Friday, 10 Jul 2026 | 10:50 PM

Trending :

जामुन स्मूथी रेसिपी: घर में आसानी से बनी जैमी जैमीन से बनी ये पैमाइश, इनके भी बच्चे होंगे फैन फिल्म प्रोमोशन के लिए देहरादून पहुंचीं हुमा कुरैशी:बोलीं-छोटे बजट की फिल्म 'बेबी डू डाई डू', दर्शकों का प्यार ही फिल्म का प्रचार E20 Petrol Damage? Companies Must Replace Parts Free! कनखजूरा भगाने के उपाय: बारिश शुरू ही किचन-बाथरूम में आ गई कनखजूरा? 2 रुपये के देसी उपाय बिना किसी रुकावट के हवा में प्लेन की खिड़की टूटी,पैसेंजर का सिर-कंधे बाहर निकले:आसपास बैठे पैसेंजर्स ने अंदर खींचा, मैसिडोनिया के आकाश में हादसा फेरारी इटली की मशहूर कार कंपनी:दो बार गंभीर आर्थिक संकट में फंस चुकी है, आज टॉप सुपर-कार ब्रांड में शामिल है
EXCLUSIVE

Tata’s iPhone parts manufacturing plant in Tamil Nadu’s Hosur is facing shutdown over wastewater discharge

Tata’s iPhone parts manufacturing plant in Tamil Nadu’s Hosur is facing shutdown over wastewater discharge

Hindi News Business Tata’s IPhone Parts Manufacturing Plant In Tamil Nadu’s Hosur Is Facing Shutdown Over Wastewater Discharge नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने आरोप लगाया है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की आईफोन कंपोनेंट्स फैक्ट्री से निकलने वाले गंदे पानी (वेस्टवाटर) ने पास के खेतों के भूजल यानी ग्राउंडवाटर को दूषित कर दिया है। रेगुलेटर ने कंपनी को चेतावनी दी है कि अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो फैक्ट्री की बिजली काट दी जाएगी और इसे जबरन बंद कर दिया जाएगा। खेतों और कुओं का पानी दूषित होने की शिकायत मिली थी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का यह प्लांट तमिलनाडु के होसुर में स्थित है, जहां आईफोन के बैक पैनल और अन्य पार्ट्स बनाए जाते हैं। प्लांट के पास मौजूद कृषि भूमि के मालिकों ने प्रदूषण बोर्ड से शिकायत की थी कि फैक्ट्री का वेस्टवाटर उनके खेतों और खुले कुओं के पानी को खराब कर रहा है। किसानों की इस शिकायत के बाद ही प्रदूषण बोर्ड ने मामले की जांच शुरू की थी। 5 बार हुआ निरीक्षण, निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप रेगुलेटर के नोटिस के मुताबिक, किसानों की शिकायतों के बाद दिसंबर 2025 से मई 2026 के बीच इस प्लांट का 5 बार राज्य स्तरीय निरीक्षण यानी इंसपेक्शन किया गया। 25 मई 2026 को जारी तीन पन्नों के नोटिस में बोर्ड ने कहा कि टाटा ने अपने परिसर के भीतर बने रेन वाटर हार्वेस्टिंग पोंड (वर्षा जल संचयन तालाब) में गंदा पानी छोड़ दिया था। यह तालाब ओवरफ्लो हो गया, जिससे आसपास की कृषि भूमि में स्थित खुले कुओं का भूजल दूषित हो गया। इससे पहले 23 दिसंबर 2025 को भी बोर्ड ने कंपनी को निर्देश जारी किए थे, लेकिन टाटा ने उन पर कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया। टाटा का दावा- हम नियमों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं इस पूरे मामले पर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपना रुख साफ किया है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि उन्होंने एक मान्यता प्राप्त लेबोरेटरी से स्वतंत्र रूप से इसकी जांच (इंडिपेंडेंट एनालिसिस) करवाई है। इस स्टडी में सामने आया है कि कंपनी सभी नियामक मानदंडों (रेगुलेटरी नॉर्म्स) का पूरी तरह से पालन कर रही है। कंपनी जिम्मेदार व्यावसायिक तौर-तरीकों, पर्यावरण और स्थानीय समुदायों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उन्होंने प्रदूषण अधिकारियों को अपना जवाब भेज दिया है। हालांकि, टाटा ने इस जवाब की विस्तृत जानकारी नहीं दी है। एपल की भारत सप्लाई चेन में पहले भी आ चुकी हैं मुश्किलें यह नोटिस एपल की भारत में मौजूद सप्लाई चेन के लिए एक नई परेशानी बनकर आया है। इससे पहले सितंबर 2024 में टाटा के इसी होसुर प्लांट में आग लग गई थी, जिससे आईफोन कंपोनेंट्स का प्रोडक्शन कुछ समय के लिए रुक गया था। वहीं सितंबर 2023 में एपल के पूर्व सप्लायर पेगाट्रॉन के आईफोन प्लांट में भी आग लगने से कई दिनों तक कामकाज ठप रहा था। इसके अलावा 2024 में एक जांच में सामने आया था कि फॉक्सकॉन अपने एक भारतीय प्लांट में विवाहित महिलाओं को असेंबली जॉब्स से दूर रखता है, हालांकि कंपनी ने सभी नियमों के पालन का दावा किया था। एपल के लिए क्यों अहम है टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स? टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एपल के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी चीन से बाहर अपने आईफोन प्रोडक्शन का विस्तार करना चाहती है। दक्षिण एशिया में ताइवान की फॉक्सकॉन के बाद टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एपल की दूसरी सबसे बड़ी सप्लायर बन चुकी है। रिसर्च फर्म काउंटरपॉइंट के अनुसार, चार साल पहले वैश्विक स्तर पर बनने वाले कुल आईफोन्स में भारत की हिस्सेदारी महज 6% थी, जिसके साल 2026 में बढ़कर 26% होने का अनुमान है। नियमों के उल्लंघन पर फैक्ट्रियों को बंद करने का रिकॉर्ड भारत में प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन न करने पर कंपनियों के खिलाफ लगातार अनुशासनात्मक कार्रवाई होती रही है। पर्यावरण मंत्रालय ने फरवरी में संसद को बताया था कि पिछले पांच सालों में जांच की गई 5,44,364 इंडस्ट्रीज में से 4.4% उद्योग पर्यावरण मानकों का उल्लंघन करते पाए गए, जिसके बाद प्रदूषण नियंत्रण विभागों ने 3,600 फैक्ट्रियों को बंद कर दिया। इससे पहले 2024 में मर्सिडीज-बेंज के इकलौते भारतीय कार प्लांट में भी नियमों की अनदेखी पकड़े जाने के बाद कंपनी ने वेस्टवाटर और एयर पॉल्यूशन मैनेजमेंट में सुधार किया था। क्या होते हैं एपल के सप्लायर नियम? एपल अपने सप्लायर्स के लिए बेहद कड़े नियम (सप्लायर कोड ऑफ कंडक्ट) लागू करता है। इसके तहत वेस्टवाटर (कारखाने के गंदे पानी) के मैनेजमेंट और पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर सख्त गाइडलाइंस होती हैं। अगर कोई सप्लायर इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो एपल उसके साथ अपना कॉन्ट्रैक्ट भी सस्पेंड या खत्म कर सकता है। इस मामले में एपल और तमिलनाडु सरकार की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ये खबर भी पढ़ें… इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही: चांदी की कीमत ₹14326 कम होकर ₹2.43 लाख किलो हुई, सोना ₹6438 सस्ता हुआ सोने-चांदी के दाम में इस हफ्ते गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 6,438 रुपए गिरकर 1.48 लाख रुपए हो गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 6 जून को 1.54 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.57 लाख रुपए किलो से गिरकर 2.43 लाख रुपए पर आ गई है। यानी इसकी कीमत 14,326 रुपए कम हुई। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Tata’s iPhone parts manufacturing plant in Tamil Nadu’s Hosur is facing shutdown over wastewater discharge

Tata’s iPhone parts manufacturing plant in Tamil Nadu’s Hosur is facing shutdown over wastewater discharge

Hindi News Business Tata’s IPhone Parts Manufacturing Plant In Tamil Nadu’s Hosur Is Facing Shutdown Over Wastewater Discharge नई दिल्ली22 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने आरोप लगाया है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की आईफोन कंपोनेंट्स फैक्ट्री से निकलने वाले गंदे पानी (वेस्टवाटर) ने पास के खेतों के भूजल यानी ग्राउंडवाटर को दूषित कर दिया है। रेगुलेटर ने कंपनी को चेतावनी दी है कि अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो फैक्ट्री की बिजली काट दी जाएगी और इसे जबरन बंद कर दिया जाएगा। खेतों और कुओं का पानी दूषित होने की शिकायत मिली थी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का यह प्लांट तमिलनाडु के होसुर में स्थित है, जहां आईफोन के बैक पैनल और अन्य पार्ट्स बनाए जाते हैं। प्लांट के पास मौजूद कृषि भूमि के मालिकों ने प्रदूषण बोर्ड से शिकायत की थी कि फैक्ट्री का वेस्टवाटर उनके खेतों और खुले कुओं के पानी को खराब कर रहा है। किसानों की इस शिकायत के बाद ही प्रदूषण बोर्ड ने मामले की जांच शुरू की थी। 5 बार हुआ निरीक्षण, निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप रेगुलेटर के नोटिस के मुताबिक, किसानों की शिकायतों के बाद दिसंबर 2025 से मई 2026 के बीच इस प्लांट का 5 बार राज्य स्तरीय निरीक्षण यानी इंसपेक्शन किया गया। 25 मई 2026 को जारी तीन पन्नों के नोटिस में बोर्ड ने कहा कि टाटा ने अपने परिसर के भीतर बने रेन वाटर हार्वेस्टिंग पोंड (वर्षा जल संचयन तालाब) में गंदा पानी छोड़ दिया था। यह तालाब ओवरफ्लो हो गया, जिससे आसपास की कृषि भूमि में स्थित खुले कुओं का भूजल दूषित हो गया। इससे पहले 23 दिसंबर 2025 को भी बोर्ड ने कंपनी को निर्देश जारी किए थे, लेकिन टाटा ने उन पर कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया। टाटा का दावा- हम नियमों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं इस पूरे मामले पर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपना रुख साफ किया है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि उन्होंने एक मान्यता प्राप्त लेबोरेटरी से स्वतंत्र रूप से इसकी जांच (इंडिपेंडेंट एनालिसिस) करवाई है। इस स्टडी में सामने आया है कि कंपनी सभी नियामक मानदंडों (रेगुलेटरी नॉर्म्स) का पूरी तरह से पालन कर रही है। कंपनी जिम्मेदार व्यावसायिक तौर-तरीकों, पर्यावरण और स्थानीय समुदायों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उन्होंने प्रदूषण अधिकारियों को अपना जवाब भेज दिया है। हालांकि, टाटा ने इस जवाब की विस्तृत जानकारी नहीं दी है। एपल की भारत सप्लाई चेन में पहले भी आ चुकी हैं मुश्किलें यह नोटिस एपल की भारत में मौजूद सप्लाई चेन के लिए एक नई परेशानी बनकर आया है। इससे पहले सितंबर 2024 में टाटा के इसी होसुर प्लांट में आग लग गई थी, जिससे आईफोन कंपोनेंट्स का प्रोडक्शन कुछ समय के लिए रुक गया था। वहीं सितंबर 2023 में एपल के पूर्व सप्लायर पेगाट्रॉन के आईफोन प्लांट में भी आग लगने से कई दिनों तक कामकाज ठप रहा था। इसके अलावा 2024 में एक जांच में सामने आया था कि फॉक्सकॉन अपने एक भारतीय प्लांट में विवाहित महिलाओं को असेंबली जॉब्स से दूर रखता है, हालांकि कंपनी ने सभी नियमों के पालन का दावा किया था। एपल के लिए क्यों अहम है टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स? टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एपल के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी चीन से बाहर अपने आईफोन प्रोडक्शन का विस्तार करना चाहती है। दक्षिण एशिया में ताइवान की फॉक्सकॉन के बाद टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एपल की दूसरी सबसे बड़ी सप्लायर बन चुकी है। रिसर्च फर्म काउंटरपॉइंट के अनुसार, चार साल पहले वैश्विक स्तर पर बनने वाले कुल आईफोन्स में भारत की हिस्सेदारी महज 6% थी, जिसके साल 2026 में बढ़कर 26% होने का अनुमान है। नियमों के उल्लंघन पर फैक्ट्रियों को बंद करने का रिकॉर्ड भारत में प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन न करने पर कंपनियों के खिलाफ लगातार अनुशासनात्मक कार्रवाई होती रही है। पर्यावरण मंत्रालय ने फरवरी में संसद को बताया था कि पिछले पांच सालों में जांच की गई 5,44,364 इंडस्ट्रीज में से 4.4% उद्योग पर्यावरण मानकों का उल्लंघन करते पाए गए, जिसके बाद प्रदूषण नियंत्रण विभागों ने 3,600 फैक्ट्रियों को बंद कर दिया। इससे पहले 2024 में मर्सिडीज-बेंज के इकलौते भारतीय कार प्लांट में भी नियमों की अनदेखी पकड़े जाने के बाद कंपनी ने वेस्टवाटर और एयर पॉल्यूशन मैनेजमेंट में सुधार किया था। क्या होते हैं एपल के सप्लायर नियम? एपल अपने सप्लायर्स के लिए बेहद कड़े नियम (सप्लायर कोड ऑफ कंडक्ट) लागू करता है। इसके तहत वेस्टवाटर (कारखाने के गंदे पानी) के मैनेजमेंट और पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर सख्त गाइडलाइंस होती हैं। अगर कोई सप्लायर इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो एपल उसके साथ अपना कॉन्ट्रैक्ट भी सस्पेंड या खत्म कर सकता है। इस मामले में एपल और तमिलनाडु सरकार की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ये खबर भी पढ़ें… इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही: चांदी की कीमत ₹14326 कम होकर ₹2.43 लाख किलो हुई, सोना ₹6438 सस्ता हुआ सोने-चांदी के दाम में इस हफ्ते गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 6,438 रुपए गिरकर 1.48 लाख रुपए हो गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 6 जून को 1.54 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.57 लाख रुपए किलो से गिरकर 2.43 लाख रुपए पर आ गई है। यानी इसकी कीमत 14,326 रुपए कम हुई। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Tamil Nadu CM Vijay Receives Virat Kohli Signed Bat; Director Gifted GOAT Plate

Tamil Nadu CM Vijay Receives Virat Kohli Signed Bat; Director Gifted GOAT Plate

8 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और पूर्व अभिनेता थलापती विजय को शुक्रवार को क्रिकेटर विराट कोहली का साइन किया हुआ क्रिकेट बैट गिफ्ट किया गया है। एमआरएफ (MRF) कंपनी के टॉप मैनेजमेंट ने सचिवालय में मुलाकात के दौरान उन्हें ये गिफ्ट दिया। विजय ने इस बैट के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं, जो सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। तस्वीरों में विजय मोनोक्रोम सूट और कंधे पर अंगवस्त्रम पहने हुए बैट दिखाते नजर आ रहे हैं। इससे पहले हाल ही में फिल्म डायरेक्टर वेंकट प्रभु ने भी उन्हें ‘GOAT’ फिल्म में इस्तेमाल की गई एक खास नंबर प्लेट गिफ्ट की थी, जिसमें विजय के मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी की गई थी। डायरेक्टर वेंकट प्रभु ने गिफ्ट की थी नंबर प्लेट मुख्यमंत्री विजय को हाल ही में फिल्म डायरेक्टर वेंकट प्रभु ने भी एक खास तोहफा दिया था। उन्होंने साल 2024 में आई फिल्म ‘द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम’ (GOAT) में इस्तेमाल की गई गाड़ी की नंबर प्लेट को फ्रेम करवाकर विजय को गिफ्ट किया था। इस नंबर प्लेट पर ‘TN 07 CM 2026’ लिखा हुआ था, जिसे फिल्म में विजय के मुख्यमंत्री बनने के संकेत के तौर पर देखा गया था। विजय के सच में मुख्यमंत्री बनने के बाद सोशल मीडिया पर भी यह क्लिप काफी चर्चा में रही थी। बाल कलाकार से मुख्यमंत्री बनने तक का सफर फिल्म डायरेक्टर एसए चंद्रशेखर के बेटे विजय ने अपने करियर की शुरुआत 1984 में बाल कलाकार के रूप में फिल्म ‘वेट्री’ से की थी। इसके बाद 1992 में आई फिल्म ‘नालैया तीरपू’ से उन्होंने लीड एक्टर के तौर पर डेब्यू किया। साल 1996 में आई ‘कोयंबटूर माप्पिल्लई’ और ‘पूवे उनक्कागा’ उनके करियर की पहली ब्लॉकबस्टर फिल्में बनीं। साल 2024 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ नाम की पार्टी बनाई। इसके बाद साल 2026 के चुनावों में जीतकर वे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने। आखिरी फिल्म ‘जन नायक’ पर चल रहा है विवाद राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले विजय ने एच विनोद के डायरेक्शन में अपनी आखिरी फिल्म ‘जन नायक’ साइन की थी। इस फिल्म में ममिता बैजू, बॉबी देओल और पूजा हेगड़े मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म जनवरी में रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर बोर्ड (CBFC) के साथ हुए विवाद और कमिटी में शिकायत के कारण इसकी रिलीज टल गई। अ प्रैल में यह फिल्म एचडी क्वालिटी में ऑनलाइन लीक भी हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। यह फिल्म अभी तक रिलीज नहीं हो सकी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Tamil Nadu CM Vijay Receives Virat Kohli Signed Bat; Director Gifted GOAT Plate

Tamil Nadu CM Vijay Receives Virat Kohli Signed Bat; Director Gifted GOAT Plate

56 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और पूर्व अभिनेता थलापती विजय को शुक्रवार को क्रिकेटर विराट कोहली का साइन किया हुआ क्रिकेट बैट गिफ्ट किया गया है। एमआरएफ (MRF) कंपनी के टॉप मैनेजमेंट ने सचिवालय में मुलाकात के दौरान उन्हें ये गिफ्ट दिया। विजय ने इस बैट के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं, जो सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। तस्वीरों में विजय मोनोक्रोम सूट और कंधे पर अंगवस्त्रम पहने हुए बैट दिखाते नजर आ रहे हैं। इससे पहले हाल ही में फिल्म डायरेक्टर वेंकट प्रभु ने भी उन्हें ‘GOAT’ फिल्म में इस्तेमाल की गई एक खास नंबर प्लेट गिफ्ट की थी, जिसमें विजय के मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी की गई थी। डायरेक्टर वेंकट प्रभु ने गिफ्ट की थी नंबर प्लेट मुख्यमंत्री विजय को हाल ही में फिल्म डायरेक्टर वेंकट प्रभु ने भी एक खास तोहफा दिया था। उन्होंने साल 2024 में आई फिल्म ‘द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम’ (GOAT) में इस्तेमाल की गई गाड़ी की नंबर प्लेट को फ्रेम करवाकर विजय को गिफ्ट किया था। इस नंबर प्लेट पर ‘TN 07 CM 2026’ लिखा हुआ था, जिसे फिल्म में विजय के मुख्यमंत्री बनने के संकेत के तौर पर देखा गया था। विजय के सच में मुख्यमंत्री बनने के बाद सोशल मीडिया पर भी यह क्लिप काफी चर्चा में रही थी। बाल कलाकार से मुख्यमंत्री बनने तक का सफर फिल्म डायरेक्टर एसए चंद्रशेखर के बेटे विजय ने अपने करियर की शुरुआत 1984 में बाल कलाकार के रूप में फिल्म ‘वेट्री’ से की थी। इसके बाद 1992 में आई फिल्म ‘नालैया तीरपू’ से उन्होंने लीड एक्टर के तौर पर डेब्यू किया। साल 1996 में आई ‘कोयंबटूर माप्पिल्लई’ और ‘पूवे उनक्कागा’ उनके करियर की पहली ब्लॉकबस्टर फिल्में बनीं। साल 2024 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ नाम की पार्टी बनाई। इसके बाद साल 2026 के चुनावों में जीतकर वे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने। आखिरी फिल्म ‘जन नायक’ पर चल रहा है विवाद राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले विजय ने एच विनोद के डायरेक्शन में अपनी आखिरी फिल्म ‘जन नायक’ साइन की थी। इस फिल्म में ममिता बैजू, बॉबी देओल और पूजा हेगड़े मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म जनवरी में रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर बोर्ड (CBFC) के साथ हुए विवाद और कमिटी में शिकायत के कारण इसकी रिलीज टल गई। अ प्रैल में यह फिल्म एचडी क्वालिटी में ऑनलाइन लीक भी हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। यह फिल्म अभी तक रिलीज नहीं हो सकी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Vijay Thalapathy Success Story Facts Explained; Tamil Nadu CM Divorce Affair

Vijay Thalapathy Success Story Facts Explained; Tamil Nadu CM Divorce Affair

21 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक विजय की फिल्मों की रिलीज तमिलनाडु में किसी त्योहार जैसी मानी जाती है। फैंस बड़े कटआउट, दूध चढ़ाने और पटाखों के साथ सेलिब्रेट करते हैं। साउथ सुपरस्टार थलापति विजय की कहानी फिल्मों की सफलता के साथ संघर्ष, आलोचना, पारिवारिक विवाद और राजनीति तक पहुंचने की भी रही है। करियर की शुरुआत में उनके लुक्स, आवाज और एक्टिंग का मजाक उड़ाया गया। लगातार फ्लॉप फिल्मों के बाद वह एक्टिंग छोड़ने का सोचने लगे थे। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को लवर बॉय इमेज से निकालकर फैमिली स्टार और फिर तमिल सिनेमा के बड़े मास सुपरस्टार के रूप में स्थापित किया। घिल्ली, थुप्पाक्की और सरकार जैसी फिल्मों में राजनीतिक और सामाजिक संदेशों ने उनकी अलग पहचान बनाई। इसी दौरान पिता एस.ए. चंद्रशेखर से राजनीतिक संगठन को लेकर विवाद भी चर्चा में रहा। बाद में विजय ने तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) लॉन्च की और अब वह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन चुके हैं। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं थलापति विजय के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें। थलापति विजय का बचपन और पारिवारिक पृष्ठभूमि साउथ सिनेमा के बड़े सितारों में गिने जाने वाले थलापति विजय का पूरा नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है। उनका जन्म 22 जून 1974 को चेन्नई में हुआ था। वह ऐसे परिवार से आते हैं, जिसका फिल्म इंडस्ट्री से गहरा संबंध रहा है। उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर तमिल फिल्मों के जाने-माने निर्देशक रहे हैं, जबकि मां शोभा चंद्रशेखर सिंगर, राइटर और प्रोड्यूसर रही हैं। घर में फिल्मी माहौल होने की वजह से विजय बचपन से कैमरा और सिनेमा की दुनिया के करीब रहे। हालांकि उनका बचपन पूरी तरह ग्लैमर से भरा नहीं था। छोटी बहन विद्या का कम उम्र में निधन हो गया था। कई इंटरव्यूज और तमिल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना के बाद विजय काफी शांत और अंतर्मुखी हो गए थे। फैंस मानते हैं कि उन्होंने बहन की याद में कई निजी प्रोजेक्ट्स में विद्या नाम का इस्तेमाल किया। पढ़ाई बीच में छोड़ी, एक्टिंग को चुना विजय ने शुरुआती पढ़ाई चेन्नई के फातिमा मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल और बाललोक मैट्रिकुलेशन स्कूल से की थी। इसके बाद उन्होंने लोयोला कॉलेज में विजुअल कम्युनिकेशन कोर्स में एडमिशन लिया। लेकिन उसी दौरान फिल्मों में उनकी व्यस्तता बढ़ने लगी। उन्होंने महसूस किया कि उनका पूरा फोकस एक्टिंग पर जा रहा है। इसी वजह से उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़ दी। विजय के पास कोई बड़ी प्रोफेशनल डिग्री नहीं है, लेकिन बाद के वर्षों में कई संस्थानों ने उन्हें मानद सम्मान दिए। उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि पढ़ाई अधूरी छोड़ने वाला यह लड़का आगे चलकर करोड़ों लोगों का सुपरस्टार बनेगा। पेरेंट्स के साथ विजय की तस्वीर। पिता की फिल्म से डेब्यू, लेकिन शुरुआत रही मुश्किल विजय ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट वेट्री, कुटुम्बम, नान सिगप्पु मनिथन, वसंत रागम, सत्तम ओरु विलयाट्टु और इधु एंगाल नीती जैसी फिल्मों में काम किया। इनमें से अधिकांश फिल्मों का निर्देशन उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने किया था। इसके बाद विजय ने 1992 में फिल्म ‘नालैया थीरपु’ से लीड एक्टर के रूप में करियर शुरू किया था। लुक्स और आवाज का मजाक उड़ाया गया हालांकि शुरुआत उनके लिए बेहद कठिन रही। शुरुआती फिल्मों के फ्लॉप होने के साथ विजय को उनके लुक्स, आवाज और एक्टिंग के लिए आलोचना सहनी पड़ी। उस दौर की कई मैगजीन्स में लिखा गया कि वह हीरो मटेरियल नहीं हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय ने बाद में कहा था कि लोग उनके लुक्स और आवाज का मजाक उड़ाते थे। एक्टिंग छोड़ने तक का मन बना लिया था। विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि इंडस्ट्री के कई लोगों ने उन्हें लॉन्च करने के फैसले पर सवाल उठाए थे। लगातार आलोचना से विजय इतने परेशान हो गए थे कि उन्होंने एक्टिंग छोड़ने का मन बना लिया था। लेकिन परिवार, खासकर उनके पिता ने उन्हें हिम्मत दी और मेहनत जारी रखने की सलाह दी। बहन की मौत ने बदल दिया स्वभाव विजय की जिंदगी में बहन विद्या की मौत सबसे बड़ा भावनात्मक झटका मानी जाती है। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक, पहले विजय काफी शरारती थे, लेकिन बहन के निधन के बाद उनमें गंभीरता आ गई। इसी दौर में उनका फिल्मों और किताबों की तरफ झुकाव बढ़ा। कई फिल्म समीक्षकों का मानना है कि उनकी फिल्मों में दिखाई देने वाली इमोशनल डेप्थ उनके निजी संघर्षों से जुड़ी रही। इंडस्ट्री में शुरुआती रिजेक्शन और आलोचना के बावजूद विजय टूटे नहीं। उन्होंने डांस, स्क्रीन प्रेजेंस, बॉडी लैंग्वेज और डायलॉग डिलीवरी पर लगातार मेहनत की। यही मेहनत आगे चलकर उनकी पहचान बनी। विजय की फिल्मों में अक्सर आम जनता, सिस्टम और सामाजिक मुद्दों से जुड़े मैसेज देखने को मिलते हैं। ‘लवर बॉय’ से बने फैमिली स्टार 1996 में रिलीज हुई ‘पूवे उनाक्कागा’ विजय के करियर का पहला बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। यह उनके करियर की पहली बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म थी। इस रोमांटिक-ड्रामा फिल्म ने विजय को तमिल सिनेमा का बड़ा स्टार बना दिया और उनकी छवि स्थापित रोमांटिक हीरो की बन गई। वह फैमिली ऑडियंस और युवाओं के बीच लोकप्रिय हो गए। इसके बाद उन्होंने कई रोमांटिक और फैमिली फिल्में कीं। धीरे-धीरे उनकी इमेज लवर बॉय स्टार के रूप में बनने लगी। उस दौर में विजय की सबसे बड़ी ताकत उनकी सरलता और साफ छवि मानी जाती थी। वह बाकी स्टार्स की तरह ज्यादा विवादों में नहीं रहते थे और मीडिया से सीमित बातचीत करते थे। बिहाइंडवुड्स के एक पुराने इंटरव्यू में विजय ने कहा था- ‘मैं ज्यादा बोलने वाला इंसान नहीं हूं।’ यही रिजर्व्ड पर्सनैलिटी आगे चलकर उनकी पब्लिक इमेज का अहम हिस्सा बनी। घिल्ली और थुप्पाक्की ने बनाया ‘मास सुपरस्टार’ 2003 की थिरुमलाई और 2004 की ब्लॉकबस्टर घिल्ली ने विजय की इमेज पूरी तरह बदल दी। अब वह सिर्फ रोमांटिक हीरो नहीं रहे, बल्कि मास एक्शन स्टार बन गए। उनकी एंट्री, डांस स्टेप्स और पंच डायलॉग्स युवाओं के बीच लोकप्रिय होने लगे। इसके बाद थुप्पाक्की, मर्सल, मास्टर और लियो जैसी फिल्मों ने उनके स्टारडम को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। खास बात यह रही कि विजय ने आलोचनाओं का जवाब विवादों से नहीं दिया। उन्होंने अपने काम से लोगों की सोच बदली।

Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy

Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy

Hindi News National Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy | BJP Targets Rahul Gandhi नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक 10 मई को शपथ के दौरान राहुल गांधी के साथ एक्टर विजय। TVK सरकार को कांग्रेस ने समर्थन दिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बैन किए गए संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के फाउंडर वी प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इस पर कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि वो सत्ता में शामिल हैं। कांग्रेस अब तमिलनाडु में विजय की सरकार को सपोर्ट कर रही है। प्रभाकरन को 1991 में राजीव गांधी की हत्या का मुख्य आरोपी बनाया गया था। एक मौजूदा प्रधानमंत्री की हाई-प्रोफाइल हत्या में उसकी भूमिका के लिए LTTE को भारत में बैन कर दिया गया था। विजय ने मुलिवाइक्कल को याद किया प्रभाकरन को 18 मई, 2009 को श्रीलंका के मुलिवाइक्कल में श्रीलंका की सेना ने गोली मार दी थी। उनकी डेथ एनिवर्सरी पर विजय ने कल उस जगह का ज़िक्र किया और X पर लिखा, “हम मुलिवाइक्कल की यादों को अपने दिलों में रखेंगे! हम समुद्र के पार रहने वाले अपने तमिल रिश्तेदारों के अधिकारों के लिए हमेशा एकता में खड़े रहेंगे!” भाजपा बोली- कांग्रेस सत्ता के लिए चुप भाजपा के मीडिया सेल चीफ अमित मालवीय ने विजय के प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर राहुल गांधी को याद दिलाया कि उनके पिता की हत्या में LTTE का रोल था। उन्होंने लिखा- तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री ने LTTE चीफ वेलुपिल्लई प्रभाकरन को श्रद्धांजलि दी है, जिसके संगठन ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की थी। राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि कांग्रेस सत्ता में शामिल है। DMK भी LTTE का समर्थक था फिर भी कांग्रेस उसके साथ गठबंधन में रही। पहले भी प्रभाकरन का जिक्र कर चुके हैं विजय विजय इससे पहले भी चुनाव प्रचार के दौरान ईलम तमिलों और प्रभाकरन का जिक्र कर चुके हैं। पिछले साल नागापट्टिनम में एक सभा में उन्होंने कहा था कि श्रीलंका और दुनियाभर में रहने वाले तमिल ऐसे नेता को खोने के दुख में हैं, जिसने उन्हें मां जैसा प्यार दिया। उन्होंने कहा था कि ईलम तमिलों के लिए आवाज उठाना उनका कर्तव्य है। तमिलनाडु की मुख्यधारा की पार्टियां आमतौर पर खुले तौर पर प्रभाकरन के समर्थन से बचती रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय का यह रुख राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। विजय की सरकार को विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) का समर्थन हासिल है। VCK लंबे समय से श्रीलंकाई तमिलों और LTTE के प्रति सहानुभूति रखने वाली पार्टी मानी जाती रही है। मुलिवाइक्कल क्यों अहम है दुनियाभर में लंकाई तमिल आबादी और भारत में तमिलों का एक हिस्सा 18 मई को मुलिवाइकल रिमेंबरेंस डे (या तमिल जेनोसाइड रिमेंबरेंस डे) के तौर पर मनाता है। यह उन हजारों तमिल नागरिकों को याद करता है जो 2009 में श्रीलंकाई सिविल वॉर के दौरान मुलिवाइकल के तटीय गांव में हमले के दौरान मारे गए थे। करीब 30 साल तक चला श्रीलंका का गृहयुद्ध तमिलों के लिए अलग देश की मांग से शुरू हुआ था। बाद में यह श्रीलंकाई सेना और LTTE के बीच बड़े सशस्त्र संघर्ष में बदल गया। 2009 में मुलिवाइक्कल में हुए अंतिम सैन्य अभियान के साथ युद्ध खत्म हुआ। 18 मई 2009 को LTTE चीफ प्रभाकरन की मौत के साथ ही श्रीलंका सरकार ने LTTE के खात्मे की घोषणा की थी। 10 मई को विजय ने CM बने तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 234 में 108 सीटें जीतीं थीं। पार्टी चीफ सी जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार गैर-द्रविड़ दल (DMK या AIADMK) का मुख्यमंत्री बना है। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद, DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा, इसे तीसरे नंबर पर धकेला तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था, लेकिन उसे तीसरे नंबर पर धकेल दिया गया। ये परंपरा के खिलाफ है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy

Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy

Hindi News National Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy | BJP Targets Rahul Gandhi नई दिल्ली39 मिनट पहले कॉपी लिंक 10 मई को शपथ के दौरान राहुल गांधी के साथ एक्टर विजय। TVK सरकार को कांग्रेस ने समर्थन दिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बैन किए गए संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के फाउंडर वी प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इस पर कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि वो सत्ता में शामिल हैं। कांग्रेस अब तमिलनाडु में विजय की सरकार को सपोर्ट कर रही है। प्रभाकरन को 1991 में राजीव गांधी की हत्या का मुख्य आरोपी बनाया गया था। एक मौजूदा प्रधानमंत्री की हाई-प्रोफाइल हत्या में उसकी भूमिका के लिए LTTE को भारत में बैन कर दिया गया था। विजय ने मुलिवाइक्कल को याद किया प्रभाकरन को 18 मई, 2009 को श्रीलंका के मुलिवाइक्कल में श्रीलंका की सेना ने गोली मार दी थी। उनकी डेथ एनिवर्सरी पर विजय ने कल उस जगह का ज़िक्र किया और X पर लिखा, “हम मुलिवाइक्कल की यादों को अपने दिलों में रखेंगे! हम समुद्र के पार रहने वाले अपने तमिल रिश्तेदारों के अधिकारों के लिए हमेशा एकता में खड़े रहेंगे!” भाजपा बोली- कांग्रेस सत्ता के लिए चुप भाजपा के मीडिया सेल चीफ अमित मालवीय ने विजय के प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर राहुल गांधी को याद दिलाया कि उनके पिता की हत्या में LTTE का रोल था। उन्होंने लिखा- तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री ने LTTE चीफ वेलुपिल्लई प्रभाकरन को श्रद्धांजलि दी है, जिसके संगठन ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की थी। राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि कांग्रेस सत्ता में शामिल है। DMK भी LTTE का समर्थक था फिर भी कांग्रेस उसके साथ गठबंधन में रही। पहले भी प्रभाकरन का जिक्र कर चुके हैं विजय विजय इससे पहले भी चुनाव प्रचार के दौरान ईलम तमिलों और प्रभाकरन का जिक्र कर चुके हैं। पिछले साल नागापट्टिनम में एक सभा में उन्होंने कहा था कि श्रीलंका और दुनियाभर में रहने वाले तमिल ऐसे नेता को खोने के दुख में हैं, जिसने उन्हें मां जैसा प्यार दिया। उन्होंने कहा था कि ईलम तमिलों के लिए आवाज उठाना उनका कर्तव्य है। तमिलनाडु की मुख्यधारा की पार्टियां आमतौर पर खुले तौर पर प्रभाकरन के समर्थन से बचती रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय का यह रुख राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। विजय की सरकार को विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) का समर्थन हासिल है। VCK लंबे समय से श्रीलंकाई तमिलों और LTTE के प्रति सहानुभूति रखने वाली पार्टी मानी जाती रही है। मुलिवाइक्कल क्यों अहम है दुनियाभर में लंकाई तमिल आबादी और भारत में तमिलों का एक हिस्सा 18 मई को मुलिवाइकल रिमेंबरेंस डे (या तमिल जेनोसाइड रिमेंबरेंस डे) के तौर पर मनाता है। यह उन हजारों तमिल नागरिकों को याद करता है जो 2009 में श्रीलंकाई सिविल वॉर के दौरान मुलिवाइकल के तटीय गांव में हमले के दौरान मारे गए थे। करीब 30 साल तक चला श्रीलंका का गृहयुद्ध तमिलों के लिए अलग देश की मांग से शुरू हुआ था। बाद में यह श्रीलंकाई सेना और LTTE के बीच बड़े सशस्त्र संघर्ष में बदल गया। 2009 में मुलिवाइक्कल में हुए अंतिम सैन्य अभियान के साथ युद्ध खत्म हुआ। 18 मई 2009 को LTTE चीफ प्रभाकरन की मौत के साथ ही श्रीलंका सरकार ने LTTE के खात्मे की घोषणा की थी। 10 मई को विजय ने CM बने तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 234 में 108 सीटें जीतीं थीं। पार्टी चीफ सी जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार गैर-द्रविड़ दल (DMK या AIADMK) का मुख्यमंत्री बना है। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद, DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा, इसे तीसरे नंबर पर धकेला तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था, लेकिन उसे तीसरे नंबर पर धकेल दिया गया। ये परंपरा के खिलाफ है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Tamil Nadu CM Vijay to Prove Majority

Tamil Nadu CM Vijay to Prove Majority

चेन्नई16 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु विधानसभा में आज TVK सरकार का फ्लोर टेस्ट है। विजय को बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायक चाहिए। 234 सदस्यों की विधानसभा में TVK के पास 108 विधायक हैं (विजय दो सीटों से चुनाव जीते हैं)। TVK को कांग्रेस, लेफ्ट, IUML और VCK के 13 विधायकों का समर्थन मिला है। यानी विजय के पास 121 विधायकों का समर्थन है। हालांकि मंगलवार को खबर आई कि AIADMK के 30 विधायकों का एक गुट विजय को समर्थन दे सकता है। इस बीच AIADMK ने पार्टी के सभी 47 विधायकों के लिए व्हिप जारी किया। जिसमें कहा गया कि फ्लोर टेस्ट में TVK के खिलाफ वोट दें। जो विधायक पार्टी के निर्देश के खिलाफ काम करेंगे, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। दरअसल AIADMK के दो गुटों में बंटने की चर्चा है। एक गुट पलासामी का है, दूसरा सीवी षणमुगम का। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK चीफ विजय मंगलवार को AIADMK विधायक सीवी षणमुगम के ऑफिस पहुंचे थे। AIADMK सांसद बोले- व्हिप को मानना जरूरी, नहीं तो कार्रवाई होगी AIADMK के राज्यसभा सांसद आईएस इनबादुराई ने X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में पार्टी आलाकमान ने आधिकारिक व्हिप जारी किया है। उन्होंने आगे कहा कि विश्वास मत के दौरान, व्हिप के खिलाफ वोट देना, वोट न डालना, या तटस्थ रहना। ये सभी दलबदल कानून के तहत माने जाएंगे। कोई भी व्यक्ति अलग गुट के तौर पर काम कर रहा है या दावा कर रहा है वह अलग से व्हिप नियुक्त नहीं कर सकता। शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए, इनबादुराई ने कहा कि कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि विधायक दल का व्हिप नियुक्त करने का अधिकार सिर्फ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के नेतृत्व के पास होता है, न कि विधायकों के किसी अलग हुए गुट के पास। AIADMK में फूट की चर्चा, षणमुगम गुट के पास 30 विधायक AIADMK पार्टी के दो धड़ों में बंटने की चर्चा है। षणमुगम और वेलुमणि ने AIADMK के कई विधायकों के साथ विजय की सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है। षणमुगम ने पार्टी प्रमुख ईके पलानीसामी पर DMK के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- AIADMK की स्थापना DMK का विरोध करने के लिए हुई थी। हम DMK से जुड़ते तो खत्म हो जाते। सूत्रों के मुताबिक करीब 30 विधायक बागी खेमे में हैं। AIADMK ने 164 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सिर्फ 47 सीटें जीत सकी। AIADMK का आरोप- कुछ नेता TVK सरकार में मंत्री पद चाहते हैं AIADMK ने पार्टी में बगावत और DMK से हाथ मिलाने के आरोपों को अफवाह करार दिया है। पार्टी ने X पर पोस्ट कर कहा कि कुछ नेता खुद TVK सरकार में मंत्री पद चाहते हैं। पार्टी ने दावा किया कि कार्यकर्ता अब भी पलानीस्वामी के साथ मजबूती से खड़े हैं। DMK ने भी AIADMK नेताओं के दावों को खारिज किया है। DMK नेता आरएस भारती ने कहा कि पार्टी पहले ही साफ कर चुकी है कि वह विपक्ष की भूमिका निभाएगी। AIADMK में फूट की 4 वजहें… पार्टी के नेताओं में विश्वास नहीं रहा: आधिकारिक तौर पर एडप्पादी पलानीसामी AIADMK के महासचिव है, लेकिन पार्टी के भीतर ज्यादातर लोग अब उनके साथ नहीं हैं। माना जा रहा है कि बागी गुट अब औपचारिक रूप से अलग होने की तैयारी कर रहा है। पिछले 5 चुनावों से हार रही पार्टी: पार्टी के भीतर का यह संकट AIADMK के लिए एक मुश्किल दौर में सामने आया है, जब पार्टी को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा। इसमें 2019 का आम चुनाव, 2021 का विधानसभा चुनाव, 2024 का लोकसभा चुनाव और 2021 का विधानसभा चुनाव शामिल हैं। इसके अलावा पार्टी को 2025 में इरोड उपचुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा। 2024 में पलानीसामी का बीजेपी से मतभेद: AIADMK के नेताओं का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले गठबंधन पर हुई बातचीत के दौरान एडप्पादी पलानीसामी ने कथित तौर पर BJP के वरिष्ठ नेताओं का अपमान किया था, तब से दिल्ली के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए। 2026 चुनाव में भाजपा को कमजोर सीटें देना: बागी नेताओं ने पार्टी प्रमुख पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में BJP को 27 ऐसी सीटें दी थीं, जिन पर जीतना लगभग नामुमकिन था। यह राजनीतिक तौर पर BJP को कमजोर करने की कोशिश थी। 10 मई- विजय तमिलनाडु के 9वें सीएम बने विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री की शपथ ली थी। TVK नेता एमवी करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल ने CM विजय को 13 मई को विश्वास मत हासिल करने को कहा है। विजय ने ज्योतिषी को OSD बनाया; 717 शराब दुकानें बंद करने का आदेश विजय ने ‘रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल’ को अपना विशेष कार्याधिकारी (OSD) नियुक्त किया है। इस पर कांग्रेस सांसद ससिकांत सेंथिल ने कहा, ‘समझ नहीं आता ज्योतिषी को ओएसडी पद क्यों चाहिए है?’ विजय सरकार ने मंगलवार को राज्यभर में 717 शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है। ये दुकानें मंदिरों, स्कूल-कॉलेजों और बस स्टैंड के पास हैं। टीवीके ने कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक जगहों पर पोस्टर-बैनर न लगाने का निर्देश भी जारी किया है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद: DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई है। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Tamil Nadu CM Vijay to Prove Majority

Tamil Nadu CM Vijay to Prove Majority

चेन्नई2 घंटे पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु विधानसभा में आज TVK सरकार का फ्लोर टेस्ट है। विजय को बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायक चाहिए। 234 सदस्यों की विधानसभा में TVK के पास 108 विधायक हैं (विजय दो सीटों से चुनाव जीते हैं)। TVK को कांग्रेस, लेफ्ट, IUML और VCK के 13 विधायकों का समर्थन मिला है। यानी विजय के पास 121 विधायकों का समर्थन है। हालांकि मंगलवार को खबर आई कि AIADMK के 30 विधायकों का एक गुट विजय को समर्थन दे सकता है। इस बीच AIADMK ने पार्टी के सभी 47 विधायकों के लिए व्हिप जारी किया। जिसमें कहा गया कि फ्लोर टेस्ट में TVK के खिलाफ वोट दें। जो विधायक पार्टी के निर्देश के खिलाफ काम करेंगे, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। दरअसल AIADMK के दो गुटों में बंटने की चर्चा है। एक गुट पलासामी का है, दूसरा सीवी षणमुगम का। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK चीफ विजय मंगलवार को AIADMK विधायक सीवी षणमुगम के ऑफिस पहुंचे थे। AIADMK सांसद बोले- व्हिप को मानना जरूरी, नहीं तो कार्रवाई होगी AIADMK के राज्यसभा सांसद आईएस इनबादुराई ने X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में पार्टी आलाकमान ने आधिकारिक व्हिप जारी किया है। उन्होंने आगे कहा कि विश्वास मत के दौरान, व्हिप के खिलाफ वोट देना, वोट न डालना, या तटस्थ रहना। ये सभी दलबदल कानून के तहत माने जाएंगे। कोई भी व्यक्ति अलग गुट के तौर पर काम कर रहा है या दावा कर रहा है वह अलग से व्हिप नियुक्त नहीं कर सकता। शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए, इनबादुराई ने कहा कि कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि विधायक दल का व्हिप नियुक्त करने का अधिकार सिर्फ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के नेतृत्व के पास होता है, न कि विधायकों के किसी अलग हुए गुट के पास। AIADMK में फूट की चर्चा, षणमुगम गुट के पास 30 विधायक AIADMK पार्टी के दो धड़ों में बंटने की चर्चा है। षणमुगम और वेलुमणि ने AIADMK के कई विधायकों के साथ विजय की सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है। षणमुगम ने पार्टी प्रमुख ईके पलानीसामी पर DMK के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- AIADMK की स्थापना DMK का विरोध करने के लिए हुई थी। हम DMK से जुड़ते तो खत्म हो जाते। सूत्रों के मुताबिक करीब 30 विधायक बागी खेमे में हैं। AIADMK ने 164 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सिर्फ 47 सीटें जीत सकी। AIADMK का आरोप- कुछ नेता TVK सरकार में मंत्री पद चाहते हैं AIADMK ने पार्टी में बगावत और DMK से हाथ मिलाने के आरोपों को अफवाह करार दिया है। पार्टी ने X पर पोस्ट कर कहा कि कुछ नेता खुद TVK सरकार में मंत्री पद चाहते हैं। पार्टी ने दावा किया कि कार्यकर्ता अब भी पलानीस्वामी के साथ मजबूती से खड़े हैं। DMK ने भी AIADMK नेताओं के दावों को खारिज किया है। DMK नेता आरएस भारती ने कहा कि पार्टी पहले ही साफ कर चुकी है कि वह विपक्ष की भूमिका निभाएगी। AIADMK में फूट की 4 वजहें… पार्टी के नेताओं में विश्वास नहीं रहा: आधिकारिक तौर पर एडप्पादी पलानीसामी AIADMK के महासचिव है, लेकिन पार्टी के भीतर ज्यादातर लोग अब उनके साथ नहीं हैं। माना जा रहा है कि बागी गुट अब औपचारिक रूप से अलग होने की तैयारी कर रहा है। पिछले 5 चुनावों से हार रही पार्टी: पार्टी के भीतर का यह संकट AIADMK के लिए एक मुश्किल दौर में सामने आया है, जब पार्टी को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा। इसमें 2019 का आम चुनाव, 2021 का विधानसभा चुनाव, 2024 का लोकसभा चुनाव और 2021 का विधानसभा चुनाव शामिल हैं। इसके अलावा पार्टी को 2025 में इरोड उपचुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा। 2024 में पलानीसामी का बीजेपी से मतभेद: AIADMK के नेताओं का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले गठबंधन पर हुई बातचीत के दौरान एडप्पादी पलानीसामी ने कथित तौर पर BJP के वरिष्ठ नेताओं का अपमान किया था, तब से दिल्ली के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए। 2026 चुनाव में भाजपा को कमजोर सीटें देना: बागी नेताओं ने पार्टी प्रमुख पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में BJP को 27 ऐसी सीटें दी थीं, जिन पर जीतना लगभग नामुमकिन था। यह राजनीतिक तौर पर BJP को कमजोर करने की कोशिश थी। 10 मई- विजय तमिलनाडु के 9वें सीएम बने विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री की शपथ ली थी। TVK नेता एमवी करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल ने CM विजय को 13 मई को विश्वास मत हासिल करने को कहा है। विजय ने ज्योतिषी को OSD बनाया; 717 शराब दुकानें बंद करने का आदेश विजय ने ‘रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल’ को अपना विशेष कार्याधिकारी (OSD) नियुक्त किया है। इस पर कांग्रेस सांसद ससिकांत सेंथिल ने कहा, ‘समझ नहीं आता ज्योतिषी को ओएसडी पद क्यों चाहिए है?’ विजय सरकार ने मंगलवार को राज्यभर में 717 शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है। ये दुकानें मंदिरों, स्कूल-कॉलेजों और बस स्टैंड के पास हैं। टीवीके ने कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक जगहों पर पोस्टर-बैनर न लगाने का निर्देश भी जारी किया है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद: DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई है। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Tamil Nadu CM Vijay LIVE Updates; TN Assembly Session – TASMAC Liquor Shops Closure

Tamil Nadu CM Vijay LIVE Updates; TN Assembly Session - TASMAC Liquor Shops Closure

Hindi News National Tamil Nadu CM Vijay LIVE Updates; TN Assembly Session TASMAC Liquor Shops Closure | TVK DMK MLAs चेन्नई12 मिनट पहले कॉपी लिंक श्रीनिवास सेतुपति को सिर्फ एक वोट के अंतर से विजयी घोषित किया गया था। मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को TVK विधायक आर श्रीनिवास सेतुपति पर 17वीं विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव समेत किसी भी वोटिंग में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी है। सेतुपति ने तिरुपत्तूर विधानसभा सीट पर DMK उम्मीदवार केआर पेरियाकरुप्पन को महज एक वोट से हराया था। सेतुपति को 83,365 वोट मिले, वहीं पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट मिले थे। पेरियाकरुप्पन ने वोटों की दोबारा गिनती और श्रीनिवासा सेतुपति को विधायक के तौर पर शपथ लेने से रोकने के लिए एक अंतरिम आदेश की भी मांग की थी। जस्टिस एल विक्टोरिया गौरी और एन सेंथिलकुमार की वेकेशन बेंच की तरफ से लगाई गई रोक के बाद सेतुपति किसी भी अविश्वास प्रस्ताव पर भी वोट नहीं दे सकते। संयोग से CM जोसेफ विजय की TVK सरकार को 13 मई को अपना फ्लोर टेस्ट देना है। जो मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण के तीन दिन बाद होने वाला है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…