HPCL Revenue Up 4.4% | ₹19.25 Dividend Announced

मुंबई9 मिनट पहले कॉपी लिंक हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में ₹6,065 करोड़ का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार की वजह से कंपनी के मुनाफे में पिछले साल की तुलना में 77% की बढ़ोतरी हुई है। ₹19.25 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड का ऐलान कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹10 की फेस वैल्यू वाले शेयरों पर ₹19.25 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह डिविडेंड साल के दौरान दिए गए ₹5 के अंतरिम डिविडेंड के अलावा होगा। इस पर अभी मेंबर्स की मंजूरी मिलना बाकी है। रिफाइनिंग मार्जिन में बड़ा उछाल HPCL के मुनाफे में बड़ी बढ़त का मुख्य कारण बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन रहा। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी का ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) बढ़कर 14.27 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 8.44 डॉलर प्रति बैरल था। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए औसत GRM 8.79 डॉलर प्रति बैरल रहा, जबकि पिछले साल यह 5.74 डॉलर था। रेवेन्यू और सालाना मुनाफे के आंकड़े चौथी तिमाही में उत्पादों की बिक्री से होने वाला रेवेन्यू 4.4% बढ़कर ₹1.23 लाख करोड़ रहा। कंपनी की कुल इनकम भी 4.4% की बढ़त के साथ ₹1.24 लाख करोड़ पर पहुंच गई। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 168% उछलकर ₹18,046.89 करोड़ रहा। LPG अंडर-रिकवरी के लिए सरकारी मुआवजा पेट्रोलियम मंत्रालय ने HPCL को घरेलू LPG की बिक्री पर हुए नुकसान (अंडर-रिकवरी) की भरपाई के लिए ₹7,920 करोड़ का मुआवजा देने की बात कही है। यह राशि नवंबर 2025 से 12 समान मासिक किश्तों में दी जाएगी। वित्त वर्ष 2026 के लिए कंपनी ने इसकी पांच किश्तों के रूप में ₹3,300 करोड़ को मान्यता दी है। क्रूड प्रोसेसिंग और डोमेस्टिक सेल्स इस तिमाही के दौरान रिफाइनरियों में कच्चे तेल के चार नए ग्रेड्स की प्रोसेसिंग की गई, जिससे पूरे साल में कुल ग्रेड्स की संख्या 52 हो गई। हालांकि, चौथी तिमाही में क्रूड थ्रूपुट घटकर 6.43 मिलियन टन रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 6.74 मिलियन टन था। घरेलू बिक्री में सुधार हुआ और यह 12.11 मिलियन टन से बढ़कर 12.43 मिलियन टन रही। इन्फ्रास्ट्रक्चर और एक्सपेंशन पर खर्च HPCL ने चौथी तिमाही में ₹4,611 करोड़ का पूंजीगत व्यय यानी कैपेक्स किया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए यह खर्च ₹15,705 करोड़ रहा। यह निवेश रिफाइनिंग और मार्केटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, नई बिजनेस लाइन्स शुरू करने और ऑपरेटिंग एफिशिएंसी सुधारने पर खर्च किया गया। कंपनी ने आखिरी तिमाही में 526 नए रिटेल आउटलेट और 75 नए CNG स्टेशन भी शुरू किए हैं। क्या होता है GRM? ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) वह फायदा है जो एक रिफाइनिंग कंपनी कच्चे तेल के एक बैरल को पेट्रोल, डीजल जैसे उत्पादों में प्रोसेस करके कमाती है। अगर रिफाइनिंग की लागत निकालने के बाद मार्जिन बढ़ता है, तो कंपनी का मुनाफा भी बढ़ता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
HPCL Revenue Up 4.4% | ₹19.25 Dividend Announced

मुंबई25 मिनट पहले कॉपी लिंक हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में ₹6,065 करोड़ का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार की वजह से कंपनी के मुनाफे में पिछले साल की तुलना में 77% की बढ़ोतरी हुई है। ₹19.25 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड का ऐलान कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹10 की फेस वैल्यू वाले शेयरों पर ₹19.25 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह डिविडेंड साल के दौरान दिए गए ₹5 के अंतरिम डिविडेंड के अलावा होगा। इस पर अभी मेंबर्स की मंजूरी मिलना बाकी है। रिफाइनिंग मार्जिन में बड़ा उछाल HPCL के मुनाफे में बड़ी बढ़त का मुख्य कारण बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन रहा। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी का ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) बढ़कर 14.27 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 8.44 डॉलर प्रति बैरल था। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए औसत GRM 8.79 डॉलर प्रति बैरल रहा, जबकि पिछले साल यह 5.74 डॉलर था। रेवेन्यू और सालाना मुनाफे के आंकड़े चौथी तिमाही में उत्पादों की बिक्री से होने वाला रेवेन्यू 4.4% बढ़कर ₹1.23 लाख करोड़ रहा। कंपनी की कुल इनकम भी 4.4% की बढ़त के साथ ₹1.24 लाख करोड़ पर पहुंच गई। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 168% उछलकर ₹18,046.89 करोड़ रहा। LPG अंडर-रिकवरी के लिए सरकारी मुआवजा पेट्रोलियम मंत्रालय ने HPCL को घरेलू LPG की बिक्री पर हुए नुकसान (अंडर-रिकवरी) की भरपाई के लिए ₹7,920 करोड़ का मुआवजा देने की बात कही है। यह राशि नवंबर 2025 से 12 समान मासिक किश्तों में दी जाएगी। वित्त वर्ष 2026 के लिए कंपनी ने इसकी पांच किश्तों के रूप में ₹3,300 करोड़ को मान्यता दी है। क्रूड प्रोसेसिंग और डोमेस्टिक सेल्स इस तिमाही के दौरान रिफाइनरियों में कच्चे तेल के चार नए ग्रेड्स की प्रोसेसिंग की गई, जिससे पूरे साल में कुल ग्रेड्स की संख्या 52 हो गई। हालांकि, चौथी तिमाही में क्रूड थ्रूपुट घटकर 6.43 मिलियन टन रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 6.74 मिलियन टन था। घरेलू बिक्री में सुधार हुआ और यह 12.11 मिलियन टन से बढ़कर 12.43 मिलियन टन रही। इन्फ्रास्ट्रक्चर और एक्सपेंशन पर खर्च HPCL ने चौथी तिमाही में ₹4,611 करोड़ का पूंजीगत व्यय यानी कैपेक्स किया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए यह खर्च ₹15,705 करोड़ रहा। यह निवेश रिफाइनिंग और मार्केटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, नई बिजनेस लाइन्स शुरू करने और ऑपरेटिंग एफिशिएंसी सुधारने पर खर्च किया गया। कंपनी ने आखिरी तिमाही में 526 नए रिटेल आउटलेट और 75 नए CNG स्टेशन भी शुरू किए हैं। क्या होता है GRM? ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) वह फायदा है जो एक रिफाइनिंग कंपनी कच्चे तेल के एक बैरल को पेट्रोल, डीजल जैसे उत्पादों में प्रोसेस करके कमाती है। अगर रिफाइनिंग की लागत निकालने के बाद मार्जिन बढ़ता है, तो कंपनी का मुनाफा भी बढ़ता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









