पंजाब- UP एनकाउंटर में ढेर साइको किलर की कहानी:2020 में आर्मी से रिटायर, सिक्योरिटी गार्ड लगा, मां के निधन के बाद डिप्रेशन में गया

26 घंटे में 3 हत्यााएं करने वाला पंजाब के तरनतारन का साइको किलर गुरप्रीत सिंह उत्तर प्रदेश (UP) में मारा गया। UP पुलिस के मुताबिक, टीम आरोपी को क्राइम सीन रीक्रिएट कराने के लिए लेकर गई थी। इसी दौरान उसने पुलिस अफसर की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसे सिर और सीने में गोली लग गई। गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी (45) मूल रूप से तरनतारन जिले के गांव तख्तू चक का रहने वाला था। वह भारतीय सेना से साल 2020 में रिटायर हुआ था। इसके बाद उसने सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी की। गुरप्रीत कौन है, इसे लेकर दैनिक भास्कर की टीम उसके गांव पहुंची। परिवार का कहना है कि गुरप्रीत पिछले कुछ समय से डिप्रेशन का शिकार था। मां की मौत के बाद वह काफी बदल गया था। पहले की तुलना में वह ज्यादा चुप रहने लगा था और अक्सर अकेले बैठकर सोच में डूबा रहता था। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि गुरप्रीत का स्वभाव अच्छा था। वह शांत रहता था। वहीं, कुछ लोगों का कहना था कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उधर, गांव के सरपंच और परिवार के सदस्य बॉडी लेने के लिए UP रवाना हो गए हैं। गुरप्रीत के पिता की अहम बातें… नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीण क्या बोले… 2 बच्चों का पिता था, पिता से अलग रहता था गुरप्रीत सिंह के परिवार में उसकी पत्नी और दो बच्चे हैं। एक बेटा और एक बेटी है। बेटे की उम्र करीब 14 साल और बेटी की उम्र लगभग 16 साल बताई जा रही है। गुरप्रीत के पिता भी गांव में ही रहते हैं। गुरप्रीत ने अपना अलग मकान बनाया हुआ है, जहां वह पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। वहीं, उसके घर से दो मकान छोड़कर उसकी जॉइंट फैमिली रहती है, जिसमें पिता, ताया-ताई और अन्य रिश्तेदार शामिल हैं। 29 अप्रैल को घर से निकला था परिवार के अनुसार गुरप्रीत सिंह 29 अप्रैल को घर से ड्यूटी के लिए निकला था। फौज की नौकरी के बाद वह अलग-अलग राज्यों में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करता था। गुरप्रीत के दो भाई भी हैं, जो अलग-अलग राज्यों में ट्रक ड्राइवरी का काम करते हैं। UP पुलिस ने कैसे किया ढेर गार्ड की नौकरी करने के लिए बिहार आया था पीडीडीयू नगर के सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया- गार्ड की नौकरी करने के लिए गुरप्रीत बिहार के आरा शहर गया था। वहां कुछ दिनों तक काम करने के दौरान उसकी शराब पीकर हंगामा करने की आदत सामने आई। उसे नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद वह दिमागीतौर पर परेशान रहने लगा। वह 9 मई से अलग-अलग ट्रेनों से प्रयागराज, चंदौली समेत कई स्थानों पर घूमता रहा। कैसे पुलिस साइको किलर तक पहुंची, 4 पॉइंट में जानिए अब सिलसिलेवार तीनों वारदातें जानिए… 1- अस्पताल में घुसकर महिला को गोली मारी जगह- चंदौली का जीवक अस्पताल, समय- सोमवार सुबह साढ़े 8 बजे…। चंदौली जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर अलीनगर थाना क्षेत्र में जीवक अस्पताल है। बिहार के भभुआ जिले के चैनपुर थाना के बहोवना गांव की रहने वाली लक्ष्मीना देवी (55) का पैर टूट गया था। उन्हें पिछले माह 5 अप्रैल को जीवक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक रिश्तेदार भी उसके साथ था। हमलावर वीरेंद्र सोमवार सुबह मुंह बांधकर इलाज कराने के बहाने अस्पताल में घुसा। वह बेड पर लेटी महिला के पास गया। सीधे कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। हत्या से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। वारदात के बाद आरोपी फायरिंग करते हुए भागने लगा। इसी दौरान एक ऑटो चालक ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और उससे पिस्टल छीन ली। इसके बाद भीड़ ने आरोपी की पिटाई कर दी और पुलिस के हवाले कर दिया। ऑटो ड्राइवर बोला- फायरिंग करते हुए हमलावर भागा एडीजी पीयूष मोर्डिया ने भी अस्पताल पहुंचकर जांच की। ऑटो चालक विनोद दुबे ने बताया कि महिला की हत्या के बाद बदमाश फायरिंग करते हुए भाग रहा था। उस समय वह अस्पताल के बाहर एक मरीज को उतार रहा था। भीड़ के चिल्लाने पर उसने बदमाश को पकड़ लिया। आरोपी ने उस पर असलहा तान दिया, लेकिन उसने उसके हाथ मरोड़ दिए। असलहा जमीन पर गिर गया। इसके बाद उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया। तभी भीड़ इकट्ठा हो गई और लोगों ने उसे घेर लिया। उसके दोनों हाथ गमछे से बांध दिए गए। कुछ लोगों ने आरोपी को ईंट-पत्थरों से भी मारा। इससे वह घायल हो गया। हालांकि, समय रहते पुलिस मौके पर पहुंच गई और आरोपी को भीड़ से छुड़ाकर थाने ले गई। 2- ट्रेन में बाथरूम से निकलते ही मारी गोली जगह- वाराणसी, रविवार, समय- रात 2 बजे…। बिहार के गया जिले में पिपरिया गांव के रहने वाले दिनेश साहू (42) कोलकाता-जम्मू तवी एक्सप्रेस से सीतापुर के नैमिषारण्य धाम जा रहे थे। वह पत्नी के साथ कोच S-2 में सवार थे, जबकि उनकी बहन, उनके दो बच्चे और सास जनरल कंपार्टमेंट में यात्रा कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, रविवार देर रात करीब 2 बजे मुगलसराय रेलवे स्टेशन से पहले ब्लॉक हट-बी के पास ट्रेन पहुंची थी। उस समय दिनेश बाथरूम गए थे। जैसे ही वह बाहर निकले, आरोपी वीरेंद्र ने गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर यात्री मौके पर पहुंचे। पत्नी भी दौड़कर पहुंची और देखा कि दिनेश का शव खून से लथपथ पड़ा था। ब्लॉक हट-बी के चलते ट्रेन की स्पीड धीमी थी, मौका पाकर वीरेंद्र ट्रेन से उतर गया। यात्रियों ने पुलिस को सूचना दी। रात 2:42 बजे ट्रेन वाराणसी जंक्शन पहुंची, जहां शव को नीचे उतारा गया। 3. पैसेंजर ट्रेन में मारी गोली, रफ्तार कम होते ही भागा जगह- चंदौली, रविवार, समय सुबह 7 बजे…। गाजीपुर के जमानिया थाना क्षेत्र के चौधरी मोहल्ला का रहने वाला मंगरू (34) 15 दिन पहले काम की तलाश में कर्नाटक गया था। वहां पर मछली पकड़ने का काम करने लगा। काम पसंद नहीं आया। इसके बाद मंगरू वापस अपने घर लौट रहा था। वह कर्नाटक से सुपरफास्ट ट्रेन पकड़कर प्रयागराज (डीडीयू) जंक्शन पहुंचा था। यहां से घर जाने के लिए डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर में सवार हुआ था। ट्रेन सुबह 6:30 बजे डीडीयू जंक्शन से रवाना हुई थी। यात्रियों ने बताया- ट्रेन
Punjab-Chandigarh top news; CBI Raid Vigilance HQ; Psycho Killer Encounter; Kirpan Exam Ban

. पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर विजिलेंस हेडक्वार्टर पर CBI की रेड से जुड़ी रही। टीम ने 20 लाख रुपए रिश्वत केस में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। 9 लाख रुपए कैश मिला। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. पंजाब विजिलेंस हेडक्वार्टर पर CBI रेड, होटल में ₹20 लाख की डील पकड़ी पंजाब विजिलेंस हेडक्वार्टर पर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की टीम ने रेड की। सोमवार देर रात छापा मारने के बाद टीम मंगलवार सुबह दोबारा पंजाब विजिलेंस चीफ के दफ्तर पहुंची। बताया जा रहा है कि टीम एक रिश्वत केस में जांच कर रही है। इससे पहले CBI ने चंडीगढ़ के पांच सितारा होटल में छापा मारा था, जहां ₹20 लाख की डील को पकड़ा था। यहां से पुलिस ने डीजी विजिलेंस के रीडर ओ.पी. राणा के बिचौलिए को गिरफ्तार किया, लेकिन गनमैन से मिली सूचना के बाद बाकी के लोग भाग निकले थे। इसके बाद CBI ने पीछा कर दो आरोपियों को पंजाब-हरियाणा सीमा पर अंबाला के पास से पकड़ लिया। पंजाब विजिलेंस के अधिकरी शरद सत्यम चौहान ने कहा कि प्राइवेट लोगों की गिरफ्तारी हुई है, सीबीआई जांच कर रही है। विजिलेंस पूरा सहयोगी करेगी, जब विजिलेंस चीफ से रीडर OP राणा के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने जवाब नहीं दिया। (पढ़ें पूरी खबर) 2. पंजाब का साइको किलर यूपी में मारा गया, 26 घंटे में 3 कत्ल किए थे पंजाब के तरनतारन का रहने वाला साइको किलर यूपी पुलिस के एनकाउंटर में मारा गया। उसने चलती ट्रेन और अस्पताल में 3 हत्याएं की थीं। चंदौली के SP आकाश पटेल ने बताया- पुलिस आरोपी को क्राइम सीन रीक्रिएट कराने के लिए लेकर गई थी। इसी दौरान उसने पुलिस अफसर की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसे सिर और सीने में गोली लग गई। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। 45 साल के गुरप्रीत सिंह ने चंदौली में 26 घंटे के भीतर बेवजह 3 हत्याएं की थीं। तीनों वारदातों का पैटर्न एक जैसा था-गोली सीधे कनपटी पर मारी गई थी। पहली हत्या-रविवार सुबह करीब 7 बजे पैसेंजर ट्रेन में एक युवक को गोली मार दी। दूसरी हत्या- रविवार रात 2 बजे जम्मूतवी एक्सप्रेस ट्रेन में बाथरूम गए युवक को गोली मार दी। तीसरी हत्या-सोमवार सुबह साढ़े 8 बजे प्राइवेट अस्पताल में घुसकर बेड पर लेटी महिला की कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी थी। आरोपी जवाब में उसने कहा- मैं मन का राजा हूं। शराब पीने के बाद मैं होश में नहीं रहता। घूम-घूमकर जो मन में आता है, करता हूं। एक नहीं, दो-तीन को मारकर आया हूं। (पढ़ें पूरी खबर) 3. पत्नी बोली- तू मर क्यों नहीं जाता, पति ने नहर में लगाई छलांग पठानकोट में पत्नी के अवैध संबंधों से परेशान एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। परिवार का आरोप है कि पत्नी उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करती थी और ताने मारते हुए कहती थी कि तू मर क्यों नहीं जाता। इससे वह काफी परेशान रहने लगा था। उसका प्रेमी भी धमकियां दे रहा था। परिजनों के अनुसार, मानसिक तनाव के चलते वह 6 मई की आधी रात को घर से बिना बताए निकल गया। इसके बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। करीब चार दिन बाद 10 मई को गांव वालों ने नहर में एक शव बहता देखा और इसकी सूचना परिवार को दी। परिजन मौके पर पहुंचे। मृतक की पहचान रमेश पाल (46) के रूप में हुई है, जो हलवाई का काम करता था। मामले में पुलिस ने मृतक की मां की शिकायत पर पत्नी जसवंती उर्फ ललिता को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, उसका कथित प्रेमी शिवा, निवासी गांव मराड़ा बहिरामपुर (गुरदासपुर), अभी फरार है। परिवार का आरोप है कि शिवा अक्सर सोशल मीडिया के जरिए जसवंती के संपर्क में रहता था। (पढ़ें पूरी खबर) 4, खेतों पर ठहर सकेंगे देशी-विदेशी मेहमान, किसान कमाई करेंगे पंजाब के खेत फसल उगाने के अलावा भी किसानों की आय का मुख्य जरिया बन सकेंगे। पंजाब सरकार ने फार्म स्टेट पॉलिसी-2026 लॉन्च कर दी। किसान खेतों में पर्यटकों को होमस्टे उपलब्ध करवाकर पैसे कमा सकेंगे।किसान अपनी कृषि भूमि पर पर्यटकों के लिए ठहरने, खाने और ग्रामीण अनुभव देने की सुविधा शुरू कर सकेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि फार्म स्टे के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाए, महिलाओं-युवाओं को रोजगार मिले और किसानों की आय में बढ़ोतरी हो। यह नीति उन किसानों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है जो परंपरागत खेती के साथ-साथ नई आय के स्रोत ढूंढ रहे हैं। फार्म स्टे के लिए कम से कम 2 कमरे और अधिक से अधिक 9 कमरे बनाए जा सकेंगे। मकान दो मंजिल और 9 मीटर से ज्यादा ऊंचा नहीं बनाया जा सकता है। फार्म स्टे में एक बार में 18 से ज्यादा लोगों को स्टे नहीं करवाया जा सकेगा। वहीं मालिक या उसके परिवार को भी वहां पर रहना जरूरी होगा। (पढ़ें पूरी खबर) 5. मोहाली में युवती से गैंगरेप, नौकरी का झांसा देकर फ्लैट पर ले गया मोहाली के खरड़ में एक युवती से 2 युवकों ने गैंगरेप किया। युवक ने पुलिस को बताया कि उसे नौकरी और किराए के फ्लैट का झांसा देकर एक फ्लैट में ले जाया गया, जहां उसके साथ गैंगरेप हुआ। पीड़िता राजस्थान की रहने वाली है और ब्यूटी पार्लर का काम करती है। उसके पिता बीमार रहते हैं। साल 2024 में वह चंडीगढ़ आई थी, जहां उसकी पहचान मोहाली की एक युवती से हुई थी। 4 मई को वह अपनी बड़ी बहन के साथ काम की तलाश में मोहाली दोस्त के पास आई थी। जिसने बताया कि खरड़ में किराए के मकान सस्ते हैं और नौकरी आसानी से मिल सकती है। 6 मई को दोपहर करीब 2 बजे पीड़िता खरड़ में नौकरी और किराए के मकान की तलाश में पहुंची। शाम करीब 6 बजे वह सेक्टर 124 में खड़ी थी, तभी एक बाइक सवार युवक
3 हत्याएं करने वाला साइको किलर एनकाउंटर में ढेर:सेना से रिटायर था; कहता था- मन का राजा हूं; चंदौली में 26 घंटे में किए थे मर्डर

यूपी में चलती ट्रेन और अस्पताल में तीन हत्याएं करने वाला साइको किलर सोमवार देर रात पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। चंदौली SP आकाश पटेल ने बताया- पुलिस आरोपी को क्राइम सीन रीक्रिएट कराने के लिए लेकर गई थी। इसी दौरान उसने पुलिस अफसर की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसे सिर और सीने में गोली लग गई। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। 45 साल के गुरप्रीत सिंह ने चंदौली में 26 घंटे के भीतर बेवजह तीन हत्याएं की थीं। तीनों वारदातों का पैटर्न एक जैसा था- गोली सीधे कनपटी पर मारी गई थी। पिटाई से गुरप्रीत जख्मी हो गया था। पुलिस ने उसका इलाज कराया। जब वह बोलने लायक हुआ तो महिला की हत्या करने की वजह पूछी गई। जवाब में उसने कहा- मैं मन का राजा हूं। शराब पीने के बाद मैं होश में नहीं रहता। घूम-घूमकर जो मन में आता है, करता हूं। एक नहीं, दो-तीन को मारकर आया हूं। ये जवाब सुनकर पुलिस भी चौंक गई। सख्ती से पूछताछ करने पर अपने सारे जुर्म कबूल कर लिए। गुरप्रीत सिंह मूल रूप से अमृतसर का रहने वाला था। छह साल पहले आर्मी से रिटायर हुआ था। उसका कोई स्थायी ठिकाना नहीं था। वह शादीशुदा था, लेकिन उसने पुलिस को पत्नी और बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। पीडीडीयू नगर के सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया- गुरप्रीत शराब पीने के बाद मानसिक संतुलन खो देता था। लोगों से उलझता रहता था। हिंसक हो जाता था। तीनों मर्डर में दो उसने झगड़े के बाद ही किए। शुरुआती जांच में आरोपी साइको लग रहा है। एनकाउंटर से जुड़ी हुईं 3 तस्वीरें देखिए- नौकरी से निकाले जाने के बाद साइको जैसी हरकतें करने लगा था एसपी आकाश पटेल ने बताया- चंदौली पुलिस, जीआरपी और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को पहले हत्याकांड का सीन रीक्रिएट कराने के लिए दरियापुर गांव के पास रेलवे लाइन किनारे ले जाया गया। इसी दौरान आरोप ने पुलिस के एक अधिकारी की पिस्टल छीनकर फायर कर दिया। घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस की संयुक्त टीमों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी को एक गोली सीने और एक सिर में लगी। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीडीडीयू नगर के सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया- आरोपी गुरप्रीत 29 अप्रैल को गार्ड की नौकरी करने के लिए बिहार के आरा शहर गया था। वहां कुछ दिनों तक काम करने के दौरान उसकी शराब पीकर हंगामा करने की आदत सामने आई। उसे नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद वह दिमागीतौर पर परेशान रहने लगा। वह 9 मई से अलग-अलग ट्रेनों से प्रयागराज, चंदौली समेत कई स्थानों पर घूमता रहा। कैसे पुलिस साइको किलर तक पहुंची, 4 पॉइंट में जानिए अब सिलसिलेवार तीनों वारदातें जानिए… 1- अस्पताल में घुसकर महिला को गोली मारी जगह- चंदौली का जीवक अस्पताल, समय- सोमवार सुबह साढ़े 8 बजे…। चंदौली जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर अलीनगर थाना क्षेत्र में जीवक अस्पताल है। बिहार के भभुआ जिले के चैनपुर थाना के बहोवना गांव की रहने वाली लक्ष्मीना देवी (55) का पैर टूट गया था। उन्हें पिछले माह 5 अप्रैल को जीवक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक रिश्तेदार भी उसके साथ था। हमलावर वीरेंद्र सोमवार सुबह मुंह बांधकर इलाज कराने के बहाने अस्पताल में घुसा। वह बेड पर लेटी महिला के पास गया। सीधे कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। हत्या से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। वारदात के बाद आरोपी फायरिंग करते हुए भागने लगा। इसी दौरान एक ऑटो चालक ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और उससे पिस्टल छीन ली। इसके बाद भीड़ ने आरोपी की पिटाई कर दी और पुलिस के हवाले कर दिया। ऑटो ड्राइवर बोला- फायरिंग करते हुए हमलावर भागा एडीजी पीयूष मोर्डिया ने भी अस्पताल पहुंचकर जांच की। ऑटो चालक विनोद दुबे ने बताया कि महिला की हत्या के बाद बदमाश फायरिंग करते हुए भाग रहा था। उस समय वह अस्पताल के बाहर एक मरीज को उतार रहा था। भीड़ के चिल्लाने पर उसने बदमाश को पकड़ लिया। आरोपी ने उस पर असलहा तान दिया, लेकिन उसने उसके हाथ मरोड़ दिए। असलहा जमीन पर गिर गया। इसके बाद उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया। तभी भीड़ इकट्ठा हो गई और लोगों ने उसे घेर लिया। उसके दोनों हाथ गमछे से बांध दिए गए। कुछ लोगों ने आरोपी को ईंट-पत्थरों से भी मारा। इससे वह घायल हो गया। हालांकि, समय रहते पुलिस मौके पर पहुंच गई और आरोपी को भीड़ से छुड़ाकर थाने ले गई। 2- ट्रेन में बाथरूम से निकलते ही मारी गोली जगह- वाराणसी, रविवार, समय- रात 2 बजे…। बिहार के गया जिले में पिपरिया गांव के रहने वाले दिनेश साहू (42) कोलकाता-जम्मू तवी एक्सप्रेस से सीतापुर के नैमिषारण्य धाम जा रहे थे। वह पत्नी के साथ कोच S-2 में सवार थे, जबकि उनकी बहन, उनके दो बच्चे और सास जनरल कंपार्टमेंट में यात्रा कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, रविवार देर रात करीब 2 बजे मुगलसराय रेलवे स्टेशन से पहले ब्लॉक हट-बी के पास ट्रेन पहुंची थी। उस समय दिनेश बाथरूम गए थे। जैसे ही वह बाहर निकले, आरोपी वीरेंद्र ने गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर यात्री मौके पर पहुंचे। पत्नी भी दौड़कर पहुंची और देखा कि दिनेश का शव खून से लथपथ पड़ा था। ब्लॉक हट-बी के चलते ट्रेन की स्पीड धीमी थी, मौका पाकर वीरेंद्र ट्रेन से उतर गया। यात्रियों ने पुलिस को सूचना दी। रात 2:42 बजे ट्रेन वाराणसी जंक्शन पहुंची, जहां शव को नीचे उतारा गया। 3. पैसेंजर ट्रेन में मारी गोली, रफ्तार कम होते ही भागा जगह- चंदौली, रविवार, समय सुबह 7 बजे…। गाजीपुर के जमानिया थाना क्षेत्र के चौधरी मोहल्ला का रहने वाला मंगरू (34) 15 दिन पहले काम की तलाश में कर्नाटक गया था। वहां पर मछली पकड़ने का काम करने लगा। काम पसंद नहीं आया। इसके बाद मंगरू वापस अपने घर लौट रहा था। वह कर्नाटक से सुपरफास्ट ट्रेन पकड़कर प्रयागराज (डीडीयू) जंक्शन पहुंचा था। यहां से घर जाने के लिए डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर में सवार हुआ था। ट्रेन सुबह 6:30









