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ट्रम्प की धमकी- ईरान पर 20 गुना ताकत से हमला:अब तक 5000 ठिकानों को निशाना बनाया, दुश्मन के खात्मे तक जंग जारी रहेगी

ट्रम्प की धमकी- ईरान पर 20 गुना ताकत से हमला:अब तक 5000 ठिकानों को निशाना बनाया, दुश्मन के खात्मे तक जंग जारी रहेगी

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का 11वां दिन हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोमवार रात ईरान पर बड़े हमले की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में तेल की सप्लाई रोकने की कोशिश की, तो अमेरिका उस पर 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करेगा। दुश्मन के पूरी तरह खत्म होने तक यह जंग जारी रहेगी। ट्रम्प ने यह भी बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान में अब तक 5,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि कुछ बहुत अहम ठिकानों को अभी जानबूझकर नहीं निशाना बनाया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर बाद में कार्रवाई की जा सके। फ्लोरिडा के डोरल शहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने इस युद्ध में काफी बड़ी बढ़त हासिल कर ली है और हो सकता है कि यह लड़ाई जल्द खत्म हो जाए, लेकिन फिलहाल मिलिट्री ऑपरेशन जारी रहेगा। ट्रम्प बोले- ऑस्ट्रेलिया ईरान की महिला खिलाड़ियों को शरण दे ईरान से जारी जंग के बीच ट्रम्प ने ऑस्ट्रेलिया से अपील की है कि वह ईरान की महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को शरण दे। ट्रम्प ने कहा कि अगर उन्हें ईरान वापस भेजा गया तो उनकी जान को खतरा हो सकता है और यह एक बड़ी मानवीय गलती होगी। यह मामला ऑस्ट्रेलिया में चल रहे महिला एशियन कप के दौरान सामने आया। दरअसल 28 फरवरी को ईरान पर हमले के बाद महिला टीम ने राष्ट्रगान नहीं गाया था, जिसे सरकार के खिलाफ विरोध के रूप में देखा गया। इसके बाद ईरानी मीडिया में खिलाड़ियों को ‘देशद्रोही’ बताया गया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि अगर इन खिलाड़ियों को ईरान भेजा गया तो उन्हें गंभीर सजा का सामना करना पड़े या उनकी जान भी जा सकती है। ट्रम्प ने कहा कि अगर ऑस्ट्रेलिया खिलाड़ियों को शरण देने के लिए तैयार नहीं है, तो अमेरिका उन्हें आश्रय देने के लिए तैयार है। ईरानी महिला खिलाड़ियों के राष्ट्रगान न गाने का वीडियो… इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें… अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

World News Updates; Trump Pakistan China

World News Updates; Trump Pakistan China

8 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के युवक मधु राजू को भारत डिपोर्ट किया जा सकता है। उनका वॉशिंगटन डीसी में ‘नेशनल वर्ल्ड वॉर टू मेमोरियल’ के सामने डांस करते हुए वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों और पूर्व सैनिक संगठनों ने इसे मेमोरियल का अपमान बताया। उनका कहना है कि ऐसी जगह पर डांस करना ठीक नहीं है। इस मेमोरियल को वर्ल्ड वॉर II में लड़ने वाले लाखों अमेरिकी सैनिकों की याद में बनाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मधु राजू अमेरिका में नॉन-इमिग्रेंट वीजा पर रह रहे हैं। अगर नियमों का उल्लंघन साबित होता है तो पर कार्रवाई हो सकती है। अमेरिका की नेशनल पार्क सर्विस के नियमों के मुताबिक राष्ट्रीय स्मारकों पर बिना अनुमति इस तरह की एक्टिविटी करना मना है। मधु राजू ने इस मामले पर माफी मांगते हुए कहा कि उनका किसी की भावनाएं आहत करने का इरादा नहीं था। फिलहाल अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारी इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… अमेरिकी पॉप स्टार रिहाना के घर पर 10 राउंड फायरिंग, हमले के वक्त घर पर मौजूद थीं अमेरिकी पॉप स्टार रिहाना के घर के बाहर फायरिंग की घटना हुई है। यह घटना लॉस एंजिलिस के ब्रेबरी हिल्स में हुई। जहां एक महिला ने रिहाना के घर की ओर 10 राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली घर की दीवार पर लगी है। हमले की जानकारी मिलते ही लास एंजिलिस पुलिस मौके पर पहुंची और 30 साल की एक महिला को हिरासत में लिया। रॉयटर्स के मुताबिक हमले के वक्त रिहाना घर पर मौजूद थीं, लेकिन इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। पुलिस के मुताबिक सड़क के उस पार खड़ी एक गाड़ी से करीब 10 गोलियां चलाई गईं। फिलहाल मामले की जांच जारी है। अमेरिका में तूफान से 12 साल के बच्चे समेत 6 लोगों की मौत, कई घायल अमेरिका में रविवार को तूफान और बंबडर की वजह से 12 साल के बच्चे समेत 6 लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान अमेरिका के मिशिगन और ओक्लाहोमा में हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिणी मिशिगन में चार लोगों की मौत हुई। वहीं ओक्लाहोमा में दो लोगों की जान गई। इसके अलावा 12 लोगों के घायल होने की भी खबर है। अधिकारियों ने बताया कि कई घरों और इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। मिशिगन की गवर्नर ग्रेचैन विटमर ने इमरजेंसी घोषित कर दी है और कहा है कि प्रभावित लोगों की मदद के लिए रिसोर्स जुटाए जा रहे हैं। वहीं ओक्लाहोमा के गवर्नर केविन स्टीट्ट ने भी कई जिलों में इमरजेंसी घोषित कर दी है ताकि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेजी से किए जा सकें। नेशनल वेदर सर्विस ने चेतावनी दी है कि ग्रेट प्लेन्स से लेकर टेक्सास तक वीकेंड तक भारी तूफान, आंधी और अचानक बाढ़ का खतरा बना रह सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Iran FM Claims US Senator, Israeli PM Conspired to Incite Trump to War

Iran FM Claims US Senator, Israeli PM Conspired to Incite Trump to War

तेल अवीव/तेहरान7 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग का आज दसवां दिन है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऑस्ट्रेलिया से अपील की है कि वह ईरान की महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को शरण दे। ट्रम्प ने कहा कि अगर उन्हें ईरान वापस भेजा गया तो उनकी जान को खतरा हो सकता है और यह एक बड़ी मानवीय गलती होगी। यह मामला ऑस्ट्रेलिया में चल रहे महिला एशियन कप के दौरान सामने आया। दरअसल 28 फरवरी को ईरान पर हमले के बाद महिला टीम ने राष्ट्रगान नहीं गाया था, जिसे सरकार के खिलाफ विरोध के रूप में देखा गया। इसके बाद ईरानी मीडिया में खिलाड़ियों को ‘देशद्रोही’ बताया गया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि अगर इन खिलाड़ियों को ईरान भेजा गया तो उन्हें गंभीर सजा का सामना करना पड़े या उनकी जान भी जा सकती है। ट्रम्प ने कहा कि अगर ऑस्ट्रेलिया खिलाड़ियों को शरण देने के लिए तैयार नहीं है, तो अमेरिका उन्हें आश्रय देने के लिए तैयार है। ईरानी महिला खिलाड़ियों के राष्ट्रगान न गाने का वीडियो… इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें… कुवैत की राजधाकी कुवैत सिटी में शनिवार रात ईरानी ड्रोन अटैक के बाद एक बिल्डिंग में आग लग गई। ईरान की राजधानी तेहरान में शनिवार रात इजराइली हमले का फुटेज। ईरान ने शनिवार रात इजराइल पर क्लस्टर बम से हमला किया। ईरान की राजधानी तेहरान में शनिवार को तेल भंडार ठिकानों पर इजराइली हमलों के बाद फैला तेल शहर की नालियों में पहुंच गया है। इससे सड़कों के किनारे आग की नदी जैसे हालात बन गए। लेबनान की बॉर्डर पर तैनात इजराइली टैंक। इजराइल लेबनान में ईरान समर्थक हिजबुल्लाह के खिलाफ हमला कर रहा है। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… अपडेट्स 11:19 PM9 मार्च 2026 कॉपी लिंक मिसाइल हमले पर तुर्किये ने ईरानी राजदूत को तलब किया तुर्किये ने ईरान के राजदूत मोहम्मद हसन हबीबोल्लाहजाद को तलब किया है, क्योंकि ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल तुर्किये के एयर स्पेस में प्रवेश कर गई थी, जिसे नाटो के एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया था। मिसाइल के कुछ मलबे के टुकड़े तुर्किये के पूर्वी शहर गाजियांतेप के एक खाली मैदान में गिरे, हालांकि इससे किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। 10:23 PM9 मार्च 2026 कॉपी लिंक लेबनान में 83 बच्चों की मौत, 254 घायल: UNICEF संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी UNICEF के अनुसार, लेबनान में अब तक कम से कम 83 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 254 बच्चे घायल हुए हैं। यूनीसेफ ने कहा कि क्षेत्र में जारी सैन्य संघर्ष का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है, जिनकी जान, सुरक्षा और बुनियादी जरूरतें गंभीर खतरे में हैं। संस्था ने सभी पक्षों से अपील की है कि बच्चों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन किया जाए। यूनीसेफ ने यह भी चेतावनी दी कि यदि हिंसा जारी रही तो बच्चों की मौत और घायल होने की संख्या और बढ़ सकती है, साथ ही बड़ी संख्या में बच्चे मानसिक आघात और विस्थापन का सामना कर रहे हैं। 10:14 PM9 मार्च 2026 कॉपी लिंक ट्रम्प बोले- अगर हमने कार्रवाई नहीं की होती तो वे हम पर हमला करते 10:14 PM9 मार्च 2026 कॉपी लिंक ट्रम्प बोले- अमेरिका सबसे महान और असाधारण राष्ट्र है 10:10 PM9 मार्च 2026 कॉपी लिंक इजरायल के साथ मिलकर दुश्मन को कुचल रहे हैं: ट्रम्प 10:01 PM9 मार्च 2026 कॉपी लिंक ट्रम्प बोले- हमारा पहला साल किसी भी राष्ट्रपति से बेहतर रहा 09:18 PM9 मार्च 2026 कॉपी लिंक तेल कीमतों को कंट्रोल करने सभी विकल्पों की समीक्षा कर रहे ट्रंप: व्हाइट हाउस व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सभी संभावित विकल्पों की समीक्षा कर रहे हैं। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने एक बयान में कहा कि शेयर बाजार खुलने के बाद तेल कीमतों में आई तेजी को “अल्पकालिक” माना जा रहा है। उन्होंने कहा- राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पूरी ऊर्जा टीम ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू होने से पहले ही ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए एक मजबूत योजना तैयार कर ली थी और वे सभी विश्वसनीय विकल्पों की समीक्षा जारी रखेंगे।” व्हाइट हाउस के अनुसार, प्रशासन का उद्देश्य मौजूदा वैश्विक तनाव के बीच ऊर्जा बाजारों को स्थिर बनाए रखना और तेल कीमतों में अनियंत्रित वृद्धि को रोकना है। 08:20 PM9 मार्च 2026 कॉपी लिंक सीरिया ने हिज़्बुल्लाह को निशस्त्र करने पर लेबनान का सपोर्ट किया सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने कहा है कि मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण उनके देश को सीधे और गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सीरिया लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन के उस रुख का समर्थन करता है, जिसमें हिज़्बुल्लाह को निशस्त्र करने की बात कही गई है। अल-शरा ने यह भी कहा कि सीरिया का रुख अरब देशों की संप्रभुता के खिलाफ किसी भी प्रकार की आक्रामकता की निंदा करने में हमेशा दृढ़ रहा है। 08:10 PM9 मार्च 2026 कॉपी लिंक बगदाद एयरपोर्ट के पास अमेरिकी लॉजिस्टिक सपोर्ट कैंप पर हमला इराकी सुरक्षा सूत्रों ने बताया है कि बगदाद एयरपोर्ट के पास स्थित अमेरिकी दूतावास के लॉजिस्टिक सपोर्ट कैंप को निशाना बनाकर हमला किया गया। अल जज़ीरा अरबी के अनुसार, हमले के बाद कैंप में मौजूद एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए। फिलहाल हमले से हुए नुकसान या हताहतों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अधिक जानकारी का इंतजार है। 07:12 PM9 मार्च 2026 कॉपी लिंक ईरानी विदेश मंत्री ने कहा ईरानी हमले रक्षात्मक कार्रवाई है ईरान के विदेश मंत्री अराघची के ने कहा है कि तेहरान की कार्रवाई पड़ोसी देशों को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि उन अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ है जहां से ईरान पर हमले किए जा रहे हैं। ईरान का उद्देश्य मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों से अपने देश पर हो रहे हमलों को रोकना है। ईरान ने यह भी दोहराया कि वह क्षेत्रीय देशों की संप्रभुता और संबंधों का सम्मान करता है,

World News Updates; Trump Pakistan China

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6 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रशांत महासागर में रविवार को 6 रिक्टर तीव्रता का भूकंप आया। इसकी जानकारी राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने दी। NCS ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि भूकंप भारतीय समय के अनुसार दोपहर 2.58 बजे आया। इसकी गहराई 130 किलोमीटर दर्ज की गई। प्रशांत महासागर के किनारे का इलाका ‘पैसिफीक रिंग ऑफ फायर’ के नाम से जाना जाता है। यह दुनिया का सबसे एक्टिव भूकंपीय क्षेत्र है, जहां पृथ्वी के लगभग 81% बड़े भूकंप आते हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… नॉर्वो के ओस्लो में अमेरिकी एम्बेसी के बाहर धमाका, पुलिस विस्फोट के कारणों की जांच में जुटी नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में रविवार सुबह US एम्बेसी में धमाका हुआ है। यह धमाका बिल्डिंग के पब्लिक एंट्रेंस पर हुआ। नॉर्वो पुलिस ने बताया कि घटना के बारे में पता चलते ही इलाके में भारी बल तैनात किए गए। हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विस्फोट कैसे हुआ या इसके पीछे कौन हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एम्बेसी को मामूली नुकसान हुआ है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के घर के बाहर स्मोक बम फेंके, एंटी-इस्लाम विरोध प्रदर्शन के दौरान हमला, 6 गिरफ्तार न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के घर के बाहर शनिवार को हुए एक प्रदर्शन के दौरान स्मोक बम फेंके गए। उस समय ममदानी और उनका परिवार घर के अंदर ही मौजूद थे, लेकिन इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई। घटना के बाद पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। न्यूयॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट (NYPD) के अनुसार, यह घटना एक छोटे एंटी-इस्लाम प्रदर्शन और उसके खिलाफ हुए बड़े काउंटर-प्रोटेस्ट के दौरान हुई। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, एंटी-इस्लाम प्रदर्शन में करीब 20 लोग शामिल थे, जबकि इसके विरोध में हुए काउंटर-प्रोटेस्ट में लगभग 125 लोग पहुंचे थे। घटना के बाद एनवाईपीडी के बम स्क्वाड ने मौके से बरामद उपकरणों की जांच की। अधिकारियों का कहना है कि अभी यह साफ नहीं है कि ये असली विस्फोटक थे या सिर्फ डराने के लिए बनाए गए उपकरण। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने कहा कि न्यूयॉर्क शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करता है, लेकिन नफरत और हिंसा के लिए यहां कोई जगह नहीं है ट्रम्प बोले- क्यूबाई सरकार जल्द गिर सकती है, समझौते के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री को भेजूंगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि क्यूबा की सरकार जल्द गिर सकती है और अमेरिका उसके साथ समझौते की दिशा में आगे बढ़ सकता है। CNN को दिए फोन इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा, “क्यूबा का बहुत जल्द पतन होने वाला है। वे हमसे समझौता करना चाहते हैं, इसलिए मैं विदेश मंत्री मार्को रूबियो को वहां भेजूंगा और देखेंगे क्या होता है।” हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल अमेरिकी प्रशासन की प्राथमिकता ईरान से जुड़ा मौजूदा संघर्ष है। ट्रम्प ने कहा कि क्यूबा पर ध्यान बाद में दिया जाएगा। ट्रम्प ने आगे बताया कि “मैं क्यूबा को 50 साल से देख रहा हूं और अब ये मेरी गोद में आ गिरा है।” अमेरिका और क्यूबा के बीच संबंध पिछले कई दशकों से तनावपूर्ण रहे हैं, जिनमें राजनीतिक टकराव और आर्थिक प्रतिबंध शामिल रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Israel US Iran war live updates ninth day Trump Netanyahu

Israel US Iran war live updates ninth day Trump Netanyahu

तेल अवीव/तेहरान1 दिन पहले कॉपी लिंक ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए उकसाया गया। उनका दावा है कि अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मिलकर साजिश की। अराघची के मुताबिक ग्राहम हाल के हफ्तों में कई बार इजराइल गए और वहां की खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों से मुलाकात की। इन बैठकों में ईरान से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई। अराघची का कहना है कि ग्राहम ने कहा था कि उन्हें इजराइल से ऐसी खुफिया जानकारी मिलती है जो कभी-कभी अमेरिकी सरकार भी शेयर नहीं करती। इसी जानकारी के आधार पर ट्रम्प को ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए राजी किया गया। अराघची ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राहम ने इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को सलाह दी कि वे ट्रम्प को ईरान के खिलाफ सैन्य कदम उठाने के लिए कैसे मना सकते हैं। अराघची ने कहा कि किसी भी देश में ऐसा करना देशद्रोह जैसा माना जाएगा। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने 16 फरवरी 2026 को इजराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की थी। सऊदी पर मिसाइल हमले में भारतीय की मौत सऊदी अरब के अल-खार्ज इलाके में रिहायशी परिसर पर मिसाइल गिरने से एक भारतीय और एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत हो गई। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक हमले में 12 अन्य बांग्लादेशी घायल हुए हैं। सऊदी सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक आवासीय परिसर पर मिसाइल गिरने से इससे इमारत को नुकसान पहुंचा और आसपास अफरा-तफरी मच गई। इससे पहले ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा था कि उसने अल-खार्ज समेत कई स्थानों पर रडार सिस्टम को निशाना बनाया है। मिसाइल गिरने की घटना इसी इलाके में सामने आई है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार पहले ही सऊदी अरब में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर चुकी है और उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें… ट्रम्प कुवैत में मारे गए 6 अमेरिकियों सैनिक के शव वापसी समारोह में शामिल हुए। उनके साथ मेलानिया ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी मौजूद थे। ईरान के इस्फहान शाहिद बेहेश्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 7 मार्च को धमाके के बाद की फुटेज। दुबई के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को ईरानी ड्रोन हमले का फुटेज। तेहरान में अमेरिकी-इजराइली हमले में मारी गई 2 साल की जैनब साहेबी का शनिवार को अंतिम संस्कार हुआ। ब्रिटेन में ईरान जंग खत्म करने के लिए शनिवार को मार्च निकाला गया। इस दौरान महिलाओं ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की तस्वीर लेकर प्रदर्शन किया। ब्रिटेन में इंटरनेशनल विमेंस डे मार्च के दौरान कुछ ईरानी महिलाओं ने अमेरिका के समर्थन में रैली निकाली। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… अपडेट्स 12:16 AM9 मार्च 2026 कॉपी लिंक व्हाइट हाउस के ‘वॉर मोंटाज’ वीडियो पर अमेरिकी कैथोलिक धर्मगुरु ने की आलोचना अमेरिका के एक वरिष्ठ कैथोलिक धर्मगुरु कार्डिनल ब्लेज़ क्यूपिच ने व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक वीडियो मोंटाज को “भयावह” और “घिनौना” बताया है। यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर “Justice the American way” कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया था। लगभग 42 सेकंड के इस वीडियो में हॉलीवुड फिल्मों के दृश्यों को ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमलों के वास्तविक फुटेज के साथ मिलाकर दिखाया गया था। जो पोप लियो XIV के करीबी कार्डिनल क्यूपिच ने अपने बयान में कहा- एक असली युद्ध, जिसमें असली मौत और असली पीड़ा है, उसे वीडियो गेम की तरह पेश करना बेहद घिनौना है। 11:58 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक कतर के प्रधानमंत्री ने मध्य पूर्व में तनाव कम करने की अपील की कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच सभी पक्षों से तनाव कम करने (डी-एस्केलेशन) की अपील की है। Sky News को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हम ईरानियों से बातचीत जारी रखेंगे और तनाव कम करने की कोशिश करते रहेंगे।” शेख मोहम्मद ने कहा कि हालिया घटनाओं ने ईरान के साथ संबंधों में मौजूद भरोसे को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में स्थिरता के लिए संवाद और कूटनीतिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। 11:39 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक श्रीलंका ईरानी नाविकों को मुफ्त वीजा जारी करेगा श्रीलंका ने अपनी समुद्री सीमा के बाहर से निकाले गए ईरानी नाविकों को एक महीने का मुफ्त वीजा देने की योजना बनाई है। ये नाविक उस घटना के बाद बचाए गए थे जिसमें अमेरिकी पनडुब्बी के हमले में एक अन्य जहाज डूब गया था, जिसमें 80 से अधिक नाविकों की मौत हो गई थी। श्रीलंका के लोक सुरक्षा मंत्री आनंदा विजेपाला ने मीडिया से कहा कि सरकार ईरानी नाविकों को “फ्री वीजा” जारी करेगी। उन्होंने कहा कि “उन्हें इस देश से जाने में कुछ समय लग सकता है।” शनिवार को 204 नाविकों को उनके जहाज IRIS Bushehr से श्रीलंकाई नौसेना के एक बेस पर स्थानांतरित किया गया, जिसके बाद जहाज को श्रीलंका की हिरासत में ले लिया गया। 10:40 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक बेरूत में IRGC कुद्स फोर्स के 5 कमांडर ढेर: इजरायल इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उसने बेरूत में सटीक हवाई हमले में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कुद्स फोर्स के लेबनान कॉर्प्स के पांच सीनियर कमांडरों को मार गिराया। IDF ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि यह कार्रवाई “ऑपरेशन रोअरिंग लायन” के तहत की गई। 10:09 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक अयातोल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा नए सुप्रीम लीडर हो सकते हैं ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का अगला सुप्रीम लीडर चुने जाने के संकेत मिले हैं। हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा अभी बाकी है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, यह जानकारी एक वरिष्ठ ईरानी धर्मगुरु अयातोल्ला हुसैनअली एश्केवारी ने दी, जो नए सर्वोच्च नेता के चयन की प्रक्रिया में शामिल थे। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के 88 सदस्यों में से एक एश्केवारी ने ईरानी मीडिया में जारी एक वीडियो संदेश में कहा- खामेनेई का नाम जारी रहेगा। ईरान में असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स वह संस्था है, जो देश

World News Updates; Trump Pakistan China

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40 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों के लिए नए सख्त दिशानिर्देश तैयार किए हैं। इन नियमों के तहत जो कंपनियां अमेरिकी सरकार के साथ काम करना चाहेंगी, उन्हें अपने AI सिस्टम के किसी भी वैध उपयोग के लिए अमेरिकी सरकार को स्थायी लाइसेंस देना होगा। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नए दिशानिर्देश जनरल सर्विसिज एडमिनिस्ट्रेशन (GSA) द्वारा तैयार किए गए हैं और यह नागरिक (सिविलियन) सरकारी अनुबंधों पर लागू होंगे। इसका मकसद सरकारी संस्थाओं द्वारा AI सेवाओं की खरीद प्रक्रिया को अधिक सख्त और सुरक्षित बनाना है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिकी रक्षा विभाग और AI कंपनी एंथ्रोपिक के बीच तनाव बढ़ गया है। पेंटागन ने हाल ही में एंथ्रोपिक को सप्लाई-चेन जोखिम घोषित कर सरकारी ठेकेदारों को सैन्य कार्यों में उसकी तकनीक इस्तेमाल करने से रोक दिया था। ड्राफ्ट नियमों के अनुसार: AI कंपनियों को सरकार को अपने मॉडल के सभी कानूनी उपयोगों के लिए कभी न बदले जाने वाला लाइसेंस देना होगा। कंपनियां अपने AI सिस्टम के आउटपुट में जानबूझकर राजनीतिक या वैचारिक झुकाव नहीं जोड़ सकतीं। उन्हें यह भी बताना होगा कि क्या उनके AI मॉडल को किसी विदेशी सरकार या गैर-अमेरिकी नियमों के अनुरूप संशोधित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कनाडा में भारतीय मूल की इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की हत्या, मां का आरोप- 18 बार चाकू मारा, पुराने विवाद के कारण हमला भारतीय मूल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की कनाडा में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना मंगलवार शाम विंडसर के पास हुई। नैन्सी की मां शिंदर पाल ग्रेवाल का आरोप है कि हमलावरों ने उनकी बेटी पर 18 बार चाकू से हमला किया और उसकी हत्या कर दी। परिवार के अनुसार, यह हमला किसी पुराने विवाद के कारण किया गया। परिजनों का कहना है कि नैन्सी मूल रूप से लुधियाना जिले के नरंग गांव की रहने वाली थीं। वह कनाडा में एक मरीज से मिलने गई थीं। घर के बाहर निकलते ही कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। मां ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने ऐसी जगह पर वारदात को अंजाम दिया जहां CCTV कैमरे नहीं थे, जिससे साफ है कि हमला पहले से योजनाबद्ध था। परिवार के मुताबिक, नैन्सी का विवाद एक गुरुद्वारे से जुड़े कुछ लोगों के साथ चल रहा था। आरोप है कि उन्होंने गुरुद्वारे के राशन की चोरी का मुद्दा उठाया था और वहां कैमरे लगवाने में मदद की थी। उनकी मां का कहना है कि इसी विवाद के बाद उन्हें धमकियां मिलने लगी थीं। 45 वर्षीय नैन्सी ग्रेवाल पेशे से नर्स थीं और दो कंपनियों में काम करती थीं, जहां वे अक्सर 16 घंटे तक की शिफ्ट करती थीं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Companies to Get ₹14.5 Lakh Crore Refund, Supreme Court Slams Trump

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Hindi News Business US Trade Tariffs: Companies To Get ₹14.5 Lakh Crore Refund, Supreme Court Slams Trump वॉशिंगटन4 दिन पहले कॉपी लिंक अमेरिका की इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को आदेश दिया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए टैरिफ का पैसा कंपनियों को लौटाया जाए। टैरिफ से दिसंबर तक 10.79 लाख करोड़ रुपए वसूले गए थे और कुल रिफंड 14.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। जज रिचर्ड ईटन ने लंबित मामलों में टैरिफ हटाकर दोबारा कैलकुलेशन करने को कहा। ट्रम्प ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट-1977 के तहत कई देशों पर टैरिफ लगाए थे। अमेरिकी कंपनियों ने कोर्ट में चुनौती दी। 20 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ रद्द करते हुए कहा कि टैरिफ तय करने का अधिकार कांग्रेस के पास है राष्ट्रपति के पास नहीं। तब रिफंड पर स्पष्टता नहीं थी। टेनेसी की एटमस फिल्ट्रेशन की याचिका पर जज ने रिफंड का आदेश दिया है। क्लिंटन ने की थी ईटन की नियुक्ति, टैरिफ रिफंड के केस भी वही सुनेंगे पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने 1999 में जज ईटन की नियुक्ति की थी। ईटन ने कहा कि टैरिफ रिफंड की सुनवाई वे खुद करेंगे, ताकि रिफंड प्रक्रिया उलझे नहीं। ट्रम्प सरकार के पास अब ये 3 विकल्प 1. अपील: सरकार ऊपरी कोर्ट में चुनौती दे। 2. स्टे: सरकार अस्थायी रोक मांग सकती है। 3. देरी: कस्टम्स में लिक्विडेशन (अंतिम हिसाब) के बाद आयातक को दावा/चुनौती के लिए 180 दिन मिलते हैं। इससे सरकार भी रिफंड 6 माह तक टाल सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प को लगाई थी फटकार, कहा- हर देश से युद्ध की स्थिति में नहीं ट्रम्प ने पिछले साल अप्रैल में ग्लोबल टैरिफ का ऐलान किया था। इससे पहले 20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को फटकारते हुए कहा था कि अमेरिका दुनिया के हर देश के साथ युद्ध की स्थिति में नहीं है। हालांकि फैसले को लेकर 3 जजों- जस्टिस सैमुअल एलिटो, क्लेरेंस थॉमस और ब्रेट कैवनॉ ने इस फैसले से असहमति जताई। कैवनॉ ने अपने नोट में लिखा कि टैरिफ नीति समझदारी भरी है या नहीं, यह अलग सवाल है, लेकिन उनके मुताबिक यह कानूनीतौर पर वैध थी। कैवनॉ ने अपने नोट में भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए टैरिफ का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि ये टैरिफ विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों के तहत लगाए गए थे। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में कुल 9 जज हैं। इनमें से 6 जजों को रिपब्लिकन राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किया है, जबकि 3 जज डेमोक्रेटिक राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किए। फैसले के खिलाफ वोट करने वाले तीनों जज रिपब्लिकन राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किए थे। ट्रम्प भी रिपब्लिकन पार्टी से हैं। ट्रम्प ने 24 घंटे में ग्लोबल टैरिफ बढ़ाकर 15% कर दिया था सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज होकर ट्रम्प ने अगले ही दिन ग्लोबल टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% करने का ऐलान कर दिया था। ट्रम्प ने एक आदेश पर हस्ताक्षर कर दुनियाभर के देशों पर नया टैरिफ लगा दिया था। यह 15% टैरिफ 24 फरवरी से लागू हो गया है। इससे पहले उन्होंने टैरिफ को अवैध बताने वाले जजों की भी आलोचना की। ट्रम्प ने कहा था- मुझे कोर्ट के कुछ जजों पर शर्म आ रही है। वे देश के लिए कलंक हैं, उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है। ट्रम्प ने 49 साल पुराने कानून का इस्तेमाल कर टैरिफ लगाया था ट्रम्प के टैरिफ विवाद के केंद्र में एक कानून है, जिसका नाम इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) है। यह कानून 1977 में बनाया गया था। इसका मकसद यह था कि अगर देश पर कोई गंभीर खतरा जैसे युद्ध जैसी स्थिति, विदेशी दुश्मन से बड़ा आर्थिक खतरा या असाधारण अंतरराष्ट्रीय संकट आए तो राष्ट्रपति को कुछ खास शक्तियां दी जा सकें। इन शक्तियों के तहत राष्ट्रपति विदेशी लेन-देन पर रोक लगा सकता है, उन्हें नियंत्रित कर सकता है या कुछ आर्थिक फैसले तुरंत लागू कर सकता है। ट्रम्प ने टैरिफ लगाने के लिए IEEPA का ही सहारा लिया था। निचली अदालतों ने टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया था इससे पहले निचली अदालतों (कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड और फेडरल सर्किट कोर्ट) ने टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया था। उनका मानना था कि IEEPA टैरिफ लगाने की इतनी व्यापक शक्ति नहीं देता। सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में मौखिक बहस सुनी थी, जहां जजों ने ट्रम्प की ओर से पेश की गईं दलीलों पर संदेह जताया था। कोर्ट के 6-3 बहुमत के बावजूद, जस्टिस ने पूछा था कि क्या राष्ट्रपति कांग्रेस की मंजूरी के बिना इतने बड़े पैमाने पर टैरिफ लगा सकता है, क्योंकि टैरिफ टैक्स का रूप हैं और यह संसद की जिम्मेदारी हैं। ——————- ट्रम्प के टैरिफ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प के इमरजेंसी टैरिफ की वसूली बंद:समझौते से पीछे हटने वाले देशों को ट्रम्प की धमकी, कहा- गेम मत खेलो, ऊंचे टैरिफ लगाऊंगा अमेरिकी सरकार आज से राष्ट्रपति ट्रम्प की तरफ से लगाए गए इमरजेंसी टैरिफ की वसूली बंद कर देगी। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को टैरिफ समझौते से पीछे हटने वाले देशों को चेतावनी दी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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Hindi News Business US Trade Tariffs: Companies To Get ₹14.5 Lakh Crore Refund, Supreme Court Slams Trump वॉशिंगटन32 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका की इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को आदेश दिया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए टैरिफ का पैसा कंपनियों को लौटाया जाए। टैरिफ से दिसंबर तक 10.79 लाख करोड़ रुपए वसूले गए थे और कुल रिफंड 14.5 लाख करोड़ रु. तक पहुंच सकता है। जज रिचर्ड ईटन ने ने लंबित मामलों में टैरिफ हटाकर दोबारा गणना करने को कहा। ट्रम्प ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट-1977 के तहत कई देशों पर टैरिफ लगाए थे। अमेरिकी कंपनियों ने कोर्ट में चुनौती दी। 20 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ रद्द करते हुए कहा कि टैरिफ तय करने का अधिकार कांग्रेस के पास है राष्ट्रपति के पास नहीं। तब रिफंड पर स्पष्टता नहीं थी। टेनेसी की एटमस फिल्ट्रेशन की याचिका पर जज ने रिफंड का आदेश दिया है। क्लिंटन ने की थी ईटन की नियुक्ति, टैरिफ रिफंड के केस भी वही सुनेंगे पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने 1999 में जज ईटन की नियुक्ति की थी। ईटन ने कहा कि टैरिफ रिफंड की सुनवाई वही करेंगे, ताकि रिफंड प्रक्रिया उलझे नहीं। ट्रम्प सरकार के पास अब ये 3 विकल्प 1. अपील: सरकार ऊपरी कोर्ट में चुनौती दे। 2. स्टे: सरकार अस्थायी रोक मांग सकती है। 3. देरी: कस्टम्स में लिक्विडेशन (अंतिम हिसाब) के बाद आयातक को दावा/चुनौती के लिए 180 दिन मिलते हैं। इससे सरकार भी रिफंड 6 माह तक टाल सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प को लगाई थी फटकार, कहा- हर देश से युद्ध की स्थिति में नहीं ट्रम्प ने पिछले साल अप्रैल में ग्लोबल टैरिफ का ऐलान किया था। (फाइल फोटो) इससे पहले 20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को फटकारते हुए कहा था कि अमेरिका दुनिया के हर देश के साथ युद्ध की स्थिति में नहीं है। हालांकि फैसले को लेकर 3 जजों जस्टिस सैमुअल एलिटो, क्लेरेंस थॉमस और ब्रेट कैवनॉ ने इस फैसले से असहमति जताई। कैवनॉ ने अपने नोट में लिखा कि टैरिफ नीति समझदारी भरी है या नहीं, यह अलग सवाल है, लेकिन उनके मुताबिक यह कानूनी तौर पर वैध थी। कैवनॉ ने अपने नोट में भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए टैरिफ का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि ये टैरिफ विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों के तहत लगाए गए थे। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में कुल 9 जज हैं। इनमें से 6 जजों को रिपब्लिकन राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किया है, जबकि 3 जज डेमोक्रेटिक राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किए। फैसले के खिलाफ वोट करने वाले तीनों जज रिपब्लिकन राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किए थे। ट्रम्प ने 24 घंटे में ग्लोबल टैरिफ बढ़ाकर 15% कर दिया था सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज होकर ट्रंप ने अगले ही दिन ग्लोबल टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% करने का ऐलान कर दिया था। ट्रम्प ने एक आदेश पर हस्ताक्षर कर दुनियाभर के देशों पर नया टैरिफ लगा दिया था। यह 15% टैरिफ 24 फरवरी से लागू हो गया है। इससे पहले उन्होंने कल टैरिफ को अवैध बताने वाले जजों की भी आलोचना की। ट्रम्प ने कहा था- मुझे कोर्ट के कुछ जजों पर शर्म आ रही है। वे देश के लिए कलंक हैं, उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है। ट्रम्प ने 49 साल पुराने कानून के इस्तेमाल कर टैरिफ लगाया था ट्रम्प के टैरिफ विवाद के केंद्र में एक कानून है, जिसका नाम इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) है। यह कानून 1977 में बनाया गया था। इसका मकसद यह था कि अगर देश पर कोई गंभीर खतरा जैसे युद्ध जैसी स्थिति, विदेशी दुश्मन से बड़ा आर्थिक खतरा या असाधारण अंतरराष्ट्रीय संकट आए तो राष्ट्रपति को कुछ खास शक्तियां दी जा सकें। इन शक्तियों के तहत राष्ट्रपति विदेशी लेन-देन पर रोक लगा सकता है, उन्हें नियंत्रित कर सकता है या कुछ आर्थिक फैसले तुरंत लागू कर सकता है। ट्रम्प ने टैरिफ लगाने के लिए IEEPA का ही सहारा लिया था। निचली अदालतों ने टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया था इससे पहले निचली अदालतों (कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड और फेडरल सर्किट कोर्ट) ने टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया था। उनका मानना था कि IEEPA टैरिफ लगाने की इतनी व्यापक शक्ति नहीं देता। सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में मौखिक बहस सुनी थी, जहां जजों ने ट्रम्प की ओर से पेश की गईं दलीलों पर संदेह जताया था। कोर्ट के 6-3 बहुमत के बावजूद, जस्टिस ने पूछा था कि क्या राष्ट्रपति कांग्रेस की मंजूरी के बिना इतने बड़े पैमाने पर टैरिफ लगा सकता है, क्योंकि टैरिफ टैक्स का रूप हैं और यह संसद की जिम्मेदारी हैं। ——————- ट्रम्प के टैरिफ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प के इमरजेंसी टैरिफ की वसूली बंद:समझौते से पीछे हटने वाले देशों को ट्रम्प की धमकी, कहा- गेम मत खेलो, ऊंचे टैरिफ लगाऊंगा अमेरिकी सरकार आज से राष्ट्रपति ट्रम्प की तरफ से लगाए गए इमरजेंसी टैरिफ की वसूली बंद कर देगी। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को टैरिफ समझौते से पीछे हटने वाले देशों को चेतावनी दी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Iran Offers Secret Talks to US; Trump Says Time Ran Out

Iran Offers Secret Talks to US; Trump Says Time Ran Out

तेल अवीव/तेहरान19 मिनट पहले कॉपी लिंक अजरबैजान ने खुद पर हुए ड्रोन हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। राष्ट्रपति इलहाम अलीयेव ने कहा कि इस घटना पर ईरान को माफी मांगनी चाहिए। इसके अलावा ईरानी राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। अजरबैजान के विदेश मंत्रालय के अनुसार एक ड्रोन नखचिवान इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन से टकराया, जबकि दूसरा शकराबाद गांव में एक स्कूल के पास गिरा। इस घटना में एयरपोर्ट टर्मिनल को नुकसान पहुंचा और दो नागरिक घायल हो गए। राष्ट्रपति अलीयेव ने इस घटना को ‘कायराना हमला’ बताते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि ईरान ने इस ड्रोन हमले में हाथ होने से इनकार किया है और कहा है कि इस घटना की जांच की जा रही है। फुटेज अजरबैजान में नखचिवान इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमले का है। भारत ने खामेनेई की मौत पर शोक जताया भारत ने पहली बार ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक जताया है। भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास जाकर खामेनेई के निधन पर संवेदना जताई। उन्होंने कंडोलेंस बुक (शोक पुस्तिका) पर हस्ताक्षर कर श्रद्धांजलि दी। अमेरिका-इजराइल के हमले में 28 फरवरी को खामेनेई की मौत हो गई थी। ईरान ने एक दिन बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की थी। खामेनेई के निधन के बाद दुनियाभर के कई देशों से शोक संदेश भेजे जा रहे हैं। भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने आज नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। न्यूजीलैंड में ईरानी दूतावास ने दैनिक भास्कर का कार्टून शेयर किया। यह ईरान में स्कूल पर हमले से जुड़ा था, जिसमें 170 छात्राओं की मौत हो गई थी। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें… अमेरिका और इजराइल ने बुधवार रात ईरान की राजधानी तेहरान में कई जगह बमबारी की। ईरानी हथियारों पर अमेरिकी हमले का सैटेलाइट फुटेज। बेरूत के दक्षिणी इलाके दहियाह में हिजबुल्लाह नेता नईम कासिम के भाषण के दौरान लोगों ने हवा में गोलियां चलाईं, जिससे आसमान में गोलियों की रोशनी दिखाई दी। बेरूत के दक्षिणी इलाके दहियाह में इजराइली हवाई हमले के बाद उठता धुआं। ईरान पर हमले के लिए उड़ान भरता अमेरिकी फाइटर जेट। इजराइल-ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 20 मिनट पहले कॉपी लिंक अजरबैजान ने ईरान बॉर्डर के पास एयरस्पेस बंद किया अजरबैजान ने ईरान बॉर्डर के पास अपने एयरस्पेस का एक हिस्सा 12 घंटे के लिए बंद कर दिया है। यह फैसला उस घटना के बाद लिया गया जब अजरबैजान ने दावा किया कि ईरान से आए ड्रोन उसके नखचिवान स्वायत्त क्षेत्र में घुस आए और कुछ इलाकों में नुकसान पहुंचाया। 36 मिनट पहले कॉपी लिंक इजराइल बोला- जंग में ईरान के 300 मिसाइल लॉन्चर नष्ट किए इजराइल की सेना ने कहा है कि जंग के दौरान उसकी वायुसेना ने ईरान के 300 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को नष्ट कर दिया है। इनमें से ज्यादातर मिसाइल लॉन्चर पश्चिमी ईरान में मौजूद थे। इसका मकसद ईरान की मिसाइल दागने की क्षमता को कम करना था। 52 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान बोला- अमेरिका-इजराइल के हमलों से 11 अस्पतालों को नुकसान ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल के हमलों में देश के 11 अस्पताल, सात आपात केंद्र, नौ एंबुलेंस और चार अन्य मेडिकल सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। मंत्रालय के अनुसार इन हमलों के दौरान कई अस्पतालों के साथ-साथ आपात चिकित्सा केंद्र और एंबुलेंस भी प्रभावित हुए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी ईरान में स्वास्थ्य ढांचे पर कम से कम 13 हमलों की पुष्टि की है, जिनमें अस्पतालों और मेडिकल सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। WHO ने कहा कि संघर्ष के दौरान अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं को निशाना बनना गंभीर चिंता का विषय है और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत इन संस्थानों की सुरक्षा जरूरी है। 02:49 PM5 मार्च 2026 कॉपी लिंक ब्रिटेन साइप्रस में एंटी-ड्रोन हेलिकॉप्टर भेजेगा ब्रिटेन ने साइप्रस में सुरक्षा बढ़ाने के लिए एंटी-ड्रोन क्षमता से लैस वाइल्डकैट हेलिकॉप्टर भेजने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि ये हेलिकॉप्टर शुक्रवार को साइप्रस पहुंचेंगे। स्टार्मर ने बताया कि ब्रिटेन के रक्षा मंत्री फिलहाल साइप्रस में मौजूद हैं और वहां सैन्य अभियानों के समन्वय के साथ सैनिकों से मुलाकात कर रहे हैं। ब्रिटेन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूर्वी भूमध्यसागर में अपने युद्धपोत HMS ड्रैगन को भी तैनात कर रहा है। 02:28 PM5 मार्च 2026 कॉपी लिंक ईरान बोला- अजरबैजान पर ड्रोन हमले में हमारा हाथ नहीं ईरान ने अजरबैजान में हुए ड्रोन हमले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने अजरबैजानी समकक्ष से फोन पर बातचीत में कहा कि तेहरान ने अजरबैजान की ओर कोई ड्रोन या अन्य प्रोजेक्टाइल नहीं दागा। उन्होंने बताया कि ईरान की सेना इस घटना की जांच कर रही है। अराघची ने यह भी कहा कि ऐसे हमलों के पीछे इजराइल की भूमिका हो सकती है, जिसका उद्देश्य ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच संबंध खराब करना है। इससे पहले अजरबैजान ने नखचिवान क्षेत्र में हुए ड्रोन हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। 02:12 PM5 मार्च 2026 कॉपी लिंक ईरान बोला- इराक में अमेरिकी बेस पर ड्रोन हमला किया ईरान की सेना ने कहा है कि उसने उत्तरी इराक के एरबिल में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ड्रोन हमला किया है। यह जानकारी ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस हमले में अमेरिकी ठिकाने को काफी नुकसान हुआ है। हालांकि इस दावे की पुष्टि नहीं हो सकी है। 01:58 PM5 मार्च 2026 कॉपी लिंक अजरबैजान बोला- ड्रोन हमले पर माफी मांगे ईरान अजरबैजान के राष्ट्रपति इलहाम अलीयेव ने कहा है कि नखचिवान क्षेत्र में हुए ड्रोन हमले को लेकर ईरान को माफी मांगनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को सजा दी जानी चाहिए। अलीयेव के मुताबिक नखचिवान अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे, उसके टर्मिनल, एक स्कूल और अन्य नागरिक इलाकों को ड्रोन से निशाना बनाया गया, जिसमें दो लोग घायल हुए। उन्होंने इस घटना को “कायराना हमला” बताते हुए इसकी

मशहद में दफनाए जाएंगे खामेनेई, दिन-तारीख तय नहीं:सुप्रीम लीडर का ऐलान अगले हफ्ते संभव; इजराइल का दावा- 4 दिन में ईरान के 300 मिसाइल लॉन्चर नष्ट

मशहद में दफनाए जाएंगे खामेनेई, दिन-तारीख तय नहीं:सुप्रीम लीडर का ऐलान अगले हफ्ते संभव; इजराइल का दावा- 4 दिन में ईरान के 300 मिसाइल लॉन्चर नष्ट

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मशहद में दफनाया जाएगा। हालांकि दिन-तारीख तय नहीं है। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी फार्स के मुताबिक खामेनेई को इमाम रजा (अलैहिस्सलाम) की दरगाह के पास सुपुर्दे खाक किया जाएगा। खामेनेई का जन्म भी मशहद में ही 1939 में हुआ था। ईरान के अगले सुप्रीम लीडर का ऐलान खामेनेई को दफनाने के बाद ही किया जाएगा। मंगलवार को खबर आई थी कि कोम में असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने सुप्रीम लीडर के चुनाव के लिए वोटिंग की है। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स में 88 सदस्य होते हैं, जो देश के सुप्रीम लीडर को चुनते हैं। दरअसल, 28 फरवरी को US-इजराइल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। तब से पद खाली है। हालांकि ईरानी अपोजिशन से जुड़े ईरान इंटरनेशनल का दावा है कि असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने IRGC के दबाव में खामेनेई के बेटे मोजतबा को अगला सुप्रीम लीडर चुन लिया है। इधर, इजराइल की सेना (IDF) ने दावा किया है शनिवार से अबतक इजराइली हवाई हमलों में 300 से ज्यादा ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर नष्ट कर दिए हैं। जंग में ईरान का नुकसान… इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें… भास्कर कार्टूनिस्ट की नजर से ईरान-इजराइल और अमेरिका जंग… इजराइल-ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…