Friday, 18 Sep 2026 | 09:05 AM

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Petrol Ethanol Sugar Rumour Fake Video

Petrol Ethanol Sugar Rumour Fake Video

नई दिल्ली5 घंटे पहले कॉपी लिंक सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो है, जिसमें एथेनॉल की वजह से फ्यूल टैंक के पास चींटियां लगने का दावा किया गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एथेनॉल फ्यूल को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम सांइटिफिक रूप से प्रमाणित है और इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। हाल में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वाहन के फ्यूल टैंक के पास चींटियां दिखाई गई थीं। इस पर भारत पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ईंधन ग्रेड एथेनॉल में कोई शर्करा (चीनी) नहीं होती। मंत्रालय के अनुसार, कुछ लोग पुराने वीडियो और तस्वीरों को सोशल मीडिया पर दोबारा शेयर कर जनता में भ्रम फैला रहे हैं। सरकार ने कहा कि E20 पेट्रोल डालने के बाद इंजन खराब होने की कोई रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई है। E20 पेट्रोल से वाहन बीमा पर कोई असर नहीं केंद्र सरकार ने यह भी साफ किया है कि E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल फ्लेक्स ईंधन) के इस्तेमाल से वाहन बीमा (इंश्योरेंस) की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता। सरकार ने कहा कि इस तरह की आशंकाएं गलत हैं और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद इन्हें खारिज कर दिया गया है। सरकार के अनुसार, अमेरिका, ब्राजील और जापान जैसे देशों में एथेनॉल मिश्रित ईंधन का सफलतापूर्वक उपयोग हो रहा है। ब्राजील में तो E27 लंबे समय से ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। एथेनॉल के इस्तेमाल से सरकार ने 3 फायदे गिनाए 1.4 लाख करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा बची: सरकार ने बताया कि एथेनॉल प्रोग्राम की वजह से कच्चे तेल के आयात में कमी आई है। जिससे देश को अब तक 1.4 लाख करोड़ रुपए से अधिक की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिली है। किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फायदा: सरकार ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाली कृषि उपज की मांग बढ़ने से किसानों की आय को समर्थन मिला है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। ऊर्जा सुरक्षा और पॉल्यूशन कंट्रोल में मदद: बयान के मुताबिक, एथेनॉल फ्यूल देश की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने में मदद कर रहा है और कार्बन उत्सर्जन कम कर रहा है। क्या होता है एथेनॉल? एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। फर्स्ट जनरेशन एथेनॉल : फर्स्ट जनरेशन एथेनॉल गन्ने के रस, मीठे चुकंदर, सड़े आलू, मीठा ज्वार और मक्का से बनाया जाता है। सेकेंड जनरेशन एथेनॉल : सेकेंड जनरेशन एथेनॉल सेल्युलोज और लिग्नोसेल्यूलोसिक मटेरियल जैसे- चावल की भूसी, गेहूं की भूसी, कॉर्नकॉब (भुट्टा), बांस और वुडी बायोमास से बनाया जाता है। थर्ड जनरेशन बायोफ्यूल : थर्ड जनरेशन बायोफ्यूल को एलगी से बनाया जाएगा। अभी इस पर काम चल रहा है। 15 दिन पहले लॉन्च हुआ था E85 फ्यूल, बायोफ्यूल पर सरकार का फोकस 15 दिन पहले सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए E85 ईंधन पेश किया था। दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत ₹82.12 प्रति लीटर तय की गई। यह दिल्ली में बिक रहे रेगुलर E20 पेट्रोल से पूरे ₹20 कम है। यह ईंधन एक ऐसा मिश्रण है जिसमें 85% तक इथेनॉल और 15% पेट्रोल मिलाया जाता है। अब 100% इथेनॉल को मंजूरी मिलने से देश में ग्रीन एनर्जी और बायोफ्यूल के सेक्टर में एक नया चैप्टर शुरू हो गया है। अभी बाजार में 4 तरह के फ्लेक्स-फ्यूल बिक रहे हैं। सिर्फ इन चुनिंदा गाड़ियों में इस्तेमाल किया जा सकेगा E85 फ्यूल को सामान्य पेट्रोल गाड़ियों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसके लिए गाड़ियों का इंजन खास तौर पर ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ तकनीक पर आधारित होना चाहिए। मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल: यह भारत की पहली पैसेंजर कार है, जिसे E100 (100% एथेनॉल) तक के ब्लेंड पर चलने के लिए तैयार किया गया है, जो E85 के लिए पूरी तरह सही है। हीरो स्प्लेंडर+ और HF डीलक्स: हीरो मोटोकॉर्प ने देश के मास-मार्केट 100cc सेगमेंट में पहली फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिल पेश की है। ये बाइक्स E20 से लेकर E85 तक के फ्यूल पर चल सकती हैं और दिल्ली और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में जुलाई 2026 से इनकी बिक्री शुरू होगी। सुजुकी जिक्सर SF: यह बाइक भी इस सूची में शामिल है जो हाई-एथेनॉल फ्यूल को सपोर्ट करती है। ————————– ये खबर भी पढ़ें… 100% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, सरकार ने दी मंजूरी: गडकरी बोले- प्रदूषण और पेट्रोल खर्च घटेगा केंद्र सरकार ने देश में 100% शुद्ध इथेनॉल को बतौर ईंधन इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार, 13 जून को नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Ludhiana Nihang Protest Social Media Video Controversy

Ludhiana Nihang Protest Social Media Video Controversy

रंजीत कौर ने दिलजीत दोसांझ के साथ उनकी फिल्म जट एंड जूलियट 3 में काम किया है। पंजाबी सिंगर एवं एक्टर दिलजीत दोसांझ के साथ फिल्म जट एंड जूलियट-3 में काम कर चुकीं रंजीत कौर भाभी चुम्मेवाली सोशल मीडिया पर अपनी रील्स को लेकर विवाद में हैं। . हर रील के अंत में आंख मारते हुए वह किसी न किसी का नाम लेकर आई लव यू बोलती हैं और फ्लाइंग किस करते हुए कहती हैं, ‘वीरवार है या जुम्मां ले, चक्क भाभी दा चुम्मा’। रंजीत कौर भाभी की यही तुकबंदी अब उनके लिए परेशानी का सबब बन रही है। रंजीत कौर की इस तुकबंदी पर निहंगों ने आपत्ति जताते हुए उनके घर पर धावा बोल दिया। बठिंडा से लुधियाना आए निहंग जत्थे ने उन्हें सख्त चेतावनी दी कि इस तरह की तुकबंदी और अश्लीलता वाली रील सोशल मीडिया पर डाली तो इसके परिणाम खतरनाक होंगे। भाभी चुम्मेवाली निहंगों के सामने गिड़गिड़ाती रही और कहती रही कि इसमें कहां अश्लीलता है, लेकिन निहंग नहीं माने। आखिर में भाभी चुम्मेवाली ने निहंगों को लिखकर दिया और माफी मांगी कि वह भविष्य में ऐसा नहीं बोलेंगी। रंजीत कौर के घर निहंग सिंह पहुंचे। उन्होंने वहां रंजीत कौर को काफी डांट लगाई। निहंग जत्थे और भाभी चुम्मेवाली के बीच हुई बहस… सोशल मीडिया पर गंद परोस रहे: बठिंडा से आए निहंग जत्थे के मुखी मनप्रीत सिंह खालसा का कहना है कि रंजीत कौर भाभी चुम्मेवाली के नाम से सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो डाल रही हैं। उन्हें कई बार समझाया, लेकिन वह नहीं मानीं। मजबूर होकर हमें बठिंडा से लुधियाना आना पड़ा। घर के बाहर चला 15 मिनट ड्रामा: निहंग सिंह मनप्रीत सिंह खालसा और उनका जत्था रंजीत कौर के घर पहुंचा। जत्थे ने घर के बाहर और अंदर जाकर भाभी चुम्मेवाली को उसकी हरकतों का आईना दिखाया। करीब 15 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच तीखी और गंभीर बातचीत हुई। पाखंड पर निहंग सिंह का कड़ा रुख: निहंग सिंह मनप्रीत सिंह खालसा ने घर के अंदर बने मंदिर को देखकर गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि एक तरफ तो घर में धार्मिक आस्था के प्रतीक मौजूद हैं और दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर सरेआम गंदगी और अश्लीलता परोसी जा रही है। उन्होंने रंजीत कौर को फटकार लगाते हुए कहा कि धर्म के नाम पर ऐसा पाखंड और समाज में ऐसी फूहड़ता सिख कौम और समाज बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा। अश्लीलता क्या है, इससे अपना पेट पाल रही: रंजीत कौर ने निहंग सिंहों को कहा कि सोशल मीडिया पर लोग अश्लील कपड़े पहनकर व अश्लील बातें बोलकर रील्स डाल रहे हैं। वो तो सिर्फ तुकबंदी करती है और लोग उसे पसंद करते हैं। तुकबंदी में अश्लीलता नहीं है। उनका कहना है कि इस तरह की रील बनाकर वह अपना पेट पाल रही हैं। अगर यह अश्लील होता तो वह अपनी बेटी के साथ ऐसी वीडियो नहीं बनाती। रंजीत कौर ने निहंगों से हाथ जोड़कर माफी मांगी। रंजीत कौर के तर्क पर भड़के निहंग: निहंगों ने जब रंजीत कौर के तर्क सुने तो वह भड़क गए और उन्होंने उन्हें दो टूक कह दिया कि अगर अब ऐसे तुकबंदी की तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उनका कहना है कि ऐसी गंदी रील्स से सोसाइटी पर गलत असर पड़ रहा है। मनप्रीत सिंह खालसा ने साफ शब्दों में हिदायत दी कि पैसों के लिए समाज की इज्जत और युवा पीढ़ी का भविष्य नीलाम नहीं किया जा सकता। उन्होंने रंजीत कौर को अल्टीमेटम दिया कि वह इंटरनेट से अपने सभी विवादित और अश्लील वीडियो तुरंत प्रभाव से डिलीट कर दे। अगर भविष्य में दोबारा ऐसी कोई हरकत की गई या वैसी कोई रील सामने आई, तो उसे इसके बेहद गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। सिखों को एक लिखित माफीनामा सौंप दिया: निहंगों ने रंजीत कौर से माफीनामा लिखवाया। इस माफीनामे में उसने स्पष्ट रूप से लिखा है कि वह भविष्य में कभी भी सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी फूहड़ या अश्लील गतिविधि नहीं करेगी और न ही कोई ऐसा वीडियो अपलोड करेंगी, जिससे समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचे। लिखित में गारंटी मिलने और इंटरनेट से विवादित सामग्री हटाने के वादे के बाद निहंग सिंह मनप्रीत सिंह खालसा का जत्था वहां से लौटा। रंजीत कौर ने निहंगों को लिखित में दिया कि वह अब अश्लील कंटेंट नहीं बनाएंगी। रंजीत कौर से भाभी चुम्मे वाली तक का सफर, जानिए… सोशल मीडिया पर रील्स बनाने लगी: कोरोना काल में लुधियाना की रंजीत कौर ने सोशल मीडिया पर रील्स बनानी शुरू की। वह कॉमेडी रील्स बना रही थीं, लेकिन उसे कोई पसंद नहीं कर रहा था। वह काफी रील्स बना चुकी थीं, लेकिन रील वायरल नहीं हुई। रील में एक फॉलोअर को फ्लाइंग किश किया: रंजीत कौर का कहना है कि वह रील्स बना रही थीं, तो एक फॉलोअर को रील में उसका नाम लेकर फ्लाइंग किश किया तो कॉमेंट में लोगों ने भाभी चुम्मेवाली लिखना शुरू कर दिया। उसके बाद माइंड में आया कि इसी को अपना टैग बना देती हूं। उसके बाद शुरू की तुकबंदी: रंजीत कौर ने फिर अपने नाम के साथ भाभी चुम्मेवाली का टैग लगा दिया और फिर उसने रील्स बनाते हुए फॉलोअर्स के नाम लेकर तुकबंदी करनी शुरू कर दी। उसके बाद लोगों ने उसे बहुत पसंद किया। शूटिंग के दौरान दिलजीत दोसांझ के साथ खड़ी रंजीत कौर। दिलजीत दोसांझ की फिल्म में मिला काम: रंजीत कौर भाभी चुम्मेवाली का कहना है कि जब लोगों ने उसकी रील्स को पसंद किया तो फिर दिलजीत दोसांझ ने उन्हें अपनी फिल्म जट एंड जूलियट-3 में एक छोटा सा रोल दिया। उसके बाद वह बहुत फेमस हो गईं। दिलजीत पर भी तुकबंदी की थी: रंजीत कौर का कहना है कि जो तुकबंदी वह अपने फॉलोअर्स का नाम लेकर करती हैं, वही तुकबंदी उन्होंने दिलजीत दोसांझ के लिए भी की थी। जब उन्होंने दिलजीत दोसांझ को आई लव यू बोला तो उन्होंने भी रिप्लाई में आई लव यू बोलकर गले लगाया। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… निहंग की हत्या, फिर सुसाइड की कोशिश, गुरदासपुर में 2 पक्षों में 15 राउंड फायरिंग गुरदासपुर के बटाला में गाड़ी क्रॉस करने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। बहसबाजी के दौरान दोनों ओर से

UN New York Meeting Video; Israeli Envoy Vs Vanessa Frazier Pramila Patten

UN New York Meeting Video; Israeli Envoy Vs Vanessa Frazier Pramila Patten

Hindi News International UN New York Meeting Video; Israeli Envoy Vs Vanessa Frazier Pramila Patten | Sexual Violence न्यूयॉर्क4 मिनट पहले कॉपी लिंक संयुक्त राष्ट्र (UN) में शुक्रवार को एक बैठक के दौरान इजराइल के राजदूत डैनी डैनन और UN महासचिव की विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पैटन के बीच तीखी बहस हो गई। यह बैठक जंग के दौरान होने वाली यौन हिंसा को खत्म करने के अंतरराष्ट्रीय दिवस के मौके पर न्यूयॉर्क में आयोजित की गई थी। बैठक में इजराइल के राजदूत ने UN की अधिकारी पैटन के इस्तीफे की मांग कर दी। डैनन ने आरोप लगाया कि पैटन की रिपोर्ट की वजह से इजराइल का नाम पहली बार यौन हिंसा से जुड़े आरोपों के मामले में संयुक्त राष्ट्र की ब्लैकलिस्ट में आया। उनका कहना था कि रिपोर्ट निष्पक्ष नहीं थी और इसमें इजराइल के खिलाफ पक्षपात दिखाया गया। डैनन ने पैटन पर आरोप लगाते हुए कहा, “आप संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के इजराइल-विरोधी रवैये के दबाव में आ गईं।” उनका दावा था कि गुटेरेस लगातार इजराइल की आलोचना करते रहे हैं और पैटन की रिपोर्ट भी उसी सोच से प्रभावित थी। बहस में कूदीं UN अधिकारी विवाद बढ़ने के बाद UN की अधिकारी वेनेसा फ्रेजर ने हस्तक्षेप किया। फ्रेजर ने डैनन से कहा कि वह व्यक्तिगत हमले करने से बचें। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट सबूतों पर आधारित है। इस पर डैनन और नाराज हो गए। उन्होंने फ्रेजियर से कहा कि वे चुप रहें। डैनन ने कहा, हम संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश हैं और आप संयुक्त राष्ट्र की कर्मचारी हैं। अब आप चुप रहेंगी। आप और आपकी यह शर्मनाक रिपोर्ट दोनों ही चुप रहेंगी… इजराइल और हमास भी लिस्ट में शामिल दरअसल, संयुक्त राष्ट्र हर साल उन देशों, सेनाओं और सशस्त्र समूहों की सूची जारी करता है जिन पर संघर्ष के दौरान यौन हिंसा के गंभीर आरोप होते हैं। इस बार पहली बार इजराइल को इस लिस्ट में शामिल किया गया। इसके साथ ही हमास और दूसरे फिलिस्तीनी सशस्त्र समूहों को भी लिस्ट में रखा गया। 29 मई को जारी इस रिपोर्ट में के मुताबिक- गाजा युद्ध के दौरान इजराइली हिरासत केंद्रों से जुड़े यौन हिंसा और यौन दुर्व्यवहार के आरोप सामने आए हैं। आरोप इजराइली सेना, पुलिस और जेल सेवा के कुछ अधिकारियों पर लगे। दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, जबरन निर्वस्त्र करने जैसी घटनाओं का जिक्र किया गया है। आरोप इजराइली सेना, पुलिस और जेल सेवा के कुछ अधिकारियों पर लगाए गए हैं। फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजराइली सुरक्षा बलों द्वारा यौन हिंसा के 31 मामलों की पुष्टि हुई। पीड़ितों में 14 पुरुष, 7 महिलाएं, 9 लड़के और 1 लड़की शामिल थे। वेनेसा फ्रेजर बोली- रिपोर्ट सत्यापित सबूतों पर आधारित है फ्रेजर बच्चों और सशस्त्र संघर्ष मामलों की प्रतिनिधि हैं। वह बच्चों और सशस्त्र संघर्ष से जुड़े मामलों पर काम करती हैं। उन्होंने इस हफ्ते एक अलग रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में फिलिस्तीनी बच्चों के खिलाफ कथित उल्लंघनों का जिक्र है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई कि कुछ इजराइली सेटलर समूहों को भी ब्लैकलिस्ट में जोड़ा जा सकता है। इजराइल पहले से ही इस रिपोर्ट की लिस्ट ऑफ शेम में शामिल है। पिछले महीने प्रमिला पैटन की रिपोर्ट जारी होने पर इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने इसे एक नया निचला स्तर बताया था। वहीं, इजराइल के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की थी कि वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ सभी संबंध समाप्त कर देगा। गुटेरेस का 10 साल का कार्यकाल इस साल के अंत में खत्म हो रहा है। —————————— ये खबर भी पढ़ें… ईरान जंग में दुनिया से 115 करोड़ बैरल तेल गायब:ऑयल रिजर्व 36 साल में सबसे कम; ट्रम्प बोले- 4 हफ्ते में भंडार खत्म हो जाते ईरान-अमेरिका समझौते के बाद इस हफ्ते होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल गया है। हालांकि, दुनिया अभी भी तेल संकट से पूरी तरह बाहर नहीं निकली है। एनालिटिक्स फर्म केपलर की रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध के करीब चार महीनों में वैश्विक बाजार से 115 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई गायब हो चुकी है। इसका असर आने वाले महीनों तक बना रह सकता है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

UN New York Meeting Video; Israeli Envoy Vs Vanessa Frazier Pramila Patten

UN New York Meeting Video; Israeli Envoy Vs Vanessa Frazier Pramila Patten

Hindi News International UN New York Meeting Video; Israeli Envoy Vs Vanessa Frazier Pramila Patten | Sexual Violence न्यूयॉर्क21 मिनट पहले कॉपी लिंक संयुक्त राष्ट्र (UN) में शुक्रवार को एक बैठक के दौरान इजराइल के राजदूत डैनी डैनन और UN महासचिव की विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पैटन के बीच तीखी बहस हो गई। यह बैठक जंग के दौरान होने वाली यौन हिंसा को खत्म करने के अंतरराष्ट्रीय दिवस के मौके पर न्यूयॉर्क में आयोजित की गई थी। बैठक में इजराइल के राजदूत ने UN की अधिकारी पैटन के इस्तीफे की मांग कर दी। डैनन ने आरोप लगाया कि पैटन की रिपोर्ट की वजह से इजराइल का नाम पहली बार यौन हिंसा से जुड़े आरोपों के मामले में संयुक्त राष्ट्र की ब्लैकलिस्ट में आया। उनका कहना था कि रिपोर्ट निष्पक्ष नहीं थी और इसमें इजराइल के खिलाफ पक्षपात दिखाया गया। डैनन ने पैटन पर आरोप लगाते हुए कहा, “आप संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के इजराइल-विरोधी रवैये के दबाव में आ गईं।” उनका दावा था कि गुटेरेस लगातार इजराइल की आलोचना करते रहे हैं और पैटन की रिपोर्ट भी उसी सोच से प्रभावित थी। बहस में कूदीं UN अधिकारी विवाद बढ़ने के बाद UN की अधिकारी वेनेसा फ्रेजर ने हस्तक्षेप किया। फ्रेजर ने डैनन से कहा कि वह व्यक्तिगत हमले करने से बचें। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट सबूतों पर आधारित है। इस पर डैनन और नाराज हो गए। उन्होंने फ्रेजियर से कहा कि वे चुप रहें। डैनन ने कहा, हम संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश हैं और आप संयुक्त राष्ट्र की कर्मचारी हैं। अब आप चुप रहेंगी। आप और आपकी यह शर्मनाक रिपोर्ट दोनों ही चुप रहेंगी… इजराइल और हमास भी लिस्ट में शामिल दरअसल, संयुक्त राष्ट्र हर साल उन देशों, सेनाओं और सशस्त्र समूहों की सूची जारी करता है जिन पर संघर्ष के दौरान यौन हिंसा के गंभीर आरोप होते हैं। इस बार पहली बार इजराइल को इस लिस्ट में शामिल किया गया। इसके साथ ही हमास और दूसरे फिलिस्तीनी सशस्त्र समूहों को भी लिस्ट में रखा गया। 29 मई को जारी इस रिपोर्ट में के मुताबिक- गाजा युद्ध के दौरान इजराइली हिरासत केंद्रों से जुड़े यौन हिंसा और यौन दुर्व्यवहार के आरोप सामने आए हैं। आरोप इजराइली सेना, पुलिस और जेल सेवा के कुछ अधिकारियों पर लगे। दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, जबरन निर्वस्त्र करने जैसी घटनाओं का जिक्र किया गया है। आरोप इजराइली सेना, पुलिस और जेल सेवा के कुछ अधिकारियों पर लगाए गए हैं। फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजराइली सुरक्षा बलों द्वारा यौन हिंसा के 31 मामलों की पुष्टि हुई। पीड़ितों में 14 पुरुष, 7 महिलाएं, 9 लड़के और 1 लड़की शामिल थे। वेनेसा फ्रेजर बोली- रिपोर्ट सत्यापित सबूतों पर आधारित है फ्रेजर बच्चों और सशस्त्र संघर्ष मामलों की प्रतिनिधि हैं। वह बच्चों और सशस्त्र संघर्ष से जुड़े मामलों पर काम करती हैं। उन्होंने इस हफ्ते एक अलग रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में फिलिस्तीनी बच्चों के खिलाफ कथित उल्लंघनों का जिक्र है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई कि कुछ इजराइली सेटलर समूहों को भी ब्लैकलिस्ट में जोड़ा जा सकता है। इजराइल पहले से ही इस रिपोर्ट की लिस्ट ऑफ शेम में शामिल है। पिछले महीने प्रमिला पैटन की रिपोर्ट जारी होने पर इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने इसे एक नया निचला स्तर बताया था। वहीं, इजराइल के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की थी कि वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ सभी संबंध समाप्त कर देगा। गुटेरेस का 10 साल का कार्यकाल इस साल के अंत में खत्म हो रहा है। —————————— ये खबर भी पढ़ें… ईरान जंग में दुनिया से 115 करोड़ बैरल तेल गायब:ऑयल रिजर्व 36 साल में सबसे कम; ट्रम्प बोले- 4 हफ्ते में भंडार खत्म हो जाते ईरान-अमेरिका समझौते के बाद इस हफ्ते होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल गया है। हालांकि, दुनिया अभी भी तेल संकट से पूरी तरह बाहर नहीं निकली है। एनालिटिक्स फर्म केपलर की रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध के करीब चार महीनों में वैश्विक बाजार से 115 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई गायब हो चुकी है। इसका असर आने वाले महीनों तक बना रह सकता है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

डायरेक्टर राघवेंद्र ने एक्ट्रेस कीर्ति और कृति का हाथ खींचा:सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए; एक्ट्रेस की कमर पर हाथ रख विवाद में आए थे

डायरेक्टर राघवेंद्र ने एक्ट्रेस कीर्ति और कृति का हाथ खींचा:सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए; एक्ट्रेस की कमर पर हाथ रख विवाद में आए थे

तेलुगु सिनेमा के सीनियर डायरेक्टर के. राघवेंद्र राव एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर खींचने के लिए ट्रोल हो रहे हैं। दरअसल हैदराबाद में डायरेक्टर अनिल रविपुडी की नई फिल्म के लॉन्च के दौरान 84 वर्षीय राघवेंद्र राव उद्घाटन शॉट को डायरेक्ट कर रहे थे। इस दौरान वे एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी ओर खींचते हुए नजर आए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो आने के बाद यूजर्स ने नाराजगी जताई है और डायरेक्टर के इस व्यवहार की तीखी आलोचना की है। मुहूर्त शॉट की पोजीशन तय करने का वाकया यह घटना गुरुवार को आयोजित फिल्म लॉन्च इवेंट की है। इस फिल्म में वेंकटेश दग्गुबाती, नंदमुरी कल्याणराम, कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। पारंपरिक मुहूर्त समारोह के तहत उद्घाटन शॉट का निर्देशन करने के लिए मशहूर डायरेक्टर राघवेंद्र राव को बुलाया गया था। इवेंट में प्रोड्यूसर अल्लू अरविंद ने फिल्म का पहला क्लैप दिया, जबकि दिल राजू और सुरेश बाबू समेत कई बड़े निर्माता भी वहां मौजूद थे। शॉट शुरू होने से पहले राघवेंद्र राव कलाकारों को स्टेज पर सेट कर रहे थे। हाथ खींचने और पोज देने का तरीका सिखाया वायरल हो रही वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि राघवेंद्र राव शॉट के लिए कलाकारों की पोजीशन तय कर रहे हैं। वे पहले कीर्ति सुरेश का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी तरफ खींचते हैं, फिर अपना इरादा बदलकर कृति शेट्टी को गाइड करने लगते हैं। इसके बाद वे मुख्य अभिनेता वेंकटेश और कल्याणराम के पास जाते हैं। वे दोनों अभिनेताओं को यह निर्देश देते हुए नजर आते हैं कि सीन को सही दिखाने के लिए उन्हें एक्ट्रेसेस की कमर और कंधों पर हाथ किस तरह रखना है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जताई नाराजगी इस वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आने के बाद फिल्ममेकर की आलोचना शुरू हो गई। कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि वे बिना वजह एक्ट्रेसेस को छू रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि वे बिना छुए भी पोजीशन बता सकते थे। महिलाओं की मर्जी के बिना उन्हें इस तरह खींचना सही नहीं है। वहीं कुछ यूजर्स ने राघवेंद्र राव का बचाव भी किया। उनका कहना था कि वे केवल उद्घाटन शॉट डायरेक्ट कर रहे थे और सीनियर होने के नाते कलाकारों को उनकी सही जगह समझा रहे थे, इसमें कुछ गलत इरादा नहीं था। पुराना विवाद फिर चर्चा में आया इस घटना के बाद इसी साल जनवरी में हुआ एक पुराना विवाद भी फिर से चर्चा में आ गया है। यूजर्स ने उनके एक पुराने वीडियो का जिक्र किया जिसमें एक्ट्रेस निहारिका कोनिडेला के साथ उनके व्यवहार पर सवाल उठे थे। एक यूजर ने लिखा कि निहारिका वाले वीडियो पर हुई आलोचना के बाद उम्मीद थी कि व्यवहार में बदलाव आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राघवेंद्र राव तेलुगु सिनेमा के बहुत बड़े नाम हैं और उन्होंने अपने करियर में कई बड़ी फिल्में दी हैं, लेकिन इस तरह के वाकयों से वे विवादों में आ जाते हैं।

डायरेक्टर ने एक्ट्रेस कीर्ति और कृति का हाथ खींचा:सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए राघवेंद्र राव; एक्ट्रेस की कमर पर हाथ रख विवाद में आए थे

डायरेक्टर ने एक्ट्रेस कीर्ति और कृति का हाथ खींचा:सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए राघवेंद्र राव; एक्ट्रेस की कमर पर हाथ रख विवाद में आए थे

तेलुगु सिनेमा के सीनियर डायरेक्टर के. राघवेंद्र राव एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर खींचने के लिए ट्रोल हो रहे हैं। दरअसल हैदराबाद में डायरेक्टर अनिल रविपुडी की नई फिल्म के लॉन्च के दौरान 84 वर्षीय राघवेंद्र राव उद्घाटन शॉट को डायरेक्ट कर रहे थे। इस दौरान वे एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी ओर खींचते हुए नजर आए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो आने के बाद यूजर्स ने नाराजगी जताई है और डायरेक्टर के इस व्यवहार की तीखी आलोचना की है। मुहूर्त शॉट की पोजीशन तय करने का वाकया यह घटना गुरुवार को आयोजित फिल्म लॉन्च इवेंट की है। इस फिल्म में वेंकटेश दग्गुबाती, नंदमुरी कल्याणराम, कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। पारंपरिक मुहूर्त समारोह के तहत उद्घाटन शॉट का निर्देशन करने के लिए मशहूर डायरेक्टर राघवेंद्र राव को बुलाया गया था। इवेंट में प्रोड्यूसर अल्लू अरविंद ने फिल्म का पहला क्लैप दिया, जबकि दिल राजू और सुरेश बाबू समेत कई बड़े निर्माता भी वहां मौजूद थे। शॉट शुरू होने से पहले राघवेंद्र राव कलाकारों को स्टेज पर सेट कर रहे थे। हाथ खींचने और पोज देने का तरीका सिखाया वायरल हो रही वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि राघवेंद्र राव शॉट के लिए कलाकारों की पोजीशन तय कर रहे हैं। वे पहले कीर्ति सुरेश का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी तरफ खींचते हैं, फिर अपना इरादा बदलकर कृति शेट्टी को गाइड करने लगते हैं। इसके बाद वे मुख्य अभिनेता वेंकटेश और कल्याणराम के पास जाते हैं। वे दोनों अभिनेताओं को यह निर्देश देते हुए नजर आते हैं कि सीन को सही दिखाने के लिए उन्हें एक्ट्रेसेस की कमर और कंधों पर हाथ किस तरह रखना है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जताई नाराजगी इस वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आने के बाद फिल्ममेकर की आलोचना शुरू हो गई। कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि वे बिना वजह एक्ट्रेसेस को छू रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि वे बिना छुए भी पोजीशन बता सकते थे। महिलाओं की मर्जी के बिना उन्हें इस तरह खींचना सही नहीं है। पुराना विवाद फिर चर्चा में आया इस घटना के बाद इसी साल जनवरी में हुआ एक पुराना विवाद भी फिर से चर्चा में आ गया है। यूजर्स ने उनके एक पुराने वीडियो का जिक्र किया जिसमें एक्ट्रेस निहारिका कोनिडेला के साथ उनके व्यवहार पर सवाल उठे थे। एक यूजर ने लिखा कि निहारिका वाले वीडियो पर हुई आलोचना के बाद उम्मीद थी कि व्यवहार में बदलाव आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राघवेंद्र राव तेलुगु सिनेमा के बहुत बड़े नाम हैं और उन्होंने अपने करियर में कई बड़ी फिल्में दी हैं, लेकिन इस तरह के वाकयों से वे विवादों में आ जाते हैं। तेलेगु सिनेमा के सीनियर डायरेक्टर हैं राघवेंद्र के. राघवेंद्र राव तेलुगु सिनेमा के एक सीनियर फिल्म डायरेक्टर, स्क्रीनराइटर और प्रोड्यूसर हैं, जिन्होंने पांच दशकों से अधिक लंबे करियर में 100 से भी ज्यादा फिल्मों का निर्देशन किया है। उन्होंने एनटी रामा राव, चिरंजीवी और श्रीदेवी जैसे भारतीय सिनेमा के महान कलाकारों के साथ कई यादगार फिल्में दी हैं। इसके अलावा, उन्हें महेश बाबू, वेंकटेश और अल्लू अर्जुन जैसे आज के दौर के बड़े सुपरस्टार्स को फिल्म इंडस्ट्री में लॉन्च करने का श्रेय भी जाता है। उनकी मुख्य फिल्मों में ‘अग्नि पुत्रुडु’ (1987) और ‘आखिरी पोराट्टम’ (1988) शामिल हैं, जिन्हें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के मुख्यधारा सेक्शन में प्रदर्शित किया जा चुका है।

Trump G7 Zelensky Snub | White House Clash VIDEO

Trump G7 Zelensky Snub | White House Clash VIDEO

नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने जब हैलो कहा तो डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें इग्नोर किया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमीर जेलेंस्की को नजरअंदाज कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ट्रम्प अन्य नेताओं से मुलाकात और हाथ मिलाते नजर आते हैं, लेकिन जेलेंस्की से न तो उन्होंने हाथ मिलाया और न ही कोई खास बातचीत की। यह घटना ऐसे समय हुई है, जब दोनों नेताओं के बीच व्हाइट हाउस में हुई तीखी बहस और तकरार को लेकर पहले भी चर्चा हो चुकी है। दरअसल, ट्रम्प और जेलेंस्की के संबंध पहले भी तनावपूर्ण रहे हैं। इसी साल व्हाइट हाउस में हुई एक बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसकी काफी चर्चा हुई थी। फ्रांस के शहर एवियां-ले-बैं में G-7 शिखर सम्मेलन 2026 आयोजित हो रहा है। 15 से 17 जून तक होने वाली इस समिट में दुनिया के 7 देशों के नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया की स्थिति, व्यापार, जलवायु परिवर्तन और आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने मुस्कुराते हुए हैलो कहा लेकिन ट्रम्प उनकी तरफ देखे बिना ही आगे बढ़ गए। G-7 समिट के टॉप मोमेंट्स दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Trump G7 Zelensky Snub | White House Clash VIDEO

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नई दिल्ली32 मिनट पहले कॉपी लिंक यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने जब हैलो कहा तो डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें इग्नोर किया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमीर जेलेंस्की को नजरअंदाज कर दिया। वायरल वीडियो में ट्रम्प अन्य नेताओं से मुलाकात और हाथ मिलाते नजर आते हैं, लेकिन जेलेंस्की से न तो उन्होंने हाथ मिलाया और न ही कोई खास बातचीत की। यह घटना ऐसे समय हुई है, जब दोनों नेताओं के बीच व्हाइट हाउस में हुई तीखी बहस और तकरार को लेकर पहले भी चर्चा हो चुकी है। दरअसल, ट्रम्प और जेलेंस्की के संबंध पहले भी तनावपूर्ण रहे हैं। इसी साल व्हाइट हाउस में हुई एक बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसकी काफी चर्चा हुई थी। फ्रांस के शहर एवियन में G-7 शिखर सम्मेलन 2026 आयोजित हो रहा है। 15 से 17 जून तक होने वाली इस समिट में दुनिया के 7 देशों के नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया की स्थिति, व्यापार, जलवायु परिवर्तन और सप्लाई चैन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने मुस्कुराते हुए हैलो कहा, लेकिन ट्रम्प उनकी तरफ देखे बिना ही आगे बढ़ गए। 1 मार्च 2025 को ट्रम्प और जेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में हुई बातचीत बहस में बदल गई। इसके बाद दोनों के बीच मिनरल डील भी नहीं हुई। G-7 समिट के टॉप 8 मोमेंट्स… G-7 समिट में 12 देशों अमेरिका, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, कनाडा, इटली, जापान, जर्मनी, मिस्र, भारत, ब्राजील, केन्या, ब्रिटेन के नेताओं के साथ यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट और यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट शामिल हुए। G7 समिट दुनिया के 7 बड़े विकसित देशों का वार्षिक सम्मेलन है। इसकी मेजबानी हर साल G7 का अध्यक्ष देश करता है। G7 में वैश्विक आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है। इस बार के प्रमुख एजेंडे यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव हैं। मोदी की मैक्रों, मेलोनी और ट्रम्प से मुलाकात पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की। मोदी 7वीं बार G7 समिट में शामिल हुए हैं। पीएम मोदी और ट्रम्प के बीच 16 महीने बाद मुलाकात हुई। इससे पहले दोनों फरवरी 2025 में वॉशिंगटन में मिले थे। मोदी और इटली की पीएम मेलोनी ने हाथ मिलाकर एक दूसरे का वेलकम किया। पिछले महीने 20 मई को मोदी के इटली दौरे के दौरान दोनों रोम में मिले थे। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रम्प को जर्मन राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की जर्सी भेंट की। इस जर्सी के पीछे ट्रम्प और नंबर 47 लिखा हुआ था, जो उनके अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति होने का प्रतीक है। समिट के वर्किंग सेशन के दौरान कुछ पढ़ते हुए ट्रम्प। ———————————- ये खबर भी पढ़ें… पीएम मोदी 16 महीने बाद ट्रम्प से मिले, फ्रांस में G7 समिट में साथ बैठे, 5 मिनट बात की पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच फ्रांस के एवियन शहर में G-7 समिट के दौरान मुलाकात हुई। दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बात चली। मीटिंग में दोनों एक-साथ बैठे नजर आए। यह मुलाकात 16 महीनों के बाद हुई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Brazil Bungee Jump Death | Youth Held; Accident VIDEO

ब्राजील- बंजी जम्पिंग के दौरान रस्सी बांधे बिना फेंका, VIDEO:21 साल की युवती की मौत; पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लिया

ब्राजिलिया8 मिनट पहले कॉपी लिंक कर्मचारियों ने मारिया एडुआर्डा को सेफ्टी रोप बांधे बिना ब्रिज से नीचे फेंक दिया। ब्राजील के साओ पाउलो राज्य में बंजी जंपिंग के दौरान एक हादसे में 21 साल की युवती की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्मचारियों ने युवती को सेफ्टी रोप लगाए बिना ही पुल से छलांग लगवा दी, जिससे वह 130 फीट से ज्यादा गहराई में जा गिरी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक युवती की पहचान मारिया एडुआर्डा रोड्रिग्स डी फ्रेटास के रूप में हुई है। वह एक निजी कंपनी की ओर से आयोजित बंजी जंपिंग एक्टिविटी में हिस्सा लेने पहुंची थी। यह हादसा स्केलेटन ब्रिज पर हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कर्मचारी युवती को पुल के किनारे लेकर जाते हैं और उसे नीचे छोड़ देते हैं। जैसे ही वह गिरने लगती है, वहां मौजूद लोगों को एहसास होता है कि उसकी सेफ्टी रोप नहीं बंधी है। वीडियो में कई लोग जोर से चिल्लाते सुनाई देते हैं, “रोप… रोप…”, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और युवती गहरी खाई में गिर चुकी थी। पुलिस ने घटना के बाद मौके से छह लोगों को हिरासत में लिया है। कर्मचारी जंपिंग के लिए लड़की को उठाकर ले जाते हुए। कर्मचारियों ने मारिया को सेफ्टी रोप बांधे बिना ब्रिज से नीचे फेंक दिया। मारिया ने हादसे से पहले अपनी तस्वीरें शेयर की थी हादसे से कुछ समय पहले मारिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जंपिंग स्थल की तस्वीरें शेयर की थीं। एक तस्वीर में पुल और उसकी जंपिंग रिस्टबैंड दिखाई दे रही थी। तस्वीर के साथ उसने लिखा था, “आखिर किस पागल इंसान ने मुझे पुल से छलांग लगाने आने दिया?” रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के समय मारिया का मंगेतर भी वहां मौजूद था। युवती की मौत की जानकारी मिलने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसका ट्रीटमेंट किया गया। मारिया ने हादसे से पहले अपनी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थी। एक तस्वीर में मारिया ने लिखा था कि किस पागल ने मुझे यहां आने दिया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस हादसे के बाद एडवेंचर टूरिज्म स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लिमेरा के मेयर मुरिलो फ्लिक्स ने कहा कि सिटी एडमिनिस्ट्रेशन इस मामले की शिकायत ब्राजील की सरकार से करेगा और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जोखिम वाले इस क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं और अब जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। पुलिस जांच कर रही है कि सेफ्टी प्रोसेस में कहां चूक हुई, कर्मचारियों की क्या जिम्मेदारी थी और क्या बंजी जंपिंग से पहले तय सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था। क्या होती है बंजी जंपिंग? बंजी जंपिंग एक एडवेंचर स्पोर्ट है, जिसमें व्यक्ति को किसी ऊंचे पुल, टावर, क्रेन या चट्टान से एक खास तरह की मजबूत और लचीली इलास्टिक रोप के सहारे छलांग लगानी होती है। जंप से पहले व्यक्ति के पैरों या पूरे शरीर पर हार्नेस लगाया जाता है और उसे बंजी रोप से जोड़ा जाता है। छलांग लगाने के बाद व्यक्ति कुछ सेकंड तक तेजी से नीचे गिरता है। जैसे ही रोप पूरी तरह खिंचती है, वह व्यक्ति को वापस ऊपर की ओर खींचती है। यही ऊपर-नीचे उछलने का अनुभव बंजी जंपिंग को रोमांचक बनाता है। बंजी जंपिंग कराने वाली कंपनियां आमतौर पर सुरक्षा के लिए कई चरणों का पालन करती हैं। सबसे पहले जंप करने वाले व्यक्ति का वजन मापा जाता है और उसी के हिसाब से रोप का चुनाव किया जाता है। इसके बाद हार्नेस, सेफ्टी बेल्ट, एंकरिंग सिस्टम और बैकअप कनेक्शन की कई बार जांच की जाती है। प्रशिक्षक की अनुमति मिलने के बाद ही जंप कराया जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक बंजी जंपिंग एक हाई एडवेंचर स्पोर्ट जरूर है, लेकिन अगर बंजी जंपिंग अनुभवी लोगों की देखरेख में और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए कराई जाए, तो इसे काफी हद तक सुरक्षित माना जाता है। दुनिया में कहां सबसे ज्यादा लोकप्रिय है बंजी जंपिंग? बंजी जंपिंग का सबसे बड़ा केंद्र न्यूजीलैंड को माना जाता है। यहां का कावराउ ब्रिज आधुनिक कमर्शियल बंजी जंपिंग की शुरुआत करने वाली जगह माना जाता है और हर साल हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं। इसके अलावा चीन का मकाऊ टावर, जिम्बाब्वे और जाम्बिया की सीमा पर स्थित विक्टोरिया फॉल्स ब्रिज और स्विट्जरलैंड का वेरजास्का डैम भी दुनिया की सबसे मशहूर बंजी जंपिंग साइटों में शामिल हैं। दुनिया में बंजी जंपिंग के लिए मशहूर जगहें 1. कावराउ ब्रिज, न्यूजीलैंड- इसे आधुनिक कमर्शियल बंजी जंपिंग की शुरुआत करने वाली जगह माना जाता है। हर साल हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं। 2. मकाऊ टावर, चीन- करीब 233 मीटर ऊंचाई से होने वाली यह दुनिया की सबसे प्रसिद्ध कमर्शियल बंजी जंपिंग साइटों में से एक है। 3. विक्टोरिया फॉल्स ब्रिज (जिम्बाब्वे – जाम्बिया बॉर्डर)- झरने के शानदार दृश्य के साथ यहां बंजी जंपिंग का अलग अनुभव मिलता है। 4. वेरजास्का डैम, स्विट्जरलैंड- यह वही जगह है जहां जेम्स बॉन्ड फिल्म गोल्डनआई का मशहूर जंप सीन फिल्माया गया था। बंजी जंपिंग एमें व्यक्ति को किसी ऊंचे पुल, टावर, क्रेन या चट्टान से एक खास तरह की मजबूत और लचीली इलास्टिक रोप के सहारे छलांग लगानी होती है। भारत में बंजी जंपिंग के लिए मशहूर जगहें 1. ऋषिकेश (उत्तराखंड)- भारत की सबसे लोकप्रिय बंजी जंपिंग डेस्टिनेशन मानी जाती है। यहां 80 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले जंप मौजूद हैं। 2. लोनावला (महाराष्ट्र)- मुंबई और पुणे के लोगों के बीच यह काफी लोकप्रिय एडवेंचर स्पॉट है। 3. गोवा- बीच टूरिज्म के साथ एडवेंचर एक्टिविटीज के लिए भी जाना जाता है। 4. बेंगलुरु (कर्नाटक)- शहर के आसपास कई एडवेंचर पार्क बंजी जंपिंग की फैसिलिटी है। ——————— दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Praneet More Apologizes for 370 Biryani Video; Seeks Chance

Praneet More Apologizes for 370 Biryani Video; Seeks Chance

10 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉमेडियन प्रणित मोरे ने अपने शो के 370 की बिरयानी वाली वीडियो को लेकर माफी मांगी है। उन्होंने शनिवार को वीडियो जारी कर कहा कि वह लंबे समय से इस मुद्दे पर बात करना चाहते थे, लेकिन उनका इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड हो गया था। प्रणित ने कहा कि वीडियो के बाद उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है और वह मानते हैं कि इस आलोचना के हकदार हैं। उनके मुताबिक, शो के दौरान एक व्यक्ति (हिमांशु जांगड़ा) ने कई आपत्तिजनक बातें कही थीं। उस समय लोग हंस रहे थे, जिससे वह भी माहौल में बह गए और सही फैसला नहीं ले पाए। उन्होंने माना कि अगर चाहते तो उसी वक्त उस व्यक्ति को रोक सकते थे या उसका विरोध कर सकते थे। लेकिन ऐसा न करके उन्होंने उसे एक मंच दिया, जिससे मामला और बढ़ गया। प्रणित ने कहा कि इस वजह से जिन लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, उनसे वह माफी मांगते हैं। प्रणित ने यह भी कहा कि वह मामले में चल रही लीगल प्रोसीडिंग में अधिकारियों का पूरा सहयोग कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से उन्हें एक और मौका देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस घटना से उन्हें सीख मिली है और वह खुद पर काम कर रहे हैं। भविष्य में उनके कंटेंट और काम में भी यह बदलाव देखने को मिलेगा। बता दें कि प्रणित मोरे के शो में दर्शक हिमांशु जांगड़ा ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हिमांशु और प्रणित की आलोचना हुई। हिमांशु गुरुग्राम की जिस डिजाइन और मार्केटिंग एजेंसी में काम करते थे, उसने इस विवाद के बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें.. बता दें कि ‘370 रुपए की बिरयानी’ वाले वीडियो के बाद प्रणित मोरे के शो का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस पुराने वीडियो में सेजल पवार नाम की एक MBBS स्टूडेंट ने कहा था कि वे और उनके साथी मेडिकल स्टूडेंट कॉलेज (KEM हॉस्पिटल, मुंबई) में मेडिकल रिसर्च और डिसेक्शन के लिए दान किए गए पुरुषों के शवों के प्राइवेट पार्ट्स को देखते और उनका मजाक उड़ाते थे। विवाद बढ़ने के साथ सेजल ने माफी मांगते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। पूरी खबर यहां पढ़ें.. साइबर पुलिस ने FIR दर्ज की महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने कॉमेडियन प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा, डॉ. सेजल पवार और इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। FIR इंडियन पीनल कोड (IPC) 2023 की अलग-अलग धाराओं और IT एक्ट 2000 की धारा 67 के तहत दर्ज की गई है। वहीं, शो के वीडियो के लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि देश का संविधान सबको अभिव्यक्ति की आजादी देता है, लेकिन मनोरंजन के नाम पर सामाजिक मर्यादा को लांघना सही नहीं है। पूरी खबर यहां पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…