Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy

Hindi News National Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy | BJP Targets Rahul Gandhi नई दिल्ली39 मिनट पहले कॉपी लिंक 10 मई को शपथ के दौरान राहुल गांधी के साथ एक्टर विजय। TVK सरकार को कांग्रेस ने समर्थन दिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बैन किए गए संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के फाउंडर वी प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इस पर कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि वो सत्ता में शामिल हैं। कांग्रेस अब तमिलनाडु में विजय की सरकार को सपोर्ट कर रही है। प्रभाकरन को 1991 में राजीव गांधी की हत्या का मुख्य आरोपी बनाया गया था। एक मौजूदा प्रधानमंत्री की हाई-प्रोफाइल हत्या में उसकी भूमिका के लिए LTTE को भारत में बैन कर दिया गया था। विजय ने मुलिवाइक्कल को याद किया प्रभाकरन को 18 मई, 2009 को श्रीलंका के मुलिवाइक्कल में श्रीलंका की सेना ने गोली मार दी थी। उनकी डेथ एनिवर्सरी पर विजय ने कल उस जगह का ज़िक्र किया और X पर लिखा, “हम मुलिवाइक्कल की यादों को अपने दिलों में रखेंगे! हम समुद्र के पार रहने वाले अपने तमिल रिश्तेदारों के अधिकारों के लिए हमेशा एकता में खड़े रहेंगे!” भाजपा बोली- कांग्रेस सत्ता के लिए चुप भाजपा के मीडिया सेल चीफ अमित मालवीय ने विजय के प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर राहुल गांधी को याद दिलाया कि उनके पिता की हत्या में LTTE का रोल था। उन्होंने लिखा- तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री ने LTTE चीफ वेलुपिल्लई प्रभाकरन को श्रद्धांजलि दी है, जिसके संगठन ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की थी। राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि कांग्रेस सत्ता में शामिल है। DMK भी LTTE का समर्थक था फिर भी कांग्रेस उसके साथ गठबंधन में रही। पहले भी प्रभाकरन का जिक्र कर चुके हैं विजय विजय इससे पहले भी चुनाव प्रचार के दौरान ईलम तमिलों और प्रभाकरन का जिक्र कर चुके हैं। पिछले साल नागापट्टिनम में एक सभा में उन्होंने कहा था कि श्रीलंका और दुनियाभर में रहने वाले तमिल ऐसे नेता को खोने के दुख में हैं, जिसने उन्हें मां जैसा प्यार दिया। उन्होंने कहा था कि ईलम तमिलों के लिए आवाज उठाना उनका कर्तव्य है। तमिलनाडु की मुख्यधारा की पार्टियां आमतौर पर खुले तौर पर प्रभाकरन के समर्थन से बचती रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय का यह रुख राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। विजय की सरकार को विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) का समर्थन हासिल है। VCK लंबे समय से श्रीलंकाई तमिलों और LTTE के प्रति सहानुभूति रखने वाली पार्टी मानी जाती रही है। मुलिवाइक्कल क्यों अहम है दुनियाभर में लंकाई तमिल आबादी और भारत में तमिलों का एक हिस्सा 18 मई को मुलिवाइकल रिमेंबरेंस डे (या तमिल जेनोसाइड रिमेंबरेंस डे) के तौर पर मनाता है। यह उन हजारों तमिल नागरिकों को याद करता है जो 2009 में श्रीलंकाई सिविल वॉर के दौरान मुलिवाइकल के तटीय गांव में हमले के दौरान मारे गए थे। करीब 30 साल तक चला श्रीलंका का गृहयुद्ध तमिलों के लिए अलग देश की मांग से शुरू हुआ था। बाद में यह श्रीलंकाई सेना और LTTE के बीच बड़े सशस्त्र संघर्ष में बदल गया। 2009 में मुलिवाइक्कल में हुए अंतिम सैन्य अभियान के साथ युद्ध खत्म हुआ। 18 मई 2009 को LTTE चीफ प्रभाकरन की मौत के साथ ही श्रीलंका सरकार ने LTTE के खात्मे की घोषणा की थी। 10 मई को विजय ने CM बने तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 234 में 108 सीटें जीतीं थीं। पार्टी चीफ सी जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार गैर-द्रविड़ दल (DMK या AIADMK) का मुख्यमंत्री बना है। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद, DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा, इसे तीसरे नंबर पर धकेला तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था, लेकिन उसे तीसरे नंबर पर धकेल दिया गया। ये परंपरा के खिलाफ है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Tamil Nadu CM Vijay to Prove Majority

चेन्नई16 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु विधानसभा में आज TVK सरकार का फ्लोर टेस्ट है। विजय को बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायक चाहिए। 234 सदस्यों की विधानसभा में TVK के पास 108 विधायक हैं (विजय दो सीटों से चुनाव जीते हैं)। TVK को कांग्रेस, लेफ्ट, IUML और VCK के 13 विधायकों का समर्थन मिला है। यानी विजय के पास 121 विधायकों का समर्थन है। हालांकि मंगलवार को खबर आई कि AIADMK के 30 विधायकों का एक गुट विजय को समर्थन दे सकता है। इस बीच AIADMK ने पार्टी के सभी 47 विधायकों के लिए व्हिप जारी किया। जिसमें कहा गया कि फ्लोर टेस्ट में TVK के खिलाफ वोट दें। जो विधायक पार्टी के निर्देश के खिलाफ काम करेंगे, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। दरअसल AIADMK के दो गुटों में बंटने की चर्चा है। एक गुट पलासामी का है, दूसरा सीवी षणमुगम का। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK चीफ विजय मंगलवार को AIADMK विधायक सीवी षणमुगम के ऑफिस पहुंचे थे। AIADMK सांसद बोले- व्हिप को मानना जरूरी, नहीं तो कार्रवाई होगी AIADMK के राज्यसभा सांसद आईएस इनबादुराई ने X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में पार्टी आलाकमान ने आधिकारिक व्हिप जारी किया है। उन्होंने आगे कहा कि विश्वास मत के दौरान, व्हिप के खिलाफ वोट देना, वोट न डालना, या तटस्थ रहना। ये सभी दलबदल कानून के तहत माने जाएंगे। कोई भी व्यक्ति अलग गुट के तौर पर काम कर रहा है या दावा कर रहा है वह अलग से व्हिप नियुक्त नहीं कर सकता। शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए, इनबादुराई ने कहा कि कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि विधायक दल का व्हिप नियुक्त करने का अधिकार सिर्फ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के नेतृत्व के पास होता है, न कि विधायकों के किसी अलग हुए गुट के पास। AIADMK में फूट की चर्चा, षणमुगम गुट के पास 30 विधायक AIADMK पार्टी के दो धड़ों में बंटने की चर्चा है। षणमुगम और वेलुमणि ने AIADMK के कई विधायकों के साथ विजय की सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है। षणमुगम ने पार्टी प्रमुख ईके पलानीसामी पर DMK के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- AIADMK की स्थापना DMK का विरोध करने के लिए हुई थी। हम DMK से जुड़ते तो खत्म हो जाते। सूत्रों के मुताबिक करीब 30 विधायक बागी खेमे में हैं। AIADMK ने 164 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सिर्फ 47 सीटें जीत सकी। AIADMK का आरोप- कुछ नेता TVK सरकार में मंत्री पद चाहते हैं AIADMK ने पार्टी में बगावत और DMK से हाथ मिलाने के आरोपों को अफवाह करार दिया है। पार्टी ने X पर पोस्ट कर कहा कि कुछ नेता खुद TVK सरकार में मंत्री पद चाहते हैं। पार्टी ने दावा किया कि कार्यकर्ता अब भी पलानीस्वामी के साथ मजबूती से खड़े हैं। DMK ने भी AIADMK नेताओं के दावों को खारिज किया है। DMK नेता आरएस भारती ने कहा कि पार्टी पहले ही साफ कर चुकी है कि वह विपक्ष की भूमिका निभाएगी। AIADMK में फूट की 4 वजहें… पार्टी के नेताओं में विश्वास नहीं रहा: आधिकारिक तौर पर एडप्पादी पलानीसामी AIADMK के महासचिव है, लेकिन पार्टी के भीतर ज्यादातर लोग अब उनके साथ नहीं हैं। माना जा रहा है कि बागी गुट अब औपचारिक रूप से अलग होने की तैयारी कर रहा है। पिछले 5 चुनावों से हार रही पार्टी: पार्टी के भीतर का यह संकट AIADMK के लिए एक मुश्किल दौर में सामने आया है, जब पार्टी को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा। इसमें 2019 का आम चुनाव, 2021 का विधानसभा चुनाव, 2024 का लोकसभा चुनाव और 2021 का विधानसभा चुनाव शामिल हैं। इसके अलावा पार्टी को 2025 में इरोड उपचुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा। 2024 में पलानीसामी का बीजेपी से मतभेद: AIADMK के नेताओं का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले गठबंधन पर हुई बातचीत के दौरान एडप्पादी पलानीसामी ने कथित तौर पर BJP के वरिष्ठ नेताओं का अपमान किया था, तब से दिल्ली के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए। 2026 चुनाव में भाजपा को कमजोर सीटें देना: बागी नेताओं ने पार्टी प्रमुख पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में BJP को 27 ऐसी सीटें दी थीं, जिन पर जीतना लगभग नामुमकिन था। यह राजनीतिक तौर पर BJP को कमजोर करने की कोशिश थी। 10 मई- विजय तमिलनाडु के 9वें सीएम बने विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री की शपथ ली थी। TVK नेता एमवी करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल ने CM विजय को 13 मई को विश्वास मत हासिल करने को कहा है। विजय ने ज्योतिषी को OSD बनाया; 717 शराब दुकानें बंद करने का आदेश विजय ने ‘रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल’ को अपना विशेष कार्याधिकारी (OSD) नियुक्त किया है। इस पर कांग्रेस सांसद ससिकांत सेंथिल ने कहा, ‘समझ नहीं आता ज्योतिषी को ओएसडी पद क्यों चाहिए है?’ विजय सरकार ने मंगलवार को राज्यभर में 717 शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है। ये दुकानें मंदिरों, स्कूल-कॉलेजों और बस स्टैंड के पास हैं। टीवीके ने कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक जगहों पर पोस्टर-बैनर न लगाने का निर्देश भी जारी किया है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद: DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई है। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Tamil Nadu CM Vijay to Prove Majority

चेन्नई2 घंटे पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु विधानसभा में आज TVK सरकार का फ्लोर टेस्ट है। विजय को बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायक चाहिए। 234 सदस्यों की विधानसभा में TVK के पास 108 विधायक हैं (विजय दो सीटों से चुनाव जीते हैं)। TVK को कांग्रेस, लेफ्ट, IUML और VCK के 13 विधायकों का समर्थन मिला है। यानी विजय के पास 121 विधायकों का समर्थन है। हालांकि मंगलवार को खबर आई कि AIADMK के 30 विधायकों का एक गुट विजय को समर्थन दे सकता है। इस बीच AIADMK ने पार्टी के सभी 47 विधायकों के लिए व्हिप जारी किया। जिसमें कहा गया कि फ्लोर टेस्ट में TVK के खिलाफ वोट दें। जो विधायक पार्टी के निर्देश के खिलाफ काम करेंगे, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। दरअसल AIADMK के दो गुटों में बंटने की चर्चा है। एक गुट पलासामी का है, दूसरा सीवी षणमुगम का। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK चीफ विजय मंगलवार को AIADMK विधायक सीवी षणमुगम के ऑफिस पहुंचे थे। AIADMK सांसद बोले- व्हिप को मानना जरूरी, नहीं तो कार्रवाई होगी AIADMK के राज्यसभा सांसद आईएस इनबादुराई ने X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में पार्टी आलाकमान ने आधिकारिक व्हिप जारी किया है। उन्होंने आगे कहा कि विश्वास मत के दौरान, व्हिप के खिलाफ वोट देना, वोट न डालना, या तटस्थ रहना। ये सभी दलबदल कानून के तहत माने जाएंगे। कोई भी व्यक्ति अलग गुट के तौर पर काम कर रहा है या दावा कर रहा है वह अलग से व्हिप नियुक्त नहीं कर सकता। शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए, इनबादुराई ने कहा कि कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि विधायक दल का व्हिप नियुक्त करने का अधिकार सिर्फ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के नेतृत्व के पास होता है, न कि विधायकों के किसी अलग हुए गुट के पास। AIADMK में फूट की चर्चा, षणमुगम गुट के पास 30 विधायक AIADMK पार्टी के दो धड़ों में बंटने की चर्चा है। षणमुगम और वेलुमणि ने AIADMK के कई विधायकों के साथ विजय की सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है। षणमुगम ने पार्टी प्रमुख ईके पलानीसामी पर DMK के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- AIADMK की स्थापना DMK का विरोध करने के लिए हुई थी। हम DMK से जुड़ते तो खत्म हो जाते। सूत्रों के मुताबिक करीब 30 विधायक बागी खेमे में हैं। AIADMK ने 164 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सिर्फ 47 सीटें जीत सकी। AIADMK का आरोप- कुछ नेता TVK सरकार में मंत्री पद चाहते हैं AIADMK ने पार्टी में बगावत और DMK से हाथ मिलाने के आरोपों को अफवाह करार दिया है। पार्टी ने X पर पोस्ट कर कहा कि कुछ नेता खुद TVK सरकार में मंत्री पद चाहते हैं। पार्टी ने दावा किया कि कार्यकर्ता अब भी पलानीस्वामी के साथ मजबूती से खड़े हैं। DMK ने भी AIADMK नेताओं के दावों को खारिज किया है। DMK नेता आरएस भारती ने कहा कि पार्टी पहले ही साफ कर चुकी है कि वह विपक्ष की भूमिका निभाएगी। AIADMK में फूट की 4 वजहें… पार्टी के नेताओं में विश्वास नहीं रहा: आधिकारिक तौर पर एडप्पादी पलानीसामी AIADMK के महासचिव है, लेकिन पार्टी के भीतर ज्यादातर लोग अब उनके साथ नहीं हैं। माना जा रहा है कि बागी गुट अब औपचारिक रूप से अलग होने की तैयारी कर रहा है। पिछले 5 चुनावों से हार रही पार्टी: पार्टी के भीतर का यह संकट AIADMK के लिए एक मुश्किल दौर में सामने आया है, जब पार्टी को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा। इसमें 2019 का आम चुनाव, 2021 का विधानसभा चुनाव, 2024 का लोकसभा चुनाव और 2021 का विधानसभा चुनाव शामिल हैं। इसके अलावा पार्टी को 2025 में इरोड उपचुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा। 2024 में पलानीसामी का बीजेपी से मतभेद: AIADMK के नेताओं का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले गठबंधन पर हुई बातचीत के दौरान एडप्पादी पलानीसामी ने कथित तौर पर BJP के वरिष्ठ नेताओं का अपमान किया था, तब से दिल्ली के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए। 2026 चुनाव में भाजपा को कमजोर सीटें देना: बागी नेताओं ने पार्टी प्रमुख पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में BJP को 27 ऐसी सीटें दी थीं, जिन पर जीतना लगभग नामुमकिन था। यह राजनीतिक तौर पर BJP को कमजोर करने की कोशिश थी। 10 मई- विजय तमिलनाडु के 9वें सीएम बने विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री की शपथ ली थी। TVK नेता एमवी करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल ने CM विजय को 13 मई को विश्वास मत हासिल करने को कहा है। विजय ने ज्योतिषी को OSD बनाया; 717 शराब दुकानें बंद करने का आदेश विजय ने ‘रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल’ को अपना विशेष कार्याधिकारी (OSD) नियुक्त किया है। इस पर कांग्रेस सांसद ससिकांत सेंथिल ने कहा, ‘समझ नहीं आता ज्योतिषी को ओएसडी पद क्यों चाहिए है?’ विजय सरकार ने मंगलवार को राज्यभर में 717 शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है। ये दुकानें मंदिरों, स्कूल-कॉलेजों और बस स्टैंड के पास हैं। टीवीके ने कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक जगहों पर पोस्टर-बैनर न लगाने का निर्देश भी जारी किया है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद: DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई है। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Tamil Nadu CM Vijay LIVE Updates; TN Assembly Session – TASMAC Liquor Shops Closure

Hindi News National Tamil Nadu CM Vijay LIVE Updates; TN Assembly Session TASMAC Liquor Shops Closure | TVK DMK MLAs चेन्नई12 मिनट पहले कॉपी लिंक श्रीनिवास सेतुपति को सिर्फ एक वोट के अंतर से विजयी घोषित किया गया था। मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को TVK विधायक आर श्रीनिवास सेतुपति पर 17वीं विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव समेत किसी भी वोटिंग में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी है। सेतुपति ने तिरुपत्तूर विधानसभा सीट पर DMK उम्मीदवार केआर पेरियाकरुप्पन को महज एक वोट से हराया था। सेतुपति को 83,365 वोट मिले, वहीं पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट मिले थे। पेरियाकरुप्पन ने वोटों की दोबारा गिनती और श्रीनिवासा सेतुपति को विधायक के तौर पर शपथ लेने से रोकने के लिए एक अंतरिम आदेश की भी मांग की थी। जस्टिस एल विक्टोरिया गौरी और एन सेंथिलकुमार की वेकेशन बेंच की तरफ से लगाई गई रोक के बाद सेतुपति किसी भी अविश्वास प्रस्ताव पर भी वोट नहीं दे सकते। संयोग से CM जोसेफ विजय की TVK सरकार को 13 मई को अपना फ्लोर टेस्ट देना है। जो मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण के तीन दिन बाद होने वाला है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Tamil Nadu Assembly: Drivers Son MLA Oath

Hindi News National Tamil Nadu Assembly: Drivers Son MLA Oath | Youngest MLA Forgets Certificate 2 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को पहले दिन नए विधायकों को शपथ दिलाई गई। इस दौरान दो वाक्ये देखने को मिले। पहला- सीएम विजय के ड्राइवर के बेटे ने विधायक की शपथ ली, तो इस दौरान उन्होंने पेपर पर साइन करने से पहले विजय से पूछा। दूसरा- तमिलनाडु की सबसे युवा विधायक एस. कीर्तना सदन में जब विधायक की शपथ लेने आईं, तो अपनी जीत का सर्टिफिकेट भूल गईं। जिससे उन्हें पोडियम से वापस जाना पड़ा। तमिलनाडु में 10 मई को नई सरकार बनी है। एक्टर से नेता बने TVK चीफ जोसेफ विजय नए मुख्यमंत्री बने हैं। एस कीर्तना उन्हीं की कैबिनेट में इकलौती महिला मंत्री भी हैं। पहला वाक्या: ड्राइवर के बेटे ने परमीशन मांग, विजय मुस्कुराए यह विजुअल 29 मार्च का है, जब विजय ने सबरीनाथन को उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया था। तब सबरीनाथन के आंखों से आंसू आ गए थे। TVK चीफ विजय ने अपनी पार्टी से ड्राइवर राजेंद्रन के बेटे सबरीनाथन को विरुगंबकम से टिकट दिया था। सबरीनाथन ने यहां 27 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने DMK उम्मीदवार प्रभाकर राजा AMV और AIADMK के विरुगई VN रवि को हराया। सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा में सबरीनाथन विधायक पद की शपथ लेने पहुंचे, तो सीएम विजय वहीं बगल में बैठे हुए थे। सबरीनाथ ने शपथ पत्र पढ़ा और फिर पेपर में साइन करने से पहले इशारे से विजय से पूछा- क्या मैं साइन कर दूं। विजय ने बिना कोई जवाब दिए बस हल्की सी स्माइल की। फिर सबरीनाथन ने सभी पेपर पर साइन कर दिए। 34 साल से विजय के साथ जुड़े हैं उनके ड्राइवर राजेंद्रन TVK प्रमुख विजय के साथ 1992 में आई उनकी पहली फिल्म ‘नालैया थीरपू’ के समय से जुड़े हैं। उन्होंने विजय के ड्राइवर और पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर काम किया है। दूसरा वाक्या: विजय कैबिनेट की महिला मंत्री सर्टिफिकेट ही भूलीं 29 साल की एस कीर्तना ने 10 मई को सीएम विजय के साथ कैबिनेट में मंत्री के तौर पर शपथ ली थी। सोमवार को उनको सदन में विधायक की शपथ लेनी थी। शिवाकाशी से TVK विधायक को विधानसभा के प्रधान सचिव के. श्रीनिवासन ने पोडियम पर ही रोक दिया। दरअसल वे जीत का सर्टिफिकेट लाना भूल गईं थीं। अधिकारियों ने कहा, “जब भी वह अपना चुनाव प्रमाण पत्र जमा करेंगी, तब वह शपथ ले सकती हैं।” हालांकि दो घंटे बाद उन्होंने जरूरी काबज जमा कर शपथ ली। कीर्तना ने शिवाकाशी से कांग्रेस उम्मीदवार अशोकन जी को 11,670 वोटों से हराया। जबकि पूर्व मंत्री और AIADMK नेता के.टी. राजेंद्रबालाजी तीसरे स्थान पर रहे। कीर्तना सबसे युवा और पढ़ी-लिखी मंत्री… कीर्तना तमिलनाडु की सबसे युवा विधायक और मंत्री हैं। उनकी उम्र 29 साल है। शिवकाशी से पिछले 70 सालों में चुनाव जीतने वाली पहली महिला विधायक हैं। कीर्तना काफी पढ़ी-लिखी हैं। उन्होंने मैथ्स से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Tamil Nadu Assembly: Drivers Son MLA Oath

Hindi News National Tamil Nadu Assembly: Drivers Son MLA Oath | Youngest MLA Forgets Certificate चेन्नई3 घंटे पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को पहले दिन नए विधायकों को शपथ दिलाई गई। इस दौरान दो वाक्ये देखने को मिले। पहला- सीएम विजय के ड्राइवर के बेटे ने विधायक की शपथ ली, तो इस दौरान उन्होंने पेपर पर साइन करने से पहले विजय से पूछा। दूसरा- तमिलनाडु की सबसे युवा विधायक एस. कीर्तना सदन में जब विधायक की शपथ लेने आईं, तो अपनी जीत का सर्टिफिकेट भूल गईं। जिससे उन्हें पोडियम से वापस जाना पड़ा। तमिलनाडु में 10 मई को नई सरकार बनी है। एक्टर से नेता बने TVK चीफ जोसेफ विजय नए मुख्यमंत्री बने हैं। एस कीर्तना उन्हीं की कैबिनेट में इकलौती महिला मंत्री भी हैं। पहला वाक्या: ड्राइवर के बेटे ने परमीशन मांग, विजय मुस्कुराए सबरीनाथन ने साइन करने से पहले विजय की तरफ देखा और इशारे में पूछा, फिर पेपर पर हस्ताक्षर किए। TVK चीफ विजय ने अपनी पार्टी से ड्राइवर राजेंद्रन के बेटे सबरीनाथन को विरुगंबकम से टिकट दिया था। सबरीनाथन ने यहां 27 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने DMK उम्मीदवार प्रभाकर राजा AMV और AIADMK के विरुगई VN रवि को हराया। सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा में सबरीनाथन विधायक पद की शपथ लेने पहुंचे, तो सीएम विजय वहीं बगल में बैठे हुए थे। सबरीनाथ ने शपथ पत्र पढ़ा और फिर पेपर में साइन करने से पहले इशारे से विजय से पूछा- क्या मैं साइन कर दूं। विजय ने बिना कोई जवाब दिए बस हल्की सी स्माइल की। फिर सबरीनाथन ने सभी पेपर पर साइन कर दिए। 34 साल से विजय के साथ जुड़े हैं उनके ड्राइवर राजेंद्रन TVK प्रमुख विजय के साथ 1992 में आई उनकी पहली फिल्म ‘नालैया थीरपू’ के समय से जुड़े हैं। उन्होंने विजय के ड्राइवर और पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर काम किया है। यह विजुअल 29 मार्च का है, जब विजय ने सबरीनाथन को उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया था। तब सबरीनाथन के आंखों से आंसू आ गए थे। दूसरा वाक्या: विजय कैबिनेट की महिला मंत्री सर्टिफिकेट ही भूलीं एस कीर्तना पोडियम तक आईं लेकिन सर्टिफिकेट नहीं होने के चलते वापस लौट गईं। 29 साल की एस कीर्तना ने 10 मई को सीएम विजय के साथ कैबिनेट में मंत्री के तौर पर शपथ ली थी। सोमवार को उनको सदन में विधायक की शपथ लेनी थी। शिवाकाशी से TVK विधायक को विधानसभा के प्रधान सचिव के. श्रीनिवासन ने पोडियम पर ही रोक दिया। दरअसल वे जीत का सर्टिफिकेट लाना भूल गईं थीं। अधिकारियों ने कहा, “जब भी वह अपना चुनाव प्रमाण पत्र जमा करेंगी, तब वह शपथ ले सकती हैं।” हालांकि दो घंटे बाद उन्होंने जरूरी काबज जमा कर शपथ ली। कीर्तना ने शिवाकाशी से कांग्रेस उम्मीदवार अशोकन जी को 11,670 वोटों से हराया। जबकि पूर्व मंत्री और AIADMK नेता के.टी. राजेंद्रबालाजी तीसरे स्थान पर रहे। कीर्तना सबसे युवा और पढ़ी-लिखी मंत्री… कीर्तना तमिलनाडु की सबसे युवा विधायक और मंत्री हैं। उनकी उम्र 29 साल है। शिवकाशी से पिछले 70 सालों में चुनाव जीतने वाली पहली महिला विधायक हैं। कीर्तना काफी पढ़ी-लिखी हैं। उन्होंने मैथ्स से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। ————————— AIADMK के 30 विधायक विजय के साथ आना चाहते हैं: पलानीसामी के साथ सिर्फ 17 नेता; दो गुटों में बंट सकती है पार्टी तमिलनाडु में AIADMK पार्टी में फूट पड़ती नजर आ रही है। इस बार चुनाव में AIADMK केवल 47 सीटें ही जीत पाई। एक गुट पलानीसामी का है जिनके समर्थन में 17 नेता हैं। वहीं दूसरा गुट वेलुमणि का है जिनके पास 30 विधायकों का साथ है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Palanisamy vs Velumani Factions Emerge in Tamil Nadu

Hindi News National AIADMK Party Split: Palanisamy Vs Velumani Factions Emerge In Tamil Nadu चेन्नई1 घंटे पहले कॉपी लिंक AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीसामी सोमवार को अपने गुट के विधायकों के साथ विधानसभा पहुंचे। तमिलनाडु में AIADMK पार्टी में फूट पड़ती नजर आ रही है। इस बार चुनाव में AIADMK केवल 47 सीटें ही जीत पाई। एक गुट पलानीसामी का है जिनके समर्थन में 17 नेता हैं। वहीं दूसरा गुट वेलुमणि का है जिनके पास 30 विधायकों का साथ है। दोनों गुटों में मतभेद तब दिखाई दिए, जब AIADMK के नवनिर्वाचित सदस्य सोमवार को तमिलनाडु की 17वीं विधानसभा के पहले सत्र में शामिल होने आए। एक गुट ने प्रोटेम स्पीकर एमवी करुपैया को एक पत्र सौंपा, जिसमें उनसे पी वेलुमणि को AIADMK विधायक दल का नेता घोषित करने का आग्रह किया गया था। वहीं दूसरे गुट ने पार्टी के महासचिव एडप्पादी के. पलानीसामी को विधायक दल का नेता घोषित करने की मांग की। उधर सूत्रों की मानें तो वेलुमणि के साथ वाला 30 विधायकों का गुट राज्य में TVK पार्टी को समर्थन देना चाहता है। जबकि पलानीसामी इसका विरोध कर रहे हैं। एडप्पादी पलानीसामी अपने गुट के नेताओं के साथ सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा पहुंचे थे। AIADMK के पूर्व नेता बोले- पार्टी में फूट पड़ चुकी है AIADMK के पूर्व नेता केसी पलानीसामी ने कहा, पार्टी के भीतर साफ तौर पर फूट पड़ चुकी है। कई विधायक नेतृत्व में बदलाव चाहते हैं। अगर एडप्पादी नेता बने रहते हैं, तो इस बात की संभावना है कि कुछ विधायक TVK को समर्थन दे सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि एडप्पादी पलानीसामी को पार्टी के शीर्ष पद से स्वेच्छा से हट जाना चाहिए ताकि पार्टी फिर से एकजुट हो सके और अगला चुनाव लड़ सके। AIADMK में फूट पड़ने की 4 वजहें… पार्टी के नेताओं में विश्वास नहीं रहा: आधिकारिक तौर पर एडप्पादी पलानीसामी AIADMK के महासचिव हों। लेकिन पार्टी के भीतर ज्यादातर लोग अब उनके साथ नहीं हैं। ऐसा माना जा रहा है कि बागी गुट अब औपचारिक रूप से अलग होने की तैयारी कर रहा है। पिछले 5 चुनावों से हार रही पार्टी: पार्टी के भीतर का यह संकट AIADMK के लिए एक मुश्किल दौर में सामने आया है, जब पार्टी को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा है। जिसमें 2019 का आम चुनाव, 2021 का विधानसभा चुनाव, 2024 का लोकसभा चुनाव और 2021 का विधानसभा चुनाव शामिल हैं। इसके अलावा, पार्टी को 2025 में इरोड उपचुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा। 2024 में पलानीसामी का बीजेपी से मतभेद: AIADMK के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले गठबंधन पर हुई बातचीत के दौरान एडप्पादी पलानीसामी ने कथित तौर पर BJP के वरिष्ठ नेताओं का अपमान किया था, तब से दिल्ली के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए हैं। 2026 चुनाव में भाजपा को कमजोर सीटें देना: बागी नेताओं ने एडप्पादी पलानीसामी पर यह भी आरोप लगाया है कि उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में BJP को 27 ऐसी सीटें दी थीं जिन पर जीतना लगभग नामुमकिन था। यह राजनीतिक तौर पर BJP को कमजोर करने की कोशिश थी। TVK चीफ और एक्टर विजय तमिलनाडु के 9वें सीएम बने तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री की शपथ ली। टीवीके नेता एमवी करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल ने CM विजय को 13 मई को विश्वास मत हासिल करने को कहा है। 59 साल बाद पहली बार गैर DMK-AIADMK सरकार तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनने वाली है। 1967 में DMK ने कांग्रेस को हराकर पहली बार सत्ता हासिल की थी। 1972 में एमजी रामचंद्रन (MGR) ने DMK से अलग होकर AIADMK बनाई और तब से दोनों दल बारी-बारी से सत्ता में आते रहे। इस दौरान कांग्रेस, भाजपा, PMK, DMDK जैसी कई पार्टियां उभरीं, लेकिन कोई भी DMK-AIADMK के प्रभुत्व को खत्म नहीं कर पाई। इस तरह पिछले करीब 59 सालों से तमिलनाडु की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द ही घूमती रही। 59 सालों बाद कोई तीसरी पार्टी की सरकार बनी है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद: DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई है। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Tamil Nadu AIADMK Political Crisis Update; TVK Vijay Alliance

चेन्नई7 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु में AIADMK पार्टी में दो हिस्सों में टूट गई है। पार्टी के नेता सीवी षणमुगम ने CM विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को समर्थन देने का आधिकारिक ऐलान कर दिया। कहा जा रहा है कि उनके साथ 30 विधायकों ने भी विजय को समर्थन देना स्वीकार किया है। मंगलवार सुबह षणमुगम ने बयान दिया, ‘हम जनता के जनादेश को स्वीकार करते हैं। यह जनादेश TVK के लिए नहीं, विजय के लिए है। इसलिए हम TVK सरकार को अपना समर्थन देते हैं। अगर हम DMK के साथ गठबंधन करते तो AIADMK का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता।’ षणमुगम ने यह भी कहा- मेरी AIADMK तोड़ने की कोई मंशा नहीं है। एडप्पादी पलानीसामी ही हमारे नेता हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव में AIADMK केवल 47 सीटें ही जीत पाई। AIADMK में अब केवल पलानीसामी गुट रह गया है। इसमें 17 नेता हैं। दोनों गुटों में पहली बार मतभेद तब दिखाई दिए, जब AIADMK के नवनिर्वाचित सदस्य सोमवार को तमिलनाडु की 17वीं विधानसभा के पहले सत्र में शामिल होने आए थे। षणमुगम बोले- हमारा पूरा फोकस पार्टी को दोबारा मजबूत करने पर षणमुगम ने कहा- हमने AIADMK की स्थापना DMK के खिलाफ की थी। 53 सालों से हमारी राजनीति DMK के खिलाफ रही है। इसे देखते हुए एक प्रस्ताव रखा गया था, जिसमें सुझाव दिया गया था कि DMK के समर्थन से AIADMK की सरकार बनाई जाए। हालांकि, हमारे ज्यादातर सदस्यों ने इसे अस्वीकार कर दिया और इसका विरोध किया। अगर हम DMK के साथ गठबंधन करते तो AIADMK का अस्तित्व ही खत्म हो जाता। षणमुगम ने ये भी कहा कि हम अभी बिना किसी गठबंधन के खड़े हैं और अब हमारा ध्यान अपनी पार्टी को फिर से मजबूत और जीवंत बनाने पर होना चाहिए। आखिरकार हमने अपना समर्थन चुनाव जीती TVK को देने का फैसला किया। AIADMK के पूर्व नेता ने कहा था- पार्टी में फूट पड़ चुकी है AIADMK के पूर्व नेता केसी पलानीसामी ने कहा, पार्टी के भीतर साफतौर पर फूट पड़ चुकी है। कई विधायक नेतृत्व में बदलाव चाहते हैं। अगर एडप्पादी पलानीसामी नेता बने रहते हैं, तो इस बात की संभावना है कि कुछ विधायक TVK को समर्थन दे सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि एडप्पादी पलानीसामी को पार्टी की टॉप पोस्ट से खुद ही हट जाना चाहिए, ताकि पार्टी फिर से एकजुट और अगला चुनाव लड़ सके। AIADMK में फूट पड़ने की 4 वजहें… पार्टी के नेताओं में विश्वास नहीं रहा: आधिकारिक तौर पर एडप्पादी पलानीसामी AIADMK के महासचिव है, लेकिन पार्टी के भीतर ज्यादातर लोग अब उनके साथ नहीं हैं। ऐसा माना जा रहा है कि बागी गुट अब औपचारिक रूप से अलग होने की तैयारी कर रहा है। पिछले 5 चुनावों से हार रही पार्टी: पार्टी के भीतर का यह संकट AIADMK के लिए एक मुश्किल दौर में सामने आया है, जब पार्टी को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा। इसमें 2019 का आम चुनाव, 2021 का विधानसभा चुनाव, 2024 का लोकसभा चुनाव और 2021 का विधानसभा चुनाव शामिल हैं। इसके अलावा पार्टी को 2025 में इरोड उपचुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा। 2024 में पलानीसामी का बीजेपी से मतभेद: AIADMK के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले गठबंधन पर हुई बातचीत के दौरान एडप्पादी पलानीसामी ने कथित तौर पर BJP के वरिष्ठ नेताओं का अपमान किया था, तब से दिल्ली के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए। 2026 चुनाव में भाजपा को कमजोर सीटें देना: बागी नेताओं ने एडप्पादी पलानीसामी पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में BJP को 27 ऐसी सीटें दी थीं, जिन पर जीतना लगभग नामुमकिन था। यह राजनीतिक तौर पर BJP को कमजोर करने की कोशिश थी। TVK चीफ और एक्टर विजय तमिलनाडु के 9वें सीएम बने TVK चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री की शपथ ली। TVK नेता एमवी करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल ने CM विजय को 13 मई को विश्वास मत हासिल करने को कहा है। 59 साल बाद पहली बार गैर DMK-AIADMK सरकार तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनी है। 1967 में DMK ने कांग्रेस को हराकर पहली बार सत्ता हासिल की थी। 1972 में एमजी रामचंद्रन (MGR) ने DMK से अलग होकर AIADMK बनाई और तब से दोनों दल बारी-बारी से सत्ता में आते रहे। इस दौरान कांग्रेस, भाजपा, PMK, DMDK जैसी कई पार्टियां उभरीं, लेकिन कोई भी DMK-AIADMK के प्रभुत्व को खत्म नहीं कर पाई। इस तरह पिछले करीब 59 सालों से तमिलनाडु की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द ही घूमती रही। 59 सालों बाद कोई तीसरी पार्टी यानी TVK की सरकार बनी है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद: DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई है। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
congress claims MeitY block rahul gandhi instagram Reel with Tamil nadu cm Vijay

Hindi News National Congress Claims MeitY Block Rahul Gandhi Instagram Reel With Tamil Nadu Cm Vijay नई दिल्ली/चेन्नई5 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु CM विजय ने शपथ के बाद इंडोर स्टेडियम में राहुल गांधी के साथ वीडियो बनाया था। कांग्रेस ने दावा किया कि इंस्टाग्राम ने राहुल गांधी की उस रील और फोटो पोस्ट को ब्लॉक कर दिया है, जिसमें वे तमिलनाडु के CM विजय के साथ नजर आ रहे थे। कांग्रेस ने इसका कारण इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के नियमों को बताया। हालांकि सरकारी सूत्रों ने इस आरोप से इनकार किया है। सूचना मंत्रालय के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। यह प्लेटफॉर्म के आंतरिक सिस्टम की एक गलती के कारण हुआ, जिसने गलती से इस पोस्ट को ब्लॉक करने के लिए फ्लैग कर दिया था। हालांकि पोस्ट रीस्टोर कर दी गई है। गांधी रविवार को चेन्नई में थे, जहां उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर विजय के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर इस अभिनेता-राजनेता के साथ अपनी कई तस्वीरें भी शेयर की थीं। राहुल के साथ विजय की तस्वीरें… कांग्रेस का दावा- एक घंटे में 1.2 करोड़ व्यूज हो गए थे कांग्रेस नेता और गांधी के सहयोगी श्रीवत्स ने दावा किया कि वायरल रील को एक घंटे से भी कम समय में 1.2 करोड़ (12 मिलियन) बार देखा गया था, जबकि वायरल तस्वीरों वाली पोस्ट 4.6 करोड़ (46 मिलियन) लोगों तक पहुंच चुकी थी। मेटा ने इस बात का कोई कारण नहीं बताया है कि आखिर क्यों उनका अकाउंट एक्सेस नहीं हो पा रहा है। श्रीवत्स ने आरोप लगाया, “यह तकनीकी गड़बड़ी सूचना मंत्रालय के नियमों के कारण हुई है। राहुल गांधी के सोशल मीडिया अकाउंट्स को लंबे समय से रोका जा रहा है। X पर उनकी रीच, यूट्यूब पर उनके व्यूज और इंस्टाग्राम पर उनके फॉलोअर्स को भी मैनेज किया जा रहा है। श्रीवत्स ने आगे कहा- इसी तरह भारत में विपक्ष के नेता की आवाज को दबाया जाता है। मंत्रालय की सफाई- हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं कांग्रेस के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए, सूचना मंत्रलाय के सूत्रों ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स यह गलत दावा कर रहे हैं कि विपक्ष के नेता की कुछ पोस्ट्स को मंत्रालय ने ब्लॉक किया था। मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा- “हम साफ कर देना चाहते हैं कि इस कार्रवाई से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। यह प्लेटफॉर्म के इंटरनल सिस्टम की एक गलती के कारण हुआ था, जिसने गलती से उस पोस्ट को ब्लॉक करने के लिए फ्लैग कर दिया था। अब उस पोस्ट को रीस्टोर कर दिया गया है। —————- ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद: DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा, इसे तीसरे नंबर पर धकेला; लेफ्ट–VCK का भी विरोध तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। विजय के शपथ ग्रहण में सबसे पहले वंदे मातरम, फिर जन-गण-मन और इसके बाद तमिल राज्य गीत बजाया गया। DMK का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था। हालांकि TVK ने सफाई देते हुए कहा कि गाने कब बजेंगे ये फैसला राज्यपाल का था। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
congress claims MeitY block rahul gandhi instagram Reel with Tamil nadu cm Vijay

Hindi News National Congress Claims MeitY Block Rahul Gandhi Instagram Reel With Tamil Nadu Cm Vijay नई दिल्ली/चेन्नई1 घंटे पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु CM विजय ने शपथ के बाद इंडोर स्टेडियम में राहुल गांधी के साथ वीडियो बनाया था। कांग्रेस ने दावा किया कि इंस्टाग्राम ने राहुल गांधी की उस रील और फोटो पोस्ट को ब्लॉक कर दिया है, जिसमें वे तमिलनाडु के CM विजय के साथ नजर आ रहे थे। कांग्रेस ने इसका कारण इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के नियमों को बताया। हालांकि सरकारी सूत्रों ने इस आरोप से इनकार किया है। सूचना मंत्रालय के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। यह प्लेटफॉर्म के आंतरिक सिस्टम की एक गलती के कारण हुआ, जिसने गलती से इस पोस्ट को ब्लॉक करने के लिए फ्लैग कर दिया था। हालांकि पोस्ट रीस्टोर कर दी गई है। गांधी रविवार को चेन्नई में थे, जहां उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर विजय के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर इस अभिनेता-राजनेता के साथ अपनी कई तस्वीरें भी शेयर की थीं। राहुल के साथ विजय की तस्वीरें… कांग्रेस ने विजय को तमिलनाडु में सरकार बनाने में मदद के लिए DMK का साथ छोड़ दिया। कांग्रेस के 5 विधायक तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जीते हैं। जबकि TVK के पास 108 विधायक हैं। विजय पहले भी कई बार कह चुके हैं कि राहुल गांधी के फैन हैं। विजय के कांग्रेस में शामिल होने की अफवाहें भी आई थीं। कांग्रेस का दावा- एक घंटे में 1.2 करोड़ व्यूज हो गए थे कांग्रेस नेता और गांधी के सहयोगी श्रीवत्स ने दावा किया कि वायरल रील को एक घंटे से भी कम समय में 1.2 करोड़ (12 मिलियन) बार देखा गया था, जबकि वायरल तस्वीरों वाली पोस्ट 4.6 करोड़ (46 मिलियन) लोगों तक पहुंच चुकी थी। मेटा ने इस बात का कोई कारण नहीं बताया है कि आखिर क्यों उनका अकाउंट एक्सेस नहीं हो पा रहा है। श्रीवत्स ने आरोप लगाया, “यह तकनीकी गड़बड़ी सूचना मंत्रालय के नियमों के कारण हुई है। राहुल गांधी के सोशल मीडिया अकाउंट्स को लंबे समय से रोका जा रहा है। X पर उनकी रीच, यूट्यूब पर उनके व्यूज और इंस्टाग्राम पर उनके फॉलोअर्स को भी मैनेज किया जा रहा है। श्रीवत्स ने आगे कहा- इसी तरह भारत में विपक्ष के नेता की आवाज को दबाया जाता है। मंत्रालय की सफाई- हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं कांग्रेस के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए, सूचना मंत्रलाय के सूत्रों ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स यह गलत दावा कर रहे हैं कि विपक्ष के नेता की कुछ पोस्ट्स को मंत्रालय ने ब्लॉक किया था। मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा- हम साफ कर देना चाहते हैं कि इस कार्रवाई से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। यह प्लेटफॉर्म के इंटरनल सिस्टम की एक गलती के कारण हुआ था, जिसने गलती से उस पोस्ट को ब्लॉक करने के लिए फ्लैग कर दिया था। अब उस पोस्ट को रीस्टोर कर दिया गया है। —————- ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद: DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा, इसे तीसरे नंबर पर धकेला; लेफ्ट–VCK का भी विरोध तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। विजय के शपथ ग्रहण में सबसे पहले वंदे मातरम, फिर जन-गण-मन और इसके बाद तमिल राज्य गीत बजाया गया। DMK का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था। हालांकि TVK ने सफाई देते हुए कहा कि गाने कब बजेंगे ये फैसला राज्यपाल का था। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









