North Korea’s mysterious ‘football diplomacy’, Women’s Asian Cup

Hindi News Sports North Korea’s Mysterious ‘football Diplomacy’, Women’s Asian Cup सिडनी/प्योंगयोंग1 घंटे पहले कॉपी लिंक सितंबर 2024 में नॉर्थ कोरिया की नेशनल महिला फुटबॉल टीम ने U-20 विमंस वर्ल्ड कप जीता था। – फाइल फोटो दुनिया के सबसे रहस्यमयी देशों में शुमार नॉर्थ कोरिया एक बार फिर सुर्खियों में है। एक मार्च से ऑस्ट्रेलिया में शुरू हो रहे विमंस एशियन कप में नॉर्थ कोरिया की महिला फुटबॉल टीम हिस्सा लेने जा रही है। लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से लगभग गायब रहने के 16 साल बाद वर्ल्ड नंबर-9 टीम टूर्नामेंट में उतर रही है। नॉर्थ कोरिया के महिला फुटबॉल की कहानी 1986 में शुरू हुई थी। कहा जाता है कि जब फीफा कांग्रेस में महिलाओं के लिए वर्ल्ड कप की मांग उठी, तो नॉर्थ कोरियाई प्रतिनिधियों ने इसे अपनी गिरती राजनीतिक साख को बचाने के एक मौके के तौर पर देखा। नॉर्थ कोरिया ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत महिलाओं के खेल में भारी निवेश किया। स्कूल पाठ्यक्रम में फुटबॉल कार्यक्रम जोड़े गए, सेना में महिला टीमें बनाई गईं और देशभर में फुटबॉल से जुड़ी फेसिलिटी तैयार की गईं। तत्कालीन नेता किम जोंग-इल (फुटबॉल प्रेमी) ने महिला फुटबॉल को ‘पॉलिटिकल प्रोपेगेंडा’ का जरिया बनाया। 2010 तक नॉर्थ कोरिया एशिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक थी। 2011 में टीम की रफ्तार पर तब ब्रेक लग गया, जब वर्ल्ड कप के दौरान पांच खिलाड़ी डोप टेस्ट में फेल हो गईं। तब नॉर्थ कोरिया ने अजीबोगरीब दलील दी थी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों पर बिजली गिरी थी, जिसके इलाज के लिए उन्हें ‘कस्तूरी मृग’ की ग्रंथियों से बनी प्राकृतिक दवा दी गई थी। फीफा ने इस दलील को खारिज कर टीम पर चार साल का प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद आर्थिक प्रतिबंधों, राजनीतिक अलगाव और कोरोना के कारण टीम गायब रही। हालांकि बैकग्राउंड में काम जारी रहा। 2013 में ‘प्योंगयोंग इंटरनेशनल फुटबॉल स्कूल’ खोला गया। नॉर्थ कोरिया की अंडर-17 और अंडर-20 टीमें मौजूदा वर्ल्ड चैम्पियन हैं। युवाओं के स्तर पर नॉर्थ कोरिया के पास रिकॉर्ड 14 खिताब हैं। महिला एशियन कप में उसकी वापसी अहम है। नॉर्थ कोरिया का शुरुआती मैच उज्बेकिस्तान से है। देखना दिलचस्प होगा कि युवा स्तर की सफलता सीनियर मंच पर कितनी प्रभावी साबित होती है। सफल खिलाड़ी ‘नेशनल हीरो’ थीं, इनाम में घर दिए जाते थे नॉर्थ कोरिया ने 2001 से 2008 के बीच तीन एशियन कप खिताब जीते। प्योंगयोंग के 1.5 लाख की क्षमता वाले स्टेडियम में महिला फुटबॉल मैच देखने भीड़ उमड़ती थी। सफल खिलाड़ियों को ‘नेशनल हीरो’ माना जाता। खिलाड़ियों को सफलता के बदले अपार्टमेंट और राजधानी में रहने का अवसर मिलता था, जहां जीवन स्तर ग्रामीण इलाकों से बेहतर माना जाता है। सरकार ने डाक टिकट, पोस्टर और टीवी धारावाहिकों के जरिए महिला फुटबॉल को राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में पेश किया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Vijay Rashmika Wedding Functions Photos; Vijay Deverakonda Rashmika Mandanna

साउथ इंडियन फिल्मों के एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी की रस्में मंगलवार से शुरू हो गईं। दो दिन बाद यानी 26 फरवरी को शादी होगी। उदयपुर के होटल ‘मोमेंटोस एकाया’ में दूल्हा और दुल्हन के परिवार के अलावा मेहमान पहुंच चुके हैं। . दूल्हा और दुल्हन ने मंगलवार को होटल में अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट मैच खेला, जिसे ‘VIROSH प्रीमियर लीग’ नाम दिया गया। इसकी फोटो भी दोनों ने अपने इंस्टा स्टोरी पर शेयर की। सोशल मीडिया पर फैन्स भी इनकी शादी को लेकर काफी क्रेजी हैं। फैन्स ने इस शादी को ‘वेडिंग ऑफ VIROSH’ नाम दिया है। विजय-रश्मिका अपने परिवार के साथ 23 फरवरी की सुबह होटल पहुंच गए थे। दूल्हा और दुल्हन ने दोस्तों के साथ खेला क्रिकेट ‘मोमेंटोस एकाया’ होटल में आज दूल्हा-दुल्हन ने दोस्तों के साथ क्रिकेट मैच खेला। दूल्हा-दुल्हन की टीम आमने-सामने रही। ये फोटो विजय ने शेयर की है। जिस पर ‘VIROSH प्रीमियर लीग’ लिखा है। दूल्हन रश्मिका मंदाना ने क्रिकेट मैच की फोटो इंस्टा स्टोरी पर लगाई है। हालांकि उन्होंने एक ब्लर इमेज शेयर की है। वहीं मैदान पर एक छोटा सा झंडा लगा है। एक दिन पहले प्री-वेडिंग पार्टी इससे पहले सोमवार शाम को विजय ने प्री-वेडिंग पार्टी की थी। विजय ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर पूल पार्टी की दो फोटो शेयर की। पूल में व्हाइट बीयर पोंग राफ्ट और वॉलीबॉल नेट दिख रहे हैं। विजय ने अपने दोस्तों और परिवार के साथ पूल में वॉलीबॉल खेला। वहीं रश्मिका ने भी प्री-वेडिंग डिनर की फोटो शेयर की है। डिनर टेबल पर पिंक-ग्रीन थीम पर पिंक टयूलिप्स और सफेद फूलों से सजावट है। ग्रीन सेब और अंगूर भी रखे हुए हैं। पूल पार्टी और कोजी डिनर की PHOTOS विजय देवरकोंडा ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर दो फोटो अपने फैन्स के साथ शेयर किए। ये फोटो प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन का है, जिसमें उन्होंने पूल पार्टी की। विजय एक फोटो में स्विमिंग पूल में अपने दोस्तों के साथ वॉलीबॉल खेलते नजर आए है। इस फोटो को रश्मिका मंदाना ने अपने इंस्टा अकाउंट पर शेयर किया है। ये फोटो प्री-वेडिंग डिनर का है। टेबल को पिंक-ग्रीन थीम पर डेकोरेट किया गया। होटल स्टाफ, गेस्ट शादी की रिकॉर्डिंग नहीं कर सकेंगे वेडिंग को लेकर होटल के बाहर से लेकर अंदर तक सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है। सिक्योरिटी में निजी बाउंसर्स और पुलिसकर्मी शामिल है। दोनों परिवार के करीब 200 मेहमान शादी में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। होटल स्टाफ से लेकर गेस्ट शादी की फोटो और रिकॉर्डिंग न कर सकें, इसके लिए मोबाइल कैमरे पर खास तरह का टैप लगाया गया है। कैमरा और अन्य रिकॉर्डिंग डिवाइज भी अलाउ नहीं है। साउथ के मशहूर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के बेटे हैं विजय दूल्हा साउथ स्टार विजय देवरकोंडा फिल्मी बैकग्राउंड से आते हैं। उनके पिता पिता देवरकोंडा गोवर्धन साउथ सिनेमा के एक मशहूर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हैं। उन्होंने अपने बेटे के साथ मिलकर 2021 में रिलीज हुई फिल्म ‘पुष्पक विमानम’ को प्रोड्यूस किया था। इसके अलावा उन्होंने कई टीवी शोज का निर्देशन किया है। मां का नाम माधवी देवरकोंडा और छोटे भाई का नाम आनंद देवरकोंडा है। आनंद भी तेलुगु सिनेमा के उभरते सितारों में से है। वहीं रश्मिका नॉन फिल्मी बैकग्राउंड से है। रश्मिका के पिता मदन मंदाना बिजनेसमैन हैं। उनकी दो बहनें सुमन और शिमान हैं। रश्मिका ने फिल्म गुडबाय से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। एनिमल, छावा, पुष्पा और ब्लॉकबस्ब्र मूवी में काम किया है। — विजय-रश्मिका की शादी से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए- अरावली की वादियों में होगी रश्मिका-विजय की शादी:उदयपुर में झील किनारे होटल के हर सुईट में प्राइवेट स्विमिंग पूल; जानिए- क्या है खासियत साउथ इंडियन फिल्मों के एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी के फंक्शन आज यानी मंगलवार से शुरू हो जाएंगे। (पढ़िए पूरी खबर)
Amitabh Bachchan Excited to Reunite with Kamal Haasan for Kalki 2898 AD

6 घंटे पहले कॉपी लिंक अमिताभ बच्चन ने रविवार को अपनी अपकमिंग फिल्म ‘कल्कि 2’ के सेट से बिहाइंड द सीन (BTS) तस्वीरें शेयर कीं और बताया कि वह हैदराबाद में शूटिंग कर रहे हैं। उन्होंने करीब 40 साल बाद कमल हासन के साथ दोबारा काम करने को लेकर उत्साह जताया। दोनों आखिरी बार 1985 की फिल्म ‘गिरफ्तार’ में साथ नजर आए थे। बता दें कि फिल्म ‘कल्कि 2898 AD’ में अमिताभ बच्चन और कमल हासन दोनों कलाकारों ने अभिनय तो किया था, लेकिन वे एक भी सीन में एक साथ नजर नहीं आए। दरअसल, अमिताभ बच्चन इन दिनों हैदराबाद में फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ के सीक्वल की शूटिंग कर रहे हैं। उन्होंने अपने ब्लॉग पर सेट से कुछ तस्वीरें शेयर कीं। फोटोज में वह अपने किरदार अश्वत्थामा के लुक में नजर आ रहे हैं, जिसमें उनके चेहरे पर प्रोस्थेटिक मेकअप दिख रहा है। उन्होंने कमल हासन के साथ भी तस्वीर पोस्ट की। फोटो में दोनों एक-दूसरे को गले लगाते और बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर शेयर करते हुए अमिताभ ने लिखा, “महान कमल हासन से मिलना… लंबे समय बाद साथ काम करेंगे… आखिरी बार गिरफ्तार में साथ थे।” अमिताभ बच्चन ने फैंस से मांगी माफी फिल्म की शूटिंग के चलते अमिताभ बच्चन इस रविवार अपने फैंस से नहीं मिल पाए। इसे लेकर उन्होंने लिखा, “उन्हें बताया कि इस रविवार मैं नहीं आ पाऊंगा, क्योंकि हैदराबाद में शूटिंग है… लेकिन फिर भी वे पुष्टि करने आ गए… माफी चाहता हूं, काम पहले, बाकी सब बाद में।” उन्होंने आगे लिखा कि ‘कल्कि 2’ की शुरुआत हो चुकी है और वह रविवार को मिलने वाले प्यार और स्नेह को संजोकर रखेंगे। अमिताभ बच्चन ने अपने घर के बाहर खड़े फैंस की तस्वीरें भी शेयर कीं। कल्कि 2898 AD के लिए अमिताभ को फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला फिल्म कल्कि 2898 AD 27 जून 2024 को रिलीज हुई थी। इसने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल करते हुए दुनियाभर में ₹1,000 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी। वहीं, हाल ही में फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ (तेलुगु) 2026 में फिल्म ने दो अवॉर्ड्स जीते, बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर (मेल) का अवॉर्ड अमिताभ बच्चन ने जीता। बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन का अवॉर्ड नितिन जियानी चौधरी को मिला। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
पाक आतंकी संगठन चैटजीपीटी, क्लाउड-जैमिनी के खिलाफ:जैश-लश्कर ने मदरसों में AI इस्तेमाल के विरुद्ध फतवा जारी किया; कहा- इस्लाम की उदारवादी व्याख्या पसंद नहीं, छात्र मौलवियों से ही सवाल पूछें

पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा ने अपने लगभग 5 हजार मदरसों में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) टूल्स के खिलाफ फतवा जारी किया है। यहां पर लगभग 12 लाख छात्र पढ़ते हैं। दरअसल, ये एआई टूल्स जैसे चैटजीपीटी, क्लाउड, जैमिनी और ग्रोक इस्लाम धर्म से जुड़े सवालों के उदारवादी जवाब दे रहे थे। जबकि इन मदरसों में मौलवियों द्वारा धर्म की कट्टरपंथी व्याख्या छात्रों को बताई जाती है, जो कुरान अथवा हदीस के अनुरूप नहीं होती है। जबकि एआई टूल्स अपने डेटाबेस के इनपुट से सही व्याख्या कर छात्रों को बता रहा है। जैश और लश्कर ने अपने नए आदेश में छात्रों को कहा है कि वे मौलवियों से क्लास में धर्म से जुड़े सवाल व्यक्तिगत रूप से पूछें। मोबाइल पर एआई टूल्स का उपयोग नहीं किया जाए। कैसे काम करते हैं मदरसे पाक में एलीमेंटरी एजुकेशन काफी हद तक मदरसों पर आधारित हैं। देवबंदी सिलसिले से जुड़े जैश-लश्कर के ये मदरसे इससे जुड़ी मस्जिदों से मिलने वाले फंड से संचालित होते हैं। नियंत्रण की हकीकत क्या पाक में मदरसा बोर्ड और वक्फ बोर्ड भी है, पर इनकी असल कमान खुफिया एजेंसी आईएसआई के पास होती है। मदरसों में ब्रेनवॉश कुछ छात्र आईएसआई के लिए भारत के खिलाफ आतंकी करतूतों के लिए रंगरूट साबित होते हैं। पीओके के मुज्जफराबाद और नीलम घाटी से जैश इन छात्रों को भारत में लॉन्च करती है। खाड़ी के देश सऊदी अरब सहित खाड़ी के अन्य इस्लामी देशों में इस्लामी यूनिवर्सिटीज-कॉलेज में धार्मिक तालीम के लिए अपने एआई टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है। ये सॉफ्टवेयर इन देशों ने अपने स्तर पर विकसित किए हुए हैं। ऑपरेशन सिंदूर में तबाह बहावलपुर मदरसे में लौटा मसूद ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय हमले में तबाह हुए जैश के बहावलपुर मुख्यालय के मदरसे में जनवरी में मरम्मत पूरी होने के बाद छात्र लौट आए हैं। यहां पर नियमित कक्षाएं शुरू हो गई हैं। पाक सरकार और आर्मी ने फंड जारी किया था। सूत्रों के अनुसार जैश का सरगना मौलाना मसूद अजहर इन दिनों रावलपिंडी के आईएसआई सेफ हाउस से निकलकर बहावलपुर मदरसे में रह रहा है।
बैतूल से 7 साल का मासूम लापता:एक महीने बाद भी नहीं मिला सुराग, पुलिस और SDRF की तलाश जारी

बैतूल जिले के भैंसदेही थाना क्षेत्र स्थित चिल्कापुर गांव से 7 वर्षीय खुश माथनकर पिछले एक महीने से लापता है। 18 जनवरी को घर से बकरी लेने निकला खुश वापस नहीं लौटा। पुलिस और SDRF की टीमें लगातार उसकी तलाश कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। खुश 18 जनवरी की शाम को स्कूल से घर लौटा था। उसने अपनी दादी को बताया कि वह बकरी लेने जा रहा है और घर से निकल गया। रास्ते में उसने अपने दोस्तों से भी यही बात कही थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। शाम तक जब खुश नहीं लौटा, तो परिजनों और ग्रामीणों ने पूरी रात उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। 19 जनवरी को परिजनों ने भैंसदेही पुलिस थाने में खुश की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। तब से पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) कमला जोशी ने बताया कि SDRF की टीम ने पांच दिनों तक इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। पुलिस ने आसपास के जिलों में खुश के पोस्टर लगाए हैं। अनाथालयों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों पर भी बच्चे की तस्वीरें वितरित की गई हैं। संदिग्धों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है और महाराष्ट्र पुलिस की सहायता भी ली गई है। इन सभी प्रयासों के बावजूद, खुश का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। क्षेत्र में फैल रही बच्चा चोरी की अफवाहें इस घटना के बाद क्षेत्र में बच्चा चोरी की अफवाहें फैल गई हैं। इसके चलते लोग अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बच रहे हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और बच्चे के बारे में कोई भी ठोस जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।
Mehsana Youth Suicide | CCTV Shows Youth Jumping Under Trailer In Gujarat

Hindi News National Mehsana Youth Suicide | CCTV Shows Youth Jumping Under Trailer In Gujarat मेहसाणा (गुजरात)57 मिनट पहले कॉपी लिंक उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के रहने वाला था मृतक सत्यपाल बाबूराम। गुजरात के मेहसाणा शहर में 18 फरवरी की रात सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई थी। अब इस मामले में खुलासा हुआ है कि यह हादसा नहीं, बल्कि सुसाइड का मामला था। इसका इस सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें युवक को खुद ही ट्रेलर के नीचे कूदते देखा जा सकता है। सीसीटीवी की विस्तृत जांच के बाद मेहसाणा बी डिवीजन पुलिस ने इसे सुसाइड का मामला दर्ज किया है। मृतक युवक की पहचान उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के रहने वाले सत्यपाल बाबूराम के रूप में हुई है। हालांकि, अब तक सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल सका है। युवक के सुसाइड के 3 फोटो… सड़क के बीचोंबी से गुजरता हुआ सत्यपाल बाबूराम। दौड़कर एक ट्रेलर के पहियों के बीच छलांग लगा दी। ट्रेलर युवक को करीब 5 फीट तक घसीटते हुए ले गए,जिससे कमर के टुकड़े-टुकड़े हो गए। मेहसाणा बी डिवीजन पुलिस थाने से मिली जानकारी के मुताबिक, यूपी के बदायूं का रहने वाला सत्यपाल बाबूराम बुधवार की रात (18 फरवरी) राधनपुर चौराहे के पास से गुजर रहा था। उसी दौरान सड़क पर गुजर रहे एक ट्रेलर के टायरों के नीचे कुचलकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलते ही बी डिवीजन पुलिस ने जांच शुरू की। तीन दिन पुलिस को इसका सीसीटीवी फुटेज मिला। फुटेज की जांच में पता चला कि सत्यपाल किसी दुर्घटना का शिकार नहीं हुआ था, बल्कि वह सुसाइड करने के इरादे से ही दौड़कर ट्रेलर के टायरों के नीचे कूद गया था। टायर उसके ऊपर से गुजरे और करीब पांच फीट तक उसके शरीर को घसीटते हुए ले गए, जिससे उसकी कमर के टुकड़े-टुकड़े हो गए। इस सबूत के आधार पर पुलिस ने अब इस मामले को दुर्घटना के बजाय आत्महत्या करार दिया है। ———————————– गुजरात में हुए दो ऐसे सुसाइड केस के बारे में पढ़ें… ट्रक के करीब आने का ही कर रहा था इंतजार, 16 दिन में दूसरा मामला…VIDEO गुजरात में ट्रक के नीचे आकर आत्महत्या करने के 16 दिन में 2 केस सामने आ चुके हैं। अहमदाबाद के बाद दूसरा मामला 14 जुलाई को सूरत में सामने आया है। पहले इसे हादसा बताया जा रहा था, लेकिन पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि युवक हादसे का शिकार नहीं हुआ था, बल्कि उसने आत्महत्या की थी। पूरी खबर पढ़ें… अहमदाबाद में ट्रक के नीचे आकर युवक का सुसाइड:ट्रक के चलने का ही कर रहा था इंतजार गुजरात के अहमदाबाद शहर में एक युवक ने बुधवार सुबह ट्रक के नीचे कूदकर सुसाइड कर लिया। युवक ट्रक के पास खड़े होकर उसके चलने का ही इंतजार कर रहा था। जैसे ही ट्रक आगे बढ़ा। उसके नीचे लेट गया और तीन-चार सेकेंड में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज आगे की जांच शुरू कर दी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
अस्थमा का इलाज: अस्थमा को कैसे नियंत्रित करें? जानें क्या प्रभावी है और क्या नहीं

अस्थमा का इलाज: सांस या दमा सांस से जुड़ी एक गंभीर स्थिति है, जिसमें सांस वाली नली में सूजन आ जाती है। इससे सांस में सांस लेना, छाती में जकड़न और बार-बार खांसी आना जैसी स्थिति होती है। हालाँकि बाबा को पूरी तरह से “जड़ से ख़त्म” करना चिकित्सा विज्ञान में प्रयोग किया जाता है, लेकिन सही नैतिकता, योग और खान-पान के माध्यम से इसे पूरी तरह से नियंत्रित रखा जा सकता है। अब ऐसे में बाबा के बच्चों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और क्या स्वस्थ और खाने से परहेज करना चाहिए? इसके बारे में इस लेख में विस्तार से जानते हैं। लड़कियों को क्या खाना चाहिए? बबुआ के दिन नौकरी को किन से अनिच्छुक होना चाहिए? (टैग्सटूट्रांसलेट)अस्थमा को हमेशा के लिए कैसे ठीक करें(टी)अस्थमा खांसी को कैसे ठीक करें(टी)अस्थमा का कारण क्या है(टी)इनहेलर के बिना अस्थमा से कैसे राहत पाएं(टी)क्या अस्थमा ठीक हो सकता है(टी)मैं अपने अस्थमा को कैसे नियंत्रित कर सकता हूं(टी)अस्थमा खांसी(टी)अस्थमा के लक्षण
मुंबई में ‘सुबेदार’ ट्रेलर लॉन्च इवेंट:अनिल कपूर बोले- घर में कोई मेरा फैन नहीं, ‘धमाल 4’ से बाहर रहने पर भी कसा तंज

मुंबई में सोमवार को आयोजित फिल्म सुबेदार के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में अनिल कपूर ने शूटिंग अनुभव शेयर किए और साथ ही मजाक में कहा कि उनके घर में कोई भी उनका फैन नहीं है। ट्रेलर लॉन्च इवेंट में अनिल कपूर ने बताया कि जब वह घर से इवेंट के लिए निकल रहे थे, तो उनकी पत्नी सुनीता कपूर ने उनसे पूछा कि वे कहां जा रहे हैं। जब उन्होंने ट्रेलर लॉन्च की बात कही तो सुनीता ने दोबारा पूछा कि कौन सी फिल्म और कहां इवेंट है। उन्होंने यह भी कहा कि आज भी शूटिंग पर जाने से पहले उन्हें पत्नी से 10 से 15 हजार रुपए पॉकेट मनी लेनी पड़ती है। देखें ट्रेलर लॉन्च इवेंट की तस्वीरे मेरे सभी फिल्म मेकर्स के साथ अच्छा रिश्ता: अनिल इवेंट के दौरान अनिल कपूर ने यह भी कहा, “मेरे सभी फिल्म मेकर्स के साथ मेरा बहुत अच्छा रिश्ता है। ऐसा कोई डायरेक्टर नहीं है जिसके साथ मैंने काम किया हो और वह मेरा दोस्त न हो। चाहे सुभाष घई हों, एन. चंद्रा हों या विधु विनोद चोपड़ा। वे मुझसे कहते हैं, ‘क्या चल रहा है? चलो, एक फिल्म करते हैं!’ मैंने इंद्र कुमार को फोन किया और मजाक में कहा, ‘क्या इंदु, तुमने धमााल 4 में मुझे नहीं लिया। कोई बात नहीं, क्या अजय देवगन ने मना कर दिया था?’” एक्ट्रेसेस के साथ रिश्तों पर क्या बोले अनिल कपूर ट्रेलर लॉन्च के दौरान अनिल कपूर से पूछा गया कि उनकी पुरानी हीरोइनों के साथ अब कैसा रिश्ता है। इस पर उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया कि आजकल कोई भी हीरोइन उनके साथ काम करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने मजाक में कहा कि सबको अब यंग एक्टर्स के साथ काम करना है। यहां तक कि सीनियर एक्ट्रेसेस भी उनके साथ फिल्म करने को तैयार नहीं हैं। आखिर में उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि आप लोग ही उनकी सिफारिश कर दीजिए। बता दें कि फिल्म सुबेदार में अनिल कपूर लीड रोल में नजर आएंगे। उनके साथ राधिका मदान, मोना सिंह, सौरभ शुक्ला, आदित्य रावल, फैसल मलिक और खुशबू सुंदर अहम भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म 5 मार्च 2026 को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी। फिल्म का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी ने किया है। कहानी गैरकानूनी रेत खनन और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष पर आधारित है। अनिल कपूर फिल्म में रिटायर्ड फौजी सुबेदार अर्जुन मौर्य की भूमिका निभा रहे हैं। इवेंट के दौरान अनिल कपूर ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग लोकेशन्स पर इंटेंस सीन शूट किए। फिल्म को अबुंदंतिया एंटरटेनमेंट, ओपनिंग इमेज फिल्म्स और अनिल कपूर फिल्म एंड कम्युनिकेशन नेटवर्क ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में उपलब्ध होगी।
China Nuclear weapons Test Vs US; Donald Trump Xi Jinping

वॉशिंगटन डीसी1 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिका और चीन के बीच परमाणु हथियारों को लेकर तनाव फिर से बढ़ गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि चीन ने छह साल पहले 2020 में एक सीक्रेट न्यूक्लियर टेस्ट किया था। अमेरिकी विदेश विभाग के सहायक सचिव क्रिस्टोफर येव ने सोमवार को कहा कि 22 जून 2020 को चीन के पश्चिमी इलाके में स्थित लोप नूर में अंडरग्राउंड न्यूक्लियर टेस्ट सेंटर पर एक विस्फोट हुआ था। यह विस्फोट 2.75 तीव्रता का था, जिसकी जानकारी पड़ोसी देश कजाकिस्तान के स्टेशन से मिली। येव ने इसे एक परमाणु विस्फोट बताया। उन्होंने कहा कि भूंकप माइनिंग विस्फोट से अलग थे। यह एक सिंगल फायर एक्सप्लोजन की तरह था, जो परमाणु परीक्षण की निशानी है। येव ने कहा कि चीन ने जानबूझकर अपनी परमाणु ताकत बढ़ाई है। उन्होने बताया कि 2020 से अब तक चीन के परमाणु हथियार 200 से बढ़कर 600 से ज्यादा हो गए हैं। अनुमान है कि 2030 तक यह संख्या 1,000 से ऊपर पहुंच जाएगी। अमेरिकी विदेश विभाग के सहायक सचिव क्रिस्टोफर येव जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र समर्थित परमाणु सम्मेलन में अपनी बात रखते हुए। अमेरिका का दावा- चीन अपने परमाणु जखीरे का विस्तार कर रहा यह दावा ऐसे समय में आया है जब इस महीने अमेरिका और रूस के बीच का आखिरी बड़ा परमाणु समझौता न्यू स्टार्ट संधि खत्म हो गया है। इस संधि के खत्म होने के साथ ही दुनिया की दो सबसे बड़ी परमाणु शक्तियों के हथियारों पर लगी सीमाएं हट गई हैं, जिससे नए न्यूक्लियर हथियारों की दौड़ की आशंका बढ़ गई है। अमेरिका अब चीन और रूस से पारदर्शिता और खतरनाक हथियारों को सीमित करने की मांग कर रहा है, जबकि चीन इन आरोपों को बेबुनियाद बता रहा है। येव ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र समर्थित निरस्त्रीकरण (हथियारों का त्याग) कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि न्यू स्टार्ट समझौते की सबसे बड़ी कमी यह थी कि इसमें चीन के तेजी से बढ़ते और गोपनीय परमाणु कार्यक्रम को शामिल नहीं किया गया। अमेरिका, रूस और चीन के बीच तीन तरफा समझौता चाहते हैं ट्रम्प पिछले कुछ सालों में परमाणु हथियारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई विवाद हुए हैं। 2010 में अमेरिका और रूस ने न्यू स्टार्ट संधि पर हस्ताक्षर किए थे, जो दोनों देशों के रणनीतिक परमाणु हथियारों की संख्या को सीमित करती थी। इस संधि के तहत दोनों देशों को अपने परमाणु वारहेड्स को 1,550 तक सीमित रखना था और मिसाइलों और बॉम्बर्स की संख्या पर भी पाबंदी थी। इस संधि में रूस के गैर-रणनीतिक परमाणु हथियारों, जैसे छोटी दूरी के हथियारों को शामिल नहीं किया गया था। ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल में अमेरिका, रूस और चीन के बीच तीन तरफा परमाणु समझौते की कोशिश की थी, लेकिन यह असफल रही। ट्रम्प ने 2020 में अमेरिका के परमाणु परीक्षण फिर से शुरू करने की बात भी कही थी, हालांकि बाद में स्पष्ट किया गया कि इसमें विस्फोटक परीक्षण नहीं होंगे। 1992 के बाद अमेरिका ने कोई परमाणु परीक्षण नहीं किया है। चीन का आरोप- अमेरिका खुद परीक्षण शुरू करना चाहता चीन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सम्मेलन में चीन के राजदूत जियान शेन ने कहा कि अमेरिका के दावे पूरी तरह झूठे हैं। यह अमेरिका का बहाना है ताकि वह खुद परीक्षण शुरू कर सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि चीन ने हमेशा परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (CTBT) का पालन किया है और पांच परमाणु शक्तियों (अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन) की प्रतिबद्धता के मुताबिक कोई परीक्षण नहीं किया। चीन का कहना है कि उसका परमाणु भंडार अमेरिका या रूस जितना बड़ा नहीं है, इसलिए तीन तरफा वार्ता की मांग गलत है। उन्होंने बताया कि चीन की रणनीतिक स्थिति अलग है और वह केवल रक्षा के लिए परमाणु हथियार रखता है। वॉशिंगटन में कार्नेगी एंडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के विशेषज्ञ टोंग झाओ ने कहा कि अगर चीन ने सच में परीक्षण किया तो उसकी जिम्मेदार परमाणु शक्ति वाली छवि खराब हो सकती है और अमेरिका को परीक्षण बहाल करने का मौका मिल सकता है। दूसरे देशों पर दबाव बना रहे ट्रम्प अमेरिका अब इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा रहा है। येव ने सम्मेलन में दूसरे देशों चीन और रूस पर बहुपक्षीय बातचीत में शामिल होने के लिए दबाव डालने के लिए कहा है। अमेरिका ने रूस और चीन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की है और फ्रांस, ब्रिटेन जैसे सहयोगियों के साथ चर्चा जारी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका दुनिया में कम परमाणु हथियार चाहता है, लेकिन चीन और रूस की वृद्धि को देखते हुए चुप नहीं बैठेगा। यह पूरा मामला वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। अगर परमाणु परीक्षण फिर शुरू हुए तो हथियार दौड़ और तेज हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शिता और बातचीत से ही इस समस्या का समाधान निकल सकता है। परमाणु हथियारों की टेस्टिंग का आदेश दे चुके ट्रम्प ट्रम्प खुद भी साल 2025 के अंत में रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) को परमाणु हथियारों की तुरंत टेस्टिंग शुरू करने का आदेश दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह टेस्टिंग चीन और रूस के बराबर होनी चाहिए। अमेरिका ने आखिरी बार 23 सितंबर 1992 को परमाणु परीक्षण किया था। यह अमेरिका की 1,030वीं टेस्टिंग थी। टेस्टिंग रेनियर मेसा पहाड़ी के 2300 फीट नीचे नेवादा टेस्ट साइट पर की गई, ताकि रेडिएशन बाहर न फैले। इसका कोडनेम था- डिवाइडर। विस्फोट जमीन के नीचे इतनी जोर से हुआ कि नीचे की चट्टानें पिघल गई थीं। जमीन की सतह लगभग 1 फुट ऊपर उठकर फिर धंस गई। वहां अभी भी 150 मीटर चौड़ा और 10 मीटर गहरा गड्ढ़ा दिखाई देता है। चीन हर साल 100 नए परमाणु हथियार बना रहा दुनिया के 9 परमाणु हथियार संपन्न देश अपनी न्यूक्लियर ताकत लगातार बढ़ा रहे हैं। सबसे तेज रफ्तार से यह काम चीन कर रहा है, जिसने हर साल औसतन 100 नए वॉरहेड अपने जखीरे में जोड़े हैं। अब उसके पास कम से कम 600 परमाणु वॉरहेड हो चुके हैं। ये जानकारी स्वीडन स्थित थिंक टैंक SIPRI (स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट) की ताजा रिपोर्ट में दी गई है। SIPRI की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया
China Nuclear Arms Race | US Claims Secret 2020 Test

वॉशिंगटन डीसी2 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका और चीन के बीच परमाणु हथियारों को लेकर तनाव फिर से बढ़ गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने चीन पर आरोप लगाया है कि उसने लगभग छह साल पहले एक सीक्रेट न्यूक्लियर टेस्ट किया था। अमेरिकी विदेश विभाग के सहायक सचिव क्रिस्टोफर येव ने सोमवार को कहा कि लगभग छह साल पहले, 22 जून 2020 को चीन के पश्चिमी इलाके में स्थित लोप नूर में अंडरग्राउंड न्यूक्लियर टेस्ट सेंटर पर एक विस्फोट हुआ था। यह विस्फोट 2.75 तीव्रता का था, जिसकी जानकारी पड़ोसी देश कजाकिस्तान के स्टेशन से मिली। येव ने इसे एक परमाणु विस्फोट बताया। उन्होंने कहा कि भूंकप माइनिंग विस्फोट से अलग थे। यह एक सिंगल फायर एक्सप्लोजन की तरह था, जो परमाणु परीक्षण की निशानी है। येव ने कहा कि चीन ने जानबूझकर अपनी परमाणु ताकत बढ़ाई है। उन्होने बताया कि 2020 से अब तक चीन के परमाणु हथियार 200 से बढ़कर 600 से ज्यादा हो गए हैं। अनुमान है कि 2030 तक यह संख्या 1,000 से ऊपर पहुंच जाएगी और अगले 4-5 सालों में चीन अमेरिका के बराबर हो सकता है। अमेरिकी विदेश विभाग के सहायक सचिव क्रिस्टोफर येव जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र समर्थित परमाणु सम्मेलन में अपनी बात रखते हुए। अमेरिका का दावा- चीन अपने परमाणु जखीरे का विस्तार कर रहा यह दावा ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और रूस के बीच का आखिरी बड़ा परमाणु समझौता, न्यू स्टार्ट संधि, इस महीने खत्म हो गया है। इस संधि के खत्म होने के साथ ही दुनिया की दो सबसे बड़ी परमाणु शक्तियों के हथियारों पर लगी सीमाएं हट गई हैं, जिससे नई न्यूक्लियर हथियारों की दौड़ की आशंका बढ़ गई है। अमेरिका अब चीन और रूस से पारदर्शिता और हथियार और खतरनाक हथियारों को सीमित करने की मांग कर रहा है, जबकि चीन इन आरोपों को बेबुनियाद बता रहा है। येव ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र समर्थित निरस्त्रीकरण (हथियारों का त्याग) कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि न्यू स्टार्ट समझौते की सबसे बड़ी कमी यह थी कि इसमें चीन के तेजी से बढ़ते और गोपनीय परमाणु कार्यक्रम को शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि रूस के पास करीब 2,000 गैर-रणनीतिक (नॉन-स्ट्रैटेजिक) परमाणु हथियार हैं, लेकिन चीन भी बिना किसी रोक-टोक के अपने परमाणु जखीरे का तेजी से विस्तार कर रहा है। अमेरिका, रूस और चीन के बीच तीन तरफा समझौता चाहते हैं ट्रम्प पिछले कुछ सालों में परमाणु हथियारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई विवाद हुए हैं। 2010 में अमेरिका और रूस ने न्यू स्टार्ट संधि पर हस्ताक्षर किए थे, जो दोनों देशों के रणनीतिक परमाणु हथियारों की संख्या को सीमित करती थी। इस संधि के तहत दोनों देशों को अपने परमाणु वारहेड्स को 1,550 तक सीमित रखना था और मिसाइलों और बॉम्बर्स की संख्या पर भी पाबंदी थी। इस संधि में रूस के गैर-रणनीतिक परमाणु हथियारों, जैसे छोटी दूरी के हथियारों को शामिल नहीं किया गया था। ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल में अमेरिका, रूस और चीन के बीच तीन तरफा परमाणु समझौते की कोशिश की थी, लेकिन यह असफल रही। ट्रम्प ने 2020 में अमेरिका के परमाणु परीक्षण फिर से शुरू करने की बात भी कही थी, हालांकि बाद में स्पष्ट किया गया कि इसमें विस्फोटक परीक्षण नहीं होंगे। 1992 के बाद अमेरिका ने कोई परमाणु परीक्षण नहीं किया है। चीन का आरोप- अमेरिका खुद परीक्षण शुरू करना चाहता चीन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सम्मेलन में चीन के राजदूत जियान शेन ने कहा कि अमेरिका के दावे पूरी तरह झूठे हैं। यह अमेरिका का बहाना है ताकि वह खुद परीक्षण शुरू कर सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि चीन ने हमेशा परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (CTBT) का पालन किया है और पांच परमाणु शक्तियों (अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन) की प्रतिबद्धता के मुताबिक कोई परीक्षण नहीं किया। चीन का कहना है कि उसका परमाणु भंडार अमेरिका या रूस जितना बड़ा नहीं है, इसलिए तीन तरफा वार्ता की मांग गलत है। उन्होंने बताया कि चीन की रणनीतिक स्थिति अलग है और वह केवल रक्षा के लिए परमाणु हथियार रखता है। वॉशिंगटन में कार्नेगी एंडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के विशेषज्ञ टोंग झाओ ने कहा कि अगर चीन ने सच में परीक्षण किया तो उसकी जिम्मेदार परमाणु शक्ति वाली छवि खराब हो सकती है और अमेरिका को परीक्षण बहाल करने का मौका मिल सकता है। दूसरे देशों पर दबाव बना रहे ट्रम्प अमेरिका अब इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा रहा है। येव ने सम्मेलन में दूसरे देशों चीन और रूस पर बहुपक्षीय बातचीत में शामिल होने के लिए दबाव डालने के लिए कहा है। अमेरिका ने रूस और चीन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की है और फ्रांस, ब्रिटेन जैसे सहयोगियों के साथ चर्चा जारी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका दुनिया में कम परमाणु हथियार चाहता है, लेकिन चीन और रूस की वृद्धि को देखते हुए चुप नहीं बैठेगा। यह पूरा मामला वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। अगर परमाणु परीक्षण फिर शुरू हुए तो हथियार दौड़ और तेज हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शिता और बातचीत से ही इस समस्या का समाधान निकल सकता है। परमाणु हथियारों की टेस्टिंग का आदेश दे चुके ट्रम्प ट्रम्प खुद भी साल 2025 के अंत में रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) को परमाणु हथियारों की तुरंत टेस्टिंग शुरू करने का आदेश दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह टेस्टिंग चीन और रूस के बराबर होनी चाहिए। अमेरिका ने आखिरी बार 23 सितंबर 1992 को परमाणु परीक्षण किया था। यह अमेरिका की 1,030वीं टेस्टिंग थी। टेस्टिंग रेनियर मेसा पहाड़ी के 2300 फीट नीचे नेवादा टेस्ट साइट पर की गई, ताकि रेडिएशन बाहर न फैले। इसका कोडनेम था- डिवाइडर। विस्फोट जमीन के नीचे इतनी जोर से हुआ कि नीचे की चट्टानें पिघल गई थीं। जमीन की सतह लगभग 1 फुट ऊपर उठकर फिर धंस गई। वहां अभी भी 150 मीटर चौड़ा और 10 मीटर गहरा गड्ढ़ा दिखाई देता है। चीन हर साल 100 नए परमाणु हथियार बना रहा दुनिया के 9 परमाणु हथियार संपन्न देश अपनी न्यूक्लियर ताकत लगातार बढ़ा रहे हैं। सबसे तेज रफ्तार से यह काम चीन कर रहा है, जिसने हर








