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Tamil Nadu Assembly: Drivers Son MLA Oath

Tamil Nadu Assembly: Drivers Son MLA Oath

Hindi News National Tamil Nadu Assembly: Drivers Son MLA Oath | Youngest MLA Forgets Certificate 2 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को पहले दिन नए विधायकों को शपथ दिलाई गई। इस दौरान दो वाक्ये देखने को मिले। पहला- सीएम विजय के ड्राइवर के बेटे ने विधायक की शपथ ली, तो इस दौरान उन्होंने पेपर पर साइन करने से पहले विजय से पूछा। दूसरा- तमिलनाडु की सबसे युवा विधायक एस. कीर्तना सदन में जब विधायक की शपथ लेने आईं, तो अपनी जीत का सर्टिफिकेट भूल गईं। जिससे उन्हें पोडियम से वापस जाना पड़ा। तमिलनाडु में 10 मई को नई सरकार बनी है। एक्टर से नेता बने TVK चीफ जोसेफ विजय नए मुख्यमंत्री बने हैं। एस कीर्तना उन्हीं की कैबिनेट में इकलौती महिला मंत्री भी हैं। पहला वाक्या: ड्राइवर के बेटे ने परमीशन मांग, विजय मुस्कुराए यह विजुअल 29 मार्च का है, जब विजय ने सबरीनाथन को उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया था। तब सबरीनाथन के आंखों से आंसू आ गए थे। TVK चीफ विजय ने अपनी पार्टी से ड्राइवर राजेंद्रन के बेटे सबरीनाथन को विरुगंबकम से टिकट दिया था। सबरीनाथन ने यहां 27 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने DMK उम्मीदवार प्रभाकर राजा AMV और AIADMK के विरुगई VN रवि को हराया। सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा में सबरीनाथन विधायक पद की शपथ लेने पहुंचे, तो सीएम विजय वहीं बगल में बैठे हुए थे। सबरीनाथ ने शपथ पत्र पढ़ा और फिर पेपर में साइन करने से पहले इशारे से विजय से पूछा- क्या मैं साइन कर दूं। विजय ने बिना कोई जवाब दिए बस हल्की सी स्माइल की। फिर सबरीनाथन ने सभी पेपर पर साइन कर दिए। 34 साल से विजय के साथ जुड़े हैं उनके ड्राइवर राजेंद्रन TVK प्रमुख विजय के साथ 1992 में आई उनकी पहली फिल्म ‘नालैया थीरपू’ के समय से जुड़े हैं। उन्होंने विजय के ड्राइवर और पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर काम किया है। दूसरा वाक्या: विजय कैबिनेट की महिला मंत्री सर्टिफिकेट ही भूलीं 29 साल की एस कीर्तना ने 10 मई को सीएम विजय के साथ कैबिनेट में मंत्री के तौर पर शपथ ली थी। सोमवार को उनको सदन में विधायक की शपथ लेनी थी। शिवाकाशी से TVK विधायक को विधानसभा के प्रधान सचिव के. श्रीनिवासन ने पोडियम पर ही रोक दिया। दरअसल वे जीत का सर्टिफिकेट लाना भूल गईं थीं। अधिकारियों ने कहा, “जब भी वह अपना चुनाव प्रमाण पत्र जमा करेंगी, तब वह शपथ ले सकती हैं।” हालांकि दो घंटे बाद उन्होंने जरूरी काबज जमा कर शपथ ली। कीर्तना ने शिवाकाशी से कांग्रेस उम्मीदवार अशोकन जी को 11,670 वोटों से हराया। जबकि पूर्व मंत्री और AIADMK नेता के.टी. राजेंद्रबालाजी तीसरे स्थान पर रहे। कीर्तना सबसे युवा और पढ़ी-लिखी मंत्री… कीर्तना तमिलनाडु की सबसे युवा विधायक और मंत्री हैं। उनकी उम्र 29 साल है। शिवकाशी से पिछले 70 सालों में चुनाव जीतने वाली पहली महिला विधायक हैं। कीर्तना काफी पढ़ी-लिखी हैं। उन्होंने मैथ्स से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Tamil Nadu Assembly: Drivers Son MLA Oath

Tamil Nadu Assembly: Drivers Son MLA Oath

Hindi News National Tamil Nadu Assembly: Drivers Son MLA Oath | Youngest MLA Forgets Certificate चेन्नई3 घंटे पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को पहले दिन नए विधायकों को शपथ दिलाई गई। इस दौरान दो वाक्ये देखने को मिले। पहला- सीएम विजय के ड्राइवर के बेटे ने विधायक की शपथ ली, तो इस दौरान उन्होंने पेपर पर साइन करने से पहले विजय से पूछा। दूसरा- तमिलनाडु की सबसे युवा विधायक एस. कीर्तना सदन में जब विधायक की शपथ लेने आईं, तो अपनी जीत का सर्टिफिकेट भूल गईं। जिससे उन्हें पोडियम से वापस जाना पड़ा। तमिलनाडु में 10 मई को नई सरकार बनी है। एक्टर से नेता बने TVK चीफ जोसेफ विजय नए मुख्यमंत्री बने हैं। एस कीर्तना उन्हीं की कैबिनेट में इकलौती महिला मंत्री भी हैं। पहला वाक्या: ड्राइवर के बेटे ने परमीशन मांग, विजय मुस्कुराए सबरीनाथन ने साइन करने से पहले विजय की तरफ देखा और इशारे में पूछा, फिर पेपर पर हस्ताक्षर किए। TVK चीफ विजय ने अपनी पार्टी से ड्राइवर राजेंद्रन के बेटे सबरीनाथन को विरुगंबकम से टिकट दिया था। सबरीनाथन ने यहां 27 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने DMK उम्मीदवार प्रभाकर राजा AMV और AIADMK के विरुगई VN रवि को हराया। सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा में सबरीनाथन विधायक पद की शपथ लेने पहुंचे, तो सीएम विजय वहीं बगल में बैठे हुए थे। सबरीनाथ ने शपथ पत्र पढ़ा और फिर पेपर में साइन करने से पहले इशारे से विजय से पूछा- क्या मैं साइन कर दूं। विजय ने बिना कोई जवाब दिए बस हल्की सी स्माइल की। फिर सबरीनाथन ने सभी पेपर पर साइन कर दिए। 34 साल से विजय के साथ जुड़े हैं उनके ड्राइवर राजेंद्रन TVK प्रमुख विजय के साथ 1992 में आई उनकी पहली फिल्म ‘नालैया थीरपू’ के समय से जुड़े हैं। उन्होंने विजय के ड्राइवर और पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर काम किया है। यह विजुअल 29 मार्च का है, जब विजय ने सबरीनाथन को उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया था। तब सबरीनाथन के आंखों से आंसू आ गए थे। दूसरा वाक्या: विजय कैबिनेट की महिला मंत्री सर्टिफिकेट ही भूलीं एस कीर्तना पोडियम तक आईं लेकिन सर्टिफिकेट नहीं होने के चलते वापस लौट गईं। 29 साल की एस कीर्तना ने 10 मई को सीएम विजय के साथ कैबिनेट में मंत्री के तौर पर शपथ ली थी। सोमवार को उनको सदन में विधायक की शपथ लेनी थी। शिवाकाशी से TVK विधायक को विधानसभा के प्रधान सचिव के. श्रीनिवासन ने पोडियम पर ही रोक दिया। दरअसल वे जीत का सर्टिफिकेट लाना भूल गईं थीं। अधिकारियों ने कहा, “जब भी वह अपना चुनाव प्रमाण पत्र जमा करेंगी, तब वह शपथ ले सकती हैं।” हालांकि दो घंटे बाद उन्होंने जरूरी काबज जमा कर शपथ ली। कीर्तना ने शिवाकाशी से कांग्रेस उम्मीदवार अशोकन जी को 11,670 वोटों से हराया। जबकि पूर्व मंत्री और AIADMK नेता के.टी. राजेंद्रबालाजी तीसरे स्थान पर रहे। कीर्तना सबसे युवा और पढ़ी-लिखी मंत्री… कीर्तना तमिलनाडु की सबसे युवा विधायक और मंत्री हैं। उनकी उम्र 29 साल है। शिवकाशी से पिछले 70 सालों में चुनाव जीतने वाली पहली महिला विधायक हैं। कीर्तना काफी पढ़ी-लिखी हैं। उन्होंने मैथ्स से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। ————————— AIADMK के 30 विधायक विजय के साथ आना चाहते हैं: पलानीसामी के साथ सिर्फ 17 नेता; दो गुटों में बंट सकती है पार्टी तमिलनाडु में AIADMK पार्टी में फूट पड़ती नजर आ रही है। इस बार चुनाव में AIADMK केवल 47 सीटें ही जीत पाई। एक गुट पलानीसामी का है जिनके समर्थन में 17 नेता हैं। वहीं दूसरा गुट वेलुमणि का है जिनके पास 30 विधायकों का साथ है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Palanisamy vs Velumani Factions Emerge in Tamil Nadu

Palanisamy vs Velumani Factions Emerge in Tamil Nadu

Hindi News National AIADMK Party Split: Palanisamy Vs Velumani Factions Emerge In Tamil Nadu चेन्नई1 घंटे पहले कॉपी लिंक AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीसामी सोमवार को अपने गुट के विधायकों के साथ विधानसभा पहुंचे। तमिलनाडु में AIADMK पार्टी में फूट पड़ती नजर आ रही है। इस बार चुनाव में AIADMK केवल 47 सीटें ही जीत पाई। एक गुट पलानीसामी का है जिनके समर्थन में 17 नेता हैं। वहीं दूसरा गुट वेलुमणि का है जिनके पास 30 विधायकों का साथ है। दोनों गुटों में मतभेद तब दिखाई दिए, जब AIADMK के नवनिर्वाचित सदस्य सोमवार को तमिलनाडु की 17वीं विधानसभा के पहले सत्र में शामिल होने आए। एक गुट ने प्रोटेम स्पीकर एमवी करुपैया को एक पत्र सौंपा, जिसमें उनसे पी वेलुमणि को AIADMK विधायक दल का नेता घोषित करने का आग्रह किया गया था। वहीं दूसरे गुट ने पार्टी के महासचिव एडप्पादी के. पलानीसामी को विधायक दल का नेता घोषित करने की मांग की। उधर सूत्रों की मानें तो वेलुमणि के साथ वाला 30 विधायकों का गुट राज्य में TVK पार्टी को समर्थन देना चाहता है। जबकि पलानीसामी इसका विरोध कर रहे हैं। एडप्पादी पलानीसामी अपने गुट के नेताओं के साथ सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा पहुंचे थे। AIADMK के पूर्व नेता बोले- पार्टी में फूट पड़ चुकी है AIADMK के पूर्व नेता केसी पलानीसामी ने कहा, पार्टी के भीतर साफ तौर पर फूट पड़ चुकी है। कई विधायक नेतृत्व में बदलाव चाहते हैं। अगर एडप्पादी नेता बने रहते हैं, तो इस बात की संभावना है कि कुछ विधायक TVK को समर्थन दे सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि एडप्पादी पलानीसामी को पार्टी के शीर्ष पद से स्वेच्छा से हट जाना चाहिए ताकि पार्टी फिर से एकजुट हो सके और अगला चुनाव लड़ सके। AIADMK में फूट पड़ने की 4 वजहें… पार्टी के नेताओं में विश्वास नहीं रहा: आधिकारिक तौर पर एडप्पादी पलानीसामी AIADMK के महासचिव हों। लेकिन पार्टी के भीतर ज्यादातर लोग अब उनके साथ नहीं हैं। ऐसा माना जा रहा है कि बागी गुट अब औपचारिक रूप से अलग होने की तैयारी कर रहा है। पिछले 5 चुनावों से हार रही पार्टी: पार्टी के भीतर का यह संकट AIADMK के लिए एक मुश्किल दौर में सामने आया है, जब पार्टी को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा है। जिसमें 2019 का आम चुनाव, 2021 का विधानसभा चुनाव, 2024 का लोकसभा चुनाव और 2021 का विधानसभा चुनाव शामिल हैं। इसके अलावा, पार्टी को 2025 में इरोड उपचुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा। 2024 में पलानीसामी का बीजेपी से मतभेद: AIADMK के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले गठबंधन पर हुई बातचीत के दौरान एडप्पादी पलानीसामी ने कथित तौर पर BJP के वरिष्ठ नेताओं का अपमान किया था, तब से दिल्ली के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए हैं। 2026 चुनाव में भाजपा को कमजोर सीटें देना: बागी नेताओं ने एडप्पादी पलानीसामी पर यह भी आरोप लगाया है कि उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में BJP को 27 ऐसी सीटें दी थीं जिन पर जीतना लगभग नामुमकिन था। यह राजनीतिक तौर पर BJP को कमजोर करने की कोशिश थी। TVK चीफ और एक्टर विजय तमिलनाडु के 9वें सीएम बने तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री की शपथ ली। टीवीके नेता एमवी करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल ने CM विजय को 13 मई को विश्वास मत हासिल करने को कहा है। 59 साल बाद पहली बार गैर DMK-AIADMK सरकार तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनने वाली है। 1967 में DMK ने कांग्रेस को हराकर पहली बार सत्ता हासिल की थी। 1972 में एमजी रामचंद्रन (MGR) ने DMK से अलग होकर AIADMK बनाई और तब से दोनों दल बारी-बारी से सत्ता में आते रहे। इस दौरान कांग्रेस, भाजपा, PMK, DMDK जैसी कई पार्टियां उभरीं, लेकिन कोई भी DMK-AIADMK के प्रभुत्व को खत्म नहीं कर पाई। इस तरह पिछले करीब 59 सालों से तमिलनाडु की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द ही घूमती रही। 59 सालों बाद कोई तीसरी पार्टी की सरकार बनी है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद: DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई है। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Tamil Nadu AIADMK Political Crisis Update; TVK Vijay Alliance

Tamil Nadu AIADMK Political Crisis Update; TVK Vijay Alliance

चेन्नई7 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु में AIADMK पार्टी में दो हिस्सों में टूट गई है। पार्टी के नेता सीवी षणमुगम ने CM विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को समर्थन देने का आधिकारिक ऐलान कर दिया। कहा जा रहा है कि उनके साथ 30 विधायकों ने भी विजय को समर्थन देना स्वीकार किया है। मंगलवार सुबह षणमुगम ने बयान दिया, ‘हम जनता के जनादेश को स्वीकार करते हैं। यह जनादेश TVK के लिए नहीं, विजय के लिए है। इसलिए हम TVK सरकार को अपना समर्थन देते हैं। अगर हम DMK के साथ गठबंधन करते तो AIADMK का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता।’ षणमुगम ने यह भी कहा- मेरी AIADMK तोड़ने की कोई मंशा नहीं है। एडप्पादी पलानीसामी ही हमारे नेता हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव में AIADMK केवल 47 सीटें ही जीत पाई। AIADMK में अब केवल पलानीसामी गुट रह गया है। इसमें 17 नेता हैं। दोनों गुटों में पहली बार मतभेद तब दिखाई दिए, जब AIADMK के नवनिर्वाचित सदस्य सोमवार को तमिलनाडु की 17वीं विधानसभा के पहले सत्र में शामिल होने आए थे। षणमुगम बोले- हमारा पूरा फोकस पार्टी को दोबारा मजबूत करने पर षणमुगम ने कहा- हमने AIADMK की स्थापना DMK के खिलाफ की थी। 53 सालों से हमारी राजनीति DMK के खिलाफ रही है। इसे देखते हुए एक प्रस्ताव रखा गया था, जिसमें सुझाव दिया गया था कि DMK के समर्थन से AIADMK की सरकार बनाई जाए। हालांकि, हमारे ज्यादातर सदस्यों ने इसे अस्वीकार कर दिया और इसका विरोध किया। अगर हम DMK के साथ गठबंधन करते तो AIADMK का अस्तित्व ही खत्म हो जाता। षणमुगम ने ये भी कहा कि हम अभी बिना किसी गठबंधन के खड़े हैं और अब हमारा ध्यान अपनी पार्टी को फिर से मजबूत और जीवंत बनाने पर होना चाहिए। आखिरकार हमने अपना समर्थन चुनाव जीती TVK को देने का फैसला किया। AIADMK के पूर्व नेता ने कहा था- पार्टी में फूट पड़ चुकी है AIADMK के पूर्व नेता केसी पलानीसामी ने कहा, पार्टी के भीतर साफतौर पर फूट पड़ चुकी है। कई विधायक नेतृत्व में बदलाव चाहते हैं। अगर एडप्पादी पलानीसामी नेता बने रहते हैं, तो इस बात की संभावना है कि कुछ विधायक TVK को समर्थन दे सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि एडप्पादी पलानीसामी को पार्टी की टॉप पोस्ट से खुद ही हट जाना चाहिए, ताकि पार्टी फिर से एकजुट और अगला चुनाव लड़ सके। AIADMK में फूट पड़ने की 4 वजहें… पार्टी के नेताओं में विश्वास नहीं रहा: आधिकारिक तौर पर एडप्पादी पलानीसामी AIADMK के महासचिव है, लेकिन पार्टी के भीतर ज्यादातर लोग अब उनके साथ नहीं हैं। ऐसा माना जा रहा है कि बागी गुट अब औपचारिक रूप से अलग होने की तैयारी कर रहा है। पिछले 5 चुनावों से हार रही पार्टी: पार्टी के भीतर का यह संकट AIADMK के लिए एक मुश्किल दौर में सामने आया है, जब पार्टी को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा। इसमें 2019 का आम चुनाव, 2021 का विधानसभा चुनाव, 2024 का लोकसभा चुनाव और 2021 का विधानसभा चुनाव शामिल हैं। इसके अलावा पार्टी को 2025 में इरोड उपचुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा। 2024 में पलानीसामी का बीजेपी से मतभेद: AIADMK के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले गठबंधन पर हुई बातचीत के दौरान एडप्पादी पलानीसामी ने कथित तौर पर BJP के वरिष्ठ नेताओं का अपमान किया था, तब से दिल्ली के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए। 2026 चुनाव में भाजपा को कमजोर सीटें देना: बागी नेताओं ने एडप्पादी पलानीसामी पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में BJP को 27 ऐसी सीटें दी थीं, जिन पर जीतना लगभग नामुमकिन था। यह राजनीतिक तौर पर BJP को कमजोर करने की कोशिश थी। TVK चीफ और एक्टर विजय तमिलनाडु के 9वें सीएम बने TVK चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री की शपथ ली। TVK नेता एमवी करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल ने CM विजय को 13 मई को विश्वास मत हासिल करने को कहा है। 59 साल बाद पहली बार गैर DMK-AIADMK सरकार तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनी है। 1967 में DMK ने कांग्रेस को हराकर पहली बार सत्ता हासिल की थी। 1972 में एमजी रामचंद्रन (MGR) ने DMK से अलग होकर AIADMK बनाई और तब से दोनों दल बारी-बारी से सत्ता में आते रहे। इस दौरान कांग्रेस, भाजपा, PMK, DMDK जैसी कई पार्टियां उभरीं, लेकिन कोई भी DMK-AIADMK के प्रभुत्व को खत्म नहीं कर पाई। इस तरह पिछले करीब 59 सालों से तमिलनाडु की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द ही घूमती रही। 59 सालों बाद कोई तीसरी पार्टी यानी TVK की सरकार बनी है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद: DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई है। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

congress claims MeitY block rahul gandhi instagram Reel with Tamil nadu cm Vijay

congress claims MeitY block rahul gandhi instagram Reel with Tamil nadu cm Vijay

Hindi News National Congress Claims MeitY Block Rahul Gandhi Instagram Reel With Tamil Nadu Cm Vijay नई दिल्ली/चेन्नई5 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु CM विजय ने शपथ के बाद इंडोर स्टेडियम में राहुल गांधी के साथ वीडियो बनाया था। कांग्रेस ने दावा किया कि इंस्टाग्राम ने राहुल गांधी की उस रील और फोटो पोस्ट को ब्लॉक कर दिया है, जिसमें वे तमिलनाडु के CM विजय के साथ नजर आ रहे थे। कांग्रेस ने इसका कारण इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के नियमों को बताया। हालांकि सरकारी सूत्रों ने इस आरोप से इनकार किया है। सूचना मंत्रालय के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। यह प्लेटफॉर्म के आंतरिक सिस्टम की एक गलती के कारण हुआ, जिसने गलती से इस पोस्ट को ब्लॉक करने के लिए फ्लैग कर दिया था। हालांकि पोस्ट रीस्टोर कर दी गई है। गांधी रविवार को चेन्नई में थे, जहां उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर विजय के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर इस अभिनेता-राजनेता के साथ अपनी कई तस्वीरें भी शेयर की थीं। राहुल के साथ विजय की तस्वीरें… कांग्रेस का दावा- एक घंटे में 1.2 करोड़ व्यूज हो गए थे कांग्रेस नेता और गांधी के सहयोगी श्रीवत्स ने दावा किया कि वायरल रील को एक घंटे से भी कम समय में 1.2 करोड़ (12 मिलियन) बार देखा गया था, जबकि वायरल तस्वीरों वाली पोस्ट 4.6 करोड़ (46 मिलियन) लोगों तक पहुंच चुकी थी। मेटा ने इस बात का कोई कारण नहीं बताया है कि आखिर क्यों उनका अकाउंट एक्सेस नहीं हो पा रहा है। श्रीवत्स ने आरोप लगाया, “यह तकनीकी गड़बड़ी सूचना मंत्रालय के नियमों के कारण हुई है। राहुल गांधी के सोशल मीडिया अकाउंट्स को लंबे समय से रोका जा रहा है। X पर उनकी रीच, यूट्यूब पर उनके व्यूज और इंस्टाग्राम पर उनके फॉलोअर्स को भी मैनेज किया जा रहा है। श्रीवत्स ने आगे कहा- इसी तरह भारत में विपक्ष के नेता की आवाज को दबाया जाता है। मंत्रालय की सफाई- हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं कांग्रेस के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए, सूचना मंत्रलाय के सूत्रों ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स यह गलत दावा कर रहे हैं कि विपक्ष के नेता की कुछ पोस्ट्स को मंत्रालय ने ब्लॉक किया था। मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा- “हम साफ कर देना चाहते हैं कि इस कार्रवाई से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। यह प्लेटफॉर्म के इंटरनल सिस्टम की एक गलती के कारण हुआ था, जिसने गलती से उस पोस्ट को ब्लॉक करने के लिए फ्लैग कर दिया था। अब उस पोस्ट को रीस्टोर कर दिया गया है। —————- ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद: DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा, इसे तीसरे नंबर पर धकेला; लेफ्ट–VCK का भी विरोध तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। विजय के शपथ ग्रहण में सबसे पहले वंदे मातरम, फिर जन-गण-मन और इसके बाद तमिल राज्य गीत बजाया गया। DMK का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था। हालांकि TVK ने सफाई देते हुए कहा कि गाने कब बजेंगे ये फैसला राज्यपाल का था। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

congress claims MeitY block rahul gandhi instagram Reel with Tamil nadu cm Vijay

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Hindi News National Congress Claims MeitY Block Rahul Gandhi Instagram Reel With Tamil Nadu Cm Vijay नई दिल्ली/चेन्नई1 घंटे पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु CM विजय ने शपथ के बाद इंडोर स्टेडियम में राहुल गांधी के साथ वीडियो बनाया था। कांग्रेस ने दावा किया कि इंस्टाग्राम ने राहुल गांधी की उस रील और फोटो पोस्ट को ब्लॉक कर दिया है, जिसमें वे तमिलनाडु के CM विजय के साथ नजर आ रहे थे। कांग्रेस ने इसका कारण इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के नियमों को बताया। हालांकि सरकारी सूत्रों ने इस आरोप से इनकार किया है। सूचना मंत्रालय के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। यह प्लेटफॉर्म के आंतरिक सिस्टम की एक गलती के कारण हुआ, जिसने गलती से इस पोस्ट को ब्लॉक करने के लिए फ्लैग कर दिया था। हालांकि पोस्ट रीस्टोर कर दी गई है। गांधी रविवार को चेन्नई में थे, जहां उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर विजय के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर इस अभिनेता-राजनेता के साथ अपनी कई तस्वीरें भी शेयर की थीं। राहुल के साथ विजय की तस्वीरें… कांग्रेस ने विजय को तमिलनाडु में सरकार बनाने में मदद के लिए DMK का साथ छोड़ दिया। कांग्रेस के 5 विधायक तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जीते हैं। जबकि TVK के पास 108 विधायक हैं। विजय पहले भी कई बार कह चुके हैं कि राहुल गांधी के फैन हैं। विजय के कांग्रेस में शामिल होने की अफवाहें भी आई थीं। कांग्रेस का दावा- एक घंटे में 1.2 करोड़ व्यूज हो गए थे कांग्रेस नेता और गांधी के सहयोगी श्रीवत्स ने दावा किया कि वायरल रील को एक घंटे से भी कम समय में 1.2 करोड़ (12 मिलियन) बार देखा गया था, जबकि वायरल तस्वीरों वाली पोस्ट 4.6 करोड़ (46 मिलियन) लोगों तक पहुंच चुकी थी। मेटा ने इस बात का कोई कारण नहीं बताया है कि आखिर क्यों उनका अकाउंट एक्सेस नहीं हो पा रहा है। श्रीवत्स ने आरोप लगाया, “यह तकनीकी गड़बड़ी सूचना मंत्रालय के नियमों के कारण हुई है। राहुल गांधी के सोशल मीडिया अकाउंट्स को लंबे समय से रोका जा रहा है। X पर उनकी रीच, यूट्यूब पर उनके व्यूज और इंस्टाग्राम पर उनके फॉलोअर्स को भी मैनेज किया जा रहा है। श्रीवत्स ने आगे कहा- इसी तरह भारत में विपक्ष के नेता की आवाज को दबाया जाता है। मंत्रालय की सफाई- हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं कांग्रेस के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए, सूचना मंत्रलाय के सूत्रों ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स यह गलत दावा कर रहे हैं कि विपक्ष के नेता की कुछ पोस्ट्स को मंत्रालय ने ब्लॉक किया था। मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा- हम साफ कर देना चाहते हैं कि इस कार्रवाई से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। यह प्लेटफॉर्म के इंटरनल सिस्टम की एक गलती के कारण हुआ था, जिसने गलती से उस पोस्ट को ब्लॉक करने के लिए फ्लैग कर दिया था। अब उस पोस्ट को रीस्टोर कर दिया गया है। —————- ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद: DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा, इसे तीसरे नंबर पर धकेला; लेफ्ट–VCK का भी विरोध तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। विजय के शपथ ग्रहण में सबसे पहले वंदे मातरम, फिर जन-गण-मन और इसके बाद तमिल राज्य गीत बजाया गया। DMK का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था। हालांकि TVK ने सफाई देते हुए कहा कि गाने कब बजेंगे ये फैसला राज्यपाल का था। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Tamil Nadu CM Vijay Oath Controversy

Tamil Nadu CM Vijay Oath Controversy

3 मिनट पहले कॉपी लिंक विजय के शपथ ग्रहण में पहले वंदे मातरम, फिर जन गण मन और तमिल राज्य गीत बजे। तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई है। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था, लेकिन उसे तीसरे नंबर पर धकेल दिया गया। ये परंपरा के खिलाफ है। इसपर विजय की पार्टी (TVK) ने सफाई देते हुए कहा कि गाने कब बजेंगे ये फैसला राज्यपाल का था। लेकिन डीएमके नेता टी.के.एस. एलंगोवन ने कहा कि राज्य की परंपरा तमिल राज्य गीत को पहले और राष्ट्रगान को अंत में बजाने की रही है। विजय अब बीजेपी की विचारधारा की ओर झुक रहे हैं। विजय के शपथ ग्रहण में सबसे पहले 2 मिनट 52 सेकेंड तक वंदे मातरम बजा। फिर 52 सेकेंड के लिए जन गण मन बजा। इसके बाद 65 सेकेंड तक तमिल राज्य गीत बजाया गया। राष्ट्रगान, विंदे मातरम और तमिल राज्य गीत के दौरान खड़े राहुल गांधी, विजय और गवर्नर राजेंद्र आर्लेकर। सहयोगी दलों ने भी विरोध किया शपथग्रहण में तमिल राज्य गीत तीसरे नंबर पर बजने पर CPI, CPIM और VKC ने भी आलोचना की है। CPI के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों के प्रोटोकॉल में तमिल राज्य गीत को पहली प्राथमिकता मिलनी चाहिए। तमिलनाडु चुनावों में विजय की पार्टी 108 सीटें जीती थी। विजय की सरकार कांग्रेस, CPI, CPIM, IUML और VKC का समर्थन मिला हुआ है। वहीं, डीएमके की आईटी विंग ने विजय से पूछा कि क्या तमिल राज्य गीत को किनारे करना ही TVK के नए बदलाव का हिस्सा है। 1891 में लिखा गया तमिलनाडु का राज्य गीत ‘तमिल थाई वाजथु’ तमिलनाडु का राज्य गीत है। इसे 1891 में मनोन्मनीयम सुंदरम पिल्लई ने अपने नाटक ‘मनोन्मनीयम’ के शुरुआती भाग में तमिल देवी की स्तुति के रूप में लिखा था। बाद में एम.एस. विश्वनाथन ने इस गीत के लिए संगीत बनाया। यह गीत राज्य की सांस्कृतिक पहचान का एक बेहद अहम हिस्सा माना जाता है। यही कारण है कि इसे किसी भी सरकारी कार्यक्रम में सबसे पहले गाने की परंपरा रही है। 18 दिसंबर 2021 को DMK की तमिलनाडु सरकार ने ‘तमिल थाई वाजथु’ को आधिकारिक तौर पर स्टेट एंथम घोषित कर दिया है। सरकार ने निर्देश दिया है कि इसके गायन के दौरान वहां मौजूद सभी लोगों को सम्मान में खड़ा होना होगा। इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने कहा था कि ‘तमिल थाई वाजथु’ केवल एक प्रार्थना गीत है, न कि कोई राष्ट्रगान या राज्य गान। —————————————————— ये खबर भी पढ़ें…. एक्टर विजय की शपथ में माता-पिता हाथ जोड़े रहे:पहली बार किसी तमिल नेता की कोट-पैंट में शपथ, राहुल के साथ सेल्फी ली; 7 मोमेंट्स तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ सी जोसेफ विजय रविवार को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए। एक्टर से नेता बने विजय की शपथ के दौरान कुछ मोमेंट्स ऐसे रहे जो चर्चा में हैं। शपथ पत्र न पढ़कर स्पीच देने लगे, जैसे ही बोला- ‘मैं जोसेफ विजय…..’ समर्थक 3 मिनट तक तालियां बजाते रहे। माता-पिता हाथ जोड़े दिखे। इस बीच गवर्नर ने टोक दिया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Tamil Nadu CM Joseph Vijay Oath Taking

Tamil Nadu CM Joseph Vijay Oath Taking

चेन्नई1 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ सी जोसेफ विजय रविवार को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए। एक्टर से नेता बने विजय की शपथ के दौरान कुछ मोमेंट्स ऐसे रहे जो चर्चा में हैं। शपथ पत्र न पढ़कर स्पीच देने लगे, जैसे ही बोला- ‘मैं जोसेफ विजय…..’ समर्थक 3 मिनट तक तालियां बजाते रहे। माता-पिता हाथ जोड़े दिखे। इस बीच गवर्नर ने टोक दिया। तमिलनाडु में शपथ के टॉप 7 मोमेंट्स… 1. सफेद शर्ट, ब्लैक पैंट में शपथ लेने पहुंचे विजय ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए ट्रेडिशनल धोती (वेष्टी) और शर्ट की बजाय फॉर्मल लुक को चुना। विजय सफेद शर्ट, ब्लैक पैंट में शपथ लेने पहुंचे। हालांकि, शपथ लेते हुए उन्होंने ब्लैक कोट भी पहन लिया। इससे पहले नेता पारंपरिक तमिल पहनावा ही चुनते थे। पूर्व CM एमजी रामचंद्रन हमेशा अपनी टोपी, चश्मे और सफेद वेष्टी-शर्ट में शपथ लेते थे। पूर्व CM एम करुणानिधि भी पीली शॉल और सफेद पारंपरिक पहनावे के लिए जाने जाते थे। विजय का ये मॉडर्न लुक तमिलनाडु के युवाओं के साथ जुड़ने और बदलाव के लिए उनकी कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है। 2. शपथ लेने के दौरान विजय को गवर्नर ने टोका एक्टर विजय ने तमिल में शपथ ली। विजय शपथ पत्र की निर्धारित लाइनों के अलावा और बातें बोलने लगे। इस पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें टोक दिया। कहा कि वही पढ़ें, जो लिखकर दिया है। इसके बाद इन्होंने लिखित शपथ पत्र पढ़ा। विजय को इस स्पीच के कारण टोका- मैं सी. जोसेफ विजय भारत की संविधान के प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा रखूंगा। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में भारत की एकता, अखंडता को बनाए रखूंगा और अपने विवेक के अनुसार कर्तव्यों और कानून का पालन करूंगा। किसी से डरूंगा नहीं और ना ही एकतरफा आदेश मानूंगा। मैं न्याय करूंगा, सभी लोगों के साथ न्याय करूंगा। 3. शपथ के दौरान विजय के माता-पिता हाथ जोड़े रहे विजय जब शपथ ले रहे थे, तब उनके माता-पिता भावुक हो गए। दोनों हाथ जोड़कर उन्हें सुनते दिखे। पिता एसए चंद्रशेखर प्रसिद्ध तमिल फिल्म निर्देशक और निर्माता हैं। उनकी मां शोभा जानी-मानी सिंगर और राइटर हैं। पिता ने ही विजय को CM बनाने का सपना देखा था। 4. शपथ पहली बार स्टेडियम में, समर्थक ताली बजाते रहे तमिलनाडु में आमतौर पर शपथ खुले मैदान में होती है। पहली बार ऐसा हुआ कि किसी सरकार ने शपथ ग्रहण के लिए स्टेडियम को चुना। एक्टर विजय जैसे शपथ के पहले, ‘मैं सी जोसेफ विजय ….’ बोले तो स्टेडियम तालियों से गूंज गया। उन्हें कुछ सेकेंड रुकना पड़ा और फिर शपथ पूरी की। विजय ने जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम को इसलिए चुना, क्योंकि वे अपनी फिल्मों और म्यूजिक की लॉन्चिंग यहीं से करते रहे हैं। वे अपने फैन्स क्लब विजय मक्कल इयक्कम के समर्थकों से भी यहीं मिलते रहे हैं। 5. राहुल इकलौते बड़े नेता, जो शपथ में पहुंचे, सेल्फी ली शपथ समारोह में राहुल गांधी इकलौते बड़े नेता थे, जो मंच पर मौजूद रहे। विजय ने राहुल के साथ सेल्फी भी ली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय 2009 में कांग्रेस जॉइन करना चाहते थे। वे विधान सभा का चुनाव लड़ना चाहते थे। इसके लिए वे दिल्ली मिलने पहुंचे थे, राहुल तब कांग्रेस महासचिव थे। उस वक्त राहुल ने विजय को सुझाव दिया था कि वे पहले यूथ कांग्रेस का चुनाव लड़कर खुद को साबित करें। विजय चेन्नई लौट आए और अपना फैन क्लब बना लिया। इसलिए उनका कांग्रेस की तरफ झुकाव रहा है। 6. सीएम बनते ही विजय ने 3 ऑर्डर दिए, पहला ऑर्डर 200 यूनिट बिजली फ्री CM जोसेफ विजय ने शपथ के एक घंटे के भीतर 3 बड़े ऑर्डर जारी किए। उन्होंने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट फ्री बिजली देने वाली फाइल पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष बल बनाने वाली फाइल साइन की। तीसरा ऑर्डर एंटी ड्रग्स स्क्वॉड बनाने का जारी किया। 7. सचिवालय पहुंचकर CM पद का चार्ज संभाला CM जोसेफ विजय शपथ के बाद तमिलनाडु सचिवालय पहुंचे और मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभाला। इस दौरान अधिकारियों और पार्टी नेताओं की मौजूदगी रही। विजय मुख्यमंत्री कक्ष में कुर्सी पर बैठने से पहले मुस्कुराए और वहां मौजूद लोगों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… विजय तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री बने:शपथ लेते वक्त स्पीच देने लगे तो राज्यपाल ने टोका; पहला ऑर्डर 200 यूनिट फ्री बिजली का तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। उन्होंने रविवार सुबह 10.15 बजे तमिल में शपथ ली। इस दौरान राहुल गांधी भी मौजूद रहे। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

TVK Congress Vs DMK; Tamil Nadu Govt Formation Alliance Controversy

TVK Congress Vs DMK; Tamil Nadu Govt Formation Alliance Controversy

Hindi News National TVK Congress Vs DMK; Tamil Nadu Govt Formation Alliance Controversy | Akhilesh Yadav 24 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु में एक्टर विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने के बाद द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने कांग्रेस से अपना गठबंधन खत्म कर लिया है। अब DMK सांसद कनिमोझी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लेटर लिखकर पार्टी सांसदों की सीटिंग व्यवस्था बदलने की मांग की है। कनिमोझी ने लेटर में कहा कि बदले हुए राजनीतिक हालात और कांग्रेस के साथ गठबंधन खत्म होने के बाद DMK सांसदों का कांग्रेस सांसदों के साथ बैठना उचित नहीं है। लोकसभा में 22 सांसदों वाली DMK, विपक्षी INDIA गठबंधन की चौथी सबसे बड़ी पार्टी है। इससे पहले INDIA गठबंधन के लोकसभा में दूसरे सबसे बड़े दल समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को ममता बनर्जी और एमके स्टालिन से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था- हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें। दरअसल INDIA गठबंधन की DMK तमिलनाडु में और TMC पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों में हार गई है। INDIA गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में TMC से अलग चुनाव लड़ा था। वहीं तमिलनाडु में रिजल्ट के बाद विजय की पार्टी TVK को समर्थन दिया है। कांग्रेस के TVK को समर्थन देने से DMK नाराज है। वहीं समाजवादी पार्टी ने भी DMK और TMC के साथ रहने का ऐलान किया है। कांग्रेस के DMK, TMC और समाजवादी पार्टी से रिश्तों खराब होने के बाद INDIA गठबंधन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। DMK नेताओं ने कांग्रेस पर “पीठ में छुरा घोंपने” का आरोप लगाया है। पार्टी प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा कि कांग्रेस को तमिलनाडु में जो पांच सीटें मिलीं, वह DMK गठबंधन की वजह से मिलीं। उनका दावा है कि गठबंधन नहीं होता तो कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाती। वहीं कांग्रेस का कहना है कि उसने तमिलनाडु की जनता के जनादेश का सम्मान करते हुए TVK का समर्थन किया है और यही जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका है। DMK और कांग्रेस का गठबंधन कई दशकों पुराना रहा है। बीच-बीच में मतभेद जरूर हुए, लेकिन दोनों पार्टियां 2016 में फिर साथ आई थीं। अब यह गठबंधन टूटने के बाद राष्ट्रीय राजनीति में भी असर दिखने लगा है। इस घटनाक्रम के बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी कांग्रेस पर अप्रत्यक्ष निशाना साधा। उन्होंने DMK प्रमुख एमके स्टालिन और TMC प्रमुख ममता बनर्जी के साथ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा- हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Tamil Nadu Congress Meeting | TVK Govt Claim Rejected; Assam Swearing-in May 12

Tamil Nadu Congress Meeting | TVK Govt Claim Rejected; Assam Swearing-in May 12

Hindi News National Tamil Nadu Congress Meeting | TVK Govt Claim Rejected; Assam Swearing in May 12 चेन्नई/तिरुवनंतपुरम/पुडुचेरी/गुवाहाटी34 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु में सरकार गठन पर खींचतान जारी है। राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने गुरुवार को एक बार फिर टीवीके प्रमुख विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज कर दिया। उनसे कहा कि वे बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायकों के हस्ताक्षर लेकर ही वापस लौटें। हालांकि, राज्यपाल ने विजय को आश्वासन दिया है कि वे किसी अन्य पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं करेंगे। इसी बीच, टीवीके ने संख्या बल जुटाने के लिए वामपंथी दलों, वीसीके और आईयूएमएल को मनाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। वहीं, DMK पार्टी के सभी विधयाकों को निर्देश दिया है कि 10 मई तक चेन्नई में रहें, पार्टी हित में होना बड़ा फैसला होने वाला है। तिरुवनंतपुरम|केरल में अगला सीएम चुनने के लिए कांग्रेस पर्यवेक्षकों मुकुल वासनिक और अजय माकन ने सभी 63 विधायकों से मिले। बैठके में रिजोलयुशन पास कर सीएम चुनने का अधिकार कांग्रेस आलाकमान को सौंपा गया है। असम में नई कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह 12 मई को गुवाहाटी के खानापारा में होगा। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक जेपी नड्डा और नायब सिंह सैनी 9 मई को गुवाहाटी पहुंचेंगे, जहां 10 मई को विधायक दल की बैठक में अगले मुख्यमंत्री का चयन होगा। भाजपा नीत एनडीए ने 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। AIADMK के 28 विधायक पुदुचेरी के रिसॉर्ट में AIADMK के विधायक पिछले दो दिनों से पुदुचेरी के रिसॉर्ट में हैं। तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच अन्नाद्रमुक के 28 विधायक पुदुचेरी के रिसॉर्ट में शिफ्ट किए गए हैं। ये विधायक वरिष्ठ नेता सीवी शनमुगम के समर्थक बताए जा रहे हैं। बहुमत के लिए टीवीके प्रमुख विजय को 6 और विधायकों की जरूरत है। सूत्रों के मुताबिक, टीवीके और AIADMK के बागी गुट के बीच उपमुख्यमंत्री पद और मंत्रालयों के बंटवारे पर चर्चा जारी है, हालांकि महासचिव एडप्पादी पलानीस्वामी इसके खिलाफ हैं। DMK ने 4 प्रस्ताव पास किए, कांग्रेस पर गठबंधन तोड़ने का आरोप DMK ने अपनी विधायक दल की बैठक में चार अहम प्रस्ताव पास किए। पहले प्रस्ताव में तमिलनाडु की जनता और गठबंधन सहयोगियों का आभार जताया गया। दूसरे प्रस्ताव में पार्टी अध्यक्ष एमके स्टालिन की सराहना की गई। तीसरे प्रस्ताव में स्टालिन को मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक हालात को देखते हुए जरूरी फैसले लेने का पूरा अधिकार दिया गया। DMK ने चौथे प्रस्ताव में कांग्रेस की आलोचना की। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस ने सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस से अलग होकर अपने पुराने राजनीतिक चरित्र को दिखाया है। इसके बावजूद कि कांग्रेस को DMK गठबंधन के तहत एक राज्यसभा सीट और 28 विधानसभा सीटें मिली थीं, उसने कुछ ही दिनों में अलग रास्ता चुन लिया। ——————————————— ये खबर भी पढ़ें… बंगाल- 10 साल में भाजपा 3 से 207 पर पहुंची:तमिलनाडु में विजय की 2 साल पुरानी पार्टी जीती; केरलम में कांग्रेस, असम में भाजपा सरकार पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट सोमवार को आए। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔