akansha ranjan kapoor egg free| Best age to freeze eggs| एग फ्रीजिंग कैसे किया जाता है? 32 साल की इस एक्ट्रेस ने शेयर किया दर्दनाक एक्सपीरियंस

बालीवुड एक्ट्रेस 32 साल की आकांक्षा रंजन कपूर ने हाल ही में अपने एग फ्रीजिंग एक्सपीरियंस को शेयर किया है. एक्ट्रेस ने सोहा अली खान के पोडकास्ट ‘ऑल अबाउट हर’ में बताया कि उन्हें लगा कि ये एक स्मार्ट तरीका है, क्योंकि अभी उन्हें बच्चा नहीं चाहिए लेकिन बायलॉजिकल क्लॉक तेजी से बढ़ रहा है. लेकिन जब एग फ्रीजिंग प्रोसेस शुरू हुआ तो सब कुछ बहुत मुश्किल था. सोहा अली खान से बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्हें लगातार भारीपन और दर्द महसूस होता था, यहां तक कि चलने या खड़े होने में भी कठिनाई होती थी. पिछले कुछ सालों में एग फ्रीजिंग का कल्चर काफी बढ़ा है. लेकिन ये बिल्कुल भी आसान नहीं होता है. यदि आप एग फ्रीजिंग के बारे में सोच रहे हैं, तो इस लेख में आप पूरे प्रोसेस का ओवर व्यू ले सकते हैं. डॉ. मन्नान गुप्ता, अध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष – प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग, एलेंटिस हेल्थकेयर, नई दिल्ली बताते हैं कि एग फ्रीजिंग, जिसे ऊसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन भी कहा जाता है, एक मेडिकल तरीका है जिसमें महिलाएं अपने हेल्दी एग्स को बाद में कंसीव करने के लिए यूज कर सकती हैं. ये मेडिकल प्रोसेस महिलाओं को फैमिली प्लानिंग की चिंता किए बिना अपने करियर और गोल्स पर फोकस करने का समय देता है. लेकिन इस प्रोसेस की एक सच्चाई यह भी है कि एग फ्रीजिंग का प्रोसेस जितना बताया जाता है , उससे कहीं ज्यादा काम्प्लेक्स होता है. एग फ्रीजिंग का प्रोसेस पहला स्टेज एक्सपर्ट बताते हैं कि एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया की शुरुआत महिला की अपने डॉक्टर के साथ पहली मुलाकात से होती है. इस मुलाकात के दौरान, डॉक्टर महिला हिस्ट्री को रिव्यू करके उसकी हेल्थ , मेंस्ट्रुअल साइकिल और ओवेरियन रिजर्व का आकलन करते हैं, ओवेरियन रिजर्व से पता चलता है कि उसके पास इस समय कितने और किस तरह के हेल्दी एग्स मौजूद हैं. हम आमतौर पर ओवरी के कामकाज का इवैल्यूएशन करने के लिए लैब टेस्ट और अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह देते हैं. इस मेडिकल जानकारी की मदद से डॉक्टर महिला की जरूरतों के आधार पर एक विशेष उपचार योजना तैयार कर पाते हैं. दूसरा स्टेजएक नार्मल नेचुरल साइकिल में, ओव्यूलेशन के लिए केवल एक ही एग बनता है. एग फ्रीजिंग साइकिल का टारगेट एक ही साइकिल में ज्यादा से ज्यादा एग प्राप्त करना होता है. इसके लिए, ओवरी को सामान्य से ज्यादा या बड़े अंडे बनाने के लिए लगभग दस से बारह दिनों तक रोजाना हार्मोनल इंजेक्शन दिए जाते हैं. एग फ्रीजिंग प्रक्रिया के इस चरण के दौरान, मरीजों को बार-बार ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड करवाने की जरूरत पड़ती है, ताकि यह पता चल सके कि फॉलिकल्स, ओवरी में मौजूद छोटी-छोटी थैलियां, जिनमें अंडे सुरक्षित रहते हैं, कितनी तेजी से बढ़ रहे हैं. तीसरा स्टेजइस स्टेज में एग्स को निकालना और इन्हें लैब में जांच के लिए भेजना शामिल होता है. फ्रीजिंग या क्रायोप्रिजर्वेशन के लिए केवल पूरी तरह से विकसित और हेल्दी एग्स को ही चुना जाता है. एग्स को विट्रीफिकेशन नामक एक प्रोसेस से गुजारा जाता है. यह एक तेजी से फ्रीज करने वाला प्रोसेस है जो कोशिका के अंदर बर्फ के क्रिस्टल बनने से रोकती है, जिससे एग की क्वालिटी बनी रहती है. फ्रीज किए गए एग को खास तौर पर बनाए गए कंटेनरों में बहुत कम तापमान पर तब तक रखा जाता है, जब तक कि महिला यह तय नहीं कर लेती कि वह उनका इस्तेमाल कब करना चाहती है. चौथा स्टेज इस स्टेज में एग्स को फर्टिलाइज करके यूट्रस में डाला जाता है, जब कोई महिला प्रेग्नेंट होने के लिए तैयार होती है. इसके लिए फ्रीज किए गए अंडों को सबसे पहले थॉइंग (बर्फ पिघलाने) के प्रोसेस से गुजारा जाता है. इसके बाद, लैब में इन विट्रो फर्टिलाइज़ेशन, तकनीक का इस्तेमाल करके पुरुष के स्पर्म के साथ उनका फर्टिलाइजेशन कराया जाता है. आखिर में, इससे बने फीटस को महिला के यूट्रस में डाल दिया जाता है. कितना दर्दनाक होता है पूरा प्रोसेसकई महिलाएं हार्मोनल स्टिम्युलेशन के कारण शारीरिक रूप से अनकंफर्टेबल महसूस होने की शिकायत करती हैं. हार्मोनल बदलावों के कारण पेट फूलना, मूड स्विंग्स, सिरदर्द और पेट के निचले हिस्से में भारीपन महसूस होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस हिस्से में मौजूद ओवरी का आकार सामान्य से कहीं ज्यादा बढ़ जाता है. ओवरी का आकार बढ़ने के कारण कुछ महिलाओं को अनकंफर्टेबल या चलने-फिरने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है. फिजिकल डिस्कम्फर्ट के अलावा, शरीर में तेजी से होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण मरीजों को इमोशनल स्ट्रेस का अनुभव होना भी आम बात है. ज्यादातर महिलाओं को थोड़ा -बहुत डिस्कम्फर्ट भी होता है, हालांकि डिस्कम्फर्ट का यह लेवल हर महिला के लिए अलग-अलग हो सकता है. फ्रीज एग से प्रेग्नेंसी हमेशा सक्सेसफुल रहती है?एक्सपर्ट बताते हैं कि अंडे के क्रायोप्रिजर्वेशन या एग फ्रीजिंग से भविष्य में प्रेग्नेंट होने की कोई गारंटी नहीं मिलती है. अंडे फ्रीज कराते समय महिला की उम्र, फ्रीज किए गए अंडों की क्वालिटी , और उसकी फर्टिलिटी से जुड़ी अन्य सामान्य स्वास्थ्य स्थितियां, ये सभी कारक फ्रीज किए गए अंडों से गर्भवती होने की सफलता में अहम भूमिका निभाते हैं. यह कोई पूरी तरह से सुरक्षित या परफेक्ट ऑप्शन नहीं है. आमतौर पर, जो महिलाए कम उम्र में अपने एग फ्रीज करवाती हैं, उन्हें ज्यादा उम्र में अंडे फ्रीज करवाने वाली महिलाओं की तुलना में बेहतर नतीजे मिलते हैं, खासकर फर्टिलाइजेशन और स्वस्थ बच्चे के जन्म की दर के मामले में. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
Mamata Banerjee; West Bengal Election Result 2026 LIVE Update: BJP TMC Congress Winner Candidates List | Suvendu Adhikari Adhir Ranjan

12:41 AM4 मई 2026 कॉपी लिंक बंगाल चुनाव में 5 बड़े मुद्दे SIR में वोट कटना: पश्चिम बंगाल में कुल रजिस्टर्ड वोटर्स की संख्या 7.66 करोड़ थी। चुनाव से पहले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) हुआ, जिसमें 91 लाख नाम हटाए गए। अब वोटर्स की संख्या घटकर 6.75 करोड़ रह गई, यानी 11.8% की कमी। सुप्रीम कोर्ट ने SIR पर वोटर्स की आपत्तियां सुनने के लिए 19 ट्रिब्यूनल नियुक्त किए थे। पिछले महीने से, जब ये ट्रिब्यूनल बने, तब से उनके पास 34 लाख से ज्यादा अपीलें दायर की गईं। यह साफ नहीं है कि इनमें से कितनी अपीलें सुनी गईं। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने 28 अप्रैल कहा कि उनके पास निपटाए गए मामलों का आंकड़ा नहीं है। अवैध घुसपैठियों का मुद्दा: 2021 के बंगाल चुनाव में 140 से अधिक सीटों पर जीत का अंतर 1000 से 5000 के बीच था। कई सीटों पर इस अंतर से ज्यादा वोट कट गए हैं। बीजेपी ने वोटर लिस्ट से हटाए गए करीब 91 लाख नामों को ‘अवैध घुसपैठियों’ और ‘ब्लैक वोट्स’ कहा। महिलाओं से जुड़ी योजनाएं: पिछले 3 चुनाव में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्यादा वोट कर रही हैं। इस बार तो यह अंतर डेढ़ फीसदी तक बढ़ा है। जानकार इसकी वजह ममता सरकार की महिलाओं से जुड़ी 3 बड़ी योजनाएं- लक्ष्मीर भंडार, कन्याश्री और रूपश्री प्रकल्प को बताते हैं। भाजपा ने भी इस बार प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, पीएम आवास योजना, शौचालय और महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। घोषणा पत्र में गरीब महिलाओं को हर महीने 3 हजार रुपए देने का वादा किया। महिला आरक्षण का मुद्दा: चुनाव से ठीक पहले सरकार संसद में परिसीमन से जुड़ा बिल लाई। टीएमसी ने इसका विरोध किया। इसके बाद PM मोदी से लेकर शाह और बाकी बड़े नेताओं ने हर रैली में कहा गढ़ा कि ममता महिलाओं को सत्ता में 33% हिस्सेदारी नहीं देना चाहती हैं। एंटी इनकंबेंसी: TMC 2011 के बाद लगातार 15 साल से सत्ता में है। उसके नेताओं पर राशन घोटाला, शिक्षक भर्ती घोटाला जैसे आरोप लगे हैं। अगर भाजपा टीएमसी के वोट शेयर में 3 से 5% की सेंध लगा देती है, तो बढ़त ले लेगी।
Samastipur Dr Ranjan Kumar reveals secrets of youth running diet for physical fitness

Last Updated:March 22, 2026, 05:01 IST Diet Tips For Physical Fitness: क्या घंटों दौड़ने के बाद भी आपका फिजिकल नहीं निकल रहा? समस्तीपुर के आयुर्वेदाचार्य डॉ. रंजन कुमार के अनुसार, दौड़ में सफलता केवल मेहनत से नहीं बल्कि सही पोषण से मिलती है. जानिए कैसे काजू, अखरोट और हरी सब्जियों का सही संतुलन आपके स्टैमिना को दोगुना कर सकता है. आपको भर्ती की दौड़ में जीत दिला सकता है. जानें स्टैमिना बढ़ाने का सीक्रेट डाइट चार्ट. ख़बरें फटाफट समस्तीपुर: आज के समय में युवा बड़ी संख्या में डिफेंस, पुलिस या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फिजिकल तैयारी कर रहे हैं. खासकर रनिंग और स्टैमिना बढ़ाने को लेकर उनके मन में कई सवाल होते हैं. कैसे दौड़ बेहतर हो, थकान कैसे कम हो और शरीर में ताकत कैसे बढ़े. अक्सर युवा सिर्फ मेहनत पर ध्यान देते हैं, लेकिन खानपान को नजरअंदाज कर देते हैं. यही सबसे बड़ी गलती साबित होती है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर शरीर को सही पोषण नहीं मिलेगा, तो मेहनत का पूरा परिणाम नहीं मिल पाएगा. इसलिए फिजिकल तैयारी से पहले डाइट को संतुलित और पौष्टिक बनाना बेहद जरूरी है. सही खानपान न सिर्फ ऊर्जा देता है, बल्कि शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है. जिससे रनिंग और अन्य शारीरिक गतिविधियों में सुधार होता है. काजू, किशमिश और अखरोट से बढ़ेगी ताकत और स्टैमिनासमस्तीपुर के आयुर्वेदाचार्य डॉ. रंजन कुमार के अनुसार, फिजिकल तैयारी करने वाले युवाओं को ओजवर्धक आहार का सेवन करना चाहिए. उन्होंने बताया कि काजू शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है. अगर रोज सुबह और शाम 10-10 काजू खाए जाएं, तो शरीर में ऊर्जा का स्तर तेजी से बढ़ता है और स्टैमिना मजबूत होता है. इसके अलावा किशमिश, अखरोट, खजूर और छुहारा भी शरीर को ताकत देने में अहम भूमिका निभाते हैं. अंकुरित चना और मूंग को गुड़ के साथ खाने से शरीर को अतिरिक्त पोषण मिलता है, जो मांसपेशियों को मजबूत बनाता है.हरी सब्जियां और संतुलित आहार भी उतना ही जरूरी है. यह सभी चीजें मिलकर शरीर को फिट और एक्टिव बनाए रखती हैं, जिससे दौड़ने की क्षमता में सुधार होता है. दौड़ से पहले और बाद में इन बातों का रखें खास ध्यानआयुर्वेदाचार्य ने यह भी सलाह दी कि दौड़ने से पहले पेट खाली रखना चाहिए और दौड़ शुरू करने से करीब आधा घंटा पहले ही पानी पी लेना चाहिए. दौड़ के तुरंत बाद खाना या ठंडी हवा में बैठना नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए कम से कम आधे घंटे बाद ही भोजन करना चाहिए. मसल्स रिकवरी के लिए सिंघाड़ा, उड़द दाल, अश्वगंधा और शतावर जैसे आयुर्वेदिक तत्वों का सीमित मात्रा में सेवन लाभकारी होता है. साथ ही ज्यादा मसालेदार और बाजार के जंक फूड से दूर रहने की सलाह दी गई है. अगर युवा इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें, तो उनकी फिजिकल तैयारी न सिर्फ बेहतर होगी, बल्कि वे अपने लक्ष्य के और करीब पहुंच सकेंगे. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें Location : Samastipur,Bihar First Published : March 22, 2026, 05:01 IST









