Case, Boyfriend Sooraj Pancholi Accused of murder, Know Full Story and Case Details

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34 मिनट पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-9 में जानिए कहानी, जिया खान डेथ केस की। जिया का शव उनके अपार्टमेंट में मिला, पुलिस जांच में इसे आत्महत्या माना गया लेकिन उनकी मां राबिया ने इसे मर्डर कहा, वजह थी जिया के गले में मिला एक गहरा निशान। तारीख- 3 जून 2013 जगह- फ्लैट नंबर 102, सागर संगीत सोसाइटी, जुहू, मुंबई एक्ट्रेस जिया खान की मां राबिया खान उनसे मिलने के लिए लंदन से आई थीं। जिया का पूरा परिवार लंदन में ही रहता था, वो खुद भी वहीं जन्मी थीं, लेकिन काम के सिलसिले में उन्होंने मुंबई में घर ले रखा था। जिया खान की बहन कविता का बर्थडे था, वो उसी दिन आधी रात 3 बजे हीथ्रो की फ्लाइट से बर्थडे सेलिब्रेट करने मुंबई पहुंचने वाली थीं। जिया बेहद एक्साइटेड थीं और बहन के लिए तोहफा लेना चाहती थीं। उस रोज वो मां के साथ कविता के लिए गोल्ड जूलरी लेने बांद्रा गईं। लौटते हुए शाम हो गई, हल्की बारिश भी हो रही थी। जिया ने खुशी-खुशी मां से कहा कि वो खुद ड्राइव करना चाहती थीं। जिया बार-बार कविता को मैसेस कर रही थीं। मां राबिया के साथ जिया खान की तस्वीरें। घर आकर जिया रेस्ट करने लगीं। रात के करीब साढ़े 8 बजे थे, जब उनकी मां राबिया ने कहा कि उन्हें अपनी दोस्त के घर जाना है। जवाब में जिया ने कहा, मैं भी फैजान (भाई जैसा दोस्त) से मिलने जा रही हूं, शो (गेम ऑफ थ्रोन) देखूंगी और फिर एक घंटे में आ जाऊंगी। आकर आपसे घर में ही मिलूंगी। बिल्डिंग के सीसीटीवी फुटेज में मां के साथ जाती हुईं जिया खान। जिया और राबिया साथ घर से निकले। राबिया ने रिक्शा किया और जिया पैदल ही दूसरी दिशा में चली गईं। फैजान चंद कदमों की दूरी पर ही रहते थे। मां राबिया उस दिन करीबी दोस्त एक्ट्रेस अंजू महेंद्रू के घर गईं। वहीं खाना खाया। रात 9 बजकर 37 मिनट पर राबिया ने जिया को कॉल कर कहा कि वो याद से खाना खा लें। दरअसल, जिया को एक नई फिल्म मिली थी, उस फिल्म में उन्हें वजनी दिखना था, जिसके लिए उन्हें ज्यादा-से-ज्यादा खाना खाने की सलाह मिलती रहती थी। कुछ मिनट बात कर राबिया ने कॉल कट कर दिया। कुछ देर बाद उस पार्टी में एक्टर आदित्य पंचोली अपनी गर्लफ्रेंड के साथ पहुंचे। जिया खान उस समय आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली के साथ रिलेशनशिप में थीं। जिया खान को किस करते हुए सूरज पंचोली। कुछ दिनों से उनके रिश्ते में अनबन चल रही थी। जिया अक्सर मां से बताती थीं कि सूरज उनके साथ बुरा सलूक करते हैं। जैसे ही राबिया ने देखा कि आदित्य पंचोली भी वहां आए हुए हैं, तो वो असहज होकर करीब पौने 11 बजे निकल गईं। राबिया घर लौटीं तो गौर किया कि सारी लाइट्स ऑन हैं, जबकि वो जिया के साथ सारी लाइट्स बंद कर निकली थीं। बेडरूम में पहुंचीं, तो देखा वहां कि भी सारी लाइट्स जल रही हैं, जिया का हैंड बैग फर्श पर पड़ा था। राबिया को कुछ अटपटा लगा। वो फ्रेश होने बाथरूम गईं, लाइट्स वहां की भी ऑन थीं। तभी उन्होंने दूसरे कमरे का दरवाजा स्लाइड किया। मंजर देख उनकी चीख निकल गई। बेटी जिया उस कमरे के पंखे से फांसी लगा चुकी थीं। राबिया दौड़ते हुए पहुंचीं और पैर पकड़ लिए। बेटी का शरीर अब भी गर्म था। उन्होंने मदद के लिए चिल्लाया, जिससे पड़ोस के कुछ लोग पहुंच गए। जिया के शरीर को फंदे से उतारा गया। उस समय डॉक्टर अग्रवाल वहां पहुंचे और उन्होंने कहा कि जिया की मौत हो चुकी है। रात 3 बजे जिया की बहन कविता ने मुंबई में लैंड किया। जैसे ही उन्होंने फोन एयरप्लेन मोड से हटाया तो उनके पास कई मैसेजेस आए हुए थे। जैसे ही उन्होंने मैसेज खोले, तो उसमें लोग उन्हें सांत्वना दे रहे थे। शुरुआत में कविता कुछ समझ नहीं पाईं, लेकिन जब दूसरे मैसेज देखे तो उन्हें बहन जिया की मौत की खबर मिली। वो घर पहुंचीं तो देखा फिल्म इंडस्ट्री और मीडिया की भीड़ उनके घर में थी। उस रोज अंजू महेंद्रु भी पहुंची, जिनके घर में कुछ घंटों पहले ही राबिया ने डिनर किया था। दैनिक भास्कर ने अंजू महेंद्रू से संपर्क किया, लेकिन वो इस केस के बारे में कोई बात नहीं करना चाहतीं। जिया की मौत की खबर मिलने के 3 घंटे बाद आदित्य पंचोली भी राबिया से मिलने उनके घर पहुंचे, लेकिन इस समय उनके साथ सूरज पंचोली नहीं आए। जबकि जिया की मौत के समय सूरज उन्हें डेट कर रहे थे। मुंबई के जेजे हॉस्पिटल में जिया का पोस्टमार्टम किया गया और 3 जून की सुबह 7 बजे उनका शव परिवार को सौंप दिया गया। 4 जून को ही उनके अपार्टमेंट से जनाजा उठाया गया। जुहू के सोनापुर कब्र वाला में उनके जनाजे की नमाज हुई जिसके बाद उन्हें जुहू के कब्रिस्तान में दफ्नाया गया। फिल्म इंडस्ट्री की तमाम बड़ी हस्तियां उनके जनाजे में शामिल हुईं, जिनमें आमिर खान, प्रेम चोपड़ा, किरण राव, रितेश देशमुख जैसे कई स्टार्स शामिल हैं। जनाजे में बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली बुरी तरह रोते हुए दिखे, परिवार के लोग उन्हें सहारा देते नजर आए। जनाजे में आदित्य पंचोली का हुआ मीडिया से झगड़ा जिया खान के जनाजे में सूरज पंचोली के पिता आदित्य पंचोली भी पहुंचे। कार से उतरते हुए उन्होंने मीडिया से बदसलूकी की और उनका ट्रायपोड तोड़ दिया। मीडिया ने उन्हें घेर लिया और हर्जाना भरने को कहा। इस समय आदित्य ने धमकी देते हुए कहा कि वो उन पर कार चढ़ा देंगे। जमकर बहस हुई, जिसके बाद आदित्य को कैमरापर्सन को 25 हजार रुपए का हर्जाना देना पड़ा। साथ ही वहां मौजूद भीड़ के दबाव में उन्हें माफी भी मांगनी पड़ी। जिया खान के जनाजे में सूरज पंचोली के साथ पिता आदित्य पंचोली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, जिया की मौत 3 जून की रात 11 बजे से 11 बजकर 30 मिनट के दरमियान हुई थी। इसके महज चंद मिनटों बाद ही मां राबिया घर पहुंची थीं। अगर मां कुछ देर पहले पहुंचतीं तो जिया को बचाया जा सकता था। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत