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Trump Wants World Kneel; Dictatorship Pushing World Back: Israeli Historian

Trump Wants World Kneel; Dictatorship Pushing World Back: Israeli Historian

11 मिनट पहले कॉपी लिंक चर्चित इतिहासकार युवाल नोआ हरारी ने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इजराइल के इतिहास में नेतन्याहू से बड़ा इजराइली राष्ट्रवाद का दुश्मन कोई नहीं रहा। उन्होंने देश को अंदर से बांट दिया और लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प और उनके जैसे नेताओं की सोच यह है कि कमजोर हमेशा ताकतवर के सामने घुटने टेक दे, तभी शांति बनी रहेगी। यह अनैतिक और मूर्खतापूर्ण है क्योंकि इससे हर देश अपनी ऊर्जा सिर्फ हथियारों पर खर्च करेगा। हरारी ने कहा कि दुनिया ट्रम्पवाद और दक्षिणपंथी राजनीति कि ओर तेजी से बढ़ रही है। इसकी राजनीति करने वालों का मानना है कि दुनिया एक दूसरी की मदद करने से नहीं बल्कि ताकत और दबदबे से चलती है। लेकिन यह सोच इंसानी सभ्यता और दुनिया को पीछे धकेल रही है। युवाल नोआ हरारी इजराइल के इतिहासकार, सैन्य मामलों के जानकार, विचारक और विज्ञान लेखक हैं। वे यरुशलम की हिब्रू यूनिवर्सिटी में इतिहास के प्रोफेसर भी हैं। हरारी बोले- सहयोग से ही दुनिया की तरक्की हुई युवाल नोआ हरारी ने कहा कि उनकी सबसे चर्चित किताबें, जैसे सेपियंस और होमोडेयस को ध्यान से देखें तो एक बड़े विचार के इर्द-गिर्द घूमती हैं। सहयोग यानी कोऑपरेशन। हरारी ने कहा कि इंसानों की असली ताकत यही है कि वे बड़े पैमाने पर और लंबे समय तक मिलकर काम कर सकते हैं। यही वह चीज है जिसने इंसानों को कमजोर जीव से दुनिया की सबसे प्रभावशाली प्रजाति बना दिया। अकेला इंसान न तो शेर से लड़ सकता है और न भालू से, लेकिन करोड़ों लोग मिलकर समाज, देश, कानून, बाजार और तकनीक बना सकते हैं। युवाल नोआ हरारी की मशहूर किताबें- सेपियंस और होमोडेयस। हरारी बोले- ताकत ही सबकुछ होता तो हम आज भी शिकारी होते हरारी का मानना है कि अगर केवल ताकत ही सब कुछ होती, तो इंसान आज भी छोटे-छोटे शिकारी समूहों में जी रहे होते। मानव इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि यह नहीं कि इंसान लड़ सकता है, बल्कि यह है कि इंसान बड़ी संख्या में एक-दूसरे पर भरोसा कर सकता है। हरारी के मुताबिक सिर्फ डर या हिंसा के दम पर बड़ी सभ्यताएं नहीं चल सकतीं। किसी भी बड़े समाज को चलाने के लिए साझा विश्वास और सहयोग जरूरी होता है। लेकिन ट्रम्पवाद और राष्ट्रवादी सोच इस मामले में अलग राय रखती है। उनका मानना है कि देशों के बीच सहयोग तभी मजबूत हो सकता है, जब लोगों के पास अपनी मजबूत राष्ट्रीय, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान हो। उनके मुताबिक किसी देश को मजबूत बनाने के लिए लोगों का एक जैसी सोच और पहचान से जुड़ा होना जरूरी है। कई बार इसके लिए सख्त सत्ता और मजबूत नेतृत्व की भी जरूरत पड़ती है। हरारी के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रम्प सहयोग में विश्वास नहीं रखते, वे सिर्फ सैन्य ताकत से कमजोर देशों पर दबादबा बनाना चाहते है। हरारी बोले- राष्ट्रवाद को नफरत से बचाना जरूरी है हरारी का कहना है कि राष्ट्रवाद मानव इतिहास की सबसे सफल और सकारात्मक कहानियों में से एक रहा है। उनके मुताबिक राष्ट्रवाद का असली मतलब दूसरे लोगों से नफरत करना नहीं, बल्कि उन लाखों अनजान लोगों के लिए अपनापन महसूस करना है जिन्हें आप व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते, फिर भी उनके लिए त्याग करने को तैयार रहते हैं। वे कहते हैं कि राष्ट्र कोई परिवार नहीं होता और न ही छोटा कबीला। छोटे कबीलों में लोग एक-दूसरे को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं। लेकिन राष्ट्र अलग चीज है। भारत, चीन या इजराइल जैसे देशों में करोड़ों लोग रहते हैं और कोई भी व्यक्ति उनमें से ज्यादातर लोगों को नहीं जानता। फिर भी राष्ट्रवाद लोगों को इस हद तक जोड़ देता है कि वे टैक्स देते हैं ताकि दूसरे नागरिकों को अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। जरूरत पड़ने पर लोग देश के लिए अपनी जान तक जोखिम में डाल देते हैं। हरारी मानते हैं कि कई बार राष्ट्रवाद नफरत की तरफ भी मुड़ जाता है, लेकिन यह उसकी मूल पहचान नहीं है। उनके अनुसार राष्ट्रवाद बिना बाहरी लोगों से नफरत किए भी मौजूद रह सकता है, लेकिन अपने लोगों के लिए अपनापन और प्रेम के बिना नहीं। हरारी कहते हैं कि आज जो लोग खुद को राष्ट्रवाद का सबसे बड़ा समर्थक बताते हैं, उनमें से कई राष्ट्र के भीतर ही नफरत फैला रहे हैं। वे बाहरी दुश्मनों से ज्यादा अपने ही समाज को बांट रहे हैं। इजराइल का उदाहरण देते हुए हरारी कहते हैं कि देश के इतिहास में शायद ही किसी नेता ने समाज को उतना बांटा हो जितना बेंजामिन नेतन्याहू ने। युवाल हरारी ने नेतन्याहू पर आरोप लगाया है कि उन्होंने इजराइल को अंदर से बांट दिया है। उनके मुताबिक, यह इजराइल के लिए बाहरी दुश्मनों से ज्यादा खतरनाक है। दुनिया ताकत के नियम पर चले तो बर्बाद हो जाएगी हरारी ने ट्रम्पवादी सोच की आलोचना करते हुए कहा कि यह दुनिया को ताकत और दबदबे के नजरिए से देखती है। इस सोच के मुताबिक दुनिया में शांति तभी हो सकती है जब कमजोर देश मजबूत देशों की मांग मान लें। वे उदाहरण देते हैं कि अगर अमेरिका, ग्रीनलैंड मांगता है, तो डेनमार्क को अमेरिकी ताकत से डरकर उसे सौंप देना चाहिए। अगर डेनमार्क इनकार करे और संघर्ष हो जाए, तो इस सोच के मुताबिक गलती डेनमार्क की मानी जाएगी, क्योंकि उसने ताकतवर देश की बात नहीं मानी। हरारी कहते हैं कि यह सोच गंभीर समस्या पैदा करती है। अगर दुनिया केवल ताकत के नियम पर चलेगी, तो हर देश खुद को ज्यादा मजबूत बनाने की दौड़ में लग जाएगा। फिर सभी देशों को अपनी अर्थव्यवस्था और संसाधनों का बड़ा हिस्सा सेना और हथियारों पर खर्च करना पड़ेगा। हरारी ने AI को सबसे बड़ा खतरा बताया इसी बीच हरारी ने AI को आने वाले समय में सबसे बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि परमाणु बम सिर्फ एक हथियार है, लेकिन AI खुद फैसले लेने की क्षमता रखता है। उन्होंने चेतावनी दी कि AI इंसानों की तरह प्यार और भावनाएं दिखाना सीख रहा है, जबकि वह असली भावनाओं को समझता नहीं। आने

benjamin netanyahu gym video| prostate cancer| iran-israel| नेतन्याहू को तो देखिए, कैंसर को मात दे जिम में बना रहे डोले, ईरान कैसे न खौफ खाए

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Last Updated:May 02, 2026, 13:46 IST Israel PM benjamin netanyahu Gym: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू वैसे तो हमेशा ही कुछ न कुछ दिलचस्प चीजें करते रहते हैं लेकिन इस बार उनका जिम से आया वीडियो काफी वायरल हो रहा है. 76 की उम्र में, प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहे नेतन्याहू का जिम में पसीना बहाते, सीढ़ियां चढ़ते, नाश्ते में उबले अंडे खाते हुए युवाओं को संदेश काफी कुछ कह रहा है. उन्होंने कहा है कि कसरत करें और कभी हार न मानें. यह वीडियो उनकी रिकवरी और मजबूत इरादे का ईरान को साफ संदेश है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का हाल ही में जारी जिम का वीडियो काफी वायरल हो रहा है. 76 साल की उम्र में प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहे नेता जिम में डंबल उठा रहे हैं, डोले बना रहे हैं और सीढ़ियां चढ़ रहे हैं. वे साफ-साफ बता रहे हैं कि वे एकदम फिट हैं और दुश्मनों को कोई मौका नहीं देना चाहते. उनके मजबूत इरादे निश्चित ही ईरान की पेशानी पर बल डालने के लिए काफी हैं. AI Image नेतन्याहू ने इस वीडियो में उबले अंडे खाते हुए युवाओं को संदेश भी दिया है कि कसरत करें और कभी हार न मानें. यह वीडियो उनकी रिकवरी और मजबूत इरादे के अलावा उनके टाइट रूटीन अनुशासन का उदाहरण है. वे नियमित रूप से जिम जाते हैं, वेट ट्रेनिंग और कार्डियो करते हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रोस्टेट कैंसर की सर्जरी और रेडिएशन थेरेपी के बावजूद उनका स्वास्थ्य सामान्य है.जिस कैंसर के होने पर लोग बेड पकड़ लेते हैं, नेतन्याहू का जिम में पसीना बहाना वाकई लोगों को प्रेरित करने वाला है. डॉक्टरों की मानें तो प्रोस्टेट कैंसर से उबरने वाले मरीजों के लिए व्यायाम बेहद जरूरी और फायदेमंद होता है. नियमित एक्सरसाइज मसल स्ट्रेंथ बढ़ाती है, थकान कम करती है और हड्डियों को मजबूत बनाती है. यह दिल की हेल्थ सुधारता है और वजन कंट्रोल रखता है. ADT (हॉर्मोन थेरेपी) के साइड इफेक्ट्स जैसे मसल लॉस और ऑस्टियोपोरोसिस को भी व्यायाम से रोका जा सकता है. कई स्टडी में सक्रिय पुरुषों में रिकरेंस का खतरा कम पाया गया है. Add News18 as Preferred Source on Google एम्स नई दिल्ली की ही कई स्टडीज बताती हैं कि व्यायाम के फायदे प्रोस्टेट ही नहीं बल्कि कई कैंसर सर्वाइवर्स में स्पष्ट हैं. मॉडरेट एक्सरसाइज (सप्ताह में 150-300 मिनट) कैंसर से मौत का खतरा 25-35 फीसदी तक कम कर सकती है. एक्सरसाइज से मूड बेहतर करता है, नींद सुधरती है और क्वालिटी लाइफ बढ़ती है. नेतन्याहू जैसा रूटीन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के साथ कार्डियो रिकवरी में मददगार साबित होता है. हालांकि,एक्सपर्ट कहते हैं कि प्रोस्टेट कैंसर में व्यायाम करते समय सावधानी जरूरी है. डॉक्टर कहते हैं कि हड्डी मेटास्टेसिस वाले मरीजों को हाई इंपैक्ट एक्सरसाइज से बचना चाहिए क्योंकि इससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है. थेरेपी के दौरान थकान या दर्द हो तो व्यायाम की तीव्रता कम रखनी चाहिए. हमेशा डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह से ही व्यायाम शुरू करें, जैसा कि नेतन्याहू करते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो प्रोस्टेट कैंसर मरीजों को सप्ताह में कम से कम 2 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और रोजाना मॉडरेट एरोबिक एक्टिविटी करनी चाहिए. वार्म-अप और कूल-डाउन जरूर शामिल करें. नेतन्याहू का संदेश प्रेरणादायक है कि उम्र या बीमारी के बावजूद पॉजिटिव सोच और मेहनत से बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है. नियमित चेकअप के साथ स्वस्थ आदतें अपनाए रखने से बेहतर हेल्थ बनी रहती है. ऐसे में नेतन्याहू का यह वीडियो सिर्फ फिटनेस नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती का भी प्रतीक है जो निश्चित रूप से ईरान और उनके प्रतिद्वंद्वियों को उनके फौलादी इरादों का संकेत दे रहा है. नेतन्याहू का प्रोस्टेट कैंसर जैसी बीमारी से लड़कर वापसी करना लाखों लोगों को प्रेरित करता है. डॉक्टरों का मानना है कि व्यायाम दवा की तरह काम करता है, फायदे ज्यादा, नुकसान कम, बशर्ते सही तरीके से किया जाए. स्वस्थ रहने के लिए अनुशासन और डॉक्टरी सलाह सबसे जरूरी है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Netanyahu Trump Secret Meeting: Iran Attack Decision

Netanyahu Trump Secret Meeting: Iran Attack Decision

वॉशिंगटन डीसी14 मिनट पहले कॉपी लिंक तारीख: 11 फरवरी जगह: व्हाइट हाउस, वॉशिंगटन डीसी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सुबह ही व्हाइट हाउस पहुंच चुके थे। वह कई महीनों से अमेरिका पर दबाव डाल रहे थे कि ईरान पर बड़ा हमला किया जाए। हालांकि इस बार की मुलाकात बेहद सीक्रेट थी। उन्हें बिना किसी औपचारिक स्वागत के सीधे अंदर ले जाया गया ताकि मीडिया को कुछ पता न चले। पहले कैबिनेट रूम में बातचीत हुई और फिर उन्हें व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में ले जाया गया, जहां असली बैठक हुई। यह वही जगह है जहां अमेरिका युद्ध और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े बड़े फैसले करता है, लेकिन आमतौर पर यहां विदेशी नेताओं को नहीं लाया जाता। आमतौर पर जब कोई बड़ी मीटिंग होती है, तो ट्रम्प वह टेबल के सबसे आगे यानी ‘हेड’ वाली कुर्सी पर बैठते हैं। वहां से वह सबको देखते हैं और बैठक को लीड करते हैं। लेकिन इस मीटिंग में ट्रम्प टेबल के किनारे (साइड) पर जाकर बैठे, और उनका चेहरा दीवार पर लगी बड़ी स्क्रीन की तरफ था। ट्रम्प-नेतन्याहू आमने-सामने थे। स्क्रीन पर इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख डेविड बार्निया और इजराइली सैन्य अधिकारी जुड़े हुए थे। इससे ऐसा माहौल बनाया गया जैसे नेतन्याहू युद्ध के समय अपने पूरे कमांड के साथ खड़े हैं। इस बैठक में बहुत कम लोग शामिल थे ताकि कोई जानकारी बाहर न जाए। विदेश मंत्री मार्को रूबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, सीआईए प्रमुख जॉन रैटक्लिफ, जॉइंट चीफ्स के चेयरमैन जनरल डैन केन, ट्रम्प के दामाद जैरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ मौजूद थे। व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूजी वाइल्स भी वहां थीं। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस बैठक में नहीं थे क्योंकि वे अजरबैजान में थे और बैठक अचानक तय हुई थी। ईरान पर हमले से पहले सिचुएशनल रूम में राष्ट्रपति ट्रम्प और बाकी अधिकारी। तस्वीर जून 2025 की है। नेतन्याहू बोले- ईरान पर हमला करने का यह सही वक्त नेतन्याहू ने एक घंटे का प्रेजेंटेशन दिया और ट्रम्प को समझाने की कोशिश की कि यह ईरान पर हमला करने का सबसे सही समय है। उन्होंने कहा कि ईरान की सरकार कमजोर हो चुकी है और अगर अमेरिका और इजराइल मिलकर हमला करें तो ईरान की सैन्य ताकत जल्दी खत्म की जा सकती है। नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान का मिसाइल सिस्टम कुछ ही हफ्तों में तबाह किया जा सकता है और सरकार इतनी कमजोर हो जाएगी कि वह होर्मुज स्ट्रेट को बंद नहीं कर पाएगी। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि ईरान के अंदर फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू हो सकते हैं और अगर इजराइल सीक्रेट तरीके से मदद करे तो ये प्रदर्शन सरकार गिराने तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इराक से कुर्द लड़ाके ईरान में घुसकर एक और मोर्चा खोल सकते हैं जिससे सरकार जल्दी गिर जाएगी। इस दौरान एक वीडियो भी दिखाया गया जिसमें उन संभावित नेताओं को दिखाया गया जो सरकार गिरने के बाद सत्ता संभाल सकते हैं। इसमें रजा पहलवी का नाम भी था, जो ईरान के आखिरी शाह के बेटे हैं और फिलहाल अमेरिका में रहते हैं। नेतन्याहू ने बार-बार कहा कि अभी हमला जरूरी है, क्योंकि देर हुई तो ईरान मजबूत हो जाएगा। उनका कहना था कि कुछ न करने का खतरा, हमला करने से ज्यादा है। ट्रम्प 29 दिसंबर 2025 को फ्लोरिडा में अपने मार-ए-लागो क्लब में इजराइली PM नेतन्याहू से मुलाकात के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनसे हाथ मिलाते हुए। नेतन्याहू की बातों में आ गए ट्रम्प ट्रम्प इस पेशकश से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि यह प्लानिंग उन्हें सही लगती है। इससे नेतन्याहू को पता चल गया कि अमेरिका साथ आ सकता है। इसके बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का काम इस प्लानिंग को समझना था। अगले दिन सिचुएशन रूम में सिर्फ अमेरिकी अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें योजना को 4 हिस्सों में बांटा गया। 1. खामेनेई और टॉप लीडरशिप को खत्म करना 2. ईरान की सैन्य ताकत खत्म करना 3. देश में विद्रोह करवाना 4. सरकार बदलकर नई व्यवस्था लाना खुफिया एजेंसियों ने कहा कि पहले दो मकसद हासिल किए जा सकते हैं, लेकिन बाकी दो असलियत से दूर हैं। CIA चीफ जॉन रैटक्लिफ ने इसे मजाक जैसा बताया और मार्को रूबियो ने इसे बेकार कहा। जब ट्रम्प बैठक में आए तो उन्हें यही रिपोर्ट दी गई। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी वापस आ चुके थे और उन्होंने इस योजना पर गहरी चिंता जताई। जनरल डैन केन ने भी कहा कि इजराइल अक्सर योजनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है क्योंकि उसे अमेरिका की मदद चाहिए होती है। इसके बाद ट्रम्प ने साफ कहा कि अगर सरकार बदलना संभव नहीं भी है तो भी इससे फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि यह इजराइल या ईरान का मामला होगा, लेकिन उनका फैसला इस पर निर्भर नहीं करेगा। उनका ध्यान मुख्य रूप से ईरान के शीर्ष नेताओं को खत्म करने और उसकी सैन्य ताकत को तोड़ने पर था। नेतन्याहू 7 अप्रैल 2025 को व्हाइट हाउस में हुई बैठक के दौरान बोलते हुए। उनके साथ राष्ट्रपति ट्रम्प, उपराष्ट्रपति वेंस, विदेश मंत्री रूबियो और NSA माइकल वॉल्ट्ज भी मौजूद थे। ईरान को कमजोर समझने की भूल कर बैठे ट्रम्प आने वाले दिनों में कई बैठकें हुईं। इन बैठकों में जनरल केन ने चेतावनी दी कि अगर ईरान के खिलाफ बड़ा युद्ध शुरू होता है तो अमेरिका के हथियार तेजी से खत्म हो सकते हैं। खास तौर पर मिसाइल इंटरसेप्टर पहले से ही कम हैं क्योंकि अमेरिका यूक्रेन और इजराइल की मदद करता रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज को सुरक्षित रखना बहुत मुश्किल होगा और अगर ईरान इसे बंद कर देता है तो वैश्विक तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा। लेकिन ट्रम्प को भरोसा था कि युद्ध बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा। उन्हें लगा कि ईरान ज्यादा जवाब नहीं दे पाएगा, जैसा कि पहले जून में हुए हमलों के बाद देखा गया था। जंग शुरू करने का वेंस ने सबसे ज्यादा विरोध किया जनरल केन ने यह कभी नहीं कहा कि जंग गलत है लेकिन वे बार-बार इसके खतरे से आगाह कराते रहे। वह हर प्लानिंग पर पूछते थे कि उसके बाद क्या होगा, लेकिन ट्रम्प अक्सर वही बातों पर

US Israel vs Iran War Live Updates F-35 Jets Trump Netanyahu

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तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी9 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी C-130 हरक्यूलिस विमान पायलट की तलाश के दौरान फ्लेयर्स छोड़ते हुए। अमेरिका ईरान में गिराए गए अपने फाइटर जेट के पायलट की तलाश में लगा हुआ है। इस मिशन के लिए C-130 हरक्यूलिस जैसे बड़े विमान का इस्तेमाल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें यह विमान ईरान के ऊपर बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते हुए फ्लेयर्स छोड़ रहा है। विमान से फ्लेयर छोड़ने का मतलब है कि फाइटर जेट खुद को मिसाइलों से बचाने के लिए पीछे की तरफ गर्म फ्लेयर्स छोड़ते हैं। मिसाइल विमान के इंजन की गर्मी की जगह इन फ्लेयर्स को अपना टारगेट समझ लेती है और उन पर हमला कर देती है, जबकि असली विमान बच जाता है। इसी बीच इजराइल के एक अधिकारी ने दावा किया है कि अमेरिकी जेट के एक पायलट को ईरान के अंदर से जिंदा बचा लिया गया है। दूसरे पायलट की तलाश अभी भी जारी है। हालांकि इस दावे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट गिराया है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वह F-15E विमान हो सकता है। ईरान में अमेरिकी पायलट को पकड़ने पर ₹55 का लाख इनाम ईरान ने अमेरिकी फाइटर जेट के पायलट को पकड़ने पर 10 बिलियन ईरानी तोमान (लगभग 55 लाख रुपए) के इनाम का ऐलान किया है। ईरान के सरकारी मीडिया IRIB के एक एंकर ने नागरिकों से अपील की है कि वे अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़कर सरकारी अधिकारी या सेना को सौंपे। ईरान जंग से जुड़ी 4 तस्वीरें… ईरान ने शुक्रवार को उत्तरी इजराइल के शहर किरयात अता पर मिसाइल हमला किया, जिससे कई गाड़ियां जल गईं और आसपास की इमारतों को नुकसान पहुंचा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को ईरान की एक मिसाइल तकनीकी खराबी के कारण तेहरान में गिर गई। इजराइल के पेटाह टिकवा शहर पर शुक्रवार को ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल के हमले का वीडियो। ईरान ने शुक्रवार रात इजराइल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल अटैक किए। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 9 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी सांसद बोले- संसद की मंजूरी के बिना युद्ध फंडिंग का समर्थन नहीं अमेरिकी रिपब्लिकन सांसद जॉन कर्टिस ने कहा है कि वह ईरान के खिलाफ ट्रम्प की कार्रवाई का समर्थन करते हैं, लेकिन आगे के सैन्य अभियानों के लिए फंडिंग तभी देंगे जब संसद औपचारिक रूप से युद्ध की घोषणा करे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “मैं सैन्य तैयारी बनाए रखने और हथियारों के भंडार को भरने का समर्थन करता हूं, लेकिन युद्ध घोषणा के बिना आगे के सैन्य अभियानों के लिए फंडिंग का समर्थन नहीं कर सकता।” अमेरिकी संविधान के अनुसार, युद्ध घोषित करने का अधिकार संसद के पास है। हालांकि, पिछले कई वर्षों में अमेरिकी राष्ट्रपति बिना औपचारिक घोषणा या संसद की मंजूरी के भी सैन्य कार्रवाई करते रहे हैं। 22 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी विमानों को गिराने के बाद ईरान में जश्न ईरान में अमेरिकी विमानों को गिराने के दावों के बाद सड़कों पर जश्न का माहौल देखा जा रहा है। ईरान में इन घटनाओं को लेकर काफी गर्व और उत्साह का माहौल है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे शुरुआत से ही ऐसे कदमों का वादा कर रहे थे और उनके पास ऐसी क्षमताएं हैं जो अभी तक पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हुई हैं। उनका कहना है कि आज की घटनाओं से यह साफ हो गया है। ईरान ने आगे और हमले करने की भी बात कही है और कहा है कि अमेरिका ने उनकी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) की ताकत को कम आंका है। 33 मिनट पहले कॉपी लिंक इराकी समूह का दावा- अमेरिकी ठिकानों पर एक दिन में 19 हमले इराक के सशस्त्र संगठन इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने पिछले एक दिन में इराक और आसपास के क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 19 हमले किए हैं। समूह के अनुसार, इन हमलों में कई दर्जन ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, इन दावों को लेकर अभी तक अमेरिकी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। 44 मिनट पहले कॉपी लिंक इजराइली वायुसेना ने हिजबुल्लाह के रॉकेट लॉन्चर पर हमला किया इजराइल की वायुसेना ने लेबनान में हिजबुल्लाह के एक रॉकेट लॉन्चर को निशाना बनाकर हमला किया। इजराइली सेना (IDF) के अनुसार, इस लॉन्चर का इस्तेमाल कुछ ही मिनट पहले उत्तरी इजराइल पर रॉकेट दागने के लिए किया गया था। सेना ने बताया कि हमले के कुछ ही मिनटों बाद इस लॉन्चर को बमबारी कर नष्ट कर दिया गया। IDF के मुताबिक, हिजबुल्लाह की ओर से किए गए रॉकेट हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। 53 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरानी पुल पर हमले में 13 लोगों की मौत ईरान में तेहरान और कराज के बीच स्थित B1 पुल पर हुए हमले में अब मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान में शाहिद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी पर भी हवाई हमला किया गया। पिछले कुछ दिनों में कई आम नागरिकों से जुड़े संस्थानों को नुकसान पहुंचा है या वे पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। इसके अलावा, तेहरान में वैक्सीन बनाने वाले पाश्चर इंस्टीट्यूट पर भी 24 घंटे पहले हमला हुआ था। 02:35 AM4 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक ईरानी मिसाइल हमले से इजराइल के कई इलाकों में नुकसान ईरानी मिसाइल हमले के बाद इजराइल में नुकसान और अफरा-तफरी की खबरें सामने आई हैं। इजराइल की वल्ला न्यूज एजेंसी के अनुसार, तेल अवीव के पास बनी ब्राक इलाके में कांच के टुकड़ों से एक व्यक्ति घायल हो गया। साथ ही, इंटरसेप्ट किए गए ईरानी मिसाइल के टुकड़े 17 अलग-अलग जगहों पर गिरे। एजेंसी ने बताया कि रोश हआयिन के एक रिहायशी इलाके में भी मिसाइल का असर हुआ, जिससे काफी नुकसान हुआ और वहां बिजली भी चली गई। वहीं, एक किंडरगार्टन (बच्चों के स्कूल) के पास भी मलबा मिला है। 02:25 AM4 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक पायलट की तलाश के लिए 2 ऑपरेशन चला रहा

US-Israel vs Iran Conflict Live Updates Trump Addresses Netanyahu

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तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी34 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प गुरुवार सुबह भारतीय समय के अनुसार 6:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। ट्रम्प इस दौरान ईरान युद्ध को लेकर बड़ा ऐलान कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प इस संबोधन में यह दावा कर सकते हैं कि अमेरिका इस जंग में जीत की स्थिति में है। वे पहले भी कई बार कह चुके हैं कि अमेरिका ने ईरान को काफी कमजोर कर दिया है। ऐसे में संभावना है कि वे औपचारिक तौर पर जीत का ऐलान करें या फिर युद्ध खत्म करने की कोई समय-सीमा (डेडलाइन) भी बता दें। इसी के साथ ही ट्रम्प NATO को लेकर बड़ा फैसला ले सकते हैं। उन्होंने कल ही NATO को “कागजी शेर” बताया था और कहा था कि वे NATO छोड़ने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। ईरान पर हमले तेज कर सकता है अमेरिका रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प के संबोधन से पहले अमेरिका ईरान पर कुछ बड़े हमले कर सकता है और उसके बाद ट्रम्प युद्ध खत्म करने का रोडमैप पेश कर सकते हैं। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी उनका रुख साफ हो सकता है। ट्रम्प पहले ही कह चुके हैं कि इस समुद्री रास्ते को खुलवाने की जिम्मेदारी अमेरिका नहीं लेगा। उनका कहना है कि जिन देशों को इस रास्ते की जरूरत है, उन्हें खुद अपनी सुरक्षा करनी होगी। इसके अलावा ईरान से जुड़े देशों पर नए प्रतिबंध लगाने का भी ऐलान किया जा सकता है। ट्रम्प ने कहा था- ईरान ने सीजफायर की अपील की ट्रम्प ने कल दावा किया है कि ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका से सीजफायर की मांग की है। उन्होंने कहा कि ईरान की नई लीडरशिप पहले से कम कट्टर और ज्यादा समझदार है। हालांकि ट्रम्प ने साफ किया कि अमेरिका अभी सीजफायर नहीं करेगा। उनका कहना है कि जब तक होर्मुज पूरी तरह सुरक्षित और खुला नहीं हो जाता, तब तक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं, ईरान के एक सीनियर अफसर ने कहा कि ट्रम्प के भाषण को लेकर कहा कि उस पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। CNN से बात करते हुए अधिकारी ने कहा कि ट्रम्प बहुत अस्थिर और अजीब इंसान हैं। उनके बयान को बहुत महत्व नहीं दिया जाना चाहिए। ट्रम्प बोले- ईरान से किसी डील की जरूरत नहीं ट्रम्प ने कल यह भी कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए किसी समझौते (डील) की जरूरत नहीं है। अमेरिका यह युद्ध 2 से 3 हफ्तों में खत्म कर सकता है। उन्होंने कहा था- ईरान को कोई डील करने की जरूरत नहीं है। जब हमें लगेगा कि वे इतने कमजोर हो गए हैं कि कई सालों तक परमाणु हथियार नहीं बना सकते, तब हम वहां से निकल जाएंगे। डील हो या न हो, अब यह जरूरी नहीं है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान के पास जो यूरेनियम बचा है, उससे उन्हें कोई चिंता नहीं है, क्योंकि वह जमीन के अंदर है और आसानी से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। अमेरिका पहले ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को काफी नुकसान पहुंचा चुका है। फ्रांस बोला- NATO का काम सिर्फ यूरोप की सुरक्षा करना NATO के कई देशों ने ईरान के खिलाफ अमेरिका का साथ देने से इनकार कर दिया है, जिससे ट्रम्प नाराज हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहा है, लेकिन इस बार कोई उसके साथ नहीं आया। वहीं फ्रांस की मंत्री एलिस रूफो ने साफ किया है कि NATO का काम सिर्फ यूरोप की सुरक्षा करना है और होर्मुज में सैन्य कार्रवाई करना उसके दायरे में नहीं आता। ब्रिटेन इस हफ्ते 35 देशों की एक बड़ी बैठक आयोजित करने जा रहा है। इस बैठक का मकसद होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के रास्ते तलाशना है। इसमें दुनिया के कई बड़े देश शामिल होंगे और संभावना है कि भारत भी इसमें भाग ले सकता है, क्योंकि भारत की ऊर्जा जरूरतें इस क्षेत्र पर काफी निर्भर हैं। ———- यह खबर भी पढ़ें… ईरान ने बहरीन में अमेजन ऑफिस पर हमला किया:माइक्रोसॉफ्ट-एपल, गूगल भी निशाने पर; ट्रम्प बोले- ईरान से डील की कोई जरूरत नहीं ईरान ने बहरीन में आज अमेरिकी कंपनी अमेजन वेब सर्विस के एक डेटा सेंटर पर हमला किया। फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक, हमले के बाद उस जगह पर आग लग गई। इससे पहले बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी बताया था कि एक कंपनी की इमारत में आग लगी है, जिसे फायर ब्रिगेड की टीम बुझा रही थी। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी2 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प गुरुवार सुबह भारतीय समय के अनुसार 6:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। ट्रम्प इस दौरान ईरान युद्ध को लेकर बड़ा ऐलान कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प इस संबोधन में यह दावा कर सकते हैं कि अमेरिका इस जंग में जीत की स्थिति में है। वे पहले भी कई बार कह चुके हैं कि अमेरिका ने ईरान को काफी कमजोर कर दिया है। ऐसे में संभावना है कि वे औपचारिक तौर पर जीत का ऐलान करें या फिर युद्ध खत्म करने की कोई समय-सीमा (डेडलाइन) भी बता दें। इसी के साथ ही ट्रम्प NATO को लेकर बड़ा फैसला ले सकते हैं। उन्होंने कल ही NATO को “कागजी शेर” बताया था और कहा था कि वे NATO छोड़ने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। ईरान पर हमले तेज कर सकता है अमेरिका रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प के संबोधन से पहले अमेरिका ईरान पर कुछ बड़े हमले कर सकता है और उसके बाद ट्रम्प युद्ध खत्म करने का रोडमैप पेश कर सकते हैं। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी उनका रुख साफ हो सकता है। ट्रम्प पहले ही कह चुके हैं कि इस समुद्री रास्ते को खुलवाने की जिम्मेदारी अमेरिका नहीं लेगा। उनका कहना है कि जिन देशों को इस रास्ते की जरूरत है, उन्हें खुद अपनी सुरक्षा करनी होगी। इसके अलावा ईरान से जुड़े देशों पर नए प्रतिबंध लगाने का भी ऐलान किया जा सकता है। ट्रम्प ने कहा था- ईरान ने सीजफायर की अपील की ट्रम्प ने कल दावा किया है कि ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका से सीजफायर की मांग की है। उन्होंने कहा कि ईरान की नई लीडरशिप पहले से कम कट्टर और ज्यादा समझदार है। हालांकि ट्रम्प ने साफ किया कि अमेरिका अभी सीजफायर नहीं करेगा। उनका कहना है कि जब तक होर्मुज पूरी तरह सुरक्षित और खुला नहीं हो जाता, तब तक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं, ईरान के एक सीनियर अफसर ने कहा कि ट्रम्प के भाषण को लेकर कहा कि उस पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। CNN से बात करते हुए अधिकारी ने कहा कि ट्रम्प बहुत अस्थिर और अजीब इंसान हैं। उनके बयान को बहुत महत्व नहीं दिया जाना चाहिए। लाइव अपडेट्स 2 मिनट पहले कॉपी लिंक ट्रम्प बोले- ईरान से किसी डील की जरूरत नहीं ट्रम्प ने कल यह भी कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए किसी समझौते (डील) की जरूरत नहीं है। अमेरिका यह युद्ध 2 से 3 हफ्तों में खत्म कर सकता है। उन्होंने कहा था- ईरान को कोई डील करने की जरूरत नहीं है। जब हमें लगेगा कि वे इतने कमजोर हो गए हैं कि कई सालों तक परमाणु हथियार नहीं बना सकते, तब हम वहां से निकल जाएंगे। डील हो या न हो, अब यह जरूरी नहीं है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान के पास जो यूरेनियम बचा है, उससे उन्हें कोई चिंता नहीं है, क्योंकि वह जमीन के अंदर है और आसानी से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। अमेरिका पहले ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को काफी नुकसान पहुंचा चुका है। 3 मिनट पहले कॉपी लिंक फ्रांस बोला- NATO का काम सिर्फ यूरोप की सुरक्षा करना NATO के कई देशों ने ईरान के खिलाफ अमेरिका का साथ देने से इनकार कर दिया है, जिससे ट्रम्प नाराज हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहा है, लेकिन इस बार कोई उसके साथ नहीं आया। वहीं फ्रांस की मंत्री एलिस रूफो ने साफ किया है कि NATO का काम सिर्फ यूरोप की सुरक्षा करना है और होर्मुज में सैन्य कार्रवाई करना उसके दायरे में नहीं आता। ब्रिटेन इस हफ्ते 35 देशों की एक बड़ी बैठक आयोजित करने जा रहा है। इस बैठक का मकसद होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के रास्ते तलाशना है। इसमें दुनिया के कई बड़े देश शामिल होंगे और संभावना है कि भारत भी इसमें भाग ले सकता है, क्योंकि भारत की ऊर्जा जरूरतें इस क्षेत्र पर काफी निर्भर हैं। 5 मिनट पहले कॉपी लिंक यह खबर भी पढ़ें… ईरान ने बहरीन में अमेजन ऑफिस पर हमला किया:माइक्रोसॉफ्ट-एपल, गूगल भी निशाने पर; ट्रम्प बोले- ईरान से डील की कोई जरूरत नहीं ईरान ने बहरीन में आज अमेरिकी कंपनी अमेजन वेब सर्विस के एक डेटा सेंटर पर हमला किया। फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक, हमले के बाद उस जगह पर आग लग गई। इससे पहले बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी बताया था कि एक कंपनी की इमारत में आग लगी है, जिसे फायर ब्रिगेड की टीम बुझा रही थी। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Israel Death Penalty Law | Palestinians Guilty of Attacks Face Execution; Ministers Celebrate

Israel Death Penalty Law | Palestinians Guilty of Attacks Face Execution; Ministers Celebrate

Hindi News International Israel Death Penalty Law | Palestinians Guilty Of Attacks Face Execution; Ministers Celebrate 17 मिनट पहले कॉपी लिंक इजराइल की संसद ने एक नया कानून पास किया है, जिसके तहत हमलों में दोषी ठहराए गए फिलिस्तीनियों को सीधे फांसी दे दी जाएगी। यह कानून प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार के वादे को पूरा करने के तौर पर देखा जा रहा है। कानून के मुताबिक, सैन्य अदालतों में दोषी पाए जाने पर फांसी डिफॉल्ट सजा होगी और 90 दिनों के भीतर सजा लागू की जाएगी। इसमें दया याचिका का अधिकार भी नहीं होगा, हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में उम्रकैद का विकल्प दिया गया है। आलोचकों का कहना है कि यह कानून मुख्य रूप से फिलिस्तीनियों पर लागू होगा और इसे भेदभावपूर्ण बताया जा रहा है। जर्मनी, फ्रांस, इटली और ब्रिटेन समेत कई देशों ने भी इसकी आलोचना की है। फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। इजराइल के मानवाधिकार संगठनों ने भी इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून कानूनी जांच के दायरे में आ सकता है। यह कानून पास होते ही नेतन्याहू के मंत्रियों ने संसद में ही शैंपेन की बोतल खोली और जश्न मनाने लगे। इजराइल ने 1954 में हत्या के मामलों में मौत की सजा खत्म कर दी थी और 1962 में नाजी अधिकारी एडोल्फ आइखमैन को फांसी दी गई थी, जो अब तक का एकमात्र मामला है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… चीन में हाईवे टनल में धमाका, 4 की मौत, 9 घायल, ज्वलनशील गैस से विस्फोट की आशंका चीन के चोंगकिंग म्युनिसिपैलिटी के वानझोउ जिले में निर्माणाधीन हाईवे टनल में सोमवार दोपहर जोरदार विस्फोट हुआ। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हैं। शुरुआती रिपोर्ट में 12 लोगों के घायल होने और एक व्यक्ति के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। देर रात रेस्क्यू टीम ने लापता व्यक्ति का शव बरामद कर लिया। अस्पताल में भर्ती घायलों में से तीन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई। यह हादसा हुबेई और सिचुआन प्रांतों को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे के टनल सेक्शन के पास हुआ। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि टनल के भीतर मौजूद ज्वलनशील गैस के कारण विस्फोट हुआ। हालांकि, प्रशासन ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। घटना के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। बचाव और जांच टीमें मौके पर तैनात हैं और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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Hindi News International Israel Death Penalty Law | Palestinians Guilty Of Attacks Face Execution; Ministers Celebrate 2 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के फ्लोरिडा में पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर राष्ट्रपति ट्रम्प के नाम पर रखने का फैसला लिया गया है। गवर्नर रॉन डेसैंटिस ने सोमवार को बिल साइन किया। मंजूरी मिलने पर यह बदलाव 1 जुलाई से लागू हो सकता है। फ्लोरिडा सरकार के फैसले के बाद अब इस नाम को लागू करने के लिए फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) को औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके बाद फ्लाइट चार्ट, नेविगेशन सिस्टम और एयरपोर्ट साइनेज में बदलाव किया जाएगा। ट्रम्प के फैमिली बिजनेस ने फरवरी में ही इस नए नाम के लिए ट्रेडमार्क आवेदन किया था। इससे साफ है कि नाम बदलने की तैयारी पहले से चल रही थी। अमेरिकी सांसद ब्रायन मस्ट ने एयरपोर्ट का तीन अक्षरों वाला कोड PBI से बदलकर DJT करने का प्रस्ताव भी रखा है, जो ट्रम्प के नाम के शुरुआती अक्षर हैं। ट्रम्प के नाम पर बढ़ रहे हैं संस्थान एयरपोर्ट के अलावा भी ट्रम्प के नाम पर कई सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों के नाम रखे जा रहे हैं। इनमें शामिल हैं: नेवी के नए युद्धपोतों का प्रस्तावित नाम विदेशी निवेशकों के लिए वीजा प्रोग्राम सरकारी दवा वेबसाइट बच्चों के लिए सेविंग अकाउंट स्कीम जॉन एफ केनेडी सेंटर में नाम जोड़ना यूनाइटेड स्टेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पीस बिल्डिंग इसके अलावा अमेरिकी करेंसी पर भी इस साल से ट्रम्प के सिग्नेचर आने की बात कही गई है। फ्लोरिडा में ही मियामी में ट्रम्प की प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी बनाने की योजना है। ट्रम्प ने इसका एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें एक विशाल कांच की इमारत, गोल्डन स्टैच्यू, प्राइवेट जेट और लग्जरी सुविधाएं दिखाई गईं। इस प्रोजेक्ट के लिए वेबसाइट भी लॉन्च की गई है, जहां कमिंग सून के साथ डोनेशन का विकल्प दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… इजराइल में फिलिस्तीनियों को हमलों में दोषी पाए जाने पर सीधे फांसी की सजा; मंत्रियों ने संसद में शैंपेन की बोतल खोल जश्न मनाया इजराइल की संसद ने एक नया कानून पास किया है, जिसके तहत हमलों में दोषी ठहराए गए फिलिस्तीनियों को सीधे फांसी दे दी जाएगी। यह कानून प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार के वादे को पूरा करने के तौर पर देखा जा रहा है। कानून के मुताबिक, सैन्य अदालतों में दोषी पाए जाने पर फांसी डिफॉल्ट सजा होगी और 90 दिनों के भीतर सजा लागू की जाएगी। इसमें दया याचिका का अधिकार भी नहीं होगा, हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में उम्रकैद का विकल्प दिया गया है। आलोचकों का कहना है कि यह कानून मुख्य रूप से फिलिस्तीनियों पर लागू होगा और इसे भेदभावपूर्ण बताया जा रहा है। जर्मनी, फ्रांस, इटली और ब्रिटेन समेत कई देशों ने भी इसकी आलोचना की है। फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। इजराइल के मानवाधिकार संगठनों ने भी इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून कानूनी जांच के दायरे में आ सकता है। यह कानून पास होते ही नेतन्याहू के मंत्रियों ने संसद में ही शैंपेन की बोतल खोली और जश्न मनाने लगे। इजराइल ने 1954 में हत्या के मामलों में मौत की सजा खत्म कर दी थी और 1962 में नाजी अधिकारी एडोल्फ आइखमैन को फांसी दी गई थी, जो अब तक का एकमात्र मामला है। चीन में हाईवे टनल में धमाका, 4 की मौत, 9 घायल, ज्वलनशील गैस से विस्फोट की आशंका चीन के चोंगकिंग म्युनिसिपैलिटी के वानझोउ जिले में निर्माणाधीन हाईवे टनल में सोमवार दोपहर जोरदार विस्फोट हुआ। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हैं। शुरुआती रिपोर्ट में 12 लोगों के घायल होने और एक व्यक्ति के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। देर रात रेस्क्यू टीम ने लापता व्यक्ति का शव बरामद कर लिया। अस्पताल में भर्ती घायलों में से तीन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई। यह हादसा हुबेई और सिचुआन प्रांतों को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे के टनल सेक्शन के पास हुआ। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि टनल के भीतर मौजूद ज्वलनशील गैस के कारण विस्फोट हुआ। हालांकि, प्रशासन ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। घटना के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। बचाव और जांच टीमें मौके पर तैनात हैं और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

US-Israel vs. Iran Conflict Live Updates Trump Netanyahu mojtaba khamenei

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4 मिनट पहले कॉपी लिंक लाइबेरिया के झंडे वाला टैंकर शिप ‘शेनलॉन्ग’ 2 मार्च को मुंबई बंदरगाह पहुंचा था। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 15वां दिन है। इस जंग के बीच भारत का LPG (रसोई गैस) ले जाने वाला जहाज शिवालिक शुक्रवार रात होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर गया। जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘मरीनट्रैफिक’ के मुताबिक यह जहाज 7 मार्च को कतर से अमेरिका के लिए रवाना हुआ था। यह जहाज भारत की सरकारी कंपनी शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का है और इसमें करीब 55,000 टन LPG ले जाने की क्षमता है। इसी वजह से इस जहाज का सुरक्षित निकलना भारत के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी में स्थित खार्ग आइलैंड पर मौजूद ईरान के सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो इस इलाके के ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया जा सकता है। ईरान के करीब 80 से 90% कच्चे तेल का निर्यात इसी आइलैंड से होता है। दावा- ईरान के नए सुप्रीम लीडर का पैर काटना पड़ा कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं और कोमा में हैं। ब्रिटिश मीडिया द सन की रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमले में घायल होने के बाद उन्हें तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि उनकी हालत बेहद गंभीर है। रिपोर्ट के मुताबिक हमले में चोट इतनी गहरी थी कि उनका एक पैर काटना पड़ा और लिवर को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। अस्पताल के एक हिस्से को पूरी तरह सील कर दिया गया है और वहां भारी सुरक्षा तैनात है। मुजतबा खामेनेई को उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद 9 मार्च को देश का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया था। अली खामेनेई की 28 फरवरी को मौत हुई थी। पढ़ें पूरी खबर… इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… ट्रम्प ने शनिवार को ईरान के खार्ग आइलैंड पर हमले का फुटेज जारी किया। ईरानी हमले के बाद शुक्रवार को सेंट्रल इजराइल के कुछ हिस्से में आग लग गई। ईरान ने शुक्रवार को इजराइल-अमेरिका के ठिकानों को टारगेट करके कई ड्रोन लॉन्च किए। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 4 मिनट पहले कॉपी लिंक UAE में फर्जी वीडियो पोस्ट करने पर 10 लोग गिरफ्तार UAE में सरकार ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालने वाले 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग अलग-अलग देशों के हैं। सरकारी न्यूज एजेंसी WAM के मुताबिक कुछ लोगों ने ऐसे वीडियो पोस्ट किए जिनमें दिखाया गया कि UAE पर हमला हो रहा है या मिसाइलें गिर रही हैं। इनमें से कई वीडियो फर्जी थे या AI से बनाए गए थे। सरकार का कहना है कि ऐसे वीडियो से लोगों में डर और भ्रम फैलता है और देश की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। अगर इन लोगों पर आरोप साबित होते हैं, तो उन्हें कम से कम 1 साल की जेल और 1 लाख दिरहम तक जुर्माना हो सकता है। 24 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान के 90% तेल का एक्सपोर्ट खार्ग आइलैंड से होता है अमेरिका ने दावा किया है कि उसने खार्ग आइलैंड पर हमला किया है। यह आइलैंड स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बेहद करीब है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में से एक है। दुनिया का करीब 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है। ईरान का भी करीब 80 से 90% कच्चे तेल का निर्यात इसी आइलैंड से होता है। यहां बड़े तेल टर्मिनल, पाइपलाइन, स्टोरेज टैंक और जहाजों में तेल भरने की फैसिलिटी मौजूद हैं। इसे हर दिन करीब 70 लाख बैरल तक तेल जहाजों में भरा जा सकता है। 1960 के दशक में विदेशी निवेश के बाद इस जगह को बड़े ऑयल एक्सपोर्ट सेंटर के तौर पर डेवलप किया गया था और तब से यह ईरान की ऑयल सप्लाई की रीढ़ बन गया। हडसन इंस्टीट्यूट के सीनियर फेलो माइकल डोरान ने कहा कि ट्रम्प सरकार युद्ध के बाद भी ईरान की पूरी अर्थव्यवस्था को तबाह नहीं करना चाहती है। अमेरिका की पुरानी ‘रेड लाइन’ यानी तय सीमा यह रही है कि कुछ खास और अहम ठिकानों पर हमला नहीं किया जाए। ईरान के खार्ग आइलैंड स्थित तेल टर्मिनल की 25 फरवरी 2026 को ली गई सैटेलाइट तस्वीर। 31 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका का नए ईरानी सुप्रीम लीडर पर ₹92 करोड़ का इनाम अमेरिका ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के बारे में जानकारी देने पर 10 मिलियन डॉलर (करीब ₹92 करोड़) तक इनाम देने की घोषणा की है। अमेरिकी विदेश विभाग के ‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम ने यह घोषणा की है। इस सूची में ईरान के सीनियर नेता अली लारिजानी समेत कई अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनके अलावा इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खतिब, अली असगर हेजाजी, याह्या रहीम सफवी और इस्कंदर मोमेनी के बारे में भी जानकारी मांगी गई है। अमेरिका का आरोप है कि ये अधिकारी ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े नेटवर्क का संचालन करते हैं, जो दुनिया भर में हमलों और आतंकी गतिविधियों की योजना बनाते हैं। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की तस्वीर। 39 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका बोला- हमारा एयरक्राफ्ट कैरियर पूरी तरह सुरक्षित अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसका USS अब्राह्म लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर पूरी तरह सुरक्षित है। ईरान इस पर हमला करके इसे बेकार करने की झूठी बातें फैला रहा है। उनका कहना है कि यह जहाज अभी भी पूरी तरह काम कर रहा है और समुद्र से हालात पर नजर रख रहा है। इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने खाड़ी इलाके में इस जहाज पर चार बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। 43 मिनट पहले कॉपी लिंक सऊदी अरब ने 6 ड्रोन गिराए सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसने देश में घुसने की कोशिश कर रहे छह ड्रोन मार गिराए हैं। मंत्रालय

Israel US Iran war live updates ninth day Trump Netanyahu

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तेल अवीव/तेहरान1 दिन पहले कॉपी लिंक ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए उकसाया गया। उनका दावा है कि अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मिलकर साजिश की। अराघची के मुताबिक ग्राहम हाल के हफ्तों में कई बार इजराइल गए और वहां की खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों से मुलाकात की। इन बैठकों में ईरान से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई। अराघची का कहना है कि ग्राहम ने कहा था कि उन्हें इजराइल से ऐसी खुफिया जानकारी मिलती है जो कभी-कभी अमेरिकी सरकार भी शेयर नहीं करती। इसी जानकारी के आधार पर ट्रम्प को ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए राजी किया गया। अराघची ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राहम ने इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को सलाह दी कि वे ट्रम्प को ईरान के खिलाफ सैन्य कदम उठाने के लिए कैसे मना सकते हैं। अराघची ने कहा कि किसी भी देश में ऐसा करना देशद्रोह जैसा माना जाएगा। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने 16 फरवरी 2026 को इजराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की थी। सऊदी पर मिसाइल हमले में भारतीय की मौत सऊदी अरब के अल-खार्ज इलाके में रिहायशी परिसर पर मिसाइल गिरने से एक भारतीय और एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत हो गई। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक हमले में 12 अन्य बांग्लादेशी घायल हुए हैं। सऊदी सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक आवासीय परिसर पर मिसाइल गिरने से इससे इमारत को नुकसान पहुंचा और आसपास अफरा-तफरी मच गई। इससे पहले ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा था कि उसने अल-खार्ज समेत कई स्थानों पर रडार सिस्टम को निशाना बनाया है। मिसाइल गिरने की घटना इसी इलाके में सामने आई है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार पहले ही सऊदी अरब में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर चुकी है और उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें… ट्रम्प कुवैत में मारे गए 6 अमेरिकियों सैनिक के शव वापसी समारोह में शामिल हुए। उनके साथ मेलानिया ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी मौजूद थे। ईरान के इस्फहान शाहिद बेहेश्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 7 मार्च को धमाके के बाद की फुटेज। दुबई के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को ईरानी ड्रोन हमले का फुटेज। तेहरान में अमेरिकी-इजराइली हमले में मारी गई 2 साल की जैनब साहेबी का शनिवार को अंतिम संस्कार हुआ। ब्रिटेन में ईरान जंग खत्म करने के लिए शनिवार को मार्च निकाला गया। इस दौरान महिलाओं ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की तस्वीर लेकर प्रदर्शन किया। ब्रिटेन में इंटरनेशनल विमेंस डे मार्च के दौरान कुछ ईरानी महिलाओं ने अमेरिका के समर्थन में रैली निकाली। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… अपडेट्स 12:16 AM9 मार्च 2026 कॉपी लिंक व्हाइट हाउस के ‘वॉर मोंटाज’ वीडियो पर अमेरिकी कैथोलिक धर्मगुरु ने की आलोचना अमेरिका के एक वरिष्ठ कैथोलिक धर्मगुरु कार्डिनल ब्लेज़ क्यूपिच ने व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक वीडियो मोंटाज को “भयावह” और “घिनौना” बताया है। यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर “Justice the American way” कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया था। लगभग 42 सेकंड के इस वीडियो में हॉलीवुड फिल्मों के दृश्यों को ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमलों के वास्तविक फुटेज के साथ मिलाकर दिखाया गया था। जो पोप लियो XIV के करीबी कार्डिनल क्यूपिच ने अपने बयान में कहा- एक असली युद्ध, जिसमें असली मौत और असली पीड़ा है, उसे वीडियो गेम की तरह पेश करना बेहद घिनौना है। 11:58 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक कतर के प्रधानमंत्री ने मध्य पूर्व में तनाव कम करने की अपील की कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच सभी पक्षों से तनाव कम करने (डी-एस्केलेशन) की अपील की है। Sky News को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हम ईरानियों से बातचीत जारी रखेंगे और तनाव कम करने की कोशिश करते रहेंगे।” शेख मोहम्मद ने कहा कि हालिया घटनाओं ने ईरान के साथ संबंधों में मौजूद भरोसे को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में स्थिरता के लिए संवाद और कूटनीतिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। 11:39 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक श्रीलंका ईरानी नाविकों को मुफ्त वीजा जारी करेगा श्रीलंका ने अपनी समुद्री सीमा के बाहर से निकाले गए ईरानी नाविकों को एक महीने का मुफ्त वीजा देने की योजना बनाई है। ये नाविक उस घटना के बाद बचाए गए थे जिसमें अमेरिकी पनडुब्बी के हमले में एक अन्य जहाज डूब गया था, जिसमें 80 से अधिक नाविकों की मौत हो गई थी। श्रीलंका के लोक सुरक्षा मंत्री आनंदा विजेपाला ने मीडिया से कहा कि सरकार ईरानी नाविकों को “फ्री वीजा” जारी करेगी। उन्होंने कहा कि “उन्हें इस देश से जाने में कुछ समय लग सकता है।” शनिवार को 204 नाविकों को उनके जहाज IRIS Bushehr से श्रीलंकाई नौसेना के एक बेस पर स्थानांतरित किया गया, जिसके बाद जहाज को श्रीलंका की हिरासत में ले लिया गया। 10:40 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक बेरूत में IRGC कुद्स फोर्स के 5 कमांडर ढेर: इजरायल इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उसने बेरूत में सटीक हवाई हमले में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कुद्स फोर्स के लेबनान कॉर्प्स के पांच सीनियर कमांडरों को मार गिराया। IDF ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि यह कार्रवाई “ऑपरेशन रोअरिंग लायन” के तहत की गई। 10:09 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक अयातोल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा नए सुप्रीम लीडर हो सकते हैं ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का अगला सुप्रीम लीडर चुने जाने के संकेत मिले हैं। हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा अभी बाकी है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, यह जानकारी एक वरिष्ठ ईरानी धर्मगुरु अयातोल्ला हुसैनअली एश्केवारी ने दी, जो नए सर्वोच्च नेता के चयन की प्रक्रिया में शामिल थे। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के 88 सदस्यों में से एक एश्केवारी ने ईरानी मीडिया में जारी एक वीडियो संदेश में कहा- खामेनेई का नाम जारी रहेगा। ईरान में असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स वह संस्था है, जो देश