Sunday, 26 Jul 2026 | 01:29 PM

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‘मुसलमानों ने ममता को चुना, गरीबों ने मुझे जिताया’, भवानीपुर में जीत के बाद बोले शुभेंदु अधिकारी

'मुसलमानों ने ममता को चुना, गरीबों ने मुझे जिताया', भवानीपुर में जीत के बाद बोले शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव लड़ी हैं। बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने 15,105 सीटों के अंतर से सीएम ममता को हराया। यह दूसरी बार है, जब उन्हें शुभेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। अविश्वास प्रस्ताव के साथ ही एक बार फिर यह सीट प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसी सीट से विधायक बनी हुई हैं। चुनाव परिणाम के बाद शुभेंदु ने कहा कि ममता बनर्जी का हराना जरूरी था। ‘मुसलमानों ने ममता को चुना, गरीबों ने मुझे जिताया’ बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की सीएम और टीएमसी उम्मीदवार ममता बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर सीट पर भारी जीत हासिल करने के बाद अपनी जीत का चित्र दिखाया। उन्होंने कहा, ‘ममता बनर्जी को हराना बहुत जरूरी था। यह ममता बनर्जी की राजनीतिक नियुक्ति है। इस बार भी उन्हें 15,000 से ज्यादा की बढ़ोतरी का नुकसान हुआ। कैटरीना ने उन्हें दिल से वोट दिया। वार्ड क्रमांक 77 में वोट देने आये सभी दादी ने ममता को वोट दिया। आस्था, सिखों, जैनों और बौद्धों ने मुझे आशीर्वाद दिया और जिताया। यह ‘यूनिवर्सिटी की जीत है।’ सीपीएम सपोर्टर्स ने मुझे वोट दिया: शुभेंदु अधिकारी उन्होंने कहा, ‘सीपीएम के सभी मजबूत समर्थकों ने मुझे वोट दिया. भवानीपुर में सीपीएम को 13,000 वोट मिले और उन्हें कम से कम 10,000 मिले। मैं वहां के सीपीएम वोटर्स का भी शुक्रिया अदा करता हूं। सभी बंगाली आदिवासियों ने मुझे दिल से वोट दिया। उनके साथ, गुजरातियों, जैनों, मारवाड़ियों, पंथियों और सिख समुदाय ने भी मुझे दिल से वीडियो वोट दिया।’ शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुझे दो-तीन बार फोन किया. उन्होंने स्पष्ट रूप से भी भवानीपुर को लेकर कुछ चिंता व्यक्त की। मैंने उन्हें कुछ समय पहले बताया था. मैंने किसी और से बात नहीं की है. फ़ोन मुझे इस्तेमाल करने की इज़ाफ़ा नहीं था. मैं अभी उनका सुझाव देने जा रहा हूं। वह इंतज़ार कर रहे हैं. मुझे नंदीग्राम आश्रम भी लेना है।’ देहरादून के गढ़ में बीजेपी ने बनाया सेंध भवानीपुर सीट लंबे समय से मंदिर का गढ़ बनी हुई है। इस चुनाव में ममता बनर्जी की हार को देखें तो यह कुछ-कुछ 2021 विधानसभा चुनाव की तरह है। 2021 विधानसभा चुनाव में भी ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट से हार का सामना करना पड़ा था। यहां से ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी ने हराया था. ममता बनर्जी के लिए शुभेंदु के हाथ मिल गए, इस कारण भी बड़ी बात यह थी कि एक समय अधिकारी ममता बनर्जी के खास सहयोगी शामिल थे। फिर, नंदीग्राम आंदोलन हो या सिंगूर में आंदोलन के माध्यम से ममता बनर्जी का समर्थन किया गया, लेकिन समय गुजरा और ममता बनर्जी से शुभेंदु अधिकारी ने अलग रास्ता अपनाया और भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। लगातार दो चुनाव में ममता बनर्जी की हुई हार खास बात ये है कि किकांस्टीन के दो राजनेताओं में शहीद सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। 2021 में नंदीग्राम में मिली हार के बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर का रुख किया और यहां के अखाड़े में जीत हासिल कर सत्य की बागडोर संभाली। इस बार के चुनाव में एक बार फिर शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ ही भवानीपुर से अपनी उम्मीदवारी का ऐलान कर दिया. नतीजों से पहले ही बीजेपी नेता लगातार दावा कर रहे थे कि वे भवानीपुर से जीतेंगे और उनका दावा 4 मई की देर शाम को हकीकत में बदल गया। ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजे 2026: बंगाल में बीजेपी को प्रचंड बहुमत, किन रेस पर टीएमसी की जीत, बीजेपी ने दी पटखनी (टैग अनुवाद करने के लिए)ममता बनर्जी(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026(टी)क्या ममता बनर्जी ने अपनी सीट जीती(टी)ममता बनर्जी किस निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं(टी)ममता बनर्जी निर्वाचन क्षेत्र परिणाम(टी)भबानीपुर चुनाव परिणाम(टी)भबानीपुर सीट किसने जीती(टी)ममता बनर्जी बनाम सुवेंदु अधिकारी(टी)सुवेंदु(टी)ममता(टी)ममता बनर्जी समाचार(टी)ममता बनर्जी सीट(टी)ममता बनर्जी सीट(टी)भवानीपुर(टी)शुभेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026

Mamata Banerjee; West Bengal Election Result 2026 LIVE Update: BJP TMC Congress Winner Candidates List | Suvendu Adhikari Adhir Ranjan

Mamata Banerjee; West Bengal Election Result 2026 LIVE Update: BJP TMC Congress Winner Candidates List | Suvendu Adhikari Adhir Ranjan

12:41 AM4 मई 2026 कॉपी लिंक बंगाल चुनाव में 5 बड़े मुद्दे SIR में वोट कटना: पश्चिम बंगाल में कुल रजिस्टर्ड वोटर्स की संख्या 7.66 करोड़ थी। चुनाव से पहले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) हुआ, जिसमें 91 लाख नाम हटाए गए। अब वोटर्स की संख्या घटकर 6.75 करोड़ रह गई, यानी 11.8% की कमी। सुप्रीम कोर्ट ने SIR पर वोटर्स की आपत्तियां सुनने के लिए 19 ट्रिब्यूनल नियुक्त किए थे। पिछले महीने से, जब ये ट्रिब्यूनल बने, तब से उनके पास 34 लाख से ज्यादा अपीलें दायर की गईं। यह साफ नहीं है कि इनमें से कितनी अपीलें सुनी गईं। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने 28 अप्रैल कहा कि उनके पास निपटाए गए मामलों का आंकड़ा नहीं है। अवैध घुसपैठियों का मुद्दा: 2021 के बंगाल चुनाव में 140 से अधिक सीटों पर जीत का अंतर 1000 से 5000 के बीच था। कई सीटों पर इस अंतर से ज्यादा वोट कट गए हैं। बीजेपी ने वोटर लिस्ट से हटाए गए करीब 91 लाख नामों को ‘अवैध घुसपैठियों’ और ‘ब्लैक वोट्स’ कहा। महिलाओं से जुड़ी योजनाएं: पिछले 3 चुनाव में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्यादा वोट कर रही हैं। इस बार तो यह अंतर डेढ़ फीसदी तक बढ़ा है। जानकार इसकी वजह ममता सरकार की महिलाओं से जुड़ी 3 बड़ी योजनाएं- लक्ष्मीर भंडार, कन्याश्री और रूपश्री प्रकल्प को बताते हैं। भाजपा ने भी इस बार प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, पीएम आवास योजना, शौचालय और महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। घोषणा पत्र में गरीब महिलाओं को हर महीने 3 हजार रुपए देने का वादा किया। महिला आरक्षण का मुद्दा: चुनाव से ठीक पहले सरकार संसद में परिसीमन से जुड़ा बिल लाई। टीएमसी ने इसका विरोध किया। इसके बाद PM मोदी से लेकर शाह और बाकी बड़े नेताओं ने हर रैली में कहा गढ़ा कि ममता महिलाओं को सत्ता में 33% हिस्सेदारी नहीं देना चाहती हैं। एंटी इनकंबेंसी: TMC 2011 के बाद लगातार 15 साल से सत्ता में है। उसके नेताओं पर राशन घोटाला, शिक्षक भर्ती घोटाला जैसे आरोप लगे हैं। अगर भाजपा टीएमसी के वोट शेयर में 3 से 5% की सेंध लगा देती है, तो बढ़त ले लेगी।

West Bengal Election 2026 LIVE Update; Mamata Banerjee Suvendu Adhikari BJP TMC

West Bengal Election 2026 LIVE Update; Mamata Banerjee Suvendu Adhikari BJP TMC

Hindi News National West Bengal Election 2026 LIVE Update; Mamata Banerjee Suvendu Adhikari BJP TMC | Kolkata Howrah Hooghly Birbhum Voting Percentage कोलकाता4 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल की 254 विधानसभा सीटों में से 142 सीटों पर बुधवार को वोटिंग हुई। चुनाव आयोग के मुताबिक, सेकेंड फेज में 92.32% वोटिंग हुई। बंगाल में दो फेज में चुनाव हुए। पहले फेज की 152 सीटों पर 23 अप्रैल को रिकॉर्ड 93% मतदान हुआ था। दोनों फेज को मिलाकर 92.75% वोटिंग हुई है। यह बंगाल के इतिहास में अब तक की सबसे ज्यादा वोटिंग है। इससे पहले बंगाल में 2011 में 84.72% मतदान दर्ज किया गया था। बंगाल के अलावा तमिलनाडु में 23 अप्रैल, केरलम, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। पांचों राज्यों में केरलम में सबसे कम 78.03% वोटिंग हुई। 4 मई को सभी राज्यों के रिजल्ट आएंगे। बंगाल में सेकेंड फेज की वोटिंग के दौरान हिंसा-लाठीचार्ज; 7 घटनाएं… EVM में BJP के बटन पर टेप लगाया: भाजपा ने आरोप लगाया कि डायमंड हार्बर के फालता में EVM में BJP का बटन टेप लगाकर ब्लॉक किया गया। चुनाव आयोग ने कहा कि जहां भी शिकायतें सही मिलीं, वहां दोबारा चुनाव होंगे। पानीहाटी में EVM पर BJP के बटन पर इंक का दाग होने की शिकायत सामने आई। उसे सैनिटाइजर से साफ किया गया। भाजपा ने फालता में EVM मशीन का वीडियो जारी किया, जिसमें BJP का बटन टेप से ब्लॉक दिखा। सुवेंदु के खिलाफ ‘गो बैक’ और ‘चोर-चोर’ के नारे: भवानीपुर में ममता के खिलाफ चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी को घेरकर TMC समर्थकों ने चोर-चोर के नारे लगाए। सुवेंदु एक पोलिंग बूथ का इंस्पेक्शन करने पहुंचे थे। सुवेंदु ममता के आवास से करीब 100 मीटर दूर सड़क से गुजर रहे थे, तब लोगों ने ‘गो बैक’ के नारे लगाए। सुवेंदु ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाकर TMC समर्थकों को जवाब दिया। हावड़ा में वोट डालने आए बुजुर्ग की मौत: हावड़ा के उदयनारायणपुर में वोट डालने आए एक बुजुर्ग की मौत हो गई। TMC ने दावा किया कि बुजुर्ग अपने बेटे के साथ वोट डालने गए थे। केंद्रीय बलों ने उन्हें धक्का दिया और मारपीट की। बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। हावड़ा में वोटरों पर लाठीचार्ज: हावड़ा के बाली विधानसभा क्षेत्र के लिलुआ में बूथ नंबर 151, 152 और 153 पर केंद्रीय बलों ने वोटरों पर लाठीचार्ज किया। आरोप है कि EVM मशीनों में खराबी के कारण वोटर लंबे समय तक लाइन में खड़े थे। बाद में उन्होंने हंगामा किया तो उनपर लाठीचार्ज हुआ। केंद्रीय बलों ने वोटरों पर लाठीचार्ज किया। कुछ को हिरासत में भी लिया। साउथ 24 परगना में सुरक्षाबलों-वोटरों के बीच धक्का-मुक्की: साउथ 24 परगना के कैनिंग में TMC ने आरोप लगाया कि एक बूथ पर पोलिंग एजेंट को CRPF कर्मियों ने पीटा और बूथ से बाहर घसीट दिया। बूथ से आई तस्वीरों में महिलाएं सहित कई लोग सुरक्षाबलों से धक्का-मुक्की करते दिखे। साउथ 24 परगना के कैनिंग में बूथ नंबर 113 पर सुरक्षाबलों और वोटरों के बीच धक्का-मुक्की हुई। हावड़ा में EVM में गड़बड़ी के बाद हंगामा: हावड़ा के बाली में EVM में गड़बड़ी की बात को लेकर हंगामा हो गया है। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे 2 लोगों को CRPF ने हिरासत में लिया। CRPF और पुलिस के जवान लोगों के हाथ और पैर से पकड़कर उठा ले गए। TMC-भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प: नॉर्थ 24 परगना के अरविंद रैली में TMC और भाजपा कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प हुई। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को दौड़ा-दौड़ाकर मुक्के, लाठियों से हमले किए। सुरक्षाबलों की मौजूदगी के बावजूद TMC-भाजपा कार्यकर्ता मारपीट करते दिखे। पश्चिम बंगाल में पहली बार 90% से ज्यादा वोटिंग बंगाल में वोट प्रतिशत बढ़ने की 4 वजहें… SIR का असर: राज्य में 91 लाख से ज्यादा नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जिससे कुल वोटरों की संख्या घटी। लेकिन दिलचस्प यह है कि 2024 लोकसभा चुनाव में इन्हीं 152 सीटों पर मतदान करीब 80% और 2021 विधानसभा चुनाव में 82.17% रहा था। यानी मतदाता कम हुए, पर वोट डालने वालों की संख्या लगभग उतनी ही या उससे ज्यादा रही, जिससे प्रतिशत अपने आप बढ़ गया। एंटी इनकंबेंसी और ध्रुवीकरण: राज्य में पिछले 15 साल से TMC की सरकार है। ऐसे में नेताओं के खिलाफ नाराजगी, रोजगार, भ्रष्टाचार और घुसपैठियों को बढ़ावा देने जैसे मुद्दे मतदाताओं को ज्यादा संख्या में बाहर लाए। वहीं, मुस्लिम बहुल और सीमावर्ती इलाकों में SIR और NRC के डर ने भी मतदान को प्रभावित किया। दूसरी तरफ, तेज ध्रुवीकरण के चलते हिंदू वोटरों की भागीदारी भी बढ़ी मानी जा रही है। प्रवासी कामगारों की वापसी: इस बार बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर सिर्फ वोट डालने के लिए दूसरे राज्यों से बंगाल लौटे। उन्हें लगा कि अगर इस बार मतदान नहीं किया, तो उनका अधिकार छिन सकता है। TMC ने आरोप लगाया कि भाजपा ट्रेनों में भर-भरकर लोगों को वोटिंग के लिए ला रही है, जिससे यह मुद्दा और चर्चा में रहा। निर्वाचन आयोग की सख्ती: चुनाव आयोग की कड़ी निगरानी और 2.40 लाख केंद्रीय बलों की तैनाती ने माहौल बदला। सुरक्षा बढ़ने से मतदाताओं में भरोसा आया और उन्होंने बिना डर के मतदान किया, जिसका असर सीधे वोटिंग प्रतिशत पर दिखा। बाकी 4 राज्यों में कितनी वोटिंग हुई, सिलसिलेवार पढ़िए… तमिलनाडु में रिकॉर्ड 85.14% वोटिंग : तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 23 अप्रैल को रिकॉर्ड 85.14% वोटिंग हुई। 1967 से अब तक राज्य में कभी इतनी वोटिंग नहीं हुई। सबसे ज्यादा मतदान 2011 में 78.29% था। असम के 26 से ज्यादा जिलों में 80% से ऊपर वोटिंग : असम में 9 अप्रैल को 126 सीटों पर रिकॉर्ड 85.91% वोटिंग हुई। 35 जिलों में से 26 से ज्यादा जिलों में 80% से ऊपर वोटिंग हुई। सबसे ज्यादा 95.56% मतदान साउथ सलमारा मनकचर जिले में हुआ। सबसे कम 75.25% वोटिंग वेस्ट कार्बी आंगलॉन्ग में हुई। केरलम के कोझिकोड में सबसे ज्यादा 81.32% वोटिंग : केरलम में 140 विधानसभा सीटों 78.27% वोटिंग हुई। 14 जिले में से दो जिलों में 80% से ऊपर मतदान हुआ। 10 जिलों में 70% से ज्यादा वोटिंग हुई है। केरलम में 2.71 करोड़ वोटर 890 उम्मीदवारों में से अपना नेता चुन रहे

West Bengal Election 2026 LIVE Update; Mamata Banerjee Suvendu Adhikari BJP TMC

West Bengal Election 2026 LIVE Update; Mamata Banerjee Suvendu Adhikari BJP TMC

Hindi News National West Bengal Election 2026 LIVE Update; Mamata Banerjee Suvendu Adhikari BJP TMC | Kolkata Howrah Hooghly Birbhum Voting Percentage कोलकाता9 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल में सेकेंड फेज की 142 सीटों पर आज वोटिंग होगी। इनमें ज्यादातर सीटें ऐसी हैं, जहां से TMC पिछले दो या तीन बार से लगातार चुनाव जीत रही है। 2021 के चुनाव में TMC ने 142 में 123 सीटों पर जीत दर्ज की थी। सेकेंड फेज के चुनाव में सबसे कड़ा मुकाबला भवानीपुर सीट पर होने वाला है। यह CM ममता बनर्जी की परंपरागत सीट है। ममता के खिलाफ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी चुनाव लड़ रहे हैं। सुवेंदु 2021 में ममता को नंदीग्राम से हरा चुके हैं। 142 सीटों में भांगड़ में सबसे ज्यादा 19 उम्मीदवार मैदान में हैं। गोगाट में सबसे कम 5 उम्मीदवार हैं। क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र कल्याणी है, जबकि सबसे छोटा जोरासांको है। बंगाल में पहले फेज में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। 4 मई को चुनाव के रिजल्ट आएंगे। बंगाल चुनाव की 2 तस्वीरें… कोलकाता में मतदान कर्मी EVM और VVPAT यूनिट्स लेकर मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुए। मतदान कर्मियों के साथ चुनावी ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी भी अपने-अपने बूथ पर रवाना हुए। दूसरे फेज में 1448 उम्मीदवार, 3.2 करोड़ वोटर्स पश्चिम बंगाल की कुल 294 सीटों में 210 जनरल सीटें हैं। 68 सीटें SC और 10 सीटें ST के लिए आरक्षित हैं। कुल 6.8 करोड़ वोटर्स हैं। पहली बार वोट डालने वाले लोगों की संख्या पांच लाख से ज्यादा है। वहीं 3.79 लाख वोटर्स 85 से ज्यादा उम्र के हैं। दूसरे फेज में कुल 1448 उम्मीदवारों में 220 महिलाएं शामिल हैं। कुल 3 करोड़ 21 लाख वोटर्स अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। हुगली जिले के चिनसुरा में सबसे ज्यादा 2,75,715 मतदाता हैं। सबसे कम मतदाता नॉर्थ 24 परगना के भाटपाड़ा में हैं, जहां 1,17,195 वोटर हैं। इस फेज के लिए केंद्रीय बलों की कुल 2,321 कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा 142 जनरल ऑब्जर्वर, 95 पुलिस ऑब्जर्वर और 100 एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर भी तैनात हैं। कुल मिलाकर 41,001 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें से 14,218 शहरी और 25,083 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। 23 अप्रैल : पहले फेज में 152 सीटों पर वोटिंग हुई पहले फेज में 93% मतदान, पहली बार इतनी वोटिंग बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले फेज में 152 सीटों पर 92.72% मतदान हुआ था। पहली बार राज्य में इतनी ज्यादा वोटिंग हुई। इससे पहले बंगाल में सबसे ज्यादा वोटिंग 2011 में 84.72% दर्ज किया गया था। उसी दिन तमिलनाडु की सभी 234 सीटों चुनाव हए। असम, केरलम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। सभी राज्यों के चुनाव के नतीजे 4 मई को एकसाथ आएंगे। ममता बनर्जी लगातार 3 बार से बंगाल की मुख्यमंत्री बंगाल में 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। ममता ने 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म किया आजादी के बाद शुरुआती दौर (1947–1967) में कांग्रेस का वर्चस्व रहा और राज्य में स्थिर सरकारें रहीं। 1967 के बाद कांग्रेस कमजोर हुई और राजनीतिक अस्थिरता का दौर शुरू हुआ, कई गठबंधन सरकारें बनीं। 1977 में वाम मोर्चा (लेफ्ट फ्रंट) सत्ता में आया और ज्योति बसु मुख्यमंत्री बने। 1977 से 2011 तक करीब 34 साल तक लेफ्ट फ्रंट का लगातार शासन रहा। 2000 के दशक में औद्योगीकरण (सिंगूर, नंदीग्राम) को लेकर विवाद हुआ, जिससे लेफ्ट की पकड़ कमजोर हुई। ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने किसान आंदोलनों के जरिए बड़ा जनसमर्थन हासिल किया। 2011 में TMC ने लेफ्ट को हराकर सत्ता हासिल की, 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म हुआ। 2016 और 2021 में TMC ने दोबारा जीत दर्ज की और ममता बनर्जी का दबदबा कायम रहा। वर्तमान में राजनीति TMC vs BJP के बीच मुख्य मुकाबले में बदल गई है, जबकि कांग्रेस-लेफ्ट सीमित भूमिका में हैं। पिछले 3 विधानसभा चुनाव में महिला वोटरों की संख्या बढ़ी दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

West Bengal Election 2026 LIVE Update; Mamata Banerjee Suvendu Adhikari BJP TMC

West Bengal Election 2026 LIVE Update; Mamata Banerjee Suvendu Adhikari BJP TMC

Hindi News National West Bengal Election 2026 LIVE Update; Mamata Banerjee Suvendu Adhikari BJP TMC | Kolkata Howrah Hooghly Birbhum Voting Percentage कोलकाता8 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल में सेकेंड फेज की 142 सीटों पर आज वोटिंग है। इनमें ज्यादातर सीटें ऐसी हैं, जहां से TMC पिछले दो या तीन बार से लगातार चुनाव जीत रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में TMC ने 142 में 123 सीटों पर जीत दर्ज की थी। सेकेंड फेज के चुनाव में सबसे कड़ा मुकाबला भवानीपुर सीट पर होने वाला है। यह CM ममता बनर्जी की परंपरागत सीट है। ममता के खिलाफ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी चुनाव लड़ रहे हैं। सुवेंदु 2021 में ममता को नंदीग्राम से हरा चुके हैं। 142 सीटों में भांगड़ में सबसे ज्यादा 19 उम्मीदवार मैदान में हैं। गोगाट में सबसे कम 5 उम्मीदवार हैं। क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र कल्याणी है, जबकि सबसे छोटा जोरासांको है। बंगाल में पहले फेज में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। 4 मई को चुनाव के रिजल्ट आएंगे। बंगाल चुनाव की 2 तस्वीरें… कोलकाता में मतदान कर्मी EVM और VVPAT यूनिट्स लेकर मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुए। मतदान कर्मियों के साथ चुनावी ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी भी अपने-अपने बूथ पर रवाना हुए। दूसरे फेज में 1448 उम्मीदवार, 3.2 करोड़ वोटर्स पश्चिम बंगाल की कुल 294 सीटों में 210 जनरल सीटें हैं। 68 सीटें SC और 10 सीटें ST के लिए आरक्षित हैं। कुल 6.8 करोड़ वोटर्स हैं। पहली बार वोट डालने वाले लोगों की संख्या पांच लाख से ज्यादा है। वहीं 3.79 लाख वोटर्स 85 से ज्यादा उम्र के हैं। दूसरे फेज में कुल 1448 उम्मीदवारों में 220 महिलाएं शामिल हैं। कुल 3 करोड़ 21 लाख वोटर्स अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। हुगली जिले के चिनसुरा में सबसे ज्यादा 2,75,715 मतदाता हैं। सबसे कम मतदाता नॉर्थ 24 परगना के भाटपाड़ा में हैं, जहां 1,17,195 वोटर हैं। इस फेज के लिए केंद्रीय बलों की कुल 2,321 कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा 142 जनरल ऑब्जर्वर, 95 पुलिस ऑब्जर्वर और 100 एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर भी तैनात हैं। कुल मिलाकर 41,001 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें से 14,218 शहरी और 25,083 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। पश्चिम बंगाल में सेकेंड फेज के चुनाव से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 8 मिनट पहले कॉपी लिंक बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के लिए मॉक पोल जारी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के लिए मॉक पोल चल रहे हैं। वीडियो करीमपुर गर्ल्स हाई स्कूल से है। 19 मिनट पहले कॉपी लिंक IPS अजय पाल शर्मा को चुनाव ड्यूटी से हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका पश्चिम बंगाल के चुनावी मुकाबले में एक नाटकीय मोड़ आया है। सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसमें UP कैडर के एक हाई-प्रोफाइल IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा को पुलिस ऑब्जर्वर के पद से तुरंत हटाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने मंगलवार देर रात रिट याचिका (सिविल) ई-फाइल की। यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 का हवाला देती है, जो नागरिकों को मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए सीधे सुप्रीम कोर्ट जाने की अनुमति देता है; इस मामले में, यह अधिकार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का अधिकार है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि शर्मा, जिन्हें अक्सर उनके ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के रिकॉर्ड के कारण UP के सिंघम का उपनाम दिया जाता है, उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) के ऑब्ज़र्वर के तौर पर जरूरी निष्पक्षता को छोड़ दिया है। याचिका में दावा किया गया है कि दक्षिण 24 परगना में कार्यभार संभालने के बाद से, शर्मा “डराने-धमकाने” और “अनुचित प्रभाव डालने” वाले कामों में शामिल रहे हैं, और खास तौर पर राजनीतिक उम्मीदवारों को निशाना बना रहे हैं। 23 मिनट पहले कॉपी लिंक ECI ने बंगाल में वोटिंग से पहले चुनाव अधिकारी का तबादला किया निर्वाचन आयोग (ECI) ने फलता डेवलपमेंट ब्लॉक के संयुक्त ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) सौरव हाजरा का तबादला कर दिया है, और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण से पहले चुनाव से जुड़े कामों से दो अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) रैंक के अधिकारियों को हटाने का भी निर्देश दिया है। सौरव हाजरा फलता डेवलपमेंट ब्लॉक में संयुक्त BDO के तौर पर काम कर रहे थे और उन्हें 144-फलता विधानसभा क्षेत्र के लिए सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) भी बनाया गया था। अब उनका तबादला पुरुलिया मुख्यालय में संयुक्त BDO के तौर पर कर दिया गया है, और उनकी जगह संयुक्त BDO रैंक की अधिकारी और विशेष कार्य अधिकारी (OSD) रम्या भट्टाचार्य लेंगी। 35 मिनट पहले कॉपी लिंक सेकेंड फेज की 3 सबसे हाई प्रोफाइल सीटें- भवानीपुर, पानीहाटी और संदेशखाली 37 मिनट पहले कॉपी लिंक 23 अप्रैल को पहले फेज में 152 सीटों पर वोटिंग हुई थी 38 मिनट पहले कॉपी लिंक पहले फेज में 93% मतदान, पहली बार इतनी वोटिंग बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले फेज में 152 सीटों पर 92.72% मतदान हुआ था। पहली बार राज्य में इतनी ज्यादा वोटिंग हुई। इससे पहले बंगाल में सबसे ज्यादा वोटिंग 2011 में 84.72% दर्ज किया गया था। उसी दिन तमिलनाडु की सभी 234 सीटों चुनाव हए। असम, केरलम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। सभी राज्यों के चुनाव के नतीजे 4 मई को एकसाथ आएंगे। 39 मिनट पहले कॉपी लिंक ममता बनर्जी लगातार 3 बार से बंगाल की मुख्यमंत्री बंगाल में 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। 41 मिनट पहले कॉपी लिंक ममता ने 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म किया आजादी के बाद शुरुआती दौर (1947–1967) में कांग्रेस का वर्चस्व रहा और राज्य में स्थिर सरकारें रहीं। 1967 के बाद कांग्रेस कमजोर हुई और राजनीतिक अस्थिरता का दौर शुरू हुआ, कई गठबंधन सरकारें बनीं। 1977 में वाम मोर्चा (लेफ्ट फ्रंट) सत्ता में आया और ज्योति बसु मुख्यमंत्री बने। 1977 से 2011 तक करीब 34 साल तक लेफ्ट फ्रंट