E20 Fuel Engine Performance & LTCG Tax Update

नई दिल्ली12 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर एथेनॉल से जुड़ी रही। सरकार ने कहा कि देश में 20% एथेनॉल मिला पेट्रोल यानी E20 फ्यूल से गाड़ियों के इंजन खराब होने या उनके अचानक बंद होने की कोई पुख्ता रिपोर्ट नहीं है। वहीं सरकार ने साफ कर दिया है कि घरेलू और रिटेल निवेशकों के लिए इक्विटी ट्रांजैक्शन पर लगने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को खत्म करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. संसद में सरकार बोली- E20 पेट्रोल से इंजन खराब नहीं: 23 करोड़ गाड़ियां बिना परेशानी चल रहीं, पुरानी गाड़ियों का माइलेज मामूली गिरा देश में 20% एथेनॉल मिला पेट्रोल यानी E20 फ्यूल से गाड़ियों के इंजन खराब होने या उनके अचानक बंद होने की कोई पुख्ता रिपोर्ट नहीं है। सरकार ने आज यानी 20 जुलाई को राज्यसभा यानी संसद में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि देशभर में चल रहे 23 करोड़ से ज्यादा गाड़ियों के चलाने के अनुभवों और कई वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर यह निष्कर्ष निकला है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि E20 फ्यूल से इंजन को नुकसान पहुंचने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. अमेरिका-ईरान तनाव से ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर पार: एक हफ्ते में 16% बढ़ा; भारत में महंगाई का खतरा, रुपया-विदेशी निवेश पर दबाव ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल आज 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। तेल की बढ़ती कीमतों ने भारत में महंगाई और एनर्जी शॉक के जोखिम को बढ़ा दिया है। इससे भारतीय रुपए और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) के फ्लो पर असर पड़ने की संभावना है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. शेयर बाजार के निवेशकों को LTCG टैक्स पर राहत नहीं: सरकार बोली- इसे हटाने का प्रस्ताव नहीं, जानें ये टैक्स क्या है और कब लगता है केंद्र सरकार ने आज यानी 20 जुलाई को साफ कर दिया है कि घरेलू और रिटेल निवेशकों के लिए इक्विटी ट्रांजैक्शन पर लगने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को खत्म करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। इस स्पष्टीकरण के साथ ही पिछले कुछ महीनों से बाजार के जानकारों और निवेशकों के बीच चल रही उस अटकलबाज़ी पर विराम लग गया है, जिसमें टैक्स हटाने की मांग की जा रही थी। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोक सभा में एक सवाल के लिखित उत्तर में यह स्पष्टीकरण दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. हाइब्रिड कारों के लिए MG नई ADAPT टेक्नोलॉजी लाई: एक ही कार में 4 ड्राइव ऑप्शन मिलेंगे, दुनिया का पहला ई-क्लच भी पेश किया SW MG मोटर इंडिया ने अपना नया एडवांस्ड प्लेटफॉर्म ‘ADAPT’ यानी एडवांस्ड ड्राइव आर्किटेक्चर प्लेटफॉर्म टेक्नोलॉजी रिवील कर दिया है। यह एक ऐसा न्यू एनर्जी व्हीकल प्लेटफॉर्म है, जिस पर कंपनी भविष्य में चार अलग-अलग तरह की गाड़ियां तैयार करेगी- इलेक्ट्रिक, प्लग-इन हाइब्रिड, रेंज-एक्सटेंडर और स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
E20 Fuel Engine Performance & LTCG Tax Update

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर एथेनॉल से जुड़ी रही। सरकार ने कहा कि देश में 20% एथेनॉल मिला पेट्रोल यानी E20 फ्यूल से गाड़ियों के इंजन खराब होने या उनके अचानक बंद होने की कोई पुख्ता रिपोर्ट नहीं है। वहीं सरकार ने साफ कर दिया है कि घरेलू और रिटेल निवेशकों के लिए इक्विटी ट्रांजैक्शन पर लगने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को खत्म करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. संसद में सरकार बोली- E20 पेट्रोल से इंजन खराब नहीं: 23 करोड़ गाड़ियां बिना परेशानी चल रहीं, पुरानी गाड़ियों का माइलेज मामूली गिरा देश में 20% एथेनॉल मिला पेट्रोल यानी E20 फ्यूल से गाड़ियों के इंजन खराब होने या उनके अचानक बंद होने की कोई पुख्ता रिपोर्ट नहीं है। सरकार ने आज यानी 20 जुलाई को राज्यसभा यानी संसद में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि देशभर में चल रहे 23 करोड़ से ज्यादा गाड़ियों के चलाने के अनुभवों और कई वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर यह निष्कर्ष निकला है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि E20 फ्यूल से इंजन को नुकसान पहुंचने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. अमेरिका-ईरान तनाव से ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर पार: एक हफ्ते में 16% बढ़ा; भारत में महंगाई का खतरा, रुपया-विदेशी निवेश पर दबाव ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल आज 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। तेल की बढ़ती कीमतों ने भारत में महंगाई और एनर्जी शॉक के जोखिम को बढ़ा दिया है। इससे भारतीय रुपए और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) के फ्लो पर असर पड़ने की संभावना है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. शेयर बाजार के निवेशकों को LTCG टैक्स पर राहत नहीं: सरकार बोली- इसे हटाने का प्रस्ताव नहीं, जानें ये टैक्स क्या है और कब लगता है केंद्र सरकार ने आज यानी 20 जुलाई को साफ कर दिया है कि घरेलू और रिटेल निवेशकों के लिए इक्विटी ट्रांजैक्शन पर लगने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को खत्म करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। इस स्पष्टीकरण के साथ ही पिछले कुछ महीनों से बाजार के जानकारों और निवेशकों के बीच चल रही उस अटकलबाज़ी पर विराम लग गया है, जिसमें टैक्स हटाने की मांग की जा रही थी। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोक सभा में एक सवाल के लिखित उत्तर में यह स्पष्टीकरण दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. हाइब्रिड कारों के लिए MG नई ADAPT टेक्नोलॉजी लाई: एक ही कार में 4 ड्राइव ऑप्शन मिलेंगे, दुनिया का पहला ई-क्लच भी पेश किया SW MG मोटर इंडिया ने अपना नया एडवांस्ड प्लेटफॉर्म ‘ADAPT’ यानी एडवांस्ड ड्राइव आर्किटेक्चर प्लेटफॉर्म टेक्नोलॉजी रिवील कर दिया है। यह एक ऐसा न्यू एनर्जी व्हीकल प्लेटफॉर्म है, जिस पर कंपनी भविष्य में चार अलग-अलग तरह की गाड़ियां तैयार करेगी- इलेक्ट्रिक, प्लग-इन हाइब्रिड, रेंज-एक्सटेंडर और स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Gold Price Hike | Silver Rates Surge in India Bullion Market Update

नई दिल्ली27 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी की कीमतों में आज तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 3,493 रुपए बढ़कर 2,18,967 रुपए पर पहुंच गई है, जो शुक्रवार को 2,15,474 रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 756 रुपए चढ़कर 1,41,915 रुपए आ गया है। इससे पहले 17 जुलाई को यह 1,41,159 पर था। सोना के दाम इस महीने 283 रुपए बढ़े हैं, जबकि चांदी के दाम 6,463 रुपए गिरावट रही। 1 जुलाई को सोना 1,41,632 रुपए की 10 ग्राम और चांदी 2,25,430 रुपए किलो थी। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं। खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे। सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़कर 15% हुई केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। सरकार का मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। अमेरिकी-ईरान जंग के बीच सरकार ने ये फैसला लिया है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की थी। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Gold Price Hike | Silver Rates Surge in India Bullion Market Update

नई दिल्ली12 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी की कीमतों में आज तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 3,493 रुपए बढ़कर 2,18,967 रुपए पर पहुंच गई है, जो शुक्रवार को 2,15,474 रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 756 रुपए चढ़कर 1,41,915 रुपए आ गया है। इससे पहले 17 जुलाई को यह 1,41,159 पर था। सोना के दाम इस महीने 283 रुपए बढ़े हैं, जबकि चांदी के दाम 6,463 रुपए गिरावट रही। 1 जुलाई को सोना 1,41,632 रुपए की 10 ग्राम और चांदी 2,25,430 रुपए किलो थी। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं। खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे। सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़कर 15% हुई केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। सरकार का मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। अमेरिकी-ईरान जंग के बीच सरकार ने ये फैसला लिया है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की थी। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Salman Khan Mumbai Health Update

3 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई में एक इवेंट के दौरान सलमान खान का नया लुक चर्चा में आया, जहां वे पहले से काफी दुबले नजर आए। इसके बाद फैंस उनकी सेहत को लेकर चिंता जताने लगे और कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल भी किया। इसी बीच रविवार देर रात सलमान ने X पर अपनी नई ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, ‘आप लोगों की तबीयत कैसी है?’ सलमान ने तस्वीरें शेयर की हैं, उनमें वह वायरल वीडियो की तुलना में काफी बेहतर और फिट नजर आ रहे हैं। वहीं, इस बीच सलमान का एक और वीडियो सामने आया। जिसमें वे अपने वायरल वीडियो की तुलना में थोड़ा बेहतर लग रहे हैं। हालांकि, उनकी आंखों के आसपास हल्की थकान दिखाई दे रही है। सलमान गोवा जाने के लिए शनिवार को एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए। इस दौरान उन्होंने हल्की नीली शर्ट, काली टी-शर्ट और कैप पहनी हुई थी। SRA के इवेंट में पहुंचे थे सलमान खान दरअसल, सलमान खान शुक्रवार को मुंबई के स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के दफ्तर में एक खास कार्यक्रम के सिलसिले में गए थे। वहां उन्होंने अथॉरिटी के नए डेटा कलेक्शन एंड वेरिफिकेशन सपोर्ट सेंटर (आईटी सर्वर रूम) का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां भी सौंपीं। कार्यक्रम के दौरान सलमान खान के साथ उनके बॉडीगार्ड शेरा भी मौजूद थे। इस इवेंट के कई वीडियो इंटरनेट पर सामने आए, जिसके बाद उनकी फिजिकल कंडीशन को लेकर चर्चा शुरू हो गई। देखें इवेंट की तस्वीरें- सोशल मीडिया पर फैंस ने किए कमेंट सलमान के लुक और सेहत को लेकर फैंस ने चिंता जताई थी। एक यूजर ने लिखा कि वे बीमार लग रहे हैं, भगवान उन्हें ठीक रखे। एक दूसरे यूजर ने कमेंट किया कि उन्हें कोई हेल्थ इश्यू लग रहा है, क्योंकि वे ठीक से चल भी नहीं पा रहे हैं। एक अन्य फैन ने लिखा कि उनकी आंखों में थकान साफ दिख रही है। फिल्मों में अकेले 50 लोगों से लड़ने वाले भाई का औरा इस वक्त गायब लग रहा है। हालांकि, कुछ लोगों ने सलमान का सपोर्ट भी किया। एक यूजर ने लिखा कि बॉलीवुड के स्टार्स अपनी कमियों को छिपाने के लिए किसी भी हद तक जाते हैं, लेकिन सलमान ने बिना किसी झिझक के कैमरे के सामने अपनी असली उम्र को स्वीकार किया है। इसके लिए उनकी तारीफ होनी चाहिए। सलमान खान जल्द फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ में नजर आएंगे। पिछले दिनों अफवाह सामने आई थी कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ को सर्टिफिकेट देने पर फिलहाल रोक लगा दी है। जिस पर सलमान खान फिल्म्स ने कहा था कि फिल्म की CBFC सर्टिफिकेशन प्रक्रिया रुकी होने की खबरें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। बयान में कहा गया था कि फिल्म को अभी तक सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए भेजा ही नहीं गया है। सलमान खान फिल्म्स का आधिकारिक बयान। फिल्म ‘मातृभूमि’ साल 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प पर आधारित है। पहले इस फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ रखा गया था। फिल्म को पहले 17 अप्रैल को ईद के मौके पर रिलीज किया जाना था, लेकिन बाद में इसकी रिलीज डेट टल गई। फिल्म मातृभूमि का पोस्टर। इस फिल्म का प्रोडक्शन सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले सलमा खान ने किया है और इसके डायरेक्टर अपूर्व लाखिया हैं। फिल्म में सलमान खान के साथ एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह, अभिलाष चौधरी और अंकुर भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का म्यूजिक हिमेश रेशमिया ने तैयार किया है। फिल्म में सलमान कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म ‘मातृभूमि’ का टीजर 27 दिसंबर 2025 को सलमान खान के 60वें जन्मदिन पर रिलीज किया गया था। इस फिल्म में सलमान खान 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। कर्नल संतोष बाबू ने ही गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प के दौरान भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व किया था। इस झड़प में वे शहीद हो गए थे। वहीं, सलमान इन दिनों फिल्म ‘SVC63’ की शूटिंग कर रहे हैं। वामशी पेडिपल्ली के डायरेक्शन में बन रही इस एक्शन फिल्म को दिल राजू की श्री वेंकटेश्वर क्रिएशंस प्रोड्यूस कर रही है। फिल्म में नयनतारा पहली बार सलमान के साथ स्क्रीन शेयर करेंगी। फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी। सलमान खान ने हाल ही में फिल्म ‘SVC63’ के मुहूर्त की झलक शेयर की थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Salman Khan Mumbai Health Update

20 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई में एक इवेंट के दौरान सलमान खान का नया लुक चर्चा में आया, जहां वे पहले से काफी दुबले नजर आए। इसके बाद फैंस उनकी सेहत को लेकर चिंता जताने लगे और कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल भी किया। इसी बीच रविवार देर रात सलमान ने X पर अपनी नई ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, ‘आप लोगों की तबीयत कैसी है?’ सलमान ने तस्वीरें शेयर की हैं, उनमें वह वायरल वीडियो की तुलना में काफी बेहतर और फिट नजर आ रहे हैं। वहीं, इस बीच सलमान का एक और वीडियो सामने आया। जिसमें वे अपने वायरल वीडियो की तुलना में थोड़ा बेहतर लग रहे हैं। हालांकि, उनकी आंखों के आसपास हल्की थकान दिखाई दे रही है। सलमान गोवा जाने के लिए शनिवार को एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए। इस दौरान उन्होंने हल्की नीली शर्ट, काली टी-शर्ट और कैप पहनी हुई थी। SRA के इवेंट में पहुंचे थे सलमान खान दरअसल, सलमान खान शुक्रवार को मुंबई के स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के दफ्तर में एक खास कार्यक्रम के सिलसिले में गए थे। वहां उन्होंने अथॉरिटी के नए डेटा कलेक्शन एंड वेरिफिकेशन सपोर्ट सेंटर (आईटी सर्वर रूम) का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां भी सौंपीं। कार्यक्रम के दौरान सलमान खान के साथ उनके बॉडीगार्ड शेरा भी मौजूद थे। इस इवेंट के कई वीडियो इंटरनेट पर सामने आए, जिसके बाद उनकी फिजिकल कंडीशन को लेकर चर्चा शुरू हो गई। देखें इवेंट की तस्वीरें- सोशल मीडिया पर फैंस ने किए कमेंट सलमान के लुक और सेहत को लेकर फैंस ने चिंता जताई थी। एक यूजर ने लिखा कि वे बीमार लग रहे हैं, भगवान उन्हें ठीक रखे। एक दूसरे यूजर ने कमेंट किया कि उन्हें कोई हेल्थ इश्यू लग रहा है, क्योंकि वे ठीक से चल भी नहीं पा रहे हैं। एक अन्य फैन ने लिखा कि उनकी आंखों में थकान साफ दिख रही है। फिल्मों में अकेले 50 लोगों से लड़ने वाले भाई का औरा इस वक्त गायब लग रहा है। हालांकि, कुछ लोगों ने सलमान का सपोर्ट भी किया। एक यूजर ने लिखा कि बॉलीवुड के स्टार्स अपनी कमियों को छिपाने के लिए किसी भी हद तक जाते हैं, लेकिन सलमान ने बिना किसी झिझक के कैमरे के सामने अपनी असली उम्र को स्वीकार किया है। इसके लिए उनकी तारीफ होनी चाहिए। सलमान खान जल्द फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ में नजर आएंगे। पिछले दिनों अफवाह सामने आई थी कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ को सर्टिफिकेट देने पर फिलहाल रोक लगा दी है। जिस पर सलमान खान फिल्म्स ने कहा था कि फिल्म की CBFC सर्टिफिकेशन प्रक्रिया रुकी होने की खबरें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। बयान में कहा गया था कि फिल्म को अभी तक सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए भेजा ही नहीं गया है। सलमान खान फिल्म्स का आधिकारिक बयान। फिल्म ‘मातृभूमि’ साल 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प पर आधारित है। पहले इस फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ रखा गया था। फिल्म को पहले 17 अप्रैल को ईद के मौके पर रिलीज किया जाना था, लेकिन बाद में इसकी रिलीज डेट टल गई। फिल्म मातृभूमि का पोस्टर। इस फिल्म का प्रोडक्शन सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले सलमा खान ने किया है और इसके डायरेक्टर अपूर्व लाखिया हैं। फिल्म में सलमान खान के साथ एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह, अभिलाष चौधरी और अंकुर भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का म्यूजिक हिमेश रेशमिया ने तैयार किया है। फिल्म में सलमान कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म ‘मातृभूमि’ का टीजर 27 दिसंबर 2025 को सलमान खान के 60वें जन्मदिन पर रिलीज किया गया था। इस फिल्म में सलमान खान 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। कर्नल संतोष बाबू ने ही गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प के दौरान भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व किया था। इस झड़प में वे शहीद हो गए थे। वहीं, सलमान इन दिनों फिल्म ‘SVC63’ की शूटिंग कर रहे हैं। वामशी पेडिपल्ली के डायरेक्शन में बन रही इस एक्शन फिल्म को दिल राजू की श्री वेंकटेश्वर क्रिएशंस प्रोड्यूस कर रही है। फिल्म में नयनतारा पहली बार सलमान के साथ स्क्रीन शेयर करेंगी। फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी। सलमान खान ने हाल ही में फिल्म ‘SVC63’ के मुहूर्त की झलक शेयर की थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Rajesh Sharma Health Update | Actor Recovering in Mumbai Shooting Abroad

8 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर राजेश शर्मा की तबीयत अब पहले से बेहतर है। फिलहाल वह मुंबई स्थित अपने घर पर आराम कर रहे हैं और जल्द ही दोबारा काम पर लौटने की तैयारी में हैं। दावा था कि एक्टर की प्रभास स्टारर फिल्म फौजी के सेट पर कीड़ा काटने से तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनकी तबीयत कीड़ा काटने से नहीं बल्कि डायबिटीज से बिगड़ी। FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) के अध्यक्ष बी.एन. तिवारी ने बॉलीवुड हंगामा को बताया है कि राजेश शर्मा अब अस्पताल से घर लौट चुके हैं और तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “राजेश शर्मा जी को हाल ही में अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। वह इस समय मुंबई स्थित अपने घर पर आराम कर रहे हैं। आने वाले दिनों में वह एक प्रोजेक्ट की शूटिंग के लिए विदेश भी जाने वाले हैं।” जुलाई की शुरुआत में राजेश शर्मा के अस्पताल में भर्ती होने की खबर आई। कुछ समय बाद एक्ट्रेस सुदीप्ता चटर्जी और फिल्ममेकर-प्रोड्यूसर अग्निदेव चटर्जी ने बताया था कि राजेश शर्मा हैदराबाद के रामोजी फिल्मसिटी में प्रभास स्टारर फिल्म फौजी के सेट पर तकनीशियनों से बातचीत कर रहे थे। उसी दौरान घनी झाड़ियों वाले इलाके में उन्हें किसी कीट ने काट लिया। शुरुआत में उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन बाद में उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई। सुदीप्ता की पोस्ट के अनुसार, कीड़े के काटने के करीब छह घंटे बाद राजेश शर्मा के दाहिने पैर में तेज दर्द शुरू हो गया और उनकी तबीयत खराब होने लगी। इसके बाद भी उन्होंने कोलकाता के लिए फ्लाइट पकड़ी। सफर के दौरान उन्हें तेज बुखार आ गया और वे काफी बेचैन हो गए। कोलकाता पहुंचने पर अगले दिन उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद परिवार ने उन्हें तुरंत ढाकुरिया के मनिपाल अस्पताल में भर्ती कराया। पश्चिम बंगाल की मिनिस्टर इंद्रनील राजेश शर्मा से मिलने अस्पताल पहुंची थीं। अक्षय कुमार ने भावुक होकर लिखा- जल्दी ठीक हो जाओ यार राजेश शर्मा की तबीयत खराब होने की खबर सामने आने के बाद अक्षय कुमार ने भी कीड़ा काटने की खबरें कन्फर्म करते हुए चिंता जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राजेश शर्मा के साथ अपनी एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- “मेरे प्रिय दोस्त राजेश की तबीयत के बारे में सुनकर बहुत चिंता हुई। शूटिंग के दौरान एक कीट के काटने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई। महादेव उन्हें जल्द और पूरी तरह स्वस्थ करें। जल्दी ठीक हो जाओ यार, अभी साथ बैठकर बहुत हंसना है।” फिल्म ‘फौजी’ की टीम ने खबरों पर दी सफाई साउथ फिल्मों से जुड़े पोर्टल गुलटी के अनुसार, ‘फौजी’ की टीम ने कहा कि उन्हें सेट पर ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। टीम का कहना था कि राजेश शर्मा इन खबरों के सामने आने से करीब एक सप्ताह पहले अपना शूट पूरा कर घर लौट चुके थे। उस दौरान प्रोडक्शन टीम को किसी मेडिकल इमरजेंसी की औपचारिक जानकारी नहीं मिली थी। टीम ने यह भी कहा कि रिपोर्ट्स सामने आने के बाद उन्होंने राजेश शर्मा के परिवार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसी समय राजेश शर्मा के पर्सनल असिस्टेंट शुभाशीष पांडा ने एक वीडियो जारी कर बताया कि एक्टर को डायबिटीज से जुड़ी दिक्कतों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एसोसिएशन ने सीएम रेवंत रेड्डी से दखल देने की मांग न्यूज एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर हुई इस घटना की तुरंत और पारदर्शी जांच कराने की मांग उठाई है। एसोसिएशन ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को पत्र लिखकर मामले की गहराई से जांच कराने की अपील की है। बता दें कि राजेश शर्मा ने करियर की शुरुआत थिएटर से की और 1996 में फिल्म ‘माचिस’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘परिणीता’, ‘खोसला का घोसला’, ‘इश्किया’, ‘स्पेशल 26’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ और ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ जैसी कई चर्चित फिल्मों में दमदार अभिनय किया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Skyroot Vikram-1 Launch | Sriharikota Space Mission Update

6 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्चपैड पर लान्चिंग के लिए तैयार। हैदराबाद की स्काईरूट एयरोस्पेस आज शनिवार 18 जुलाई को भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च करेगी। यह लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सुबह 11:30 बजे होगी। कंपनी ने 2022 में विक्रम-S सबऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च किया था, जो 89.5 km की ऊंचाई तक गया था। अब विक्रम-1 450 km की पृथ्वी की निचली कक्षा तक पेलोड भेजेगा। सोने के कलाम, साराभाई और सीवी रमन भी जाएंगे इस लॉन्चिंग को ‘मिशन आगमन’ नाम दिया गया है। इसके तहत विक्रम-1 रॉकेट अपने साथ टेक्नोलॉजी से लेकर कला से जुड़े पेलोड्स अंतरिक्ष में ले जा रहा है: कॉमर्शियल और टेक्नोलॉजी पेलोड्स: ग्रह स्पेस का टेक्नोलॉजी पेलोड। कॉस्मोसर्व स्पेस का पेलोड। डीक्यूब्ड का स्पेस रिसर्च से जुड़ा पेलोड। खुद स्काईरूट एयरोस्पेस का अपना इन-हाउस स्कोप पेलोड। 18 कैरेट सोने से बना आर्ट पीस भी स्पेस में जाएगा कॉस्मोस डायमंड्स की कलाकृति “कॉस्मिक ब्लूम” और एक खास माइक्रो-आर्ट पीस भी रॉकेट में भेजा जा रहा है। यह माइक्रो-आर्ट पीस 18 कैरेट सोने से बना छोटा सा रॉकेट है। इस पर वैज्ञानिक सर सी वी रमन, डॉ. विक्रम साराभाई और डॉ. कलाम की सूक्ष्म मूर्तियां उकेरी गई हैं। हल्के कार्बन-कंपोजिट से बना है पूरा रॉकेट विक्रम-1 पूरी तरह से हल्के और मजबूत कार्बन-कंपोजिट स्ट्रक्चर से बना पहला ऑर्बिटल रॉकेट है। कार्बन फाइबर स्टील की तुलना में पांच गुना हल्का होता है। इससे रॉकेट का वजन कम हो जाता है, जिससे इसकी ईंधन दक्षता बढ़ जाती है। रॉकेट को ऊर्जा देने के लिए इसमें तीन सॉलिड-फ्यूल स्टेज और एक लिक्विड ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल दिया गया है। 1. तीन सॉलिड-फ्यूल स्टेज: इसे आप रॉकेट के नीचे लगे तीन बेहद ताकतवर ‘बूस्टर्स’ की तरह समझ सकते हैं, जिनमें ठोस ईंधन जैसे बारूद की तरह का ठोस केमिकल भरा होता है. रॉकेट को जमीन से उठाकर आसमान की तरफ धकेलने के लिए शुरुआत में बहुत भारी ताकत की जरूरत होती है। ये तीनों सॉलिड स्टेज एक-एक करके जलते हैं और रॉकेट को शुरुआती धक्का देकर अंतरिक्ष की सीमा लो अर्थ ऑर्बिट के पास पहुंचा देते हैं। 2. लिक्विड ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल यह रॉकेट के ऊपरी हिस्से में लगा एक बेहद बारीक और स्मार्ट तरल ईंधन वाला छोटा इंजन होता है। जब रॉकेट अंतरिक्ष में पहुंच जाता है, तो वहां ठोस ईंधन काम नहीं आता क्योंकि उसे अपनी मर्जी से ऑन या ऑफ नहीं किया जा सकता। यहां ‘लिक्विड मॉड्यूल’ काम आता है। यह अंतरिक्ष में सैटेलाइट को सही दिशा देने, रॉकेट की रफ्तार कम-ज्यादा करने और सैटेलाइट को उसकी तय की गई कक्षा में ‘एडजस्ट’ यानी स्थापित करने का काम करता है। अब 5 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल 1: ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ की शुरुआत कब और किस उद्देश्य से हुई थी? जवाब: स्काईरूट की शुरुआत करीब 8 साल पहले 2018 में हुई थी। इसे शुरू करने का मुख्य उद्देश्य भारत में ही बेहद किफायती और भरोसेमंद रॉकेट्स का निर्माण करना है, ताकि दुनिया भर के सैटेलाइट ऑपरेटर्स को ऑन-डिमांड और बजट-फ्रेंडली लॉन्चिंग सॉल्यूशंस दिए जा सकें। सवाल 2: इस रॉकेट का नाम ‘विक्रम-1’ क्यों रखा गया है और इसका क्या महत्व है? जवाब: इस रॉकेट का नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के सम्मान में ‘विक्रम-1’ रखा गया है। डॉ. साराभाई ने ही देश के स्पेस सेक्टर की मजबूत नींव रखी थी। स्काईरूट अपने सभी रॉकेट्स के नाम उनके सम्मान में इसी सीरीज पर रखती है। साल 2022 में लॉन्च किया गया पहला सबऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-एस’ भी इसी सम्मान श्रृंखला का हिस्सा था। सवाल 3: इस लॉन्चिंग से भारत के स्पेस सेक्टर को क्या फायदे होंगे? जवाब: यह लॉन्चिंग भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर के लिए गेम चेंजर हो सकती है: एकाधिकार खत्म होगा: अब तक सैटेलाइट लॉन्च करने का काम केवल सरकारी एजेंसी ‘इसरो’ ही करती थी, लेकिन अब प्राइवेट कंपनियां भी इसमें हिस्सेदार बन रही हैं। ग्लोबल बिजनेस: स्काईरूट जैसी घरेलू प्राइवेट कंपनियों के आने से विदेशी सैटेलाइट कंपनियों को भारत में बेहद सस्ते, भरोसेमंद और ऑन-डिमांड लॉन्चिंग विकल्प मिलेंगे। आर्थिक विकास: इससे देश की स्पेस इकोनॉमी मजबूत होगी। नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा और स्पेस सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के मौके पैदा होंगे। सवाल 4: स्काईरूट के फाउंडर्स कौन हैं और उनका क्या कहना है? जवाब: स्काईरूट एयरोस्पेस की स्थापना पवन कुमार चंदना (फाउंडर और सीईओ) और नागा भरत डाका (को-फाउंडर और सीओओ) ने मिलकर की है। सीईओ पवन कुमार चंदना ने कहा कि यह हमारी पहली टेस्ट फ्लाइट है और इससे हमें अंतरिक्ष की कक्षा में रॉकेट के व्यवहार का बेहद कीमती डेटा मिलेगा। सीओओ नागा भरत डाका ने कहा कि हमारा और हमारी पूरी टीम का आठ वर्षों का कठोर प्रयास आज इस ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में साकार हो रहा है। सवाल 5: साल 2022 में लॉन्च हुए ‘विक्रम-एस’ और इस नए ‘विक्रम-1’ रॉकेट में क्या अंतर है? जवाब: इन दोनों रॉकेट्स में तकनीक और क्षमता के स्तर पर बड़ा अंतर है: विक्रम-एस: यह साल 2022 में लॉन्च हुआ देश का पहला प्राइवेट सबऑर्बिटल रॉकेट था। यह केवल 89.5 किमी की ऊंचाई तक गया और वापस आ गया। यह पृथ्वी की कक्षा के चक्कर लगाने के लिए नहीं बना था, केवल टेस्टिंग के लिए था। विक्रम-1: यह एक ‘ऑर्बिटल-क्लास’ रॉकेट है। इसका काम सैटेलाइट्स को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करना है। यह 450 किलोमीटर की ऊंचाई पर जाकर करीब 350 किलोग्राम वजनी पेलोड्स को कक्षा में स्थापित करने की ताकत रखता है। विक्रम S और विक्रम-1 में अंतर विशेषता विक्रम-एस (2022) विक्रम-1 (2026) मिशन का प्रकार सबऑर्बिटल ऑर्बिटल अधिकतम ऊंचाई/कक्षा 89.5 किलोमीटर 450 किलोमीटर (LEO) वजन क्षमता (पेलोड) केवल टेस्ट पेलोड 350 किलोग्राम तक मुख्य संरचना सिंगल-स्टेज 3 सॉलिड स्टेज + लिक्विड मॉड्यूल मटेरियल सामान्य कंपोजिट पूर्ण कार्बन-कंपोजिट नॉलेज पार्ट: क्या होता है लो अर्थ ऑर्बिट यह पृथ्वी की सबसे निचली कक्षा होती है जो जमीन से लगभग 160 से 2,000 किमी की ऊंचाई पर स्थित होती है। ज्यादातर कॉमर्शियल और मौसम संबंधी सैटेलाइट इसी ऑर्बिट में चक्कर लगाते हैं। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन भी इसी ऑर्बिट में 450 किमी की ऊंचाई पर स्थित है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
RBI Polymer Notes Trial | New Delhi Launch Update 2027

नई दिल्ली11 मिनट पहले कॉपी लिंक फाइल फोटो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जल्द ही देश में प्लास्टिक यानी पॉलीमर से बने नोटों का पहला पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह देश में नए जनरेशन की करेंसी लाने की RBI के प्लान का अगला कदम है। ₹10 और ₹20 के नोटों से शुरू होगा ट्रायल रिजर्व बैंक शुरुआती फेज में सबसे पहले छोटी वैल्यू के नोटों पर इसकी टेस्टिंग करेगा। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पहला पायलट प्रोजेक्ट ₹10 और ₹20 वैल्यू के छोटे नोटों के साथ शुरू होने की उम्मीद है। इस ट्रायल के नतीजों और अनुभवों के आधार पर ही RBI आगे का फैसला लेगा। अगर यह टेस्टिंग पूरी तरह सफल रही, तो आरबीआई साल 2027 से देश में इन पॉलीमर नोटों का फुल-स्केल लॉन्च शुरू कर सकता है। नए नोट के साथ पुराने कागजी नोट भी चलेंगे भारतीय बाजार में पॉलीमर नोटों के आने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मौजूदा कागजी नोट तुरंत चलन से बाहर हो जाएंगे। RBI ने साफ किया है कि नई करेंसी पुराने पेपर नोटों की जगह नहीं लेगी। को-एग्जिस्टेंस: बाजार में पॉलीमर और पेपर दोनों ही तरह के नोट एक साथ चलते रहेंगे। फेज में बदलाव: यह बदलाव धीरे-धीरे और फेज मैनर से किया जाएगा। सर्कुलेशन जारी रहेगा: जब तक नए नोट पूरी तरह स्थापित नहीं होते, तब तक कागजी नोट सर्कुलेशन में बने रहेंगे। RBI ने जारी किया ग्लोबल टेंडर इस पूरे प्रोजेक्ट की तैयारियां तब तेज हो गईं, जब आरबीआई की नोट-प्रिंटिंग यूनिट ने ग्लोबल लेवल पर ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (EOI) जारी किया। यह टेंडर विशेष प्रकार की ‘पॉलीमर सबस्ट्रेट शीट’ की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई के लिए मंगाया गया है, जिसका इस्तेमाल इन नोटों को छापने के लिए किया जाता है। डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, दुनिया भर के मैन्युफैक्चरर को एडवांस सेफ्टी फीचर्स से लैस पॉलीमर सबस्ट्रेट की सप्लाई के लिए इनवाइट किया गया है। इस टेंडर के तहत बोलियां जमा करने की आखिरी तारीख 18 अगस्त तय की गई है। नए नोट फटेंगे नहीं, पानी-धूल से भी सुरक्षित रहेंगे पॉलीमर से बने बैंकनोट ट्रेडिशनल कागजी नोटों की तुलना में बहुत ज्यादा टिकाऊ होते हैं। यह नोट पानी, गंदगी और धूल में भी सुरक्षित रहते हैं। इसके अलावा यह नोट आसानी से फटते भी नहीं हैं। इस वजह से ये बाजार में लंबे समय तक बिना फटे और साफ-सुथरे बने रहते हैं। पॉलीमर शीट का सबसे बड़ा फायदा यह भी है कि इसमें एडवांस सेफ्टी फीचर्स को आसानी से जोड़ा जा सकता है। इससे नकली नोट बनाने वाले जालसाजों के लिए इनकी नकल करना लगभग नामुमकिन हो जाता है, जिससे देश का सेफ्टी सिस्टम और मजबूत होगा। दुनिया के कई बड़े देशों में पहले से चल रहे पॉलीमर नोट पॉलीमर बैंकनोट का इस्तेमाल दुनिया के कई विकसित देशों में बहुत समय से किया जा रहा है। इनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम (यूके) और न्यूजीलैंड जैसे देश शामिल हैं। RBI ने पहले भी देश में चलने वाले नोटों की लाइफ बढ़ाने और उनकी क्वालिटी सुधारने के लिए पॉलीमर नोट लाने की इच्छा जताई थी। अब जल्द शुरू होने वाला यह पायलट प्रोजेक्ट पहला वास्तविक टेस्ट होगा। हालांकि, RBI की ओर से इस पर अब तक कोई ऑफिशियल बयान सामने नहीं आया है। क्या होते हैं पॉलीमर बैंकनोट? ये नोट कागज के बजाय एक खास किस्म के प्लास्टिक मटेरियल यानी पॉलीमर सबस्ट्रेट पर छापे जाते हैं। ये छूने में तो सामान्य नोटों जैसे ही हल्के होते हैं, लेकिन पानी में भीगने पर भी नहीं गलते और लंबे समय तक चलते हैं। क्या होता है एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट? यह एक तरह का ग्लोबल टेंडर डॉक्यूमेंट होता है, जिसके जरिए रिजर्व बैंक दुनिया भर की अनुभवी और योग्य कंपनियों को प्रोजेक्ट के लिए अपनी क्षमता, तकनीक और कीमतों के साथ प्रस्ताव भेजने का न्योता देता है। ये खबर भी पढ़ें… एयर इंडिया का नया एप लॉन्च: फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर होम स्क्रीन पर फ्री होटल-कैब की डिटेल मिलेगी, पेमेंट भी आसान होगा एअर इंडिया ने सफर आसान बनाने के लिए अपने मोबाइल एप को नए फीचर्स के साथ अपडेट किया है। अब इस एप के जरिए न केवल टिकट बुकिंग पहले से कहीं ज्यादा तेजी से होगी, बल्कि फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर यात्रियों को एयरपोर्ट पर परेशान नहीं होना पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
RBI Polymer Notes Trial | New Delhi Launch Update 2027

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक फाइल फोटो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जल्द ही देश में प्लास्टिक यानी पॉलीमर से बने नोटों का पहला पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह देश में नए जनरेशन की करेंसी लाने की RBI के प्लान का अगला कदम है। ₹10 और ₹20 के नोटों से शुरू होगा ट्रायल रिजर्व बैंक शुरुआती फेज में सबसे पहले छोटी वैल्यू के नोटों पर इसकी टेस्टिंग करेगा। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पहला पायलट प्रोजेक्ट ₹10 और ₹20 वैल्यू के छोटे नोटों के साथ शुरू होने की उम्मीद है। इस ट्रायल के नतीजों और अनुभवों के आधार पर ही RBI आगे का फैसला लेगा। अगर यह टेस्टिंग पूरी तरह सफल रही, तो आरबीआई साल 2027 से देश में इन पॉलीमर नोटों का फुल-स्केल लॉन्च शुरू कर सकता है। नए नोट के साथ पुराने कागजी नोट भी चलेंगे भारतीय बाजार में पॉलीमर नोटों के आने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मौजूदा कागजी नोट तुरंत चलन से बाहर हो जाएंगे। RBI ने साफ किया है कि नई करेंसी पुराने पेपर नोटों की जगह नहीं लेगी। को-एग्जिस्टेंस: बाजार में पॉलीमर और पेपर दोनों ही तरह के नोट एक साथ चलते रहेंगे। फेज में बदलाव: यह बदलाव धीरे-धीरे और फेज मैनर से किया जाएगा। सर्कुलेशन जारी रहेगा: जब तक नए नोट पूरी तरह स्थापित नहीं होते, तब तक कागजी नोट सर्कुलेशन में बने रहेंगे। RBI ने जारी किया ग्लोबल टेंडर इस पूरे प्रोजेक्ट की तैयारियां तब तेज हो गईं, जब आरबीआई की नोट-प्रिंटिंग यूनिट ने ग्लोबल लेवल पर ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (EOI) जारी किया। यह टेंडर विशेष प्रकार की ‘पॉलीमर सबस्ट्रेट शीट’ की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई के लिए मंगाया गया है, जिसका इस्तेमाल इन नोटों को छापने के लिए किया जाता है। डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, दुनिया भर के मैन्युफैक्चरर को एडवांस सेफ्टी फीचर्स से लैस पॉलीमर सबस्ट्रेट की सप्लाई के लिए इनवाइट किया गया है। इस टेंडर के तहत बोलियां जमा करने की आखिरी तारीख 18 अगस्त तय की गई है। नए नोट फटेंगे नहीं, पानी-धूल से भी सुरक्षित रहेंगे पॉलीमर से बने बैंकनोट ट्रेडिशनल कागजी नोटों की तुलना में बहुत ज्यादा टिकाऊ होते हैं। यह नोट पानी, गंदगी और धूल में भी सुरक्षित रहते हैं। इसके अलावा यह नोट आसानी से फटते भी नहीं हैं। इस वजह से ये बाजार में लंबे समय तक बिना फटे और साफ-सुथरे बने रहते हैं। पॉलीमर शीट का सबसे बड़ा फायदा यह भी है कि इसमें एडवांस सेफ्टी फीचर्स को आसानी से जोड़ा जा सकता है। इससे नकली नोट बनाने वाले जालसाजों के लिए इनकी नकल करना लगभग नामुमकिन हो जाता है, जिससे देश का सेफ्टी सिस्टम और मजबूत होगा। दुनिया के कई बड़े देशों में पहले से चल रहे पॉलीमर नोट पॉलीमर बैंकनोट का इस्तेमाल दुनिया के कई विकसित देशों में बहुत समय से किया जा रहा है। इनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम (यूके) और न्यूजीलैंड जैसे देश शामिल हैं। RBI ने पहले भी देश में चलने वाले नोटों की लाइफ बढ़ाने और उनकी क्वालिटी सुधारने के लिए पॉलीमर नोट लाने की इच्छा जताई थी। अब जल्द शुरू होने वाला यह पायलट प्रोजेक्ट पहला वास्तविक टेस्ट होगा। हालांकि, RBI की ओर से इस पर अब तक कोई ऑफिशियल बयान सामने नहीं आया है। क्या होते हैं पॉलीमर बैंकनोट? ये नोट कागज के बजाय एक खास किस्म के प्लास्टिक मटेरियल यानी पॉलीमर सबस्ट्रेट पर छापे जाते हैं। ये छूने में तो सामान्य नोटों जैसे ही हल्के होते हैं, लेकिन पानी में भीगने पर भी नहीं गलते और लंबे समय तक चलते हैं। क्या होता है एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट? यह एक तरह का ग्लोबल टेंडर डॉक्यूमेंट होता है, जिसके जरिए रिजर्व बैंक दुनिया भर की अनुभवी और योग्य कंपनियों को प्रोजेक्ट के लिए अपनी क्षमता, तकनीक और कीमतों के साथ प्रस्ताव भेजने का न्योता देता है। ये खबर भी पढ़ें… एयर इंडिया का नया एप लॉन्च: फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर होम स्क्रीन पर फ्री होटल-कैब की डिटेल मिलेगी, पेमेंट भी आसान होगा एअर इंडिया ने सफर आसान बनाने के लिए अपने मोबाइल एप को नए फीचर्स के साथ अपडेट किया है। अब इस एप के जरिए न केवल टिकट बुकिंग पहले से कहीं ज्यादा तेजी से होगी, बल्कि फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर यात्रियों को एयरपोर्ट पर परेशान नहीं होना पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









