सेशेल्स में मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया:पीएम संसद को संबोधित करेंगे, भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे; 3 दिन के दौरे पर हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही वे दुनिया के पहले ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री बन जाएंगे, जिन्होंने 20 देशों की संसद या नेशनल असेंबली को संबोधित किया है। मोदी आज राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इस दौरान दोनों समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग, कोस्ट गार्ड और समुद्री निगरानी समेत कई समझौतों पर दस्तखत कर सकते हैं। मोदी भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। मोदी शनिवार को तीन दिन की राजकीय यात्रा पर सेशेल्स पहुंचे थे। राजधानी विक्टोरिया में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका औपचारिक स्वागत किया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। दोनों नेताओं ने नेशनल बॉटनिकल गार्डन का दौरा किया और यादगार के तौर पर एक पौधा लगाया। PM मोदी के सेशेल्स दौरे से जुड़ी 5 तस्वीरें… सेशेल्स से जुड़ी खास बातें जानिए… सेशेल्स की पहली बस्ती में शामिल थे 5 भारतीय पुर्तगाली नाविक वास्को द गामा ने पहली बार सेशेल्स को 1502 में खोज की थी। तब यहां पर लोगों की कोई स्थाई बसावट नहीं थी। इसके बाद कई सदियों तक अरब और यूरोपीय जहाज यहां रुकते रहे, लेकिन कोई स्थायी आबादी नहीं बनी। पहली बार 1770 में फ्रांस ने पहली स्थायी बस्ती बसाई। इसी दल में 15 फ्रांसीसी बसने वाले, 7 अफ्रीकी गुलाम और 5 भारतीय शामिल थे। इन्हें सेशेल्स का पहला स्थायी निवासी माना जाता है। इसके बाद 19वीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान बिहार के भोजपुरी भाषी इलाकों से भी लोग यहां आकर बसने लगे। 20वीं सदी से तमिलनाडु और गुजरात से भी बड़ी संख्या में भारतीय व्यापारी, मजदूर और निर्माण कार्य से जुड़े लोग सेशेल्स पहुंचे। सेशेल्स के पूर्व राष्ट्रपति के पूर्वज बिहार से आज करीब 1.20 लाख आबादी वाले इस देश में भारतीय मूल के लोग लगभग 8% हैं। भारतीय मूल के लोगों में बिहारी समुदाय तीसरा सबसे बड़ा समूह माना जाता है। साल 2020 में राष्ट्रपति बने वेवेल रामकलावन की जड़ें भी बिहार से जुड़ी हैं। रामकलावन के परदादा करीब 138 साल पहले बिहार के गोपालगंज जिले के परसौनी गांव से कोलकाता पहुंचे थे। वहां से उन्हें गन्ने के खेतों में काम करने के लिए मॉरीशस भेजा गया। बाद में उनका परिवार सेशेल्स में बस गया। साल 2018 में, जब रामकलावन विपक्ष के सांसद थे, तब उन्होंने अपने पूर्वजों के गांव परसौनी का दौरा भी किया था। सेशेल्स के कछुए लंबी उम्र के लिए मशहूर दुनिया में कछुओं की 360 से ज्यादा प्रजातियां हैं। इनमें से सेशेल्स में पाया जाने वाला अल्डाब्रा जायंट कछुआ सबसे प्रसिद्ध प्रजातियों में से एक है। यह प्रजाति अपनी बेहद लंबी उम्र (औसत उम्र 150 साल) के लिए जानी जाती है। दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय जानवर जोनाथन भी इसी प्रजाति का कछुआ है। जोनाथन की उम्र करीब 194 साल मानी जाती है। उसका जन्म लगभग 1832 में हुआ था। वह 1882 में करीब 50 साल की उम्र में सेशेल्स से सेंट हेलेना भेज दिया गया था। वैज्ञानिक उसकी लंबी उम्र का राज जानने के लिए उसके डीएनए का अध्ययन कर रहे हैं। उनका मानना है कि उसकी कोशिकाएं इंसानों की कोशिकाओं की तरह तेजी से बदलाव नहीं करतीं। इससे उम्र बढ़ने और लंबी जिंदगी से जुड़े नए रहस्यों का पता चल सकता है। मोदी बोले- भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे पीएम मोदी ने सेशेल्स दौरे पर कहा- सेशेल्स भारत का महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और ‘विजन महासागर (MAHASAGAR)’ का प्रमुख साझेदार है। इस साल भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। दोनों देशों के संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और लोगों के गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं। फरवरी 2026 में राष्ट्रपति हर्मिनी की भारत यात्रा के बाद अब इस दौरे में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, समृद्धि और विकास को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे। मैं सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री बनूंगा। यह अवसर दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को दर्शाता है। सेशेल्स में बसे भारतीय समुदाय से मिलने का भी अवसर मिलेगा, जिसने पीढ़ियों से दोनों देशों की मित्रता को मजबूत किया है। मुझे विश्वास है कि यह यात्रा भारत-सेशेल्स संबंधों को और गहरा करेगी, हिंद महासागर में समुद्री सहयोग बढ़ाएगी और सुरक्षित, शांतिपूर्ण व समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी। मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी ने 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था। उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। इस दौरे का सबसे बड़ा उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना था। मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत ने सेशेल्स को दूसरा डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान देने की घोषणा की, ताकि समुद्री निगरानी और तटीय सुरक्षा मजबूत हो सके। मोदी ने भारत की मदद से बने तटीय निगरानी रडार नेटवर्क का उद्घाटन किया। यह हिंद महासागर में जहाजों की निगरानी और समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की भारत की बड़ी रणनीति का हिस्सा था। उस समय चीन हिंद महासागर के द्वीपीय देशों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा था। ऐसे में मोदी का दौरा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की नीति का अहम हिस्सा माना गया।
PM Modi Addresses 20th Parliament in Seychelles

विक्टोरियाकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक मोदी को सेशेल्स में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को सेशेल्स में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच द्विपक्षीय बैठक भी शुरू हो गई है। इस दौरान दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग, कोस्ट गार्ड और समुद्री निगरानी समेत कई समझौते हो सकते हैं। मोदी भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। वह आज सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही वे दुनिया के पहले ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री बन जाएंगे, जिन्होंने 20 देशों की संसद या नेशनल असेंबली को संबोधित किया है। मोदी शनिवार को तीन दिन की राजकीय यात्रा पर सेशेल्स पहुंचे थे। राजधानी विक्टोरिया में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका औपचारिक स्वागत किया। दोनों नेताओं ने नेशनल बॉटनिकल गार्डन का दौरा किया और यादगार के तौर पर एक पौधा लगाया। PM मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, 2 तस्वीरें… प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यह एक सैन्य सम्मान है, जिसमें सैनिक अपनी जगह पर खड़े होकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या किसी विशेष अतिथि को सलामी देते हैं। इसके बाद राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने मोदी का स्वागत किया। दोनों के बीच द्विपक्षीय बैठक शुरू हो गई है। PM मोदी के सेशेल्स दौरे से जुड़ी 3 तस्वीरें… सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने सेशेल्स कोस्ट गार्ड को भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल ‘लेस्पवार’ सौंपा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी को भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल ‘पीएस लेस्पवार’ सौंपा। इससे सेशेल्स की समुद्री निगरानी और उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में गश्त की क्षमता मजबूत होगी। PM मोदी सेशेल्स नेशनल बोटैनिकल गार्डन पहुंचे और वहां पर कछुए को पत्ते खिलाए। सेशेल्स से जुड़ी खास बातें जानिए… सेशेल्स की पहली बस्ती में शामिल थे 5 भारतीय पुर्तगाली नाविक वास्को द गामा ने पहली बार सेशेल्स को 1502 में खोज की थी। तब यहां पर लोगों की कोई स्थाई बसावट नहीं थी। इसके बाद कई सदियों तक अरब और यूरोपीय जहाज यहां रुकते रहे, लेकिन कोई स्थायी आबादी नहीं बनी। पहली बार 1770 में फ्रांस ने पहली स्थायी बस्ती बसाई। इसी दल में 15 फ्रांसीसी बसने वाले, 7 अफ्रीकी गुलाम और 5 भारतीय शामिल थे। इन्हें सेशेल्स का पहला स्थायी निवासी माना जाता है। इसके बाद 19वीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान बिहार के भोजपुरी भाषी इलाकों से भी लोग यहां आकर बसने लगे। 20वीं सदी से तमिलनाडु और गुजरात से भी बड़ी संख्या में भारतीय व्यापारी, मजदूर और निर्माण कार्य से जुड़े लोग सेशेल्स पहुंचे। सेशेल्स के पूर्व राष्ट्रपति के पूर्वज बिहार से आज करीब 1.20 लाख आबादी वाले इस देश में भारतीय मूल के लोग लगभग 8% हैं। भारतीय मूल के लोगों में बिहारी समुदाय तीसरा सबसे बड़ा समूह माना जाता है। साल 2020 में राष्ट्रपति बने वेवेल रामकलावन की जड़ें भी बिहार से जुड़ी हैं। रामकलावन के परदादा करीब 138 साल पहले बिहार के गोपालगंज जिले के परसौनी गांव से कोलकाता पहुंचे थे। वहां से उन्हें गन्ने के खेतों में काम करने के लिए मॉरीशस भेजा गया। बाद में उनका परिवार सेशेल्स में बस गया। साल 2018 में, जब रामकलावन विपक्ष के सांसद थे, तब उन्होंने अपने पूर्वजों के गांव परसौनी का दौरा भी किया था। सेशेल्स के कछुए लंबी उम्र के लिए मशहूर दुनिया में कछुओं की 360 से ज्यादा प्रजातियां हैं। इनमें से सेशेल्स में पाया जाने वाला अल्डाब्रा जायंट कछुआ सबसे प्रसिद्ध प्रजातियों में से एक है। यह प्रजाति अपनी बेहद लंबी उम्र (औसत उम्र 150 साल) के लिए जानी जाती है। दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय जानवर जोनाथन भी इसी प्रजाति का कछुआ है। जोनाथन की उम्र करीब 194 साल मानी जाती है। उसका जन्म लगभग 1832 में हुआ था। वह 1882 में करीब 50 साल की उम्र में सेशेल्स से सेंट हेलेना भेज दिया गया था। वैज्ञानिक उसकी लंबी उम्र का राज जानने के लिए उसके डीएनए का अध्ययन कर रहे हैं। उनका मानना है कि उसकी कोशिकाएं इंसानों की कोशिकाओं की तरह तेजी से बदलाव नहीं करतीं। इससे उम्र बढ़ने और लंबी जिंदगी से जुड़े नए रहस्यों का पता चल सकता है। दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित कछुआ। इसका नाम जोनाथन है। यह एल्डाब्रा जायंट कछुए की प्रजाति का है और अटलांटिक महासागर में स्थित सेंट हेलेना द्वीप पर रहता है। मोदी बोले- भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे पीएम मोदी ने सेशेल्स दौरे पर कहा- सेशेल्स भारत का महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और ‘विजन महासागर (MAHASAGAR)’ का प्रमुख साझेदार है। इस साल भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। दोनों देशों के संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और लोगों के गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं। फरवरी 2026 में राष्ट्रपति हर्मिनी की भारत यात्रा के बाद अब इस दौरे में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, समृद्धि और विकास को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे। मैं सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री बनूंगा। यह अवसर दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को दर्शाता है। सेशेल्स में बसे भारतीय समुदाय से मिलने का भी अवसर मिलेगा, जिसने पीढ़ियों से दोनों देशों की मित्रता को मजबूत किया है। मुझे विश्वास है कि यह यात्रा भारत-सेशेल्स संबंधों को और गहरा करेगी, हिंद महासागर में समुद्री सहयोग बढ़ाएगी और सुरक्षित, शांतिपूर्ण व समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी। मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी ने 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था। उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। इस दौरे का सबसे बड़ा उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना था। मोदी की इस यात्रा के
2027 की शुरुआत में भारत आ सकते हैं ट्रम्प:दूसरा भारतीय दौरा; अमेरिकी विदेश मंत्री रूबोले- हम मोदी के बड़े प्रशंसक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प साल 2027 की शुरुआत में भारत आ सकते हैं। न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, हैदराबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ये बयान दिया। जब उनसे पूछा गया कि वे भारत की प्रगति, विकास और वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका को कैसे देखते हैं, तो अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, ‘हम प्रधानमंत्री मोदी और उनके द्वारा किए गए कार्यों के बहुत बड़े प्रशंसक हैं।’ ये ट्रम्प की दूसरी भारत यात्रा होगी। इससे पहले ट्रम्प साल 2020 में अहमदाबाद में अपनी पहली भारत यात्रा पर आए थे। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
PM मोदी सेशेल्स रवाना, 11 साल में दूसरा दौरा:राष्ट्रीय दिवस समारोह में बतौर चीफ गेस्ट शामिल होंगे; यहां हर 8वां व्यक्ति भारतीय मूल का

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक तीन दिन सेशेल्स दौरे के लिए शनिवार सुबह 8.50 बजे रवाना हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर वहां जा रहे हैं। मोदी सेशेल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने के समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इस मौके पर होने वाली परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे। मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। इसके अलावा सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा को भी संबोधित करेंगे। सेशेल्स में रहने वाले भारतीय समुदाय से मुलाकात करेंगे। मोदी का पिछले 11 साल में यह दूसरा सेशेल्स का दौरा है। इससे पहले उन्होंने साल 2015 में इस द्वीप देश की यात्रा की थी। सेशेल्स की आबादी 1.35 लाख है। इसमें से 12 हजार के करीब लोग भारतीय मूल के हैं। यह करीब 8 से 9% हिस्सा है। मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था। उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। इस दौरे का सबसे बड़ा उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना था। मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत ने सेशेल्स को दूसरा डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान देने की घोषणा की, ताकि समुद्री निगरानी और तटीय सुरक्षा मजबूत हो सके। मोदी ने भारत की मदद से बने तटीय निगरानी रडार नेटवर्क का उद्घाटन किया। यह हिंद महासागर में जहाजों की निगरानी और समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की भारत की बड़ी रणनीति का हिस्सा था। उस समय चीन हिंद महासागर के द्वीपीय देशों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा था। ऐसे में मोदी का दौरा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की नीति का अहम हिस्सा माना गया।
PM मोदी सेशेल्स रवाना, 11 साल में दूसरा दौरा:राष्ट्रीय दिवस समारोह में बतौर चीफ गेस्ट शामिल होंगे; यहां हर 8वां व्यक्ति भारतीय मूल का

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक तीन दिन सेशेल्स दौरे के लिए शनिवार सुबह 8.50 बजे रवाना हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर वहां जा रहे हैं। मोदी सेशेल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने के समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इस मौके पर होने वाली परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे। मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। इसके अलावा सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा को भी संबोधित करेंगे। सेशेल्स में रहने वाले भारतीय समुदाय से मुलाकात करेंगे। मोदी का पिछले 11 साल में यह दूसरा सेशेल्स का दौरा है। इससे पहले उन्होंने साल 2015 में इस द्वीप देश की यात्रा की थी। सेशेल्स की आबादी 1.35 लाख है। इसमें से 12 हजार के करीब लोग भारतीय मूल के हैं। यह करीब 8 से 9% हिस्सा है। मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था। उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। इस दौरे का सबसे बड़ा उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना था। मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत ने सेशेल्स को दूसरा डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान देने की घोषणा की, ताकि समुद्री निगरानी और तटीय सुरक्षा मजबूत हो सके। मोदी ने भारत की मदद से बने तटीय निगरानी रडार नेटवर्क का उद्घाटन किया। यह हिंद महासागर में जहाजों की निगरानी और समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की भारत की बड़ी रणनीति का हिस्सा था। उस समय चीन हिंद महासागर के द्वीपीय देशों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा था। ऐसे में मोदी का दौरा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की नीति का अहम हिस्सा माना गया।
PM Modi Inaugurates International Stadium Odisha

Hindi News Career PM Modi Inaugurates International Stadium Odisha | June 25 Current Affairs 17 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. पीएम मोदी ने ओडिशा में इंटरनेशनल खेल स्टेडियम का उद्घाटन किया 24 जून को पीएम नरेंद्र मोदी ने ओडिशा में इंटरनेशनल खेल स्टेडियम का उद्घाटन किया। ये स्टेडियम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के होमटाउन मयूरभंज जिले में बनाया गया है। साउथ एशिया की प्रमुख स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी, ‘ग्रेट स्पोर्ट्स टेक’ ने इस स्टेडियम को डिजाइन किया है। इस स्टेडियम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के मौके देना है। इस स्टेडियम में FIFA के स्टैंडर्ड का एक फुटबॉल मैदान, वर्ल्ड एथलेटिक्स से सर्टिफाइड रनिंग ट्रैक और टेनिस और पिकलबॉल कोर्ट बनाए गए हैं। इस स्टेडियम में रात में भी मैच खेले जा सकेंगे। इसमें इवेंट्स आयोजित करने के लिए आधुनिक लाइटिंग की सुविधा है। इस स्टेडियम में फुटबॉल, एथलेटिक्स, हॉकी, टेनिस, क्रिकेट और मल्टी-स्पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 2. फुटबॉलर रोनाल्डो 6 वर्ल्ड कप में गोल करने वाले पहले प्लेयर बने 24 जून को पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो 6 फुटबॉल वर्ल्डकप में गोल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। 41 साल के रोनाल्डो ने ह्यूस्टन स्टेडियम में उज्बेकिस्तान के खिलाफ छठे मिनट में गोल दागकर ये रिकॉर्ड बनाया है। इसके बाद उन्होंने 39वें मिनट में दूसरा गोल भी किया। इन्हीं गोल की मदद से पुर्तगाल ने 5-0 की जीत हासिल की। रोनाल्डो पुर्तगाल के लिए वर्ल्डकप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले प्लेयर भी बने। उनके नाम 10 गोल हैं। उन्होंने पुर्तगाल के स्ट्राइकर यूसेबियो के 9 गोल को पीछे छोड़ा है। रोनाल्डो इंटरनेशनल फुटबॉल में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए उन्हें 2021 में FIFA ने ‘आउटस्टैंडिंग करियर अचीवमेंट’ पुरस्कार से सम्मानित किया था। रोनाल्डो 5 बैलोन डी’ जीत चुके हैं और 2 बार FIFA बेस्ट प्लेयर का अवार्ड भी जीत चुके हैं। रोनाल्डो ने 2006, 2010, 2014, 2018, 2022 और अब 2026 वर्ल्डकप में गोल किया है। उनके बाद अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी हैं। निधन (DEATH) 3. एविएटर स्टूडियो के फाउंडर तेइमुराज उगुलवा का निधन 23 जून को एविएटर (Aviator) गेम स्टूडियो के फाउंडर तेइमुराज उगुलवा का निधन हो गया। वे 56 साल के थे। उगुलावा को जॉर्जिया के आधुनिक हॉस्पिटैलिटी और गेमिंग उद्योग के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाना जाता है। उगुलवा ने अदरजा ग्रुप की स्थापना की थी, बाद में वे एविएटर ब्रांड और एविएटर स्टूडियो से भी जुड़े रहे। उगुलवा ने Rooms Hotels, Stamba Hotel, Fabrika Tbilisi और अन्य प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन प्रोजेक्ट्स ने जॉर्जिया के आधुनिक पर्यटन उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाई। ‘रूम्स होटल्स’ जॉर्जिया का एक लाइफस्टाइल हॉस्पिटैलिटी ब्रांड है, जो डिजाइन पर केंद्रित बुटीक होटलों का संचालन करता है। 2012 में शुरू हुआ यह ब्रांड, इंडस्ट्रियल-स्टाइल आर्किटेक्चर, लोकल कल्चर और हॉस्पिटैलिटी के अनूठे मेल के लिए जाना जाता है। उगुलवा ‘एविएटर स्टूडियो’ के फाउंडर और CEO थे। नेशनल (NATIONAL) 4. NHAI देश का पहला ट्रांसपोर्ट लॉजिसटिक रिसर्च सेंटर शुरू करेगा 23 जून को केंद्र सरकार ने दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का पहला ट्रांसपोर्ट लॉजिसटिक रिसर्च सेंटर स्थापित करने का ऐलान किया। NHAI ने नेशनल काउंसिल ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) के साथ ये समझौता (MoU) किया है। इस सेंटर का उद्देश्य भारत में लॉजिस्टिक्स कॉस्ट को कम करना और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को आधुनिक बनाना है। ये सेंटर स्मार्ट हाईवे, रियल टाइम ट्रांसपोर्ट को मॉनिटर करेगा, मल्टी-मॉडल पॉलिसी, टोल पॉलिसी और रोड सेफ्टी पर रिसर्च करेगा। ये भारत का पहला स्थाई और स्वतंत्र संस्थान होगा, जो परिवहन और लॉजिस्टिक्स के आर्थिक पहलुओं पर शोध करेगा। रिसर्च सेंटर में बेहतर डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी (AI) का उपयोग ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट के लिए किया जाएगा। NHAI इस प्रोजेक्ट के लिए प्रमुख एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर भी काम करेगा। भारत का लक्ष्य अपनी लॉजिस्टिक्स कैपिसिटी को ग्लोबल स्टैंडर्ड पर लाना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है। ये सेंटर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए नई टेक्नोलॉजी और डिजाइनों की टेस्टिंग भी करेगा। इस रिसर्च में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, NHAI और अन्य सरकारी एजेंसियों को मदद मिलेगी। मिसलीनियस (MISCELLENEOUS) 5. भारत और इजराइल ने ऑडिटिंग के लिए एक MoU साइन किया 22 जून को ये MoU भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) और इजराइल की सर्वोच्च लेखा परीक्षा संस्था (State Comptroller and Ombudsman) के बीच हुआ है। भारत और इजराइल के बीच पब्लिक सेक्टर ऑडिटिंग यानी, सरकारी मंत्रालयों, विभागों, एजेंसियों के के वित्तीय लेनदेन और कामकाज की स्वतंत्र जांच करेंगे। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच ऑडिट के क्षेत्र में बेहतर तकनीक को साझा करना है। जिससे सरकारी खर्चों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। इस MoU के तहत दोनों देशों के ऑडिट ऑफिसर के लिए ट्रेनिंग कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इस MoU के बाद डिजिटल ऑडिट, IT ऑडिट और डेटा एनालिटिक्स के क्षेत्र में सहयोग बढ़ सकेगा। ये MoU इजरायल के राज्य नियंत्रक व लोकपाल और EUROSI के चेयरमैन मतन्याहू एंग्लमैन के भारत दौरे के समय हुआ। इस मौके पर भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक के. संजय मूर्ति ने मतन्याहू एंग्लमैन के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। इस बैठक में CAG ऑफिस से डिप्टी कंट्रोलर और ऑडिटर जनरल (एचआर, आईआर, लीगल और कोऑर्डिनेशन) के.एस. सुब्रमण्यम, मुख्य टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) बीके. मोहंती मौजूद रहे। इसके साथ ही डायरेक्टर जनरल (इंटरनेशनल रिलेशन) विमलेंद्र पटवर्धन भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार और इजरायल के राज्य नियंत्रक अंतरराष्ट्रीय विभाग की प्रमुख मिरी वीस शामिल हुईं। ये MoU सरकार के वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही को मजबूत करेगा। 6. इंडोनेशिया में वॉकिंग शार्क की प्रजाति मिली 22 जून को वैज्ञानिकों ने इंडोनेशिया के जलक्षेत्र में ‘वॉकिंग शार्क’ की एक नई प्रजाति की पहचान की है और इसे कादेदेकेदेवा नाम दिया गया है। ये शार्क समुद्र की तलहटी पर अपने पंखों (fins) से चल सकती है, इसलिए इसे वॉकिंग शार्क कहा जा रहा है। ये शार्क मुख्य रूप से उथले कोरल रीफ हिस्सों में पाई जाती है। इस खोज से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में कोरल रीफ इकोसिस्टम संरक्षण बढ़ाया जा
परीक्षा सुधार और पारदर्शिता पर फोकस के बीच पीएम मोदी ने सुचारू एनईईटी पुनर्परीक्षा की सराहना की | न्यूज18

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनईईटी पुन: परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए कैबिनेट की सराहना की है, जिसमें पारदर्शिता, समन्वय और छात्र कल्याण पर सरकार के फोकस पर प्रकाश डाला गया है। परीक्षा की अखंडता को लेकर चिंताओं के बाद पुन: परीक्षा पर बारीकी से नजर रखी गई, जिससे इसका सुचारू संचालन शिक्षा प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बन गया। प्रतिस्पर्धी परीक्षा सुधार, जवाबदेही, परीक्षा सुरक्षा, छात्र आत्मविश्वास और राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए जिम्मेदार एजेंसियों की भूमिका पर निरंतर ध्यान देने के बीच यह विकास हुआ है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 24 जून, 2026, 17:43 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)प्रतियोगी परीक्षाएं भारत(टी)शिक्षा मंत्रालय(टी)शिक्षा समाचार भारत(टी)परीक्षा अखंडता(टी)परीक्षा पारदर्शिता(टी)मेडिकल उम्मीदवारों(टी)मेडिकल प्रवेश परीक्षा(टी)मोदी ने नीट पुनः परीक्षा की प्रशंसा की(टी)नरेंद्र मोदी(टी)नीट 2026(टी)नीट विवाद(टी)नीट परीक्षा समाचार(टी)नीट नवीनतम अपडेट(टी)नीट पेपर लीक पंक्ति(टी)नीट पुनः परीक्षा(टी)नीट पुनः परीक्षा(टी)नीट पुनः परीक्षा सुचारु संचालन(टी)नीट पुनः परीक्षा(टी)पीएम मोदी(टी)पीएम मोदी ने कैबिनेट की प्रशंसा की(टी)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(टी)सुचारू नीट पुनः परीक्षा(टी)छात्र कल्याण
पीएम मोदी पहले बीजेपी नीत पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए | तारकेश्वर में पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की अपनी यात्रा के दौरान हुगली जिले के तारकेश्वर में पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस (पश्चिमबंगा दिवस) समारोह में भाग लिया। यह कार्यक्रम पश्चिम बंगाल में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के तहत पहले स्थापना दिवस समारोह का प्रतीक है। पीएम मोदी ने बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक विरासत और राज्य की पहचान को आकार देने में भूमिका निभाने वाले महान नेताओं के योगदान को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने तारकेश्वर में एक सार्वजनिक सभा को भी संबोधित किया और विकास को आगे बढ़ाते हुए बंगाल की परंपराओं को संरक्षित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। यह यात्रा ऐतिहासिक महत्व रखती है, क्योंकि तारकेश्वर बंगाल के राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास के महत्वपूर्ण क्षणों से निकटता से जुड़ा हुआ है। n18oc_politicsn18oc_breaking-newsn18oc_indiaNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 20 जून, 2026, 17:39 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाल विरासत(टी)बंगाल राजनीति(टी)बीजेपी सरकार बंगाल(टी)बीजेपी पश्चिम बंगाल(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)सांस्कृतिक(टी)हुगली(टी)भारत समाचार(टी)भारतीय राजनीति(टी)नरेंद्र मोदी(टी)नरेंद्र मोदी भाषण(टी)पश्चिमबंगा दिवस(टी)पीएम मोदी(टी)पीएम मोदी नवीनतम भाषण(टी)पीएम मोदी रैली(टी)पीएम मोदी तारकेश्वर(टी)पीएम मोदी पश्चिम बंगाल(टी)राजनीतिक समाचार(टी)श्यामा प्रसाद मुखर्जी(टी)तारकेश्वर(टी)पश्चिम बंगाल उत्सव(टी)पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस(टी)पश्चिम बंगाल समाचार
G7 समिट के बीच कई खालिस्तान समर्थक अरेस्ट:फ्रांस में PM मोदी के काफिले को रोकने की साजिश रच रहे थे, SFJ से जुड़े

फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के बीच पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन सिख फार जस्टिस (SFJ) से जुड़े कई खालिस्तान समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है। फ्रांस की खुफिया एजेंसी के अनुसार, ये सभी पीएम मोदी के दौरे के दौरान काफिले को रोकने की साजिश रच रहे थे। फ्रांस पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच बैठक के बाद ये खालिस्तानी समर्थक विरोध-प्रदर्शन करने वाले थे। और पीएम मोदी के काफिले को भी घेरने वाले थे। इसके बाद फ्रांसीसी सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए सभी को गिरफ्तार कर लिया। पढ़ें क्या है पूरा मामला… भारत-फ्रांस के बीच खुफिया सहयोग की भूमिका जानकारी के अनुसार, पुलिस के इस एक्शन में भारत-फ्रांस के बीच सुरक्षा एवं खुफिया सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय के चलते किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को पहले ही खत्म किय गया। भारत-फ्रांस के मजबूत कूटनीतिक संबंध का उदाहरण हालांकि, फ्रांसीसी अधिकारियों की ओर से गिरफ्तार व्यक्तियों की संख्या और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, इस कार्रवाई को भारत-फ्रांस के मजबूत सुरक्षा और कूटनीतिक सहयोग का उदाहरण माना जा रहा है। G7 सम्मेलन के दौरान कार्रवाई गौरतलब है कि खालिस्तान समर्थक गतिविधियों और SFJ से जुड़े मामलों को लेकर भारत लगातार विभिन्न देशों के साथ सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर देता रहा है। G7 सम्मेलन के दौरान हुई यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। G-7 समिट में मोदी 16 महीने बाद ट्रम्प से मिले G-7 समिट के लिए मंगलवार दोपहर एवियन पहुंचने पर मोदी का फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्वागत किया। G-7 के देशों के राष्ट्राध्याक्षों ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच फ्रांस के एवियन शहर में G-7 समिट के दौरान मुलाकात हुई। दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बात हुई। मीटिंग में दोनों एक-साथ बैठे नजर आए। यह मुलाकात 16 महीनों के बाद हुई है। प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति G7 आउटरीच सेशन में भी साथ-साथ बैठे नजर आए। दोनों की पिछली मुलाकात फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई थी। इसी बीच मोदी और इटालियन पीएम जॉर्जिया मेलोनी की बातचीत भी हुई। मेलोनी ने मोदी से कहा- दोबारा मिलकर अच्छा लगा, हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस हैं। मोदी पिछले महीने 5 देशों के दौरे पर गए थे। जहां उन्होंने रोम में पीएम मेलोनी को मेलोडी टॉफी दी थी। जिसका वीडियो वायरल हो गया था।
Modi to Meet Trump at G7 Summit on June 17; Also Visiting Slovakia

नई दिल्ली/पेरिस/ब्रातिस्लावा8 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी फ्रांस के नीस शहर पहुंचे हैं। वे 14 जून को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के नीस पहुंच गए हैं। वे 14 जून को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक और ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, हेल्थ टेक, मेडिकल टेक्नोलॉजी, AI, सेमीकंडक्टर और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े 12 समझौते हो सकते हैं। प्रधानमंत्री 13 से 18 जून तक फ्रांस और स्लोवाकिया के 6 दिनों के दौरे पर हैं। पीएम बनने के बाद उनकी यह 7वीं फ्रांस यात्रा है। उनका फ्रांस दौरा दो फेज में होगा। इस दौरान 3 शहरों नीस, इवियान और पेरिस जाएंगे। वे 13-14 जून तक नीस में रहेंगे। 16 से 17 जून को एवियन में G7 समिट में हिस्सा लेंगे। 18 जून को पेरिस में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ विवाटेक सम्मेलन में जाएंगे। 17 जून को G7 समिट के दौरान मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से द्विपक्षीय मुलाकात होगी। दोनों नेता 16 महीने बाद मिलेंगे। दोनों आखिरी बार फरवरी 2025 में वॉशिंगटन में मिले थे। फांस दौरे के बीच मोदी 14 जून की शाम फ्रांस से स्लोवाकिया जाएंगे और 15 जून तक रुकेंगे। इस दौरान स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रोबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रीनी से मुलाकात करेंगे। 1993 में स्लोवाकिया के आजाद देश बनने के बाद किसी भारतीय पीएम का यह पहला दौरा है। 2025 में कनाडा में हुए G7 में PM मोदी शामिल हुए थे। लेकिन ट्रम्प समिट बीच में छोड़कर चले गए थे, जिससे दोनों की मुलाकात नहीं हो सकी थी। सवा 3 लाख करोड़ की डील, यात्रा के बाद फैसला लेगी कैबिनेट विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत और फ्रांस के बीच सबसे अहम चर्चा वायु सेना के लिए 114 रफाल लड़ाकू विमानों की डील पर होगी। करीब सवा 3 लाख कराेड़ रुपए के इस सौदे में भारत विमानों के साझा विकास और उत्पादन के अलावा टेक्नोलॉजी का पूरा ट्रांसफर चाहता है। भारतीय जरूरतों के हिसाब से इन विमानों पर अपनी मिसाइलें और अन्य हथियार लगाने के लिए सोर्स कोड को लेकर भी भारत अपना रुख स्पष्ट करेगा। मोदी कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति ने अभी तक इस डील पर मुहर नहीं लगाई है। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान होने वाले फैसलों के बाद ही कैबिनेट कमेटी अंतिम राय बनाएगी। होर्मुज रक्षा गठबंधन में भारत के शामिल होने पर निर्णय संभव प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान ईरान युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। ब्रिटेन की अगुवाई में अप्रैल में हुई पेरिस वार्ता में भारत शामिल हुआ था। होर्मुज खोलने को लेकर भारत किसी एक देश की पहल पर होने वाली सुरक्षा व्यवस्था के बजाए संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुकूल बहुपक्षीय सुरक्षा व्यवस्था के हक में है। ऐसे में भारत फ्रांस और ब्रिटेन की पहल के साथ कदम मिलाते हुए होर्मुज रक्षा गठबंधन में शामिल होने पर सहमति दे सकता है। G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं? G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की ‘मॉडर्न इकोनॉमी’ वाला देश कहा जाता है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी शामिल हैं। इसकी शुरुआत 1975 में G6 के रूप में हुई थी। 1976 में कनाडा के जुड़ने के बाद यह G7 बन गया। 1998 में रूस को शामिल कर इसका नाम G8 कर दिया गया, लेकिन 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर रूस के कब्जे के बाद उसे समूह से बाहर कर दिया गया। इसके बाद यह फिर से G7 कहलाने लगा। भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण वैश्विक भूमिका के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश (Guest Country) के रूप में बुलाया जाता है। आमतौर पर भारत के प्रधानमंत्री को समिट का न्यौता मिलता है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2005 से 2013 के बीच पांच बार G7 (पहले G8) समिट में हिस्सा लिया था। PM मोदी को पहली बार 2019 में फ्रांस के बियारिट्ज में आयोजित G7 समिट में आमंत्रित किया गया था। 2020 में अमेरिका को मेजबानी करनी थी, लेकिन उसने तब समिट रद्द कर दी। इसके बाद 2021 में ब्रिटेन की मेजबानी में आयोजित सम्मेलन में PM मोदी वर्चुअली शामिल हुए। इसके अलावा मोदी 2022 में जर्मनी, 2023 में जापान, 2024 में इटली और 2025 में कनाडा में आयोजित G7 समिट में शामिल हुए। भारत इनोवेट्स क्या है, जिसका उद्घाटन करेंगे PM ‘भारत इनोवेट्स’ शिक्षा मंत्रालय की नया ग्लोबल इनोशिएटिव है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2026 में भारत-फ्रांस इनोवेशन साल के उद्घाटन के दौरान की थी। इसका उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप, IITs, IISc, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों को वैश्विक निवेशकों, कंपनियों, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संगठनों से जोड़ना है। यह कार्यक्रम 14 से 16 जून तक नीस शहर में पैलेस डेस एक्सपोजिशन्स (Palais des Expositions) में होगा। इस मेगा समिट का उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों करेंगे। भारत के टॉप-2 हथियार सप्लायर्स में शामिल फ्रांस साल 2025 में फ्रेंच अखबार ला मोंड की खबर के मुताबिक फ्रांस ऐसे वक्त में भी भारत का साथ देता आया है, जब अमेरिका समेत दुनिया की तमाम बड़ी शक्तियों ने भारत का साथ छोड़ दिया था। पोखरण में परमाणु टेस्ट के बाद अमेरिका, जापान, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों ने भारत पर कई प्रतिबंध लगा दिए, लेकिन फ्रांस ने भारत का समर्थन किया। फ्रांस ने अमेरिकी प्रतिबंधों की अनदेखी करते हुए भारत को हथियार बेचना शुरू किया और अब वो रूस के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा रक्षा हथियार आपूर्तिकर्ता बन गया है। भारत को फ्रांस से मिराज 2000 फाइटर जेट, राफेल फाइटर जेट और स्कॉर्पीन पनडुब्बी मिल चुकी है। फ्रांस ने इंटरनेशनल फोरम पर हमेशा भारत को सपोर्ट किया सितंबर 2023 में हुई G20 समिट के दौरान PM मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को 2024 के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने का न्योता दिया था, लेकिन दिसंबर में उन्होंने भारत आने से इनकार कर दिया। ऐसे वक्त में भारत ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को गणतंत्र दिवस में शामिल होने का









