Parle Industries Shares Jump 5% Amidst Melody Candy Confusion

नई दिल्ली22 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को पारले कंपनी की मेलोडी टॉफी का पैकेट गिफ्ट किया। इसका वीडियो खुद मेलोनी ने शेयर किया। वीडियो वायरल होते ही निवेशकों ने नाम के कन्फ्यूजन में पारले इंडस्ट्रीज के शेयर खरीद डाले, जिससे मंगलवार को इसमें 5% का अपर सर्किट लग गया। खास बात यह है कि मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी पारले प्रोडक्ट्स है, जो शेयर बाजार में लिस्टेड ही नहीं है। निवेशकों ने गलती से रियल एस्टेट कंपनी पारले इंडस्ट्रीज को मेलोडी बनाने वाली कंपनी समझकर उसमें निवेश कर दिया। पीएम मोदी ने मेलोनी को मेलोडी टॉफी गिफ्ट की। यह टॉफी भारत में 1983 से बिक रही है। इसे पारले कंपनी बनाती है। ₹5.25 पर पहुंचा शेयर, निवेशकों ने की स्पेकुलेटिव बाइंग मंगलवार को इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान BSE पर पारले इंडस्ट्रीज का शेयर 5% चढ़कर ₹5.25 पर पहुंच गया और ऊपरी स्तर पर लॉक हो गया। इंटरनेट पर PM मोदी और मेलोनी के ‘मेलोडी’ मोमेंट के वायरल होने के बाद निवेशकों ने बिना पूरी पड़ताल किए इस पेनी स्टॉक में खरीदारी शुरू की। सोशल मीडिया पर मेलोडी ब्रांड की भारी चर्चा के कारण शेयर बाजार में यह गलतफहमी हुई। मेलोडी टॉफी को पारले प्रोडक्ट्स कंपनी बनाती है, जो पारले-जी (Parle-G) बिस्किट और कई अन्य कन्फेक्शनरी आइटम्स के लिए जानी जाती है। दूसरी तरफ, जिस पारले इंडस्ट्रीज के शेयर बढ़े, वह इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट डेवलपमेंट और पेपर वेस्ट रीसाइक्लिंग के बिजनेस में काम करती है। शेयर बाजार में आए इस उछाल पर पारले इंडस्ट्रीज की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इंटरनेट पर हिट है ‘मेलोडी’ पीएम मोदी की रोम यात्रा के दौरान उन्होंने जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की और साथ में डिनर किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने मशहूर ऐतिहासिक इमारत ‘कोलोसियम’ का दौरा भी किया। मेलोनी ने बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए मेलोडी टॉफी की इमेज शेयर की। पिछले एक साल से इंटरनेट पर दोनों नेताओं की दोस्ती को लेकर ‘मेलोडी’ (Meloni + Modi के नामों को मिलाकर बना शब्द) काफी चर्चा में है। लोग सोशल मीडिया पर इसे लेकर मीम्स भी बनाते हैं। यही वजह है कि जब PM मोदी ने सच में मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट की, तो यह तुरंत वायरल हो गई। भारत और इटली के बीच बढ़ रहा है व्यापार इस हल्के-फुल्के मोमेंट के बीच दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में भारत और इटली के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 16.77 अरब डॉलर (लगभग ₹1.40 लाख करोड़) तक पहुंच गया है। वहीं, अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 के बीच भारत में 3.66 अरब डॉलर का इतालवी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आया है। दोनों देश फिलहाल ‘भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029’ पर आगे बढ़ रहे हैं, जिसके तहत क्लीन एनर्जी, डिफेंस, साइंस-टेक्नोलॉजी और इन्वेस्टमेंट के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जा रहा है। ————— ये भी पढ़ें… चांदी ₹1116 गिरकर ₹2.67 लाख किलो पर आई: ऑलटाइम हाई से ₹1.19 लाख नीचे आ चुकी, सोना आज ₹552 सस्ता हुआ सोने-चांदी के दाम में आज यानी 20 मई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 1 किलो चांदी की कीमत 1,411 रुपए कम होकर 2.67 लाख रुपए पर आ गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 552 रुपए गिरकर 1.59 लाख रुपए हो गया है। 29 जनवरी को सोना 1.76 लाख और चांदी 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
मोदी ने मेलोनी को भारत आने का न्योता दिया:मेलोनी बोलीं- भारत-इटली काफी करीब आए, हमने आपसी भरोसे से दोस्ती बनाई

पीएम मोदी ने आज इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी के साथ में जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं पीएम मेलोनी का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे और मेरे प्रतिनिधिमंडल को भव्य स्वागत दिया। उन्होंने जॉर्जिया मेलोनी को भारत आने का न्योता दिया। मोदी ने कहा कि रोम को दुनिया में ‘इटरनल सिटी’ कहा जाता है। भारत में मेरी लोकसभा सीट काशी को भी इसी तरह जाना जाता है। जब दो सभ्यताएं मिलती हैं, तो बातचीत सिर्फ एजेंडे तक सीमित नहीं रहती। उसमें इतिहास की गहराई, भविष्य की झलक और दोस्ती की सादगी दिखाई देती है।” मेलोनी और मोदी ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को रोम में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की। यह बैठक मोदी के पांच देशों के दौरे के आखिरी चरण का हिस्सा है। बैठक से पहले मेलोनी ने कहा कि भारत और इटली के रिश्ते अब “निर्णायक दौर” में पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध दोस्ती से आगे बढ़कर विशेष रणनीतिक साझेदारी में बदल चुके हैं, जो लोकतंत्र, आजादी और साझा भविष्य की सोच पर आधारित है। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर और इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी भी मौजूद रहे। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, संस्कृति, एआई, स्पेस, क्रिटिकल मिनरल्स और परमाणु ऊर्जा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक हालात पर भी विचार साझा किए। मेलोनी बोलीं- भारत-इटली के रिश्तो का ऐतिहासिक दिन रोम में पीएम मोदी के साथ जॉइंट प्रेस बयान के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा, “पीएम मोदी और उनके प्रतिनिधिमंडल का रोम में स्वागत करना मेरे लिए सम्मान और खुशी की बात है। मुझे सच में लगता है कि यह भारत और इटली के रिश्तों के लिए ऐतिहासिक दिन है। मेलोनी ने कहा कि भारत और इटली के रिश्ते अब अपनी पूरी क्षमता हासिल करने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं और अब सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का सही समय है। मेलोनी ने कहा कि भारत और इटली अपने रिश्तों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है और अब संबंध नई दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। भारत और इटली इस समय 2025-2029 संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच 2025 में व्यापार करीब 16.77 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 के बीच इटली का भारत में कुल निवेश 3.66 अरब डॉलर रहा है।
PM Modi Giorgia Meloni India italy relations

रोम2 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी ने आज इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं पीएम मेलोनी का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल को स्वागत किया। उन्होंने जॉर्जिया मेलोनी को भारत आने का न्योता दिया। मोदी ने कहा कि रोम को दुनिया में ‘इटरनल सिटी’ कहा जाता है। भारत में मेरी लोकसभा सीट काशी को भी इसी तरह जाना जाता है। जब दो सभ्यताएं मिलती हैं, तो बातचीत सिर्फ एजेंडे तक सीमित नहीं रहती। उसमें इतिहास की गहराई, भविष्य की झलक और दोस्ती की सादगी दिखाई देती है।” वहीं मेलोनी ने कहा कि इटली और भारत पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं। हमारे रिश्ते अब अपनी पूरी क्षमता दिखाने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। पिछले साढ़े तीन सालों में मेरी पीएम मोदी के साथ 7 मुलाकातें हुई हैं। उन्होंने कहा कि इन बैठकों के दौरान हमने एक-दूसरे के नजरिए को गहराई से समझा है। हमने सम्मान और आपसी भरोसे से एक ईमानदार दोस्ती बनाई है। पीएम मोदी के भाषण की 5 बड़ी बातें भारत और इटली के रिश्ते अब और मजबूत होंगे। दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा देने का फैसला किया है। इटली डिजाइन और तकनीक के लिए मशहूर है, जबकि भारत अपनी प्रतिभा और सस्ते इनोवेशन के लिए जाना जाता है। दोनों देश मिलकर दुनिया के लिए काम करेंगे। भारत और इटली के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है और इसे 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत में 400 से ज्यादा इतालवी कंपनियां काम कर रही हैं। पिछले साढ़े तीन साल में मुझे कई बार पीएम मेलोनी से मिलने का मौका मिला, जो दोनों देशों के लगातार मजबूत होते सहयोग को दिखाता है। रोम को दुनिया में एटरनल सिटी कहा जाता है, जबकि मेरी लोकसभा सीट काशी भी इसी तरह अपनी प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक पहचान के लिए जानी जाती है। पीएम जॉर्जिया मेलोनी के भाषण की 5 बड़ी बातें… पीएम मोदी और उनके प्रतिनिधिमंडल का रोम में स्वागत करना मेरे लिए सम्मान और खुशी की बात है। मुझे सच में लगता है कि यह भारत और इटली के रिश्तों के लिए ऐतिहासिक दिन है। भारत और इटली के रिश्ते अब अपनी पूरी क्षमता हासिल करने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। दोनों देशों के संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं और अब सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का सही समय है। हमने भारत और इटली के रिश्तों को “स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” तक पहुंचाने का फैसला लिया है। मेरी साढ़े तीन साल में पीएम मोदी से सात मुलाकातों ने दोनों देशों को और करीब लाया। हमने 2029 तक भारत और इटली के बीच व्यापार को 20 अरब यूरो तक बढ़ाने का टारगेट रखा है। हमने नई दिल्ली में इनोवेशन सेंटर बनाने का फैसला किया है, जिससे स्टार्टअप और रिसर्च सहयोग बढ़ेगा। भारत और इटली इस समय 2025-2029 की नई साझेदारी योजना पर साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार 2025 में करीब 16.77 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वहीं, अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 तक इटली ने भारत में 3.66 अरब डॉलर का निवेश किया है।#WATCH | Rome: At the joint press statement with PM Modi, Italian PM Giorgia Meloni says, “We certainly want to foster our already strong trade up to 20 Billion Euros, all the way up from the current 14 Billion Euros by 2029. This is a very ambitious target which can be achieved… pic.twitter.com/uJCRPneiEB— ANI (@ANI) May 20, 2026 मेलोनी और मोदी ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को रोम में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की। यह बैठक मोदी के पांच देशों के दौरे के आखिरी चरण का हिस्सा है। बैठक से पहले मेलोनी ने कहा कि भारत और इटली के रिश्ते अब “निर्णायक दौर” में पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध दोस्ती से आगे बढ़कर विशेष रणनीतिक साझेदारी में बदल चुके हैं, जो लोकतंत्र, आजादी और साझा भविष्य की सोच पर आधारित है। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर और इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी भी मौजूद रहे। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, संस्कृति, एआई, स्पेस, क्रिटिकल मिनरल्स और परमाणु ऊर्जा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक हालात पर भी विचार साझा किए। ——————- यह खबर भी पढ़ें… मोदी ने मेलोनी को मेलोडी टॉफी गिफ्ट की:इटली में एक ही कार में घूमे, 2000 साल पुराने कोलोजियम में सेल्फी ली; 15 PHOTOS प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी गिफ्ट की। पीएम मेलोनी ने एक्स पर इस वीडियो को पोस्ट कर कहा- “प्रधानमंत्री मोदी मेरे लिए गिफ्ट में बहुत-बहुत अच्छी टॉफी लेकर आए- मेलोडी। गिफ्ट के लिए थैंक्यू”। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
‘राष्ट्रीय हित राजनीति से ऊपर’: शरद पवार ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा, पीएम मोदी विदेश में भारत का सम्मान बरकरार रख रहे हैं भारत समाचार

आखरी अपडेट:20 मई, 2026, 11:00 IST शरद पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत के बाहर देश की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं। विपक्ष की आलोचना के बीच शरद पवार ने पीएम मोदी की विदेश पहुंच का समर्थन किया अनुभवी राजनेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे पर विपक्षी दलों की आलोचना के बीच उनका समर्थन करते हुए कहा है कि भारत की प्रतिष्ठा की रक्षा के रास्ते में राजनीतिक मतभेद नहीं आने चाहिए। पवार की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब विपक्षी भारतीय गुट, विशेषकर कांग्रेस के नेताओं ने घरेलू और वैश्विक चुनौतियों के दौरान मोदी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाया है। ‘राजनीति से ऊपर राष्ट्रहित’ मंगलवार शाम एक कार्यक्रम में बोलते हुए शरद पवार ने कहा कि भले ही राजनीतिक मतभेद हों, लेकिन देश का सम्मान पार्टी लाइन से ऊपर रहना चाहिए। पवार ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी भारत के बाहर देश की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं। हमारे अलग-अलग राजनीतिक विचार हो सकते हैं, लेकिन जब देश के सम्मान की बात आती है, तो राजनीतिक मतभेद नहीं लाना चाहिए।” अनुभवी नेता ने इस बात पर जोर दिया कि जब भी राष्ट्रीय हित में सामूहिक रूप से काम करने का अवसर मिले, राजनीतिक दलों को भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करने के साझा उद्देश्य के साथ एक साथ आना चाहिए। पवार ने पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी, पीवी नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने हमेशा देश के भविष्य और प्रतिष्ठा को अपने नेतृत्व के केंद्र में रखा। कांग्रेस ने पीएम के विदेश दौरे पर उठाए सवाल लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की यात्रा की आलोचना करने के बाद पवार की यह टिप्पणी आई है। राहुल गांधी ने कहा कि संकट के समय में प्रधानमंत्री लोगों से विदेश यात्रा नहीं करने को कह रहे हैं जबकि वह खुद दुनिया भर में यात्रा कर रहे हैं. गांधी ने कहा, “संकट के समय में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया से बाहर यात्रा न करने के लिए कह रहे हैं, जबकि वह खुद दुनिया भर में यात्रा कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी आगामी आर्थिक झटके का सबसे अधिक असर आम लोगों पर पड़ेगा, न कि अडानी और अंबानी जैसे उद्योगपतियों या प्रधान मंत्री पर। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भी प्रधानमंत्री के विदेश दौरे को लेकर उन पर निशाना साधा. राउत ने कहा, “मोदी कहां हैं? वह सात देशों की विदेश यात्रा पर हैं।” उन्होंने विदेशों में मोदी के स्वागत का जश्न मनाने के लिए भाजपा की आलोचना की, जबकि उनके अनुसार, भारत में गंभीर मुद्दे सामने आ रहे हैं। राउत ने विदेशी दौरों के दौरान मिलने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मान को लेकर भी प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाया। राउत ने कहा, “वह पुरस्कार पाने में शतक पूरा करेंगे। वह जिस भी देश में जाते हैं, उन्हें सर्वोच्च पुरस्कार मिलता है।” उन्होंने मोदी से उनकी पहले की सलाह पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने लोगों से अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्राएं जारी रखते हुए विदेश यात्रा से बचने को कहा था। बीजेपी ने किया पीएम मोदी के विदेश दौरे का बचाव भारतीय जनता पार्टी ने मोदी के विदेश दौरे का बचाव करते हुए कहा कि कठिन वैश्विक स्थिति के दौरान भारत के हितों की रक्षा के लिए यह यात्रा महत्वपूर्ण थी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक महत्वपूर्ण राजनयिक मिशन पर हैं। त्रिवेदी ने कहा, “मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बड़ी बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता के साथ प्रत्येक भारतीय के हितों की रक्षा के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर हैं।” मध्य पूर्व संकट के कारण लोगों से अनावश्यक यात्रा कम करने और ईंधन बचाने की अपील करने के बाद विपक्ष ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा की आलोचना की है। पीएम मोदी 15 मई से 20 मई, 2026 तक पांच देशों की विदेश यात्रा पर हैं, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली शामिल हैं, जिसका उद्देश्य वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की ऊर्जा, तकनीक और रक्षा साझेदारी को मजबूत करना है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘राष्ट्रीय हित राजनीति से ऊपर’: शरद पवार ने कांग्रेस पर पलटवार किया, कहा कि पीएम मोदी विदेश में भारत का सम्मान बरकरार रख रहे हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)शरद पवार(टी)शरद पवार राजनीति(टी)शरद पवार पीएम मोदी(टी)शरद पवार ने मोदी की प्रशंसा की(टी)मोदी(टी)पीएम मोदी(टी)नरेंद्र मोदी(टी)मोदी के विदेशी दौरे(टी)शरद पवार ने मोदी के विदेशी दौरे का समर्थन किया(टी)शरद पवार का बयान(टी)मोदी की विदेश यात्रा(टी)विदेश में भारत की प्रतिष्ठा(टी)विपक्ष की आलोचना मोदी(टी)बीजेपी ने विदेशी दौरे का बचाव किया(टी)राहुल गांधी की आलोचना(टी)संजय राऊत की टिप्पणी
Squadron Leader Sanya India Air Force First Woman Flying Instructor

Hindi News Career Squadron Leader Sanya India Air Force First Woman Flying Instructor | PM Modi India Nordic Summit 9 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. पीएम मोदी ने तीसरी इंडिया-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लिया 19 मई को पीएम मोदी ने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में तीसरी इंडिया-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लिया। इंडिया-नॉर्डिक समिट भारत और पांच नॉर्डिक देशों- नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के बीच एक महत्वपूर्ण मंच है। समिट में पीएम मोदी ने सभी नॉर्डिक देशों के प्रधानमंत्रियों से मुलाकात की। नॉर्डिक में शामिल देश स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, व्यापार और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए काम करते हैं। पीएम मोदी ने नॉर्वे के राजा हेराल्ड V से मुलाकात की और भारत-नॉर्वे के रिश्तों को ‘ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ के स्तर पर ले जाने का ऐलान किया। इस दौरान भारत-नॉर्वे के बीच जलवायु, तकनीक और व्यापार से जुड़े 12 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। 43 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने नॉर्वे की यात्रा की है। इससे पहले 1983 में इंदिरा गांधी ने नॉर्वे का दौरा किया था। 2. स्क्वाड्रन लीडर सान्या IAF में पहली महिला फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर बनीं 18 मई को स्क्वाड्रन लीडर सान्या Cat-A क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर बनने वाली पहली महिला ऑफिसर बनीं। फ्लाइट इंस्ट्रक्टर्स इंडियन एयरफोर्स के पायलट्स को ट्रेनिंग देते हैं। एयर फोर्स में Cat-A यानी कैटेगरी A फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर मास्टर इंस्ट्रक्टर होता है, जो जूनियर इंस्ट्रक्टर्स को भी ट्रेनिंग देता है। किसी क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (QFI) के लिए Cat-A हाईएस्ट रेटिंग होती है। इंडियन एयरफोर्स के 93 साल के इतिहास में सान्या Cat-A रेटिंग पाने वाली पहली महिला QFI हैं। सान्या 20 जून 2015 को इंडियन एयर फोर्स में शामिल हुई थीं। 2017 में सान्या फ्लाइट लेफ्टिनेंट बनीं और 2021 में स्क्वाड्रन लीडर बनीं। इंडियन एयरफोर्स में स्क्वाड्रन लीडर का पद आर्मी में मेजर के पद के बराबर होता है। सान्या सेफ्टी और ऑपरेशनल फ्लाइंग यूनिट के साथ काम करेंगी। 3. उत्तराखंड के पूर्व CM भुवन चंद्र खंडूरी का निधन 19 मई को उत्तराखंड के पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूरी का 91 साल की उम्र में निधन हो गया। 1954 में भुवन ने इंडियन आर्मी जॉइन की थी और वे आर्मी में मेजर जनरल रहे। 1998 में भुवन केंद्रीय मंत्री बने और 2000 से 2004 तक रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मिनिस्टर रहे। मार्च 2007 में भुवन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने और जून 2009 तक इस पद पर रहे। 2009 लोकसभा चुनाव में भाजपा के खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। भुवन 2011 में दोबारा सीएम बने। वो सितंबर 2011 से मार्च 2012 तक इस पद पर रहे। 1991 में भुवनचंद्र ने बीजेपी जॉइन की और गढ़वाल विधानसभा से जीत दर्ज की। 4. संगीतकार मौली तकलकर का निधन 19 मई को भारतीय शास्त्रीय और भक्ति संगीत के प्रसिद्ध ताल संगीतकार मौली तकलकर का निधन हो गया। तकलकर 99 साल के थे। उनका पूरा नाम ज्ञानेश्वर तकलकर था। मौली चार पीढ़ियों से शास्त्रीय और भक्ति गायक थे और वाद्ययंत्र झांझ, पखावज और मृदंग बजाते थे। झांझ पीतल या तांबे से बनी गोल कटोरियों जैसा एक प्राचीन भारतीय ताल वाद्य यंत्र है। मौली ने पंडित भीमसेन जोशी के साथ 2,500 से ज्यादा संतवाणी कार्यक्रमों में प्रस्तुति दी। मौली विशेष रूप से भीमसेन जोशी के साथ अपने लंबे जुड़ाव के लिए जाने जाते थे। लय में अपनी असाधारण पकड़ के लिए मौली को ‘ताल का मास्टर’ कहा जाता था। मौली को 2025 में वत्सलबाई जोशी अवार्ड से सम्मानित किया गया था। मौली ने झांझ ताल को एक लयबद्ध कला के तौर पर पहचान दिलाई। 5. चेन्नई में 993 करोड़ की लागत की रेल दोहरीकरण परियोजना मंजूर 19 मई को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने चेन्नई में सिंगल लाइन रेल के दोहरीकरण की परियोजना को मंजूरी मिलने की जानकारी दी। 993 करोड़ की लागत का ये प्रोजेक्ट चेन्नई के अराक्कोनम-चेंगलपट्टू के लिए है, जो वालाजाबाद, कांचीपुरम और थाक्कोलम को जोड़ेगा। ये प्रोजेक्ट चेन्नई उपनगरीय रेल नेटवर्क पर भीड़ को भी कम करेगा। ये प्रोजेक्ट यात्री और माल ढुलाई दोनों में मदद करेगा। इससे सीमेंट, ऑटोमोबाइल, खाद्यान्न, लोहा और इस्पात जैसे सामान की आवाजाही आसान होगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा अराक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना समय बचाएगी। 6. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह वियतनाम के दौरे पर पहुंचे 19 मई को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों ने मैरीटाइम सिक्योरिटी यानी समुद्री सुरक्षा और रीजनल पीस बात की। ये यात्रा भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी की 10वीं वर्षगांठ पर हुई है। राजनाथ सिंह ने वियतनाम के रक्षामंत्री जनरल फान वान गियांग से भी मुलाकात की। दोनों प्रमुखों ने भारत-प्रशांत सुरक्षा सहयोग और भारत-वियतनाम रक्षा संबंधों के विस्तार पर बात की। दोनों प्रमुखों ने ब्रह्मोस मिसाइल सौदे पर भी चर्चा की। राजनाथ सिंह ने टो लाम के साथ वियतनाम के एयरफोर्स ऑफिसर्स कॉलेज में स्थापित लैंग्वेज लैब का भी उद्घाटन किया। दोनों देशों ने AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी को लेकर एक समझौता ज्ञापन यानी MoU भी साइन किया। भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी में एक और महत्वपूर्ण कदम है। 7. SC ने खतरनाक कुत्तों को मारने का आदेश दिया 19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने खतरनाक या रेबीज से संक्रमित आवारा कुत्तों को जहर का इंजेक्शन लगाकर मारने का आदेश जारी किया। SC ने कहा कि लोगों की जान की हिफाजत जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के पुनर्वास और नसबंदी पर नवंबर 2025 में दिए गए निर्देश को भी जारी रखा है। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, हाईवे जैसे पब्लिक प्लेस से आवारा कुत्तों को हटाने का निर्देश जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में कहा था- आवारा कुत्तों को जहां से पकड़ें, नसबंदी और टीकाकरण के बाद वहीं न छोड़ें। SC ने हर जिले में पूरी तरह काम करने वाला एक ABC सेंटर (एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर) बनाए जाने का भी आदेश दिया है। SC ने हर जिले में पूरी तरह काम करने वाला एक ABC सेंटर (एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर) बनाए जाने का आदेश दिया। आज
पीएम मोदी इटली दौरे पर पहुंचे:आज पीएम जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे, ट्रेड और इन्वेस्टेंट डील पर फोकस

पीएम मोदी आज इटली पहुंच गए हैं। यहां वे इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता व्यापार, निवेश, एडवांस तकनीक और ग्लोवल मुद्दों पर बातचीत करेंगे। पीएम मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और इटली अपने रिश्तों को और मजबूत बनाने पर काम कर रहे हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते भी हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोदी आज इटली में कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से भी मिलेंगे। रिश्तों को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा देने पर विचार इस दौरे के दौरान भारत और इटली अपने रिश्तों को और मजबूत करते हुए उन्हें ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा देने पर चर्चा कर सकते हैं। दोनों देश आने वाले वक्त में सालाना रेगुलर बैठकें शुरू करने पर भी विचार कर रहे हैं। भारत और इटली के बीच पिछले कुछ सालों में राजनीतिक और आर्थिक रिश्तों में तेजी आई है। दोनों देश रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, विज्ञान और नई तकनीकों के क्षेत्र में लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं। फिलहाल भारत और इटली के बीच व्यापार 14 अरब यूरो (14 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा का है। दोनों देश विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, मशीनरी, फार्मा, रक्षा और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। इटली के उद्योगपतियों से मिलेंगे पीएम मोदी पीएम मोदी इटली के बड़े उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। इस बैठक में निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और भारत में नई औद्योगिक पार्टनरशिप पर चर्चा होने की संभावना है। पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी मिडिल-ईस्ट तनाव, रूस-यूक्रेन वॉर, इंडो-पैसिफिक की सुरक्षा, एनर्जी सिक्योरिटी और ग्लोबल सप्लाई चेन पर चर्चा करेंगे। PM मोदी आखिरी बार 2024 में इटली गए थे PM मोदी आखिरी बार जून 2024 में इटली गए थे। उस समय उन्होंने जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था, जो इटली के अपुलिया क्षेत्र में आयोजित हुआ था। मोदी ने 15 मई से शुरू हुए अपने विदेश दौरे में UAE, नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे का दौरा किया। इटली इस यात्रा का आखिरी पड़ाव है।
पीएम मोदी इटली दौरे पर पहुंचे:आज पीएम जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे, ट्रेड और इन्वेस्टेंट डील पर फोकस

पीएम मोदी आज इटली पहुंच गए हैं। यहां वे इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता व्यापार, निवेश, एडवांस तकनीक और ग्लोवल मुद्दों पर बातचीत करेंगे। पीएम मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और इटली अपने रिश्तों को और मजबूत बनाने पर काम कर रहे हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते भी हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोदी आज इटली में कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से भी मिलेंगे। मोदी की इटली दौरे की तस्वीरें… रिश्तों को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा देने पर विचार इस दौरे के दौरान भारत और इटली अपने रिश्तों को और मजबूत करते हुए उन्हें ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा देने पर चर्चा कर सकते हैं। दोनों देश आने वाले वक्त में सालाना रेगुलर बैठकें शुरू करने पर भी विचार कर रहे हैं। भारत और इटली के बीच पिछले कुछ सालों में राजनीतिक और आर्थिक रिश्तों में तेजी आई है। दोनों देश रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, विज्ञान और नई तकनीकों के क्षेत्र में लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं। फिलहाल भारत और इटली के बीच व्यापार 14 अरब यूरो (14 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा का है। दोनों देश विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, मशीनरी, फार्मा, रक्षा और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। इटली के उद्योगपतियों से मिलेंगे पीएम मोदी पीएम मोदी इटली के बड़े उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। इस बैठक में निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और भारत में नई औद्योगिक पार्टनरशिप पर चर्चा होने की संभावना है। पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी मिडिल-ईस्ट तनाव, रूस-यूक्रेन वॉर, इंडो-पैसिफिक की सुरक्षा, एनर्जी सिक्योरिटी और ग्लोबल सप्लाई चेन पर चर्चा करेंगे। PM मोदी आखिरी बार 2024 में इटली गए थे PM मोदी आखिरी बार जून 2024 में इटली गए थे। उस समय उन्होंने जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था, जो इटली के अपुलिया क्षेत्र में आयोजित हुआ था। मोदी ने 15 मई से शुरू हुए अपने विदेश दौरे में UAE, नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे का दौरा किया। इटली इस यात्रा का आखिरी पड़ाव है। ———– ये खबर भी पढ़ें… PM मोदी इंडिया-नॉर्डिक समिट में शामिल हुए:नॉर्वे-डेनमार्क, आइसलैंड और फिनलैंड के PM से मिले; इटली के लिए रवाना मोदी ने तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और कानून का सम्मान के नरजिए से भारत और नॉर्डिक देशों को स्वाभाविक साझेदार हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Putin to visit India for BRICS Summit from September 12 to 13

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर 2025 को भारत पहुंचे थे। पीएम मोदी ने उनका आधिकारिक आवास पर स्वागत किया था। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सितंबर में भारत दौरे पर आएंगे। रूसी सरकार ने मंगलवार को कहा कि पुतिन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेंगे। PM मोदी ने पुतिन को दिसंबर 2025 में उनके भारत दौरे के दौरान आधिकारिक तौर पर समिट में शामिल होने का न्योता दिया था। एक साल के भीतर पुतिन का यह दूसरा भारत दौरा होगा। इससे पहले पुतिन दिसंबर 2025 में भारत आए थे। उस दौरान उन्होंने पीएम मोदी के साथ 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। 2025 का दौरा इसलिए भी खास माना गया था क्योंकि यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन का पहला भारत दौरा था। इससे पहले वह आखिरी बार 2021 में नई दिल्ली आए थे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर 2025 को भारत पहुंचे थे। उसी दौरान दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पालम हवाई अड्डे से एक ही टोयोटा एसयूवी में पीएम आवास के लिए रवाना हुए थे। BRICS समिट की अध्यक्षता कर रहा है भारत इस साल भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। BRICS दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसमें भारत, रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका के अलावा अब मिस्र, ईरान, इथियोपिया, UAE और इंडोनेशिया जैसे नए सदस्य भी शामिल हो चुके हैं। भारत की अध्यक्षता के दौरान पूरे साल देश के अलग-अलग शहरों में कई बैठकें, मंत्रीस्तरीय सम्मेलन और कार्यकारी समूहों की चर्चाएं आयोजित की जा रही हैं। भारत ने अपनी अध्यक्षता का फोकस ‘ग्लोबल साउथ’ यानी विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आतंकवाद विरोधी सहयोग और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर रखा है। भारत यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि BRICS सिर्फ राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश, तकनीक और विकास से जुड़ा बड़ा आर्थिक समूह भी बन सकता है। इस महीने की शुरुआत में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी भारत आए थे। उन्होंने ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में पश्चिम एशिया के तनाव, वैश्विक सुरक्षा, बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार, आतंकवाद और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत ने बैठक के दौरान यह भी कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में ग्लोबल साउथ देशों के बीच सहयोग और ज्यादा जरूरी हो गया है। भारत की अध्यक्षता इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इस समय दुनिया कई बड़े संकटों से गुजर रही है। अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा, रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में संघर्ष और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच ब्रिक्स खुद को पश्चिमी देशों के प्रभाव के मुकाबले एक वैकल्पिक मंच के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Putin to visit India for BRICS Summit from September 12 to 13

नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर 2025 को भारत पहुंचे थे। पीएम मोदी ने उनका आधिकारिक आवास पर स्वागत किया था। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सितंबर में भारत दौरे पर आएंगे। रूसी सरकार ने मंगलवार को कहा कि पुतिन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS समिट में हिस्सा लेंगे। PM मोदी ने पुतिन को दिसंबर 2025 में उनके भारत दौरे के दौरान आधिकारिक तौर पर समिट में शामिल होने का न्योता दिया था। एक साल के भीतर पुतिन का यह दूसरा भारत दौरा होगा। इससे पहले पुतिन दिसंबर 2025 में भारत आए थे। उस दौरान उन्होंने पीएम मोदी के साथ 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। 2025 का दौरा इसलिए भी खास माना गया था क्योंकि यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन का पहला भारत दौरा था। इससे पहले वह आखिरी बार 2021 में नई दिल्ली आए थे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर 2025 को भारत पहुंचे थे। उसी दौरान दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पालम हवाई अड्डे से एक ही टोयोटा एसयूवी में पीएम आवास के लिए रवाना हुए थे। BRICS समिट की अध्यक्षता कर रहा है भारत इस साल भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। BRICS दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसमें भारत, रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका के अलावा अब मिस्र, ईरान, इथियोपिया, UAE और इंडोनेशिया जैसे नए सदस्य भी शामिल हो चुके हैं। भारत की अध्यक्षता के दौरान पूरे साल देश के अलग-अलग शहरों में कई बैठकें, मंत्रीस्तरीय सम्मेलन और कार्यकारी समूहों की चर्चाएं आयोजित की जा रही हैं। भारत ने अपनी अध्यक्षता का फोकस ‘ग्लोबल साउथ’ यानी विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आतंकवाद विरोधी सहयोग और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर रखा है। भारत यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि BRICS सिर्फ राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश, तकनीक और विकास से जुड़ा बड़ा आर्थिक समूह भी बन सकता है। इस महीने की शुरुआत में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी भारत आए थे। उन्होंने BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में पश्चिम एशिया के तनाव, वैश्विक सुरक्षा, बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार, आतंकवाद और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत ने बैठक के दौरान यह भी कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में ग्लोबल साउथ देशों के बीच सहयोग और ज्यादा जरूरी हो गया है। भारत की अध्यक्षता इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इस समय दुनिया कई बड़े संकटों से गुजर रही है। अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा, रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में संघर्ष और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच BRICS खुद को पश्चिमी देशों के प्रभाव के मुकाबले एक वैकल्पिक मंच के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। PM मोदी भी इसी साल रूस जाएंगे इससे पहले भारत दौरे पर आए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने 15 मई को कहा था कि वे PM मोदी की रूस यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मोदी ने रूस आने की पुष्टि कर दी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और कई अन्य क्षेत्रों में मजबूत सहयोग जारी है और रूस चाहता है कि यह साझेदारी आगे भी तेजी से मजबूत होती रहे। उनके बयान से माना जा रहा है कि मोदी इस साल भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूस जा सकते हैं। हालांकि अभी तक यात्रा की आधिकारिक तारीख या कार्यक्रम का औपचारिक एलान नहीं हुआ है। भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन ज्यादातर अक्टूबर, नवंबर या दिसंबर में आयोजित होता है। पिछले कई सालों में यह अधिकतर साल के आखिरी महीनों में हुआ है। इसलिए इस बार भी माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा और शिखर सम्मेलन साल के आखिरी महीनों में हो सकता है। भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन आमतौर पर हर साल आयोजित होता है। इसकी शुरुआत साल 2000 में हुई थी। इसके बाद से दोनों देशों के नेता लगभग हर साल बारी-बारी से भारत और रूस में इस समिट में हिस्सा लेते रहे हैं। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन आमने-सामने बातचीत करते हैं। इसमें रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, परमाणु सहयोग, अंतरिक्ष, कनेक्टिविटी और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होती है। पिछले साल दिसंबर में भारत दौरे पर आए रूसी राष्ट्रपति पुतिन को PM मोदी भगवत गीता भेंट की थी। भारत-रूस के बीच दिसंबर 2025 में हुए अहम समझौते ऊर्जा सहयोग:रूस ने भरोसा दिलाया कि वह भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए लगातार और बिना रुकावट ईंधन की सप्लाई करता रहेगा। उद्योगिक साझेदारी:भारतीय कंपनियों ने रूस की URALCHEM के साथ एक यूरिया प्लांट रूस में ही स्थापित करने का समझौता किया। फूड सेफ्टी:भारत की FSSAI और रूस की उपभोक्ता सुरक्षा एजेंसी के बीच खाद्य सुरक्षा नियमों को मजबूत करने के लिए औपचारिक समझौते हुए। हेल्थकेयर सहयोग:मेडिकल रिसर्च और हेल्थ सर्विस में सहयोग बढ़ाने के लिए कई MoU साइन किए गए। समुद्री लॉजिस्टिक्स:बंदरगाह और शिपिंग ऑपरेशन में भारत-रूस के सहयोग को बढ़ाने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर हुए। माइग्रेशन और मोबिलिटी:दोनों देशों ने लोगों की आवाजाही को आसान बनाने और माइग्रेशन प्रक्रियाओं को सरल करने के लिए समझौते किए। ——————————– यह खबर भी पढ़ें… PM मोदी डेनमार्क, आइसलैंड, फिनलैंड के प्रधानमंत्रियों से मिले:कुछ देर में इंडिया-नॉर्डिक समिट, ग्रीन एनर्जी और स्पेस सेक्टर पर बातचीत होगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओस्लो में तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट से पहले डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। यह बैठक भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रिश्ते मजबूत करने की कोशिशों का हिस्सा मानी जा रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक 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Rahul Gandhi Attacks PM Modi Norway Visit; Calls Him Mehengai Man

नई दिल्ली1 मिनट पहले कॉपी लिंक नॉवे में महिला पत्रकार के सवाल पर पीएम मोदी बिन जवाब दिए निकल गए थे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की है। उन्होंने X पोस्ट में लिखा- जब दुनिया एक कॉम्प्रोमाइज पीएम को कुछ सवालों से घबराकर भागते हुए देखती है, तो भारत की छवि पर क्या असर पड़ता है। जब छुपाने के लिए कुछ नहीं है, तो डरने की भी कोई बात नहीं है। दरअसल राहुल ने नॉर्वे की महिला जर्नलिस्ट हेल्ले ल्यंग की X पोस्ट शेयर की है। इसमें ल्यंग नॉर्वे पहुंचे पीएम मोदी से सवाल करती हैं कि ‘प्रधानमंत्री मोदी, आप दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस से कुछ सवाल क्यों नहीं लेते? लेकिन पीएम उनका जवाब दिए बिना ही चले जाते हैं। इधर, केंद्र सरकार ने मंगलवार को पेट्रोल-डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे की बढ़ोतरी की। इस पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘महंगाई मैन’ कहा है। कांग्रेस ने X पोस्ट में लिखा- जनता पर ‘महंगाई मैन’ मोदी का हंटर फिर चला, पेट्रोल-डीजल 90 पैसे महंगा कर दिया गया। मोदी ने पिछले 4 दिन में 4 रुपए बढ़ा दिए हैं। खड़गे ने भी लिखा- सरकार ने फिर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने X पोस्ट में लिखा- आम जनता की लूट और खास लोगों को छूट, आज का मॉडल यही बनता जा रहा है। खड़गे ने लिखा कि जब दुनिया में संकट है, तब सवाल यह है कि सरकार खुद क्या कर रही है? अगर तेल खरीदने की अनुमति मिल गई है, तो फिर जनता पर लगातार दामों का बोझ क्यों डाला जा रहा है। हर बार फैसलों का असर 140 करोड़ लोगों के जीवन पर पड़ता है, इसलिए जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ विदेशों में छवि बनाने से काम नहीं चलेगा। देश के भीतर भी जनता के सवालों का जवाब देना होगा। असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के बजाय जरूरी है कि सरकार साफ-साफ बताए कि संकट से निपटने के लिए ठोस कदम क्या उठाए जा रहे हैं। तभी असली नेतृत्व दिखेगा, वरना यह सिर्फ प्रचार तक सीमित रह जाएगा। 10 मई: राहुल बोले- देश चलाना मोदी के बस की बात नहीं राहुल गांधी ने 10 मई को पश्चिम एशिया में चल रहे संकट से निपटने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की हालिया ‘सात अपीलों’ पर पलटवार किया था। उन्होंने इसे नाकामी करार दिया। कहा कि अब देश चलाना प्रधानमंत्री के बस में नहीं रह गया है। X पर एक पोस्ट में राहुल ने लिखा, ‘कल मोदी जी ने जनता से त्याग मांगा। सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम इस्तेमाल करो, खाद और खाने के तेल का उपयोग घटाओ, मेट्रो से चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं हैं। ये विफलता हैं। पूरी खबर पढ़ें… ………………. यह खबर भी पढ़ें… पीएम मोदी इंडिया-नॉर्डिक समिट में शामिल होंगे: नॉर्वे में 4 देशों के प्रधानमंत्रियों से मिलेंगे; ग्रीन एनर्जी और स्पेस सेक्टर पर चर्चा होगी पीएम मोदी आज नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में होने वाले तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वह नॉर्डिक देशों के नेताओं के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह समिट भारत और उत्तरी यूरोपीय देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। पूरी खबर पढ़ें… पेट्रोल-डीजल के दाम 90 पैसे और बढ़े, 4 दिन पहले 3-3 रुपए बढ़ाए थे देश में पेट्रोल और डीजल आज 19 मई से औसतन 90 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। इससे पहले 15 मई, शुक्रवार को ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। यानी, पांच दिन के भीतर ईंधन के दामों में यह दूसरी बढ़ोतरी है। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









