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UPI Payment Controversy | Finance Minister Nirmala Sitharaman Statement

UPI Payment Controversy | Finance Minister Nirmala Sitharaman Statement

नई दिल्ली12 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत में रोजाना फल-सब्जी खरीदने से लेकर कैब के किराए तक के लिए करोड़ों लोग यूपीआई (UPI) का इस्तेमाल करते हैं। हाल ही में संसद में पेश हुए नए बिल के बाद एक बहस शुरू हो गई है कि क्या भविष्य में यूपीआई पेमेंट करने पर ग्राहकों को शुल्क देना होगा। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्थिति साफ की है। वित्त मंत्री ने कहा है कि आम ग्राहकों को डरने की कोई जरूरत नहीं है, यूपीआई उनके लिए फ्री ही रहेगा। जानिए क्या है पूरा मामला, संसद में पेश नया बिल, एमडीआर का नियम और आम यूजर्स पर इसका क्या असर होगा… सवाल: क्या आम ग्राहकों को अब UPI से पेमेंट करने पर कोई चार्ज देना होगा? जवाब: नहीं, बिल्कुल नहीं। सरकार और आरबीआई दोनों ने साफ किया है कि आम ग्राहकों से यूपीआई पेमेंट पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। आप पहले की तरह ही किसी भी क्यूआर कोड को स्कैन करके फ्री में पैसों का ट्रांसफर और खरीदारी कर सकेंगे। सवाल: फिर यूपीआई पर चार्ज लगने की चर्चा क्यों शुरू हुई? जवाब: सरकार ने संसद में टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल-2026 पेश किया है। इसमें पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट- 2007 की धारा 10A में संशोधन का प्रस्ताव है। इसके तहत भविष्य में कुछ खास यूपीआई लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने का कानूनी ढांचा तैयार किया जा रहा है। इसी के बाद विपक्ष ने सवाल उठाए कि इससे आम जनता पर बोझ पड़ेगा। सवाल: कांग्रेस और विपक्ष का इस नए संशोधन बिल पर क्या आरोप है? जवाब: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह संशोधन उस कानूनी सुरक्षा को हटाता है जिसने अब तक यूपीआई ट्रांजेक्शन को पूरी तरह मुफ्त रखा है। उनका आरोप है कि इससे भविष्य में यूपीआई पर एमडीआर लगाने का रास्ता साफ होगा और इसका अंतिम बोझ आम जनता पर ही पड़ेगा। सवाल: विपक्ष के आरोपों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या सफाई दी? जवाब: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए X पर कहा कि एमडीआर केवल मर्चेंट्स (दुकानदारों/व्यापारियों) पर लागू होता है, न कि अंतिम उपभोक्ता या ग्राहकों पर। इससे मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल बैंक और फिनटेक कंपनियां अपने इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और सिक्योरिटी को मजबूत करने में करेंगी, जिसका फायदा अंततः सभी यूपीआई यूजर्स को ही मिलेगा। सवाल: क्या अभी से यूपीआई ट्रांजेक्शन पर एमडीआर लागू कर दिया गया है? जवाब: नहीं, अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि संसद से बिल पास होने के बाद नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की ‘यूपीआई एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी’ इस पर अंतिम फैसला लेगी। अभी यह केवल एक प्रस्ताव के स्तर पर है। सवाल: यह एमडीआर आखिर होता क्या है और यह कौन देता है? जवाब: एमडीआर यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह फीस होती है जो कोई व्यापारी या दुकानदार डिजिटल पेमेंट प्रोसेस करने के बदले बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देता है। यह शुल्क ग्राहक की जेब से नहीं कटता, बल्कि दुकानदारों के डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के बदले चुकाया जाता है। वर्तमान नियमों के तहत यूपीआई और रूपे डेबिट कार्ड पर एमडीआर 0% है। सवाल: RBI गवर्नर का इस पूरे मुद्दे पर क्या रुख है? जवाब: आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मॉनेटरी पॉलिसी के बाद कहा कि इस पर अभी से किसी नतीजे पर पहुंचना बहुत जल्दबाजी होगी। सरकार कानून में संशोधन कर रही है और चर्चा जारी है। डिजिटल पेमेंट सिस्टम को चलाने का खर्च किसी न किसी को तो उठाना ही होगा। उन्होंने कहा कि आरबीआई की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि डिजिटल पेमेंट सुरक्षित, टिकाऊ और सभी के लिए किफायती बना रहे। सवाल: प्रस्तावित योजना के तहत किन दुकानों और ट्रांजेक्शन पर चार्ज लग सकता है? जवाब: विचाराधीन प्रस्ताव के अनुसार, ₹2,000 से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजेक्शन पर 0.3% से 0.5% तक का एमडीआर (MDR) लगाया जा सकता है। राहत की बात यह है कि यह नियम केवल ₹1.5 करोड़ से ज्यादा के सालाना टर्नओवर वाले बड़े मर्चेंट्स/दुकानदारों पर ही लागू करने का प्लान है। छोटे व्यापारी और सब्जी-किराना वाले इसके दायरे से बाहर रहेंगे। सवाल: अगर एमडीआर लागू भी हो जाता है, तो दुकानदारों पर क्या असर पड़ेगा? जवाब: अगर यह प्रस्ताव पास होता है, तो केवल ₹1.5 करोड़ से ज्यादा का टर्नओवर रखने वाले बड़े कारोबारियों को ही ₹2,000 से ज्यादा के यूपीआई लेन-देन पर 0.3% से 0.5% तक फीस देनी होगी। छोटे दुकानदारों और आम ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। सवाल: यूपीआई के भविष्य और इसकी फंडिंग को लेकर असली विवाद क्या है? जवाब: भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल पेमेंट्स नेटवर्क का खर्च कौन उठाएगा। यह इस पूरे विवाद की मुख्य जड़ है। बैंक और फिनटेक कंपनियों का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारी लागत आती है। सरकार चाहती है कि आम यूजर्स पर बोझ डाले बिना बैंकों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाया जाए, ताकि यूपीआई सर्विस बिना किसी रुकावट के चलती रहे। नॉलेज पार्ट: जानें क्या है पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट? धारा 10A का नियम: भारत सरकार ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए इस कानून में धारा 10A जोड़ी थी, जिसके तहत यूपीआई और रूपे कार्ड लेन-देन पर किसी भी प्रकार का एमडीआर लगाने पर रोक लगा दी गई थी। संशोधन की जरूरत क्यों: धारा 10A में संशोधन के बाद सरकार और एनपीसीआई (NPCI) को यह अधिकार मिल जाएगा कि वे जरूरत पड़ने पर बड़े व्यावसायिक लेन-देन पर सीमित शुल्क (MDR) तय कर सकें, ताकि डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्च निकाला जा सके। ये खबर भी पढ़ें… मैगी विवाद में दुकानदारों पर लगे सभी क्रिमिनल केस हटे: हाईकोर्ट बोला- लैब जांच में लेड लिमिट में मिला, अब केस का कोई आधार नहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने साल 2015 के मैगी विवाद में दुकानदारों के खिलाफ दर्ज सभी केस रद्द कर दिए हैं। यह सभी क्रिमिनल केस मैगी में लेड और मोनोसोडियम ग्लूटामेट की ज्यादा मात्रा पाए जाने के आरोपों के बाद दर्ज किए गए थे। जस्टिस मधु जैन की बेंच ने कहा कि

India Nepal Digital Payment Launch

India Nepal Digital Payment Launch

5 मिनट पहले कॉपी लिंक 1. गृहमंत्री अमित शाह आज डिजिटल लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम लॉन्च करेंगे 9 जून को गृहमंत्री अमित शाह डिजिटल लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (LPMS) लॉन्च करेंगे। LPMS एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो बंदरगाहों पर माल की आवजाही के लिए स्लॉट बुकिंग, पेमेंट और ट्रैकिंग को आसान बनाएगा। LPMS से सभी लैंड पोर्ट्स के कामकाज को एक ही सिस्टम में जोड़ा जाएगा। इस स्मार्ट सिस्टम से पोर्ट पर आवाजाही डॉक्युमेंटलेस हो सकेगी। ये पहल भारत के बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर को एयरपोर्ट और सीपोर्ट की तरह आधुनिक और डिजिटल बनाने के लिए है। LPMS लॉन्च का मुख्य उद्देश्य देश की बोर्ड सिक्योरिटी को और ज्यादा मजबूत और हाईटेक बनाना है। LPMS सिस्टम से व्यापार में आसानी होगी और सिक्योरिटी चेक में लगने वाला समय लगभग आधा हो जाएगा। LPMS स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट का हिस्सा है। इस सिस्टम से बिजनेस के दौरान पोर्ट पर लॉजिसटिक से जुड़ी जानकारी तुरंत मिल सकेंगी। इस सिस्टम से पेमेंट के साथ ही ट्रैकिंग और सिंगल विंडो क्लीयरेंस सहित कार्गो और पैसेंजर के लिए एंड-टू-एंड डिजिटल वर्क आसानी से किया जा सकेगा। स्पोर्ट्स (SPORTS) 2. एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने ग्रैंड स्लैम जीता 7 जून को जर्मनी के टेनिस प्लेयर एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम जीता। ज्वेरेव ने फ्रेंच ओपन 2026 के फाइनल में इटली के फ्लेवियो कोबोली को हराया। ज्वेरेव ने फ्लेवियो को पांच सेटों में 6-1, 4-6, 6-4, 6-7, 6-1 से हराया। ज्वेरेव ग्रैंड स्लैम में तीन बार फाइनल में और सात बार सेमीफाइनल में खेल चुके हैं। ज्वेरेव ने मास्टर्स 1000 इवेंट्स के साथ दो एटीपी फाइल्स भी जीते हैं। 2008 के बाद ज्वेरेव सबसे कम उम्र के एटीपी फाइनल चैंपियन बने। ज्वेरेव 89 साल बाद फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने वाले जर्मन खिलाड़ी हैं। ज्वेरेव से पहले 1937 में जर्मनी के हेनर हेन्केल ने ये टूर्नामेंट जीता था। .एक कैलेंडर वर्ष के दौरान खेले जाने वाले चार सबसे प्रतिष्ठित टेनिस टूर्नामेंट्स फ्रेंच ओपन, ऑस्ट्रेलियन ओपन, विम्बलडन और यूएस ओपन को ग्रैंड स्‍लैम कहा जाता है। 4. ब्रिटिश एक्टर एंथनी हेड का निधन 7 जून को ब्रिटिश एक्टर एंथनी हेड का निधन हो गया। वे 72 साल के थे। एंथनी ‘बफी द वैम्पायर स्लेयर’ और ‘टेड लासो’ जैसे अपने किरदारों के लिए जाने जाते थे। एंथनी ने सारा मिशेल गेलर के साथ ‘बफी’ के सभी सात सीजन में रूपर्ट जाइल्स का किरदार निभाया है। एंथनी स्केच कॉमेडी सीरीज ‘लिटिल ब्रिटेन’ में पीएम की भूमिका निभाई थी, जो उनका एक मशहूर किरदार माना जाता है। एंथनी ने द आयरन लेडी में भी काम किया है। एंथनी ने इस फिल्म में सर जेफरी होव’ का किरदार निभाया था। ये फिल्म पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर की जीवनी पर आधारित है। एंथनी ने अपने करियर की शुरुआत यूके एक एक थियेटर से की थी। मिसलीनियस (MISCELLENEOUS) 5. भारत-नेपाल ने क्रॉस बॉर्डर डिजिटल पेमेंट के लिए MoU किया 7 जून को भारत और नेपाल ने क्रॉस बॉर्डर डिजिटल पेमेंट को पूरी तरह लागू करने के लिए एक MoU किया। ये MoU नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल की भारत यात्रा के दौरान हुआ। इस MoU के अंतर्गत भारत के UPI (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) और नेपाल के नेशनल पेमेंट इंटरफेस (NPI) को जोड़ने पर सहमति बनी है। इस MoU के बाद नेपाली नागरिक भारत में और भारतीय नागरिक नेपाल में मोबाइल से डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे। ये फैसिलिटी पर्सनल रेमिटेंस यानी, पर्सन टू पर्सन और बाकी बॉर्डर के पार होने वाले पेमेंट्स को आसान बनाएगी। इससे पहले तक यदि कोई भारतीय नागरिक नेपाल में कोई ट्रांसेक्शन करता था, तो 1.3 और 2% के बीच चार्ज किया जाता था। जबकि, भारत में किसी भी नेपाली नागरिक के लिए जनवरी 2020 से UPI यूजर और व्यापारियों दोनों के लिए ये सर्विस मुफ्त है। इस MoU के बाद किसी भी तरह के एक्स्ट्रा चार्ज को इंटरनेशनल पेमेंट लिमिटेड (भारत) और नेपाल क्लीयरिंग हाउस लिमिटेड (नेपाल) वहन करेंगे। मार्च 2024 से भारतीय पर्यटक नेपाल में UPI-बेस्ड QR पेमेंट कर रहे थे। अब इस MoU के बाद दोनों ही मोड में पेमेंट आसान हो सकेगा। भारत ने 2023 में डिजिटल पेमेंट और रेमिटेंस के लिए MoU किया था, जिसे अब ऑपरेशनल लेवल पर लागू किया जाएगा। इसके साथ ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नेपाल में भूकंप के बाद पुनर्निर्माण परियोजनाओं के हिस्से के रूप में 72 हेल्थ सेक्टर और 12 कल्चरल सेक्टर के प्रोजेक्ट्स पर भी नेपाल से समझौता किया। 2015 के भूकंप के बाद नेपाल में पुनर्निर्माण के लिए भारत प्रमुख दानदाता था। भारत ने अनुदान और लोन में 1 बिलियन डॉलर देने का वादा किया था। External Affairs Minister of India @DrSJaishankar and Minister for Foreign Affairs of Nepal @shisir jointly launched the linkage between @UPI_NPCI 🇮🇳 and National Payments Interface 🇳🇵for facilitating cross-border personal remittances on 6 June 2026. Glance through the video… pic.twitter.com/TRw4gmrgv1— IndiaInNepal (@IndiaInNepal) June 8, 2026 6. पश्चिम बंगाल में AB-PMJAY योजना शुरू होगी 8 जून को पश्चिम बंगाल सरकार ने आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर साइन किए। नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की मौजूदगी में ये MoU साइन किया गया। पश्चिम बंगाल सरकार अब राज्य में केंद्र की आयुष्मान भारत योजना लागू करेगी और पश्चिम बंगाल PMJAY लागू करने वाला देश का 36वां राज्य होगा। इससे पश्चिम बंगाल के लोगों को स्वास्थ्य खर्चों से वित्तीय सुरक्षा मिलेगी। इस योजना में लाभार्थी देशभर में लिस्टेड किसी भी हॉस्पिटल में अपना इलाज करवा सकते हैं। इस योजना के तहत पात्र परिवारों के मुखिया को हर साल 5 लाख रुपए तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर मिलता है। इस योजना में राज्य और केंद्र सरकार मिलकर इसका खर्च वहन करते हैं। सामान्य राज्यों में केंद्र सरकार खर्च का 60% और राज्य सरकार 40% खर्च उठाते हैं। वहीं, पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में केंद्र सरकार 90% और राज्य सरकार 10% खर्च उठाती हैं। आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को रांची, झारखंड से की गई थी। आज का इतिहास 1653 में 22 सालों के लंबे समय के बाद आगरा के ताजमहल का निर्माण पूरा हुआ। 1964 में देश के

Ram Gopal Verma Accused of non payment of 1.25 cr after he spoke against FWICE While supporting Ranveer singh

Ram Gopal Verma Accused of non payment of 1.25 cr after he spoke against FWICE While supporting Ranveer singh

5 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा, रणवीर सिंह का सपोर्ट कर फंसते नजर आ रहे हैं। हाल ही में राम गोपाल वर्मा ने FWICE (फिल्म फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एप्लॉई) द्वारा रणवीर पर लगाए गए नॉन कोऑर्परेटिव डायरेक्टिव के आरोप पर कहा था कि फेडरेशन को बैन करना चाहिए, रणवीर को नहीं। अब हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में फेडरेशन ने राम गोपाल वर्मा की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि उन पर फेडरेशन के कर्मचारियों के 1.25 करोड़ पेमेंट बकाया है। साथ ही फेडरेशन के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने माफी की मांग भी की है। अशोक पंडित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम गोपाल वर्मा की निंदा करते हुए कहा ‘हमारी पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कई लोगों ने फेडरेशन पर टिप्पणी की थी, जिनमें से एक राम गोपाल वर्मा भी थे, जिनका हम बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने एक लंबा ट्वीट कर फेडरेशन की आलोचना की, हमारी अधिकारिता पर सवाल उठाए और हमारे खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।’ आगे उन्होंने कहा, ‘बेशक, हम लोकतंत्र में रहते हैं और हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन हम उन्हें याद दिलाना चाहते हैं कि हमारे टेक्नीशियन्स और कर्मचारियों का 1.25 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान अब भी उन पर बकाया है। हम बिना आधार के आरोप नहीं लगा रहे हैं और न ही कोई हिसाब चुकता करने की कोशिश कर रहे हैं। हम केवल उन्हें उस मामले की याद दिला रहे हैं, जो 2017 से लंबित है। यह मामला उनकी फिल्म ऑफिसर से जुड़ा है, जिसमें नागार्जुन ने अभिनय किया था। हमने कई बार उनसे संपर्क किया और इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश की।’ प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक पंडित ने राम गोपाल वर्मा पर नॉन पेमेंट का आरोप लगाते हुए कहा, ‘2019 में राम गोपाल वर्मा ने फेडरेशन को पत्र लिखकर स्वीकार किया था कि फेडरेशन के सदस्यों और अन्य विक्रेताओं का भुगतान बकाया है। उन्होंने 4 मार्च 2019 तक का समय मांगा था ताकि सभी देनदारियां चुकाई जा सकें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि यदि ऐसा नहीं हो पाया, तो FWICE अपनी ओर से उचित समझी जाने वाली कोई भी कार्रवाई कर सकता है। अब 2026 आ गया है और वे भुगतान अब तक नहीं किए गए हैं।’ आखिर में राम गोपाल वर्मा को चेतावनी देते हुए अशोक पंडित ने कहा, ‘फेडरेशन के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा पर हमें कड़ी आपत्ति है। संगठन को गाली देने के बजाय उन्हें फेडरेशन से माफी मांगनी चाहिए और इन लंबे समय से लंबित बकायों का निपटारा करना चाहिए।’ क्या था राम गोपाल वर्मा का बयान रणवीर सिंह पर नॉन कॉर्परेटिव डायरेक्टिव की घोषणा होने के बाद कई लोगों ने इसकी निंदा की। इस पर राम गोपाल वर्मा ने रणवीर का सपोर्ट कर आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा था, ‘FWICE पर प्रतिबंध लगाओ, रणवीर सिंह पर नहीं। गांधीजी की शैली में किया जा रहा तथाकथित “बैन” या “असहयोग” आखिरकार FWICE के लिए एक बड़ा मजाक बनकर रह जाएगा।’ ‘यह इंडस्ट्री या उसमें काम करने वालों की सुरक्षा नहीं है, जैसा कि वे दावा कर रहे हैं। यह सिर्फ ताकत दिखाने की कोशिश है, जिसे एक बेहद पुरानी और बेकार यूनियन व्यवस्था अंजाम दे रही है, जो किसी तरह अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘चाहे FWICE यह दावा करे कि वह 5 लाख या 50 लाख कर्मचारियों को रिप्रेजेंट करता है, लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि उन लाखों लोगों में से ज्यादातर को इस विवाद से जुड़े दोनों पक्षों के अंदरूनी फैक्ट्स की जानकारी तक नहीं है। FWICE न तो कोई अदालत है, न ही सरकार द्वारा अधिकृत कोई नियामक संस्था। अधिक से अधिक इसे एक “कंगारू कोर्ट” कहा जा सकता है, जो परिभाषा के अनुसार न्याय देने का दिखावा करती है, लेकिन वास्तव में स्थापित कानूनी नियमों, उचित प्रक्रिया और निष्पक्षता की अनदेखी करती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसके फैसले अक्सर पहले से ही एक खास एजेंडा रखने वाले लोगों के समूह द्वारा निजी बैठकों में तय कर लिए जाते हैं। इनमें ऐसे अभिनेता भी शामिल होते हैं, जो रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर की जबरदस्त सफलता से बुरी तरह घबराए हुए हैं।’ अब जानिए क्या है पूरा मामला- FWICE ने 25 मई को रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन जारी किया था, जिसके तहत संस्था ने अपने सभी सदस्यों से रणवीर के किसी भी प्रोजेक्ट में काम न करने को कहा था। यह पूरा विवाद रणवीर सिंह के फिल्म डॉन 3 से बाहर होने से जुड़ा था। इस फिल्म को फरहान अख्तर की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रोड्यूस कर रही थी। मामले में कहा गया कि फिल्म की तैयारियां पूरी होने और शूटिंग शुरू होने से मात्र तीन हफ्ते पहले रणवीर सिंह प्रोजेक्ट से बाहर हो गए। प्रोजेक्ट छोड़ने से हुए नुकसान के एवज में मेकर्स ने रणवीर से 45 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग की थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Ram Gopal Verma Accused of non payment of 1.25 cr after he spoke against FWICE While supporting Ranveer singh

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6 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा, रणवीर सिंह का सपोर्ट कर फंसते नजर आ रहे हैं। हाल ही में राम गोपाल वर्मा ने FWICE (फिल्म फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एप्लॉई) द्वारा रणवीर पर लगाए गए नॉन कोऑर्परेटिव डायरेक्टिव के आरोप पर कहा था कि फेडरेशन को बैन करना चाहिए, रणवीर को नहीं। अब हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में फेडरेशन ने राम गोपाल वर्मा की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि उन पर फेडरेशन के कर्मचारियों के 1.25 करोड़ पेमेंट बकाया है। साथ ही फेडरेशन के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने माफी की मांग भी की है। अशोक पंडित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम गोपाल वर्मा की निंदा करते हुए कहा ‘हमारी पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कई लोगों ने फेडरेशन पर टिप्पणी की थी, जिनमें से एक राम गोपाल वर्मा भी थे, जिनका हम बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने एक लंबा ट्वीट कर फेडरेशन की आलोचना की, हमारी अधिकारिता पर सवाल उठाए और हमारे खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।’ आगे उन्होंने कहा, ‘बेशक, हम लोकतंत्र में रहते हैं और हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन हम उन्हें याद दिलाना चाहते हैं कि हमारे टेक्नीशियन्स और कर्मचारियों का 1.25 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान अब भी उन पर बकाया है। हम बिना आधार के आरोप नहीं लगा रहे हैं और न ही कोई हिसाब चुकता करने की कोशिश कर रहे हैं। हम केवल उन्हें उस मामले की याद दिला रहे हैं, जो 2017 से लंबित है। यह मामला उनकी फिल्म ऑफिसर से जुड़ा है, जिसमें नागार्जुन ने अभिनय किया था। हमने कई बार उनसे संपर्क किया और इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश की।’ प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक पंडित ने राम गोपाल वर्मा पर नॉन पेमेंट का आरोप लगाते हुए कहा, ‘2019 में राम गोपाल वर्मा ने फेडरेशन को पत्र लिखकर स्वीकार किया था कि फेडरेशन के सदस्यों और अन्य विक्रेताओं का भुगतान बकाया है। उन्होंने 4 मार्च 2019 तक का समय मांगा था ताकि सभी देनदारियां चुकाई जा सकें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि यदि ऐसा नहीं हो पाया, तो FWICE अपनी ओर से उचित समझी जाने वाली कोई भी कार्रवाई कर सकता है। अब 2026 आ गया है और वे भुगतान अब तक नहीं किए गए हैं।’ आखिर में राम गोपाल वर्मा को चेतावनी देते हुए अशोक पंडित ने कहा, ‘फेडरेशन के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा पर हमें कड़ी आपत्ति है। संगठन को गाली देने के बजाय उन्हें फेडरेशन से माफी मांगनी चाहिए और इन लंबे समय से लंबित बकायों का निपटारा करना चाहिए।’ क्या था राम गोपाल वर्मा का बयान रणवीर सिंह पर नॉन कॉर्परेटिव डायरेक्टिव की घोषणा होने के बाद कई लोगों ने इसकी निंदा की। इस पर राम गोपाल वर्मा ने रणवीर का सपोर्ट कर आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा था, ‘FWICE पर प्रतिबंध लगाओ, रणवीर सिंह पर नहीं। गांधीजी की शैली में किया जा रहा तथाकथित “बैन” या “असहयोग” आखिरकार FWICE के लिए एक बड़ा मजाक बनकर रह जाएगा।’ ‘यह इंडस्ट्री या उसमें काम करने वालों की सुरक्षा नहीं है, जैसा कि वे दावा कर रहे हैं। यह सिर्फ ताकत दिखाने की कोशिश है, जिसे एक बेहद पुरानी और बेकार यूनियन व्यवस्था अंजाम दे रही है, जो किसी तरह अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘चाहे FWICE यह दावा करे कि वह 5 लाख या 50 लाख कर्मचारियों को रिप्रेजेंट करता है, लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि उन लाखों लोगों में से ज्यादातर को इस विवाद से जुड़े दोनों पक्षों के अंदरूनी फैक्ट्स की जानकारी तक नहीं है। FWICE न तो कोई अदालत है, न ही सरकार द्वारा अधिकृत कोई नियामक संस्था। अधिक से अधिक इसे एक “कंगारू कोर्ट” कहा जा सकता है, जो परिभाषा के अनुसार न्याय देने का दिखावा करती है, लेकिन वास्तव में स्थापित कानूनी नियमों, उचित प्रक्रिया और निष्पक्षता की अनदेखी करती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसके फैसले अक्सर पहले से ही एक खास एजेंडा रखने वाले लोगों के समूह द्वारा निजी बैठकों में तय कर लिए जाते हैं। इनमें ऐसे अभिनेता भी शामिल होते हैं, जो रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर की जबरदस्त सफलता से बुरी तरह घबराए हुए हैं।’ अब जानिए क्या है पूरा मामला- FWICE ने 25 मई को रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन जारी किया था, जिसके तहत संस्था ने अपने सभी सदस्यों से रणवीर के किसी भी प्रोजेक्ट में काम न करने को कहा था। यह पूरा विवाद रणवीर सिंह के फिल्म डॉन 3 से बाहर होने से जुड़ा था। इस फिल्म को फरहान अख्तर की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रोड्यूस कर रही थी। मामले में कहा गया कि फिल्म की तैयारियां पूरी होने और शूटिंग शुरू होने से मात्र तीन हफ्ते पहले रणवीर सिंह प्रोजेक्ट से बाहर हो गए। प्रोजेक्ट छोड़ने से हुए नुकसान के एवज में मेकर्स ने रणवीर से 45 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग की थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Kids UPI Payment Without Bank Account | Airtel Valuation

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Hindi News Business Kids UPI Payment Without Bank Account | Airtel Valuation | Russia Oil Purchase नई दिल्ली15 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर कच्चे तेल से जुड़ी रही। अमेरिका की तरफ से मिलने वाली प्रतिबंधों की छूट खत्म होने के बाद भी भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में साफ किया कि रूस से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की खरीद आगे भी जारी रहेगी। वहीं, पेटीएम ने टीनेजर्स के लिए ‘पेटीएम पॉकेट मनी’ फीचर लॉन्च किया है, जिसके जरिए वे बिना खुद का बैंक अकाउंट खोले सुरक्षित डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। BPCL के चौथी तिमाही के नतीजे जारी होंगे। मोटोरोला के दो नए स्मार्टफोन Moto G37 और Moto G37 पावर लॉन्च होंगे। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. रूस से कच्चा तेल खरीदता रहेगा भारत: सरकार ने कहा- अमेरिकी प्रतिबंधों से फर्क नहीं, मई में रोजाना खरीदा 23 लाख बैरल क्रूड अमेरिका की तरफ से मिलने वाली प्रतिबंधों की छूट खत्म होने के बाद भी भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में साफ किया कि रूस से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की खरीद आगे भी जारी रहेगी। अमेरिकी प्रतिबंधों की छूट खत्म होने से भारत के इम्पोर्ट प्लान पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि भारत का यह फैसला किसी देश की रियायत पर नहीं, बल्कि शुद्ध रूप से व्यापारिक सूझबूझ और देश के आर्थिक हित पर आधारित है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. पेटीएम का पॉकेट मनी फीचर लॉन्च: बच्चे बिना बैंक अकाउंट कर सकेंगे UPI पेमेंट, मंथली लिमिट ₹15000; पैरेंट्स के पास खर्च का पूरा कंट्रोल होगा पेटीएम ने टीनेजर्स के लिए ‘पेटीएम पॉकेट मनी’ फीचर लॉन्च किया है, जिसके जरिए वे बिना खुद का बैंक अकाउंट खोले सुरक्षित डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे। इस नए फीचर में पैरेंट्स को बच्चों के खर्च पर नजर रखने, मंथली लिमिट तय करने और रीयल-टाइम ट्रैकिंग करने की पूरी सुविधा मिलेगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. अडाणी एंटरप्राइजेस ट्रंप प्रशासन को ₹2,300 करोड़ चुकाएगी: ईरान से गैस खरीदने के मामले में सेटलमेंट हुआ; अमेरिका में $10 बिलियन का निवेश करेंगे भारतीय कारोबारी गौतम अडाणी की कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन का मामला सुलझा लिया है। इसके लिए कंपनी अमेरिकी ट्रेजरी को सेटलमेंट राशि के रूप में 275 मिलियन डॉलर (करीब 2,300 करोड़ रुपए) का भुगतान करेगी। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने सोमवार को इस समझौते की आधिकारिक घोषणा की। यह मामला ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के 32 संभावित नागरिक दायित्व उल्लंघनों से जुड़ा हुआ है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. सेंसेक्स 1000 अंक गिरने के बाद रिकवर: डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड 96.33 पर पहुंचा; कच्चा तेल भी 2% बढ़कर 110 डॉलर के पार मिडिल ईस्ट के तनाव का असर आज सोमवार 18 मई को शेयर बाजार पर भी दिखा। सेंसेक्स सुबह 1000 अंक से ज्यादा गिरकर 74,180 पर आ गया। हालांकि बाद में इसमें रिकवरी आई है और ये 77 अंक (0.10%) की तेजी के साथ 75,315 पर बंद हुआ। निफ्टी भी फ्लैट होकर 23,650 के करीब आ गया। आज के कारोबार में आईटी शेयरों में तेजी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. एयरटेल देश की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बनी: मार्केट कैप ₹12 लाख करोड़ के करीब पहुंचा, HDFC बैंक को पीछे छोड़ा भारती एयरटेल 18 मई को मार्केट कैप के मामले में HDFC बैंक को पीछे छोड़कर भारत की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बन गई। कारोबार के दौरान एयरटेल के शेयरों में 2% तक की तेजी दर्ज की गई, जिससे कंपनी का शेयर ₹1,953.8 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी के साथ ही एयरटेल का कुल मार्केट कैप बढ़कर करीब ₹12 लाख करोड़ हो गया, जबकि HDFC बैंक का मार्केट कैप ₹11.8 लाख करोड़ पर आ गया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 6. वनप्लस 15R स्मार्टफोन ₹7000 महंगा हुआ: स्नैपड्रैगन 8 जेन 5 प्रोसेसर और 32 मेगापिक्सल कैमरा जैसे फीचर, शुरुआती कीमत ₹54,999 टेक कंपनी वनप्लस ने अपने फ्लैगशिप फोन वनप्लस 15R की कीमत 7 हजार रुपए बढ़ा दी है। वनप्लस ने फोन को दिसंबर-2025 में 47,999 रुपए की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया था। अब इसकी कीमत 54,999 रुपए हो गई है। वनप्लस 15R दो वैरिएंट में स्नैपड्रैगन 8 जेन-5 प्रोसेसर, 7400mAh बैटरी और 32 मेगापिक्सल कैमरा के साथ आता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… सोमवार को दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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Hindi News Business Kids UPI Payment Without Bank Account | Airtel Valuation | Russia Oil Purchase नई दिल्ली4 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर कच्चे तेल से जुड़ी रही। अमेरिका की तरफ से मिलने वाली प्रतिबंधों की छूट खत्म होने के बाद भी भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में साफ किया कि रूस से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की खरीद आगे भी जारी रहेगी। वहीं, पेटीएम ने टीनेजर्स के लिए ‘पेटीएम पॉकेट मनी’ फीचर लॉन्च किया है, जिसके जरिए वे बिना खुद का बैंक अकाउंट खोले सुरक्षित डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। BPCL के चौथी तिमाही के नतीजे जारी होंगे। मोटोरोला के दो नए स्मार्टफोन Moto G37 और Moto G37 पावर लॉन्च होंगे। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. रूस से कच्चा तेल खरीदता रहेगा भारत: सरकार ने कहा- अमेरिकी प्रतिबंधों से फर्क नहीं, मई में रोजाना खरीदा 23 लाख बैरल क्रूड अमेरिका की तरफ से मिलने वाली प्रतिबंधों की छूट खत्म होने के बाद भी भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में साफ किया कि रूस से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की खरीद आगे भी जारी रहेगी। अमेरिकी प्रतिबंधों की छूट खत्म होने से भारत के इम्पोर्ट प्लान पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि भारत का यह फैसला किसी देश की रियायत पर नहीं, बल्कि शुद्ध रूप से व्यापारिक सूझबूझ और देश के आर्थिक हित पर आधारित है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. पेटीएम का पॉकेट मनी फीचर लॉन्च: बच्चे बिना बैंक अकाउंट कर सकेंगे UPI पेमेंट, मंथली लिमिट ₹15000; पैरेंट्स के पास खर्च का पूरा कंट्रोल होगा पेटीएम ने टीनेजर्स के लिए ‘पेटीएम पॉकेट मनी’ फीचर लॉन्च किया है, जिसके जरिए वे बिना खुद का बैंक अकाउंट खोले सुरक्षित डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे। इस नए फीचर में पैरेंट्स को बच्चों के खर्च पर नजर रखने, मंथली लिमिट तय करने और रीयल-टाइम ट्रैकिंग करने की पूरी सुविधा मिलेगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. अडाणी एंटरप्राइजेस ट्रंप प्रशासन को ₹2,300 करोड़ चुकाएगी: ईरान से गैस खरीदने के मामले में सेटलमेंट हुआ; अमेरिका में $10 बिलियन का निवेश करेंगे भारतीय कारोबारी गौतम अडाणी की कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन का मामला सुलझा लिया है। इसके लिए कंपनी अमेरिकी ट्रेजरी को सेटलमेंट राशि के रूप में 275 मिलियन डॉलर (करीब 2,300 करोड़ रुपए) का भुगतान करेगी। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने सोमवार को इस समझौते की आधिकारिक घोषणा की। यह मामला ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के 32 संभावित नागरिक दायित्व उल्लंघनों से जुड़ा हुआ है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. सेंसेक्स 1000 अंक गिरने के बाद रिकवर: डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड 96.33 पर पहुंचा; कच्चा तेल भी 2% बढ़कर 110 डॉलर के पार मिडिल ईस्ट के तनाव का असर आज सोमवार 18 मई को शेयर बाजार पर भी दिखा। सेंसेक्स सुबह 1000 अंक से ज्यादा गिरकर 74,180 पर आ गया। हालांकि बाद में इसमें रिकवरी आई है और ये 77 अंक (0.10%) की तेजी के साथ 75,315 पर बंद हुआ। निफ्टी भी फ्लैट होकर 23,650 के करीब आ गया। आज के कारोबार में आईटी शेयरों में तेजी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. एयरटेल देश की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बनी: मार्केट कैप ₹12 लाख करोड़ के करीब पहुंचा, HDFC बैंक को पीछे छोड़ा भारती एयरटेल 18 मई को मार्केट कैप के मामले में HDFC बैंक को पीछे छोड़कर भारत की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बन गई। कारोबार के दौरान एयरटेल के शेयरों में 2% तक की तेजी दर्ज की गई, जिससे कंपनी का शेयर ₹1,953.8 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी के साथ ही एयरटेल का कुल मार्केट कैप बढ़कर करीब ₹12 लाख करोड़ हो गया, जबकि HDFC बैंक का मार्केट कैप ₹11.8 लाख करोड़ पर आ गया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 6. वनप्लस 15R स्मार्टफोन ₹7000 महंगा हुआ: स्नैपड्रैगन 8 जेन 5 प्रोसेसर और 32 मेगापिक्सल कैमरा जैसे फीचर, शुरुआती कीमत ₹54,999 टेक कंपनी वनप्लस ने अपने फ्लैगशिप फोन वनप्लस 15R की कीमत 7 हजार रुपए बढ़ा दी है। वनप्लस ने फोन को दिसंबर-2025 में 47,999 रुपए की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया था। अब इसकी कीमत 54,999 रुपए हो गई है। वनप्लस 15R दो वैरिएंट में स्नैपड्रैगन 8 जेन-5 प्रोसेसर, 7400mAh बैटरी और 32 मेगापिक्सल कैमरा के साथ आता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… सोमवार को दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Brain Stroke, Payment & Viral Reel

Brain Stroke, Payment & Viral Reel

12 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म ‘आशिकी’ फेम राहुल रॉय ने हाल ही में एक कंटेंट क्रिएटर के साथ वायरल हुए वीडियो पर रिएक्ट करते हुए एक इमोशनल पोस्ट लिखी। एक्टर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा, मैं अपना काम ईमानदारी और विनम्रता के साथ करता हूं। मुझे कुछ लीगल मामलों के लिए पेमेंट करना है और ये आज के नहीं हैं, ये उस समय के हैं जब ब्रेन स्ट्रोक हुआ था, उससे पहले के। अगर आप मेरी सादगी का मजाक उड़ाते हैं या मेरे संघर्षों पर हंसते हैं, तो यह मेरे बारे में कम और आपके बारे में ज्यादा बताता है। उन्होंने आगे यह भी लिखा, अगर आप सच में इतने चिंतित हैं, तो मेरी मदद करें कि मुझे कोई सच्चा और अच्छा काम मिल सके, ताकि मैं इन मामलों का पेमेंट कर सकूं। कम से कम मैं मेहनत करके कमा रहा हूं, दूसरों का मजाक उड़ाकर नहीं और ब्रेन स्ट्रोक के बाद, मेरे लिए एक्टिव रहना जरूरी है। मैं जितने समय तक जीवित हूं, काम करना चाहता हूं। यह मेरे दिमाग को एक्टिव रखता है और मुझे उद्देश्य और जिम्मेदारी का एहसास कराता है कि मैं आज भी काम कर रहा हूं। हां, कभी-कभी थोड़ा दर्द हो सकता है, लेकिन आप मुझे तोड़ नहीं सकते। राहुल रॉय की पोस्ट। राहुल रॉय का यह वीडियो डॉ. वनिता घाडगे देसाई नाम के हैंडल से शेयर किया गया था। इसमें राहुल गाने ‘तेरे दर पे सनम’ पर कंटेंट क्रिएटर के साथ नजर आए। यह गाना 1993 की फिल्म ‘फिर तेरी कहानी याद आई’ का है, जिसमें राहुल के साथ पूजा भट्ट थीं। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने वीडियो को लेकर कहा था कि राहुल जबरदस्ती वीडियो बनाते दिख रहे हैं, जबकि कुछ ने उनके एक्सप्रेशन की कमी पर सवाल उठाए। राहुल रॉय का एक और वीडियो वायरल हुआ था इससे पहले भी राहुल रॉय का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह मुंबई के वर्सोवा इलाके में टूटी सड़क पर सूटकेस लेकर चलते दिखे थे। साधारण लुक की वजह से कई लोग उन्हें पहचान नहीं पाए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें… राहुल रॉय को फिल्म आशिकी से पहचान मिली थी राहुल रॉय ने 1990 में फिल्म ‘आशिकी’ से डेब्यू किया था। इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया था। इसके बाद उन्होंने ‘सपने साजन के’ और ‘फिर तेरी कहानी याद आई’ जैसी फिल्मों में काम किया, जिनमें उनकी रोमांटिक इमेज देखने को मिली। हालांकि बाद की उनकी ‘गजब तमाशा’ और ‘गुमराह’ जैसी कई फिल्में चली नहीं और करियर धीमा पड़ गया। बिग बॉस से फिर मिली लोकप्रियता राहुल रॉय ने 2006 में टीवी शो ‘बिग बॉस’ का पहला सीजन जीतकर दोबारा लोकप्रियता हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने फिल्म प्रोडक्शन में भी कदम रखा और फिल्म ‘एलान’ (2011) प्रोड्यूस की। हाल के कुछ सालों में उन्होंने ‘अदा… ए वे ऑफ लाइफ’, ‘टू बी ऑर नॉट टू बी’, और ‘आगरा’ जैसी इंडिपेंडेंट फिल्मों में काम किया। वो आखिरी बार 2023 में फिल्म ‘आगरा’ में दिखे थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Delhi Halwai Beaten Over Pending Payment; Minors Arrested

Delhi Halwai Beaten Over Pending Payment; Minors Arrested

9 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली में हलवाई को बांधकर पीटा गया और मिक्सर ग्राइंडर से उसके हाथ काटने की कोशिश की गई। दिल्ली के द्वारका में शादी में काम के बकाया पैसे मांगने पर हलवाई को बांधकर पीटा गया और मिक्सर ग्राइंडर से उसके हाथ काटने की कोशिश की गई। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को 32 साल के लोकेश गुप्ता ने अजय पाल के यहां 20 अप्रैल को शादी में काम किया था। लोकेश हलवाई होने के साथ टेंट का काम भी करता था। उसने शादी में काम के लिए ₹2.5 लाख मांगे थे। इसमें से लगभग 2 लाख रुपए बकाया थे। लोकेश 24 अप्रैल को जैसे ही पैसे लेने पहुंचा, अजय पाल ने 2-3 साथियों के साथ उसे पकड़ लिया। वे उसे जबरन छत पर ले गए और उसके साथ मारपीट की। लोकेश के दोनों हाथों पर गंभीर चोटें आईं और काफी खून बहा। 3 गिरफ्तार, दो नाबालिग लोकेश के दोनों हाथों को काटने की कोशिश की गई। पुलिस ने दिल्ली के डाबरी थाने में FIR दर्ज की है। लोकेश का बयान दर्ज कर लिया गया है और 53 साल के अजय पाल को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में पुलिस ने अजय के घर से दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। घायल होने के बाद गुप्ता को पहले पास के निजी अस्पताल में ले जाया गया। बाद में उन्हें एम्स रेफर किया गया। दिल्ली में बीच सड़क पैंट उतारकर युवक को पीटा घटना 2 जनवरी को दोपहर करीब 3 से 3:30 बजे पीड़ित के घर के बाहर हुई। दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में एक पिता और बेटे के साथ खुलेआम मारपीट का मामला सामने आया था। घटना 2 जनवरी की है, जिसका CCTV फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दिखा कि कुछ लोग एक युवक को उसके घर से घसीटकर बाहर लेकर गए। सड़क पर ले जाकर आरोपियों ने युवक की पैंट उतार दी और और लातों से उसकी पिटाई की। CCTV फुटेज में दिखा कि घटना के दौरान दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। फिर भी आरोपियों ने युवक की पिटाई करनी नहीं छोड़ी। पूरी खबर पढ़ें… ———————————– ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली में IRS अफसर की बेटी का रेप-मर्डर:डुप्लीकेट चाबी से घर में दाखिल हुआ; 12 घंटे पहले अलवर में भी महिला से दुष्कर्म का आरोप दिल्ली के पॉश इलाके कैलाश हिल्स में बुधवार सुबह आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की घर में घुसकर हत्या कर दी गई। आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया, फिर मोबाइल फोन चार्जिंग केबल से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Delhi Halwai Beaten Over Pending Payment; Minors Arrested

Delhi Halwai Beaten Over Pending Payment; Minors Arrested

20 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली में हलवाई को बांधकर पीटा गया और मिक्सर ग्राइंडर से उसके हाथ काटने की कोशिश की गई। दिल्ली के द्वारका में शादी में काम के बकाया पैसे मांगने पर हलवाई को बांधकर पीटा गया और मिक्सर ग्राइंडर से उसके हाथ काटने की कोशिश की गई। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को 32 साल के लोकेश गुप्ता ने अजय पाल के यहां 20 अप्रैल को शादी में काम किया था। लोकेश हलवाई होने के साथ टेंट का काम भी करता था। उसने शादी में काम के लिए ₹2.5 लाख मांगे थे। इसमें से लगभग 2 लाख रुपए बकाया थे। लोकेश 24 अप्रैल को जैसे ही पैसे लेने पहुंचा, अजय पाल ने 2-3 साथियों के साथ उसे पकड़ लिया। वे उसे जबरन छत पर ले गए और उसके साथ मारपीट की। लोकेश के दोनों हाथों पर गंभीर चोटें आईं और काफी खून बहा। 3 गिरफ्तार, दो नाबालिग लोकेश के दोनों हाथों को काटने की कोशिश की गई। पुलिस ने दिल्ली के डाबरी थाने में FIR दर्ज की है। लोकेश का बयान दर्ज कर लिया गया है और 53 साल के अजय पाल को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में पुलिस ने अजय के घर से दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। घायल होने के बाद गुप्ता को पहले पास के निजी अस्पताल में ले जाया गया। बाद में उन्हें एम्स रेफर किया गया। दिल्ली में बीच सड़क पैंट उतारकर युवक को पीटा घटना 2 जनवरी को दोपहर करीब 3 से 3:30 बजे पीड़ित के घर के बाहर हुई। दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में एक पिता और बेटे के साथ खुलेआम मारपीट का मामला सामने आया था। घटना 2 जनवरी की है, जिसका CCTV फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दिखा कि कुछ लोग एक युवक को उसके घर से घसीटकर बाहर लेकर गए। सड़क पर ले जाकर आरोपियों ने युवक की पैंट उतार दी और और लातों से उसकी पिटाई की। CCTV फुटेज में दिखा कि घटना के दौरान दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। फिर भी आरोपियों ने युवक की पिटाई करनी नहीं छोड़ी। पूरी खबर पढ़ें… ———————————– ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली में IRS अफसर की बेटी का रेप-मर्डर:डुप्लीकेट चाबी से घर में दाखिल हुआ; 12 घंटे पहले अलवर में भी महिला से दुष्कर्म का आरोप दिल्ली के पॉश इलाके कैलाश हिल्स में बुधवार सुबह आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की घर में घुसकर हत्या कर दी गई। आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया, फिर मोबाइल फोन चार्जिंग केबल से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Katni Traders Fall Prey to Fake Payment App; Accounts Emptied

Katni Traders Fall Prey to Fake Payment App; Accounts Emptied

छोटे दुकानदारों के पास लगे ऑनलाइन पेमेंट के लिए लगे QR कोड। डिजिटल क्रांति ने भारत के छोटे से छोटे कस्बे को ग्लोबल मार्केट से जोड़ दिया है, लेकिन इसी क्रांति की ओट में ‘साइबर ठगों’ ने एक ऐसा वायरस तैयार किया है जो बिना इंटरनेट के भी आपकी मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहा है। मध्य प्रदेश का कटनी जिला, जो अपने व्या . क्यूआर कोड लगाकर सब्जी बेचता विक्रेता। केस 1: ममता की आड़ में धोखाधड़ी ​बड़वारा ग्राम की बबीता सिंह रघुवंशी, जो ‘कपिल ऑनलाइन’ नाम से एक छोटी सी दुकान चलाती हैं, इस नए दौर की ठगी का पहला बड़ा उदाहरण हैं। उनके पास एक युवक आया, जिसने खुद को बहुत मजबूर बताया। उसने कहा कि उसके पास घर जाने के लिए किराया नहीं है और बैंक सर्वर डाउन होने के कारण वह पैसे नहीं निकाल पा रहा। बबीता जी ने इंसानियत के नाते उसे ₹200 नकद देने का मन बनाया। युवक ने उनका QR कोड स्कैन किया। मोबाइल की स्क्रीन पर ‘बबीता सिंह’ का नाम चमका, और फिर एक चिर-परिचित ‘टिन-टिन’ की आवाज के साथ Payment Successful का मैसेज आया। युवक चला गया, लेकिन शाम को जब बबीता जी ने बैंक स्टेटमेंट देखा, तो वह ₹200 कहीं दर्ज ही नहीं थे। यह सिर्फ ₹200 की बात नहीं थी, यह उस भरोसे की हत्या थी जो एक ग्रामीण व्यापारी डिजिटल सिस्टम पर करता है। ​केस 2: पसीने की कमाई पर डाका ​विश्राम बाबा गेट के पास फल और सब्जी का ठेला लगाने वाले कमल कार्तिकेय जैसे लोग इस ठगी के सबसे आसान शिकार हैं। कमल बताते हैं कि पिछले एक सप्ताह में उनके साथ दो बार ऐसा हुआ। वह दिन भर धूप में खड़े होकर हजार-बारह सौ का व्यापार करते हैं। शाम को जब उन्होंने अपनी PhonePe हिस्ट्री चेक की, तो पता चला कि दो ग्राहकों के ₹600 लगभग आधा मुनाफा.खाते में आए ही नहीं थे। कमल कहते हैं, साहब, उन्होंने मुझे मोबाइल पर रसीद दिखाई थी, जिसमें मेरा नाम और ₹300 लिखे थे। मुझे लगा पैसा आ गया। अब हम जैसों को क्या पता कि मोबाइल की स्क्रीन भी झूठ बोल सकती है। छोटी दुकान चलाने वाली युवती। कैसे काम करता है यह जाली साम्राज्य ​भास्कर की टीम ने इस मामले में तकनीकी विशेषज्ञों और एक स्थानीय नागरिक की मदद ली जिसने अपने फोन पर इस APK फाइल को इंस्टॉल किया था। इस ऐप का विश्लेषण करने पर जो बातें सामने आईं, वे चौंकाने वाली हैं यह कोई साधारण ऐप नहीं है। इसे डार्क वेब या थर्ड-पार्टी टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए फैलाया जा रहा है। इसका इंटरफेस असली PhonePe से 99% मेल खाता है। फोंट, रंग, एनीमेशन और यहां तक कि वह ‘ब्लू टिक’ भी इसमें मौजूद है जो सफल भुगतान का प्रतीक है। और सबसे खतरनाक बात यह है कि यह ऐप ऑफलाइन काम करता है। असली ऐप को पेमेंट प्रोसेस करने के लिए सर्वर से जुड़ना पड़ता है, लेकिन यह जाली ऐप केवल एक ‘एनीमेशन जनरेटर’ है। आप कोई भी नंबर या नाम डालें, यह तुरंत ‘सफल भुगतान’ दिखा देगा। ठग अक्सर ऐसी जगहों पर इसका इस्तेमाल करते हैं जहाँ नेटवर्क कम हो, ताकि वे नेटवर्क की समस्या का बहाना बनाकर जल्दी से निकल सकें। जब ठग किसी व्यापारी का QR कोड स्कैन करता है, तो यह ऐप मोबाइल के कैमरा और ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (OCR) तकनीक का इस्तेमाल कर स्कैनर पर लिखा नाम पढ़ लेता है। जैसे ही ठग ₹500 भरता है, ऐप तुरंत दिखाता है- “Paid to [Merchant Name] ₹500″। दुकानदार को लगता है कि ऐप ने उसका नाम पहचान लिया है, तो पैसा भी आ ही गया होगा। फल और सब्जी व्यापारी। अवैध वेबसाइट होते हैं डाउनलोड ​इस मामले ने कटनी पुलिस के सामने एक नई चुनौती पेश कर दी है। समाजसेवी इंद्र मिश्रा ने पुलिस नगर अधीक्षक को एक लिखित शिकायत दी है, शिकायत में मांग की गई है कि ​APK फाइलों पर प्रतिबंध: गूगल प्ले स्टोर पर ऐसे ऐप्स नहीं होते, ये अवैध वेबसाइटों से डाउनलोड किए जाते हैं। पुलिस को इन लिंक्स को ब्लॉक करना चाहिए। शिकायत में मांग की गई है कि साइबर सेल केवल बड़ी ठगी का इंतजार न करे, बल्कि इन छोटे-छोटे मामलों को मिलाकर एक ‘सीरियल फ्रॉड’ के रूप में जांचे। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के ऐप का इस्तेमाल करना और बनाना सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66D (कंप्यूटर संसाधन का उपयोग कर धोखाधड़ी) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत गंभीर अपराध है। इसमें 3 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। ​नहीं हुई अब तक लिखित शिकायत कटनी जिले के साइबर प्रभारी अनूप सिंह ने स्पष्ट किया कि अभी तक किसी ने इस संबंध में ‘लिखित एफआईआर दर्ज नहीं कराई है। उन्होंने कहा, “हमें पता चला है कि इस तरह की ऐप्स बाजार में हैं। हम इसकी तकनीकी जांच कर रहे हैं। व्यापारियों को डरने की जरूरत नहीं है, बस सावधान रहने की जरूरत है। जिले का साइबर सेल कार्यालय। साधारण नागरिक से अपराधी बनने तक का सफर ​भास्कर की पड़ताल में एक डरावना सामाजिक पहलू भी सामने आया। पहले साइबर अपराध के लिए जामताड़ा जैसे गिरोहों की जरूरत होती थी, लेकिन अब यह तकनीक एक आम आदमी, छात्र या बेरोजगार युवक के हाथ में पहुंच गई है। ​स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह ऐप अब कॉलेज के लड़कों और छोटे-मोटे नशेड़ियों के बीच भी चर्चा का विषय है। एक साधारण व्यक्ति, जिसे कभी पुलिस थाने का रास्ता नहीं पता था, वह भी इस ऐप के लालच में आकर ₹100-200 की ठगी कर रहा है। यह प्रवृत्ति कटनी के सामाजिक ढांचे के लिए घातक है, क्योंकि यह नई पीढ़ी को आसान पैसे और अपराध की ओर धकेल रही है। कटनी का एसपी कार्यालय। ​नोटिफिकेशन पर भरोसा करें, स्क्रीन पर नहीं ​ व्यापारियों और आम जनता के लिए साइबर एक्सपर्ट्स ने सलाह दी है कि ग्राहक का मोबाइल देखने के बजाय अपने मोबाइल पर आए SMS या Bank App के नोटिफिकेशन पर भरोसा करें। ​Sound Box है सबसे कारगर पेटीएम, फोनपे या गूगल-पे के ‘साउंड बॉक्स’ (स्पीकर) लगवाएं। जब तक डिब्बा न बोले, तब तक ग्राहक को जाने न दें।