शिवपुरी में अतिक्रमण हटाने गई नगर पालिका टीम पर हमला:महलसराय बस्ती में पथराव, कर्मचारियों से मारपीट; वीडियो सामने आया

शिवपुरी शहर के देहात थाना क्षेत्र की महलसराय आदिवासी बस्ती में मंगलवार दोपहर अतिक्रमण हटाने गई नगर पालिका की टीम पर हमला हुआ। कार्रवाई के दौरान बस्ती के कुछ युवकों और महिलाओं ने टीम पर पथराव किया और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। नगर पालिका के अतिक्रमण प्रभारी अशोक खरे ने बताया कि महलसराय क्षेत्र में हाल ही में एक शासकीय शौचालय का निर्माण किया गया था। उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ लोग इस शौचालय को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हथौड़े से शौचालय की छत तोड़ी सूचना पर अतिक्रमण प्रभारी खरे अपने पांच कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि कुछ लोग हथौड़े से शौचालय की छत तोड़ रहे थे, जिससे छत का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। जब नगर पालिका टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। नगर पालिका कर्मचारियों का आरोप है कि उनके विरोध करने पर बस्ती के कुछ युवक और महिलाएं आक्रोशित हो गए और टीम पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख कर्मचारी मौके से मुख्य सड़क की ओर भागे। मुख्य सड़क पर भी कुछ युवकों ने कर्मचारियों को घेर लिया और उनके साथ लात-घूंसों से मारपीट की। इस हमले में कुछ कर्मचारियों को अंदरूनी चोटें आई हैं। घटना के बाद नगर पालिका का अमला देहात थाने पहुंचा और पूरी घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई। देहात थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है।
इंपैक्ट फीचर:मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स ने पटना के कंकड़बाग में नए शोरूम का उद्घाटन किया

मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स ने कंकड़बाग, पटना में अपने नए शोरूम का उद्घाटन किया, जिससे बिहार के सबसे प्रतिष्ठित आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति और मजबूत हुई। इस लॉन्च के साथ, ब्रांड अब पटना में बोरिंग रोड और हथवा मार्केट स्थित मौजूदा शोरूमों के अलावा कुल तीन शोरूम संचालित कर रहा है। सन स्क्वायर वार्ड, कंकड़बाग मार्ग, पटना में स्थित यह शोरूम 6,100 वर्ग फुट क्षेत्रफल में फैला हुआ है और इसे ग्राहकों को सुव्यवस्थित एवं आरामदायक खरीदारी अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। इसका लेआउट संगठित उत्पाद प्रदर्शन, आसान चयन और व्यक्तिगत सेवा को समर्थन देता है, जो मलाबार के रिटेल मानकों के अनुरूप है। इस शोरूम का उद्घाटन बिहार विधान सभा के सदस्य संजय कुमार गुप्ता ने किया। इस अवसर पर मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की प्रबंधन टीम, विशिष्ट अतिथि एवं सम्मानित ग्राहक उपस्थित रहे। ग्राहकों की पसंद के अनुरूप कंकड़बाग शोरूम में सोना, हीरा, प्लैटिनम, चांदी और रत्नों से बने आभूषणों की विस्तृत शृंखला उपलब्ध है, जिसमें मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स के विशिष्ट कलेक्शन भी शामिल हैं। इस संग्रह में दुल्हन के आभूषण, पारंपरिक आभूषण, त्योहारों के लिए डिजाइन, दैनिक उपयोग के डिजाइन और आधुनिक शैली के आभूषण शामिल हैं, जो शहर के बहु-पीढ़ी वाले ग्राहकों की पसंद के अनुरूप हैं। लॉन्च पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मलाबार ग्रुप के चेयरमैन एमपी अहमद ने कहा, पटना एक स्थिर और परंपरा-आधारित आभूषण बाजार है, जहां खरीदारी के निर्णय विश्वास और दीर्घकालिक संबंधों पर आधारित होते हैं। शहर में हमारे मौजूदा शोरूमों से ग्राहकों की प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है। कंकड़बाग में नए शोरूम के साथ हम पटना में अपनी पहुंच को और मजबूत कर रहे हैं तथा पारदर्शिता, प्रामाणिकता और निरंतर सेवा मानकों के साथ विश्वस्तरीय आभूषण प्रदान करने के अपने संकल्प पर कायम हैं। मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स अपने सभी शोरूमों में एक समान ग्राहक आश्वासन प्रक्रियाओं का पालन करता है। ग्राहकों को एचयूआईडी-अनुपालक सोना, प्रमाणित हीरे, विस्तृत बिलिंग विवरण के साथ पूर्ण पारदर्शिता तथा “वन इंडिया वन गोल्ड रेट” नीति का लाभ मिलता है, जिससे पूरे देश में सोने की कीमत एक समान रहती है। ब्रांड सोने और माइन डायमंड्स पर 100 प्रतिशत एक्सचेंज मूल्य, निःशुल्क बीमा तथा आजीवन रखरखाव सेवा भी प्रदान करता है। इस लॉन्च के साथ, मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स स्थानीय खरीद व्यवहार के अनुरूप अपने रिटेल प्रारूप को ढालते हुए सभी बाजारों में समान गुणवत्ता मानकों और संरचित प्रक्रियाओं को बनाए रखता है। मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स के बारे में मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की स्थापना वर्ष 1993 में हुई थी और यह मलाबार ग्रुप की प्रमुख कंपनी है, जो एक अग्रणी विविधीकृत भारतीय व्यावसायिक समूह है। 7.36 बिलियन अमेरिकी डॉलर के वार्षिक कारोबार के साथ, कंपनी वर्तमान में वैश्विक स्तर पर 5वीं सबसे बड़ी ज्वेलरी रिटेलर के रूप में स्थान रखती है। यह 14 देशों में 420 से अधिक शोरूम संचालित करती है, जिन्हें भारत, मध्य पूर्व, सुदूर पूर्व, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में स्थित कार्यालयों, डिजाइन सेंटरों, थोक इकाइयों और विनिर्माण सुविधाओं का समर्थन प्राप्त है। 3,500 से अधिक शेयरधारकों के स्वामित्व वाले इस समूह में 26 से अधिक देशों के 30,000 से अधिक पेशेवर कार्यरत हैं। ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक एवं शासन) समूह की मूल प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसमें स्वास्थ्य, आवास, भूख उन्मूलन, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण प्रमुख फोकस क्षेत्र हैं। समूह अपने संचालन वाले प्रत्येक देश में सामाजिक उत्तरदायित्व पहलों के लिए अपने लाभ का पाँच प्रतिशत योगदान करता है।
India Vs Pakistan; ICC Women’s T20 World Cup 2026 Schedule Update

Hindi News Sports India Vs Pakistan; ICC Women’s T20 World Cup 2026 Schedule Update | Match Fixtures स्पोर्ट्स डेस्क3 घंटे पहले कॉपी लिंक न्यूजीलैंड विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप की मौजूदा चैंपियन है। टीम ने 2024 के फाइनल में साउथ अफ्रीका को 32 रन से हराया था। ICC ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस बार टूर्नामेंट में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी, जो अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा हैं। मेजबान इंग्लैंड 12 जून को टूर्नामेंट के उद्घाटन मुकाबले में श्रीलंका से खेलेगा। टूर्नामेंट का 10वां एडिशन 12 जून से 5 जुलाई तक खेला जाएगा। टीम इंडिया 14 जून को अपना अभियान इस टूर्नामेंट में शुरू करेगी। भारतीय टीम का पहला मुकाबला पाकिस्तान के साथ होगा। टीम इंडिया के ग्रुप में पाकिस्तान के अलावा ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, बांग्लादेश और नीदरलैंड भी मौजूद हैं। दोनों ग्रुप से टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी ICC ने 12 टीमों को 6-6 टीमों के 2 ग्रुप में बांटा है। इन दोनों ग्रुप की टॉप पर रहने वाली दो-दो टीमें सेमीफाइनल में क्वॉलिफाई करेंगी। ICC के सीईओ का बयान ICC के सीईओ संजोग गुप्ता ने कहा, विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का शेड्यूल जारी होना, इस ग्लोबल प्रीमियर स्पोर्टिंग इवेंट से पहले एक अहम पड़ाव है। यह इवेंट ICC के विमेंस क्रिकेट में लगातार इन्वेस्टमेंट का हिस्सा है, जिसमें ज्यादा भागीदारी और हाई-परफॉर्मेंस के तरीके, इवेंट और प्रोडक्शन स्टैंडर्ड, टूर्नामेंट प्राइज मनी, मीडिया डिस्ट्रीब्यूशन और कमर्शियल पार्टनरशिप शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम रही विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम रही है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक रिकॉर्ड छह बार खिताब अपने नाम किया है और कई बार फाइनल तक पहुंचकर अपनी बादशाहत साबित की है। इसके अलावा इंग्लैंड ने 2009 में पहला एडिशन जीतकर इतिहास रचा, जबकि वेस्टइंडीज ने 2016 में खिताब जीता था। ————————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
गर्मी में क्या आपका चेहरा भी हो जाता है ऑयली? आज से ही रूटीन में शामिल करें ये टिप्स, ब्यूटी एक्सपर्ट ने बताया

Last Updated:February 24, 2026, 17:16 IST Face Beauty Tips: गर्मी के मौसम में अगर आपका फेस भी ऑयली हो जाता है, तो कुछ उपाय आपके चेहरे को साफ रखेंगे और आपका चेहरा ग्लो करेगा. ब्यूटी एक्सपर्ट सविता मिश्रा लोकल 18 से बताती हैं कि हमें ऑयली त्वचा को ठीक रखने के लिए ऐसे फेस पैक का इस्तेमाल करना चाहिए, जो हमारी त्वचा के मॉइश्चराइजर को कम करें. सुल्तानपुर: सर्दी का मौसम जा रहा है और गर्मी के मौसम का आगमन हो रहा है. ऐसे में चेहरे की त्वचा पर ऑयली प्रभाव होने का अनुपात बढ़ जाता है. ऐसे में घर से बाहर निकलने पर धूल और धूप की वजह से हमारी त्वचा और भी ज्यादा खराब होने लगती है और ऑयली त्वचा होने की वजह से धूल के छोटे-छोटे कण हमारे चेहरे की त्वचा पर जम जाते हैं, जिससे चेहरे पर काफी नुकसान होने लगता है. अगर आपकी भी त्वचा ऑयली है और आपको इस तरह की समस्या हो रही है, तो आज एक्सपर्ट आपको कुछ ऐसे उपाय बताने वाले हैं, जिसके बारे में यदि जान लेते हैं, तो आने वाले गर्मी के मौसम में आपकी ऑयली त्वचा खत्म हो जाएगी और आपको किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हो पाएगा. करें यह उपाय ब्यूटी एक्सपर्ट सविता मिश्रा लोकल 18 से बताती हैं कि हमें ऑयली त्वचा को ठीक रखने के लिए ऐसे फेस पैक का इस्तेमाल करना चाहिए, जो हमारी त्वचा के मॉइश्चराइजर को कम करें. किसी भी फेस पैक का इस्तेमाल करने से पहले हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उस फेस पैक में मॉइश्चराइजर का रेशियो बहुत कम हो या फिर ना के बराबर हो. खासकर गर्मी के दिनों में चेहरे की त्वचा तेलीय रहती है, जिसकी वजह से उसमें धूल के कण चिपक जाते हैं और इससे हमारे चेहरे की त्वचा की सुंदरता कम होने लगती है. प्राकृतिक उपाय भी बेहतर फेस पैक के अलावा आप अपनी तेलीय त्वचा को गर्मी में ठीक करने के लिए प्राकृतिक उपाय भी कर सकते हैं. इसके लिए आपको एक लेप बनाना होगा. लेप में आपको मधु और बेसन का इस्तेमाल करना चाहिए. इसके साथ ही अगर आप चाहे तो आप इसमें कॉफी पाउडर भी मिला सकते हैं. इसमें आप मधु और बेसन का भी लेप लगा सकते हैं. इस तरह लगाएं लेप सविता मिश्रा आगे बताती हैं कि सबसे पहले अपने चेहरे के हिसाब से ऊपर दी गई सामग्रियों को एक कटोरा में लेकर अच्छे से मिला लें. उसके बाद उसे अपने चेहरे पर लगाएं. याद रखें कि लेप गाढ़ा होना चाहिए. जब लेप गाढ़ा और मोटा हो जाए, तो अपने फेस पर तब तक रखें, जब तक वह त्वचा की गर्मी से पूरी तरह सुख न जाए. जब वह सुख जाए, तब उसके बाद ठंडे पानी से चेहरे को अच्छे से धो लें. उसके बाद अपनी त्वचा को भाप दें. इससे आपकी त्वचा में जानदार निखार आएगी और आपका चेहरा खिलेगा और मुलायम हो जाएगा. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Sultanpur,Uttar Pradesh First Published : February 24, 2026, 17:16 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
Valsad Asaram Visit | Supporters Block Media, Cover Faces

वलसाड32 मिनट पहले कॉपी लिंक समर्थकों ने मीडियाकर्मियों को कैमरों को ढंकने की कोशिश की। दुष्कर्म के केस में आजीवन उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम मंगलवार को गुजरात के वलसाड पहुंचे। यहां वे अपने साधकों से घर-घर जाकर मुलाकत करने नजर आए। हालांकि, उनके समर्थकों ने मीडिया को इस कार्यक्रम को कवर करने से रोक दिया। कुछ लोगों ने मीडियाकर्मी का मोबाइल फोन छीनने की भी कोशिश की। हालांकि, समर्थकों ने मीडिया को कवरेज करने से क्यों रोका, इसका सही कारण पता नहीं चल पाया है। इस पूरी घटना को दिव्य भास्कर डिजिटल टीम ने कैमरे में कैद कर लिया। आसाराम ने सरदार हाइट्स बिल्डिंग, पालीहिल, प्रमुख पार्क, भाकगाडावाड़ा, रामजी मंदिर के पीछे, कोसंबा रणछोड़जी मंदिर इलाकों का दौरा कर साधकों से मुलाकात की।ॉ सरदार हाइट्स बिल्डिंग में साधकों से मुलाकात करते हुए आसाराम। समर्थकों ने मीडियाकर्मियों के कैमरों को रूमालों से ढंकने की कोशिश की। कुछ समर्थकों ने मीडियाकर्मियों को कार्यक्रम कवर करने से मना किया। कुछ समर्थकों ने कैमरे को अपनी कैप से ढंकने की भी कोशिश की। 6 महीने की जमानत मिली है रेप केस में सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट के बाद गुरुवार को गुजरात हाईकोर्ट से भी जमानत मिल गई। कोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर 6 महीने के लिए जमानत देते हुए सजा स्थगित कर दी है। गुजरात हाईकोर्ट में आज सुनवाई के दौरान आसाराम उर्फ आशुमल (86) के वकील देवदत्त कामत ने कोर्ट को बताया- आसाराम 13 साल से जेल में बंद है। हिरासत प्रमाण-पत्र के अनुसार उसने छूट सहित कुल 12 साल, 11 महीने और 27 दिन की सजा काट ली है। जबकि वास्तविक हिरासत अवधि 11 साल, 6 महीने और 3 दिन की है। राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के आधार पर दी जमानत वकीलों के पक्ष सुनने के बाद गुजरात हाईकोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के आधार पर आसाराम को 6 महीने की जमानत दी है। दोनों अदालतों ने उनकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति और उम्र को ध्यान में रखते हुए राहत प्रदान की है। आसाराम को पॉक्सो एक्ट के तहत विशेष न्यायालय, जोधपुर ने 25 अप्रैल 2018 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उस पर नाबालिग से रेप और अन्य संगीन आरोप थे। करीब 12 साल की कैद के बाद पहली बार 7 जनवरी 2025 को उसे मेडिकल कारणों से अंतरिम जमानत मिली थी। आसाराम 2 मामलों में गुनहगार जोधपुर कोर्ट: आसाराम को जोधपुर पुलिस ने इंदौर के आश्रम से साल 2013 में गिरफ्तार किया था। इसके बाद से आसाराम जेल में बंद था। पांच साल तक लंबी सुनवाई के बाद 25 अप्रैल 2018 को कोर्ट ने आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। गांधीनगर कोर्ट: आसाराम के खिलाफ गुजरात के गांधीनगर में आश्रम की एक महिला ने रेप का मामला दर्ज करवाया था। कोर्ट ने 31 जनवरी 2023 को इस मामले में आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। ———————— आसाराम का सूरत में भव्य स्वागत:ढोल-नगाड़ों से वेलकम, हाथों में दीपक लिए हजारों लोग सड़कों पर खड़े थे दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम शुक्रवार को 13 साल बाद सूरत पहुंचा। यहां आश्रम में अनुयायियों ने उनका ढोल-नगाड़ों से भव्य स्वागत किया। आश्रम में लोग हाथों में दीपक लेकर दर्शन के लिए खड़े हुए थे। आसाराम को हाल ही में स्वास्थ्य कारणों से गुजरात हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
कंगना रनोट मानहानि केस में 10 मार्च को सुनवाई:बठिंडा में वकीलों की हड़ताल के कारण बढ़ी तारीख, किसान आंदोलन से जुड़ा मामला

मंडी से सांसद कंगना रनोट के खिलाफ मानहानि मामले की अगली सुनवाई अब 10 मार्च को बठिंडा कोर्ट में होगी। बठिंडा कोर्ट में वकीलों की हड़ताल के कारण शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई नहीं हो सकी, जिसके चलते अगली तारीख तय की गई है। किसान महिला बेबे महिंदर कौर के वकील रघबीर सिंह बहनीवाल ने बताया कि अगली सुनवाई पर उनकी ओर से दो गवाह पेश किए जाएंगे, जिनमें एक किसान नेता भी शामिल होंगे। इसके साथ ही, कंगना रनोट के पासपोर्ट सरेंडर करने की अर्जी पर भी कोर्ट सुनवाई करेगा। किसान आंदोलन से जुड़ा है मामला वकील बहनीवाल ने कोर्ट में कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने यह भी बताया कि बेबे महिंदर कौर और उनका परिवार न्याय के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। बता दे कि यह मामला दिल्ली में कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन से जुड़ा है। किसान महिला ने दायर की थी याचिका उस दौरान, बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ जंडिया निवासी बेबे महिंदर कौर ने याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कंगना रनोट ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उनके खिलाफ एक पोस्ट डाली थी। कंगना रनौत ने कथित तौर पर अपनी पोस्ट में कहा था कि ऐसी महिलाएं धरने पर 100-100 रुपये लेकर आती हैं। मानहानि का मुकदमा दायर इसी टिप्पणी के बाद से बेबे महिंदर कौर ने मानहानि का मुकदमा दायर किया था। कुछ समय पहले कंगना रनोट ने सुप्रीम कोर्ट में इस केस को खत्म करने की अपील की थी, लेकिन शीर्ष कोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया था।
नारियल पानी बनाम गन्ने का रस: गर्म में नारियल का रस या नारियल का पानी, जानिए स्वास्थ्य के लिए कौन है असली सुपर ड्रिंक

नारियल पानी बनाम गन्ने का रस: गर्मियों में शरीर को ठंडा और सिलिकॉन रखना सबसे बड़ी जरूरत बन जाती है। ऐसे में दो ड्रिंक की सबसे ज्यादा चर्चा में रहती हैं, नारियल का पानी और फ़ार्मास्युटिकल का मसाला। एक तरफ नारियल पानी को सुपर ड्रिंक माना जाता है तो दूसरी तरफ सस्ता और आसानी से मिलने वाला पौधा का खाद्य पदार्थ लोगों की पहली पसंद बन जाता है। लेकिन सवाल यह है कि स्वास्थ्य की दृष्टि से समरसता में किसका पद सबसे ज्यादा बेहतर होता है। नारियल पानी इलेक्ट्रोलाइट्स का एक अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें मैग्नीशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम और मैग्नीज जैसी जरूरी चीजें मिलती हैं। डाइट पर हाई ब्लड प्लाज्मा हेल्प वाले लोगों के लिए यह मंत्रमुग्ध कर देने वाला काम है, क्योंकि डाइट पर हाई ब्लड वैलेंस को बाहर निकालने में मदद मिलती है। फ़ाइट नहीं होता और विटामिन सी की निगरानी इम्मिरत सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करती है। हालांकि जिन लोगों को लो बीपी की समस्या है उन्हें नारियल पानी का सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए। खेती का सामान भी समर में लोग खूब खरीदते हैं। इसमें ग्लूकोज़ और फ़्रॉटोज़ बॉडी को आवश्यक ऊर्जा दी जाती है। इसके अलावा इसमें कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, प्लांटर और विटामिन ए, बी कॉम्प्लेक्स और सी जैसे तत्व पाए जाते हैं। जिन लोगों को ये एनर्जी बूस्टर ड्रिंक पसंद नहीं है उनके लिए ये एनर्जी बूस्टर ड्रिंक की तरह काम कर सकता है। हालाँकि सड़क किनारे मिलने वाले ग्राहकों की साफ-सफाई पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। इलेक्ट्रोलाइट्स के मामले में क्या बेहतर है के माध्यम से शरीर से इलेक्ट्रोलाइट्स निकल जाते हैं जिससे कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है। नारियल पानी इलेक्ट्रोलाइट्स को नामांकित करने में मदद करता है। वहीं, इंदौर के फार्म हाउस भी मौजूद हैं लेकिन इलेक्ट्रोलाइट्स का स्तर नारियल पानी अधिक प्रभावशाली नहीं होता है। नारियल पानी का दावा सबसे अच्छा माना जाता है। फ़्यूचर के साबुत अनाज में शुगर की मात्रा अधिक होती है जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। इसका कारण इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी भी सबसे ज्यादा है। दूसरी तरफ नारियल पानी में शुगर की मात्रा कम होती है। जो लोग वजन नियंत्रण में रखते हैं नारियल पानी को सबसे अच्छा पद माना जाता है। फ़ार्मूला का उत्पाद कुछ लोगों को भारी लगता है क्योंकि इसमें शुगर की मात्रा अधिक होती है। वहीं नारियल पानी की परत और जल्दी पचने वाला भी होता है। डाइहाइड्रेशन, अपच या लू लीज जैसी स्थिति में नारियल का पानी अधिक हानिकारक माना जाता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)नारियल पानी के फायदे(टी)गन्ने के रस के फायदे(टी)ग्रीष्मकालीन पेय तुलना(टी)जलयोजन के लिए सबसे अच्छा पेय(टी)नारियल पानी बनाम गन्ने का रस(टी)स्वस्थ ग्रीष्मकालीन पेय पदार्थ(टी)वजन घटाने वाले पेय(टी)प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स
अमेरिका के न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर के टॉयलेट जाम:45 मिनट लाइन में लगना पड़ रहा, मरम्मत के लिए टेक्नीशियन और सैनिकों में झड़प

ईरान की तरफ बढ़ रहा अमेरिकी न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर USS जेराल्ड फोर्ड एक अलग ही संकट से जूझ रहा है। जहाज के ज्यादातर टॉयलेट जाम हो चुके हैं। इससे 4,500 से ज्यादा नौसैनिकों को रोज 45 मिनट तक लाइन में लगना पड़ रहा है। संकरी पाइपलाइन और वैक्यूम-बेस्ड सिस्टम की डिजाइन में खामी के चलते टॉयलेट बार-बार जाम हो रहे हैं। जहाज वैक्यूम-बेस्ड सीवेज सिस्टम पर चलता है, जिसमें एक वाल्व खराब होने से पूरे डिपार्टमेंट का टॉयलेट सिस्टम बंद हो जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेक्नीशियन और सैनिकों के बीच झड़प की भी खबर है, क्योंकि मरम्मत करने वाले इंजीनियर रोज लगभग 19 घंटे काम कर रहे हैं। पिछले साल मार्च में भी चार दिन में 205 टॉयलेट खराब होने की शिकायत सामने आई थी। एयरक्राफ्ट पर 600 से ज्यादा टॉयलेट मौजूद USS जेराल्ड फोर्ड 600 से ज्यादा मौजूद है, जो 10 अलग-अलग जोन में बंटे हैं। यह एयरक्राफ्ट कैरियर बीते आठ महीने से समुद्र में है, लगातार ऑपरेशनल मूवमेंट की वजह से रूटीन मेंटेनेंस नहीं हो पाया है। करीब 13 बिलियन डॉलर की लागत से बना यह युद्धपोत दुनिया का सबसे महंगा माना जाता है। इस एयरक्राफ्ट कैरियर को 2017 में कमीशन किया गया था। क्या है मुसीबत की वजह बना वैक्यूम-बेस्ड सिस्टम? सीवेज समस्या के पीछे जिस तकनीक का जिक्र हो रहा है, उसे वैक्यूम-बेस्ड VCHT सिस्टम कहा जाता है। यह आम घरों में इस्तेमाल होने वाले टॉयलेट सिस्टम से बिल्कुल अलग तरीके से काम करता है। VCHT का पूरा नाम वैक्यूम कलेक्शन, होल्डिंग एंड ट्रांसफर सिस्टम है। यह खास तरह का सीवेज मैनेजमेंट सिस्टम होता है, जो बड़े जहाजों और क्रूज शिप में लगाया जाता है। इसका मकसद कम पानी में टॉयलेट वेस्ट को इकट्ठा करना और सुरक्षित तरीके से स्टोर व ट्रांसफर करना होता है। कैसे काम करता है? घर के टॉयलेट में फ्लश करने पर पानी के दबाव और गुरुत्वाकर्षण (ग्रैविटी) से गंदगी नीचे सीवर में चली जाती है। लेकिन समुद्र में चलने वाले जहाजों पर ऐसा सिस्टम पूरी तरह कारगर नहीं होता VCHT सिस्टम में फ्लश दबाते ही पाइप में वैक्यूम (सक्शन) बनता है। यह सक्शन गंदगी को खींचकर पाइप के जरिए एक बड़े टैंक तक पहुंचा देता है। बाद में उस वेस्ट को प्रोसेस या डिस्पोज किया जाता है। इसे ऐसे समझें जैसे वैक्यूम क्लीनर धूल को खींच लेता है। यहां भी वही तकनीक टॉयलेट सिस्टम में लागू होती है। जहाजों में यह सिस्टम क्यों जरूरी? विमानवाहक पोत पर हजार से ज्यादा लोग महीनों तक समुद्र में रहते हैं। ऐसे में पानी सीमित होता है, जगह कम होती है। साथ ही पाइपलाइन सीधी नहीं, कई दिशा में जाती है। इसलिए कम पानी में काम करने वाला और लचीला सिस्टम लगाया जाता है। VCHT सिस्टम कम पानी में फ्लश कर देता है, जिससे पानी की बचत होती है। 2025 से समुद्र में तैनात है जेराल्ड आर. फोर्ड जेराल्ड आर. फोर्ड पिछले साल जून से लगातार समुद्र में तैनात है। आमतौर पर एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती नौ महीने की होती है, लेकिन सैन्य गतिविधि बढ़ने पर इसे बढ़ाया भी जाता है। फोर्ड परमाणु रिएक्टर से संचालित है और इसमें 75 से ज्यादा सैन्य विमान तैनात किए जा सकते हैं। इनमें एफ-18 सुपर हॉर्नेट फाइटर जेट और ई-2 हॉकआई जैसे अर्ली वार्निंग विमान शामिल हैं। इसमें अत्याधुनिक रडार सिस्टम भी लगा है, जो हवाई यातायात और नेविगेशन को नियंत्रित करने में मदद करता है। अमेरिका-ईरान में लगातार तनाव बढ़ रहा है अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तनाव बढ़ रहा है। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में 2003 के इराक युद्ध के बाद अपनी सबसे बड़ी एयर फोर्स तैनात की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में F-35, F-22, F-15 और F-16 जैसे एडवांस्ड फाइटर जेट्स की कई स्क्वॉड्रन तैनात की हैं। बड़े पैमाने पर एयर ऑपरेशन के लिए जरूरी कमांड एंड कंट्रोल एयरक्राफ्ट भी भेजे जा रहे हैं। हाल के हफ्तों में एयर डिफेंस सिस्टम भी इलाके में लगाए गए हैं अमेरिकी न्यूज एजेंसी एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर अमेरिका सैन्य कार्रवाई करता है तो यह कई हफ्तों तक चलने वाला बड़ा ऑपरेशन होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह ऑपरेशन पिछले महीने वेनेजुएला में हुई सीमित कार्रवाई से कहीं बड़ा होगा और संभव है कि इसे इजराइल के साथ मिलकर अंजाम दिया जाए। इसका निशाना ईरान का परमाणु और मिसाइल ढांचा हो सकता है। अरब सागर में USS अब्राहम लिंकन पहले से तैनात अमेरिकी जंगी जहाज USS अब्राहम लिंकन पहले से अरब सागर में तैनात है। ईरान के कई शहर इसकी स्ट्राइक रेंज में हैं। USS अब्राहम लिंकन पहले साउथ चाइना सी में तैनात था। 18 जनवरी को यह मलक्का स्ट्रेट पार कर हिंद महासागर में दाखिल हुआ। इसके अलावा अमेरिका ने USS थियोडोर रूजवेल्ट और कई मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत तैनात किए हैं। अमेरिका अब ईरान के परमाणु ठिकानों, सैन्य अड्डों व कमांड सेंटरों पर समुद्र और आसमान दोनों से हमले की स्थिति में आ गया है।
तकनीकी गड़बड़ी के कारण युद्धअभ्यास में शामिल नहीं हुआ तेजस:राजस्थान- सुखोई ने दुश्मनों का सप्लाई डिपो उड़ाया, 44 बम गिराए

राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर के पास जैसलमेर के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना के युद्ध अभ्यास ‘वायु शक्ति- 2026’ की फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। सबसे पहले सुखोई MKI 30 ने दुश्मन के रनवे और ठिकानों को तबाह किया। सुखोई ने दुश्मन के ठिकानों को टारगेट करते हुए 44 बम बरसाए। मिग-29 फाइटर जेट ने टैंकों का काफिला ध्वस्त किया। जैसे ही बम दुश्मनों के टारगेट पर गिरे, धूल का गुबार बन गया। वॉर जोन में आकाश मिसाइल ने टारगेट को हवा में ही उड़ा दिया। इसके साथ ही पहली बार सी-130 विमान रात में रनवे पर उतरा। गरुड़ कमांडो को लेकर वापस आया। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C- 295 एयरक्राफ्ट एसॉल्ट लैंडिंग की। वॉर जोन में प्रचंड हेलिकॉप्टर भी उतरे। आसमान में दो जगुआर ने सुदर्शन फॉर्मेशन दिखाकर टारगेट एरिया को अप्रोच किया। इस दौरान पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में ऑपरेशन सिंदूर की सर्जिकल स्ट्राइक को समझाया गया। इसमें बताया कि 73 फाइटर जेट देशभर के 8 एयरबेस से उड़ान भरी। युद्ध अभ्यास में तेजस फाइटर जेट को शामिल होना था, लेकिन शामिल नहीं हुआ। तेजस में तकनीकी गड़बड़ी की सूचना आई थी, इसके बाद से इस विमान को ग्राउंडेड करने की खबरें हैं। मुख्य आयोजन 27 फरवरी को होगा। इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि होंगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी मौजूद रहेंगे। देखिए, वायु शक्ति-2026 युद्धाभ्यास की PHOTOS… युद्ध अभ्यास से जुड़ी पल-पल की अपडेट के लिए ब्लॉग पढ़िए…
‘एक साथ काम करना’: नेतृत्व की खींचतान के बीच डीके शिवकुमार ने सतीश जारकीहोली के साथ विभाजन को पाट दिया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:24 फरवरी, 2026, 16:26 IST डिप्टी सीएम की टिप्पणियों का उद्देश्य आंतरिक कलह को शांत करना प्रतीत होता है, क्योंकि उन्होंने पार्टी के प्रति जारकीहोली के समर्पण की प्रशंसा की। कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार (छवि: न्यूज18) एक रणनीतिक कदम में, उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली से संपर्क किया है और अपने रिश्ते को “समान विचारधारा वाले वरिष्ठ नेताओं” में से एक बताया है, जो राज्य के राजनीतिक रोडमैप पर साप्ताहिक परामर्श करते हैं। मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए, शिवकुमार ने कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रहे नेतृत्व संघर्ष को संबोधित किया, इस बात पर जोर दिया कि वह और जारकीहोली, जो अक्सर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खेमे से जुड़े रहते हैं, सरकार की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। डिप्टी सीएम की टिप्पणियों का उद्देश्य आंतरिक घर्षण को शांत करना प्रतीत होता है, क्योंकि उन्होंने पार्टी के प्रति जारकीहोली के समर्पण की प्रशंसा की और कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में उनके दिनों से उनके लंबे समय से चले आ रहे सहयोग पर प्रकाश डाला। दलित मुख्यमंत्री की संभावना को लेकर मंत्री एचसी महादेवप्पा की टिप्पणी के बाद कर्नाटक में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शिवकुमार ने सुझाव दिया कि आलाकमान से संबंध रखने वाले एक वरिष्ठ नेता होने के नाते महादेवप्पा के पास नेतृत्व परिवर्तन के बारे में जानकारी हो सकती है जो उन्हें खुद अभी तक नहीं मिली है। दिल्ली को तत्काल तलब करने की अफवाहों को खारिज करते हुए, डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि राजधानी की उनकी आगामी यात्रा शहरी विकास परियोजनाओं के लिए 1 लाख करोड़ का अनुदान हासिल करने पर केंद्रित है। उन्होंने आगे कहा कि मंत्रियों और विधायकों को अनुशासित करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से मुख्यमंत्री की है, जबकि उनकी अपनी भूमिका पार्टी के मामलों को केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने पर केंद्रित है। कर्नाटक कैबिनेट के भविष्य पर स्पष्ट रूप से विचार करते हुए, शिवकुमार ने मंत्री पद की मांग करने वाले विधायकों की “नई पीढ़ी” के लिए समर्थन व्यक्त किया। पहली बार के विधायकों द्वारा प्रतिनिधित्व के लिए आलाकमान से याचिका दायर करने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने टिप्पणी की कि पार्टी के विकास के लिए ताजा खून और नए विचार आवश्यक हैं। शिवकुमार ने कहा, “हम हमेशा सत्ता पर काबिज नहीं रह सकते; मैं 36 साल तक मंत्री रहा हूं।” उन्होंने पुष्टि की कि वह आगामी कैबिनेट विस्तार में नए चेहरों को शामिल करने का समर्थन करते हैं। पहले प्रकाशित: 24 फरवरी, 2026, 16:26 IST समाचार राजनीति ‘एक साथ काम करना’: नेतृत्व की खींचतान के बीच डीके शिवकुमार ने सतीश जारकीहोली के साथ विभाजन को पाट दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व(टी)डीके शिवकुमार(टी)सतीश जारकीहोली(टी)कर्नाटक राजनीतिक रोडमैप(टी)कांग्रेस पार्टी की आंतरिक कलह(टी)दलित मुख्यमंत्री कर्नाटक(टी)कर्नाटक कैबिनेट विस्तार(टी)नई पीढ़ी के विधायक कर्नाटक









